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00 प्रोफेसर सहित 5 छात्र गिरफ्तार, 12 हजार में खरीदा प्रश्नपत्र
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की परीक्षा से करीब 2 घंटे पहले प्रश्नपत्र लीक मामले में रायपुर क्राइम ब्रांच पुलिस ने भारती कॉलेज के प्रोफेसर सहित 5 छात्रों अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार छात्रों ने 12 हजार कीमत चुकाकर यह पेपर खरीदा था। छात्रों को यह पेपर 2 घंटे पहले व्हाट्सएप पर मिला। आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल बरामद किए गए हैं। मामले में 2 अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए लगातार टीमें काम कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर पूरे पेपर लीक कांड का खुलासा किया।
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए रायपुर क्राइम डीसीपी स्मृतिक राजनाला ने बताया कि, इस मामले में दुर्ग के भारती कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने प्रोफेसर के साथ उन 5 छात्रों को भी गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कथित तौर पर 12 हजार रुपये में लीक हुआ प्रश्नपत्र खरीदा था। इस तरह पुलिस ने मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बंद लिफाफे से ऐसा हुआ पेपर स्कैन
डीसीपी स्मृतिक राजनाला ने बताया कि पेपर को बहुत ही शातिर दिमाग से स्कैन किया गया। प्रश्नपत्र को सीधे लिफाफा खोलकर नहीं निकाला गया, बल्कि बेहद शातिर तरीके से एंडोस्कोपिक कैमरे की मदद से बंद लिफाफे के अंदर मौजूद प्रश्नपत्र को स्कैन किया गया। इसके बाद प्रश्नपत्र की तस्वीरें/कॉपी तैयार कर उसे आगे पहुंचाया गया और परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले व्हाट्सएप के जरिए वायरल कर दिया गया।
प्रोफेसर पर मास्टरमाइंड होने का आरोप
पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले में दुर्ग के भारती कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया की अहम भूमिका सामने आई है। जांच में पुलिस को पता चला कि लीक हुए प्रश्नपत्र को आगे छात्रों तक पहुंचाया गया था। इसके बाद 5 छात्रों ने कथित तौर पर 12-12 हजार रुपये देकर प्रश्नपत्र खरीदा। पुलिस ने इन पांचों छात्रों को भी गिरफ्तार कर लिया है। अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रश्नपत्र लीक करने की पूरी योजना कैसे बनाई गई और इसमें अन्य कोई व्यक्ति शामिल है या नहीं।
परीक्षा से 2 घंटे पहले व्हाट्सएप पर वायरल हुआ पेपर
परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। जब परीक्षा केंद्र पर विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र बांटा गया, तो वायरल किए गए पेपर से उसका मिलान हो गया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची।
6 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क की तलाश
रायपुर क्राइम पुलिस ने मामले में अब तक कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कथित मास्टरमाइंड प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया और प्रश्नपत्र खरीदने वाले 5 छात्र शामिल हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र किस स्तर से हासिल किया गया, इसे स्कैन करने की योजना किसने बनाई और व्हाट्सएप के जरिए इसे आगे किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
गिरफ्तार आरोपी
योगेश सोनकेसरिया — प्रोफेसर, भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग
अजय नायक — छात्र
त्रिदेव पटेल — छात्र
नितिन पाण्डेय — छात्र
अनुज मिंज — छात्र
आदित्य साहू — छात्र
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