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नागम बांसपारा गांव में पेड़ के नीचे खड़े 4 बच्चों पर गिरी बिजली, 2 की मौत

18 Jul 2026   11 Views

नागम बांसपारा गांव में पेड़ के नीचे खड़े 4 बच्चों पर गिरी बिजली, 2 की मौत

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सरगुजा। शुक्रवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जहां लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम नागम बांसपारा में बारिश से बचने के लिए सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे खड़े चार बच्चे आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों घायलों का इलाज अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम ग्राम नागम निवासी संदीप नगेसिया (11), रोशन पनिका (12), प्रभु राम नगेसिया (12) और दिनेश नगेसिया (11) गांव में खेलने निकले थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए चारों बच्चे ग्राम पंचायत नागम के पास सड़क किनारे स्थित एक पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। कुछ ही देर बाद तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली उसी पेड़ पर गिर गई। बिजली गिरते ही चारों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। हादसे में संदीप और रोशन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रभु राम और दिनेश गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे में घायल प्रभु राम और दिनेश सगे भाई हैं। दोनों की हालत गंभीर होने के कारण पहले उन्हें धौरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए दोनों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के समय तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बच्चों को अचेत हालत में देखकर तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। धौरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने जांच के बाद संदीप और रोशन को मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार घटना के समय बच्चों के पास मोबाइल फोन भी था। हालांकि, आकाशीय बिजली किस कारण सीधे उस स्थान पर गिरी, इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे समय खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों और ऊंचे स्थानों से दूर रहना चाहिए। यदि अचानक बारिश शुरू हो जाए तो सुरक्षित पक्की इमारत या वाहन में शरण लेना सबसे सुरक्षित माना जाता है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि मानसून के दौरान आकाशीय बिजली को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है।

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