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जय जगन्नाथ का उद्घोष के साथ पुरानीबस्ती मंदिर से निकली शहर की सबसे प्राचीनत्तम रथ यात्रा

16 Jul 2026   24 Views

जय जगन्नाथ का उद्घोष के साथ पुरानीबस्ती मंदिर से निकली शहर की सबसे प्राचीनत्तम रथ यात्रा

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** हजारों लोग हुए शामिल,गजामूंग का प्रसाद वितरित,शहर के विभिन्न मार्गों पर भ्रमण

रायपुर। शहर के लोगों को आज भी रथयात्रा के दिन पुरानी बस्ती टूरी हटरी स्थित जगन्नाथ मंदिर से निकलने वाली रथयात्रा में शामिल होने का इंतजार रहता है। जगत के पालनहार स्वंय भक्तों को दर्शन देने मंदिर छोड़कर नगर भ्रमण पर निकले और श्रद्धालु दर्शन से चूके ऐसा हो ही नहीं सकता,इसलिए रथयात्रा वाले मार्ग पर हजारों की संख्या में लोग प्रभु की एक झलक पाने व गजामूंग का प्रसाद लेने के लिए आतुर दिखे। आज बारिश ने उनका उत्साह और  दोगुना कर दिया।  

आयोजन समिति की ओर से जानकारी देते हुए श्री अजय तिवारी ने बताया कि सुबह हवन पूजन के साथ पर्व की शुरुआत हुई। इसमें भी सैकड़ों लोग शामिल हुए। पश्चात महाआरती और भोग भंडारे का प्रसादी लेकर दोपहर बाद करीब 3.30 बजे जैसे ही रथ पर प्रभु विराजे और रथ आगे बढ़ा कि जोरदार उद्घोष जय जगन्नाथ से गूंज उठा। यह सिलसिला शहर के विभिन्न मार्गों पर दर्शन पूजन के साथ आगे बढ़ते गया जो हर साल की भांति तय है। बारिश के बीच रथ को छू लेने की ललक और गजामंूग का प्रसाद लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ पूरे मार्ग पर जुटी रही। चौकस व्यवस्था के बीच रथयात्रा में शहर के अलावा आसपास के इलाके से भी लोग शामिल हुए।  

बता दें यह रायपुर नगर का सबसे प्राचीनतम रथ यात्रा है जो लगभग ढाई सौ वर्षों से अधिक का समय पूर्ण कर चुका है। महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने रथ यात्रा के संदर्भ में अपने संदेश में कहा है कि -आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को प्रत्येक वर्ष रथ यात्रा का त्यौहार मनाया जाता है इस वर्ष भी यह पर्व हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जा रहा है। पुरानी बस्ती का यह आयोजन रायपुर नगर का सबसे प्राचीनतम आयोजन है जिसमें लोग बड़ी श्रद्धा भक्ति पूर्वक हजारों की संख्या में सम्मिलित होते हैं। उन्होंने कहा कि हमें जब किसी भी देवी- देवता का दर्शन प्राप्त करना होता है तो मंदिरों में जाना ही पड़ता है लेकिन भगवान श्री जगन्नाथ जी विश्व के एकमात्र ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तों को उनके दरवाजे तक पहुंचकर दर्शन प्रदान करते हैं वे जगत के स्वामी हैं,इसीलिए उन्हें जगन्नाथ कहा जाता है। रथ यात्रा के इस पावन अवसर पर दाऊ महेंद्र अग्रवाल, डा.सुरेश शुक्ला, अजय तिवारी, डा.देवाशीष मुखर्जी,विजय पाली, रामकृष्ण पाली, तोय निधि वैष्णव, बृजभूषण द्विवेदी, अनिल बरोडिय़ा ,प्रशांत ठेंगड़ी, राहुल उपाध्याय, तिलक दास, राम छबिदास , राम प्रिय दास , राम लोचन दास, निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक नागरिक गण सम्मिलित हुए।

जय जगन्नाथ का उद्घोष के साथ पुरानीबस्ती मंदिर से निकली शहर की सबसे प्राचीनत्तम रथ यात्रा
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