<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><rss version='2.0'><channel><title>CNIN News Network | Chhattisgarh News and Information Network | Chhattisgarh Madhya Pradesh | Hindi News | CG News | MP News</title><link>https://cnin.co.in</link><description>CNIN News Network | Chhattisgarh News and Information Network | Chhattisgarh Madhya Pradesh | Hindi News | CG News | MP News</description><language>en-us</language><item><title>बेलौदी में उल्टी-दस्त के बढ़ते मामलों पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 180 घरों का सर्वे, 56 मरीजों की पहचान, 11 अस्पताल में भर्ती</title><link>https://cnin.co.in/बेलौदी-में-उल्टी-दस्त-के-बढ़ते-मामलों-पर/78909</link><description>00 ग्रामीणों से उबला पानी पीने की अपीलरायपुर। दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम बेलौदी में उल्टी-दस्त के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। मरीजों की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और प्रभावित क्षेत्र में व्यापक सर्वे एवं उपचार अभियान शुरू किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर जिला सर्विलांस अधिकारी, चिकित्सकों और स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गांव में लगातार सक्रिय सर्विलांस और घर-घर सर्वे किया जा रहा है। बुधवार को 180 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें उल्टी-दस्त के 7 नए मरीज मिले। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 11 मई से अब तक कुल 56 मरीजों की पहचान की गई है। इनमें से 11 मरीजों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में जारी है। चार मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में भर्ती हैं, जबकि दो मरीज जिला अस्पताल में उपचाररत हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।स्वास्थ्य अधिकारियों ने ग्रामीणों से उबालकर पानी पीने, बासी एवं सड़ी-गली सब्जियों और खाद्य पदार्थों से परहेज करने तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने की अपील की है। ग्रामीण क्षेत्र में बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल देशभर के लिए प्रेरणादायी - केंद्रीय राज्य मंत्री पासवान</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-का-आजीविका-मॉडल-देशभर-के-लिए/78908</link><description>00 सेरीखेड़ी में अजा परियोजना और पिंक दीदी नवाचारों का किया निरीक्षण00 महिला समूहों के आर्थिक स्वावलंबन की सराहनारायपुर। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित अजा परियोजना और बेहतर बाजार लिंकेज की प्रशंसा करते हुए इसे देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया।मंत्री श्री पासवान ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल अजा के क्रियान्वयन को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ा रही है, बल्कि वैज्ञानिक पशुपालन को भी नई दिशा दे रही है। आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार की सुलभ उपलब्धता को अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य बताया।पिंक दीदी और बिजनेस दीदी आत्मनिर्भर भारत की नई पहचाननिरीक्षण के दौरान मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा प्रोजेक्ट पिंक दीदी की सराहना की। उन्होंने हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। एकीकृत बकरी पालन परियोजना, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, आजीविका सेवा केंद्र, के अलावा उन्होंने बिजनेस दीदी, मशरूम उत्पादन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियों का भी अवलोकन किया।घर संभालने वाली महिलाएं अब बनीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टरमंत्री पासवान ने कृषक उत्पादक समूह की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस दौरान दीदियों ने साझा किया कि कैसे वे घर की चारदीवारी से निकलकर आज एक संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। मंत्री ने महुआ कुकीज का स्वाद लिया और समूह की दीदियों के कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।अधिकारियों को योजनाओं के विस्तार के निर्देशकेंद्रीय राज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के आजीविका मॉडल को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अधिकारियों को इन योजनाओं के और अधिक विस्तार पर जोर देने को कहा। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आजीविका मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं महिला समूहों को बेहतर कार्य के लिए बधाई देते हुए योजनाओं के और विस्तार पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव श्री भीम सिंह, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरांजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने मल्टी यूटिलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी (रायपुर) अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो, बिजनेस दीदी, एफपीओ से संवाद की और कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।</description ></item><item><title>साव से मिले अंतरराष्ट्रीय शूटर दिव्यांशु, जून में जर्मनी में होने वाले वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का करेंगे प्रतिनिधित्व</title><link>https://cnin.co.in/साव-से-मिले-अंतरराष्ट्रीय-शूटर-दिव्यांशु,/78907</link><description>00 मिस्र में हुए जूनियर वर्ल्ड कप में वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर के साथ जीत चुके हैं मिक्स्ड डबल में स्वर्ण पदकरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से आज छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज दिव्यांशु देवांगन ने मुलाकात की। श्री साव के नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान दिव्यांशु ने अपने अब तक के खेल सफर के बारे में जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री ने मिस्र में जूनियर वर्ल्ड कप में स्वर्णिम सफलता पर उन्हें बधाई दी। साव ने उन्हें अगले महीने जर्मनी में होने वाले वर्ल्ड चैंपियनशिप में अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।रायगढ़ के रहने वाले दिव्यांशु देवांगन ने पिछले महीने अप्रैल में मिस्र के काहिरा में हुए जूनियर वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर रायफल शूटिंग में महाराष्ट्र की शांभवी श्रवण क्षीरसागर के साथ मिक्स्ड डबल में स्वर्ण पदक जीता है। इन दोनों ने मिलकर 499.9 अंक का स्कोर कर विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया। दिव्यांशु अगले महीने जून में जर्मनी के सुहल में होने वाले वर्ल्ड चैंपियनशिप शूटिंग में भारतीय टीम की ओर से भागीदारी करेंगे।दिव्यांशु दिसम्बर-2025 में भोपाल में आयोजित 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीत चुके हैं। उन्होंने हाल ही में भोपाल में हुए कुमार सुरेन्द्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। वे इस साल जनवरी में पुणे में हुए जूनियर सलेक्शन ट्रायल में प्रथम स्थान पर रहे थे। उनका चयन खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2026 के लिए भी हुआ है। वे केंद्र सरकार की खेलो इंडिया योजना के तहत खेलो इंडिया एथलीट के रूप में भी अधिसूचित हैं।</description ></item><item><title>उप मुख्यमंत्री साव से फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों ने की मुलाकात</title><link>https://cnin.co.in/उप-मुख्यमंत्री-साव-से-फेडरेशन-कप-मिक्स्ड/78906</link><description>रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से आज 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करने वाली सफलता पर टीम के सभी खिलाडिय़ों को बधाई दी।हैदराबाद में आयोजित 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। श्री साव से मुलाकात के दौरान टीम की मैनेजर एवं नेटबॉल संघ के पदाधिकारी भी मौजूद थे।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026: आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, आसान हुआ पुराने बिजली बिलों का भुगतान</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-बिजली-बिल-भुगतान-समाधान-योजना-2026:/78905</link><description>विशेष लेख - धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक व सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालकरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए एक राहत पहल है। इसके तहत पुराने बकाये पर सरचार्ज में छूट मिल रही है। बकाया बिजली बिल पर लगने वाला पूरा सरचार्ज (ब्याज) माफ या मूल बकाया राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करने की सुविधा। यह योजना बीपीएल, सामान्य घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को लंबे समय से लंबित बिजली बिलों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए लाई गई है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को आर्थिक राहत प्रदान करने और उनकी दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान देने के लिए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है जो पुराने बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव में थे।क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के पुराने और लंबित बिजली बिलों का सरल समाधान उपलब्ध कराना है। योजना के तहत बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को शेष राशि का भुगतान एकमुश्त या आसान किस्तों में करने की सुविधा भी दी गई है। पात्र श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है।28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिल चुकी है राहतराज्य शासन के अनुसार इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपए से अधिक के सरचार्ज माफ होंगे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना न केवल व्यापक स्तर पर लागू की गई है, बल्कि लाखों परिवारों के लिए वास्तविक आर्थिक सहायता का माध्यम भी बनी है।किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभइस योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। ऐसे उपभोक्ता जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं और जो एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, वे इस योजना के माध्यम से अपने बकाया का समाधान कर सकते हैं।योजना से होने वाले प्रमुख फायदेसरचार्ज की पूरी माफी, पुराने बकाया बिलों पर लगने वाला सरचार्ज अक्सर मूल राशि से भी अधिक हो जाता है। इस योजना के तहत सरचार्ज की पूर्ण माफी से उपभोक्ताओं को तत्काल बड़ी राहत मिलती है।आसान किस्तों में भुगतानबड़ी राशि एक साथ जमा करने की बाध्यता समाप्त हो जाती है। उपभोक्ता अपनी सुविधा और आर्थिक क्षमता के अनुसार किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। घरेलू बजट पर कम दबाव और सरचार्ज माफी और किस्त सुविधा से परिवारों को अपने मासिक खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है।बिजली विच्छेदन का खतरा कमबकाया राशि के कारण बिजली कटने की आशंका रहती है। योजना का लाभ लेने से उपभोक्ता नियमित भुगतान व्यवस्था में लौट सकते हैं। इससे किसानों को सीधा लाभ हो रहा है। कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के बोझ से राहत मिलती है, जिससे सिंचाई और खेती का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकता है।मानसिक तनाव से राहतलंबित बिलों की चिंता से मुक्ति मिलने पर परिवार आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। जो उपभोक्ता लंबे समय से भुगतान नहीं कर पा रहे थे, उन्हें फिर से नियमित भुगतान प्रणाली से जुडऩे का अवसर मिलता है।योजना का लाभ कैसे प्राप्त करेंयोजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1912 पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देशों के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है।योजना की अवधिमुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है।जनहित और सुशासन का प्रभावी उदाहरणमुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की संवेदनशील और जनोन्मुखी सोच का उदाहरण है। यह योजना केवल बकाया बिलों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों को आर्थिक राहत, मानसिक संतोष और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का अवसर भी प्रदान करती है। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 उन उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है जो पुराने बिजली बिलों के बोझ से परेशान हैं। सरचार्ज माफी, मूल राशि पर छूट और आसान किस्तों जैसी सुविधाएं इसे एक प्रभावी और जनहितकारी योजना बनाती हैं। यह योजना आम नागरिकों को राहत देने के साथ-साथ उन्हें नियमित भुगतान व्यवस्था से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेशवासियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित बिजली बिलों का समाधान करें और आर्थिक राहत प्राप्त करें।</description ></item><item><title>चिचिरदा समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 450 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा</title><link>https://cnin.co.in/चिचिरदा-समाधान-शिविर-में-उमड़ा-जनसैलाब,-450/78904</link><description>00 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण हुए लाभान्वित, जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को बांटे चेक और जरूरी सामग्रीरायपुर। राज्य शासन के सुशासन तिहार अभियान के तहत बुधवार को बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत चिचिरदा में विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शासन की जनता के द्वार पर दस्तक पहल के तहत आयोजित इस शिविर में चिचिरदा सहित आसपास की 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर के दौरान कुल 1145 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 450 आवेदनों का त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई।जनप्रतिनिधियों ने वितरित की सहायता सामग्रीशिविर में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री, चेक और प्रशस्ति पत्र सौंपे। वितरण की मुख्य झलकियां इस प्रकार रहीं। नए राशन कार्ड और आयुष्मान कार्डों का वितरण, मनरेगा जॉब कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को नए घर की चाबियां सौंपी गईं। कृषि एवं संबद्ध विभाग के द्वारा मछली पालन विभाग द्वारा महाजाल व आइस बॉक्स और उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का वितरण किया गया।खेल एवं युवा कल्याण द्वारा स्थानीय बच्चों और खिलाडिय़ों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई।विभागीय स्टॉल्स के माध्यम से दी गई जानकारीशिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया गया। मंच के माध्यम से अधिकारियों ने विभागीय गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।&amp;nbsp;सुशासन की यह लहर केवल चिचिरदा तक सीमित नहीं रही। सिमगा विकासखंड के ग्राम जांगड़ा में भी समाधान शिविर का सफल आयोजन हुआ। जिले के 7 नगरीय निकायों में विशेष शिविर लगाकर आम जनता की समस्याओं को सुना गया और उनका समाधान किया गया। इस पहल से न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।</description ></item><item><title>मियावकी वन तकनीक से हरित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदम</title><link>https://cnin.co.in/मियावकी-वन-तकनीक-से-हरित-छत्तीसगढ़-की-ओर/78903</link><description>00 कम समय में घने जंगल तैयार कर पर्यावरण संरक्षण को मिल रही नई दिशालेखक - धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक व अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी&amp;nbsp;रायपुर। वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए मियावाकी तकनीक एक बेहद प्रभावी और लोकप्रिय विधि बन गई है। जापानी वनस्पतिशास्त्री डॉ. अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित यह तकनीक केवल 2-3 वर्षों में बंजर भूमि को घने, आत्मनिर्भर सूक्ष्म वनों में बदल देती है। पारंपरिक वृक्षारोपण की तुलना में यह विधि 10 गुना तेजी से बढ़ती है और 30 गुना अधिक घने जंगल बनाती है, जो शहरी क्षेत्रों के लिए आदर्श है। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए मियावकी वन तकनीक तेजी से अपनाई जा रही है। राज्य में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा इस तकनीक के जरिए शहरी क्षेत्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और खनन प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर हरियाली विकसित की जा रही है। मियावकी पद्धति में स्थानीय प्रजातियों के पौधों को अधिक घनत्व में लगाया जाता है, जिससे मात्र 3 से 5 वर्षों में घना जंगल तैयार हो जाता है।राज्य में तेजी से बढ़ रहा सघन वनीकरणछत्तीसगढ़ में वर्ष 2022 से मियावकी पद्धति के तहत लगातार वृक्षारोपण किया जा रहा है। वर्ष 2022 में कोटा मण्डल में एनटीपीसी लिमिटेड के सहयोग से 1 हेक्टेयर क्षेत्र में 23 हजार पौधे तथा 0.3 हेक्टेयर में 7 हजार पौधे लगाए गए। वर्ष 2023 में कोटा के भिल्मी क्षेत्र में 6.4 हेक्टेयर भूमि पर 64 हजार पौधों का रोपण किया गया। वहीं गेवरा क्षेत्र में 2 हेक्टेयर भूमि पर 20 हजार पौधे लगाए गए। वर्ष 2024 में कोटा के उच्चभट्टी क्षेत्र में 3.2 हेक्टेयर में 32 हजार पौधे लगाए गए। इसके अलावा रायगढ़ मण्डल के तिलईपाली और छाल क्षेत्रों में कुल 3.75 हेक्टेयर भूमि पर 37 हजार 500 पौधों का सफल रोपण किया गया।वर्ष 2025 में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं जारीवर्तमान में राज्य के कई क्षेत्रों में वृक्षारोपण कार्य तेजी से जारी है। बारनवापारा मण्डल में हरियर छत्तीसगढ़ योजना के तहत 6 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। कोरबा और रायगढ़ क्षेत्रों में साउथ इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के सहयोग से 4 हेक्टेयर क्षेत्र में 40 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है। वहीं विशेष परियोजनाओं के अंतर्गत महानदीकोलफील्ड लिमिटेड द्वारा 1.9 हेक्टेयर भूमि पर 64 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही अरपा नदी के किनारे भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर हरित क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है।पर्यावरण संरक्षण में मिल रहे बहुआयामी लाभविशेषज्ञों के अनुसार मियावकी वन सामान्य जंगलों की तुलना में अधिक कार्बन अवशोषित करते हैं। इससे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। यह तकनीक वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने, भू-जल स्तर सुधारने और मिट्टी संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इन वनों की शुरुआती वर्षों में देखभाल की जाती है, जिसके बाद ये जंगल स्वत: विकसित होने लगते हैं। इससे रखरखाव की लागत कम होती है और लंबे समय तक पर्यावरणीय लाभ मिलता है।&amp;nbsp;बंजर डंप क्षेत्र से हरित जंगल बनने की ओर गेवरा की प्रेरक पहलछत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठी पहल करते हुए कोरबा जिले के गेवरा क्षेत्र के 12.45 हेक्टेयर डंप क्षेत्र में 33 हजार 935 मिश्रित प्रजातियों के पौधों का सफल रोपण किया है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।जहां हरियाली संभव नहीं थी, वहां तैयार हो रहा जंगलकोयला खनन के बाद डंप क्षेत्रों में उपजाऊ मिट्टी नीचे दब जाती है और ऊपर पत्थर, कोयला अवशेष तथा अनुपजाऊ मिट्टी रह जाती है। ऐसे क्षेत्रों में पौधों का उगना बेहद कठिन माना जाता है। लेकिन वैज्ञानिक पद्धति और सतत प्रयासों से इस बंजर भूमि को अब हरियाली में बदला जा रहा है।वैज्ञानिक तरीके से किया गया पौधारोपणडंप क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए वर्मी कम्पोस्ट, नीमखली और डीएपी का उपयोग किया गया। जीपीएस सर्वे और सीमांकन के बाद व्यवस्थित गड्ढे तैयार किए गए तथा 3 से 4 फीट ऊंचाई वाले स्वस्थ पौधों का रोपण किया गया। इस क्षेत्र में नीम, शीशम, सिरस, कचनार, करंज, आंवला, बांस, महोगनी, महुआ और बेल जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इससे आने वाले समय में यह क्षेत्र पक्षियों और अन्य वन्य जीवों के लिए भी उपयुक्त आवास बन सकेगा।निरंतर देखभाल से मिल रही सफलताशुरुआती 2-3 वर्षों की देखभाल के बाद, यह वन पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाता है और इसे किसी उर्वरक या पानी की आवश्यकता नहीं होती है। रोपण के बाद पौधों की नियमित सिंचाई, खाद, निंदाई-गुड़ाई, घास कटाई और सुरक्षा का कार्य लगातार किया जा रहा है। मृत पौधों का समय पर प्रतिस्थापन भी सुनिश्चित किया जा रहा है। वर्ष 2025 से 2029 तक पांच वर्षों तक रखरखाव के बाद इस विकसित हरित क्षेत्र को साउथ इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड गेवरा को सौंपा जाएगा।हरित भविष्य की ओर मजबूत पहलकम जगह में घने जंगल बनाकर शहरों में प्रदूषण (धूल और ध्वनि) को कम करने में सहायक होते हैं। ये वन पारंपरिक वनों की तुलना में 30 गुना अधिक कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करते हैं। गेवरा की यह पहल दर्शाती है कि सही योजना, वैज्ञानिक तकनीक और निरंतर प्रयासों से बंजर और पत्थरीली भूमि को भी घने जंगल में बदला जा सकता है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र सघन हरित वन और जैव विविधता से भरपूर मानव निर्मित जंगल के रूप में विकसित होगा, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।</description ></item><item><title>सुनीता को मौके पर मिला राशन कार्ड, चेहरे पर लौटी मुस्कान</title><link>https://cnin.co.in/सुनीता-को-मौके-पर-मिला-राशन-कार्ड,-चेहरे-पर/78902</link><description>00 प्रशासन की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई से हितग्राही ने जताया आभाररायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण का एक सशक्त मंच साबित हो रहा है। नगर पालिका भाटापारा के इतवारी राम यादव शासकीय विद्यालय में आयोजित शिविर में उस समय प्रशासन का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया, जब राशन कार्ड की समस्या लेकर पहुंची स्थानीय निवासी सुनीता जायसवाल का कार्य मिनटों में पूरा हो गया।संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधानसुनीता जायसवाल लंबे समय से राशन कार्ड की समस्या से जूझ रही थीं। शिविर में उनके आवेदन पर अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और पात्रता की जांच कर मौके पर ही नया राशन कार्ड बनाकर सौंपा। हाथों-हाथ राशन कार्ड पाकर सुनीता भावुक हो गईं और उन्होंने त्वरित न्याय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया।एक ही छत के नीचे मिली सरकारी सेवाएंसुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना है। इस शिविर की प्रमुख विशेषताएं रहीं। एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी से आवेदनों का मिलान और सत्यापन आसान हुआ। प्राप्त आवेदनों पर बिना किसी विलंब के पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की गई। सुनीता जायसवाल की तरह अन्य दर्जनों लोगों ने भी अपनी पेंशन, राजस्व और अन्य नागरिक सेवाओं का तत्काल लाभ प्राप्त किया।सरकार की यह पहल सचमुच सुशासन का प्रतीक है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरा राशन कार्ड इतनी जल्दी बन जाएगा। अब मुझे दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।धरातल पर उतर रहा है सुशासनहितग्राही सुनीता जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अंत्योदय के संकल्प को पूरा कर रही है। प्रशासन का यह समस्याओं को स्थल पर ही समाधान मॉडल जनता के बीच शासन के प्रति विश्वास को और मजबूत कर रहा है।</description ></item><item><title>मिट्टी से गढ़ी सफलता की नई इबारत, बासनपाली की मालती कुंभकार बनीं लखपति दीदी</title><link>https://cnin.co.in/मिट्टी-से-गढ़ी-सफलता-की-नई-इबारत,-बासनपाली-की/78901</link><description>00 बिहान, माटी कला बोर्ड और सरकारी योजनाओं के संगम से बदली ग्रामीण महिला की जिंदगीरायपुर। कहते हैं कि यदि हुनर को सही मंच और सरकारी योजनाओं का साथ मिल जाए, तो सफलता की कहानी खुद-ब-खुद लिखी जाती है। रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड के ग्राम बासनपाली की मालती कुंभकार ने इसे सच कर दिखाया है। मिट्टी की पारंपरिक कला को आधुनिकता से जोड़कर वे आज न केवल एक आत्मनिर्भर उद्यमी हैं, बल्कि प्रदेशभर में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर उभरी हैं।पारंपरिक चाक से आधुनिक तकनीक तक का सफरमुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर आयोजित सुशासन तिहार के दौरान मालती ने अपनी संघर्षपूर्ण कहानी साझा की। पहले वे पुराने लकड़ी के चाक से दीये और हांडी बनाती थीं। सीमित संसाधनों के कारण न तो उत्पादन बढ़ पा रहा था और न ही आर्थिक स्थिति सुधर रही थी। मालती ने अपने एकता महिला स्व-सहायता समूह को बिहान कार्यक्रम से जोड़ा। माटी कला बोर्ड और हस्तशिल्प बोर्ड के सहयोग से उन्हें इलेक्ट्रॉनिक चाक और आधुनिक प्रशिक्षण मिला, जिसने उनके काम की गति और गुणवत्ता दोनों बदल दी।उत्पादों में विविधता और बाजार तक पहुंचअब मालती केवल पारंपरिक बर्तन ही नहीं, बल्कि बाजार की मांग के अनुरूप आधुनिक मिट्टी के उत्पाद तैयार कर रही हैं। आर्टिस्टिक प्रोडक्ट्स के रूप में मिट्टी के कुकर, कढ़ाई, पानी की बोतल, कप-प्लेट, सजावटी पॉट और देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं बनाने लगी है। उन्होंने अपने कार्य विस्तार के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से क्रमश: 30 हजार, 80 हजार और 1 लाख रुपये का ऋण लिया और उसे व्यवसाय में निवेश किया। आज वे प्रदेश के प्रमुख मेलों (सरस मेला, हस्तशिल्प मेला आदि) में अपनी कला का प्रदर्शन करती हैं। राज्यव्यापी पहचान के कारण रायपुर से लेकर जगदलपुर तक, प्रदेश के लगभग हर जिले में उनके उत्पादों की भारी मांग है।लखपति दीदी के रूप में नई पहचानमालती कुंभकार आज व्यक्तिगत रूप से और अपने समूह के माध्यम से लखपति दीदी के रूप में जानी जाती हैं। उन्होंने बताया कि शासन की योजनाओं से न केवल उनकी आय बढ़ी, बल्कि उनमें वह आत्मविश्वास भी आया कि वे बड़े मंचों पर जाकर अपनी कला का विक्रय कर सकें। मेलों के दौरान शासन द्वारा उनके ठहरने और भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था की जाती है, जो कलाकारों के लिए एक बड़ा सहारा है।</description ></item><item><title>धरमजयगढ़ के हाटी शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 926 आवेदनों का हुआ त्वरित समाधान</title><link>https://cnin.co.in/धरमजयगढ़-के-हाटी-शिविर-में-उमड़ा-जनसैलाब,-926/78900</link><description>00 19 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने लिया हिस्सा, 17 पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषितरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 अब जनविश्वास का महाअभियान बन चुका है। इसी कड़ी में आज धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम हाटी में आयोजित क्लस्टर स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शासन और प्रशासन सीधे ग्रामीणों के द्वार पहुँचा। शिविर में 19 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया, जहाँ कुल 926 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निराकरण किया गया।सामुदायिक भवन हाटी में आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर मौके पर ही समस्याओं का निराकरण किया। एग्रीस्टैक पंजीयन, आधार कार्ड अपडेशन, ई-श्रम कार्ड और महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी जैसी सुविधाएं तत्काल प्रदान की गईं। अविवादित नामांतरण, जाति प्रमाण-पत्र वितरण और राशन कार्ड से संबंधित प्रकरणों का समाधान किया गया। आयुष्मान कार्ड और वय वंदन कार्ड निर्माण के साथ-साथ नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।हितग्राहियों को मिली राहत की सौगातशिविर में जनप्रतिनिधियों द्वारा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का सीधा लाभ वितरित किया गया। दिव्यांग एवं नागरिकों को समाज कल्याण विभाग द्वारा गुरवारी (बरबसपुर), कुंती बाई (बेहरामार) और मदनसिंह राठिया को सेटेबल वॉकिंग स्टिक तथा साधुराम बेक को ब्लाइंड स्टिक प्रदान की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के 05 सफल हितग्राहियों को प्रोत्साहन स्वरूप दीवार घड़ी भेंट की गई। वहीं मनरेगा के तहत श्रीमती विलास राठिया को आजीविका हस्तांतरण प्रमाण-पत्र सौंपा गया। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा 16 ग्रामीणों को फलदार पौधों का वितरण और 5 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे गए। शिविर का एक गौरवशाली पहलू यह रहा कि यहाँ 17 ग्राम पंचायतों को औपचारिक रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया, जो क्षेत्र में बढ़ती सामाजिक जागरूकता का परिचायक है।</description ></item><item><title>मनरेगा से बदली तुलसाबाई की जिंदगी, पशुपालन को मिला सुरक्षित आधार</title><link>https://cnin.co.in/मनरेगा-से-बदली-तुलसाबाई-की-जिंदगी,-पशुपालन-को/78899</link><description>00 मवेशी शेड निर्माण से पशुओं की बेहतर देखभाल, बढ़ी आय और खेती को मिला जैविक खाद का लाभरायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत धुरकोट की निवासी श्रीमती तुलसाबाई के जीवन में भी मनरेगा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव आया है। श्रीमती तुलसाबाई पति रामशंकर के लिए मनरेगा अंतर्गत मवेशी शेड का निर्माण कराया गया। इस कार्य के लिए 72 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। शेड निर्माण से उनके पशुपालन कार्य को सुरक्षित और व्यवस्थित आधार मिला है।पहले तुलसाबाई अपने मवेशियों को खुले स्थान पर रखती थीं, जिससे धूप, बारिश और अन्य मौसमीय प्रभावों के कारण पशुओं को परेशानी होती थी। बीमारियों का खतरा बना रहता था और देखभाल में भी कठिनाई होती थी। अब पक्का मवेशी शेड बनने से पशुओं को सुरक्षित स्थान मिला है और उनकी देखभाल पहले की तुलना में अधिक सुगमता से हो रही है। तुलसाबाई ने बताया कि शेड निर्माण के बाद पशुपालन कार्य आसान हो गया है। पशुओं से प्राप्त गोबर का उपयोग जैविक खाद बनाने में किया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम हुई है और फसलों की गुणवत्ता में सुधार आया है। पशुपालन से होने वाली आय में भी वृद्धि हुई है।इस निर्माण कार्य के दौरान गांव के स्थानीय श्रमिकों को रोजगार भी प्राप्त हुआ। तुलसाबाई की सफलता से प्रेरित होकर अब अन्य ग्रामीण भी मनरेगा के माध्यम से पशुपालन और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों के लिए आगे आ रहे हैं। मनरेगा के तहत किए जा रहे ऐसे कार्य न केवल ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं, बल्कि गांवों के समग्र विकास को भी नई दिशा दे रहे हैं।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 से सरिता बाई को मिली बड़ी राहत</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-बिजली-बिल-भुगतान-समाधान-योजना-2026/78898</link><description>00 सरचार्ज माफी और आसान किश्तों की सुविधा से बिजली बिल भुगतान हुआ सरलरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 भारी बिजली बिल के बोझ से परेशान उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। योजना के अंतर्गत बकाया बिजली बिल पर लगने वाले सरचार्ज में छूट और शेष राशि को आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा दी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक संबल मिल रहा है।जशपुर जिले के रानी बगीचा निवासी श्रीमती सरिता बाई इस योजना से लाभान्वित होने वाली उपभोक्ताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वे लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पा रही थीं। इसके चलते उनका बकाया बिल बढ़कर 38 हजार 648 रुपये हो गया था, जिससे वे काफी चिंतित थीं। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने योजना का लाभ लिया। योजना के तहत उनके लगभग 11 हजार 875 रुपये का सरचार्ज माफ किया गया। साथ ही शेष राशि को आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा प्रदान की गई, जिससे उन्हें बड़ी आर्थिक राहत मिली।श्रीमती सरिता बाई ने कहा कि यह योजना उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी है। अब वे बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक दबाव के किश्तों में बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगी। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 के माध्यम से प्रदेशभर में ऐसे उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है, जो आर्थिक कारणों से बिजली बिल जमा करने में कठिनाई का सामना कर रहे थे। यह योजना आमजन को राहत देने और उनकी आर्थिक परेशानियों को कम करने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है।</description ></item><item><title>सुकमा जिले के सुदूर गांवों में पेड़ के नीचे सजी चौपाल, मौके पर ही हुआ समस्याओं का समाधान</title><link>https://cnin.co.in/सुकमा-जिले-के-सुदूर-गांवों-में-पेड़-के-नीचे/78897</link><description>00 कलेक्टर ने हमीरगढ़, जैमेर और पेरमारास में ग्रामीणों से किया सीधा संवादरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की लोक-कल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आयोजित सुशासन तिहार 2026 का सुकमा जिले में संवेदनशील स्वरूप देखने को मिला। सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम हमीरगढ़, जैमेर और पेरमारास में आयोजित विशेष शिविरों में प्रशासन स्वयं चलकर ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचा। इस दौरान न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण हुआ, बल्कि ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस द्वार पर दस्तक पहल की मुक्त कंठ से सराहना की।संवेदनशीलता जब ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठे अधिकारीजैमेर और पेरमारास के शिविरों में प्रशासन का मानवीय चेहरा तब सामने आया जब कलेक्टर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर और अन्य आला अधिकारी किसी प्रोटोकॉल के बिना पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों के बीच बैठ गए। अधिकारियों ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी जमीनी समस्याओं और सुझावों को सुना।योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजाकलेक्टर ने चौपाल के माध्यम से प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन की स्थिति। राशन वितरण और आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता की जानाकरी ली। उन्होंने कृषि एग्रीस्टेक पंजीयन, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और बोनस भुगतान के संबंध में ग्रामीणजनों से जानकारी ली।&amp;nbsp;ऑन द स्पॉट निराकरण से मिली राहतशिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। बड़ी संख्या में हितग्राहियों को निम्नलिखित लाभ मौके पर प्रदान किए गए।राजस्व विभाग के द्वारा नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन का निराकरीण किया गया और आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र सिल पर ही प्रदान किया गया। राशन कार्ड और जॉब कार्ड का अपग्रेडेशन और वितरण किया गया।सुशासन का संकल्पकलेक्टर ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुँचाना है। इस अवसर पर एसडीएम श्री पी.वी. खेस सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा</title><link>https://cnin.co.in/मुख्य-सचिव-ने-महत्वपूर्ण-योजनाओं-के/78896</link><description>रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित जनोन्मुखी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन में दी गई अनुशंसाओं पर विभागों द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में विभागीय सचिवों से विस्तार से जानकारी ली। मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं सहित अन्य विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली एवं अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सुशासन और प्रौद्योगिकी के संबंध में क्षमता विकास योजनाओं के बारे में अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के जरिये जानकारी दी। इसी तरह से अंतिम छोर तक शासन की योजनाओं का पारदर्शी लाभ पहुंचाने के लिए डेटा आधारित निगरानी प्रणाली के संबंध में की जा रही कार्यवाही की प्रगति की जानकारी ली गई।मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी भवन की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि प्राथमिक शालाओं के अतिरिक्त कक्षों में आंगनबाड़ी संचालित करने के लिए कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने विभागीय अधिकारियों को कहा। समग्र शिक्षा के अंतर्गत शालाओं में जहा अतिरिक्त कक्ष नही है वहां पर अतिरिक्त कक्ष निर्माण कराने अधिकारियों को कहा गया है। बैठक में अधिकारियों ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति, कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी एवं सामान्य प्रशासन विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की जानकारी विभागीय अधिकारियों ने दी। इसी तरह से पर्यटन, ऊर्जा, संस्कृति, श्रम, वाणिज्य एवं उद्योग, विधि एवं विधायी, गृह, राजस्व एवं आपदा, सुशासन एवं अभिसरण एवं ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई।बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, सामान्य प्रशासन, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव श्री अंकित आनंद, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी सचिव श्री भूवनेश यादव, राजस्व सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कौशल विकास सचिव श्री बसवराजू एस., खेल एवं युवा कल्याण सचिव श्री यशवंत कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।</description ></item><item><title>वीडी सतीशन केरलम के सीएम होंगे</title><link>https://cnin.co.in/वीडी-सतीशन-केरलम-के-सीएम-होंगे/78895</link><description>&amp;nbsp;तिरुवनंतपुरम--कांग्रेस नेता वी डी सतीशन केरलम के नए सीएम होंगे। कांग्रेस ने राज्य के चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद गुरुवार को इसका ऐलान किया। 61 साल के सतीशन पारावूर सीट से विधायक हैं।कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी ने तिरुवनंतपुरम में 7 मई को मीटिंग की थी। पार्टी अध्यक्ष खडग़े, राहुल गांधी से चर्चा के बाद तय किया गया कि केरलम सीएम वीडी सतीशन होंगे।नाम के ऐलान होने का बाद सतीशन ने कहा- मैं इस पद को निजी उपलब्धि नहीं बल्कि दैवीय कृपा मानता हूं। मैं वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला समेत सभी नेताओं को अपने विश्वास में लूंगा।</description ></item><item><title>यूपी में आंधी-तूफान, 100 लोगों की मौत,आंधी में युवक उड़ा</title><link>https://cnin.co.in/यूपी-में-आंधी-तूफान,-100-लोगों-की-मौत,आंधी-में/78894</link><description>&amp;nbsp;0- राजस्थान में गर्मी का रेड अलर्ट; एमपी भी हीटवेव की चपेट मेंलखनऊ/-देश में दो तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-अयोध्या समेत 30 जिलों में बुधवार को आंधी-तूफान के कारण 100 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 21 मौतें प्रयागराज और 17 मौतें भदोही में हुईं।यहां 80 केएमपीएच की रफ्तार से आंधी चली, बरेली में एक युवक टीनशेड समेत हवा में उड़ गया। राज्य के बांदा शहर में तापमान 45.4डिग्री सेल्शियस रहा। आज 51 जिलों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट है।राजस्थान में भी तेज गर्मी और हीटवेव का असर है। बुधवार को लगातार चौथे दिन राज्य का जैसलमेर देश का सबसे गर्म शहर रहा, यहां 46.1डिग्री सेल्शियस तापमान रहा। मौसम विभाग के मुताबिक आज आज बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर में तेज गर्मी का रेड अलर्ट है। 13 जिलों में हीटवेव की चेतावनी है।वहीं, मध्य प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में हीटवेव चल रही है, जो 18 मई तक जारी रह सकती है। बुधवार को खजुराहो में तापमान 45.4डिग्री सेल्शियस रहा। आज इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में वार्म नाइट का भी अलर्ट है।इधर, हरियाणा के अधिकतम तापमान में पिछले 24 घंटे में 1.1डिग्री सेल्शियस बढ़ोतरी हुई। राज्य के 5 शहरों में 40एष्ट से ज्यादा रहा, इनमें नारनौल 42.5डिग्री सेल्शियस रहा। राज्य में 17 मई से हीटवेव का यलो अलर्ट है। बिहार के पूर्णिया-कटिहार समेत 7 जिलों में आज तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में आज बारिश का यलो अलर्ट है।</description ></item><item><title>यूरिया वितरण में अनियमितता पाये जाने पर महासमुंद जिले के 4 उर्वरक विक्रेताओं पर होगी एफआईआर दर्ज</title><link>https://cnin.co.in/यूरिया-वितरण-में-अनियमितता-पाये-जाने-पर/78893</link><description>रायपुर। राज्य शासन आगामी खरीफ सीजन में प्रदेश के किसानों को पारदर्शिता के साथ खाद मिले इसके लिए विशेष ध्यान दे रही है। साथ ही रासायनिक खाद के कालाबाजारी और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में महासमुंद जिले के 4 उर्वरक विक्रेताओं द्वारा यूरिया वितरण में अनियमितता पाये जाने पर उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप द्वारा संबंधित फर्मों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें उर्वरक निरीक्षक बागबाहरा एवं उर्वरक निरीक्षक सरायपाली को संबंधित फर्म मेसर्स राजेश अग्रवाल सरायपाली, मेसर्स ओम फर्टिलाइजर सरायपाली, आर. एस. ट्रेडर्स बागबाहरा एवं जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स सुनसुनिया के प्रोपराइटर के विरूद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने को कहा गया है।&amp;nbsp;गौरतलब है कि उक्त इन फर्मों द्वारा अनियमित रूप से 16 मार्च 2026 से 29 मार्च 2026 तक यूरिया उर्वरक का वितरण किया गया था। पूर्व में भी अनियमित रूप से यूरिया उर्वरक वितरण करने के कारण जिले के 26 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाईसेंस 21 दिवस के लिये निलंबित किया गया था। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार जिले में पॉस मशीन से ही उर्वरक वितरण के निर्देश दिए है।&amp;nbsp;महासमुंद जिले के कृषि विभाग के अधिकारियों ने अपील की है, कि किसान अपने रकबे के अनुसार एवं पॉस मशीन के माध्यम से ही उर्वरकों की खरीदी करे एवं उर्वरक क्रय करते समय दुकानदार से बिल अवश्य ले तथा जो निजी विक्रेता ज्यादा कीमत पर यूरिया, डी.ए.पी. एवं अन्य उर्वरकों का विक्रय करे उसकी शिकायत संबंधित विकासखण्ड के अनुविभागीय अधिकारी तहसीलदार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से करें।</description ></item><item><title>राज्यपाल डेका से पंजाब के राज्यपाल कटारिया ने की सौजन्य भेंट</title><link>https://cnin.co.in/राज्यपाल-डेका-से-पंजाब-के-राज्यपाल-कटारिया/78892</link><description>रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया और कटारिया ने भी श्री डेका को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा लोकभवन परिवार के साथ सामूहिक फोटोग्राफी भी कराई।</description ></item><item><title>शादी का झांसा देकर नाबालिग से अनाचार का आरोपी गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/शादी-का-झांसा-देकर-नाबालिग-से-अनाचार-का-आरोपी/78891</link><description>कांकेर। जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक युवक ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ अनाचार किया। जब नाबालिग ने शादी करने की बात कही तो युवक अपने वादे से मुकर गया। नाबालिग के पिता ने तुरंत मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की।प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना कांकेर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 64(2), 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी की पता तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने ग्राम धनोरा, जिला कोंडागांव में घेराबंदी की। इसके बाद आरोपी समीर नाग को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी समीर नाग ने नाबालिक के साथ इस कृत्य को करने की बात स्वीकार की। आरोपी समीर नाग निवासी धनोरा, जिला कोंडागांव को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल कर दिया है।</description ></item><item><title>जनगणना की ड्यूटी निभाते हुए घायल हुई शिक्षिका, अस्पताल पहुंचकर कलेक्टर ने बढ़ाया हौसला</title><link>https://cnin.co.in/जनगणना-की-ड्यूटी-निभाते-हुए-घायल-हुई/78890</link><description>रायपुर। जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचिकरण कार्य के दौरान रायपुर की एक शिक्षिका हादसे का शिकार हो गईं। शासकीय स्कूल माना में पदस्थ शिक्षिका एवं जनगणना प्रगणक श्रीमती माधुरी विश्वास ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गईं।घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद श्रीमती विश्वास को एमएमआई नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया। कलेक्टर डॉ. सिंह आज स्वयं अस्पताल पहुंचे और श्रीमती विश्वास से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली तथा बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉक्टरों के अनुसार वर्तमान में श्रीमती विश्वास की स्थिति स्थिर और सामान्य है।इस दौरान अपर कलेक्टर श्री मनीष मिश्रा भी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>वरिष्ठ भाजपा नेता व अपैक्स बैंक के पूर्व अध्यक्ष महावीर सिंह राठौड़ का निधन, नेताओं ने जताया शोक</title><link>https://cnin.co.in/वरिष्ठ-भाजपा-नेता-व-अपैक्स-बैंक-के-पूर्व/78889</link><description>कांकेर। भाजपा के वरिष्ठ नेता व व अपैक्स बैंक के पूर्व अध्यक्ष महावीर सिंह राठौड़ का बुधवार की देर रात निधन हो गया। उनके निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, पूर्व मुख्यमंत्री व छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डा. रमन सिंह समेत कई बड़े नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महावीर सिंह राठौड़ के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राठौड़ ने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा संगठन और समाज सेवा के लिए समर्पित भाव से काम किया। उनका सरल, सहज और कर्मठ व्यक्तित्व हमेशा लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगा। अपने शोक संदेश में कहा कि महावीर सिंह राठौड़ का निधन न सिर्फ भाजपा, बल्कि पूरे राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने भगवान श्रीराम से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक जीवन से अलग उनका महावीर सिंह राठौड़ से आत्मीय संबंध था। उनका मिलनसार स्वभाव और संगठन के प्रति समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राठौड़ का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। महावीर सिंह राठौड़ के निधन की खबर के बाद कांकेर सहित पूरे प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच शोक का माहौल है। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।</description ></item><item><title>साप्ताहिक मिलन हिंदू समाज को संगठित करने का प्रमुख केंद्र -नाग</title><link>https://cnin.co.in/साप्ताहिक-मिलन-हिंदू-समाज-को-संगठित-करने-का/78888</link><description>जगदलपुर। बजरंग दल के प्रांत संयोजक शुभम नाग का गुरूवार को एक दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर स्थित सीताराम शिवालय में एक बैठक आहूत की गई थी। बैठक की शुरुवात संघठन के पद्धति के अनुसार दीप प्रज्ज्वलित कर ब्रह्मनाद एवं विजय महामंत्र के पश्चात शुभम नाग ने कार्यकर्ताओं को अपने उद्बोधन में युवाओं को संगठन से जुड़कर राष्ट्र एवं धर्म सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होने कहा कि बजरंग दल की ध्येय वाक्य सेवा, सुरक्षा, संस्कार है, जिस पर बजरंग दल पर कार्य करता है। बजरंग दल हिंदू समाज की अपमान कतई बर्दाश्त नहीं करेगा उन्होंने विशेष रूप से साप्ताहिक मिलन केंद्र को और मजबूती से करने को कहा क्यों कि साप्ताहिक मिलन हिंदू समाज को संगठित करने का प्रमुख केंद्र है, इससे मठ मन्दिरों की सुरक्षा भी होगी।प्रांत संयोजक शुभम नाग ने कहा कि बस्तर में हो रहे अवैध कफन दफन के मामले आए दिन देखने को मिलते है ईसाई मिशनरी जानबूझकर गांव का माहौल खराब करने में कार्य करता है, और कई बार कांकेर आमाबेड़ा, नारायणपुर जैसे अप्रिय घटनाओं को अंजाम देने के फिराक में रहते है। जिससे प्रदेश का छवि धूमिल होती है। बस्तर क्षेत्र माता दंतेश्वरी माता मावली की पवित्र भूमि है, जिसमें भगवान राम ने वनवास काल में अपनी वनवास काल अधिकता समय यही पर काटी बस्तर देवी देवताओं की भूमि है यहां के लोग माटी को अपनी मां मानते है, मां के साथ कोई खिलवाड़ करे बर्दास्त योग्य नहीं है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करना चाहिए मिशनरी अपने हरकतों से बाज आ जाए अन्यथा भोगने के लिए तैयार रहे। बैठक के दौरान संघठन की आगामी कार्य योजना एवं गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा कर रायपुर में होने वाले बजरंग दल प्रशिक्षण वर्ग में सभी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण लेने का आग्रह किया।&amp;nbsp;विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप ने बस्तर में हो रहे अवैध धर्मांतरण का पुरजोर विरोध करके कहा कि बजरंग दल अब बर्दाश्त करने वाला नहीं है हमारे आदिवासी समाज को गुमराह करना बंद करे। जिला बस्तर शंकर लाल गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को धर्म विरोधी तत्व जैसे लोगों को निपटने के लिए हमेशा तत्पर रहने को कहा।इस इस बैठक में प्रांत संयोजक शुभम नाग, विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप, जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता, जिला धर्म प्रसार देवेंद्र कश्यप, जिला संयोजक विष्णु ठाकुर, सह संयोजक योगेश रैली, नगर संयोजक जगदीश ठाकुर, सह संयोजक अजय सिंह, गौ रक्षा प्रमुख शत्रुघ्न कश्यप, सह प्रमुख पवन , काशी चालकी, हेमराज कश्यप, एवं नगर के दायित्ववान कार्यकर्ता उपस्थित थे।</description ></item><item><title>ओडग़ी में दूर हुआ पेयजल संकट, क्रेडा द्वारा स्थापित किए गए नए सोलर पंप, दूरस्थ गांवों में पहुंची राहत</title><link>https://cnin.co.in/ओडग़ी-में-दूर-हुआ-पेयजल-संकट,-क्रेडा-द्वारा/78887</link><description>रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश पर भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ओडग़ी विकासखंड में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या के समाधान के लिए त्वरित पहल की गई है। क्रेडा विभाग द्वारा विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों और सार्वजनिक संस्थानों में नए सोलर पंप स्थापित किए जाने से भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने क्षेत्र में पेयजल संकट की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद क्रेडा विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पेंडारी एवं गोंडपारा, मोहरसोप और बनखेतापारा, नवाटोला एवं यादवपारा, कल्हुआ स्कूलपारा तथा बिहारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर पंप स्थापित किए। इन सोलर पंपों के शुरू होने से ग्रामीणों को अब स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से बिहारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सोलर पंप लगने से मरीजों और उनके परिजनों को भी राहत मिली है।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।</description ></item><item><title>बिलासपुर में 13 पेट्रोल-पंप सूखे, कुछ में लगा नो स्टॉक के बोर्ड</title><link>https://cnin.co.in/बिलासपुर-में-13-पेट्रोल-पंप-सूखे,-कुछ-में-लगा/78886</link><description>बिलासपुर। शहर और आउटर के करीब 13 पेट्रोल पंप पूरी तरह सूख चुके हैं और दूसरी ओर कई पेट्रोल पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड लग गए है। इसका ज्यादा असर एचपीसीएल के पंपों पर है, जबकि बीपीसीएल के पंप में डीजल-पेट्रोल की कमी हो गई है। आईओसीएल के कुछ पंप ड्राई हुए हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षाकृत जल्दी सप्लाई मिल जा रही है। शहर के प्रमुख पेट्रोल पंप के साथ ही जिले के पेट्रोल पंप में भी इन दिनों पेट्रोल-डीजल संकट गहराता नजर आ रहा है और लोगों को पेट्रोल पंपों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि जिन पंपों में पेट्रोल-डीजल बचा है, वहां भी कटौती शुरू हो गई है। लोग अब सामान्य से ज्यादा पेट्रोल डलवा रहे हैं। कई जगह वाहन चालकों की लाइन लग रही है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि जिले में पांच दिन का स्टॉक मौजूद है ।&amp;nbsp;टैगोर चौक, पुलिस पेट्रोल पंप, सीपत चौक और बैमा-नगोई चौक के पंपों पर सामान्य दिनों से ज्यादा भीड़ दिखी। कर्मचारियों का कहना है कि लोग पहले से ज्यादा पेट्रोल मांग रहे हैं। कई वाहन चालक साफ कह रहे हैं कि अगर बाकी पंप भी बंद हो गए तो परेशानी बढ़ जाएगी, इसलिए पहले से टंकी फुल करवा रहे हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों के पंप संचालकों ने अपने स्तर पर बिक्री सीमित कर दी है। बाइक चालकों को 500 की जगह 200 रुपए तक का पेट्रोल दिया जा रहा है। कार वालों को 1000 रुपए और बड़े वाहनों को सीमित डीजल मिल रहा है।संचालकों का कहना है कि एडवांस पेमेंट के बाद भी सप्लाई दो से तीन दिन की देरी से मिल रही है। पंप संचालकों के मुताबिक एचपीसीएल के पंपों में सबसे ज्यादा दिक्कत है। बीपीसीएल के पंप भी प्रभावित हैं। कुछ तेल कंपनियों ने हालात को देखते हुए सप्लाई नियंत्रण के लिए नई व्यवस्था लागू की है। कई पंपों पर एक बार में सीमित मात्रा में ही ईंधन देने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं 40 लीटर तो कहीं 50 लीटर तक की सीमा तय की गई है। इसका उद्देश्य कालाबाजारी रोकना और अधिक से अधिक लोगों तक ईंधन पहुंचाना है। हालांकि, इस व्यवस्था से बड़े वाहन संचालकों और ट्रांसपोर्टरों की परेशानी बढ़ गई है।फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने दावा किया है शहर के 9 पंप संचालकों का पेमेंट हो चुका है और उन्हें जल्द सप्लाई मिल जाएगी। चार सर्विस स्टेशनों का भुगतान लंबित है। ऑयल कंपनियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।वहीं, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा है कि जिले में बड़ी शॉर्टेज नहीं है और तेल कंपनियों के माध्यम से सप्लाई बहाल करने की प्रक्रिया जारी है।&amp;nbsp;इधर, पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष नवदीप सिंह अरोरा का कहना है कि कुछ पेट्रोल पंप ड्राई होने की सूचना मिली है लेकिन स्थिति चिंताजनक नहीं है। शहर का गंगा फ्यूल्स पहले से बंद है, जबकि नेहरू चौक का पंप तीन बार ड्राई हो चुका है। देवकीनंदन चौक का पंप भी एक माह से बंद है। बुधवार को आउटर के कई पंपों में अचानक पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया। कुछ पंप तीन दिन से सूखे पड़े हैं।</description ></item><item><title>शराब दुकान बंद करने तीन गांव के ग्रामीण बैठे धरने पर</title><link>https://cnin.co.in/शराब-दुकान-बंद-करने-तीन-गांव-के-ग्रामीण-बैठे/78885</link><description>राजनांदगांव। गेंदाटोला स्थित शराब दुकान को बंद करने की मांग लेकर लुलीकसा, लोनाटोला और कोयलारी के ग्रामीण गुरुवार को धरने पर बैठ गए। हालांकि शराब दुकान के मुद्दे को लेकर गैंदाटोला के लोग समर्थन में है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन की वजह से पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।मिली जानकारी के मुताबिक गैंदाटोला में शराब दुकान बंद कराने को लेकर ग्रामीणों के बीच मतभेद उभरे हैं। तीन गांव के लोगों ने शराब दुकान बंद कराने के लिए सीधे प्रशासन से मांग की है। आवाज उठाने वाले लुलीकसा, लोनाटोला और कोयलारी के ग्रामीण शराब दुकान के संचालन से गांव में माहौल खराब होने की शिकायत कर रहे हैं। प्रशासन से भी लिखित तौर पर उक्त गांव के ग्रामीणों ने शराब दुकान बंद करने की मांग की थी। जबकि गैंदाटोला के रहवासी इस मामले को लेकर मौन साधे हुए हैं। पिछले दिनों गैंदाटोला के लोगों ने खुलकर शराब दुकान संचालन के लिए सहमति जताई थी।</description ></item><item><title>भारती के सपनों को मिला पक्का आधार, कच्चे मकान के संघर्ष से मिली मुक्ति</title><link>https://cnin.co.in/भारती-के-सपनों-को-मिला-पक्का-आधार,-कच्चे-मकान/78884</link><description>00 देवरीकला शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सौंपी गई घर की चाबी, महतारी वंदन योजना से भी संवर रहा जीवनरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित हो रहा सुशासन तिहार आम नागरिकों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा लेकर आ रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं अब कागजों से निकलकर सीधे जरूरतमंदों के दरवाजे तक पहुँच रही हैं। ऐसी ही एक सुखद तस्वीर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम दमदम से सामने आई है, जहाँ भारती नामक महिला के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना वरदान साबित हुई हैं।कच्चे मकान की दुश्वारियों का हुआ अंतभारती और उनका परिवार वर्षों से एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। हर मानसून उनके लिए आफत बनकर आता था, छत से टपकता पानी और आंधी-तूफान के डर के बीच पूरा परिवार रातें जागकर काटता था। आर्थिक तंगी के कारण पक्का घर बनाना भारती के लिए एक अधूरा सपना था, जिसे प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता ने हकीकत में बदल दिया है।समाधान शिविर में मिली खुशियों की चाबीसुशासन तिहार के उपलक्ष्य में 6 मई को देवरीकला में आयोजित समाधान शिविर भारती के जीवन का टर्निंग पॉइंट बना। यहाँ उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नवनिर्मित पक्के मकान की चाबी और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। चाबी हाथ में लेते ही भारती की आँखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, अब मेरा परिवार सुरक्षित है। मुख्यमंत्री जी की बदौलत हमें सिर छुपाने के लिए पक्की छत और समाज में सम्मानजनक जीवन मिला है।महतारी वंदन योजना से आर्थिक संबलसिर्फ छत ही नहीं, बल्कि भारती को महतारी वंदन योजना की 27वीं किश्त भी प्राप्त हुई है। इस निरंतर मिल रही आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। भारती बताती हैं कि इन पैसों से वे घर की छोटी-मोटी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।सुशासन का बढ़ता प्रभावजिला प्रशासन की टीमें सुशासन तिहार के माध्यम से सुदूर अंचलों तक पहुँचकर स्थल पर ही समस्याओं का निपटारा कर रही हैं। भारती की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि शासन की नीयत साफ और क्रियान्वयन प्रभावी हो, तो अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में भी वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।</description ></item><item><title>अनुदान पर ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और रोटावेटर जैसे कृषि यंत्रों के लिए आवेदन 15 मई से</title><link>https://cnin.co.in/अनुदान-पर-ट्रैक्टर,-हार्वेस्टर-और-रोटावेटर/78883</link><description>00 चेम्प्स पोर्टल के माध्यम से किसान कर सकेंगे ऑनलाइन पंजीकरणरायपुर। अनुदान पर कृषि यंत्रों एवं सिंचाई पंपों (जैसे- डीजल/विद्युत पंप, ड्रिप सिस्टम) के लिए किसान चेम्प्स पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र और भूमि दस्तावेज़ (खसरा/बी-1) आवश्यक हैं।छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चेम्प्स प्रणाली के अंतर्गत कृषि यंत्रों और सिंचाई उपकरणों पर अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत किसानों को ड्रिप-स्प्रिंकलर, शक्ति चलित कृषि यंत्र और सिंचाई पंप रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर हेतु के लिए 07 मई 2026 से आवेदन स्वीकार किए जा रहे है। इसी प्रकार शाकम्भरी योजना के अंतर्गत सिंचाई पंपों हेतु 11 मई 2026, कृषि यांत्रिकीकरण सबमिशन के तहत ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटावेटर एवं अन्य शक्ति चलित कृषि यंत्रों के लिए 15 मई 2026 से आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।इच्छुक कृषक निर्धारित तिथियों पर प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे के बीच अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए किसानों को की आधिकारिक वेबसाइट http://champs.cgstate.gov.in/ का उपयोग करना होगा।</description ></item><item><title>केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने सुरक्षा काफिल में शामिल गाडिय़ों की संख्या किया कम </title><link>https://cnin.co.in/केंद्रीय-राज्यमंत्री-तोखन-साहू-ने-सुरक्षा/78882</link><description>बिलासपुर। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने अपने सुरक्षा काफिले, फॉलो वाहन और आधिकारिक कन्वॉय में शामिल गाडिय़ों की संख्या कम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी और संसाधनों के संतुलित उपयोग की सोच से प्रेरित होकर लिया है।साहू ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए संसाधनों का जिम्मेदार और संतुलित उपयोग समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर देशवासियों को सादगी, ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित में सादगी, ऊर्जा संरक्षण, आत्मनिर्भरता और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को केवल सरकारी पहल तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक जनआंदोलन बनाया जाना चाहिए।साहू ने लोगों से भी अपील की कि वे दैनिक जीवन में छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर ऊर्जा और संसाधनों की बचत में योगदान दें। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही देश आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकता है।</description ></item><item><title>मत्स्य संपदा योजना से पुरुषोत्तम के एक्वा हब ने बदली केकराखोली की सूरत</title><link>https://cnin.co.in/मत्स्य-संपदा-योजना-से-पुरुषोत्तम-के-एक्वा-हब/78881</link><description>00 80 डिसमिल जमीन पर खड़ा किया मुनाफे का आधुनिक साम्राज्य, खुद बने आत्मनिर्भर, 10 ग्रामीणों को भी दिया रोजगाररायपुर। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना भारत सरकार द्वारा मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत विकास के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। का उद्देश्य मछली उत्पादन बढ़ाना, मछुआरों की आय दोगुनी करना, आधुनिक तकनीक अपनाना और कटाई के बाद के नुकसान को कम करना है। बायोफ्लॉक, केज कल्चर और आरएएस जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देकर मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय बढ़ाना और रोजगार के अवसर पैदा करना।छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में अब युवा पारंपरिक खेती की सीमाओं को लांघकर आधुनिक तकनीकों के दम पर स्वरोजगार की नई इबादत लिख रहे हैं। धमतरी जिले के ग्राम केकराखोली निवासी पुरुषोत्तम राम मरकाम आज राज्य के हजारों युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के सहयोग और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के बल पर पुरुषोत्तम ने मछलीपालन को एक बेहद सफल और मुनाफे वाले बिजनेस में तब्दील कर दिया है।वैज्ञानिक प्रशिक्षण से मिली सफलता की चाबीशुरुआत में पुरुषोत्तम पारंपरिक तरीके से मछलीपालन कर रहे थे, लेकिन अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था। उन्होंने हार मानने के बजाय बड़ौदा आरसेटी से वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। यहाँ उन्होंने जल प्रबंधन, बायो-फ्लॉक और उन्नत प्रजातियों के पालन की बारीकियाँ सीखीं। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति से पंगेसियस और रूपचंदा जैसी प्रजातियों का पालन शुरू किया, जिससे उनके उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई।17 लाख की सरकारी मदद ने बदला भाग्यशासन की मत्स्य संपदा योजना पुरुषोत्तम के लिए गेम-चेंजर साबित हुई। योजना के तहत उन्हें 17 लाख रुपये की सहायता और आवश्यक सामग्री प्राप्त हुई। उन्होंने अपनी 80 डिसमिल निजी भूमि पर लगभग 8 लाख रुपये के निवेश से अत्याधुनिक फिश टैंकों का निर्माण कराया। वर्तमान में उनके टैंकों में करीब 10 टन मछली तैयार है। हाल ही में मात्र 2 क्विंटल मछली बेचकर उन्होंने 40 हजार रुपये की आय अर्जित की है। वह न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सुदृढ़ हुए हैं, बल्कि गाँव के 8 से 10 लोगों को नियमित रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं।प्रशासन ने की नवाचार की सराहनाहाल ही में धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने केकराखोली का भ्रमण कर पुरुषोत्तम के एक्वा हब का अवलोकन किया। उन्होंने पुरुषोत्तम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इस तरह के नवाचार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं। जिला प्रशासन ऐसे कर्मठ युवाओं को तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।भविष्य का लक्ष्य खुद की फीड यूनिटपुरुषोत्तम अब केवल मछली उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहते। उनका अगला लक्ष्य स्थानीय स्तर पर मछली दाना (फीड) निर्माण इकाई स्थापित करना है। उनका मानना है कि क्षेत्र में फीड उपलब्ध होने से अन्य मत्स्य पालकों की लागत कम होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। पुरुषोत्तम राम मरकाम ने कहा कि मेरी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की जनहितैषी योजनाओं और मेरे परिवार के अटूट सहयोग को जाता है। यदि सही हुनर और सरकारी प्रोत्साहन मिले, तो गांव की माटी से भी सोना उपजाया जा सकता है।</description ></item><item><title>सुशासन शिविर में 850 ग्रामीणों ने ली नशामुक्ति की शपथ</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-शिविर-में-850-ग्रामीणों-ने-ली-नशामुक्ति/78880</link><description>00 नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जनजागरूकता का दिया गया संदेशरायपुर। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत फर्सवानी, जनपद पंचायत सारंगढ़ में आयोजित सुशासन शिविर में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत लगभग 850 ग्रामीणों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।</description ></item><item><title>सुशासन तिहार में हंगामे के बाद पार्षद प्रीति समुंद्रे समेत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-तिहार-में-हंगामे-के-बाद-पार्षद-प्रीति/78879</link><description>राजनांदगांव। डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र में आयोजित सुशासन तिहार-2026 के दौरान विरोध प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने पार्षद प्रीति चमन समुंद्रे सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।मामला डोंगरगढ़ के अंबेडकर सांस्कृतिक भवन इंदिरा नगर का है, जहां शिविर के दौरान कथित रूप से शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, अधिकारियों-कर्मचारियों को भवन के अंदर बंद करने और बिजली कनेक्शन काटने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के अनुसार 13 मई 2026 को आयोजित सुशासन तिहार शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। इस दौरानम काम में बाधा डालने की शिकायत नगर पालिका परिषद डोंगरगढ़ में पदस्थ सहायक राजस्व निरीक्षक महेंद्र करसे ने दर्ज कराई है। एफआईआर में कहा गया है कि पट्टा वितरण की मांग को लेकर वार्ड पार्षद प्रीति चमन समुंद्रे अपने समर्थकों के साथ शिविर स्थल पहुंचीं और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों को सांस्कृतिक भवन के भीतर बंद कर बाहर से ताला लगा दिया गया। इतना ही नहीं, शिविर स्थल का बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया, जिससे कार्यक्रम बाधित हो गया। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी और अन्य दस्तावेजों को भी प्रभावित किया गया। डोंगरगढ़ थाना पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 127(2), 221, 324(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है।</description ></item><item><title>नारसापुर के फड़ मुंशी ने 70 परिवारों को तेंदूपत्ता तोडऩे नहीं दिया</title><link>https://cnin.co.in/नारसापुर-के-फड़-मुंशी-ने-70-परिवारों-को/78878</link><description>बीजापुर। जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत नारसापुर गांव के फड़ मुंशी की लापरवाही के कारण लगभग 70 परिवारों को तेंदूपत्ता तोडऩे नहीं दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि फड़ मुंशी ने अधिक काम होने तथा अपने ट्रैक्टर को रेती और मिट्टी ढुलाई जैसे निजी कार्यों में लगाए रखने का हवाला देकर पत्ता तुड़ाई बंद करा दी। इसके चलते बड़ी मात्रा में पत्ता जंगल में ही खराब होने की आशंका बढ़ गई है।&amp;nbsp;ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्षों बाद जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण शुरू होने से उनके चेहरे पर खुशी लौटी थी और उन्हें रोजगार व अतिरिक्त आय की उम्मीद जगी थी, लेकिन प्रबंधक एवं फड़ मुंशी की लापरवाही ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पत्ता नहीं टूटने से कई परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नारसापुर के ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर तेंदूपत्ता तुड़ाई शुरू कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को रोजगार और उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल सके।</description ></item><item><title>एशियाई मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव का दमदार प्रदर्शन, जीते सिल्वर और कांस्य पदक</title><link>https://cnin.co.in/एशियाई-मंच-पर-छत्तीसगढ़-की-बेटी-ज्ञानेश्वरी/78877</link><description>00 मंत्री राजवाड़े ने दी बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर। राजनांदगांव की युवा वेटलिफ्टर सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने सीनियर एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है। 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए उन्होंने सिल्वर और कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने एशियाई स्तर पर जो उपलब्धि हासिल की है, वह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और ज्ञानेश्वरी की यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश है। श्रीमती राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव आने वाले समय में देश के लिए और बड़े कीर्तिमान स्थापित करेंगी तथा युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करेंगी।</description ></item><item><title>फाफाडीह इलाके से 15 जुआरी गिरफ्तार, 1,54,500 नगद सहित मोबाइल फोन जप्त</title><link>https://cnin.co.in/फाफाडीह-इलाके-से-15-जुआरी-गिरफ्तार,-1,54,500-नगद/78876</link><description>रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के गंज पुलिस एवं रात्रि गश्त टीम ने बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात में फाफाडीह इलाके से 15 जुआरियो को गिरफ्तार किया और उनके पास से 1,54,500 रुपये नगद, मोबाइल फोन सहित जुआ खेलने में प्रयुक्त वाहन को जप्त किया।&amp;nbsp;पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार थाना गंज पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि गंज थाना क्षेत्र के फाफाडीह इलाके में एक मैदान में कुछ व्यक्ति रूपयों का दांव लगाकर हार-जीत का जुआ खेल रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए गंज पुलिस टीम द्वारा आस पास की अन्य टीमों के साथ तत्काल मौके पर दबिश दिया और 15 जुआरियों को जुआ खेलते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से कुल 1,54,500 रुपये नगद, 52 नग ताश पत्ती, मोबाइल फोन एवं जुआ खेलने में प्रयुक्त वाहन को जप्त। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई।&amp;nbsp;गिरफ्तार आरोपी1. सतपाल सिंह, निवासी देवेन्द्र नगर, रायपुर2. गजेन्द्र कुमार साहू, निवासी डीडीनगर, रायपुर3. ओमप्रकाश चन्द्रा, निवासी सारंगढ़-बिलाईगढ़4. परमानंद कुर्रे, निवासी महासमुंद5. नरेन्द्र सागर, निवासी कोतवाली क्षेत्र, रायपुर6. दीपक पात्रे, निवासी नेहरूनगर, रायपुर7. विक्की रोचवानी, निवासी टिकरापारा, रायपुर8. संजय कुकरेजा, निवासी डीडीनगर, रायपुर9. अभिषेक माणिकपुरी, निवासी टिकरापारा, रायपुर10. ओंकार साहू, निवासी पुरानी बस्ती, रायपुर11. बब्बू उर्फ पवन कस्तूरिया, निवासी न्यू राजेन्द्र नगर, रायपुर12. कमल रन्झेला, निवासी न्यू राजेन्द्र नगर, रायपुर13. सौरभ जैन, निवासी न्यू राजेन्द्र नगर, रायपुर14. मुकेश नारायणी, निवासी न्यू राजेन्द्र नगर, रायपुर15. मोहित धीवानी, निवासी पुरानी बस्ती, रायपुर</description ></item><item><title>रिटायर्ड कर्नल डा. आर.पी. पांडेय का निधन</title><link>https://cnin.co.in/रिटायर्ड-कर्नल-डा.-आर.पी.-पांडेय-का-निधन/78875</link><description>रायपुर। समता कॉलोनी निवासी रिटायर्ड कर्नल डा. राधू प्रसाद पांडेय (आर.पी. पाडेय) का मध्यरात्रि निधन हो गया। अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे मरवाड़ी शमशान घाट में किया जाएगा। 93 वर्षीय श्री पांडेय 65-71 के वार में सेवारत रहे है। श्री पांडेय शकुंतला पांडेय के पति एवं छत्तीसगढ़ माइनिंग कार्पोरेशन के सेवानिवृत्त अधिकारी सुनील पांडेय व मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित शहीद राजीव पांडेय के पिता थे।</description ></item><item><title>बिरगांव नगर पालिक निगम क्षेत्र के नाली में मिला नवजात का शव</title><link>https://cnin.co.in/बिरगांव-नगर-पालिक-निगम-क्षेत्र-के-नाली-में/78874</link><description>रायपुर। बिरगांव नगर पालिक निगम क्षेत्र में गुरुवार सुबह जब नाली में एक कपड़े में लिपटा नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गया। उरला थाना पुलिस ने अज्ञात शव को कब्जा में लेने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए अंबेडकर अस्पताल लेकर आई जहां रिपोर्ट आने के बाद मामले का खुलासा हो सकेगा। वहीं पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से भी जांच-पड़ताल में जुट गई है।&amp;nbsp;स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह कुछ राहगीरों ने नाली में कपड़े में लिपटा नवजात देखा। करीब जाकर देखने पर पता चला कि बच्चे की मौत हो चुकी है। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही उरला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी ने जन्म के बाद नवजात को नाली में फेंक दिया। हालांकि बच्चा मृत पैदा हुआ था या जन्म के बाद उसकी मौत हुई, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही इलाके के अस्पतालों, क्लीनिक और दवाई दुकानों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को यहां कौन छोड़कर गया?</description ></item><item><title>राज्यपाल डेका से केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री पासवान ने किया सौजन्य भेंट</title><link>https://cnin.co.in/राज्यपाल-डेका-से-केन्द्रीय-ग्रामीण-विकास/78873</link><description>रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया।</description ></item><item><title>मैदान गीला होने की वजह से टॉस में देरी, 8:15 बजे निरीक्षण</title><link>https://cnin.co.in/मैदान-गीला-होने-की-वजह-से-टॉस-में-देरी,-8:15-बजे/78872</link><description>&amp;nbsp;रायपुर--आईपीएल 2026 का 57वां मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच खेला जाना है। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में टॉस 7:00 बजे होना था, लेकिन मैदान गीला होने की वजह से देरी हो रही है। रात 8:15 बजे निरीक्षण किया जाएगा।यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम है। आरसीबी जीत के साथ प्ले-ऑफ में अपनी जगह पक्की करना चाहेगी, जबकि कोलकाता के लिए टूर्नामेंट में बने रहने के लिए जीत जरूरी है। बेंगलुरु 14 पॉइंट्स के साथ टेबल में टॉप पर है।&amp;nbsp;दोनों टीम की पॉसिबल प्लेइंग-11&amp;nbsp;बेंगलुरु- विराट कोहली, जैकब बेथेल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रसिख सलाम।&amp;nbsp;कोलकाता- अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती और वैभव अरोड़ा।.</description ></item><item><title>अमूल दूध 2 रुपए महंगा हुआ</title><link>https://cnin.co.in/अमूल-दूध-2-रुपए-महंगा-हुआ/78871</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;नई दिल्ली-अमूल ने बुधवार को दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी कर दी है। नए दाम गुरुवार (14 मई) से लागू होंगे। गुजरात कॉपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के मुताबिक, अमूल दूध के प्रमुख वेरिएंट और पैक पर कीमतें बढ़ाई गई हैं।अब ताजा 57, गोल्ड 70 प्रति लीटर मिलेगा.कंपनी का कहना है कि यह बढ़ोतरी 2.5' से 3.5' के बीच है। मई 2025 के बाद पहली बार दूध के दाम बढ़ाए गए हैं। पशु आहार, पैकेजिंग और ईंधन की लागत बढऩे के कारण यह फैसला लिया गया।&amp;nbsp;को-ऑपरेटिव के मुताबिक, दूध के उत्पादन और ऑपरेशनल खर्च में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पशु चारे की बढ़ती कीमत और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढऩे की वजह से समय-समय पर दूध की कीमतों में बदलाव करना पड़ता है। पिछले कुछ सालों में डेयरी इंडस्ट्री पर इनपुट कॉस्ट का दबाव काफी बढ़ गया है।</description ></item><item><title> मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल और सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव</title><link>https://cnin.co.in/-मुख्यमंत्री-कन्या-विवाह-योजना-:-शासन-बना/78870</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;विशेष लेख--डॉ. दानेश्वरी संभाकर,,उप संचालक (जनसंपर्क)&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर--छत्तीसगढ़ में इन दिनों जब भी सामूहिक विवाह समारोहों में शहनाइयां गूंजती हैं, तो वह केवल दो लोगों के वैवाहिक बंधन में बंधने का अवसर नहीं होता, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और संवेदनशील शासन व्यवस्था का जीवंत उत्सव बन जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में यह योजना प्रदेश में सामाजिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। हजारों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाली यह पहल वास्तव में &amp;nbsp;'बेटियों के साथ सुशासन का आशीर्वादÓ बनकर उभरी है।&amp;nbsp; &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने हजारों गरीब परिवारों की चिंताओं को कम करते हुए बेटियों के सपनों को नई पहचान दी है। यह योजना आज प्रदेश में सामाजिक समरसता, महिला सम्मान और जनकल्याण का ऐसा मॉडल बन चुकी है, जिसने यह साबित किया है कि शासन की योजनाएं यदि संवेदनशील सोच के साथ लागू हों, तो वे सीधे लोगों के जीवन में खुशियां ला सकती हैं।गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेटियों का विवाह अक्सर आर्थिक चिंता का बड़ा कारण बन जाता है। कई बार परिवार कर्ज लेने को मजबूर होते हैं, तो कई बार सामाजिक दबाव और फिजूलखर्ची उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर देती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत की गई।योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि विवाह को गरिमामय, सादगीपूर्ण और सामाजिक सहयोग का माध्यम बनाना है। यह योजना सामूहिक विवाहों को बढ़ावा देकर दहेज जैसी कुरीतियों पर भी प्रभावी रोक लगाने का काम कर रही है।राज्य शासन ने योजना को और अधिक मानवीय स्वरूप देते हुए विधवा, अनाथ और निराश्रित कन्याओं को भी इसमें शामिल किया है, इससे यह योजना सामाजिक सुरक्षा और संवेदनशीलता की मिसाल बन गई है।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों तथा मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के कार्डधारी परिवारों की 18 वर्ष से अधिक आयु की अधिकतम दो कन्याओं को लाभ प्रदान किया जाता है।प्रत्येक कन्या विवाह हेतु शासन द्वारा अधिकतम 50 हजार रुपये तक सहायता दी जाती है। इसमें वर-वधु के लिए श्रृंगार सामग्री, उपहार सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही 35 हजार रुपये की राशि बैंक ड्राफ्ट के रूप में दी जाती है, जिससे नवदंपति आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ अपने नए जीवन और खुशहाल की शुरुआत कर सकें। विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी प्रति कन्या 8 हजार रुपये तक खर्च किया जाता है।--- 24 हजार से अधिक बेटियों के जीवन में आई नई खुशियां&amp;nbsp;मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 24 हजार से अधिक बेटियों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। यह केवल एक सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों की खुशी और राहत की कहानी है, जिनके लिए बेटियों का विवाह कभी बड़ी चिंता हुआ करता था।&amp;nbsp; &amp;nbsp;प्रदेश सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3200 विवाहों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 347 विवाह पहले ही संपन्न हो चुके थे, जबकि 8 मई 2026 को आयोजित राज्यव्यापी सामूहिक विवाह समारोहों में 1385 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस प्रकार अब तक कुल 1732 जोड़े वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत कर चुके हैं।&amp;nbsp; &amp;nbsp;8 मई 2026 को प्रदेशभर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों ने छत्तीसगढ़ को उत्सवमय बना दिया। रायपुर से लेकर दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक हजारों लोगों ने इन आयोजनों में भाग लिया। हर जिले में पारंपरिक रीति-रिवाजों और सादगी के साथ विवाह सम्पन्न हुए।&amp;nbsp; &amp;nbsp;इन समारोहों की सबसे बड़ी खूबी इसकी समावेशी भावना रही। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़े अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह बंधन में बंधे। यह दृश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बन गया।&amp;nbsp;--महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की संवेदनशील पहल&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस योजना को प्रभावी और जनहितकारी स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रदेशभर में सुव्यवस्थित सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।&amp;nbsp; &amp;nbsp;श्रीमती राजवाड़े लगातार यह सुनिश्चित कर रही हैं कि हर आयोजन में नवदंपति और उनके परिजनों को गरिमापूर्ण वातावरण मिले। विवाह स्थलों की सजावट, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था विभाग द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल सहायता योजना नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और सामाजिक समानता का अभियान है।&amp;nbsp;--6412 जोड़ों का विवाह और विश्व रिकॉर्ड&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने राष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाई है। 10 फरवरी 2026 को आयोजित वृहद सामूहिक विवाह समारोह में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम ऐतिहासिक बन गया और इसके लिए छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।&amp;nbsp; &amp;nbsp;यह उपलब्धि दर्शाती है कि सामूहिक विवाह केवल सामाजिक सहयोग का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और जनभागीदारी की मजबूत मिसाल भी बन सकता हैं।&amp;nbsp;-- सुशासन का संवेदनशील चेहरा&amp;nbsp;मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आज छत्तीसगढ़ में सुशासन के संवेदनशील और मानवीय स्वरूप का प्रतीक बन चुकी है। यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को सम्मान, परिवारों को आत्मविश्वास और समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम कर रही है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना में गड़बड़ी पर सख्ती ई-केवायसी के नाम पर शुल्क वसूलने वाले 4 सीएससी सेंटर ब्लॉक</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-में-गड़बड़ी-पर-सख्ती-ई/78869</link><description>रायपुर। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के ई-केवायसी कार्य में अनियमितता और शुल्क वसूली की शिकायतों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। महासमुंद जिले में ई-केवायसी के एवज में हितग्राहियों से राशि मांगने के आरोप में 4 सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक कर दी गई है।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर प्रोजेक्ट मैनेजर रायपुर की टीम ने जांच की। जांच में शिकायतें सही पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महतारी वंदन योजना अंतर्गत ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी प्रकार की राशि लेना नियम विरुद्ध है।प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय या सीएससी सेंटर में ई-केवायसी के नाम पर शुल्क मांगा जाता है, तो इसकी तत्काल शिकायत करें, ताकि संबंधित केंद्रों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा सके।जिन सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक की गई है, उनमें सरायपाली क्षेत्र के परशुराम रात्रे, राजू बरिहा और नरहरि कुमार तथा बसना क्षेत्र की वृंदावती भोई शामिल हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि योजना में गड़बड़ी या हितग्राहियों से अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</description ></item><item><title>देश-प्रदेश से नक्सल आतंक का सफाया होना इन सभी बलिदानी विभूतियों को सच्ची श्रद्धांजलि है - गृहमंत्री शर्मा</title><link>https://cnin.co.in/देश-प्रदेश-से-नक्सल-आतंक-का-सफाया-होना-इन-सभी/78868</link><description>00 लोकतंत्र और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों को कभी भी राजनीति का उपकरण नहीं बनने देना चाहिए00 कांग्रेस आंतरिक और वाह्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राजनीति करने से बजेरायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में बुधवार को नक्सल उन्मूलन प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय ने विस्तृत जानकारी दी, जिसका वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने समर्थन किया। गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की पहचान के साथ नासूर की तरह जुड़े माओवादी आतंक का सफाया होना डबल इंजन सरकार की एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि जिसे देश की शीर्ष उपलब्धियों में से एक के रूप में हमेशा स्मरण किया जाएगा। भारत की आंतरिक सुरक्षा पर सबसे बड़ी चुनौती करार दिए गए इस कम्यूनिस्ट आतंक की समाप्ति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी और डबल इंजन की सरकार के कारण संभव हो पाया है। समयबद्ध तरीके से 31 मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन के संकल्प को सिद्ध कर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य बना दिया है। नक्सल उन्मूलन की इस सफलता के पीछे हमारे सुरक्षा बलों का योगदान भी अभिनंदनीय है। हमारे सुरक्षा बलों, प्रदेश के दर्जनों नेताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं, हजारों आदिवासियों के बलिदान के बाद यह संभव हो पाया है। भाजपा के भी सौ से अधिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधि, विधायक आदि ने इस नक्सल हमलों में अपने प्राणों की आहुति दी है। देश-प्रदेश से नक्सल आतंक का सफाया होना इन सभी बलिदानी विभूतियों को सच्ची श्रद्धांजलि है। लोकतंत्र और भारतीय संविधान की रक्षा की दृष्टि से यह उपलब्धि मील का पत्थर है।&amp;nbsp;भाजपा का यह स्पष्ट मत है कि आतंक किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता। लोकतंत्र और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों को कभी भी राजनीति का उपकरण नहीं बनने देना चाहिए। निहित राजनीतिक स्वार्थ के लिए ऐसे आतंक को आसरा और प्रश्रय देने वाले राजनीतिक दलों को भी इससे सबक लेते हुए अपने संविधान विरोधी हरकतों से बाज आना चाहिए। नक्सल उन्मूलन की यह महान उपलब्धि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन की सरकार के कारण मिलना संभव हुआ है। विश्व के सबसे बड़े नेता हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी, गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का इस्पाती संकल्प और हमारे वीर जवानों की भुजा की ताकत से भारत की इस आतंक का सफाया संभव हो पाया है।&amp;nbsp;केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के सफाए के संकल्प के बाद सभी जी-जान से जुट गए थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायजी के नेतृत्व में हमने एक बेहतर पुनर्वास नीति बनायी। पूना मारगेम- पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के माध्यम से हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को पुनर्वास, सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर प्रदान किए। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और विश्वास के वातावरण को और अधिक सुद्ढ बनाना है, कि बस्तर क्षेत्र में शांति और प्रगति की नई संभावनाएँ साकार हो सकें। हमने मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को यह विश्वास दिलाया कि वे अगर हिंसा हथियार त्याग देंगे तो शासन उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को नियमानुसार आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। हर वह उपाय किये गए जिससे स्थायी रूप से वे मुख्यधारा के जीवन से जुड़ सकें।&amp;nbsp;30 मार्च 2026 को लोकसभा में श्री अमित शाहजी ने स्पष्ट किया कि एक समय जो वामपंथी उग्रवाद 12 राज्यों तक फैला हुआ था, देश के लगभग 17' भूभाग को प्रभावित करता था और करोड़ों लोगों को अपने प्रभाव क्षेत्र में रखता था, वह अब सिमटकर दो जिलों तक रह गया है। हम नक्सल मुक्त हो गए हैं। देश भर के नक्सल आतंक का 70 प्रतिशत से अधिक छत्तीसगढ़ और ख़ास कर बस्तर में बचा हुआ था, अब इस आतंक की समाप्ति के बाद बस्तर के जनजातीय बन्धु भी प्रदेश के विकास के साथ-साथ चल पायेंगे।&amp;nbsp;सामन्यतया यह बताया जाता रहा है कि नक्सलवाद को वंचितों का आंदोलन या विकास की विफलता का परिणाम था, लेकिन यह व्याख्या पूर्ण नहीं है। यदि गरीबी ही इसका मूल कारण होती, तो देश के अनेक ऐसे क्षेत्र जहाँ आर्थिक पिछड़ापन समान या उससे अधिक था, वो नक्सलवाद के केंद्र बनते। परंतु ऐसा नहीं हुआ। कुछ विशिष्ट क्षेत्र ही इसके प्रभाव में आए, और वही क्षेत्र दशकों तक इसके मुख्य आधार बने रहे। यह चयन संयोग नहीं कहा जा सकता। वास्तव में नक्सलवाद का मूल कारण विकास की कमी नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जिसने उन क्षेत्रों को चुना जहाँ राज्य की उपस्थिति सीमित थी और जहाँ अपने लिए आधार निर्मित करना संभव था। जिस तंत्र को अक्सर विकास की प्रतिक्रिया कहा जाता है, वह स्वयं विकास को बाधित करने वाला कारक भी रहा है।&amp;nbsp;यहां यह बात स्पष्ट तौर पर कहना होगा कि माओवादी आतंक को कांग्रेस द्वारा आसरा और प्रश्रय दिया जाता रहा है। जिस विकास की कमी को बहाना बनाया गया उस कमी की जिम्मेदार भी कांग्रेस ही रही है क्योंकि जब-जब और जहां जहां माओवादियों को पैर पसारने का बहाना मिला, वहां-वहां तब कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों का शासन ही था। बात चाहे नक्सलवाडी की हो, बिहार, आन्ध्र प्रदेश या अविभाजित मध्यप्रदेश की, हर जगह उस समय कांग्रेस का ही शासन रहा। इसके अलावा अनेक ऐसे साक्ष्य चीख-चीख कर कह रहे हैं कि कांग्रेस ने न केवल अपने बयानों से बल्कि कृत्यों से भी नक्सलवाद को खाद पानी देने, उसे संरक्षण देने का काम किया है। चाहे आदिवासियों के आन्दोलन 'सलवा जुडूमÓ को हतोत्साहित करने का विषय हो या उसके विरुद्ध फैसला देने वाले जज को कांग्रेस द्वारा उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाना, राहुल गांधी जी द्वारा झीरम हमले में नक्सलियों को क्लीन चिट देने का मामला हो या पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा झीरम का साक्ष्य जेब से नहीं निकालना, कांग्रेस के तमाम नेताओं द्वारा नक्सल समर्थक बयान दिलवाना हो या यूपीए के शासन में शहरी नक्सलियों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां देना, कांग्रेस ने हमेशा न केवल माओवादी विरोधी लड़ाई को कमजोर करने का काम किया बल्कि उसे प्रश्रय भी देते रहे।&amp;nbsp;छत्तीसगढ़ में वर्ष 2018 से 2023 के बीच 5 वर्षों तक कांग्रेस पार्टी की सरकार थी, इस दौरान भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे। भूपेश बघेल की सरकार के दौरान कई ऐसे मामले देखने को मिले, जो स्पष्ट रूप कांग्रेस सरकार द्वारा माओवादियों के प्रति 'सॉफ्ट कॉर्नरÓ की भावना और परोक्ष सहयोग को उजागर करती है। यह सिलसिला शुरू हुआ वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से। कांग्रेस के लोग चुनाव में भी नक्सलियों से समर्थन मांगने से परहेज नहीं करते थे। जब इन नक्सलियों का ख़ात्मा किया जा रहा था, तब माओवादी समर्थकों के साथ-साथ कांग्रेस के नेता भी $फोर्स पर $फजऱ्ी एंकाउंटर का आरोप लगा रहे थे। नक्सल एनकाउंटर के बाद कांग्रेस पार्टी ने अलग-अलग मोर्चों से इस एनकाउंटर को फर्जी बताने से लेकर माओवादी आतंकियों को शहीद बताने का काम किया था।&amp;nbsp;कांग्रेस की सरकार के समय भारत की आंतरिक सुरक्षा पर सबसे बड़ी चुनौती करार दिए गए माओवादी आतंक का खात्मा वास्तव में एक ऐसी उपलब्धि है जिसने हमारे लोकतंत्र को अत्यधिक सशक्त बनाया है, साथ ही भारतीय संविधान को भी उन क्षेत्रों में भी लागू होना संभव हुआ है जहां इससे पहले माओवादियों की अनुमति के बिना परिंदा भी पर नहीं मार सकता था।इस महान उपलब्धि के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को अशेष अभिनन्दन। साथ ही कांग्रेस के लिए एक और सबक कि आंतरिक और वाह्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राजनीति करने से वह बाज आये। कांग्रेस को यह ध्यान रखना होगा कि क्षुद्र राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे आतंक को प्रश्रय न दे।</description ></item><item><title>नेतानार में रात्रि विश्राम करेंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, आयोजन की तैयारियां जोरों पर</title><link>https://cnin.co.in/नेतानार-में-रात्रि-विश्राम-करेंगे-केंद्रीय/78867</link><description>जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 18 मई को दो दिवसीय बस्तर प्रवास प्रस्तावित है। इस दौरे को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं बस्तर के विकास के लिए रोडमैप तैयार करने के लिए देश के चार राज्यों के मुख्यमंत्री भी बस्तर पहुंचने वाले हैं।&amp;nbsp;जगदलपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित भूमकाल आंदोलन के जननायक गुंडाधुर का पैतृक गांव नेतानार में अमित शाह के कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर चल रही है। यहां पर मैदान तैयार हो रहा है और टेंट के लिए बांस और बल्लियों को लगाने का काम शुरू हो गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सीआरपीएफ के जवानों के साथ भोजन कर रात्रि यहीं नेतानार में विश्राम करेंगे।&amp;nbsp;स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार नेतानार गांव कभी नक्सल गतिविधियों का बड़ा केंद्र हुआ करता था। इसी गांव में नक्सलियों ने फॉरेस्ट रेस्ट हाउस को आईईडी विस्फोट से उड़ा दिया था। इसके अलावा एक अन्य आईईडी विस्फोट में दरभा थाना प्रभारी समेत सात जवान बलीदान हुए थे। नक्सल प्रभाव खत्म होने के बाद पहली बार है कोई केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नेतानर गांव पहुंच रहे हैं। इससे गांव में उत्साह का माहौल है।बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि आगामी 18 मई को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर जिले के ग्राम नेतानार में पहुंचेगे और यहां मौजूद केन्द्रीय सुरक्षा बल के जवानों के साथ भोजन कर रात्रि यहीं नेतानार में विश्राम करेंगे। अगले दिन 19 मई को जगदलपुर के एक निजी होटल में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होंगे । जिसमें उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश समेत छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल रहेंगे। केन्द्रीय मंत्री के बस्तर प्रवास को देखते हुये सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं।</description ></item><item><title>बंद परिसर में पड़े केमिकल वेस्ट से धधकते आग के चपेट में आ रहे बच्चे, मवेशी व अन्य</title><link>https://cnin.co.in/बंद-परिसर-में-पड़े-केमिकल-वेस्ट-से-धधकते-आग/78866</link><description>जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय में निगम क्षेत्र अंर्तगत बलिराम कश्यप वार्ड में स्थित वर्षों से बंद पड़ी एक केमिकल फैक्ट्री अब स्थानीय लोगों के लिए खतरा बन गई है। फैक्ट्री परिसर में पड़े केमिकल वेस्ट मटेरियल में लगातार आग धधक रही है, जिसकी चपेट में आकर स्थानीय चार बच्चे चपेट में आ चुके हैं। इनमें से दो बच्चों को इलाज के लिए महारानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बच्चों के अलावा मवेशी और अन्य भी चपेट में आ रहे हैं।&amp;nbsp;वार्डवासियों ने बताया कि यह केमिकल फैक्ट्री करीब 30 वर्षों से बंद पड़ी हुई है। फैक्ट्री में पहले दवाइयों का निर्माण किया जाता था। लंबे समय से बंद होने के कारण भवन अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं और परिसर की चारदीवारी भी कई जगहों से टूट चुकी है। फैक्ट्री परिसर में वर्षों से केमिकल वेस्ट का बड़ा ढेर पड़ा हुआ है। अब इस वेस्ट मटेरियल के भीतर लगातार आग धधक रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 4 हजार वर्ग फीट क्षेत्र इसकी चपेट में है। जमीन के भीतर अंगारे जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं और कई जगहों से गर्म धुआं व भाप निकलती रहती है। खुले पड़े परिसर के कारण आसपास के बच्चे वहां खेलने पहुंच जाते हैं। खेलते-खेलते बच्चे जमीन के भीतर धधक रही आग पर पहुंच जाते हैं, जिससे उनके पैर बुरी तरह झुलस रहे हैं। वार्डवासियों के मुताबिक अब तक चार बच्चों के पैर गंभीर रूप से जल चुके हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो बड़ा हादसा हो सकता है।स्थानीय निवासी गणेश ने आरोप लगाया कि मामले की जानकारी कई बार प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। फैक्ट्री परिसर चारों ओर से खुला होने के कारण लगातार दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फैक्ट्री परिसर को तत्काल सील किया जाए, धधक रहे केमिकल वेस्ट को हटाया जाए और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।</description ></item><item><title>पिछले सात महीनों से बंद पडा, पखांजूर सुभाष नगर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र</title><link>https://cnin.co.in/पिछले-सात-महीनों-से-बंद-पडा,-पखांजूर-सुभाष/78865</link><description>कांकेर। जिले के पखांजूर के सुभाष नगर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में पिछले सात महीनों से ताला जड़ा हुआ है। स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सीएचओ एक माह की छुट्टी पर गई थीं, लेकिन कई महीनों से वापस नहीं लौटीं। इसके कारण आस-पास के लगभग दो हजार ग्रामीणों को इलाज के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उप स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए मरीजों को दूर स्थित अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को हो रही है, जिन्हें नियमित जांच और उपचार की आवश्यकता रहती है।स्वास्थ्य विभाग ने अस्थायी व्यवस्था के तहत घोड़ागांव के आरएचओएम को केंद्र की देख-रेख की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन आरएचओएम स्वास्थ्य बस्तर अभियान और टीकाकरण कार्य के कारण आठ गांवों में लगातार फील्ड ड्यूटी पर रहते हैं। इसी वजह से सुभाष नगर उप स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है। सात महीने से सीएचओ अनुपस्थित हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अभी तक न तो केंद्र का निरीक्षण किया और न ही किसी विकल्पिक स्वास्थ्यकर्मी की नियुक्ति की। ग्रामीणों ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताते हुए तत्काल स्थायी स्वास्थ्यकर्मी की नियुक्ति की मांग की है।पखांजूर बीएमओ डॉ. वैष्णव ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र बंद होने की जानकारी नहीं थी। अगर यह लंबे समय से बंद पाया जाता है, तो जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।</description ></item><item><title>कुपोषण, बाल विवाह रोकथाम और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर प्रशासन सख्त, बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने निर्देश</title><link>https://cnin.co.in/कुपोषण,-बाल-विवाह-रोकथाम-और-मातृ-शिशु/78864</link><description>00 महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देशरायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण नियंत्रण तथा बाल संरक्षण को लेकर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर लगातार गंभीर पहल की जा रही है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में कुपोषित एवं अल्पवजन बच्चों की स्थिति, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को रेडी टू ईट खाद्य सामग्री वितरण, आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्म भोजन व्यवस्था तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से नियमित मॉनिटरिंग रिपोर्ट लेने तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, आधार एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण, अपार आईडी, जन्म प्रमाण पत्र सुधार सहित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने विशेष शिविर आयोजित कर हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। बाल विवाह रोकथाम को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में बाल विवाह की घटनाओं वाले क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही पोक्सो अधिनियम के तहत पीडि़तों को दी जाने वाली सहायता एवं राहत व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।बैठक में आंगनबाड़ी भवनों एवं निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पीएचसी एवं सीएचसी भवनों को शीघ्र पूर्ण कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु कल्याण तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।</description ></item><item><title>सादगी और ईंधन संरक्षण का संदेश देते हुए मंत्री राजवाड़े ने छोड़ा विशेष प्रोटोकॉल वाहन</title><link>https://cnin.co.in/सादगी-और-ईंधन-संरक्षण-का-संदेश-देते-हुए/78863</link><description>रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने के आह्वान से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने स्थिति सामान्य होने तक सुरक्षा संबंधी अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर पायलट वाहन, फॉलो गाड़ी एवं अन्य विशेष प्रोटोकॉल वाहनों का उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए हैं।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि वर्तमान समय में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करते हुए संसाधनों के संयमित उपयोग का संदेश देना चाहिए। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों को आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और मितव्ययी जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके इसी संदेश को आत्मसात करते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है, ताकि शासन और समाज मिलकर जिम्मेदारी एवं अनुशासन की भावना को मजबूत कर सकें। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और ईंधन की बचत जैसे उपायों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता निभाएं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास सामूहिक रूप से बड़े सकारात्मक बदलाव का आधार बनते हैं।</description ></item><item><title>विस अध्यक्ष सिंह अब भ्रमण के दौरान करेंगे 4 वाहनों का प्रयोग कम</title><link>https://cnin.co.in/विस-अध्यक्ष-सिंह-अब-भ्रमण-के-दौरान-करेंगे-4/78862</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत एक परिवार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे मुखिया के रूप में मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने समय की गंभीरता को देखकर भारत के हित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के सीमित उपयोग हेतु राष्ट्र से जो आह्वान किया है, उसका अनुसरण करते हुए मैंने यह निर्णय लिया है कि मेरे भ्रमणों के दौरान अब 4 वाहनों का प्रयोग कम किया जाएगा साथ ही मैं केवल अत्यावश्यक भ्रमण के लिए ही समय निकालूँगा। मोदी के आह्वान का सम्मान करते हुए मैं प्रदेशवासियों से भी यह अपील करता हूँ कि जहाँ तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग सुनिश्चित करें और ईंधन संरक्षण की इस मुहिम में अपना योगदान दें।</description ></item><item><title>राज्यपाल डेका ने अपने आधिकारिक काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या को किया कम</title><link>https://cnin.co.in/राज्यपाल-डेका-ने-अपने-आधिकारिक-काफिले-में/78861</link><description>रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने अपने आधिकारिक काफिले (कारकेड) में चलने वाले वाहनों की संख्या कम कर दी है। उन्होंने आम जनता से भी मितव्ययता बरतने का आव्हान किया है।राज्यपाल डेका ने प्रधानमंत्री की अपील को न केवल स्वयं लागू किया बल्कि राज्य शासन से भी यह अपेक्षा की है कि तत्काल इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाए। डेका ने प्रधानमंत्री द्वारा सभी उल्लेखित बिन्दुओं, निजी वाहन का उपयोग कम करते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने तथा घरेलु संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने के संबंध में आम जनता से विशेष अपील की है।</description ></item><item><title>आरती जगत को द्वितीय बालिका जन्म पर मिली 6 हजार की सहायता</title><link>https://cnin.co.in/आरती-जगत-को-द्वितीय-बालिका-जन्म-पर-मिली-6-हजार/78860</link><description>00 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से महिलाओं को मिल रहा संबलरायपुर। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य और पोषण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। महासमुंद जिले की श्रीमती आरती जगत इस योजना से लाभान्वित होकर बेहद खुश हैं। महासमुंद के बजरंग चौक वार्ड क्रमांक 11, नयापारा निवासी श्रीमती आरती जगत को द्वितीय बालिका के जन्म पर योजना अंतर्गत 6 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से योजना की जानकारी मिलने के बाद पंजीयन कराया और शासन से मिली राशि का उपयोग माता एवं नवजात बालिका के पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में किया।श्रीमती आरती जगत ने कहा कि योजना से आर्थिक सहयोग मिलने से परिवार को राहत मिली है और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिला है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अन्य महिलाओं से भी योजना का लाभ लेने की अपील की। भारत सरकार की मिशन शक्ति मार्गदर्शिका अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 से योजना अंतर्गत प्रथम संतान पर 5 हजार रुपए तथा द्वितीय बालिका जन्म पर 6 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक योजना अंतर्गत 1 लाख 83 हजार 941 हितग्राहियों के आवेदन दर्ज किए गए हैं तथा 2 लाख 3 हजार 167 हितग्राहियों को 69 करोड़ 23 लाख 85 हजार रुपए का भुगतान किया जा चुका है। योजना प्रारंभ से अब तक प्रदेश में 13 लाख 63 हजार 716 हितग्राहियों को कुल 532.55 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल और सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-कन्या-विवाह-योजना-:-शासन-बना/78859</link><description>लेखक - डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक (जनसंपर्क)रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों जब भी सामूहिक विवाह समारोहों में शहनाइयां गूंजती हैं, तो वह केवल दो लोगों के वैवाहिक बंधन में बंधने का अवसर नहीं होता, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और संवेदनशील शासन व्यवस्था का जीवंत उत्सव बन जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में यह योजना प्रदेश में सामाजिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। हजारों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाली यह पहल वास्तव में 'बेटियों के साथ सुशासन का आशीर्वादÓ बनकर उभरी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने हजारों गरीब परिवारों की चिंताओं को कम करते हुए बेटियों के सपनों को नई पहचान दी है। यह योजना आज प्रदेश में सामाजिक समरसता, महिला सम्मान और जनकल्याण का ऐसा मॉडल बन चुकी है, जिसने यह साबित किया है कि शासन की योजनाएं यदि संवेदनशील सोच के साथ लागू हों, तो वे सीधे लोगों के जीवन में खुशियां ला सकती हैं।एक योजना, जिसने बदली हजारों परिवारों की स्थितिगरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेटियों का विवाह अक्सर आर्थिक चिंता का बड़ा कारण बन जाता है। कई बार परिवार कर्ज लेने को मजबूर होते हैं, तो कई बार सामाजिक दबाव और फिजूलखर्ची उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर देती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत की गई।योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि विवाह को गरिमामय, सादगीपूर्ण और सामाजिक सहयोग का माध्यम बनाना है। यह योजना सामूहिक विवाहों को बढ़ावा देकर दहेज जैसी कुरीतियों पर भी प्रभावी रोक लगाने का काम कर रही है। राज्य शासन ने योजना को और अधिक मानवीय स्वरूप देते हुए विधवा, अनाथ और निराश्रित कन्याओं को भी इसमें शामिल किया है, इससे यह योजना सामाजिक सुरक्षा और संवेदनशीलता की मिसाल बन गई है।50 हजार रुपये की सहायता, सम्मान के साथ नई शुरुआतमुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों तथा मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के कार्डधारी परिवारों की 18 वर्ष से अधिक आयु की अधिकतम दो कन्याओं को लाभ प्रदान किया जाता है। प्रत्येक कन्या विवाह हेतु शासन द्वारा अधिकतम 50 हजार रुपये तक सहायता दी जाती है। इसमें वर-वधु के लिए श्रृंगार सामग्री, उपहार सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही 35 हजार रुपये की राशि बैंक ड्राफ्ट के रूप में दी जाती है, जिससे नवदंपति आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ अपने नए जीवन और खुशहाल की शुरुआत कर सकें। विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी प्रति कन्या 8 हजार रुपये तक खर्च किया जाता है।24 हजार से अधिक बेटियों के जीवन में आई नई खुशियांमुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 24 हजार से अधिक बेटियों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। यह केवल एक सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों की खुशी और राहत की कहानी है, जिनके लिए बेटियों का विवाह कभी बड़ी चिंता हुआ करता था। प्रदेश सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3200 विवाहों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 347 विवाह पहले ही संपन्न हो चुके थे, जबकि 8 मई 2026 को आयोजित राज्यव्यापी सामूहिक विवाह समारोहों में 1385 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस प्रकार अब तक कुल 1732 जोड़े वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत कर चुके हैं।8 मई 2026 को प्रदेशभर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों ने छत्तीसगढ़ को उत्सवमय बना दिया। रायपुर से लेकर दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक हजारों लोगों ने इन आयोजनों में भाग लिया। हर जिले में पारंपरिक रीति-रिवाजों और सादगी के साथ विवाह सम्पन्न हुए। इन समारोहों की सबसे बड़ी खूबी इसकी समावेशी भावना रही। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़े अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह बंधन में बंधे। यह दृश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बन गया।महिला एवं बाल विकास मंत्री राजवाड़े की संवेदनशील पहलमहिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस योजना को प्रभावी और जनहितकारी स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रदेशभर में सुव्यवस्थित सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। श्रीमती राजवाड़े लगातार यह सुनिश्चित कर रही हैं कि हर आयोजन में नवदंपति और उनके परिजनों को गरिमापूर्ण वातावरण मिले। विवाह स्थलों की सजावट, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था विभाग द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल सहायता योजना नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और सामाजिक समानता का अभियान है।6412 जोड़ों का विवाह और विश्व रिकॉर्डमुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने राष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाई है। 10 फरवरी 2026 को आयोजित वृहद सामूहिक विवाह समारोह में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम ऐतिहासिक बन गया और इसके लिए छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सामूहिक विवाह केवल सामाजिक सहयोग का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और जनभागीदारी की मजबूत मिसाल भी बन सकता हैं।सुशासन का संवेदनशील चेहरामुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आज छत्तीसगढ़ में सुशासन के संवेदनशील और मानवीय स्वरूप का प्रतीक बन चुकी है। यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को सम्मान, परिवारों को आत्मविश्वास और समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम कर रही है।</description ></item><item><title>सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ करें निराकरण: प्रमुख सचिव बोरा</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-तिहार-के-तहत-प्राप्त-आवेदनों-का/78858</link><description>00 कहा- दुर्ग सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है दुर्ग, विभागीय समन्वय से दुर्ग बने मॉडल जिलारायपुर। प्रमुख सचिव एवं दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने आज दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया। लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि दुर्ग जिला सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला रहा है, इसलिए इसकी पहचान को बनाए रखते हुए अधिकारी बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागीय समन्वय से दुर्ग जिले के मॉडल जिले के रूप में विकसत करने पर बल दिया।&amp;nbsp;प्रमुख सचिव बोरा ने समीक्षा बैठक में कहा कि आमजनों को विभागीय सेवाओं का त्वरित लाभ मिले, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार के अंतर्गत शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।शुद्ध पेयजल, नाला सफाई और पीएम आवास पर जोरप्रभारी सचिव श्री बोरा ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए आमजनों के लिए शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित हो। साथ ही आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बरसात पूर्व बड़े नालों सफाई कराने, अतिक्रमण हटाने तथा सैप्टिक टैंक सफाई में एसओपी का पालन करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों में स्वीकृत पीएम आवास निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा हितग्राही सम्मेलन आयोजित कर लोगों को निर्माण के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।मनरेगा मजदूरी भुगतान शुरू, श्रमिकों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देशबैठक में मनरेगा की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग जिले में 14 जनवरी 2026 से लंबित लगभग 30 करोड़ 83 लाख रुपये की मजदूरी राशि शासन द्वारा स्वीकृत कर दी गई है और श्रमिकों के खातों में भुगतान शुरू हो गया है। प्रभारी सचिव ने सभी जनपद पंचायत सीईओ और रोजगार सहायकों को निर्देशित किया कि वे श्रमिकों से सीधे संपर्क कर मजदूरी भुगतान संबंधी जानकारी साझा करें तथा भुगतान से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।लखपति दीदी, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी फोकसबैठक में बताया गया कि एनआरएलएम के तहत जिले में 78 हजार 411 लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 37 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, शिशु मृत्यु दर को शून्य करने तथा सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों और छात्रावासों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने तथा 16 जून तक सभी छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य पूर्ण कराने को कहा।किसानों को पारदर्शिता के साथ खाद और बीजकृषि विभाग को आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक वितरण की कार्ययोजना तैयार करने तथा पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंनेे कहा कि किसानों को पारदर्शिता के साथ खाद और बीज का वितरण किया जाए। रासायनिक खाद के कालाबाजारी करने वाले पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत जिले में एक लाख 46 हजार पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित है। साथ ही चीचा और बेलौदी क्षेत्र को वेटलैंड घोषित किया गया है। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने पुलिस विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। बैठक में वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, एडीएम वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर योगिता देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>अधिकारी-कर्मचारी अनुशासित और संकल्पित होकर विकसित छत्तीसगढ़ के लिए करें काम: प्रभारी सचिव बोरा</title><link>https://cnin.co.in/अधिकारी-कर्मचारी-अनुशासित-और-संकल्पित-होकर/78857</link><description>00 नारकोटिक्स नियंत्रण एवं नशामुक्ति अभियान की ली जानकारी00 अवैध नशीली दवाईयों पर सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देशरायपुर। प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी अनुशासित और संकल्पित होकर छत्तीसगढ़ के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करें। उन्होंने अवैध नशीली दवाईयों पर नियंत्रण हेतु सख्त कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने नारकोटिक्स नियंत्रण एवं नशामुक्ति अभियान की जानकारी ली तथा नशामुक्ति के लिए लोगों को जागरूक करने कहा। प्रमुख सचिव बोरा ने दुर्ग जिले में आज आयोजित नारकोटिक्स नियंत्रण एवं नशामुक्ति अभियान की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने बैठक में जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम, नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं तथा संबंधित विभागों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की भी जानकारी ली।&amp;nbsp;दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव बोरा ने बैठक में नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय बनाकर संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीडि़तों को नशामुक्ति केंद्रों में तीन माह तक रखा जाता है। इस अवधि को बढ़ाने पर भी विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न आयु वर्ग के अनुसार पीडि़तों को पृथक-पृथक रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। नशे की लत से मुक्त हो चुके व्यक्तियों के सफलता का व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए। ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और अन्य लोग भी नशा छोडऩे के लिए प्रेरित हों। इसके लिए छोटे-छोटे वीडियो एवं क्लिप्स तैयार कर जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह विशेष रूप सेेे मौजूद थे।&amp;nbsp;बैठक में पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2026 में एनडीपीएस एक्ट एवं नारकोटिक्स एक्ट के तहत कुल 68 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में गांजा, गांजा पौधा, हेरोइन, नशीली दवाइयां, अफीम, अफीम के बीज तथा डोडा से संबंधित जब्ती की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 9 लाख 25 हजार रुपये है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में पीआईटी एनडीपीएस के तहत 9 प्रकरण तैयार किए गए हैं तथा 36 वाहनों की नीलामी भी कराई गई है। उन्होंने बताया कि जनवरी से अप्रैल 2026 तक स्वापक एवं मन: प्रभावी औषधियों की रोकथाम को लेकर जिले में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की गई।खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जनवरी से अप्रैल तक की अवधि में कुल 715 स्थानों पर निरीक्षण किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 32 नोटिस जारी किए गए। वहीं नार्कोटिक्स दवाइयों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर 4 मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से 11 कार्रवाई भी की गई हैं। प्रभारी सचिव ने कहा कि स्वापक एवं मन: प्रभावी औषधियों के विक्रय एवं वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही औषधियों का नियमित भौतिक सत्यापन करने तथा जहां से अवैध सप्लाई हो रही है, वहां भी सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर संयुक्त रूप से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।</description ></item><item><title>वर्षों का इंतजार खत्म, विमला बाई को मिला पक्का मकान</title><link>https://cnin.co.in/वर्षों-का-इंतजार-खत्म,-विमला-बाई-को-मिला/78856</link><description>00 प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली सुरक्षित जीवन की नई शुरुआतरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार 2026 प्रदेश में जनकल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। शासन की योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहकर गांव-गांव पहुंचते हुए जरूरतमंद परिवारों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं। जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके द्वार तक पहुंचाया जा रहा है।इसी क्रम में जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम चुइया निवासी विमला बाई के जीवन में भी सुशासन तिहार नई खुशियां लेकर आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्का आवास मिलने से उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया है। लंबे समय तक कच्चे मकान में जीवन यापन करने वाले इस परिवार को अब सुरक्षित और सुविधायुक्त आशियाना मिल गया है। पक्के घर ने न केवल उनके परिवार को सुरक्षा और सम्मान दिया है, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और सुकून भी बढ़ाया है।श्रीमती विमला बाई, पति श्री प्यारेलाल, एक साधारण गृहिणी हैं। उनका परिवार लंबे समय से आर्थिक अभावों के बीच कच्चे मकान में रह रहा था। बरसात के दिनों में घर की छत से पानी टपकता था, जिससे परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। वहीं गर्मी के मौसम में भी कच्चा मकान असुविधा का कारण बनता था। मौसम की मार और सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेहतर जीवन का सपना संजोए रखा।उन्होंने बताया कि उनके दो लड़के हैं और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा था। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने के बाद उनका यह सपना साकार हुआ। लगभग दो से तीन माह पूर्व ही उनका आवास बनकर तैयार हो चुका है। शासन से मिली सहायता राशि एवं स्वयं की बचत से उन्होंने अपने नए घर का निर्माण कराया है। अब परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है और सभी सुरक्षित एवं संतोषपूर्ण वातावरण में जीवन यापन कर रहे हैं। आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, चुइया में श्रीमती विमला बाई को आवास की चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दी गईं। विमला बाई ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जैसे गरीब परिवारों को नया जीवन दिया है।</description ></item><item><title>दूरस्थ वनांचल क्षेत्र तक पहुंच रहा शासन-प्रशासन, दिव्यांगजनों को मिली ट्रायसाइकिल और पेंशन स्वीकृति</title><link>https://cnin.co.in/दूरस्थ-वनांचल-क्षेत्र-तक-पहुंच-रहा-शासन/78855</link><description>रायपुर। सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम अब दूरस्थ वनांचलों तक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता न केवल लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है, बल्कि उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान भी लौटा रही है। विशेषकर दिव्यांगजनों और जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए राहत का माध्यम बनते जा रहे हैं। शिविरों में तत्काल आवेदन पर दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल तथा पात्र हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति मिलने से उनके हौसलों को नई मजबूती मिल रही है।&amp;nbsp;कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत सुदूर ग्राम झलमला में आयोजित सुशासन शिविर में 05 दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल एवं 04 हितग्राहियों को नवीन पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ट्रायसाइकिल प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में श्रीमती समरीन बाई मरकाम, श्री गणेश मरकाम, श्री फागुराम, श्रीमती रमली बाई एवं श्री अमृत लाल शामिल हैं। वहीं श्रीमती चंद्रकला यादव, प्रभु, कामभो एवं अमर लाल को पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इन दिव्यांगजनों को पहले आवागमन के लिए बैसाखियों का सहारा लेना पड़ता था। दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वे परिवार पर निर्भर थे, जिससे उनके आत्मसम्मान पर भी प्रभाव पड़ता था। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र होने के कारण आवाजाही में भी उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।सुशासन तिहार शिविर में हितग्राहियों ने ट्रायसाइकिल और पेंशन के लिए आवेदन दिया था। प्रशासन ने इन आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से शिविर स्थल पर ही ट्रायसाइकिल और पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए। ट्रायसाइकिल मिलने से अब दिव्यांगजन आसानी से आ-जा सकेंगे और अपने जरूरी काम स्वयं कर पाएंगे। वहीं पेंशन स्वीकृत होने से हितग्राहियों को आर्थिक सहारा मिलेगा, जिससे उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान हुआ है और उन्हें नई उम्मीद मिली।</description ></item><item><title>अनुशासित परिश्रम, तप और त्याग से मिलती है सफलता: बोरा</title><link>https://cnin.co.in/अनुशासित-परिश्रम,-तप-और-त्याग-से-मिलती-है/78854</link><description>00 प्रमुख सचिव ने पीएम श्री सेजस विद्यालय कुम्हारी का किया निरीक्षण00 विद्यार्थियों को विद्या अध्ययन के साथ ही शिक्षार्थी और अभ्यर्थी भी बनना चाहिएरायपुर। आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव और दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि वोरा ने आज दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित पीएम श्री विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान विद्यालय के सभी विभागों का बारीकी से अवलोकन किया। श्री बोरा ने विद्यालय की लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला, अटल लैब, स्पोर्ट्स रूम सहित सभी कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक विभाग में संचालित जादुई पिटारा गतिविधियों तथा मिडिल विभाग में स्मार्ट क्लास के माध्यम से कराए जा रहे शिक्षण कार्य को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों से सहजता के साथ चर्चा कर पढ़ाई-लिखाई एवं खेलकूद की जानकारी ली। इस मौके पर कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह उपस्थित थे।&amp;nbsp;प्रमुख सचिव श्री बोरा ने विद्यार्थियों से चर्चा में कहा कि अनुशासित परिश्रम, तप और त्याग से सफलता मिलती है। उन्होंने पीएमश्री विद्यालय निरीक्षण के दौरान बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए प्रारंभिक पायदान सेेे ही विद्यार्थियों को विद्या अध्ययन के साथ ही ज्ञान पिपासु शिक्षार्थी और अभ्यर्थी भी बनना चाहिए। उन्होंने इस दौरान विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की तथा सभी कक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें सम्माति भी किया। प्रमुख सचिव श्री बोरा और कलेक्टर श्री सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य बनाकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया और यह भी पूछा कि वे जीवन में क्या बनेंगे। यह पूछने पर टॉपर्स ने सी.ए., साइबर इंजीनियर, कलेक्टर बनने की इच्छा जाहिर की। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा की तथा विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को सराहनीय बताया।सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 12वीं की छात्रा रिया साहू जिन्होंने राज्य स्तर पर चतुर्थ स्थान प्राप्त की है। वहीं कक्षा 10वीं की छात्रा साक्षी देवांगन ने जिला स्तर पर आठवां स्थान अर्जित की है। कक्षा 8वीं में पायल रजानी एवं नैतिक आमटे ने संकुल स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान हासिल की है। इसी प्रकार कक्षा 5वीं की छात्रा शिवानी पटेल प्रथम स्थान पर रही, जबकि भव्या साहू एवं रूपाली साहू ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।</description ></item><item><title>सुशासन तिहार में मिली राहत : समाधान शिविर में बना आयुष्मान कार्ड</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-तिहार-में-मिली-राहत-:-समाधान-शिविर-में/78853</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अब लोगों के लिए सिर्फ शिकायतों के निराकरण का मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह शासन की योजनाओं को सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी बनता जा रहा है। गांवों में लगाए जा रहे समाधान शिविरों में लोगों को त्वरित सेवाएं मिल रही हैं और कई परिवारों को बड़ी राहत भी प्राप्त हो रही है।ऐसी ही एक तस्वीर सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत रायपुरा में आयोजित समाधान शिविर में देखने को मिली, जहां ग्राम रायपुरा निवासी श्रीमती निर्मला साहू को मौके पर ही आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। शिविर में पहुंचकर उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और अल्प समय में उनका कार्ड बनाकर उन्हें सौंप दिया। आयुष्मान कार्ड हाथ में मिलते ही निर्मला साहू के चेहरे पर संतोष और राहत साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि अब बीमारी के इलाज को लेकर आर्थिक चिंता काफी हद तक कम हो गई है। इस कार्ड के माध्यम से प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के नि:शुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी, जिससे जरूरत पडऩे पर बेहतर इलाज कराना संभव हो सकेगा।उन्होंने शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी सहारे से कम नहीं है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा बड़ी राहत लेकर आई है, जहां आर्थिक अभाव के कारण कई बार लोग समय पर इलाज नहीं करा पाते।गौरतलब है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा दी जाती है। योजना में गंभीर बीमारियों के इलाज को भी शामिल किया गया है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को महंगे उपचार का लाभ बिना आर्थिक बोझ के मिल सके। सुशासन तिहार 2026 के समाधान शिविरों के जरिए शासन की जनहितकारी योजनाएं अब गांव-गांव तक पहुंच रही हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को न केवल त्वरित सेवाएं मिल रही हैं, बल्कि शासन के प्रति भरोसा भी मजबूत हो रहा है।</description ></item><item><title>सुशासन तिहार बना स्वास्थ्य का सहारा : वनांचल की महिलाओं तक पहुंची जांच और जागरूकता</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-तिहार-बना-स्वास्थ्य-का-सहारा-:-वनांचल/78852</link><description>रायपुर। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और किशोरियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं अक्सर चुनौती बनी रहती हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार अब इन इलाकों में उम्मीद की नई किरण बनकर उभर रहा है। समाधान शिविरों के जरिए शासन न केवल लोगों की समस्याओं का निराकरण कर रहा है, बल्कि बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं भी गांव-गांव तक पहुंचा रहा है। इसी पहल के तहत कबीरधाम जिले के आकांक्षी विकासखंड बोड़ला में राज्य शासन और नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में स्वस्थ नारी अभियान शुरू किया गया है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया की समय पर पहचान कर उपचार उपलब्ध कराना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है।सुशासन तिहार के समाधान शिविरों में महिलाओं और किशोरियों की नि:शुल्क एवं त्वरित हीमोग्लोबिन जांच की जा रही है। जांच के बाद जरूरत के अनुसार उपचार, रेफरल, आयरन-फोलिक एसिड टेबलेट्स का वितरण तथा पोषण और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी सलाह भी दी जा रही है। 04 मई 2026 को झलमला से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक तीन स्वास्थ्य शिविर लगाए जा चुके हैं। इन शिविरों में करीब 320 महिलाओं और किशोरियों की हीमोग्लोबिन जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एनीमिया के लक्षण, बचाव और संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।डॉक्टरों ने महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड टेबलेट्स का नियमित सेवन करने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी। खास बात यह रही कि कई महिलाओं ने पहली बार अपनी हीमोग्लोबिन जांच कराई, जिससे संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान संभव हो सकी। वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। स्वस्थ नारी अभियान केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और किशोरियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाकर उन्हें बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।</description ></item><item><title>प्रधानमंत्री आवास निर्माण तेजी से पूरा कराने लगी जनचौपाल</title><link>https://cnin.co.in/प्रधानमंत्री-आवास-निर्माण-तेजी-से-पूरा/78851</link><description>रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों का निर्माण समय-सीमा में पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन बलरामपुर-रामानुजगंज ने निगरानी और समीक्षा तेज कर दी है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत बदौली में जिला पंचायत सीईओ की मौजूदगी में विशेष जनचौपाल और समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायत बदौली, कुन्दीकला और शिवपुर के प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही बड़ी संख्या में शामिल हुए।बैठक के दौरान हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके आवास निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। जिन आवासों का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ उन्हें तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। जिन आवासों का निर्माण प्लिंथ से टॉप स्तर तक पहुंच चुका है, उनका कार्य आगामी 15 दिनों के भीतर पूर्ण किया जाए। इसके अलावा टॉप लेवल पूरा होने के 10 दिनों के भीतर सेंट्रिंग और ढलाई का कार्य अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। समीक्षा बैठक में ग्राम पंचायत सिधमा और खोखनिया के सचिवों की अनुपस्थिति के मामले में दोनों सचिवों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।जनचौपाल में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि भूमि विवाद, पलायन अथवा आरआरसी से संबंधित लंबित प्रकरणों के दस्तावेज ग्राम सभा प्रस्ताव सहित एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण कर आवास निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके।</description ></item><item><title>ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम का कड़ाई से होगा पालन, केंद्र व राज्य सरकारों के शीर्ष अधिकारियों की वर्चुअल हुई बैठक </title><link>https://cnin.co.in/ठोस-अपशिष्ट-प्रबंधन-नियम-का-कड़ाई-से-होगा/78850</link><description>रायपुर। पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत माननीय उच्चतम न्यायालय के नवीन निर्देशों के परिपालन में भारत सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों एवं राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की आज वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। जिसमें अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को लागू करने के लिए विस्तार से विचार विमर्श किया गया।&amp;nbsp;वीडियो कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव श्री विकासशील भी आज यहां मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर से जुड़े। मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए राज्य शासन द्वारा की जा ही गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। सभी जिलों के कलेक्टरों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर सक्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। सभी जिलों में कलेक्टरों को निगरानी में एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन होगा। जिला कलेक्टरों को कचरा डम्पिंग साइट्स का वर्चुअल और भौतिक निरीक्षण करना होगा और इसकी प्रगति रिपोर्ट राज्य शासन के विभागों के नामित सचिवों को भेजी होगी। नये नियमों के तहत छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों में रहने वाले नागरिकों के लिए अब कचरे का पृथकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नागरिकों को अपने घरों का कचरा अलग-अलग डस्टबिन में रखना होगा। गीला कचरा-रसोई घर का जैविक कचरा, सूखा कचरा-रीसाइकिल होने योग्य सामग्री। इसी तरह से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन, आवासन एवं शहरी कार्य, पेयजल एवं सेनीटेशन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारियों ने विभागीय जानकारी साझा की। इसी तरह से वीडियो कॉन्फ्रेंस में देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिव एवं संबंधित विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।</description ></item><item><title>पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने छोड़ा विशेष प्रोटोकॉल और सुरक्षा काफिला,राष्ट्र प्रथम की भावना से ऊर्जा संरक्षण का संदेश</title><link>https://cnin.co.in/पर्यटन-एवं-संस्कृति-मंत्री-राजेश-अग्रवाल-ने/78849</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-वैश्विक ऊर्जा संकट, बढ़ती ईंधन खपत तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान से प्रेरित होकर मंत्री श्री अग्रवाल ने अपने राजकीय दौरों के दौरान पायलट वाहन, फॉलो वाहन तथा अन्य विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; मंत्री श्री अग्रवाल ने &amp;nbsp;कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। इसी भावना के अनुरूप उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में केवल अपरिहार्य वाहनों को ही शामिल करने तथा अनावश्यक वाहनों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य स्थिति बहाल होने तक वे किसी भी प्रकार की पायलट, फॉलो गाड़ी अथवा विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करेंगे।&amp;nbsp; &amp;nbsp; श्री अग्रवाल ने कहा कि यह समय जिम्मेदारी, संयम और जनभावनाओं के साथ खड़े रहने का है। राष्ट्रहित में प्रत्येक नागरिक की इसमें सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। &amp;nbsp;मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे &amp;nbsp;'राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, कारपूलिंग तथा संसाधनों के संयमित उपयोग को अपनाएं, इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लगातार आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में देशवासियों को प्रेरित कर रहे हैं। उनकी प्रेरणा को आत्मसात करते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि शासन और जनप्रतिनिधि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर समाज को सकारात्मक संदेश दे सकें।</description ></item><item><title>सीबीएसई का 12वीं का रिजल्ट जारी:85.20 प्रतिशत स्टूडेंट पास, पिछले साल से 3 प्रतिशत कम</title><link>https://cnin.co.in/सीबीएसई-का-12वीं-का-रिजल्ट-जारी:85.20-प्रतिशत/78848</link><description>&amp;nbsp;नई दिल्ली-सीबीएसई यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ &amp;nbsp;सेकेंडरी एजुकेशन ने 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। कुल 85.20 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए हैं। यह पिछले साल से 3प्रतिशतकम है। कुल 94,028 छात्रों ने 90 प्रतिशत से ज्यादा नंबर स्कोर किए हैं। वहीं, 17,113 बच्चों ने 95 प्रतिशत से ज्यादा नंबर स्कोर हासिल किया है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>केरल में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर घमासान..चेतावनी वायनाड अगला अमेठी बन जाएगा</title><link>https://cnin.co.in/केरल-में-मुख्यमंत्री-के-नाम-को-लेकर/78847</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;केरल में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान छिड़ गया है, जहाँ केसी वेणुगोपाल का नाम आगे आने पर वायनाड में राहुल और प्रियंका गांधी के खिलाफ पोस्टर लगे हैं। इन पोस्टरों में चेतावनी दी गई है कि अगर आलाकमान ने दखल दिया तो 'वायनाड अगला अमेठी बन जाएगा, जिससे पार्टी का आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गया है।केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल के उभरने की अटकलों के बीच वायनाड में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को निशाना बनाते हुए पोस्टर लगाए गए हैं। वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय के पास लगाए गए इन पोस्टरों में चेतावनी दी गई है कि अगर कांग्रेस हाई कमांड वेणुगोपाल का समर्थन करती है तो वायनाड अगला अमेठी बन जाएगा।कुछ संदेशों में राहुल और प्रियंका को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया था, जिनमें कहा गया था कि केरल उनके मूर्खतापूर्ण फैसलों को माफ नहीं करेगा। पोस्टरों में गांधी भाई-बहनों को वायनाड को भूल जाने की चेतावनी भी दी गई थी, और दावा किया गया था कि वे इस निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा नहीं जीतेंगे। पोस्टरों में वेणुगोपाल की भी आलोचना की गई थी, उन्हें राहुल का सिर्फ एक सहायक बताया गया था, और यह भी कहा गया था कि अगर पार्टी नेतृत्व उनका समर्थन करता है तो विरोध प्रदर्शन और तेज हो जाएंगे। ये संदेश पार्टी के कुछ वर्गों में बढ़ती बेचैनी को दर्शाते हैं, क्योंकि पार्टी उच्च कमान की राष्ट्रीय राजधानी में परामर्श बैठकें जारी हैं।कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने विधानसभा की 140 सीटों में से 102 सीटें जीतकर एक दशक बाद ऐतिहासिक वापसी की और वाम लोकतांत्रिक मोर्चे को मात्र 35 सीटों तक सीमित कर दिया। हालांकि, यह जीत जल्द ही आंतरिक कलह में तब्दील हो गई, क्योंकि प्रमुख नेताओं के समर्थकों ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी तेज कर दी। केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नामों की चर्चा सबसे आगे है: वी.डी. सतीशान, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। यह स्थिति कांग्रेस के सत्ता संघर्ष के सभी विशिष्ट तत्व समेटे हुए है - संगठनात्मक शक्ति बनाम विधायी नेतृत्व, पीढ़ीगत बदलाव बनाम अनुभव और दिल्ली का प्रभाव बनाम राज्य इकाई की प्राथमिकता।</description ></item><item><title>अखिलेश यादव के भाई प्रतीक का संदिग्ध परिस्थितियों में मौत,पुलिस ने किया कमरा सील, कब्जे में लिया लैपटॉप, मोबाइल व डायरी समेत अन्य सामान</title><link>https://cnin.co.in/अखिलेश-यादव-के-भाई-प्रतीक-का-संदिग्ध/78846</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की बुधवार को लखनऊ स्थित उनके आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।जानकारी के मुताबिक, विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर प्रतीक यादव बेहोशी की हालत में मिले, जिसके बाद उन्हें तत्काल श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव असम दौरे पर थीं। &amp;nbsp;बताया जा रहा है कि घटना के समय वह घर पर अकेले थे, जबकि उनकी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव असम दौरे पर थीं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने प्रतीक यादव के कमरे को सील कर दिया है तथा मोबाइल, लैपटॉप और डायरी समेत कई निजी सामान कब्जे में ले लिए हैं। डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर और मजिस्ट्रेट ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। हाथ और सीने पर नीले निशानों की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद डॉक्टरों ने पॉइजनिंग समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव इससे पहले 30 अप्रैल को भी तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती हुए थे। कुछ रिपोर्टों में उनके फेफड़ों से जुड़ी बीमारी का जिक्र किया गया है। वहीं, परिवार के करीबी मुकेश बहादुर सिंह ने बताया कि प्रतीक ने मोटापा कम करने के लिए सर्जरी कराई थी, जिसके कारण शरीर पर कुछ नीले निशान पहले से मौजूद थे।फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।</description ></item><item><title>कुंजेमुरा शिविर में पीएम सूर्य घर योजना बनी आकर्षण का केंद्र</title><link>https://cnin.co.in/कुंजेमुरा-शिविर-में-पीएम-सूर्य-घर-योजना-बनी/78845</link><description>00 सौर पैनल मॉडल के माध्यम से ग्रामीणों को दी गई विस्तृत जानकारीरायपुर। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत रायगढ़ जिले के विकासखंड तमनार के ग्राम कुंजेमुरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विद्युत विभाग द्वारा लगाया गया प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का स्टॉल लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। स्टॉल में सौर पैनल के मॉडल और प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीणों को रूफटॉप सोलर संयंत्र से होने वाले लाभों की जानकारी दी गई।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर ने विद्युत विभाग के स्टॉल का अवलोकन कर योजना की प्रगति और लाभार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार इसका लाभ उठा सकें और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिले। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसके तहत घरों की छतों पर सौर संयंत्र स्थापित कर नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।योजना के तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट से प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसके लिए केंद्र सरकार से 30 हजार रुपये और राज्य सरकार से 15 हजार रुपये, कुल 45 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। 2 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट से लगभग 240 यूनिट बिजली उत्पादन संभव है, जिस पर केंद्र से 60 हजार रुपये और राज्य से 30 हजार रुपये, कुल 90 हजार रुपये की सब्सिडी मिलती है।इसी प्रकार 3 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट से लगभग 360 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इस पर केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार से 30 हजार रुपये, कुल 1 लाख 8 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध है। योजना के लिए उपभोक्ता स्वयं प्रधानमंत्री सूर्य घर के ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप, मोर बिजली ऐप तथा बिजली कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।शिविर में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने योजना में रुचि दिखाई और सोलर पैनल स्थापना, सब्सिडी तथा आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी प्राप्त की। विद्युत विभाग द्वारा मौके पर ही लोगों को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।</description ></item><item><title>जामटोली, बड़ाकरौंजा, बोकी, टेम्पू और नगर पंचायत कुनकुरी के शिविर अब संशोधित तिथियों पर होंगे आयोजित</title><link>https://cnin.co.in/जामटोली,-बड़ाकरौंजा,-बोकी,-टेम्पू-और-नगर/78844</link><description>00 सुशासन तिहार 2026रायपुर। सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने और आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जशपुर जिले में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत विभिन्न जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा कुछ शिविरों की तिथियों में आंशिक संशोधन किया गया है।संशोधित कार्यक्रम के अनुसार नगर पंचायत कुनकुरी में पूर्व निर्धारित 11 मई के स्थान पर अब 16 मई 2026 को शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक के नागरिक शामिल होंगे। इसी प्रकार जनपद पंचायत जशपुर अंतर्गत जामटोली क्लस्टर का शिविर भी 11 मई के स्थान पर अब 16 मई 2026 को आयोजित होगा। इसमें जामटोली, बड़ाबनई, जुरतेला, पुत्रीचौरा, पिलखी, साईंटांगरटोली, पोड़ी, लोदाम, बाम्हनपुरा, चौलीटांगरटोली, पोरतेंगा, झोलंगा, जकबा एवं लोखंडी के ग्रामीण शामिल होंगे।जनपद पंचायत जशपुर के बड़ाकरौंजा क्लस्टर का शिविर 18 मई के स्थान पर अब 23 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। इसमें बड़ाकरौंजा, नीमगांव, रातामाटी, पैंकू, पीड़ी, बघिमा, गलौंडा, टेकुल, तुरीलोदाम, झरगांव, गिरांग, घोलेंग, देवीडांडगांव, जशपुर एवं जुरगुम के ग्रामीण भाग लेंगे। इसी तरह बोकी क्लस्टर का शिविर पूर्व निर्धारित 25 मई के स्थान पर अब 30 मई 2026 को आयोजित होगा। इसमें इचकेला, सालेकेरा, आरा, बोकी, बरगांव, नारायणपुर, बालाछापर, गम्हरिया, रेंगोला, सिटोंगा, कनमोरा, पुरनानगर, किनकेल, लुईकोना एवं सारुडीह के ग्रामीण शामिल होंगे।जनपद पंचायत मनोरा अंतर्गत टेम्पू क्लस्टर का शिविर भी 25 मई के स्थान पर अब 30 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। इसमें सुरजूला, रजला, खुटापानी, घाघरा, करदना, टेम्पू, मुटू, पोंडीपटकोना, चडिय़ा, सोगड़ा, मनोरा, खोगा एवं डुमरटोली के ग्रामीण शामिल होंगे।</description ></item><item><title>प्रधानमंत्री मोदी के आव्हान पर वित्त मंत्री चौधरी ने सुरक्षा प्रोटोकॉल वाहन का उपयोग किया स्थगित</title><link>https://cnin.co.in/प्रधानमंत्री-मोदी-के-आव्हान-पर-वित्त-मंत्री/78843</link><description>00 स्थिति सामान्य होने तक पायलट एवं फॉलो वाहन का उपयोग नहीं करेंगे चौधरीरायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करते हुए स्थिति सामान्य होने तक सुरक्षा संबंधी अति आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर पायलट वाहन, फॉलो गाड़ी और अन्य प्रोटोकॉल वाहनों का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया है।चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील पर उन्होंने यह निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सुरक्षा से जुड़ी अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही इन वाहनों का उपयोग किया जाएगा। वित्त मंत्री के इस निर्णय को सादगी, अनुशासन और सार्वजनिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। यह निर्णय शासन में मितव्ययिता और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है।चौधरी का यह कदम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों द्वारा सादगीपूर्ण आचरण और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखने की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देशहित में किए गए ऐसे छोटे-छोटे प्रयास सामूहिक रूप से बड़ा संदेश देते हैं और नागरिकों में भी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-बनने-के-बाद-पहली-बार-टाउन-एंड/78842</link><description>00 लोक सेवा आयोग ने जारी किया अंतिम चयन परिणाम00 वित्त मंत्री चौधरी ने कहा - युवा प्रतिभाओं को मिलेगा प्रदेश के नियोजित विकास में योगदान का अवसररायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आवास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के पदों पर नियमित भर्ती की गई है।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक और दूरदर्शी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि नियोजित विकास, आधुनिक शहरों के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई नियुक्तियों से विभाग को युवा, प्रशिक्षित और ऊर्जावान अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जो प्रदेश के शहरों और कस्बों के विकास को नई गति देंगे।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने और शासन-प्रशासन में योग्य प्रतिभाओं को स्थान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह चयन प्रक्रिया उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।छत्तीसगढ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी तथा साक्षात्कार 12 मई 2026 को संपन्न हुआ। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई है। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नियोजित और संतुलित विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अधिकारी अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देंगे।</description ></item><item><title>40 मिनट के हाईहोल्टेज ड्रामा के बाद 35 फीट ऊंचे होर्डिंग पर चढ़ी युवती को उतारा गया सुरक्षित</title><link>https://cnin.co.in/40-मिनट-के-हाईहोल्टेज-ड्रामा-के-बाद-35-फीट-ऊंचे/78841</link><description>रायपुर। शंकर नगर इलाके में बुधवार सुबह एक युवती सड़क किनारे लगे करीब 35 फीट ऊंचाई वाले बड़े होर्डिंग पर चढ़ गई और पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम करीब 40 मिनट तक उससे नीचे उतरने के लिए समझाती रही लेकिन जब वह नही मानी तो स्थानीय लोगों की मदद और एहतियात के तौर पर नीचे बड़ी सुरक्षा जाली बिछाकर उसे सुरक्षित उतारा गया। खम्हारडीह पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवती आखिर होर्डिंग पर क्यों चढ़ी थी।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शंकर नगर स्थित खम्हारडीह थाना क्षेत्र में स्थित 35 फीट ऊंचे होर्डिंग पर एक युवती के चढ़कर उसके ऊपर बैठने की सूचना स्थानीय लोगों की मदद से मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लंबी सीढ़ी लगाई गई। वहीं एहतियात के तौर पर नीचे बड़ी सुरक्षा जाली भी बिछाई गई। स्थिति बिगडऩे न पाए, इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। 40 मिनट की काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों की मदद से युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।पुलिस युवती को अपने साथ थाने ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि युवती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि उसने किसी तरह की परेशानी या विवाद से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।</description ></item><item><title>देसी बम बनाने वाला महापौर देवांगन का साला विनय गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/देसी-बम-बनाने-वाला-महापौर-देवांगन-का-साला/78840</link><description>रायपुर। रावाभाठा इलाके में मितानिन पुष्पा साहू के मकान में कांग्रेस नेता और बीरगांव महापौर नंदलाल देवांगन का साला विनय देवांगन बैग लेकर पहुंचा और कुछ देर में आने की बात कहकर वहां से चला। इस पर पुष्पा को शक हुआ और उसने पार्षद को इसकी जानकारी और उसकी मौजूद में जब बैग खोला गया तो उसमें एयर गन और देसी बम बनाने का सामान मिला। खमतराई पुलिस को सूचना दी गई और गहन तलाशी के बाद 12 मई की देर रात को आरोपी विनय देवांगन को पुलिस ने रावाभाठा इलाके से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रहही है कि वह बम बनाने की तैयारी क्यों कर रहा था, उसके पास ये सामान कहां से आया। साथ ही इस मामले में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।&amp;nbsp;पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार रविशंकर शुक्ल वार्ड के रावाभाठा इलाके में मितानिन पुष्पा साहू का मकान है। पुष्पा साहू और उनके परिवार का बीरगांव निवासी विनय देवांगन से परिचय है। 6 मई की शाम विनय मितानिन के घर बैग लेकर पहुंचा था। उसने कहा कि वह बैग अभी कुछ समय के लिए यहां रख रहा है और बाद में ले जाएगा। इसके बाद वह वहां से चला गया। मितानिन को इस पर शक हुआ, तो उसने वार्ड पार्षद अश्वनी यादव को सूचना दी। सूचना मिलने पर अश्वनी यादव रात में मितानिन के घर पहुंचे और सुबह आने की बात कहकर चले गए। 7 मई की सुबह 8 बजे वार्ड पार्षद स्थानीय रहवासियों के साथ मौके पर पहुंचे और बैग खोलकर जांच की। उसमें एयर गन और देसी बम बनाने का सामान मिला। इसके बाद पार्षद ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर नॉर्थ जोन के अधिकारी मौके पर और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचे थे। बैग से बैटरी, वायर, एयरगन, दो बोतल कैमिकल और डेटोनेटर नुमा सामान बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।इस मामले के सामने आने के बाद आरोपी विनय देवांगन फरार हो गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसके बाद रायपुर पुलिस ने 12 मई को रावाभाठा इलाके से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के रखवाए बैग से जो सामान मिला है, बैटरी, वायर, कैमिकल, डेटोनेटर ये सब आमतौर पर विस्फोटक डिवाइस या आइईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले सामान होते हैं। वहीं एयरगन अलग से हथियार या ट्रेनिंग/शिकार जैसी गतिविधियों में इस्तेमाल होती है। फिलहाल पुलिस उससे इस संबंध में पूछताछ कर रही है।</description ></item><item><title>सुशासन तिहार 2026 में बिजली विभाग को मिला ग्रामीणों का धन्यवाद संदेश</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-तिहार-2026-में-बिजली-विभाग-को-मिला/78839</link><description>00 सन्ना क्षेत्र के ग्रामीणों ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति और त्वरित सुधार कार्य की सराहना कीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में आयोजित सुशासन तिहार 2026 आमजन की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ शासन की सेवाओं के प्रति लोगों की संतुष्टि को भी सामने ला रहा है। जनसमस्या निवारण शिविरों में जहां नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा रहे हैं, वहीं बेहतर कार्य करने वाले विभागों के प्रति आभार और बधाई संदेश भी प्राप्त हो रहे हैं।इसी क्रम में बगीचा विकासखंड के तहसील सन्ना अंतर्गत ग्राम कामारिमा निवासी नान राम ने सुशासन शिविर में विद्युत विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए बधाई संदेश प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने आवेदन में उल्लेख किया कि कामारिमा, खैरापाठ, डुमरपानी सहित आसपास के गांवों में नियमित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो रही है। नान राम ने बताया कि बिजली से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना देने पर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचकर विद्युत लाइन, तार और ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से उन्हें लगा कि विद्युत विभाग की तत्परता और समर्पण के लिए धन्यवाद देना चाहिए। जशपुर विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री विनोद कुमार पंडित ने बताया कि जिले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है। कहीं भी खराबी की सूचना मिलते ही अधिकारी और कर्मचारी मौसम की परवाह किए बिना तत्काल सुधार कार्य में जुट जाते हैं।उल्लेखनीय है कि विद्युत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी गर्मी, बरसात, आंधी-तूफान और रात्रि के समय भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारु विद्युत आपूर्ति बनाए रखने में जुटे रहते हैं। सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त इस बधाई संदेश ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी है।</description ></item><item><title>नगर पालिका व त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन मई-2026 के लिए सामान्य प्रेक्षक नियुक्त</title><link>https://cnin.co.in/नगर-पालिका-व-त्रिस्तरीय-पंचायतों-के-उप/78838</link><description>कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग, रायपुर के पत्र के अनुसार नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन मई-2026 के संचालन एवं प्रेक्षण कार्य के लिए जिला कबीरधाम के नगर पंचायत सहसपुर लोहारा के अध्यक्ष पद तथा त्रिस्तरीय पंचायतों के रिक्त पंच एवं सरपंच पदों के उप निर्वाचन के लिए श्री लक्ष्मण सिंह (आई.एफ.एस. 2010), उप वन संरक्षक (रोकड़), प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय, छत्तीसगढ़ अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल नगर तथा अतिरिक्त प्रभार संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा), अरण्य भवन, नवा रायपुर को सामान्य प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य प्रेक्षक के लाईजनिंग व्यवस्था के लिए श्री शिवेन्द्र भगत, उप वनमण्डलाधिकारी, सहसपुर लोहारा को लाईजनिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। वे प्रेक्षक के आगमन, भ्रमण, ठहरने, सत्कार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का दायित्व निर्वहन सुनिश्चित करेंगे। प्रेक्षक के सहयोग के लिए श्री रामशरण कौशिक, राजस्व निरीक्षक, भू-अभिलेख शाखा, कबीरधाम और 2. श्री प्रदीप ठाकुर, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, कार्यालय वनमण्डलाधिकारी, कवर्धा वनमण्डल मोबाईल नंबर +91-9098821899 की ड्यूटी लगाई गई है।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत आवेदन के नियमों में किया बदलाव, अब बेल आवेदन में बतानी होगी विस्तृत जानकारी</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-हाईकोर्ट-ने-जमानत-आवेदन-के-नियमों/78837</link><description>बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अब जमानत के लिए आवेदन करने वाले लोगों को पहले की तुलना में ज्यादा जानकारी देनी होगी। कोर्ट ने बेल आवेदन के पुराने फॉर्मेट में बदलाव करते हुए नए नियम लागू किए हैं, ताकि मामलों की सुनवाई ज्यादा साफ और व्यवस्थित तरीके से हो सके। नए नियमों के तहत आरोपी को अपने केस से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी, जैसे एफआईआर, गिरफ्तारी की तारीख, पुराने केस और पिछली जमानत अर्जियों का विवरण। यह नियम 11 मई 2026 से तुरंत लागू कर दिया गया है।हाईकोर्ट द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय नियम, 2007 में संशोधन किया गया है। अदालत का मानना है कि पुराने फॉर्मेट में पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाने के कारण कई मामलों में सुनवाई के दौरान जरूरी तथ्यों को समझने में कठिनाई होती थी। इसी वजह से अब आवेदन प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाया गया है। नए नियमों के तहत जमानत आवेदन अब साधारण प्रारूप में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदकों को एक निर्धारित टेबल यानी टैबुलर फॉर्म में अपने केस से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी देनी होगी। अदालत का उद्देश्य है कि सुनवाई के समय जज के सामने मामले का पूरा रिकॉर्ड एक ही जगह उपलब्ध रहे।हाईकोर्ट ने नए आवेदन फॉर्म को छह मुख्य भागों में विभाजित किया है। इनमें सबसे पहले केस से जुड़ी मूल जानकारी देनी होगी, जिसमें एफआईआर नंबर, दर्ज तारीख, संबंधित थाना और आरोपी पर लगाई गई धाराओं का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। साथ ही उन धाराओं में मिलने वाली अधिकतम सजा की जानकारी भी देनी होगी। अब जमानत आवेदन में गिरफ्तारी की तारीख और आरोपी द्वारा अब तक जेल में बिताई गई कुल अवधि की स्पष्ट जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। इससे अदालत को यह समझने में आसानी होगी कि आरोपी कितने समय से हिरासत में है।नए नियमों के तहत केस की वर्तमान स्थिति का पूरा ब्यौरा देना होगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि मामला जांच स्तर पर है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है या ट्रायल चल रहा है। साथ ही कुल गवाहों की संख्या और अब तक कितने गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं, इसकी जानकारी भी देनी होगी। यदि आवेदक के खिलाफ पहले से कोई अन्य एफआईआर दर्ज है, तो उसकी जानकारी भी देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा पुराने मामलों की वर्तमान स्थिति -जैसे मामला लंबित है, आरोपी बरी हो चुका है या उसे सजा हो चुकी है - यह सब आवेदन में बताना होगा।हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी ने पहले कभी जमानत के लिए आवेदन किया था, तो उसकी जानकारी भी देनी होगी। इसमें यह बताना होगा कि आवेदन किस अदालत में लगाया गया था और उसका क्या परिणाम रहा। यदि आरोपी के खिलाफ कोई गैर-जमानती वारंट जारी हुआ हो या उसे कभी भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया हो, तो उसका विवरण भी नए टेबल फॉर्मेट में अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।</description ></item><item><title>ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन और मक्का को अपना रहे सरगुजा के किसान</title><link>https://cnin.co.in/ग्रीष्मकालीन-धान-के-स्थान-पर-दलहन-और-मक्का-को/78836</link><description>00 634 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 209 हेक्टेयर में हुई वैकल्पिक फसलों की बुवाईरायपुर। सरगुजा जिले में किसान अब पारंपरिक ग्रीष्मकालीन धान की खेती से आगे बढ़ते हुए वैकल्पिक और लाभकारी फसलों को अपना रहे हैं। जल संरक्षण, कम लागत और अधिक आय की संभावनाओं को देखते हुए किसान उड़द, मूंग, मूंगफली, रागी और मक्का जैसी फसलों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। यह परिवर्तन न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है, बल्कि गिरते भू-जल स्तर को बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कृषि विभाग द्वारा वर्ष 2026 में ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए 634 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग के मार्गदर्शन और जागरूकता प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक 209 हेक्टेयर क्षेत्र में वैकल्पिक फसलों की बुवाई की जा चुकी है। वहीं जलभराव वाले क्षेत्रों में धान की खेती की जा रही है।प्रगतिशील किसान बन रहे प्रेरणा स्रोतउदयपुर विकासखंड के ग्राम तोलंगा के किसान बनवारी ने इस वर्ष अधिक पानी वाली धान की खेती के स्थान पर उड़द की फसल लगाई है। उनका कहना है कि दलहन फसलों में सिंचाई की आवश्यकता कम होती है, लागत भी कम आती है और बाजार में बेहतर कीमत मिलने से अधिक लाभ होता है। साथ ही, फसल परिवर्तन से मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है। इसी तरह ग्राम परसा के किसान घासी राम ने मक्का की खेती को अपनाया है। उनका कहना है कि मक्का कम पानी में अच्छी उपज देने वाली फसल है और इसकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है, जिससे कम लागत में बेहतर मुनाफा प्राप्त होता है।फसल विविधीकरण से खेती होगी अधिक टिकाऊकृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार एक ही फसल लेने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ता है। फसल चक्र में बदलाव से मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है, रासायनिक दवाओं पर निर्भरता घटती है और भूमि की उत्पादकता लंबे समय तक बनी रहती है। धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों की तुलना में मक्का, रागी और दलहन फसलों को कम सिंचाई की आवश्यकता होती है। इससे भू-जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की सिंचाई लागत भी घटती है।किसानों को मिल रही आर्थिक सुरक्षाफसल विविधीकरण किसानों को आर्थिक रूप से भी सुरक्षित बनाता है। यदि किसी एक फसल के बाजार भाव में गिरावट आती है, तो अन्य फसलें आय का सहारा बनती हैं। इससे खेती का जोखिम कम होता है और किसानों की आमदनी अधिक स्थिर रहती है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि बदलते मौसम और जल संकट के दौर में वैकल्पिक फसलों को अपनाना समय की आवश्यकता है। इससे खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य के लिए सुरक्षित बनाया जा सकता है।</description ></item><item><title>पाइपलाइन बिछा रहे तीन मजदूरों की मिट्टी में दबने से मौत</title><link>https://cnin.co.in/पाइपलाइन-बिछा-रहे-तीन-मजदूरों-की-मिट्टी-में/78835</link><description>बालोद। बीएसपी की सीवरेज लाइन बिछा रहे तीन मजदूरों की मिट्टी में दबने से मौत हो गई, वहीं तीन मजदूरों का रेस्क्यू किया गया। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर सीवर लाइन का काम कर रहे थे। इसी दौरान उनके उपर मिट्टी खिसक गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे और रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।&amp;nbsp;प्राप्त जानकारी के अनुसार बालोद जिले के राजहरा नगर के दास पान ठेला चौक के पास बीएसपी की सीवरेज लाइन बिछाने का काम चल रहा था। पाइपलाइन के लिए 10 फीट गड्ढा खोदा गया था और मजदूर अपना-अपना काम कर रहे थे, इसी दौरान अचानक मिट्टी धसक गई। हादसे में करीब छह मजदूर मिट्टी में दब गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस और आम लोगों की मदद से रेस्क्यू शुरू किया गया। घटना में किशुन कुमार, राकेश कुमार और एक महिला मजदूर की मौत हो गई। तीन अन्य मजदूरों का रेस्क्यू कर उन्हें मिट्टी से बाहर निकाला गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।</description ></item><item><title>बैटरी चालित ट्रायसाइकिल, स्मार्ट केन एवं श्रवण यंत्र पाकर खिले हितग्राहियों के चेहरे</title><link>https://cnin.co.in/बैटरी-चालित-ट्रायसाइकिल,-स्मार्ट-केन-एवं/78834</link><description>00 जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर में सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजितरायपुर। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में समाज कल्याण विभाग द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय, बिलासपुर में सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एसएएलएसए की बैठक उपरांत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश श्री सिराजुद्दीन कुरैशी एवं अन्य माननीय न्यायाधीशगणों की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम के दौरान 02 अस्थि बाधित दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्रायसाइकिल, 02 दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को स्मार्ट केन तथा 02 श्रवण बाधित दिव्यांगजनों को श्रवण यंत्र वितरित किए गए। सहायक उपकरण प्राप्त कर हितग्राहियों ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे उनके दैनिक जीवन को सरल और आत्मनिर्भर बनाने वाला महत्वपूर्ण सहयोग बताया। इस अवसर पर दिव्यांगजनों के कल्याण एवं पुनर्वास हेतु संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे तथा उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए शासन निरंतर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।</description ></item><item><title>सुशासन तिहार में प्रशासन पहुंचा ग्रामीणों के द्वार, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण पर दिया गया जोर</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-तिहार-में-प्रशासन-पहुंचा-ग्रामीणों/78833</link><description>00 प्रभारी सचिव ने किया विभागीय स्टालों का निरीक्षण, दिव्यांगजनों को वितरित की गई व्हीलचेयररायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप नारायणपुर जिला में सुशासन तिहार के अंतर्गत आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम गोहड़ा, ग्राम पंचायत मालिंगनार, जनपद पंचायत नारायणपुर में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम में प्रभारी सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन कर संचालित योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से हितग्राही मूलक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध सेवा प्रदाय तथा आमजन की समस्याओं के संवेदनशील निराकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई तथा मौके पर ही अनेक आवेदनों का निराकरण किया गया। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कीं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया गया।इस दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण के रूप में व्हीलचेयर वितरित की गई। व्हीलचेयर प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने खुशी जाहिर करते हुए शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।</description ></item><item><title>प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 हेतु नामांकन आमंत्रित, 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे</title><link>https://cnin.co.in/प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय-बाल-पुरस्कार-2026-हेतु/78832</link><description>रायपुर। बच्चों की असाधारण प्रतिभा और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रतिवर्ष भारत के राष्ट्रपति द्वारा उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है।महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष नामांकन प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। पुरस्कार के लिए वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसी श्रेणियों में उल्लेखनीय उपलब्धियों को मान्यता दी जाएगी। विभाग ने बताया कि इच्छुक बच्चे, अभिभावक, संस्थाएं अथवा अन्य व्यक्ति योग्य बच्चों का नामांकन कर सकते हैं। स्व-नामांकन की सुविधा भी उपलब्ध है। सभी आवेदन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे।आवेदन एवं विस्तृत जानकारी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in/ विजिट किया जा सकता है। राज्य शासन ने प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है, ताकि उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री साय ने किया ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग का आह्वान</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-साय-ने-किया-ईंधन-संरक्षण-और/78831</link><description>00 ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है - साय00 सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी में बदलने की दिशा में होगी कार्रवाईरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के सुरक्षित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसी भावना से प्रेरित होकर राज्य शासन द्वारा शासकीय स्तर पर ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। उन्होंने कहा की कि उनके आधिकारिक भ्रमणों के दौरान अब केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रीगणों तथा विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इसके तहत समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने तथा अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक ईंधन बचत को अपनी जिम्मेदारी माने, तो यह अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशन फर्स्ट की भावना के साथ ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक जागरूक कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगा।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नए लोगो डिज़ाइन की प्रतियोगिता, उत्कृष्ट लोगो को मिलेगा 2.50 लाख का पुरस्कार</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-गृह-निर्माण-एवं-अधोसंरचना-विकास/78830</link><description>00 छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का नया स्वरूप, अब अधोसंरचना विकास कार्यों में भी निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिकारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ में आधुनिक, सुव्यवस्थित और समावेशी शहरी विकास को नई दिशा दी जा रही है। इसी दृष्टिकोण के तहत राज्य सरकार ने “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल” का विस्तार करते हुए इसका नाम बदलकर “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल” कर दिया है। इस बदलाव के साथ मंडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश में विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्यों को भी प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करेगा। इससे राज्यवासियों को बेहतर आवास सुविधाओं के साथ आधुनिक और सुव्यवस्थित अधोसंरचना का लाभ मिलेगा।आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड को नए स्वरूप में विकसित किया गया है। अब यह संस्था केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहकर व्यापक अधोसंरचना विकास कार्यों को भी गति दे सकेगी। मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने बताया कि इस संबंध में विधेयक 17 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्तुत किया गया था। माननीय राज्यपाल की स्वीकृति 21 अप्रैल 2026 को प्राप्त हुई और 24 अप्रैल 2026 को यह अधिनियम छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किया गया। इसी क्रम में आज 12 मई 2026 को आयोजित समय-सीमा बैठक में मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने सभी संभागीय, प्रक्षेत्रीय एवं वृत्त कार्यालयों में रीब्रांडिंग के लिए आवश्यक राशि जारी करने तथा नए लोगो डिज़ाइन के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करने हेतु प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए।कोई भी कर सकता है भागीदारी&quot;लोगो&quot; के डिजाईन हेतु प्रतियोगिता में कोई भी व्यक्ति, कलाकार, संस्था, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, छात्र एवं अप्रवासी भारतीय भी भाग ले सकते है। इच्छुक प्रतिभागी नए नाम (छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल) और उसके अवधारणा के अनुरूप &quot;लोगो&quot; डिज़ाइन कर अपने कॉन्सेप्ट नोट सहित आवश्यक जानकारी के साथ ई-मेल (ceocghb@yahoo.com) पर भेज सकते हैं। प्रविष्टि के साथ नाम, पता एवं आधार कार्ड नंबर देना होगा। प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 20 मई 2026 शाम 5 बजे तक है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वालो से &quot;लोगो&quot; की सॉफ्ट कॉपी CDR, PDF, PNG एवं JPEG फॉर्मेट में स्वीकार की जाएगी। केवल ई-मेल के माध्यम से प्राप्त प्रविष्टियां ही मान्य होंगी।&amp;nbsp;विजेता को मिलेगा 2.50 लाख रुपये का पुरस्कारप्रतियोगिता में चयनित सर्वश्रेष्ठ लोगो डिज़ाइन के विजेता को 2 लाख 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए मंडल की आधिकारिक वेबसाइट www.cghb.gov.in पर देखा जा सकता है।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ अपेक्स बैंक में 67 समिति प्रबंधकों की भर्ती को मिली हरी झंडी</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-अपेक्स-बैंक-में-67-समिति-प्रबंधकों/78829</link><description>रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में प्रदेश की सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपेक्स बैंक और जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है।पदभार ग्रहण करते ही आयुक्त महादेव कावरे का बड़ा निर्णयसहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक श्री महादेव कावरे ने कार्यभार संभालते ही प्राथमिकता के आधार पर अपेक्स बैंक के रायगढ़ और जशपुर क्षेत्र के लिए संवर्ग समिति प्रबंधक (नवीन संवर्ग) के शेष 67 पदों पर भर्ती की अनुमति प्रदान कर दी है। कुल स्वीकृत पद अपेक्स बैंक में संवर्ग समिति प्रबंधक के कुल 134 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में 67 पदों पर भर्ती की अनुमति पूर्व में दी जा चुकी थी। अब शेष 67 पदों के लिए भी अनुमति जारी कर दी गई है, जिससे कुल स्वीकृत पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।डिजिटल गवर्नेंस और किसानों को लाभइस नई भर्ती से राज्य की पैक्स (PAX) और लैम्प्स (LAMPS) समितियों की कार्यप्रणाली में बड़ा सुधार आएगा। कम्प्यूटरीकरण से समितियों में डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। बैंकिंग सेवाओं में अधिक पारदर्शिता और गति आएगी। किसान सुविधा में विस्तार होगा और सदस्य किसानों को ऋण, खाद-बीज और अन्य सहकारी सुविधाएं बिना किसी देरी के मिल सकेंगी।युवाओं के लिए अवसरराज्य सरकार का यह निर्णय न केवल सहकारिता संस्थाओं को प्रशासनिक मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि प्रदेश के शिक्षित युवाओं के लिए सरकारी क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सीधे लाभ पहुँचाने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है।</description ></item><item><title>तहसीलदार पर पेशा कानून के उल्लंघन का आरोप लगाकर ग्रामीणाें ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन</title><link>https://cnin.co.in/तहसीलदार-पर-पेशा-कानून-के-उल्लंघन-का-आरोप/78828</link><description>बीजापुर। जिले के भोपालपटनम ब्लॉक के ग्राम गोटाईगुड़ा में आयोजित पारंपरिक ग्रामसभा के पश्चात ग्रामीणों ने एसडीएम भोपालपटनम को ज्ञापन सौंपकर तहसीलदार पर पेशा कानून के उल्लंघन, ग्रामसभा के अधिकारों को कुचलने और जनप्रतिनिधियों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल, मुख्य सचिव, आदिम जाति विभाग, बस्तर संभाग आयुक्त, जिला अनुसूचित जनजाति आयोग, सांसद और विधायक को भी प्रेषित की गई है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्रामसभा गोटाईगुड़ा ने खसरा नंबर 61/12 की 0.400 हेक्टेयर भूमि को “आदिवासी सामाजिक भवन” हेतु सुरक्षित करने का निर्णय लिया था, जो पेशा नियम 2022 की धारा-4 के अंतर्गत वैधानिक है। इसके बावजूद तहसीलदार भोपालपटनम द्वारा 29 अप्रैल 2026 को ग्रामसभा पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर इस निर्णय को “शासकीय बाधा” बताया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 244(1) और पांचवीं अनुसूची की भावना के विपरीत है। ग्रामीणों ने यह भी आपत्ति जताई कि नोटिस में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लेख करते हुए ग्रामसभा प्रतिनिधियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई, जबकि सरपंच, पटेल और माटी पुजारी शासकीय कर्मचारी नहीं हैं।ग्रामीणों ने इसे प्रशासनिक तानाशाही बताते हुए संबंधित तहसीलदार के विरुद्ध विभागीय जांच और निलंबन की मांग की है। साथ ही नोटिस को तत्काल निरस्त करने तथा अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ अधिकारियों के लिए “संवैधानिक साक्षरता” कार्यशाला आयोजित करने की मांग भी उठाई गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र न्याय नहीं मिला तो बस्तर संभाग की ग्राम सभाएं लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगी। इस दौरान माटी पुजारी शिवराम, पटेल दशरथ, सरपंच सरिता गोटे, एटी शंकर, पारेट बापू, तोडेम चन्द्रैया, वासम राकेश, कोरम लक्ष्मीनारायण सहित 150 से अधिक ग्रामीण उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>लाखों की निविदा से जुड़ा स्पीड पोस्ट नहीं पहुंचे गंतव्य तक, डाक विभाग से एफआईआर की मांग</title><link>https://cnin.co.in/लाखों-की-निविदा-से-जुड़ा-स्पीड-पोस्ट-नहीं/78827</link><description>जगदलपुर। नगर निगम जगदलपुर से जुड़ी एक निविदा प्रक्रिया के बीच स्पीड पोस्ट से भेजे गए दस्तावेज गंतव्य तक नही पंहुचने पर रायपुर स्थित राघव एडवरटाइजिंग ने इस संबंध में प्रधान डाकघर जगदलपुर के डाक अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया निविदा दस्तावेज निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंच पाया ।शिकायत पत्र के अनुसार राघव एडवरटाइजिंग रायपुर द्वारा 6 मई 2026 को रायपुर एनएसएच से स्पीड पोस्ट आर्टिकल क्रमांक EC461174536IN के जरिए आयुक्त नगर पालिक निगम जगदलपुर को “मिनी स्मार्ट पीपीपी मॉडल के तहत स्थापना एवं संचालन हेतु रुचि की अभिव्यक्ति” से संबंधित निविदा दस्तावेज भेजे गए थे। दस्तावेजों के साथ 2 लाख रुपए की डिमांड ड्राफ्ट सहित अन्य जरूरी कागजात भी संलग्न थे। डाक विभाग की ऑनलाइन ट्रैकिंग रिपोर्ट में यह स्पीड पोस्ट 8 मई 2026 को सुबह 8 बजकर 53 मिनट पर जगदलपुर डाकघर पहुंचना दर्शाया गया है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में डाक सामग्री के जगदलपुर पहुंचने की जानकारी होने के बावजूद संबंधित कार्यालय तक उसकी डिलीवरी नहीं हुई। लगातार संपर्क और जानकारी जुटाने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उक्त स्पीड पोस्ट वर्तमान में डाकघर में उपलब्ध नहीं है। इसके बाद दस्तावेजों के गुम होने की आशंका जताई गई है। शिकायतकर्ता ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि इसमें महत्वपूर्ण निविदा दस्तावेज और बड़ी राशि का डिमांड ड्राफ्ट शामिल था।राघव एडवरटाइजिंग ने अपने आवेदन में आशंका जताई है कि स्पीड पोस्ट को जानबूझकर गायब या गुम किया गया हो सकता है, जिससे उनकी संस्था निविदा प्रक्रिया में भाग नहीं ले सके। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि इस पूरे घटनाक्रम में विभागीय कर्मचारी, बाहरी व्यक्ति अथवा अन्य कोई संबंधित पक्ष शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले को गंभीर और आपराधिक प्रकृति का बताते हुए शिकायतकर्ता ने विस्तृत जांच की मांग उठाई है।शिकायत पत्र की प्रतिलिपि सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग रायपुर, कलेक्टर जगदलपुर और आयुक्त नगर निगम जगदलपुर को भी भेजी गई है। आवेदन में डाक विभाग से आग्रह किया गया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने सहित आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह मामला सामने आने के बाद डाक विभाग की कार्यप्रणाली और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।</description ></item><item><title>बीजापुर में तेंदूपत्ता संग्रहण का आगाज, 5,500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी शुरू, गुणवत्तापूर्ण पत्तों पर मिलेगा विशेष बोनस</title><link>https://cnin.co.in/बीजापुर-में-तेंदूपत्ता-संग्रहण-का-आगाज,-5,500/78826</link><description>00 संग्राहकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और प्रोत्साहन का बड़ा अवसररायपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में वर्ष 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण का आगाज (शुरुआत) हो चुका है, जो स्थानीय वनवासी और ग्रामीण परिवारों के लिए संग्राहकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और प्रोत्साहन का बड़ा अवसरआजीविका का मुख्य जरिया बनता है। पंजीकृत संग्राहक परिवारों को चरण पादुका योजना और बीमा योजना का लाभ मिल रहा है।छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में हरा सोना कहे जाने वाले तेंदूपत्ता के संग्रहण का सीजन 2026 आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। जिला यूनियन बीजापुर के अंतर्गत 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 582 फड़ों में संग्रहण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। शासन द्वारा इस वर्ष 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा (5.50 रुपये प्रति गड्डी) की आकर्षक दर निर्धारित की गई है।गुणवत्ता पर विशेष ध्यान, चिकने और साफ पत्तों की अपीलवनोपज सहकारी समितियों ने संग्राहकों से अपील की है कि वे केवल उच्च गुणवत्ता वाले पत्तों का ही संग्रहण करें। चिकने, सपाट, बिना रूंआ वाले और साफ पत्तों की 50-50 की गड्डियां। बहुत छोटे, मोटे, कटे-फटे, कीड़े लगे या दागदार पत्ते स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अच्छी गुणवत्ता और अधिक मात्रा में विक्रय करने पर संग्राहकों को पारिश्रमिक के साथ अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा।सामाजिक सुरक्षा का सुरक्षा चक्र500 गड्डी से अधिक संग्रहण करने वाले परिवारों के लिए शासन ने राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत महत्वपूर्ण लाभ सुनिश्चित किए हैं। मुखिया की सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपए और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपए की सहायता। परिवार के अन्य सदस्य की मृत्यु होने पर 12 हजार रूपए की तत्काल सहायता राशि।शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मेधावी बच्चों को छात्रवृत्तितेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं भी लागू की गई हैं। 10वीं और 12वीं कक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले एक छात्र और एक छात्रा को विशेष छात्रवृत्ति समिति स्तर पर मेधावी छात्रवृत्ति के रूप में प्रदा की जाती है। उच्च और व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को नियमित छात्रवृत्ति। 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अलग से शिक्षा प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।व्यापक संग्रहण क्षेत्रजिले के पामेड़, पुजारीकांकेर, उसूर, हीरापुर, चेरामंगी, इलमिड़ी, भद्रकाली, चेरपल्ली, माटवाड़ा, भैरमगढ़, कुटरू और करकेली सहित 45 लॉटों में संग्रहण का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों ने सभी तेंदूपत्ता संग्राहकों से आग्रह किया है कि वे इस सीजन का अधिकतम लाभ उठाएं और शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करें।</description ></item><item><title>रासायनिक खरपतवारनाशकों का नियंत्रित और प्रभावी उपयोग किया जाए: डॉ. नायक</title><link>https://cnin.co.in/रासायनिक-खरपतवारनाशकों-का-नियंत्रित-और/78825</link><description>00 कृषि विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक का शुभांरभ&amp;nbsp;रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आज यहां अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना” की 33वीं वार्षिक समीक्षा बैठक की शुरूआत हुई। इस तीन दिवसीय बैठक का उद्घाटन मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के उप महानिदेशक (NRM) डॉ. ए. के. नायक द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, (आईसीएआर) बरोंडा रायपुर के निदेशक डॉ. पी. के. राय तथा डॉ. राकेश कुमार सहायक महानिदेशक आईसीएआर नई दिल्ली मौजूद थे। यह परियोजना देश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में फसलों में खरपतवार नियंत्रण पर अनुसंधान तथा नवीनतम तकनीकांे के विकास एवं उनके किसानों के बीच प्रसार हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा जबलपुर स्थित खरपतवार अनुसंधान निदेशालय के माध्यम से चलाई जा रही है।बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. ए. के. नायक ने वैज्ञानिकों से खरपतवारों के रसायनिक नियंत्रण के बजाय समन्वित खरपतवार नियंत्रण को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि रासायनिक खरपतवारनाशकों के हानिकाकरक प्रभावी को देखते हुए उन पर आधारित अनुसंधान को हतोत्साहित किया जाए। डॉ. नायक ने प्राकृतिक एवं जैविक कृषि अपनाने पर जोर देते हुए विभिन्न लाभकारी सूक्ष्मजीवों, केंचुओं तथा कीट पतंगो पर खरपतवारनाशकों के दुष्प्रभाव का अध्ययन करने की सलाह दी। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि रासायनिक खरपतवारनाशी यद्यपि खेतों में खरपतवारों के नियंत्रण करने में समर्थ है लेकिन ये पर्यावरण तथा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए हानिकारक है अतः इनका नियंत्रित और प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। खरपतवार नाशकों का अंधाधुंध उपयोग मानवों और जीव-जंतुओं के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने कहा कि खरपतवारों के प्रबंधन के लिए केवल रसायनों पर निर्भर न रहकर यांत्रिक एवं बायोलॉजिकल नियंत्रण विधियों को प्राथमिकता देनी चाहिए। समारोह को डॉ. पी. के. राय तथा डॉ. राकेश कुमार ने भी संबोधित किया।खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर के प्रभारी डॉ. विजय कुमार चौधरी, प्रमुख वैज्ञानिक ने अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना के तहत देशभर के सभी 17 केन्द्रों में संचालित गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर परियोजना के वार्षिक प्रतिवेदन 2025-26 के साथ ही अन्य प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. एस.एस. कोल्हे को खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु लाइफटाइम अचिवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना को खरपतवार प्रबंधन हेतु आईसीएआर बेस्ट संेटर अवार्ड से सम्मानित किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान एवं बैठक के आयोजन सचिव डॉ. वी.के. त्रिपाठी ने रायपुर केन्द्र में इस परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यो एवं गतिविधियों की जानकारी दी। परियोजना के प्रमुख अन्वेषक डॉ. श्रीकांत चितले ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि इस समीक्षा बैठक में भारत भर के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में संचालित 17 प्रमुख केंद्रों, तथा 7 स्वयंसेवी केंद्रों में खरपतवार अनुसंधान में कार्यरत वैज्ञानिकों के अलावा राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAUs), ICAR संस्थानों तथा हर्बीसाइड उद्योगों के लगभग 100 वैज्ञानिक शामिल हुए हैं। समीक्षा बैठक के दौरान वर्ष 2025-26 में किए गए अनुसंधान कार्यों एवं विस्तार गतिविधियों की प्रमुख उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी तथा आगामी दो वर्षों के लिए तकनीकी कार्यक्रम पर गहन विचार विमर्श करते हुए इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। गौरतलब है कि खरपतवार नियंत्रण न करने या समय पर न किए जाने से फसल उत्पादन में लगभग 40 से 60 प्रतिशत तक कमी आती है। धान की सीधी बोनी में यह कमी कभी कभी 90 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।</description ></item><item><title>तालाब में डूबने से हुई दो मौतों पर प्रशासन का संबल, पीड़ित परिवारों को 8 लाख की सहायता मंजूर</title><link>https://cnin.co.in/तालाब-में-डूबने-से-हुई-दो-मौतों-पर-प्रशासन-का/78824</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में प्राकृतिक आपदा के मामलों में जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाई है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने दो अलग-अलग हादसों में जान गंवाने वाली महिलाओं के परिजनों के लिए कुल 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के तहत प्रत्येक प्रभावित परिवार को 4-4 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।​जिला कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील टुण्डरा की निवासी श्रीमती कांतिबाई सोनी पति रामचरण सोनी की तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इसी तरह ​ग्राम मड़वा की निवासी श्रीमती सावित्री वैष्णव पति भोलादास वैष्णव की भी पानी में डूबने के कारण असामयिक मृत्यु हुई थी।कलेक्टर ने दिए त्वरित भुगतान के निर्देशकलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा ने इन प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आर्थिक सहायता को मंजूरी दी है। प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए संबंधित तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि सहायता राशि सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में RTGS के माध्यम से जमा की जाए, ताकि शोक संतप्त परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।</description ></item><item><title>बस्तर में मानसून से पहले सीड बॉल तकनीक व जल संरक्षण संरचनाएं संजीवनी साबित होंगी - गुप्ता</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-में-मानसून-से-पहले-सीड-बॉल-तकनीक-व-जल/78823</link><description>जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में मानसून से पहले जंगलों और जल संरक्षण को लेकर बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग ‘वर्षा जल जहां गिरे, वहीं सहेजें’ मिशन के तहत पहाड़ी और पथरीले इलाकों में सीड बॉल तकनीक का इस्तेमाल कर हरियाली बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही बड़ी संख्या में जल संरक्षण संरचनाएं बनाकर बारिश की हर बूंद को जमीन में सहेजने का प्रयास किया जा रहा है। इससे न केवल भूजल स्तर सुधरेगा, बल्कि वन्यजीवों और पर्यावरण को भी बड़ा लाभ मिलेगा। बस्तर के वन मंडलाधिकारी के अनुसार सीड बॉल तकनीक और जल संरक्षण संरचनाएं बस्तर के भविष्य के लिए संजीवनी साबित होंगी। इससे न केवल वनों की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि वन्यजीवों के लिए ग्रीष्मकाल में भी पेयजल की कमी नहीं होगी।&amp;nbsp;बस्तर वनमंडल ने इस वर्ष जल संवर्धन के लिए तकनीकी रूप से सटीक लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इसके अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 1.8 लाख एससीटी ये खाइयां पहाड़ी ढलानों पर बहते पानी की गति को रोककर उसे जमीन के भीतर समाहित करती हैं। 1.3 लाख लूज बॉल्डर चेकडैम (एलबीसीडी) नालों में पत्थरों के छोटे बांध बनाकर मिट्टी के कटाव को रोका जा रहा है और नमी बरकरार रखी जा रही है। बस्तर की उन दुर्गम और अत्यधिक ढलान वाली पहाड़ियों पर, जहां पारंपरिक वृक्षारोपण संभव नहीं है, विभाग सीड बॉल्स का उपयोग कर रहा है। मिट्टी और खाद के आवरण में सुरक्षित इन बीजों को मानसून की पहली बारिश के साथ पथरीले इलाकों में डाला जाएगा, जो प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर हरित आवरण का विस्तार करेंगे। कंटूर वुडन बंड में पहाड़ी ढलानों पर लकड़ियों को कंटूर लाइन में व्यवस्थित कर वर्षा जल और मिट्टी के कटाव को रोका जा रहा है।बस्तर के वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि विभाग का ध्यान केवल निर्माण पर नहीं बल्कि गुणवत्ता पर है। सीड बॉल तकनीक और जल संरक्षण संरचनाएं बस्तर के भविष्य के लिए संजीवनी साबित होंगी। इससे न केवल वनों की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि वन्यजीवों के लिए ग्रीष्मकाल में भी पेयजल की कमी नहीं होगी। अभियान में स्थानीय वन प्रबंधन समितियों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। वन विभाग समस्त नागरिकों से कहा कि वे भी जल संरक्षण की इस मुहिम का हिस्सा बनें।</description ></item><item><title>नारायणपुर में नक्सली डंप से हथियार, विस्फोटक सहित एक करोड़ नगद बरामद </title><link>https://cnin.co.in/नारायणपुर-में-नक्सली-डंप-से-हथियार,-विस्फोटक/78822</link><description>नारायणपुर । नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ के जंगल में मिले नक्सली डंप से 1 करोड़ 1 लाख 64 हजार रुपए नगद, हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद किया गया है। नारायणपुर एसपी रोबिनसन गुड़िया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि माड़ बचाओ अभियान' के तहत यह कार्रवाई नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ, आईटीबीपी और बीएसएफ की संयुक्त टीम के द्वारा जिले में लगातार सर्चिग और एरिया डोमिनेशन अभियान के दौरान नक्सलियों के द्वारा छिपाकर रखे गए नगद रकम, हथियार और विस्फोटक सामग्री के डंप का पता चला।&amp;nbsp;एसपी ने बताया कि सुरक्षाबलों की टीम मंगलवार को अबूझमाड़-महाराष्ट्र सीमा से लगे जंगल में सुरक्षाबलों की टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इस दाैरान बड़ी मात्रा में नगद राशि और नक्सल सामग्री जमीन पर गढ़ा हुआ मिला, जिसे बरामद किया गया है। डंप में आईईडी बनाने का सामान, हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग का सामान था। वहीं, कुछ पोस्टर भी मिले हैं, जो नक्सलियों के लीडर के बताए जा रहे हैं। इतनी बड़ी रकम कहां से आई पुलिस इसकी जांच कर रही है। उन्हाेने बताया कि साल 2025-26 में अब तक जिले में कुल 270 हथियार बरामद किए जा चुके हैं। उन्हाेने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगलों या आस-पास किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस और केंद्रीय बलों को दें, ताकि जिले को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाया जा सके।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आज बरामद नक्सली डंप से - 1. AK47 रायफल - 03 नग, 2. SLR रायफल - 03 नग, 3. 303 रायफल - 02 नग, 4. 315 रायफल - 01 नग, 5. AK47 रायफल का मैग्जीन - 05 नग, 6. AK47 रायफल का जिंदा कारतूस - 113 नग, 7. SLR रायफल का जिंदा कारतूस - 182 नग, 8. SLR रायफल का मैग्जीन - 13 नग, 9. इंसास रायफल का मैग्जीन - 01 नग, 10. 303 रायफल रायफल का मैग्जीन - 02 नग, 11. 303 रायफल का जिंदा कारतूस - 45 नग, 12. 315 रायफल का मैग्जीन - 01 नग, 13. 315 रायफल का जिंदा कारतूस - 41 नग, 14. 12 बोर बंदूक - 02 नग, 15. देशी कट्टा - 02 नग, 16. 12 बोर का जिंदा कारतूस - 19 नग, 17. एयर गन - 01 नग, 18. बीजीएल सेल - 132 नग, 19. इलेक्ट्रानिक डेटोनेटर - 08 नग, 20. कॉर्डेक्स वायर - 06 बंडल, 21. मोटोरोला सेट MODEL NO- M33GMO29C2AA - 01 नग, 22. वॉकीटॉकी बॉओफेंग - 06 नग, 23. SMG कार्टेज - 12 नग, 24. BGL - 02 नग, 25. BGL कार्टेज - 14 नग, 26. सोरा -5KG लगभग, 27. व्हाईट पाउडर -3KG, 28. रेडियो सेल - 4 सेट, 29. बिजली वायर - 02 बंडल, 30. अन्य दैनिक नक्सल सामग्री बरामद किया गया है।</description ></item><item><title>टाकरागुड़ा में ईसाई मतांतरित के शव का कफन-दफन पर ग्रामीणाें में आक्रोश</title><link>https://cnin.co.in/टाकरागुड़ा-में-ईसाई-मतांतरित-के-शव-का-कफन-दफन/78821</link><description>जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर मुख्य मार्ग पर स्थित बड़ाजी थाना क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत टाकरागुड़ा में एक ईसाई मतांतरित व्यक्ति की मृत्यु पर गांव में कफन दफन के मामले को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई है l यह घटना बेलर टाकरागुड़ा के झीटकापारा की है जहां मृत व्यक्ति का नाम पंडरी नाग जाति माडिया विगत कई वर्षों से ईसाई पंथ का अनुपालन कर रहा था l विवाद की स्थिति तब निर्मित हो गई जब ईसाई मतांतरित लोग मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार ईसाई रीति से करने गांव के हिंदू मुक्तिधाम में करने की योजना में थे l परन्तु ग्रामीणों को जब यह घटना की जानकारी मिली तत्काल इसका विरोध कर शव को ईसाई कब्रिस्तान में कफन दफ़न करने कहा गया lइस मामले में ग्राम पुजारी का कहना है कि हम आदिकाल से ही सत्य सनातन एवं प्रकृति पूजक है हमारे पूर्वज आदिकाल से देवी देवताओं को पूजते आ रहे हैं l परन्तु कुछ वर्षों से कुछ लोग अपनी संस्कृति एवं रूढ़ि परंपरा को छोड़कर कर विदेशी पाश्चात्य संस्कृति का पालन कर गांव के परंपरा के विपरीत कार्य करते है l गांव में होने वाले गुड़ी जतरा पूजा में शामिल न होकर इसका विरोध करते हैं एवं गांव में टकवाव की स्थिति निर्मित करते है l वही ग्राम पंचायत सरपंच का कहना है कि हम ग्राम सभा में पारित नियम एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं जो कि अपने अपने धर्म के लिए सरकार द्वारा आबंटित कब्रिस्तान पर शव को दफनाने का आदेश देती है l&amp;nbsp;बजरंग दल के विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप ने कहा कि हम ईसाई मिशनरियों के मंसूबों को कतई सफल होने नहीं देंगे l यह मिशनरी शिक्षा चिकित्सा के नाम पर हमारे भोले भाले आदिवासी भाई बहनों को बरगलाकर इनका धर्मांतरण करके इनका शोषण करते हैं एवं इनकी ही भूमि पर चर्च का निर्माण करते और इनके पट्टा पर कई प्रकार के ऋण निकालकर उनको ही फंसाने का कार्य करते है l ऐसे कृत्य कतई बर्दाश्त योग्य नहीं है l यह जिस भाषा में समझेंगे बजरंग दल उसी भाषा में समझने का कार्य करेगा l&amp;nbsp;विहिप के जिला सह मंत्री घनश्याम नाग ने कहा कि ईसाई मिशनरी बस्तर जैसे शांतिप्रिय क्षेत्र को आए दिन कुछ न कुछ घटना को अंजाम देते हैं l हमारे आदिवासी बेटियों को प्रेम जाल में फसाना, जमीन अतिक्रमण, अवैध चर्च का निर्माण कर गांव की रीति नीति को बाधा पहुंचाने का कार्य करते है lबजरंगदल सह संयोजक योगेश रैली का सभी ग्रामीणों से अनुरोध किया और कहा कि सभी ग्राम वासी एकजुट होकर रहे एवं कोई भी बाहरी व्यक्ति गांव में प्रवेश करता है, तो उसकी जानकारी पुलिस थाना में अवश्य सूचना दे ताकि कोई अप्रिय घटना न घट सके l&amp;nbsp;इस दौरान ग्राम पंचायत सरपंच बंगाराम बघेल , कमला बघेल, मिकेस्वर,जनपद सदस्य हिडमा राम मंडावी, बदरू राम, रैयतू राम, लच्छिन राम,अनिल बघेल, सुंदरलाल एवं सभी ग्रामवासी उपस्थित थे l</description ></item><item><title>अज्ञात बस ने सुबह की सैर पर निकले युवक को मारी टक्कर, माैके पर हुई माैत</title><link>https://cnin.co.in/अज्ञात-बस-ने-सुबह-की-सैर-पर-निकले-युवक-को-मारी/78820</link><description>जगदलपुर । जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंर्तगत नया पुल पर मंगलवार की सुबह एक अज्ञात तेज रफ्तार बस ने सुबह की सैर पर निकले एक युवक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। लोगों ने तत्काल कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने मृतक युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेकाॅज अस्पताल भेज दिया है।&amp;nbsp;मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह नए पुल के ऊपर कुछ लोग टहल रहे थे। आसना की ओर से आ रही एक यात्री बस के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए युवक को पीछे से ठोकर मार दी। इस घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस फरार बस चालक की तलाश कर रही है। साथ ही, मृतक युवक की पहचान स्थापित करने और उसके परिजनों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस आस-पास के क्षेत्रों में युवक की पतासाजी कर रही है ताकि उसकी पहचान हो सके।</description ></item><item><title>बस्तर फाईटर के जवान ने स्वयं को गोली मारकर कर ली आत्महत्या</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-फाईटर-के-जवान-ने-स्वयं-को-गोली-मारकर-कर/78819</link><description>बीजापुर। जिला मुख्यालय में थाना बीजापुर के पास सोमवार रात करीब 9 बजे रक्षित केंद्र में पदस्थ बस्तर फाईटर का एक आरक्षक दिलीप तेलम निवासी ग्राम मुर्दोण्डा ने अपनी सर्विस राइफल से स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। थाना बीजापुर के पास अचानक हुई फायरिंग की आवाज से आस-पास के लोग सहम गए और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। घटना के बाद पुलिस लाइन और विभागीय कर्मचारी साथी जवान के इस घटना से स्तब्ध हैं। बताया जा रहा है कि आरक्षक दिलीप तेलम लंबे समय से रक्षित केंद्र में पदस्थ था और अपनी ड्यूटी नियमित रूप से निभा रहा था।मिली जानकारी के मुताबिक रक्षित केंद्र में तैनात आरक्षक दिलीप तेलम मोटर साइकिल से थाना बीजापुर की ओर आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार थाना के समीप पहुंचते ही उसने अपनी सर्विस राइफल निकाली और दो राउंड फायर किए। इसके बाद उसने स्वयं को गोली मार ली। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों और स्थानीय लोगों ने तत्काल उसे संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।घटना की सूचना मिलते ही जिले के पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मौके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने आस-पास मौजूद लोगों से पूछताछ भी की है। प्रथम दृष्टया मामले में पारिवारिक तनाव को आत्महत्या की वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जवान के सहकर्मियों और परिजनों से पूछताछ के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।बीजापुर थाना कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, आज मंगलवार काे पोस्टमार्टम के बाद जवान के शव परिजनाें काे साैंप दिया गया । पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</description ></item><item><title>बस्तर में जादू टोने के शक में हत्या, अंधविश्वासमें न पड़ें ग्रामीण - डॉ. मिश्र </title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-में-जादू-टोने-के-शक-में-हत्या,/78818</link><description>रायपुर। अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने कहा बस्तर में पिछले दिनों जादू टोने के शक में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई ग्रामीणों को अंधविश्वास में पड़ कर कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए. प्रताड़ित परिवार से मिलेंगे,ग्रामीणों को जागरूक करने जागरूकता अभियान को और बढ़ाया जाएगा.डॉ दिनेश मिश्र ने बताया बस्तर में जादू-टोना के शक में एक ग्रामीण को दो भाइयों ने मिलकर चाकू से गोदकर उसे बेरहमी से मार डाला. घटना बस्तर के दरभा थाना क्षेत्र के पखनार गांव की है. जहां मंगलू मंडावी नमक व्यक्ति को . आरोपी उसी गाँव के दो भाई आयतु मड़कामी और सुखराम मड़कामी है. दोनों ने जादू टोने के शक में मंगलू मंडावी की हत्या कर दी. जानकारी के मुताबिक़, दोनों भाइयों आयतु मड़कामी और सुखराम मड़कामी को शक था मंगलू मंडावी जादू टोना करता है. घटना के दिन मंगलू मृतक अपने घर के पास आम के पेड़ के नीचे बैठा था. तभी दोनों आरोपी आये और जादू टोने को लेकर झगड़ने लगे. देखते देखते विवाद इतना बढ़ा किदोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी.&amp;nbsp;डॉ दिनेश मिश्र ने कहा जादू टोना जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है, बीमारियों के अलग अलग कारण होते हैं जिनका परीक्षण, जांच, उपचार होता है, तथाकथित जादू टोने, तंत्र मंत्र से न ही कोई बीमार किया जा सकता है और न किसी बीमार को ठीक किया जा सकता है. डॉ दिनेश मिश्र ने कहा किसी भी व्यक्ति द्वाराअपने अंधविश्वासों पर यकीन कर किसी निर्दोष को प्रताड़ित करना, हत्या करना अमानवीय, गैरकानूनी है. समिति घटना स्थल का दौरा कर प्रताड़ित परिवार से मिलेगी एवं ग्रामीण अंचल में जनजागरण करेंगे.</description ></item><item><title>बलरामपुर में 4 टीपर जब्त</title><link>https://cnin.co.in/बलरामपुर-में-4-टीपर-जब्त/78817</link><description>रायपुर। प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार खनिज विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम धंधापुर क्षेत्र में संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त 4 टीपर वाहनों को जब्त किया है। कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।खनिज अधिकारी ने बताया कि औचक निरीक्षण के दौरान ग्राम धंधापुर में बिना वैध अनुमति के रेत का उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा था। जांच में अनियमितता पाए जाने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 4 टीपर वाहनों को जब्त कर बरियों चौकी के सुपुर्द किया। संबंधित प्रकरण में खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।</description ></item><item><title>टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को लेकर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न</title><link>https://cnin.co.in/टीबी-मुक्त-भारत-के-लक्ष्य-को-लेकर-राज्य/78816</link><description>00 रायपुर में स्वास्थ्य अधिकारियों को डिफरेंशिएटेड टीबी केयर, गर्भवती महिलाओं में टीबी प्रबंधन एवं टीबी सेवाओं के समन्वय की दी गई जानकारीरायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा जपाइगो के संयुक्त तत्वावधान में रायपुर स्थित निजी होटल में टीबी रोग संबंधी राज्य स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में डिफरेंशिएटेड टीबी केयर, गर्भवती महिलाओं में टीबी प्रबंधन तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टीबी सेवाओं के समन्वय विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के दौरान आयुक्त सह संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं श्री संजीव झा ने प्रतिभागियों को भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के टीबी मुक्त भारत के संकल्प की याद दिलाते हुए जमीनी स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी के संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच कर टीबी की पुष्टि होने पर उन्हें डिफरेंशिएटेड टीबी केयर के अंतर्गत अनिवार्य रूप से श्रेणीबद्ध कर उपचार उपलब्ध कराया जाए।कार्यक्रम के दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान-100 दिवसीय अभियान की जिलेवार समीक्षा भी की गई। राज्य क्षय अधिकारी डॉ. संजीव मेश्राम ने जिला क्षय अधिकारियों को टीबी मरीजों के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को शत-प्रतिशत टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट उपलब्ध कराने तथा मरीजों को अतिरिक्त सहयोग देने के लिए अधिकाधिक निक्षय मित्र बनाने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में चिकित्सा महाविद्यालयों के चिकित्सा अधिकारी, विभिन्न जिलों के जिला क्षय अधिकारी, जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं जिला पीएमडीटी समन्वयक उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>जो बच्ची कभी ठीक से चल नहीं पाती थी, आज दौड़कर जीत रही है जिंदगी की हर परीक्षा</title><link>https://cnin.co.in/जो-बच्ची-कभी-ठीक-से-चल-नहीं-पाती-थी,-आज-दौड़कर/78815</link><description>00 नि:शुल्क फिजियोथेरेपी सेंटर बना उम्मीद की नई किरणरायपुर। आधुनिक फिजियोथेरेपी केंद्र गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों और बुजुर्गों के लिए आशा की किरण बन रहे हैं। ये केंद्र उन्नत तकनीकों, व्यक्तिगत व्यायाम और विशेषज्ञ देखभाल के माध्यम से गतिशीलता, दर्द में कमी और जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर रहे हैं। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में निरंतर संवेदनशील और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी अभियान ने एक मासूम बच्ची के जीवन को नई दिशा दी और उसे आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास तथा सफलता की नई उड़ान प्रदान की।प्राथमिक शाला डुमरिया की छात्रा कु. महेश्वरी आज जिले के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं। एक समय ऐसा था जब वह ठीक से चल भी नहीं पाती थीं। उनके दाहिने पैर की मांसपेशियाँ अत्यंत कमजोर थीं, जिसके कारण दौडऩा तो दूर, सामान्य दैनिक कार्य करना भी उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। परिवार और विद्यालय दोनों के लिए यह चिंता का विषय था कि आखिर महेश्वरी का भविष्य कैसे संवरेगा। लेकिन समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित नि:शुल्क फिजियोथेरेपी सुविधा ने उनके जीवन में आशा की नई रोशनी जगा दी। संसाधन कक्ष गौरेला में उन्हें नियमित रूप से फिजियोथेरेपी उपचार उपलब्ध कराया गया। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. प्राची आर. पीटर्स ने पूरी निष्ठा, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ प्रतिदिन उनका उपचार किया। लगातार एक वर्ष तक चले इस समर्पित प्रयास और महेश्वरी की अटूट इच्छाशक्ति ने चमत्कारी परिणाम दिए।आज महेश्वरी न केवल आत्मविश्वास के साथ चलने और दौडऩे में सक्षम हैं, बल्कि शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं। सत्र 2025-26 की प्राथमिक शाला परिचय परीक्षा में उन्होंने 91 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह सफलता उनके संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की जीवंत मिसाल है। महेश्वरी ने खेल के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर आयोजित 100 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में उन्होंने द्वितीय स्थान प्राप्त कर सभी को गौरवान्वित किया। उनकी इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किए जाने से उनका आत्मविश्वास और अधिक मजबूत हुआ। महेश्वरी की सफलता के पीछे जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी, संतोष सोनी, अजय जोशी, प्रवीण चौधरी तथा स्पेशल एजुकेटर राजेन्द्र साहू का सतत मार्गदर्शन और प्रोत्साहन भी महत्वपूर्ण रहा। सभी के संयुक्त प्रयासों ने यह साबित कर दिया कि यदि सही समय पर सहयोग, उपचार और प्रेरणा मिले, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।महेश्वरी की कहानी केवल एक बच्ची की सफलता नहीं, बल्कि समग्र शिक्षा अभियान की संवेदनशील पहल, नि:शुल्क फिजियोथेरेपी सेवाओं की प्रभावशीलता और समाज के सामूहिक सहयोग की प्रेरणादायक मिसाल है। यह कहानी उन हजारों बच्चों और अभिभावकों के लिए उम्मीद का संदेश है, जो कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे हैं।</description ></item><item><title>अवैध लकड़ी परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 8 नग साल लट्ठा सहित पिकअप वाहन जब्त</title><link>https://cnin.co.in/अवैध-लकड़ी-परिवहन-पर-बड़ी-कार्रवाई,-8-नग-साल/78814</link><description>00 दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गएबलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध वनोपज परिवहन के खिलाफ वन विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर वनमंडल के अंतर्गत वन विभाग की टीम ने अवैध रूप से साल लकड़ी का परिवहन करते हुए एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी के निर्देशन तथा उप वनमण्डलाधिकारी श्री अनिल कुमार सिंह पैकरा के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र बलरामपुर के सर्किल मानिकपुर अंतर्गत यह कार्रवाई की गई। वन विभाग को सूचना मिली थी कि मानपुर क्षेत्र से अवैध रूप से साल लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है।जांच के दौरान पिकअप वाहन क्रमांक यूपी 64 टी 9601 में साल प्रजाति के 8 नग लट्ठे (करीब 1.915 घनमीटर) लोड पाए गए। वाहन में सवार विष्णु गुप्ता एवं सर्वाेत्तम गुप्ता, निवासी ग्राम बानापती, लकड़ी के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वन विभाग ने वाहन सहित वनोपज को जब्त कर लिया। प्रकरण में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41 एवं 52 तथा छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम 2001 के नियम 22 के तहत कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया है।कार्रवाई में वनपरिक्षेत्राधिकारी श्री निखिल सक्सेना, वनपाल श्री धनश्याम शर्मा, श्री प्रहलाद तिवारी, वनरक्षक श्री अजीत कुजूर, श्री शिवशंकर सिंह, श्री देवीलाल, श्री राजेश राम, श्री संजीव सिंह एवं श्री सुरेन्द्र सिंह ओइके सहित वन विभाग का अमला उपस्थित रहा।</description ></item><item><title>नर्सिंग सिस्टर अब कहलाएंगी सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, स्टाफ नर्स का नाम होगा नर्सिंग ऑफिसर</title><link>https://cnin.co.in/नर्सिंग-सिस्टर-अब-कहलाएंगी-सीनियर-नर्सिंग/78813</link><description>00 स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर नर्सों के सम्मान में नर्सिंग संवर्ग के पदनाम परिवर्तन की घोषणा कीरायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर राज्य की नर्सों के सम्मान में नर्सिंग संवर्ग के पदनाम परिवर्तन की बड़ी घोषणा की है। इस घोषणा के अनुसार नर्सिंग सिस्टर अब सीनियर नर्सिंग ऑफिसर कहलाएंगी जबकि स्टाफ नर्स का नाम नर्सिंग ऑफिसर होगा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ये घोषणा की है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी व नर्सिंग छात्र-छात्राओं के साथ अस्पताल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों की सेवा में नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो दिन-रात समर्पण भाव से मरीजों की देखभाल कर उन्हें नया जीवन देने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में मानवीय संवेदनाओं और सेवा भाव का सबसे बड़ा उदाहरण नर्सिंग स्टाफ प्रस्तुत करता है। उन्होंने कोविड काल में नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सों ने समर्पण और सेवा भाव के साथ कार्य किया। चिकित्सा सेवा में नर्स माँ के समान होती है। उनका दर्जा माँ के समान उच्च है क्योंकि वे मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्षों से लंबित कई सुविधाओं और व्यवस्थाओं को पूरा किया जा रहा है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी और नमिता डेनियल सहित पूरे नर्सिंग ऑफिसर को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की।</description ></item><item><title>घर की बाड़ी से संवरेगा महिलाओं का भविष्य, औषधीय पौधों की खेती से मिलेगा स्थायी रोजगार</title><link>https://cnin.co.in/घर-की-बाड़ी-से-संवरेगा-महिलाओं-का-भविष्य,/78812</link><description>00 धमतरी से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत सिंदूरी और सतावर के रोपण से हर साल होगी 30 हजार तक की अतिरिक्त आयरायपुर। औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए आय का एक बेहतर विकल्प बनकर उभरी है, जिससे स्थायी रोजगार और पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक मुनाफा मिल सकता है। अश्वगंधा, तुलसी, आंवला, सिंदूरी, सतावर और एलोवेरा जैसे पौधों की बढ़ती मांग के कारण, यह क्षेत्र न केवल स्वास्थ्य को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि 2026 तक ग्रामीण विकास के नए अवसर भी खोल रहा है।छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। बोर्ड की नई योजना घरों की बाड़ी से औषधीय पौधों का रोपण के जरिए अब महिलाएं घर बैठे ही आय अर्जित कर सकेंगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके घर के आंगन (बाड़ी) में ही नियमित रोजगार उपलब्ध कराना है।सिंदूरी और सतावर मांग आधारित खेतीसिंदूरी और सतावर की खेती वर्तमान में मांग-आधारित और अत्यधिक लाभदायक विकल्प हैं, क्योंकि इनकी उपयोगिता आयुर्वेद और प्राकृतिक रंगों के उद्योग में बहुत अधिक है। योजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को बाजार में उच्च मांग वाले दो प्रमुख औषधीय पौधेकृसिंदूरी और सतावर नि:शुल्क प्रदान किए जा रहे हैं। सिंदूरी के बीजों का उपयोग मुख्य रूप से खाद्य प्रसंस्करण, सौंदर्य प्रसाधन और आयुर्वेदिक औषधियों में किया जाता है। सतावर का पौधा शारीरिक दुर्बलता, दुग्धवर्धन और मानसिक तनाव दूर करने वाली दवाओं के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।कम समय में स्थायी आमदनीइस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका स्थायी स्वरूप है। सिंदूरी से 12 माह और सतावर से 16 माह के भीतर उत्पादन मिलना शुरू हो जाता है। प्रत्येक महिला को प्रतिवर्ष 20 हजार से 30 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय होगी। एक बार रोपण के बाद यह आय का स्रोत आगामी 20 वर्षों तक दीर्घकालिक लाभ बना रह सकता है।धमतरी में पायलट प्रोजेक्ट की सफलतायोजना की शुरुआत धमतरी जिले से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है। जिले के 27 गांवों की 509 महिलाओं ने अपनी बाड़ी में लगभग 82 हजार सतावर और 39 हजार सिंदूरी के पौधों का रोपण किया है। उम्मीद है कि जनवरी 2027 से इन महिलाओं को पहली फसल से आय प्राप्त होने लगेगी।बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने इस योजना को ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में एक रोल मॉडल बताया है। वहीं उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों के कारण अक्सर बाहर काम करने नहीं जा पातीं। यह योजना उन्हें उनके घर की दहलीज पर ही सम्मानजनक रोजगार और आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी।</description ></item><item><title>गैस सिलेंडर विस्फोट में 4 की मौत, स्वास्थ्य मंत्री ने परिजनों से मिलकर जताया शोक</title><link>https://cnin.co.in/गैस-सिलेंडर-विस्फोट-में-4-की-मौत,-स्वास्थ्य/78811</link><description>रायपुर। दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित महामाया बस्ती में आज एक दर्दनाक हादसे में गैस सिलेंडर फटने से 4 लोगों की मृत्यु हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया।घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने तत्काल मृतकों के निवास पर पहुँचकर परिजनों से भेंट की और गहरी संवेदना व्यक्त की। स्वास्थ्य मंत्री ने स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के साथ मौके पर पहुँचकर घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और प्रशासन पीडि़त परिवारों के साथ है। उन्होंने घटना की उचित जाँच कराने एवं प्रभावित परिवारों को शासन की ओर से सहायता दिलाने की बात कही।</description ></item><item><title>इंग्लिश से ज्यादा हिन्दी मीडियम के बच्चों ने सिपेट में लिया प्रवेश, कमा रहे हैं 5 से 8 लाख रुपये</title><link>https://cnin.co.in/इंग्लिश-से-ज्यादा-हिन्दी-मीडियम-के-बच्चों-ने/78810</link><description>00 नये सिलेबस में प्रवेश की अंतिम तिथि 30 मई, 7 जून को रायपुर व बिलासपुर में होगी परीक्षारायपुर। राजधानी रायपुर के भनपुरी में स्थित केंद्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने के लिए 30 मई तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। 7 जून को रायपुर व बिलासपुर में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। सिपेट रायपुर की स्थापना 22 सितंबर 2016 को हुई थी और इन 10 सालों में अधिकांश बच्चे देश के प्रतिष्टित उद्योगों में 5 से 8 लाख रुपये की नौकरी कर रहे है।रायपुर के प्रधान निदेशक एवं प्रमुख डॉ. आलोक साहू ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स टेक्नोलॉजी की 60 सीट और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग एंड टेस्टिंग की 30 सीटें भी हर साल नहीं भर पा रही है। लेकिन उन्हें इस बात गर्व हैं कि यहां पढ़ाई करने आने वाले छात्र-छात्राओं में इंग्लिश मीडियम के कम और हिन्दी मीडियम के अधिक बच्चों ने प्रवेश लिया है। इस साल से साउट ईस्टर्न कोल्डफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के द्वारा छत्तीसगढ़ के खनन प्रभावित बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, रामानुजगंज, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर व मध्यप्रदेश के शहडोल, अनूपपुर व उमरिया के उम्मीदवारों को नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण देने के साथ ही 1500 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी देगा जिससे इन छात्र-छात्राओं को रोजगारोन्मुखी के साथ - साथ वित्त सहायता भी प्राप्त होगा।डॉ. साहू ने कहा कि यहां पढ़ाई करने वाले अधिक छात्र हिन्दी मीडियम से आए हुए है लेकिन सिपेट में पूरी पढ़ाई इंग्लिश में ही होती है, लेकिन इन्हें हिन्दी में सझाया जाता है। अगर वे बाहर नौकरी करने जाते है तो उन्हें किसी भी प्रकार कोई परेशानी या कठिनाईयों का सामना ना करना पड़े। अगर कोई छात्र छत्तीसगढ़ में नौकरी करना चाहता है तो उसे 15 हजार रुपये महीना और अगर वह बाहर जाता है तो उसे 30 हजार रुपये मिलता है। अब उसे यहां नौकरी करना है या बाहर जाकर उसका फैसला उसके ऊपर है। सिपेट की यही विशेषता है कि सिपेट में कोर्स करने के बाद सभी विद्यार्थियों को आसानी से देश के प्रतिष्टित उद्योगों में नौकरी मिल जाती है। सिपेट रायपुर में दो डिप्लोमा कोर्स डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स टेक्नोलॉजी (डीपीटी), डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स मोल्ड टेक्नोलॉजी (डीपीएमटी), एक पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग एंड टेस्टिंग (पीजीडी-पीपीटी) और बी टेक (प्लास्टिक इंजीनियरिंग) संचालित किये जाते हैं और सिपेट कोरबा में उपरोक्त दो डिप्लोमा संचालित हो रहे हैं।</description ></item><item><title>वित्तमंत्री चौधरी से मिले कुलपति प्रो. दयाल, विवि को वित्तीय व शासकीय सहयोग का मिला आश्वासन</title><link>https://cnin.co.in/वित्तमंत्री-चौधरी-से-मिले-कुलपति-प्रो.-दयाल,/78809</link><description>रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने आज प्रदेश के वित्तमंत्री माननीय श्री ओ.पी. चौधरी से सौजन्य मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान विश्वविद्यालय के विकास और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।स्व-संचालित प्रणाली अपनाने का सुझाववित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी ने पत्रकारिता विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए हर संभव वित्तीय और शासकीय सहयोग प्रदान करने का भरोसा दिया। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय की भविष्य की आत्मनिर्भरता को देखते हुए स्व-वित्त पोषित और स्व-संचालित प्रणाली को अपनाने का महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया।न्यूनतम शुल्क में मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षाकुलपति प्रो. मनोज दयाल ने वित्तमंत्री को अवगत कराया कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुँचाना है। उन्होंने बताया किविश्वविद्यालय में मीडिया सहित अन्य सभी पाठ्यक्रमों का शिक्षण एवं छात्रावास शुल्क बेहद किफायती रखा गया है। इससे बस्तर से लेकर सरगुजा तक के सुदूर अंचलों के अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछडा वर्ग सहित सभी समुदायों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो रही है। छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितकारी और कल्याणकारी नीतियों का सीधा लाभ निर्धन और कमजोर वर्ग के छात्रों को मिल रहा है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बोझ के ज्ञानार्जन कर पा रहे हैं।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में सामाजिक समावेशन की नई मिसाल, 8 ट्रांसजेंडर उम्मीदवार बने पुलिस आरक्षक</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-सामाजिक-समावेशन-की-नई-मिसाल,-8/78808</link><description>00 संघर्ष, आत्मविश्वास और शासन के सहयोग से मिली ऐतिहासिक सफलतारायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ने सामाजिक समावेशन और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। राज्य में 8 ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों का चयन पुलिस आरक्षक पद पर हुआ है। यह सफलता वर्ष 2024 की भर्ती प्रक्रिया तथा 2025 में आयोजित शारीरिक दक्षता एवं लिखित परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मिली है।चयनित उम्मीदवारों में सुश्री भूमि मानिकपुरी, सुश्री खुशी ध्रुव, सुश्री संजना ध्रुव, सुश्री रानू यादव, सुश्री पवित्रा चंद्रवंशी, सुश्री लक्ष्मी साहू, सुश्री अप्सरा जायसवाल और सुश्री सुभी यादव शामिल हैं। ये उम्मीदवार रायपुर, बेमेतरा, जांजगीर-चांपा और कांकेर सहित विभिन्न जिलों से हैं। सामाजिक चुनौतियों, अस्वीकार्यता और अनेक व्यक्तिगत संघर्षों के बावजूद इन सभी ने अपने आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया।यह उपलब्धि केवल रोजगार प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में ट्रांसजेंडर समुदाय की बढ़ती भागीदारी, सम्मान और स्वीकार्यता का सशक्त संदेश भी देती है। पुलिस विभाग जैसे जिम्मेदार क्षेत्र में उनकी नियुक्ति राज्य में समान अवसर आधारित शासन व्यवस्था को और मजबूत करेगी।इस सफलता में समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग द्वारा उम्मीदवारों को प्रशिक्षण, आवागमन सुविधा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें भर्ती प्रक्रिया की तैयारी में निरंतर सहयोग मिला।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ट्रांसजेंडर समुदाय को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह चयन एक प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है। यह सफलता आने वाले समय में अनेक ट्रांसजेंडर युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी और यह संदेश देगी कि प्रतिभा, परिश्रम और अवसर मिल जाएं तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।</description ></item><item><title>4755 तालाब हुए लबालब भीषण गर्मी से बड़ी राहत, जीवनदान देने जल संसाधन विभाग का विशेष अभियान</title><link>https://cnin.co.in/4755-तालाब-हुए-लबालब-भीषण-गर्मी-से-बड़ी-राहत,/78807</link><description>रायपुर। वर्तमान में भीषण गर्मी के दौरान तालाबों में पानी की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में सूख रहे 4 हजार 755 तालाबों को अब तक विभाग द्वारा त्वरित पहल करते हुए नहरों के माध्यम से भरा जा चुका है और जरूरत के मुताबिक शेष तालाबों में भी पानी भरने का कार्य तेजी से जारी है।उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भीषण गर्मी नेे पूरे देश को अपने चपेट में ले रखा है, इससे छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इससे जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्र में पानी का प्रमुख स्त्रोत तालाब भी जलविहीन हो रहे हैं। ऐसे हालात में लोगों को राहत पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य में सूख रहे तालाबों में जल भराव का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें सर्वाधिक रायपुर जिला के अंतर्गत निस्तारी हेतु प्रस्तावित कुल 783 तालाबों में से अब तक 663 तालाबों में जल भराव हेतु नहर से पानी दिया जा चुका है। इसी तरह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 586 तालाबों में से 504 तालाबों, धमतरी जिले के 508 तालाबों में से 329 तालाबों में पानी भरा जा चुका है। इस तरह प्रदेश के अमूमन सभी जिलों के तालाबों में पानी भराव का कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लोगों के निस्तारी आदि की समस्या का तत्काल समाधान हो सके।उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के तहत नहरों के माध्यम से पानी को तालाबों तक पहुंचाने के लिए यह योजना जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज की दिशा में एक दूरदर्शी और प्रभावी कदम साबित हो रही है। यह पहल केेवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जल संरक्षण की सामूहिक सोच को मजबूत करती है। जब गांवों के तालाब भरते हैं और लोगों को उनका प्रत्यक्ष लाभ मिलता है, तब समाज में जल बचाने और जल-स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।जल संसाधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में जल दोहन सहित अन्य कारणों से सूखते तालाबों के लिए नहरों से पानी का पहुंचाया जाना अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से तालाबों के भू-जल स्तर में वृद्धि अहम साबित होगी। नहरों से तालाबों में छोड़ा गया पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भूूूू-जल का पुर्नभरण होता है। इससे कुएं, हैण्डपम्प लम्बे समय तक जलयुक्त बने रहते हैं। इस तरह तालाबों के भरने से जहां ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में पानी के कमी से राहत मिल रही है, वहीं आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।</description ></item><item><title>ईश्वर शर्मा का निधन</title><link>https://cnin.co.in/ईश्वर-शर्मा-का-निधन/78806</link><description>रायपुर । जिला न्यायालय रायपुर में ग्रंथालय में पदस्थ ईश्वर प्रसाद शर्मा का अस्वस्थता के चलते मंगलवार 12 मई की दोपहर में निधन हो गया। वे सेवानिवृत्ति न्यायधीश उच्च न्यायालय - लोकायुक्त श्री टी.पी शर्मा जुगल किशोर शर्मा अधिवक्ता, श्री के.के शर्मा अधिवक्ता, श्री भोज कुमार शर्मा, हरिश्चंद्र शर्मा नोटरी, धर्मेंद्रने शर्मा के छोटे भाई थे, तथा श्री राजा शर्मा अधिवक्ता उच्च न्यायालय, कान्हा शर्मा अधिवक्ता, कृष्णा शर्मा अधिवक्ता के चाचा थे एवं चंचला शर्मा अधिवक्ता और तुषार शर्मा के पिता थे । उनका अंतिम संस्कार मंगलवार की शाम को किया। ईश्वर प्रसाद शर्मा के निधन पर छत्तीसगढ़ न्यायिक कर्मचारी संघ जिला शाखा रायपुर एवं जिला न्यायालय ककर्मचारी संघ ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल : पर्यावरणीय मानकों के पालन और सतत निगरानी का सशक्त मॉडल</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-पर्यावरण-संरक्षण-मंडल-:/78805</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल प्रभावी और सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मंडल द्वारा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन हो।मंडल की सतर्कता के परिणामस्वरूप जांजगीर-चांपा सहित राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लाई ऐश (राखड़) का प्रबंधन निर्धारित वैज्ञानिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। हाल ही में विभागीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राखड़ के परिवहन, भंडारण और निस्तारण की प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित एवं मानकों के अनुरूप पाई गईं।छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनसहभागिता को विशेष महत्व दिया है। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि राखड़ परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन हो तथा धूल या अन्य कणों का अनियंत्रित प्रसार न हो। वैज्ञानिक डंपिंग तकनीकों के उपयोग से आसपास के जल स्रोतों और कृषि भूमि की गुणवत्ता सुरक्षित बनी हुई है। स्थानीय निकायों और ग्रामीणों के साथ सतत संवाद के माध्यम से मंडल विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर रहा है।मंडल आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए उद्योगों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहा है। इस सतत निगरानी व्यवस्था से न केवल पर्यावरणीय अनुपालन को मजबूती मिली है, बल्कि आम नागरिकों में स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल का उद्देश्य राज्य की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करते हुए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण करना है। नियमित समीक्षा, उन्नत तकनीकों और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से मंडल पर्यावरण संरक्षण के उच्चतम मानकों को स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।</description ></item><item><title>गोंदिया एवं राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर स्वचालित विक्रय मशीन शुरु</title><link>https://cnin.co.in/गोंदिया-एवं-राजनांदगांव-रेलवे-स्टेशन-पर/78804</link><description>रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं बेहतर यात्रा अनुभव को ध्यान में रखते हुए गोंदिया तथा राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर स्वचालित विक्रय मशीन (ऑटोमैटिक वेडिंग मशीन) सेवा प्रारंभ की गई है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से यात्रियों को स्टेशन परिसर में आवश्यक खाद्य सामग्री एवं पेय पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।नागपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री दिलीप सिंह के नेतृत्व में शुरू की गई यह सुविधा यात्रियों को तेज, सरल एवं स्वच्छ सेवा प्रदान करेगी। अब यात्रियों को अपनी आवश्यक वस्तुओं के लिए अधिक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी तथा वे सुविधाजनक ढंग से अपनी जरूरतों की पूर्ति कर सकेंगे। रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। स्वचालित विक्रय मशीन (ऑटोमैटिक वेडिंग मशीन) सेवा के प्रारंभ होने से स्टेशन परिसर में यात्रियों को आत्मनिर्भर एवं सहज खरीदारी का अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनकी यात्रा और अधिक सुखद बनेगी।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों की सुविधा, स्वच्छता एवं उत्कृष्ट सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की जनहितकारी सुविधाओं का विस्तार करता रहेगा।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-3 कोच की सुविधा</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-एक्सप्रेस-में-एक-अतिरिक्त-एसी-3-कोच/78803</link><description>रायपुर/बिलासपुर। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा व अधिकाधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली गाड़ी संख्या 18237/18238 कोरबा-अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-3 कोच की सुविधा अस्थायी रूप से उपलब्ध कराई जा रही है 7 यह सुविधा गाड़ी संख्या 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 11 मई से 19 मई तक तथा गाड़ी संख्या 18238 अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 13 मई से 21 मई तक उपलब्ध रहेगी । इस सुविधा की उपलब्धता से इस गाड़ी में यात्रा करने वाले अधिकाधिक यात्री लाभान्वित होंगे।</description ></item><item><title>राज्य शासन ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टरों को लिखा पत्र</title><link>https://cnin.co.in/राज्य-शासन-ने-ठोस-अपशिष्ट-प्रबंधन-नियम,-2026-के/78802</link><description>00 नगरीय निकायों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं का स्थल निरीक्षण एवं ऑडिट कर उनकी कार्यप्रणाली, तकनीकी और पर्यावरणीय स्थिति के परीक्षण के दिए निर्देशरायपुर। राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का क्रियान्वयन सभी नगरीय निकायों में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मंत्रालय से परिपत्र जारी कर कलेक्टरों को स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अन्तर्गत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष होने के नाते इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।नगरीय प्रशासन विभाग ने कलेक्टरों को अपने जिले के सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों व अन्य संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति के सूक्ष्म आकलन के निर्देश दिए हैं। सभी निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं जैसे मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी, कंपोस्टिंग फैसिलिटी, अपशिष्ट प्रसंस्करण एवं पुनर्चक्रण इकाईयाँ, ट्रांसफर स्टेशन, सैनिटरी लैंडफिल तथा लिगेसी वेस्ट डम्प-साइट्स का स्थल निरीक्षण एवं ऑडिट करते हुए उनकी कार्यप्रणाली, तकनीकी और पर्यावरणीय स्थिति के परीक्षण के लिए भी निर्देशित किया गया है।विभाग ने कलेक्टरों को नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्य के लिए स्वीकृत सभी परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निकायों में क्रियान्वित परियोजनाओं के जियो-टैग्ड फोटोग्राफ्स हर महीने ई-मेल के माध्यम से मंगाकर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक में जियो-टैग्ड फोटोग्राफ्स का परीक्षण करने को कहा है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं का चिन्हांकन कर उनके समयबद्ध निराकरण के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं।नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों में उत्सर्जित हो रहे ठोस अपशिष्ट के संग्रहण, परिवहन एवं प्रसंस्करण की अद्यतन स्थिति, दर्शनीय स्वच्छता, जलाशयों की सफाई, बैकलेन की स्वच्छता, नालियों एवं नालों की नियमित सफाई तथा निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के प्रसंस्करण की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए हैं। विभाग ने इन कार्यों की सतत निगरानी के लिए निकायों द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के स्वच्छतम पोर्टल पर स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति एवं स्वच्छता गतिविधियों से संबंधित प्रविष्टियों की भी जिला स्तर पर नियमित समीक्षा करने को कहा है। विभाग द्वारा इन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टरों को अपेक्षित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है।</description ></item><item><title>देशहित के मुद्दों पर विपक्ष कर रहा दुर्भाग्यपूर्ण राजनीति : साव</title><link>https://cnin.co.in/देशहित-के-मुद्दों-पर-विपक्ष-कर-रहा/78801</link><description>00 प्रधानमंत्री की वैश्विक संकट में देशवासियों से अपील, इस पर अमल करना हम सबका दायित्वरायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए पेट्रोल, डीजल, पेट्रोलियम पदार्थों और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि देश पर जब भी कठिन परिस्थितियां आती हैं, तब नागरिकों के सहयोग से ही उनका प्रभावी समाधान संभव हो पाता है।श्री साव ने रायपुर में सोमवार को कहा कि देश को महान और सक्षम बनाने में नागरिकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी जी की अपील पर अमल करना हम सबका दायित्व है। हर नागरिक को देशहित में उनके आग्रह का पालन करना चाहिए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि, पूर्व में भी अलग-अलग प्रधानमंत्रियों ने देशहित में जनता से सहयोग मांगा है। पंडित जवाहरलाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री ने भी देशवासियों से सहयोग का आह्वान नहीं किया था। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में भी प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर देशवासियों ने सरकार का साथ दिया और मिलकर कोरोना जैसी चुनौती का सामना किया।श्री साव ने कहा कि, प्रधानमंत्री जी यह अपील देश को मजबूत, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन और कांग्रेस इस मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष का यह रवैया उनके देशहित के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है।</description ></item><item><title>तरबूज खाने से बच्चे की मौत, 3 अन्य बच्चे अस्पताल में भर्ती मामले में जांजगीर कलेक्टर ने लिया तत्काल संज्ञान</title><link>https://cnin.co.in/तरबूज-खाने-से-बच्चे-की-मौत,-3-अन्य-बच्चे/78800</link><description>00 जांच के लिए भेजे गए तरबूज के सैंपलरायपुर। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धुरकोट में तरबूज खाने के बाद एक बच्चे की मृत्यु तथा 3 अन्य बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं संबंधित एसडीएम को जिला चिकित्सालय जांजगीर भेजा , कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम जांजगीर ने मेडिकल टीम को गांव में संबंधित परिवार के सभी लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए रवाना किया तथा तहसीलदार को गांव में इस बाबत पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया गया।सिविल सर्जन श्री एस. कुजूर ने बताया बच्चों के तरबूज और चिकन खाने बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। एक बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो गई, जबकि 3 अन्य बीमार बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है जिनकी हालत अब सामान्य है ।कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित तरबूज के सैंपल जांच हेतु भेज दिए गए हैं। साथ ही मृत बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सुरक्षित रखा गया है ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।जिला प्रशासन द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर निगरानी भी कर रही है।</description ></item><item><title>आईपीएल मैच के दौरान दर्शकों से खुली लूट पर छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने वित्त मंत्री से की शिकायत</title><link>https://cnin.co.in/आईपीएल-मैच-के-दौरान-दर्शकों-से-खुली-लूट-पर/78799</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित आईपीएल मैचों के दौरान दर्शकों के साथ हो रही अवैध वसूली और भारी ओवर चार्जिंग का मुद्दा उठाया है। इस संबंध में संस्था के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।वित्त मंत्री को प्रेषित पत्र में बताया गया कि 10 तारीख को हुए मैच के दौरान आरसीबी और बीसीसीआई के वेंडरों ने दर्शकों की मजबूरी का फायदा उठाया। 42-43 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच सुरक्षा कारणों से पानी अंदर ले जाने पर पाबंदी थी, जिसका लाभ उठाकर 20 रुपये की पानी की बोतल 100 रुपये में बेची गई। यही नहीं, 20 रुपये का समोसा 100 रुपये में और 15 रुपये की कोल्ड ड्रिंक भी 100 रुपये में बेची जा रही है। डॉ. सोलंकी ने पत्र में गंभीर अनियमितताओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि स्टेडियम के अंदर सारा सामान केवल कैश में बेचा जा रहा है। ग्राहकों को कोई आधिकारिक रसीद नहीं दी जा रही है, जो सीधे तौर पर भारी-भरकम जीएसटी चोरी का मामला है।अनुमान है कि उक्त मैच को करीब 60000 लोगों ने देखा तथा *एक ही मैच में लगभग 10 से 11 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है, जिसमें से लगभग 8 से 9 करोड़ रुपये की अवैध वसूली जनता की जेब से की गई है। अकेले पानी की बिक्री से ही 60 लाख रुपये वसूले जाने का अनुमान है।जीएसटी कमिश्नर एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के माध्यम से इस पूरे प्रकरण की सूक्ष्म जांच कराई जाए। कल 13 मई को होने वाले मैच में ऐसी लूट को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। आरसीबी और बीसीसीआई के वेंडरों द्वारा अवैध रूप से वसूली गई अतिरिक्त राशि को जुर्माने के साथ रिकवर कर मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया जाए। संस्था ने विश्वास जताया है कि प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ की जनता के हितों की रक्षा करेगी और खेल के नाम पर लूट मचाने वाले वेंडरों पर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करेगी।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ के 45,000 कैंडिडेट्स को दोबारा देना होगा एग्जाम</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-के-45,000-कैंडिडेट्स-को-दोबारा-देना/78798</link><description>&amp;nbsp;नई दिल्ली-नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी &amp;nbsp;ने 3 मई को हुई एनईईटी 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। यह फैसला पेपर लीक होने के आरोप के चलते लिया गया है। परीक्षा की नई डेट्स जल्द जारी की जाएंगी। एनटीए ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है।इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगा। परीक्षा 3 मई को हुई थी। छत्तीसगढ़ में 19 केन्द्र बनाए गए थे। प्रदेश से लगभग 45,000 कैंडिडेट्स ने एग्जाम दिया था। इनमें रायपुर के करीब 9,200 कैंडिडेट्स शामिल थे। उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी।एनटीए ने जानकारी दी है कि स्टूडेंट्स को दोबारा परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। पिछले एग्जाम सेंटर्स में भी कोई बदलाव नहीं होगा। रीएग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड भी जारी किए जाएंगे। इसके अलावा परीक्षा में शामिल छात्रों की फीस भी वापस की जाएगी।एनटीए ने स्पष्ट किया है कि 22.79 लाख अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए दोबारा आवेदन या फीस भरने की आवश्यकता नहीं होगी। पुराना रजिस्ट्रेशन फॉर्म ही मान्य रहेगा। एजेंसी जल्द ही नई परीक्षा तिथि , सिटी इंटिमेशन स्लिप और एडमिट कार्ड जारी करेगी। किसी भी शंका के समाधान के लिए छात्र हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं।</description ></item><item><title>हिमंता दूसरी बार असम के सीएम,2 बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से मंत्री बने, सभी ने असमिया में शपथ ली</title><link>https://cnin.co.in/हिमंता-दूसरी-बार-असम-के-सीएम,2-बीजेपी-और-2/78796</link><description>&amp;nbsp;गुवाहाटी-हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। असम के गवर्नर लक्ष्मण आचार्य ने गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई।हिमंता के अलावा 4 विधायकों भाजपा के रामेश्वर तेली, अजंता नेओम,एजेपी के अतुल बोरा, बीपीएफ के चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली है। इनमें दो बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से हैं।शपथ कार्यक्रम में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत बीजेपी शासित राज्यों के सीएम और कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। हिमंता का पूरा परिवार भी कार्यक्रम में मौजूद रहा।</description ></item><item><title>धमतरी में AI क्रांति : AI और अत्याधुनिक कौशल से सुसज्जित होंगे युवा</title><link>https://cnin.co.in/धमतरी-में-AI-क्रांति-:-AI-और-अत्याधुनिक-कौशल-से/78795</link><description>&amp;nbsp;जिला प्रशासन की पहल से खुलेगा अत्याधुनिक तकनीक और स्वरोजगार का मार्गरायपुर-युवाओं को आधुनिक तकनीक से लैस कर उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन धमतरी द्वारा एक दूरदर्शी पहल की गई है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता कौशल उन्नयन पाठ्यक्रम (AI Upskilling Course 2026) हेतु प्रवेश परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस अभिनव प्रयास का लक्ष्य स्थानीय युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल स्किलिंग के क्षेत्र में निपुण बनाकर उनके लिए रोजगार के नए द्वार खोलना है।युवाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; पी.जी. कॉलेज धमतरी के IT भवन में आयोजित इस परीक्षा में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसमें कुल प्रतिभागी 166 ने हिस्सा लिया, जिसमें से ऑफलाइन माध्यम 107 विद्यार्थी और ऑनलाइन माध्यम 59 विद्यार्थी शामिल हुए। बड़ी संख्या में युवाओं की यह भागीदारी जिले में नई तकनीकों और डिजिटल साक्षरता के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण और स्किलिंग&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;परीक्षा के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को बेंगलुरु की प्रतिष्ठित संस्था&amp;nbsp; द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। इस विशेष प्रोग्राम में युवाओं को उन स्किल्स का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा जिनकी वर्तमान में वैश्विक उद्योगों में सर्वाधिक मांग है। चयनित विद्यार्थियों को आगे विशेष AI Skill Training Program से जोड़ा जाएगा। यह प्रशिक्षण प्रतिष्ठित संस्था Learnijoy Bangalore द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागियों को AI Video Generation, Website Development, AI Agents Making, Automation Tools, Digital Productivity, Prompt Engineering तथा आधुनिक तकनीकी समाधान विकसित करने जैसी अत्याधुनिक स्किल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।रोजगार और उद्यमिता पर केंद्रित पहल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;इस प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार, इंटर्नशिप, फ्रीलांसिंग और डिजिटल उद्यमिता&amp;nbsp; के काबिल बनाना है। प्रशिक्षण पूरी तरह से 'Industry-Oriented' होगा, जिससे युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठा सकें।कलेक्टर का संदेश भविष्य डिजिटल और AI का है&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, आने वाला युग AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी का है। हमारा प्रयास है कि धमतरी के युवाओं को समय रहते वैश्विक स्तर की स्किलिंग उपलब्ध कराई जाए। इससे वे न केवल बेहतर रोजगार प्राप्त करेंगे, बल्कि स्वयं के स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार सृजक भी बन सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन भविष्य में भी नवाचार, स्टार्टअप प्रमोशन और टेक्नोलॉजी आधारित रोजगार कार्यक्रमों को निरंतर बढ़ावा देता रहेगा।नवाचार की ओर बढ़ते कदम&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;गौरतलब है कि इससे पहले Yuva Fest में आयोजित&amp;nbsp; AI वर्कशॉप के माध्यम से 4 विद्यार्थियों को इंटर्नशिप का अवसर मिला था, जिससे प्रेरित होकर इस बार बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया। जिला प्रशासन की यह पहल धमतरी को तकनीकी नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने और डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।</description ></item><item><title>सुशासन तिहार 2026 : सिमड़ा शिविर में सुगन्ती तिर्की को मिली ट्राइसाइकिल</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-तिहार-2026-:-सिमड़ा-शिविर-में-सुगन्ती/78794</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;-- 3 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए&amp;nbsp;रायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित &amp;nbsp;'सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है। साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा है।इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में एक दिव्यांग हितग्राही को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई तथा 3 हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए।ग्राम सिमड़ा की सुगन्ती तिर्की को ट्राइसाइकिल मिलने से अब उनके आवागमन में सुविधा होगी और उन्हें दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वहीं डोम, नूपपति और रामेश्वर साय को पेंशन स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए।सुगन्ती तिर्की ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ट्राइसाइकिल मिलने से उनका जीवन काफी आसान हो जाएगा। वहीं पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन की इस संवेदनशील पहल के लिए धन्यवाद दिया।सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहा है और जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।</description ></item><item><title> बिलासपुर की शिविका पांडेय बनीं राज्य स्तरीय स्केटिंग चैंपियन,चोट के बावजूद जीता गोल्ड</title><link>https://cnin.co.in/-बिलासपुर-की-शिविका-पांडेय-बनीं-राज्य-स्तरीय/78793</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-शिविका पांडेय बनीं राज्य स्तरीय स्केटिंग चैंपियनरायपुर के सरोना स्थित निजी पब्लिक स्कूल के स्केटिंग ग्राउंड में 9 एवं 10 मई 2026 को प्रथम छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय रोलर स्पोर्ट्स रैंकिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में बिलासपुर की होनहार खिलाड़ी शिविका पांडेय ने अपनी प्रतिभा और अदम्य साहस का लोहा मनवाते हुए राज्य स्तरीय चैंपियन का खिताब अपने नाम किया।शिविका ने 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग के ट्वॉय इनलाइन स्केट स्पर्धा में हिस्सा लिया। 9 मई को आयोजित 400 मीटर रेस के दौरान वे गंभीर रूप से चोटिल हो गई थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और घायल अवस्था में ही रेस पूरी कर कांस्य पदक जीता। अगले ही दिन, उसी चोट और दर्द के बावजूद, शिविका ने 200 मीटर रेस में असाधारण प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया और अपने आयु वर्ग की ओवरऑल चैंपियन बनीं।शिविका पांडेय बिलासपुर के बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल की छठवीं कक्षा की छात्रा हैं और रॉयल स्केटिंग क्लब, बिलासपुर में नियमित प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं। उनकी इस सफलता पर उनके परिवार में हर्ष का माहौल है। शिविका के माता-पिता चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। डॉ. श्वेता पांडेय आयुर्वेद चिकित्साधिकारी हैं और डॉ. विद्या भूषण पांडेय (विभागाध्यक्ष - बालरोग विभाग), शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय महाविद्यालय, बिलासपुर में पदस्थ हैं। उल्लेखनीय है कि शिविका स्वयं स्वर्ण प्राशित (आयुर्वेदिक इम्युनिटी बूस्टर प्राप्त) हैं। उनके पिता डॉ. विद्या भूषण पांडेय नियमित रूप से स्वर्ण प्राशन शिविरों का आयोजन कर बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन के क्षेत्र में सक्रिय हैं।</description ></item><item><title>केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री  कमलेश पासवान 13 एवं 14 मई को छत्तीसगढ़ प्रवास पर</title><link>https://cnin.co.in/केंद्रीय-ग्रामीण-विकास-राज्य-मंत्री--कमलेश/78792</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;०-ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा एवं पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों से करेंगे संवाद&amp;nbsp;रायपुर--भारत सरकार के ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान 13 एवं 14 मई 2026 को छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे। अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान वे ग्रामीण विकास मंत्रालय अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा ग्रामीण विकास से जुड़े जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं हितग्राहियों से संवाद करेंगे।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; श्री पासवान 13 मई को राज्य स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई), राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) सहित ग्रामीण विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; इसके साथ ही वे वीबी-जी राम जी से संबंधित तैयारियों एवं ग्राम पंचायतों में संचालित ग्रामीण विकास गतिविधियों की भी जानकारी लेंगे। श्री पासवान प्रवास के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संगोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन भी प्रस्तावित है, जिसमें ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान 14 मई को ग्रामीण विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन एवं नवाचारों का अवलोकन कर लाभार्थियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे स्व-सहायता समूहों की महिलाओं एवं विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से सीधे संवाद करेंगेे।</description ></item><item><title>एनईईटी 2026 रद्द...पेपर लीक की आशंका के चलते फैसला,सीबीआई जांच करेगी</title><link>https://cnin.co.in/एनईईटी-2026-रद्द...पेपर-लीक-की-आशंका-के-चलते/78790</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने 3 मई को हुई एनईईटी 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षा की नई डेट्स जल्द जारी की जाएंगी। एनटीए ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है। बता दें करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। &amp;nbsp;(साभार -भास्कर)</description ></item><item><title>पीएम मोदी की सोना नहीं खरीदने की अपील के समर्थन में उतरा छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन</title><link>https://cnin.co.in/पीएम-मोदी-की-सोना-नहीं-खरीदने-की-अपील-के/78789</link><description>&amp;nbsp;०- प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी बोले- अर्थव्यवस्था होगी मजबूत०- सराफा व्यापार को केवल बुलियन नहीं, सेवा आधारित मॉडल की ओर बढ़ाने की जरूरत -सोनी०-पारंपरिक स्वर्ण कारीगरों के संरक्षण के लिए 'स्वर्ण शिल्प कला बोर्ड गठन की मांग&amp;nbsp;रायपुर/छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील का समर्थन करते हुए कहा है कि सराफा व्यापारियों को इस मुद्दे पर घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह कदम दीर्घकाल में देश की अर्थव्यवस्था और सराफा व्यापार दोनों को मजबूती प्रदान कर सकता है।कमल सोनी ने कहा कि पिछले दो वर्षों से वैश्विक युद्ध, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अस्थिरता और बाजार में बढ़ती अनिश्चितताओं के कारण सोने की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसका सीधा असर सराफा कारोबार पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सामान्य आभूषण व्यापार लगभग सीमित होकर केवल बुलियन आधारित लेन-देन तक सिमट गया है, जिससे छोटे और मध्यम व्यापारियों को भारी आर्थिक दबाव झेलना पड़ा।उन्होंने कहा कि लगातार मूल्य अस्थिरता के कारण व्यापारियों को नुकसान और कारोबार में मंदी का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रधानमंत्री की यह अपील भविष्य में व्यापक आर्थिक गतिविधियों को गति देने में सहायक सिद्ध हो सकती है। उनके अनुसार यह समय सराफा बाजार को केवल सोना खरीदने-बेचने तक सीमित रखने के बजाय उसे &amp;nbsp;'सेवा क्षेत्र आधारित मॉडल में विकसित करने का है।कमल सोनी ने कहा कि यदि सोने के आयात में कमी आती है तो इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहेगा और रुपये की स्थिति मजबूत होगी। इसका अप्रत्यक्ष लाभ विभिन्न क्षेत्रों के छोटे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा। उन्होंने इसे राष्ट्रहित में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भागीदारी बताया।उन्होंने घरेलू स्तर पर निष्क्रिय पड़े सोने को &amp;nbsp;'डेड कैपिटलÓ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की सोच का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में धन का प्रवाह बढ़ाना है। यदि लोग बैंकों, उद्योगों और उत्पादक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाएंगे, तो इससे रोजगार सृजन के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।कमल सोनी ने उपभोक्ताओं को बड़े कॉर्पोरेट ज्वेलरी ब्रांड्स की आक्रामक मार्केटिंग से सावधान रहने की सलाह भी दी। उन्होंने दावा किया कि ऐसे व्यापार मॉडल से बड़ी मात्रा में पूंजी देश से बाहर चली जाती है, जबकि स्थानीय सराफा व्यापार और पारंपरिक कारीगरों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।इस दौरान उन्होंने लंबे समय से लंबित 'स्वर्ण शिल्प कला बोर्ड के गठन की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित जिन राज्यों में अभी तक ऐसा बोर्ड गठित नहीं हुआ है, वहां तत्काल इसकी स्थापना की जानी चाहिए। उनके अनुसार यह बोर्ड पारंपरिक स्वर्ण कारीगरों की कला और विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही कारीगरों को सरकारी योजनाओं, रियायती ऋण, बीमा सुविधाओं और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ भी मिल सकेगा।कमल सोनी ने कहा कि &amp;nbsp;'मेक इन इंडिया की अवधारणा को मजबूत करने के लिए पारंपरिक स्वर्ण शिल्प उद्योग को संरक्षण और संस्थागत समर्थन दिया जाना समय की मांग है।</description ></item><item><title>एआईएडीएमके में फूट, बागी गुट का टीवीके को समर्थन</title><link>https://cnin.co.in/एआईएडीएमके-में-फूट,-बागी-गुट-का-टीवीके-को/78788</link><description>&amp;nbsp;--0-षणमुगम बोले- जनादेश विजय के साथ, हम डीएमके से जुड़ते तो खत्म हो जातेचेन्नई-तमिलनाडु में एआईएडीएमके पार्टी में दो हिस्सों में टूट गई है। पार्टी के नेता सीवी षणमुगम ने टीवीके विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कडग़म को समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया। कहा जा रहा है कि उनके साथ 30 विधायकों ने भी विजय को समर्थन देना स्वीकार किया है।मंगलवार सुबह षणमुगम ने बयान दिया, 'हम जनता के जनादेश को स्वीकार करते हैं। यह जनादेश डीएमके &amp;nbsp;के लिए नहीं, विजय के लिए है। इसलिए हम टीवीके सरकार को अपना समर्थन देते हैं। अगर हम डीएमके के साथ गठबंधन करते तो एआईएडीएमके का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता।Óषणमुगम &amp;nbsp;ने यह भी कहा- मेरी एआईएडीएमके तोडऩे की कोई मंशा नहीं है। एडप्पादी पलानीसामी ही हमारे नेता हैं।2026 के विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके &amp;nbsp;केवल 47 सीटें ही जीत पाई। एआईएडीएमके में अब केवल पलानीसामी गुट रह गया है। इसमें 17 नेता हैं।दोनों गुटों में पहली बार मतभेद तब दिखाई दिए, जब एआईएडीएमके &amp;nbsp;के नवनिर्वाचित सदस्य सोमवार को तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा के पहले सत्र में शामिल होने आए थे।</description ></item><item><title>हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित होगा पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव</title><link>https://cnin.co.in/हिंदी-पत्रकारिता-के-200-वर्ष-पूर्ण-होने-पर/78787</link><description>00 मुख्यमंत्री साय ने किया उत्सव पोस्टर का विमोचन, सफल आयोजन की दी शुभकामनाएंरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में रायपुर प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 30 मई को आयोजित “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” के पोस्टर का विमोचन भी किया।प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी ने बताया कि यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका तथा पत्रकारिता के योगदान को सम्मानित और स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम में प्रदेश एवं देश के वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों, मीडिया विशेषज्ञों, साहित्यकारों तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों की सहभागिता रहेगी। आयोजन के अंतर्गत पत्रकार सम्मान, विचार गोष्ठी, विशेष व्याख्यान एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष श्री गौरव शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री साय ने प्रावीण्य सूची के मेधावी विद्यार्थियों से की आत्मीय चर्चा</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-साय-ने-प्रावीण्य-सूची-के-मेधावी/78786</link><description>00 सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, अनुशासन, मेहनत और स्वस्थ दिनचर्या ही उपलब्धि की असली कुंजी - साय00 मुख्यमंत्री निवास में टॉपर्स से संवाद : संघर्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य और सपनों पर हुई खुलकर चर्चा00 पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, योग और अनुशासित जीवन भी उतना ही जरूरीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन्स रायपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के साथ बेहद सहज और प्रेरणादायी संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री निवास का वातावरण इस दौरान उत्साह, प्रेरणा और आत्मीयता से भर उठा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और अन्य क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव भी साझा करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं और अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य के लिए समय निकालते हैं।विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और चुनौतियां ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का महत्व बहुत अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के सभी विभागों और जनसमस्याओं पर लगातार ध्यान देना होता है। सुशासन तिहार के माध्यम से वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहने से ही ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि वे राजनीति में नहीं आते, तो एक अच्छे किसान बनकर खेती और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। उन्होंने कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं और पढ़े-लिखे युवा आधुनिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि जीवन की पहली शिक्षा परिवार और गुरु से ही प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक ही विद्यार्थियों की सफलता के सबसे बड़े आधार होते हैं।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये मेधावी विद्यार्थी आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि आज का छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गांवों में प्राथमिक शिक्षा तक की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन आज प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का विस्तार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के अनेक प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये मेधावी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया, वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा तथा शासन-प्रशासन के संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने आवास परिसर में आम भी तोड़े और आत्मीय वातावरण में आनंदपूर्ण क्षण बिताए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बच्चों से बेहद सहजता और अपनत्व के साथ संवाद किया, जिससे विद्यार्थी अत्यंत प्रफुल्लित और प्रेरित नजर आए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के अनुभव को अपने जीवन का यादगार और प्रेरणादायी क्षण बताया।उल्लेखनीय है कि प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप राज्य शासन की पहल पर एक दिन पूर्व नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल क्रिकेट मैच देखने का अवसर भी प्रदान किया गया था। विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय अनुभव के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।</description ></item><item><title>छग पुलिस के मयंक स्ट्रांग मेन, वन विभाग के टण्डन मास्टर्स स्ट्रांग मेन, स्ट्रांग वुमेन जूनियर अस्मिता व स्ट्रांग वुमेन बनी लीना</title><link>https://cnin.co.in/छग-पुलिस-के-मयंक-स्ट्रांग-मेन,-वन-विभाग-के/78785</link><description>रायपुर। 8 व 9 मई को आयोजित महिला पुरुष स्टेट पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप का आयोजन राजिम गोबरा नयापारा हरिहर स्कूल में किया गया। छग पॉवर लिफ्टिंग एसोसिएशन के महासचिव माणिक ताम्रकार एवं युवा मंच राजिम के सचिव निहाल जैन ने बताया कि प्रतियोगिता में स्ट्रांग मेन और वुमेन को बिग ट्राफी के साथ 15000 रुपये का नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में स्ट्रांग मेन छत्तीसगढ़ पुलिस के मयंक सोनी और मास्टर्स में चैन प्रकाश टण्डन, सब जूनियर में राजिम के हर्ष साहू और जूनियर में धमतरी के अभय कुमार को स्ट्रांग मेन के खिताब से नवाजा गया। महिला वर्ग में स्ट्रांग वुमेन बनी धमतरी की लीना जबकि रायपुर के अस्मिता धनसोन पावर लिफ्टिंग।&amp;nbsp;महासचिव माणिक ताम्रकार ने मंच से घोषणा किया कि अब जिस जिले में पावर लिफ्टिंग की प्रतियोगिता होगी उसके लिए छग पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन आयोजक को स्ट्रांग मेन वुमेन के लिए 15000 नगद दिया जाएगा। क्योंकि पावर लिफ्टर को सरकारी नौकरी मिलता नहीं। प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक हर्ष साहू, निहाल जैन मुनिनद्र साहू थे।परिणाम इस प्रकार है 53 किलो में आशीष निषाद 4 गोल्ड व 1 सिल्वर, प्रतीक चंद्राकर 1 गोल्ड, 2 सिल्वर व 1 कास्य, विर भद्र सिंह ठाकुर 4 कास्य, पोषण दास मानिकपुरी 1 गोल्ड, 2 कास्य, 59 किलो में हेमंत यादव 4 गोल्ड, बादल निषाद 1 गोल्ड, 1 सिल्वर, तेजस हेडउ 3 गोल्ड व 1 कास्य, लोमेष निर्मलकर 1 सिल्वर, वेदांश राणा 1 गोल्ड व 1 सिल्वर, 66 किलो में नवीन चंद कपूर 3 गोल्ड,, 66 किलो सब जूनियर में वेदांत साहू 4 गोल्ड, हेमचंद्र कोराम 3 सिल्वर, यश साहू 3 कास्य, जूनियर 66 किलो में यश राजपूत गोल्ड, सीनियर में कबीर साहू गोल्ड, 74 किलो सीनियर में रॉबर्ट एम 4 गोल्ड, राकेश पटेल 4 सिल्वर, युगल किशोर 2 कास्य, सब जूनियर 74 किलो में आर्यन साहू 4 गोल्ड, 74 किलो जूनियर में अभय कुमार 4 गोल्ड, उपेंद्र कुमार 4 सिल्वर, सन्नी मुंडा 4 कास्य, मास्टर्स 74 किलो में मनहरन साहू 4 गोल्ड, 83 सब जूनियर में हर्ष साहू 4 गोल्ड, यश वर्धन सोनी 4 सिल्वर, सूरज यादव 1 कास्य, जूनियर 83 किलो में हर्ष वर्धन सोनी 4 गोल्ड, शुभम मिश्रा 4 सिल्वर, 83 किलो सीनियर में अमर्त्य राव 1 गोल्ड व 3 सिल्वर, यश वर्धन सोनी 3 गोल्ड व 1 सिल्वर, 93 किलो मास्टर्स 2 में चैन प्रकाश टण्डन 4 गोल्ड, मास्टर्स 3 में देवेन्द्र शारडा 3 गोल्ड, 93 किलो सब जूनियर में शुभम तिवारी 4 गोल्ड, अमेय जिवाने 4 सिल्वर, 105 किलो जूनियर में कुनाल साहू 4 गोल्ड, 120 किलो सीनियर में 4 गोल्ड मिला। इन सबको गोबरा नवापारा नगर पालिका के अध्यक्ष ओम कुमारी साहू, पूर्व जिला अध्यक्ष बीजेपी संजय साहू व महामंत्री कांग्रेस निर्माण सिंह साहू ने सभी विजयी खिलाडिय़ों को नगद, मेडल और कप से सम्मानित किया।</description ></item><item><title>डिजिटल इंडिया की राह पर अबूझमाड़ : रायनार में मोबाइल टावर शुरू, वनांचल में गूँजेगी घंटी</title><link>https://cnin.co.in/डिजिटल-इंडिया-की-राह-पर-अबूझमाड़-:-रायनार-में/78784</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचल और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल टावर शुरू होने से संचार क्रांति की एक नई शुरुआत हुई है। सालों तक 'नो नेटवर्क जोन' में रहे नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के सहाका डोन (टाकाडोंड) जैसे गाँवों में अब मोबाइल की घंटी गूँज उठी है। छत्तीसगढ़ के सबसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों वाले अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए आज एक नया सवेरा हुआ है। ओरछा विकासखंड के ग्राम रायनार में नया मोबाइल टावर स्थापित होने के साथ ही यह क्षेत्र अब वैश्विक संचार नेटवर्क से जुड़ गया है।इन गांवों को मिलेगा सीधा लाभअब ग्रामीणों को नेटवर्क के लिए ऊँची पहाड़ियों पर नहीं चढ़ना पड़ेगा वे घर बैठे ही अपनों से बात कर रहे हैं। जिला प्रशासन और दूरसंचार विभाग के समन्वय से स्थापित इस टावर से व्यापक क्षेत्र कवर होगा। इसका सीधा लाभ इन गांवों को मिलेगा, जिनमें रायनार, नुलवट्टी, झोरी और डीडरभट्टी रेंगाबेड़ा और मडाली के दुर्गम इलाके शामिल हैं।पहाड़ों पर चढ़ने की मजबूरी हुई खत्मकरीब 590 की आबादी वाले ग्राम रायनार के ग्रामीणों के लिए अब तक मोबाइल सिग्नल पाना एक संघर्ष था। नेटवर्क की तलाश में उन्हें ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ना पड़ता था या मीलों पैदल चलना पड़ता था। टावर शुरू होने से अब बैंकिंग, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और शासकीय योजनाओं का लाभ घर बैठे मिल सकेगा।शिक्षा और विकास को मिलेगी नई गतिस्थानीय विद्यार्थियों को अब ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिलेगा। डिजिटल ट्रांजेक्शन के क्षेत्र में ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं का विस्तार होगा। मितान जैसी ऑनलाइन सेवाओं तक ग्रामीणों की सीधी पहुँच होगी। प्रशासन के लिए रायनार में टावर की स्थापना इस संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी जीत है। यह पहल अबूझमाड़ के युवाओं को देश-दुनिया से जोड़कर उनके सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेगी।</description ></item><item><title>सुहिणी सोच की धमतरी इकाई स्थापित, प्राप्ति बनी अध्यक्ष</title><link>https://cnin.co.in/सुहिणी-सोच-की-धमतरी-इकाई-स्थापित,-प्राप्ति/78783</link><description>रायपुर। सिविल लाइन स्थित हरिगिरी टावर में आयोजित सुहिणी सोच के ऑफिसर ट्रेनिंग सेमीनार में एक और नई इकाई धमतरी में स्थापित किए जाने की घोषणा की गई। सेमिनार में उपस्थित प्राप्ति वाशानी ने धमतरी में भी संस्था की इकाई स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की, जिस पर उन्हें सर्वसम्मति से धमतरी इकाई का अध्यक्ष चुना गया। धमतरी में शीघ्र ही शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।मीडिया प्रभारी ज्योति बुधवानी ने बताया कि प्राप्ति वाशानी (बी.एससी., एल.एल.बी.) पूर्व में भारतीय सिंधु सभा धमतरी की अध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रह चुकी हैं। सिंधी संस्कृति के संवर्धन हेतु उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन किए हैं। कोरोना काल में जरूरतमंदों की सेवा एवं मानवता के प्रति समर्पण के लिए उन्हें वर्ष 2021 में राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्तमान में वे रेड क्रॉस सोसाइटी जिला धमतरी की चेयरमैन के रूप में जिला प्रशासन के साथ मिलकर रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता अभियान चला रही हैं। मानव सेवा के प्रति समर्पण और समाजहित में उनके कार्यों को देखते हुए सुहिणी सोच परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में धमतरी इकाई नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी।</description ></item><item><title>नगरीय प्रशासन विभाग की नई सचिव शंगीता आर. पहुंची इंद्रावती भवन, अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर योजनाओं की ली जानकारी</title><link>https://cnin.co.in/नगरीय-प्रशासन-विभाग-की-नई-सचिव-शंगीता-आर./78782</link><description>00 विभागीय संचालनालय एवं सूडा कार्यालय का किया भ्रमण00 प्रशासनिक कुशलता और तन्मयता से कार्य करने अधिकारियों-कर्मचारियों को किया प्रेरितरायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की नई सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आज सवेरे नवा रायपुर में इंद्रावती भवन पहुंचकर विभागीय संचालनालय और सूडा (State Urban Development Authority) कार्यालय का भ्रमण किया। उन्होंने इस दौरान सभी कार्यालयीन कक्षों में जाकर अधिकारियों-कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें कार्यस्थील पर समयबध्द् उपस्थिति, प्रशासनिक कुशलता और तन्मयता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभागीय तथा सूडा के अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को योजनाओं के समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।नगरीय प्रशासन विभाग की नवपदस्थ सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने इंद्रावती भवन में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने नगरीय निकायों के कार्यों, योजनाओं, अधोसंरचना विकास, स्वच्छता, जलप्रदाय, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन तथा अन्य शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सर्वजन हिताय के मूल-मंत्र को ध्यामन में रखते हुए नागरिकों की सुविधा के लिए समयबध्द तरीके से कार्य करने के लिए अधिकारियों को प्रेरित किया।सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रभावी रूप से उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी कार्यों और परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। विभागीय योजनाओं के बेहतर संचालन, कार्यों में तेजी लाने तथा नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।विभागीय सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बैठक में साझा किया कि आज ही के दिन वर्ष 2005 में उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया था। उन्होंने इस विशेष पल को याद करते हुए अपने निजी जीवन और प्रशासनिक सफर के अहम पड़ावों को बैठक में मौजूद लोगों के साथ साझा किया।&amp;nbsp;सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा और संयुक्त संचालक श्री मिथिलेश अवस्थी सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सूडा के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।</description ></item><item><title>हाथी के हमले में जान गंवाने वाले ग्रामीणों के परिजनों को मंत्री राजवाड़े की पहल पर त्वरित राहत</title><link>https://cnin.co.in/हाथी-के-हमले-में-जान-गंवाने-वाले-ग्रामीणों-के/78781</link><description>00 सूरजपुर जिला प्रशासन ने वितरित की मुआवजा राशिरायपुर। महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देशों पर जिला प्रशासन और वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए सूरजपुर जिला के कल्याणपुर में हाथी हमले के शिकार हुए हितग्राहियों के परिजनों को मुआवजा राशि का वितरण कर दिया है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया था कि पीड़ित परिवारों को बिना किसी विलंब के सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।सूरजपुर जिले के कल्याणपुर निवासी दो ग्रामीणों की हाथी हमले में मृत्यु होने के पश्चात, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (सूरजपुर मंडल) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत त्वरित कार्रवाई की गई। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, दोनों प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा राशि स्वीकृत कर वितरित की गई है, जिनमें हितग्राही श्रीमती कांति भोई को डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में 5 लाख 50 हजार रूपए एवं श्रीमती राजेश्वरी सिंह श्याम को डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में 5 लाख 50 हजार रूपए भेज दी गई है। साथ ही डिविजनल फारेस्ट ऑफिसर सूरजपुर को 50-50 हजार रूपए डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया गया है।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की सुरक्षा और संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। हाथी-मानव द्वंद्व को कम करने के लिए प्रशासन सजग है और प्रभावितों को हर संभव मदद दी जाएगी। इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल मिला है, जिसके लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया है।</description ></item><item><title>सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर मधेश्वर महादेव पर्वत में हुई विशेष पूजा-अर्चना</title><link>https://cnin.co.in/सोमनाथ-स्वाभिमान-पर्व-पर-मधेश्वर-महादेव/78780</link><description>00 मयाली से वर्चुअल माध्यम से जुड़े जनप्रतिनिधि और ग्रामवासीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और आस्था के केंद्रों को नया गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ, महाकाल और सोमनाथ जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों का व्यापक विकास आज भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है।मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व - अटूट आस्था के 1000 वर्ष” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से किए गए संबोधन को वर्चुअल माध्यम से सुना।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था। इसी ऐतिहासिक अवसर की स्मृति में पूरे देश में यह पर्व मनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर इतिहास में अनेक बार विदेशी आक्रांताओं ने हमले किए, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन परंपरा को कभी समाप्त नहीं किया जा सका। मंदिर की रक्षा के लिए पुजारियों और भक्तों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया, जो भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण समारोह में भाग लेकर इस राष्ट्रीय संकल्प को नई ऊंचाई दी।इस अवसर पर जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड स्थित मयाली नेचर कैम्प में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में प्रसिद्ध मधेश्वर महादेव पर्वत की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। जनप्रतिनिधियों और ग्रामवासियों ने बड़ी श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में भाग लिया तथा मयाली डेम खंडसा से वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री के संबोधन से जुड़े।कार्यक्रम में एसडीएम कुनकुरी श्री नंदजी पांडे, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा, जनपद पंचायत कुनकुरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रमोद सिंह, श्री भरत सिंह सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>​धमतरी में समर कैम्प 2026 का आगाज़, 36 केंद्रों पर खेल और व्यक्तित्व विकास का संगम</title><link>https://cnin.co.in/​धमतरी-में-समर-कैम्प-2026-का-आगाज़,-36-केंद्रों-पर/78779</link><description>​रायपुर। धमतरी ​जिले के बच्चों और युवाओं की खेल प्रतिभा को तराशने तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश को रचनात्मक बनाने के उद्देश्य से धमतरी में “समर कैम्प 2026” की शुरुआत हो गई है। जिला प्रशासन और खेल विभाग के समन्वय से आयोजित यह 30 दिवसीय शिविर 9 मई से 8 जून तक चलेगा, जिसमें खेल तकनीक के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। समर कैम्प का उद्देश्य केवल खेल प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि बच्चों को एक सकारात्मक वातावरण प्रदान कर उन्हें नशामुक्ति, स्वास्थ्य और अनुशासित जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है।​30 दिन, 36 केंद्र और अनगिनत अवसर​इस वर्ष समर कैम्प का दायरा बढ़ाते हुए जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 36 केंद्र बनाए गए हैं। फ्रीडम फिजिकल ट्रेनिंग सहित विभिन्न खेल संघों और क्लबों के माध्यम से बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार खेलों का चयन करने का विकल्प मिल रहा है। ​शिविर में ​मैदानी खेल में फुटबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, रग्बी को शामिल किया गया है। ​मार्शल आर्ट्स में कराटे, जूडो, ताइक्वांडो, बॉक्सिंग, कुडो के साथ-साथ​पारंपरिक एवं अन्य में योग, शतरंज, कुश्ती, तीरंदाजी, स्केटिंग, वेटलिफ्टिंग को शामिल किया गया है ।​अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में निखरेगी प्रतिभा​शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ के अनुभवी प्रशिक्षक हैं, जो न केवल खेल की बारीकियां सिखा रहे हैं, बल्कि बच्चों में फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता (Leadership) जैसे गुणों का संचार कर रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से ऐसी प्रतिभाओं की पहचान करना है, जिन्हें भविष्य में खेल अकादमियों और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके।​योग और आत्मरक्षा पर विशेष फोकस​बदलते दौर की चुनौतियों को देखते हुए शिविर में योग और मार्शल आर्ट्स को प्राथमिकता दी गई है। इसके माध्यम से बच्चों को आत्मरक्षा (Self-defense) के गुर सिखाने के साथ-साथ उनकी मानसिक एकाग्रता और स्वास्थ्य जागरूकता पर बल दिया जा रहा है। ​इस वृहद आयोजन में जिले की प्रतिष्ठित संस्थाएं अपनी सहभागिता दे रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से ​सेजेस (SAGES) चर्रा और शौर्य क्रीड़ा क्लब कुण्डेल,​कला केन्द्र इतवारी बाजार और नगर निगम स्पोर्ट्स एकेडमी,​जिला वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, कुडो और कराटे संघ शामिल है। धमतरी जिले में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शुरू हुए इस &quot;समर कैम्प&quot; के लिए ​जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों पर खेल सामग्री और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</description ></item><item><title>रायपुर रेल मंडल में यात्री सुविधाओं और सुरक्षा की मांग को लेकर डीआरयूसीसी सदस्यों ने महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन</title><link>https://cnin.co.in/रायपुर-रेल-मंडल-में-यात्री-सुविधाओं-और/78778</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन में मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति (डीआरयूसीसी) के सदस्य एवं चेम्बर उपाध्यक्ष लोकेश चंद्रकांत जैन, रेल सलाहकार समिति रेल मंडल रायपुर के सदस्य विमल बाफना एवं जितेंद्र शादीजा ने संयुक्त रूप से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक से मुलाकात कर रायपुर रेलवे स्टेशन सहित मंडल के अन्य स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा और अधोसंरचना में सुधार की तत्काल आवश्यकता जताई।सदस्यों ने महाप्रबंधक का ध्यान रायपुर स्टेशन पर बढ़ती भीड़ की ओर आकर्षित करते हुए बताया कि पिछले चार वर्षों में यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई है, जिसके कारण वर्तमान में उपलब्ध टिकट एटीएम मशीनें अपर्याप्त साबित हो रही हैं। उन्होंने प्लेटफार्म नंबर 2 से 7 तक शेड के विस्तार और गर्मी व बारिश से राहत के लिए वॉटर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने की मांग की। इसके साथ ही, जनरल और स्लीपर क्लास के यात्रियों की सुविधा के लिए गोंदिया स्टेशन की तर्ज पर प्लेटफार्मों पर उचित दूरी पर जनता खाना स्टॉल लगाने का सुझाव दिया गया, ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के यात्री ट्रेन की खिड़की से ही सुलभ भोजन प्राप्त कर सकें।ट्रेन संचालन के क्षेत्र में, सदस्यों ने रायपुर से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और अमृतसर जैसे प्रमुख महानगरों के लिए नई साप्ताहिक ट्रेनें शुरू करने का आग्रह किया। साथ ही, दुर्ग-टाटानगर और दुर्ग-भोपाल मार्गों पर यात्रियों के अत्यधिक दबाव को देखते हुए नई वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से, रायपुर रेल मंडल के सरस्वती नगर और डब्ल्यूआरएस जैसे छोटे स्टेशनों पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को रोकने के लिए रात्रि पेट्रोलिंग बढ़ाने और रेलवे प्लेटफार्मों को शॉर्टकट मार्ग के रूप में उपयोग होने से रोकने हेतु कड़े कदम उठाने की मांग की गई है।क्षेत्रीय विकास और स्वच्छता को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए, जिनमें क्यूआर कोड आधारित फीडबैक सिस्टम, 'एक स्टेशन एक उत्पादÓ के तहत छत्तीसगढ़ी हस्तशिल्प और मिलेट उत्पादों के स्थायी स्टॉल, तथा स्टेशन के बाहर व्यवस्थित प्रीपेड ऑटो-टैक्सी बूथ का संचालन शामिल है। लोकेश चंद्रकांत जैन ने महाप्रबंधक से मांग की कि होटल राजपुताना के पास जर्जर हो चुकी सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके। महाप्रबंधक ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए यात्री हित में आवश्यक कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया है।</description ></item><item><title>अप्रैल से जून 2026 तक के खाद्यान्न वितरण की अवधि बढ़ी, राशनकार्डधारी परिवारों को अब 15 मई तक मिलेगा एकमुश्त खाद्यान्न</title><link>https://cnin.co.in/अप्रैल-से-जून-2026-तक-के-खाद्यान्न-वितरण-की-अवधि/78777</link><description>रायपुर। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशनकार्डधारी परिवारों को माह अप्रैल से जून 2026 तक आबंटित खाद्यान्न के एकमुश्त वितरण की समय-सीमा में वृद्धि की गई है। जारी आदेश के अनुसार अब राशनकार्डधारी हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। पूर्व निर्धारित समय-सीमा में खाद्यान्न प्राप्त नहीं कर पाने वाले हितग्राही अब बढ़ी हुई अवधि में अपना खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।खाद्य विभाग ने राज्य के सभी जिले के सभी उचित मूल्य दुकानदारों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी पात्र राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी हितग्राही शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे। खाद्य विभाग द्वारा राशनकार्डधारी परिवारों से अपील की है कि वे समय रहते अपने नजदीकी उचित मूल्य दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर लें।</description ></item><item><title>सरकार ने दी शिक्षा को नई उड़ान : तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के 8, हजार 631 विद्यार्थियों को 12.26 करोड़ की छात्रवृत्ति</title><link>https://cnin.co.in/सरकार-ने-दी-शिक्षा-को-नई-उड़ान-:-तेंदूपत्ता/78776</link><description>00 वन मंत्री कश्यप ने बटन दबाकर ऑनलाइन ट्रांसफर की सहायता राशि, मेधावी छात्र हुए लाभान्वितरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार वनाश्रित परिवारों के बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में निरंतर बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज नया रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से 12.26 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति राशि का ऑनलाइन वितरण किया। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत जिले के 8 हजार 631 प्रतिभावान विद्यार्थियों के खातों में यह राशि सीधे अंतरित की गई।&amp;nbsp;विद्यार्थियों के सपनों को मिल रहा संबलइस योजना का प्राथमिक उद्देश्य तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को आर्थिक तंगी के बिना उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है। मंत्री श्री कश्यप ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार केवल लघु वनोपज संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारा लक्ष्य वनाश्रित परिवारों का सर्वांगीण सशक्तिकरण है। जब एक तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार का बच्चा भारतीय वन सेवा जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में चयनित होता है, तो वह हमारी योजनाओं की सबसे बड़ी सफलता है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने श्रेणीवार लाभ एक नज़र में योजना के तहत मेधावी छात्रों से लेकर तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं तक को लाभ पहुंचाया गया है।&amp;nbsp;योजना के लाभार्थी की संख्या एवं वितरित राशि प्रतिभाशाली शिक्षा प्रोत्साहन योजना&amp;nbsp;प्रतिभाशाली शिक्षा प्रोत्साहन योजना 6,133 लाभार्थी को 11.39 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति राशि का ऑनलाइन वितरण किया। इसी प्रकार मेधावी छात्र पुरस्कार योजना 1,639 लाभार्थी को 44.85 लाख रुपए, गैर-व्यावसायिक शिक्षा छात्रवृत्ति 788 लाभार्थी को 35.72 लाख रुपए व्यावसायिक शिक्षा छात्रवृत्ति योजना 71 लाभार्थी को 6.15 लाख रुपए की छात्रवृत्ति राशि का ऑनलाइन वितरण किया। बहुआयामी योजनाओं से लाभान्वित हो रहे छात्र राज्य सरकार द्वारा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को भी सहायता दी जा रही है। यह छात्रवृत्तियां वनांचल के युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा, प्रबंध संचालक अनिल कुमार साहू सहित विभागीय अधिकारी और सहकारी संघ के जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।</description ></item><item><title>जीपीएम जिले में मिली रामचरितमानस की दुर्लभ पांडुलिपि, पीढिय़ों से उपाध्याय परिवार ने सहेजकर रखी थी यह धरोहर</title><link>https://cnin.co.in/जीपीएम-जिले-में-मिली-रामचरितमानस-की-दुर्लभ/78775</link><description>रायपुर। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ज्ञानभारतम (राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान) के तहत छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। यहाँ इतिहास, धर्म और साहित्य के संगम वाली रामचरितमानस की एक अत्यंत दुर्लभ पांडुलिपि प्राप्त हुई है। विशेषज्ञों ने इस प्राचीन ग्रंथ को ऐतिहासिक और भाषाई दृष्टि से अमूल्य बताया है।चार पीढिय़ों का समर्पण- धनौली के उपाध्याय परिवार की विरासतयह पांडुलिपि गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत धनौली निवासी ज्ञानेंद्र उपाध्याय के परिवार के पास सुरक्षित थी। परिवार के अनुसार, उनके परदादा ने दशकों पहले इस ग्रंथ की महत्ता को समझते हुए इसे सहेजना शुरू किया था। तब से लेकर आज तक, चार पीढिय़ों ने इस अमूल्य निधि को दीमक और समय की मार से बचाकर रखा। अब ज्ञानभारतम अभियान के माध्यम से इसे वैज्ञानिक तरीके से दस्तावेजीकृत और डिजिटल रूप से सुरक्षित कर लिया गया है।कलेक्टर की मौजूदगी में हुआ डिजिटल संरक्षणपांडुलिपि के संरक्षण कार्य के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन स्वयं उपस्थित रहे। उन्होंने इस अवसर पर कहा ये पांडुलिपियां केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान परंपरा का जीवंत इतिहास हैं। इनका संरक्षण हमारी आने वाली पीढिय़ों को अपनी समृद्ध विरासत से जोडऩे का एक सेतु है।क्यों खास है यह पांडुलिपिविशेषज्ञों के अनुसार, अवधी भाषा में रचित यह पांडुलिपि कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह उस काल की लेखन शैली और भाषाई संरचना को समझने का बड़ा स्रोत है। इसके अध्ययन के माध्यम से तत्कालीन सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों की जानकारी मिलती है। यह क्षेत्र की प्राचीन ज्ञान परंपरा और शिक्षा के प्रसार का जीवंत एवं ऐतिहासिक प्रमाण है।क्या है ज्ञानभारतम अभियानकलेक्टर गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही डॉ. देवांगन ने बताया कि इस राष्ट्रीय अभियान का मुख्य उद्देश्य निजी संग्रहों, मंदिरों, आश्रमों और पुराने संस्थानों में बिखरी हुई प्राचीन पांडुलिपियों की पहचान करना है। इन धरोहरों का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण और डिजिटल संरक्षण किया जा रहा है ताकि भारत की प्राचीन ज्ञान संपदा को हमेशा के लिए सुरक्षित किया जा सके। गौरेला- पेन्ड्रा-मरवाही जिले में इस दुर्लभ ग्रंथ का मिलना न केवल जिले के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। ज्ञानभारतम अभियान के तहत राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसी दुर्लभ कडिय़ों की खोज निरंतर जारी है।</description ></item><item><title>भोरमदेव कॉरिडोर के बेस स्ट्रक्चर का काम प्राथमिकता के साथ समय सीमा में करें पूरा - उप मुख्यमंत्री शर्मा</title><link>https://cnin.co.in/भोरमदेव-कॉरिडोर-के-बेस-स्ट्रक्चर-का-काम/78774</link><description>00 शर्मा ने भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की&amp;nbsp;रायपुर। कबीरधाम जिले के भोरमदेव मंदिर परिसर में निर्माणाधीन कॉरिडोर का निर्माण कार्य जारी है। कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभी निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को बेस स्ट्रक्चर के कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी हिस्सों में ग्राउंड वर्क और मूलभूत निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे होना चाहिए।भोरमदेव मंदिर प्रांगण में आयोजित समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पिछली बैठक के बाद से प्रत्येक सोमवार को हो रही प्रगति समीक्षा, फील्ड पर हुए कार्य और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और इसके लिए ठेकेदारों को पर्याप्त मैन पावर एवं मशीनरी तैनात करनी होगी। बैठक में पर्यटन विभाग के इंजीनियरों को निर्देश दिए गए कि वे निर्माण एजेंसियों को सभी तकनीकी पहलुओं में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं, ताकि कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जा सके।समीक्षा के दौरान मंदिर परिसर, सरोवर, मड़वा महल, छेरकी महल तथा सरोदा डैम से जुड़े निर्माण कार्यों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने आगामी बारिश को ध्यान में रखते हुए सरोवर क्षेत्र में कार्यों की योजना बनाने के निर्देश दिए। वहीं सरोदा डैम स्थित प्रस्तावित कैफेटेरिया को व्यू पॉइंट के रूप में विकसित करने तथा वहां पर्यटकों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पर्यटन कॉरिडोर के खंभों, दीवारों और प्रवेश द्वारों में फणी नागवंशी स्थापत्य शैली की कलाकृतियों को प्रमुखता से शामिल किया जाए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक प्राचीन स्थापत्य परंपरा का अनुभव कर सकें। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों को इस विषय में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। बैठक में पूरे परिसर में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्रीकृत पानी टंकी निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने इसके लिए उपयुक्त स्थल चयन और आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री वीरेंद्र साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, जनपद उपाध्यक्ष बोड़ला श्री नंद श्रीवास, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल, श्री रामकिंकर वर्मा, श्री विजय पाटिल, श्री उमंग पाण्डेय, श्री मनीराम साहू, श्री लोकचंद साहू, श्री रूपसिंह धुर्वे, श्री रूपसिंह मरावी, श्री रामजी मरावी, श्री काशीराम उइके, श्री आदित्य श्रीवास्तव, श्री भूखन साहू, श्री हेमचंद्र चंद्रवंशी, श्री मिलूराम साहू, श्री परदेशी पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी उपस्थित रहे।00031: जीपीएम जिले में मिली रामचरितमानस की दुर्लभ पांडुलिपि</description ></item><item><title>एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला... अब मंत्री 16 नहीं 25 हजार तक कर सकेंगे मदद</title><link>https://cnin.co.in/एमपी-कैबिनेट-का-बड़ा-फैसला...-अब-मंत्री-16-नहीं-25/78773</link><description>&amp;nbsp;भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने जनहित और बुनियादी ढांचे के विकास को ध्यान में रखते हुए कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। सरकार ने जहां एक ओर राज्य मंत्रियों के विवेकाधीन कोटे में बढ़ोतरी की है, वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्यों की बढ़ती लागत से ठेकेदारों को राहत देने का रास्ता साफ किया है।मंत्रियों का स्वैच्छानुदान बढ़ा: अब मिलेगी 25,000 की मददकैबिनेट ने राज्य मंत्रियों के स्वैच्छानुदान की सीमा में महत्वपूर्ण वृद्धि करने का निर्णय लिया है।नई सीमा: अब राज्य मंत्रियों का स्वैच्छानुदान 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है।लाभ: इस निर्णय के बाद राज्य मंत्री साल भर में किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की एक बार में अधिकतम 25,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता कर सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की त्वरित मदद करना आसान होगा।छोटे ठेकेदारों को राहत: डामर (बिटुमिन) की बढ़ती कीमतों की भरपाई करेगी सरकारलोक निर्माण विभाग के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों के लिए भी सरकार ने एक बड़ा तकनीकी निर्णय लिया है...लागत की भरपाई: बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के कारण निर्माण कार्यों की लागत बढ़ रही थी। अब इस बढ़ी हुई लागत का भार सरकार स्वयं वहन करेगी।पात्रता: यह व्यवस्था 10 करोड़ रुपये से कम लागत वाले ठेकों पर प्रभावी होगी।उद्देश्य: इस कदम से छोटे और मध्यम ठेकेदारों को वित्तीय नुकसान से बचाया जा सकेगा और विकास कार्यों की गति धीमी नहीं पड़ेगी।</description ></item><item><title>आईपीएल....रायपुर में पैसा वसूल रोमांच</title><link>https://cnin.co.in/आईपीएल....रायपुर-में-पैसा-वसूल-रोमांच/78772</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में काफी अर्से बाद आईपीएल मैच का आयोजन हुआ। संभवत:प्रभतेज सिंह भाटिया के बीसीसीआई पदाधिकारी बनने के बाद ऐसा संभव हुआ। मुंबई इंडियन और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मैच के दो सौ चालीस बॉल तक रोमांच चलता रहा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए ये मैच इसलिए महत्वपूर्ण था कि जीत के साथ ही टेबल टॉप पर पहुंच जाते और मुंबई इंडियन अगर जीत जाती तो उम्मीद का दिया थोड़ा और भरभरा जाता। बेंगलुरु &amp;nbsp;ने मुंबई को मैच के आखिर बॉल में &amp;nbsp;जैसे ही दूसरा रन पूरा किया बेंगलुरु टॉप टेबल पर आ गया और मुंबई इंडियन की बिदाई हो गई। यह रोमांचक मैच आईपीएल में लंबे समय तक याद रखा जायेगा।छत्तीसगढ़वासियों के लिए खुशकिस्मती की बात ये रही कि देश के दो दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा को देखने का मौका मिल गया। &amp;nbsp;हालांकि दोनों बल्लेबाज &amp;nbsp;अपने नाम के अनुरूप नहीं खेल पाए ।रोहित 22रन और विराट कोहली शून्य पर आउट हो गए। दोनों तरफ से दो बल्लेबाज तिलकवर्मा 57 रन और कुणाल पांड्या 73 रन बनाकर &amp;nbsp;चहेते बल्लेबाज बने लेकिन मैच पलटाने वाले खिलाड़ी बने भुनेश्वर कुमार। पहले गेंदबाजी करते हुए 23 रन देकर चार विकेट लिए।इसके बाद जीत के लिए आखिरी ओवर में जीत के लिए आवश्यक रन को बनाने के लिए गगनभेदी छक्का जड़ा और आखिरी बाल में बहुत कम दूरी पर बॉल जाने के बावजूद दो रन जोड़े अन्यथा &amp;nbsp;मैच सुपर ओवर की ओर चला जाता। इस जीत और हार का अंतिम परिणाम ये रहा कि पिछली विजेता बेंगलुरु प्ले ऑफ टेबल में पहले स्थान पर खड़ी हो गई।पांच बार की विजेता मुंबई इंडियन के लिए रायपुर रास नहीं आने वाला रहा। मुंबई इंडियन,लखनऊ के बाद स्पर्धा से बाहर होने वाली दूसरी टीम बन गई। छत्तीसगढ़ के दर्शकों के लिए अफसोस की बात ये रही कि &amp;nbsp;मुंबई इंडियन के कप्तान हार्दिक पांड्या को देखने का मौका नहीं मिला।अगर हार्दिक पंड्या आते तो दो भाइयों के बीच की प्रतिद्वंदिता देखने को मिलती। &amp;nbsp;रायपुर में इस साल अंतर्राष्ट्रीय स्तर के &amp;nbsp;क्रिकेट मैच देखने को मिला। इस बार आईपीएल के मैच का दुगुना लाभ मिल रहा है। किसी राज्य से अगर कोई व्यक्ति बीसीसीआई संगठन में आ जाएं तो उस राज्य को लाभ मिलता है। &amp;nbsp;प्रभतेज सिंह भाटिया के प्रयासों से निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के दर्शकों को पैसा वसूल क्रिकेट देखने को मिल रहा है। यह भी बता दें कि उनके पिता छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पूर्व अध्यक्ष बलदेव सिंह(पप्पू) भाटिया क्रे प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ में स्टेडियम निर्माण से लेकर पूर्व में हुए मैचों से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल पटल पर एक नई पहचान मिली।</description ></item><item><title>प्रयागराज से बिलासपुर जाने के दौरान युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत </title><link>https://cnin.co.in/प्रयागराज-से-बिलासपुर-जाने-के-दौरान-युवक-की/78771</link><description>कवर्धा। इलाहाबाद से बिलासपुर जा रही एक यात्री बस में सफर के दौरान युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड$कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बस को तत्काल पंडरिया थाना लाया गया, जहां से युवक को अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक इलाहाबाद से बिलासपुर जाने के लिए बस में सवार हुआ था। यात्रा के दौरान वह अपनी सीट पर बैठा हुआ था, लेकिन कुछ देर बाद उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने लगीं। काफी समय तक युवक के नहीं हिलने-डुलने पर बस कर्मियों और यात्रियों को संदेह हुआ। इसके बाद उसकी स्थिति की जांच की गई, जिसमें युवक अचेत अवस्था में मिला। स्थिति गंभीर देख चालक और परिचालक ने बिना देर किए बस को पंडरिया थाना पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया।&amp;nbsp;पुलिस के अनुसार मृतक युवक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। युवक के पास से कोई स्पष्ट पहचान संबंधी दस्तावेज भी नहीं मिले हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पंडरिया पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। युवक की पहचान के लिए आसपास के थानों से संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा बस में सफर कर रहे यात्रियों और बस कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।</description ></item><item><title>कल्पना रेस्टोरेंट में लगी भीषण आगजनी से फ्रीजर ब्लास्ट, लाखों का सामान जलकर खाक</title><link>https://cnin.co.in/कल्पना-रेस्टोरेंट-में-लगी-भीषण-आगजनी-से/78770</link><description>कवर्धा। कवर्धा जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड के पास संचालित कल्पना रेस्टोरेंट में शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा रेस्टोरेंट उसकी चपेट में आ गया और अंदर रखा सामान जलकर राख हो गया। घटना में संचालक को लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है।प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के लोहारा रोड स्थित कल्पना रेस्टोरेंट में देर रात अचानक आग भड$क उठी। प्रारंभिक आशंका है कि रेस्टोरेंट में रखे फ्रीजर में ब्लास्ट होने के कारण आग लगी, जिसके बाद आग तेजी से पूरे परिसर में फैल गई। कुछ ही देर में आग ने रेस्टोरेंट के फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और किचन सामग्री को अपनी चपेट में ले लिया। आगजनी की घटना में रेस्टोरेंट के भीतर रखे टेबल, कुर्सियां, एसी, काउंटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सहित खाने के सामान और गैस और इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे पूरी तरह जल गए। हालांकि राहत की बात यह भी रही कि गैस सिलेंडर आग की चपेट में नहीं आए। यदि सिलेंडर ब्लास्ट हो जाते तो और भी बड़ा हादसा हो सकता था और आसपास का इलाका भी इसकी जद में आ सकता था।घटना के समय रेस्टोरेंट बंद था इसी वजह से वहां कोई जनहानि नहीं हुई। रेस्टोरेंट में बाहर निकलने का केवल एक ही रास्ता है। यदि घटना के समय अंदर कर्मचारी या अन्य लोग मौजूद रहते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक रेस्टोरेंट का अधिकांश सामान जलकर राख हो चुका था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो आग आसपास की दुकानों और होटल तक फैल सकती थी, जिससे नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं।</description ></item><item><title>त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन: सरपंच के 1 और पंच के 7 पदों पर उप निर्वाचन 1 जून को</title><link>https://cnin.co.in/त्रिस्तरीय-पंचायत-उप-निर्वाचन:-सरपंच-के-1-और/78769</link><description>00 संबंधित पंचायतों में आदर्श आचरण संहिता लागू00 अधिकारियों-कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाशों पर लगा प्रतिबंधगौरेला पेंड्रा मरवाही। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचन कार्यक्रम 8 मई को जारी कर दिया गया है। कार्यक्रम जारी होने के साथ ही जिले के खण्ड-पेण्ड्रा के ग्राम पंचायत मुरमुर, बसंतपुर, कोडगार और खण्ड मरवाही के ग्राम पंचायत भर्रीडांड, रुमगा, पथर्री एवं धनौरा में आदर्श आचरण संहिता भी प्रभावशील हो गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ संतोष कुमार देवांगन द्वारा सभी जिला कार्यालय प्रमुखों को परिपत्र जारी कर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुपालन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आदर्श आचरण संहिता के प्रावधानों का कठोरतापूर्वक अनुपालन करने कहा गया है।छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचन कार्यक्रम 8 मई को जारी कर दिया गया है। कार्यक्रम जारी होने के साथ ही जिले में निर्वाचन होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ संतोष कुमार देवांगन ने उप निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन की प्रक्रिया समाप्त होने तक सभी शासकीय, अशासकीय कार्यालयों तथा राज्य शासन के उपक्रमों के अधिकारियों-कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाशों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। जारी परिपत्र में कहा गया है कि जिले में कोई भी अधिकारी-कर्मचारीगण बिना कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की अनुमति के अवकाश पर प्रस्थान नहीं करेंगे तथा मुख्यालय परित्याग नहीं करेंगे। किसी अधिकारी-कर्मचारी द्वारा बिना अनुमति के अवकाश पर प्रस्थान करने एवं बिना अनुमति के मुख्यालय परित्याग करने पर जिला प्रमुख-कार्यालय प्रमुख जिम्मेदार होंगे।</description ></item><item><title>बीजापुर कलेक्टर ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ की बैठक, सामुदायिक सहभागिता पर दिया जोर</title><link>https://cnin.co.in/बीजापुर-कलेक्टर-ने-मीडिया-प्रतिनिधियों-के/78768</link><description>&amp;nbsp;बीजापुर। जिले के नवपदस्थ कलेक्टर विश्वदीप ने बीजापुर को विकास की राह पर अग्रसर करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर सार्थक चर्चा हुई। पत्रकारों ने भी जिले के मुख्य बिंदुओं को कलेक्टर के समक्ष रखा। बैठक में मीडिया प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पूर्व में रिपोर्टिंग के दौरान किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और वर्तमान में स्थितियां कैसे बदल रही हैं। साथ ही, स्थानीय समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को भी विस्तार से रखा गया। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता चौबे, अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर जागेश्वर कौशल, उप संचालक जनसंपर्क दिनेश नेताम सहित जिले के कई मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।नवपदस्थ कलेक्टर विश्वदीप ने बीजापुर को विकास की राह पर अग्रसर करने के लिए पत्रकारों की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होने बीजापुर के विकास में मीडिया के सामुदायिक सहभागिता पर दिया जोर दिया है। उल्लेखनिय है कि बीजापुर जिला पिछले चार दशकों से घुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है, जिसके कारण शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन करने में चुनौतियो का सामना करना पड़ता था। वर्तमान में नक्सल-मुक्त की दिशा में अग्रसर होने के बाद जिले के समग्र विकास के लिए सामुदायिक सहभागिता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>उप मुख्यमंत्री शर्मा ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा </title><link>https://cnin.co.in/उप-मुख्यमंत्री-शर्मा-ने-भोरमदेव-मंदिर-में-की/78767</link><description>रायपुर। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा आज सोमनाथ अमृत महोत्सव कार्यक्रम के वर्चुअल प्रसारण में सम्मिलित होने के लिए भोरमदेव मंदिर परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने भोरमदेव में जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की और जिलेवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, रामकिंकर वर्मा, विजय पाटिल, उमंग पाण्डेय, मनीराम साहू, लोकचंद साहू, रूपसिंह धुर्वे,रूपसिंह मरावी, रामजी मरावी, काशीराम उइके, आदित्य श्रीवास्तव, भूखन साहू, हेमचंद्र चंद्रवंशी, मिलूराम साहू, परदेशी पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि ने भी पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया।</description ></item><item><title>प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/प्रधानमंत्री-के-नेतृत्व-में-देश-की-सनातन/78766</link><description>00 राजधानी रायपुर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री00 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य हुआ था पूरारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा - अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। श्री साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया भी प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही विभिन्न योजनों के माध्यम से लोगों को आस्था से जोडऩे का कार्य कर रहे हैं। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की संस्कृति, वैभव और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल उन्मूलन के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सनातनियों के आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सनातन संस्कृति की आस्था को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा होगा।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावडिय़ा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>नारायणपुर में डीजल संकट गहराया, किसान डिब्बे लेकर कलेक्टर निवास पहुंचे</title><link>https://cnin.co.in/नारायणपुर-में-डीजल-संकट-गहराया,-किसान-डिब्बे/78765</link><description>नारायणपुर। जिले के पांच पेट्रोल पंपों में से चार पर डीजल का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि एकमात्र संचालित पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें लग रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों, ट्रैक्टर संचालकों, माइंस परिवहन और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों को हो रही है। डिब्बों में डीजल नहीं मिलने से नाराज किसान और ट्रैक्टर चालक सोमवार को डिब्बे लेकर कलेक्टर निवास पहुंच गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही डीजल आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। खेती, परिवहन, निर्माण और व्यापार समेत कई क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।नारायणपुर जिले में अचानक गहराए डीजल संकट ने आम जनजीवन से लेकर कृषि और परिवहन व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। एकमात्र पेट्रोल पंप पर डीजल लेने वालों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, सुबह से लेकर देर रात तक वाहन चालक अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित किसान वर्ग हो रहा है। हाल ही में हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद खेतों की जुताई का काम शुरू होना था, लेकिन ट्रैक्टरों में डीजल नहीं होने के कारण कृषि कार्य ठप पडऩे की स्थिति में पहुंच गया है। किसानों का कहना है कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में डीजल की कमी से उनकी पूरी तैयारी प्रभावित हो रही है।डीजल नहीं मिलने से नाराज किसान और ट्रैक्टर संचालक डिब्बे लेकर कलेक्टर निवास पहुंच गए। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप संचालक डिब्बों में डीजल देने से मना कर रहे हैं, और कलेक्टर की अनुमति लाने की बात कह रहे हैं। इसी वजह से ग्रामीण और किसान अपनी समस्या सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर आवास पहुंचे। हालांकि सुरक्षा गार्डों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया, जिसके बाद लोगों ने बाहर ही डेरा डाल दिया।ग्रामीण कृषक मानकू राम पोटाई का कहना है कि नारायणपुर जिले में डीजल नहीं दे रहे हैं। एक जगह पेट्रोल पंप में डीजल मिल रहा है, वो भी कहते हैं कि गाड़ी लेकर आओ, गाड़ी में तेल ही नहीं है तो कैसे लाएंगे। कलेक्टर मैडम से मिलने आए है, ट्रैक्टर से जुताई के लिए डीजल चाहिए।</description ></item><item><title>लक्ष्य ज्वेलर्स में एक करोड के सोने-चांदी के जेवरात पार </title><link>https://cnin.co.in/लक्ष्य-ज्वेलर्स-में-एक-करोड-के-सोने-चांदी-के/78764</link><description>रायपुर। खम्हारडीह इलाके में स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात में अज्ञात चोरों ने धावा बोलते हुए वहां से करीब एक करोड रुपए के सोने-चांदी के जेवरात पार कर फरार हो गए। फिलहाल खम्हारडीह पुलिस दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से अज्ञात चोरों की तलाश में जुट गई है।&amp;nbsp;पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे चोर लक्ष्य ज्वेलर्स शॉप में घुसे और डिस्प्ले काउंटर में रखे कीमती आभूषण चोरी कर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने के कारण कारोबारी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दुकान खोलने पर चोरी का खुलासा हुआ।घटना की सूचना मिलते ही खम्हारडीह थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।</description ></item><item><title>अधीरा प्राउड सिंगल मदर सम्मान से 31 सिंगल मदर्स हुई सम्मानित</title><link>https://cnin.co.in/अधीरा-प्राउड-सिंगल-मदर-सम्मान-से-31-सिंगल/78763</link><description>00 माँ केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि पूरे समाज की प्रेरणा और शक्ति का केंद्र होती है - डॉक्टर वर्णिका&amp;nbsp;रायपुर। मदर्स डे के पावन अवसर पर अर्क वियत फाउंडेशन एवं ओजस वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा विमतारा हॉल में अधीरा प्राउड सिंगल मदर सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृत्व शक्ति को सम्मानित करना, समाज में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करना तथा उन सिंगल मदर्स के संघर्ष और सफलता को मंच प्रदान करना था, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास, मेहनत और समर्पण के बल पर अपने जीवन में विशेष उपलब्धियाँ हासिल की हैं। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आई 31 सिंगल मदर्स का विशेष सम्मान किया गया। इन महिलाओं ने अपने संघर्ष, साहस और आत्मबल से यह सिद्ध किया कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित सभी माताओं को भी सम्मानित कर उनके त्याग, प्रेम और समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।</description ></item><item><title>आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर जन गोष्ठी एवं कार्यशाला का हुआ आयोजन</title><link>https://cnin.co.in/आरएसएस-के-शताब्दी-वर्ष-पर-जन-गोष्ठी-एवं/78762</link><description>बीजापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जिला मुख्यालय बीजापुर के शारदा सिनेमा हाल में एक दिवसीय प्रमुख जन गोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, युवाओं सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। कार्यशाला में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, सेवा कार्य एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कणिराम ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से राष्ट्र साधना और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, परंपरा और हिंदू दर्शन आज पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बना रहा है, तथा समाज के सामूहिक पुरुषार्थ से राष्ट्र चेतना निरंतर मजबूत हो रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज और राष्ट्रहित के कार्यों में आगे आएं तथा सेवा, संस्कार और संगठन की भावना को आत्मसात करें।कार्यशाला में उपस्थित लोगों ने सामाजिक विषयों, समरसता, ग्राम विकास, शिक्षा और संस्कार आधारित समाज निर्माण को लेकर अपने विचार भी साझा किए। कार्यक्रम के दौरान संघ के शताब्दी वर्ष में चलाए जा रहे विभिन्न सेवा एवं जनजागरण अभियानों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि संघ केवल संगठन नहीं बल्कि समाज को जोडऩे और राष्ट्रभावना को मजबूत करने का एक सतत अभियान है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति गीत वंदे मातरम् एवं आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने में संघ के कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</description ></item><item><title>47 नॉन टिचिंग पदों की भर्ती के लिए आवेदन 18 तक</title><link>https://cnin.co.in/47-नॉन-टिचिंग-पदों-की-भर्ती-के-लिए-आवेदन-18-तक/78761</link><description>भिलाई। आईआईटी भिलाई में नॉन टिचिंग पोजिशन की भर्ती की जाएगी। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया भी जारी है। इसमें विभिन्न 47 विभिन्न पदों की भर्ती की जाएगी और इच्छूक अभ्यर्थी 18 मई तक आवेदन कर सकते है। इसमें असिस्टेंट रजिस्ट्रार के 2, जूनियर सुपरिटेंडेंट के 4, जूनियर असिस्टेंट के 15, टेक्निकल ऑफिसर के 2, असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के 1, मेडिकल ऑफिसर के 1, जूनियर टेक्निकल सुपरिटेंडेंट के 3, जूनियर स्पोर्टस ऑफिसर के 1, जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट के 14 और जूनियर मैकेनिक के 4 पद शामिल है।</description ></item><item><title>सरोना वन परिक्षेत्र में ग्रामीण पर वन्य प्राणी तेंदुए ने किया हमला</title><link>https://cnin.co.in/सरोना-वन-परिक्षेत्र-में-ग्रामीण-पर-वन्य/78760</link><description>कांकेर। जिले के सरोना वन परिक्षेत्र में एक ग्रामीण पर वन्य प्राणी तेंदुए ने हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण अपने खेत के बोर में नहा रहा था। इस हमले के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। घायल ग्रामीण सगराम नेताम की हालत अभी ठीक बताई जा रही है। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बासनवाही लाया गया। डॉक्टरों ने उनकी चोटों का इलाज किया और उन्हें निगरानी में रखा है। ग्रामीण अब अपने खेतों में अकेले जाने से भी डर रहे हैं, खासकर शाम के समय और अंधेरा होने के बाद।मिली जानकारी के अनुसार कांकेर जिले के बांगाबारी नयापारा गांव निवासी सगराम नेताम अपने खेत के बोर में नहाने गए थे। इसी दौरान अचानक एक तेंदुए ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। अपने ऊपर हुए अचानक हमले में ग्रामीण सगराम ने मदद के लिए जोर से चीख-पुकार की। उनकी आवाज सुनकर पास ही में काम कर रहे अन्य ग्रामीण तुरंत मौके पर आ पहुंचे। ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख तेंदुआ मौके से भाग निकला। घायल सगराम को आस-पास के लोगों ने तुरंत पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। ग्रामीणों ने बताया कि इस इलाके में वन्यजीवों की आवाजाही होती रहती है। हालांकि इस तरह का सीधा हमला चिंताजनक है। ग्रामीणों में अब अपने खेतों में काम करने को लेकर डर बैठ गया है।वन विभाग को इस घटना की सूचना दे दी गई है। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है। उन्हें रात के समय अकेले बाहर नहीं निकलने और समूह में रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने तेंदुए को पकडऩे और क्षेत्र में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। विभाग ने गश्त बढ़ाने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही है।</description ></item><item><title>नक्सल मुक्त होने के बाद बिजली से रोशन हुआ गुंडराजगुड़ेम</title><link>https://cnin.co.in/नक्सल-मुक्त-होने-के-बाद-बिजली-से-रोशन-हुआ/78759</link><description>सुकमा। जिले के सीमावर्ती ग्राम गुंडराजगुड़ेम में आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंचने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। सुरक्षाबलों और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से गांव में ट्रांसफार्मर स्थापना और विद्युत लाइन विस्तार का कार्य पूरा कर सफलतापूर्वक विद्युत आपूर्ति शुरू की गई।यह इलाका लंबे समय तक माओवादियों के प्रभाव वाला क्षेत्र रहा, जिसके कारण यहां विकास कार्य पूरी तरह बाधित थे। क्षेत्र के नक्सल मुक्त होने के बाद अब प्रशासन लगातार मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा है। जिला पुलिस सुकमा और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान चलाकर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की, जिससे विकास कार्यों के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सका।दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद विद्युत विभाग ने ट्रांसफार्मर स्थापित कर गांव तक बिजली पहुंचाई। बिजली पहुंचते ही ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए प्रशासन और सुरक्षा बलों का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसरों में सुधार होगा तथा विकास की नई राह खुलेगी। गुंडराजगुड़ेम में बिजली पहुंचना नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।सुकमा एसपी किरण चव्हाण का कहना है कि गुंडराजगुड़ेम जैसे पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बिजली पहुंचना केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि सुरक्षाबलों और ग्रामीणों के विश्वास की जीत है। जिला पुलिस, सीआरपीएफ और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से अब दूरस्थ गांव भी मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।</description ></item><item><title>बीजापुर से नक्सलियों द्वारा छुपाकर रखे नक्सली डंप बरामद </title><link>https://cnin.co.in/बीजापुर-से-नक्सलियों-द्वारा-छुपाकर-रखे/78758</link><description>बीजापुर। जिले के थाना गंगालूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोडीतुमनार पटेलपारा पहाड़ी इलाके से नक्सलियों द्वारा पूर्व में छुपाकर रखे गये विस्फोटक तैयार करने के मशीन एवं अन्य नक्सल सामग्री बड़ी मात्रा में सुरक्षाबलों ने सोमवार को बरामद किया है।&amp;nbsp;पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डोडीतुमनार के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां संचालित होती रही है, तथा वहां भारी मात्रा में नक्सल सामग्री छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस सहायता केंद्र पीडिया और थाना गंगालूर की संयुक्त पुलिस टीम ने इलाके में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। सर्चिंग के दौरान जवानों को जमीन के भीतर बनाया गया एक संदिग्ध बंकर मिला। डिमाइनिंग और सुरक्षा जांच के बाद बंकर को खोला गया, जहां से बड़ी मात्रा में नक्सली डंप बरामद किया गया है।बरामद नक्सल सामग्री में होंडा कंपनी के दो जनरेटर, दो लेथ मशीन, एक इन्वर्टर, चार बड़ी बैटरियां, एक छोटी बैटरी, आठ सोलर प्लेट, एक मोटर, एक वेल्डिंग मशीन, एक ड्रिल मशीन, एक देशी बीजीएल लॉन्चर, 29 बीजीएल सेल, लगभग 50 मीटर कॉर्डेक्स वायर और दो प्लास्टिक ड्रम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री का उपयोग नक्सली विस्फोटक तैयार करने और तकनीकी गतिविधियों में करते थे। सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में लगातार सर्चिंग अभियान जारी है। फिलहाल मामले में बरामद सामग्री को जब्त कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।</description ></item><item><title>पीडब्ल्यूडी और सामान्य प्रशासन विभाग में असिस्टेंट इंजीनियर के 46 पदों पर होगी भर्ती</title><link>https://cnin.co.in/पीडब्ल्यूडी-और-सामान्य-प्रशासन-विभाग-में/78757</link><description>00 13 मई से कर सकते है आवेदनरायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) ने स्टेट इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) में 46 पदों पर असिस्टेंट इंजीनियरों की नियुक्ति की जाएगी। पीडब्ल्यूडी में सिविल, इलेक्ट्रिकल और मेकेनिकल जबकि सामान्य प्रशासन विभाग में सिविल में भर्ती की जाएगी। नोटिफिकेशन के अनुसार, 13 मई को दोपहर 12 बजे से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इच्छूक अभ्यर्थी 11 जून, रात 11.59 बजे तक सीजीपीएससी की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा की संभावित तारीख 16 अगस्त है। अभ्यर्थी आवेदन में त्रुटि सुधार 12 से 14 जून तक कर सकेंगे। सशुल्क त्रुटि सुधार 15 से 17 जून तक किए जा सकेंगे।असिस्टेंट इंजीनियर के पदों में भर्ती के लिए ऐसे अभ्यर्थी जो मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से सिविल, यांत्रिकी या विद्युत में बीई / बीटेक उपाधि हो वे आवेदन कर सकते है। अभ्यर्थी की उम्र 21 से 30 वर्ष तक (1 जनवरी 2026 की स्थिति में) होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी गई है, उनके लिए आयु सीमा 40 वर्ष होगी। आरक्षित वर्गों को अधिकतम आयु 45 वर्ष है। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। लिखित परीक्षा में 150-150 अंकों के दो बहु विकल्पीय प्रश्न पत्र होंगे। इसमें पहला सामान्य अध्ययन और दूसरा इंजीनियरिंग का होगा। परीक्षा में ऋणात्मक अंक का प्रावधान नहीं है। लिखित परीक्षा पास करने वालों को 75 अंकों के साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। परीक्षा पाठ्यक्रम के संबंध में जानकारी के लिए सीजीपीएससी की वेबसाइट देख सकते है।पदों का विवरणअसिस्टेंट इंजीनियर (सिविल): 42 पदअसिस्टेंट इंजीनियर (विद्युत/यांत्रिकी): 3 पदअसिस्टेंट इंजीनियर (सिविल): 1 पद</description ></item><item><title>बेटिंग साइट का पैनल और लिंक बेचने के आरोप में रामसागरपारा का लोकेश गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/बेटिंग-साइट-का-पैनल-और-लिंक-बेचने-के-आरोप-में/78756</link><description>रायपुर। दो सट्टेबाजों को बेटिंग साइट का पैनल और लिंक बेचने के आरोप में आजाद चौक पुलिस ने रामसागरपारा के लोकेश अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन और बैंक एकाउंट की जांच कर रही है।&amp;nbsp;एसीपी आजाद चौक ईशु अग्रवाल ने मामले का खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि आरोपी लोकेश अग्रवाल की गिरफ्तारी से ऑनलाइन सट्टे के सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है जो मास्टर पैनल संचालक था। अग्रवाल ने बताया कि 4 अप्रैल को कबीरनगर पुलिस ने आकाश टांडी 31 वर्ष मस्जिद के पास कोटा और मोहम्मद आरिफ 50 वर्ष कोटेश्वर नगर कोटा को परमानंद नगर रेलवे ट्रैक के पास से गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 4 स्मार्ट फोन और करीब 5 लाख कैश जब्त किए ग। दोनों से पूछताछ और मोबाइल के फोरेंसिक विश्लेषण से पता चला कि ये लोकेश अग्रवाल से आईडी लेकर काम करते थे, हालांकि दोनों आरोपियों के गिरफ्तार होते ही लोकेश अग्रवाल फरार हो गया था। आरोपी से जब्त दो सेलफोन की जांच में कई राज खुलने की उम्मीद है।</description ></item><item><title>ई-ऑफिस का विस्तार: छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में डिजिटल क्रांति का आगाज</title><link>https://cnin.co.in/ई-ऑफिस-का-विस्तार:-छत्तीसगढ़-की-प्रशासनिक/78755</link><description>00 पारदर्शिता की नई पहचान ई-ऑफिसलेखक - नितेश चक्रधारी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)रायपुर। छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही लाकर सुशासन का नया सवेरा लेकर आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में, यह डिजिटल पहल भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। फाइलों का डिजिटल होना फाइलों में हेराफेरी की गुंजाइश को लगभग खत्म कर देता है, जिससे शासन में पारदर्शिता आती है। कागजी फाइलों के भौतिक परिवहन में लगने वाला समय बचता है, जिससे फाइलें तेजी से आगे बढ़ती हैं और निर्णय जल्दी लिए जाते हैं।डिजिटल तकनीक आज केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन की कार्यप्रणाली को नया आयाम दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के संकल्प को साकार करते हुए राज्य में ई-ऑफिस प्रणाली प्रशासनिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।फाइलों के अंबार से डिजिटल रफ्तार तकछत्तीसगढ़ में अब शासकीय दफ्तरों की तस्वीर बदल रही है। वह दौर बीत रहा है जब कार्यालयों में धूल खाती फाइलों के ढेर और कछुआ गति से चलने वाली प्रक्रियाएं सामान्य मानी जाती थीं। अब डिजिटल फाइलों के माध्यम से कार्यों में न केवल तेजी आई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।सक्ती जिला रहा अव्वलई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस में नए मानक स्थापित किए हैं। व्यापक नेटवर्क के तहत प्रदेश के 87 हजार 222 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। अब तक 5 लाख 46 हजार 903 से अधिक फाइलों का सफल डिजिटल संचालन किया गया है। 30 अप्रैल 2026 की स्थिति में प्रदेश का 33 वां जिला सक्ती 15 हजार 735 फाइलों के डिजिटल संचालन के साथ राज्य में अग्रणी रहा है।ई-ऑफिस के प्रमुख लाभऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग की सुविधा से अब यह जानना आसान है कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है। इससे कार्य के प्रति जवाबदेही बढ़ी है। कुशल निर्णय प्रक्रिया सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक फाइलों की आवाजाही त्वरित होने से निर्णय लेने की प्रक्रिया व्यवस्थित और समयबद्ध हुई है। कागज के उपयोग में भारी कमी आने से यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा योगदान दे रही है। डिजिटल संधारण के कारण दस्तावेजों के फटने, खोने या खराब होने का डर खत्म हो गया है और भंडारण की समस्या भी सुलझ गई है।प्रशिक्षण और तकनीकी मजबूतीकिसी भी नवाचार की सफलता उसके उपयोगकर्ताओं पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन ने अधिकारी-कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में एनआईसी और चिप्स की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैभविष्य की राह पूर्णत: डिजिटल प्रशासनमुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का लक्ष्य आगामी समय में समस्त शासकीय पत्राचार को शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करना है। यह बदलाव केवल एक तकनीकी सुधार नहीं है, बल्कि यह नागरिक-केंद्रित प्रशासन की ओर बढ़ता एक ठोस कदम है। ऑफिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीक का सही समन्वय प्रशासन को प्रभावी और जनोन्मुखी बना सकता है। छत्तीसगढ़ का यह मॉडल आने वाले समय में सुशासन की एक नई और आधुनिक परिभाषा लिखने के लिए तैयार है।</description ></item><item><title>दुर्ग के 4 युवक लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाहर नकली टिकट बनाकर बेचते गिफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/दुर्ग-के-4-युवक-लखनऊ-के-इकाना-स्टेडियम-के-बाहर/78754</link><description>रायपुर। दुर्ग के 4 आरोपी युवकों को आईपीएल मैच के दौरान लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाहर चैटजीपीटी से नकली टिकट बनाकर बेचते हुए लखनऊ जिले की साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में फर्जी आईपीएल टिकट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और प्रिंटिंग सामग्री बरामद क हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में दुर्ग निवासी श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू शामिल है।लखनऊ पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार लखनऊ सुपर जॉइंट और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में 7 मई को मैच खेला गया था। इस मैच को देखने के लिए जालौन निवासी प्रदीप सिंह स्टेडियम पहुंचे। स्टेडियम के बाहर आरोपियों ने उन्हें दो टिकट बेचे और यूपीआई के जरिए 1000 रुपए ले लिए। लेकिन एंट्री गेट पर टिकट स्कैन होते ही उसे फर्जी बताया गया। इसके बाद पीडि़त ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और तकनीकी जांच के आधार पर लखनऊ के दोदनखेड़ा चौराहे के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।&amp;nbsp;पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया से असली टिकटों की फोटो डाउनलोड करते थे। इसके बाद कॉरल ड्रा की मदद से हूबहू नकली टिकट तैयार करते थे। टिकट डिजाइन, साइज और पेपर क्वॉलिटी की जानकारी जुटाने के लिए आरोपियों ने चैटजीपीटी का भी सहारा लिया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आर्थिक तंगी और नया कारोबार शुरू करने के लिए पैसों की जरूरत के चलते उन्होंने यह साजिश रची। गिरोह का सदस्य विश्वजीत साहू 2डी और 3डी डिजाइनिंग का काम जानता था। जिसे उसने यूट्यूब और कोचिंग से सीखा था। पुलिस के मुताबिक,आरोपी पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी फर्जी टिकट बेचने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन वहां सफल नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने तकनीक और डिजाइन में सुधार कर लखनऊ को निशाना बनाया।लखनऊ पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए चारों आरोपियों में से एक नूतन डिप्लोमा होल्डर है, जबकि दूसरा विश्वजीत इंटर पास है। यूट्यूब से इन्होंने फर्जी टिकट बनाने और डिजाइन का काम, 2/3 डी डिजाइनिंग एलिवेशन सीखा है। श्रीकांत बोरकर ग्रेजुएट है। फर्जी टिकट बनाने वाले इस गिरोह का वो मास्टर माइंड है। डिजाइन के अलावा वो कार वॉशिंग का काम करता है। चौथा और मुख्य सहयोगी राजेंद्र चौधरी भी वाशिंग का काम करता है।डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने बताया कि, आरोपियों ने पीडि़त से 1000 यूपीआई के जरिए लिए थे। जिसके आधार पर पुलिस ने ट्रांजैक्शन ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित मामलों की जांच कर रही है।आरोपियों से बरामद हुए सामान15 फर्जी आईपीएल टिकट14 प्रिंटेड टिकट शीटआशुश का लैपटॉप4 स्मार्ट मोबाइल फोनपेपर कटर और प्रिंटिंग सामग्रीबैंक पासबुक और एटीएम कार्डसीजी नंबर की रिट्ज कार</description ></item><item><title>आईपीएल क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाला स्वास्तिक गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/आईपीएल-क्रिकेट-मैच-पर-ऑनलाइन-सट्टा-खिलाने/78753</link><description>रायपुर। रायपुर में आईपीएल क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले आरोपी स्वास्तिक अग्रवाल को तेलीबांधा पुलिस ने पीडब्ल्यूडी ब्रिज के नीचे से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से सट्टेबाजी में इस्तेमाल किया जा रहा मोबाइल फोन जब्त किया गया है जिसमें वह गूगल के माध्यम से रेडीबुक डॉट ग्रीन वेबसाइट पर अपने मोबाइल नंबर से आईडी बनाई थी। फिलहाल आरोपी से पूछताछ का जा रही है।&amp;nbsp;तेलीबांधा पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ मुखबिर से सूचना मिली थी और मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी करके पीडब्ल्यूडी ब्रिज के नीचे से गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने गूगल के माध्यम से रेडीबुक डॉट ग्रीन वेबसाइट पर अपने मोबाइल नंबर से आईडी बनाई थी। उसका यूजर नेम स्वस्तिक29 था। इसी आईडी के जरिए वह आईपीएल मैचों में हार-जीत पर रुपए का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा खेलता था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उसके परिचित खरोरा निवासी चेतन ने क्रिकेट मैच में सट्टा खेलने के लिए उससे आईडी मांगी थी। इसके बाद उसने अपनी आईडी चेतन को दे दी। चेतन ने उसी आईडी पर अलग पासवर्ड बनाकर आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा खेलना शुरू कर दिया।पुलिस जांच में आरोपी के मोबाइल फोन में स्वस्तिक29 नाम की आईडी एक्टिव मिली। मोबाइल में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई डिजिटल सबूत भी पाए गए। इसके बाद पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में आरोपी के कब्जे से सैमसंग कंपनी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया। आरोपी चेतन की तलाश पुलिस कर रही है।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में डेटा एंट्री ऑपरेटर के 38 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन की अंतिम तिथि कल</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-हाईकोर्ट-में-डेटा-एंट्री-ऑपरेटर/78752</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डेटा एंट्री ऑपरेटर (डीईओ) के 38 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। भर्ती प्रक्रिया जारी है और आवेदन करने के लिए अब केवल कुछ दिन ही बाकी हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 12 मई शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के जरिए प्रदेश की युवतियों को हाईकोर्ट में काम करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन के साथ सरकारी नौकरी का लाभ भी मिलेगा।जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में डेटा एंट्री ऑपरेटर के कुल 38 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें अलग-अलग वर्गों के उम्मीदवारों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं। अनारक्षित वर्ग के लिए 19 पद तय किए गए हैं, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 7-7 पद आरक्षित हैं। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5 पद निर्धारित किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिसके तहत उम्मीदवार निर्धारित तारीख तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 12 मई 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। वहीं आवेदन पत्र भरते समय यदि किसी प्रकार की गलती हो जाती है तो अभ्यर्थियों को सुधार का मौका भी दिया जाएगा। इसके लिए करेक्शन विंडो 13 मई से 15 मई शाम 5 बजे तक खुली रहेगी।भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता भी तय की गई है। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कम से कम द्वितीय श्रेणी के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों के पास कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन, या ग्रेजुएशन के साथ पीजीडीसीए, अथवा डीओईएसीसी का ओ लेवल कोर्स जैसी योग्यता होना जरूरी है। वहीं ऑपरेटिंग सिस्टम और ऑफिस एप्लिकेशन का व्यावहारिक ज्ञान रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। हिंदी और अंग्रेजी टाइपिंग में दक्ष अभ्यर्थियों को भी चयन प्रक्रिया में फायदा मिल सकता है।आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को शासन के नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लिखित परीक्षा 28 जून 2026, रविवार को आयोजित हो सकती है। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित किए जाने की संभावना है। परीक्षा केंद्र बिलासपुर और रायपुर में बनाए जा सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 25,300 रुपए से लेकर 80,500 रुपए तक वेतन दिया जाएगा। सरकारी नौकरी के साथ अन्य भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।</description ></item><item><title>बंगाल सीएम सुवेंदु के पीए हत्याकांड में 3 संदिग्ध गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/बंगाल-सीएम-सुवेंदु-के-पीए-हत्याकांड-में-3/78751</link><description>&amp;nbsp;0-बिहार के बक्सर, यूपी के बलिया से पकड़ाए; 6 मई को चंद्रनाथ का मर्डर हुआ थाकोलकाता/पटना/लखनऊ--पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में बिहार और यूपी से 3 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को बंगाल ले जाया गया है।बंगाल सीआईडी ने बताया कि बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य, जबकि उत्तर प्रदेश के बलिया से राज सिंह को रविवार रात हिरासत में लिया गया था। इन्हें सोमवार सुबह गिरफ्तार किया गया। राज सिंह शार्प शूटर बताया जा रहा है।बंगाल चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद 6 मई को 42 साल के चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई। हमलावर ने रथ की कार रुकवाकर कई राउंड फायरिंग की थी। रथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं।बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद रथ की हत्या में सुपारी किलर्स के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि रथ की हत्या प्लानिंग के तहत की गई और इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं।पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की, जिससे रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। इसके अलावा, हमले में दो बाइक शामिल थीं।इनमें से एक मोटरसाइकिल भी घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली। उस पर भी फर्जी रजिस्ट्रेशन था। दूसरी बाइक नहीं मिली है।</description ></item><item><title>सोमनाथ मंदिर के 75 साल, पीएम मोदी ने पूजा की:शिखर का 11 तीर्थों के जल से अभिषेक किया</title><link>https://cnin.co.in/सोमनाथ-मंदिर-के-75-साल,-पीएम-मोदी-ने-पूजा/78750</link><description>.&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;जामनगर--गुजरात के सोमनाथ में आज मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 साल पूरे हो रहे हैं। 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में नए सिरे से बनाए गए सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। इतिहास के इस बड़े घटनाक्रम का उत्सव मनाने के लिए सोमनाथ अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2किमी का रोड शो करते हुए सोमनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने शिवाभिषेक किया। इसके बाद पीएम ने रिमोट के जरिए मंदिर का कुंभाभिषेक किया। वैदिक मंत्रों के बीच 11 तीर्थों के जल से शिखर जल चढ़ाया गया। 90 मीटर ऊंची क्रेन की मदद से कलश को मंदिर के ऊपर रखा गया था। अभिषेक के बाद चेतक हेलिकॉप्टर के जरिए मंदिर पर फूल बरसाए गए। वायुसेना की सूर्यकिरण टीम मंदिर के ऊपर 15 मिनट का एरोबेटिक शो किया। 2026 सोमनाथ मंदिर के लिए एक और वजह से खास है। दरअसल सन् 1026 में महमूद गजनवी ने मंदिर पर हमला कर इसे ध्वस्त कर दिया था। उस घटना के हजार साल भी पूरे हो गए हैं।</description ></item><item><title>कमोदा बिहार रिसॉर्ट से लगी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर</title><link>https://cnin.co.in/कमोदा-बिहार-रिसॉर्ट-से-लगी-सरकारी-भूमि-पर/78749</link><description>अंबिकापुर। कमोदा बिहार रिसॉर्ट से लगी करीब 45 डिसमिल सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराते हुए नगर निगम प्रशासन ने वहां बने शेड, बाउंड्री और अन्य अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। साथ ही सरकारी जमीन पर बनाए गए कुछ कमरों को भी हटाया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था।&amp;nbsp;बताया जाता हैं कि रिसॉर्ट संचालकों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराया था और उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। राजस्व विभाग की नापजोख में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया। सोमवार सुबह प्रशासनिक और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और करीब 7 बजे बुलडोजर से कार्रवाई शुरू हुई, जो चार घंटे तक चली। इस दौरान रिसॉर्ट परिसर में बने बड़े शेड सहित अन्य अवैध निर्माणों को तोड़ा गया। साथ ही सरकारी जमीन पर बनाए गए कुछ कमरों को भी हटाया गया।कार्रवाई के दौरान रिसॉर्ट संचालकों ने विरोध जताने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने पुलिस सुरक्षा के बीच कार्रवाई जारी रखी। अतिक्रमण हटाने के बाद मलबा हटाने का काम भी किया गया।एसडीएम वन सिंह नेताम ने बताया कि मामले की सुनवाई तहसीलदार न्यायालय में चल रही थी। जांच में अतिक्रमण सही पाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत बेदखली नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने बताया कि शनिवार को भूमि की मार्किंग पूरी नहीं हो पाने के कारण कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी थी, जिसे सोमवार को पूरा किया गया। कब्जा हटाई गई जमीन का उपयोग भविष्य में शासकीय कार्यों के लिए किया जाएगा। यहां आंगनबाड़ी केंद्र सहित अन्य सरकारी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-ने-हाटकेश्वर-महादेव-मंदिर-में/78748</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। &amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; इस दौरान कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय आज हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर महादेव घाट में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने पहुंचे थे।</description ></item><item><title>500 वर्ष पुरानी सांस्कृतिक विरासत का डिजिटल संरक्षण- पेंड्रा में मिलीं दुर्लभ पांडुलिपियां</title><link>https://cnin.co.in/500-वर्ष-पुरानी-सांस्कृतिक-विरासत-का-डिजिटल/78747</link><description>रायपुर। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। पेंड्रा नगर की पुरानी बस्ती में सदियों पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियों और दस्तावेजों को खोज निकाला गया है, जिन्हें अब डिजिटल माध्यम से भविष्य के लिए सुरक्षित कर लिया गया है।दो प्रमुख स्थानों से अमूल्य धरोहरें प्राप्तसर्वेक्षण दल को पेंड्रा के वार्ड क्रमांक 4 में दो प्रमुख स्थानों से अमूल्य धरोहरें प्राप्त हुई हैं। 500 वर्ष पुरानी अथ श्रीमद्भागवत गीता पंडित मोहन दत्त शर्मा के निवास से हस्तलिखित गीता सहित कई धार्मिक ग्रंथ मिले। यह पांडुलिपियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जिन पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने श्रद्धापूर्वक मत्था टेका। सर्वेक्षण के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह के निवास से लगभग 200 वर्ष पुरानी हस्तलिखित जमींदारी वंशावली तथा पेंड्रागढ़ क्षेत्र के राजस्व एवं वन विभाग से संबंधित ऐतिहासिक नक्शे भी प्राप्त हुए। इन दस्तावेजों को भी डिजिटल तकनीक के माध्यम से संरक्षित किया गया। कलेक्टर ने राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शिखा सिंह से पारिवारिक इतिहास, जमींदारी परंपरा और ऐतिहासिक धरोहरों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ऐसे दस्तावेज स्थानीय इतिहास और प्रशासनिक संरचना को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।धार्मिक एवं शास्त्रीय ज्ञान की अनमोल पांडुलिपियां&amp;nbsp;प्राप्त पांडुलिपियों में लग्न चन्द्रिका, इतिचंद्रिकाआख्यातप्रारम्भ:, अथश्रीभागवतमहात्यंप्रारग्यते, यद्वादशमहावाक्यनिंएयिप्रारंभ:, शीर्घवोधशठीकप्रारंभ:रामचंद्रायनम: तथा इति सारस्वत तद्वित प्रक्रिया समाप्ता: संवत् 1925 श्री: अश्विनशुक्ल जैसी प्राचीन हस्तलिखित सामग्री शामिल है। इन ग्रंथों की भाषा, लेखन शैली और संरक्षण की स्थिति प्राचीन भारतीय विद्या, संस्कृत साहित्य और धार्मिक अध्ययन की समृद्ध परंपरा को दर्शाती है।आधुनिक तकनीक से संरक्षण (जियो-टैगिंग)इन दुर्लभ ग्रंथों को ज्ञानभारतम एप के माध्यम से जियो-टैगिंग कर डिजिटल रूप में संरक्षित किया गया है। ये पांडुलिपियां अपने मूल मालिकों के पास ही रहेंगी। डिजिटल संरक्षण का उद्देश्य केवल इनके ज्ञान को सुरक्षित करना है, ताकि परिवार की विरासत और सांस्कृतिक पहचान अक्षुण्ण बनी रहे।&amp;nbsp;प्रशासनिक दृष्टिकोणकलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि हमारी ज्ञान परंपरा और इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि इन पांडुलिपियों का डिजिटल संरक्षण आने वाली पीढिय़ों के लिए ज्ञान के इस खजाने को सुरक्षित रखने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।विरासत को सहेजता संयुक्त परिवारधार्मिक पांडुलिपियों के संरक्षण और स्मृति चिह्नीकरण के लिए पंडित मोहन दत्त शर्मा के दस सदस्यीय संयुक्त परिवार के साथ विशेष फोटोग्राफी भी की गई। परिवार में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शशीदेवी शर्मा, पुत्र गिरीश दत्त शर्मा एवं संदीप दत्त शर्मा, पुत्रवधुएं रंजीता शर्मा एवं अमृता शर्मा, पोते वरुण दत्त शर्मा, वेदांत दत्त शर्मा, सारस्वत दत्त शर्मा तथा पोती सौम्या शर्मा शामिल रहे। इस ऐतिहासिक संरक्षण अभियान के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे, एसडीएम विक्रांत अंचल, जिला समन्वयक डॉ. राहुल गौतम और सर्वेक्षण टीम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। यह अभियान जिले में सांस्कृतिक चेतना जगाने और स्थानीय इतिहास को समझने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।</description ></item><item><title>निश्चय कार्यक्रम- रायपुर जेल के 67 बंदियों को मिला कौशल प्रमाण-पत्र</title><link>https://cnin.co.in/निश्चय-कार्यक्रम--रायपुर-जेल-के-67-बंदियों-को/78746</link><description>00 मुख्यधारा में लौटने की नई पहलरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना निश्चय के अंतर्गत आज केंद्रीय जेल और महिला जेल, रायपुर में एक विशेष गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर स्वावलंबन और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है। ज़ेन जी युवा बंदियों को अपराध के दलदल में वापिस जाने से रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में निश्चय कार्यक्रम संचालित है। इस कार्यक्रम में युवा बंदियों को कॉउंसलिंग, अपराध बोध का ज्ञान, स्व-रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण एवं रिहाई उपरांत स्वरोजगार हेतु बैंक के माध्यम से ऋण प्रदाय किया जाता है।कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओरसमारोह के दौरान कुल 67 बंदियों को उनकी प्रशिक्षण अवधि पूर्ण होने पर कौशल विकास प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं। निश्चय कार्यक्रम का उद्देश्य उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत के सहयोग से संचालित इस अभियान के तहत बंदियों को अपराध बोध का ज्ञान, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाता है।तकनीकी शिक्षा हेतु कंप्यूटर केंद्र का आगाज़डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय जेल, रायपुर में आज कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। अब बंदी जेल के भीतर ही कंप्यूटर का बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जो रिहाई के बाद उनके रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगा।आगामी लोन मेला स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायताबंदियों के पुनर्वास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। 13 मई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा केंद्रीय जेल परिसर में लोन मेला लगाया जाएगा, जिसका उद्देश्य रिहा होने वाले बंदियों को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए सुगमता से ऋण उपलब्ध कराना। इस अवसर पर डीजी (जेल) श्री हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी सुश्री गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>हरा सोना बना समृद्धि का आधार : तेंदूपत्ता खरीदी की बढ़ी दर ने संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह व भरोसा, हर फड़ पर रौनक</title><link>https://cnin.co.in/हरा-सोना-बना-समृद्धि-का-आधार-:-तेंदूपत्ता/78745</link><description>00 संग्राहकों की मेहनत, जंगलों की हरियाली और शासन की दूरदर्शी पहल ने तेंदूपत्ता के माध्यम से खोली समृद्धि की राहरायपुर। जेठ की तपती धूप के बीच रामपुर के जंगलों में एक बार फिर हरे सोने यानी तेंदूपत्ता संग्रहण की रौनक लौट आई है। लंबे इंतजार के बाद शुरू हुए इस सीजन ने ग्रामीणों, खासकर महिलाओं के चेहरों पर नई उम्मीदों की मुस्कान ला दी है। इस वर्ष संग्रहण कार्य की विधिवत शुरुआत रामपुर केंद्र में पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिला हितग्राही शामिल हुए।सुबह सूरज उगने से पहले ही कोरबा जिले के रामपुर की श्रीमती कारी बाई पटेल और श्रीमती खेमबाई पटेल अपने परिवारों के साथ जंगल पहुँच गई थीं। दोपहर होते-होते जब वे तेंदूपत्ते की गड्डियाँ लेकर खरीदी केंद्र पहुँचीं, तो वहाँ का माहौल उत्सव जैसा दिखाई दिया। कई तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच दोनों ने खरीदी केंद्र में आज की बोहनी की। श्रीमती कारी बाई ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी खरीदी समय पर शुरू होने से उन्हें बिचौलियों से राहत मिली है। सीधे फड़ में पत्ता बेचने से उचित पारिश्रमिक और बोनस की गारंटी मिलती है, जिससे पूरे साल का आर्थिक प्रबंधन सुगमता से चलता है।शासन द्वारा इस वर्ष तेंदूपत्ता खरीदी की दर बढ़ाकर 4 हजार रुपये से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा करने का सकारात्मक असर ग्रामीण परिवारों की आय पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बढ़े हुए दर से संग्राहकों का उत्साह व भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है। रामपुर क्षेत्र में तेंदूपत्ता सीजन जनजातीय परिवारों के लिए आजीविका का मुख्य आधार है। सावधानी से पत्ता तोडऩा, छंटाई करना और गड्डियाँ तैयार करना एक कठिन परंतु महत्वपूर्ण कार्य है, जिसमें महिलाओं की भूमिका विशेष रूप से अहम है।वनोपज समिति प्रबंधकों के अनुसार इस वर्ष खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। फड़ में गड्डियों की गिनती और गुणवत्ता परीक्षण आधुनिक मापदंडों के आधार पर किया जा रहा है। संग्राहकों के बैंक खातों में पारिश्रमिक का भुगतान डिजिटल माध्यम से तुरंत सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे किसी प्रकार की देरी या असुविधा न हो।अनुकूल मौसम के कारण इस बार पत्तों की गुणवत्ता बेहतर है, जिससे संग्राहकों की आय बढऩे की संभावना और मजबूत हो गई है। ग्रामीणों के लिए हरा सोना केवल एक वनोपज नहीं बल्कि उनके स्वावलंबन और आर्थिक स्थिरता का आधार बन गया है।प्रशासन ने सभी संग्राहकों से अपील की है कि वे शासन द्वारा निर्धारित दरों और मानकों का पालन करते हुए अपना तेंदूपत्ता केवल सहकारी समिति केंद्रों पर ही बेचें, जिससे उन्हें योजनाओं व बोनस का पूरा और सीधा लाभ मिल सके। रामपुर की मेहनतकश महिलाओं की लगन, जंगलों की हरियाली और शासन की दूरदर्शी पहल... इन तीनों ने मिलकर हरे सोने को ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम बना दिया है।</description ></item><item><title>मदर्स डे पर सौगात : रायपुर महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सिस्टम का शुभारंभ</title><link>https://cnin.co.in/मदर्स-डे-पर-सौगात-:-रायपुर-महिला-जेल-में/78744</link><description>00 बंदिनियों को मिली अपनों से जुडऩे की राहरायपुर। आज मदर्स डे के ममतामयी अवसर पर रायपुर की महिला जेल में बंदिनियों के लिए खुशियों की एक नई किरण जगी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप, जेल प्रशासन ने महिला बंदिनियों को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का बहुप्रतीक्षित तोहफा दिया है।अपनों से दूरी होगी कमवीडियो कॉलिंग की सुविधा से जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए अनुबंध के तहत इस सिस्टम को स्थापित किया गया है। अब महिला बंदी अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से सीधे वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर सकेंगी, जिससे उनके मानसिक संबल और कानूनी विमर्श में मदद मिलेगी।हुनर को मिला सम्माननिश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उनके पुनर्वास और भविष्य में स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है। जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 मासूम बच्चों को विभाग की ओर से विशेष उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान खिल गया और जेल परिसर का माहौल उत्सवमय हो गया। इस संवेनदनशील पहल के शुभारंभ अवसर पर जेल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से हिमांशु गुप्ता (डीजी, जेल), योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), विजय छबलानी (प्रतिनिधि), सुश्री गरिमा पांडेय (प्रभारी, महिला जेल) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल बंदिनियों को उनके मानवाधिकारों और परिवार से जोडऩे का माध्यम बनेगी, बल्कि जेल सुधार की दिशा में तकनीकी समावेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगी।</description ></item><item><title>1192 विद्यार्थियों ने दी प्रयास आवासीय विद्यालय चयन परीक्षा</title><link>https://cnin.co.in/1192-विद्यार्थियों-ने-दी-प्रयास-आवासीय/78743</link><description>जगदलपुर। छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से प्रयास आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा रविवार को संपन्न हुई। बस्तर जिले में इस परीक्षा के लिए जगदलपुर स्थित निर्मल विद्यालय को प्रमुख केंद्र बनाया गया था। परीक्षार्थियों के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। इस विशेष पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, क्लैट और एनडीए जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है।कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर मनीष वर्मा एवं आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त गणेश राम सोरी ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का सघन भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित कराया। बस्तर जिले में इस परीक्षा के प्रति छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा के लिए कुल 1455 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1192 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि 263 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए।रविवार को आयोजित इस चयन परीक्षा की प्रक्रिया सुबह 9:30 बजे ओएमआर शीट भरने के साथ शुरू हुई, जिसके पश्चात 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक मुख्य परीक्षा आयोजित की गई। विभाग द्वारा अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 1 मई से ही प्रवेश पत्र ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए गए थे, और तकनीकी सहायता के लिए सहायक आयुक्त कार्यालय को भी मुस्तैद रखा गया था। प्रशासन की सुव्यवस्थित योजना और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में परीक्षा का आयोजन पूर्ण कर लिया गया है।</description ></item><item><title>असम के नये मुख्यमंत्री होंगे हिमंता बिस्वा सरमा, सीएम साय ने दी शुभकामनाएं</title><link>https://cnin.co.in/असम-के-नये-मुख्यमंत्री-होंगे-हिमंता-बिस्वा/78742</link><description>रायपुर। भाजपा एवं एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हिमंता बिस्वा सरमा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दिए। सीएम साय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आपके नेतृत्व में असम निरंतर विकास, सांस्कृतिक गौरव, शांति एवं जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। विकसित असम के संकल्प को साकार करने की दिशा में आपका नेतृत्व और दूरदर्शी सोच असम के सर्वांगीण विकास को नई गति प्रदान कर रही है।जनसेवा, सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास के आपके प्रयासों ने प्रदेश की प्रगति को निरंतर गति प्रदान की है और आगे भी असम को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। माँ कामाख्या से प्रार्थना है कि आपको जनसेवा के इस पथ पर निरंतर सफलतापूर्वक आगे बढऩे की शक्ति प्रदान करें।</description ></item><item><title>शरीर के किसी भी अंग की दुर्बलता बुढ़ापे को दूभर बना देती है, श्रवण यन्त्र बाँटकर मिटा रहे तकलीफ</title><link>https://cnin.co.in/शरीर-के-किसी-भी-अंग-की-दुर्बलता-बुढ़ापे-को/78741</link><description>00 श्रवण यन्त्र से 2 बच्चों व 17 बुजुर्गों की तकलीफ हुई दूररायपुर। शरीर के किसी भी अंग की दुर्बलता बुढ़ापे को दूभर बना देती है, कानों से कम सुनाई देना भी बड़ी परेशानी है। जैन संवेदना ट्रस्ट इस परेशानी को श्रवण यन्त्र बाँटकर दूर करने का प्रयास कर रहा है। श्रवण यन्त्र से 17 लोगों के जीवन में खुशियां लौटी। जैन संवेदना ट्रस्ट ने आज से साधर्मिक भक्ति व अनुकम्पा सेवा सप्ताह का आरम्भ किया है। सेवा सप्ताह के आरम्भ में 17 दिव्यांगों को श्रवण यन्त्र वितरित किए गए।&amp;nbsp;जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने इस अवसर पर कहा कि मानवता की सेवा जीवन का सर्वोत्तम कार्य है। जीवन भर सुनने के बाद जब बुढ़ापे में कम सुनाई देने लगता है तो बड़ी समस्या पैदा हो जाती है। इस व$क्त श्रवण यन्त्र ही बड़ा सहारा होता है। जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा गूंगे बहरे लोगों का परीक्षण कर श्रवण यंत्र का वितरण किया जाता है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>बिजली विभाग में कई अधिकारी हुए इधर से उधर</title><link>https://cnin.co.in/बिजली-विभाग-में-कई-अधिकारी-हुए-इधर-से-उधर/78740</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। कंपनी प्रबंधन ने अधीक्षण अभियंताओं के तबादले संबंधी आदेश जारी करते हुए कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।&amp;nbsp;आदेश के मुताबिक तरुण ठाकुर, जो वर्तमान में अधीक्षण अभियंता (भंडार-वृत्त) रायपुर में पदस्थ थे, उन्हें अब कार्यपालक निदेशक (दुर्ग क्षेत्र) कार्यालय में अधीक्षण अभियंता के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई है। रूपेंद्र कुमार चंद्राकर, जो मुख्य अभियंता (भंडार एवं क्रय) कार्यालय रायपुर में कार्यरत थे, उनका तबादला मुख्य अभियंता (अंबिकापुर क्षेत्र) कार्यालय में किया गया है। सुरेंद्र प्रजापति, जो अब तक अंबिकापुर क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे थे, उन्हें अब कार्यपालक निदेशक (बिलासपुर क्षेत्र) कार्यालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाहुबल कुमार जैन, जो मुख्य अभियंता (परियोजना) कार्यालय रायपुर में पदस्थ थे, उन्हें अधीक्षण अभियंता (परियोजना-वृत्त) बिलासपुर भेजा गया है। वहीं व्हीके तिवारी, जो बिलासपुर परियोजना वृत्त में पदस्थ थे, उनका तबादला मुख्य अभियंता (परियोजना) कार्यालय रायपुर में किया गया है।कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह तबादला आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सभी अधिकारियों को शीघ्र कार्यमुक्त होकर नई पदस्थापना स्थल पर योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं।</description ></item><item><title>कार्यो में देरी व बीच में कार्य रोकने पर निर्माण एजेंसियों पर होगी कार्यवाही, गुणवत्ता पर नहीं होगा किसी प्रकार का क्रमपोमाईज - देवांगन</title><link>https://cnin.co.in/कार्यो-में-देरी-व-बीच-में-कार्य-रोकने-पर/78739</link><description>00 प्रगतिरत विकास कार्यो को समय पर पूर्ण करें, अप्रारंभ कार्यो को शीघ्र प्रारंभ करायें : उद्योग मंत्रीरायपुर। प्रदेश के उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कल नगर निगम कोरबा के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुये कहा है कि निगम क्षेत्र के वार्डो में प्रगतिरत विकास कार्यो को समयसीमा के अंदर पूरा करायें तथा जो कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किये गये हैं, उन्हें शीघ्र प्रारंभ कराये। उन्हेाने कहा कि निर्माण कार्यो को प्रारंभ करने में देरी व कार्य प्रारंभ कर बीच में कार्य रोकने वाली निर्माण एजेंसियों के विरूद्ध कार्यवाही करें, नोटिस दें तथा यदि फिर भी कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो अमानत राशि राजसात करते हुये ऐसे निर्माण एजेंसियों को ब्लेक लिस्ट किये जाने की कार्यवाही भी करें। उन्होने यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि किया जा रहा विकास कार्य पूर्ण गुणवत्तायुक्त है, साथ ही गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का कम्प्रोमाईज न हो, यह भी सुनिश्चित करें।&amp;nbsp;उक्ताशय के निर्देश उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने विकास कार्यो की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। मंत्री श्री देवांगन ने नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोन व सर्वमंगलानगर जोन के अधिकारियों व वार्ड पार्षदों की बैठक लेकर इन दोनों जोन के 20 वार्डो के विकास कार्यो की वार्डवार समीक्षा की। बैंठक के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन भी उपस्थित थे। वर्तमान में दर्री जोन व सर्वमंगलानगर जोन में कुल 166 कार्य स्वीकृत हुये थे, जिसमें दर्री जोन के 14 वार्डो के 112 कार्य स्वीकृत कार्यो में 45 कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, 45 कार्य प्रगतिरत हैं तथा 22 कार्य अभी अप्रारंभ हैं। इसी प्रकार सर्वमंगला नगर जोन के 06 वार्डो के स्वीकृत 54 विकास कार्यो में 28 कार्य पूर्ण, 14 प्रगतिरत व 12 विकास कार्य अप्रारंभ है। अप्रारंभ विकास कार्यो की वार्डवार समीक्षा करते हुय उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि संबंधित निर्माण एजेंसियों को नोटिस दें तथा कार्यो को शीघ्र प्रारंभ करायें, इसी प्रकार प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ कार्य बीच में रूके हुये हैं, इस पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुये अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित निर्माण एजेंसियों को कार्य प्रारंभ करने का नोटिस दें, फिर भी यदि उनके द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो उनकी जमा अमानत राशि राजसात करते हुये उन्हें ब्लेक लिस्टेड किये जाने की कार्यवाही करें। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि विकास व निर्माण कार्यो के संपादन के दौरान संबंधित अभियंतागण कार्यो की निरंतर मानीटरिंग करें, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि विकास कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ संपादित हों तथा कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।विविध निर्माण कार्यो की वार्डवार समीक्षा&amp;nbsp;बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवांगन ने दर्री जोन व सर्वमंगला नगर जोन के वार्डो में विभिन्न मदों जिला खनिज न्यास मद, अधोसंरचना, वित्त आयोग मद, मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, राजस्व व आपदा प्रबंधन, प्रभारी मंत्री मद, विधायक मद, सी.एस.आर. मद, महापौर मद, पार्षद निधि, निगम मद सहित अन्य विभिन्न मदों के अंतर्गत किये जाने वाले सी.सी. रोड निर्माण, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक शेड मंच, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, किचन शेड, अहाता व बाउण्ड्रीवाल, शौचालय निर्माण, उप स्वास्थ्य केन्द्र उन्नयन, अतिरिक्त क क्षों का निर्माण, चबूतरा, सांस्कृतिक मंच निर्माण, कलवर्ट, मुक्तिधाम, घाट पचरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, कांजी हाउस जीर्णोद्धार, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्य तथा विद्युत विस्तार व स्ट्रीट लाईट से जुड़े कार्यो की कार्य प्रगति की वार्डवार समीक्षा की तथा कार्यो की कार्यप्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिये।&amp;nbsp;साफ-सफाई कार्यो में और अधिक कसावट लायें&amp;nbsp;उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन बैठक के दौरान उक्त दोनों जोन के 20 वार्डो की साफ-सफाई व्यवस्था व किये जा रहे सफाई कार्यो की समीक्षा की तथा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि साफ-सफाई कार्यो में और अधिक कसावट लायें। उन्होने कहा कि विगत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे कोरबा ने स्वच्छता रैंकिंग में देश में 08वॉं स्थान प्राप्त किया था, हम सबको मिलकर इस दिशा में और अधिक मेहनत करनी होगी ताकि हमारा कोरबा देश में नम्बर-01 पर आये तथा छत्तीसगढ़ राज्य व ऊर्जानगरी कोरबा का गौरव बढ़े।&amp;nbsp;पेयजल आपूर्ति व स्ट्रीट लाईट से जुड़े कार्यो की समीक्षा&amp;nbsp;बैठक के दौरान उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तथा स्ट्रीट लाईट से जुड़े कार्यो की कार्यप्रगति की समीक्षा की। उन्हेाने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि सभी वार्ड बस्तियो में पेयजल की आपूर्ति निर्वाध रूप से तथा नियत समय में की जाएं, विद्युत अवरोध, पाईप लाईनों की टूट-फूट या किसी अन्य कारणवश किसी वार्ड व बस्ती में पानी की सप्लाई बाधित होती है तो तत्काल टैंकर के माध्यम से वहॉं पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि इस बढ़ती गर्मी में वहॉं के नागरिकों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने निगम द्वारा लगाई जा रही नई स्ट्रीट लाईटों के कार्य में तेजी लाने तथा जिन वार्डो में स्ट्रीट लाईट लगाई जा रही है, उन सभी वार्डो में एक साथ कार्य किये जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।&amp;nbsp;पार्षदगण अनिवार्य व आवश्यक कार्यो के प्रस्ताव मुझे दें&amp;nbsp;समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित वार्ड पार्षदों से उद्योग मंत्री देवांगन ने कहा कि वार्डो में जो कार्य कराये जाने अत्यंत आवश्यक है, उन कार्यो के सूची वे मुझे उपलब्ध करायें, ताकि इन आवश्यक कार्यो के प्राक्कलन तैयार कराकर शासन से स्वीकृति प्राप्त किये जाने की कार्यवाही की जा सके तथा वार्ड के नागरिकों की मंशा व उनकी आवश्यकता के अनुरूप वार्ड में विकास कार्य कराये जा सके।समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें&amp;nbsp;इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जो भी निर्देश प्रदान किये जा रहे हैं, उनका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि निगम के विकास व निर्माण कार्यो, नागरिक सेवाओं व सुविधाओं से जुड़े कार्यो की कार्यप्रगति में तेजी के साथ-साथ आमजन की समस्याओं व शिकायतों पर विशेष रूप से फोकस करें तथा प्राप्त शिकायतों का समयसीमा में निराकरण करायें।&amp;nbsp;बैठक के दौरान अपर आयुक्त विनय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, अजय कुमार चन्द्रा, विनम्र तिवारी, किशन लाल केंवट, जनकसिंह राजपूत, अयोध्याबाई कंवर, सम्मत कुंवर, राधा महंत, फिरतराम साहू, कल्याणीबाई यादव, प्रीति दिनेश शर्मा, सुखविंदर कौर, आरती सिंह, प्रेमकुमार साहू, रामाधार पटेल, बहत्तर सिंह कंवर, कार्यपालन अभियंता राकेश मसीह, दर्री जोन कमिश्नर लीलाधर पटेल, सर्वमंगला नगर जोन कमिश्नर सुनील टांडे, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर, सहायक राजस्व अधिकारी सचिन तिवारी, सहायक अभियंता राहुल मिश्रा, यशवंत जोगी, सुशीलचन्द्र सोनी, रितेश सिंह, प्रमोद जगत, शैलेन्द्र नामदेव, उत्तमदास महंत, महेश्वर सिंह आदि के साथ अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>12 मई को महुआ और जशपुर नगर पालिका में लगेंगे शिविर, समस्याओं का होगा त्वरित समाधान</title><link>https://cnin.co.in/12-मई-को-महुआ-और-जशपुर-नगर-पालिका-में-लगेंगे/78738</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में सुशासन तिहार 2026 के तहत जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में शिविरों का आयोजन जारी है। इसी क्रम में 12 मई 2026 को जशपुर जिले के बगीचा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम महुआ और नगर पालिका परिषद जशपुर में शिविर आयोजित किए जाएंगे।महुआ शिविर में महुआ, सन्ना, तोरा, डोभ, कोपा, लोरो, भादू, बहोरा, लरंगा, भंवर, कामारिमा और कवई के ग्रामीण अपनी समस्याओं व मांगों के आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। जशपुर नगर पालिका शिविर में नगर पालिका परिषद जशपुर के वार्ड क्रमांक 01 से 15 तक के नागरिक शिविर का लाभ ले सकेंगे। सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन शिविरों में देंगे, जिनका मौके पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निवास क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शिविरों के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।</description ></item><item><title>सहायक उपकरण वितरण से दिव्यांगजनों को मिली नई दिशा, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़</title><link>https://cnin.co.in/सहायक-उपकरण-वितरण-से-दिव्यांगजनों-को-मिली-नई/78737</link><description>00 सुशासन की रफ्ताररायपुर। छत्तीसगढ़ शासन का सुशासन तिहार अभियान अब जमीनी स्तर पर जनकल्याण की प्रभावी मिसाल बनता जा रहा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की पहल ने हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। वर्ष 2023 से अब तक विभाग द्वारा 2 हजार से अधिक सहायक उपकरण—जिनमें मोटराइज्ड ट्राइसिकल, ट्राइसाइकिल सहित अन्य उपकरण शामिल हैं—जरूरतमंद हितग्राहियों को प्रदाय किए जा चुके हैं।बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड के ग्राम नागपुरा निवासी 12वीं के छात्र श्री अनिल कुमार, जो 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं, उनके लिए 12 किलोमीटर दूर स्कूल जाना बड़ी चुनौती थी। सुशासन तिहार के समाधान शिविर में समस्या रखने पर उन्हें मौके पर ही मोटराइज्ड ट्राइसिकल प्रदान की गई। अब वे बिना किसी सहारे के समय पर स्कूल पहुँचकर अपनी पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं।धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला निवासी जीवन लाल साहू, जो वर्षों से घुटनों के बल चलने को मजबूर थे, उन्हें सुशासन तिहार के शिविर में नि:शुल्क ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। अब वे खेतों तक आसानी से पहुँचने के साथ सामाजिक जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके लिए यह उपकरण आत्मसम्मान और स्वतंत्रता का प्रतीक बन गया है।जशपुर जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम भुइयापानी निवासी विनोद मिंज को भी जनसमस्या निवारण शिविर में मोटराइज्ड ट्राइसिकल प्रदान की गई। इससे उनके आवागमन की समस्या दूर हुई है और वे अब दैनिक कार्यों के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग ले पा रहे हैं। इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं। समाज कल्याण विभाग की त्वरित कार्यवाही और प्रशासन की संवेदनशीलता ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले। सहायक उपकरण वितरण की यह पहल न केवल सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि आत्मविश्वास और स्वाभिमान को भी नई ऊँचाई दे रही है।नई उम्मीद, नया विश्वासअनिल, जीवन लाल और विनोद जैसे अनेक हितग्राही इस बात के प्रमाण हैं कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता और तत्परता से लागू होती हैं, तो जीवन की कठिन राहें भी आसान हो जाती हैं। सुशासन तिहार आज प्रदेश में उम्मीद, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी गढ़ रहा है।</description ></item><item><title>किलकिला शिविर में 7 हितग्राहियों को मिला पेंशन स्वीकृति आदेश</title><link>https://cnin.co.in/किलकिला-शिविर-में-7-हितग्राहियों-को-मिला/78736</link><description>00 दिव्यांग हितग्राही को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र, जनप्रतिनिधियों ने वितरित किए स्वीकृति पत्ररायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा हैइसी क्रम में जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम किलकिला में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में 7 पात्र हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के स्वीकृति आदेश वितरित किए गए। इसके साथ ही एक दिव्यांग हितग्राही को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश और सहायक सामग्री वितरित करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। लाभ प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर नागरिकों की समस्याएं सुन रहा है और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। साथ ही जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ मौके पर उपलब्ध कराकर शासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को साकार किया जा रहा है।</description ></item><item><title>खड़गवां थाना के ग्राम मंगोरा में खेतों के बीच उगाए गए 36 पौधे जब्त</title><link>https://cnin.co.in/खड़गवां-थाना-के-ग्राम-मंगोरा-में-खेतों-के-बीच/78735</link><description>मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी। खड़गवां पुलिस ने ग्राम पंचायत मंगोरा में हो रही गांजे की खेती का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से गांजे के 36 पौधे जब्त किए।पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत मंगोरा में गांजे की खेती किए जाने की सूचना मिलने के बाद टीम ने छापेमारी की और मौके से गांजे के 36 पौधे जब्त किए। इसी के साथ ही पुलिस ने सर्वजीत नाम के एक आरोपी को भी पकड़ा है, जिसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह से गांजे के पौधों को अन्य पौधों के बीच में लगाया गया है। फिलहाल आगे की कार्रवाई जारी है।</description ></item><item><title>गर्म पानी से झुलसे बच्चे को पुलिस ने मेकॉज में करवाया भर्ती</title><link>https://cnin.co.in/गर्म-पानी-से-झुलसे-बच्चे-को-पुलिस-ने-मेकॉज/78734</link><description>जगदलपुर। जिले के परपा थाना क्षेत्र अंर्तगत ग्राम हाटपदमुर में रविवार को सवा साल का बच्चा खेलने के दौरान गर्म पानी को अपने ऊपर गिरा लिया। इस घटना में बच्चा झुलस गया। परिजनों ने मदद की गुहार लगाई, परपा थाने में पदस्थ पुलिस के जवानों ने मौके पर पंहुचकर तत्काल बच्चे को उपचार के लिए मेकॉज में भर्ती कराया।ग्राम हातपदमुर निवासी राजमन बघेल का बच्चा छोटू बघेल उम्र एक वर्ष दो माह जो घर आंगन में खेल रहा था। उसी आंगन में मां खाना बना रही थी। आंगन में खेलने के दौरान छोटू ने गरम पानी को हाथों से खींच लिया। जिससे कि गर्म पानी बच्चे के ऊपर गिर गया। बच्चे की आवाज को सुनकर उसकी मां ने आस-पास के लोगों को घटना की जानकारी देकर परिजनों ने मदद की गुहार लगाई। परपा थाना के पुलिस के जवानों ने बिना देर किए बच्चे को बेहतर उपचार के लिए पहले पास के स्वास्थ्य केंद्र ले गए। बच्चे की हालत को देख उसे बेहतर उपचार के लिए मेकॉज रेफर कर दिया गया है। जहां चिकित्सकों ने उपचार के बाद उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया। बच्चे को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मिलने पर परिजनों ने पुलिस के जवानों का धन्यवाद ज्ञापित किया।</description ></item><item><title>शैक्षणिक भ्रमण में बाल गृह के बच्चों ने जाना बस्तर की संस्कृति और इतिहास</title><link>https://cnin.co.in/शैक्षणिक-भ्रमण-में-बाल-गृह-के-बच्चों-ने-जाना/78733</link><description>जगदलपुर। बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई के मार्गदर्शन एवं कैटलिस्ट फॉर सोशल एक्शन के सहयोग से एक दिवसीय ग्रीष्मकालीन शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह भ्रमणबाल गृह बालक एवं बालिका में निवासरत देखरेख, संरक्षण एवं आवश्यकता वाले बच्चों के लिए आयोजित किया गया।&amp;nbsp;भ्रमण के दौरान बच्चों को कलेक्टर कार्यालय भी ले जाया गया, जहां उनकी मुलाकात अपर कलेक्टर बस्तर सी.पी. बघेल से हुई। अपर कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीयता के साथ चर्चा करते हुए उन्हें जीवन में शिक्षा, अनुशासन एवं आत्मविश्वास के महत्व के बारे में प्रेरणादायी बातें बताईं। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित किया। कलेक्टर कार्यालय में मुलाकात के बाद बच्चे काफी उत्साहित एवं प्रेरित नजर आए।शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चों को बस्तर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक धरोहरों से परिचित कराया गया। बच्चों को पुराना तहसील कार्यालय स्थित दशहरा पसरा ले जाया गया, जहां उन्होंने बस्तर दशहरा की आकर्षक झांकियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर अर्जुन श्रीवास्तव ने बच्चों को विश्व प्रसिद्ध 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा पर्व की परंपरा, इतिहास एवं सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात बच्चों ने पुरातत्व संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां उन्होंने बस्तर की प्राचीन संस्कृति और पुरातात्विक धरोहरों से जुड़ी वस्तुओं को देखा। उपस्थित कर्मचारियों ने संग्रहालय में रखी गई ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक सामग्रियों की जानकारी बच्चों को सरल एवं रोचक तरीके से समझाया।इसके बाद बच्चों ने आमगुड़ा स्थित जनजातीय गौरव वाटिका का भ्रमण किया, जहां उन्हें पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस दौरान बच्चों को वृक्षारोपण के महत्व एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में पेड़ों की भूमिका के बारे में भी समझाया गया। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्राही, सदस्य श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव, श्रीमती धनेश्वरी वर्मा, रामकृष्ण ठाकुर, संतोष जोशी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. विजय शंकर शर्मा, संस्थागत अधिकारी मनोज कांत जोशी, सीएसए के प्रोग्राम अधिकारी योगेश ठाकुर, सुनीता देवांगन, महेश्वरी सरवन, सरिता दुबे, मंगली कुंजाम, इंद्रा पद्माकर, सोमनाथ बघेल, सुभम माली, रुचि माली, सत्यजीत शर्मा,सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>आईटीबीपी ने ग्रामीणों के सहयोग से 60 मीटर लंबा लकड़ी-बांस का पुल बनाया</title><link>https://cnin.co.in/आईटीबीपी-ने-ग्रामीणों-के-सहयोग-से-60-मीटर-लंबा/78732</link><description>नारायणपुर। जिले के अतिसंवेदनशील और दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र अंर्तगत ओरछा थाना क्षेत्र से लगभग 20 किलोमीटर दूर कुड़मेल गांव के पास आईटीबीपी की 38वीं बटालियन ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से लगभग 60 मीटर लंबा लकड़ी और बांस का पुल बनाकर अवगमन का मार्ग प्रशस्त कर ग्रामीणों को राहत प्रदान की है। स्थानीय लकड़ी और बांस से निर्मित यह पुल केवल पैदल आवाजाही तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे इतना मजबूत बनाया गया है कि इस पर मोटरसाइकिल भी सुरक्षित रूप से गुजर सकती है। इस पुल के निर्माण से अब ग्रामीणों और सुरक्षा बलों को वर्षभर सुरक्षित संपर्क सुविधा मिलेगी।&amp;nbsp;दरअसल बरसात के दौरान नाले में तेज बहाव के कारण यहां आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। इस समस्या के कारण ग्रामीणों का महीनों तक बाहरी दुनिया से संपर्क खत्म हो जाता था तथा सुरक्षाबलों की परिचालन गतिविधियां भी प्रभावित होती थीं। राशन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना बेहद कठिन हो जाता था। आगामी बरसात के मौसम की गंभीर प्रतिकूलताओं को ध्यान में रखते हुए त्वरित स्तर पर पक्का पुल बनना संभव प्रतीत नहीं हो रहा था। ऐसी परिस्थिति में 38वीं वाहिनी आईटीबीपी ने अनूठी पहल करते हुए इस चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरा करने का निर्णय लिया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया।</description ></item><item><title>माझीकुटनी गांव के खलिहान में लगी आग, मक्के की फसल जलकर हुआ खाक</title><link>https://cnin.co.in/माझीकुटनी-गांव-के-खलिहान-में-लगी-आग,-मक्के-की/78731</link><description>कांकेर। जिले के पखांजूर विकासखंड़ के माझीकुटनी गांव के एक किसान के खेत में खलिहान में सुरक्षित रखी मक्के की फसल में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया। कर्ज के सहारे खेती करने वाले पीडि़त किसान प्रशासन से मुआवजा और आर्थिक सहायता की मांग कर रहा है।मिली जानकारी के अनुसार किसान ने इस बार मक्के के चार पैकेट बीज लगाए थे और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, ताकि बैंक का कर्ज चुकाने के साथ परिवार का खर्च भी चल सके। लेकिन आग की इस घटना ने उसकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पीडि़त किसान ने बताया कि, बैंक से लोन लेकर मक्का की खेती की थी। छह महीने की मेहनत के बाद फसल तैयार हुई और खलिहान में रखी गई थी, लेकिन अचानक आग लगने से पूरा मक्का जलकर नष्ट हो गया। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना में खेत में रखा पूरा मक्का जल गया, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।</description ></item><item><title>सुशासन तिहार 2026 : सुपोषण की ओर सशक्त कदम, मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मिला नया संबल</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-तिहार-2026-:-सुपोषण-की-ओर-सशक्त-कदम,-मातृ/78730</link><description>00 प्रदेशभर में शिविरों के माध्यम से बढ़ी जागरूकता, हितग्राहियों को मिल रहा सीधा लाभरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्रदेशभर में जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का त्वरित और प्रभावी लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव डाला है।इसी क्रम में राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम आसरा में आयोजित शिविर में गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को सुपोषण के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें सुपोषण किट वितरित किए गए। हितग्राही श्रीमती महेश्वरी साहू एवं श्रीमती पुष्पलता साहू ने किट प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस पहल से माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी।राजनांदगाव जिले में पोठ लईका अभियान के तहत पालक चौपालों का आयोजन कर गर्भवती एवं धात्री माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार की जानकारी दी जा रही है। शिविरों में सुपोषण कलश के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों जैसे मुनगा, हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें एवं प्रोटीनयुक्त आहार के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही तिरंगा भोजन की अवधारणा के माध्यम से संतुलित आहार के महत्व को सरल तरीके से समझाया जा रहा है, जिससे आमजन आसानी से इसे अपने दैनिक जीवन में अपना सकें। सुशासन तिहार के इन प्रयासों से प्रदेश में न केवल योजनाओं की पहुंच सुदूर क्षेत्रों तक सुनिश्चित हो रही है, बल्कि जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी तेजी से बढ़ रही है, जो एक स्वस्थ एवं सशक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</description ></item><item><title>दपूमरे महाप्रबंधक तरुण ने बिलासपुर- रायपुर रेलखंड का संरक्षा निरीक्षण किया</title><link>https://cnin.co.in/दपूमरे-महाप्रबंधक-तरुण-ने-बिलासपुर--रायपुर/78729</link><description>रायपुर। तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा रायपुर मंडल के बिलासपुर - रायपुर रेलखंड का एक दिवसीय संरक्षा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में महाप्रबंधक ने रेल संरक्षा, परिचालन, कार्य प्रणाली, स्टेशन रि-डेवलपमेंट, अमृत भारत स्टेशन परियोजना कार्यो एवं यात्री सुविधाओं की समग्र समीक्षा की। इस निरीक्षण पर बिलासपुर मुख्यालय के प्रधान विभागाध्यक्ष एवं मुख्य अधिकारीगण , मंडल रेल प्रबंधक रायपुर श्री दयानंद सहित मंडल के वरिष्ठ शाखाधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित थे।संरक्षा निरीक्षण की शुरुआत दाधापारा स्टेशन से हुई। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक महोदय ने चौथी रेलवे लाइन कंस्ट्रक्शन , बिल्हा रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन रि-डेवलपमेंट में किए जा रहे कार्यों का गहन निरीक्षण कर उसका जायजा लिया एवं गुणवत्ता संबंधित गतिविधियों पर चर्चा की गई। किए जा रहे कार्यों से संबंधित निर्देश अधिकारियों को दिए एवं रेलवे वे ब्रिज, दगोरी - निपनिया स्टेशनों के मध्य मेजर ब्रिज शिवनाथ ब्रिज पर मिडिल लाइन का गहनता से निरीक्षण एवं ट्रैक मेंटेनेंस गैंग स्टाफ से प्रत्यक्ष संवाद किया गया। उन्होंने कर्मचारियों से कार्य में आने वाली चुनौतियों, संसाधनों की उपलब्धता और संरक्षा मानकों के पालन के विषय में जानकारी ली। ट्रैक अनुरक्षण की गुणवत्ता में सुधार हेतु कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। निपनिया रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रि-डेवलपमेंट कार्य ,माइनर स्टेशन एवं माइनर यार्ड का निरीक्षण किया गया। स्टेशन पर उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था मूलभूत आवश्यकताओं की समीक्षा की। निपनिया - भाटापारा स्टेशनों के मध्य इंजीनियरिंग लेवल क्रॉसिंग गेट एवं ऑटो हट का निरीक्षण किया गया।संरक्षा निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक महोदय ने भाटापारा रेलवे स्टेशन पर गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान मेजर स्टेशन , मेजर यार्ड, आर.आर.आई , रनिंग रूम लॉबी, गुड्स शेड , आरपीएफ पोस्ट, रेलवे कॉलोनी, कैरीज एंड वैगन पॉइंट, स्टोर , डिस्पेंसरी का निरीक्षण एवं नवनिर्मित स्टाफ क्वार्टर टाइप-ढ्ढढ्ढ ब्लाक का शुभारंभ किया गया। महाप्रबंधक महोदय ने रेलवे कॉलोनी का निरीक्षण के दौरान कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों की मूलभूत आवश्यकताओं की समीक्षा की एवं उनसे संवाद भी किया एवं भाटापारा स्टेशन स्थित रनिंग रूम एवं लॉबी का निरीक्षण , रनिंग स्टाफ को दी जाने वाली सुविधाओं का गहन जायजा लिया। उन्होंने रनिंग रूम की स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं, विश्राम व्यवस्था एवं सेफ्टी मानकों की जांच की, कर्मचारियों की मूलभूत आवश्यकताओं की समीक्षा की एवं उनसे संवाद भी किया।इसी कड़ी में भाटापारा - हथबंद स्टेशन के मध्य नॉन - इंटरलॉकिंग , हथबंद और तिल्दा स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रि-डेवलपमेंट किए जा रहे कार्यों , का गहनता से निरीक्षण एवं निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन पर उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था मूलभूत आवश्यकताओं की समीक्षा की।दाधापारा से रायपुर रेलवे स्टेशन के बीच बिल्हा रेलवे स्टेशन पर माननीय विधायक श्री धरमलाल कौशिक, भाटापारा रेलवे स्टेशन पर माननीय विधायक श्री इंद्र कुमार साव, रायपुर रेलवे स्टेशन पर माननीय सांसद राज्यसभा श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, माननीय विधायक श्री राजेश मूणत अन्य जनप्रतिनिधियों ने महाप्रबंधक महोदय से मुलाकात कर रायपुर शहर की रेलवे स्टेशन से कनेक्टिविटी एवं अन्य विकासात्मक विषयों पर चर्चा की।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक द्वारा रेल कर्मचारियों के यूनियनों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं डीआरयूसीसी/जेडआरयूसीसी सदस्यों, प्रेस एवं मीडिया सदस्यों से भी अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रि-डेवलपमेंट किए जा रहे कार्यों , ट्रेनों की समयबद्धता, नई रेल सेवाओं, ठहराव, विस्तार, और यात्री सुविधाओं से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। इस निरीक्षण के माध्यम से रेल खंड की संरक्षा, संरचनात्मक गुणवत्ता, यात्री सेवा, वाणिज्यिक उपयोग एवं विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया गया, जिससे भविष्य की योजनाओं एवं सुधारात्मक कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।</description ></item><item><title>महिला कबड्डी : भाजपा महिला मोर्चा की टीम को आठ प्वाइंट से परास्त कर महाराष्ट्र मंडल विजेता</title><link>https://cnin.co.in/महिला-कबड्डी-:-भाजपा-महिला-मोर्चा-की-टीम-को-आठ/78728</link><description>रायपुर। क्रीड़ा भारती छत्तीसगढ़ प्रांत की महिला कबड्डी प्रतियोगिता में महाराष्ट्र मंडल की टीम ने भाजपा महिला मोर्चा की टीम को हराकर आठ प्वाइंट से जीत दर्ज की। क्रीड़ा भारती की ओर से स्पर्धा का आयोजन झूलेलाल धाम कटोरा तालाब में किया गया। वहीं बालिकाओं की नौ अलग- अलग टीमों ने भी स्पर्धा में भाग लिया।महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि क्रीड़ा भारती द्वारा नारी सशक्तिकरण और महिला खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक सराहनीय प्रयास है। शनिवार को स्पर्धा का शुभारंभ रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी ने किया। इस अवसर पर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थीं।स्पर्धा में महिलाओं की दो टीमों ने भाग लिया। इसमें पहली टीम भाजपा महिला मोर्चा की थी और दूसरी टीम महाराष्ट्र मंडल रायपुर की। कबड्डी 10-10 मिनट के दो राउंड में खेला गया। पहले राउंड में महाराष्ट्र मंडल की टीम ने यह स्पर्धा आठ प्वाइंट से अपने नाम कर ली।महाराष्ट्र मंडल की विजयी टीम को संजय शर्मा ने नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया। टीम में मालती मिश्रा कप्तान, गीता दलाल, वंदना पाटिल, मानसी विठ्ठलकर, कांचन पुसदकर, सीमा तीगगा, अपर्णा देशमुख शामिल रहीं। वहीं टीम की मैनेजर विशाखा तोपखानेवाले थीं।</description ></item><item><title>टिकट चेकिंग अभियान में बिलासपुर मंडल ने बनाया नया रिकार्ड, 1 दिन में 14 लाख 53 हजार 645 वसूले गये जुर्माना</title><link>https://cnin.co.in/टिकट-चेकिंग-अभियान-में-बिलासपुर-मंडल-ने/78727</link><description>रायपुर/बिलासपुर। टिकटधारी यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा को ध्यान में रखते हुए एवं यात्रियों को टिकट लेकर यात्रा करने के प्रति जागरूक करने तथा गाडियों में बेटिकट यात्रियों की रोकथाम हेतु मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा प्रतिदिन टिकट चेकिंग अभियान चलाया जाता है। इसी संदर्भ में प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबन्धक के आदेशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह के मार्गदर्शन में 7 मई को मंडल वाणिज्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा टिकट चेकिंग अभियान चलाकर अब तक की सर्वाधिक वसूली की गई।उक्त दिनांक को टिकट चेकिंग अभियान से कुल 2147 मामलों से 14 लाख 53 हजार 645 रूपये बतौर जुर्माना वसूला गया। जिसमें बिना टिकट के 1162 मामलों से 9,72,535 रूपये अनियमित टिकट के 683 मामलों से 3,67,245 रूपये, बिना बुक किये गये लगेज के 40 मामलों से 4,280 रूपये, टिकट श्रेणी परिवर्तन के 246 मामलों से 1,07,935 रूपये तथा गंदगी फैलाने के 16 मामलों से 1,650 रूपये शामिल हैं जो कि मंडल में अभी तक प्रतिदिन टिकट चेकिंग अभियान से जुर्माने की सर्वाधिक वसूली है। इसके पूर्व 3 मई को कुल 2112 मामलों से 14 लाख 28 हजार 542 रूपये की वसूली की गई थी।</description ></item><item><title>त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन-2026 हेतु रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसरों की नियुक्ति</title><link>https://cnin.co.in/त्रिस्तरीय-पंचायत-उप-निर्वाचन-2026-हेतु/78726</link><description>खैरागढ़। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) श्री इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के अध्याय-5 के नियम 20 एवं 21 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन 2026 के लिए पंच पद निर्वाचन हेतु जनपद पंचायतवार रिटर्निंग ऑफिसर एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।जारी आदेश के अनुसार जनपद पंचायत खैरागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत अमलीडीह कला वार्ड क्रमांक 17, दिलीपपुर वार्ड क्रमांक 10 तथा टेकापार वार्ड क्रमांक 03 के पंच निर्वाचन हेतु श्रीमती पूजा पींचा, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी तहसीलदार खैरागढ़ को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार जनपद पंचायत छुईखदान अंतर्गत ग्राम पंचायत पैलीगेटा वार्ड क्रमांक 11 के पंच निर्वाचन हेतु श्रीमती नेहा ध्रुव, तहसीलदार गंडई को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में जनपद पंचायत खैरागढ़ के लिए श्री हिमांशु गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत खैरागढ़ तथा जनपद पंचायत छुईखदान के लिए श्रीमती केश्वरी देवांगन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत छुईखदान को नियुक्त किया गया है।</description ></item><item><title>नेशनल लोक अदालत में 95 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण</title><link>https://cnin.co.in/नेशनल-लोक-अदालत-में-95-हजार-से-अधिक-प्रकरणों-का/78725</link><description>गरियाबंद। जिला एवं अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद सहित जिले के सभी व्यवहार एवं राजस्व न्यायालयों में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश पर आयोजित इस लोक अदालत में कुल 95 हजार 326 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा 85 लाख 86 हजार 538 रुपये की राशि का एवार्ड एवं रिकवरी कराई गई।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर श्री बलराम प्रसाद वर्मा के निर्देशानुसार आयोजित लोक अदालत में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश गरियाबंद एवं तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष श्री बी.आर. साहू, अपर सत्र न्यायाधीश एफटीएससी गरियाबंद श्रीमती गंगा पटेल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गरियाबंद कु. खुशबू जैन, न्यायिक मजिस्ट्रेट वरिष्ठ श्रेणी देवभोग श्रीमती कांची अग्रवाल तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राजिम श्री अंशुल वर्मा की खंडपीठों में विभिन्न प्रकरणों का निराकरण किया गया।श्री बी.आर. साहू की खंडपीठ में लंबित और प्री-लिटिगेशन सहित 45 प्रकरणों का निराकरण कर 50 लाख 55 हजार 758 रुपये का एवार्ड पारित किया गया। श्रीमती गंगा पटेल की खंडपीठ में 42 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण कर 4 लाख 92 हजार 978 रुपये की राशि अदा कराई गई। कु. खुशबू जैन की खंडपीठ में 415 मामलों का निराकरण कर 5 लाख 90 हजार 600 रुपये की राशि दिलाई गई। श्रीमती कांची अग्रवाल की खंडपीठ में 1052 प्रकरणों का निराकरण कर 6 लाख 63 हजार 770 रुपये तथा श्री अंशुल वर्मा की खंडपीठ में 547 प्रकरणों का निराकरण कर 17 लाख 83 हजार 432 रुपये की राशि अदा कराई गई।इसके अलावा जिले के राजस्व न्यायालयों में 93 हजार 225 प्रकरणों का निराकरण किया गया। लोक अदालत के दौरान महिला एवं बाल विकास, उद्यानिकी, स्वास्थ्य विभाग, बैंक, विद्युत विभाग एवं नगरपालिका द्वारा स्टॉल लगाए गए। स्वास्थ्य परीक्षण, योजनाओं की जानकारी एवं पौधों का वितरण भी किया गया। न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निराकरण कराने के निर्देश दिए। लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों, पैरालीगल वालेंटियर्स एवं संबंधित विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।</description ></item><item><title>समयसीमा और गुणवत्ता पर फोकस: मंत्री राजवाड़े ने सड़क निर्माण कार्य का किया निरीक्षण</title><link>https://cnin.co.in/समयसीमा-और-गुणवत्ता-पर-फोकस:-मंत्री-राजवाड़े/78724</link><description>रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिलफिली-लटोरी मार्ग पर निर्माणाधीन सड़क कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन और आम नागरिकों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम रखने के भी निर्देश दिए।</description ></item><item><title>मातृ दिवस पर मंत्री राजवाड़े ने दी शुभकामनाएँ</title><link>https://cnin.co.in/मातृ-दिवस-पर-मंत्री-राजवाड़े-ने-दी/78723</link><description>रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की समस्त माताओं को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि माँ जीवन की प्रथम गुरु, सबसे बड़ी प्रेरणा और हर परिस्थिति में अटूट संबल होती हैं। माँ का निस्वार्थ प्रेम, त्याग और आशीर्वाद ही परिवार, समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। मातृशक्ति के स्नेह और संस्कारों से ही समाज में संवेदनशीलता, नैतिकता और मानवता का विकास होता है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि माताओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए शासन निरंतर प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित किया जा रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए माताओं को आर्थिक एवं सामाजिक संबल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्त माँ ही सशक्त परिवार, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है, इसलिए मातृशक्ति का सम्मान और उत्थान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।</description ></item><item><title>आस्था, इतिहास और स्वाभिमान का संगम: डीपाडीह में कल सजेगा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व</title><link>https://cnin.co.in/आस्था,-इतिहास-और-स्वाभिमान-का-संगम:-डीपाडीह/78722</link><description>रायपुर। हजार वर्षों की अटूट आस्था, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत बलरामपुर जिले का ऐतिहासिक स्थल डीपाडीह सामंत सरना 11 मई 2026 को एक विशेष आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का साक्षी बनेगा। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक मनाए जा रहे इस राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव का उद्देश्य देश की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और आस्था के अमर प्रतीकों को जन-जन से जोडऩा है।प्राचीन स्थापत्य, पुरातात्विक महत्व और आदिवासी सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध डीपाडीह में आयोजित यह कार्यक्रम अतीत की गौरवगाथाओं को वर्तमान से जोड़ते हुए नई पीढ़ी में सांस्कृतिक जागरूकता और स्वाभिमान की भावना को सशक्त करेगा। यह आयोजन न केवल श्रद्धा का उत्सव होगा, बल्कि अपनी जड़ों से जुडऩे और इतिहास को आत्मसात करने का अवसर भी प्रदान करेगा। कलेक्टर के निर्देश एवं जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर समन्वय स्थापित किया गया है।कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शंकरगढ़ अनमोल विवेक टोप्पो को नोडल अधिकारी तथा जनपद पंचायत सीईओ श्री वेद प्रकाश पांडे को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। टेंट, साउंड, बैठक व्यवस्था, पेयजल सहित मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए विद्युत विभाग, स्वास्थ्य सेवाओं हेतु चिकित्सा दल, तथा मंचीय एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए शिक्षा विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। आदिवासी विकास विभाग द्वारा स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि एनआरएलएम के माध्यम से स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुनिश्चित किया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बन सकेंगे । ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह आयोजन आस्था और इतिहास के संगम के रूप में न केवल जिले की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करेगा, बल्कि समाज में एकता, गौरव और अपने अतीत के प्रति सम्मान की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-साय-हरिनाम-संकीर्तन-नामयज्ञ-में/78721</link><description>00 श्री जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामनारायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने हरिनाम संकीर्तन की परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोडऩे के साथ-साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे।</description ></item><item><title>मालवाहक से 19 भैंस बरामद, पशु तस्कर मौके से फरार</title><link>https://cnin.co.in/मालवाहक-से-19-भैंस-बरामद,-पशु-तस्कर-मौके-से-फरार/78720</link><description>रायपुर। ग्राम गुल्लू और गुदगुदा के बीच संदिग्ध अवस्था में खड़े एक मालवाहक वाहन से आरंग पुलिस ने 19 भैंस बरामद किया है। बताया जाता है कि पुलिस के आने की भनक लगते ही चालक और उसके साथी वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है।आरंग पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम गुल्लू और गुदगुदा के मध्य मुख्य मार्ग पर एक मालवाहक गाड़ी (क्रमांक यूपी 83 सीटी 8790) काफी देर से संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी है. सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची. जब पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वाहन की तलाशी ली, तो गाड़ी के पास या अंदर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था. बताया जाता है कि पुलिस के आने की भनक लगते ही चालक और उसके साथी वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए. वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस दंग रह गई. मालवाहक के भीतर बेहद क्रूरता के साथ 19 भैंस ठूस-ठूस कर बांधी गई थीं.&amp;nbsp;पुलिस ने तत्काल सभी मवेशियों को वाहन से बाहर निकाला और सुरक्षित आरंग नगर पालिका के कांजीहाउस भिजवाया, जहां उनके चारे और पानी की व्यवस्था की गई है. आरंग पुलिस ने उत्तर प्रदेश पासिंग नंबर वाले उक्त मालवाहक वाहन को जब्त कर लिया है. प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला अंतरराज्यीय पशु तस्करी से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है.&amp;nbsp;मामले में आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू का कहना है कि अज्ञात वाहन चालक और तस्करों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है. वाहन के नंबर के आधार पर मालिक और चालक की तलाश की जा रही है. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.</description ></item><item><title>एसईसीएल और सिपेट की पहल: 1000 युवाओं को मिलेगा नि:शुल्क आवासीय कौशल प्रशिक्षण और रोजगार अवसर</title><link>https://cnin.co.in/एसईसीएल-और-सिपेट-की-पहल:-1000-युवाओं-को-मिलेगा/78719</link><description>रायपुर। प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर रोजगार से जोडऩे की दिशा में मेसर्स साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) बिलासपुर और केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) रायपुर द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके अंतर्गत 1000 जरूरतमंद युवाओं के लिए 4 माह का पूर्णत: नि:शुल्क आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।जिला रोजगार अधिकारी बलरामपुर ने बताया कि यह प्रशिक्षण बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, सरगुजा, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा एवं रायगढ़ जिले के स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए उपलब्ध रहेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता अनुसार तकनीकी दक्षता प्रदान कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मशीन ऑपरेटर-प्लास्टिक प्रोसेसिंग, मशीन ऑपरेटर इंजेक्शन मोल्डिंग, मशीन ऑपरेटर-ब्लो मोल्डिंग, मशीन ऑपरेटर-प्लास्टिक एक्सट्रूजन, मशीन ऑपरेटर टूल रूम, मशीन ऑपरेटर एवं प्रोग्रामर सीएनसी लेथ तथा मशीन ऑपरेटर एवं प्रोग्रामर सीएनसी मिलिंग जैसे तकनीकी पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। साथ ही आवास, भोजन एवं प्रशिक्षण की संपूर्ण व्यवस्था पूर्णत: नि:शुल्क रहेगी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।इच्छुक अभ्यर्थी पंजीयन एवं काउंसलिंग संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए सिपेट के नोडल अधिकारी श्री नीरज कुमार सार्बो (मोबाइल नंबर 9993788497) एवं श्री गेंदा लाल दीवान (मोबाइल नंबर 9589566641) से संपर्क कर सकते हैं।</description ></item><item><title>खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध रेत परिवहन करते 2 माजदा वाहन जप्त</title><link>https://cnin.co.in/खनिज-विभाग-की-बड़ी-कार्रवाई,-अवैध-रेत-परिवहन/78718</link><description>राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने कुमरदा एवं डोंगरगांव क्षेत्र अंतर्गत शिवनाथ नदी किनारे स्थित ग्राम मोतीपुर, नांदिया और धनगांव में निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया।जांच के दौरान ग्रामीणों की उपस्थिति में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम मोतीपुर स्थित शिवनाथ नदी से अवैध रूप से रेत खनन कर लगभग 500 मीटर दूर पानी टंकी के पास करीब 18 ट्रिप रेत का अवैध भण्डारण किया गया था। टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए अवैध भण्डारण से रेत का परिवहन कर रहे 2 माजदा वाहनों को जप्त कर थाना डोंगरगांव के सुपुर्द कर दिया।खनिज अधिकारी ने बताया कि मोतीपुर कुमरदा निवासी लोकेश निर्मलकर के स्वामित्व वाले माजदा वाहन क्रमांक सीजी 04 आरएल 7909, जिसे चालक रेखचंद चला रहा था, तथा शंकर देवांगन के स्वामित्व वाले माजदा वाहन क्रमांक सीजी 09 जेसी 0764, जिसे चालक सोमेश नायक संचालित कर रहा था, द्वारा अवैध रूप से भण्डारित रेत का परिवहन किया जा रहा था। दोनों प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर रोक लगाने के लिए लगातार गश्त, निगरानी और सघन जांच अभियान जारी रहेगा।</description ></item><item><title>पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने वाला फरार पति गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/पत्नी-की-गला-घोंटकर-हत्या-करने-वाला-फरार-पति/78717</link><description>रायपुर। 28 अप्रैल को पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर फरार पति को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।&amp;nbsp;पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृतका की पहचान पार्वती साहू के रूप में हुई है, जो कि छुईया तालाब के पास किराए के मकान में रहती थी। 28 अप्रैल को वो अचेत अवस्था में मिली थी, जिसके बाद उसे मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद डॉक्टर ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराया और 8 मई को गला घोंटकर हत्या की पुष्टी होने के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 234/26 धारा 103(1) बी.एन.एस. के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।पुलिस ने जब मामले की जांच शुरु की तो पता चला कि मृतका को आखिरी बार उसके पति ललित उर्फ विक्की साहू (30) के साथ देखा गया था और घटना के बाद से वो भी लापता था। ऐसे में पुलिस ने उसकी खोजबीन की और उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसका पार्वती के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था और घटना वाले दिन भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने गुस्से में आकर कपड़े से मृतका का गला घोंट दिया था।</description ></item><item><title>डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार की ठगी, राजस्थान से दो गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/डिजिटल-अरेस्ट-के-नाम-पर-1-करोड़-4-लाख-80-हजार-की/78716</link><description>बिलासपुर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया है।पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने एक महिला को पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का डर दिखाकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया। मामले में रेंज साइबर थाना बिलासपुर में केस दर्ज किया गया है। पीडि़ता के परिवार द्वारा दर्ज रिपोर्ट के अनुसार महिला के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को संजय क्कस्ढ्ढ बताया। आरोपी ने महिला को कहा कि उनका नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले में सामने आया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए महिला को घंटों तक तथाकथित डिजिटल अरेस्ट में रखा गया।लगातार डर और दबाव के चलते महिला आरोपियों के झांसे में आ गई। आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में अलग-अलग तिथियों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। इतना ही नहीं, आरोपियों द्वारा केस खत्म कराने के नाम पर अतिरिक्त 50 लाख रुपये की मांग भी की जा रही थी। बाद में महिला ने अपने पुत्र को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद मामला सामने आया और साइबर थाना बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई गई।प्रकरण दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम कई लेयर वाले बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के चुरू जिले से दो आरोपियों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रूपेन्द्र सिंह (21) और विशाल सिंह (20) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे और ठगी की रकम निकालकर अन्य लोगों तक पहुंचाई थी।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले में अन्य आरोपियों और साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े खातों की जांच जारी है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक गोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी गगन कुमार के निर्देशन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम ने की।</description ></item><item><title>रोटरी क्लब व महावीर विकलांग सेवा द्वारा सक्षम कृत्रिम हाथ-पैर शिविर का किया आयोजन</title><link>https://cnin.co.in/रोटरी-क्लब-व-महावीर-विकलांग-सेवा-द्वारा/78715</link><description>जगदलपुर। रोटरी क्लब जगदलपुर एवं भगवान महावीर विकलांग सेवा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को सक्षम कृत्रिम हाथ एवं पैर शिविर का आयोजन किया गया। यह विशेष शिविर नक्सल प्रभावित पीडि़तों एवं दिव्यांगजनों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें बीजापुर, सुकमा एवं कोंडागांव जिलों से पीडि़तजन पहुंचे। शिविर में जरूरतमंदों को कृत्रिम हाथ एवं पैर के साथ-साथ व्हीलचेयर एवं ट्राई साइकिल भी प्रदान की गई, जिससे उनके जीवन को नई दिशा एवं आत्मविश्वास मिल सके।इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से बस्तर पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. , जिलाधिकारी आकाश छिकारा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस उप महानिरीक्षक अरुण कुमार, एवं सहायक पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग उपस्थित रहे। रोटरी क्लब जगदलपुर की ओर से अध्यक्ष राहुल जैन, सचिव अमरदीप सोढ़ी, कार्यक्रम चेयरमैन गौतम पारख, किशोर पारख, अर्चना जैन, राहुल मोदी, नितेश चौहान, नवीन भावसार, सौरभ अरोरा, निखिल दीवान एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी रोटरी क्लब चेयरमैन संग्राम सिंह राणा द्वारा दी गई।</description ></item><item><title>आमजन की सुरक्षा हेतु सुकमा कोतवाली क्षेत्र में डायल 112 सेवा प्रारम्भ</title><link>https://cnin.co.in/आमजन-की-सुरक्षा-हेतु-सुकमा-कोतवाली-क्षेत्र/78714</link><description>सुकमा। जिले के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण द्वारा आमजन को त्वरित एवं प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए थाना कोतवाली सुकमा क्षेत्र अंतर्गत डायल 112 आपातकालीन सेवा प्रारम्भ कर दी गई है। इस सेवा के प्रारम्भ होने से नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र पुलिस सहायता उपलब्ध हो सकेगी। डायल 112 सेवा के माध्यम से सड़क दुर्घटना, मारपीट, विवाद, संदिग्ध गतिविधि, महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराध, आपातकालीन सहायता तथा कानून व्यवस्था से जुड़ी अन्य घटनाओं में तत्काल पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।इससे पुलिस एवं आमजन के मध्य समन्वय और अधिक सशक्त होगा तथा घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिलेगी। जिला पुलिस द्वारा बताया गया कि आगामी समय में इस सुविधा का विस्तार अन्य महत्वपूर्ण थाना क्षेत्रों में भी किया जाएगा, जिससे जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों को भी त्वरित पुलिस सहायता का लाभ प्राप्त हो सके। जिला सुकमा पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई है कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में बिना संकोच डायल 112 सेवा का उपयोग करें तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।</description ></item><item><title>सुशासन तिहार में मिले आवेदन पर पीएचई की त्वरित कार्यवाही, खोदा नया ट्यूबवेल</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-तिहार-में-मिले-आवेदन-पर-पीएचई-की/78713</link><description>रायपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सुशासन तिहार में पेयजल समस्या और नए नलकूप खनन की मांग पर तत्काल कार्यवाही करते हुए ग्राम मोहतरा में ट्यूबवेल खनन कराकर पेयजल की समस्या दूर की। मुंगेली जिले के मोहतरा के ग्रामीण भीषण गर्मी और लगातार गिरते भू-जल स्तर के बीच लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे थे। हैंडपंपों के सूख जाने से लोगों को दूर-दराज और दुर्गम स्थानों से पानी लाना पड़ता था।सुरेठा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव मोहतरा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में पेयजल समस्या को लेकर आवेदन मिलने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने तत्काल गांव का सर्वे कराया। सर्वे में पता चला कि भीषण गर्मी के कारण करीब 100 ग्रामीण गंभीर पेयजल संकट से प्रभावित हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने त्वरित कार्यवाही कर गांव में नया ट्यूबवेल स्थापित किया। अब नए ट्यूबवेल से ग्रामीणों को आसानी से स्वच्छ पेयजल मिल है। राज्य शासन का सुशासन तिहार वास्तव में नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने वाला अभियान साबित हो रहा है।</description ></item><item><title>सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव की तैयारियां पूर्ण</title><link>https://cnin.co.in/सोमनाथ-स्वाभिमान-पर्व-के-राष्ट्रव्यापी/78712</link><description>00 11 मई को ऐतिहासिक कपिलेश्वर शिव मंदिर में गूंजेगी शिवभक्ति और सांस्कृतिक चेतनारायपुर। भारत की सनातन आस्था, सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक चेतना के प्रतीक “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – अटूट आस्था के 1000 वर्ष” के अंतर्गत 11 मई को बालोद जिले के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के कपिलेश्वर शिव मंदिर में राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक यह पर्व पूरे देश में स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले में आयोजन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं गरिमामय बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए समन्वित कार्ययोजना तैयार की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बताया कि कपिलेश्वर शिव मंदिर में आयोजित होने वाले इस विशेष आयोजन में श्रद्धा, संस्कृति और भारतीय विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।&amp;nbsp;जारी समय-सारणी के अनुसार 11 मई को प्रातः 9 बजे से शिव स्तुति, दीप प्रज्वलन एवं महाआरती, उद्बोधन, शिव तांडव नृत्य प्रस्तुति, “सोमनाथ संवाद” कार्यक्रम तथा भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण आयोजित किया जाएगा। साथ ही सोमनाथ थीम पर आयोजित रंगोली प्रतियोगिता के प्रतिभागियों का सम्मान किया जाएगा एवं अंत में महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। ।</description ></item><item><title>चिरमिरी को मिलेगी रोशनी की आज़ादी — 75 साल बाद पहली बार पहुंचेगी शहर के सभी वार्डो में सरकारी बिजली</title><link>https://cnin.co.in/चिरमिरी-को-मिलेगी-रोशनी-की-आज़ादी-—-75-साल-बाद/78711</link><description>00 मुख्यमंत्री साय के संकल्प और स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल के प्रयासों से बदल रही है चिरमिरी की तस्वीररायपुर। कल्पना कीजिए — देश आज़ाद हुआ, दशक बदले, सरकारें बदलीं, लेकिन चिरमिरी के एस.ई.सी.एल. क्षेत्र के आस पास के हज़ारों परिवार आज तक एक बुनियादी सुविधा से महरूम रहे — वो सुविधा जिसे हम सब बहुत जरूरी मानते हैं...अपनी खुद की सरकारी बिजली।75 साल की यह दास्तान अब खत्म हो रही हैचिरमिरी के एस.ई.सी.एल. क्षेत्र में रहने वाले लोग पीढ़ियों से कोयले की खदानों के बीच रहते आए, लेकिन छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (सीएसपीडीसीएल) की सरकारी बिजली उनके घरों तक कभी नहीं पहुंची। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग यही सोचते रहे कि उन्हें शायद कोयला खदान की उस बिजली के भरोसे ही रहना होगा जो आती कम और जाती ज्यादा है।मुख्यमंत्री साय का वादा, अब हकीकत बना09 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी- भरतपुर के प्रवास के दौरान नगर निगम चिरमिरी में सीएसपीडीसीएल से बिजली आपूर्ति की घोषणा की थी। यह महज एक राजनीतिक घोषणा नहीं थी — यह उन लाखों आंखों की उम्मीद थी जो दशकों से टकटकी लगाए बैठी थीं।अब वह वादा पूरा हो रहा है8 मई 2026 को जारी आदेश के अनुसार राज्य शासन की मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 30 मार्च 2026 को ₹53.08 करोड़ की राशि चिरमिरी नगर निगम को आवंटित की गई। पुराने बजट की शेष ₹0.49 करोड़ की राशि मिलाकर कुल ₹53.57 करोड़ से अधोसंरचना विकास कार्य अब वर्ष 2026-27 में प्रारंभ होगा।स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जताया मुख्यमंत्री का आभारक्षेत्र के स्थानीय विधायक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा — &quot;यह सिर्फ सरकारी बिजली नहीं है, यह चिरमिरी के लोगों को उनका हक मिलना है। आज़ादी के बाद से जो सपना अधूरा था, मुख्यमंत्री जी की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता से वो पूरा हो रहा है। मैं क्षेत्र की जनता की ओर से उनका अभिनंदन करता हूं।&quot;अब बदलेगी ज़िंदगी, एक ऐतिहासिक क्षण₹53.08 करोड़ की इस परियोजना से चिरमिरी के एस.ई.सी.एल. क्षेत्र के सभी वार्डो में सीएसपीडीसीएल का पूर्ण विद्युत अधोसंरचना नेटवर्क बिछाया जाएगा। जिस धरती ने देश को कोयले से रोशन किया, आज उसी धरती के लोगों को बिजली का उजाला मिलने जा रहा है। चिरमिरी के डोमनहिल, गेल्हापानी, कोरिया कॉलरी व पोड़ी जैसे दूरस्थ क्षेत्र जहां सरकारी बिजली एक सपने जैसा था, वो क्षेत्र भी अब सरकारी बिजली से रोशन होने वाले है । यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय है। चिरमिरी की आंखों में आज जो चमक है वो किसी बल्ब की नहीं, उनकी उम्मीद पूरी होने की रोशनी है।</description ></item><item><title>नगर निगम के सभी 10 जोन में 11 मई से लगेंगे जनसमस्या निवारण शिविर</title><link>https://cnin.co.in/नगर-निगम-के-सभी-10-जोन-में-11-मई-से-लगेंगे/78710</link><description>रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के तहत रायपुर नगर निगम के सभी 10 जोनों में अलग-अलग तारीखों पर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। पहला शिविर 11 मई को जोन-3 क्षेत्र में शंकरनगर स्थित सिंधु भवन, बीटीआई मैदान के सामने लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग और जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।&amp;nbsp;निगम प्रशासन के मुताबिक शिविरों में नगर निगम के साथ कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा सके। शिविर में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आवेदन लिए जाएंगे। निगम प्रशासन का दावा है कि शिविर में मिलने वाले आवेदनों का अधिकतम एक महीने के भीतर निराकरण किया जाएगा। साथ ही हर आवेदक को उसकी शिकायत के समाधान की जानकारी भी दी जाएगी। इन शिविरों में नगर निगम के अलावा राजस्व, बिजली, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, खाद्य, समाज कल्याण, कृषि, पशुधन विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, श्रम विभाग समेत कई विभाग शामिल होंगे। सरकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को मौके पर लाभ वितरण भी किया जाएगा।निगम प्रशासन ने सभी जोन कमिश्नरों को शिविरों का नोडल अधिकारी बनाया है। शिविर स्थलों पर पेयजल, छाया, कुर्सी-टेबल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार कर ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने कहा गया है।इन तारीखों में लगेगा शिविर11 मई: जोन-3, सिंधु भवन शंकरनगर14 मई: जोन-4, इंडोर स्टेडियम बूढ़ापारा18 मई: जोन-5, महाराष्ट्रीयन तेली समाज भवन अश्वनी नगर19 मई: जोन-1, मारुति मंगलम भवन गुढिय़ारी20 मई: जोन-6, संजय यादव स्कूल संजय नगर22 मई: जोन-2, शहीद स्मारक भवन जीई रोड25 मई: जोन-8, अग्रसेन भवन टाटीबंध28 मई: जोन-7, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम29 मई: जोन-9, पॉम बेलाजियो के सामने गारमेंट फैक्ट्री परिसर5 जून: जोन-10, देवपुरी धर्मशाला कमल विहार गेट के पास</description ></item><item><title>सरोना अस्पताल व नालंदा लाइब्रेरी पार्ट-2 की गुणवत्ता जांचने अचानक पहुंचे मूणत, अधिकारियों व ठेकेदारों को लगाई फटकार</title><link>https://cnin.co.in/सरोना-अस्पताल-व-नालंदा-लाइब्रेरी-पार्ट-2-की/78708</link><description>रायपुर। सरोना में बन रहे 100 बेड अस्पताल और नालंदा लाइब्रेरी पार्ट-2 के औचक निरीक्षण करने के लिए पूर्व मंत्री व वरिष्ठ भाजपा विधायक राजेश मूणतऔचक निरीक्षण करने शनिवार को पहुंचे। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों में लापरवाही पर अधिकारियों और एजेंसियों को फटकार लगाई।सरोना में करीब 16 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे अस्पताल के निरीक्षण के दौरान फाउंडेशन वर्क में गुणवत्ता को लेकर खामियां दिखीं। मूणत ने निर्माण एजेंसी को चेतावनी देते हुए कहा कि तकनीकी मानकों से समझौता हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई तय मानी जाए। निरीक्षण के दौरान विधायक ने बेस स्ट्रक्चर और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से मौके पर ही जवाब मांगा कि मॉनिटरिंग के बावजूद कमियां कैसे रह गईं।शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के पास बन रहे नालंदा लाइब्रेरी पार्ट-2 का निरीक्षण करते वक्त प्रोजेक्ट में निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर उन्होंने नाराजगी जताई। मूणत ने अधिकारियों से कहा कि अगर गुणवत्ता के साथ काम पूरा नहीं कर सकते तो काम छोड़ दे।</description ></item><item><title>सरोना अस्पताल व नालंदा लाइब्रेरी पार्ट-2 की गुणवत्ता जांचने अचानक पहुंचे मूणत, अधिकारियों व ठेकेदारों को लगाई फटकार</title><link>https://cnin.co.in/सरोना-अस्पताल-व-नालंदा-लाइब्रेरी-पार्ट-2-की/78709</link><description>रायपुर। सरोना में बन रहे 100 बेड अस्पताल और नालंदा लाइब्रेरी पार्ट-2 के औचक निरीक्षण करने के लिए पूर्व मंत्री व वरिष्ठ भाजपा विधायक राजेश मूणतऔचक निरीक्षण करने शनिवार को पहुंचे। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों में लापरवाही पर अधिकारियों और एजेंसियों को फटकार लगाई।सरोना में करीब 16 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे अस्पताल के निरीक्षण के दौरान फाउंडेशन वर्क में गुणवत्ता को लेकर खामियां दिखीं। मूणत ने निर्माण एजेंसी को चेतावनी देते हुए कहा कि तकनीकी मानकों से समझौता हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई तय मानी जाए। निरीक्षण के दौरान विधायक ने बेस स्ट्रक्चर और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से मौके पर ही जवाब मांगा कि मॉनिटरिंग के बावजूद कमियां कैसे रह गईं।शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के पास बन रहे नालंदा लाइब्रेरी पार्ट-2 का निरीक्षण करते वक्त प्रोजेक्ट में निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर उन्होंने नाराजगी जताई। मूणत ने अधिकारियों से कहा कि अगर गुणवत्ता के साथ काम पूरा नहीं कर सकते तो काम छोड़ दे।</description ></item> </channel></rss>