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कोंडागांव। जिले के धान खरीदी केंद्र मुलमुला में जिला प्रशासन की विशेष जांच टीम जब केंद्र पर भौतिक सत्यापन के लिए पहुंची तो वहां की हालत देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र में भारी मात्रा में धान का स्टॉक होना चाहिए था, लेकिन मुलमुला में जांच टीम को मौके पर केवल 577 बोरियां मतलब 230 क्विंटल धान ही मिला। विस्तृत मिलान करने पर यह बात सामने आई कि 4936.17 क्विंटल धान भौतिक रूप से गायब है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गायब हुए धान की कुल कीमत के आधार पर 1.53 करोड़ रुपए की वित्तीय गड़बड़ी पाई गई है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि ऑनलाइन पोर्टल पर धान का उठाव और शेष स्टॉक जानबूझकर गलत तरीके से प्रदर्शित किया गया था।
कोंडागांव कलेक्टर ने केंद्र प्रभारी कुमानता पटेल और कंप्यूटर ऑपरेटर रीना कौशिक से तीन दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब मांगा है। साथ ही बारदाना प्रभारी आकाश देवांगन को भी इस समय सीमा में अपनी स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ आर्थिक वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर ने समिति प्रबंधक गोविंद मंडल सहित कुल 4 उत्तरदायी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस पाने वालों में समिति प्रबंधक के अलावा केंद्र प्रभारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और बारदाना प्रभारी शामिल हैं, जिन्हें इस वित्तीय हानि के लिए प्रथम दृष्टया जिम्मेदार माना गया है।
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