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नारायणपुर। जिले के पांच पेट्रोल पंपों में से चार पर डीजल का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि एकमात्र संचालित पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें लग रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों, ट्रैक्टर संचालकों, माइंस परिवहन और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों को हो रही है। डिब्बों में डीजल नहीं मिलने से नाराज किसान और ट्रैक्टर चालक सोमवार को डिब्बे लेकर कलेक्टर निवास पहुंच गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही डीजल आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। खेती, परिवहन, निर्माण और व्यापार समेत कई क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
नारायणपुर जिले में अचानक गहराए डीजल संकट ने आम जनजीवन से लेकर कृषि और परिवहन व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। एकमात्र पेट्रोल पंप पर डीजल लेने वालों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, सुबह से लेकर देर रात तक वाहन चालक अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित किसान वर्ग हो रहा है। हाल ही में हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद खेतों की जुताई का काम शुरू होना था, लेकिन ट्रैक्टरों में डीजल नहीं होने के कारण कृषि कार्य ठप पडऩे की स्थिति में पहुंच गया है। किसानों का कहना है कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में डीजल की कमी से उनकी पूरी तैयारी प्रभावित हो रही है।
डीजल नहीं मिलने से नाराज किसान और ट्रैक्टर संचालक डिब्बे लेकर कलेक्टर निवास पहुंच गए। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप संचालक डिब्बों में डीजल देने से मना कर रहे हैं, और कलेक्टर की अनुमति लाने की बात कह रहे हैं। इसी वजह से ग्रामीण और किसान अपनी समस्या सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर आवास पहुंचे। हालांकि सुरक्षा गार्डों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया, जिसके बाद लोगों ने बाहर ही डेरा डाल दिया।
ग्रामीण कृषक मानकू राम पोटाई का कहना है कि नारायणपुर जिले में डीजल नहीं दे रहे हैं। एक जगह पेट्रोल पंप में डीजल मिल रहा है, वो भी कहते हैं कि गाड़ी लेकर आओ, गाड़ी में तेल ही नहीं है तो कैसे लाएंगे। कलेक्टर मैडम से मिलने आए है, ट्रैक्टर से जुताई के लिए डीजल चाहिए।
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