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00 दावा-आपत्ति का नियत समय दिए जाने के बाद भी चुप्पी साधने वाले मोहम्मद अकबर अब प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सवाल क्यों उठा रहे हैं? - मिश्रा
रायपुर। पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने कहा कि चुनाव में करारी शिकस्त और जनसमर्थन खोने के बाद अब कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर ठीकरा फोड़कर अपनी राजनीतिक नाकामी छिपाने का प्रयास कर रही है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस की यह पुरानी साइकोलॉजी रही है कि जब भी देश या राज्य की जनता उन्हें खारिज करती है, वे निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करके जनता में भ्रम और अविश्वास फैलाने का काम शुरू कर देते हैं।
डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट तथ्य सामने रखते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया अत्यन्त पारदर्शी, नियमबद्ध और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत सम्पन्न हुई है। प्रक्रिया के तहत शिफ्टेड, एब्सेंट और अन्य श्रेणीबद्ध मतदाताओं की सूची जिला स्तर, विधानसभा स्तर और बूथ स्तर पर पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी थी। इस सूची को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) द्वारा विधिवत स्वीकार किया जा चुका है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि इसके आधिकारिक प्रमाण कलेक्ट्रेट कार्यालय, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय और निर्वाचन आयोग के पास विधिवत दर्ज हैं। प्रामाणिक दस्तावेजों के आधार पर सूची स्वीकार करने के बावजूद, अब कांग्रेस द्वारा सार्वजनिक रूप से ऐसे अनर्गल और भ्रामक बयान देना पूरी तरह से गलत, गैर-जिम्मेदाराना और उनकी राजनीतिक हताशा का परिचायक है।
उन्होंने ने तीखा सवाल दागा कि जब भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियमानुसार दावा-आपत्ति का पर्याप्त समय दिया गया था और पूरी पारदर्शिता के साथ दावा-आपत्ति की प्रक्रिया चलाई जा रही थी, तब कई बार के विधायक और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर समय पर दावा-आपत्ति दर्ज करने के बजाय क्या कर रहे थे? क्या वे इस बात का इंतजार कर रहे थे कि पूरी प्रक्रिया समाप्त हो जाए ताकि बाद में केवल राजनीतिक नौटंकी और धरना-प्रदर्शन किया जा सके? जब नियत समय पर आपत्तियाँ दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर था, तब उन्होंने आपत्ति क्यों नहीं की? डॉ. मिश्रा ने कहा कि निर्धारित समय और प्रक्रिया के तहत नियमों का पालन करने के बाद अब केवल जनमानस में भ्रांतियाँ फैलाना कांग्रेस का सुविचारित एजेण्डा है। कांग्रेस का वास्तविक उद्देश्य किसी मतदाता के अधिकार की रक्षा करना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर संवैधानिक व्यवस्थाओं पर अविश्वास पैदा कर माहौल खराब करना है।
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