CNIN News Network

नक्सल पीडि़त बुजुर्ग महिला को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का सहारा, 78 वर्षीय वंजाम चिंगे का वय वंदन कार्ड बना

08 Aug 2026   10 Views

नक्सल पीडि़त बुजुर्ग महिला को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का सहारा, 78 वर्षीय वंजाम चिंगे का वय वंदन कार्ड बना

Share this post with:

सुकमा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल के तहत दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आयुष्मान भारत संतृप्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान सुकमा जिले के ग्राम पुनपल्ली (दुब्बाटोटा), विकासखंड कोंटा में एक प्रेरक उदाहरण सामने आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम 78 वर्षीय नक्सल पीडि़त बुजुर्ग महिला श्रीमती वंजाम चिंगे के घर पहुंची और उनके दस्तावेजों का सत्यापन कर वय वंदन कार्ड बनाया। अब उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज शासकीय और चिन्हित अस्पतालों में मिल सकेगा।

नक्सल पीड़ित बुजुर्ग महिला को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का सहारा

श्रीमती वंजाम चिंगे का जीवन लंबे समय तक संघर्षों से भरा रहा। वर्ष 2006 में नक्सल हिंसा में उनके पति स्वर्गीय वंजाम देवे की हत्या हो गई थी। इसके बाद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया। ऐसे समय में प्रशासन का उनके घर पहुंचकर स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना उनके लिए बड़ी राहत और सम्मान का क्षण था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए और स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी दी गई। जांच के दौरान चार मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिनका तुरंत उपचार शुरू किया गया। वहीं तीन मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोरनापाल रेफर किया गया।
आयुष्मान भारत संतृप्ति अभियान का उद्देश्य दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के हर पात्र व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुंचाना है। यह अभियान केवल कार्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को समय पर इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहा है। श्रीमती वंजाम चिंगे की कहानी बताती है कि जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधा नहीं देतीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और नए विश्वास का आधार भी बनती हैं।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13944/16

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web