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00 रायपुर में तिरंगा फेस्ट ने रचा नया रंगमंच
00 जिला कलेक्टर ने प्रतिभाओं को प्रमाणपत्र प्रदत्त कर सम्मानित कर किया उत्साहवर्धन
रायपुर। शहीद स्मारक भवन, जयस्तंभ चौक,मंच सजा था... रोशनी जगमगा रही थी... और जैसे ही सुरों ने आकार लिया, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। सितंबर माह को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को समर्पित करते हुए आयोजित 'गुरु वंदनÓ तिरंगा फेस्ट फेस्टिवल के ग्रैंड फिनाले में कला, संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर एवं जिला प्रशासन रायपुर के मार्गदर्शन में अभिनव प्रयास के अंतर्गत आयोजित विशेष कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत, कथक, भरतनाट्यम, नृत्य, गीत, देशभक्ति गीत एवं वर्चुअल एयर प्रोग्राम सहित करीब 30 प्रस्तुतियां मंच पर प्रस्तुत की गईं। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में डॉ. गौरव कुमार सिंह, कलेक्टर रायपुर; संबित मिश्रा, आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर; श्री युगल किशोर उर्वशा, आयुक्त , नगर पालिक निगम बिरगांव; श्री नवीन ठाकुर, अपर कलेक्टर; श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, अपर कलेक्टर; तथा श्री अमर गिदवानी, अध्यक्ष, संस्कृति विभाग , रायपुर नगर पालिक निगम सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण की मंच पर उपस्थिति रही। रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने मंच पर तिरंगा शक्ति फेस्ट के आयोजन में अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले नन्हे, युवा, अनुभवी कलाकारों सहित कला केन्द्र रायपुर, नगर निगम रायपुर और स्कूल शिक्षा विभाग के सफल कार्यक्रम प्रबंधन में योगदान देने वाले शिक्षक- शिक्षिकाओं, अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रमाणपत्र प्रदत्त कर उन्हें सम्मानित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
इस आयोजन की सबसे खास तस्वीर तब देखने को मिली, जब करीब पांच वर्ष के नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। छोटे-छोटे कदमों और बड़े आत्मविश्वास के साथ बच्चों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता में दो आयु वर्ग रखे गए थे—5 से 15 वर्ष तथा 15 से 70 वर्ष। इस आयु सीमा ने कार्यक्रम को खास बना दिया। एक ही मंच पर बच्चों की मासूम प्रतिभा और वरिष्ठ प्रतिभागियों के अनुभव का सुंदर संगम देखने को मिला।
जब गुरु और शिष्य एक साथ मंच पर आए
सितंबर माह की थीम गुरु वंदन होने के कारण शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और विशेष बना दिया। शिक्षकों ने भी मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शिक्षकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंच पर शिक्षक जब कलाकार बने और विद्यार्थियों के साथ कला की प्रस्तुति दी, तो गुरु-शिष्य परंपरा का भाव जीवंत हो उठा।
हर महीने बदलेगा तिरंगा फेस्ट का अंदाज
कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहां तिरंगा फेस्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हर महीने इसका विषय बदलेगा और समाज के अलग-अलग वर्गों तथा महापुरुषों को केंद्र में रखकर कार्यक्रम आयोजित होंगे। रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के अनुसार, आने वाले महीनों में महापुरुषों की जयंतियों एवं महत्वपूर्ण अवसरों को ध्यान में रखते हुए तिरंगा फेस्ट की थीम निर्धारित की जाएगी।
अब अंत्योदय को मिलेगा मंच
अब आयोजन एकात्म मानववाद सिद्धांत के प्रणेता पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती 25 सितम्बर के अवसर पर उनकी स्मृति में अंत्योदय दिवस की भावना को आयोजन समर्पित रहेगा। इसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान की पहुंच सुनिश्चित करने की सोच को मंच देना होगा।इस अवसर पर स्वच्छता दीदी, पिंक दीदी, सफाई दीदी सहित समाज के जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों को विशेष रूप से मंच प्रदान किया जाएगा।
रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर महिलाओं का मंच
आगामी आयोजन में 19 नवम्बर को रानी लक्ष्मीबाई की जयन्ती के अवसर को केंद्र में रखते हुए तिरंगा शक्ति फेस्ट का मंच महिलाओं के नाम रहेगा। इसमें केवल महिला प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया जाएगा।
स्वामी विवेकानंद जयंती पर युवाओं की बारी
स्वामी विवेकानंद जयंती 12 जनवरी के अवसर पर आयोजित होने वाले तिरंगा फेस्ट में 15 वर्ष से 29 वर्ष के युवा मुख्य भूमिका में रहेंगे। युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा, विचार और रचनात्मकता को मंच देने की दिशा में यह विशेष आयोजन होगा।
दिसंबर में कविता का महासंगम
दिसंबर माह का तिरंगा फेस्ट पूर्व प्रधानमंत्री एवं प्रख्यात कवि अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित रहेगा। इस अवसर पर अटलजी की जयन्ती सुशासन दिवस दिनांक 25 दिसम्बर को भव्य ग्रैंड कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें कविता, साहित्य और राष्ट्रभावना का संगम देखने को मिलेगा।
चार संस्थाएं, एक मंच, एक उद्देश्य
तिरंगा शक्ति फेस्ट का आयोजन जिला प्रशासन रायपुर, नगर पालिक निगम रायपुर, कला केंद्र एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य रायपुर में कला, संस्कृति, साहित्य, देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।
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