Share this post with:
ग्वालियर। शहर के दीनदयाल नगर स्थित वैष्णो ज्वेलर्स का संचालक सचिन सोनी ग्राहकों का करीब चार करोड़ रुपये का सोना लेकर भाग गया। यहां से भागकर वह अपने परिवार के साथ गुजरात के वडोदरा में रह रहा था। पुलिस लगातार तलाश में लगी थी। इसी बीच पुलिस को पता लगा कि वह ऋषिकेश में व्यापार करने के लिए वहां जगह देखने जा रहा है।
कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर सचिन सोनी और उसके भाई नितिन सोनी को पकड़ लिया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने 971 ग्राम सोने के गहने बरामद कर लिए हैं। अभी इनसे और पूछताछ चल रही है।
कोतवाली थाना पुलिस ने मानसिंह गुर्जर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। मानसिंह ने बताया कि उसके बेटे की फरवरी में शादी थी। इसके लिए उसने 640 ग्राम सोने के गहने बनवाए थे। सचिन सोनी के यहां गहने बनवाए थे। शादी की तारीख नजदीक आ गई थी। इसलिए सचिन द्वारा बिना हालमार्क के ही यह गहने दे दिए थे। सचिन ने कहा था कि वह हालमार्क बाद में लगवाकर दे देगा।
ेमानसिंह शादी के बाद अपने भतीजे रिंकू के साथ सचिन के पास पहुंचे। उसने कहा कि लश्कर स्थित सराफा बाजार में अमोल हालमार्क पर हालमार्क लगवा देगा। मानसिंह और उसके भतीजे को लेकर पहुंचा। यहां सर्वर काम नहीं कर रहा था। इस पर सचिन ने कहा कि गहने रख दें, बाद में हालमार्क लग जाएगा तो ले जाएंगे। इसकी रसीद भी दे दी। रसीद पर सचिन ने अपना नाम लिखवा लिया। दो दिन बाद जब मानसिंह पहुंचा तो पता लगा कि यह गहने सचिन खुद ही लेकर जा चुका था। फिर उसने पुलिस से शिकायत की।
तब और भी लोग पुलिस के पास पहुंचे। इन लोगों ने भी बताया कि उनके गहने भी वह इसी तरह लेकर भाग गया है। करीब साढ़े तीन किलो सोने के गहने वह 20 से ज्यादा लोगों के लेकर भागा। कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा और इनकी टीम तलाश में लग गई। तभी पता लगा कि यह लोग उत्तराखंड में व्यापार करने के लिए दुकान देखने जा रहे हैं। घेराबंदी की और मेरठ हाईवे पर इन्हें पकड़ लिया।
Share this post with:
05 Jun 2026 9 Views
05 Jun 2026 9 Views