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00 प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने महादेव सट्टा एप के सौरभ चन्द्राकर और कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारियों के मद्देनजर भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले 5 वर्षों के कांग्रेस शासनकाल में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएँ और घोटाले हुए हैं, जिसने राज्य की आर्थिक व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस ब्रीफ के दौरान पत्रकारों से रू-ब-रू होते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने महादेव सट्टा एप के सौरभ चन्द्राकर और कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारियों के मद्देनजर भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदेश से बाहर भेज दी गई। जब राज्य का धन दूसरे राज्यों में चला जाता है, तो स्थानीय स्तर पर मनी फ्लो (धन का प्रवाह) कम हो जाता है। यही कारण है कि पिछले लगभग ढाई साल से छत्तीसगढ़ के बाजारों में एक अजीब-सी शिथिलता देखी जा रही है। पाण्डेय ने आरोप लगाया कि जब भी इन घोटालों को लेकर कांग्रेस से सवाल पूछे जाते हैं, तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं देती और न ही इस पर कोई सार्थक चर्चा करना चाहती है। कांग्रेस का हमेशा यही एक घिसा-पिटा तर्क रहता है कि केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ राजनीतिक दुर्भावना या बदले की भावना से काम कर रही हैं। कांग्रेस को जाँच एजेंसियों पर सवाल उठाने के बजाय महादेव सट्टा, शराब घोटाला और राइस मिलर्स से वसूली जैसे भ्रष्टाचार के मुद्दों पर अपना रुख साफ करना चाहिए। पाण्डेय ने जानना चाहा कि महादेव सट्टा एप घोटाले पर कांग्रेस का क्या कहना है? चुनाव के समय जब यह मामला उठा था, तब इसे केवल छवि खराब करने का हथकण्डा बताया गया था, लेकिन अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा इस मामले में 3,800 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। इसी प्रकार शराब घोटाला को लेकर कांग्रेस का क्या वर्जन है? राइस मिलर्स का कस्टम मिलिंग शुल्क 80 रुपये से बढ़ाकर सीधे 120 रुपए कर दिया गया और प्रति क्विंटल 20 रुपए के हिसाब से अवैध रूप से चंदा व पैसा इक_ा किया गया। कांग्रेस बताए कि ऐसा क्यों किया गया?
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पाण्डेय ने महादेव सट्टा ऐप का जिक्र करते हुए कहा कि इसका मुख्य सूत्रधार दुर्ग से ताल्लुक रखता है, जो राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गृह जिला है। क्या यह सब उनके संरक्षण और जानकारी में नहीं चल रहा था? जब कांग्रेस के तीन प्रमुख घोटालों में उनके वर्तमान कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल संलिप्त पाए जा रहे हैं, पूर्व आबकारी मंत्री जेल की हवा खा चुके हैं, और पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र सहित अखिल भारतीय सेवा के कई बड़े अधिकारी इन मामलों में फँसे हुए हैं; ऐसी स्थिति में कांग्रेस जनता के मुद्दों पर बात करने के बजाय आंदोलन का रास्ता चुन रही है। पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस में जनहित के किसी भी मुद्दे पर सड़क पर उतरने का न तो सामर्थ्य है और न ही इच्छा। पिछले ढाई साल के भाजपा शासन में कांग्रेस कभी जनता की समस्याओं को लेकर सड़क पर नहीं दिखी, लेकिन आज अपने चोरों, डाकुओं और भ्रष्ट पदाधिकारियों को बचाने के लिए वे जिले-जिले में प्रदर्शन व आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं। इससे यह साफ हो गया है कि कांग्रेस का साथ हमेशा से घोटालों के साथ रहा है। कांग्रेस के नेता शायद इस इंतजार में हैं कि कभी उनकी सरकार वापस आए तो वे इन घोटालों पर पर्दा डाल सकें, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता सब देख रही है और वह इसे कभी भूलने वाली नहीं है। अब ऐसी स्थिति दोबारा आने वाली नहीं है।
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