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अहंकार से रावण भी नहीं बच पाया तो हम-आप क्या - संत शंभूशरण लाटा महराज

11 Aug 2026   9 Views

अहंकार से रावण भी नहीं बच पाया तो हम-आप क्या - संत शंभूशरण लाटा महराज

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00 अगर जीवन में अभाव नहीं होगा तो भगवान के प्रति हमारा भाव नहीं होगा  

00 प्रेम शैतान को भी इंसान बना देता और प्रेम पत्थर को भगवान बना देता है

रायपुर। जिस पर ईश्वर की कृपा होती है उसको सत्संग सुनने का मौका मिलता है। संतों का समागम और भगवान की कृपा बहुत कम लोगों को मिलती है। हम और आप को चलाने वाले भगवान है। चमत्कार से कुछ नहीं होता यह सब जानते है फिर भी उसके चक्कर में फंस जाते है। सबसे खतरनाक कोई चीज है तो वह है अहंकार, आदमी इसके चक्कर में आ जाता है तो उसे सुख की प्राप्ति कभी नहीं हो सकती है। रावण को भी मैं नहीं मैंने मार डाला। प्रेम शैतान को भी इंसान बना देता है और प्रेम पत्थर को भगवान बना देता है।  

मैक कॉलेज ऑडिटोरियम में श्रीराम कथा के तीसरे दिन संत श्री शंभूशरण लाटा महराज ने कहा कि हमें भजन के लिए समय निकलना जरुरी है क्योंकि जब तक जिंदगी है तब तक भजन करो। पुराने जमाने के लोग अभी भी माला लेकर जाप करते है लेकिन आज के लोग वह सब भूल गए है। जो भजन करते है उनका पिछला जन्म अच्छा रहा होगा क्योंकि इस जन्म में भजन कर लें यह सरल नहीं है। आज अगर आप वन में नहीं जा सकते है तो घर में ऐसी व्यवस्था करिए की तुम वहां भजन कर सको। घर में बैठकर पाठ कर सकते है लेकिन कथा नहीं यह सच्चाई है।  

अहंकार से रावण भी नहीं बच पाया तो हम-आप क्या - संत शंभूशरण लाटा महराज

लाटा महराज ने कहा कि मेरे से मांग लो यह कहने वाले संसार में बहुत मिलेंगे, लेकिन मेरे को मांग लो यह कहने वाला कोई नहीं मिलेगा सिर्फ भगवान को छोड़कर इसलिए तो भगवान बहुत दयालु है। चमत्कार के चक्कर में मत फंसो, सिद्धि से कुछ नही हो सकता है सिर्फ उससे परमात्मा की प्राप्ति की जा सकती है। चमत्कार से कुछ नहीं होता यह सब जानते है फिर भी उसके चक्कर में फंस जाते है। जैसी भक्ति रावण ने किया है आज के लोग वैसी भक्ति नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने सिर कांट-कांटकर भगवान शंकर के चरणों में चढ़ा दिया था। सबसे खतरनाक कोई चीज है तो वह है अहंकार, आदमी इसके चक्कर में आ जाता है तो उसे सुख की प्राप्ति कभी नहीं हो सकती है। रावण को भी मैं ने मार डाला। आज के इंसान में पास बड़ी-बड़ी डिग्री होने के बाद भी धैर्य की कमी है। भगवान शिव ने हमें बहुत अच्छी शिक्षा दी है जब कोई व्यक्ति बोल रहा हो तो हमें चुप रहना चाहिए लेकिन कई लोग चुप रहना पसंद नहीं करते है।  

संत श्री शंभूशरण लाटा महराज ने कहा कि प्रेम शैतान को भी इंसान बना देता और प्रेम पत्थर को भगवान बना देता है। भगवान को प्रेम से पाया जा सकता है क्योंकि बिना प्रेम के उन्हें प्राप्त नहीं किया जा सकता है। रावण के अत्याचारों से पूरा संसार परेशान था तब पृथ्वी के साथ सभी देवी और देवता भगवान महादेव के पास पहुंचे तब महादेव के कहने पर भगवान विष्णु ने राम का अवतार लिया और महादेव ने हनुमान जी का। जब से यह सृष्टि बनी है तब से हम भगवान बनने की दौड़ में लगे हुए है, सतयुग से लेकर त्रेतायुग तक। भगवान पहले किसी उद्देश्य को लेकर अवतार लिया करते थे लेकिन आज कल हम लोग उन्हें हर चीज में सहयोग करने के लिए अवतार लेने के लिए बोलते है। भगवान मनुष्य बनते है क्योंकि बुराई और दानवता का नाश मानवता से ही हो सकता है। जिसका विवाह हो गया वो सीता-राम जी है और जिनका विवाह नहीं हुआ वे भगवान शिवजी है। कथा करवाने वाले का नाम तो बहुत लोग लेते है लेकिन कथा में सहयोग करने वालों का नाम कोई नहीं लेता है और उन पर भगवान की कृपा बहुत होती है इसलिए हमें जितना हो सकें उतना सहयोग करना चाहिए।  

अयोध्या, मथुरा,माया, काशी, कांछी, अवंतिका व ऋषिकेश इन सात पीढिय़ों का स्मरण करने से हमारे सारे पाप नष्ट हो जाते है। बाहर का सुख आपको अंदर से जलाते रहता है आज कल पति-पत्नी में आपसी क्लेश बहुत बढ़ गया है, छोटे-छोटे बच्चे आत्महत्या कर रहे है, शादी विवाह कर रहे है, इसको क्या बोला जाए पहले ऐसा नहीं होता था। जहां प्रभु का नाम होता है वहां कभी क्लेश आ ही नहीं सकता है लेकिन आज कल घर-घर में क्लेश हो रहा है। अगर जीवन में अभाव नहीं होगा तो भगवान के प्रति हमारा भाव नहीं होगा इसलिए अभाव का होना जरुरी है। अभाव ही हमको भगवान के प्रति भाव पैदा कराता है। हमें एक जगह ऐसी बनानी चाहिए जहां जाकर हम अपने दुखों को बांटने के लिए रो सकें और वहां जाकर विचार-विमर्श कर सकें लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है सीधे आत्महत्या कर रहे है। अगर गलत विचार आए तो आत्महत्या ना करो, किसी महापुरुष के पास चले जाओ और अपना दुख उनके साथ बांटो लेकिन आज कल ऐसा नहीं होता है, थोड़ा सा दुख होने पर लोग आत्महत्या करने लग रहे है, यह सब गलत है। 

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