<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><rss version='2.0'><channel><title>CNIN News Network | Chhattisgarh News and Information Network | Chhattisgarh Madhya Pradesh | Hindi News | CG News | MP News</title><link>https://cnin.co.in</link><description>CNIN News Network | Chhattisgarh News and Information Network | Chhattisgarh Madhya Pradesh | Hindi News | CG News | MP News</description><language>en-us</language><item><title>स्कूटी से शहर का निरीक्षण करने निकले उप मुख्यमंत्री अरुण साव</title><link>https://cnin.co.in/स्कूटी-से-शहर-का-निरीक्षण-करने-निकले-उप/80746</link><description>&amp;nbsp;अरपा नदी के पुनरुद्धार के लिए 251 करोड़ के प्रोजेक्ट को दी सैद्धांतिक सहमतिनिर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करने के निर्देश70 नालों के गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने बनेगा व्यापक तंत्रबिलासपुर.--उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज लगभग तीन घंटे तक स्कूटी से बिलासपुर शहर का भ्रमण कर नगर निगम, स्मार्ट सिटी तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी और नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे भी उनके निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज बिलासपुर में मंगला स्थित 10 एमएलडी एवं 6 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), कोनी कन्वेंशन सेंटर, शिवघाट बैराज, रामसेतु के बाईं ओर अटल पथ निर्माण, अशोकनगर-बिरकोना सड़क गौरव पथ निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने में आ रही बाधाओं का निराकरण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसटीपी निर्माण में विलंब पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि अरपा नदी बिलासपुर की जीवनदायिनी है और शहरवासियों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। इसके संरक्षण एवं पुनरुद्धार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने अरपा नदी को प्रदूषण से मुक्त करने और उसके पुनरुद्धार के लिए तैयार 250 करोड़ 93 लाख रुपये की परियोजना को सैद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए इसे शीघ्र धरातल पर उतारने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर के लगभग 70 नालों का दूषित पानी सीधे अरपा नदी में गिर रहा है, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम द्वारा 250 करोड़ 93 लाखि रुपये की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया गया है। इसके तहत नगर निगम सीमा क्षेत्र में 17 किलोमीटर लंबाई में प्रवाहित 70 नालों के दूषित जल को उपचारित करने की व्यापक योजना बनाई गई है। परियोजना में 57 स्थानों पर इंटरसेप्शन एवं डाइवर्जन स्ट्रक्चर, 13 स्थानों पर डाइवर्जन वियर, 9.99 किलोमीटर डाइवर्जन सीवर, 2.77 किलोमीटर सीवरेज पंपिंग राइजिंग मेन, 3 सीवेज पंपिंग स्टेशन, 2 नए एसटीपी सहित विद्युतीकरण एवं इंस्ट्रूमेंटेशन कार्य शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से नालों का गंदा पानी नदी में जाने से पहले उपचारित किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर राज्य शासन स्तर पर त्वरित स्वीकृति की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अरपा नदी के संरक्षण का कार्य जल्द प्रारंभ हो सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शहर में बेतरतीब ढंग से लगे बिजली के खंभों एवं ट्रांसफार्मरों को व्यवस्थित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही भविष्य में नए बिजली खंभे अथवा ट्रांसफार्मर स्थापित करने से पूर्व नगर निगम की अनिवार्य सहमति लेने के निर्देश दिए। कोनी स्थित कन्वेंशन सेंटर के लिए पर्याप्त वाहन पार्किंग विकसित करने तथा उसके पीछे स्थित शासकीय भूमि का उपयोग पार्किंग के रूप में किए जाने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जनहित के सभी काम समय पर पूर्ण हों, और लोगों को त्वरित रूप से इनका लाभ मिले। ठेकेदारों को पेनाल्टी अथवा सजा दिलाना हमारा उद्देश्य नहीं है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी विकास परियोजनाओं के समयबद्ध पूर्ण होने से बिलासपुर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और शहर की दशा एवं दिशा में व्यापक परिवर्तन आएगा।&amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री साव के निरीक्षण के दौरान विधायक श्री सुशांत शुक्ला भी पूरे समय साथ थे। उन्होंने भी अधिकारियों को लम्बे समय से अधूरे पड़े इन कार्यों को जल्द पूर्ण करने का व्यवहारिक समाधान सुझाया। निरीक्षण के दौरान स्मार्ट सिटी परियोजना, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, सीएसईबी, जल संसाधन विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त सोलर बिजली निर्धारित दर पर खरीदी जाएगी</title><link>https://cnin.co.in/ग्रिड-में-भेजी-गई-अतिरिक्त-सोलर-बिजली/80745</link><description>&amp;nbsp;अगले बिजली बिलों में मिलेगा क्रेडिटपीएम सूर्यघर योजना के रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं को मिलेगा अधिशेष बिजली का लाभरायपुर--प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त (सरप्लस) सोलर बिजली की खरीदी दर (बायबैक रेट) तय की है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने इस दर को अपनाने की आधिकारिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ से मिली जानकारी के अनुसार, निर्धारित दर को अंतिम अनुमोदन और मंजूरी के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) के पास भेज दिया गया है। आयोग से हरी झंडी मिलते ही उपभोक्ताओं को उनकी अतिरिक्त बिजली की राशि अगले बिजली बिलों में क्रेडिट (छूट) के रूप में दिखाई देने लगेगी।ऐसे काम करती है नेट मीटरिंग और बायबैक व्यवस्थापावर कंपनी ने इसकी पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए बताया। नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत, सोलर संयंत्र से जितनी बिजली बनती है, उसका सबसे पहले उपभोक्ता की मासिक बिजली खपत में समायोजन (अडजस्टमेंट) किया जाता है। यदि उपभोक्ता की जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है और वह ग्रिड में वापस जाती है, तो उसकी बची हुई यूनिट हर महीने उपभोक्ता के खाते में जुड़ती चली जाती है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर खाते में बची हुई इन सभी अतिरिक्त यूनिटों का नियमानुसार पावर कंपनी द्वारा बायबैक (खरीद) किया जाता है। तय दर के हिसाब से बनने वाली कुल राशि उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी जाती है।नए वित्तीय वर्ष में शून्य से शुरू होता है लेखा-जोखाउपभोक्ताओं के बीच भ्रम को दूर करते हुए कंपनी ने साफ किया है कि प्रत्येक नए वित्तीय वर्ष में यूनिट का लेखा-जोखा नए सिरे से (शून्य से) शुरू होता है। यही कारण है कि पिछले वित्तीय वर्ष की बची हुई अतिरिक्त यूनिट नए बिजली बिल में यूनिट के रूप में दिखाई नहीं देती हैं। हालांकि, उनका मौद्रिक मूल्य (पैसा) उपभोक्ता के खाते में पूरी तरह सुरक्षित रहता है और आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में घटा दिया जाता है।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिशेष बिजली के समायोजन और बायबैक की यह पूरी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के प्रचलित नियमों के तहत बेहद पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है, जिससे राज्य के हजारों सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>बिजली बिल पर लेट पेमेंट सरचार्ज की नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए राहत -पावर कंपनी</title><link>https://cnin.co.in/बिजली-बिल-पर-लेट-पेमेंट-सरचार्ज-की-नई/80744</link><description>&amp;nbsp;पहले एक दिन की देरी पर लगता था पूरे महीने का चार्जअब सिर्फ वास्तविक दिनों का ही लगेगा शुल्करायपुर--छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने इस संबंध में तथ्यात्मक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था वास्तव में उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत देने के लिए तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज (विलंब अधिभार) को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में चल रही दोहरा झटका या रोज़ाना ब्याज जैसी खबरें पूरी तरह भ्रामक और गलत हैं।क्या थी पुरानी व्यवस्था और क्यों था नुकसान?&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;पावर कंपनी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुरानी व्यवस्था में यदि कोई उपभोक्ता नियत तिथि के बाद महज एक या दो दिन की देरी से भी बिजली बिल का भुगतान करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत सरचार्ज वसूल लिया जाता था। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदेह थी।’नई व्यवस्था से ऐसे होगा उपभोक्ताओं का फायदा’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; संशोधित नियमों के बाद अब लेट फीस की गणना पूरी तरह पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी कर दी गई है। अब विलंब अधिभार 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लिया जाएगा। इसका मतलब है कि उपभोक्ता जितने दिन बिल पटाने में देरी करेगा, उसे केवल उतने ही दिनों का शुल्क देना होगा।’एक दिन की देरी पर मामूली शुल्क’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;यदि किसी कारणवश उपभेक्ता बिल के भुगतान में केवल एक दिन का विलंब होता है, तो अब पूरे महीने का सरचार्ज नहीं, बल्कि मात्र 0.04 प्रतिशत अधिभार ही देय होगा।’महीने भर की देरी पर भी कम ब्याज’&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; यदि कोई उपभोक्ता पूरे 30 दिन का भी विलंब करता है, तब भी कुल अधिभार केवल 1.2 प्रतिशत (0.04 प्रतिशत × 30 दिन) ही बनेगा, जो कि पुरानी व्यवस्था के 1.5 प्रतिशत से काफी कम है।’भ्रामक खबरों से दूर रहने की अपील’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; पावर कंपनी ने साफ किया है कि नई व्यवस्था में अधिभार की दरें कम हुई हैं, बढ़ी नहीं हैं। इसे रोजाना ब्याज लगने या झटके के रूप में पेश करना तथ्यात्मक रूप से गलत है। कंपनी ने सभी समाचार माध्यमों और आमजन से अनुरोध किया है कि वे इस सही और स्पष्ट जानकारी को ही साझा करें ताकि उपभोक्ताओं के बीच फैला अनावश्यक भ्रम दूर हो सके।</description ></item><item><title>दो बूंदों से सुरक्षित बचपन की ओर बढ़ा जीपीएम, 53 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य</title><link>https://cnin.co.in/दो-बूंदों-से-सुरक्षित-बचपन-की-ओर-बढ़ा-जीपीएम,-53/80743</link><description>00 कलेक्टर देवांगन ने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर किया शुभारंभ, अभिभावकों से की सहयोग की अपीलजीपीएम। जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को जिला चिकित्सालय में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक दिलाना केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे शून्य से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, ताकि पोलियो मुक्त भारत का संकल्प और अधिक सशक्त हो सके। उन्होंने कहा कि ष्दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरारष् केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. के.के. सोनी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। अभियान के शुभारंभ के साथ ही जिले के सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का कार्य प्रारंभ किया गया। बूथों पर सुबह से ही अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और उत्साहपूर्वक अभियान में भागीदारी निभाई।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले में 53 हजार 490 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के प्रथम चरण में 28 जून को सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई गई, जबकि दूसरे एवं तीसरे चरण में 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। इसके लिए जिले भर में विशेष स्वास्थ्य दलों का गठन किया गया है, जिन्हें प्रत्येक गांव, मोहल्ले और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा पोलियो की दवा, परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली गई हैं। दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी विशेष दल तैनात किए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए।स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि यदि उनके घर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचे तो उसका पूरा सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि परिवार के शून्य से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाई जाए। विभाग ने स्पष्ट किया कि पोलियो की नियमित खुराक ही इस गंभीर बीमारी से बच्चों को स्थायी सुरक्षा प्रदान करती है। जनसहभागिता और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से ही पोलियो मुक्त समाज का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता है।</description ></item><item><title>हर बच्चे तक पहुंचे पोलियो की सुरक्षा का कवच, मंत्री अग्रवाल ने पिलाई जीवनरक्षक खुराक</title><link>https://cnin.co.in/हर-बच्चे-तक-पहुंचे-पोलियो-की-सुरक्षा-का-कवच,/80742</link><description>00 राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का लखनपुर से शुभारंभ, अभिभावकों से किया आह्वानकृ‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरारअंबिकापुर। प्रदेश में चल रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज अंबिकापुर जिले के लखनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक अभियान में हर बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक पिलाना अत्यंत आवश्यक है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत ने वर्षों के सतत प्रयास, जनभागीदारी और स्वास्थ्यकर्मियों की अथक मेहनत से पोलियो पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। अब इस उपलब्धि को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवार, मोहल्ले और आसपास के 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को आजीवन स्वस्थ रखने का राष्ट्रीय संकल्प है। यदि कोई बच्चा बूथ तक नहीं पहुंच पाता है तो अभिभावक घर-घर आने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीम को अवश्य जानकारी दें और सुनिश्चित करें कि बच्चे को पोलियो की खुराक मिल जाए।श्री राजेश अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और जागरूकता के बल पर छत्तीसगढ़ भविष्य में भी अपनी पोलियोमुक्त पहचान को सुदृढ़ बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। स्वस्थ बचपन ही सशक्त भारत की आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने आसपास किसी भी बच्चे को पोलियो की खुराक से वंचित न रहने दे तथा अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करे। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। बच्चों को उत्साहपूर्वक पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाई गई तथा अभिभावकों को नियमित टीकाकरण, स्वच्छता और बच्चों के समग्र स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया गया।छत्तीसगढ़ में 36 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्यप्रदेश में 28 से 30 जून 2026 तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत राज्य के लगभग 35 लाख 98 हजार 904 (करीब 36 लाख) बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पूरे प्रदेश में 14 हजार 396 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां 28 जून को बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। अभियान को सफल बनाने के लिए 28 हजार 791 टीमें तथा 57 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। बूथ दिवस के बाद 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके।विशेष क्षेत्रों पर रहेगा फोकसस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य के सभी 33 जिलों में अभियान की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों, शहरी मलिन बस्तियों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों पर रहने वाले श्रमिक परिवारों, प्रवासी एवं घुमंतू समुदायों के बच्चों तक विशेष रूप से पहुंच सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की सुरक्षा से वंचित न रहे।देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्यवर्तमान राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि बच्चे को हाल ही में कोई अन्य टीका लगाया गया हो, तब भी पोलियो की खुराक पूरी तरह सुरक्षित है और अवश्य दी जानी चाहिए। हल्की सर्दी, खांसी या सामान्य बुखार होने पर भी बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जा सकती हैं।&quot;दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार&quot;पोलियोमुक्त भारत और पोलियोमुक्त छत्तीसगढ़ की पहचान बनाए रखने के लिए प्रत्येक परिवार की सहभागिता आवश्यक है। हम सभी संकल्प लें कि हमारे आसपास का कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद से वंचित न रहे। यही स्वस्थ बचपन, सुरक्षित भविष्य और सशक्त राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव है।</description ></item><item><title>स्कूटी से शहर का निरीक्षण करने निकले उप मुख्यमंत्री साव</title><link>https://cnin.co.in/स्कूटी-से-शहर-का-निरीक्षण-करने-निकले-उप/80741</link><description>00 अरपा नदी के पुनरुद्धार के लिए 251 करोड़ के प्रोजेक्ट को दी सैद्धांतिक सहमति00 निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करने के निर्देश00 70 नालों के गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने बनेगा व्यापक तंत्रबिलासपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज लगभग तीन घंटे तक स्कूटी से बिलासपुर शहर का भ्रमण कर नगर निगम, स्मार्ट सिटी तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी और नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे भी उनके निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज बिलासपुर में मंगला स्थित 10 एमएलडी एवं 6 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), कोनी कन्वेंशन सेंटर, शिवघाट बैराज, रामसेतु के बाईं ओर अटल पथ निर्माण, अशोकनगर-बिरकोना सड़क गौरव पथ निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने में आ रही बाधाओं का निराकरण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसटीपी निर्माण में विलंब पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि अरपा नदी बिलासपुर की जीवनदायिनी है और शहरवासियों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। इसके संरक्षण एवं पुनरुद्धार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने अरपा नदी को प्रदूषण से मुक्त करने और उसके पुनरुद्धार के लिए तैयार 250 करोड़ 93 लाख रुपये की परियोजना को सैद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए इसे शीघ्र धरातल पर उतारने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर के लगभग 70 नालों का दूषित पानी सीधे अरपा नदी में गिर रहा है, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम द्वारा 250 करोड़ 93 लाखि रुपये की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया गया है। इसके तहत नगर निगम सीमा क्षेत्र में 17 किलोमीटर लंबाई में प्रवाहित 70 नालों के दूषित जल को उपचारित करने की व्यापक योजना बनाई गई है। परियोजना में 57 स्थानों पर इंटरसेप्शन एवं डाइवर्जन स्ट्रक्चर, 13 स्थानों पर डाइवर्जन वियर, 9.99 किलोमीटर डाइवर्जन सीवर, 2.77 किलोमीटर सीवरेज पंपिंग राइजिंग मेन, 3 सीवेज पंपिंग स्टेशन, 2 नए एसटीपी सहित विद्युतीकरण एवं इंस्ट्रूमेंटेशन कार्य शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से नालों का गंदा पानी नदी में जाने से पहले उपचारित किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर राज्य शासन स्तर पर त्वरित स्वीकृति की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अरपा नदी के संरक्षण का कार्य जल्द प्रारंभ हो सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शहर में बेतरतीब ढंग से लगे बिजली के खंभों एवं ट्रांसफार्मरों को व्यवस्थित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही भविष्य में नए बिजली खंभे अथवा ट्रांसफार्मर स्थापित करने से पूर्व नगर निगम की अनिवार्य सहमति लेने के निर्देश दिए। कोनी स्थित कन्वेंशन सेंटर के लिए पर्याप्त वाहन पार्किंग विकसित करने तथा उसके पीछे स्थित शासकीय भूमि का उपयोग पार्किंग के रूप में किए जाने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जनहित के सभी काम समय पर पूर्ण हों, और लोगों को त्वरित रूप से इनका लाभ मिले। ठेकेदारों को पेनाल्टी अथवा सजा दिलाना हमारा उद्देश्य नहीं है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी विकास परियोजनाओं के समयबद्ध पूर्ण होने से बिलासपुर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और शहर की दशा एवं दिशा में व्यापक परिवर्तन आएगा। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निरीक्षण के दौरान विधायक श्री सुशांत शुक्ला भी पूरे समय साथ थे। उन्होंने भी अधिकारियों को लम्बे समय से अधूरे पड़े इन कार्यों को जल्द पूर्ण करने का व्यवहारिक समाधान सुझाया। निरीक्षण के दौरान स्मार्ट सिटी परियोजना, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, सीएसईबी, जल संसाधन विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>राज्यपाल डेका ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की सौजन्य भेंट</title><link>https://cnin.co.in/राज्यपाल-डेका-ने-रक्षा-मंत्री-राजनाथ-सिंह-से/80740</link><description>रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज नई दिल्ली में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। राज्यपाल श्री डेका ने रक्षा मंत्री का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट की।</description ></item><item><title>लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय</title><link>https://cnin.co.in/लोकतंत्र-सेनानियों-का-त्याग-नई-पीढ़ी-के-लिए/80739</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;* अपनी संस्कृति और मूल्यों से समाज को जोड़कर देश - दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है भारत : &amp;nbsp;इंद्रेश कुमार* आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है : डॉ. रमन सिंह* मुख्यमंत्री साय आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर &amp;nbsp;आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में हुए शामिल* मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका &amp;nbsp;'आपातकाल के योद्धा का किया विमोचन* आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित&amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका &amp;nbsp;'आपातकाल के योद्धा का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; मुख्य वक्ता श्री कुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोडऩे का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश - दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने युवाओं से &amp;nbsp;'राष्ट्र प्रथम की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा। &amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। श्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है। &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था। श्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया। &amp;nbsp;विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघ श्री कैलाश सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वर श्री अजय रामदास, श्री अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे। &amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर पर &amp;nbsp;'आपातकाल कभी विस्मृत न हो विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा के श्री सूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग के श्री अंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर &amp;nbsp;'25 जून : संविधान हत्या दिवस विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।</description ></item><item><title>प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ बना देश का अग्रणी राज्य</title><link>https://cnin.co.in/प्रधानमंत्री-मातृ-वंदना-योजना-में-छत्तीसगढ़/80738</link><description>&amp;nbsp;* पंजीयन एवं प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में हासिल किया प्रथम स्थान* विशेष अभियान के मात्र 9 दिनों में 72 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण, जांजगीर-चांपा प्रदेश में अव्वल* मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई&amp;nbsp;रायपुर --प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।प्रदेश ने न केवल हितग्राहियों के पंजीयन में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है, बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में भी सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, मैदानी अमले तथा सभी संबंधित हितधारकों के समन्वित और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।विशेष अभियान के अंतर्गत जिला जांजगीर-चांपा ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु कल्याण के प्रति जिले की संवेदनशीलता, सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली को प्रतिबिंबित करती है।मातृ वंदना योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जबकि दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा शिशुओं के बेहतर पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, मैदानी अमले और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करने के साथ-साथ शिशुओं के स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रतिबद्धता, सतत निगरानी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं शिशुवती माता प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्राप्त कर सके।उन्होंने प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं से अपील की कि वे 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण चरण में उन्हें शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।</description ></item><item><title>जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना मन की बात: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://cnin.co.in/जनभागीदारी-और-जनप्रेरणा-का-सशक्त-माध्यम-बना/80737</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;* प्रधानमंत्री की 'मन की बात विकसित भारत के संकल्प को देती है नई ऊर्जा &amp;nbsp;&amp;nbsp;* मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय ने मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी प्रधानमंत्री की 'मन की बात की 135वीं कड़ी&amp;nbsp;रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 'मन की बात आज जनता और नेतृत्व के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक कड़ी में देशभर से नवाचार, जनभागीदारी और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक कार्यों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि 'मन की बात की अनेक कडिय़ों में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा वर्षा जल के प्रत्येक बूंद के संरक्षण का संदेश देते हुए जल संचय को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। असम की महिलाओं द्वारा 'हरगिला आर्मी के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनजागरूकता का प्रेरक उदाहरण है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों का उल्लेख किया। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय एवं सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि डोमिनिकन रिपब्लिक में 'ब्रह्मकमल डोमिनिकाना के सदस्य वैदिक साहित्य का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति से जुड़ रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इंद्रेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, श्री सच्चिदानंद उपासने, श्री अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से की राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-ने-प्रदेशवासियों/80736</link><description>&amp;nbsp;0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाने का किया आग्रहरायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर माता-पिता एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाएं।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि जब बात बच्चों के भविष्य की हो, तो हमारी छोटी-सी सावधानी भी बड़ा बदलाव ला सकती है। पोलियो की दो बूंद केवल एक दवा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक अभिभावक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास भी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की दो बूंद से वंचित न रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेशवासियों से की राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-और-स्वास्थ्य/80735</link><description>&amp;nbsp;0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाने का किया आग्रहरायपुर ---मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर माता-पिता एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाएं।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि जब बात बच्चों के भविष्य की हो, तो हमारी छोटी-सी सावधानी भी बड़ा बदलाव ला सकती है। पोलियो की दो बूंद केवल एक दवा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक अभिभावक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास भी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की दो बूंद से वंचित न रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।इस मौक़े पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी अपील करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो दिवस के अवसर पर मैं प्रदेश के सभी अभिभावकों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की दो बूंद जीवन की अवश्य पिलाएँ।पोलियो एक गंभीर एवं अपंगता का कारण बनने वाली बीमारी है, जिसका एकमात्र प्रभावी बचाव पल्स पोलियो अभियान में सहभागिता है। आपके सहयोग से ही हम अपने बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य दे सकते हैं।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>शादी टूट गई लेकिन मुस्कान नहीं टूटी..बेटी तुम पर गर्व है</title><link>https://cnin.co.in/शादी-टूट-गई-लेकिन-मुस्कान-नहीं-टूटी..बेटी-तुम/80734</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। आज भी कुछ घटनाएं अचानक ही ऐसे घटित हो जाती हैं कि भले ही कहने को चर्चा का विषय कह देते हैं लेकिन गहराई में जाकर देखें तो परिवार व समाज के लिए एक बड़ा संदेश छोड़ जाती हैं। बात कर रहे हैं पिछले दिनों की जब जांजगीर-चांपा जिले के कोसमंदा गांव में 23 जून की शाम बारात पहुंचती है,दुल्हन के घर द्वार पूजा के लिए जैसे ही दूल्हा पहुंचा, वह अपने पैरों पर ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। शराब के नशे में लडख़ड़ाते दूल्हे को देखकर दुल्हन मुस्कान प्रधान ने एक पल के लिए भी समझौता नहीं किया। उसने साफ कह दिया- मैं शादी नहीं करूंगी। कुछ ही मिनटों में खुशियों का माहौल तनाव में बदल गया। दूल्हा पक्ष के लोग विवाद करने लगे व समाज की रीतियों की दुहाई देने लगे लेकिन मुस्कान है कि टस से मस नहीं हुई पिता न होने &amp;nbsp;से मां ही सब कुछ थी जो इस कठिन समय में मुस्कान के साथ पूरी दमदारी से खड़े रही,आखिर बारात को बगैर दुल्हन बैरंग लौटना पड़ा। मीडिया के माध्यम से जैसे ही घटना सामने आई,हर कोई मुस्कान के साथ खड़ा नजर आ रहा था। बेटी मुस्कान बार-बार यही कहती रही कि यदि उस वक्त समझौता कर लेती तो पूरी जिंदगी पछताना पड़ता। &amp;nbsp;मामले की जानकारी मिलने पर एसपी विजय कुमार पांडेय ने भी मुस्कान को सम्मानित किया। उन्हें नशा मुक्ति अभियान का यूथ आइकन बनाया गया और महिला परिवार परामर्श केंद्र में मानदेय के साथ जिम्मेदारी देने की घोषणा की गई। लेकिन, मुस्कान कहती है कि उसके लिए सबसे बड़ा सम्मान कोई पुरस्कार नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि अगर उसकी कहानी सुनकर एक भी लड़की गलत रिश्ते में जाने से बच जाती है, तो उसे लगेगा कि उसका फैसला सही था।क्योंकि उस दिन उसने सिर्फ एक शादी नहीं रोकी थी, उसने अपनी पूरी जिंदगी बचाने का फैसला लिया था। मुस्कान तुम पर गर्व है..इस बेटी ने अपने आत्मविश्वास से ये तो बता दिया कि यदि गलत का विरोध करना है तो हौसला रखें-कमजोर न बनेेे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने की सौजन्य मुलाकात</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-से-पद्मश्री-डॉ./80733</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;*आदिवासी संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में डॉ. बुधरी ताती के योगदान की मुख्यमंत्री ने की सराहना*&amp;nbsp;रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से शनिवार की देर शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के उत्थान, लोक संस्कृति के संरक्षण तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में डॉ. ताती के दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज की सेवा, लोक परंपराओं के संरक्षण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के कार्यों के लिए समर्पित किया है। उनका सेवा भाव, समर्पण और सामाजिक योगदान पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर डॉ. बुधरी ताती ने चार दशक से अधिक समय तक बस्तर अंचल सहित वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए सतत कार्य किया है। उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</description ></item><item><title>अंतरिक्ष की ओर बढ़े रायपुर की बेटी के कदम, गौरवान्वित हुआ छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री</title><link>https://cnin.co.in/अंतरिक्ष-की-ओर-बढ़े-रायपुर-की-बेटी-के-कदम,/80732</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;*अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित महिमा राजपूत को मुख्यमंत्री ने दी बधाई*रायपुर।&amp;nbsp; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित रायपुर की प्रतिभाशाली छात्रा महिमा राजपूत को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महज 14 वर्ष की आयु में 108 देशों के विद्यार्थियों के साथ इस प्रतिष्ठित अंतरिक्ष मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित होना न केवल महिमा की असाधारण प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।मुख्यमंत्री ने कहा कि महिमा राजपूत ने अपनी लगन, प्रतिभा और समर्पण से अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अवसर मिलने पर वैश्विक मंचों पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि महिमा की यह प्रेरणादायी सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं, विशेषकर बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास देगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और विज्ञान, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिमा राजपूत को पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की तथा आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाती रहेंगी।</description ></item><item><title>राममंदिर चढ़ावा चोरी- 8 आरोपियों के घर पुलिस की छापेमारी</title><link>https://cnin.co.in/राममंदिर-चढ़ावा-चोरी--8-आरोपियों-के-घर-पुलिस/80731</link><description>&amp;nbsp;अयोध्या-राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद 8 आरोपियों के घर पर रविवार सुबह 7 बजे पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस की 6 टीमों ने एक साथ आरोपियों के घर पर दबिश दी। परिवार के लोगों से पूछताछ शुरू की। पड़ोसियों से भी सवाल-जवाब किए।टन्नू के घर ताला पड़ा था, पड़ोसियों से पूछताछ की गई है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रू सरल, सादगी और संवेदनशीलता के साथ विकास यात्रा का सशक्त नेतृत्व</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णुदेव-साय-रू-सरल,-सादगी-और/80730</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;* - &amp;nbsp;तेजबहादुर सिंह भुवाल, सहा. जनसंपर्क अधिकारीरायपुर-किसान परिवार से निकलकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुंचने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने सरल व्यक्तित्व, विनम्र व्यवहार और जनसेवा की भावना से जनता के बीच एक अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री श्री साय का सार्वजनिक जीवन सादगी, जनसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। लंबे समय तक जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, वनवासियों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की समस्याओं को निकट से समझा और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। सत्ता के शीर्ष पद पर होने के बावजूद उनकी सादगी और सहजता आज भी उनकी सबसे बड़ी ताकत है।मुख्यमंत्री श्री साय आम जनता से सीधे संवाद को लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। जनदर्शन, सुशासन तिहार और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से वे स्वयं लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करते हैं। बुजुर्गों के प्रति सम्मान, बच्चों के प्रति स्नेह तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्परता उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान है। &amp;nbsp;आदिवासी समाज से आने वाले मुख्यमंत्री श्री साय अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से गहराई से जुड़े हुए हैं। गांवों में बैठकर लोगों से चर्चा करना, उनकी समस्याओं को समझना और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।&amp;nbsp;पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने जनकल्याण, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, अधोसंरचना, निवेश और सुशासन के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा है। &amp;nbsp;राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 8,200 करोड़ रूपये का बजट महतारी वंदन योजना के लिए आवंटित किया है। महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिलाओं के स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो लाखों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार ला रही है। &amp;nbsp;छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं। राज्य सरकार ने धान खरीदी को प्राथमिकता देते हुए किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की तथा लाखों किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाया। &amp;nbsp;प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने बड़ी पहल करते हुए लाखों आवासों को स्वीकृति प्रदान की। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तेज गति से चल रहे निर्माण कार्यों के चलते प्रदेश में लाखों जरूरतमंद परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।बस्तर के जंगलों में उत्पादित होने वाले तेंदूपत्ता, आदिवासी समाज की जिंदगी का अहम हिस्सा है। इसी तेंदूपत्ता के सहारे हजारों गांवों में गर्मियों के महीनों में रोज़गार मिलता है। इस काम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल होती हैं, जिससे परिवार की कुल आय में संतुलन बनता है। यही वजह है कि तेंदूपत्ता संग्रहण को सरकार ग्रामीण रोजगार का मजबूत जरिया मानती है। राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ी रहत देते हुए तेंदूपत्ता संग्रहण दर में अहम बदलाव किया है। पूर्व में मिलने वाली राशि को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये किया है। यह बढ़ोतरी सीधे-सीधे संग्राहकों लाभ पहुंचा रही है। जानकारों के अनुसार पहले बढ़ती महंगाई के मुकाबले संग्रहण की दर कम पड़ रही थी, लेकिन नई दर से मजदूरी और मेहनत का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशील पुनर्वास और विकास पर भी समान रूप से कार्य कर रही है। नक्सली सरेंडर, विक्टिम रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी-2025 के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर तथा आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक और मुख्यधारा से जुड़ा जीवन प्रदान किया जा रहा है।एक नवंबर 2024 से लागू छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 राज्य को निवेश और उद्योगों के लिए नई पहचान दे रही है। न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन के सिद्धांत पर आधारित यह नीति उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाती है।व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन, समयबद्ध स्वीकृति और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इससे उद्यमियों को कम समय में आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त हो रही हैं और कारोबार करने में सुगमता बढ़ी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मजबूत और आधुनिक परिवहन नेटवर्क के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य में रेल, सड़क और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे उद्योग, व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम हुई है।छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों का निरंतर उन्नयन, नई सड़कों और पुलों का निर्माण तथा दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोडऩे के प्रयासों ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। इससे माल परिवहन की लागत और समय में कमी आई है, जिससे उद्योगों और निवेशकों को सीधा लाभ मिल रहा है।राज्य शासन की पहल से रेल नेटवर्क के विस्तार और नई रेल परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों, खनिज संपदा वाले इलाकों और प्रमुख शहरों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, हवाई सेवाओं के विस्तार, नए एयर रूट और बेहतर विमानन सुविधाओं से राज्य की राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच और भी मजबूत हुई है। बेहतर परिवहन अवसंरचना के कारण छत्तीसगढ़ आज निवेश, व्यापार और पर्यटन के लिए अधिक आकर्षक बन रहा है। यह मजबूत कनेक्टिविटी राज्य के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ रोजगार और क्षेत्रीय विकास के नए अवसर भी सृजित कर रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए प्रशासनिक जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। योजनाओं में लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को शासन की आधारशिला बनाया है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और जन-केंद्रित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित जांच, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई, तथा अनियमितताओं में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की निगरानी को तकनीक आधारित बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हुई हैं। इसके लिए ई-ऑफिस, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-गवर्नेंस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाया गया है। &amp;nbsp;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश में कही भी औचक निरीक्षण की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला प्रशासन द्वारा नियमित औचक निरीक्षणों के माध्यम से जिलों के सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, राशन दुकानों और विभिन्न विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया जा रहा है।इन निरीक्षणों के दौरान लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में तत्काल कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। इससे प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन बढ़ा है और अधिकारियों की जवाबदेही पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।औचक निरीक्षणों के परिणामस्वरूप सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार आया है तथा जनता का शासन व्यवस्था पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।सुशासन की इसी कार्य पद्धति के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करे तथा शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समय पर और प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचे।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुँचाना है। सुशासन, पारदर्शिता, निवेश, अधोसंरचना, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार और औद्योगिक विकास को केंद्र में रखकर राज्य में व्यापक परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति, बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क, डिजिटल शासन, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, किसानों और महिलाओं के हित में लागू योजनाएँ तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।राज्य सरकार का संकल्प है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित एवं समावेशी प्रगति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।विकसित छत्तीसगढ़ का यह अभियान केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना के माध्यम से एक समृद्ध, आत्मनिर्भर, सशक्त और खुशहाल छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य निरंतर नए अवसरों, नई उपलब्धियों और नई संभावनाओं के साथ विकास की नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है।सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील हृदय और सशक्त नेतृत्व यही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहचान है, जो छत्तीसगढ़ को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर कर रही है।</description ></item><item><title>सुशासन तिहार के दौरान जिले मेें प्राप्त 507 आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-तिहार-के-दौरान-जिले-मेें-प्राप्त-507/80729</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;* &amp;nbsp;ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देने का बना प्रभावी अभियान&amp;nbsp;रायपुर-सुशासन तिहार केवल शिकायतों के समाधान का मंच नहीं, बल्कि गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में पशुधन विकास विभाग ने पशुपालन आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी ग्रामीणों की सभी मांगों का समयबद्ध निराकरण कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।जिला प्रशासन अंबिकापुर द्वारा सुशासन तिहार के दौरान जिलेभर से प्राप्त 507 आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया गया। इनमें बकरी पालन, सूकर पालन, मुर्गी पालन, गाय पालन तथा अन्य पशुपालन गतिविधियों से संबंधित आवेदन शामिल रहे।जिले के जनपद पंचायतवार प्राप्त आवेदनों में लखनपुर से सर्वाधिक 96 आवेदन, मैनपाट से 84, सीतापुर से 81, बतौली से 70, अम्बिकापुर से 67, उदयपुर से 66 तथा लुंड्रा से 43 आवेदन प्राप्त हुए। सभी जनपदों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया गया।पशुधन विकास विभाग द्वारा हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पशुपालन की आधुनिक तकनीकों, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, टीकाकरण, संतुलित आहार एवं वैज्ञानिक पालन-पोषण संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ प्रदान करना ही नहीं, बल्कि हितग्राहियों को सफल पशुपालक के रूप में विकसित करना भी है।पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण आधार है। इसी दृष्टिकोण के साथ सुशासन तिहार के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण कर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है।</description ></item><item><title>प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना,,सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करें</title><link>https://cnin.co.in/प्रधानमंत्री-सूर्य-घर-मुफ्त-बिजली-योजना,,सौर/80728</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर--प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घर-घर में सौर ऊर्जा का उपयोग करके बिजली बिल में कमी लाना है। इस योजना के तहत, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी के सभी उपभोक्ताओं को अपने आवासीय परिसरों में रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने की सलाह दी जाती है।&amp;nbsp;* &amp;nbsp;योजना के लाभसोलर प्लांट की क्षमता के अनुसार केंद्र और राज्य शासन द्वारा अनुदान दिया जाएगा। जैसे कि 1 केवी प्लांट के लिए 45,000 रूपए। जिसमें केंद्र का 30,000 और &amp;nbsp;राज्य 15,000 अनुदान होगा। इसी प्रकार 2 केव्ही प्लांट के लिए 90,000 रूपए। इनमें केन्द्र का 60,000, राज्य का 30,000, 3 केवी प्लांट या अधिक के लिए 1,08,000 इनमें केन्द्र का 78,000, राज्य 30,000 अनुदान होगा। बैंक द्वारा लोन की सुविधा 3 केवी तक क्षमता के सोलर प्लांट के लिए 6 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 वर्षों के लिए लोन उपलब्ध है, जिसका मासिक ईएमआई सामान्य मासिक बिल से कम है।पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना ऑनलाइन पोर्टल पर लॉग ऑन कर या नजदीकी वितरण केन्द्रों, उप-संभाग, संभागीय कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। प्रति केव्ही कुल खर्च लगभग 65,000 है। इस योजना का लाभ उठाकर अपने बिजली बिल में कमी ला सकते हैं और सौर ऊर्जा का उपयोग करके पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान कर सकते हैं।</description ></item><item><title>रविवार को बिलासपुर में छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन का तृतीय आमसभा एवं सराफा महासम्मेलन</title><link>https://cnin.co.in/रविवार-को-बिलासपुर-में-छत्तीसगढ़-सराफा/80727</link><description>&amp;nbsp;* सराफा व्यापार के हित में मिसाल साबित होगा यह महासम्मेलनबिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में रविवार 28 जून को रामदेव लॉन, 36 मॉल के बगल, मंगला, बिलासपुर में प्रदेश स्तरीय सराफा महासम्मेलन एवं तृतीय आमसभा का आयोजन किया गया है जिसमें प्रदेश भर से 5 हजार से अधिक &amp;nbsp;सराफा व्यापारी व &amp;nbsp;प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन की पूर्व संध्या एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि हमारे दो वर्ष उपलब्धियों से परिपूर्ण रहे हैं। संगठन ने व्यापारियों को एक नई पहचान और मजबूती दी है। अब हमारा लक्ष्य 251 इकाइयों का गठन, जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की स्थापना, व्यापारियों की सुरक्षा को और मजबूत करना तथा बीएनएस की धारा 317 का सरलीकरण सुनिश्चित करना है। हमें विश्वास है कि तीसरा वर्ष संगठन के लिए नई मिसाल स्थापित करेगा। यह महासम्मेलन इन प्रयासों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। &amp;nbsp;महासम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे उप मुख्यमंत्री व नगरीय निकाय मंत्री श्री अरूण साव,अतिविशिष्ट अतिथि &amp;nbsp;केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू एवं उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री श्री विजय शर्मा,विशिष्ट अतिथि उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं खगरिया (बिहार) के सांसद श्री राजेश वर्मा होंगे।अन्य सम्मानित अतिथियों में विधायक अमर अग्रवाल,विधायक धरमलाल कौशिक,विधायक धरमजीत सिंह,विधायक सुशांत शुक्ला,विधायक अटल श्रीवास्तव,अध्यक्ष क्रेडा श्री भूपेन्द्र सवन्नी,अध्यक्ष पाठ्यपुस्तक निगम श्री राजा पांडेय,अध्यक्ष सीएमडीसी श्री सौरभ सिंह,पूर्व विधायक कृष्णकुमार बांधी,चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष सतीश थौरानी,छग सराफा एसोसिएशन के आधार स्तंभ श्री शिवराज भंसाली शामिल रहेंगे। &amp;nbsp;प्रथम सत्र का कार्यक्रम-अतिथि आगमन,प्रदेश अध्यक्ष का उद्बोधन,अतिथियों का उद्बोधन व मार्गदर्शन,जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के लिए भूमि प्रदान करने हेतु राज्य सरकार का आभार,स्वर्णकला बोर्ड गठन की मांग,धारा 317,बीएनएस 411 आईपीसी दुरुपयोग रोकने हेतु व्यापारिक हित में सरलीकरण की मांग,सराफा रत्न से सम्मान संस्थापक सदस्यों पूर्व सभी अध्यक्षों व सक्रिय सदस्यों का,अतिथियों का सम्मान। &amp;nbsp;दूसरे सत्र का कार्यक्रम-पुलिस प्रशासन व स्थानीय शासन प्रमुख द्वारा कानून व &amp;nbsp;सुरक्षा से संबंधित मार्गदर्शन,दिशा निर्देश व सुझाव। बीआईएस व जीएसटी के प्रमुख अधिकारियों द्वारा कार्यशाला,नए संविधान के अनुरूप ईकाई सदस्यों से एकमुश्त सदस्यता शुल्क संग्रहण प्रारंभ,खुला मंच चर्चा,अन्य विषय अध्यक्ष की अनुमति से,सभी एसोसिएशन सदस्यों का सम्मान,आभार व समापन। &amp;nbsp;प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सोनी ने बताया कि जनवरी 2024 में प्रदेश में संगठन की लगभग 60 सक्रिय इकाइयाँ थीं। संगठन विस्तार अभियान के परिणामस्वरूप जून 2024 तक यह संख्या बढ़कर 91 से अधिक हो गई तथा वर्तमान में प्रदेशभर में 125 से अधिक इकाइयाँ संगठन से जुड़ चुकी हैं।उन्होंने बताया कि संगठन का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक सराफा व्यापारी को एक सशक्त मंच से जोड़ते हुए 251 इकाइयों का गठन करना है। इसी उद्देश्य से सभी संभागों में आमसभाओं का आयोजन, संभागीय प्रतिनिधियों की नियुक्ति तथा निरंतर जन-संवाद एवं संगठन विस्तार अभियान संचालित किए जा रहे हैं। संगठन के इस व्यापक विस्तार अभियान ने पूरे प्रदेश के सराफा व्यापारियों में एकता, विश्वास एवं सहभागिता को और अधिक मजबूत किया है।आयोजन को ऐतिहासिक व यादगार बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सोनी के नेतृत्व में प्रदेश सचिव श्री प्रकाश गोलछा, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री हर्षवर्धन जैन, अध्यक्ष &amp;nbsp;,अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं समन्वयक श्री प्रदीप मारोठी घोरपड़े, कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजय कानुगा (रायपुर संभाग), श्री उत्तमचंद भंडारी (दुर्ग संभाग), श्री पवन अग्रवाल (बिलासपुर संभाग), श्री राजू दुग्गड़ (बस्तर संभाग), श्री राजेश सोनी (सरगुजा संभाग), संगठन मंत्री श्री सुनील सोनी, मीडिया प्रभारी श्री आलोक सोनी, जिला अध्यक्ष श्री कल्याण सिंह, जिला सचिव श्री दीपक सोनी एवं कार्यकारी अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय सहित प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी के अलावा आयोजन समिति के पंकज करैख, श्री राजेश शाह, श्री अजय सराफ, श्री प्रमोद वर्मा, श्री नवनाथ आवले, श्री सूरज सोनी, श्री शशांक स्वर्णकार, श्री राजू पारेख एवं श्री सज्जन सोनी ने पूरी ताकत झोंक दी है। निश्चित ही यह सम्मेलन सराफा व्यापार के लिए मील का पत्थर साबित होगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>फिल्में और गालियां  </title><link>https://cnin.co.in/फिल्में-और-गालियां--/80726</link><description>&amp;nbsp;बुराई पर अच्छाई की जीत &amp;nbsp;के उद्देश्य को लेकर &amp;nbsp;हिंदुस्तान में पहले मूक और फिर बोलती फिल्मे पर्दे पर आती रही है। जाहिर है बुरे चरित्र ( खलनायक या खलनायिका)को दिखाने के लिए हाव भाव के अलावा बोलचाल से भी बुरा बताना &amp;nbsp;पटकथा का हिस्सा होता है। बुरे चरित्र के व्यक्ति &amp;nbsp;को गाली &amp;nbsp;देना जरूरी होता है साथ ही गाली खाना भी पड़ता है।फिल्मों के शुरुआती दौर में &amp;nbsp;धार्मिक और पारिवारिक फिल्मे ही बना करती थी इस कारण गालियों &amp;nbsp;की रेंज बहुत सीमित थी।इसका कारण सेंसर बोर्ड भी था। पुरानी हिंदी फिल्मों में सुनाई देने वाली गालियां हरामज़ादा, कमीना ,बदमाश, नालायक निकम्मा ,साला , बेवकू$फ लफंगा, आवारा, बदजात, दुष्ट ,पाजी हुआ करते थे। जानवरों के नाम में कुत्ता ,कुत्ते सर्वाधिक रूप से दी जाने वाली &amp;nbsp;गाली थी और आज भी है। कुत्ते मै तेरा खून पी जाऊंगा, बसंती ,इन कुत्तों के सामने मत नाचना, शोले फिल्म के न भूलने वाले संवाद है।गधा और उल्लू &amp;nbsp;के प_े का उपयोग भी गाली के रूप में होता रहा है।1990 के बाद कुछ फिल्मों में &amp;nbsp;गालियों की सीमा का विस्तार हुआ।बैंडिट क्वीन शेखर कपूर द्वारा फूलन देवी के जीवनी पर बनी फिल्म थी।इस फिल्म में पहली बार रिश्तों के आधार पर दी जाने वाली अश्लील गाली &amp;nbsp;सुनी गई थी। ओंकारा , गैंग ऑफ वासेपुर और &amp;nbsp;मिर्जापुर जैसी फिल्मों/ सीरीज़ में वास्तविक बोलचाल की वजह से अधिक तीखी और अश्लील &amp;nbsp;गालियाँ भी इस्तेमाल की गईं। इसकी वजह भी बताई गई कि सामाजिक परिवेश का वास्तविक चित्रण तभी संभव है जब कही सुनी बाते जिसमें &amp;nbsp;मां बहन की गालियां भी शामिल है उन्हें उच्चारित किया जाए। &amp;nbsp;वर्तमान में धुरंधर फिल्म के दोनों भागो में गालियों का प्रचुरता से प्रयोग हुआ। पाकिस्तान &amp;nbsp;और हिंदुस्तान के बुरे चरित्रों सहित नायक ने भी कोई कंजूसी नहीं दिखाई। ओटीटी के प्लेटफॉर्म पर आने वाले &amp;nbsp;सीरियल्स में सेंसर बोर्ड के अभाव के चलते गालियों की भरमार हो गई है। इसके निर्माताओं का मानना है कि वे जिस विषय को लेकर दर्शकों के सामने है उसमें दो गैंग या पुलिस और अपराधियों की सच्चाई है। इन दोनों वर्गो में गाली दिए बिना बात आगे बढ़ नहीं सकती। वो दौर गया जब खलनायक नायक को बाँध कर नायिका से गाना सुनता था और डांस देखता था। आने वाले दौर में वास्तविकता के नाम पर कितनी गालियां दी जाएंगी इस पर सेंसर बोर्ड का क्या रुख रहेगा,भविष्य में मिलने वाले प्रश्नों के उत्तर है। &amp;nbsp;&amp;nbsp;0- संजय दुबे</description ></item><item><title>पीएम मोदी ने सेशेल्स में कछुओं को पत्तियां खिलाईं, 256 साल पहले 5 भारतीय रहने पहुंचे थे; अब हर 8वां नागरिक भारतवंशी</title><link>https://cnin.co.in/पीएम-मोदी-ने-सेशेल्स-में-कछुओं-को-पत्तियां/80725</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;विक्टोरिया--प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नेशनल बोटैनिकल गार्डन में एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं। मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी होंगे।हिंद महासागर में बसे इस छोटे से द्वीपीय देश का भारत से रिश्ता सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि 256 साल पुराना भी है। साल 1770 में जब यहां पहली स्थायी बस्ती बसाई गई, तब वहां पहुंचने वाले 27 लोगों में 5 भारतीय भी शामिल थे। बाद में बिहार, तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय यहां आकर बस गए।आज सेशेल्स की करीब 1.20 लाख आबादी में लगभग हर आठवां नागरिक भारतीय मूल का है। देश के राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन के पूर्वज भी बिहार के गोपालगंज जिले से थे। ऐसे में मोदी का यह दौरा दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है।</description ></item><item><title>किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने लगाई जनचौपाल</title><link>https://cnin.co.in/किसकोड़ो,-जहां-कभी-लगती-थी-नक्सलियों-की-चौपाल,/80724</link><description>&amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री &amp;nbsp;शर्मा पहुंचे नक्सलियों की मांद कहलाने वाले ग्राम किसकोड़ो, ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएंआदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा किसकोड़ो - उप मुख्यमंत्री शर्मारायपुर---कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार 26 जून को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने देर शाम को ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल रहा यह गांव अब लोकतंत्र, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांग एवं सुझाव गंभीरता से सुनी। इस दौरान ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी अनेक मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। यहां पहुंचे ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास के लिए उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद जल्द से जल्द विकास करने की जो ललक आज ग्रामीणों में दिख रही है वह अविश्वसनीय है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे &quot;भारत माता की जय&quot; के उद्घोष इस बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के साथ उनका सर्टिफिकेशन करने की भी आवश्यकता है, आसपास की सभी पंचायतों को मिलाकर ब्रांडिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज प्रसंस्करण के लिए व्यवस्था निर्माण के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर कांकेर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी श्री आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, एडीएम श्री एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़ श्री राहुल रजक सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>आषाढ़ के प्रथम दिवस पर 29 एवं 30 जून को होगा भव्य रामगढ़ महोत्सव</title><link>https://cnin.co.in/आषाढ़-के-प्रथम-दिवस-पर-29-एवं-30-जून-को-होगा-भव्य/80723</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, इतिहास, संस्कृति, साहित्य और लोककला का होगा अद्भुत संगमविश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ में दो दिनों तक सजेंगी सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियां&amp;nbsp; रायपुर--सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत के प्रतीक रामगढ़ में आषाढ़ के प्रथम दिवस के अवसर पर 29 एवं 30 जून को दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित महोत्सव में प्रदेश की लोकसंस्कृति, साहित्य, इतिहास, पुरातत्व और पर्यटन की समृद्ध विरासत एक साथ देखने को मिलेगी। महोत्सव के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, कलाकार, शोधकर्ता, पर्यटक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहेंगे।29 जून को प्रातः 10ः30 बजे अतिथियों के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। स्वागत समारोह, अतिथियों के उद्बोधन तथा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं पर आधारित लोकनृत्य, लोकगीत एवं लोकवाद्य प्रस्तुतियां पूरे दिन आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सायंकाल सुप्रसिद्ध लोक एवं सांस्कृतिक कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां महोत्सव को और अधिक भव्य बनाएंगी। महोत्सव के दौरान आगंतुक विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला तथा अन्य महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण करेंगे। विशेषज्ञ इन धरोहरों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक महत्व की विस्तृत जानकारी देंगे।30 जून को साहित्य, इतिहास एवं संस्कृति पर केंद्रित परिचर्चाएं, जनजातीय संस्कृति की प्रस्तुतियां, लोककलाओं का प्रदर्शन, स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी तथा विद्यालयों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का सम्मान भी किया जाएगा। रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ पर्यटन को नई गति प्रदान करेगा। महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को रामगढ़ क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को निकट से जानने का अवसर मिलेगा। जिला प्रशासन ने प्रदेशवासियों, साहित्यकारों, कलाकारों, विद्यार्थियों एवं पर्यटकों से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में शामिल होकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की तैयारी तेज : एनसीएल बोर्ड का बड़ा फैसला</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-हीरा-खनन-की-तैयारी-तेज-:-एनसीएल/80722</link><description>&amp;nbsp;बलौदा-बेलमुंडी&amp;nbsp;डायमंड ब्लॉक में बड़े व्यास की ड्रिलिंग को मंजूरीरायपुर--छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी देते हुए लार्ज डायमीटर (Large Diameter) ड्रिलिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया। यह कदम इस क्षेत्र में हीरे के वास्तविक भंडार का वैज्ञानिक आकलन करने और भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।बैठक में निदेशक मंडल ने परियोजना की अब तक की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। बड़े व्यास की ड्रिलिंग से किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरा भंडार का सटीक आकलन किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार होगी, जिसके आधार पर व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। एनसीएल के निदेशक मंडल की बैठक में श्री अमिताभ मुखर्जी, श्री आशीष चटर्जी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद, छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल, श्री उपेंद्र कुमार तथा श्री विनय कुमार उपस्थित रहे।एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (51 प्रतिशत) तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (49 प्रतिशत) का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी अब तक लौह अयस्क परियोजनाओं पर केंद्रित रही है, लेकिन बलौदा-बेलमुंडी में प्राकृतिक हीरों की पुष्टि के बाद यह बहु-खनिज विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। एनसीएल द्वारा स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के माध्यम से किम्बरलाइट पाइप की पहचान की गई। इसके बाद लगभग 200 टन बल्क सैंपल का परीक्षण एनएमडीसी के पन्ना डायमंड प्रोसेसिंग प्लांट में किया गया, जहां 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे प्राप्त हुए। इससे इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि हो चुकी है।बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख हीरा उत्पादक देशों के अनुभव बताते हैं कि प्रारंभिक चरण में इस प्रकार की सफलता भविष्य में बड़े व्यावसायिक भंडार मिलने का संकेत हो सकती है। इसलिए बलौदा-बेलमुंडी परियोजना को छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण खनिज परियोजना माना जा रहा है। बैठक में राज्य की अन्य प्रमुख लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैलाडीला डिपॉजिट-4 में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 10 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष किया जाएगा। वहीं बैलाडीला डिपॉजिट-13 को एक करोड़ टन वार्षिक क्षमता के साथ विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है। बैठक में यह भी दोहराया गया कि सभी परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष निदेशक श्री सौरभ सिंह ने कहा कि खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और उद्योगों का संतुलित विकास देश की आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। बलौदा-बेलमुंडी की हीरा परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित हो सकती है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>रविवार को 35.98 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दो बूंद</title><link>https://cnin.co.in/रविवार-को-35.98-लाख-बच्चों-को-पिलाई-जाएगी-पोलियो/80721</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;* 14,396 बूथों पर मिलेगी पोलियो की दो बूंद, 57 हजार से अधिक वैक्सीनेटर रहेंगे तैनात&amp;nbsp;रायपुर-देश भर में रविवार को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ ने भी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अभियान के तहत राज्य के पांच वर्ष तक के 35 लाख 98 हजार 904 बच्चों को पोलियो से बचाव हेतु दवा की दो बूंद पिलाई जाएगी। अभियान के संचालन हेतु 28,791 टीमों के साथ 57 हजार से अधिक वैक्सीनेटर तैनात किए गए हैं। बूथ दिवस के बाद 29 एवं 30 जून को टीमें घर-घर पहुंचकर ऐसे बच्चों को भी पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए।अभियान के सफल संचालन के लिए राज्य के सभी 33 जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला एवं विकासखंड स्तर पर टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित कर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों और टीकाकरण दलों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। माइक्रोप्लान का सत्यापन, वैक्सीन की उपलब्धता, कोल्ड चेन प्रबंधन तथा आवश्यक लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है।इस अभियान में दूरस्थ गांवों, वनांचल क्षेत्रों, शहरी &amp;nbsp;बस्तियों, ईंट-भ_ों, निर्माण स्थलों तथा प्रवासी और घुमंतू परिवारों के बच्चों तक विशेष रूप से पहुंच बनाई जाएगी। बूथ दिवस के बाद टीमें घर-घर भ्रमण कर उन बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे।राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वी. आर. भगत ने बताया, &amp;nbsp;'राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली गई हैं। अभियान के दौरान बूथों के साथ-साथ घर-घर भ्रमण कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जन्म से पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। अभिभावक अपने बच्चों को निर्धारित बूथों पर अवश्य लेकर आएं। यदि किसी कारणवश वे बूथ तक नहीं पहुंच पाते हैं, तो घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीम को सहयोग करें। पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखने में प्रत्येक परिवार की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे जन्म से पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को, चाहे उसे पहले नियमित टीकाकरण अथवा पल्स पोलियो अभियान में दवा मिल चुकी हो, इस अभियान में भी पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं। पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना आवश्यक है।</description ></item><item><title>डिजिटल दुनिया से विश्व पटल तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का पर्यटन : मंत्री राजेश अग्रवाल</title><link>https://cnin.co.in/डिजिटल-दुनिया-से-विश्व-पटल-तक-पहुंचेगा/80720</link><description>&amp;nbsp;लखनपुर में सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से मिले पर्यटन एवं संस्कृति&amp;nbsp;मंत्री राजेश अग्रवालयुवा डिजिटल क्रिएटर्स से संवाद कर पर्यटन, संस्कृति और स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वानरायपुर--छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं को देश-दुनिया तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से लखनपुर (अंबिकापुर) में आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर मीट में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए डिजिटल क्रिएटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों, लोक संस्कृति और जनजातीय जीवन की सकारात्मक एवं प्रेरणादायी कहानियों को व्यापक स्तर पर साझा करने का आग्रह किया।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम लोगों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और पर्यटन को नई पहचान दिलाने का सशक्त उपकरण भी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, धार्मिक आस्था, वन्यजीव और जनजातीय जीवन का अद्भुत संगम है, जिसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने में डिजिटल क्रिएटर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।उन्होंने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से आग्रह किया कि वे अपनी रचनात्मक सामग्री के माध्यम से चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, कांगेर घाटी, सिरपुर, भोरमदेव, रामगढ़, मैनपाट, बारसूर, चंद्रखुरी, दंतेवाड़ा सहित प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करें, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हों। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल किसी स्थान का प्रचार नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार, हस्तशिल्प, लोक कला, संस्कृति और आर्थिक समृद्धि से भी सीधे जुड़ा हुआ क्षेत्र है।संवाद के दौरान श्री राजेश अग्रवाल ने स्वच्छता को सफल पर्यटन की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए कहा कि स्वच्छ पर्यटन स्थल ही पर्यटकों के मन में स्थायी छाप छोड़ते हैं। उन्होंने सभी डिजिटल क्रिएटर्स से अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने तथा पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प ले, तो छत्तीसगढ़ देश के सबसे स्वच्छ और आकर्षक पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकता है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आगामी 29 एवं 30 जून को सरगुजा के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थल रामगढ़ में आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार का भी आह्वान किया। उन्होंने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स एवं डिजिटल क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से रामगढ़ महोत्सव की विशेषताओं, ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, स्थानीय लोक कला और पर्यटन आकर्षणों को देशभर के लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है और यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से बड़ी संख्या में पर्यटक एवं संस्कृति प्रेमी रामगढ़ महोत्सव से जुड़ेंगे।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाना है। सोशल मीडिया के माध्यम से हमारे युवा इस अभियान के सशक्त भागीदार बन सकते हैं। मुझे विश्वास है कि डिजिटल क्रिएटर्स के सहयोग से छत्तीसगढ़ की सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और हमारे प्रमुख पर्यटन आयोजनों की पहचान दुनिया के हर कोने तक पहुंचेगी।उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन अधोसंरचना के विकास, सुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक आयोजनों के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन, जनजातीय संस्कृति के संवर्धन तथा स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राज्य के प्रत्येक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल को बेहतर सड़क, मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक प्रचार-प्रसार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव उपलब्ध कराया जा सके।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा हुई। बताया गया कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और समग्र आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम मानते हुए प्रदेश के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के साथ-साथ उनके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश के पर्यटन स्थलों का समग्र विकास, आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण, सांस्कृतिक आयोजनों का विस्तार तथा डिजिटल माध्यमों से वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ की पहचान स्थापित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स ने भी प्रदेश के पर्यटन स्थलों को नवीन एवं रचनात्मक शैली में प्रस्तुत करने, सकारात्मक सामग्री तैयार करने, स्वच्छता और जिम्मेदार पर्यटन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ आगामी रामगढ़ महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का विश्वास दिलाया।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उप महाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी एवं प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए डिजिटल क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स उपस्थित रहे। यह संवाद कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और प्रमुख आयोजनों को डिजिटल माध्यमों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जनसहभागिता और आधुनिक डिजिटल संचार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>धमतरी का 'नगरी' बनेगा हल्दी उत्पादन का नया हब: 250 किसानों ने थामा वैज्ञानिक खेती का हाथ, 250 टन पैदावार का लक्ष्य</title><link>https://cnin.co.in/धमतरी-का-'नगरी'-बनेगा-हल्दी-उत्पादन-का-नया-हब:/80719</link><description>&amp;nbsp;​उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग तक की बनी मजबूत चेनछत्तीसगढ़ के वनांचल में 'पीली क्रांति' से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सूरत​रायपुर--छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का आदिवासी बहुल नगरी विकासखंड अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर 'पीली क्रांति' (हल्दी उत्पादन) की ओर कदम बढ़ा चुका है। मुख्यमंत्री के मंशानुसार कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और वनांचल के किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए यहां हल्दी की वैज्ञानिक खेती की एक बड़ी और महत्वाकांक्षी शुरुआत की गई है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;​इस मुहिम के तहत नगरी और मगरलोड क्षेत्र के 250 किसानों ने 10 टन उच्च गुणवत्तायुक्त हल्दी बीज (राइजोम) की बुवाई कर आगामी सीजन में 250 टन बंपर उत्पादन का लक्ष्य रखा है। जिला प्रशासन की इस पहल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि किसानों को सिर्फ फसल उगाने तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि 'उत्पादन–प्रसंस्करण–ब्रांडिंग–विपणन'&amp;nbsp; की एक सशक्त वैल्यू चेन (मूल्य श्रृंखला) से जोड़ा जा रहा है।​&amp;nbsp;खेत से लेकर बाजार तक का रोडमैप&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;​कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला पंचायत धमतरी, जनपद पंचायत नगरी और 'प्रदान' संस्था के संयुक्त त्रिकोणीय सहयोग से ग्रामीण स्तर पर यह ढांचा तैयार किया गया है। इसके तहत व्यवस्था को बेहद संगठित रूप दिया गया है। 'गट्टासिल्ली किसान उत्पादक कंपनी' (FPC) के माध्यम से किसानों को उन्नत किस्म का बीज उपलब्ध कराया गया है। कच्चे माल को सीधे औने-पौने दामों में बेचने के बजाय, जिला पंचायत द्वारा ग्राम कोर्रेमुडा में एक अत्याधुनिक हल्दी प्रसंस्करण इकाई स्थापित की गई है। यहां 'हरिभूमि किसान उत्पादक संगठन' के जरिए हल्दी का पाउडर और अन्य मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएंगे। तैयार हल्दी पाउडर को आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ 'गट्टासिल्ली FPC' द्वारा सीधे बाजार में उतारा जाएगा, जिससे बिचौलियों का खात्मा होगा और किसानों को सीधा मुनाफा मिलेगा।​'कोर्रेमुडा' में हुआ आधुनिक खेती का शंखनाद&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;​इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए ग्राम पंचायत झुझरकस्सा के आश्रित ग्राम कोर्रेमुडा में एक दिवसीय वृहद तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नगरी और मगरलोड विकासखंड के कृषि मित्रों और पीआरपी (PRP) ने हिस्सा लिया।​&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; विशेषज्ञों ने भूमि सुधार, रोगमुक्त राइजोम चयन, बीज उपचार और संतुलित पोषण प्रबंधन की बारिकियां सिखाईं।लगभग 270 दिनों की इस फसल के दौरान कृषि मित्र हर चरण में किसानों के खेतों में जाकर तकनीकी मार्गदर्शन देंगे, ताकि उत्पाद की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो।&amp;nbsp;ऊपरी भूमि का सदुपयोग और टिकाऊ आय का जरिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; ​नगरी विकासखंड का एक बड़ा हिस्सा पथरीली या ऊपरी भूमि (Upland) के अंतर्गत आता है, जहां धान की खेती उतनी लाभदायक नहीं होती। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह भूमि हल्दी जैसी नकदी फसलों के लिए बेहद उपयुक्त है। इस नई पहल से न केवल अनुपयोगी समझी जाने वाली जमीन का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।&amp;nbsp; &amp;nbsp;​यह समन्वित प्रयास आने वाले वर्षों में धमतरी के नगरी क्षेत्र को राज्य के नक्शे पर हल्दी उत्पादन और मूल्य संवर्धन के एक बड़े कृषि-उद्यमिता केंद्र के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सख्ती का असर : गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णुदेव-साय-की-सख्ती-का-असर-:/80718</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत पर 3 जेसीबी और 3&amp;nbsp;ट्रैक्टर वाहन जप्तखनिज संपदा की लूट नहीं होगी बर्दाश्त, अवैध उत्खनन करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाईरायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 जेसीबी मशीन तथा 3 ट्रैक्टर वाहनों को जप्त किया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की शून्य सहिष्णुता की नीति को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किए जाने का प्रमाण है।जिले के देवराजपारा-सधवानी तथा बंधी-बचरवार क्षेत्र में खनिज मुरूम एवं मिट्टी के अवैध उत्खनन की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल जांच कराई गई। वहीं सिलपहरी क्षेत्र में खनिज रेत के अवैध परिवहन की सूचना पर भी खनिज विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों को जप्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान देवराजपारा-सधवानी क्षेत्र से दो जेसीबी, बंधी-बचरवार क्षेत्र से एक जेसीबी तथा सिलपहरी क्षेत्र से रेत परिवहन में लगे तीन ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर सुरक्षित रूप से पुलिस लाइन अमरपुर में रखा गया है।उल्लेखनीय है कि सधवानी के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1076 तथा कलेक्टर के समक्ष अवैध उत्खनन की शिकायत दर्ज कराई थी। मुख्यमंत्री की जनहितकारी शिकायत निवारण व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त शिकायत पर कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की सक्रियता और खनिज विभाग की तत्परता से शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जिससे आमजन का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है।कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन अथवा भंडारण जैसी किसी भी गतिविधि को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी, सतत निरीक्षण तथा शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण हो सके और शासन को राजस्व की क्षति न पहुंचे।खनिज विभाग के अनुसार जप्त किए गए सभी वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। नियमानुसार अर्थदंड एवं समझौता राशि निर्धारित खनिज मद में जमा कराने के बाद ही संबंधित वाहनों को मुक्त किया जाएगा।इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे तथा नगर सैनिक सतीश साहू सहित जिला खनिज उड़नदस्ता दल के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सुशासन, पारदर्शिता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार अवैध खनन के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए जनशिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>पुनर्वासित युवाओं से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप</title><link>https://cnin.co.in/पुनर्वासित-युवाओं-से-मिले-उप-मुख्यमंत्री/80717</link><description>&amp;nbsp;गांवों के विकास में सहभागी बनने का किया आह्वान, सिंचाई व्यवस्था के दिए निर्देशरायपुर,--उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा&amp;nbsp; नारायणपुर प्रवास के दौरान पुनर्वास केंद्र पहुंचकर हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा से जुड़े युवाओं से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप भी मौजूद रहे। दोनों मंत्रियों ने युवाओं से पुनर्वास केंद्र में मिल रही सुविधाओं, प्रशिक्षण और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की और उन्हें विकास की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।दस्तावेज और सुविधाओं की ली जानकारी&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने युवाओं से आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाते सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों और शासकीय सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य हर पुनर्वासित युवक-युवती को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भर बनने के लिए सभी सुविधाएं देना है।पूर्व साथियों को प्रेरित करने की अपील&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;गृह मंत्री श्री शर्मा ने युवाओं से कहा कि वे जेल में बंद अपने पूर्व साथियों से मिलकर उन्हें भी पुनर्वास योजना का लाभ लेने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विकास और शांति का रास्ता ही बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का आधार है।कौशल विकास की सराहना, सिंचाई के निर्देश&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री ने केंद्र में चल रहे कौशल विकास प्रशिक्षण की जानकारी ली। महिलाओं द्वारा मोटर वाहन ड्राइविंग का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में दिखाई जा रही भागीदारी की सराहना की।&amp;nbsp;सर्वे कराकर खेतों में सिंचाई की समुचित व्यवस्था कराएं&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; चर्चा के दौरान युवाओं ने खेतों में सिंचाई के लिए बोर की जरूरत बताई। इस पर श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहीदों के परिवारों और पुनर्वासित युवाओं का सर्वे कराकर उनके खेतों में सिंचाई की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि वे खेती से स्थायी आजीविका कमा सकें।पेसा अधिनियम को और सशक्त बना रही सरकार&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पेसा अधिनियम को और प्रभावी बनाने का काम लगातार हो रहा है। बस्तर के जनप्रतिनिधि आदिवासी समाज से हैं और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने को कहा। साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहभागी बनने का आह्वान किया।बस्तर को शांति-विकास की नई दिशा देने का समय: केदार कश्यप&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर बस्तर के निर्माण तक आदिवासी समाज का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। अब समय बस्तर को शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा देने का है। हिंसा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने वाले युवाओं ने इस बदलाव की शुरुआत कर दी है। अब सभी को मिलकर क्षेत्र और समाज के समग्र विकास के लिए काम करना चाहिए।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर कांकेर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिन्सन गुरिया सहित जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>हर-घर मुनगा, घर-घर सुपोषण : बस्तर से मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने दिया पोषण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश</title><link>https://cnin.co.in/हर-घर-मुनगा,-घर-घर-सुपोषण-:-बस्तर-से-मंत्री-/80716</link><description>&amp;nbsp;रायपुर --महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बस्तर संभाग के सुकमा जिले के प्रवास के दौरान सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र, लस्केपारा (छिंदगढ़) की पोषण वाटिका में नन्हें बच्चों के साथ मुनगा एवं पपीता के पौधों का पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘‘हर-घर मुनगा, घर-घर सुपोषण’’ का संदेश देते हुए पौष्टिक आहार, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का आह्वान किया।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों को मुनगा और पपीता के पोषण संबंधी महत्व, इनके स्वास्थ्य लाभ तथा संतुलित आहार में उनकी उपयोगिता के बारे में सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के हाथों से भी पौधे लगवाए और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि मुनगा को &quot;सुपोषण वृक्ष&quot; के रूप में पहचान मिल चुकी है, क्योंकि इसकी पत्तियां, फलियां और फूल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं तथा कुपोषण की समस्या से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पपीता भी विटामिन एवं खनिज तत्वों का उत्कृष्ट स्रोत है, जो बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों के अभिभावकों से अपने घरों एवं आंगनों में मुनगा के पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक परिवार अपने आसपास पौष्टिक वृक्ष लगाए, तो घर के समीप ही पोषक आहार उपलब्ध होगा और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित होगी।उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन, सुपोषित परिवार और हरित भविष्य हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य देने का संकल्प भी है।राज्य सरकार द्वारा संचालित सुपोषण अभियान के अंतर्गत पोषण वाटिकाओं के माध्यम से बच्चों, किशोरियों और माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। बस्तर अंचल से शुरू हुआ यह संदेश प्रदेश में पोषण, स्वास्थ्य और हरियाली के प्रति जनजागरूकता का प्रभावी अभियान बनकर उभर रहा है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>शहादत को नमन : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि</title><link>https://cnin.co.in/शहादत-को-नमन-:-मंत्री-लक्ष्मी-राजवाड़े-ने/80715</link><description>&amp;nbsp;शहीद की माताजी से की आत्मीय भेंट, अंत्योदय कार्ड जारी करने के दिए निर्देशरायपुर-/&amp;nbsp;महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले के जगरगुंडा स्थित शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्र की रक्षा एवं जनसेवा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने शहीद की माताजी से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान प्रदेश और देश की अमूल्य धरोहर है तथा उनके परिवारों का सम्मान और संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने संबंधित अधिकारियों को शहीद परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए शहीद की माताजी के लिए अंत्योदय राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण करने को कहा, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सके।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, विश्वास और शांति के नए युग की ओर अग्रसर है। ऐसे समय में प्रदेश के वीर सपूतों के त्याग और बलिदान को सदैव स्मरण रखना हम सभी का दायित्व है। शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>नवविकास की राह पर अग्रसर बस्तर :जगरगुण्डा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनी लक्ष्मी राजवाड़े</title><link>https://cnin.co.in/नवविकास-की-राह-पर-अग्रसर-बस्तर-:जगरगुण्डा/80714</link><description>&amp;nbsp;कभी नक्सल प्रभाव का प्रतीक रहे इलाकों में अब विकास, विश्वास और जनभागीदारी की नई इबारतरायपुर-बस्तर अब भय और हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर विकास, विश्वास और जनसहभागिता के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। कभी नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे सुदूर अंचलों में अब शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आजीविका के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। इसी परिवर्तनशील बस्तर की तस्वीर को और सशक्त करने महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एक दिवसीय प्रवास पर सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूर्वर्ती और सिलगेर पहुंचीं।विशेष महत्व की बात यह रही कि श्रीमती राजवाड़े सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं। वर्षों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में उनका आगमन विकास और शासन की संवेदनशील उपस्थिति का प्रतीक बनकर उभरा।दौरे के दौरान मंत्री ने पूर्वर्ती एवं सिलगेर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया तथा अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रमों में शामिल होकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीय समय बिताया, ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी असुरक्षा और हिंसा के कारण चर्चा में रहते थे, वहीं आज महिला स्वावलंबन, शिक्षा, पोषण और सामाजिक विकास के केंद्र बन रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और नई संभावनाओं का सृजन कर रही हैं।प्रवास के दौरान मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत जगरगुंडा स्थित कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनकी आजीविका, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।ग्रामीण महिलाओं ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि पहली बार कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से सीधे जगरगुंडा पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और संवाद करने आई हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल शासन के प्रति उनके विश्वास को और मजबूत करने वाली है तथा यह अनुभव कराती है कि विकास की मुख्यधारा अब वास्तव में उनके गांव तक पहुंच चुकी है।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, स्थानीय जनसमर्थन और सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, स्थायित्व और समृद्धि का नया वातावरण निर्मित हुआ है। जगरगुंडा, पूर्वर्ती और सिलगेर जैसे क्षेत्रों में आज बच्चों की मुस्कान, महिलाओं का बढ़ता आत्मविश्वास और विकास की नई संभावनाएं बदलते बस्तर की सशक्त पहचान बन चुकी हैं।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>प्रदीप दीवान का निधन</title><link>https://cnin.co.in/प्रदीप-दीवान-का-निधन/80713</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। आजाद चौक निवासी श्री प्रदीप दीवान,सकरी(अभनपुर)वाले का शुक्रवार की रात निधन हो गया। अंतिम संस्कार शनिवार 27 जून को महादेव घाट में किया गया। वे श्रुति के पिता,सुदेश,मनीष,संदीप,भावेश के बड़े भाई व शेषनारायण दीवान के भतीजे थे। &amp;nbsp;&amp;nbsp;संपर्क नंबर-सुदेश दीवान-88391.49011</description ></item><item><title>धर्मान्तरण और घुसपैठ देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा- अश्विनी उपाध्याय</title><link>https://cnin.co.in/धर्मान्तरण-और-घुसपैठ-देश-की-सुरक्षा-के-लिए/80712</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;* ना बाइबिल से, न कुरान से, भारत चलेगा तो केवल संविधान से&amp;nbsp;रायपुर। स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक एवं प्रखर अधिवक्ता स्व. कमलनारायण शर्मा की पुण्य स्मृति में आयोजित वार्षिक व्याख्यान एवं सम्मान समारोह का आयोजन में शामिल होने 26 जून को रायपुर के शहीद स्मारक भवन में उपस्थित थे। कार्यक्रम का विषय सुरक्षित भारत - चुनौतियाँ एवं समाधान रखा गया था और उपाध्याय ने मंच से इस विषय पर कहा कि धर्मान्तरण और घुसपैठ देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। ना बाइबिल और न कुरान से भारत देय यदि चलेगा तो केवल संविधान से। &amp;nbsp;कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में धर्मान्तरण और घुसपैठ देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा, ना बाइबिल से, न कुरान से, भारत चलेगा संविधान से। उन्होंने कहा कि कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा ही देश की एकता को मजबूत कर सकती है। उन्होंने भ्रष्टाचार को सुरक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी बाधा बताते हुए इसे खत्म करने के लिए ठोस नीतियों और जनसहभागिता पर बल दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्र ने की। विशिष्ट अतिथियों में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश श्री दीपक तिवारी , श्री अनुराग पांडेय एवं स्व. कमलनारायण शर्मा की पुत्री श्रीमती सविता पाठक उपस्थित रहे। &amp;nbsp;समारोह में 11 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों को सम्मानित किया गया, जिनमें स्व. मोतीलाल त्रिपाठी, स्व. नारायणदास राठौर, स्व. वल्लभदास गुप्ता, स्व. सरदार सुंदर सिंह, स्व. जगन्नाथराव नायडू, स्व. पारसराम सोनी, स्व. छेदीलाल दुबे, स्व. कुंजलाल मिश्रा एवं अन्य के वंशज शामिल रहे।विधि सेवा के क्षेत्र मेंअधिवक्ता &amp;nbsp;श्री विनोद प्रधान, श्री बृजेशनाथ पांडेय एवं श्रीमती रूपाली शर्मा &amp;nbsp;को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भावुक कर दिया।इस अवसर पर संस्था प्रमुख सुषमा तिवारी, संरक्षक अजय शर्मा, सचिव ममता शर्मा सहित बड़ी संख्या में नागरिक, अधिवक्ता, शिक्षक, छात्र, बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सोच को साकार कर रहा टेक्सटाइल पार्क, स्थानीय रोजगार को मिलेगी नई उड़ान</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री--विष्णु-देव-साय-की-सोच-को-साकार/80711</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री की पहल पर नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में लग रही पहली यूनिट, 235 करोड़ का निवेश, 4600 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार81 एकड़ में विकसित हो रहा टेक्सटाइल पार्क, निवेशकों के लिए तैयार की जा रही सभी जरूरी अधोसंरचनाएंरायपुर. - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नवा रायपुर को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के युवाओं और महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टेक्सटाइल पार्क में निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय की गंभीर कोशिशों से नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट लगने जा रही है। 235 करोड़ रुपए के निवेश से लगने वाली इस यूनिट से 4600 से अधिक लोगों को रोजगार का मौका मिलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने 25 जून को टेक्सटाइल पार्क की पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां अपनी मेन्युफेक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। कंपनी मुख्य रूप से बच्चों के कपड़े (किड्सवियर) और यूरोपीय व अमेरिकी बाजारों में निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए निट गारमेंट्स और कपड़े बनाएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के टेक्सटाइल व गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर तैयार करने के विजन को साकार करने नवा रायपुर में 81 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र तथा सहायक उद्योगों के लिए सभी आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही हैं। इस टेक्सटाइल पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूमि आबंटित की जा चुकी है। इन तीनों इकाईयों द्वारा लगभग 445 करोड़ रुपए के निवेश से 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा नवा रायपुर में सर्वसुविधायुक्त टेक्सटाइल पार्क के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पॉवर सब-स्टेशन, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी कनेक्टीविटी, आधुनिक अधोसंरचना और सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क वस्त्र उद्योगों को एक आदर्श निवेश स्थल के रूप में आकर्षित कर रहा है।राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल एवं रेडीमेड गारमेंट्स को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में विशेष प्राथमिकता दी है। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने महिला कर्मचारियों हेतु 6 हजार रुपए तथा पुरुष कर्मचारियों हेतु 5 हजार रुपए प्रतिमाह की रोजगार सहायता पांच वर्षों तक देने का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपु से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।&quot;नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं, विशेषकर महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मजबूत माध्यम बनेगा। हमारी सरकार यहां निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। हम छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे है। - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय&quot;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा दल लौटा, रायपुर रेलवे स्टेशन पर 1040 विशिष्टजनों का हुआ आत्मीय एवं भव्य स्वागत</title><link>https://cnin.co.in/सोमनाथ-स्वाभिमान-सांस्कृतिक-यात्रा-दल-लौटा,/80710</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय एकात्मता का अनूठा अभियान हुआ सफलप्रदेश के विशिष्टजनों ने किया प्रथम ज्योतिर्लिंग के दर्शनरायपुर-भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय स्वाभिमान और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा देने वाली छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ’’सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा’’ आज सफलता के साथ संपन्न हुई। पांच दिवसीय इस ऐतिहासिक यात्रा के बाद प्रदेश के सभी जिलों से शामिल 1040 विशिष्टजन सकुशल रायपुर लौटे, जहां रायपुर रेलवे स्टेशन पर उनका आत्मीय, गरिमामय एवं भव्य स्वागत किया गया। यात्रियों के चेहरों पर संतोष, श्रद्धा और आत्मिक आनंद की झलक इस अभिनव यात्रा की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण बनी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष सांस्कृतिक यात्रा ने केवल श्रद्धालुओं को भारत के प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें देश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और राष्ट्रीय एकात्मता का भी जीवंत अनुभव कराया। यात्रा ने यह संदेश भी दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय गौरव को भी समान प्राथमिकता दे रही है।इस यात्रा में प्रदेश के पद्मश्री सम्मान प्राप्त विभूतियों, राष्ट्रीय एवं राज्य सम्मान से सम्मानित कलाकारों, साहित्यकारों, संस्कृति कर्मियों, समाजसेवियों तथा अन्य विशिष्टजनों ने सहभागिता की। इससे छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कला, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली।संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित प्रबंधन में आयोजित इस यात्रा की देशभर में सराहना हुई। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग, गुजरात राज्य सरकार के समन्वय तथा सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के आत्मीय सहयोग से यात्रा का प्रत्येक चरण अत्यंत सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान सोमनाथ के दिव्य दर्शन-पूजन के साथ मंदिर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन किया। प्रतिभागियों ने भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक सोमनाथ धाम के महत्व को निकट से अनुभव किया। अनेक प्रतिभागियों ने अपने क्षेत्रों की पावन मिट्टी और नदियों का जल भगवान सोमनाथ को अर्पित कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एकता के सूत्र से जोड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास पर आधारित आकर्षक लाइट एंड साउंड शो का भी अवलोकन किया, जिसने मंदिर के पुनर्निर्माण, भारतीय सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान की प्रेरक गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।पूरी यात्रा के दौरान आवागमन, आवास, भोजन, चिकित्सा, सुरक्षा तथा अन्य सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर पर सुनिश्चित की गईं। संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक&amp;nbsp; डॉ. संजय कन्नौजे&amp;nbsp; स्वयं विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पूरी यात्रा में उपस्थित रहे और प्रत्येक यात्री की सुविधा का विशेष ध्यान रखा। यात्रियों ने व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि शासन ने उन्हें परिवार जैसा स्नेह और सम्मान प्रदान किया।यात्रा से लौटे प्रतिभागियों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताते हुए कहा कि वर्षों से संजोई गई सोमनाथ दर्शन की उनकी इच्छा शासन की इस निःशुल्क और सुव्यवस्थित पहल से पूरी हो सकी। उन्होंने कहा कि भगवान सोमनाथ के दिव्य दर्शन, वहां का आध्यात्मिक वातावरण, ऐतिहासिक लाइट एंड साउंड शो तथा उत्कृष्ट यात्रा प्रबंधन ने उन्हें आत्मिक शांति के साथ भारतीय संस्कृति के प्रति नया गर्व प्रदान किया।रायपुर रेलवे स्टेशन पर लौटे श्रद्धालुओं का पारंपरिक रीति-रिवाज, पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और आत्मीय अभिनंदन के साथ भव्य स्वागत किया गया। स्वागत समारोह के दौरान यात्रियों ने छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल तीर्थाटन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का प्रेरक अभियान रही।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच के अनुरूप यह यात्रा इस बात का प्रमाण बनी कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर से जन-जन को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में संस्कृति विभाग द्वारा किए गए सफल आयोजन ने यह भी सिद्ध किया कि इस तरह के आयोजन समाज में आत्मगौरव, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा की सफलता ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय सांस्कृतिक परिदृश्य में नई पहचान प्रदान की है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, गुजरात राज्य सरकार, सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट तथा छत्तीसगढ़ शासन के समन्वित प्रयासों से संपन्न यह ऐतिहासिक यात्रा आने वाले समय में सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय एकात्मता के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में याद की जाएगी।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>जनता के द्वार, डिजिटल सरकार: छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया चेहरा बना सेवा सेतु</title><link>https://cnin.co.in/जनता-के-द्वार,-डिजिटल-सरकार:-छत्तीसगढ़-में/80709</link><description>&amp;nbsp;0-धमतरी की लोमेश्वरी साहू की जुबानी, डिजिटल सशक्तिकरण और भरोसे की अनकही कहानी&amp;nbsp;रायपुर-आधुनिक युग में जब तकनीक आम आदमी के जीवन को सुगम बनाने का माध्यम बन जाए, तो वह सुशासन की सबसे बड़ी सफलता कहलाती है। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल 'सेवा सेतु पोर्टल आज कुछ ऐसा ही कमाल कर रही है। यह पोर्टल प्रदेश के आम नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद साथी बनकर उभरा है, जिसने सरकारी दफ्तरों की जटिल प्रक्रियाओं को घर बैठे एक क्लिक पर समेट दिया है।इस डिजिटल क्रांति की एक जीवंत मिसाल बनी हैं धमतरी जिले के कुरूद तहसील के ग्राम करेली की रहने वाली कु. लोमेश्वरी साहू। लोमेश्वरी की कहानी इस बात का प्रमाण है कि कैसे 'सेवा सेतु ने आमजन के समय, श्रम और धन की बचत कर उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाया है।चक्कर काटने के दौर से 'क्लिक के सफर तकअपने बीते अनुभवों को साझा करते हुए लोमेश्वरी साहू बताती हैं कि पहले किसी भी शासकीय प्रमाण पत्र को बनवाना एक थका देने वाली प्रक्रिया थी। उन्हें और उनके जैसे कई ग्रामीणों को तहसील कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे।पहले आवेदन करने के लिए बस का किराया लगाकर शहर जाओ, फिर दफ्तरों के चक्कर काटो। कई बार जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी न होने के कारण काम अटक जाता था। इससे समय तो बर्बाद होता ही था, साथ ही जेब पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था।&amp;nbsp;: घर बैठे मिला जाति प्रमाण पत्र, एसडीएम ने सौंपालोमेश्वरी के लिए 'सेवा सेतु पोर्टल एक वरदान साबित हुआ। जब उन्हें अपने जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता हुई, तो उन्होंने किसी कार्यालय के चक्कर काटने के बजाय घर बैठे ही सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। बेहद सरल प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्होंने जरूरी दस्तावेज अपलोड किए और अपने मोबाइल से ही आवेदन की स्थिति (स्ह्लड्डह्लह्वह्य) को ट्रैक करती रहीं। ?नतीजा यह हुआ कि बिना किसी भाग-दौड़ के, निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका जाति प्रमाण पत्र बनकर तैयार हो गया। कुरूद के एसडीएम ने उन्हें यह प्रमाण पत्र सौंपा। लोमेश्वरी कहती हैं कि इस पारदर्शी व्यवस्था ने उन्हें दफ्तरों की कतारों और आवागमन के खर्च, दोनों से हमेशा के लिए मुक्ति दिला दी।: डिजिटल तकनीक से सुदृढ़ हुआ 'जन-विश्वाससेवा सेतु पोर्टल ने पारंपरिक शासकीय प्रक्रियाओं को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। इसके जरिए अब नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई है, जिससे उनके समय और श्रम की भारी बचत हो रही है। घर बैठे आवेदन की सुविधा मिलने से न केवल आवागमन का खर्च बंद हुआ है, बल्कि बिचौलियों पर निर्भरता खत्म होने से आम जनता को बड़ी आर्थिक राहत भी मिली है। इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत इसकी शत-प्रतिशत पारदर्शिता है, जिसके तहत आवेदक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से स्वयं आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। इसके अलावा, यह पोर्टल समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करता है, जिससे सभी आवश्यक प्रमाण पत्र और शासकीय लाभ तय समय-सीमा के भीतर सीधे नागरिकों तक पहुँच रहे हैं।लोमेश्वरी साहू का मानना है कि इस ऑनलाइन व्यवस्था ने शासकीय सेवाओं को न केवल सुलभ बनाया है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में गजब की पारदर्शिता ला दी है। अब नागरिकों को अपने काम के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, जिससे शासन और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।: सुशासन की दिशा में एक मील का पत्थरधमतरी जिले की यह सफलता की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि डिजिटल तकनीक के सही इस्तेमाल से शासकीय सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को कितना बेहतर किया जा सकता है। आज 'सेवा सेतु पोर्टल त्वरित, पारदर्शी और विश्वसनीय सेवाएं प्रदान कर &amp;nbsp;'जनता के द्वार, डिजिटल सरकार की परिकल्पना को धरातल पर सच कर रहा है। छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में यह पहल वाकई एक मील का पत्थर साबित हो रही है।</description ></item><item><title>महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का सुकमा दौरा: बच्चों के बीच बैठकर पढ़ी एबीसीडी, महिला स्वावलंबन और पुनर्वास व्यवस्था का किया जमीनी निरीक्षण</title><link>https://cnin.co.in/महिला-एवं-बाल-विकास-मंत्री-लक्ष्मी-राजवाड़े/80708</link><description>&amp;nbsp;आंगनबाड़ी, एनआरसी, इमली प्रसंस्करण केंद्र और नक्सल पुनर्वास केंद्र का दौरा, अधिकारियों को दिए गुणवत्ता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देशरायपुर --महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने शुक्रवार को सुकमा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान विभिन्न विभागीय संस्थानों का निरीक्षण कर जमीनी स्तर पर संचालित योजनाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों के पोषण, शिक्षा, महिला स्वावलंबन और आत्मसमर्पित युवाओं के पुनर्वास को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।दौरे की शुरुआत आंगनबाड़ी केंद्र रोकेल और पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) से हुई। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों के बीच फर्श पर बैठकर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से एबीसीडी और पहाड़े सुने, उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और दैनिक गतिविधियों की जानकारी ली तथा उन्हें फल और चॉकलेट वितरित कर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया और निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। एनआरसी में उन्होंने कुपोषित बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को केंद्र तक लाने पर विशेष जोर दिया।इसके बाद मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कुम्हाररास स्थित इमली प्रसंस्करण केंद्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने उन्हें केंद्र की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां स्व-सहायता समूहों की लगभग 60 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है और इमली से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। मंत्री ने महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल बताया तथा उत्पादन एवं विपणन को और मजबूत करने पर बल दिया।अपने प्रवास के दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचीं, जहां उन्होंने आत्मसमर्पित युवाओं से संवाद कर उनके रहने, भोजन और प्रशिक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित युवाओं को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान उन्होंने 36 प्रशिक्षणार्थियों को वेलकम किट वितरित की और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नए जीवन की शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया।दौरे के दौरान कलेक्टर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर सहित विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और सतत निगरानी के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत का त्वरित समाधान</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-हेल्पलाइन-1076-में-शिकायत-का/80707</link><description>&amp;nbsp;0-परिवहन विभाग की तत्पर कार्रवाई से आवेदक को मिली आवश्यक जानकारी0-त्वरित समाधान से संतुष्ट हुआ शिकायतकर्ता&amp;nbsp;रायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान का भरोसेमंद माध्यम बनती जा रही है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को आवश्यक सेवाएं और जानकारी समय पर उपलब्ध हो रही है।इसी क्रम में जिला परिवहन कार्यालय जशपुर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त एक शिकायत का त्वरित निराकरण करते हुए आवेदक को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई, जिससे शिकायत का संतोषजनक समाधान हो गया।जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से श्री एच.एल. भगत का आवेदन प्राप्त हुआ था। उन्होंने झारखंड राज्य के लिए वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी करने की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।शिकायत प्राप्त होने के बाद परिवहन विभाग ने तत्काल प्रकरण की जांच कर 25 जून 2026 को आवेदक से दूरभाष पर संपर्क किया। उन्हें बताया गया कि वर्तमान में झारखंड राज्य के लिए वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन एनओसी जारी करने की सुविधा उपलब्ध नहीं है।विभाग द्वारा आवेदक को यह भी बताया गया कि एनओसी प्राप्त करने के लिए प्रपत्र-28, चेसिस नंबर ट्रेस, आधार कार्ड, बीमा प्रमाण-पत्र, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, मूल पंजीयन प्रमाण-पत्र (आरसी) तथा एनसीआरबी रिपोर्ट सहित आवश्यक दस्तावेज संबंधित जिला परिवहन कार्यालय में प्रस्तुत कर ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से एनओसी प्राप्त किया जा सकता है।पूरी जानकारी मिलने के बाद आवेदक ने समाधान पर संतोष व्यक्त किया तथा किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जताई। जिला परिवहन अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शासन और नागरिकों के बीच प्रभावी संवाद का सशक्त माध्यम बन रही है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को समय पर आवश्यक जानकारी एवं सेवाओं का लाभ मिल रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ निराकरण किया जा रहा है।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से ‘सेवा सेतु’ बना ग्रामीणों का भरोसेमंद साथी</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णुदेव-साय-की-पहल-से-‘सेवा/80706</link><description>&amp;nbsp;रायगढ़ के ग्राम सांगीतराई की दुर्गा सिदार को घर बैठे मिला विवाह प्रमाण पत्ररायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में शुरू किया गया ‘सेवा सेतु’ पोर्टल आम नागरिकों के लिए राहत का माध्यम बन रहा है। पोर्टल के जरिए विभिन्न शासकीय सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिल रही हैं।घर बैठे मिला प्रमाण पत्र, बची भागदौड़&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायगढ़ जिला के रायगढ़ विकासखंड के ग्राम सांगीतराई की दुर्गा सिदार इसका उदाहरण हैं। विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने और जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए उन्हें विवाह प्रमाण पत्र की जरूरत थी। पहले ऐसे दस्तावेज बनवाने में कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होता था।बिना भागदौड़ के समय पर दस्तावेज मिलने से मिली राहतदुर्गा सिदार ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिलने पर उन्होंने जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत कुछ ही दिनों में उनका विवाह प्रमाण पत्र जारी हो गया। बिना भागदौड़ के समय पर दस्तावेज मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली।एक मंच पर मिल रहीं कई सेवाएं&amp;nbsp;दुर्गा सिदार ने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल सिर्फ विवाह प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं है। इसके जरिए आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भू-अभिलेख संबंधी सेवाएं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, श्रम, राजस्व, नगरीय प्रशासन और अन्य विभागों की अनेक नागरिक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं।सेवा सेतु घर के नजदीक मिल रहा है सेवाओं का लाभग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इससे विशेष सुविधा मिल रही है। पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब सेवा सेतु से कई सेवाओं का लाभ घर के नजदीक मिल रहा है। इससे समय की बचत के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोगों का भरोसा भी बढ़ा है।डिजिटल सुशासन की दिशा में बड़ा कदमदुर्गा सिदार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और शासन-प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु जैसी पहल ग्रामीण नागरिकों का जीवन आसान बना रही है। यह पोर्टल डिजिटल सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो शासन की सेवाओं को आमजन तक सहज और प्रभावी तरीके से पहुंचा रहा है।</description ></item><item><title>नक्सलमुक्त बस्तर के चहुंमुखी विकास के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने समाज प्रमुखों से मांगा सहयोग</title><link>https://cnin.co.in/नक्सलमुक्त-बस्तर-के-चहुंमुखी-विकास-के-लिए/80705</link><description>&amp;nbsp;सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक में सामाजिक सशक्तिकरण, पेसा क्रियान्वयन और देवस्थलों के संरक्षण पर हुई व्यापक चर्चारायपुर--उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा आज जिला पंचायत कांकेर सभाकक्ष में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक लेकर बस्तर के नक्सल उन्मूलन के बाद चहुंमुखी विकास, सामाजिक एकता तथा आदिवासियों की पारंपरिक संस्कृति और विरासत को सहेजने, संरक्षित करने पर चर्चा की। जिसमें जिले में पेसा एक्ट का समुचित क्रियान्वयन और पारंपरिक देव स्थलों को संरक्षित करने जैसे विषयों पर द्विपक्षीय सकारात्मक चर्चा हुई। इस दौरान समाज प्रमुखों ने भी बारी बारी से सुझाव दिए।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में समाज प्रमुखों से कहा कि किसी समाज की परंपरा और सांस्कृतिक धरोहरों व पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। किसी बड़े लक्ष्य की सफलता समाज के सहयोग से ही संभव होती है और बस्तर में नक्सल उन्मूलन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र की मुख्यधारा से टूट कर हिंसा का मार्ग अपनाने वाले युवाओं को वापस मुख्यधारा में लेकर आने में समाज प्रमुखों ने&amp;nbsp; सराहनीय कार्य किया, जिसमें सुरक्षा बलों और जवानों का सतत् सहयोग मिला, जिसके&amp;nbsp; फलस्वरूप आज बस्तर का लाल आतंक से मुक्त होना संभव हुआ। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आज वर्षों से बंद मेला-मड़ई, बाजार, हाट अब आबाद होने लगे हैं। पहले जहां रिश्तेदार भी घर आने में डरते थे वे भी बेखौफ आने जाने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने सालों के बाद भी वे पहली बार (नक्सलवाद से) आजाद होने का अनुभव कर रहे हैं।सुविधा केंद्र के रूप में विकसित हो रहे अब सुरक्षा कैम्प&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कतिपय बाहरी लोग स्थानीय लोगों में भ्रम फैला रहे हैं कि बस्तर के संसाधनों का दोहन किया जा रहा है। इस पर उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि बस्तर का विकास बस्तर के युवाओं और लोगों के द्वारा ही किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय संसाधनों का प्रयोग कर ही ग्रामों का विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए शुरुआत के रूप में सुरक्षा कैम्पों को सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान द्वारा स्थानीय संसाधनों से ही विकसित किया जाएगा।&amp;nbsp;197 गांवों के देव स्थलों का राजस्व रिकॉर्ड&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;समाज प्रमुखों से चर्चा के दौरान श्री शर्मा ने बताया कि इसी क्रम में अब बस्तर के देव स्थलों को संरक्षित करने के लिए 197 गांवों के देव स्थलों का राजस्व रिकॉर्ड में चिन्हांकन कर उसे स्थायी पंजीयन की व्यवस्था की जा रही है ताकि देव स्थलों को अच्छे से संरक्षित किया जा सके। उन्होंने बताया कि सरकार के द्वारा पेसा एक्ट को और भी सशक्त करने का कार्य किया गया है। इसके लिए पहली बार सरकार ने गांव गांव में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर पेसा मोबिलाइजर, कोऑर्डिनेटर रखने का कार्य किया जा रहा है।जेल से भी पुनर्वास की व्यवस्था&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;समाज प्रमुखों की जेल में बंद भटके हुए युवाओं के पुनर्वास पर चिंता के संबंध में उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमने हर युवा को मुख्यधारा में लाने के लिए जेल से भी पुनर्वास की व्यवस्था की है। इसके लिए समाज को भी प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अब पुनर्वासित युवा खुद भी जेल में जाकर भटके युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रेरित करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अन्य मतों में जाने वाले लोगों के साथ सामाजिक स्तर पर चर्चा कर शांति स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा शासन द्वारा भोले भाले ग्रामीणों की रक्षा के लिए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक का निर्माण भी किया गया है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;इस अवसर पर सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि समाज में वैचारिक चिंतन की आवश्यकता है, ग्रामों की संस्कृति के संरक्षण की जरूरत है। उन्होंने विकास के साथ स्थानीय लोगों का भी विकास के लिए कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि विकास के लिए समाज के प्रतिनिधि और प्रशासन के समन्वय के द्वारा आगे बढ़ना है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव रखे। उन्होंने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए समाज की सहभागिता से बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का विश्वास दिलाया।इस अवसर राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर सहित गोंडवाना समाज के अध्यक्ष श्री सुमेर सिंह नाग, सर्व आदिवासी समाज के जिला सचिव श्री राजेश भास्कर सहित विभिन्न आदिवासी समाज के प्रमुखगण मौजूद थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुहर्रम पर निकला मातमी जुलूस</title><link>https://cnin.co.in/मुहर्रम-पर-निकला-मातमी-जुलूस/80704</link><description>&amp;nbsp;रायपुर--छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में मुहर्रम पर ताजिया और मातमी जुलूस निकाले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। रायपुर में निकले जुलूस में ईरान के स्कूल में मारे गए बच्चों के शवों और खामनेई की तस्वीरें दिखाई गईं। जुलूस दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुआ, जो रात तक चौबे कॉलोनी स्थित करबला तालाब में खत्म होगा। वहीं, दुर्ग में बारिश के बीच इमामबाड़ा से ताजिया निकाला गया। रायगढ़ के चांदनी चौक पर युवाओं ने अखाड़े का प्रदर्शन किया। मुख्य ताजिया के साथ ही शहर के मुस्लिम मोहल्लों से भी ताजिया निकाली जा रही है।</description ></item><item><title>आवास निर्माण तक सीमित रहा मंडल अब अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी प्रदेश के विकास को देगा नई गति : मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/आवास-निर्माण-तक-सीमित-रहा-मंडल-अब-अधोसंरचना/80703</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नए लोगो का किया विमोचनपूंजीगत व्यय करने वाले विभागों को सक्षम बनाकर प्रदेश के विकास को गति देना हमारी इकोनॉमिक फिलॉसफी : मंत्री &amp;nbsp;ओ पी चौधरीआवास बुक करने वाले लकी ड्रा के विजेताओं को कार, स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन सहित अन्य पुरस्कार का किया वितरणदो वर्षों में 07 हजार से अधिक परिसंपत्तियों का विक्रय कर 1500 करोड़ रुपये का किया राजस्व अर्जितछत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना&amp;nbsp; विकास मंडल का नया लोगो तैयार करने वाले श्री अंशुल कश्यप को दी 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशिरायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नया रायपुर स्थित सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नवीन लोगो का विमोचन किया। इस अवसर पर वर्ष 2025 के आवास मेले में आवास बुक करने वाले हितग्राहियों को लकी ड्रा के माध्यम से कार, स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी सहित विभिन्न पुरस्कार वितरित किए गए। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना&amp;nbsp; विकास मंडल का नया लोगो तैयार करने वाले श्री अंशुल कश्यप को शुभकामनाएं दी और प्रतियोगिता की पुरस्कार राशि ढाई लाख रुपए का चेक सौंपा।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार का अपना पक्का घर होने का सपना होता है और राज्य सरकार इस सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व में केवल गृह निर्माण तक सीमित रहा मंडल अब अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आर्थिक चुनौतियों से उबरते हुए मंडल ने लगभग 7,388 संपत्तियों का विक्रय कर 1,532 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग, मंडल के अध्यक्ष तथा पूरी टीम को बधाई दी।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों और वायदों को तेजी से पूरा किया है। सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। आज प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद साढ़े दस लाख से अधिक परिवार के आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 नए आवास तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से 15 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराए गए हैं तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी विशेष आवास योजना संचालित की जा रही है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन हमारे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'सेवा सेतु' के माध्यम से 450 से अधिक शासकीय सेवाएं अब मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी प्रारंभ की गई है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कर समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 65 हजार घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के माध्यम से सरकार घर में सोलर संयंत्र लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी भी दे रही है और इन परिवारों लिए आने वाले समय में बिजली पूरी तरह मुफ्त हो जाएगी और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेच पाएंगें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से लंबित बिजली बिल के भुगतान का भी बड़ा अवसर दिया है और बिल पर लगने वाले सरचार्ज समेत आकर्षक छूट का प्रावधान किया है। श्री साय ने कहा कि सरकार न केवल जनहितैषी योजनाएं लागू कर रही है बल्कि सुशासन तिहार के माध्यम से उसका फीडबैक लेने लोगों के बीच भी गई। दो महीने लगातार जनता से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में सुधार का काम किया गया है। उन्होंने इस दौरान शासन की विभिन्न नवाचारी पहल की जानकारी देते हुए सुशासन और पारदर्शी सरकार के संकल्प को दोहराया।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विभाग में व्यापक प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं। गृह निर्माण मंडल को अधोसंरचना विकास मंडल के रूप में नई पहचान देकर प्रदेश के पूंजीगत व्यय और विकास कार्यों में इसकी भूमिका का विस्तार किया गया है। मंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय करने वाले विभागों को वित्तीय और मानव संसाधन के माध्यम से सक्षम बनाने का काम किया है ताकि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि अब किसी भी नई आवासीय परियोजना का निर्माण तभी प्रारंभ होगा जब पर्याप्त बुकिंग सुनिश्चित हो जाएगी, जिससे अनावश्यक निर्माण और वित्तीय जोखिम से बचा जा सके। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू कर वर्षों से लंबित संपत्तियों के विक्रय को गति दी तथा वित्तीय अनुशासन स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप मंडल की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और अब यह अधोसंरचना विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए तैयार है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मंडल ने नई कार्य संस्कृति अपनाई है। गृह निर्माण मंडल का विस्तार कर अधोसंरचना विकास मंडल बनाया जाना प्रदेश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने रिकॉर्ड संपत्तियों का विक्रय कर नई उपलब्धियां हासिल की हैं और भविष्य में मांग आधारित, गुणवत्तापूर्ण तथा वित्तीय रूप से व्यवहारिक परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;कार्यक्रम में लकी ड्रा के नौ विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। सारंगढ़ की श्रीमती पूजा बरेठ को प्रथम पुरस्कार के रूप में कार प्रदान की गई। इसके अलावा स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी सहित अन्य आकर्षक पुरस्कार भी वितरित किए गए।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ,आयुक्त श्री अवनीश शरण, तथा विभाग एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और हितग्राही उपस्थित थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क से ऑपरेशन गोल्ड तक: छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के 2 साल बेमिसाल, तीसरा साल बनेगी नई मिसाल</title><link>https://cnin.co.in/जेम्स-एंड-ज्वेलरी-पार्क-से-ऑपरेशन-गोल्ड-तक:/80702</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;*-28 जून को बिलासपुर में सजेगा प्रदेश स्तरीय 'सराफा महासम्मेलन का भव्य मंच&amp;nbsp;बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सोनी के कुशल नेतृत्व में अपने सफल एवं ऐतिहासिक दो वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस दौरान संगठन ने सराफा व्यापारियों के हितों की रक्षा, संगठनात्मक विस्तार, सुरक्षा, जागरूकता, डिजिटल सशक्तिकरण तथा व्यापारिक विकास के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। संगठन ने प्रदेशभर के छोटे-बड़े सराफा व्यापारियों को एक सशक्त मंच पर जोडऩे का कार्य किया है और अब तीसरे वर्ष में नई उपलब्धियों के साथ आगे बढऩे का संकल्प लिया है।शुक्रवार को &amp;nbsp;बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित राज्य स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में सराफा जन-संवाद अभियान, संगठन विस्तार, जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क, ऑपरेशन गोल्ड, बीआईएस जागरूकता अभियान तथा संगठन की अन्य प्रमुख उपलब्धियों को मीडिया एवं आमजन के समक्ष प्रस्तुत किया गया।* - 28 जून को न्यायधानी बिलासपुर में तृतीय आमसभा एवं सराफा महासम्मेलन28 जून 2026, रविवार को प्रात: 10 बजे से रामदेव लॉन, 36 मॉल के बगल, मंगला, बिलासपुर में प्रदेश स्तरीय सराफा महासम्मेलन एवं तृतीय आमसभा आयोजित होगी। इससे पूर्व संगठन की आमसभाएँ जगदलपुर एवं जांजगीर में सफलतापूर्वक आयोजित हो चुकी हैं तथा इस बार न्यायधानी बिलासपुर को इस भव्य आयोजन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है। महासम्मेलन में प्रदेशभर से लगभग 5,000 सराफा व्यापारी, प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी शामिल होंगे।* -संगठन विस्तार की ऐतिहासिक यात्राप्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सोनी ने बताया कि जनवरी 2024 में प्रदेश में संगठन की लगभग 60 सक्रिय इकाइयाँ थीं। संगठन विस्तार अभियान के परिणामस्वरूप जून 2024 तक यह संख्या बढ़कर 91 से अधिक हो गई तथा वर्तमान में प्रदेशभर में 125 से अधिक इकाइयाँ संगठन से जुड़ चुकी हैं।उन्होंने बताया कि संगठन का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक सराफा व्यापारी को एक सशक्त मंच से जोड़ते हुए 251 इकाइयों का गठन करना है। इसी उद्देश्य से सभी संभागों में आमसभाओं का आयोजन, संभागीय प्रतिनिधियों की नियुक्ति तथा निरंतर जन-संवाद एवं संगठन विस्तार अभियान संचालित किए जा रहे हैं। संगठन के इस व्यापक विस्तार अभियान ने पूरे प्रदेश के सराफा व्यापारियों में एकता, विश्वास एवं सहभागिता को और अधिक मजबूत किया है।* -सुरक्षा एवं जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यपिछले दो वर्षों में संगठन ने ग्राहक जागरूकता अभियान, बीआईएस हॉलमार्क जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यशालाओं तथा सराफा जन-संवाद अभियान के माध्यम से व्यापारियों और ग्राहकों के बीच विश्वास बढ़ाने का कार्य किया है। प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने ग्राहकों से केवल बीआईएस हॉलमार्क युक्त आभूषण खरीदने तथा स्थानीय विश्वसनीय सराफा व्यापारियों पर विश्वास बनाए रखने की अपील की।* -ऑपरेशन गोल्ड : पुलिस-व्यापारी समन्वय की मिसालबिलासपुर पुलिस द्वारा संचालित 'ऑपरेशन गोल्डÓ पुलिस एवं सराफा व्यापारियों के बीच उत्कृष्ट समन्वय का प्रतीक बनकर सामने आया। सरकंडा क्षेत्र में हुई डकैती की घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर बिलासपुर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर एक नई मिसाल कायम की।इस उल्लेखनीय सफलता के लिए आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल, मीरजपुर तक गई विशेष पुलिस टीम के टीम लीडर सीएसपी श्री निमितेश सिंह तथा पूरी पुलिस टीम का छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन द्वारा सम्मान कर आभार व्यक्त किया गया।प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में पूरे प्रदेश के पुलिस अधिकारियों ने सराफा व्यापारियों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था &amp;nbsp;बनाए रखने में अत्यंत सार्थक सहयोग प्रदान किया है, जिसके लिए संगठन उनका हृदय से आभारी है।* -जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क : ऐतिहासिक उपलब्धिदो वर्षीय कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में रायपुर में प्रस्तावित जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क को शासन स्तर पर स्वीकृति दिलाने की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति शामिल है। संगठन का मानना है कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ के सराफा उद्योग को नई पहचान प्रदान करेगी। प्रस्तावित पार्क में आधुनिक कार्यालय, सामुदायिक भवन तथा व्यापारिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। सामाजिक एवं * * - * - * -सांस्कृतिक सहभागिताव्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ संगठन सामाजिक एवं सांस्कृतिक दायित्वों के निर्वहन में भी सक्रिय रहा है। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता के साथ-साथ संगठन ने समाजहित के अनेक कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है।* -महासम्मेलन का प्रमुख विषय: धारा 317 का सरलीकरण28 जून को आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय सराफा महासम्मेलन में भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्) की धारा 317 के सरलीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस धारा के कारण सराफा व्यापारियों को हो रही व्यावहारिक एवं कानूनी कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा कर शासन से सरल, स्पष्ट एवं व्यावहारिक नियम बनाए जाने की मांग की जाएगी।* -भविष्य की दिशासंगठन का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि सराफा व्यापारियों की सुरक्षा, व्यापारिक हितों की रक्षा, आधुनिक व्यापारिक सुविधाओं का विकास, स्वर्णकला बोर्ड की स्थापना तथा प्रदेश के प्रत्येक व्यापारी को एक मजबूत एवं प्रभावशाली मंच उपलब्ध कराना है।* -प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी का संदेश'हमारे दो वर्ष उपलब्धियों से परिपूर्ण रहे हैं। संगठन ने व्यापारियों को एक नई पहचान और मजबूती दी है। अब हमारा लक्ष्य 251 इकाइयों का गठन, जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की स्थापना, व्यापारियों की सुरक्षा को और मजबूत करना तथा बीएनएस की धारा 317 का सरलीकरण सुनिश्चित करना है। हमें विश्वास है कि तीसरा वर्ष संगठन के लिए नई मिसाल स्थापित करेगा। '* -महासम्मेलन की तैयारियाँ अंतिम चरण मेंप्रदेश स्तरीय सराफा महासम्मेलन एवं तृतीय आमसभा की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सोनी के नेतृत्व में प्रदेश सचिव श्री प्रकाश गोलछा, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री हर्षवर्धन जैन, अध्यक्ष &amp;nbsp;,अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं समन्वयक श्री प्रदीप मारोठी घोरपड़े, कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजय कानुगा (रायपुर संभाग), श्री उत्तमचंद भंडारी (दुर्ग संभाग), श्री पवन अग्रवाल (बिलासपुर संभाग), श्री राजू दुग्गड़ (बस्तर संभाग), श्री राजेश सोनी (सरगुजा संभाग), संगठन मंत्री श्री सुनील सोनी, मीडिया प्रभारी श्री आलोक सोनी, जिला अध्यक्ष श्री कल्याण सिंह, जिला सचिव श्री दीपक सोनी एवं कार्यकारी अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय सहित प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी सक्रिय रूप से तैयारियों में जुटे हुए हैं।: आयोजन समिति में पंकज करैख, श्री राजेश शाह, श्री अजय सराफ, श्री प्रमोद वर्मा, श्री नवनाथ आवले, श्री सूरज सोनी, श्री शशांक स्वर्णकार, श्री राजू पारेख एवं श्री सज्जन सोनी विभिन्न व्यवस्थाओं का दायित्व निभाते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।इस भव्य प्रदेश स्तरीय आयोजन को सफल बनाने में बिलासपुर सराफा एसोसिएशन, बिलासपुर सिल्वर होलसेल सराफा एसोसिएशन, तखतपुर सराफा एसोसिएशन, सीपत सराफा एसोसिएशन, मरवाही सराफा एसोसिएशन, बेलतरा सराफा एसोसिएशन, चकरभाठा सराफा एसोसिएशन, करगी रोड-कोटा सराफा एसोसिएशन, बिल्हा-सरगांव सराफा एसोसिएशन एवं रतनपुर सराफा एसोसिएशन की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रहेगी।आयोजन समिति में &amp;nbsp;पंकज पारेख, &amp;nbsp;राजेश शाह, श्री अजय सराफ, &amp;nbsp;प्रमोद वर्मा, &amp;nbsp;नवनाथ आवले, &amp;nbsp;सूरज सोनी, &amp;nbsp;शशांक स्वर्णकार, श्री राजू पारेख एवं &amp;nbsp;सज्जन सोनी विभिन्न व्यवस्थाओं का दायित्व निभाते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।इस भव्य प्रदेश स्तरीय आयोजन को सफल बनाने में बिलासपुर सराफा एसोसिएशन, बिलासपुर सिल्वर होलसेल सराफा एसोसिएशन, तखतपुर सराफा एसोसिएशन, सीपत सराफा एसोसिएशन, मरवाही सराफा एसोसिएशन, बेलतरा सराफा एसोसिएशन, चकरभाठा सराफा एसोसिएशन, करगी रोड-कोटा सराफा एसोसिएशन, बिल्हा-सरगांव सराफा एसोसिएशन एवं रतनपुर सराफा एसोसिएशन की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रहेगी। प्रेस वार्ता में कल्याण सोनी,श्रीकांत पाण्डेय,प्रमोद वर्मा, सजन सोनी, नवनाथ,अजय सराफ आदि सराफा व्यवसाई मौजूद थे।</description ></item><item><title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दिया</title><link>https://cnin.co.in/राम-मंदिर-चढ़ावा-चोरी-प्रकरण-में-चंपत-राय-और/80701</link><description>&amp;nbsp;अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा गबन मामले में जांच आगे बढऩे के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।यह फैसला उस समय आया है जब विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने दिल्ली में दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे की पुष्टि की। हालांकि, इस्तीफे के कारणों को लेकर ट्रस्ट की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर की महिलाएं बनेंगी 'ड्रोन दीदी'</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णुदेव-साय-की-पहल-से-जशपुर-की/80700</link><description>&amp;nbsp;रायपुर में ले रहीं आधुनिक ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण, किसानों तक पहुंचाएंगी तकनीक आधारित कृषि सेवाएंड्रोन से उर्वरक एवं कीटनाशक का वैज्ञानिक छिड़काव, कम लागत में होगी बेहतर खेतीरायपुर, -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाएं नई पहचान बना रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत जिले की चयनित महिलाएं इन दिनों रायपुर स्थित आईटीएम विश्वविद्यालय में ड्रोन संचालन एवं रिमोट पायलटिंग का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।यह प्रशिक्षण महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के साथ उन्हें कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं देने के लिए दक्ष बन रही हैं।प्रशिक्षण के दौरान ड्रोन दीदियों को ड्रोन की तकनीकी संरचना, सुरक्षित उड़ान संचालन, रिमोट पायलटिंग, फसलों में उर्वरक एवं कीटनाशकों का वैज्ञानिक छिड़काव, ड्रोन के रखरखाव तथा कृषि क्षेत्र में उसके व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये ड्रोन दीदियां जशपुर जिले के किसानों को ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरक, कीटनाशक एवं अन्य कृषि कार्यों की सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे कृषि कार्य कम समय में, कम लागत पर और अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। साथ ही वैज्ञानिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान प्रशिक्षण के लिए रवाना हो रही ड्रोन दीदियों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इससे पूर्व 17 अप्रैल 2026 को रणजीता स्टेडियम में आयोजित 'लखपति दीदी' कार्यक्रम के दौरान ड्रोन दीदी एवं उन्नत सॉयल टेस्टिंग मशीन भी प्रदान की गई थी।उप संचालक कृषि, जशपुर के अनुसार प्रशिक्षण के बाद ड्रोन दीदियां जिले के विभिन्न विकासखंडों में किसानों को तकनीक आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे खेती में समय की बचत, लागत में कमी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग का विश्वास है कि यह पहल जशपुर में तकनीक आधारित कृषि को नई गति देने के साथ महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक सशक्तता और किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने वाले ही भविष्य का नेतृत्व करेंगे : वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी</title><link>https://cnin.co.in/आर्टिफिशियल-इंटेलिजेंस-को-अपनाने-वाले-ही/80699</link><description>&amp;nbsp;एआई से डरने की नहीं, उसे अवसर में बदलने की है जरूरतवित्त मंत्री ने मैक कॉलेज के राष्ट्रीय सम्मेलन में युवाओं से कहा- बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को करें तैयाररायपुर--वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज (एमएआईसी) द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन &quot;Artificial Intelligence &amp;amp; Digital Transformation: Opportunities, Challenges and Future Impact&quot; में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर युवाओं का आह्वान किया कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों से भयभीत होने के बजाय उन्हें अपने भविष्य के निर्माण का सबसे बड़ा अवसर मानें।अपने संबोधन में मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आज पूरी दुनिया तेजी से ज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। भारत का स्वर्णिम इतिहास भी ज्ञान, शिक्षा और नवाचार की नींव पर खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत लगभग 1600 वर्षों तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इसलिए रहा क्योंकि यहां शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को सर्वोच्च स्थान दिया गया।मंत्री श्री चौधरी ने युवाओं से कहा कि आज दुनिया के सबसे सफल उद्योगपति और उद्यमी वे हैं जिन्होंने नए विचारों और नवाचार के बल पर अपनी पहचान बनाई है। एलन मस्क, एनवीडिया और एप्पल जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज तकनीक की शक्ति इतनी बड़ी हो चुकी है कि कई टेक्नोलॉजी कंपनियों का मूल्यांकन अनेक देशों की अर्थव्यवस्था से भी अधिक है। इसलिए युवाओं को समय रहते तकनीकी परिवर्तन को समझकर स्वयं को उसके अनुरूप तैयार करना होगा।वित्त मंत्री ने कहा कि &quot;जो एआई को अपनाएगा वही भविष्य का नेतृत्व करेगा। जो इससे दूर भागेगा, वह प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा।&quot; उन्होंने कहा कि हर तकनीकी परिवर्तन चुनौतियां लेकर आता है, लेकिन वही परिवर्तन नए अवसर भी पैदा करता है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा इन अवसरों का लाभ उठाएं।उन्होंने कहा कि एआई कई कार्यों को सरल बना सकता है, लेकिन मानवीय संवेदनशीलता, करुणा और मानवीय स्पर्श का विकल्प कभी नहीं बन सकता। इसलिए युवाओं को ऐसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना चाहिए जहां मानवीय मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, नर्सिंग और अन्य सेवा क्षेत्र।मंत्री श्री चौधरी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ें तथा विश्वस्तरीय स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियां स्थापित करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और पूरी दुनिया में भारतीय तकनीकी नेतृत्व का लोहा माना जाता है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार भी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में &quot;छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047&quot; पर कार्य कर रही है। इस दिशा में नवा रायपुर को उभरते तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर यूनिट, एआई डाटा सेंटर तथा ट्रिपल आईटी में अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है।कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज प्रबंधन, आयोजकों एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के युवा नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।</description ></item><item><title>ऐतिहासिक पुरानी कचहरी बनी शिक्षा और संस्कृति का नया केंद्र</title><link>https://cnin.co.in/ऐतिहासिक-पुरानी-कचहरी-बनी-शिक्षा-और/80698</link><description>&amp;nbsp;प्रतिदिन 1000 विद्यार्थी कर रहे अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बना प्रमुख केंद्रसेंट्रल लाइब्रेरी-सह-मावा मोदोल से 89 युवाओं ने पाई शासकीय सेवाओं में सफलताकोयाबाना आदिवासी संग्रहालय और गोंडी-हल्बी भाषा शिक्षण से सहेजी जा रही सांस्कृतिक विरासतरायपुर.-जिला मुख्यालय कांकेर स्थित ऐतिहासिक पुराना कचहरी परिसर में शिक्षा, संस्कृति और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-मावा मोदोल विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राएं न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, बल्कि अपने सपनों को साकार करने की दिशा में भी मजबूती से कदम बढ़ा रहे हैं।&amp;nbsp;जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘हमर लक्ष्य’ के अंतर्गत विकसित यह केंद्र आज शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन, भाषा संरक्षण और सांस्कृतिक संवर्धन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। यह पहल युवाओं के सपनों को नई दिशा देने के साथ-साथ जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-मावा मोदोल के नोडल अधिकारी एवं जिला मिशन समन्वयक श्री नवनीत पटेल ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन लगभग एक हजार विद्यार्थी इस अध्ययन केंद्र का लाभ ले रहे हैं। यहां विद्यार्थियों के लिए शांत एवं सुव्यवस्थित अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए मैराथन क्लासेस आयोजित की जा रही हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उठा रहे हैं।जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश कुमार निषाद के मार्गदर्शन में इस अध्ययन केंद्र को और अधिक विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। यहां उपलब्ध सुविधाओं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन का सकारात्मक परिणाम है कि अब तक इस केंद्र से अध्ययन कर चुके 89 युवाओं ने विभिन्न शासकीय पदों पर सफलता प्राप्त की है। यह उपलब्धि इस केंद्र की उपयोगिता और प्रभावशीलता को प्रमाणित करती है।पुराना कचहरी परिसर केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। परिसर में स्थापित कोयाबाना आदिवासी संग्रहालय स्थानीय जनजातीय संस्कृति, परंपराओं, जीवन-शैली और इतिहास को संरक्षित करने का कार्य कर रहा है। इसके साथ ही यहां गोंडी एवं हल्बी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 80 विद्यार्थी इन भाषाओं के अध्ययन से जुड़े हुए हैं, जिससे नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रह सकें। परिसर का ऐतिहासिक प्रवेश द्वार, उद्यान, हरियाली और स्वच्छ वातावरण इसे और आकर्षक बनाते हैं। यहां आने वाले विद्यार्थी, अभिभावक एवं पर्यटक इस परिसर की सुंदरता और व्यवस्थाओं की सराहना करते हैं।&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title> कोदो-कुटकी की खेती अपनाएं, पोषण और समृद्धि दोनों पाएं</title><link>https://cnin.co.in/-कोदो-कुटकी-की-खेती-अपनाएं,-पोषण-और-समृद्धि/80697</link><description>&amp;nbsp;-~®-पारंपरिक धरोहर से आधुनिक पहचान तक(एल.डी. मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी)(ओमप्रकाश डहरिया, सहायक जनसंपर्क अधिकारी)रायपुर--छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि परंपरा में कोदो और कुटकी का विशेष महत्व रहा है। सदियों से आदिवासी और ग्रामीण समुदायों के भोजन का अभिन्न हिस्सा रहे ये लघु धान्य आज एक बार फिर किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। बदलती जलवायु परिस्थितियों, पोषण संबंधी चुनौतियों और बेहतर कृषि की आवश्यकता के बीच कोदो-कुटकी जैसी मिलेट फसलें भविष्य की खेती का मजबूत आधार बनकर उभर रही हैं।कोदो (पास्पलम स्क्रोबिकुलेटम) और कुटकी (पैनिकम सुमाट्रेंस) ऐसी फसलें हैं जिन्हें कम पानी, कम लागत और सीमित संसाधनों में भी सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। यही कारण है कि ये छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बन रही हैं। कम उपजाऊ, पथरीली और ढालू भूमि में भी इनकी खेती संभव है, जहां अन्य फसलें अपेक्षित उत्पादन नहीं दे पातीं। ये फसलें प्रायः हर एक प्रकार की भूमि में पैदा की जा सकती है। जिस भूमि में अन्य कोई धान्य फसल उगाना सम्भव नहीं होता वहाँ भी ये फसलें सफलता पूर्वक उगाई जा सकती है। हल्की भूमि में जिसमें पानी का निकास अच्छा हो इनकी खेती के लिए उपयुक्त होती है।आज जब दुनिया स्वास्थ्यवर्धक भोजन की ओर लौट रही है, तब कोदो और कुटकी का महत्व और बढ़ गया है। कोदो में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आयरन और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि कुटकी फाइबर, प्रोटीन, फास्फोरस तथा अन्य खनिज तत्वों से भरपूर होती है। विशेषज्ञों के अनुसार इनका नियमित सेवन मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और एनीमिया जैसी समस्याओं के नियंत्रण में सहायक हो सकता है। यही वजह है कि आज इन्हें ‘सुपर फूड’ के रूप में पहचान मिल रही है।छत्तीसगढ़ सरकार भी मिलेट फसलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वर्ष 2026 में कोदो का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,200 रुपये प्रति क्विंटल तथा कुटकी का 3,350 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ इन फसलों की खेती के प्रति उत्साह बढ़ा है। विभागीय जानकारी के अनुसार खरीफ वर्ष 2025 में प्रदेश में कोदो फसल 39.02 हेक्टेयर और कुटकी फसल 38.03 हेक्टेयर रकबे में लगाए गए थे। वैसे विगत खरीफ वर्ष में प्रति हेक्टेयर कोदो की उत्पादन 550 किलोग्राम तथा कुटकी की उत्पादन 675 किलोग्राम दर्ज की गई है। यानी कोदो की उत्पादन 21.46 टन थी, वहीं 25.67 टन कुटकी का उत्पादन हुआ था।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी किसानों से धान के साथ-साथ कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों की खेती अपनाने व उत्पादन बढ़ाने की अपील की है।कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि उन्नत तकनीकों को अपनाकर कोदो-कुटकी की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। मानसून की शुरुआत के साथ जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के प्रथम पखवाड़े तक बुवाई, बीजोपचार, कतार पद्धति, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा समय पर खरपतवार नियंत्रण जैसे उपाय किसानों को बेहतर उत्पादन दिला सकते हैं।बढ़ती बाजार मांग, मिलेट आधारित उत्पादों का विस्तार और सरकारी प्रोत्साहन योजनाएं इन फसलों के व्यावसायिक महत्व को लगातार बढ़ा रही हैं। एक समय केवल ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक सीमित रहने वाली कोदो-कुटकी आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बना रही हैं।पोषण सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए कोदो और कुटकी अत्यंत महत्वपूर्ण फसलें हैं। आवश्यकता इस बात की है कि किसान आधुनिक तकनीकों के साथ इन पारंपरिक फसलों का उत्पादन बढ़ाएं और उपभोक्ता इन्हें अपने दैनिक भोजन का हिस्सा बनाएं। कोदो-कुटकी केवल अनाज नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज, उत्तम कृषि और समृद्ध भविष्य की आधारशिला हैं।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>नवा रायपुर को मिली आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई सौगात</title><link>https://cnin.co.in/नवा-रायपुर-को-मिली-आधुनिक-स्वास्थ्य-सेवाओं/80696</link><description>&amp;nbsp;वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ50 बिस्तरों वाले अस्पताल से नवा रायपुर एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों को मिलेगा बेहतर उपचार का लाभरायपुर--नवा रायपुर के सेक्टर-9 में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित एक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किसी भी राज्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार होता है। नवा रायपुर में इस अत्याधुनिक अस्पताल की शुरुआत से क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के तेजी से प्रगति करने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय जिन चुनौतियों की चर्चा होती थी, आज उन्हें पीछे छोड़ते हुए राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है, उद्योगों का विस्तार हो रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश और आधुनिक अस्पतालों की स्थापना से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार के प्रयासों और निजी क्षेत्र की सहभागिता से प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना लगातार मजबूत हो रही है, जिसका लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है।उल्लेखनीय है कि 50 बिस्तरों वाले सरोज सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अस्पताल के संचालन से नवा रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भरता कम होगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>एलपीजी ...कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को राहत</title><link>https://cnin.co.in/एलपीजी-...कमर्शियल-और-इंडस्ट्रियल-ग्राहकों-को/80695</link><description>&amp;nbsp;नई दिल्ली। इंडस्ट्रियल और कमर्शियल एलपीजी ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए, केंद्र सरकार ने गुरुवार को नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी की सप्लाई पर लगी सभी सेक्टर-वाइज़ पाबंदियां हटा दीं और सप्लाई को वेस्ट एशिया संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दिया। इसके अलावा, संकट की शुरुआत में रोकी गई बल्क एलपीजी की सप्लाई में भी ढील दी गई है और इसे संकट से पहले की खपत के स्तर का 50 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को काफी राहत मिली है।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू करने समिति का गठन</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-यूसीसी-लागू-करने-समिति-का-गठन/80694</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में साय सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने यूसीसी के अध्ययन, सुझाव और प्रारूप तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। न्यायमूर्ति रंजना देसाई अध्यक्ष होंगी और 5 सदस्यीय समिति ड्राफ्ट तैयार करेगी। इसके बन जाने से सभी धर्मों के पर्सनल लॉ होंगे समाप्त होंगे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>अंजय शुक्ला ने भेंट किए प्रबुद्धजनों को मोदी सरकार की 12 साल की उपलब्धियों का साहित्य </title><link>https://cnin.co.in/अंजय-शुक्ला-ने-भेंट-किए-प्रबुद्धजनों-को-मोदी/80693</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 12 साल बेमिसाल के उपलक्ष्य में विशेष जनसंपर्क अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला ने राज्य के प्रमुख प्रबुद्धजनों से संपर्क यात्रा के दौरान उनके निवास व कार्यालय जाकर, मुलाकात कर आत्मीय सम्मान के साथ 12 साल बेमिसाल की उपलब्धियों का साहित्य भेंट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। &amp;nbsp;पूर्व प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ शासन -डॉ.श्री सुशील त्रिवेदी,शदाणी दरबार पीठाधीश्वर संत श्री युधिष्ठिर महाराज, रावतपुरा सरकार ट्रस्ट के उपाध्यक्ष - श्री जितेंद्र उपाध्याय ,पूर्व राज्य सूचना आयुक्त श्री अशोक अग्रवाल , डॉ. श्री दिनेश मिश्रा, नेत्र रोग विशेषज्ञ,अन्धविश्वास निर्मूलन समिति के संयोजक , डॉ .श्री कुलदीप सोलंकी इंडियन मेडिकल एसोसिऐशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष,मां महाकाली मंदिर ट्रस्ट आकाशवाणी चौक के सचिव प्रो. श्री डी.के.दुबे, , रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं एच.ओ. डी. डॉ. मढ़रिया , विख्यात पैथोलॉजिस्ट डॉ.श्री विनोद तिवारी, डॉ .श्री चंद्रिका साहू रेडियोलॉजिस्ट साहू डायग्नोस्टिक ,वरिष्ठ पत्रकार श्री शिव दुबे, वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेश जोशी , डॉ .श्री सुनील खेमका &amp;nbsp;आर्थोपेडिक श्री नारायणा हॉस्पिटल,अधिवक्ता श्री सुधांशु शेखर शुक्ला, प्रेस क्लब अध्यक्ष - श्री मोहन तिवारी, गौड़ ब्राह्मण महिला समाज के अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा ओमप्रकाश पुजारी, मार्बल मार्केट के अध्यक्ष व प्रसिद्ध व्यवसायी श्री किसनचंद जैन, श्री कमल सारडा प्रसिद्ध उद्योगपति,चार्टर्ड अकाउंटेट श्री पी.पी.मैत्रा , चार्टर्ड अकाउंटेट श्री संदीप तिवारी , श्री जीत सिंह बेबीलोन इंटरनेशनल के संचालक, सुश्री नमी राय पारेख &amp;nbsp;एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावर लिफ्टिंग चैंपियन स्वर्ण पदक विजेता, चार्टड अकाउंटेट सुश्री सौम्या तिवारी को &amp;nbsp;प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 12 साल की उपलब्धियों का साहित्य भेंट किए।</description ></item><item><title>रायपुर नपानि में 11 एल्डरमेनो की नियुक्ति</title><link>https://cnin.co.in/रायपुर-नपानि-में-11-एल्डरमेनो-की-नियुक्ति/80692</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। रायपुर नगर निगम में 11 एल्डरमेनों की नियुक्ति की गई है,राज्य के अन्य जगहों पर भी यह मनोनयन किया गया है। राजधानी रायपुर नगर पालिक निगम में रामकिंकर सिंह,विनय ओझा,मनीष करडभुजे,मित्रसेन धीमान,राजू राघवानी,गोपाल सोना,बी.निवासराव,अनिल सोनकर,गोपी साहू,विक्रम सिंह ठाकुर व ऋषि साहू को एल्डरमेन बनाया गया है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त तेवर से खनिज माफियाओं पर शिकंजा</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-के-सख्त-तेवर-से/80691</link><description>&amp;nbsp;®-बीते दो माह में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के 1747 प्रकरण दर्ज&amp;nbsp;®-6.49 करोड़ रुपये से अधिक की दाण्डिक राशि वसूल®-बलौदाबाजार में अवैध उत्खनन, जांजगीर-चांपा में अवैध परिवहन और रायपुर में अवैध भंडारण के सबसे ज्यादा मामले®-अवैध खनन पर डबल वार, ताबड़तोड़ कार्रवाई के साथ जुर्माना भी कई गुना बढ़ारायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सख्त प्रशासनिक रुख का असर अब खनिज माफियाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्यभर में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य में अप्रैल और मई 2026 के दौरान उक्त कार्रवाई के तहत 1,747 प्रकरण दर्ज कर 6 करोड़ 49 लाख 50 हजार 903 रुपये से अधिक की दाण्डिक राशि वसूल की गई है।&amp;nbsp;अभियान के दौरान सबसे अधिक 1,487 मामले अवैध परिवहन के सामने आए, जबकि 231 प्रकरण अवैध उत्खनन और 29 मामले अवैध भंडारण के दर्ज किए गए। इससे यह पता चलता है कि सरकार ने खनिजों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर कड़ी निगरानी रखते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।&amp;nbsp;अवैध उत्खनन के मामलों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला सबसे ऊपर रहा है, जहां 44 प्रकरण दर्ज किए गए। इसके बाद रायपुर में 15 तथा कबीरधाम में 14 और बालोद में 14 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर, अवैध परिवहन के सबसे अधिक रायपुर में 173 मामले दर्ज हुए। इसके बाद जांजगीर-चांपा में 162, बिलासपुर में 101 और धमतरी में 101 मामले पकड़ में आए हैं। अवैध भंडारण के सर्वाधिक 8 प्रकरण रायपुर में दर्ज किए गए, जबकि दंतेवाड़ा में 4 तथा कांकेर में 3 और बिलासपुर में 3 मामले पकड़ाए हैं।&amp;nbsp;अवैध उत्खनन में सबसे अधिक 55.32 लाख रुपये की दाण्डिक राशि दंतेवाड़ा जिले में वसूल की गई है। अवैध परिवहन में सर्वाधिक 54.69 लाख रुपये रायपुर से वसूले गए, जबकि अवैध भंडारण में भी सबसे अधिक 12.58 लाख रुपये की दाण्डिक राशि रायपुर में वसूली गई। इस प्रकार कुल दांडिक राशि की वसूली के मामले में रायपुर जिला पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा है।&amp;nbsp;गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त प्रशासनिक रुख के चलते सरकार ने एक ओर राज्यभर में खनिज माफियाओं के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है, वहीं दूसरी ओर नियमों में बदलाव कर जुर्माने और दण्ड के प्रावधान भी पहले से कहीं अधिक कठोर कर दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय का कहना है कि राज्य के खनिज संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।गौण खनिज नियमों में संशोधन के बाद अब किसी भी मामले में समझौता (प्रशमन) राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन पर प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से प्रशमन शुल्क के साथ-साथ खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा। ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का जुर्माना और रेत का मूल्य देना होगा। जब्त वाहन, मशीन या उपकरण की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन की श्रेणी के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी, इसके बाद ही वाहन छोड़ा जाएगा।</description ></item><item><title>डोंगरगांव की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी, बना नगर पालिका</title><link>https://cnin.co.in/डोंगरगांव-की-बहुप्रतीक्षित-मांग-पूरी,-बना/80690</link><description>&amp;nbsp;®-राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना®-उप मुख्यमंत्री अरुण साव से डोंगरगांव के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मिलकर जताया आभाररायपुर---राज्य शासन ने डोंगरगांववासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए डोंगरगांव नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। डोंगरगांव नगर पंचायत की सीमाएं ही डोंगरगांव नगर पालिका की सीमाएं होंगी। राज्य शासन के इस निर्णय से पूरे शहर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है।डोंगरगांव नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन के बाद वहां के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने आज उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव से मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इससे डोंगरगांव के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी तथा शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री साव ने डोंगरगांव के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि नगर पालिका बनने के बाद डोंगरगांव में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंच सकेगा। इस दौरान डोंगरगांव नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती अंजू त्रिपाठी, पार्षद श्री मनबोधी पटेल, श्रीमती पदमनी ठाकुर, श्रीमती गायत्री यादव, श्रीमती लीला मंडलोई, श्री डीकेश साहू, श्री दीना पटेल और श्री रामकुमार गुप्ता भी मौजूद थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी में ट्रस्ट ने एफआरआई कराई,इसमें टिन्नू यादव समेत 8 के नाम</title><link>https://cnin.co.in/राम-मंदिर-चढ़ावा-चोरी-में-ट्रस्ट-ने-एफआरआई/80689</link><description>&amp;nbsp;अयोध्या-राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें 8 आरोपी बनाए गए हैं। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया। &amp;nbsp;राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी प्रकरण में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज करने के लिए राम जन्मभूमि पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया है।</description ></item><item><title>मोहर्रम के जुलूस में विवादित प्रदर्शन.. 4 लोगों पर एफआईआर दर्ज, तीन हिरासत में  </title><link>https://cnin.co.in/मोहर्रम-के-जुलूस-में-विवादित-प्रदर्शन..-4/80688</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;उज्जैन। बडऩगर में मोहर्रम के जुलूस का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दिखाया गया है कि क्रेन से जमीन से 40 फीट ऊपर टाटा मैजिक वैन लटकाई गई है। हवा में ही वैन में विस्फोट हो जाता है। इसके पूर्व वैन के ऊपर मुंह पर कपड़ा लपेटे एक युवक लाल झंडा लहरा रहा है।एक अन्य युवक भी वैन के ऊपर खड़ा है। घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। बडऩगर के अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। मामले में क्रेन मालिक सहित चार लोगों पर एफआईआर हुई है। तीन लोग हिरासत में लिया गया है।बडऩगर के अडान मोहल्ले में मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। हजारों लोग मोहर्रम के इस जुलूस में शामिल हुए थे। जुलूस के दौरान एक वैन को क्रेन से बांधा गया। वैन ऊपर दो युवक खड़े होकर लाल झंडा लहराते रहे। युवकों ने मुंह पर कपड़ा ढांक रखा था। थोड़ी देर बाद वैन को क्रेन के माध्यम से ऊपर ले जाया गया। जमीन से लगभग 40 फीट की ऊंचाई पर वैन में विस्फोट किया गया।वैन पर लिखा हुआ था 'ले फिर आ गएÓ। एक इंस्टाग्राम आईडी परवेज एडिट्स 2.0 पर इस घटना का वीडियो वायरल &amp;nbsp;भी किया गया। इसके अलावा और भी अन्य वीडियो इस आईडी पर थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस तरह का विस्फोट करके कुछ लोग क्या संदेश देना चाहते हैं, इस पर भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।पुलिस ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसमें चार आरोपियों पर नामजद मामला दर्ज किया गया है। इसमें आयोजक शोएब खान सहित अन्य आरोपियों को भी शामिल किया गया है। वैन पर झंडे लहराने वाले जाहिद खान और तस्लीम पर भी प्रकरण दर्ज किया गया है। साथ ही वैन मालिक को भी आरोपी बनाया गया है।(साभार-भोपाल नई दुनिया)</description ></item><item><title>लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र की बात कर रही है : केदार कश्यप</title><link>https://cnin.co.in/लोकतंत्र-का-गला-घोंटने-वाली-कांग्रेस-आज/80687</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;* &amp;nbsp;भूपेश के पास कोई मुद्दा नहीं, किसानों को फसल परिवर्तन के लिए प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये दे रही साय सरकार&amp;nbsp;* &amp;nbsp;स्वास्थ्य सेवाओं पर कांग्रेस को बोलने का नैतिक अधिकार नहीं&amp;nbsp;रायपुर। वनमंत्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े कोई ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह निराधार आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।आपातकाल और लोकतंत्र के मुद्दे पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बेशर्म वह पार्टी है, जो इतिहास की सच्चाई स्वीकार नहीं कर पाती। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है, इसलिए देश की नई पीढ़ी को यह जानना भी आवश्यक है कि इसी देश में कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटते हुए आपातकाल थोपा था। उस दौर में लोकतंत्र की आवाज़ उठाने वाले हजारों लोगों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में डालकर प्रताडि़त किया गया। उन्होंने कहा कि यह इतिहास केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी को लोकतंत्र के संघर्ष, उसके महत्व और उसकी रक्षा के दायित्व को भी समझना चाहिए। लोकतांत्रिक मूल्यों को व्यवहारिक जीवन में उतारना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल परिवर्तन को प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत दलहन और तिलहन जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। सरकार इन फसलों की खरीद की भी प्रभावी व्यवस्था कर रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस के दावों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज बड़े-बड़े दावे करती है, जबकि उनके शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था घोटालों और अव्यवस्थाओं का प्रतीक रही। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, घोटालों और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने का रहा है। इसके विपरीत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता, किसानों के कल्याण और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। जनता अब तथ्यों और काम के आधार पर निर्णय ले रही है, इसलिए कांग्रेस के निराधार आरोपों का कोई प्रभाव नहीं पडऩे वाला।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>आवास मेला-2025 के लक्की ड्रॉ विजेताओं को 26 जून को वितरित होंगे उपहार</title><link>https://cnin.co.in/आवास-मेला-2025-के-लक्की-ड्रॉ-विजेताओं-को-26-जून-को/80686</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णु देव साय करेंगे नवीन लोगो का विमोचन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री &amp;nbsp;ओ.पी. चौधरी करेंगे प्रेस वार्ता को संबोधितरायपुर-छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 के अंतर्गत लक्की ड्रॉ में चयनित हितग्राहियों को उपहार वितरण समारोह 26 जून 2026 को न्यू सर्किट हाउस परिसर, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया जाएगा। इसी अवसर पर मंडल के नवीन लोगो का भी विमोचन किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 तथा 23 नवम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं में पंजीयन कर भवन आबंटन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए 22 जून 2026 को विशेष लक्की ड्रॉ आयोजित किया गया था। इस ड्रॉ में विजेताओं का चयन मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन मोटरसाइकिल, होंडा एक्टिवा स्कूटी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, टेलीविजन सहित अनेक आकर्षक उपहारों के लिए किया गया है।उपहार वितरण समारोह में लक्की ड्रॉ के चयनित विजेताओं को सम्मानपूर्वक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही मंडल द्वारा आयोजित नवीन लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेता रचनाकार को 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी।समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहेंगे।कार्यक्रम का आयोजन 26 जून 2026, शुक्रवार को दोपहर 1:30 बजे से किया जाएगा। कार्यक्रम उपरांत आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी दोपहर 3 बजे प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। मंडल ने सभी लक्की ड्रॉ विजेताओं, हितग्राहियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को समारोह में सहभागी बनने हेतु आमंत्रित किया है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान की ओर बढ़ेगा सिरपुर, सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना को मिली रफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/विश्व-पर्यटन-मानचित्र-पर-नई-पहचान-की-ओर/80685</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;* &amp;nbsp;पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक &amp;nbsp;* यूनेस्को विश्व विरासत सूची, लाइट एंड साउंड शो, बांस राफ्टिंग, आधुनिक पर्यटक सुविधाओं और सिरपुर महोत्सव को लेकर लिए गए कई अहम निर्णय&amp;nbsp;रायपुर। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना संबंधी अंतर्विभागीय समिति की द्वितीय बैठक में सिरपुर के समग्र विकास, पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार और विश्वस्तरीय विरासत गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिला प्रशासन महासमुंद, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में प्रथम बैठक के निर्णयों पर हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए पर्यटन सचिव ने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में मिश्रित श्रेणी में शामिल कराने के लिए तैयार प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए तथा एकीकृत विकास की कार्ययोजना को निर्धारित समय-सीमा में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिरपुर की समृद्ध बौद्ध, जैन और हिंदू विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को उपलब्ध कराने, गाइडों के न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने तथा लक्ष्मण मंदिर, पर्यटन सूचना केंद्र और अन्य प्रमुख स्थलों पर उनकी सूची एवं संपर्क विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीय गाइडों को विभिन्न विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने तथा प्रशिक्षित गाइडों को पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पुरातत्व संस्थानों में अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।बैठक में सिरपुर आने वाले पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत कोडार डैम और रायकेश तालाब में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बांस राफ्टिंग, नौकायन तथा कैंटीन संचालन जैसी गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे और पर्यटकों को नए अनुभव प्राप्त होंगे।पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लक्ष्मण मंदिर परिसर के आसपास सुव्यवस्थित पार्किंग, स्मृति चिन्ह बिक्री केंद्र, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया और अन्य आवश्यक सुविधाओं का शीघ्र विकास करने का निर्णय लिया गया। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन को विकास कार्यों की प्रगति नियमित रूप से साझा करने के निर्देश भी दिए गए।सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए सुरंग टीला में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। इसके लिए ह्वेनसांग की यात्रा, कलचुरी काल, बौद्ध, जैन एवं हिंदू विरासत, सूर्यवर्मा-वासटा, वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर तथा लोरिक-चंदा जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्क्रिप्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में आगामी सिरपुर महोत्सव को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने पर भी सहमति बनी। महोत्सव में सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित विशेष एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही दक्षिण एशियाई देशों से अधिकाधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार एवं रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया।राज्य स्तरीय संग्रहालय को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके लिए ओडिशा के कोणार्क तथा तमिलनाडु के केलडी स्थित संग्रहालयों का अध्ययन भ्रमण जुलाई माह में कराया जाएगा तथा अगस्त-सितंबर तक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके अलावा विदेशों में पहुंचे सिरपुर के महत्वपूर्ण पुरावशेषों को भारत वापस लाने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करने तथा नए उत्खनन स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर उनका चयन करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में जिला प्रशासन महासमुंद को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए आवश्यक भूमि का आवंटन एक माह के भीतर सुनिश्चित करने, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित करने तथा सुरंग टीला क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सिरपुर में पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट संगठन अथवा विशेष प्रयोजन वाहन गठित करने का प्रस्ताव तैयार करने पर भी बल दिया गया।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रस्तुत सिरपुर एकीकृत विकास योजना के प्रस्तुतीकरण पर पर्यटन सचिव ने निर्देश दिए कि कोर एवं बफर क्षेत्र का स्पष्ट निर्धारण किया जाए, प्रस्तावित बौद्ध पार्क को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए, सुरंग टीला के लाइट एंड साउंड शो की स्क्रिप्ट 15 दिनों के भीतर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाए तथा आगामी पर्यटन सत्र को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन समय-सीमा में तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जाए।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सिरपुर के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए अंतर्विभागीय समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। बैठक के अंत में पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने सभी विभागों से समन्वित एवं समयबद्ध प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सिरपुर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के अनुरूप विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।</description ></item><item><title>राष्ट्रीय सर्वेक्षणों की तैयारी पूरी : राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला संपन्न</title><link>https://cnin.co.in/राष्ट्रीय-सर्वेक्षणों-की-तैयारी-पूरी-:-राज्य/80684</link><description>&amp;nbsp;प्रवास, ऋण-निवेश और कृषि परिवार सर्वेक्षण पर मिला गहन प्रशिक्षण33 जिलों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा, फील्ड प्रशिक्षण से मिला व्यावहारिक अनुभवरायपुर--संचालनालय आर्थिक एवं सांख्यिकी, छत्तीसगढ़ द्वारा इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में 22 से 25 जून &amp;nbsp;तक प्रवास संबंधी विवरण सर्वेक्षण (Migration Particulars Survey), अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण (AIDIS) तथा कृषि परिवारों का स्थिति आकलन सर्वेक्षण (SAS) के संबंध में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला का उद्घाटन संचालनालय आर्थिक एवं सांख्यिकी के संचालक श्री तीर्थ राज अग्रवाल ने किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के अंतर्गत संचालित ये सर्वेक्षण देश की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनसे प्राप्त आंकड़े शासन की विकास योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों तथा नीति-निर्माण की प्रक्रिया को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हैं।सर्वेक्षण की अवधारणाओं से लेकर आंकड़ा संकलन तक की दी गई जानकारीचार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रवास सर्वेक्षण, अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण तथा कृषि परिवारों के स्थिति आकलन सर्वेक्षण की अवधारणाओं, परिभाषाओं, सूचीकरण कार्य, अनुसूचियों के संधारण एवं आंकड़ा संकलन की प्रक्रिया संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रश्नोत्तर एवं फीडबैक सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।फील्ड प्रशिक्षण में सीखी सर्वेक्षण कार्य की वास्तविक प्रक्रियाकार्यक्रम में राज्य के सभी 33 जिलों से आए फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। अंतिम दिवस 25 जून को प्रतिभागियों को क्षेत्र भ्रमण के माध्यम से फील्ड प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने चयनित क्षेत्रों में जाकर सूचीकरण एवं सर्वेक्षण कार्य की वास्तविक प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा विभिन्न प्रपत्रों को भरने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।इस फील्ड प्रशिक्षण से प्रतिभागियों को सर्वेक्षण कार्य के क्रियान्वयन संबंधी व्यवहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, जिससे आगामी फील्ड कार्य को अधिक प्रभावी, सटीक एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपादित किया जा सकेगा।विश्वसनीय आंकड़े ही सफल सर्वेक्षण की आधारशिलासमापन अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती सचिता राकेश अग्रवाल, उप निदेशक, एफओडी डिवीजन, रायपुर ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय आंकड़ों का संकलन किसी भी सर्वेक्षण की सफलता का आधार होता है तथा फील्ड स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारी इस महत्वपूर्ण दायित्व के प्रमुख भागीदार हैं।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>बद्रीनारायण मीणा बने बस्तर रेंज के नए आईजी,,आदेश जारी</title><link>https://cnin.co.in/बद्रीनारायण-मीणा-बने-बस्तर-रेंज-के-नए/80683</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी बद्रीनारायण मीणा (बैच 2004) को बस्तर रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नियुक्त किया है। उनकी नई पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए गए हैं।जारी आदेश के अनुसार, बद्रीनारायण मीणा अब बस्तर रेंज में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। इससे पहले वे पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर कार्यरत थे।उनकी नियुक्ति को बस्तर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।इससे पहले आईपीएस बद्रीनारायण मीणा दुर्ग रेंज के आईजी और एसएसपी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। 2004 बैच के इस आईपीएस अधिकारी ने बिलासपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) के रूप में भी सेवाएं दी हैं।</description ></item><item><title>नगरीय निकायों को मरम्मत-संधारण के लिए 22.6 करोड़ की आपात निधि जारी</title><link>https://cnin.co.in/नगरीय-निकायों-को-मरम्मत-संधारण-के-लिए-22.6/80682</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर. -. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए 22 करोड़ 6 लाख रुपए की आपात निधि जारी की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर संचालनालय ने सभी निकायों को राशि हस्तांतरित कर दी है। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही अप्रैल से जून के लिए यह राशि जारी की गई है।&amp;nbsp;नगरीय प्रशासन विभाग ने मरम्मत-संधारण आपात निधि के रूप में राज्य के 14 नगर निगमों को कुल 13 करोड़ 76 लाख रुपए जारी किए हैं। वहीं 56 नगर पालिकाओं के लिए कुल 5 करोड़ 18 लाख रुपए जारी किए गए हैं। विभाग ने 124 नगर पंचायतों के लिए भी कुल 3 करोड़ 66 लाख रुपए जारी किए हैं।</description ></item><item><title>सोनम के बाद सिया..घटना से उठे कई सवाल</title><link>https://cnin.co.in/सोनम-के-बाद-सिया..घटना-से-उठे-कई-सवाल/80681</link><description>&amp;nbsp;पिछले साल मध्य प्रदेश का इंदौर शहर में राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में &amp;nbsp;उनकी &amp;nbsp;हालिया में विवाहित पत्नी सोनम सहित तथाकथित प्रेमी का नाम सामने आया था। इस मामले में सोनल को &amp;nbsp;सशर्त जमानत मिल गई है। जमानत के कारण ही &amp;nbsp;राजा रघुवंशी हत्याकांड की याद सोशल मीडिया &amp;nbsp;में पुनर्जीवित हुई थी। ज्यादा दिन नहीं बीते है कि पुणे में लगभग ऐसी ही घटना की पुनरावृति हो गई है। पिछले साल मध्य प्रदेश इस साल महाराष्ट्र में केतन अग्रवाल की उनकी होने वाली पत्नी सिया ने सोनम की भूमिका निभाई। &amp;nbsp;सिया और उनके तथाकथित प्रेमी चेतन ने मिलकर घटना को अंजाम देते हुए लोहगढ़ किले की ऊंचाई से केतन को धक्का देकर मार डाला। इस मामले में सिया और केतन गिरफ्तार किए जा चुके है।सोनम के द्वारा अपने पति राजा और सिया द्वारा होने वाले पति केतन की हत्या के दो पहलू सामने है। पहला पहलू ये है कि सोनम और सिया &amp;nbsp;दोनों ही शादी और सगाई के पहले ही किसी अन्य व्यक्ति से प्रेम करते &amp;nbsp;रहे थे। कानून दोनों को अठारह साल से अधिक उम्र के होने के कारण अपने अच्छे बुरे का निर्णय लेने के लिए सक्षम बनाया था। वे अपने पसंदीदा व्यक्ति से विवाह कर सकते थे। दूसरा पहलू ये है कि दोनों युवतियों के प्रेम के संबंध में दोनों के माता पिता सहित परिवार के अन्य सदस्य अनभिज्ञ थे या फिर जानते हुए परिवार की प्रतिष्ठा के लिए बेमेल संबंध के लिए तैयार नहीं हुए। अक्सर परिवार ये मानकर चलता है कि लड़कियां नासमझ होती है, नादान होती है, भोली होती है।फिसल जाती है।इसका मतलब ये नहीं होता है कि लड़की समझदार है और अपना भला समझती है। ये धारणा भी प्रबल है कि एक बार सात फेरे लग जाए तो &amp;nbsp;अतीत से पीछा छूट ही जाता है। विवाह के &amp;nbsp;पहले एक और विवाह के बाद लड़की के हिस्से में दो परिवार की प्रतिष्ठा सामने आ जाती है।लड़कियां समझौता कर लेती है।पति परमेश्वर, सिद्ध हो जाते है।ये बीते जमाने की बात है।आज का जमाना बदला हुआ है।सामाजिक विघटन की गति इतनी तेज है कि परिवार सिकुड़ गया है।एक या दो संतान के बीच सिमटे परिवार में केवल शौक पूरे किए जाने की मजबूरी है।&amp;nbsp;* संजय दुबे</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णुदेव-साय-ने-यूपीएससी/80680</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;* साधारण परिवारों के सपनों को मिल रही नई उड़ान, ट्राइबल यूथ हॉस्टल बन रहा प्रतिभाओं का सशक्त मंच* राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों के बेटे-बेटियों की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री* युवा शक्ति की सफलता विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान - मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय* मुख्य परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने दिया सफलता का मंत्र, कहा- अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम ही सबसे बड़ी पूंजी* दूरस्थ जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराई दमदार मौजूदगी&amp;nbsp;नई दिल्ली / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुन: शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। &amp;nbsp;इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।उल्लेखनीय है कि &amp;nbsp;संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में श्री गौतम कुमार, श्री कुलभूषण सिंह पोया, श्री हरि चंद्र प्रकाश सिंह, श्री मयंक रात्रे, श्री मलिकराम पटेल, श्री आर्यन राठौर, श्री चेतन लाल, श्री हरीश कुमार पटेल, श्री किशन लाल साहू, श्री सत्यनारायण चंद्राकर, सुश्री दीक्षा दिवाकर, श्री विकेश कुर्रे तथा श्री प्रकाश पटेल शामिल हैं।</description ></item><item><title>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा</title><link>https://cnin.co.in/केंद्रीय-स्वास्थ्य-मंत्री-जेपी-नड्डा-से/80679</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर--छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।&amp;nbsp;बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोडऩे तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।&amp;nbsp;उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।</description ></item><item><title>बैंक एवं मुद्रा लिंकेज मेले में स्व-सहायता समूहों को 2.43 करोड़ रुपए से अधिक की ऋण स्वीकृति</title><link>https://cnin.co.in/बैंक-एवं-मुद्रा-लिंकेज-मेले-में-स्व-सहायता/80678</link><description>&amp;nbsp;200 महिलाओं ने लिया भाग, स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन को मिलेगा बढ़ावारायपुर--राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत जशपुर जिले के जनपद पंचायत मनोरा में बैंक लिंकेज एवं मुद्रा लिंकेज मेले का आयोजन किया गया। मेले में विकासखंड के विभिन्न बैंकों द्वारा स्व-सहायता समूहों एवं महिला उद्यमियों को ऋण स्वीकृति एवं वितरण किया गया।&amp;nbsp; &amp;nbsp; कार्यक्रम के दौरान 64 मुद्रा ऋण प्रकरणों में कुल 56 लाख 40 हजार रुपए तथा 75 स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज के माध्यम से 1 करोड़ 87 लाख 50 हजार रुपए के ऋण की स्वीकृति एवं वितरण किया गया। इस प्रकार कुल 2 करोड़ 43 लाख 90 हजार रुपए की ऋण सहायता उपलब्ध कराई गई।&amp;nbsp; &amp;nbsp; मेले में विकासखंड मनोरा की लगभग 200 स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता विकास तथा वित्तीय समावेशन से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई। बैंकिंग सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने और महिला समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण साबित हुआ।&amp;nbsp; &amp;nbsp; कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्री रंजीत भगत, श्री अमीन खान, श्री राकेश तिवारी, श्री रघुनाथ राम, जनपद पंचायत मनोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रवि बघेल, श्री बिन्सेंट तिर्की, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं। सभी के सहयोग से कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न हुआ।&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>10,000 मौतों की आशंका..वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप,देश में इमरजेंसी</title><link>https://cnin.co.in/10,000-मौतों-की-आशंका..वेनेजुएला-में-7.2-और-7.5/80677</link><description>&amp;nbsp;0- 126 साल में सबसे बड़ा भूकंप&amp;nbsp;कराकस-वेनेजुएला में बुधवार शाम, यानी भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह दो शक्तिशाली भूकंप आए। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के मुताबिक, इसमें 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत की 44' और 1,00,000 से ज्यादा मौत की 30' आशंका है।वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप के बाद कई इमारतें जमींदोज हो गई है।(साभार-भास्कर)</description ></item><item><title>अवैध खनन पर साय सरकार का बड़ा प्रहार, बढ़ा जुर्माना और कार्रवाई हुई सख्त</title><link>https://cnin.co.in/अवैध-खनन-पर-साय-सरकार-का-बड़ा-प्रहार,-बढ़ा/80676</link><description>&amp;nbsp;®-मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णु देव साय की सख्ती का असर®-मंत्रिपरिषद् की मंजूरी के बाद किया गया है नियमों में संशोधनरायपुर--छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और उनके सख्त प्रशासनिक रुख के तहत राज्य सरकार ने गौण खनिज नियमों में व्यापक संशोधन किया है। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना, राजस्व बढ़ाना और खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है।सबसे बड़ा बदलाव अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन पर लगने वाले जुर्माने में किया गया है। अब किसी भी मामले में समझौता राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन के मामलों में प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से समझौता शुल्क देना होगा। इसके अलावा अवैध रूप से ले जाए जा रहे खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई वाहन 35 टन खनिज का अवैध परिवहन करता है, तो उसे केवल प्रशमन शुल्क के रूप में 70 हजार रुपये और खनिज का मूल्य अलग से देना होगा। वहीं ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का प्रशमन शुल्क तथा रेत का मूल्य देना अनिवार्य होगा।छत्तीसगढ़ सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहन आसानी से दोबारा अपराध में इस्तेमाल न हो सकें। अब जब्त वाहन, मशीन या अन्य सामग्री की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन के प्रकार के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही वाहन सुपुर्द किया जा सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने विकास कार्यों को गति देने के लिए उत्खनन अनुज्ञापत्र के नियम भी आसान बनाए हैं। शासकीय निर्माण कार्यों के लिए उत्खनन क्षेत्र की सीमा 1 हेक्टेयर से बढ़ाकर 2 हेक्टेयर कर दी गई है, जबकि अनुज्ञापत्र की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी गई है। इससे निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त खनिज उपलब्ध होगा और व्यवस्थित खनन को बढ़ावा मिलेगा।खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण और आधारभूत संरचना के विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025 की स्थापना भी की गई है। अब गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी का 2 प्रतिशत इस न्यास में जमा होगा, जिससे हर वर्ष लगभग 5.25 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होने का अनुमान है।सरकार ने खनन पट्टों के समामेलन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। इससे अलग-अलग प्रकार से स्वीकृत पट्टों के एकीकरण में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयां दूर होंगी और शासन को प्रीमियम राशि प्राप्त करने में सुविधा होगी।निर्माण विभागों में खनिज रॉयल्टी कटौती की व्यवस्था को भी एक समान बनाया गया है। अब सभी विभाग खनिज की कीमत के साथ रॉयल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण उपकर, अधोसंरचना उपकर और सुरक्षा के तौर पर अतिरिक्त राशि निर्धारित नियमों के अनुसार काटेंगे। खनिज विभाग से रॉयल्टी क्लीयरेंस मिलने पर यह राशि वापस कर दी जाएगी, अन्यथा विभाग इसे खनिज मद में जमा करेगा। इससे अवैध स्रोतों से खनिज के उपयोग पर भी प्रभावी रोक लगेगी।एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत गौण खनिज से मिलने वाले राजस्व का लाभ अब केवल नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिला पंचायतों को भी इसका हिस्सा मिलेगा।करीब 30 वर्षों बाद खदानों के डेड रेंट (अनिवार्य भाटक) की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। राज्य में 1900 से अधिक गौण खनिज खदानें हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खदानें वर्षों से बंद पड़ी हैं। सरकार का मानना है कि बढ़े हुए डेड रेंट से केवल गंभीर पट्टाधारी ही खदानों का संचालन करेंगे। जो खदानें संचालित नहीं होंगी, वे समर्पित होकर दोबारा नीलामी के लिए उपलब्ध हो सकेंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस पहल को अवैध खनन के खिलाफ सरकार के जीरो टॉलरेंस और सख्त प्रशासनिक रुख का बड़ा सख्त कदम माना जा रहा है। नए नियमों से एक ओर अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगेगा, वहीं राज्य के राजस्व में वृद्धि, पारदर्शिता और खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>बिना माल खरीदे ली 8.22 करोड़ की टैक्स छूट, कारोबारी गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/बिना-माल-खरीदे-ली-8.22-करोड़-की-टैक्स-छूट,/80675</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) ने कर चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरडिय़ा को गिरफ्तार किया है। विभागीय जांच में फर्म से जुड़े करीब 76 करोड़ रुपये के कागजी लेन-देन और 8.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का मामला सामने आया है।जांच में सामने आया कि फर्म ने पिछले लगभग छह माह के दौरान आयरन और स्टील कारोबार के नाम पर करोड़ों रुपये के लेन-देन केवल दस्तावेजों में दिखाए। जीएसटी रिटर्न, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच के दौरान विभाग को कई अनियमितताएं मिलीं।विभागीय जांच के अनुसार, मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक ने पश्चिम बंगाल की कई संदिग्ध कंपनियों से वास्तविक माल खरीदे बिना करोड़ों रुपये के खरीद बिल प्राप्त किए। इन बिलों के आधार पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया गया।जांच में यह भी सामने आया कि इस आईटीसी को आगे अन्य करदाताओं को भी हस्तांतरित किया गया। विभाग का मानना है कि इस प्रक्रिया के जरिए शासन को राजस्व नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।अधिकारियों के अनुसार, पूरा मामला पेपर ट्रेडिंग और बोगस आईटीसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। इसमें माल की वास्तविक आवाजाही के बजाय केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ लेने की कोशिश की गई।पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद स्टेट जीएसटी विभाग ने आदेश्वर चौरडिय़ा को गिरफ्तार किया। अब विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों और इस नेटवर्क से जुड़ी अन्य फर्मों की भूमिका की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढऩे पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।</description ></item><item><title>बहुमंजिला भवनों, कोचिंग संस्थानों, होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का होगा विशेष ऑडिट</title><link>https://cnin.co.in/बहुमंजिला-भवनों,-कोचिंग-संस्थानों,-होटलों/80674</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य सचिव को दिए निर्देशराज्यभर में अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं की होगी व्यापक जांचजनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णुदेव सायरायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बहुमंजिला आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटलों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और विशेष ऑडिट के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्नि दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करना आवश्यक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नागरिकों, विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी विषय शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव श्री विकास शील ने राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, अग्निशमन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष निरीक्षण अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस अभियान के अंतर्गत बहुमंजिला आवासीय भवनों, कोचिंग सेंटरों, ट्यूशन कक्षाओं, होटल, लॉज, मॉल, व्यावसायिक परिसरों एवं अन्य सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संबंधित संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों एवं फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, वैध फायर एनओसी, आपातकालीन निकास मार्गों की व्यवस्था, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, विद्युत वायरिंग एवं उपकरणों की स्थिति, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, प्राथमिक उपचार सुविधा, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। साथ ही भवनों की क्षमता के अनुरूप लोगों की संख्या, पार्किंग व्यवस्था तथा आपदा की स्थिति में निकासी एवं राहत प्रबंधन की तैयारियों का भी परीक्षण किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के संबंध में संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए जाएं तथा गंभीर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना का प्रस्ताव, अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-अखिल-भारतीय-आयुर्वेद-संस्थान/80673</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर--छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास, जनकल्याण और विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए)की स्थापना का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी थे।मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बताया कि नई दिल्ली और पणजी में संचालित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान देश में आयुर्वेद आधारित चिकित्सा, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। इन संस्थानों ने आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है तथा बड़ी संख्या में दक्ष आयुर्वेद चिकित्सक और शोधकर्ता तैयार किए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा वनाच्छादित है, जहां अनेक दुर्लभ औषधीय वनस्पतियां और जड़ी-बूटियां प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हैं। जनजातीय अंचलों में पारंपरिक औषधीय ज्ञान की समृद्ध विरासत भी मौजूद है। ऐसे में यहां अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना आयुर्वेद चिकित्सा और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।उन्होंने कहा कि एआईआईए की स्थापना से प्रदेशवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे। इससे आयुर्वेद आधारित चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि संस्थान का लाभ केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य भारत के व्यापक क्षेत्र को मिलेगा। पड़ोसी राज्यों के नागरिकों को भी बेहतर आयुर्वेदिक उपचार और शोध सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा।श्री साय ने केंद्रीय बजट 2026 में देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की घोषणा का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि इनमें से एक संस्थान छत्तीसगढ़ को प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ रोजगार, अनुसंधान और ज्ञान आधारित विकास को भी नई गति देगा।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी।केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने राज्य में विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।</description ></item><item><title>उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद</title><link>https://cnin.co.in/उदंती-सीतानदी-में-बाघिन-की-दस्तक,-टाइगर/80672</link><description>&amp;nbsp;कैमरा ट्रैप में लगातार कैद हो रही बाघिन, संरक्षण प्रयासों&amp;nbsp;को मिली बड़ी सफलतारायपुर--उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व के लिए ऐतिहासिक खबर सामने आई है। हाल में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए कैमरा ट्रैप में एक बाघिन की तस्वीरें और वीडियो लगातार कैद हुए हैं। वन विभाग के अनुसार बाघिन प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए इस क्षेत्र तक पहुंची है और अब इसे अपना स्थायी आशियाना बनाने की ओर बढ़ रही है।’संरक्षण प्रयासों का दिखने लगा सकारात्मक परिणाम’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघिन की उपस्थिति इन प्रयासों की सफलता का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। वन विभाग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।’बेहतर आवास का मिला प्रमाण’&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;लंबे समय से बाघों की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे उदंती-सीतानदी के लिए यह घटनाक्रम बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक बाघ या बाघिन का किसी वन क्षेत्र को स्थायी निवास चुनना वहां के बेहतर आवास, पर्याप्त शिकार आधार और सुरक्षित वातावरण का प्रमाण होता है। बाघिन की नियमित उपस्थिति पूरे परिदृश्य के पुनर्जीवन और संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है।’बाघों की स्थायी मौजूदगी का साक्षी बनेगा’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; वन अधिकारियों के मुताबिक कैमरा ट्रैप में बाघिन स्वस्थ और आत्मविश्वास से भरी दिख रही है। उसकी गतिविधियों से स्पष्ट है कि वह क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रभाव क्षेत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो यह क्षेत्र फिर से बाघों की स्थायी मौजूदगी का साक्षी बनेगा।’संरक्षण प्रयासों का मिला परिणाम’&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; पिछले कुछ वर्षों में उदंती-सीतानदी में आवास सुधार और वन्यजीव संरक्षण के लिए व्यापक कार्य हुए हैं। सघन गश्त, एंटी-पोचिंग नेटवर्क को मजबूती, सैकड़ों कृत्रिम जलस्रोत-झिरियों का निर्माण, क्षतिग्रस्त वन क्षेत्रों का पुनर्स्थापन, अतिक्रमण हटाकर वनभूमि की वापसी और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने जैसे कदम उठाए गए हैं। बाघिन की मौजूदगी को इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।’निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जाएगी’&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; कैमरा ट्रैप की तस्वीरों-वीडियो ने वन अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों में नई ऊर्जा भर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघिन के स्थायी बसने से यह रिजर्व मध्य भारत के प्रमुख बाघ आवासों में फिर अपनी पहचान बना सकता है और भविष्य में अन्य बाघों के आगमन का मार्ग प्रशस्त होगा।’बाघिन की सुरक्षा और अनुकूल आवास सुनिश्चित करने प्रयास’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; वन विभाग ने बाघिन की सुरक्षा और अनुकूल आवास सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व संरक्षण गतिविधियां और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। विभाग का कहना है कि यह सिर्फ एक बाघिन की मौजूदगी नहीं, बल्कि प्रकृति की सकारात्मक प्रतिक्रिया और जंगलों के पुनर्जीवन की कहानी है।</description ></item><item><title>राज्यपाल  रमेन डेका ने “प्रारंभ” पत्रिका के विशेषांक का किया विमोचन</title><link>https://cnin.co.in/राज्यपाल--रमेन-डेका-ने-“प्रारंभ”-पत्रिका-के/80671</link><description>&amp;nbsp;रायपुर-राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा “सोसायटी फॉर एम्पावरमेंट” द्वारा प्रकाशित पत्रिका “प्रारंभ” का आज विमोचन किया गया। इस विशेषांक का संपादन डॉ. रूपेन्द्र कवी, उपसचिव (संवैधानिक प्रकोष्ठ), लोकभवन, रायपुर द्वारा किया गया है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;यह विशेषांक “प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में जनजातीय ज्ञान की प्रासंगिकता” विषय पर आधारित है, जिसमें जनजातीय ज्ञान एवं पर्यावरण संरक्षण के परंपरागत दृष्टिकोणों को समाहित किया गया है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; इस अवसर पर राज्यपाल ने पत्रिका की विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह अंक वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। उन्होंने संपादकीय टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान की।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा बड़ा विस्तार</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-में-स्वास्थ्य-सुविधाओं-का-होगा-बड़ा/80670</link><description>&amp;nbsp;महारानी अस्पताल के कायाकल्प के लिए 7 करोड़ रूपए से अधिक का प्रस्ताव तैयाररायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के तहत जगदलपुर के ऐतिहासिक महारानी अस्पताल को संभाग का सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक चिकित्सा केंद्र बनाने के लिए 7 करोड़ से अधिक की लागत का प्रस्ताव और कायाकल्प का काम समय-समय पर विभिन्न चरणों में किया जाएगा, जिसके माध्यम से बस्तरवासियों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। महारानी अस्पताल के कायाकल्प को दो से अधिक चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें ओपीडी, आपातकालीन इकाई, ओटी कॉम्प्लेक्स, और आईसीयू शामिल हैं।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;बस्तर संभाग के लाखों लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। जल्द ही स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को सुपर-स्पेशलिटी स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल, जगदलपुर के व्यापक उन्नयन और आधुनिकीकरण के लिए 7 करोड़ 1 लाख रुपये से अधिक का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जगदलपुर के कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की अध्यक्षता में आयोजित जीवन दीप समिति की बैठक में अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मुहैया कराने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और नई मशीनें मिलेंगी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; प्रस्ताव के अनुसार, अस्पताल की चिकित्सा प्रणाली को पूरी तरह अपग्रेड किया जा रहा है। मॉड्यूलर ओटी का नवीनीकरण के तहत प्रसूति, स्त्री रोग और सामान्य सर्जरी विभाग के ऑपरेशन थिएटरों (OT) को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। अस्पताल में सीटी स्कैन जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए विद्युत व्यवस्था सुधारी जाएगी। साथ ही कलर डॉपलर, मोबाइल डीआर सिस्टम, एंडोस्कोपी और लेप्रोस्कोपी जैसी नई मशीनें खरीदी जाएंगी। नेत्र एवं ईएनटी (नाक, कान, गला) के उपचार के लिए आधुनिक उपकरण मंगाए जा रहे हैं।शिशु एवं बाल स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; संभाग में नवजात और बच्चों के बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। इसके तहत 12 बिस्तरीय पीडियाट्रिक आईसीयू (PICU) और 30 बिस्तरीय शिशु रोग वार्ड के शीघ्र संचालन के लिए मरम्मत व सुरक्षा कार्यों को मंजूरी दी गई है। गंभीर बीमार बच्चों के इलाज के लिए SNCU और MNCU वार्डों के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की खरीदी की जाएगी।बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा अस्पताल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; महारानी अस्पताल में निर्बाध बिजली आपूर्ति और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए बड़ा निवेश किया जा रहा है। 78 लाख रुपये की लागत से अस्पताल में ऑन-ग्रिड सोलर पावर सिस्टम स्थापित किया जाएगा। आपातकालीन बिजली बैकअप के लिए 65 लाख रुपये की लागत से एक नया भारी क्षमता वाला डीजी (जनरेटर) सेट भी लगाया जाएगा। इसके अलावा मरीजों के परिजनों के लिए अस्पताल परिसर में पार्किंग सुविधा और 'होम शेल्टर' का निर्माण किया जाएगा।पारदर्शिता के लिए कड़ा फैसला&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और दवाइयों की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से समिति ने धन्वंतरी दवा केंद्र के वर्तमान अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाने की सिफारिश की है। इसके अतिरिक्त, अटल आरोग्य लैब के अंतर्गत माइक्रोबायोलॉजी विभाग को जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और एयर हैंडलिंग यूनिटों की मरम्मत को भी हरी झंडी मिल गई है।निर्धारित समय-सीमा में पूरे होंगे काम&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; कलेटर श्री आकाश छिकारा ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि स्वीकृत किए गए सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बस्तर संभाग के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब मरीजों को जगदलपुर में ही उच्च स्तरीय और सुलभ चिकित्सा सुविधाओं का लाभ देना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए बाहर न भटकना पड़े। यह कदम बस्तर के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>नरेन्द्र कुमार जैन का निधन</title><link>https://cnin.co.in/नरेन्द्र-कुमार-जैन-का-निधन/80669</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। रायपुर प्रेस बिरादरी के सबसे वयोवृद्ध सदस्य नरेन्द्र कुमार जैन का बुधवार को निधन हो गया है। वे नीलेश जैन के पिता थे। उन्होने 1957 से 2010 तक नवभारत प्रेस रायपुर के विज्ञापन विभाग में नियमित सेवाएं दी। वे कालीबाड़ी स्कूल की प्रथम मैट्रिक बैच के टापर थे। रायपुर के पहले आर्केस्ट्रा लिटिल म्यूजिक के भी वे सदस्य थे। रायपुर की पहली विज्ञापन एजेंसी के संचालक भी रहे। अंतिम यात्रा कल गुरुवार की सुबह दस बजे बूढ़ापारा स्थित निवास स्थान से मारवाड़ी शमशान घाट जाएगी।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय</title><link>https://cnin.co.in/वीरांगना-रानी-दुर्गावती-का-शौर्य-और-बलिदान/80668</link><description>&amp;nbsp;रायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित केनाल लिंकिंग रोड पर वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का सर्वाेच्च उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का शौर्य और त्याग आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ है। उनकी गौरवगाथा हमें विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा अपने महान नायकों और गौरवशाली इतिहास का स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है। जो समाज अपने इतिहास और विरासत को विस्मृत कर देता है, उसका भविष्य भी संकटग्रस्त हो जाता है, जबकि जो समाज अपने महापुरुषों को कृतज्ञता और सम्मान के साथ याद रखता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल होता है।मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अंतिम क्षण तक संघर्ष करते हुए उन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान की रक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी तथा वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में साहस और स्वाभिमान के अप्रतिम अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास भी, विरासत भी के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। विकास की यात्रा तभी सार्थक होती है, जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना और महान विभूतियों के योगदान को भी समान रूप से संरक्षित करें। रानी दुर्गावती ने जिस राष्ट्रचेतना, स्वाभिमान और संघर्ष की भावना का संचार किया, वह आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रही है।उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, डॉ. नंदकुमार साय, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूप सिंह मंडावी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>1 जुलाई से लागू होगी वीबी जी राम जी योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल</title><link>https://cnin.co.in/1-जुलाई-से-लागू-होगी-वीबी-जी-राम-जी-योजना,/80667</link><description>&amp;nbsp;ग्राम सभाओं के माध्यम से दी जा रही योजना की जानकारी, मानव श्रृंखला बनाकर ग्रामीणों ने दिया जनजागरूकता का संदेशकेन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी की मानव श्रृंखला द्वारा&amp;nbsp;जागरूकता की सराहनारायपुर--प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को आजीविका और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा आगामी 1 जुलाई 2026 से लागू की जा रही वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला स्तर पर लगातार प्रशिक्षण, बैठकें और ग्राम सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों को योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं लाभों की जानकारी दी जा रही है।’सांकरा एवं देवरी में ग्रामीणों ने बनाई मानव श्रृंखला’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; योजना के प्रति ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदेश के विभिन्न गांवों में आयोजित ग्राम सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर योजना की जानकारी प्राप्त की तथा इसके सफल क्रियान्वयन में सहयोग का संकल्प लिया। इसी क्रम में बेमेतरा जिले के जनपद पंचायत बेरला की ग्राम पंचायत सांकरा एवं देवरी में ग्रामीणों ने योजना के प्रचार-प्रसार के लिए अनूठी पहल करते हुए मानव श्रृंखला का निर्माण किया। ग्रामीणों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर “वीबी जी राम जी - गांव की प्रगति, हम सबकी जिम्मेदारी”, “रोजगार और आजीविका का नया संबल” तथा “समृद्ध गांव, सशक्त परिवार” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।&amp;nbsp;’केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सराहना’&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने एक्स अकॉउंट से पोस्ट कर लिखा कि छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से आई इस तस्वीर को देखकर मन आनंद और उत्साह से भर गया। यह तस्वीर गाँव की जनता के जागरूकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी बेमेतरा जिले के इन प्रयासों की सराहना करते हुए अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा कि यह मानव श्रृंखला बन रही है, जो योजना के प्रति जन-जागरूकता का प्रतीक बनी हुई है।’पात्र परिवारों को लाभ दिलाने और जानकारी पहुंचाने लिया संकल्प’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; मानव श्रृंखला के माध्यम से ग्रामीणों ने यह संदेश दिया कि योजना केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में जनभागीदारी का एक महत्वपूर्ण अभियान है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने तथा अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने का संकल्प भी लिया।’ग्राम सभा मे अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ग्राम सभाओं में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वीबी - जीरामजी योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।’अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और हितग्राहियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार 30 जून 2026 तक पंचायत, ब्लॉक एवं जिला स्तर के सभी अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा हितग्राहियों का प्रशिक्षण पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कठिनाई न आए और पात्र परिवारों को समय पर लाभ मिल सके।’1 जुलाई से प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; योजना के प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम सभाओं, चौपालों, पोस्टर-बैनर, मुनादी, रथ प्रचार एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय सामाजिक संगठन सक्रिय रूप से लोगों को योजना की जानकारी देने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह योजना गांवों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 1 जुलाई से योजना के लागू होने के साथ ही प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की भी उम्मीद है।&amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भी लाइव आकर दी जानकारी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी&amp;nbsp; मंगलवार को अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर लाइव आकर आगामी ग्राम सभा और वीबी जीरामजी के संबंध में लोगों को जानकारी दी और लोगों को योजना का लाभ लेने को प्रेरित किया साथ ही उन्होंने लोगों के सवालों का भी समाधान किया।</description ></item><item><title>वन मंत्री  केदार कश्यप की पहल से उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी</title><link>https://cnin.co.in/वन-मंत्री--केदार-कश्यप-की-पहल-से-उदंती/80666</link><description>&amp;nbsp;0-हॉर्नबिल संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार&amp;nbsp;का नया अवसर0-’पीवीटीजी गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में बढ़ी मालाबार&amp;nbsp;पाइड हॉर्नबिल की संख्या’&amp;nbsp;रायपुर--‘हॉर्नबिल सफारी'&amp;nbsp;से तात्पर्य हॉर्नबिल पक्षियों को देखने के लिए की जाने वाली वन्यजीव सफारी या हॉर्नबिल से जुड़े प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से है। हॉर्नबिल मुख्य रूप से जंगलों, विशेषकर पश्चिमी घाट और मध्य भारत के नम पर्णपाती और सदाबहार वनों में रहना पसंद करता है।’‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का लिया गया निर्णय’&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर रिजर्व प्रबंधन द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में ‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करेगी।’संरक्षण और आजीविका को साथ लेकर आगे बढ़ रहा वन विभाग’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;वन मंत्री श्री केदार कश्यप की सोच के अनुरूप वन विभाग वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण कार्यों को स्थानीय समुदायों की भागीदारी और आजीविका से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पाण्डेय तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री ओ.पी. यादव के मार्गदर्शन में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में कई नवाचार किए जा रहे हैं, जिनसे वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है।’चार वर्षों में बढ़ी हॉर्नबिल की आबादी’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों के दौरान मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह सफलता एंटी-पोचिंग अभियान, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, फलदार वृक्षों के संरक्षण एवं रोपण तथा ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ जैसी अभिनव पहल का परिणाम है। स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’हॉर्नबिल ट्रैकिंग टीम निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; हॉर्नबिल संरक्षण के लिए गठित विशेष ट्रैकिंग टीम लगातार पक्षियों की गतिविधियों, घोंसलों और आवास क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ स्थानीय ट्रैकर्स भी इस अभियान से जुड़े हुए हैं। उनके सतत प्रयासों से ओढ़, अमलोर और आमामोरा के आसपास का वन क्षेत्र आज हॉर्नबिल के सुरक्षित आवास और आकर्षक बर्डिंग स्थल के रूप में विकसित हो चुका है।’प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए बनेगा नया आकर्षण’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; प्रस्तावित हॉर्नबिल सफारी के माध्यम से पर्यटक, पक्षी प्रेमी, वन्यजीव फोटोग्राफर और शोधकर्ता प्राकृतिक वातावरण में हॉर्नबिल का अवलोकन कर सकेंगे। सफारी के संचालन के लिए प्रारंभिक चरण में दो जिप्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है।’स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; हॉर्नबिल सफारी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय समुदायों की भागीदारी है। पीवीटीजी गांवों के युवाओं और ग्रामीणों को बर्ड वॉचिंग तथा नेचर गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे पर्यटकों के लिए नेचर गाइड और हॉर्नबिल गाइड के रूप में कार्य करेंगे। इससे उन्हें स्थायी आय और रोजगार का अवसर मिलेगा तथा सामुदायिक आधारित इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।’मध्य भारत का उभरता बर्डिंग डेस्टिनेशन’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; रायपुर से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व तेजी से मध्य भारत के प्रमुख बर्डिंग और नेचर टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां मालाबार पाइड हॉर्नबिल के अलावा शाहीन बाज, भारतीय पिट्टा, ब्राउन फिश आउल, ग्रे-हेडेड फिश ईगल, विभिन्न प्रजातियों के कठफोड़वा, बार्बेट, मिनिवेट सहित अनेक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की विविधता देखने को मिलती है।’वन्यजीवों की समृद्ध जैव विविधता का केंद्र’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;यह क्षेत्र पक्षियों के साथ-साथ भारतीय विशाल गिलहरी (इंडियन जायंट स्क्विरल) और भारतीय विशाल उड़न गिलहरी (इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) जैसे दुर्लभ वन्यजीवों के लिए भी प्रसिद्ध है। यही कारण है कि यह क्षेत्र प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।संरक्षण, विकास और पर्यटन का सफल संगम&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; विशेषज्ञों के अनुसार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में की जा रही यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि वैज्ञानिक वन प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सहभागिता के माध्यम से संरक्षण आधारित आजीविका और सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। हॉर्नबिल सफारी के शुरू होने से छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण विकास को भी गति प्राप्त होगी। मोबाइल नंबर - +91-7976688165, +91-7566510937वेबसाइट -https://udantisitanaditigerreserve.in/&amp;nbsp;पर पर्यटक, संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>कृषक उन्नति योजना- छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला</title><link>https://cnin.co.in/कृषक-उन्नति-योजना--छत्तीसगढ़-सरकार-का-बड़ा/80665</link><description>&amp;nbsp;0-धान के बदले वैकल्पिक फसलों की खेती पर मिलेगी 15 हज़ार रुपए प्रति एकड़ तक की सहायता’0-छत्तीसगढ़ में फसल विविधीकरण को बढ़ावा- दलहन-तिलहन और मिलेट्स उगाने वाले किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026 में कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य लाभकारी फसलें लेने वाले किसानों के लिए भारी वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है। इस योजना के अंतर्गत जो किसान धान के बदले अन्य फसलें अपनाएंगे, उन्हें 15 हज़ार रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं खरीफ वर्ष 2026 में दलहन, तिलहन, मक्का और मोटे अनाजों (मिलेट्स) की खेती करने वाले कृषकों को 10 हज़ार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता प्रदान की जाएगी।इन फसलों को मिलेगा योजना का लाभ&amp;nbsp; &amp;nbsp; सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रोत्साहन राशि का लाभ अरहर, उड़द, मूंगफली और तिल फसलों के उत्पादन पर मिलेगा। इसी तरह मक्का, रागी और लघु धान्य जैसे कोदो-कुटकी भी शामिल किया गया है। इस विशेष योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीकृत हैं और अपनी उपज (धान) सहकारी समितियों के माध्यम से बेचते हैं। इसके अतिरिक्त, डिजिटल क्रॉप सर्वे/गिरदावरी के माध्यम से रकबे (भूमि क्षेत्र) की पुष्टि होने के बाद ही मान्य रकबे पर सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा।हजारों किसानों को मिला लाभ&amp;nbsp; &amp;nbsp; गत वर्ष 2025 में इस योजना के सफल क्रियान्वयन के चलते अकेले सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले में ही बड़े पैमाने पर किसानों को लाभान्वित किया गया। जिले में धान के बदले अन्य फसल लेने वाले 144 किसानों को 13 लाख रुपए की राशि वितरित की गई। दलहन- तिलहन व अन्य फसल उगाने वाले 10 हजार 408 किसानों के खातों में 2 करोड़ 91 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर की गई।&amp;nbsp; &amp;nbsp; सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के उप संचालक कृषि ने क्षेत्र के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सभी पात्र किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या समिति प्रबंधक से तुरंत संपर्क करें। किसान भाई कैरी फॉरवर्ड या नए पंजीयन के समय धान के बदले अन्य फसल या दलहन-तिलहन फसल बोए गए रकबा के विकल्प का चयन कर अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराएं, ताकि समय पर प्रोत्साहन राशि उनके खातों में भेजी जा सके।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में आवेदनों के त्वरित निराकरण से लोगों को मिल रही राहत</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-हेल्पलाइन-में-आवेदनों-के-त्वरित/80664</link><description>&amp;nbsp;®--लम्बित प्रकरणों के निराकरण के लिए विभागों द्वारा की जा रही त्वरित कार्यवाहीरायपुर. --मुख्यमंत्री हेल्पलाइन लोगों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है। प्रदेशभर में हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों की लगातार निगरानी एवं समीक्षा करते हुए समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं और योजनाओं का लाभ शीघ्रता से प्राप्त हो रहा है।कोरबा जिले में 23 जून की सुबह तक राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, विद्युत, पेयजल, खाद्य, समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित 1796 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 601 से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई है, जबकि 523 से अधिक आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। शेष प्रकरणों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जा रही है।राज्य शासन ने सभी विभागों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा कर लंबित प्रकरणों के निराकरण की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जा रही है।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिकों को नवीन राशन कार्ड बनवाने, राशन कार्ड में नाम जोड़ने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की स्वीकृति, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, लंबित भुगतान, विद्युत व्यवस्था में सुधार, सड़क मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, नालियों की सफाई, स्वच्छता कार्य, सीमांकन, नामांतरण तथा अन्य राजस्व संबंधी मामलों में त्वरित सहायता एवं राहत मिल रही है।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ने नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद को अधिक सरल, सुलभ एवं पारदर्शी बनाया है। शिकायतों और मांगों के प्रभावी निराकरण से लोगों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। राज्य शासन का सतत प्रयास है कि हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित कर नागरिकों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जाए।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>नैनो डीएपी से बदल रही खेती की तस्वीर</title><link>https://cnin.co.in/नैनो-डीएपी-से-बदल-रही-खेती-की-तस्वीर/80663</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-खेती में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर राज्य के किसान अब कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। बिलासपुर जिले के ग्राम कछार के प्रगतिशील किसान श्री तिहारू राम साहू इसकी एक उत्कृष्ट मिसाल बनकर उभरे हैं। उन्होंने अपनी खेती में नैनो डीएपी का उपयोग कर न केवल उर्वरकों की लागत में कमी लाई, बल्कि फसल उत्पादन और गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हासिल किया।&amp;nbsp; &amp;nbsp;किसान श्री तिहारू राम साहू ने बताया कि वे पहले पारंपरिक डीएपी उर्वरक का उपयोग करते थे, जिससे लागत अधिक आती थी। कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के बाद उन्होंने नैनो डीएपी का प्रयोग किया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। फसल की वृद्धि बेहतर हुई, पौधों का विकास संतुलित रहा तथा उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि वे लगभग सवा एकड़ में सब्जी के साथ अन्य फसलों की खेती करते है। नैनो डीएपी के उपयोग से खेतों में फसलें लहलहा रही है। उन्होंने सभी किसानों से नैनो डीएपी का उपयोग करने की अपील की है। &amp;nbsp;कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नैनो डीएपी एक आधुनिक एवं प्रभावी उर्वरक है, जो पौधों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक दक्षता के साथ उपलब्ध कराता है। इसके उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की खपत कम होती है। विभाग द्वारा किसानों को नैनो डीएपी एवं अन्य आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। श्री तिहारू राम साहू की सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के अन्य किसान भी नैनो डीएपी के उपयोग की ओर अग्रसर हो रहे हैं।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक,सीएम साय और प्रदेश अध्यक्ष किरण देव मौजूद</title><link>https://cnin.co.in/भाजपा-प्रदेश-पदाधिकारियों-की-बैठक,सीएम-साय/80662</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0- संगठन और सरकार के एजेंडे पर हो रही चर्चारायपुर-भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बुधवार को भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हो रही है। जिसमें संगठन और सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी और डॉ. नवीन मार्कंडेय समेत प्रदेश स्तर के पदाधिकारी मौजूद हैं।सूत्रों के मुताबिक बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा, आगामी कार्यक्रमों की तैयारी और सरकार की योजनाओं को लेकर रणनीति पर चर्चा हो सकती है। साथ ही जिलों में चल रहे संगठनात्मक कार्यों और आगामी अभियानों को लेकर भी पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।बैठक को लोकसभा और नगरीय निकाय चुनावों के बाद संगठन की अगली रणनीति तय करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में प्रदेशभर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर फीडबैक लेने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा होने की संभावना है।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश- मोहर्रम जुलूस में डीजे व आतिशबाजी पर नहीं रहेगा वक्फ बोर्ड का प्रतिबंध</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-हाईकोर्ट-का-आदेश--मोहर्रम-जुलूस/80661</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मोहर्रम के अवसर पर निकलने वाले पारंपरिक सामाजिक जुलूसों में डीजे , ब्रास बैंड, धुमाल और आतिशबाजी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाले एक हालिया नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। 'सूफी इस्लामिक बोर्डÓ द्वारा दायर रिट याचिका पर त्वरित सुनवाई करते हुए जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किए गए विवादित आदेश के क्रियान्वयन को आगामी सुनवाई तक स्थगित कर दिया है।अदालत ने माना कि चूंकि मोहर्रम पर्व के धार्मिक अनुष्ठान पहले से ही जारी हैं और मुख्य जुलूस 26 जून को है, इसलिए इस ऐन वक्त पर ऐसा प्रतिबंध लागू करने से समाज में अवांछित अशांति फैल सकती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। मामला छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा आगामी मोहर्रम पर्व को लेकर जारी किए गए एक प्रतिबंधात्मक दिशा-निर्देश से शुरू हुआ।वक्फ बोर्ड ने बीती 11 जून 2026 को एक कड़ा आदेश जारी कर राज्य की सभी मोहर्रम कमेटियों और ताजिया आयोजकों को निर्देशित किया था कि वे मजहबी जुलूसों के दौरान डीजे, धुमाल, ब्रास बैंड और पटाखों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। आदेश में यह भी कहा गया था कि यदि किसी भी कमेटी ने इस नियम का उल्लंघन किया, तो उस पर 50,000 रुपये का दंडात्मक जुर्माना लगाया जाएगा। वक्फ बोर्ड के इसी आदेश को 'ÓÓÓसूफी इस्लामिक बोर्डÓÓÓÓ ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।सूफी इस्लामिक बोर्ड के वकील देवेंद्र प्रताप सिंह ने कोर्ट के समक्ष पुरजोर दलील दी कि वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किया गया यह नोटिस पूरी तरह से अवैध, मनमाना और उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। वकील ने तर्क दिया कि कानूनन छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के पास इस तरह के दंडात्मक आदेश पारित करने या किसी धार्मिक आयोजन की पद्धतियों पर प्रतिबंध लगाने की वैधानिक शक्तियां नहीं हैं। ध्वनि प्रदूषण या कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करना जिला प्रशासन और पुलिस का काम है, न कि वक्फ बोर्ड का।उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि मोहर्रम से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं और आगामी 26 जून 2026 को मुख्य पर्व है। इस नाजुक मोड़ पर ऐसा आदेश थोपने से अवाम में भारी आक्रोश पैदा होगा।जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद ने मामले की तात्कालिकता और दोनों पक्षों के तर्कों का गहराई से अवलोकन किया। कोर्ट ने माना कि चूंकि मोहर्रम का मुख्य पर्व बेहद करीब है और मुस्लिम समाज की तैयारियां और कार्यक्रम गतिमान हैं, इसलिए इस मोड़ पर वक्फ बोर्ड के विवादित आदेश को जबरन लागू कराना समझदारी नहीं होगी। अदालत ने अंदेशा जताया कि इस आदेश को जबरन लागू करने से त्योहार मनाने वाले लोगों के बीच गहरा असंतोष और कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है।हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता सोसाइटी को राहत देते हुए शुद्ध रूप से एक अंतरिम उपाय के तहत, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किए गए विवादित नोटिस के प्रभाव और संचालन पर आगामी सुनवाई तक पूर्णत: रोक लगाई जाती है। आदेश के तहत वर्तमान मोहर्रम जुलूसों के दौरान कमेटियों पर वक्फ बोर्ड का यह प्रतिबंध और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का नियम प्रभावी नहीं रहेगा। अदालत ने राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड के वकीलों को इस याचिका पर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय प्रदान किया है। केस की अगली सुनवाई अगले महीने होगी।</description ></item><item><title> सहकारिता सप्ताह को जनआंदोलन बनाने की तैयारी</title><link>https://cnin.co.in/-सहकारिता-सप्ताह-को-जनआंदोलन-बनाने-की-तैयारी/80660</link><description>&amp;nbsp;राज्य स्तरीय आयोजन को लेकर मंत्री श्री केदार कश्यप ने ली समीक्षा बैठक29 जून से 6 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा सहकारिता सप्ताहरायपुर--भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले सहकारिता सप्ताह की तैयारियों को लेकर नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने विभागीय अधिकारियों तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं एवं महासंघों के प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।सहकारिता किसानों और ग्रामीण विकास का मजबूत आधार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में सहकारिता क्षेत्र को नई पहचान मिली है। सहकारिता आज किसानों की समृद्धि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।प्रत्येक जिले तक पहुंचे सहकारिता सप्ताह&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सहकारिता सप्ताह केवल औपचारिक आयोजन न होकर जनभागीदारी का अभियान बने। इसके लिए राज्य के सभी जिलों, विकासखंडों और सहकारी समितियों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।जागरूकता और नवाचार पर रहेगा विशेष फोकस&amp;nbsp; &amp;nbsp; श्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रमों में जागरूकता, सहभागिता और नवाचार को प्राथमिकता दी जाए। लोगों को सहकारी योजनाओं, उपलब्धियों और लाभों की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग सहकारिता से जुड़ सकें।&amp;nbsp;विभिन्न वर्गों की होगी सक्रिय भागीदारी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सहकारिता सप्ताह के दौरान किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, वनोपज संग्राहकों तथा हस्तशिल्पियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इससे सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूती मिलेगी।सफलता की कहानियों को मिलेगी प्रमुखता&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;बैठक में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री श्री कश्यप ने निर्देश दिए कि प्रदर्शनी में केवल आंकड़ों के बजाय सहकारिता से लाभान्वित हितग्राहियों की सफलता की कहानियां, नवाचार और जमीनी उपलब्धियां प्रदर्शित की जाएं, ताकि लोग सहकारिता की वास्तविक ताकत को समझ सकें।’आधुनिक तकनीक और डिजिटल सेवाओं पर जोर’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन व्यवस्था से जोड़ना समय की आवश्यकता है। सहकारिता सप्ताह के दौरान इन विषयों पर विशेष प्रदर्शन और चर्चा भी आयोजित की जाएगी।’सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर हुई चर्चा’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;बैठक में जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि साख समितियां, विपणन संघ, दुग्ध महासंघ, मत्स्य महासंघ, लघुवनोपज संघ और अन्य सहकारी संस्थाओं की भूमिका एवं उपलब्धियों की समीक्षा की गई। सभी संस्थाओं से अपनी उपलब्धियों और भावी योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया।’“सहकार से समृद्धि” को साकार करने का संकल्प’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि “सहकार से समृद्धि” केवल एक नारा नहीं, बल्कि विकास की कार्यसंस्कृति का आधार है। हमारा लक्ष्य है कि सहकारिता का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी सहकारी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री जितेंद्र शुक्ला,सहकारिता आयुक्त श्री रमेश शर्मा, एम डी अपेक्स बैंक श्री के एन कांडे, अपर आयुक्तह सहकारी संस्थाएं श्रीमती सावित्री भगत सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सहकारी संस्थाओं एवं महासंघों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>चपोरा आश्रम की नागा संन्यासी साध्वी ने रतनपुर पालिका अध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप, सीधे एसएसपी से की शिकायत</title><link>https://cnin.co.in/चपोरा-आश्रम-की-नागा-संन्यासी-साध्वी-ने/80659</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-नगर पालिका अध्यक्ष ने उन पर लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बतायाबिलासपुर। चपोरा क्षेत्र के आश्रम में रहने वाली साध्वी ने रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी से शिकायत की है। साध्वी की शिकायत पर रतनपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।रतनपुर क्षेत्र के चपोरा स्थित आश्रम में रहने वाली साध्वी पद्मिनी पुरी ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से आश्रम में रहकर धार्मिक जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनके अनुसार उज्जैन में नागा संन्यास परंपरा के तहत उनका विधिवत संस्कार हुआ है और वह संत समाज से जुड़ी हुई हैं। साध्वी ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप लंबे समय से उन पर गलत नजर रखते हैं और कई बार अनुचित व्यवहार करने का प्रयास कर चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें गाड़ी में बैठने के लिए कहा जाता था और लगातार परेशान किया जाता रहा।साध्वी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा गांजा, शराब और अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों को संरक्षण दिया जाता है। इतना ही नहीं, उन्होंने जान से मारने की धमकी मिलने का भी आरोप लगाया है। साध्वी का कहना है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने रतनपुर थाने के बजाय सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत प्रस्तुत की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। &amp;nbsp;इधर नगर पालिका अध्यक्ष ने उन पर लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताया है। उन्होने कहा है कि पुलिस जांच कर ले वे किसी भी जांच के लिए तैयार है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>अमेरिकी सीनेट में ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास,ट्रम्प से सैन्य कार्रवाई रोकने को कहा</title><link>https://cnin.co.in/अमेरिकी-सीनेट-में-ईरान-जंग-के-खिलाफ-प्रस्ताव/80658</link><description>&amp;nbsp;तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी--अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>अल-नीनो के मद्देनजर केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने ली छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी की जानकारी</title><link>https://cnin.co.in/अल-नीनो-के-मद्देनजर-केंद्रीय-कृषि-मंत्री/80657</link><description>&amp;nbsp;अल-नीनो के संभावित प्रभाव से निपटने राज्य सरकार मुस्तैद, किसानों को अल-नीनो से बचाने किए जा रहे हैं उपाय: मंत्री श्री नेतामकिसानों की चिंता दूर कर रही छत्तीसगढ़ सरकार, अल-नीनो में दलहन-तिलहन और कम अवधि की फसलों पर फोकसरायपुर--अल-नीनो के प्रभाव से इस बार मानसून कमजोर रहने की आशंका के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। सूखे की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कम अवधि वाली फसलों, दलहन-तिलहन पर जोर, बीज सुरक्षा और फसल बीमा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक रणनीति तैयार की है। इस आशय की जानकारी कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम ने केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दी। बैठक वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई।&amp;nbsp;बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक कृषि श्री राहुल देव, संचालक अनुसंधान डॉ. विवके त्रिपाठी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।&amp;nbsp;वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मंत्री श्री नेताम ने बताया कि&amp;nbsp;प्रदेश में 22 जून तक औसत वर्षा महज 30.8 मिलीमीटर दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत से 58.3 मिलीमीटर कम है। खरीफ बोनी का लक्ष्य 48.69 लाख हेक्टेयर है, लेकिन अभी तक केवल 2 प्रतिशत क्षेत्र में ही बोनी हो पाई है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सरकार ने किसानों को संभावित घाटे से बचाने के लिए कई ठोस उपाय शुरू कर दिए हैं।&amp;nbsp; &amp;nbsp; कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि कृषि विभाग ने कम अवधि वाली धान के किस्मों को बढ़ावा देने के साथ-साथ मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, दलहनी और तिलहनी फसलों के गुणवत्तापूर्ण बीजों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। उच्चहन भूमि में अनाज के साथ दलहन-तिलहन फसलों को अंतरवर्तीय फसल के रूप में लगाने की सलाह दी जा रही है। धान की जगह दलहन-तिलहन फसलों की ओर किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।&amp;nbsp; &amp;nbsp; उन्होंने बताया कि बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए करते हुए राज्य बीज निगम ने 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। सूखे प्रभावित 15 जिलों के लिए 1,22,095 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 48,449 क्विंटल किसानों तक पहुंच चुका है।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; श्री परदेशी ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के साथ नैनो उर्वरक और लाभकारी फसलों के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सरकार ने बीमा कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर फसल नुकसान की भरपाई के लिए बीमा प्लान को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए हैं। ताकि किसानों को&amp;nbsp; आर्थिक क्षति से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अल-नीनो के प्राभाव कम होने वाली दलहन-तिलहन और कम अवधि की फसलों पर फोकस किया जा रहा है। साथ ही इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर अनुसंधान विभाग द्वारा अल-नीनो को ध्यान में रखते हुए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्य सचिव ने सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की तैयारियों की अधिकारियों से ली जानकारी</title><link>https://cnin.co.in/मुख्य-सचिव-ने-सुघ्घर-छत्तीसगढ़-अभियान-की/80656</link><description>&amp;nbsp;रायपुर-छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान शीघ्र ही प्रारंभ होगा। अभियान के तहत शासन की 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा प्रत्येक पात्र परिवारों को पहुंचाया जाएगा। यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में प्रारंभ किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में इस संबंध में अधिकारियों से की जा रही व्यापक तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उल्लेखनीय है सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजना छत्तीसगढ़ शासन की नई पहल है। जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा&amp;nbsp; सभी पात्र परिवारों को दिया जाएगा।&amp;nbsp; योजना के फायदें से कोई वंचित न रहें इसके लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। सुघ्घर छत्तीसगढ़ के तहत अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के जरिये विस्तार से जानकारी दी।बैठक में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह: 2036 पौधों के रोपण से ओलंपिक मेजबानी के संकल्प को दी नई ऊर्जा</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णुदेव-साय-ने-खिलाड़ियों-का/80655</link><description>&amp;nbsp;नवा रायपुर में 2036 पौधों का रोपण: ओलंपिक मेजबानी के समर्थन में अनूठी पहलअंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णु देव साय ने किया रुद्राक्ष का पौधारोपणछत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना का हो रहा विकास - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर नवा रायपुर के ग्राम पलोद में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित वृक्षारोपण एवं खिलाड़ी सम्मान समारोह में शामिल होकर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए खेल और पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण के दो महत्वपूर्ण आधार बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा प्रस्तुत किया है। इसी राष्ट्रीय संकल्प और आकांक्षा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए कार्यक्रम में 2036 पौधों का रोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, हरित और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है ताकि युवा अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन कर सकें।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है। वहीं बस्तर ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजन ने दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दी है। इस वर्ष बस्तर ओलंपिक में लाखों युवाओं ने भाग लेकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है, जो प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह का प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल क्षेत्र में विशेष बजट प्रावधान कर रही है। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानजनक प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे अधिक आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा वन विभाग के खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया जैसी योजनाओं ने देश में खेल संस्कृति को नई पहचान दी है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अपार प्रतिभा है और सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी युवाओं को नई दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने &quot;एक पेड़ मां के नाम&quot; अभियान का उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय, बीएसएफ के आईजी श्री संजय पंत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ बनेगा स्वच्छ ऊर्जा का नया हब, मंत्रिपरिषद ने दी सीजी-सीबीजी नीति 2026 को मंजूरी</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-बनेगा-स्वच्छ-ऊर्जा-का-नया-हब,/80654</link><description>&amp;nbsp;कृषि अवशेष, गोबर और जैविक अपशिष्ट से तैयार होगी हरित ऊर्जा, किसानों की आय बढ़ाने और निवेश को मिलेगा नया प्रोत्साहनमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम&amp;nbsp;रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आज आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति 2026 को मंजूरी प्रदान की गई। यह नीति राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, हरित औद्योगिकीकरण, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।छत्तीसगढ़ में कृषि एवं फसल अवशेष, पैडी स्ट्रॉ, पशु गोबर, पशुधन अपशिष्ट, नगरीय ठोस अपशिष्ट, प्रेसमड, गन्ना अवशेष तथा नेपियर जैसी ऊर्जा फसलों से प्रतिवर्ष लगभग 1.65 लाख मेट्रिक टन कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन की संभावना है। इससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी।नई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रतिवर्ष लगभग 2.16 लाख टन पेट्रोल एवं डीजल के समतुल्य ईंधन की आपूर्ति सीबीजी के माध्यम से की जा सकेगी। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होने के साथ-साथ देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के किसानों, गौपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह नीति नए अवसर लेकर आएगी। कृषि अवशेषों एवं जैविक अपशिष्टों के बेहतर उपयोग से किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।सीबीजी संयंत्रों से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त जैविक खाद के उपयोग से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी, भूमि की उर्वरता संरक्षित रहेगी और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहन मिलेगा।यह नीति राज्य को हरित विकास और जलवायु अनुकूल अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सीबीजी के उपयोग से ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी तथा छत्तीसगढ़ नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में प्रभावी योगदान दे सकेगा।भारत सरकार द्वारा सतत एवं किफायती परिवहन को बढ़ावा देने के लिए संचालित SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) पहल के अनुरूप यह नीति तैयार की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों में छत्तीसगढ़ की यह पहल महत्वपूर्ण योगदान देगी।राज्य में विकसित हो रहे सिटी गैस वितरण नेटवर्क तथा गैस अधोसंरचना का लाभ भी इस नीति को मिलेगा। इससे सीबीजी उत्पादन, वितरण और उपयोग की मजबूत पारिस्थितिकी विकसित होगी तथा निवेशकों को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) द्वारा वर्ष 2024 से सीबीजी क्षेत्र में सक्रिय पहल की जा रही है। वर्तमान में रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा सहित आठ स्थानों पर बीपीसीएल एवं गेल इंडिया लिमिटेड के निवेश से सीबीजी संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन सभी परियोजनाओं के लिए भूमि आबंटन की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी हैराज्य में निजी क्षेत्र से भी सीबीजी उद्योग के प्रति उल्लेखनीय रुचि दिखाई गई है तथा लगभग 3,600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नई नीति लागू होने के बाद इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार सृजन तथा औद्योगिक विकास की संभावनाओं को और अधिक बल मिलेगा।मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित इस नीति के छह प्रमुख आधार स्तंभ हैं - आधारभूत अधोसंरचना सहायता, फीडस्टॉक आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण, संयंत्र स्थापना एवं संचालन सहायता, जैव उर्वरक प्रबंधन एवं सहायक अधोसंरचना विकास, सीबीजी मांग सृजन एवं परिवहन क्षेत्र में एकीकरण तथा निवेश प्रोत्साहन एवं उद्योग विकास।नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) को राज्य की नोडल एजेंसी नामित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह नीति छत्तीसगढ़ को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, हरित उद्योग, जैविक कृषि और सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। यह पहल विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।</description ></item><item><title>फीफा कप:  एक टूर्नामेंट और 10 गोल</title><link>https://cnin.co.in/फीफा-कप:--एक-टूर्नामेंट-और-10-गोल/80653</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;फीफा कप में इस साल तो अड़तालीस टीम भाग ले रही है।इसके पहले &amp;nbsp;टीमों की संख्या कम हुआ करती थी। हर देश के खिलाड़ी &amp;nbsp;इस &amp;nbsp;आयोजन में मन में मंसूबे लिए आते है कि उनके नाम के आगे एक गोल चढ़ जाए।दूसरी तरफ ऐसे भी फुटबॉलर है जिन्होंने अकेले फीफा कप के टूर्नामेंट में सबसे अधिक व्यक्तिगत गोल मारे है। फीफा ऐसे खिलाडिय़ों को &amp;nbsp;'गोल्डन बूटÓ देती है। &amp;nbsp;फीफा के 1930 से लेकर 2022 तक के आयोजन में तीन अवसर ऐसे आए है जिनमें खिलाडिय़ों ने दस या दस से अधिक गोल व्यक्तिगत रूप से दागे है।1954 फीफा कप में पहला अवसर आया जब हंगरी के सैंडोर का ने ग्यारह गोल दागे। 1958 में &amp;nbsp;फ्रांस के जस्ट $फॉन्टेन ने &amp;nbsp;तेरह गोल कर नया कीर्तिमान बनाया। ये रिकॉर्ड आज तक कायम है। 1970 में जर्मनी के गर्ड मूलर ने &amp;nbsp; तीसरे ओर अंतिम खिलाड़ी के रूप में फीफा कप में दस गोल मारे। इन तीनों खिलाडिय़ों के नाम पर फीफा कप में दो दो बार हैट्रिक (तीन गोल) मारने का भी अनोखा रिकॉर्ड है।&amp;nbsp;* फीफा कप में &amp;nbsp;गोल्डन बूट जीतने वाले खिलाडिय़ों के नाम इस प्रकार है* &amp;nbsp;&amp;nbsp;1930 &amp;nbsp;गुइलेर्मो स्टैबिल (अर्जेंटीना)8 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;1938 लियोनिदास (ब्राजील)71950 अदेमिर (ब्राजील)9 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;1954सैंडोर कोक्सिस &amp;nbsp;(हंगरी)111958 जस्ट फॉन्टेन ( फ्रांस )131962फ्लोरियन अल्बर्ट वैलेन्टिन(हंगरी) 4 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;1966यूसेबियो( पुर्तगाल)9 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;1970 गर्ड मुलर(पश्चिम जर्मनी)10 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;1974 ग्रेजेगोर्ज &amp;nbsp;लाटो (पोलैंड)71978 मारियो केम्पेस (पेरू) 6 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;1982 पाओलो रॉसी &amp;nbsp;(इटली) 6 &amp;nbsp;1986 &amp;nbsp;गैरी लिनेकर (इंग्लैंड) 6 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;1990 &amp;nbsp;साल्वाटोर शिलैसी (इटली)6 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;1994 &amp;nbsp;ओलेग सालेंको (रूस)5 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;1998 दावोर शुकर(इटली)6 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;2002रोनाल्डो(ब्राजील)8 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;2006 मिरोस्लाव क्लोज़ (जर्मनी)5 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;2010 थॉमस मुलर(जर्मनी)52014 जेम्स रोड्रिगेज़ &amp;nbsp;(कोलंबिया)62018 हैरीकेन(इंग्लैंड)6 &amp;nbsp;2022 म्बाप्पे(फ्रांस)8&amp;nbsp;* संजय दुबे</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान, 7 वाहन जप्त</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-के-निर्देश-पर/80652</link><description>&amp;nbsp;अवैध खनन और परिवहन पर सरकार का शिकंजा, अधिकारियों से अभद्रता करने वालों पर भी एफआईआररायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खनिज संपदा के अवैध दोहन तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म तथा केंद्रीय खनि उड़नदस्ता प्रभारी श्री रजत बंसल के निर्देशन में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और संबंधित जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने 22 जून को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया। शिकायतों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में विभिन्न स्थानों पर खनिजों के अवैध परिवहन में संलिप्त कुल सात वाहनों को जप्त किया गया।जांच के दौरान मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के बरबसपुर क्षेत्र में निम्न श्रेणी चूना पत्थर से लदे दो हाइवा, सूरजपुर जिले के लटोरी में रेत से भरा एक हाइवा तथा खड़गवां में एक टिप्पर पकड़ा गया। वहीं सरगुजा जिले के सकालो और अंबिकापुर क्षेत्र में रेत परिवहन कर रहे तीन टिप्परों पर कार्रवाई की गई। सभी वाहनों को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत जप्त कर संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है। कार्रवाई के दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में एक गंभीर घटना भी सामने आई। जांच कर रही टीम के साथ वाहन मालिक, चालक और उनके सहयोगियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौच और धमकी दी गई तथा शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत थाना गांधीनगर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।खनिज विभाग ने दोहराया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि कानून का उल्लंघन करने, अधिकारियों को धमकाने अथवा अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य शासन का मानना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व हितों की रक्षा के लिए प्रभावी प्रवर्तन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में संयुक्त निरीक्षण, निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>सुकमा के सुदूर अंचलों में गूंजी शिक्षा की नई अलख</title><link>https://cnin.co.in/सुकमा-के-सुदूर-अंचलों-में-गूंजी-शिक्षा-की-नई/80651</link><description>&amp;nbsp;जगरगुंडा में भव्य शाला प्रवेशोत्सव, नवप्रवेशी बच्चों का&amp;nbsp;हुआ आत्मीय स्वागतशासन की योजनाओं का मिला सीधा लाभ, निःशुल्क पुस्तकें,&amp;nbsp;कॉपियां और गणवेश वितरितरायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप और वन तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सुकमा जिले के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्र जगरगुंडा में संकुल स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सुदूर वनांचल के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा।’नवप्रवेशी बच्चों का किया गया विशेष स्वागत’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; जगरगुंडा, सिलगेर, मिसिगुड़ा, मिलमपल्ली और बंजेपल्ली जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से आए नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। पहली बार विद्यालय पहुंचे बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।’मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इससे बच्चों में शिक्षा के प्रति प्रेरणा और उत्साह का संचार हुआ। जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत कर अपने क्षेत्र और जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।’शासन की योजनाओं से बच्चों को मिली आवश्यक शिक्षण सामग्री’&amp;nbsp; &amp;nbsp; राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत सभी नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, पेन तथा गणवेश वितरित किए गए। शिक्षा सत्र के पहले ही दिन आवश्यक सामग्री प्राप्त होने से बच्चों और अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।’शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू सहित अन्य अतिथियों ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है।’शिक्षा से जुड़ रहा है सुदूर वनांचल’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शाला प्रवेशोत्सव अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का जनआंदोलन बन चुका है। शासन की योजनाओं और प्रशासन की सक्रिय पहल से अब दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है।’शिक्षा के उजाले की ओर बढ़ते कदम’&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;जगरगुंडा में आयोजित यह शाला प्रवेशोत्सव इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं और प्रशासन के सतत प्रयासों से अब सुकमा के सुदूर क्षेत्रों में भी शिक्षा की नई चेतना विकसित हो रही है। यह पहल सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और हर बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीमती जानकी कवासी,&amp;nbsp; जनप्रतिनिधि,&amp;nbsp; पूर्व छात्र सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, पालक और ग्रामीण उपस्थित रहे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि</title><link>https://cnin.co.in/डॉ-श्यामा-प्रसाद-मुखर्जी-की-पुण्यतिथि-पर/80650</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-प्रखर राष्ट्रवादी नेता एवं महान &amp;nbsp;शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आज लोक भवन में &amp;nbsp;राज्यपाल &amp;nbsp;श्री रमेन डेका ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और को सुदृढ़ करने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनके विचार और आदर्श आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।</description ></item><item><title>वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़ के प्रारूप को कैबिनेट से मिला अनुमोदन </title><link>https://cnin.co.in/वीबी-जी-राम-जी-योजना-छत्तीसगढ़-के-प्रारूप-को/80649</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना प्रारंभ करने का महत्वपूर्ण निर्णय &amp;nbsp;रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए । &amp;nbsp;&amp;nbsp;1. &amp;nbsp; &amp;nbsp;मंत्रिपरिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, सशक्तीकरण, विभागीय योजनाओं के अभिसरण और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने के लिए आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़ के प्रारूप का अनुमोदन किया है। भारत सरकार के अधिनियम, 2025 के अनुरूप लागू की जा रही इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी।इस योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण, आजीविकामूलक परिसंपत्तियों के विकास तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत आधारित समेकित विकास, विभागीय योजनाओं के अभिसरण तथा पीएम गति शक्ति से समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। विकास कार्यों की बेहतर कार्ययोजना एवं निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणालियों का उपयोग करते हुए पारदर्शिता, सुशासन एवं जवाबदेही को सुदृढ़ किया जाएगा। &amp;nbsp;इस योजना के क्रियान्वयन में केंद्र एवं राज्य के व्यय का अनुपात 60:40 रहेगा तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।&amp;nbsp;2. &amp;nbsp; &amp;nbsp;मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना प्रारंभ करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सृजन केंद्र (हथकरघा, बुनाई-सिलाई, हस्तशिल्प आदि), प्रसंस्करण इकाइयां (दलहन, तिलहन, राइस मिल, डेयरी आदि), सेवा केंद्र (कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत, अटल डिजिटल केंद्र आदि), विपणन केंद्र तथा आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।इस योजना का उद्देश्य उपलब्ध अधोसंरचना और मशीनरी का बेहतर उपयोग करते हुए स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।अटल आजीविका समृद्धि हाट के माध्यम से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सेवा व्यवसाय, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा तथा ग्रामीण बाजारों को नई गति मिलेगी और प्रदेश की ग्रामीण आजीविका को मजबूत आधार प्राप्त होगा।3. &amp;nbsp; &amp;nbsp;मंत्रिपरिषद ने आज &amp;nbsp;'छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति , 2026 के प्रारूप का भी अनुमोदन किया है। इस नीति के माध्यम से राज्य में उपलब्ध कृषि अवशेष, नगरीय ठोस अपशिष्ट, पशुधन अपशिष्ट एवं अन्य जैविक संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन कर उन्हें स्वच्छ गैसीय ईंधन कम्प्रेस्ड बायोगैस में परिवर्तित किया जाएगा। &amp;nbsp;इस नीति से अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, जैव उर्वरक उत्पादन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अनुसार राज्य में लगभग 5 लाख टन प्रतिवर्ष सीबीजी उत्पादन की संभावना है। इस नीति के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को राज्य नोडल एजेंसी तथा ऊर्जा विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रशासनिक आदेश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में केबिनेट की बैठक प्रारंभ</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णुदेव-साय-की-अध्यक्षता-में/80648</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में केबिनेट की बैठक प्रारंभ हो गई है। बैठक में मंत्रीगण व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी - मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/डॉ.-श्यामा-प्रसाद-मुखर्जी-भारत-की-एकता,/80647</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-मुख्यमंत्री ने बलिदान दिवस पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की&amp;nbsp;रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद्,भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। उनके विचार, संघर्ष और त्याग भारतीय लोकतंत्र एवं राष्ट्रवादी चिंतन की अमूल्य धरोहर हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र की अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श और सिद्धांत हमें निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर ही हम राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, श्री राम गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।</description ></item><item><title>जहां कभी आतंक और भय का माहौल था, वहां आज विकास, विश्वास और अवसरों का नया दौर : प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी</title><link>https://cnin.co.in/जहां-कभी-आतंक-और-भय-का-माहौल-था,-वहां-आज-विकास,/80646</link><description>&amp;nbsp;®--प्रधानमंत्री &amp;nbsp;नरेंद्र मोदी &amp;nbsp;के ‘नेशन फर्स्ट’ संकल्प और सुरक्षा बलों के शौर्य से बस्तर में लौटी शांति और विकास की नई रोशनी&amp;nbsp; - मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णुदेव सायरायपुर-प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को विकास और जनविश्वास की विजय बताते हुए कहा है कि सरकार ने नक्सलवाद और माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया था और आज उसके सकारात्मक परिणाम पूरे देश के सामने हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय, हिंसा और अविश्वास का वातावरण था, वहां आज विकास, सुशासन और नई संभावनाओं का युग प्रारंभ हो चुका है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य नागरिक निरंतर भय के साये में जीवन जीने को मजबूर थे। लोगों को अपनी सुरक्षा, आजीविका और सम्मान की चिंता रहती थी। विकास कार्यों को आगे बढ़ाना अत्यंत कठिन था। सड़क निर्माण से लेकर संचार सुविधाओं के विस्तार तक हर प्रयास का हिंसक विरोध किया जाता था। कई बार निर्माण सामग्री को जला दिया जाता था, ठेकेदारों को धमकाकर भगा दिया जाता था और विकास कार्यों को रोकने की कोशिश की जाती थी।प्रधानमंत्री ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बीते वर्षों में हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया, हजारों मोबाइल टावर स्थापित किए गए और दूरस्थ गांवों तक संचार सुविधाएं पहुंचाई गईं। बैंकिंग सेवाओं, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन के माध्यम से लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल आधारभूत संरचनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास और अवसरों का विस्तार है।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल बम, बंदूक और गोली के सहारे नहीं लड़ी गई। सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ जनसामान्य की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने पर भी समान रूप से ध्यान दिया। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, गरीबों को अधिकार दिलाने और लोकतंत्र के प्रति विश्वास मजबूत करने के निरंतर प्रयास किए गए। इसी का परिणाम है कि आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आमजन का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की प्रक्रिया में बढ़ा है।प्रधानमंत्री ने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी आतंक और हिंसा का माहौल था, वहां आज युवाओं की ऊर्जा खेल और प्रतिभा के माध्यम से सामने आ रही है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। यह दर्शाता है कि अब वहां के युवा हिंसा के रास्ते को नहीं, बल्कि अवसर, शिक्षा, खेल और विकास के मार्ग को अपना रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘नेशन फर्स्ट’ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस ने बस्तर सहित पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था, वहां आज विकास का आत्मविश्वास दिखाई देता है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, बैंकिंग और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच ने लोगों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षा बलों की वीरता तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद का अध्याय अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की पहचान हिंसा नहीं, बल्कि विकास, जनभागीदारी, खेल, पर्यटन और नई संभावनाओं से बन रही है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और अंत्योदय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़&amp;nbsp; विकास और सुशासन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा तथा बस्तर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में हीरों की प्राप्ति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगा नया आयाम</title><link>https://cnin.co.in/महासमुंद-के-बलौदा-बेलमुंडी-डायमंड-ब्लॉक-में/80645</link><description>&amp;nbsp;प्रदेश में हीरा उद्योग, निवेश और रोजगार की संभावनाएं हुईं मजबूतवैज्ञानिक अन्वेषण की सफलता से खनिज क्षेत्र में खुलेंगे नए अवसर, राज्य को मिलेगा राजस्व एवं आर्थिक विकास का नया स्रोतखनिज संपदा की नई उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगा नया आयाम : मुख्यमंत्रीरायपुर--छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में वैज्ञानिक अन्वेषण के दौरान हीरों की प्राप्ति ने प्रदेश को खनिज संपदा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा 200 टन बल्क सैंपल के परीक्षण एवं प्रसंस्करण के बाद कुल 5 हीरे प्राप्त हुए हैं, जिनका कुल वजन 1.22 कैरेट है। यह उपलब्धि क्षेत्र में हीरा खनिजीकरण की संभावनाओं की पुष्टि करती है तथा भविष्य में बड़े पैमाने पर निवेश, राजस्व सृजन और रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकती है।एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा राज्य शासन को उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण, स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय अध्ययन तथा अन्वेषण ड्रिलिंग के आधार पर चिन्हित क्षेत्र से लगभग 200 टन खनिज सामग्री का बल्क सैंपल एकत्रित कर परीक्षण किया गया। प्रसंस्करण के पश्चात प्राप्त पांच हीरों में दो जेम क्वालिटी तथा तीन अन्य श्रेणी के हीरे शामिल हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत उत्साहजनक बताते हुए कहा कि प्रदेश की आर्थिक क्षमता और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण, पारदर्शी प्रबंधन और मूल्य संवर्धन आधारित औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है और लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट तथा चूना पत्थर के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अब हीरा संभावनाओं की पुष्टि से प्रदेश की खनिज विविधता और अधिक समृद्ध होगी तथा खनिज अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीति केवल खनिजों के उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि खनिज आधारित उद्योगों, मूल्य संवर्धन इकाइयों और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। प्रदेश में खनिज संसाधनों के माध्यम से निवेश, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार खनिज, कृषि, उद्योग, अधोसंरचना और मानव संसाधन विकास के सभी क्षेत्रों में समान रूप से कार्य कर रही है। बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र से प्राप्त यह सफलता प्रदेश की खनिज क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी तथा निवेश, रोजगार और समावेशी विकास के नए द्वार खोलेगी।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैज्ञानिक अन्वेषण और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेश के अन्य संभावित क्षेत्रों में भी खनिज संपदा की खोज को गति मिलेगी, जिससे छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक चरण में प्राप्त यह सफलता भविष्य के विस्तृत अन्वेषण कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संकेत है। इससे क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना, संसाधन क्षमता और संभावित भंडारों के संबंध में व्यापक अध्ययन का मार्ग प्रशस्त होगा। आगामी सर्वेक्षणों एवं परीक्षणों से क्षेत्र की वास्तविक क्षमता का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा।उल्लेखनीय है कि बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में किए गए बल्क सैंपल परीक्षण के परिणामस्वरूप प्राप्त हीरों को सुरक्षित अभिरक्षा में एनएमडीसी के पन्ना स्थित स्ट्रांग रूम में रखा गया है तथा आगे की कार्यवाही नियमानुसार और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप की जाएगी।&amp;nbsp;﻿</description ></item><item><title>केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा,21 जून को राज्यसभा कार्यकाल खत्म हुआ था</title><link>https://cnin.co.in/केंद्रीय-मंत्री-जॉर्ज-कुरियन-का-इस्तीफा,21/80644</link><description>&amp;nbsp;नई दिल्ली--केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार को कुरियन के इस्तीफे की जानकारी दी। प्रेस रिलीज में बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार किया है। &amp;nbsp;बता दें 21 जून को राज्यसभा कार्यकाल खत्म हुआ था; भाजपा ने दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया इसलिए अब वे सदन के सदस्य नहीं रहे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>बीएसपी क्रैप चोरी कांड में मुख्य आरोपित के लॉकर से मिले 50 लाख के गहने, 3 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज</title><link>https://cnin.co.in/बीएसपी-क्रैप-चोरी-कांड-में-मुख्य-आरोपित-के/80643</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से लौह स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपित संजय सिंह के बैंक लॉकर से पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण और लगभग तीन करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं।एक अन्य आरोपित अक्षय कुमार सिंह से भी संपत्ति संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के बाद यह जानकारी सामने आई। पुलिस ने आरोपितों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन भी रिक्रिएट कराया।लौह स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस ने सबसे पहले मुख्य आरोपित संजय सिंह को सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान संजय सिंह से मिली जानकारी के आधार पर आरोपित अमित शर्मा और आकाश कुमार सिंह की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने संगठित तरीके से बीएसपी से चोरी किए गए लोहे को अवैध रूप से बेचने और उससे प्राप्त रकम को संपत्ति व आभूषणों में निवेश करने की जानकारी दी।पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित संजय सिंह के बैंक लॉकर की जांच में लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण मिले हैं। इसके अलावा करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। आरोपित अक्षय कुमार सिंह से भी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि आरोपितों द्वारा अर्जित चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी की जायेगी।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>महाकाल भस्म आरती दर्शन अनुमति..एक व्यक्ति को तीन माह में एक बार ही मिलेगी </title><link>https://cnin.co.in/महाकाल-भस्म-आरती-दर्शन-अनुमति..एक-व्यक्ति-को/80642</link><description>&amp;nbsp;.0-नए भक्तों को श्रावण सोमवार भस्म आरती का लाभ नहीं मिल पाता है&amp;nbsp;उज्जैन। महाकाल मंदिर समिति द्वारा भस्म आरती दर्शन व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है। अब एक व्यक्ति को तीन माह में एक बार ही अनुमति दी जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि ताकि हर दिन नए भक्तों को भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन का अवसर मिल सके।इसके लिए मंदिर समिति आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के आधार पर सुनिश्चित करेगी कि किसी भी व्यक्ति को तीन माह से पूर्व भस्म आरती दर्शन की अनुमति जारी न हो सके।ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के चार बजे भगवान महाकाल की भस्म आरती होती है। इसके लिए प्रतिदिन अधिकतम 1700 भक्तों को अनुमति प्रदान की जाती है।भस्म आरती में दर्शन की दो प्रकार की व्यवस्था है- पहली सामान्य भक्तों के लिए मंदिर की वेबसाइट पर ऑनलाइन अनुमति और दूसरी प्रोटोकाल के तहत वीआईपी श्रेणी में दी जाने वाली अनुमति।अब तक जो व्यवस्था चली आ रही है, उसमें यह भी संभावना है कि कोई भी व्यक्ति अलग-अलग मोबाइल नंबर से प्रतिदिन भस्म आरती दर्शन की अनुमति प्राप्त कर सकता है।ऐसे में नए भक्तों को श्रावण सोमवार की भस्म आरती दर्शन का लाभ नहीं मिल पाता है। ऐसे भी कई भक्त हैं, जो प्रोटोकाल में हर माह भस्म आरती दर्शन की अनुमति प्राप्त कर लेते हैं।मंदिर समिति अब इस व्यवस्था पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है। श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि नई व्यवस्था जल्द लागू कर देंगे।</description ></item><item><title>मेसी के फुटबॉल वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा 18 गोल,जर्मनी के क्लोजा का रिकॉर्ड तोड़ा</title><link>https://cnin.co.in/मेसी-के-फुटबॉल-वर्ल्डकप-में-सबसे-ज्यादा-18/80641</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी फुटबॉल वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। ऑस्ट्रिया के खिलाफ मेसी ने पहले अपना 17वां गोल दागकर जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजा (16 गोल) का रिकॉर्ड तोड़ा और फिर मैच के आखिरी में एक और गोल कर इसे 18 तक पहुंचा कर सबसे ज्यादा गोल करने का रिकार्ड बना डाला।अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2-0 से हराया, अब नॉकआउट में पहुंच गया है। &amp;nbsp;</description ></item><item><title>डीएम ने राम मंदिर की जिम्मेदारी संभाली,चढ़ावे की काउंटिंग में 3 बड़े बदलाव </title><link>https://cnin.co.in/डीएम-ने-राम-मंदिर-की-जिम्मेदारी/80640</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;अयोध्या। अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे में हुई हेर-फेर की जांच अब आखिरी मोड़ पर पहुंच गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने अपनी शुरुआती जांच पूरी कर ली है। एसआईटी चीफ विजय विश्वास पंत की अगुआई में रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है। वहीं ट्रस्टी अब कोई फैसले नहीं ले रहे हैं बल्कि डीएम ने राममंदिर की जिम्मेदारी संभाल ली है। चढ़ावे की काउंटिंग में भी तीन बड़े बदलाव किए गए हैं।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर छत्तीसगढ़ से गूंजेगा हरित भारत का संदेश</title><link>https://cnin.co.in/अंतर्राष्ट्रीय-ओलंपिक-दिवस-पर-छत्तीसगढ़-से/80639</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णु देव साय करेंगे 2036 पौधों के वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभछत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पलौद में होगा आयोजनरायपुर--अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर 23 जून को छत्तीसगढ़ में खेल और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बीएसएफ कैंप, नया रायपुर स्थित ग्राम पलौद में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 1 बजे होगा। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति से खिलाड़ियों, खेल संगठनों तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ेगा।2036 पौधों के रोपण का लक्ष्य&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;भारतीय ओलंपिक संघ के आह्वान पर इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 2036 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।खेल और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;इस आयोजन के माध्यम से खिलाड़ियों और युवाओं को खेलों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। वृक्षारोपण अभियान प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने, जैव विविधता संरक्षण तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।युवा खिलाड़ियों को मिलेगी प्रेरणा&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का मानना है कि मुख्यमंत्री की सहभागिता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी। इससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी।हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार जनभागीदारी आधारित अभियान चला रही है। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम खेल और प्रकृति के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा तथा ‘हरित छत्तीसगढ़-हरित भारत’ के संकल्प को और मजबूत करेगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>राज्य सरकार का बड़ा फैसला: सहकारी बैंक अनियमितता पर कड़ा प्रहार</title><link>https://cnin.co.in/राज्य-सरकार-का-बड़ा-फैसला:-सहकारी-बैंक/80638</link><description>&amp;nbsp;सैकड़ों किसानों को मिली राहत; खाद-बीज वितरण फिर शुरूसहकारी बैंक की शाखाओं में वित्तीय अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाईदोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर और विभागीय कार्रवाईकृषि मंत्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयास रंग लाए, ईडी जांच का किया स्वागतरायपुर--मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज तथा रामचंद्रपुर क्षेत्र की समितियों में वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को राहत प्रदान की है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयासों और किसानों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण&amp;nbsp; दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप अब प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को पुनः खाद एवं बीज मिलना शुरू हो गया है।गौरतलब है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज तथा रामचंद्रपुर क्षेत्र की समितियों में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं और गबन के मामलों ने सैकड़ों किसानों को प्रभावित किया था। अनियमितताओं के कारण किसानों को समय पर नकद ऋण, खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे, जिससे उनमें असंतोष का वातावरण बन गया था।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रशासन और राज्य सरकार ने दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू की। कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया तथा संबंधित मामलों की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार प्रभावित शाखाओं से जुड़े लगभग 497 किसानों की शिकायतों में 30 करोड़ 51 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।सरकार ने किसानों को राहत देने के उद्देश्य से त्वरित कार्ययोजना बनाते हुए संबंधित समितियों को पात्र किसानों की सूची तैयार कर मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। सूची प्राप्त होने के बाद ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जा रही है, ताकि किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक खाद, बीज और अन्य सुविधाएं समय पर मिल सकें।कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता किसानों को सहूलियत प्रदान करना और उनकी कृषि गतिविधियों को निर्बाध बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मंत्री नेताम ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है और उन्होंने ईडी की जांच का स्वागत किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि निष्पक्ष जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी तथा दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों में भरोसा बढ़ा है। खाद-बीज वितरण व्यवस्था के पुनः शुरू होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है और आगामी कृषि सीजन की तैयारियों को नई गति मिली है। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और सहकारी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ने राजनांदगांव में 510 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 333 विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-की-ने/80637</link><description>नफसल विविधीकरण, जल संरक्षण और किसान समृद्धि के मॉडल के रूप में उभर रहा है राजनांदगांव : मुख्यमंत्री श्री सायकृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन-तिलहन की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा प्रति एकड़ 15 हजार रुपये का प्रोत्साहनसीएम हेल्पलाइन 1076, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और बिजली बिल समाधान योजना से जनता को मिल रही राहतरायपुर-किसानों की समृद्धि, गांवों का विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश में विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन एवं लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव जिले को 510 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक की लागत के 333 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने शिवनाथ नदी के मोहारा मेला स्थल से ऑक्सीजन जोन तक सस्पेंशन ब्रिज, ईरा एनीकट निर्माण एवं संरक्षण कार्य, कुमरदा-गेंदाटोला-कल्लूबंजारी मार्ग निर्माण तथा घुमरिया व्यपवर्तन जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव जिले ने फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। यहां किसानों को पारंपरिक खेती के साथ दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रेरित किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और अन्य किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को खेती के लिए आवश्यक खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने सीएम हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कराकर निर्धारित समय-सीमा में समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के माध्यम से आय, जाति, निवास सहित विभिन्न विभागों की 400 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के जरिए आम नागरिकों को बिजली बिल से दीर्घकालिक राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपने घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों का निर्माण नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप आवास, बिजली, पानी, सड़क और डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि फसल चक्र परिवर्तन एवं जल संरक्षण के लिए किसानों एवं ग्रामवासियों में जागृति लाने के लिए पद्मश्री फूलबासन बाई यादव महिला स्वहसहायता समूह की महिलाओं के साथ अप्रैल-मई की दोपहरी में यात्रा करती रही और एक अद्भुत कार्य किया गया। राजनांदगांव में फसल चक्र परिवर्तन होने से&amp;nbsp;फसल विविधीकरण के लिए किसान प्रेरित हुए हैं।कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन एवं एबीस एक्सपोर्ट के बीच किसानों के सोयाबीन उत्पाद की खरीदी के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों, कृषि सखी दीदियों, सरपंचों तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का सम्मान किया गया और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषकों को मिनी किट वितरित किए गए।इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री संतोष पांडे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>आबकारी में 30 अफसरों का तबादला</title><link>https://cnin.co.in/आबकारी-में-30-अफसरों-का-तबादला/80636</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। &amp;nbsp;छत्तीसगढ़ सरकार ने आबकारी विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 30 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत रायपुर समेत कई जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके साथ ही आबकारी मुख्यालय में पदस्थ अधिकारियों के प्रभार में भी बदलाव किया गया है। सूची में जिला आबकारी अधिकारी, सहायक जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी उप निरीक्षक, मुख्य लिपिक के नाम शामिल है।</description ></item><item><title> हाथी प्रभावित वनांचल में प्रधानमंत्री आवास योजना बनी सुरक्षा की ढाल</title><link>https://cnin.co.in/-हाथी-प्रभावित-वनांचल-में-प्रधानमंत्री-आवास/80635</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-सूरजपुर के करमचन्द्र को मिला पक्का घर, हाथियों के भय और असुरक्षा से मिली राहत&amp;nbsp;रायपुर--छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले अनेक परिवारों के लिए सुरक्षित आवास केवल एक आवश्यकता नहीं, बल्कि जीवन और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। विशेषकर हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीणों को प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ वन्यजीवों के खतरे का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार बन रही है।&amp;nbsp;सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिंघरा निवासी श्री करमचन्द्र का परिवार वर्षों तक मिट्टी और खपरैल से बने जर्जर कच्चे मकान में रहता था। यह गांव हाथियों के नियमित आवागमन वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां हर वर्ष हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीणों को भय और असुरक्षा के बीच जीवन यापन करना पड़ता है। कच्चे मकान की कमजोर दीवारें और छत परिवार की चिंता को और बढ़ा देती थीं।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्रता मिलने के बाद श्री करमचन्द्र के जीवन में बदलाव की नई शुरुआत हुई। योजना के अंतर्गत प्राप्त शासकीय सहायता तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अभिसरण से उपलब्ध श्रम सहयोग ने आवास निर्माण को गति प्रदान की। स्थानीय पंचायत, जनपद पंचायत और प्रशासनिक अमले के समन्वित प्रयासों से निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूरा कराया गया।हाथी प्रभावित क्षेत्र होने के कारण निर्माण सामग्री को सुरक्षित रूप से निर्माण स्थल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों के सहयोग से सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। हाथियों की मौसमी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए आवास का निर्माण समय पर पूर्ण किया गया।आज श्री करमचन्द्र का परिवार मजबूत पक्के मकान में सुरक्षित जीवन बिता रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के समन्वय से निर्मित शौचालय ने परिवार की सुविधाओं में वृद्धि की है और खुले में जाने की आवश्यकता समाप्त हुई है। इससे वन्यजीवों से संभावित जोखिम भी कम हुआ है।श्री करमचन्द्र बताते हैं कि पहले हाथियों के गांव के आसपास आने की सूचना मिलते ही पूरा परिवार भयभीत हो जाता था, लेकिन अब पक्के घर के कारण उन्हें सुरक्षा का विश्वास मिला है। उनके अनुसार यह आवास केवल एक भवन नहीं, बल्कि परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक जीवन का आधार है।</description ></item><item><title>संगीत में होता है संस्कार,संस्कृति और सभ्यता का समावेश - अंजय शुक्ला</title><link>https://cnin.co.in/संगीत-में-होता-है-संस्कार,संस्कृति-और-सभ्यता/80634</link><description>&amp;nbsp;0-पंडित गुणवंत माधवलाल व्यास स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित सम्मान अलंकरण समारोहरायपुर /&amp;nbsp; विश्व संगीत दिवस पर पंडित गुणवंत माधवलाल व्यास स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित सम्मान अलंकरण समारोह एवं मशहूर गजलों से सुसज्जित &amp;nbsp;'शाम - ए - गजलÓ कार्यक्रम विमतारा सभागृह में आयोजित किा गया था। शहर के रसिक बिरादरी व प्रबुद्धजन कार्यक्रम में शामिल रहे। &amp;nbsp;छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं प्रदेश संयोजक बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ श्री अंजय शुक्ला समारोह के मुख्य अतिथि थे। &amp;nbsp;मां सरस्वती की पूजा अर्चना, माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। श्री शुक्ला ने अपने उद्बबोधन में संगीत को महासागर बताते हुए कहा कि संगीत के माध्यम से जो बच्चों को संस्कार दिए जाते है वो अपने आप में एक अदभुत कार्य है। जिस घर में गीत संगीत &amp;nbsp;का संस्कार हो उस घर के बच्चों का पैर कभी इधर से उधर नहीं डगमगाएगा। संगीत में संस्कार,संस्कृति और सभ्यता का समावेश होता है।कार्यक्रम में अध्यक्ष के रूप में श्री प्रमोद गुप्ता,पंडित श्री कीर्ति माधव व्यासवरिष्ठ संगीतकार ,पद्मश्री श्री भारती बंधु , कार्यक्रम निदेशक &amp;nbsp;दीपक गुणवंत व्यास &amp;nbsp;समस्त आयोजक समिति रायपुर नगर से आए गीत संगीत,गजल के श्रोतागण उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>स्व. कमलनारायण शर्मा स्मृति व्याख्यान एवं सम्मान समारोह 26 जून को शहीद स्मारक भवन में</title><link>https://cnin.co.in/स्व.-कमलनारायण-शर्मा-स्मृति-व्याख्यान-एवं/80633</link><description>&amp;nbsp;0-राष्ट्रवादी विचारक व सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय &amp;nbsp;होंगे प्रमुख वक्ता0-भारत की सुरक्षा चुनौतियों एवं उनके समाधान विषय पर होगा व्याख्यान&amp;nbsp;रायपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक, राष्ट्रभक्त एवं प्रखर अधिवक्ता स्वर्गीय श्री कमलनारायण शर्मा &amp;nbsp;की पुण्य स्मृति में प्रति वर्षानुसार उनके जीवन मूल्यों, त्याग और देशप्रेम को नमन करने हेतु &amp;nbsp;समाज सेवी संस्था जि़न्दगी ना मिलेगी दोबारा द्वारा इस वर्ष का व्याख्यान एवं सम्मान समारोह &amp;nbsp;26 जून &amp;nbsp;शुक्रवार को &amp;nbsp;रायपुर के शहीद स्मारक भवन में &amp;nbsp;शाम 4 बजे से आयोजित किया जा रहा है।स्व. कमलनारायण शर्मा स्मृति व्याख्यान एवं सम्मान समारोह आयोजन समिति की ओर से जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक अजय शर्मा व सुषमा तिवारी ने बताया कि वर्तमान समय में जहाँ एक ओर भारत वैश्विक मंच पर तीव्र गति से उभर रहा है, वहीं दूसरी ओर आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा, साइबर अपराध, सीमा विवाद, सामाजिक सद्भाव एवं कानूनी जटिलताएँ जैसी अनेक चुनौतियाँ भी मौजूद हैं।इसी संदर्भ में इस वर्ष का व्याख्यान विषय सुरक्षित भारत - चुनौतियाँ एवं समाधान रखा गया है, जो देश की सुरक्षा व्यवस्था, नीतिगत पहलुओं एवं जनसहभागिता पर गंभीर चिन्तन को प्रोत्साहित करेगा।मुख्य वक्ता &amp;nbsp;श्री अश्विनी उपाध्याय अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली होंगे।श्री उपाध्याय संविधान, कानून एवं राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में अनेक ऐतिहासिक मामलों में अपनी वकालत की है तथा राष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिक अधिकारों और कानूनी सुधारों पर सशक्त विचार रखते हैं।इस अवसर पर वे भारत की सुरक्षा चुनौतियों एवं उनके समाधान पर अपने विचार व्यक्त करेंगे, जो उपस्थित जनसमूह, विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं एवं बुद्धिजीवियों के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होंगे।कार्यक्रम में मुख्य व्याख्यान, के &amp;nbsp;साथ ही स्वाधीनता सेनानी परिवारो साहिंत &amp;nbsp;विधिक सेवा एवम पत्रकारिता क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। साथ ही, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को याद करते हुए एक संक्षिप्त सांस्कृतिक एवं स्मृति प्रस्तुति भी होगी।आयोजन समिति ने रायपुर एवं आस-पास के सभी नागरिकों, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, छात्रों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं प्रेस मीडिया &amp;nbsp;से इस कार्यक्रम में अधिकाधिक उपस्थिति का विशेष आग्रह किया है।</description ></item><item><title>सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र - मुख्यमंत्री  साय</title><link>https://cnin.co.in/सोमनाथ-मंदिर-हमारे-राष्ट्रीय-स्वाभिमान,/80632</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का किया शुभारंभछत्तीसगढ़ से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, कलाकार एवं साहित्यकार हुए रवानाछत्तीसगढ़ के शिवालयों की माटी और पावन नदियों का जल भगवान सोमनाथ को श्रद्धालु करेंगे अर्पितरायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज यहां राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र है। सोमनाथ मंदिर को अनेक बार आक्रांताओं ने तोड़ा, लेकिन हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ, ये देशवासियों की अटूट आस्था का परिणाम है।&amp;nbsp;सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत विशेष ट्रेन से छत्तीसगढ़ से सोमनाथ के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार रवाना हुए। यात्रा में शामिल श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के शिवालयों की पावन भूमि के माटी कलश और पावन नदियों का जल कलश बाबा सोमनाथ को अर्पण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान सोमनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की।&amp;nbsp;कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए बहुत गौरवशाली दिन है जब प्रदेश भर से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं, उन्होंने भारत की आजादी के बाद राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ से पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार इस यात्रा में अपने साथ अपने-अपने क्षेत्रों के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के शिवालयों की पावन माटी और पावन नदियों कंे जल कलश लेकर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है।इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ धाम की यह यात्रा श्रद्धालुओं को केवल आध्यात्मिक अनुभूति ही नहीं बल्कि भारत की महान सांस्कृतिक परम्परा और राष्ट्रीय गौरव को निकट से अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करेगी। भगवान सोमनाथ से प्रार्थना है कि वे हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ सहित भारतवर्ष को समृद्धि, शांति और विकास के पथ पर अग्रसर करें।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया।&amp;nbsp;इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्रकुमार साहू, श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, श्री संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।&amp;nbsp;﻿&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>राज्यपाल श्री डेका से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने की भेंट</title><link>https://cnin.co.in/राज्यपाल-श्री-डेका-से-क्षेत्र-के/80631</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू एवं रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सौजन्य भेंट &amp;nbsp;की।</description ></item><item><title>किसानों के चेहरे पर मिठास : भोरमदेव शक्कर कारखाना ने रचा देश में भुगतान नया रिकॉर्ड</title><link>https://cnin.co.in/किसानों-के-चेहरे-पर-मिठास-:-भोरमदेव-शक्कर/80630</link><description>&amp;nbsp;रायपुर--गन्ना किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता अक्सर समय पर भुगतान की होती है, लेकिन कबीरधाम जिले का भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना इस मामले में देश के लिए मिसाल बना है। लगातार दूसरे वर्ष कारखाने ने जून माह में ही किसानों को समर्थन मूल्य (एफआरपी) और अतिरिक्त रिकवरी राशि का शत-प्रतिशत भुगतान कर देश के सहकारी शक्कर उद्योग में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यही कारण है कि यह कारखाना केवल चीनी उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे और सहकारिता की सफलता का प्रतीक बन गया है।रविवार को आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में 29.83 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित किए गए। इसमें 6.91 करोड़ रुपये एफआरपी की शेष राशि और 22.92 करोड़ रुपये अतिरिक्त रिकवरी राशि शामिल है। इसके साथ ही पेराई सत्र 2025-26 में किसानों को कुल 107.10 करोड़ रुपये का भुगतान पूरा हो गया है।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल आर्थिक भुगतान नहीं, बल्कि किसानों और सहकारिता व्यवस्था के बीच मजबूत विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों किसानों का अपना संस्थान है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन और आपूर्ति करने का आह्वान करते हुए आगामी सत्र में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ना पेराई का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।भोरमदेव शक्कर कारखाना केवल समय पर भुगतान नहीं बल्कि किसान हितैषी नवाचारों के कारण भी चर्चा में है। लगातार तीसरे वर्ष 12 प्रतिशत से अधिक शुगर रिकवरी, रियायती दर पर शक्कर वितरण में सहभागिता, ‘बलराम सदन‘ कृषक प्रतीक्षालय, मिट्टी परीक्षण सुविधा, प्रेसमड वितरण, उन्नत गन्ना बीज एवं सीडलिंग और नियमित प्रशिक्षण जैसी पहलें किसानों की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मददगार हैं। वहीं, कारखाना परिसर में संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत श्रमिकों को मात्र पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के चेयरमैन एवं कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में अपनाई गई पारदर्शी और किसान-केंद्रित कार्यप्रणाली ने इसे देश के अग्रणी सहकारी शक्कर कारखानों में शामिल कर दिया है। समय पर भुगतान, आधुनिक तकनीक, उत्पादन वृद्धि और किसानों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि जब सहकारिता मजबूत होती है तो केवल उद्योग नहीं, बल्कि पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ती है। यही वजह है कि आज भोरमदेव मॉडल देश के अन्य सहकारी शक्कर कारखानों के लिए भी प्रेरणा बनता जा रहा है।&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के लिए रायगढ़ से 17 श्रद्धालु रवाना, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दी शुभकामनाएं</title><link>https://cnin.co.in/सोमनाथ-स्वाभिमान-यात्रा-के-लिए-रायगढ़-से-17/80629</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की तीर्थ यात्रा योजना से श्रद्धालुओं का सपना हो रहा साकाररायपुर-छत्तीसगढ़ सरकार की तीर्थ यात्रा योजना के तहत रायगढ़ जिले के 17 श्रद्धालु सोमवार को सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के लिए रवाना हुए। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने यात्रियों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनकी सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की कामना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों एवं श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए उन्हें देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रा योजना केवल यात्रा नहीं, बल्कि लोगों की वर्षों पुरानी धार्मिक आकांक्षाओं को पूरा करने का माध्यम बन रही है।’श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह, जताया सरकार के प्रति आभार’सोमनाथ धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक एवं अन्य कारणों से कई लोगों के लिए देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता, लेकिन इस योजना ने उन्हें पवित्र सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन का अवसर प्रदान किया है। श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।’आस्था और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार’&amp;nbsp; &amp;nbsp; वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। तीर्थ यात्रा जैसी योजनाएं समाज के उन वर्गों तक भी धार्मिक अवसर पहुंचा रही हैं, जो सामान्य परिस्थितियों में ऐसे तीर्थ स्थलों की यात्रा नहीं कर पाते।’श्रद्धालुओं को सम्मानपूर्वक दी गई विदाई’&amp;nbsp; &amp;nbsp; यात्रा रवाना होने से पूर्व श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने यात्रियों से संवाद कर उनकी सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेश पटेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं श्रद्धालुओं के परिजन उपस्थित रहे। सभी ने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए मंगलमय यात्रा के लिए विदाई दी। पूरे वातावरण में श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष माहौल देखने को मिला।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की</title><link>https://cnin.co.in/मुख्य-सचिव-ने-विभागीय-योजनाओं-की-प्रगति-की/80628</link><description>&amp;nbsp;विभागीय सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठकरायपुर--मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव सभी ऑनलाइन सेवाओं को सेवा सेतु में लाने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। मुख्य सचिव ने आगामी 13 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के लिए विभागों के अंतर्गत सभी जरूरी तैयारियों के साथ विभागीय अधिकारियों को विधानसभा में उपस्थित रहने के निर्देश दिए है।मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, मनरेगा, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की सूची अद्यतन करने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।&amp;nbsp;बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी एवं आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव श्री भुवनेश यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>हल्बा समाज संगठित और जागरूक आदिवासी समुदाय</title><link>https://cnin.co.in/हल्बा-समाज-संगठित-और-जागरूक-आदिवासी-समुदाय/80627</link><description>&amp;nbsp;रेवाडीह में सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख की घोषणारायपुर--विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि हल्बा समाज छत्तीसगढ़ के सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदायों में से एक है। समाज ने न केवल अपनी समृद्ध परंपराओं को जीवंत रखा है, बल्कि देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने समाज की मांग पर राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 22 रेवाडीह में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।डॉ. सिंह रविवार को पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केंद्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं प्रथम सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि समाज की मजबूत संगठनात्मक संरचना उसे देशभर में एक अलग पहचान दिलाती है।डॉ. सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर जल, जंगल और जमीन के संरक्षण तक हर क्षेत्र में प्रेरणादायी भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के सम्मान और विकास को नई दिशा मिली है। जनजातीय गौरव दिवस, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वनधन विकास केंद्र और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए संचालित योजनाएं पीएम जनमन धरती आबा उत्कर्ष ग्राम अभियान इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।डॉ. सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नेतृत्व आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक है। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से युवाओं को शिक्षा से जोड़ने, महिलाओं को सशक्त बनाने तथा समाज की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में समाज के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>छिंदवाड़ा में बैतूल हाईवे पर ट्रक और पिकअप की टक्कर, 10 लोगों की मौत</title><link>https://cnin.co.in/छिंदवाड़ा-में-बैतूल-हाईवे-पर-ट्रक-और-पिकअप-की/80626</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;छिंदवाड़ा । छिंदवाड़ा -बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर टेमनी खुर्द के समीप सोमवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन की ट्रक से आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।हादसा इतना भीषण था कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए। वाहन में बड़ी संख्या में मजदूर सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटनास्थल पर करीब 10 लोगों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस एवं प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा जा रहा है। फिलहाल मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि प्रशासन द्वारा की जानी बाकी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध रेत खनन और भंडारण के विरुद्ध लगातार हो रही सख्त कार्रवाई</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-के-निर्देश-पर-अवैध-रेत-खनन-और/80625</link><description>&amp;nbsp;केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने किया रात्रिकालीन औचक निरीक्षणहाईटेक ड्रोन सर्वे से अनुज्ञा के अनुरूप खनन और भंडारण की हो रही है विस्तृत जांचरायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध रेत खनन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश भर में लगातार अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की जा रही है। जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ खनिज विभाग का मैदानी अमला अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी कर रहा है।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; इसी क्रम में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर 21 जून 2026 को रात्रिकालीन खनन क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला एम.सी.बी. की तहसील केल्हारी अंतर्गत दंडाहस्वाही स्थित केवाई नदी, पसौरी, कुटरा तथा हसदेव नदी क्षेत्रों के सघन निरीक्षण में स्वीकृत दो अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों का विस्तृत परीक्षण किया गया। मौके पर उपलब्ध रेत की मात्रा का आकलन हाईटेक ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से किया गया। निरीक्षण में भंडारण अनुज्ञा की शर्तों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित रेत भंडारणकर्ताओं को कारण बताओ सूचना जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।&amp;nbsp; &amp;nbsp; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध खनन गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ खनिज संपदा का नियमानुसार दोहन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन एवं भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।&amp;nbsp; &amp;nbsp; खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के पहुंच-विहीन एवं संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से विभिन्न जिलों में अवैध रेत उत्खनन संभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर हाईटेक ड्रोन सर्वे के माध्यम से निगरानी की जा रही है, जिससे अवैध रेत खनन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उक्त कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>जियो का मेगा आईपीओ रचेगा इतिहास! स्टॉक मार्केट में अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू  </title><link>https://cnin.co.in/जियो-का-मेगा-आईपीओ-रचेगा-इतिहास!-स्टॉक/80624</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;मुंबई। जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने क्रमश: 37,700 करोड़ और 30,000 करोड़ रुपये के मेगा सार्वजनिक निर्गम के लिए दस्तावेज दाखिल किए हैं; विशेषज्ञों के अनुसार, ये दोनों निर्गम भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकते हैं और निवेशकों के लिए दीर्घकालिक अवसर प्रदान करते हैं।देश के पूंजी बाजार में एक बार फिर बड़े सार्वजनिक निर्गमों को लेकर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से जिन दो नामों का निवेशक इंतजार कर रहे थे, वे अब बाजार में दस्तक देने की तैयारी में हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने बाजार नियामक सेबी के पास अपने प्रारूप दस्तावेज जमा कर दिए हैं। माना जा रहा है कि दोनों सार्वजनिक निर्गम मिलकर करीब 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटा सकते हैं।मौजूद जानकारी के अनुसार, अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लगभग 37,700 करोड़ रुपये का आईपीओ ला सकती है। यदि यह योजना तय समय पर पूरी होती है तो यह भारत के पूंजी बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है।दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। यह निर्गम के बाद कंपनी की कुल हिस्सेदारी का लगभग 2.9 प्रतिशत होगा। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि निर्गम के बाद कंपनी का मूल्यांकन 12.5 लाख करोड़ रुपये से 13 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। ऐसे में यह देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल हो सकती है।वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी करीब 30 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए दस्तावेज दाखिल किए हैं। इस प्रस्ताव के तहत मौजूदा शेयरधारक लगभग 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे, जो एक्सचेंज में उनकी करीब 6 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है।बता दें कि फिलहाल भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम है, जिसने 27,859 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके बाद भारतीय जीवन बीमा निगम, पेटीएम और टाटा कैपिटल जैसे बड़े निर्गमों का स्थान आता है। हालांकि इतिहास बताता है कि बड़े सार्वजनिक निर्गम हमेशा शुरुआती कारोबार में शानदार लाभ नहीं दे पाए हैं।</description ></item><item><title>सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा से गूंजेगा छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक गौरव</title><link>https://cnin.co.in/सोमनाथ-स्वाभिमान-यात्रा-से-गूंजेगा/80623</link><description>&amp;nbsp;1000 विशिष्टजन विशेष ट्रेन से करेंगे सोमनाथ धाम की यात्रा, 22 जून को रायपुर से मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभरायपुर-भारतीय संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक सोमनाथ धाम से जुड़ने के लिए छत्तीसगढ़ से एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत 22 से 26 जून 2026 तक आयोजित होने वाली ‘‘सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा’’ में प्रदेश के 1000 विशिष्टजन विशेष ट्रेन के माध्यम से गुजरात स्थित सोमनाथ धाम पहुंचेंगे। यात्रा का शुभारंभ 22 जून को प्रातः 11 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे तथा पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इसके साथ ही रायपुर के जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक और महापौर सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी समारोह में शामिल होंगे।&amp;nbsp;सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की उस सांस्कृतिक चेतना और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, जिसने हजार वर्षों की चुनौतियों के बाद भी अपनी आस्था और पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखा। इसी ऐतिहासिक अवसर पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की यह सांस्कृतिक यात्रा उसी राष्ट्रीय अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों, आध्यात्मिक धरोहर और राष्ट्रीय गौरव से जोड़ना है।&amp;nbsp;इस यात्रा की विशेषता यह है कि इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित विशिष्टजन, पद्म पुरस्कार एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी, समाजसेवी तथा जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। यात्रा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन होगा। प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों की पवित्र मिट्टी और नदियों का जल लेकर सोमनाथ पहुंचेंगे, जो भारत की सांस्कृतिक एकता, आध्यात्मिक समरसता और राष्ट्रीय अखंडता का प्रतीक बनेगा।&amp;nbsp;यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को सोमनाथ मंदिर के दर्शन के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। मंदिर दर्शन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला यात्राएं तथा ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थलों का भ्रमण इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इससे न केवल प्रतिभागियों को भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को निकट से जानने का अवसर मिलेगा, बल्कि विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों के बीच संवाद और आदान-प्रदान भी बढ़ेगा।&amp;nbsp;संस्कृति विभाग के अनुसार यात्रा के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सभी जिलों से चयनित प्रतिभागियों के स्वास्थ्य परीक्षण, यात्रा व्यवस्था और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। विशेष ट्रेन के माध्यम से यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।&amp;nbsp;सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक चेतना, गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय एकता का जीवंत उत्सव है। छत्तीसगढ़ से निकलने वाली यह यात्रा प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं, कला, साहित्य और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान प्रदान करेगी। साथ ही यह आयोजन समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, राष्ट्रीय गौरव और भारतीय मूल्यों के प्रति नई प्रेरणा का संचार करेगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>CGRERA का बड़ा फैसला,लंबे समय से चल रहे विवाद से बड़ी राहत मिली</title><link>https://cnin.co.in/CGRERA-का-बड़ा-फैसला,लंबे-समय-से-चल-रहे-विवाद-से/80622</link><description>&amp;nbsp;®-प्रमोटर को सिंकिंग फंड और कॉमन एरिया आवासीय सोसायटी को सौंपने के सख्त निर्देश®-सहकारी आवासीय सोसायटी निवासियों को मिली राहतरायपुर--छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने गृह क्रेताओं (होम बायर्स) के हितों की रक्षा में एक बड़ा कदम उठाया है। रेरा ने दुर्ग जिले के ग्राम अमलेश्वर में स्थित पंजीकृत आवासीय परियोजना 'हर्षित नियोज सिटी' से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में निवासियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। प्राधिकरण ने परियोजना के प्रमोटर को सिंकिंग फंड की पूरी राशि और कॉमन एरिया का प्रबंधन तत्काल प्रभाव से सहकारी आवासीय सोसायटी को हस्तांतरित करने का सख्त निर्देश दिया है।इस आदेश के बाद हर्षित नियोज सिटी के निवासियों और उनकी सहकारी समिति को लंबे समय से चल रहे विवाद से बड़ी राहत मिली है।प्रमोटर की मनमानी पर लगी रोक&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; यह पूरा मामला तब सामने आया जब 'हर्षित नियोज सिटी रेसिडेन्शियल को-ऑपरेटिव सोसायटी मर्यादित' ने परियोजना के प्रमोटर सिंघनिया बिल्डॉन प्रा.लि. एवं मेसर्स हर्षित सिंघानिया बिल्डॉन के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी। सोसायटी ने अपनी शिकायत में गंभीर मुद्दे उठाए थे, परियोजना की रखरखाव (मैंटेनेंस) व्यवस्था में कमियां, साझा सुविधाओं के संचालन में अनियमितता, सिंकिंग फंड की राशि का ट्रांसफर न होना, साझा क्षेत्रों (कॉमन एरिया) को सोसायटी के सुपुर्द न किया जाना शामिल है।सिंकिंग फंड और कॉमन एरिया पर रेरा का कड़ा रुख&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ रेरा (CGRERA) ने प्रमोटर की जवाबदेही तय करते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं।&amp;nbsp; प्राधिकरण ने आदेश दिया है कि प्रमोटर द्वारा फ्लैट/इकाईधारकों से संकलित की गई सिंकिंग फंड की संपूर्ण राशि को नियमानुसार तुरंत सोसायटी के खाते में ट्रांसफर किया जाए। रेरा ने स्पष्ट किया कि यह निधि परिसर के दीर्घकालिक रखरखाव, मरम्मत और संरचनात्मक संरक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिस पर सिर्फ निवासियों का हक है।कॉमन एरिया पर मालिकाना हक&amp;nbsp; सोसायटी का&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 17 का हवाला देते हुए प्राधिकरण ने सभी साझा क्षेत्रों (कॉमन एरिया) और उससे जुड़े अधिकारों को विधिवत सोसायटी के पक्ष में ट्रांसफर करने को कहा है। कानून के मुताबिक, प्रोजेक्ट पूरा होते ही कॉमन एरिया का स्वामित्व आवंटियों के संघ या सोसायटी को सौंपना बिल्डर का वैधानिक दायित्व है।वास्तविक हितधारकों को मिलेगा नियंत्रणCGRERA ने अपने फैसले में साफ कर दिया है कि साझा परिसंपत्तियों और संचित निधियों के ट्रांसफर में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समयबद्ध हस्तांतरण से अब परियोजना के वास्तविक हितधारकों (निवासियों) को अपने परिसर के रखरखाव और संचालन संबंधी फैसलों में पूरा अधिकार और नियंत्रण हासिल होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि रेरा का यह सख्त रुख रियल एस्टेट क्षेत्र में प्रमोटरों की वैधानिक जवाबदेही सुनिश्चित करने और रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक नजीर साबित होगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गंभीर किडनी रोगी के उपचार हेतु 3.95 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री--विष्णुदेव-साय-ने-गंभीर-किडनी/80621</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से जशपुर के मरीज को मिली बड़ी राहत0-सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन के बाद त्वरित कार्रवाई, अहमदाबाद में होगा किडनी प्रत्यारोपण&amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी नेतृत्व में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के गंभीर किडनी रोगी श्री जितेन्द्र कुमार यादव (44 वर्ष) को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके उपचार एवं किडनी प्रत्यारोपण के लिए 3 लाख 95 हजार 121 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है।&amp;nbsp;प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर निवासी श्री जितेन्द्र कुमार यादव गंभीर किडनी रोग से पीडि़त हैं और उन्हें रेनल ट्रांसप्लांट (किडनी प्रत्यारोपण) की आवश्यकता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके परिवार को उपचार कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस बीच मरीज के परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचकर आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। &amp;nbsp; &amp;nbsp;मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने त्वरित संज्ञान लिया और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत सहायता राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। राज्य नोडल एजेंसी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि अहमदाबाद (गुजरात) स्थित जी.आर. दोशी एवं के.एम. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी एंड रिसर्च सेंटर में किडनी प्रत्यारोपण, उपचार तथा आवश्यक दवाइयों के लिए मंजूर की गई है। &amp;nbsp; &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार गंभीर एवं आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि जीवनरक्षक उपचार के अभाव में किसी भी परिवार को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत इस सहायता से मरीज एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से अब आवश्यक उपचार संभव हो सकेगा। यह पहल राज्य सरकार की संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।</description ></item><item><title>महंत कालेज में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग कार्यक्रम का आयोजन</title><link>https://cnin.co.in/महंत-कालेज-में-अंतर्राष्ट्रीय-योग-दिवस-पर/80620</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;* योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, संतुलित मन एवं सकारात्मक जीवनशैली का आधार है-प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी &amp;nbsp;रायपुर--अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में योग विभाग, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन.सी.सी.), राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) तथा खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में एन.सी.सी. गर्ल्स बटालियन से पधारी अधिकारी महुआ भट्टाचार्य उपस्थित रहीं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी ने अपने उद्बोधन में योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, संतुलित मन एवं सकारात्मक जीवनशैली का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।मुख्य अतिथि महुआ भट्टाचार्य ने भी योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान तनावपूर्ण जीवन में योग व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित एवं आत्मविश्वासी बनाता है। उन्होंने युवाओं को योग के माध्यम से स्वस्थ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में महाविद्यालय की योग शिक्षक प्रिया वर्मा द्वारा विभिन्न योगासनों, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का प्रदर्शन कराया गया तथा प्रतिभागियों को उनके लाभों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन योग विभाग, एन.सी.सी., एन.एस.एस. एवं खेल विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ।</description ></item><item><title>इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम का ऐलान:शुभमन गिल कप्तान</title><link>https://cnin.co.in/इंग्लैंड-दौरे-के-लिए-भारतीय-वनडे-टीम-का/80619</link><description>&amp;nbsp;0--विराट और रोहित दोनों टीम में; श्रेयस को उपकप्तानी&amp;nbsp;मुंबई। बीसीसीआई ने रविवार को इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम का ऐलान कर दिया। शुभमन गिल कप्तान बनाए गए हैं। श्रेयस अय्यर को उपकप्तानी दी गई है। विराट कोहली और रोहित शर्मा भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं।इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए अहम माना जा रहा है। दौरे पर पांच टी-20 और तीन वनडे मैच होंगे। टी-20 टीम का ऐलान पहले ही हो चुका है। श्रेयस अय्यर टी-20 टीम के कप्तान हैं।&amp;nbsp;* &amp;nbsp;इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम * &amp;nbsp;&amp;nbsp;शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार।</description ></item><item><title>उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दिखी भारतीय विशाल उड़न गिलहरी, वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि</title><link>https://cnin.co.in/उदंती-सीतानदी-टाइगर-रिजर्व-में-दिखी-भारतीय/80618</link><description>&amp;nbsp;दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी से जैव विविधता हुई समृद्ध, कैमरे में कैद हुआ रोमांचक दृश्यरायपुर--छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। रिजर्व क्षेत्र में दुर्लभ वन्यजीव भारतीय विशाल उड़न गिलहरी (इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) की मौजूदगी दर्ज की गई है। इस दुर्लभ प्रजाति का वीडियो भी कैमरे में कैद हुआ है, जिसने वन अधिकारियों, वन्यजीव विशेषज्ञों और प्रकृति प्रेमियों में उत्साह का संचार कर दिया है।भारतीय विशाल उड़न गिलहरी अपनी अनोखी उड़ान क्षमता और निशाचर जीवनशैली के लिए जानी जाती है। यह प्रजाति पेड़ों के बीच फैली त्वचा की विशेष झिल्ली की सहायता से लंबी दूरी तक ग्लाइड कर सकती है। सामान्यतः यह घने और सुरक्षित वनों में निवास करती है, इसलिए इसकी उपस्थिति किसी भी वन क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है।उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में इस दुर्लभ जीव का दिखाई देना इस बात का प्रमाण है कि यहां के वन क्षेत्र विभिन्न वन्यजीव प्रजातियों के लिए अनुकूल और सुरक्षित आवास प्रदान कर रहे हैं। वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब दुर्लभ जीवों की उपस्थिति के रूप में सामने आ रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय विशाल उड़न गिलहरी मुख्य रूप से रात्रिचर प्राणी है और दिन के समय वृक्षों की खोखलों या घने पत्तों के बीच विश्राम करती है। इसकी गतिविधियों को देख पाना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। ऐसे में इसका वीडियो रिकॉर्ड होना वन्यजीव अध्ययन और संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व पहले से ही बाघ, तेंदुआ, भालू, जंगली कुत्ता, विभिन्न पक्षी प्रजातियों तथा दुर्लभ वनस्पतियों के लिए जाना जाता है। अब भारतीय विशाल उड़न गिलहरी की उपस्थिति ने इस संरक्षित क्षेत्र की जैव विविधता को और अधिक समृद्ध एवं विशिष्ट बना दिया है।वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण न केवल प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है, बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता और प्रकृति पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करता है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में भारतीय विशाल उड़न गिलहरी का दिखाई देना छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और सफल वन्यजीव संरक्षण प्रयासों का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय</title><link>https://cnin.co.in/योग-को-दिनचर्या-का-हिस्सा-बनाएं,-स्वस्थ-समाज/80617</link><description>&amp;nbsp;विश्व को भारत की अमूल्य देन है योग, इसे जन-जन तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णुदेव साय12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यासरायपुर---मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को आत्मबल, अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” वर्तमान समय की आवश्यकता को प्रतिबिंबित करती है। तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग प्रत्येक आयु वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से सजग और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है, इसलिए योग को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर जीवन का हिस्सा बनाना होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा रखे गए प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में व्यापक समर्थन प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि विश्व ने भारतीय ज्ञान परंपरा और योग की उपयोगिता को स्वीकार किया है। आज 21 जून को पूरी दुनिया जिस उत्साह से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है, वह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक नेतृत्व का गौरवशाली उदाहरण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योग स्वास्थ्य और आरोग्य की ऐसी विश्वसनीय साधना है, जो जीवन के हर चरण में व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है। योग शरीर को निरोग, मन को शांत और विचारों को सकारात्मक बनाता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं से बचाव में योग अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी आज योग की उपयोगिता को स्वीकार कर रहा है और इसे बेहतर स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है।मुख्यमंत्री ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया। भगवान शिव को आदियोगी के रूप में स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना में योग सदियों से जीवन का अभिन्न अंग रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का संदेश देकर संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन का मार्ग प्रशस्त किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार योग के व्यापक विस्तार और संस्थागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि योग आयुष पद्धति का महत्वपूर्ण अंग है और इस निर्णय से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा जनजागरूकता गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है ताकि स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक योग से नहीं जुड़ पाए हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें, क्योंकि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कोई भी समय देर नहीं होता।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि योग को घर-घर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग प्रदेश में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनजातीय युवाओं की शिक्षा और भविष्य को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं द्वारा यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें देश और समाज के नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व है और इसी समय योगाभ्यास करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है।इस अवसर पर विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री राम किशुन सिंह, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, आयुष विभाग के संचालक श्री राजेंद्र कुमार कटारा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’: योग को जीवनशैली में शामिल करें - राज्यपाल  डेका</title><link>https://cnin.co.in/अंतर्राष्ट्रीय-योग-दिवस’:-योग-को-जीवनशैली/80616</link><description>&amp;nbsp;अंतर्राष्ट्रीय योग शिविर में शामिल हुए राज्यपालरायपुर--राज्यपाल श्री रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन किया एवं सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।&amp;nbsp;&amp;nbsp;अपने संबोधन में राज्यपाल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पूरा छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहने की कामना की।श्री डेका ने प्रदेशवासियों से कहा कि योग को जीवनशैली में शामिल करें, प्रतिदिन योगाभ्यास की आदत बनाए और बच्चों को भी इसकी आदत डाले जिससे उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वे&amp;nbsp; भविष्य में देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन और भावनाओं को सुदृढ़ बनाकर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इस अवसर पर श्री डेका ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।&amp;nbsp;योगाभ्यास कार्यक्रम में विधायकगण सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, सुनील सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर रायपुर श्री संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>गधहाभाटा अब कहलाएगा ‘सोनपुर’, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने ग्रामवासियों को सौंपी राजपत्र की प्रति</title><link>https://cnin.co.in/गधहाभाटा-अब-कहलाएगा-‘सोनपुर’,-उप/80615</link><description>&amp;nbsp;स्थानीय जनभावनाओं और सांस्कृतिक पहचान को मिला सम्माननई पहचान के साथ आगे बढ़ेगा सोनपुर– उप मुख्यमंत्री &amp;nbsp;शर्माउप मुख्यमंत्री ने 7.5 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा कीरायपुर--कबीरधाम जिले के ग्राम गधहाभाटा का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने शनिवार को ग्राम सोनपुर पहुंचकर ग्रामवासियों को राजपत्र की प्रति सौंपते हुए बधाई दी। इस दौरान ग्राम विकास के लिए उप मुख्यमंत्री ने 7 लाख 50 हजार रुपए के कई विकास कार्यों की घोषणाएं भी कीं। उन्होंने सामुदायिक भवन मरम्मत के लिए 2.50 लाख रुपए, किचन निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपए, गौठान समतलीकरण के लिए 1 लाख रुपए तथा पचारी निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपए की घोषणा की।लंबे समय से थी मांग का हुआ समाधान&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई, राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई और अंततः राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया। उन्होंने कहा कि अब यह नाम सरकारी अभिलेखों और वेब पोर्टल में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा। साथ ही ग्रामवासियों से अपील की कि वे भी अपने व्यवहार और दैनिक उपयोग में नए नाम ‘सोनपुर’ को अपनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव की पहचान कर सकें। अब नई पहचान के साथ सोनपुर आगे बढ़ेगा।ग्रामवासियों के आत्मसम्मान और क्षेत्रीय पहचान होगी मजबूत&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल पहचान नहीं होते, बल्कि वे स्थानीय इतिहास, संस्कृति और जनभावनाओं से जुड़े होते हैं। ‘सोनपुर’ नाम परिवर्तन ग्रामवासियों के आत्मसम्मान और क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करने वाला सकारात्मक कदम है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में एक अन्य गांव चांडालपुर का नाम भी बदलकर चंदनपुर किया गया है तथा उसका प्रकाशन भी राजपत्र में किया जा चुका है। ग्राम वासियों ने भी उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा का ग्राम को नई पहचान दिलाने में पहल करने के लिए आभार व्यक्त किया।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास प्लस नवीन सर्वे की स्थायी सूची के लिए 24 जून को विशेष ग्राम सभा में ग्राम पंचायत स्तर पर वाचन किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके, इस अवसर पर उन्होंने सभी को ग्राम सभा में अवश्य जाने की अपील की। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, पिपरिया नगर पंचायत अध्यक्ष श्री घुरवा राम साहू, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस खालसा पब्लिक स्कूल में हुआ आयोजित : योगा कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री साव</title><link>https://cnin.co.in/12वें-अंतर्राष्ट्रीय-योग-दिवस-खालसा-पब्लिक/80614</link><description>&amp;nbsp;रायपुर--12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय दुर्ग के खालसा पब्लिक स्कूल प्रांगण में आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, पद्म श्री श्रीमती उषा बारले, महापौर श्रीमती अलका बाघमार, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, संभाग आयुक्त श्रीमती सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री अभिषेक सांडिल्य, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, एसएसपी श्री विजय अग्रवाल तथा समस्त विभाग के अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और नगर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास किया। इससे पूर्व कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री साव एवं अन्य अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने संक्षिप्त उद्बोधन में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी को योग दिवस की शुभ-कामनाएं देते हुए कहा कि इस वर्ष संपूर्ण देश में ’’योगा फॉर हेल्दी एजिंग’’ के लिए योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए। योग का जीवन में बड़ा महत्व है। योग ऐसा सशक्त माध्यम है, जिससे शारीरिक एवं बौद्धिक विकास संभव है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनों को योग की शपथ दिलाई।सांसद श्री विजय बघेल ने कार्यक्रम में उपस्थित जनों का अभिनंदन एवं स्वागत करते हुए कहा कि योग जीवन जीने की प्राचीन परम्परा है। आज योग को देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से पूरी दुनिया योग के महत्व को समझ रही है। उन्होंने कहा कि 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज विश्व के अनेक देशों में मनाया जा रहा है। सांसद श्री बघेल ने लोगों को आह्वान किया कि ’’करें योग और रहें निरोग’’। योग प्रशिक्षक प्राची भट्टाचार्य एवं डिलिमा मजूमदार ने कपालभाती प्राणायाम, अनुलोम विलोम प्राणायाम, शिति प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम सहित योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। उन्होंने ओउम् के सुमधुर उच्चारण और शांति पाठ वाचन के साथ योगाभ्यास का समापन किया।&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 : योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का सशक्त माध्यम-सांसद बृजमोहन अग्रवाल</title><link>https://cnin.co.in/अंतर्राष्ट्रीय-योग-दिवस-2026-:-योग-शारीरिक-और/80613</link><description>&amp;nbsp;कृषि उपज मण्डी परिसऱ में जिला स्तरीय योगाभ्यास का आयोजनस्वस्थ शरीर व नशामुक्त भारत का लिया गया संकल्परायपुर--12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार 21 जून को जून को जिला स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन नवीन कृषि उपज मण्डी परिसर बलौदाबाजार में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल,विशिष्ट अतिथियों,अधिकारी -कर्मचारी एवं स्कूली बच्चों की उपस्थिति में ‘‘स्वस्थ्य आयु के लिए योग‘‘ आधारित थीम पर&amp;nbsp; सामूहिक योगाभ्यास किया गया। इस अवसर पर&amp;nbsp; सांसद श्री अग्रवाल ने स्वस्थ शरीर व नशामुक्ति की शपथ दिलाई ।सांसद श्री अग्रवाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बधाई देते हुए कहा क़ि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज विश्व के लगभग 177 देश के कोने कोने में योगाभ्यास किया जा रहा है।योग भारत की प्राचीन जीवन पद्धति है जिसमें वसुधैव कुटुंबकम की भावना समाहित है। योग ने केवल शारीरिक व मानसिक स्वस्थ को संतुलित करने का माध्यम है बल्कि जीवन में खुशहाली व समृद्धि भी लाता है। आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में बच्चे और युवा फ़ास्ट फ़ूड में ज्यादा रूचि&amp;nbsp; लेते हैं,जिम जाते हैं। इस खान-पान से हमारा शरीर स्वस्थ नहीं रहता जिससे मानसिक तनाव उत्पन्न होता हैं। उन्होंने कहा क़ि सभी अधिकारी -कर्मचारी और विद्यार्थी योग को अपने दिनचर्या में शामिल करें,योग हमें निरोग और ख़ुशी प्रदान करता है।इस मौके पर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कहा क़ि योग हमारे लिए अमूल्य धरोहर है। योग से तन-मन स्वस्थ होने के साथ ही अनुशासन और संयम सिखाता है। जीवन में शांति और समृद्धि के लिये ये सभी जरुरी है। योग को नियमित दिनचर्या में अवश्य शामिल करना चाहिए।सामूहिक योगाभ्यास के दौरान विभिन्न योग आसनों एवं प्राणायाम का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार अभ्यास कराया गया। इसमें ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन, अर्धचक्रासन, शवासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति एवं ध्यान सहित अनेक योग क्रियाएं शामिल हैं। इस अवसर पर नागरिकों को पौधे भी वितरित किये गये। जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ ही जिले के सभी विकासखंड,नगर पंचायत,ग्राम पंचायतों में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, पूर्व विधायक डॉ.सनम जांगड़े, पुलिस अधीक्षक ओ.पी.शर्मा, डीएफओ गणवीऱ धम्मशील,भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी,सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, योगेश अग्रवाल,टेसू लाल धुरंधर,रेवा राम साहू सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>कोटमहर गार्डन में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस</title><link>https://cnin.co.in/कोटमहर-गार्डन-में-उत्साहपूर्वक-मनाया-गया/80612</link><description>&amp;nbsp;वन मंत्री केदार कश्यप ने किया योगाभ्यास, स्वस्थ जीवन&amp;nbsp;के लिए नियमित योग अपनाने का दिया संदेशरायपुर--नारायणपुर जिले के कोटमहर गार्डन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया तथा जिलेवासियों को स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज विश्व के अनेक देशों में लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। योग तनाव को कम करने, कार्यक्षमता बढ़ाने और सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।सामूहिक योगाभ्यास में बड़ी संख्या में शामिल हुए नागरिकयोग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। साथ ही योग के स्वास्थ्य लाभों और उसके महत्व की विस्तृत जानकारी भी दी गई।जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे उपस्थितकार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारिता लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मंडावी, पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एम.जी., अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र बहादुर पंचभाई तथा एसडीएम श्री अभयजीत मंडावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।योग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्पयोग दिवस के इस आयोजन ने जिलेवासियों को स्वास्थ्य, सकारात्मकता और अनुशासित जीवनशैली का संदेश दिया। उपस्थित सभी लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ एवं निरोग समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं जनकल्याण की कामना के साथ हुआ।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>करें योग रहें निरोग - पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल</title><link>https://cnin.co.in/करें-योग-रहें-निरोग---पर्यटन-एवं-संस्कृति/80611</link><description>&amp;nbsp;रायपुर--देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं प्रेरणा से आयोजित 12वें विश्व योग दिवस के अवसर पर आज जशपुर में जिला प्रशासन के द्वारा वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में जिला स्तरीय योग दिवस का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल&amp;nbsp; मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। योग प्रशिक्षक श्री डमरूधर स्वर्णकार, श्रीमती स्मिता जैन के कुशल मार्गदर्शन में&amp;nbsp; बड़ी संख्या में&amp;nbsp; जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक और सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भू नाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत, कृष्णा राय,नरेश नंदे, राजू गुप्ता, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जिला आर्युवेद&amp;nbsp; अधिकारी श्री भुवनेश्वर प्रसाद अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।सामूहिक योगाभ्यास के दौरान योग प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न योग आसनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इसमें ताड़ासन,&amp;nbsp; त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन, अर्धचक्रासन, शवासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति एवं ध्यान सहित अनेक योग क्रियाएं कराई गईं। उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संकल्प लिया।मुख्य अतिथि पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सभी लोगों को योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि योग कब से शुरू हुआ है इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है।योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ऋषि परंपरा की अमूल्य देन है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को आज पूरी दुनिया में पहचान मिली है। योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मन को शांति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। भारत ही नहीं विदेशों में योग को अपनाया गया है।&amp;nbsp;उन्होंने कहा कि आज के भागदौड़ जिन्दगी में योग को अपने जीवन में अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए ताकि जीवन में संतुलन और शान्ती बनी रही।उन्होंने कहा कि योग को केवल एक दिन ही नहीं करें बल्कि नियमित करें। करे योग रहें निरोग श्री अग्रवाल ने विभिन्न आसनों के माध्यम से योगाभ्यास किया तथा उपस्थित जनों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि&amp;nbsp; योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ,मन प्रसन्न और कार्यक्षमता बेहतर होती है।उन्होंने कहा कि ऋषि मुनियों के समय से योग को किया जा रहा है। योग करने से बहुत से बीमारी दूर हो जाती है।पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने सम्बोधन में&amp;nbsp; कहा कि आज गौरव का दिवस है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भारत ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व योग कर रहा है। उन्होंने कहा कि योग जीवन की आत्मा और साधना है। नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत ने लोगों को नियमित योग अभ्यास करने को कहा जिससे शरीर में स्फूर्ति बनी रही।कार्यक्रम के माध्यम से जिलेवासियों को निरोगी जीवन, मानसिक शांति और स्वस्थ समाज निर्माण के लिए योग को अपनाने का संदेश दिया गया।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>​छत्तीसगढ़ महतारी और भगवान धनवंतरि की वंदना से सारंगढ़ में योग दिवस का शंखनाद</title><link>https://cnin.co.in/​छत्तीसगढ़-महतारी-और-भगवान-धनवंतरि-की-वंदना/80610</link><description>​योग और नृत्य का अद्भुत संगम: सारंगढ़ में बच्चों ने संगीत की धुन पर योग मुद्राओं से मोहा मनअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा की मौजूदगी में 1,000 से अधिक लोगों ने किया योगाभ्यास​रायपुर--&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ​अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सारंगढ़ के कृषि उपज मंडी परिसर में जिला स्तरीय वृहद योग कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस वर्ष &quot;योगा 365 डेज एम्ब्रेस योगा&quot; और &quot;बढ़ते उम्र के स्वास्थ्य के लिए योग&quot; की थीम पर आधारित इस शिविर में प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा के साथ भगवान श्री धनवंतरि और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ​इस आयोजन में प्रशासनिक और राजनीतिक अमला एक मंच पर नजर आया। मुख्य अतिथि श्री टंकराम वर्मा के साथ कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, बरमकेला जनपद अध्यक्ष सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पत्रकारों और स्कूली बच्चों समेत लगभग 1,000 नागरिकों ने एक साथ बैठकर योग की विभिन्न विधाओं व प्राणायाम का अभ्यास किया।​पीएम मोदी के संदेश का वाचन और हस्ताक्षर अभियान&amp;nbsp; &amp;nbsp; ​कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ राष्ट्र' बनाने के संदेश का वाचन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को बधाई देते हुए जीवन में नियमित योग अपनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर योग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें मंत्री, कलेक्टर, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने अपने हस्ताक्षर किए।​योग और नृत्य का अद्भुत संगम&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;​इस जिला स्तरीय योग दिवस का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा नृत्य शैली में किया गया योग प्रदर्शन रहा। मुख्य सत्र के बाद, योग शिक्षिका (व्यायाम शिक्षिका) ममता साहू के मार्गदर्शन में सिम्मी योगा एंड फिटनेस सेंटर, योगाचार्य सुभाष पटेल की टीम और सरिया की योगिनी अकादमी के बच्चों ने 'श्रीरामचंद्र' सहित अन्य भक्ति गीतों पर सामूहिक योग मुद्राओं का विहंगम प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, साक्षी पटेल ने एकल गीत पर योग की अत्यंत कठिन मुद्राओं को सहजता से प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि और उपस्थित जनसमुदाय की खूब वाहवाही बटोरी।​अनुशासित भागीदारी और प्रेरक पल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ​आयोजन को सफल बनाने में भारत स्काउट, जूनियर रेडक्रॉस और एनएसएस (NSS) के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्कूल और कॉलेज के इन छात्र-छात्राओं की अनुशासित और ऊर्जावान भागीदारी ने योग के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;​कार्यक्रम में एक भावुक और प्रेरक पल तब देखने को मिला जब मंच से हजार से अधिक नागरिकों को योग का अभ्यास करा रहीं मुख्य योग शिक्षिका ममता साहू के माता-पिता और रिश्तेदार भी इस शिविर में शामिल हुए। अपनी बेटी के इस बेहतरीन नेतृत्व और राज्य स्तर पर मिल रहे सम्मान को देखकर उनके माता-पिता भावविभोर हो उठे। यह अनूठा आयोजन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य और एकजुटता का एक अमूल्य संदेश दे गया।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>योग से स्वस्थ जीवन और सशक्त समाज का निर्माण संभव : मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े</title><link>https://cnin.co.in/योग-से-स्वस्थ-जीवन-और-सशक्त-समाज-का-निर्माण/80609</link><description>&amp;nbsp;अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बलरामपुर में हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यासनियमित योग, नशामुक्त जीवन और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेशरायपुर --अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के साथ व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के हाई स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया तथा नागरिकों को नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के अनेक देशों में योग को स्वास्थ्य, संतुलन और मानव कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं तथा यह व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन की दिशा प्रदान करते हैं।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। योग ऐसी प्राचीन भारतीय साधना है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलित कर निरोग जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है। योग व्यक्ति में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए उपस्थित लोगों को नियमित योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।इस अवसर पर प्रशिक्षकों द्वारा ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, मकरासन सहित विभिन्न योगासनों के साथ भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्काउट-गाइड, रोवर एवं रेंजर के विद्यार्थियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने तथा अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। इसके पश्चात उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हाई स्कूल मैदान परिसर में मौलश्री का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर हरित बलरामपुर के संकल्प को मजबूत किया।जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में योग तथा नशामुक्त जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर योग को जीवन का हिस्सा बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने की अपील की।जिले के सभी विकासखंडों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अंबिकापुर में होगा राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम</title><link>https://cnin.co.in/12वें-अंतरराष्ट्रीय-योग-दिवस-पर-अंबिकापुर-में/80608</link><description>&amp;nbsp;0-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल0-'स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर प्रदेशभर में होंगे विविध आयोजन&amp;nbsp;रायपुर/ 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को अंबिकापुर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड में राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रात: 6 बजे से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों, विभिन्न आयोगों एवं मंडलों के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा और मुख्यमंत्री के सलाहकारआर. कृष्णा दास ने किया सीएम हेल्पलाइन 1076 एवं सेवा सेतु की कार्यप्रणाली का विस्तृत अवलोकन</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-के-मीडिया-सलाहकार-पंकज-झा-और/80607</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधा की दिशा में बताया महत्वपूर्ण पहल0-कहा - &amp;nbsp;तकनीक के माध्यम से शासन को नागरिकों के और निकट ला रही है राज्य सरकार&amp;nbsp;रायपुर /मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास ने आज सीएम हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु की कार्यप्रणाली का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल,सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। अधिकारियों ने दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा तकनीक आधारित जनसुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी।मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासन को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु इसी सोच के सशक्त उदाहरण हैं, जो शासन और नागरिकों के बीच संवाद तथा सेवाओं की उपलब्धता को सरल और प्रभावी बना रहे हैं।अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास ने स्वयं सीएम हेल्पलाइन पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव लिया तथा सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायत पंजीयन की प्रक्रिया और समाधान की व्यवस्था का जायजा लिया। &amp;nbsp;उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए विकसित यह व्यवस्था शासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों को अपनी समस्याएं और शिकायतें सीधे शासन तक पहुंचाने का सुलभ माध्यम उपलब्ध करा रही है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए एक सुव्यवस्थित व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे शिकायतों की निगरानी, समीक्षा और समाधान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके समाधान तक प्रत्येक चरण को तकनीक आधारित प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है।सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान का सशक्त मंच बनकर उभर रही है। शिकायतों के निराकरण के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है, जिससे विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारी तय होती है और समस्या के समाधान की निरंतर निगरानी की जाती है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को राहत प्रदान करना और शासन के प्रति उनका विश्वास मजबूत करना है।अधिकारियों ने सेवा सेतु की जानकारी देते हुए बताया कि यह राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न शासकीय सेवाओं को नागरिकों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाना है। इसके माध्यम से नागरिक अनेक आवश्यक प्रमाण-पत्रों एवं सेवाओं के लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। सेवा सेतु के जरिए शासकीय प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा रहा है, जिससे लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।अधिकारियों ने जानकारी दी कि सेवा सेतु के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है तथा उन्हें मोबाइल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से भी सुलभ बनाया जा रहा है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी शासन की सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। भविष्य में और अधिक सेवाओं को इस प्लेटफॉर्म से जोडऩे की दिशा में कार्य किया जा रहा है।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास ने सीएम हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि ये पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सुशासन आधारित विकास दृष्टि को साकार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक के उपयोग से नागरिकों का शासन पर विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण और शिकायतों के प्रभावी निराकरण की दिशा में किया जा रहा यह कार्य विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</description ></item><item><title>रहेजा अवाना का एक्सपीरियंस सेंटर लांच,अब देश के महानगरों जैसी लाइफ स्टाइल के साथ कदमताल करने तैयार</title><link>https://cnin.co.in/रहेजा-अवाना-का-एक्सपीरियंस-सेंटर-लांच,अब-देश/80606</link><description>&amp;nbsp;* &amp;nbsp;रायपुरियंस ने लुटा दिया दिल,हमारी मेहनत कामयाब हो गई - संजय रहेजा&amp;nbsp;रायपुर।&amp;nbsp; कचना मेन रोड का नज़ारा आम दिनों जैसा बिल्कुल नहीं था। शहर के जाने-माने चेहरे, रियल एस्टेट के पारखी और लग्ज़री के शौकीन लोग एक शानदार शाम का गवाह बनने के लिए एक ही जगह पर मौजूद थे। मौका था—प्रदेश के सबसे भरोसेमंद ब्रांड 'रहेजा ग्रुप के अल्ट्रा-लग्ज़री प्रोजेक्ट 'रहेजा अवाना के भव्य एक्सपीरियंस सेंटर के उद्घाटन का।शाम 4:30 बजे जैसे ही इस सेंटर के दरवाज़े खुले, अंदर कदम रखने वाले हर शख्स की आँखों में अचरज और ख़ुशी का मिला-जुला भाव था। यह केवल एक ऑफिस का उद्घाटन नहीं था बल्कि यह इस बात का जश्न था कि अब हमारा रायपुर भी दुबई, सिंगापुर और देश के बड़े महानगरों जैसी लाइफस्टाइल के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है।'क्या यह वाकई रायपुर है? - पहली ही नज़र में मोह लिया सबका मनलॉचिंग इवेंट की सबसे खूबसूरत बात इंटरनेशनल स्टैंडर्ड को देख विजिटर्स का रिएक्शन था। लॉन्च इवेंट में इटैलियन मार्बल की बेदाग चमक, प्रीमियम वुडन वर्क की गर्माहट और अंदरूनी डिज़ाइन की विशालता देखकर वहाँ मौजूद हर शख्स को एक पल के लिए यही लगा कि वे किसी इंटरनेशनल 7-स्टार होटल की लॉबी में खड़े हैं जहां उन्हें एग्जॉटिक फूड का लुत्फ उठाने का भी मौका मिला। कल लोगों ने सि$र्फ एक मॉडल या ब्रोशर नहीं देखा, बल्कि उस 'साइलेंट लग्ज़री को अपने सामने महसूस किया जो शोर-शराबे से दूर अपने सुकून से दिल जीत लेती है। &amp;nbsp;&amp;nbsp;इंटरनेशनल आर्किटेक्चर और भारतीय संस्कृति का संगमपूरे इवेंट के दौरान जिस चीज़ ने लोगों को सबसे ज़्यादा इम्प्रेस किया, वह था इस प्रोजेक्ट का ग्लोबल डिज़ाइन। सेंट्रल इंडिया और छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार, एशिया के दिग्गज आर्किटेक्ट सिंगापुर के एंडी फिशर का जादू ज़मीन पर उतरा है।लोगों ने अपनी आँखों से देखा कि कैसे इंटरनेशनल आर्किटेक्चर को हमारी 'शांत संस्कृति के साथ पिरोया गया है। बाहर से लेकर अंदर तक, हर चौखट और हर दीवार किसी 'लिविंग आर्टवर्क की तरह बात करती सी महसूस हुई।इस लांच इवेंट के पहले ही दिन ऐसा रिस्पांस देख रहेजा ग्रुप के डायरेक्टर संजय रहेजा का कहना है- &amp;nbsp;'रहेजा अवाना 'एक्सपीरियंस सेंटर के लांच के पहले ही दिन रायपुरियंस ने जो प्यार दिया है वो सच में हमारे लिए अनमोल है। हमारा बस एक ही सपना था कि जो इंटरनेशनल 'साइलेंट लग्ज़री लोग दुबई या भारतीय महानगरों में तलाशते हैं, वो हम रायपुर में ही दें। विजि़टर्स की आँखों में वो ख़ुशी देखकर ये महसूस हो रहा है कि हमारी मेहनत कामयाब हो गई और हमारा रायपुर अब इस ग्लोबल चेंज के लिए पूरी तरह तैयार है। रहेजा ग्रुप पर आपके इस अटूट भरोसे के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद! जो लोग कल नहीं आ पाए, उन्हें मैं अपने ही शहर में आकार ले रही इस नई दुनिया को करीब से महसूस करने के लिए दिल से इनवाइट करता हूँ। 'सुविधाएं जिन्होंने विजिटर्स को दीवाना बना दियाएक्सपीरियंस सेंटर में जब लोगों को 'रहेजा अवाना की लाइफस्टाइल का 'पीक दिया गया, तो उनकी प्रतिक्रियाएं देखने लायक थीं। प्राइवेट कोर्टयार्ड को देख खिले चेहरे: &amp;nbsp;'घर के अंदर अपना खुद का खुला आँगन? जब विजिटर्स ने छत्तीसगढ़ में पहली बार पेश किए जा रहे इस कॉन्सेप्ट को देखा, तो वे इसकी प्राइवेसी और खुली धूप के विचार से ही रोमांचित हो उठे।असली रॉयल फीलिंग: घरों के अंदर डिज़ाइन किए गए 'डबल-हाइट लग्ज़री स्पेसेस ने लोगों को एक असली 'रॉयल फीलिंग दी।हर दिन वेकेशन सा: जब शानदार डेक लाउंज और 'टेंपरेचर कंट्रोल्ड स्विमिंग पूल का नज़ारा सामने आया, तो कई लोगों ने मुस्कुराते हुए कहा कि &amp;nbsp;'अब छुट्टियां मनाने बाहर जाने की क्या ज़रूरत है! 'द ग्रैंड क्लब हाउस: एक ऐसा अल्टीमेट सोशल हब जहाँ प्रीमियम लाउंज और प्राइवेट डाइनिंग स्पेस जैसी सुविधाएं कम्युनिटी लिविंग का मतलब ही बदल देंगी।सुकून का ठिकाना और शहर के एकदम करीबइस बात पर भी खूब चर्चा हुई कि 'रहेजा अवाना की लोकेशन कितनी समझदारी से चुनी गई है। एक तरफ कचना लेक (झील) की शांत और ठंडी हवाएं, और दूसरी तरफ रिंग रोड नंबर 3 के ज़रिए शहर के हर बड़े लैंडमार्क (अंबुजा मॉल, डेकाथलॉन, इट्सा हॉस्पिटल) से सिर्फ 10 मिनट की दूरी। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट तक भी मात्र 20 मिनट में पहुँचा जा सकता है। यह सच में पीस और कनेक्टिविटी का मास्टरस्ट्रोक है।</description ></item><item><title>ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद किया:लेबनान पर इजराइली हमलों में 16 लोगों की मौत के बाद फैसला</title><link>https://cnin.co.in/ईरान-ने-होर्मुज-स्ट्रेट-फिर-बंद-किया:लेबनान/80605</link><description>&amp;nbsp;तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन --ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है। ईरान की जॉइंट मिलिट्री कमांड ने सरकारी टीवी पर ऐलान करते हुए कहा कि इसकी वजह लेबनान में हो रहे इजराइली हमले हैं। बता दें लेबनान पर इजराइली हमलों में 16 लोगों की मौत के बाद यह फैसला लिया गया है,नेतन्याहू बोले- अटैक जारी रहेगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title> ड्रोन दीदी अभियान से कृषि क्षेत्र में तकनीक और मातृशक्ति का होगा सशक्त संगम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय</title><link>https://cnin.co.in/-ड्रोन-दीदी-अभियान-से-कृषि-क्षेत्र-में-तकनीक/80604</link><description>&amp;nbsp;0--ड्रोन पायलट प्रशिक्षण हेतु महिला कृषकों का दल जशपुर से रायपुर रवाना0--मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिखाई हरी झंडी, दी शुभकामनाएं&amp;nbsp;रायपुर-कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा महिला किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 'ड्रोन दीदी अभियानÓ अंतर्गत महिला कृषकों का 5 सदस्यीय दल ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए रायपुर रवाना हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।&amp;nbsp;इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है और ड्रोन तकनीक खेती-किसानी को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि 'ड्रोन दीदी अभियानÓ केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृशक्ति आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अपने गांवों और क्षेत्रों के अन्य किसानों को भी नई तकनीकों से जोडऩे में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।&amp;nbsp;* खेती को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ&amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसलों पर उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कम समय में अधिक सटीकता और प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे समय, श्रम और लागत की बचत होने के साथ-साथ कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में भी वृद्धि होती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोडऩे और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रोन जैसी नवीन तकनीकों के उपयोग से खेती अधिक सुविधाजनक, टिकाऊ और लाभकारी बन रही है।&amp;nbsp;* महिलाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार का अवसर&amp;nbsp;ड्रोन दीदी अभियान के अंतर्गत महिला किसानों को ड्रोन संचालन, रखरखाव, सुरक्षा मानकों तथा कृषि कार्यों में ड्रोन के उपयोग संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएं ड्रोन पायलट के रूप में कार्य करने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी तकनीक आधारित कृषि पद्धतियों के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगी।इस पहल से महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का विस्तार होगा। प्रशिक्षित महिलाएं कृषि कार्यों में ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना ग्रामीण विकास और विकसित कृषि व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। ड्रोन दीदी अभियान महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है।उल्लेखनीय है कि 'ड्रोन दीदी अभियानÓ का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें कृषि क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। यह पहल 'तकनीक से सशक्त महिला, समृद्ध किसान और विकसित कृषि के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले को दी 9.65 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-साय-ने-जशपुर-जिले-को-दी-9.65-करोड़/80603</link><description>00 9 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण: सड़क, विद्युत और ग्रामीण अधोसंरचना को मिलेगी नई मजबूती00 कुडूकेला विद्युत उपकेंद्र के शुभारंभ से अनेक गांवों को मिलेगी बेहतर बिजली सुविधारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के 9 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों की कुल लागत 9 करोड़ 65 करोड़ रुपये है, जिसमें 4 कार्यों का भूमिपूजन तथा 5 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे लोगों के जीवन में सुविधाएं, अवसर और समृद्धि लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, विद्युत, स्वच्छता और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है। विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।6.74 करोड़ रुपये के 4 विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजनमुख्यमंत्री श्री साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कुल 6 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत वाले 4 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 31.68 लाख रुपये की लागत से फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 10 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत पगुराबहार के बेहराटोली में भजनो घर के पास पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 220.82 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत चराईडांड़ के मलेरिया बस्ती से राष्ट्रीय राजमार्ग-43 तक 2 किलोमीटर पहुंच मार्ग निर्माण तथा 412.48 लाख रुपये की लागत से घासीमुंडा से कोरवाटोली (ग्राम पंचायत कोहपानी) तक 3.10 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों की आवागमन सुविधा बेहतर होगी तथा सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।2.90 करोड़ रुपये के 5 विकास कार्यों का हुआ लोकार्पणमुख्यमंत्री ने कुल 2 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 5 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 40 लाख रुपये की लागत से निर्मित चार कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें ग्राम पंचायत जोकबहला के हरिजन बस्ती पहुंच मार्ग पर आरसीसी पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत जोकारी में मधेश्वर महादेव पहाड़ मार्ग पर आरसीसी पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत डोडापानी के डुमरटोली बस्ती में सीसी रोड निर्माण तथा ग्राम पंचायत हेठघींचा में उपरघींचा से घुड़ाजोर मार्ग पर पुलिया निर्माण कार्य शामिल हैं।कुडूकेला विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र को मिलेगी बेहतर बिजली सुविधालोकार्पण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा 2.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 33/11 केवी, 3.15 एमवीए विद्युत उपकेंद्र कुडूकेला का भी लोकार्पण किया।इस विद्युत उपकेंद्र के प्रारंभ होने से जामटोली, गड़बहार, टुकूपानी, बरटोली, पंडरा, सुखापोखर, जामचुवां, कुडूकेला, सरडीह, गिनाबहार, टोप्पो बागान, रेंगारघाट, सियावर चौक, चटकपुर, बेने, बासनटोली, कुहूमुड़ा, भेलवाटोली तथा नवापारा सहित अनेक गांवों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। इससे क्षेत्र के कृषि कार्यों, घरेलू उपभोक्ताओं तथा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे विकास कार्य क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</description ></item><item><title>गंगामुंडा तालाब में स्वच्छता अभियान के साथ किया गया पौधरोपण</title><link>https://cnin.co.in/गंगामुंडा-तालाब-में-स्वच्छता-अभियान-के-साथ/80602</link><description>जगदलपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 साल बेमिसाल कार्यक्रम के तहत नगर निगम क्षेत्र के गंगामुंडा तालाब में स्वच्छता अभियान एवं एक पेड़ मां के नाम पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप एवं विधायक किरण देव ने गंगामुंडा तालाब पहुंचकर स्वयं सफाई अभियान में सहभागिता निभाई और स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से अपने आस-पास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।&amp;nbsp;इस अवसर पर गंगामुंडा तालाब परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण भी किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महापौर संजय पांडे, नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, जनप्रतिनिधि वेदप्रकाश पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>3 पुनर्वासित युवाओं को मिली ई-रिक्शा, अधिकारियों ने किया सफर</title><link>https://cnin.co.in/3-पुनर्वासित-युवाओं-को-मिली-ई-रिक्शा,/80601</link><description>सुकमा। नक्सल पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। डीआईजी सीआरपीएफ आनंद सिंह राजपुरोहित, कलेक्टर अमित कुमार एवं एसपी किरण चव्हाण ने नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचकर 36 पुनर्वासित युवाओं को वैलकम किट वितरित की। इस अवसर पर अधिकारियों ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करने के लिए शासन की प्रतिबद्धता को दोहराया।&amp;nbsp;कार्यक्रम के दौरान आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन पुनर्वासित (आत्मसमर्पित नक्सली) युवाओं में पोडियाम राजू, मनीष लखमा और कलमू कोसा को जिला प्रशासन के द्वारा ई-रिक्शा प्रदान किए गए। इस सकारात्मक पहल से ये युवा स्वरोजगार के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर सकेंगे और अपने परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान देंगे। प्रशासन का मानना है कि रोजगार और आत्मनिर्भरता ही स्थायी पुनर्वास की सबसे मजबूत आधारशिला है। इस दौरान अधिकारियों ने ई रिक्शा में जिला अस्पताल तक का स$फर भी किया।छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित युवाओं के लिए व्यापक पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है तथा कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक पुनर्स्थापन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सुकमा प्रशासन के इन प्रयासों से न केवल युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है, बल्कि क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास का वातावरण भी मजबूत हो रहा है।</description ></item><item><title>प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से बस्तर के 62 हजार किसानों के खातों में पहुंचे 12 करोड़ 44 लाख</title><link>https://cnin.co.in/प्रधानमंत्री-किसान-सम्मान-निधि-से-बस्तर-के-62/80600</link><description>जगदलपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत शनिवार को योजना की 23वीं किस्त का राष्ट्रव्यापी वितरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में स्थित तारकेश्वर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम का सीधा जुड़ाव छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से भी रहा, जहां डिजिटल माध्यम से एक सिंगल क्लिक पर अंचल के कुल 62,193 किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 12 करोड़ 44 लाख रुपये की सम्मान राशि सीधे हस्तांतरित की गई। कृषि कार्य के इस महत्वपूर्ण समय पर राशि मिलने से किसानों को खाद, बीज और अन्य जरूरी कृषि आदानों की व्यवस्था करने में बड़ी राहत मिलेगी।पश्चिम बंगाल में आयोजित इस मुख्य समारोह का सीधा प्रसारण बस्तर के कुम्हरावंड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में किया गया, जहां बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के प्रेरक संबोधन को लाइव देखा और सुना। इस खास अवसर पर खेती-किसानी के साथ-साथ सहायक कृषि गतिविधियों और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए भी एक महत्वपूर्ण पहल की गई। कार्यक्रम के दौरान मत्स्य पालन विभाग द्वारा स्थानीय मछुआरों और मत्स्य पालकों को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जाल और आइस बॉक्स का नि:शुल्क वितरण किया गया, ताकि वे बाजार में अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें।कुम्हरावंड में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कृषि विभाग के उप संचालक राजीव श्रीवास्तव, मत्स्य पालन विभाग के उप संचालक मोहन राणा सहित कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकगण उपस्थित थे। इनके साथ ही कृषि एवं मत्स्य पालन विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी और भारी संख्या में अंचल के प्रगतिशील किसान भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। खरीफ सीजन के ऐन वक्त पर मिले इस आर्थिक संबल से बस्तर के किसान अब अपनी आगामी खेती की तैयारियों को और अधिक मजबूती, आधुनिकता तथा दोगुने उत्साह के साथ पूरा कर सकेंगे।</description ></item><item><title>पुलिस व समाज की संयुक्त बैठक में आपसी सहमति से सुलझा 15 साल पुराना जमीन विवाद</title><link>https://cnin.co.in/पुलिस-व-समाज-की-संयुक्त-बैठक-में-आपसी-सहमति/80599</link><description>कांकेर। जिले के बांदे थाना क्षेत्र अंर्तगत पी.व्ही.-79 गांव में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच पिछले लगभग 15 वर्षों से विवाद चल रहा था। विवाद के कारण दोनों पक्षों के बीच लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए बांदे पुलिस और समाज प्रमुखों ने आज शनिवार को संयुक्त रूप से गांव में बैठक आयोजित कर बैठक में दोनों पक्षों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना गया। आपसी संवाद एवं समझाइश के माध्यम से समाधान का रास्ता निकाला गया।&amp;nbsp;पुलिस अधिकारियों और समाज प्रमुखों ने दोनों पक्षों को भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेने और शांति बनाए रखने की अपील भी की गई। पुलिस और समाज प्रमुखों की इस पहल से न केवल वर्षों पुराना जमीन विवाद समाप्त हुआ, बल्कि गांव में आपसी विश्वास और सामाजिक समरसता भी मजबूत हुई है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज में शांति और सौहार्द कायम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है।बंग समाज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज मंडल का कहना है कि पिछले 15 साल से चला आ रहा विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। इसमें पुलिस प्रशासन का भी सबसे बड़ा सहयोग हमें देखने को मिला है। कांकेर एएसपी राकेश कुर्रने बताया कि हमारी कोशिश है कि गांव में आपसी भाईचारा बना रहे,किसी तरह का विवाद ना हो। इसके लिए हमने दोनों पक्षों में समझौता करवाया है,ताकि शांति बनी रहे।</description ></item><item><title>केले की उन्नत खेती से पांच गुना बढ़ी आय</title><link>https://cnin.co.in/केले-की-उन्नत-खेती-से-पांच-गुना-बढ़ी-आय/80598</link><description>बिलासपुर। सलखा ग्राम निवासी आदिवासी किसान अमृत सिंह पहले अपनी 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि में मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। एक ही फसल पर निर्भरता के कारण उनकी वार्षिक आय लगभग 1 लाख रुपये तक सीमित थी। बढ़ती लागत और सीमित आमदनी के कारण आर्थिक प्रगति की संभावनाएँ भी कम थीं। इसी दौरान राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम से उन्हें जोड़ा गया।&amp;nbsp;विभाग द्वारा उन्हें केले की उन्नत खेती के लिए गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री उपलब्ध कराई गई। साथ ही मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई एवं अंतरवर्ती फसलों के समावेश संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। योजना के अंतर्गत अनुदान सहायता मिलने से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना उनके लिए आसान हो गया। उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू करने के बाद श्री अमृत सिंह की कृषि व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आया। केले की व्यावसायिक खेती और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि हुई तथा अतिरिक्त आय के नए स्रोत विकसित हुए। परिणामस्वरूप उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 5 लाख रुपये हो गई, जो पहले की तुलना में पांच गुना अधिक है।&amp;nbsp;अमृत सिंह का कहना है कि उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और अनुदान सहायता से उन्हें नई दिशा मिली है। अब वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सफलता की यह कहानी दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि पद्धतियों के समुचित उपयोग से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।</description ></item><item><title>जैविक खेती, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/जैविक-खेती,-आधुनिक-तकनीक-और-बेहतर-बाजार/80597</link><description>00 कुनकुरी में जैविक किसान मेला एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला में शामिल हुए साय00 औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन हेतु हुआ महत्वपूर्ण अनुबंध, किसानों को मिलेगा बेहतर बाजाररायपुर। किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है। आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर फसल चयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा सुदृढ़ बाजार व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को समृद्ध बनाए बिना विकास का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित जैविक किसान मेला एवं खेत बचाओ अभियान अंतर्गत प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता तथा मानव स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व में गोबर खाद, ढैंचा एवं अन्य हरी खादों के उपयोग से खेती अधिक टिकाऊ और भूमि अधिक उपजाऊ रहती थी। आज आवश्यकता है कि परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय कर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों के आयात पर निर्भरता को देखते हुए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे विकल्प किसानों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इनके उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी संरक्षित रहती है।किसानों को मिला आधुनिक तकनीकों से जुडऩे का अवसरकार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कृषि प्रदर्शनों का अवलोकन कर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की तथा किसानों से संवाद भी किया। कार्यक्रम में ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव का लाइव प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और उनके उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही कृषि नवाचारों, जैविक खेती, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित जीवंत प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।उत्कृष्ट किसानों का हुआ सम्मानकार्यक्रम में आयोजित किसान प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। ग्राम खोंगा (मनोरा) के किसान महेश सिंह को जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। ग्राम लाखाझार के किसान श्री सुखराम को 33 किलोग्राम वजन के कटहल उत्पादन तथा ठेठेटांगर के किसान विजय भूषण को ढाई किलोग्राम वजन के आम उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत कृषक गुप्तेश्वर को भूमि पट्टा भी प्रदान किया।औषधीय एवं सुगंधित फसलों को मिलेगा बेहतर बाजारकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जिला प्रशासन जशपुर एवं सेमिना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन के लिए महत्वपूर्ण अनुबंध किया गया। इस पहल से जिले के किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा मूल्य संवर्धन और विपणन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।किसानों की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकतामुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस प्रदान किया गया तथा शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना से बदलेगी खेती की तस्वीरमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चयनित देश की 100 प्रमुख परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ की एकमात्र बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना शामिल है। लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से 14 गांवों के लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली इस योजना से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए देश के चयनित 100 जिलों में छत्तीसगढ़ के केवल तीन जिले—दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर—शामिल किए गए हैं, जिससे जिले के कृषि विकास को नई गति मिलेगी।सुशासन और डिजिटल सेवाओं से ग्रामीणों को मिल रही सुविधामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। अधिकांश शासकीय कार्य अब ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से 400 से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लोग घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि अब नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं। 24म7 संचालित इस व्यवस्था से 42 विभागों के 8 हजार से अधिक अधिकारी जुड़े हैं और प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध निराकरण की निगरानी की जा रही है।कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यशप्रतापसिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री साय ने सलियाटोली में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का किया निरीक्षण</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-साय-ने-सलियाटोली-में/80596</link><description>00 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र : मुख्यमंत्री00 24 घंटे अध्ययन सुविधा, डिजिटल लाइब्रेरी, 50 हजार पुस्तकों और स्मार्ट सुविधाओं से सुसज्जित होगा नालंदा परिसररायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के सलियाटोली ग्राम में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। लगभग 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित हो रहे इस 250 सीटर अत्याधुनिक परिसर के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। नालंदा परिसर युवाओं को अध्ययन, मार्गदर्शन और आत्मविकास के लिए एक आधुनिक एवं प्रेरणादायी वातावरण प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह परिसर जशपुर जिले के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि नालंदा परिसर के निर्माण का प्लिंथ लेवल कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयावधि में परियोजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए।निर्माणाधीन नालंदा परिसर को आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। परिसर में विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां इंडोर एवं आउटडोर स्टडी जोन, ऑक्सी रीडिंग जोन, डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई जोन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित 50 हजार से अधिक पुस्तकों की व्यवस्था की जाएगी। परिसर को पर्यावरण अनुकूल स्वरूप प्रदान करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली विकसित की जाएगी तथा 50 से अधिक देशी प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। युवाओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए परिसर में यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान व्यवस्था तथा आधुनिक पुस्तक प्रबंधन प्रणाली जैसी स्मार्ट सुविधाएं इसे एक आधुनिक और तकनीक-सक्षम अध्ययन केंद्र का स्वरूप प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नवाचारपूर्ण शैक्षणिक केंद्र युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।</description ></item><item><title>उप मुख्यमंत्री शर्मा की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग</title><link>https://cnin.co.in/उप-मुख्यमंत्री-शर्मा-की-संवेदनशील-पहल-से/80595</link><description>00 त्वरित पहल से आवागमन और व्यवसाय दोनों को मिली नई दिशाकवर्धा। संवेदनशील जनसेवा और त्वरित समाधान की मिसाल पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने दिव्यांग हितग्राही की मांग को केवल सुना ही नहीं, बल्कि एक दिन के भीतर पूरा भी कराया। ग्राम लाडऩपुर निवासी दिव्यांग श्री जीवराखन पटेल ने आवागमन और रोजगार में हो रही कठिनाइयों को लेकर स्कूटी की मांग रखी थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन उन्हें स्कूटी उपलब्ध कराई गई। आज कवर्धा विधायक कार्यालय में उप मुख्यमंत्री ने जीवराखन पटेल को स्कूटी प्रदान की।नेऊरगांव खुर्द में हुई मुलाकात, अगले दिन समाधानकबीरधाम जिले के ग्राम नेऊरगांव खुर्द में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम लाडऩपुर निवासी दिव्यांग जीवराखन पटेल ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर आवागमन में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया था। उन्होंने अपनी दैनिक गतिविधियों और रोजगार से जुड़े कार्यों में सुविधा के लिए सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश। उनकी संवेदनशील पहल का परिणाम रहा कि सिर्फ एक दिन के भीतर जीवराखन पटेल को विधायक कार्यालय, कवर्धा में स्कूटी प्रदान कर दी गई।आवागमन के साथ व्यवसाय बढ़ाने में मिलेगी मददस्कूटी प्राप्त करने के बाद जीवराखन पटेल की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने घर के लिए एक छोटी फोटो फ्रेमिंग की दुकान संचालित करते हैं। अब स्कूटी मिलने से न केवल उनके व्यक्तिगत आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे वे अधिक आत्मनिर्भर होकर अपने कार्यों का विस्तार कर सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्कूटी का उपयोग करते समय यातायात नियमों का पालन, अपनी तथा अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने और हेलमेट का नियमित उपयोग करने की सलाह भी दी।कार्यक्रम में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा हमेशा क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान और जरूरतमंदों की सहायता के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं। जनदर्शन के माध्यम से लोगों को त्वरित राहत और सहायता मिल रही है। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>बच्चों के मन की दूरी को खत्म करने खोला गया हाईटेक प्ले स्कूल: मूणत</title><link>https://cnin.co.in/बच्चों-के-मन-की-दूरी-को-खत्म-करने-खोला-गया/80594</link><description>00 महाराष्ट्र मंडल के संचालन में आधुनिक आंगनबाड़ी का शुभारंभ, 25 बच्चों ने लिया प्रवेश, ज्यादातर बीपीएल परिवारों केरायपुर। सरकारी स्कूल में पढऩे वाले बच्चा जब स्कूल जाता है, तो उसे पढ़ाते समय जिस ए फार एप्पल की तस्वीर दिखाई जाती है, वह ब्लैक एंड वाइट होती है। वहीं प्राइवेट स्कूल में पढऩे वाला बच्चा ए फार एप्पल को उसके वास्तविक रंग से पहचानना सीखता है। बच्चों के मन में बनने वाली इस दूरी को खत्म करने के लिए टाटीबंध स्थित हाइटेक प्ले स्कूल का शुभारंभ किया गया है। यह पूरी तरह से समाजसेवा है, इसलिए इसके संचालन का दायित्व महाराष्ट्र मंडल को सौंपा गया। उक्ताशय के विचार रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मूणत ने टाटीबंध में हाईटेक आंगनबाड़ी (प्ले स्कूल) के शुभारंभ व प्रवेशोत्सव के दौरान कहीं।विधायक मूणत ने कहा कि कोई बच्चा अगर गरीब के घर या झुग्गी झोपड़ी में पैदा हुआ है, तो उसमें उसका कोई दोष नहीं है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उसे भी उस स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराएं, जो एक बड़े या संपन्न घर में पैदा होने वाले बच्चे को मिलती है, ताकि बड़े होने के साथ उसके मन में गरीब- अमीर जैसी भावना पैदा ही न हो। हाइटेक आंगनबाडी में गरीब परिवार के बच्चों को प्रवेश में पूरी प्राथमिकता दी जाएगी। यहां आकर पढऩे और खेलकूद करने वाले 50 फीसदी से अधिक बच्चे बीपीएल परिवार के होंगे। उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से कहा कि अगर आप में से कोई यहां नि:स्वार्थ सेवा देना चाहता है, तो महाराष्ट्र मंडल से संपर्क करें। उनका साक्षात्कार लिया जाएगा। फिर वह यहां अपनी नि:शुल्क सेवा दे सकता है।अध्यक्षीय संबोधन में अजय मधुकर काले ने विधायक मूणत को धन्यवाद देते हुए कहा कि हाइटेक आंगनबाड़ी संचालन के लिए उन्होंने जो विश्वास महाराष्ट्र मंडल पर जताया है, हम उस पर खरा उतरकर दिखाएंगे। इससे पहले भी महाराष्ट्र मंडल ने लगभग 45 से 50 साल पहले जो प्रकल्प शुरू किए थे, वे आज भी पूरे समर्पण भाव से सक्रिय हैं। इसी तरह हम विधायक मूणत को भरोसा दिलाते हैं कि उनकी ओर से सौंपे गए हाइटेक आंगनवाड़ी केंद्र को भी हम गरीब परिवार की जरूरतों के हिसाब से ही संचालित करेंगे।शहीद भगत सिंग वार्ड-21 की पार्षद गायत्री सुनील चंद्राकर ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि प्रदेश का पहला हाइटेक आंगनबाड़ी महाराष्ट्र मंडल की ओर से जिम्मेदारी लेने का बाद शुरू हो रहा है। हम वार्डवासी इस आंगनबाड़ी को सुचारू से चलाने में अपना हरसंभव सहयोग प्रदान करेंगे। कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष गीता दलाल ने किया। हाइटेक आंगनबाड़ी केंद्र की प्रभारी डॉ. शुचिता देशमुख ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महाराष्ट्र मंडल के सभासद, अभिभावक गण और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान से अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा सुशासन : देव</title><link>https://cnin.co.in/सुघ्घर-छत्तीसगढ़-अभियान-से-अंतिम-व्यक्ति-तक/80593</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जल्द ही शुरू किए जाने वाले सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान का स्वागत करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने इसे राज्य के विकास और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। देव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार का लक्ष्य केवल जनकल्याणकारी योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक उसका लाभ शत-प्रतिशत पहुँचे। अक्सर कई पात्र लोग किसी-न-किसी कारणवश सरकारी योजनाओं के दायरे से बाहर रह जाते हैं। ऐसे वंचित लोगों की तलाश के लिए सरकार खुद उनके द्वार तक पहुँचेगी और प्रशासनिक तंत्र को गाँव और वार्ड स्तर तक पूरी तरह सक्रिय करेगी।देव ने कहा कि बस्तर और अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के अनुभवों के आधार पर ही सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की अवधारणा तैयार की गई है। अब इस सफल मॉडल को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के हजारों गाँवों और लाखों परिवारों तक सीधे पहुँच बनाकर पात्र लोगों को लाभान्वित किया जा सके। देव ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह अभियान पारंपरिक प्रशासनिक तौर-तरीकों के बजाय पूरी तरह तकनीक आधारित कार्यक्रम होगा। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों के डाटा का समन्वय कर सेवा वितरण की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और योजनाओं की प्रगति का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। देव ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य केवल आधारभूत ढाँचे के निर्माण से हासिल नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए हर नागरिक का सशक्तीकरण जरूरी है। सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान राज्य के समग्र और समावेशी विकास में मील का पत्थर साबित होगा।</description ></item><item><title>सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में कला मंच पर उतरे पॉवर कंपनी के सितारे</title><link>https://cnin.co.in/सांस्कृतिक-संध्या-कार्यक्रम-में-कला-मंच-पर/80592</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वाधान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में अधिकारियों कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों कर्मचारियों की रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा आपसी समन्वय और सौहार्द को बढ़ावा देना था।इस अवसर पर प्रबंध निदेशक उत्पादन एस के कटियार,प्रबंध निदेशक ट्रांसमिशन आरके शुक्ला ,प्रबंध निदेशक डिस्ट्रीब्यूशन भीम सिंह कंवर उपस्थित थे। प्रबंध निदेशकों ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन कर्मचारियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा कार्यस्थल पर बेहतर सामंजस्य स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सांस्कृतिक संध्या में कंपनी के विभिन्न कार्यालयों एवं इकाइयों से कुल 25 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान 16 प्रतिभागियों ने गायन प्रतियोगिता में अपनी प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं का मन मोह लिया, वहीं 9 प्रतिभागियों ने नृत्य प्रस्तुत कर अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।कार्यपालक निदेशक वित्त श्री एम एस चौहान ने रूप तेरा मस्ताना गीत पर सैक्सोफोन वाद्य यंत्र के माध्यम से एक मधुर प्रस्तुति देखकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इस समावेशी कार्यक्रम में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी से लेकर कार्यपालक निदेशक पद के कलाकारों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।इस अवसर पर प्रतिभागियों ने हिंदी फिल्मी गीतों तथा पारंपरिक एवं आधुनिक नृत्य शैलियों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यक्रम का आनंद लिया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक केएस मनोठिया संजय पटेल, मुख्य अभियंता प्रसन्ना गोसावी एवं मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्रीनिवास राव विशेष रूप से उपस्थित थे।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री साय ने किया जश लर्न का जिला स्तरीय शुभारंभ</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-साय-ने-किया-जश-लर्न-का-जिला/80591</link><description>00 अब फोन आधारित शिक्षण से पूरे जिले के बच्चों को मिलेगा गणित सीखने का अवसर00 फरसाबहार में मिली सफलता के बाद जिले के सभी विकासखंडों में होगा विस्तारजशपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में निज निवास बगिया से जशपुर जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ किया। फरसाबहार विकासखंड में सफल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित इस कार्यक्रम को अब जिले के सभी विकासखंडों तक विस्तारित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की आधारभूत गणितीय दक्षताओं को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों की सहभागिता से सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती है। आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक, पालक और विद्यार्थी एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब शिक्षा के परिणाम अधिक सकारात्मक और स्थायी होते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘जश लर्न’ कार्यक्रम बच्चों की गणितीय समझ विकसित करने, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने तथा सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया संवाद, पूछा— क्या-क्या सीखे हो?कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से लाभान्वित विद्यार्थियों वंदना यादव, नव्यता यादव, आयुषी तिर्की एवं कुसुम डडसेना से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पूछा कि इस कार्यक्रम से उन्हें क्या सीखने को मिला और पढ़ाई में किस प्रकार लाभ हुआ।ग्राम झारमुंडा की कक्षा पांचवीं की छात्रा नव्यता यादव ने बताया कि अब उसे 20 तक पहाड़े याद हो गए हैं और जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसे गणितीय प्रश्न आसानी से हल कर लेती है। धनपुर की छात्रा वंदना यादव ने बताया कि नियमित फोन आधारित मार्गदर्शन और अभ्यास से गणित के प्रति उसका आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले गणित कठिन लगता था, लेकिन अब पढ़ाई में आनंद आने लगा है। बच्चों के अनुभव सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा में तकनीक, शिक्षक और अभिभावकों की संयुक्त सहभागिता से सीखने के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं।डाइट के प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को किया सम्मानितकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से जुड़े डाइट जशपुर के प्रथम वर्ष के उन प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, जिन्होंने मोबाइल आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों की गणितीय दक्षता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा क्षेत्र में नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां भावी शिक्षक समाज के बच्चों के सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।फरसाबहार में मिले उत्साहजनक परिणामजिला प्रशासन जशपुर द्वारा यूथ इम्पैक्ट संस्था के सहयोग से फरसाबहार विकासखंड में ‘जश लर्न’ कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया था। इसके अंतर्गत कक्षा तीसरी एवं चौथी के चयनित विद्यार्थियों को डाइट जशपुर के छात्र-अध्यापकों द्वारा नियमित रूप से मोबाइल फोन के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया गया।बच्चों की गणितीय दक्षताओं का आकलन कर उन्हें जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी मूलभूत अवधारणाओं में चरणबद्ध तरीके से मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे घर पर भी बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रही। डाइट जशपुर की प्रशिक्षु छात्रा सृष्टि ने बताया कि अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से गणित में कमजोर बच्चों को उनके अभिभावकों की उपस्थिति में नियमित फोन कॉल कर मूलभूत गणितीय कौशल सिखाए गए। इससे बच्चों को विद्यालय के अतिरिक्त घर पर भी सीखने का अवसर मिला।260 विद्यार्थियों को मिला लाभ, 75 प्रतिशत बच्चों ने हासिल की दक्षतापायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत डाइट जशपुर के 90 प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों ने फरसाबहार विकासखंड के 260 विद्यार्थियों को मोबाइल आधारित शिक्षण सहायता प्रदान की। कार्यक्रम के परिणाम अत्यंत सकारात्मक रहे और लगभग 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने जोड़, गुणा, भाग एवं अन्य मूलभूत गणितीय संक्रियाओं में दक्षता प्राप्त की। बच्चों की सीखने की गति, गणितीय समझ तथा आत्मविश्वास में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।अब जिले के सभी विकासखंडों में पहुंचेगा ‘जश लर्न’पायलट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम को जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी सीएसी को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। साथ मिलकर सीखें, आगे बढ़ें की भावना पर आधारित यह पहल जशपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और नवाचारपूर्ण मॉडल के रूप में उभर रही है। कार्यक्रम के विस्तार से जिले के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा उनकी आधारभूत शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, डाइट जशपुर के प्रशिक्षु विद्यार्थी, पालकगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</description ></item><item><title>जशपुर वनमण्डल ने रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम</title><link>https://cnin.co.in/जशपुर-वनमण्डल-ने-रचा-इतिहास,-गोल्डन-बुक-ऑफ/80590</link><description>00 एक दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल प्रसार कर बनाया विश्व रिकॉर्ड00 मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को मिला आधिकारिक प्रमाण-पत्रजशपुर। पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में जशपुर वनमण्डल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार एवं रोपण का कार्य संपादित कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख श्रीमती सोनल राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया। वनमण्डल की ओर से यह प्रमाण-पत्र वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार ने प्राप्त किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर वनमण्डल, वन विभाग तथा अभियान से जुड़े सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जशपुर में संचालित “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” अभियान जनभागीदारी और प्रकृति संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब शासन, प्रशासन और समाज किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल जशपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।जशपुर वनमण्डल द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी अभियान “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सीडबॉल प्रसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और हरित आवरण में वृद्धि के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करना है।अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसमें देखने को मिली व्यापक जनसहभागिता रही। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। हजारों लोगों के सहयोग से यह अभियान एक जनआंदोलन के रूप में विकसित हुआ और एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार का नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।इस उपलब्धि ने जशपुर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। साथ ही यह सिद्ध किया है कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</description ></item><item><title>महाराष्ट्र के परभणी में हनुमान मंदिर की छत गिरी:7 की मौत, 25 घायल</title><link>https://cnin.co.in/महाराष्ट्र-के-परभणी-में-हनुमान-मंदिर-की-छत/80589</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;परभणी-महाराष्ट्र के परभणी जिले में यशवाड़ी देवस्थान में हनुमान मंदिर के हॉल की निर्माणाधीन छत शनिवार दोपहर गिर गई। मलबे में में दबने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचा दिया गया है।शनिवार को प्रसाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>वैज्ञानिक खेती की ओर बढ़ते कदम, नैनो उर्वरकों से सुधरी फसल की गुणवत्ता</title><link>https://cnin.co.in/वैज्ञानिक-खेती-की-ओर-बढ़ते-कदम,-नैनो-उर्वरकों/80588</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं। किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे आधुनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। संतुलित पोषण, कम लागत और बेहतर कृषि उत्पादकता की दिशा में यह पहल किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।कोरबा जिले के ग्राम खैरभवना निवासी कृषक श्री रमेश सिंह कंवर इसकी सफलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े श्री कंवर अपनी लगभग डेढ़ एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करते हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे आज सहकारी समिति कनबेरी पहुंचे, जहां उन्होंने अन्य कृषि आदान सामग्री के साथ नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया भी प्राप्त किया।कंवर बताते हैं कि वे पिछले दो वर्षों से नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं। प्रारंभ में उन्होंने परीक्षण के तौर पर इसका प्रयोग किया था, लेकिन सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब वे प्रत्येक वर्ष नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है, हरियाली बढ़ी है तथा उत्पादन में भी सुधार देखने को मिला है। इसके साथ ही पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में कम मात्रा में अधिक प्रभाव मिलने से उनकी लागत में कमी आई है और आर्थिक लाभ भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से पौधों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त होते हैं, जिससे फसल का समुचित विकास होता है। इससे उर्वरकों की बर्बादी कम होती है, मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है तथा पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।कंवर ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि केवल पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों को अपनाएं। इससे फसलों को बेहतर पोषण मिलता है, उत्पादन में वृद्धि होती है तथा खेती की लागत कम होकर किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलती है।</description ></item><item><title>रविवार को को आयोजित होगी NEET (UG)-2026 परीक्षा, तैयारियां पूर्ण</title><link>https://cnin.co.in/रविवार-को-को-आयोजित-होगी-NEET-(UG)-2026-परीक्षा,/80587</link><description>00 परीक्षा के लिए जिले में व्यापक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्थारायपुर। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG)-2026 का आयोजन 21 जून 2026 (रविवार) को देशभर के साथ-साथ रायपुर जिले में भी किया जाएगा। परीक्षा के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए जिला प्रशासन रायपुर एवं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।जिला नोडल अधिकारी (NTA) एवं सिटी कोऑर्डिनेटर रायपुर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जिले में परीक्षा के लिए कुल 25 परीक्षा केन्द्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केन्द्रों में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा।उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र एवं वैध मूल फोटो पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा केन्द्रों में प्रवेश से पूर्व बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान जांच एवं सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अभ्यर्थियों को समय से पूर्व परीक्षा केन्द्र पहुंचने की सलाह दी गई है।परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी केन्द्रों में आवश्यक तकनीकी संसाधन एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नकल अथवा अन्य अनियमित गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।धार्मिक अथवा पारंपरिक परिधान धारण करने वाले अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे जांच प्रक्रिया हेतु निर्धारित समय से पूर्व परीक्षा केन्द्र पहुँचें, जिससे सुरक्षा जांच एवं सत्यापन प्रक्रिया समय पर पूर्ण की जा सके।परीक्षा केन्द्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, पर्स, बैग, नोट्स, पुस्तकें एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों को NTA द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करने की सलाह दी गई है। धातुयुक्त बटन, चेन, आभूषण अथवा अन्य धातु सामग्री वाले वस्त्र पहनकर परीक्षा केन्द्र न आने तथा हल्के एवं साधारण वस्त्र पहनने की सलाह दी गई है।जिला प्रशासन ने अभिभावकों, शिक्षकों एवं समाज के सभी वर्गों से विद्यार्थियों को सकारात्मक, शांत एवं तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की अपील की है। साथ ही अभ्यर्थियों से प्रवेश पत्र पर अंकित दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर उनका पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु एवं व्यवधानमुक्त रूप से सम्पन्न हो सके।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर की शिकायत, 24 घंटे में किसान अजय को मिला खाद</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-हेल्पलाइन-1076-पर-की-शिकायत,-24-घंटे/80586</link><description>00 कृषि विभाग द्वारा जिला स्तर पर एनसीएल जारी कर बनाया गया किसान क्रेडिट कार्डअम्बिकापुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन एवं जनकल्याणकारी दृष्टिकोण के अनुरूप संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। सरगुजा जिले के ग्राम सुखरी निवासी श्री अजय राजवाड़े को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिला, जहां शिकायत दर्ज होने के मात्र 24 घंटे के भीतर उनकी समस्या का समाधान सुनिश्चित किया गया।अजय राजवाड़े ने बीज एवं खाद उपलब्ध नहीं होने संबंधी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई थी। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने तत्परता दिखाते हुए आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की और संबंधित अधिकारियों ने समस्या के मूल कारणों का परीक्षण किया। कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (एसएडीओ) जे. आलम एवं समिति प्रबंधक राम भरोस एवं सहायक प्रबंधक श्रीमती भगवती के विशेष प्रयासों से जिला स्तर से एनसीएल (न्यू क्रेडिट लिमिट) जारी करवाकर किसान का किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तैयार कराया गया। इसके पश्चात तत्काल आवश्यक खाद उपलब्ध कराई गई, जिससे किसान की समस्या का शीघ्र निराकरण हो सका।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में विभागीय अधिकारियों द्वारा समयबद्ध कार्रवाई करते हुए शिकायत का 24 घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित किया गया। इससे किसान को खेती-किसानी के कार्यों के लिए समय पर आवश्यक खाद उपलब्ध हुआ। अजय राजवाड़े ने समस्या के त्वरित समाधान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों एवं किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी व्यवस्था साबित हो रही है, जिसके माध्यम से बिना भटके समस्या का त्वरित समाधान हो रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और सुशासन की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर लोगों तक प्रभावी सेवाएं पहुंच रही है।</description ></item><item><title>नक्सलवाद का अंधेरा छोड़ मुख्यधारा की रोशनी में कमलू राम, पीएम आवास योजना ने बदला जीवन</title><link>https://cnin.co.in/नक्सलवाद-का-अंधेरा-छोड़-मुख्यधारा-की-रोशनी/80585</link><description>00 सालों पुराना सपना हुआ साकाररायपुर। नक्सलवाद का खूनी दौर अब इतिहास बन रहा है। सुरक्षा बलों के सटीक अभियानों और सरकार की पुनर्वास नीतियों के परिणामस्वरूप, कभी खौफ का पर्याय रहे रेड कॉरिडोर के इलाके शांति और खुशहाली के ग्रीन कॉरिडोर में तब्दील हो चुके हैं। दृढ़ इच्छाशक्ति, सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का साथ मिल जाए, तो भटके हुए जीवन को भी एक नई और खूबसूरत दिशा मिल सकती है। इसकी जीती-जागती मिसाल हैं ओरछा विकासखंड की ग्राम पंचायत कोहकामेटा के निवासी श्री कमलू राम नूरेटी। कभी बंदूक के साए में जिंदगी बिताने वाले कमलू राम आज देश की मुख्यधारा में शामिल होकर अपने पक्के घर में सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।13 साल का संघर्ष और मुख्यधारा में लौटने का साहसिक फैसलाकमलू राम के जीवन का शुरुआती दौर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। युवावस्था के भटकाव में वे नक्सली संगठन से जुड़ गए और लगभग 13 वर्षों तक हिंसा के साए में रहे। लेकिन वर्ष 2013 में उन्होंने इस खोखली विचारधारा को छोड़ आत्मसमर्पण करने का एक बड़ा और साहसिक निर्णय लिया। समाज की मुख्यधारा में लौटकर उन्होंने शांति और विकास के रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।किराए के मकान से अपने घर तक का सफरआत्मसमर्पण के बाद कमलू राम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने परिवार को एक सुरक्षित भविष्य देने की थी। सीमित आय के कारण वे लंबे समय तक किराए के मकान में रहे। आर्थिक तंगी ऐसी थी कि खुद का पक्का घर बनाना एक अधूरे सपने जैसा था। वे हमेशा बच्चों के बेहतर भविष्य और सामाजिक सम्मान के लिए एक अदद छत की कमी महसूस करते थे।सरकार की योजनाओं ने बदली तकदीरवर्ष 2024-25 में शासन की एक विशेष पहल ने कमलू राम की जिंदगी का रुख बदल दिया। आत्मसमर्पित नक्सल पीडि़त परिवारों के सर्वेक्षण के दौरान उनका चयन प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए किया गया। शासन द्वारा उन्हें वित्तीय और ढांचागत सहायता प्रदान की गई।पात्रता के अनुसार पक्के मकान के लिए 1 लाख 20 हजार की स्वीकृति और मनरेगा के तहत मजदूरी के रूप में 23 हज़ार 490 का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर में शौचालय का निर्माण तथा सौभाग्य योजना के माध्यम से घर में मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया गया। कमलू राम नूरेटी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने मेरे जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। जिस घर का सपना मैं सालों से देख रहा था, वह आज सरकार की मदद से सच हो गया है। अब मेरे पास न सिर्फ एक सुरक्षित छत है, बल्कि समाज में सिर उठाकर जीने का सम्मान भी है।बदलाव का एक आदर्श मॉडलआज कमलू राम का घर बिजली, पानी और शौचालय जैसी सभी मूलभूत सुविधाओं से लैस एक आदर्श आवास बन चुका है। पक्की छत और मजबूत दीवारों ने उनके परिवार को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा तो दी ही है, साथ ही उनके जीवन में एक नया स्थायित्व भी लाया है। कमलू राम नूरेटी की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। यह कहानी संदेश देती है कि हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में आने वाले हर हाथ को संवारने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास आज कमलू राम के लिए केवल ईंट-पत्थर का मकान नहीं, बल्कि एक नए जीवन, नई उम्मीद और सुरक्षित भविष्य का मजबूत प्रतीक बन चुका है।</description ></item><item><title>नारायणपुर में धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर जनजाति समाज ने किया प्रदर्शन</title><link>https://cnin.co.in/नारायणपुर-में-धर्मांतरण-गतिविधियों-को-लेकर/80584</link><description>नारायणपुर। जिले के ग्राम भरंडा के बाजार पारा में कथित धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर जनजातीय समाज, ग्राम सभा प्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर प्रदर्शन किया और प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 9 जून को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें कुछ लोगों पर जनजातीय समाज की आस्था, देवी-देवताओं और पारंपरिक मान्यताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के आरोप लगाए गए थे। लेकिन शिकायत के बाद भी अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिकायत के कई दिन बाद भी न तो जांच की स्थिति स्पष्ट की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। इसी मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया है।मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, आरोप सत्य पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और जिले में संचालित ऐसी अन्य गतिविधियों की भी जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही अब तक हुई जांच और कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई गई है। जनजातीय समाज का कहना है कि यह मामला उनकी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन को गंभीरता से हस्तक्षेप कर जल्द उचित कदम उठाने चाहिए। फिलहाल इस पूरे मामले पर सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।</description ></item><item><title>City Honda लेकर आया Scooter Carnival – Activa पर शानदार Buyback और Exchange Offer</title><link>https://cnin.co.in/City-Honda-लेकर-आया-Scooter-Carnival-–-Activa-पर-शानदार-Buyback-और-Exchange-Offer/80583</link><description>रायपुर। शहर के प्रतिष्ठित Honda दोपहिया वाहन डीलर City Honda ने ग्राहकों के लिए आकर्षक “Scooter Carnival” अभियान की शुरुआत की है। इस विशेष ऑफर के तहत ग्राहकों को नई Honda Activa खरीदने पर बेहतरीन Buyback एवं Exchange Benefits का लाभ मिलेगा।</description ></item><item><title>पीएटी एवं पीवीपीटी प्रवेश परीक्षा 28 जून को चार परीक्षा केंद्रों में होगी</title><link>https://cnin.co.in/पीएटी-एवं-पीवीपीटी-प्रवेश-परीक्षा-28-जून-को/80582</link><description>जगदलपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल (व्यापमं) द्वारा आयोजित की जाने वाली प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी) और प्री-वेटेरिनरी पॉलिटेक्निक टेस्ट (पीवीपीटी) प्रवेश परीक्षा रविवार 28 जून को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 01. 15 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसके सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है। उक्त परीक्षा हेतु जगदलपुर शहर में कुल चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर कॉलेज धरमपुरा झाड़ा सिरहा शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय धरमपुरा, शासकीय दन्तेश्वरी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय शांति नगर और शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल शामिल हैं। इन सभी परीक्षा केंद्रों पर कुल 933 परीक्षार्थी प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित होंगे।इस परीक्षा में सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से ठीक ढाई घंटे पहले अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना अनिवार्य होगा, जहां मुख्य द्वार पर ही मेटल डिटेक्टर के माध्यम से सभी की सघन जांच की जाएगी। इसके बाद वहां तैनात वीक्षकों द्वारा परीक्षार्थियों के मूल प्रवेश पत्र और उनके साथ लाए गए किसी भी एक वैध पहचान पत्र के सत्यापन की कार्रवाई की जाएगी। नियमों के तहत परीक्षार्थियों को इंटरनेट से निकाला हुआ साफ-सुथरा मूल प्रवेश पत्र लाना जरूरी है और यदि किसी छात्र के प्रवेश पत्र में फोटो स्पष्ट नहीं है, तो उन्हें अपने साथ वर्तमान समय की दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो लाने के निर्देश दिए गए हैं।परीक्षा हेतु जारी गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा हॉल के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष ड्रेस कोड और प्रतिबंध तय किए गए हैं। परीक्षार्थियों को हल्के रंग की हाफ टी-शर्ट और हल्के कपड़े पहनकर आना होगा, साथ ही पैरों में केवल चप्पल पहनने की अनुमति होगी क्योंकि परीक्षा केंद्र के भीतर जूता-मोजा पहनकर जाना पूरी तरह से वर्जित किया गया है। इसके अलावा कान में किसी भी प्रकार के आभूषण, जैसे बाली या झुमका आदि पहनने पर सख्त रोक रहेगी. परीक्षा कक्ष में घड़ी, पर्स, मोबाइल, बेल्ट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संचार के साधन, स्कार्फ, टोपी और चश्मा जैसी सामग्रियां ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए नोडल अधिकारी के रूप में डिप्टी कलेक्टर मनीष कुमार वर्मा (मो. 9406349496) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं डॉ. अनिल श्रीवास्तव को समन्वयक और डॉ. अजय सिंह ठाकुर को सहायक समन्वयक नियुक्त किया गया है।</description ></item><item><title>शराब के नशे में मां की हत्या का आरोपी गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/शराब-के-नशे-में-मां-की-हत्या-का-आरोपी-गिरफ्तार/80581</link><description>दंतेवाड़ा। जिले के भांसी थाना क्षेत्र अंर्तगत धुरली में शराब के नशे में एक युवक ने अपनी ही मां की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि युवक ने अपनी मां से खाना मांगा था, लेकिन खाना देने में देरी हो गई थी। इसी बात से नाराज होकर युवक ने अपनी मां को बेदम पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।पुलिस जानकारी के अनुसार धुरली टिटेमपारा निवासी बुधरी तेलाम (60) की हत्या हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वारदात वाले दिन महिला का बेटा सामु उर्फ श्याम तेलाम (32) आरोपी शराब के नशे में घर पहुंचा और अपनी मां से खाना मांगा। जब उसे खाना नहीं मिला तो वह गुस्से में आ गया। इसी दौरान उसने पास में रखे बांस के डंडे से अपनी मां के सिर पर जोरदार वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से बुधरी तेलाम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में निरीक्षक प्रदीप बिसेन के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, सबूत जुटाए, शव का पोस्टमार्टम कराया और प्रत्यक्षदर्शियों के साथ ही अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए।मामले में थाना भांसी में अपराध क्रमांक 05/2026 के तहत धारा 103 (1) बीएनएस के अंतर्गत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान संदेह के आधार पर आरोपी सामु उर्फ श्याम तेलाम को हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ में उसने अपनी मां की हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस को आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एएसपी आरके बर्मन ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।</description ></item><item><title>भाजपा नेता समेत तीन को जलाकर मारने वाले 4 आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण</title><link>https://cnin.co.in/भाजपा-नेता-समेत-तीन-को-जलाकर-मारने-वाले-4/80580</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;बैकुंठपुर। 16 जून की &amp;nbsp;रात को भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता सहित तीन लोगों को कार के भीतर पेट्रोल डालकर जिंदा फूंक देने वाले जघन्य नरसंहार मामले में पुलिस को बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है।कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक स्थित नौगई गांव में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले में चार आरोपितों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी ने आत्मसमर्पण किया है।वहीं, घटना के बाद कोरिया पुलिस पहले ही चार अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं एक आरोपित अब भी फरार बताया जा रहा है. पुलिस का दावा है कि, जल्द से जल्द फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि, नौगई हत्याकांड मामले में कुल 9 आरोपियों को चिन्हित किया गया था. जिसमें से चार आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। शनिवार को मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं एक आरोपित फरार है, जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा।</description ></item><item><title>अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : चार जिलों में मुख्य अतिथियों के नामांकन में आंशिक संशोधन</title><link>https://cnin.co.in/अंतर्राष्ट्रीय-योग-दिवस-:-चार-जिलों-में-मुख्य/80579</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य के सभी जिलों के लिए मुख्य अतिथियों का नामांकन पूर्व में किया गया था। विभाग द्वारा आज जारी संशोधित आदेश के अनुसार चार जिलों में मुख्य अतिथियों के नामांकन में आंशिक परिवर्तन किया गया है। राज्य के शेष जिलों में पूर्व आदेशानुसार नामांकित मुख्य अतिथि यथावत रहेंगे।संशोधित आदेश के अनुसार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह को नामांकित किया गया है। इसी प्रकार बेमेतरा जिले में सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा तथा बीजापुर जिले में विधायक श्री नीलकंठ टेकाम मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे।सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों का आयोजन मुख्य अतिथियों के परामर्श तथा चिकित्सा शिक्षा (आयुष) विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए।</description ></item><item><title>गोपनीय तरीके से रायपुर लाए गए चावल वाले बाबा, बोले - यह मेरे खिलाफ साजिश भी हो सकती है</title><link>https://cnin.co.in/गोपनीय-तरीके-से-रायपुर-लाए-गए-चावल-वाले-बाबा,/80578</link><description>रायपुर। दुष्कर्म के आरोप में महासमुंद सेंट्रल जेल में बंद चर्चित कथावाचक और ज्योतिषाचार्य आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री उर्फ चावल वाले बाबा को शनिवार को गोपनीय तरीके से रायपुर लाया गया। उनकी तबीयत बिगडऩे की सूचना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतते हुए उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर केंद्रीय जेल पहुंचाया। यहां आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें उपचार और चिकित्सकीय जांच के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) ले जाने की तैयारी की गई।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नरेंद्र नयन शास्त्री को महासमुंद सेंट्रल जेल से सूमो वाहन क्रमांक सीजी 02 5072 में रायपुर लाया गया। उनके वाहन के साथ एक फॉलो गाड़ी भी सुरक्षा व्यवस्था के तहत चल रही थी। पुलिस ने पूरे ट्रांसफर ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा, ताकि किसी प्रकार की भीड़ या अवांछित स्थिति उत्पन्न न हो। बताया जा रहा है कि शास्त्री की स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए सोनोग्राफी कराई जानी है। चिकित्सकीय रिपोर्ट आने के बाद उन्हें वापस महासमुंद केंद्रीय जेल भेजा जा सकता है।रायपुर लाए जाने के दौरान जब मीडिया ने उनसे दुष्कर्म के आरोपों को लेकर सवाल किया तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि यह उनके खिलाफ किसी साजिश का हिस्सा भी हो सकता है। उन्होंने आरोपों पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।कौन हैं चावल वाले बाबा?आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री मूल रूप से रायपुर जिले के सिलयारी क्षेत्र के निवासी हैं। वे कथावाचन, धार्मिक आयोजनों और ज्योतिष परामर्श के माध्यम से प्रदेशभर में चर्चित रहे हैं। उनकी पहचान विशेष रूप से चावल देखकर भविष्य बताने वाले बाबा के रूप में बनी। दावा किया जाता था कि वे चावल के दानों के आधार पर लोगों के जीवन, भविष्य और समस्याओं के बारे में जानकारी देते थे। इसी वजह से उनके आश्रम और धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे।000</description ></item><item><title>उप मुख्यमंत्री शर्मा ने भारत माता की प्रतिमा एवं भव्य शहीद स्मारक का किया लोकार्पण</title><link>https://cnin.co.in/उप-मुख्यमंत्री-शर्मा-ने-भारत-माता-की-प्रतिमा/80577</link><description>00 नेउरगाँव खुर्द में ग्रामीणों ने पेश की आपसी एकता की मिसाल - शर्मारायपुर। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम नेउरगाँव खुर्द में भारत माता की प्रतिमा एवं भव्य शहीद स्मारक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों की एकजुटता, देशभक्ति और शहीदों के प्रति सम्मान की भावना की सराहना करते हुए कहा कि नेउरगाँव खुर्द ने पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।गाँव के हर घर से हुआ सहयोगउप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि शहीदों के त्याग और बलिदान को स्मरणीय बनाए रखने के लिए ग्रामीणों द्वारा किया गया यह प्रयास समाज में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक समरसता का अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने बताया कि शहीद स्मारक परिसर के निर्माण की शुरुआत उनकी विधायक निधि से प्रदत्त 3.50 लाख रुपए की राशि से हुई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने इसे केवल एक निर्माण कार्य न मानकर अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता का प्रतीक बना दिया। इसके लिए गाँव के हर घर से कुछ ना कुछ सहयोग प्रदान किया गया और ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और जनभागीदारी से स्वयं चंदा एकत्र कर लगभग 10 लाख रुपए की लागत से शहीद स्मारक का निर्माण कराया।नई पीढ़ी को मिलेगी देश के वीर शहीदों के बलिदान से प्रेरणाउप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इस कार्य की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गाँव का सामूहिक प्रयास सामाजिक एकता, सद्भाव और राष्ट्रभक्ति की उत्कृष्ट मिसाल है। ऐसे कार्य नई पीढ़ी को देश के वीर शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेने और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों से मुलाकात कर उनसे संवाद भी किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्री रामकिंकर वर्मा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>राज्यपाल डेका ने मरका गांव के स्कूल को दिए डिजिटल बोर्ड</title><link>https://cnin.co.in/राज्यपाल-डेका-ने-मरका-गांव-के-स्कूल-को-दिए/80576</link><description>रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने लोकभवन में बेमेतरा जिले के ग्राम मरका के स्कूल के लिए डिजिटल बोर्ड प्रदान किया।डेका ने ग्राम पंचायत मरका में संचालित शासकीय मीडिल स्कूल के बच्चों की सुविधा के लिए 65 इंच का यह स्मार्ट बोर्ड अपने स्वेच्छानुदान मद से प्रदान किया है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके स्कूल में शिक्षक उपलब्ध है लेकिन स्मार्ट बोर्ड नहीं था। अब यह सुविधा मिलने से स्कूल के बच्चे नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, प्रयास विद्यालय जैसे उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रवेश के लिए तैयारी कर सकेंगे। ग्रामीणों ने राज्यपाल को जैविक रूप से उत्पादित दाल, चना एवं अन्य सामग्रियां भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ.सी.आर प्रसन्ना, ग्राम पंचायत के पदाधिकारी, शाला प्रबंधक समिति के अध्यक्ष उपस्थित थे।</description ></item><item><title>पर्यावरण संरक्षण, विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान, ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता के लिए रोटेरियन निभाएं सक्रिय भूमिका-डेका</title><link>https://cnin.co.in/पर्यावरण-संरक्षण,-विशेष-पिछड़ी-जनजातियों-के/80575</link><description>रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज रोटरी क्लब ग्रेटर रायपुर के सदस्यों ने लोक भवन में सौजन्य मुलाकात एवं चर्चा की। राज्यपाल ने उन्हें समाज हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया। चर्चा के दौरान राज्यपाल ने रोटरी क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह एक संगठित और सेवा भावना से कार्य करने वाला संगठन है। उन्होंने कहा कि समाज के विकास और जनकल्याण के लिए सभी संस्थाओं और नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा।राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि रायपुर शहर में पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट और टाइल्स का घेरा बना दिया गया है, जिससे उनकी जड़ों तक पर्याप्त पानी और हवा नहीं पहुंच पाती। उन्होंने रोटेरियन से ऐसे घेरों को हटाने और पेड़ों को पुनर्जीवन देने के लिए सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो राज्य को संभावित गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए अभी से जल स्रोतों के पुनर्जीवन और संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने रोटरी क्लब से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने का आग्रह किया।राज्यपाल ने महिलाओं में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रोटेरियन इस दिशा में जनजागरूकता अभियान चलाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने राज्य के विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान और विकास में भी रोटरी क्लब के सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की संस्कृति छत्तीसगढ़ की मूल पहचान और धरोहर है, जिसे संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने रोटेरियन से विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक विकास के क्षेत्र में कार्य करने का आग्रह किया।&amp;nbsp;राज्यपाल ने कहा कि रोटरी क्लब सामूहिक रूप से तो उत्कृष्ट कार्य करते है, लेकिन प्रत्येक सदस्य को व्यक्तिगत स्तर पर भी ऐसे कार्य करने चाहिए, जिनमें लेने की अपेक्षा देने की भावना हो। इससे जीवन में आत्मिक संतोष और आनंद प्राप्त होता है तथा समाज का भी कल्याण होता है। राज्यपाल ने कहा कि समाज में अनेक ऐसे अनसंग हीरो और हीरोइन हैं, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोगों को सामने लाकर सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में रोटरी क्लब महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में वहां के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए सामाजिक संगठनों को आगे आना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शासन द्वारा अच्छे कार्य किए जा रहे है। इसकी जानकारी देने और इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने में रोटेरियन सहयोग कर सकते हैं। बैठक में रोटरी क्लब के अध्यक्ष श्री रितेश जिंदल ने राज्यपाल श्री डेका का स्वागत किया। क्लब की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, रोटरी क्लब ग्रेटर रायपुर के सचिव श्री प्रकाश अग्रवाल, क्लब के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।</description ></item><item><title>पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका-डेका</title><link>https://cnin.co.in/पर्यावरण-संरक्षण-और-जलवायु-परिवर्तन-जैसी/80574</link><description>रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज छत्तीसगढ़ राज्य वन सेवा 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने लोक भवन में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।राज्यपाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। वन अधिकारियों के पास कानून, संसाधन और अधिकार उपलब्ध हैं, जिनका प्रभावी उपयोग कर वे पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ अत्यधिक छेड़छाड़ के परिणामस्वरूप भूकंप, बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ता है। इसलिए पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करना सतत विकास का आधार है। राज्यपाल ने रेत के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आधारभूत संरचना निर्माण के लिए आवश्यक खनिज है। उन्होंने अधिकारियों से इस दिशा में शोध और नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे उपाय विकसित किए जाएं जिससे नदियों में जल प्रवाह सतत बना रहे, उनकी क्षमता बढ़े, पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और आवश्यक मात्रा में रेत भी प्राप्त होती रहे। राज्यपाल ने वन अधिकारियों से कहा कि वे जंगलों के प्रति लगाव उत्पन्न करें, इससे उन्हें जंगलों को समझने में आसानी होगी और वे अपने दायित्वों का निर्वाह अच्छे से कर सकेंगे।राज्यपाल ने वृक्षारोपण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि 'एक पेड़ मां के नामÓ अभियान को गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट का घेरा बना दिया जाता है, जिससे उनके विकास में बाधा आती है तथा वर्षा जल का भू-जल स्तर में समुचित पुनर्भरण नहीं हो पाता। ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वन अधिकारियों का कार्य कार्यालय में बैठना नहीं है बल्कि जंगलों में भ्रमण कर वनवासियों की समस्याओं को समझना और वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नवाचारपूर्ण उपाय करना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जीवन में कोई ऐसा भी काम करें जो सेवा से जुड़ा हुआ हो चाहे वह पर्यावरण सुरक्षा, स्वच्छता, मानव सेवा जैसे कार्य हो सकते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, उप सचिव निधि साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य वन सेवा 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>बस्तर मॉडल की पूरे देश को सीख: 8241 परिवारों को मिला जमीन पर वैध हक, प्रशासन खुद पहुंचा लोगों तक</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-मॉडल-की-पूरे-देश-को-सीख:-8241-परिवारों-को/80573</link><description>00 जमीन का मालिकाना हक स्पष्ट, अब शिक्षा, बैंक और योजनाओं तक पहुंच होगी सरलरायपुर। किसी परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाए और वर्षों बाद भी जमीन के सरकारी कागजों में उनका ही नाम दर्ज रहे। ऐसे में परिवार को हर छोटे-बड़े काम के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। बस्तर में हजारों परिवारों की यही समस्या थी। जिला प्रशासन खुद आगे बढ़कर इस परेशानी को दूर करने का काम कर रही है।बस्तर जिले में पिछले चार वर्षों के लंबित फौती नामांतरण मामलों को निपटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य था कि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनकी जमीन के रिकॉर्ड में उनके परिवार के सही वारिसों का नाम दर्ज किया जाए।इस काम की शुरुआत गांवों से हुई। ग्राम सचिवों ने पिछले चार वर्षों में मृत्यु को प्राप्त लोगों की सूची तैयार की। इसके बाद पटवारियों ने उन लोगों की पहचान की जिनके नाम पर जमीन दर्ज थी और जिनके मामलों में फौती नामांतरण की जरूरत थी। कोटवारों ने गांव स्तर पर जानकारी का सत्यापन किया और तहसीलदारों ने पूरे अभियान की निगरानी की। अभियान के दौरान बस्तर जिले के 611 गांवों से जानकारी जुटाई गई। ग्राम सचिवों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले चार वर्षों में 17,405 लोगों की मृत्यु दर्ज हुई थी। इनमें से 8,651 ऐसे मामले मिले जिनमें फौती नामांतरण की आवश्यकता थी।। इसके बाद ग्राम सचिव, पटवारी और कोटवार की संयुक्त टीम ने घर-घर जाकर ,जिन परिवारों के पास मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं था, उनके लिए प्रमाण पत्र बनवाए गए। वारिसों की जानकारी और वंशवृक्ष तैयार किए गए। सभी दस्तावेज पूरे होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई।इस विशेष अभियान के परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे। अब तक 8,241 मामलों में फौती नामांतरण पूरा कर दिया गया है। इसका मतलब है कि हजारों परिवारों की जमीन के सरकारी रिकॉर्ड अब सही हो गए हैं। केवल 410 मामले ही शेष हैं, जिन पर कार्य जारी है।.यह अभियान बस्तर जिले की सभी प्रमुख तहसीलों में चलाया गया। इनमें तोकापाल, करपावंड, बस्तर, बास्तानार, बकावंड, भानपुरी, नानगुर, जगदलपुर, लोहंडीगुड़ा और दरभा जैसे सुदूर आदिवासी अंचल शामिल हैं। सबसे अधिक प्रगति बकावंड, करपावंड, नानगुर और बास्तानार जैसे क्षेत्रों में देखने को मिली, जबकि जगदलपुर और लोहंडीगुड़ा में लगभग सभी पात्र मामलों का निराकरण कर दिया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। बस्तर में चलाया गया यह विशेष फौती नामांतरण अभियान इसी सोच का परिणाम है। जिन परिवारों के सदस्य अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके वारिसों को उनके अधिकार समय पर मिलें, यह हमारी प्राथमिकता है। हजारों परिवारों के जमीन संबंधी रिकॉर्ड अपडेट होने से उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह अभियान सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा का एक अच्छा उदाहरण है, जिसमें प्रशासन स्वयं लोगों के घर तक पहुंचकर उनकी समस्या का समाधान कर रहा है।बस्तर जिले की सभी तहसीलों में इस अभियान को अच्छी सफलता मिली। तोकापाल में 1,454, करपावंड में 504, बस्तर में 1,019, बास्तानार में 337 और बकावंड में 1,142 मामलों का निराकरण किया गया। वहीं भानपुरी में 959, नानगुर में 518, जगदलपुर में 1,057, लोहंडीगुड़ा में 799 और दरभा में 452 परिवारों के जमीन संबंधी रिकॉर्ड अपडेट किए गए। सबसे अच्छी प्रगति जगदलपुर, लोहंडीगुड़ा और बकावंड क्षेत्रों में देखने को मिली। इस अभियान की खास बात यह रही कि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। प्रशासन खुद गांवों तक पहुंचा, रिकॉर्ड खंगाले, दस्तावेज तैयार कराए और पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया। तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की गई, जिससे कार्य में तेजी आई।बस्तर कलेक्टर ने कहा कि जिले के कई दूरस्थ और पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जमीन संबंधी कार्यों के लिए लंबे समय तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई परिवारों को केवल इसलिए परेशानी होती थी क्योंकि जमीन के रिकॉर्ड में मृत व्यक्ति का नाम दर्ज था। विशेष अभियान चलाकर प्रशासन ने स्वयं गांवों तक पहुंचकर इस समस्या का समाधान किया। अब हजारों परिवारों के जमीन संबंधी रिकॉर्ड सही हो गए हैं, जिससे उन्हें अपने अधिकार प्राप्त करने, बैंकिंग सुविधाओं का लाभ लेने और शासकीय योजनाओं से जुडऩे में आसानी होगी। इससे न केवल लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा, बल्कि जमीन संबंधी विवादों में भी कमी आएगी और ग्रामीणों का जीवन अधिक सरल बनेगा।</description ></item><item><title>बंशीलाल देवांगन के निधन पर मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया</title><link>https://cnin.co.in/बंशीलाल-देवांगन-के-निधन-पर-मुख्यमंत्री-ने/80572</link><description>रायपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ छत्तीसगढ़ प्रांत के प्रांत कार्यवाह श्री चंद्रशेखर देवांगन जी के पूज्य पिताजी श्री बंशीलाल देवांगन जी के निधन का दु:खद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस दु:ख को सहन करने की शक्ति दें।</description ></item><item><title>6 वर्ष पूर्ण कर चुके बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण-पत्र देकर कराया जा रहा विद्यालय प्रवेश</title><link>https://cnin.co.in/6-वर्ष-पूर्ण-कर-चुके-बच्चों-को-विद्यारंभ/80571</link><description>00 विद्यारंभ अभियान: आंगनबाड़ी से स्कूल तक बच्चों के सुनहरे भविष्य की नई शुरुआतरायपुर। छत्तीसगढ़ में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से विद्यारंभ अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा पूर्ण कर चुके 6 वर्ष आयु के बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानपूर्वक विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है।इस पहल का उद्देश्य बच्चों के जीवन में शिक्षा के नए चरण की शुरुआत को उत्सव के रूप में मनाना तथा आंगनबाड़ी से विद्यालय तक उनके सहज एवं सुगम संक्रमण को सुनिश्चित करना है। प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण-पत्र वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों की नियमित शिक्षा, उपस्थिति और सर्वांगीण विकास के प्रति जागरूक किया जा रहा है।</description ></item><item><title>अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का आधार बनेगा योग</title><link>https://cnin.co.in/अंतर्राष्ट्रीय-योग-दिवस-2026:-स्वस्थ-जीवन-और/80570</link><description>00 योग फॉर हेल्दी एजिंग: स्वस्थ और सक्रिय जीवन की दिशा में एक कदमलेखक - डॉ. दानेश्वरी सम्भाकर , उप संचालक, जनसंपर्करायपुर। भारत में प्राचीन काल से ही योग हमारी जीवनशैली और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। ऋषि-मुनियों, योगियों और संतों ने योग के माध्यम से स्वस्थ शरीर, शांत मन और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। भारतीय ज्ञान परंपरा की यह अमूल्य धरोहर आज विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण का पर्याय बन चुकी है। इसी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की, जो आज विश्वव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम योग फॉर हेल्दी एजिंग (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई है। यह थीम योग के माध्यम से जीवन के प्रत्येक चरण में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश देती है। योग न केवल रोगों से बचाव का प्रभावी माध्यम है, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली की आधारशिला भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में योग आज विश्व के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री का मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को स्वस्थ बनाकर परिवार समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का माध्यम बनता है इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर का मुख्य आयोजन कोलकाता में आयोजित किया जा रहा है जहां प्रधानमंत्री स्वयं योगाभ्यास का नेतृत्व करेंगे।छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह अंबिकापुर में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं योगाभ्यास में सहभागिता करेंगे और प्रदेशवासियों को नियमित योग अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देंगे। राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। यही कारण है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संवर्धन और जनजागरूकता अभियानों में योग को विशेष महत्व दे रही है।&amp;nbsp;प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ में योग का संदेश लोगों के जीवन से सहज रूप से जुड़ता है। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली योग के मूल सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करती है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय संस्थानों में नियमित योग गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अनियमित जीवनशैली और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक सरल, सुलभ और प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। नियमित योगाभ्यास शरीर को निरोग, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाता है। यह व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है।अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि योग को केवल एक दिवस का आयोजन न मानकर दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपनाना समय की आवश्यकता है। आइए, योग के माध्यम से स्वस्थ छत्तीसगढ़, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में अपना योगदान दें।</description ></item><item><title>बस्तर में मानसून पूर्व बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारी पूरी, 112 पर भी दे सूचना</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-में-मानसून-पूर्व-बाढ़-आपदा-प्रबंधन-की/80569</link><description>जगदलपुर। जिले में मानसून के दौरान संभावित अतिवृष्टि एवं बाढ़ आपदा से राहत और बचाव सुनिश्चित करने के लिए बस्तर जिला प्रशासन द्वारा तैयारी पूरी कर ली गई है। कलेक्टर आकाश छिकारा की अध्यक्षता में आज शनिवार को आयोजित बैठक में बाढ़ आपदा प्रबंधन योजना 2026-27 को अंतिम रूप दिया गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में कम से कम समय में त्वरित राहत पहुंचाई जा सके। आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला कार्यालय जगदलपुर में जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो चैबीसों घंटे चालू रहेगा । आम नागरिक किसी भी आपात स्थिति में दूरभाष नंबर 07782-223122 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आपातकालीन पुलिस सहायता केंद्र के नंबर 112 पर भी तत्काल सूचना दी जा सकती है। समन्वय को बेहतर बनाने के लिए जिला स्तर पर राजस्व शाखा, अनुविभागीय अधिकारियों और सभी तहसीलदारों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि हर स्तर पर त्वरित संदेशों का आदान-प्रदान संभव हो सके।बाढ़ नियंत्रण समिति ने जिले से होकर गुजरने वाली इंद्रावती नदी के जल स्तर पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, जिसका वार्निंग लेवल 7 मीटर तथा डेंजर लेवल 8.30 मीटर निर्धारित किया गया है। नदी में जलभराव या ओडिशा के खातीगुड़ा डैम से पानी छोड़े जाने की स्थिति पर केंद्रीय जल आयोग के साथ मिलकर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि समय रहते मैदानी इलाकों को सचेत किया जा सके। प्रशासन ने संभावित रूप से प्रभावित होने वाले संवेदनशील विकासखंडों के अंतर्गत बकावण्ड के तारापुर, बनियागांव, बजावण्ड एवं बेलगांव सहित जगदलपुर के धनपुंजी, नगरनार, भेजापदर तथा लोहंडीगुड़ा के टाकरागुड़ा, बडांजी, कुम्हली और बस्तर तहसील के बड़े चकवा, पटेलपारा जैसे दर्जनों गांवों को पहले से चिन्हित कर लिया है।बाढ़ प्रभावितों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए कई प्राथमिक शाला भवनों, धर्मशाला और सामुदायिक केंद्रों को राहत शिविर स्थल के रूप में आरक्षित किया गया है। इन सभी शिविरों के लिए विशेष नोडल अधिकारियों और प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो वहां रहने वाले लोगों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, बिजली और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। महामारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों में ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन टैबलेट का छिड़काव करवाएं। इसके साथ ही आपदा के दौरान गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटने की स्थिति के मद्देनजर पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न, मिट्टी तेल और डीजल का अग्रिम भंडारण करने के निर्देश खाद्य नियंत्रक को दिए गए हैं।सुरक्षित आवागमन और बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग और वन विभाग को सड़कों पर जलभराव या पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक मार्ग या चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग भी मानसून से ठीक पहले पेड़ों की छंटाई और ढीले तारों को दुरुस्त करने में जुट गया है ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देने के लिए नगर सेना और जिला सेनानी को नावों, लाइफ जैकेट और अन्य बचाव उपकरणों की मॉकड्रिल कर उन्हें तैयार रखने को कहा गया है। जिला प्रशासन द्वारा आम जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की आपदा या जलभराव की स्थिति में घबराएं नहीं और तुरंत कंट्रोल रूम नंबरों पर सूचना देकर सक्रिय सहयोग करें।000</description ></item><item><title>करपावंड में कब्जा दिलाने पहुंचे आरआई व जमीन मालिक के साथ ग्रामीणों ने मारपीट कर दी</title><link>https://cnin.co.in/करपावंड-में-कब्जा-दिलाने-पहुंचे-आरआई-व-जमीन/80568</link><description>जगदलपुर। बस्तर जिले के करपावंड में जमीन की नापजोख और कब्जा दिलाने की कार्रवाई के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर मारपीट हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने जमीन मालिक, जमीन बेचने वाले व्यक्ति और राजस्व निरीक्षक (आरआई) के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस बल तैनात करना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार शेराराम चौधरी ने मदन निषाद से करीब 10 एकड़ 10 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इस जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। मामला अदालत पहुंचा, जहां फैसला शेराराम के पक्ष में आया। अदालत के आदेश के बाद राजस्व विभाग की टीम जमीन की नापजोख और कब्जा दिलाने गांव पहुंची थी।राजस्व अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई अदालत के आदेश और सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर की जा रही थी। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने ग्रामीणों को भड़काया, जिसके बाद माहौल बिगड़ गया और मारपीट हुई। प्रशासन का कहना है कि कानून हाथ में लेना गलत है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।वहीं ग्रामीणों और सरपंच का कहना है कि जिस सरकारी नक्शे के आधार पर नापजोख की जा रही थी, वह सही नहीं है। उनका दावा है कि संबंधित जमीन की वास्तविक स्थिति नक्शे से अलग है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले रिकॉर्ड और नक्शे की गलती सुधारी जानी चाहिए थी, उसके बाद ही कब्जा दिलाने की कार्रवाई होनी चाहिए थी। घटना के बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।</description ></item><item><title>बिना अनुमति सड़क का निर्माण के लिए काटे गए सैकड़ों पेड़, वन विभाग ने जब्त किए आठ वाहन</title><link>https://cnin.co.in/बिना-अनुमति-सड़क-का-निर्माण-के-लिए-काटे-गए/80567</link><description>कांकेर। रावघाट लौह अयस्क परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत रावघाट माइंस से लेकर रेलवे स्टेशन तक लौह अयस्क के सुगम परिवहन के लिए घने जंगल के बीच लगभग दो किलोमीटर लंबी एक नई सड़क का निर्माण किया जा रहा था। इस निर्माण कार्य को अंजाम देने के लिए बिना किसी अनुमति के सैकड़ों पेड़ों की कटाई कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल हरकत में आते हुए निर्माण स्थल पर छापेमारी कर प्रारंभिक जांच और पंचनामा तैयार करने के बाद निर्माण कार्य में अवैध रूप से संलिप्त आठ भारी वाहनों (जेसीबी, डंपर आदि) को जप्त कर लिया है।&amp;nbsp;इस मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि संबंधित कार्य एजेंसी द्वारा वन विभाग के पास केवल प्रस्ताव या आवेदन जमा किया गया था। विभाग द्वारा अंत अनुमति नही दी गई थी, लेकिन एजेंसी ने औपचारिकता पूरी होने से पहले ही जंगलों को साफ करना शुरू कर दिया। वन मंडलाधिकारी भानुप्रतापपुर ने स्पष्ट किया है कि पेड़ों की कटाई पूरी तरह से अवैध थी। विभाग अब पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के तहत पीओआर दर्ज कर कार्रवाई की तैयारी में है।रावघाट लौह अयस्क परियोजना भिलाई स्टील प्लांट के लिए लाइफलाइन मानी जाती है। दल्लीराजहरा की माइंस में लोहा खत्म होने के बाद भिलाई स्टील प्लांट की निर्भरता इसी रावघाट परियोजना पर है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में रेल लाइन और सड़क कनेक्टिविटी का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। हालांकि, यह पूरा क्षेत्र घने जंगलों, जैविक विविधता और माओवादी संवेदनशीलता से घिरा हुआ है। नियमानुसार, किसी भी वन भूमि पर गैर-वानिकी कार्य या सड़क निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस (वन्यजीव और पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति) की एक जटिल और अनिवार्य प्रक्रिया होती है। इस अवैध कटाई और सड़क निर्माण की भनक स्थानीय ग्रामीणों, पर्यावरणविदों और सामाजिक संगठनों को लगी, क्षेत्र में विरोध के स्वर मुखर होने लगे। जागरूक नागरिकों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने पर्यावरण और वन संरक्षण अधिनियमों को ताक पर रखकर इस संवेदनशील हरित क्षेत्र में काम शुरू कर दिया।</description ></item><item><title>नई चेतना 4.0 अभियान से जेंडर समानता की अलख, सुरक्षित और संवेदनशील समाज निर्माण का संकल्प</title><link>https://cnin.co.in/नई-चेतना-4.0-अभियान-से-जेंडर-समानता-की-अलख,/80566</link><description>रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित नई चेतना 4.0 अभियान के तहत प्रदेशभर में जेंडर आधारित भेदभाव एवं हिंसा के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना तथा लैंगिक समानता पर आधारित सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना है।इसी कड़ी में बीजापुर सहित विभिन्न जिलों एवं ब्लॉक मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में महिलाओं, किशोरियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को जेंडर समानता, घरेलू हिंसा की रोकथाम, बाल विवाह निषेध, बाल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, महिला हेल्पलाइन सेवाओं तथा शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।अभियान के दौरान प्रतिभागियों को महिलाओं एवं बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूक किया गया। साथ ही समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने तथा महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों ने हिंसा, भेदभाव और असमानता से मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया।&amp;nbsp;विभागीय अधिकारियों ने कहा कि नई चेतना 4.0 अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की एक जनभागीदारी आधारित पहल है, जो महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं समान अवसरों वाला वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।</description ></item><item><title>कुपोषण मुक्त बचपन की दिशा में बड़ा कदम: आंगनवाड़ी सेवाओं का हुआ जमीनी मूल्यांकन</title><link>https://cnin.co.in/कुपोषण-मुक्त-बचपन-की-दिशा-में-बड़ा-कदम:/80565</link><description>00 संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने केंद्रों का किया निरीक्षण, माताओं से संवाद कर जाना पोषण योजनाओं का प्रभावरायपुर। प्रदेश में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने और आंगनवाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चों के पोषण स्तर, केंद्रों की कार्यप्रणाली तथा शासन की योजनाओं के जमीनी प्रभाव का व्यापक आकलन किया गया।निरीक्षण में बच्चों के वजन एवं ऊंचाई मापन की प्रक्रिया का सत्यापन किया गया। साथ ही टेक होम राशन (टीएचआर) की गुणवत्ता, पोषण वाटिकाओं की स्थिति और केंद्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया गया। संचालक ने सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने तथा बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने गंभीर कुपोषित (एसएएम) एवं पूर्व में कुपोषित रहे बच्चों की माताओं से सीधे संवाद कर अतिरिक्त टेक होम राशन (ए-टीएचआर) के प्रभाव की जानकारी प्राप्त की। माताओं ने बताया कि नियमित ए-टीएचआर सेवन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सतत मार्गदर्शन से बच्चों के स्वास्थ्य, वजन और पोषण स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।निरीक्षण के दौरान सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग के समन्वय से पोषण वाटिकाओं को और सशक्त बनाने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ताजा एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री की उपलब्धता बढ़ाकर बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाना है। भ्रमण के दौरान निरीक्षण दल ने मोहला स्थित सखी-वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया तथा महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं संरक्षण सेवाओं की समीक्षा की।</description ></item><item><title>प्रतिभा को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित</title><link>https://cnin.co.in/प्रतिभा-को-मिलेगा-राष्ट्रीय-मंच,/80564</link><description>00 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन, 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे कर सकते हैं आवेदनरायपुर। बच्चों की असाधारण प्रतिभा, नवाचार, साहस और सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों तथा सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है।प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश का सर्वोच्च बाल सम्मान माना जाता है, जो उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हों। यह प्रतिष्ठित सम्मान भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।विभागीय जानकारी के अनुसार 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे इस पुरस्कार के लिए पात्र हैं। नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक बच्चे स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अभिभावक, स्कूल, सामाजिक संस्थाएं और अन्य व्यक्ति भी योग्य बच्चों का नामांकन कर सकते हैं। सभी आवेदन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। राज्य शासन ने प्रदेश के नवाचारी, प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी बच्चों से इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने का आग्रह किया है। आवेदन एवं विस्तृत जानकारी के लिए https://awards.gov.in/ पर विजिट किया जा सकता है।</description ></item><item><title>बाल संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में छत्तीसगढ़ में चला व्यापक अभियान</title><link>https://cnin.co.in/बाल-संरक्षण-और-पुनर्वास-की-दिशा-में/80563</link><description>00 बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान व पुनर्वास पर फोकस00 बाल सक्षम नीति-2022 के तहत 1 से 30 जून तक विशेष अभियानरायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल सक्षम नीति-2022 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत पूरे प्रदेश में 1 जून से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क जैसी विषम परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे, भिक्षावृत्ति, बाल श्रम, कचरा संग्रहण जैसे कार्यों में संलग्न तथा संरक्षण एवं देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान कर उनका सुरक्षित रेस्क्यू, संरक्षण और स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करना है।अभियान के अंतर्गत बस्तर, दुर्ग, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बालोद, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, सुकमा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, नारायणपुर,रायपुर एवं बेमेतरा सहित विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, श्रम विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं की संयुक्त टीमों द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता, निरीक्षण एवं बचाव अभियान चलाया गया।इस दौरान बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, होटल, ढाबा, कबाड़ी दुकान, गैरेज, निर्माण स्थल, ऑटो स्टैंड, फल-सब्जी मंडी, किराना दुकान, हार्डवेयर प्रतिष्ठान सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बाल श्रम, भिक्षावृत्ति एवं असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की गई। साथ ही दुकानदारों, प्रतिष्ठान संचालकों एवं आम नागरिकों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों तथा बाल सक्षम नीति के प्रावधानों की जानकारी देते हुए पंपलेट एवं पोस्टर वितरित किए गए और बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अभियान के दौरान नौ बच्चों को विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्य करते हुए चिन्हित किया गया। संबंधित बच्चों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम निषेध संबंधी नियमों की जानकारी देकर आवश्यक समझाइश प्रदान की गई। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा क्षेत्र में भिक्षावृत्ति करते पाए गए दो नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू कर उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, ताकि उनके संरक्षण एवं पुनर्वास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में संभावित बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। दस्तावेजों के सत्यापन में दोनों पक्षों की आयु 19 वर्ष पाई गई। इसके पश्चात परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए जागरूक किया गया और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में नशा मुक्त भारत सप्ताह के अवसर पर बाल सक्षम नीति, बाल विवाह रोकथाम, बाल संरक्षण तथा चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 से संबंधित व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं नारायणपुर जिले के दूरस्थ ग्रामों में मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित विभिन्न गैर-संस्थागत सेवाओं एवं बच्चों के संरक्षण, देखरेख और पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई गई।राज्यभर में संचालित इस विशेष अभियान के माध्यम से बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, परामर्श एवं पुनर्वास सेवाओं से जोडऩे की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य केवल बच्चों को जोखिमपूर्ण परिस्थितियों से बाहर निकालना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। साथ ही आमजन से अपील की जा रही है कि यदि किसी बच्चे के साथ शोषण, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, उपेक्षा या किसी प्रकार की संकटपूर्ण स्थिति की जानकारी मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा आपातकालीन सेवा 112 पर सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके।</description ></item><item><title>प्रबुद्ध जनों के सुझावों पर होगा त्वरित अमल, महावीर उद्यान की व्यवस्थाओं में होगा व्यापक सुधार: मूणत</title><link>https://cnin.co.in/प्रबुद्ध-जनों-के-सुझावों-पर-होगा-त्वरित-अमल,/80562</link><description>00 जनसंवाद में उठी समस्याओं पर विधायक राजेश मूणत सख्त, अधिकारियों को मौके पर दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश00 महावीर उद्यान बनेगा नागरिक सुविधाओं का आदर्श केंद्र, लापरवाही पर नहीं होगी कोई रियायतरायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मूणत ने आज प्रात: महावीर उद्यान (अनुपम गार्डन) में क्षेत्र के वरिष्ठ एवं प्रबुद्ध नागरिकों के साथ विस्तृत जनसंवाद कर उद्यान की व्यवस्थाओं, नागरिक सुविधाओं एवं विकास संबंधी आवश्यकताओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस अवसर पर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, जोन अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा दीनदयाल उपाध्याय मंडल के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।जनसंवाद के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने उद्यान की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, खेल सुविधाओं, दीवारों की ऊंचाई, मवेशियों के अनियंत्रित प्रवेश तथा अन्य आधारभूत व्यवस्थाओं से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों से विधायक श्री मूणत को अवगत कराया। नागरिकों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए श्री मूणत ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र अमल में लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में पाई गई कमियों पर मूणत ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि उद्यान परिसर की नियमित एवं प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए तथा नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।मूणत ने उद्यान की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए परिसर की चारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाने, मवेशियों के प्रवेश को पूर्णत: रोकने हेतु छोटे प्रवेश द्वार (सुरक्षा गेट) स्थापित करने तथा उद्यान में आवश्यक खेल एवं मनोरंजन संबंधी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि उद्यान स्थित 'बापू की कुटियाÓ सभी नागरिकों एवं वरिष्ठजनों के लिए पूर्ववत खुली एवं सुलभ रहे, जिससे सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहन मिलता रहे। साथ ही नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उद्यान परिसर में वाहनों के नियंत्रित एवं सुव्यवस्थित प्रवेश की व्यवस्था बनाए रखने पर भी बल दिया गया।इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी प्राथमिकता केवल समस्याओं को सुनना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। विधायक राजेश मूणत ने कहा कि महावीर उद्यान केवल एक सार्वजनिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों, परिवारों एवं युवाओं के सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आने वाले प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। आज प्रबुद्ध जनों द्वारा दिए गए सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और उन पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा।मैंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवश्यक एस्टीमेट तैयार कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करें। नागरिक सुविधाओं के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता का विश्वास और क्षेत्र का विकास ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।</description ></item><item><title>आरटीओ ई चालान में एपीके फाइल भेज कर साइबर ठगों ने फाइनेंस कर्मी से ठगे 2.63 लाख</title><link>https://cnin.co.in/आरटीओ-ई-चालान-में-एपीके-फाइल-भेज-कर-साइबर/80561</link><description>रायपुर। हिंदूजा फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी को आरटीओ के ई-चालान के नाम पर एपीके फाइल भेजकर पीडि़त के बैंक खाते से 2 लाख 63 हजार 673 रुपये ठगों ने पार कर दी। मामले की शिकायत मिलने के बाद आजाद चौक पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।&amp;nbsp;आजाद चौक थाना पुलिस के अनुसार प्रेम नगर, मोवा निवासी 35 वर्षीय आशीष वर्मा हिंदूजा फाइनेंस कंपनी में कर्मचारी हैं और उनका कार्यालय आजाद चौक क्षेत्र में स्थित है। 6 जून को दोपहर करीब 12:30 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में आरटीओ का ई-चालान होने का दावा किया गया था और उसके साथ एक एपीके फाइल भेजी गई थी। आशीष वर्मा ने इसे वास्तविक ई-चालान समझकर फाइल को डाउनलोड कर ओपन कर लिया। इसके कुछ ही समय बाद साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते तक पहुंच बना ली। देखते ही देखते उनके एक्सिस बैंक खाते से कुल 2 लाख 63 हजार 673 रुपये की राशि विभिन्न माध्यमों से ट्रांसफर कर ली गई।घटना की जानकारी पीडि़त को बाद में हुई। बैंक खाते की जांच करने पर रकम गायब होने का पता चला। इसके बाद आशीष वर्मा ने आजाद चौक थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए साइबर सेल की सहायता ली है। अधिकारियों का कहना है कि ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, एपीके फाइल या संदिग्ध संदेश को बिना सत्यापन के डाउनलोड या ओपन न करें।</description ></item><item><title>बड़े देवड़ा में बाबा भैरव जात्रा के आयोजन में कुमार जयदेव हुए शामिल</title><link>https://cnin.co.in/बड़े-देवड़ा-में-बाबा-भैरव-जात्रा-के-आयोजन-में/80560</link><description>जगदलपुर। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक अंर्तगत ग्राम बड़े देवड़ा में बाबा भैरव जात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें आस-पास गांव के ग्रमीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस आयोजन में ग्रामीणों के आमंत्रण पर सुकमा जमींदार परिवार के कुमार जयदेव विशेष रूप से सम्मिलित हुए और बाबा भैरव ,सहित मावली माता की पूजा अर्चना कर क्षेत्र के सुख समृद्धि की कामना की। बड़े देवड़ा के सरपंच सुमित्रा कश्यप ने बताया कि बड़े देवड़ा में भैरव बाबा का प्रसिद्ध मंदिर है, जिसमें आज शुक्रवार को जात्रा का आयोजन किया गया था , जिसमें सुकमा जमींदार परिवार के कुमार जयदेव को शामिल होने विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। उन्होने कहा कुमार जयदेव सहित अन्य लोग इस जात्रा में शामिल हुए यह गांव के लिए गौरव की बात है।कुमार जयदेव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने बच्चों को शिक्षित बनाए सामाजिक कुरीतियां नशापान से गांव के युवाओं को दूर रहना चाहिए। उन्होंने आगे कहा आदर्श ग्राम पंचायत का निर्माण करें सभी जाति धर्म में एकता प्रेम समभाव बनाए रखें। उन्होने देवी-देवताओं की परंपरा अनुसार पूजा पाठ एवं बस्तर की संस्कृति को बनाये रखने पर जोर देते कहा की यह हमारी आपकी सबकी जिम्मेदारी है।इस दौरान सुकमा जमीदार परिवार के कुमार जयदेव सहित सिंकदर सिंह, मुरली सिह, योगेश सिंह, मां दन्तेश्वरी मंदिर के पुजारी कृष्ण कुमार पाढ़ी, मावली पुजारी अनिल ठाकुर, पढय़ार,माड़पाल के पुजारी,अरुणा चौहान, मंजु ठाकुर, किरण ठाकुर, भारती ठाकुर, यशोदा ठाकुर, एम डी राठौर, पीताम्बर सिह, मुकुंद सिंह मधुशंकर सेठिया, रणधीर सिंह बिभुती मिश्रा विवेक जैन कौशल्या साहू राजू साहू, दलपती, प्रकाश रावल, मनोज जंगम, राकेश दास एवं तहसीलदार रूपेश मरकाम, पुलिस प्रशासन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।</description ></item><item><title>श्रमदान से ग्रामीणों ने बनाया अस्थायी पुल, पूर्व मंत्री ने बारिश के बाद पुल बनाने किया आश्वस्त</title><link>https://cnin.co.in/श्रमदान-से-ग्रामीणों-ने-बनाया-अस्थायी-पुल,/80559</link><description>बीजापुर। विकास और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे बीजापुर जिले के ग्राम पंचायत पेद्दाकोड़ेपाल के आश्रित गांव कोयाईटपाल-डोगरीपारा के निवासियों ने अपनी सालों पुरानी आवागमन की समस्या को 200 ग्रामीणों ने एक साथ मिलकर सामूहिक श्रमदान किया और बहते नाले पर लकड़ी का एक अस्थायी पुल बनाकर तैयार कर दिया। हर साल वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही यहां की स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। नदी-नाले उफान पर आने से बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता था और बुजुर्गों, मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में भारी जोखिम उठाना पड़ता था।ग्रामीणों के इस सराहनीय प्रयास की भनक लगते ही भाजपा सोशल मीडिया जिला संयोजक के.जी. सुधाकर, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष संदीप तेलम और सहसंयोजक जितेंद्र तेलम मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों का हौसला बढ़ाया और इस गंभीर समस्या से पूर्व मंत्री महेश गागड़ा को अवगत कराया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने आज शुक्रवार को ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि जैसे ही वर्षा ऋतु समाप्त होगी, वैसे ही यहां छह मीटर लंबी नवीन पक्की पुलिया के निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ शुरू करा दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व मंत्री से मिले आश्वासन के बाद अब उन्हें उम्मीद जगी है कि जल्द ही उनकी यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। पक्की पुलिया का निर्माण होने से न सिर्फ सुरक्षित आवागमन संभव होगा, बल्कि इस सुदूर वनांचल क्षेत्र के विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी।</description ></item><item><title>कोंड़ागांव के हुक्का बेड़ा पथरी में रोका गया बाल विवाह</title><link>https://cnin.co.in/कोंड़ागांव-के-हुक्का-बेड़ा-पथरी-में-रोका-गया/80558</link><description>कोंड़ागांव। जिले के माकड़ी विकासखंड अंतर्गत ग्राम हुक्का पथरी में तय बाल विवाह होने की विभागीय सूचना प्राप्त होने पर जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग एवं चाईल्ड लाईन की संयुक्त दल द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश महोदया के निर्देशानुसार नरेन्द्र सोनी जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में बाल विवाह रोकने की कार्यवाही की गई। बाल बिवाह रोकने हेतु निर्मल मंडावी, प्रधान आरक्षक 112 थाना माकड़ी, सौरभ तिवारी परिवीक्षा अधिकारी, जयदीप नाथ संरक्षण अधिकारी, इंदु वैद्य आउटरीच वर्कर एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी एवं पर्यवेक्षक बेला रानी विश्वास, ग्राम पंचायत सचिव समता मरकाम चाईल्ड लाईन टीम से कैलाश वैद्य तथा ग्राम पंचायत सरपंच,पंचगण ग्रामीण उपस्थित थे।ग्राम पंचायत हुक्का बेड़ा पथरी विकासखण्ड माकड़ी में नाबालिग वर रमेश (परिवर्तित नाम) पिता कीर्ति लाल (परिवर्तित नाम) उम्र 20 वर्ष 10 माह निवासी हुक्का बेड़ा पथरी का विवाह बालिग खेमेश्वरी (परिवर्तित नाम) पिता रामेश्वर (परिवर्तित नाम) उम्र 18 वर्ष 8 माह निवासी- केरावाही जिला कोंडागांव (छग) के साथ किया जाना था। सूचना मिलने पर 112 माकड़ी, परिवीक्षा अधिकारियों, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी पर्यवेक्षक एवं सचिव का संयुक्त दल द्वारा विवाह स्थल पहुंचकर वर-वधु के दस्तावेज अंकसूची का अवलोकन किया गया, जिसमें वर का जन्मतिथि 16.08.2005 एवं वधु की जन्मतिथि 30.09.2007 अंकित है। भारतीय कानून एवं शासन के नियमानुसार बालक की आयु विवाह हेतु निर्धारित आयु से कम पायी गई। दोनों पक्षों के उपस्थित सदस्यों को विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, दण्ड के प्रावधान, बाल विवाह के दुष्परिणाम से अवगत कराते हुए विवाह न करने की समझाईस दिया गया। परिवार द्वारा निर्धारित आयु पूरी होने पर विवाह किये जाने हेतु सहमत हुए। जांच दल द्वारा सरपंच ग्राम पंचायत, वार्ड पंच, परिजनों, ग्रामीणों, बुजुर्गों एवं प्रशासन के समक्ष पंचनामा तैयार किया गया। दल द्वारा वर-वधु व दोनों पक्ष को समझाईश देकर बाल विवाह को रोका गया।</description ></item><item><title>कोलंबिया इंस्टीट्यूट, छत्तीसगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज व कृष्णा विकास इंजीनियरिंग कॉलेज होंगे बंद</title><link>https://cnin.co.in/कोलंबिया-इंस्टीट्यूट,-छत्तीसगढ़/80557</link><description>00 सीएसवीटीयू की कार्यपरिषद ने किया फैसलारायपुर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) की कार्यपरिषद ने तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोग्रेसिव क्लोजर को मंजूरी दे दी है। इसके तहत छत्तीसगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज धनोरा दुर्ग, कोलंबिया इंस्टीट्यूट (रायपुर) और कृष्णा विकास इंजीनियरिंग कॉलेज (रायपुर) नए शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। इससे प्रदेश में इंजीनियरिंग की लगभग एक हजार सीटें कम हो जाएंगी। इन संस्थानों ने स्वयं सीट इनटेक शून्य करने का आवेदन दिया था, जिसे कार्यपरिषद ने स्वीकृति प्रदान कर दी। अब ये कॉलेज डीटीई की काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे और प्रथम वर्ष में नए प्रवेश नहीं ले सकेंगे। इनमें से दो संस्थानों के निजी विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित होने की भी संभावना है।उल्लेखनीय हैं कि एक दशक पहले जहां छत्तीसगढ़ में 38 इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित होते थे, वहीं अब इनकी संख्या और घटने जा रही है। कार्यपरिषद ने राजनांदगांव के योगांतर इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्ण बंदी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को सीएसवीटीयू की निगरानी में अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए विवि विशेष काउंसलिंग आयोजित करेगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। संबद्धता निरीक्षण के दौरान अहिवारा के आईबीटी पॉलिटेक्निक, मनसा पॉलिटेक्निक और मेदुका स्थित आयुष पॉलिटेक्निक में गंभीर कमियां पाई गईं। निरीक्षण टीम को शिक्षकों की कमी, प्रयोगशालाओं का अभाव और 33 से अधिक अन्य खामियां मिलीं। इसके बाद इन तीनों संस्थानों को इस वर्ष के लिए जीरो इनटेक कर दिया गया है। यानी वे नए छात्रों को प्रवेश नहीं दे सकेंगे। संस्थानों को एक वर्ष के भीतर कमियां दूर कर पुन: आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं।सीएसवीटीयू के कुलपति डॉ. अरुण अरोरा ने कहा कि कार्यपरिषद ने तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोग्रेसिव क्लोजर को मंजूरी दी है। इनके सीट इनटेक शून्य कर दिए गए हैं। वहीं संसाधनों के अभाव में संचालित तीन पॉलीटेक्निक कॉलेजों के नए प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।</description ></item><item><title>बालोद में अवैध उत्खनन और परिवहन पर 3 हाइवा वाहन जब्त</title><link>https://cnin.co.in/बालोद-में-अवैध-उत्खनन-और-परिवहन-पर-3-हाइवा/80556</link><description>बालोद। छत्तीसगढ़ में खनिजों के अवैध खनन और परिवहन पर प्रशासन ने जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सघन जांच अभियान शुरू किया है। खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें औचक निरीक्षण कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना व जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बालोद जिले में लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा आज बालोद एवं गुरूर विकासखंड क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया।निरीक्षण के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर खनिज विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 03 हाइवा वाहनों को जब्त किया। जब्त वाहनों को नियमानुसार थाना एवं आरक्षी केन्द्र बालोद तथा सनौद की अभिरक्षा में रखा गया है। जिला खनि अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित रूप से जांच एवं निरीक्षण अभियान संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि खनिज जांच दल द्वारा आगे भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाएगी तथा अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके और खनिज नियमों का प्रभावी पालन हो।</description ></item><item><title>बस्तर संभाग में रेशम विकास कार्यों की समीक्षा, ग्रामोद्योग सचिव ने किसानों की आय बढ़ाने और धागाकरण मशीनों को शीघ्र शुरू करने के दिए निर्देश</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-संभाग-में-रेशम-विकास-कार्यों-की/80555</link><description>जगदलपुर। छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने अपने जगदलपुर प्रवास के दौरान बस्तर संभाग में रेशम विकास कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने रेशम विभाग द्वारा संचालित सिल्क समग्र योजना के तहत किए जा रहे रेशम विस्तार और उत्पादन कार्यों का जमीनी स्तर पर अवलोकन किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि चालू वर्ष में सभी लाभार्थी किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाए।प्रगतिशील किसान शिबूराम के खेत और कृमिपालन इकाई का किया निरीक्षणसचिव श्री राणा ग्राम सोसनपाल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रगतिशील रेशम कृषक श्री शिबूराम के खेत एवं कृमिपालन इकाई का निरीक्षण किया। कृषक शिबूराम ने अपने खेत में उन्नत प्रजाति के व्ही-1 शहतूत का रोपण किया है और वर्तमान में 50 स्वस्थ डिम्ब समूहों का कृमिपालन कर रहे हैं। किसान ने बताया कि योजना के तहत उन्हें शहतूत पौधरोपण, सिंचाई विकास, कृमिपालन भवन निर्माण, उपकरण और नि:संक्रमण सामग्री के लिए सरकार से किश्तों में आर्थिक सहायता मिली है। उन्होंने रेशम कीटपालन से अब तक 55 हजार की आय अर्जित कर ली है। उप संचालक (रेशम) ने इस दौरान जानकारी दी कि सिल्क समग्र योजना के अंतर्गत अकेले बस्तर जिले में अब तक 90 कृषकों के यहां शहतूत पौधरोपण का कार्य पूरा किया जा चुका है। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी किसानों की आय का नियमित विश्लेषण कर डेटा तैयार किया जाए और उन्हें समय पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाए।केंद्रीय रेशम बोर्ड का निरीक्षण, स्वस्थ डिम्ब समूहों की समय पर उपलब्धता के निर्देशसचिव श्री राणा ने बस्तर स्थित भारत सरकार के केंद्रीय रेशम बोर्ड के बुनियादी बीज प्रगुणन एवं प्रशिक्षण संस्थान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां वैज्ञानिकों से स्वस्थ डिम्ब समूह (रेशम के अंडे) तैयार करने की प्रक्रिया समझी और निर्देशित किया कि विभाग की मांग के अनुरूप इनकी समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि संभाग में कोसाफल उत्पादन में तेजी से बढ़ोतरी हो सके।कांकेर के झीपाटोला में 10.82 लाख रूपए के रेशम धागे का उत्पादन, रोजगार पर जोरसमीक्षा बैठक के दौरान श्री राणा ने रेशम धागाकरण (त्ममसपदह) गतिविधियों की विशेष समीक्षा की। उन्होंने संभाग की सभी बंद या सुस्त पड़ी धागाकरण मशीनों को तुरंत पूरी क्षमता के साथ प्रारंभ करने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय धागाकारकों को निरंतर स्वरोजगार मिलता रहे। बैठक में जिला रेशम अधिकारी कांकेर, श्रीमती वेणी कश्यप ने बताया कि कांकेर जिले के झीपाटोला के धागाकरण समूहों द्वारा अब तक 10 लाख 82 हजार 784 मूल्य का रेशम धागा तैयार कर शानदार आय अर्जित की गई है।सचिव ने इस सफलता को सराहते हुए धागाकरण गतिविधियों को और अधिक सघनता से संचालित करने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में निरंतर वृद्धि हो सके। बस्तर में 90 किसानों के खेतों में सफलतापूर्वक हुआ शहतूत पौधरोपण। झीपाटोला (कांकेर) के समूहों ने 10.82 लाख से अधिक के रेशम धागे का किया उत्पादन। सभी धागाकरण मशीनों को शीघ्र चालू करने तथा वैज्ञानिकों को समय पर डिम्ब समूह उपलब्ध कराने के आदेश।</description ></item><item><title>संकट की घड़ी में सहारा बना प्रशासन, आंधी-तूफान प्रभावित 474 परिवारों को 69 लाख से अधिक की राहत सहायता</title><link>https://cnin.co.in/संकट-की-घड़ी-में-सहारा-बना-प्रशासन,-आंधी/80554</link><description>00 त्वरित कार्रवाई से संभले हालात, क्षतिग्रस्त मकानों और सार्वजनिक संपत्तियों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरूरायपुर। प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं से प्रभावित नागरिकों को राज्य आपदा मोचन निधि के तहत तत्काल अनुग्रह राशि और राहत सामग्री प्रदान की जाती है। जनहानि, गंभीर चोट, और घर या संपत्ति के नुकसान की स्थिति में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार सुकमा जिले में हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की घटना के बाद जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाई। प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए।प्रभावित परिवारों तक पहुंची त्वरित राहतराजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत आपदा प्रभावित नागरिकों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिले के 474 प्रभावित हितग्राहियों को कुल 69 लाख 32 हजार 700 रुपये की राहत राशि वितरित की गई। सबसे अधिक प्रभावित तोंगपाल क्षेत्र के परिवारों को प्राथमिकता देते हुए लगभग 36 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली।पीडि़त परिवारों के साथ खड़ा रहा प्रशासनआपदा से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया। जनहानि और पशुधन हानि से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी जरूरतमंद परिवार राहत और सहायता से वंचित न रहे। प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया गया कि संकट की इस घड़ी में शासन और प्रशासन उनके साथ खड़ा है।क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण की दिशा में पहलआंधी-तूफान से जिले में 1,407 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन द्वारा क्षति का सर्वेक्षण कर पुनर्निर्माण और मरम्मत की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके साथ ही लगभग 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों के सुधार और बहाली के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।तेजी से सामान्य हो रहा जनजीवनप्रशासन की त्वरित कार्रवाई, सतत निगरानी और मानवीय दृष्टिकोण के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि प्रभावित परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। सुकमा जिला प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि आपदा की कठिन घड़ी में संवेदनशील शासन और त्वरित राहत व्यवस्था लोगों के लिए भरोसे और संबल का मजबूत आधार बन सकती है।</description ></item><item><title>रेलवे मानचित्र पर बस्तर को मिली नई पहचान : भाजपा</title><link>https://cnin.co.in/रेलवे-मानचित्र-पर-बस्तर-को-मिली-नई-पहचान-:/80553</link><description>00 काँकेर सांसद नाग ने दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना से लौह अयस्क का परिवहन शुरू होने पर व्यक्त की प्रसन्नतारायपुर। भारतीय जनता पार्टी के सांसद भोजराज नाग ने बहुप्रतीक्षित दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के अंतर्गत रावघाट (सरगीपाल) रेलवे स्टेशन से पहली बार लौह अयस्क का परिवहन सफलतापूर्वक शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है और इसे बस्तर के इतिहास में एक स्वर्णिम एवं ऐतिहासिक पड़ाव बताया है।भाजपा सांसद नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद के काले साए से बाहर निकलकर विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। वर्षों का लंबा इंतजार अब समाप्त हो चुका है और रावघाट तक रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद मालगाडिय़ों की आवाजाही शुरू होना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि बस्तर अब विकास की पटरी पर तीव्र रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। श्री नाग ने भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) प्रबंधन, रेलवे के अधिकारियों, अभियंताओं और सभी श्रमिक भाइयों को बधाई देते हुए कहा कि इंजन और मालगाड़ी रैक का यह सफल ट्रायल बस्तर की आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार बनेगा। रावघाट क्षेत्र के महत्वपूर्ण लौह अयस्क भंडारों से खनिजों का परिवहन शुरू होने से स्थानीय स्तर पर उद्योगों और व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे परिवहन लागत में भारी कमी आएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।भाजपा सांसद श्री नाग ने कहा कि रेलवे मानचित्र पर बस्तर अब एक बड़े औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। माल परिवहन के सुचारू संचालन से सहायक उद्योगों और सेवा क्षेत्रों का तेजी से विस्तार होगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मालगाडिय़ों की सफल शुरुआत के बाद अब नारायणपुर और आस-पास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों के लिए जल्द ही यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। श्री नाग ने कहा कि यह केवल एक खनिज परिवहन की शुरुआत नहीं है, बल्कि नारायणपुर और बस्तर के प्रत्येक नागरिक के सामाजिक और आर्थिक उत्थान का एक नया अध्याय है। डबल इंजन की सरकार बस्तर के बुनियादी ढाँचे, सड़क, संचार और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</description ></item><item><title>टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने की चर्चा</title><link>https://cnin.co.in/टीबी-मुक्त-भारत-अभियान-को-लेकर-केन्द्रीय/80552</link><description>रायपुर। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रियों से टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर व्यापक चर्चा की। छत्तीसगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंस से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भाग लिया और उन्होंने टीबी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तेजी से कई गांव एवं ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुए है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव विकासशील भी छत्तीसगढ़ से शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी राज्यों के मुख्य सचिव भी शामिल हुए। नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लिए हम सभी केन्द्र एवं राज्यों की सरकारें आपसी समन्वय से कार्य कर रहे है। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को सभी के सहयोग से पूरा कर लिया जाएगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने टीबी के मरीजों की तेजी से पहचान करने, इलाज में नियमिता, हाई रिस्क वाले क्षेत्रों में मरीजों की जांच एवं ईलाज तथा त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। इसी तरह से जनप्रतिनिधियों के सहयोग एवं जनसहभागिता से कार्य करने पर बल दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अधिकारी भी शामिल हुए।</description ></item><item><title>उप मुख्यमंत्री साव ने इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया स्थल निरीक्षण, कुछ दिनों पहले शुरू हुआ है काम</title><link>https://cnin.co.in/उप-मुख्यमंत्री-साव-ने-इंटिग्रेटेड-स्पोर्ट्स/80551</link><description>00 91 करोड़ से अधिक की लागत से 34 एकड़ में बन रहा इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स00 18 खेलों के लिए होंगी सुविधाएं विकसितरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान पुसौर विकासखंड के ग्राम लोहरसिंग में बन रहे इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के स्थल का निरीक्षण किया। वहां कुछ दिनों पहले ही इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टॉफ-रूम एवं पहुंच मार्ग का काम शुरू हुआ है। श्री साव ने कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।रायगढ़ में 91 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 34 एकड़ में इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। यहां फुटबॉल, एथलेटिक्स, इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, हॉकी और तीरंदाजी सहित 18 खेलों की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन के अनुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।साव ने रायगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की सहायक संचालक श्रीमती प्रतिमा सागर को जिले में खेल संघों का गठन कर इनके माध्यम से खिलाडिय़ों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले रायगढ़ जिले के खिलाडिय़ों को विशेष रूप से सहयोग प्रदान करने के भी निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह आधुनिक खेल परिसर रायगढ़ और पूरे क्षेत्र के खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। हमारा लक्ष्य ऐसा विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना विकसित करना है, जहां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सके। यह सर्वसुविधायुक्त इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जिले में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त बृजेश सिंह छत्री और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता अमित कश्यप भी निर्माणाधीन इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति वित्तीय प्रोत्साहनों को सीधे रोजगार सृजन से जोड़ेगी: वित्त मंत्री चौधरी</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-की-नई-औद्योगिक-नीति-वित्तीय/80550</link><description>00 ईपीएफओ रायपुर ने किया प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के क्षेत्रीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजनरायपुर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा एम्स सभागार, रायपुर में एक क्षेत्रीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के सफल क्रियान्वयन को रेखांकित करता है। देशव्यापी अभियान के तहत नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली जुड़कर प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से देश भर के लाभार्थियों के खातों में लगभग 2,400 करोड़ की भारी प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की। नई दिल्ली में आयोजित मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम के समानांतर, रायपुर के इस आयोजन ने स्थानीय लाभार्थियों और नियोक्ताओं को सम्मानित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया, जहां औपचारिक अर्थव्यवस्था में प्रवेश को दर्शाते हुए नव-नियुक्त युवाओं को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने योजना के दोहरे लाभ पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि जहां एक ओर पहली बार औपचारिक क्षेत्र में नौकरी पाने वाले युवाओं को कार्यबल में शामिल होने पर महत्वपूर्ण वित्तीय प्रोत्साहन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर नियोक्ताओं को भी अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रोत्साहित व पुरस्कृत किया जा रहा है। श्री अग्रवाल ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल से अकेले छत्तीसगढ़ राज्य में 10,000 से अधिक नए रोजगार सृजित करने की अपार क्षमता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि रोजगार के ये नए अवसर न केवल युवाओं के जीवन को बदल रहे हैं, बल्कि व्यवस्थित रूप से भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत और गति प्रदान करेंगे।छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्रीओमप्रकाश चौधरी ने कार्यक्रम में बोलते हुए योजना के तहत 2,400 करोड़ के देशव्यापी रोलआउट की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति वास्तव में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के लिए एक एकीकृत ऐड-ऑन के रूप में कार्य करेगी। इस राज्य-विशिष्ट ढांचे के तहत, स्थानीय उद्योगों और नियोक्ताओं को उनके द्वारा सृजित किए जाने वाले रोजगार के अवसरों की संख्या के आधार पर अतिरिक्त राज्य प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही चौधरी ने पूर्ववर्ती परिदृश्य की समीक्षा करते हुए कहा कि 2014 से पहले की शिक्षा प्रणाली वास्तविक बाजार की जरूरतों और आवश्यकताओं से काफी हद तक कटी हुई थी। उन्होंने रेखांकित किया कि 2014 के बाद कौशल प्रशिक्षण और व्यावसायिक कौशल की ओर किए गए निर्णायक बदलाव ने उद्योगों को एक अत्यंत सक्षम और रोजगार-तैयार कार्यबल उपलब्ध कराया है।छत्तीसगढ़ के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी आर्थिक दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे इस योजना ने श्रम क्षेत्र को औपचारिक रूप देने और कमजोर वर्ग के श्रमिकों को एक विश्वसनीय सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने शुरुआती स्तर पर ही इस योजना के क्रियान्वयन में शानदार सफलता और अनुपालन प्रदर्शित किया है।रायपुर में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम देश भर में एक साथ 200 स्थानों पर चलाए जा रहे समन्वित राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा था, जिसमें राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों सहित करीब 70,000 शीर्ष स्तर के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और दूरदर्शन के माध्यम से विज्ञान भवन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण इन सभी केंद्रों पर किया गया। भारत सरकार की यह प्रमुख रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन योजना कुल 99,446 करोड़ के भारी-भरकम बजट के साथ दो साल की अवधि में देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां पैदा करने के बड़े लक्ष्य पर काम कर रही है।</description ></item><item><title>कलेक्ट्रेट टाउन हॉल में पीएम नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का समापन</title><link>https://cnin.co.in/कलेक्ट्रेट-टाउन-हॉल-में-पीएम-नरेंद्र-मोदी-के/80549</link><description>रायपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित टाउन हॉल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सफल एवं ऐतिहासिक 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों पर आधारित तीन दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का आज समापन हुआ। प्रदर्शनी में केंद्र सरकार द्वारा सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्यों को चित्रों एवं जानकारी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसमें प्रधानमंत्री जन-मन योजना, स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों एवं ऐतिहासिक निर्णयों को भी प्रदर्शनी में दर्शाया गया। तीन दिवसीय प्रदर्शनी में भारी संख्या में आम नागरिकों ने पहुंचकर अवलोकन किया और शासन की योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।</description ></item><item><title>ज्ञान भारतम् मिशन सर्वेक्षण के प्रथम चरण का समापन</title><link>https://cnin.co.in/ज्ञान-भारतम्-मिशन-सर्वेक्षण-के-प्रथम-चरण-का/80548</link><description>00 कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया पाण्डुलिपि संरक्षकों एवं सर्वेयरों का सम्मानरायपुर। ज्ञान भारतम् मिशन हस्तलिखित पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रथम चरण के अंतिम दिवस पर जिले में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संरक्षकों एवं सर्वेयरों को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। कलेक्टर डॉ. सिंह ने सर्वेक्षण कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले सभी संरक्षकों एवं सर्वेयरों की सराहना करते हुए कहा कि जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहरों के संरक्षण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हस्तलिखित पांडुलिपियों का सर्वेक्षण हमारी समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर डॉ. ऋषिराज पांडे, प्रतिमा रश्मि पांडे को सम्मानित किया गया।उल्लेखनीय है कि ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में हस्तलिखित पांडुलिपियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण एवं सर्वेक्षण का कार्य व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। प्रथम चरण में प्राप्त उपलब्धियों के आधार पर आगामी द्वितीय चरण में भी इस अभियान को और अधिक गति प्रदान की जाएगी।</description ></item><item><title>सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति का त्वरित एवं कैशलेस उपचार उपलब्ध कराना करें सुनिश्चित : कलेक्टर</title><link>https://cnin.co.in/सड़क-दुर्घटना-के-शिकार-व्यक्ति-का-त्वरित-एवं/80547</link><description>00 पीएम राहत कैशलेस उपचार योजना एवं राहवीर योजना पर संभाग स्तरीय प्रशिक्षण आयोजितरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की उपस्तिथि में कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में प्रधानमंत्री राहत कैशलेस उपचार योजना एवं राहवीर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. सिंह ने कहा कि यह प्रभावी योजना है, आप सभी लोग जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें 7 इस योजना में पुलिस की भूमिका अहम है7 उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करें और पूरी कोशिश करें कि कोई भी प्रकरण न छूटे, जिससे कोई भी पीडि़त व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित न रहे 7 यह प्रशिक्षण सड़क दुर्घटना पीडि़तों को त्वरित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने तथा पुलिस एवं स्वास्थ्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को योजना के प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं की समस्त जानकारी प्रदान करना था।प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रधानमंत्री राहत कैशलेस उपचार योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के बाद की महत्वपूर्ण अवधि में त्वरित एवं निर्बाध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में दुर्घटना पीडि़तों को बिना किसी अग्रिम भुगतान के कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में आर्थिक कारणों से उपचार में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस प्रथम प्रतिक्रिया दल (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) के रूप में तत्काल घटनास्थल पर पहुंचेगी तथा घायल व्यक्ति को निकटतम अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। साथ ही ई-डीएआर में दुर्घटना एवं पीडि़त से संबंधित जानकारी दर्ज कर निर्धारित समय-सीमा में उसका सत्यापन किया जाएगा। ई-डीएआर प्रणाली सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों के डिजिटल एवं पारदर्शी प्रबंधन का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए दुर्घटना, उपचार, पुलिस जांच तथा क्लेम संबंधी समस्त जानकारी एकीकृत रूप से उपलब्ध रहती है।अस्पतालों की भूमिका के संबंध में बताया गया कि दुर्घटना पीडि़त को तत्काल भर्ती कर उपचार प्रारंभ किया जाएगा तथा उपचार के लिए किसी प्रकार की अग्रिम राशि नहीं ली जाएगी। अस्पताल द्वारा टीएमएस पोर्टल में मरीज का पंजीयन कर क्लेम से संबंधित जानकारी ऑनलाइन अपलोड की जाएगी, जिससे उपचार राशि के भुगतान की प्रक्रिया सरल एवं त्वरित रूप से पूर्ण हो सके। प्रशिक्षण में राहवीर योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने अथवा उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रोत्साहन राशि एवं सम्मान प्रदान किया जाता है। यह योजना समाज में मानवीय संवेदनाओं एवं सहयोग की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस दौरान आईआरएडी, ई-डीएआर प्रणाली, सिटीराव फ्लो, डेटा एंट्री वर्कफ्लो तथा दुर्घटना डेटा प्रबंधन से संबंधित तकनीकी एवं कार्यात्मक पहलुओं पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही प्रशिक्षण का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के डी.आई.ओ श्री पी.सी. वर्मा ने किया।</description ></item> </channel></rss>