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नक्सलवाद के खात्मे के बाद 90 से अधिक गाँवों में पहली बार शान से लहराएगा राष्ट्रध्वज - शर्मा

11 Aug 2026   3 Views

नक्सलवाद के खात्मे के बाद 90 से अधिक गाँवों में पहली बार शान से लहराएगा राष्ट्रध्वज - शर्मा

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00 बस्तर में विकास, देश मे विश्वास स्थापित करेगी 'बस्तर तिरंगा यात्रा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुए 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक बस्तर सम्भाग में 12 अगस्त से एक अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक 'बस्तर तिरंगा यात्रा' का आगाज होने जा रहा है। श्री शर्मा ने मंगलवार को आहूत पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए इस तीन दिवसीय तिरंगा यात्रा के पूरे मार्ग, इसके विस्तृत उद्देश्य तथा बस्तर की बदलती तस्वीर की रूपरेखा साझा की।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाई गई निर्णायक मुहिम के सुखद परिणाम सामने आए हैं। 31 मार्च 2026 के बाद आ रहे इस पहले राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के कोने-कोने तक भारत का तिरंगा पूरी आन, बान और शान से लहराएगा। श्री शर्मा ने बताया कि यह तिरंगा यात्रा 12 अगस्त से प्रारंभ होकर 14 अगस्त तक बस्तर के अति-संवेदनशील और भीषण नक्सल प्रभावित रहे इलाकों से गुजरेगी। यह यात्रा 12 अगस्त को नारायणपुर (दोपहर 12:00 बजे) से प्रस्थान कर विभिन्न गाँवों से गुजरते हुए 150 किमी की यात्रा पूर्ण कर दन्तेवाड़ा पहुँचेगी। 13 अगस्त को सुबह दन्तेवाड़ा से स्थानीय नागरिकों और जवानों के साथ बीजापुर के लिए प्रस्थान करेगी। 14 अगस्त को सुबह बीजापुर से प्रस्थान कर आवापल्ली, उसुर, कलगम, ताड़पाला होते हुए कारिकुत्तलु पहाड़ी के नीचे यात्रा का समापन होगा।
खौफ के गढ़ में तिरंगे की गूंज, 90 से अधिक गाँवों में पहली बार ध्वजारोहण
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जनवरी 2024 से लेकर अब तक बस्तर के अनेक दुर्गम गाँवों में लगातार राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण किया गया है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर सम्भाग के 90 से अधिक ऐसे गाँव हैं, जहाँ आजादी के बाद पहली बार इस स्वाधीनता दिवस पर तिरंगा लहराया जाएगा। श्री शर्मा ने इस झूठे नैरेटिव को सिरे से खारिज किया कि 'बस्तर में शांति नहीं आई है या सुरक्षा बलों को हटा देना चाहिए'। आज बस्तरवासी खुद को सही मायनों में स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और अब कोई ऐसी ताकत नहीं बची जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर सके।
ऐतिहासिक नक्सल हिंसा के प्रमुख स्थलों पर शहीदों को श्रद्धांजलि
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर तिरंगा यात्रा नक्सली हिंसा में प्राण गँवाने वाले निर्दोष ग्रामीणों और वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक संकल्प है। यात्रा के दौरान वह स्वयं (स्वयं श्री शर्मा) उन प्रमुख 31 स्थानों पर पहुँचेंगे जहाँ माओवादियों ने जघन्य घटनाओं को अंजाम दिया था। चिंगावरम में नक्सलियों ने 31 निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या की थी। एर्राबोर में 220 घरों को फूँक दिया गया था और 33 निर्दोष ग्रामीणों को मौत के घाट उतारा गया था। मणीकोंटा में 15 आदिवासी भाइयों की हत्या की गई थी। इन स्थानों पर पहुँचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसी प्रकार ताड़मेटला में देश के 76 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। 15 अगस्त को वह (स्वयं श्री शर्मा) झीरम घाटी में रहेंगे और शहीदों को नमन कर संदेश देंगे कि जिस नक्सलवाद ने झीरम काण्ड जैसी विभीषिका रची थी, उसका अब पूर्ण अंत हो चुका है।
शहीदों की स्मृति में बनेगा भव्य संग्रहालय
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने घोषणा की कि यात्रा के दौरान जिन-जिन स्थानों पर जवान और स्थानीय निर्दोष नागरिक शहीद हुए हैं, वहाँ से पवित्र मिट्टी एकत्र की जाएगी। इस माटी का उपयोग रायपुर में बनने वाले शहीद स्मारक/संग्रहालय में किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 15 अगस्त को घोषणा करेंगे कि बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण इन्हीं अमर बलिदानियों के नाम पर किया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि इस यात्रा में स्थानीय पुलिस व प्रशासन के अधिकारी, युवा, जनजातीय समाज के प्रमुख, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होकर बस्तर के नए और सुरक्षित भविष्य का संदेश पूरे देश तक पहुँचाएंगे।

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