Share this post with:
रायपुर। कृषि में नई तकनीकों और आधुनिक उर्वरकों के उपयोग से किसानों को बेहतर परिणाम मिलने लगे हैं। कवर्धा जिले के धरमपुरा गांव के किसान श्री बालाराम साहू ने धान की खेती में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर बेहतर उत्पादन मिला है।
किसान बालाराम ने बताया कि पिछले वर्ष शिविर में उन्हें नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग की जानकारी दी गई थी। उन्होंने अपने 6 एकड़ खेत में से 1 एकड़ में इन उत्पादों का प्रयोग किया। बीजोपचार के साथ फसल वृद्धि के दौरान नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का छिड़काव किया गया। उन्होंने बताया कि जिस खेत में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया गया, वहां फसल का विकास बेहतर हुआ और उत्पादन भी अन्य खेतों की तुलना में 2 से 3 क्विंटल अधिक मिला। अच्छे परिणाम मिलने के बाद अब वे नियमित रूप से नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं।
किसान बालाराम साहू ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने समिति से नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, पोटाश और एसएसपी खरीदा है। उन्होंने कहा कि समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और उन्हें आसानी से खाद मिल गई है। श्री साहू का कहना है कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से कम लागत में अच्छा उत्पादन मिला है। इसी कारण वे अब आसपास के किसानों को भी इन उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक खाद के उपयोग से खाद का अधिकांश हिस्सा मिट्टी में ही पड़ा रह जाता है, जिससे जमीन कठोर एवं अम्लीय हो जाता है। इसके विपरीत नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के उपयोग से तरल होने के कारण सीधे पौधे के पत्तियों पर छिड़काव किया जाता है। नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के उपयोग से जमीन पर दुष्प्रभाव नही होता है, यह सीधे पौधे के पत्तियों द्वारा सोख लिया जाता है, जिससे मिट्टी में हानिकारक रसायनों का संचय नही होता है एवं भू-जल प्रदूषण से बचा जा सकता है।
Share this post with:
02 Jun 2026 39 Views
02 Jun 2026 19 Views
02 Jun 2026 3 Views
02 Jun 2026 20 Views
01 Jun 2026 39 Views
01 Jun 2026 31 Views
01 Jun 2026 34 Views