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धमतरी। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगरेल बांध में पानी की आवक बढ़ जाने के कारण गंगरेल बांध के 10 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी और आसपास के नदी-नालों में जलस्तर बढऩे की संभावना है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश के चलते गंगरेल बांध के कैचमेंट एरिया से बड़ी मात्रा में पानी पहुंच रहा है। जलाशय में पानी का स्तर बढऩे के बाद जल संसाधन विभाग ने अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की है। गेट खोले जाने के साथ ही बांध से पानी का बहाव तेज हो गया है। भारी जल आवक के चलते गंगरेल बांध से महानदी में करीब 1 लाख 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि सोढऱ बांध से 42570 क्यूसेक पानी और सिकासार जलाशय गेल खोलकर पैरी नदी में छोड़ा गया है। जलाशयों के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
गंगरेल जलाशय का जलभराव 99.01 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जलस्तर के प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगरेल के गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार 1 लाख 22 हजार क्यूसेक पानी महानदी नदी में छोड़ा जा रहा है। इसी प्रकार मुरुमसिल्ली जलाशय से 7558 क्यूसेक और दुधावा जलाशय से 16762 क्यूसेक पानी गंगरेल की ओर छोड़ा जा रहा है। सोदूर जलाशय भी लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच 89.42 प्रतिशत भर चुका है। यहां से 42,570 क्यूसेक पानी पैरी/महानदी नदी की ओर छोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों और आम नागरिकों से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा अनावश्यक रूप से नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की है।
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