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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने कई प्रशासनिक आदेश जारी कर न्यायाधीशों को अलग-अलग सिविल जिलों की नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसके साथ ही कई उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों के तबादले, पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार से संबंधित आदेश भी जारी किए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर किए गए इन बदलावों का असर हाईकोर्ट के प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ विभिन्न जिलों की न्यायिक व्यवस्था पर भी पड़ेगा।
जारी आदेश के तहत जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू को रायपुर, जांजगीर-चांपा और सरगुजा जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास को राजनांदगांव, बेमेतरा और कोरबा का पोर्टफोलियो दिया गया है। इसके अलावा अन्य न्यायाधीशों को भी अलग-अलग जिलों का प्रशासनिक प्रभार सौंपा गया है। नई जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
हाईकोर्ट के नए एक्सटेंशन भवन में नवनियुक्त न्यायाधीशों के लिए कोर्ट रूम आवंटित किए गए हैं। 10 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार कोर्ट नंबर 16 जस्टिस संतोष शर्मा को, कोर्ट नंबर 17 जस्टिस सुषमा सावंत को और कोर्ट नंबर 18 जस्टिस सुधीर कुमार को आवंटित किया गया है।
उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना में भी बदलाव किया गया है। बलराम देवांगन को कुनकुरी से स्थानांतरित कर जिला जशपुर के पत्थलगांव में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। वहीं अविनाश, जो कोरबा में श्रम न्यायाधीश के रूप में पदस्थ थे, उन्हें द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, कोरबा के पद पर पदस्थ किया गया है। डॉ. प्रज्ञा पचौरी, जो सूरजपुर फैमिली कोर्ट की न्यायाधीश थीं, का तबादला कर उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर का निदेशक नियुक्त किया गया है।
इसी तरह कोरबा फैमिली कोर्ट की न्यायाधीश नीता यादव को कोरबा में ही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर पदस्थ किया गया है। जांजगीर-चांपा में एससी-एसटी एक्ट से संबंधित मामलों का अतिरिक्त प्रभार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जांजगीर-चांपा को सौंपा गया है।
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