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खेलोगे कूदोगे बनोगे डीएसपी

04 Aug 2026   17 Views

खेलोगे कूदोगे बनोगे डीएसपी

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*  संजय दुबे

खिलाड़ी और पढ़ाई ! कठिन विषय है ,या तो खेल लो या पढ़ लो ये बात खिलाड़ियों और पढ़ाई के विषय में अनुसंधान करने पर पता चलता है।  क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर और  हिंदुस्तान के पूर्व कप्तान विराट कोहली सहित बहुत से खिलाड़ियों की शैक्षणिक योग्यता बहुत न्यूनतम है,इतनी कि सरकारी विभाग में  चपरासी की भी नौकरी न मिले लेकिन उनकी खेल योग्यता ऐसी है कि दुनियां उन्हें आदर भाव से देखती है।

हिंदुस्तान में एक दौर ऐसा भी था कि केंद्र में खेल मंत्रालय ही नहीं था। खेल का मतलब व्यायाम होता था। स्कूलों में पीटी सर याने फिजिकल ट्रेनर होते थे। घरों में एक कहावत जरूर सुनाई जाती थी पढोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब। इस वातावरण से देश शनै  शनै बदलाव आया और सरकार को भी समझ में आया कि खिलाड़ियों पर ध्यान देना होगा। आजादी के 35 साल बाद देश में खेल मंत्रालय बना।

हॉकी खेल में देश आजादी के बाद भी  विश्व में अपनी पैठ रखता था,बाद में क्रिकेट ने धाक  जमा ली।

इसके बावजूद देश में व्यक्तिगत रूप से खिलाड़ी निकलते गए।अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों ने वातावरण भी दिया परिणाम सामने है।इसके बावजूद खिलाड़ियों के लिए बेफिक्री के वातावरण के लिए अभी भी गुंजाइश है। पढ़ाई में खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त अंक दिए जाते है। सरकारी नौकरी में कुछ फीसदी नौकरी आरक्षित है। देश, राज्य की सरकारों  ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वालों को नगद राशि सहित नौकरी की गारंटी देती है।

छत्तीसगढ़ की पुलिस विभाग में खेल कोटे से सहायक पुलिस निरीक्षक बनी ज्ञानेश्वरी यादव ने कामनवेल्थ खेलो में वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीता, राज्य सरकार ने त्वरित रूप से उन्हें आउट ऑफ टर्न उप पुलिस अधीक्षक बनाया है साथ  में 30 लाख रुपए  दिए है। खेल और खिलाड़ियों  को प्रोत्साहन देने की ये परंपरा काबिले तारीफ है। इसके पहले भी अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी सबा अंजुम और बैडमिंटन की खिलाड़ी आकर्षि कश्यप को भी  राज्य सरकार ने उप पुलिस अधीक्षक  पद पर नियुक्त किया है।

ज्ञानेश्वरी यादव  के लिए उनकी मेहनत का सही पुरस्कार मिला है।भविष्य में वे आगामी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने आप को और निखारेंगी और  प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।

उनके प्रदर्शन से राज्य के अन्य खिलाड़ी भी प्रेरणा लेकर राज्य का नाम आगे बढ़ाएंगे ,ऐसी आशा की जा सकती है।  प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस बात के लिए  बधाई है कि उन्होंने तत्काल ही ज्ञानेश्वरी यादव को उनके शानदार प्रदर्शन के बदले पुरस्कृत किया।

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