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रायपुर। खेती-किसानी को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में राजनांदगांव जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत एक ही दिन में 5 हजार से अधिक किसानों का फार्मर लैंड आईडी (एग्रीस्टेक) पंजीयन एवं सत्यापन कराया गया। अभियान का उद्देश्य किसानों के भूमि रिकॉर्ड को अद्यतन कर आगामी धान खरीदी, डिजिटल गिरदावरी और विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराना है।

अभियान के दौरान कृषि, राजस्व और पंचायत विभाग ने समन्वित रूप से कार्य किया। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, ग्राम सचिव तथा अन्य मैदानी अमले ने किसानों से संपर्क कर उन्हें निकटतम सेवा सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र और चॉइस सेंटर तक पहुंचाया। यहां किसानों की फार्मर लैंड आईडी में छूटे हुए खसरे, भूमि के रकबे तथा अन्य आवश्यक जानकारियों का सत्यापन और सुधार किया गया। इसके लिए सेवा सहकारी समितियों में विशेष रूप से ऑपरेटर भी तैनात किए गए।
कृषि विभाग के अनुसार जिन किसानों की फार्मर लैंड आईडी में सभी खसरे या भूमि का पूरा रकबा दर्ज नहीं है, उनके डिजिटल भूमि रिकॉर्ड अधूरे माने जाएंगे। इससे भविष्य में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डिजिटल गिरदावरी), धान खरीदी और विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने में तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि उनकी फार्मर लैंड आईडी में किसी भी खसरे या भूमि के रकबे की प्रविष्टि छूट गई हो, तो वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने निकटतम सेवा सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र अथवा चॉइस सेंटर पहुंचकर समय रहते सत्यापन एवं आवश्यक सुधार अवश्य करा लें।
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