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रायपुर। वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु वितरण कंपनी द्वारा रु.8.40 प्रति यूनिट औसत विद्युत प्रदाय दर का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। गहन विश्लेषण उपरान्त आयोग द्वारा औसत विद्युत प्रदाय दर रु.7.13 प्रति यूनिट स्वीकृत की गई है। आयोग द्वारा वर्ष 2026-27 हेतु वर्तमान टैरिफ के आधार पर औसत बिलिंग दर रू.6.71 प्रति यूनिट अनुमानित की गई है जो कि औसत लागत दर रू. 7.13 प्रति यूनिट से 42 पैसे कम है। तदानुसार वर्ष 2026-27 हेतु अनुमानित राजस्व आवश्यकता की प्राप्ति हेतु टैरिफ में आयोग द्वारा विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों के विद्युत दर में वितरण कंपनी द्वारा प्रस्तावित 24 प्रतिशत की वृद्धि के स्थान पर 6.23 प्रतिशत की औसत वृद्धि की गई है। जारी की जा रही नई विद्युत दरें 1 जुलाई, 2026 से प्रभावशील होंगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपनी याचिका में विद्युत विक्रय 38729 मिलियन यूनिट एवं वार्षिक राजस्व आवश्यकता रू.32520 करोड़ प्रस्तावित किया गया था। आयोग द्वरा गहन जांच के पश्चात विद्युत विक्रय 39760 मिलियन यूनिट एवं वार्षिक राजस्व आवश्यकता रु.28348 करोड अनुमोदित किया गया है। वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विद्युत्त की प्रचलित टैरिफ से अनुमानित राजस्व के आधार पर रू.6304 करोड राजस्व घाटे का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। आयोग द्वारा गहन जांच पश्चात रू.1662 करोड का राजस्व घाटा ही मान्य किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरें जारी कर दी हैं। नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट महंगी होगी। वहीं कमर्शियल बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। कृषि पंपों की बिजली दर में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शनों पर ऊर्जा प्रभार में मिलने वाली छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
आयोग ने बताया कि बिजली वितरण कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि को खारिज किया गया है। औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए टैरिफ 6.42 रुपए प्रति किलोवॉट-एएच तय किया गया है। आयोग के अनुसार, बिजली कंपनी को 1 यूनिट बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में औसतन 7.13 रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन वर्तमान बिजली दरों के हिसाब से उसे प्रति यूनिट सिर्फ 6.71 रुपए की आय हो रही है।
घरेलू बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि।
स्थानीय निकायों के कार्यालयों को गैर-घरेलू श्रेणी से घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया।
आवास बोर्ड कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक जल आपूर्ति को घरेलू टैरिफ का लाभ मिलेगा।
घरेलू इस्तेमाल के अस्थायी कनेक्शनों पर 2 साल बाद सामान्य घरेलू टैरिफ लागू होगा।
ग्रामीण, बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के छात्रावासों को घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया।
गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को झटका
गैर-घरेलू बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी।
बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में स्थापित मोबाइल टावरों को ऊर्जा शुल्क में 25 प्रतिशत छूट जारी।
किसानों को राहत और बढ़ी दरें
कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि।
गैर-सब्सिडी कृषि पंपों पर ऊर्जा प्रभार में मिलने वाली छूट 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत की गई।
खेतों में पंप कनेक्शन के साथ 100 वॉट तक लाइट और पंखे की सुविधा यथावत रहेगी।
लो-वोल्टेज उपभोक्ताओं के लिए बड़े बदलाव
अस्थायी कनेक्शन पर सामान्य टैरिफ का 1.5 गुना शुल्क लगेगा।
10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं पर टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू।
सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 5 प्रतिशत छूट।
शाम 5 से रात 11 बजे तक उपयोग पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क।
10 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू व व्यावसायिक उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक समय में 20 पैसे प्रति यूनिट छूट।
इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के लिए टैरिफ 7.13 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित।
महिला स्व-सहायता समूहों को ऊर्जा शुल्क में 10 प्रतिशत छूट जारी।
ग्रामीण, बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों को 10 प्रतिशत छूट जारी।
पोहा और मुरमुरा मिलों को ऊर्जा शुल्क में 10 प्रतिशत छूट जारी।
हाई वोल्टेज उपभोक्ताओं के लिए अहम फैसले
हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए टैरिफ 6.42 रुपए प्रति किलोवाट-एएच तय।
स्टोन माइंस को एचवी-3 औद्योगिक श्रेणी में शामिल किया गया।
आयरन वाशरी और बेनिफिसिएशन प्लांट को एचवी-4 श्रेणी में रखा गया।
छोटे और माइक्रो हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को पहले 5 वर्षों तक डिमांड चार्ज से छूट जारी।
सौर ऊर्जा उत्पादकों के लिए ट्रांसमिशन शुल्क संबंधी नई व्यवस्था लागू।
पैरेलल ऑपरेशन चार्ज 16 पैसे प्रति यूनिट निर्धारित।
ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया आधारित ऊर्जा पर क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज नहीं लगेगा।
उपभोक्ताओं के लिए अन्य महत्वपूर्ण फैसले
अग्रिम भुगतान पर मिलने वाली छूट 1.25 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत की गई।
विलंबित भुगतान अधिभार 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की जगह 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन होगा।
प्रीपेड मीटर वाले एलवी उपभोक्ताओं को मिलने वाली छूट 1.5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत की गई।
विभिन्न वोल्टेज स्तरों के लिए नया क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज भी तय किया गया है।
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