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नई दिल्ली। भारतीय स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और मुख्य राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग कोच ने केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की। ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना तीसरा गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्होंने मंत्री को भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के सभी खिलाड़ियों द्वारा साइन की गई जर्सी भेंट की।
टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली मीराबाई ने महिलाओं के 4 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने स्नैच में 85 किग्रा वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया और फिर क्लीन एंड जर्क में 105 किग्रा वजन उठाकर एक और गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही उन्होंने भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी की।
केंद्रीय मंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मुलाकात की वीडियो शेयर की। उन्होंने भारतीय महिला एथलीट की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार जीत के बाद घर वापसी पर स्वागत है मीराबाई चानू। उन्होंने वेटलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल जीतकर एक बार फिर भारत का मान बढ़ाया है। सभी वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों के साइन वाली टी-शर्ट भेंट करने के लिए धन्यवाद।”
किरेन रिजिजू ने वीडियो में मीराबाई चानू से कहा, “मैंने कहा कि पेरिस ओलंपिक में मैं थोड़ा दुखी था, लेकिन इस बार आपने दिल खुश कर दिया। मुझे यकीन था कि इस बार तो गोल्ड ही आएगा।” मीराबाई ने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीन बार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। वह गोल्ड की हैट्रिक पूरी करने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर हैं।
मीराबाई चानू का कॉमनवेल्थ गेम्स में यह चौथा मेडल रहा। इससे पहले उन्होंने ग्लासगो 2014 में 48 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में गोल्ड मेडल को अपने नाम किया था।
रविवार को ग्लासगो से लौटने पर मीराबाई का जोरदार स्वागत हुआ। टीम की सफल यात्रा का जश्न मनाने के लिए सैकड़ों समर्थक इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जमा हुए थे। नई दिल्ली पहुंचने के बाद, मणिपुर की इस स्टार खिलाड़ी ने अपने राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व जताया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मणिपुर से होने के नाते, मुझे बहुत गर्व है कि मैंने अपने देश के लिए कुछ अच्छा किया है।”
मीराबाई के साथ-साथ सिल्वर मेडल जीतने वाले लवप्रीत सिंह, ज्ञानेश्वरी यादव और ऋषिकांत शर्मा भी मेडल जीतकर स्वदेश लौटे। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए एक और यादगार प्रदर्शन में योगदान देने के बाद फैंस, परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने उनका स्वागत किया।
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