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खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास का नया अध्याय: अगले पांच वर्षों में 758 करोड़ से अधिक के 4,894 विकास कार्य होंगे धरातल पर

14 Jun 2026   5 Views

खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास का नया अध्याय: अगले पांच वर्षों में 758 करोड़ से अधिक के 4,894 विकास कार्य होंगे धरातल पर

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00 शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना पर सबसे बड़ा निवेश, खनन प्रभावित गांवों की बदलेगी तस्वीर
00 पहले ही वर्ष 255.55 करोड़ रुपये से 1,251 परियोजनाओं का होगा क्रियान्वयन
रायगढ़। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी एवं दूरगामी पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना तैयार की गई है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफटी) द्वारा वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए तैयार इस व्यापक योजना के अंतर्गत 4,894 विकास कार्यों पर 75,823.45 लाख रुपये का निवेश किया जाएगा। योजना का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन लाना है। विस्तृत सर्वेक्षण एवं वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर तैयार इस योजना को पीएम गति शक्ति पोर्टल तथा ग्राम संपदा पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे कार्यों के क्रियान्वयन, निगरानी एवं मूल्यांकन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके।
योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 1,251 कार्यों के लिए 25,555.55 लाख रुपये, वर्ष 2027-28 में 957 कार्यों के लिए 12,875.52 लाख रुपये, वर्ष 2028-29 में 971 कार्यों के लिए 12,444.10 लाख रुपये, वर्ष 2029-30 में 841 कार्यों के लिए 12,504.80 लाख रुपये तथा वर्ष 2030-31 में 874 कार्यों के लिए 12,443.48 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। चरणबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से तत्काल आवश्यकताओं की पूर्ति से लेकर दीर्घकालिक विकास एवं आर्थिक स्थायित्व तक के लक्ष्यों को हासिल किया जाएगा। पंचवर्षीय योजना में शिक्षा क्षेत्र को सर्वाधिक प्राथमिकता देते हुए 1,326 कार्यों के लिए 14,974.52 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत विद्यालय अधोसंरचना, डिजिटल शिक्षा, छात्रावास एवं छात्र सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। भौतिक अधोसंरचना के 444 कार्यों के लिए 13,368.26 लाख रुपये, स्वास्थ्य क्षेत्र के 308 कार्यों के लिए 12,773 लाख रुपये तथा पेयजल आपूर्ति के 697 कार्यों के लिए 10,639.30 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास के 1,181 कार्यों पर 5,725.44 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। वहीं कृषि क्षेत्र के 139 कार्यों के लिए 5,555.97 लाख रुपये, पशुपालन के 279 कार्यों के लिए 4,054.68 लाख रुपये तथा कौशल विकास के 199 कार्यों के लिए 3,291.52 लाख रुपये, सिंचाई के 50 कार्यों के लिए 1640.72 लाख रुपये, पर्यावरण संरक्षण के 18 कार्य के लिए 1,419.52 लाख रुपये, स्वच्छता के 222 कार्य के लिए 1,178.90 लाख, वृद्ध एवं दिव्यांगजन कल्याण के 1 कार्य के लिए 904.00 लाख रुपये, ऊर्जा एवं वाटरशेड विकास के 29 कार्य के लिए 172.58 लाख तथा परियोजना प्रबंधन इकाई के 1 कार्य के लिए 125.00 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
योजना के प्रथम वर्ष 2026-27 को क्रियान्वयन का निर्णायक वर्ष माना गया है। इस दौरान 25,555.55 लाख रुपये की लागत से 1,251 विकास कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। शिक्षा क्षेत्र में 337 कार्यों के लिए 4,891.08 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अंतर्गत धरमजयगढ़ में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) की स्थापना के लिए 640 लाख रुपये, मॉडल पब्लिक ट्रेनिंग सेंटर के लिए 800 लाख रुपये, चार सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना, चार नवीन आदिवासी छात्रावासों के निर्माण हेतु 496.80 लाख रुपये, 99 नए स्कूल भवन एवं अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए 1,000 लाख रुपये तथा 144 विद्यालयों के जीर्णोद्धार हेतु 300 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। भौतिक अधोसंरचना क्षेत्र में 141 कार्यों के लिए 4,338.06 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अंतर्गत सुकरी से कटकलिया मार्ग का निर्माण 411.05 लाख रुपये तथा बारमूड़ा से उकसापाली मार्ग का निर्माण 342.40 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। साथ ही 130 पुल-पुलियों एवं सड़क संपर्क कार्यों पर 1,525 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 56 कार्यों पर 3,505.41 लाख रुपये निवेश किए जाएंगे। धरमजयगढ़ में एक एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर तथा एक औषधीय जड़ी-बूटी प्रसंस्करण इकाई की स्थापना पर क्रमश: 1,000-1,000 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके अलावा पांच फसल भंडारण गोदामों के निर्माण हेतु 420 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 109 कार्यों पर 3,280.40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत 50 बिस्तरीय न्यूट्रिशनल रिहैबिलिटेशन सेंटर एवं नवजात शिशु देखभाल इकाई की स्थापना के लिए 768 लाख रुपये, सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ के उन्नयन के लिए 528 लाख रुपये, एक मॉडल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 280 लाख रुपये तथा 50 नए स्वास्थ्य भवन एवं अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए 750 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। पेयजल एवं स्वच्छता क्षेत्र में 262 कार्यों के लिए 3,144.20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। कुमरता समूह जल प्रदाय योजना पर 1,982.40 लाख रुपये व्यय होंगे। इसके अतिरिक्त 104 पाइपलाइन विस्तार कार्यों के लिए 312 लाख रुपये, 54 ग्रामीण नाली निर्माण एवं जल निकासी कार्यों के लिए 430 लाख रुपये तथा 42 सार्वजनिक एवं घरेलू शौचालयों के निर्माण के लिए 77.60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास तथा संवेदनशील वर्गों के कल्याण हेतु 185 कार्यों पर 2,204 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सीनियर सिटीजन वेलनेस सेंटर की स्थापना के लिए 904 लाख रुपये, 51 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 500 लाख रुपये, आठ रेडी-टू-ईट पूरक पोषण इकाइयों के लिए 460 लाख रुपये तथा 100 आंगनबाडिय़ों में पोषण वाटिका निर्माण के लिए 240 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। आजीविका, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े 160 कार्यों के लिए 4,067.40 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। खनन प्रभावित क्षेत्रों के आईटीआई संस्थानों के आधुनिकीकरण हेतु 412 लाख रुपये, 25 पशु चिकित्सा एवं कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों के लिए 375 लाख रुपये, नगाई जलाशय के जीर्णोद्धार के लिए 360 लाख रुपये तथा तमनार में पर्यावरण संरक्षण उद्यान के निर्माण हेतु 200 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना जैसी प्रमुख राष्ट्रीय योजनाओं के साथ अभिसरित किया गया है। साथ ही 125 लाख रुपये की लागत से एक समर्पित परियोजना प्रबंधन इकाई स्थापित की जाएगी, जो जियो-टैगिंग, डिजिटल डैशबोर्ड, मुख्य प्रदर्शन संकेतकों और नियमित समीक्षा के माध्यम से सभी कार्यों की सतत निगरानी करेगी। यह पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई दिशा तय करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन का आधार बनेगी तथा समावेशी एवं सतत विकास के नए मानक स्थापित करेगी।

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AD R.O. No. - 13843/16

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