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00 बलरामपुर में सर्वाधिक तो कांकेर-बेमेतरा में सामान्य से कम बारिश
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 10 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार प्रदेश भर में मानसून की रफ्तार कुल मिलाकर संतोषजनक बनी हुई है। चालू मानसून सत्र में 1 जून से 10 सितंबर तक राज्य में औसतन 931.9 मि.मी. वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो कि इस अवधि की सामान्य औसत वर्षा 960.9 मि.मी. का 97 प्रतिशत है। हालांकि, प्रदेश के सभी 33 जिलों में वर्षा का वितरण एकसमान नहीं रहा है। सरगुजा संभाग के बलरामपुर और मध्य छत्तीसगढ़ के रायपुर तथा सारंगढ़ क्षेत्रों में झमाझम बारिश से आंकड़े सामान्य से काफी ऊपर पहुंच चुके हैं, वहीं बस्तर संभाग और मैदानी इलाकों के कुछ जिलों में वर्षा की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है।
प्रदेश में बारिश के प्रतिशत के मामले में उत्तर छत्तीसगढ़ का बलरामपुर जिला शीर्ष पर है, जहाँ सामान्य औसत 825.3 मि.मी. की तुलना में अब तक 1456.5 मि.मी. बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि 176.5 प्रतिशत के साथ जिले की संभावित वार्षिक वर्षा के आंकड़े को भी पार कर गई है। इसके साथ ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1110.1 मि.मी. (148.0 प्रतिशत), राजधानी रायपुर में 1034.2 मि.मी. (129.4 प्रतिशत), मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1105.6 मि.मी. (127.4 प्रतिशत), महासमुंद में 1078.1 मि.मी. (123.6 प्रतिशत) और सूरजपुर में 1121.9 मि.मी. (117.6प्रतिशत) बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में औसत से अधिक वर्षा होने के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और जलाशयों में जलभराव की स्थिति काफी मजबूत हुई है।
मध्य छत्तीसगढ़ और बिलासपुर संभाग के बड़े हिस्से में बारिश का संतुलन बना हुआ है। मुंगेली में 962.3 मि.मी. (115.9 प्रतिशत), गरियाबंद में 1082.0 मि.मी. (115.1 प्रतिशत), बलौदाबाजार में 971.9 मि.मी. (111.9 प्रतिशत), नारायणपुर में 1285.7 मि.मी. (109.1 प्रतिशत) तथा जांजगीर-चांपा में 1068.7 मि.मी. (108.1 प्रतिशत) बारिश दर्ज हुई है। वहीं कोरिया में 879.7 मि.मी. (103.0 प्रतिशत), बालोद में 931.6 मि.मी. (102.7 प्रतिशत), कोरबा में 1034.8 मि.मी. (101.7 प्रतिशत), बिलासपुर में 949.6 मि.मी. (101.6प्रतिशत), धमतरी में 950.9 मि.मी. (101.0 प्रतिशत) और सक्ती में 906.1 मि.मी. (99.3 प्रतिशत) वर्षा के साथ आंकड़े सामान्य स्तर के बेहद करीब हैं। इसके अलावा दुर्ग में 700.6 मि.मी. (97.8 प्रतिशत), गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 871.6 मि.मी. (94.2 प्रतिशत), राजनांदगांव में 753.9 मि.मी. (92.4 प्रतिशत), रायगढ़ में 926.5 मि.मी. (90.5 प्रतिशत) और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 620.6 मि.मी. (90.2 प्रतिशत) बारिश के साथ स्थिति सामान्य बनी हुई है।
दूसरी ओर, राज्य के कुछ पश्चिमी मैदानी इलाकों और दक्षिणी बस्तर संभाग के जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। दंतेवाड़ा में 1094.6 मि.मी. (85.7 प्रतिशत), जशपुर में 768.6 मि.मी. (83.8 प्रतिशत), कबीरधाम में 597.0 मि.मी. (83.5 प्रतिशत) और सरगुजा में 578.1 मि.मी. (79.9 प्रतिशत) बारिश हुई है। बेमेतरा में कुल 541.1 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य का 77.2 प्रतिशत है और यह प्रदेश में सबसे कम कुल बारिश का आंकड़ा भी है। बस्तर संभाग की बात करें तो कोण्डागांव में 803.0 मि.मी. (74.3 प्रतिशत), बस्तर जिले में 897.8 मि.मी. (73.9 प्रतिशत), बीजापुर में 1245.9 मि.मी. (73.4 प्रतिशत), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 740.2 मि.मी. (66.7 प्रतिशत) और सुकमा में 865.5 मि.मी. (64.9प्रतिशत) बारिश ही दर्ज हो सकी है। प्रदेश में बारिश के सबसे कम प्रतिशत वाला जिला कांकेर रहा है, जहाँ सामान्य औसत के मुकाबले केवल 816.5 मि.मी. यानी 61.5 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई है।
दैनिक आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरिया में 12.6 मि.मी., सक्ती में 11.6 मि.मी., सूरजपुर में 11.4 मि.मी., कांकेर में 11.2 मि.मी. और बलरामपुर में 10.8 मि.मी. बारिश हुई है, जबकि प्रदेश का दैनिक औसत 3.1 मि.मी. दर्ज किया गया। राज्य स्तर पर कुल 97 प्रतिशत औसत वर्षा होने से खरीफ फसलों के लिए पानी की स्थिति अनुकूल बनी हुई है, वहीं कम वर्षा वाले जिलों में सिंचाई तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है।
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