CNIN News Network

छत्तीसगढ़ विश्व की हर्बल राजधानी बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है- अंजय शुक्ला

25 May 2026   18 Views

छत्तीसगढ़  विश्व  की हर्बल राजधानी बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है- अंजय शुक्ला

Share this post with:

 

 

00 औषधि पौधों की खेती पर कार्यशाला आयोजित, किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी

 

रायपुर। बोर्ड कार्यालय राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर के परिसर में  'धान की खेती के बदले औषधि पौधों की खेतीÓ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला द्वारा की गई। कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती को माल्यार्पण तथा पूजा अर्चना कर किया गया। तत्पश्चात बोर्ड के उपाध्यक्ष शुक्ला का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया ।

श्री शुक्ला ने अपने स्वागत उद्बोधन में धरसीवा ब्लॉक के विभिन्न गांव से पधारे किसानों से कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को आर्थिक रूप से उन्नत बनाने के उदेश्य से बोर्ड औषधि पौधों की खेती को बढ़ावा दे रहा है, खासकर उन किसानों के लिए जो कि पारंपरिक रूप से धान की खेती करते आ रहे हैं जिसमें लागत अत्यधिक है और लाभ लागत की तुलना में बहुत कम होता है, उन सभी किसानो के लिए औषधि पौधे की खेती एक बहुत ही अच्छा विकल्प है, जिसमें लागत कम, मेहनत कम तथा लाभ अधिक होता हैं।

उन्होंने किसानो से कहा कि औषधि पौधों की खेती छत्तीसगढ़ के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अपनी भूमिका अदा कर सकती हैं, इस हेतु बोर्ड औषधि पौधों की खेती के लिए किसानों को निशुल्क पौधे उपलब्ध कराता है। औषधि पौधों की खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण भी प्रदान करता है तथा आवश्यकता पडऩे पर अध्ययन भ्रमण करवाता हैं। किसानो की उपज की खरीदी हेतु बोर्ड पूर्व में ही कई संस्थाओ से अनुबंध कर उपज की खरीदी का का इंतजाम भी कर देता है।

इसके उपरांत बोर्ड में औषधि पौधों की खेती के सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे श्री डी. के. एस. चौहान (रि. वनमंडलाधिकारी) द्वारा कार्यशाला के प्रथम चरण में विस्तार से प्रेजेंटेशन के माध्यम से किसानों को औषधि पौधों की खेती के बारे में जानकारी दी। सर्वप्रथम उन्होंने धान के खेतों में आसानी से की जाने वाली खेती ब्राह्मी तथा वच की खेती के बारे में जानकारी दी या साथ ही किसानों की जिज्ञासाओं तथा प्रश्नों का उत्तर भी दिया।

कार्यशाला के द्वितीय चरण में कम पानी वाले खेतों में की जाने वाली सुगन्धित पौधों जैसे लेमनग्रास, खस एवं सिट्रोनेला की खेती कैसे की जाये इसके बारे में चरण दर चरण जानकारी दी ।

शुक्ला ने कार्यशाला में भागीदारी करने वाले सभी किसानों को सिंदूरी के पौधों का वितरण किया । अंत में  शुक्ला ने कार्यशाला में भागीदारी करने वाले सभी किसानों का आभार व्यक्त किया साथ ही आश्वासन दिया कि औषधि पौधों की खेती में किसी भी प्रकार की सहयोग के लिए बोर्ड हमेशा तत्पर रहेगा निशुल्क पौधों की उपलब्धता बनाए रखेगा, किसानों को अगर ट्रेनिंग की जरूरत होगी या एक्सपोजर विजिट की जरूरत होगी तो उसे जल्द से जल्द करा कर धरातल पर औषधि पौधों की खेती के जरिए किसानों के जीवन में आर्थिक संपन्नता के लिए दिन-रात काम करता रहेगा।

कार्यशाला में श्री डी. के. एस. चौहान  सलाहकार, सुश्री प्रगति पटेल  सहायक, श्री दिनेश खूंटे उपाध्यक्ष जनपद पंचायत धरसीवां, श्री राकेश यादव  मंडल अध्यक्ष धरसीवां, श्री तेजराम पटेल  सरपंच ग्राम पंचायत अड़सेना, श्रीमती रुक्मणि शिवारे  सरपंच ग्राम पंचायत टाड़ा, श्री रिखी राम साहू  पूर्व सरपंच जोरा, श्री कन्हैया यादव  बूथ अध्यक्ष ग्राम पंचायत फरहदा, श्री छगन यादव  मंडल उपाध्यक्ष ग्राम पंचायत सुंदरा, श्री मोहन साहू  मंडल उपाध्यक्ष बंगोली, श्री गजेन्द्र वर्मा  महामंत्री किसान मोर्चा ग्राम गनियारी, श्री रोहित यादव  ग्राम बेल्टुकरी, डॉ श्री तेजराम पाल  सरपंच ग्राम पंचायत अड़सेना, श्री कमलकांत वर्मा  ग्राम गोढ़ी, श्री यशवंत वर्मा  ग्राम भैंसमुड़ा, श्री चित्रेश वर्मा  ग्राम भैंसमुड़ा, श्री धनेश्वर वर्मा  ग्राम भेरवा, श्री मारुति नंदन वर्मा  ग्राम रायखेड़ा, श्री महावीर कौशिक  ग्राम फरहदा, श्री कौशल साहू  ग्राम चरौदा, श्री आसाराम धीवर  ग्राम बेल्टुकरी, श्री कमलेश वर्मा  ग्राम अडसेना, श्री फेरुराम शिवारे  ग्राम ताड़ा, श्री उमेंद्र कुमार जी ग्राम ढोर, श्री थनवार  ग्राम ढोर, श्री शंकर लाल  ग्राम ढोर, श्री पुनाराम वर्मा  ग्राम भारुवाडीह, श्री संतोष कुमार  ढोर एवं धरसीवा क्षेत्र से आए हुए किसान उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़  विश्व  की हर्बल राजधानी बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है- अंजय शुक्ला

Share this post with:

AD R.O. No. - 13783/16

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web