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कांकेर। जिले के अंतागढ़ विकासखंड अंर्तगत ग्राम सरंडी शासकीय आदिवासी बालक छात्रावास में पढऩे वाले छात्र की मौत हो गई। 14 साल का मृतक छात्र कक्षा 9वीं में पढ़ता था। मृतक छात्र करण गोटा ग्राम महुरपाठा का रहने वाला था। छात्र के परिजनों ने अपने बेटे की मौत की जांच की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि छात्रावास प्रबंधन की लापरवाही के चलते उनके बच्चे की जान गई।
परिजनों का कहना है कि बीते मंगलवार को वो बच्चे को छात्रावास छोड़कर गए थे, बुधवार के दिन बच्चे की तबीयत खराब हुई तो वो खुद नदी पार कर आयुष्मान केंद्र पहुंचा। वहां जांच के दौरान पता चला कि उसे मलेरिया है, प्राथमिक उपचार और दवा लेने के बाद छात्र वापस हॉस्टल आ गया।
बुधवार रात करीब 9 बजे उसकी तबीयत फिर खराब हो गई, परिजनों का आरोप है कि उस वक्त छात्रावास अधीक्षक वहां मौजूद नहीं थे। साथी छात्रों ने करण के बीमार होने की जानकारी रसोइए को दी। परिजनों का आरोप है कि उनके बच्चे को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उन्हे बच्चे की तबीयत खराब होने की सिर्फ खबर दी गई थी। जब वो गुरुवार को छात्रावास पहुंचे तब उनको बताया गया कि उनके बच्चे की मौत हो चुकी है।
छात्रावास प्रभारी अधीक्षक सतीश मरकाम के अनुसार छात्र मलेरिया पॉजिटिव था, लेकिन स्थिति गंभीर नहीं थी। 14 तारीख को करण अपने भाई के साथ छात्रावास पहुंचा था। बैग रखकर वह स्कूल गया, लेकिन स्कूल में सिर दर्द होने पर प्राचार्य से छुट्टी लेकर छात्रावास वापस आ गया। उसके साथी उसे पास के उप स्वास्थ्य केंद्र ले गए, वहां जांच में मलेरिया निकला और इलाज किया गया। हमने उसके पालक से संपर्क किया और बताया कि बच्चे को मलेरिया है, घर ले जाना है तो ले जा सकते हैं, लेकिन पिता ने कहा वहीं रहने दो. अधीक्षक के मुताबिक उस दिन छात्र ने शाम को खाना खाया और साथियों से बातचीत भी की. स्थिति सामान्य लग रही थी7 15 तारीख को छात्र स्कूल नहीं गया और हॉस्टल में आराम कर रहा था, तबीयत खराब होने पर साथी उसे फिर अस्पताल ले गए। चेकअप के बाद वापस आकर उसने शाम को भी खाना खाया और पालक से बात कराई गई। रात को उसने दवाई खाई और सोय, सुबह जब साथियों ने उसे उठाने की कोशिश की तो कोई हलचल नहीं थी। फिर प्यून ने मुझे फोन पर सूचना दी, मैं पहुंचा तो बच्चा मृत अवस्था में था। अधीक्षक ने बताया कि मौत के बाद उन्होंने तुरंत उच्च अधिकारियों और पालक को सूचना दी। पालक मौके पर पहुंचे और शव को घर ले गए, सरपंच और गांव के लोगों को भी जानकारी दी गई।
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