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कांकेर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कांकेर ने सेवा में कमी और लापरवाही के मामले में महिंद्रा ट्रेवल्स को दंडित किया है। माहुरबंद पारा निवासी उत्कर्ष राठौर महिंद्रा ट्रेवल्स की बस से जगदलपुर जा रहे थे, तब उनके कीमती सामान और दस्तावेजों से भरा सूटकेस बस की डिक्की से गायब हो गया। कंडक्टर द्वारा सामान किसी अन्य यात्री को दे देने का तर्क दिया गया, लेकिन पुलिस और ट्रेवल्स प्रबंधन से कोई ठोस मदद न मिलने पर पीडि़त को उपभोक्ता आयोग की शरण लेनी पड़ी।
महिंद्रा ट्रेवल्स ने अपना बचाव करते हुए दलील दी कि सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं यात्री की है। हालांकि आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल और सदस्य डाकेश्वर सोनी की बेंच ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने अपने फैसले में कहा कि चूंकि डिक्की का नियंत्रण बस चालक और कंडक्टर के पास होता है, इसलिए डिक्की में रखे सामान की सुरक्षा का नैतिक और कानूनी दायित्व पूरी तरह से सेवा प्रदाता का है।
आयोग ने ट्रेवल्स को सूटकेस में मौजूद सामान की कीमत 85,672 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। इस राशि पर वाद प्रस्तुति की तिथि से 6 प्रतिशत साधारण ब्याज देय होगा। यदि एक माह के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है, तो ब्याज दर बढ़कर 9प्रतिश हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, पीडि़त को मानसिक पीड़ा के लिए 5 हजार रुपये और वाद खर्च के रूप में 5 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। यह फैसला उन यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है जिन्हें अक्सर यात्रा के दौरान सामान खोने की स्थिति में ट्रेवल्स के रवैये का शिकार होना पड़ता है।
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