CNIN News Network

कौशल विकास से बंदियों के पुनर्वास को नई दिशा, प्रदेश के जिला जेलों में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल को मिल रही गति

03 Jul 2026   9 Views

कौशल विकास से बंदियों के पुनर्वास को नई दिशा, प्रदेश के जिला जेलों में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल को मिल रही गति

Share this post with:

00 जिला जेल सूरजपुर में 12 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम
सूरजपुर। राज्य में बंदियों के पुनर्वास, कौशल उन्नयन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में जिला जेल सूरजपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) द्वारा 12 दिवसीय कौशल विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 35 बंदियों को अगरबत्ती निर्माण एवं साबुन निर्माण का व्यावहारिक, तकनीकी एवं उद्यमिता आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को रोजगारपरक कौशलों से सशक्त बनाते हुए रिहाई के उपरांत सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को उत्पादन आधारित गतिविधियों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सकारात्मक जीवन की नई शुरुआत कर सकें।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अगरबत्ती एवं साबुन निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है, जिसमें कच्चे माल का चयन, उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, मशीनों एवं उपकरणों का सुरक्षित उपयोग, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन, लागत निर्धारण तथा लघु उद्योग स्थापना से संबंधित विषय शामिल हैं। इसके साथ ही बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय साक्षरता, बचत, ऋण सुविधाओं, सरकारी स्वरोजगार योजनाओं तथा उद्यमिता विकास संबंधी पहलुओं पर भी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ आत्मविश्वास, अनुशासन, समय प्रबंधन, टीम भावना और स्वावलंबन की भावना विकसित करना है, ताकि वे रिहाई के पश्चात स्वयं का रोजगार स्थापित कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें।
जेल प्रशासन के अनुसार कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों के पुनर्वास की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहे हैं। ऐसे प्रयास बंदियों को नया जीवन प्रारंभ करने का अवसर प्रदान करते हैं तथा उन्हें समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।
आरएसईटीआई के अधिकारियों ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। इसी उद्देश्य के अनुरूप विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित संचालन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से युवाओं, महिलाओं एवं विशेष वर्गों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13843/16

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web