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तिरंगे को ऐसा सम्मान हर कही नहीं मिलता!

04 Oct 2026   17 Views

तिरंगे को ऐसा सम्मान हर कही नहीं मिलता!

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* संजय दुबे

क्रिकेट, कमोबेश हिंदुस्तान में एक नशा है।ऐसा नशा कि नेपाल जैसी टीम से खेले तो सात आठ करोड़ दर्शक इलेक्ट्रानिक मीडिया  के माध्यम से सीधा प्रसारण देखने लगते है। इन दर्शकों में बहुत से लोग  दर्शक कम सटोरिए ज्यादा होते है  जिन्हें खिलाड़ियों के रन, चौके, छक्के और आउट होने से सरोकार होता है। स्टेडियम में भी दोनों प्रकार के दर्शक होते है। सच्चे दर्शक अपनी टीम का समर्थन करने देश का झंडा लहराते दिखते है।ये दृश्य नयनाभिराम होता है। आजकल क्रिकेट खेल शुरू होने से पहले दोनों देशों के राष्ट्रीय गान की अच्छी  परंपरा चल रही है। अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों जैसे विश्व कप जीतने पर देश के खिलाड़ी तिरंगा लेकर राष्ट्र का सम्मान बढ़ाते है।ये भी बहुत अच्छी बात है।

हाल ही में हिंदुस्तान की महिला और पुरुष टीम ने एशियाड खेलो  के क्रिकेट स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजन में क्रिकेट को छोड़कर दीगर खेलो जैसे ओलंपिक , एशियाड एवं अन्य खेलो के आयोजनों में जिनमें मेडल देने की परंपरा है उन आयोजनों में  गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज मेडल पाने वाले देशों के राष्ट्र ध्वज को प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी में अंतर देकर  फहराया जाता है। गोल्ड मेडलिस्ट  देश के राष्ट्र  गान को वाद्य यंत्रों के माध्यम से बजा कर सम्मान देने की  परंपरा आदिकाल से है।

क्रिकेट को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता बहुत कम देशों द्वारा मिली हुई है। एक सौ पचास साल में केवल बारह देश नियमित क्रिकेट खेलते है।  अगर टी ट्वेंटी फॉर्मेट न आया होता तो शायद क्रिकेट को ओलंपिक, एशियाड के आयोजन में स्थान भी नहीं मिलता। याद रहे कि 1896 से चल रहे ओलंपिक खेलो में केवल 1900 के पेरिस( फ्रांस) ओलंपिक में क्रिकेट को स्थान मिला था। वह भी दो क्लब के खिलाड़ी आपस में खेले थे।बाद में इन्हें इंग्लैंड और फ्रांस के रूप में स्वीकार्यता दी गई।

एशिया में सर्वाधिक पांच देश  हिंदुस्तान, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश और अफगानिस्तान नियमित क्रिकेट खेलने वाले देश है। अन्य देशों जैसे जिनमें भारतीय मूल के खिलाड़ी है वहां क्रिकेट पसर रहा है। इस कारण पिछले दो एशियाई खेलो में क्रिकेट भी एक खेल के रूप में खेला गया। हिंदुस्तान की पुरुष ओर महिला टीम ने दोनों एशियाई खेलो में गोल्ड मेडल जीता है। महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर लगातार दो गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम की कप्तान होने का गौरव हासिल कर चुकी है।

चारों अवसर पर पोडियम में गोल्ड मेडल पाने के बाद हिंदुस्तान का राष्ट्रीय गान के साथ तिरंगा को पहले स्थान पर देखना न केवल खिलाड़ियों को बल्कि देस वासियो को गर्व से भर देता है। क्रिकेट के खिलाड़ी, चार साल पहले तक इस प्रकार के सम्मान से वंचित रहे है। देश के लिए देश की जर्सी जिस पर किसी भी कंपनी का लोगो नहीं होता, ये अनुशासन और राष्ट्र प्रेम का जज्बा है।उम्मीद है कि विजयी देश के झंडे और राष्ट्र गान की परंपरा को  इंटरनेशनल  ऑर्गनाइजेशन ऑफ क्रिकेट  किसी भी स्पर्धा के समाप्त होने पर अपनाने का कार्य शुरू करेगा

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