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धुएँ से मुक्ति, स्वच्छ रसोई का उपहार—विष्णु भैया संग सशक्त नारी, खुशहाल परिवार

24 Aug 2026   14 Views

धुएँ से मुक्ति, स्वच्छ रसोई का उपहार—विष्णु भैया संग सशक्त नारी, खुशहाल परिवार

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00 नारायणपुर में उज्ज्वला योजना से संवरती 'महतारियों' की जिंदगी
विशेष लेख : विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक व संत कच्छप सहायक संचालक
​नारायणपुर। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) का उद्देश्य देश के गरीब और वंचित परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन देकर स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत गरीब परिवारों की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला मुखिया (एससी, एसटी, बीपीएल, और पीएम आवास योजना के लाभार्थी) होना आवश्यक है।
​छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्र नारायणपुर के ग्रामीण और दुर्गम अंचलों में एक समय वह था, जब रसोई का मतलब केवल लकड़ी, कंडे का धुआँ और आँखों में उठती जलन हुआ करता था। भोर की पहली किरण के साथ जंगल की ओर रुख करना और सिर पर लकड़ी का गट्ठा उठाकर लाना यहाँ की महिलाओं की नियति बन चुका था। इस मशक्कत में समय और शारीरिक श्रम तो लगता ही था, साथ ही धुएँ से भरा रसोईघर महिलाओं और बच्चों के फेफड़ों पर गंभीर प्रभाव डालता था। ​प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने इस कठिन जीवनशैली को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। 
नारायणपुर जिले में 22 हजार 18 पात्र परिवारों को एलपीजी (LPG) गैस कनेक्शन उपलब्ध
नारायणपुर जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से अब तक 22 हजार 18 पात्र परिवारों को एलपीजी (LPG) गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इस पहल ने न केवल पारंपरिक ईंधन को बदला है, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर बैठी महिलाओं के जीवन में स्वाभिमान और खुशहाली की नई सुबह लाई है।

 विशेष लेख : धुएँ से मुक्ति, स्वच्छ रसोई का उपहार—विष्णु भैया संग सशक्त नारी, खुशहाल परिवार


धुएँ से मुक्ति: स्वच्छ रसोई, बेहतर स्वास्थ्य
उज्ज्वला योजना लागू होने से पहले भोजन बनाने के लिए केवल लकड़ी और उपलों का सहारा था। घंटों धुएँ के संपर्क में रहने से महिलाओं को सांस की बीमारियाँ और आँखों में संक्रमण जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता था। ​गैस चूल्हा मिलने के बाद रसोईघर का माहौल स्वच्छ और धुएँ से मुक्त हुआ है। योजना का मुख्य उद्देश्य घरेलू वायु प्रदूषण को कम कर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है, जो आज नारायणपुर के गाँव-गाँव में साकार होता दिख रहा है।
समय और श्रम की बचत से सशक्त होतीं महिलाएँ
वनांचल क्षेत्रों में लकड़ी बीनने के लिए महिलाओं को प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। उज्ज्वला गैस कनेक्शन मिलने से इस दैनिक कठिनाई से राहत मिली है। अब जो समय लकड़ी एकत्र करने में नष्ट होता था, उसका उपयोग महिलाएँ ​बच्चों की शिक्षा और देखभाल में कर रही हैं।आजीविका से जुड़ी गतिविधियों (जैसे स्व-सहायता समूह) में लगा रही हैं। इसके साथ ही​सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। गौरतलब है कि उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को जमा-रहित कनेक्शन के साथ आवश्यक उपकरण दिए जाते हैं। वर्तमान व्यवस्था के तहत पहला रिफिल और चूल्हा भी नि:शुल्क प्रदान किया जाता है, जिससे गरीब परिवारों पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ता। बारिश के मौसम में गीली लकड़ी से खाना पकाने की पुरानी समस्या भी अब समाप्त हो चुकी है।
बदला जीवन, बढ़ी समृद्धि
​नारायणपुर जिले के 22 हजार 18 गैस कनेक्शन केवल एक प्रशासनिक आंकड़ा नहीं हैं; यह हजारों परिवारों के सामाजिक-आर्थिक स्तर में आए बदलाव का प्रतीक हैं। धुएँ से स्वच्छता, कठिनाई से सुविधा और निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर यह बदलाव राज्य सरकार के उस संकल्प को दर्शाता है, जिसमें विकास का लाभ पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्राथमिकता है।

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