CNIN News Network

आवारा श्वान के नियंत्रण के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में स्थापित होगा ऐनीमल बर्थ कन्ट्रोल सेन्टर : मंत्री नेताम

17 Apr 2026   5 Views

आवारा श्वान के नियंत्रण के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में स्थापित होगा ऐनीमल बर्थ कन्ट्रोल सेन्टर : मंत्री नेताम

Share this post with:


00 अब जनजातीय क्षेत्रों के सभी महिला हितग्राहियों को मिलेगा दुधारू गाय, आय में होगी वृद्धि
00 घुमंतू गौ-वंशीय पशुओं के संरक्षण एवं सर्वधन के लिए तेजी के साथ गौधाम निर्माण के निर्देश
00 जलवायु के अनुकूल पशुओं के संवर्धन के लिए भारतीय नस्ल और कृत्रिमगर्भाधान को दिया जाए बढ़ावा
00 पशुधन मंत्री श्री नेताम ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा
रायपुर। पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि “पशु जन नियंत्रण (श्वान)” के तहत आवारा श्वानों के नियंत्रण के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में नगरीय निकायों के सहयोग से एनीमल बर्थ कन्ट्रोल सेन्टर स्थापित किया जायेगा। इन सेन्टरों में श्वान जन्म को नियंत्रित करने नसबंदी अभियान चलाया जायेगा, वही श्वान के काटने से होने वाले रैबीज बीमारी को रोकने श्वानों का टीकाकरण भी किया जायेगा। मंत्री श्री नेताम ने उक्त बातें मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कही।
पशुधन मंत्री श्री नेताम नें बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जनजातीय क्षेत्रों के सभी महिला हितग्राहियों को दुधारू गाय दिया जायेगा इससे आय में वृद्धि होगी और महिलाएं आर्थिक रूप सशक्त होंगे। उन्होंने बताया कि मीठा और पौष्टिक आहार के साथ-साथ नियमित रूप से आय का साधन उपलब्ध कराने तथा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहले हमारी सरकार दुधारू गाय वितरण की योजना बस्तर क्षेत्र के जनजातीय महिलाओं के लिए प्रारंभ किया था। अब इसे विस्तार करते हुए राज्य में जनजातीय क्षेत्रों के सभी वर्गों के महिला हितग्राहियों को दुधारू गाय दिया जायेगा। इसके लिए राज्य सरकार एनडीडीबी से समझौता किया हुआ है। उन्होंने इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। 
मंत्री श्री नेताम ने बैठक में कहा कि प्रदेश के जलवायु के अनुकुल भारतीय नस्ल के अलग-अलग किस्मों के गायों का वितरण किया जाना सुनिश्चित हो ताकि गौ-वंशी पशुओं के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि हो सके। हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली पशु-पक्षियों को जरूरतमंद हितग्राहियों को चयन कर लाभान्वित भी किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं में होने वाले विभिन्न संक्रमण रोगांे के नियंत्रण के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाए जिससे आकस्मिक होने वाले पशुधन हानि को रोका जा सके। 
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गौधाम योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य प्रमुख मार्गों में विचरण करने वाले घुमंतु गौ-वंशीय पशुओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पशुओं को गौधामों में व्यवस्थापित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 36 गौधाम स्वीकृत कर 32 गौधाम पंजीकृत हो चुके है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पशु संवर्धन कार्यक्रम कृत्रिम गर्भाधान एवं वत्सोंत्पादन का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। कृत्रिम गर्भाधान का क्षेत्र विस्तार हेतु परिवहन आदि का भी सुचारू व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किये गये हैं। वहीं राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सेक्स शॉर्टेज सीमंेन से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2026-27 मंे इसके लिए हितग्राही अंशदान में छूट दिए जाने का प्रावधान किया गया है। 
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि पशु दुर्घटना को रोकने तेजी के साथ गौधाम स्थापित कर वहां गौ-वंशों को व्यवस्थापित तथा कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती सहला निगार, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं श्री चंद्रकांत वर्मा, कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थें।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13766/84

AD R.O. No. - 13404/21

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web