CNIN News Network

कर्म ऐसा करो कि अपनी भक्ति पर भी गौरव हो - इन्द्रेश महाराज

27 Sep 2026   71 Views

कर्म ऐसा करो कि अपनी भक्ति पर भी गौरव हो - इन्द्रेश महाराज

Share this post with:

0- कथा स्थल में सुनी गई मन की बात गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज
0- एक जगह सर्वाधिक लोगों ने डिजिटल ब्राडकास्ट माध्यम से सुनी मन की बात 
रायपुर। व्यासपीठ से आज फिर भागवताचार्य इन्द्रेश जी महाराज ने युवाओं से अपील की, पढ़ लिखकर यदि आप डाक्टर, इंजीनियर, आईएएस बन गए तो आपको अपनी भक्ति का गौरव होगा कि मैने इस माध्यम से भी ठाकुरजी को पा लिया। पहले अपने कर्म का निवर्हन करो। आप कलयुग में जी रहे हैं इसके लिए उसका भी सम्मान करो। कहने का तात्पर्य यह है कि अध्ययन को पहली प्राथमिकता दो, नाम जाप कथा अध्ययन की वजह से छूट रहा ये न सोंचे, बल्कि ये टारगेट कर चलें कि 90 से 99 प्रतिशत के बीच का परिणाम लाएंगे। इसके लिए पढ़ाई को ये मान कर चलें कि माला भगवान की ही जप रहे हैं तो ठाकुर जी जरूर मिलेंगे। कर्म करके मैने स्वंय को पा लिया,यह मानकर अपना लक्ष्य तय करें। कोई बहाने न करें पूरे मन व लगन से पढ़ाई करें। वहीं आज डिजिटल ब्राडकास्ट माध्यम से एक ही जगह पर सर्वाधिक लोगों ने मन की बात सुनी और रायपुर में आज भागवत कथा स्थल इसके लिए माध्यम बना। जो कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया। श्री इन्द्रेश जी महाराज व सांसद तरुण चुघ के माध्यम से रायपुर जिला भाजपा इकाई और आयोजन समिति को यह प्रमाण पत्र सौंपा गया। 

कर्म ऐसा करो कि अपनी भक्ति पर भी गौरव हो - इन्द्रेश महाराज

पढ़ाई व भक्ति के संदर्भ को लेकर इन्द्रेश जी बताया कि एक बालिका एमबीबीएस की पढ़ाई इसी माध्यम से पूरी की और डाक्टर बनने के बाद अपना क्लीनिक वृंदावन में खोला और लोगों को नि:शुल्क चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। किसी कथा, धार्मिक या तीर्थ स्थान पर किसी को बद्दुआएं दे रहे हैं तो इसका अपराध आपको ही उलट कर लगता है। हैं कुछ लोग आज भी ऐसे है जिनको पीड़ा होती है कि आखिर वह इतना खुश क्यों हैं, सुंदर क्यों हैं, तरक्की क्यों कर रहा है। ध्यान रखें समझदार, सामथ्र्यवान व तपस्वी व्यक्ति कभी किसी को बद्दुआ नहीं देते हैं।

कर्म ऐसा करो कि अपनी भक्ति पर भी गौरव हो - इन्द्रेश महाराज

मन की बात कार्यक्रम, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज
इस भागवत कथा की एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि कथा स्थल पर उपस्थित लोगों ने सुनी मन की बात, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया। पहली बार ऐसा हुआ कि किसी डिजिटल ब्राडकास्ट के माध्यम से एक ही जगह पर सर्वाधिक लोगों ने मन की बात कार्यक्रम सुना। श्री इन्द्रेश जी महाराज व सांसद तरुण चुघ के माध्यम से रायपुर जिला भाजपा इकाई और आयोजन समिति को गोल्डन बुक की टीम ने यह प्रमाण पत्र सौंपा। बता दें रविवार सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण कथा स्थल पर श्रद्धालुजनों ने किया। जिसमें मुख्य रुप से राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी तरुण चुघ, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा व मोतीलाल साहू एवं संत युधिष्ठिर, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर, गुंजन प्रजापति भी उपस्थित रहे। 

कर्म ऐसा करो कि अपनी भक्ति पर भी गौरव हो - इन्द्रेश महाराज

कथा के सफल आयोजन का श्रेय श्रद्धालुओं को
देवेन्द्रनगर मंडी मैदान में सात दिन चली श्रीमद्भागवत कथा के सफल आयोजन का श्रेय मुख्य सेवादार गुंजन प्रजापति ने सभी श्रद्धालु भक्तजनों को दिया जिनके भक्ति भाव से यह संभव हो पाया। उनके साथ लगे चार सौ सेवादार, पुलिस प्रशासन, मीडिया समेत प्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रुप से सहयोगी बने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रायपुर वासियों के लिए सौभाग्य का विषय रहा कि पहली बार श्री इन्द्रेश जी महाराज के कथा श्रवण करने का पुण्य लाभ मिला। 
रो पड़े श्रद्धालु
कथा विश्राम के अंतिम दिन जब इन्दे्रश जी महाराज ने कहा कि कथा को आत्मसात भी करना, सात दिनों तक आप यहां किसी मनोरंजन में नहीं आ रहे थे। कथा में तो वे कई जगहों पर गए हैं पर रायपुर के लोगों का जो भक्तिभाव व स्नेह देखा वह कहीं और नहीं,ये हमेशा बनाये रखें। व्यासपीठ छोडऩे से पहले जब उन्होने फिर गाया कि जगन्नाथ चका नैन.. तू न संभाले तो हमें कौन संभाले, हम सब के प्रभु जगन्नाथ.. तो श्रद्धालुओं के आंसू बहने लगे। तब महराजश्री ने समझाया इन आंसूओं को संभाल कर रखो, भगवत भक्ति के साथ सद्कर्म के मार्ग पर चलो। काम ऐसा करो कि लोग तुम्हे याद करें, तुम्हारा सम्मान करें। जय श्री राधे..।

कर्म ऐसा करो कि अपनी भक्ति पर भी गौरव हो - इन्द्रेश महाराज

अगले तीन वर्षों के लिए कथा करने का मिला आमंत्रण
व्यासपीठ से इन्द्रेश जी महाराज ने बताया कि छत्तीसगढ़ वालों का अपार स्नेह है कि आज तो कथा समाप्त कर वे जा रहे हैं लेकिन अगले तीन वर्षो 2027, 2028 और 2029 में कथा करने के लिए उन्हे आमंत्रण मिल चुका है। वे इन वर्षों में आप सबके बीच कथा श्रवण कराने पुन: आएंगे।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13997/18

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web