Share this post with:
00 नारकोटिक्स नियंत्रण एवं नशामुक्ति अभियान की ली जानकारी
00 अवैध नशीली दवाईयों पर सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश
रायपुर। प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी अनुशासित और संकल्पित होकर छत्तीसगढ़ के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करें। उन्होंने अवैध नशीली दवाईयों पर नियंत्रण हेतु सख्त कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने नारकोटिक्स नियंत्रण एवं नशामुक्ति अभियान की जानकारी ली तथा नशामुक्ति के लिए लोगों को जागरूक करने कहा। प्रमुख सचिव बोरा ने दुर्ग जिले में आज आयोजित नारकोटिक्स नियंत्रण एवं नशामुक्ति अभियान की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने बैठक में जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम, नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं तथा संबंधित विभागों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की भी जानकारी ली।
दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव बोरा ने बैठक में नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय बनाकर संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीडि़तों को नशामुक्ति केंद्रों में तीन माह तक रखा जाता है। इस अवधि को बढ़ाने पर भी विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न आयु वर्ग के अनुसार पीडि़तों को पृथक-पृथक रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। नशे की लत से मुक्त हो चुके व्यक्तियों के सफलता का व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए। ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और अन्य लोग भी नशा छोडऩे के लिए प्रेरित हों। इसके लिए छोटे-छोटे वीडियो एवं क्लिप्स तैयार कर जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह विशेष रूप सेेे मौजूद थे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2026 में एनडीपीएस एक्ट एवं नारकोटिक्स एक्ट के तहत कुल 68 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में गांजा, गांजा पौधा, हेरोइन, नशीली दवाइयां, अफीम, अफीम के बीज तथा डोडा से संबंधित जब्ती की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 9 लाख 25 हजार रुपये है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में पीआईटी एनडीपीएस के तहत 9 प्रकरण तैयार किए गए हैं तथा 36 वाहनों की नीलामी भी कराई गई है। उन्होंने बताया कि जनवरी से अप्रैल 2026 तक स्वापक एवं मन: प्रभावी औषधियों की रोकथाम को लेकर जिले में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की गई।
खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जनवरी से अप्रैल तक की अवधि में कुल 715 स्थानों पर निरीक्षण किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 32 नोटिस जारी किए गए। वहीं नार्कोटिक्स दवाइयों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर 4 मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से 11 कार्रवाई भी की गई हैं। प्रभारी सचिव ने कहा कि स्वापक एवं मन: प्रभावी औषधियों के विक्रय एवं वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही औषधियों का नियमित भौतिक सत्यापन करने तथा जहां से अवैध सप्लाई हो रही है, वहां भी सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर संयुक्त रूप से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
Share this post with:
13 May 2026 0 Views
13 May 2026 6 Views
13 May 2026 0 Views
13 May 2026 7 Views
13 May 2026 12 Views
12 May 2026 50 Views
12 May 2026 14 Views