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00 महाराष्ट्र मंडल ने नाना पाटेकर की फिल्मों के बेहतरीन दृश्यों व संवाद से कुछ यादें कुछ संवाद से किया स्मरण
रायपुर। सुपरहिट फिल्म क्रांतिवीर का आइकॉनिक सीन आ गए मेरी मौत की तमाशा देखने को एक बार फिर मंच पर जीवंत किया रंगसाधक अभिषेक विद्याधर बक्षी ने। करीब 10 मिनट के एकल अभिनय को बड़ी संख्या में दर्शकों ने एक टक देखा। जल्लाद की मौन भूमिका में अभय भागवतकर ने भी ध्यान खींचा। यही प्रस्तुति भारतीय सिनेमा जगत के दिग्गज सितारे पद्मश्री नाना पाटेकर पर आधारित विशेष कार्यक्रम कुछ यादें कुछ संवाद की सबसे बड़ी विशेषता बनकर उभरी।
इधर छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति के समन्वयक और रंगसाधक अभिषेक बक्षी ने नाना पाटेकर की बेहतरीन एक्टिंग करने के बाद कहा कि नाना पाटेकर का अवसान भारतीय सिनेमा की अपूरणीय क्षति है। बहुत कम अभिनेताओं के अभिनय में वह ईमानदारी, संवेदनशीलता, गहराई, विशिष्टता और दमदारी होती है, जो नाना में थी। नाना पाटेकर अपने विचारों को व्यक्त करने में कभी संकोच नहीं करते थे, चाहे सामने खड़ा व्यक्ति कितना बड़ा दिग्गज क्यों न हो।
महाराष्ट्र मंडल में आय़ोजित मराठी सोहळा (मेला) के अंतिम दिन कुछ यादें कुछ संवाद पर नाना पाटेकर की फिल्मों के प्रसिद्ध डायलॉग और कुछ फिल्मों के सीन का बेहतरीन कार्यक्रम प्रोजेक्टर के माध्यम से सभागृह आयोजित किया गया। जिसे सिनेप्रेमी दर्शकों ने खूब प्रतिसाद किया। इस मौके पर नाना पाटेकर से जुड़ी यादों, कार्यों और फिल्म कॅरियर पर आधिारित डाक्यूमेंट्री भी पेश की गई, जो काफी सराही गई।
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