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00 25 वर्षों का इंतजार हुआ पूरा
रायपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित 46वीं राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की रिकर्व टीम ने पहली बार कांस्य पदक हासिल कर प्रदेश के तीरंदाजी इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। जयपुर से पदक जीतकर भगत की कोटी एक्सप्रेस से लौटे छत्तीसगढ़ के रिकर्व तीरंदाजों का आज रेलवे स्टेशन पर भारतीय तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी कैलाश मुरारका ने शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर आत्मीय स्वागत। इस अवसर पर खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने उनकी मेहनत, लगन और उपलब्धि की सराहना की। रिकर्व टीम में तीरंदाज गीतेश यादव, श्रेयांश वर्मा, युवराज एवं अविनाश ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश को गौरवान्वित किया। टीम के इस ऐतिहासिक कांस्य पदक से छत्तीसगढ़ के खेल जगत में खुशी और उत्साह का माहौल है।
मुरारका ने कहा कि छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ पिछले लगभग 25 वर्षों से इस दिन की प्रतीक्षा कर रहा था, जब प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। रिकर्व टीम का यह कांस्य पदक उसी लंबे संघर्ष, निरंतर प्रयास और खिलाडिय़ों के अटूट संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह सफलता आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। मुरारका ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाशाली तीरंदाजों की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल आधुनिक उपकरणों, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और योग्य प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की है। संसाधनों की चुनौतियों के बावजूद खिलाडिय़ों ने हार नहीं मानी। कई खिलाडिय़ों ने अपने निजी संसाधनों से आधुनिक उपकरण जुटाए, कठिन परिश्रम किया और अपने दृढ़ संकल्प के बल पर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की।
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