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नवसृजन मंच ने किया 251 बेटियों के माता-पिता का सम्मान

14 Oct 2026   7 Views

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* 9 महिलाओं को मिला नारी शक्ति सम्मान

* बिटिया जन्मोत्सव के अवसर पर नन्हीं बेटियों की किलकारियों से गूंजायमान हुआ विमतारा हॉल

* 13 वर्षों से बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित कर रही संस्था

* महिला एवं बाल विकास विभाग ने लगाया शासकीय योजनाओं का हेल्प डेस्क

रायपुर। प्रदेश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था नवसृजन मंच द्वारा बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा समाज में उनके सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 13वें 'बिटिया जन्मोत्सवÓ का भव्य आयोजन वृंदावन हॉल में किया गया। इस अवसर पर 10 दिन से लेकर 6 माह तक की 251 नन्हीं बेटियों का विधिवत कन्या पूजन कर उनकी आरती उतारी गई तथा उनके माता-पिता को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 9 महिलाओं को 'नवशक्ति सम्मानÓ प्रदान किया गया।

नवसृजन मंच विगत 13 वर्षों से बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने की प्रेरणादायी पहल कर रहा है। इस आयोजन के माध्यम से अब तक हजारों परिवारों को सम्मानित किया जा चुका है। इस वर्ष भी समारोह में नन्हीं बच्चियों की किलकारियों ने पूरे सभागार को आनंद और उल्लास से भर दिया।

कार्यक्रम में महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष एवं नवसृजन मंच के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी तथा आईटीएसए हॉस्पिटल के संचालक श्री सतीश बालानी प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।  

अतिथियों ने नवसृजन मंच की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाना और उनके माता-पिता को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला प्रयास है। नवरात्रि के पावन अवसर पर कन्या पूजन के साथ नवजात बेटियों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति, मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और सामाजिक जागरूकता का सुंदर संगम है।

उन्होंने कहा कि आज भी कुछ परिवारों में बेटी के जन्म को लेकर चिंता देखने को मिलती है। ऐसे समय में बिटिया जन्मोत्सव जैसे आयोजन समाज को यह संदेश देते हैं कि बेटी परिवार का गौरव, समाज की शक्ति और देश का भविष्य है। इस प्रकार की पहल प्रत्येक शहर में होनी चाहिए, ताकि बेटियों के प्रति सम्मान, समानता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिल सके।

संस्था के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने अध्यक्षीय उद्बोधन में नवसृजन मंच की 13 वर्षों की यात्रा और वर्षभर संचालित सामाजिक गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि बिटिया जन्मोत्सव केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प है। बेटी के जन्म पर परिवार को बधाई देना, माता-पिता का सम्मान करना और नवजात बच्चियों के लालन-पालन में सहयोग देना इस अभियान का मूल उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास है कि प्रत्येक बेटी का स्वागत गौरव और खुशियों के साथ हो तथा हर परिवार को यह महसूस हो कि बेटी का जन्म सम्मान और उत्सव का विषय है। नवसृजन मंच शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के विभिन्न कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

251 नन्हीं बेटियों का कन्या पूजन, चुनरी ओढ़ाकर किया सम्मान

कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत कन्या पूजन से हुआ। इस अवसर पर सभी 251 नन्हीं बेटियों का पूजन कर उनकी आरती उतारी गई तथा उन्हें माता की चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। मां दुर्गा का स्वरूप धारण किए हुए हाथों में त्रिशूल थामे नन्हीं बच्ची समारोह के विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

10 दिन से लेकर 6 माह तक की बच्चियों की एक साथ गूंजती किलकारियों ने पूरे सभागार को आनंदमय बना दिया। नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस समारोह ने बेटियों के प्रति श्रद्धा, स्नेह और सम्मान का संदेश दिया।

नौ महिलाओं को मिला 'नवशक्ति सम्मानÓ

समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 9 प्रतिभाशाली महिलाओं को 'नवशक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मानित महिलाओं के नाम एवं उनके कार्यक्षेत्र इस प्रकार हैं—

सुश्री अनामिका सिंह — राजनीति एवं चिकित्सा

सुश्री अर्चना झा — पुलिस सेवा

डॉ. रोशनी राठौर — चिकित्सा

सुश्री सोनिया साहू — समाजसेवा

सुश्री प्रतिभा शर्मा — मास्टरशेफ एवं पाककला

सुश्री मानसी टांडी — खेल

डॉ. ज्योति साहू — योग

सुश्री ममता लांजेवार — पत्रकारिता

सुश्री अदिति दुबे — कृषि

इन महिलाओं को सम्मानित कर समाज में नारी शक्ति की विविध भूमिकाओं, प्रतिभा, परिश्रम और योगदान को पहचान देने का प्रयास किया गया। 'नवशक्ति सम्मानÓ के माध्यम से संस्था ने यह संदेश दिया कि महिलाएं राजनीति, चिकित्सा, पुलिस सेवा, समाजसेवा, खेल, योग, पत्रकारिता, पाककला और कृषि सहित प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

251 बेटियों के माता-पिता को सम्मानपत्र एवं बेबी किट भेंट

समारोह में 251 बेटियों के माता-पिता को सम्मानपत्र प्रदान किए गए। सम्मानपत्र के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटी का जन्म परिवार के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है।प्रत्येक बेटी के परिवार को बेबी किट भी प्रदान की गई, जिसमें बच्चियों के लालन-पालन में उपयोगी सामग्री जैसे फ्रॉक, साबुन, पाउडर, खिलौने, मच्छरदानी तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। इस पहल का उद्देश्य नवजात बच्चियों के परिवारों को प्रोत्साहित करने के साथ उनके शुरुआती पालन-पोषण में सहयोग प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम का संयुक्त संचालन श्री कांतिलाल जैन एवं डॉ. प्रीति सतपथी ने किया।इस अवसर पर नवसृजन मंच के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. देवाशीष मुखर्जी, श्री किशोर महानंद, श्री कांतिलाल जैन, श्रीमती मनीषा सिंह, श्रीमती डॉ प्रीति सतपथी, डॉ. रश्मि चावरे, यूलेंद्र राजपूत, विनय शर्मा, नरेश नामदेव, श्रीमती निधि झा, श्रीमती शकुंतला श्रीवास, श्रीमती सुनीता पाठक,  श्री सुकृत एवं श्री आलोक शर्मा सहित संस्था के सदस्यगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन पर कन्या भोज का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसाद स्वरूप चना, पूड़ी एवं हलवा वितरित किया गया।

बेटी का जन्म उत्सव है, सम्मान है और समाज का गौरव है

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