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रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के तारांकित प्रश्न के जवाब में विधानसभा में घोषणा की कि आगामी नए शिक्षा सत्र से आत्मानंद स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। नए सत्र से आत्मानंद स्कूल में प्री नर्सरी कक्षाएं नहीं चलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि डीएलएफ फंड का प्रावधान बदलने से प्री प्राइमरी के टीचर भी हटाए जा सकते है।
नेताप्रतिपक्ष महंत ने अपने आज के और पूर्व में सीएम साय के उत्तर के हवाले से कहा था कि आज बताया गया है कि प्रदेश में 430 आत्मानंद स्कूल संचालित हैं और सीएम ने दिसंबर 24 में बताया था कि कुल 751 स्कूल हैं। कौन सही है। मंत्री यादव ने कहा कि दोनों ही सही है 403 अंग्रेजी और 348 हिंदी मीडियम के आत्मानंद स्कूल हैं। महंत ने पूछा कि इनमें प्री प्रायमरी कितने हैं। श्री यादव ने कहा कि 54 स्कूलों में अंग्रेजी प्री प्रायमरी है। महंत ने पूछा कि क्या इन स्कूलों के शिक्षकों को निकाला जा रहा है। मंत्री ने बताया कि अभी निकालने का आदेश नहीं दिया गया है। चूंकि इन स्कूलों को वित्त विभाग से मंजूरी नहीं मिली थी कि तो इन्हें स्थानीय व्यवस्था के तहत कलेक्टरों के जरिए डीएमएफ से संचालित किया जा रहा था। अब डीएमएफ के नियम बदल गए हैं। इसलिए नए सत्र से इन्हें बाकी आत्मानंद स्कूल की तरह संचालित किया जाएगा।
महंत ने कहा कि बिलासपुर में 18, बेमेतरा में 4 समेत अन्य स्कूलों में भी शिक्षकों को निकाला गया है इसका आधार क्या है? ये स्कूल डीएमएफ मद से चल रहे थे और अब नियम बदल गए हैं। हमने तय किया है कि नए सत्र से इन आत्मानंद स्कूलों में नए एडमिशन नहीं लिए जाएंगे।
महंत ने बाल वाटिका नाम से नए स्कूल खोलने की स्थिति पूछी। मंत्री यादव ने बताया कि बाल वाटिका नहीं बालवाडिय़ां खोले जाएंगे। यह नई शिक्षा नीति के तहत 11 हजार खोले जाएंगे।
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