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00 65 एकड़ जलक्षेत्र में विकसित हैचरी में तेलापिया, पगेशियस एवं रोहु प्रजाति के सालाना 11 करोड़ मत्स्य बीज का उत्पादन
00 हैचरी से उन्नत किस्म के मत्स्य बीज का मध्यप्रदेश, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल में विक्रय
रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने बलौदाबाजार भाटापारा जिले के अंतर्गत ग्राम रामपुर स्थित एमएम मत्स्य हेचरी का निरीक्षण किया। उन्होंने हेचरी के विभिन्न यूनिट का अवलोकन करते हुए मत्स्य बीज उत्पादन की जानकारी ली। हैचरी में आधुनिक पद्धति से मत्स्य बीज उत्पादन एवं विपणन प्रक्रिया की सराहना की।

मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एमएम हेचरी से वर्ष 2024 में मत्स्य बीज का उत्पादन प्रारम्भ हुआ है। यहां मोनोसेक्स तिलापिया प्रजाति की मत्स्य बीज उत्पादन इकाई लार्ज आरएएस, मिडिल आरएएस इकाई, मछली जेनेटिक्स सेंटर विकसित है। हेचरी में प्रमुख रूप से मोनोसेक्स तिलापिया मछली बीज का उत्पादन किया जाता है। 65 एकड़ जल क्षेत्र में विकसित हैचरी में मत्स्य बीज संवर्धन कर फ्राई एवं फिंगर लिंग तैयार कर विक्रय किया जा रहा है।
प्रतिवर्ष उन्नत किस्म के मोनोसेक्स तिलापिया 4 करोड़, पगेशियस 3 करोड़ एवं भारतीय प्रमुख सफर (रोहु, कतला, मृगल ) 4 करोड़ मत्स्य बीज का उत्पादन किया जा रहा है। हैचरी से उन्नत किस्म के मत्स्य बीज को छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल इत्यादि राज्यों में विक्रय किया जाता है। इस दौरान संचालक मछलीपालन विभाग श्री एमएस नाग, सहायक संचालक मछली पालन विनोद कुमार वर्मा, एमएम हेचरी संचालक दीपांशु मण्डल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
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