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00 बड़े कांग्रेसी नेताओं के संरक्षण में पनप रहे असामाजिक तत्व, कानून-व्यवस्था को बिगाडऩे की साजिश
रायपुर। राजनीति का अपराधीकरण और अपराधियों का कांग्रेसीकरण ही कांग्रेस का मूल राजनीतिक चरित्र बन चुका है। हालिया घटनाओं और उजागर हो रहे मामलों से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस पार्टी अब कार्यकर्ताओं की नहीं, बल्कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों की शरणस्थली बन चुकी है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने अम्बिकापुर में एक महाविद्यालयीन छात्रा अन्तरा शाह की आत्महत्या को कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र का निर्लज्जतापूर्ण परिचायक बताते हुए इस मामले में कांग्रेस के छात्र संगठन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) नेता ज्ञान तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर कहा कि प्रदेश में संगठित अपराध, धोखाधड़ी, अराजकता और विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में कांग्रेस व उसके आनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम निरंतर सामने आ रहे हैं। सबसे गंभीर और शर्मनाक पहलू यह है कि इन तत्वों को कांग्रेस के शीर्ष और बड़े नेताओं का सीधा राजनीतिक संरक्षण हासिल है। जब भी किसी अपराधी पर कानून का शिकंजा कसता है, कांग्रेस का पूरा तंत्र उन्हें बचाने और मामले को राजनीतिक रंग देने में जुट जाता है।
टिकारिया ने सीधे सवाल दागते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व स्पष्ट करे कि क्या उनकी राजनीति केवल अपराधियों को प्रश्रय देकर समाज में अशांति फैलाने तक सीमित रह गई है? सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस की हताशा इस कदर बढ़ चुकी है कि वह कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों को आगे कर प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है।
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