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जगदलपुर। बस्तर जिले के इंद्रावती नदी के आस-पास के गांवों में भारी जलभराव हुआ तथा कई परिवारों के कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। क्षतिग्रस्त मकानों में रहने वाले परिवारों को राहत प्रदान करने हेतु एनएमडीस ने 18म24 फीट के उच्च गुणवत्ता वाले तिरपाल वितरित किए जा रहा है। एनएमडीस की इस पहल का त$करीबन एक हज़ार ग्रामवासियों को इसका लाभ मिलेगा। आज 29 अक्टूबर 2026 को एनएमडीसी के ईडी एवं बस्तर सांसद महेश कश्यप द्वारा कृष्पाल गांव (जनपद पंचायत बस्तर) में 200 तिरपाल वितरित किए गए। वहीं बड़े चकवा ग्राम पंचायत एवं घाटगनौरा गांव (जनपद पंचायत बस्तर) में भी 200 तिरपाल वितरित किए गए। प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने हेतु 600 अतिरिक्त तिरपालों का वितरण आगे प्रस्तावित है।
बस्तर सांसद महेश कश्यप ने एनएमडीसी की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि चक्रवाती तुफान से हाल ही में आये बाढ़ की आपदा से निपटने में एनएमडीसी ने विशेष भूमिका निभाई और बस्तरवासियों के लिए एक मज़बूत सहारा बन कर सामने आयी। एनएमडीसी के चेयरमैन ने हमारे बात सुनते ही ततपर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया और 04स्पीड बोट दिए। आज भी जब हम बाढ़ पीडि़तों के पुनर्वास कार्य में लगे हैं। इस दौरान एनएमडीस ने 18म24 फीट के उच्च गुणवत्ता वाले तिरपाल वितरित कर एनएमडीसी अग्रसर होकर हमारा साथ दे रहा है।
एनएमडीसी स्टील प्लांट, नगरनार के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं प्रमुख प्रमोद कुमार ने कहा कि बस्तर के लोगों ने प्रकृति की इस मार का बहादुरी से सामना किया और वे अब अपने जीवन को फिर से संवार रहे हैं। हमें खुशी है कि ग्रामीणों को अपना जीवन फिर से बसाने में भी एनएमडीसी सहभागी हो सका। ज्ञात हो कि बाढ़ के दौरान बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए एनएमडीसी ने जिला प्रशासन को 04 जीवन रक्षक स्पीड बोट उपलब्ध कराए थे। इसके अलावा, एनएमडीसी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता हेतु राशन सामग्री और पानी का भी वितरण किया था।
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