Share this post with:
सुकमा। जिले के कोंटा स्थित मदर टेरेसा ज्योति कॉन्वेंट स्कूल में एक शिक्षिका के धार्मिक पहनावे को लेकर बुधवार को विवाद खड़ा हो गया है। शारदीय नवरात्र के दौरान लाल वस्त्र और भवानी माला धारण कर विद्यालय पहुंचीं शिक्षिका लक्ष्मी प्रसन्ना को कथित तौर पर स्कूल आने से रोकने का मामला सामने आया है।घटना की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद हिंदू समाज के लोगों ने स्कूल पहुंचकर कड़ा विरोध जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से चर्चा कर शांति बनाए रखने की अपील की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षिका लक्ष्मी प्रसन्ना पिछले करीब 15 वर्षों से उक्त संस्था में सेवाएं दे रही हैं। शारदीय नवरात्र के दौरान उन्होंने धार्मिक परंपरा के अनुसार लाल वस्त्र धारण किए थे। आरोप है कि विद्यालय के प्राचार्य ने उनके इस पहनावे पर आपत्ति जताते हुए लाल कपड़ों में स्कूल नहीं आने को कहा। शिक्षिका ने इसे धार्मिक दीक्षा का हिस्सा बताते हुए अपनी बात रखी, लेकिन विवाद बढ़ गया। बताया जा रहा है कि इससे आहत शिक्षिका ने इस्तीफा देने की बात कही और संस्था को अपना त्यागपत्र सौंप दिया।
घटना की जानकारी फैलने के बाद हिंदू समाज के लोग स्कूल पहुंचे और प्राचार्य के कथित रवैये पर नाराजगी जताई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति को शांत करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी एसके. दीप और थाना प्रभारी शिवानंद तिवारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से बातचीत कर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की। विरोध जता रहे लोगों का आरोप है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में भेदभावपूर्ण रवैया नहीं अपनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि शिक्षिका की धार्मिक मान्यता और पहनावे को लेकर इस तरह की आपत्ति से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
विरोध के दौरान हिंदू समाज के लोगों ने विद्यालय की कार्यप्रणाली पर अन्य सवाल भी उठाए। उनका आरोप है कि बसंत पंचमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर विद्यालय बंद रखा जाता है, जबकि इस पर्व का शैक्षणिक और सांस्कृतिक महत्व है। लोगों ने सवाल किया कि विद्यालय में पढऩे वाले अधिकांश विद्यार्थी हिंदू समुदाय से हैं, ऐसे में उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान क्यों नहीं किया जाता। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि संस्था में शिक्षा विभाग के लागू नियमों और शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा धार्मिक आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव की शिकायत की निष्पक्ष जांच हो। कुछ लोगों ने विद्यालय परिसर में देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित करने की मांग भी उठाई।
विवाद के बाद हिंदू समाज के लोगों ने विद्यालय की विभिन्न कमियों और अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इस संबंध में जिला कलेक्टर के नाम खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संस्था की कार्यप्रणाली की जांच और आवश्यक सुधार कराने की मांग की गई है। वहीं संस्था के उच्च पदाधिकारी फादर के समक्ष भी मामले को रखने और आगे की चर्चा करने की बात कही गई। फिलहाल, मामले में प्रशासनिक स्तर पर बातचीत और समाधान का प्रयास जारी हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग आरोपों की जांच कर क्या कदम उठाता है और शिक्षिका के इस्तीफे तथा धार्मिक पहनावे से जुड़े विवाद का किस प्रकार समाधान निकाला जाता है।
Share this post with:
14 Oct 2026 9 Views
14 Oct 2026 8 Views
14 Oct 2026 10 Views
13 Oct 2026 18 Views
12 Oct 2026 258 Views
11 Oct 2026 303 Views
10 Oct 2026 283 Views
10 Oct 2026 310 Views