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रायपुर। प्रदेश के दूरस्थ, पहाड़ी और विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए पेयजल उपलब्धता लंबे समय से एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है। राज्य सरकार की जनहितकारी सोच और जिला प्रशासनों की सक्रिय कार्यप्रणाली के चलते अब इन क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम सामने आ रहे हैं। विभिन्न जिलों में तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े सोलर पंपों को सुधारकर पुनः चालू किया जा रहा है, जिससे हजारों ग्रामीणों को राहत मिली है।

सूरजपुर जिले के दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कई गांवों में बंद पड़ी पेयजल व्यवस्थाओं को पुनर्जीवित किया गया है। जनपद पंचायत ओड़गी के पहाड़ी ग्राम बैजानपाठ में नया मोटर पंप स्थापित कर सोलर पंप को फिर से चालू किया गया। इसके साथ ही भैयाथान विकासखंड के दतिमा आमापारा इंद्रावास और कसकेला औरापारा तथा सूरजपुर विकासखंड के लटोरी कुशवाहापारा एवं मंजीरा फुलवारपारा में भी खराब सोलर पंपों की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल की गई।
दूरस्थ चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम भाटपारा में भी प्रशासन की तत्परता का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े सोलर पंप के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा था। सूचना मिलते ही विभागीय अमला मौके पर पहुंचा और नया मोटर पंप स्थापित कर पेयजल व्यवस्था को पुनः सुचारु किया। इससे विशेष रूप से पंडो समुदाय के परिवारों को बड़ी राहत मिली और उन्हें घर के समीप ही स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध होने लगा।
प्रदेश में ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों तक मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी और त्वरित समाधान की व्यवस्था विकसित की जा रही है। पेयजल व्यवस्थाओं में आने वाली तकनीकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण कर ग्रामीणों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
यह पहल केवल पेयजल आपूर्ति बहाल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार, महिलाओं और बच्चों के श्रम की बचत तथा जनजातीय अंचलों में जीवन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से प्रदेश के दूरस्थ गांवों में विकास और विश्वास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।
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