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कर अधिकारी केवल व्यवसाय स्थल पर पहुँचकर अभिलेखों, लेखा-पुस्तकों, कम्प्यूटर डाटा तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का निरीक्षण एवं परीक्षण कर सकते हैं - सीए तारवानी

01 Jul 2026   28 Views

कर अधिकारी केवल व्यवसाय स्थल पर पहुँचकर अभिलेखों, लेखा-पुस्तकों, कम्प्यूटर डाटा तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का निरीक्षण एवं परीक्षण कर सकते हैं - सीए तारवानी

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रायपुर। जेसीआई रायपुर मेट्रो द्वारा सिंधी पंचायत भवन, तिल्दा कैम्प में वस्तु एवं सेवा कर एवं आयकर संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारियों, उद्योगपतियों, उद्यमियों, कर सलाहकारों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात कर विशेषज्ञ सीए चेतन तरवानी रहे, जिन्होंने वस्तु एवं सेवा कर तथा आयकर से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों को अत्यंत सरल एवं व्यावहारिक भाषा में प्रस्तुत किया।

इस कार्यक्रम का सफल आयोजन  अध्यक्ष जेसी तरुण बत्रा, पूर्व अध्यक्ष जेसी सोनू पंजवानी , कार्यक्रम निदेशक जेसी दीपक मेघानी तथा कार्यक्रम निदेशक जेसी गिरीश चंद्रवंशी के कुशल मार्गदर्शन एवं सक्रिय सहयोग से संपन्न हुआ। सभी पदाधिकारियों ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से कर संबंधी सही जानकारी समाज तक पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।

संगोष्ठी का प्रमुख आकर्षण वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 71 तथा धारा 67 के बीच के महत्वपूर्ण अंतर पर विस्तृत चर्चा रही। सीए चेतन तरवानी ने बताया कि वर्तमान समय में अनेक व्यापारी धारा 71 के अंतर्गत होने वाली कार्यवाही को धारा 67 के अंतर्गत होने वाली तलाशी की कार्यवाही समझ लेते हैं, जबकि दोनों धाराओं का उद्देश्य, प्रक्रिया एवं कानूनी स्वरूप पूर्णत: भिन्न है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धारा 71 के अंतर्गत कर अधिकारी केवल व्यवसाय स्थल पर पहुँचकर अभिलेखों, लेखा-पुस्तकों, कम्प्यूटर डाटा तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का निरीक्षण एवं परीक्षण कर सकते हैं। इसके विपरीत धारा 67 के अंतर्गत यदि सक्षम अधिकारी के पास उचित आधार उपलब्ध हो, तो निरीक्षण, तलाशी एवं आवश्यक होने पर माल, अभिलेख अथवा अन्य वस्तुओं की जब्ती की कार्यवाही की जा सकती है। अत: प्रत्येक व्यापारी के लिए यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि उसके प्रतिष्ठान पर किस धारा के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है तथा उस स्थिति में उसके अधिकार एवं दायित्व क्या हैं।

मुख्य वक्ता ने उपस्थित व्यापारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की विभागीय कार्यवाही के दौरान घबराने के बजाय कानून की सही जानकारी रखते हुए पूर्ण सहयोग करना चाहिए। उन्होंने अभिलेखों के नियमित संधारण, समय पर विवरणियाँ प्रस्तुत करने, कर दायित्वों के पालन तथा विधिक प्रावधानों की जानकारी रखने पर विशेष बल दिया।

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