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झीरम केस में एनआईए की जांच पर सवाल उठाने पर विजय शर्मा का कांग्रेस पर तंज

18 Sep 2026   56 Views

झीरम केस में एनआईए की जांच पर सवाल उठाने पर विजय शर्मा का कांग्रेस पर तंज

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जगदलपुर। झीरम घाटी नरसंहार मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने 39 लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें से 14 लोग सरेंडर करके सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। ये जानकारी डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने दी। बुधवार को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने इस केस में 10 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी, उसके अगले दिन विजय शर्मा मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर मीडिया से बात कर रहे थे।

 

विजय शर्मा ने बताया कि उनकी जानकारी के हिसाब से एनआईए ने 39 लोगों को आरोपी बनाया था। ये सभी माओवादी संगठन के अलग-अलग पदों पर थे। इनमें से 9 न्यूट्रलाइज हो चुके हैं, 11 पर कोर्ट का फैसला आ चुका है। इनमें से एक की मौत हो चुकी है। 14 लोग सरेंडर करके पुनर्वासित हैं।उन्होंने कहा कि एनआईए की जांच बहुत सटीक है, जिस पर बेवजह राजनीति करने की कोशिश की गई। एनआईए  की सही जांच के आधार पर ही एनआईए  कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के न्यायिक इतिहास का सबसे बड़ा फैसला सुनाया है।

 

एनआईए की जांच पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए विजय शर्मा ने कहा, मुझे बताओ किसकी जेब में झीरम के सबूत थे। उन्होंने 5 साल मुखिया बनकर सरकार चलाई और उसके बाद भी किसी को सबूत नहीं दिया।

विजय शर्मा ने कहा कि वे आज भी कह रहे हैं कि लोगों के पास जांच एजेंसियों के पास जाकर अपनी बात रखने का ऑप्शन खुला है। सबूत देना छोड़कर वो कहीं चाय-पान की दुकान पर बात करते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन जहां जाकर अपनी बात कहनी है वहां जाकर क्यों नहीं कहते।

 

कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सरकार माओवाद मुक्त ग्राम पंचायतों को एक-एक करोड़ रुपये देने का वादा पूरा नहीं कर रही है। इस सवाल पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि उनको पता ही नहीं कि मसला क्या है।

हमने तय किया था और आज भी उसी दिशा में काम चल रहा है कि ऐसी पंचायतें जिसे जिले के कलेक्टर, एसपी और प्रशासन मिलकर तय करेंगे कि वहां विकास की जरूरत है। गांव तक जाने के लिए अच्छी सड़क नहीं है, स्कूल, अस्पताल, बुनियादी जरूरतों की कमी है, उनका नाम तय करके बताया जाएगा। पंचायतों ने अगर लोगों को बुलाकर पुनर्वास कराया है और आगे बढ़कर माओवाद मुक्त करने में साथ दिया है, तो सरकार की तरफ से एक करोड़ रुपये विकास कामों के लिए देने का प्रावधान था। ऐसी कुछ पंचायतों को राशि दी जा चुकी है, बाकी को प्रक्रिया के तहत दी जाएगी। कांग्रेस कुछ भी बयान देकर जनता से मजाक कर रही है।

प्रधानमंत्री के संकल्प के हिसाब से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में माओवादी संगठन पूरी तरह खत्म हो गया है। आज बस्तर के लोग कह रहे हैं कि उनको ऐसा लग रहा है जैसे अभी देश आजाद हुआ है। 

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