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जगदलपुर। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि पूरा बस्तर अब नक्सली गतिविधियों से मुक्त हो चुका है। मार्च 2026 से बस्तर में नक्सल हिंसा लगभग पूरी तरह बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार और स्थानीय लोगों की इच्छा के अनुसार सुरक्षाबलों ने लगातार अभियान चलाकर यह सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि अब देश के ज्यादातर हिस्सों में सशस्त्र नक्सली गतिविधियां खत्म हो चुकी हैं। बस्तर को भी सुरक्षित घोषित किया जा सकता है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि अब सबसे बड़ी चुनौती पिछले कुछ वर्षों में मिली सफलता को कायम रखना है। इसके साथ ही जंगलों और पहाड़ी इलाकों में नक्सलियों द्वारा लगाये गए बारूदी सुरंगों एवं नक्सलियों के छिपाकर रखे गये आईईडी को ढूंढकर सुरक्षित तरीके से हटाना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि बस्तर में तैनात सुरक्षाबल लगातार डी-माइनिंग अभियान चला रहे हैं।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि स्थानीय लोगों से मिली जानकारी एवं आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से पूछ-ताछ के आधार पर बारूदी सुरंगों की पहचान की जा रही है। उन्होने कहा कि बस्तर का इलाका पहाड़ी और जंगलों से घिरा होने के कारण पूरे क्षेत्र को पूरी तरह माइन फ्री घोषित करने में अभी कुछ समय लगेगा। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों तक यह अभियान जारी रहेगा।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि पहले नक्सली जल, जंगल और जमीन के मुद्दों को लेकर गांव के लोगों को सरकार और सुरक्षाबलों के खिलाफ भड़काने का प्रयास करते थे। वे लोगों के बीच गलत जानकारी फैलाते थे। लेकिन अब स्थानीय लोगों को नक्सलियों की साजिश समझ आ चुकी है। उन्होंने कहा कि गांव के लोग अब किसी भी तरह की हिंसा या विकास विरोधी गतिविधियों का समर्थन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार अब बस्तर के गांवों में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर काम कर रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार गांवों में जाकर लोगों से बातचीत कर रहे हैं ताकि कोई भी व्यक्ति उन्हें फिर से गुमराह न कर सके।
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