<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><rss version='2.0'><channel><title>CNIN News Network | Chhattisgarh News and Information Network | Chhattisgarh Madhya Pradesh | Hindi News | CG News | MP News</title><link>https://cnin.co.in</link><description>CNIN News Network | Chhattisgarh News and Information Network | Chhattisgarh Madhya Pradesh | Hindi News | CG News | MP News</description><language>en-us</language><item><title>राज्य स्तरीय ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ समारोह एवं छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन 14 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच में</title><link>https://cnin.co.in/राज्य-स्तरीय-‘विभाजन-विभीषिका-स्मृति-दिवस’/82657</link><description>&amp;nbsp;विभाजन की पीड़ा को स्मरण कर एकता और सद्भाव का संकल्प लेगा छत्तीसगढ़मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, संस्कृति मंत्री &amp;nbsp;राजेश अग्रवाल करेंगे अध्यक्षतारायपुर--देश के इतिहास के सबसे पीड़ादायक अध्यायों में से एक वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी, विस्थापन, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने के उद्देश्य से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित राजभवन के पास पुरातत्व संचालनालय परिसर के मुक्ताकाशी मंच पर राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समारोह में विभाजन की त्रासदी से जुड़े छायाचित्रों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसके माध्यम से नई पीढ़ी को देश के विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष से परिचित कराया जाएगा।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि होंगे, जबकि पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध निर्देशक, निर्माता एवं अभिनेता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति श्री सच्चिदानंद शुक्ला मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित चर्चित चलचित्र ‘पिंजर’ के निर्देशक तथा प्रसिद्ध धारावाहिक ‘चाणक्य’ में अपने अभिनय के लिए भी जाने जाते हैं।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;समारोह में पीठाधीश्वर श्री युधिष्ठिर लाल महाराज जी, पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक गण श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री यशवंत जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।*14 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस*&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ, लेकिन स्वतंत्रता के साथ देश को विभाजन की ऐसी भीषण त्रासदी से गुजरना पड़ा, जिसने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। भारत के विभाजन के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर, गांव, जमीन-जायदाद और आजीविका छोड़कर अनजान स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा। विभाजन के दौरान व्यापक हिंसा, अव्यवस्था और मानवीय पीड़ा का दौर देखने को मिला। असंख्य लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया और लाखों परिवारों का जीवन हमेशा के लिए बदल गया। भारत सरकार की विभाजन संबंधी ऐतिहासिक सामग्री में लगभग दो करोड़ लोगों के प्रभावित होने का उल्लेख मिलता है।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; इसी ऐतिहासिक पीड़ा और विभाजन के दौरान हुए संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त 2021 को प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य विभाजन के पीड़ितों और विस्थापित परिवारों के संघर्ष एवं बलिदान को सम्मान देना तथा वर्तमान और भावी पीढ़ियों को उस दौर की मानवीय त्रासदी से परिचित कराना है।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ केवल अतीत के दुखद घटनाक्रम को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य के लिए सीख लेने का अवसर भी है। इस दिवस का मूल संदेश सामाजिक विभाजन, वैमनस्य और दुर्भावना से ऊपर उठकर एकता, सामाजिक सद्भाव, मानवीय संवेदना और परस्पर सहयोग को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस दिवस की घोषणा करते हुए विभाजन के दौरान हिंसा और घृणा के कारण विस्थापित हुए लोगों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। सरकार के अनुसार, इस दिवस का उद्देश्य देशवासियों को यह याद दिलाना है कि सामाजिक सद्भाव और एकता को मजबूत रखना राष्ट्र की स्थायी जिम्मेदारी है।&amp;nbsp;*छायाचित्र प्रदर्शनी में दिखेगा विभाजन का मानवीय पक्ष*&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित होने वाली छायाचित्र प्रदर्शनी इस आयोजन का विशेष आकर्षण होगी। प्रदर्शनी में विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक छायाचित्रों और घटनाओं के माध्यम से उस समय की परिस्थितियों को सामने लाया जाएगा। विस्थापन के लिए मजबूर परिवार, अपने घर-गांव छोड़कर जाते लोग, शरणार्थी शिविर, पलायन की पीड़ा और उस दौर की सामाजिक परिस्थितियां नई पीढ़ी को इतिहास के उस अध्याय से जोड़ने का माध्यम बनेंगी।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देशभर में प्रदर्शनी, संगोष्ठी, मौन मार्च, चलचित्र प्रदर्शन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा भी विभाजन की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए छायाचित्र प्रदर्शनियों, मौन मार्च, परिचर्चाओं, पुस्तकों के प्रकाशन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया है।&amp;nbsp; भारत सरकार की ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ पहल के अंतर्गत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के लिए व्यापक छायाचित्र प्रदर्शनी सामग्री भी तैयार की गई है। इसका उद्देश्य विभाजन की घटनाओं और उसके मानवीय प्रभाव को दस्तावेजों, छायाचित्रों और व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।&amp;nbsp;*इतिहास के दर्दनाक अध्याय को जानना नई पीढ़ी के लिए जरूरी*&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 1947 का विभाजन केवल राजनीतिक सीमाओं के निर्धारण की घटना नहीं था, बल्कि यह करोड़ों लोगों के सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में आए व्यापक बदलाव की त्रासदी भी थी। अचानक खींची गई सीमाओं ने वर्षों से साथ रह रहे परिवारों, समुदायों और समाजों को प्रभावित किया। बड़ी संख्या में लोगों को अपने पुश्तैनी घर छोड़ने पड़े और नए स्थानों पर शून्य से जीवन शुरू करना पड़ा।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;विभाजन की स्मृतियों को सामने लाने का उद्देश्य किसी समुदाय के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास की उस पीड़ा को समझना है ताकि समाज भविष्य में हिंसा, घृणा और विभाजनकारी मानसिकता से बच सके। विभाजन की त्रासदी को याद करना भावी पीढ़ियों को उसके मानवीय मूल्य और प्रभाव समझाने तथा बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में प्रेरित करने का माध्यम है।&amp;nbsp;*विभाजन की स्मृतियों को संस्कृति और इतिहास से जोड़ने की पहल*&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;संस्कृति विभाग द्वारा रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम इसी व्यापक उद्देश्य की कड़ी है। संस्कृति के माध्यम से इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को देश के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रसंगों से परिचित कराने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में इतिहास, साहित्य, संस्कृति और चलचित्र जगत से जुड़े वक्ताओं की उपस्थिति इसे विशेष वैचारिक आयाम प्रदान करेगी। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसे इतिहास और संस्कृति की पृष्ठभूमि पर सृजन करने वाले प्रसिद्ध निर्देशक तथा श्री सच्चिदानंद शुक्ला जैसे शिक्षाविद् एवं साहित्यिक दृष्टि रखने वाले वक्ता विभाजन की ऐतिहासिक और मानवीय परिस्थितियों पर अपने विचार साझा करेंगे।*छत्तीसगढ़ में स्मृति, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संदेश*&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;छत्तीसगढ़ में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर सामने आ रहा है। एक ओर देश 15 अगस्त को अपनी स्वतंत्रता का गौरव मनाएगा, वहीं उससे एक दिन पहले 14 अगस्त को उन असंख्य लोगों के संघर्ष और बलिदान को याद किया जाएगा, जिन्होंने विभाजन की पीड़ा झेली। मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी और राज्य स्तरीय समारोह के माध्यम से लोगों को इतिहास के उस अध्याय को समझने का अवसर मिलेगा, जिसने स्वतंत्र भारत की यात्रा पर गहरा प्रभाव डाला। यह आयोजन देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को और मजबूत करने का संदेश देगा।*14 अगस्त को दोपहर 12.30 बजे होगा राज्य स्तरीय समारोह*&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;राज्य स्तरीय ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ समारोह 14 अगस्त 2026 को दोपहर 12.30 बजे रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, पुरातत्व संचालनालय, राजभवन के पास, सिविल लाइन में आयोजित होगा। समारोह के साथ छायाचित्र प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। यह आयोजन स्वतंत्रता के उल्लास के साथ इतिहास के दर्द को भी स्मरण करने की भारतीय परंपरा को मजबूत करेगा और यह संदेश देगा कि अतीत की त्रासदियों से सीख लेकर वर्तमान में सामाजिक एकता, सद्भाव और राष्ट्र की अखंडता को और मजबूत करना ही उन सभी पीड़ितों और विस्थापितों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>CGMSC पर लगा 1 लाख का जुर्माना निरस्त</title><link>https://cnin.co.in/CGMSC-पर-लगा-1-लाख-का-जुर्माना-निरस्त/82656</link><description>&amp;nbsp;सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को पलटारायपुर--छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) की कार्य शैली और नियम आधारित टेंडर प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मुहर लगा दी है। अदालत ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले को&amp;nbsp; रद्द कर दिया है, जिसमें CGMSC पर 1 लाख का जुर्माना (हर्जाना) लगाया गया था। इस फैसले से साफ हो गया है कि कंपनी की टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह साफ-सुथरी और नियमों के हिसाब से थी।पूरा मामला यह था कि टेंडर से जुड़े एक मामले में एक ठेकेदार ने हाईकोर्ट में शिकायत की थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने CGMSC पर 1 लाख का जुर्माना लगा दिया था। इसके खिलाफ CGMSC सुप्रीम कोर्ट गया। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई में पाया कि निगम की तरफ से कोई गलती नहीं हुई थी।अदालत ने माना कि ठेकेदार ने फॉर्म में जो अपनी ऑफिशियल ईमेल आईडी दी थी, उसी पर समय रहते सारी जरूरी जानकारियां और मैसेज भेजे गए थे। ठेकेदार ने खुद तय समय में जवाब नहीं दिया, इसलिए नियमों के तहत ही उसे टेंडर से बाहर किया गया था।सुप्रीम कोर्ट ने माना कि पूरे मामले में CGMSC का काम बिल्कुल सही था और उस पर लगा 1 लाख का जुर्माना ग़लत है। इस फैसले से साबित हो गया है कि CGMSC अपने सभी टेंडर और खरीदारी में पूरी ईमानदारी और नियमों का पालन करता है। निगम ने कहा है कि वह आगे भी राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ऐसे ही पूरी ईमानदारी के साथ काम करता रहेगा।</description ></item><item><title>उत्तराखंड के चमोली में टनल में पानी भरा,18 मजदूर फंसे:काशी में घाट डूबे</title><link>https://cnin.co.in/उत्तराखंड-के-चमोली-में-टनल-में-पानी-भरा,18/82655</link><description>&amp;nbsp;नई दिल्ली--उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच चमोली में एक टनल में अचानक पानी भर गया। टनल में काम कर रहे 18 मजदूर अंदर फंस गए। सात मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।उधर, उत्तर प्रदेश के बनारस में घाटों की सीढिय़ों तक पानी पहुंच गया है। हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल डूब गया है। घाट की ऊपरी सीढिय़ों पर चिताएं जलाई जा रही हैं। लोगों को 2 से 3 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार करने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उन्नाव मे सड़क पर नाव चलानी पड़ी।बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनने से बुधवार को 20 राज्यों में अच्छी बारिश हुई। अगले 4 दिनों तक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत 15 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट है।देहरादून-मसूरी मार्ग पर लैंडस्लाइड के चलते मलबा सड़क पर आ गिरा। राज्य के 9 जिलों में 67 सड़कें बंद हैं। हिमाचल प्रदेश में बारिश से 204 सड़कें बंद हैं।</description ></item><item><title>कांग्रेस पार्षद के खिलाफ जोन कमिश्नर ने कराई एफआईआर</title><link>https://cnin.co.in/कांग्रेस-पार्षद-के-खिलाफ-जोन-कमिश्नर-ने-कराई/82654</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-रायपुर नगर निगम में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के बीच विवाद की स्थिति किसी न किसी बात को लेकर लगातार बनी हुई है। पिछले दिनों जोन चार में जोन कमिश्नर व उनके वाहन चालक के साथ पार्षद पुत्र का विवाद &amp;nbsp;पुलिस तक पहुंच गया था अब &amp;nbsp;जोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल की शिकायत पर कांग्रेस पार्षद संदीप साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि पार्षद ने जोन कमिश्नर गाली गलौच कर जान से मारने व देख लेने की धमकी दी। विवाद सफाई कर्मचारियों को लेकर ही था। मामले को लेकर जोन कमिश्नर से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर नहीं हो पाया।उधर कांग्रेस पार्षद ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि आरोप गलत है दरअसल सफाई कर्मचारियों से कमीशन मांगा जा रहा था,अवैध निर्माण पर वे कार्रवाई चाह रहे थे जिसे जोन कमिश्नर स्वीकार नहीं रहे हैं। सफाई गाडिय़ां जो 8 से 10 की संख्या में बंद पड़ी हैं उसके नाम पर डीजल का पैसा निकाला जा रहा है। एक प्रकार से यह जोन अवैध वसूली का अड्डा बन चुका है जिसे वे उजागर कर रहे हैं तो उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया जा रहा है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मंत्री राजवाड़े ने सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को बांटी साइकिलें</title><link>https://cnin.co.in/मंत्री-राजवाड़े-ने-सरस्वती-साइकिल-योजना-के/82653</link><description>00 दूरस्थ क्षेत्रों की बेटियों के लिए शिक्षा और सुरक्षित आवागमन को बताया सरकार की प्राथमिकतासूरजपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री और भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को नि:शुल्क साइकिलों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवनंदनपुर (विश्रामपुर) में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिलें प्रदान कीं। इसके बाद उन्होंने विकासखंड भैयाथान के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दर्रीपारा में भी बालिकाओं को साइकिलें वितरित कीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को विद्यालय तक पहुंचने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सरस्वती साइकिल योजना उनके लिए सुविधा और आत्मविश्वास दोनों का माध्यम बनेगी। इससे छात्राओं के समय की बचत होगी, नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और वे उच्च शिक्षा की ओर अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ सकेंगी।उन्होंने छात्राओं से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने परिवार, गांव तथा प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि आर्थिक या भौगोलिक कारणों से किसी भी बेटी की पढ़ाई प्रभावित न हो। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शाला विकास समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं। कार्यक्रम में छात्राओं और अभिभावकों ने योजना के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे बालिका शिक्षा के लिए उपयोगी पहल बताया।</description ></item><item><title>विचलित भूपेश लगातार खो रहे है भाषा की गरिमा : लक्ष्मी</title><link>https://cnin.co.in/विचलित-भूपेश-लगातार-खो-रहे-है-भाषा-की-गरिमा-:/82652</link><description>00 प्रधानमंत्री के लिए दिए बयान पर माफी मांगनी चाहिएरायपुर। हर मोर्चे पर असफल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार विचलित चल रहे हैं। यही कारण है कि अपनी भाषा की गरिमा बघेल लगातार खोते जा रहे हैं, और जो कह रहे है वह उनकी भाषा की गरिमा व उनके संस्कार को दिखाता है। कांग्रेस की राजनीति में अलग-थलग पड़े बघेल केवल अपने को स्थापित करने की कवायद कर रहे हैं और अलग-अलग खेमों में बँटी कांग्रेस का उन्हें समर्थन भी नहीं मिल रहा है, जिसके चलते बघेल अपना मानसिक संतुलन खो बैठते हैं।भारतीय जनता पार्टी की राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचारियों के मसीहा के रूप में भूपेश बघेल अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। यही कारण है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए जिस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे है, उसमें उनकी खीझ दिखती है। छत्तीसगढ़ में पूरी तरह से नकारे जाने के बाद अब पंजाब में भी कांग्रेस नेताओं ने उनका साथ छोड़ दिया है। पंजाब में तो भूपेश वापस जाओ के पोस्टर से कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बघेल का स्वागत किया। श्रीमती वर्मा ने कहा कि उनके सपने मुंगेरीलाल के हसीन सपने हैं, जो कभी पूरी नहीं होंगे। राज्य में कांग्रेस की कभी वापसी हो नहीं सकती क्योंकि कांग्रेस शासनकाल में भ्रष्टाचार का काला युग पूरे प्रदेश ने देखा है और अब उसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी। जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का विकास हो रहा है, उससे पूरी कांग्रेस पार्टी और उसके नेता बेचैन हो गए हैं। श्रीमती वर्मा ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अपने दिए बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।</description ></item><item><title>महतारी वन्दन योजना में 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाओं को भी जोडऩे की दिशा में संवेदनशील पहल : शताब्दी पाण्डे</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वन्दन-योजना-में-40-वर्ष-से-अधिक-आयु-की/82651</link><description>00 महतारी वन्दन योजना की 30वीं किश्त का अंतरण प्रदेश की माताओं-बहनों के सशक्तीकरण और स्वावलम्बन की दिशा में ऐतिहासिक कदमरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की भाजपा सरकार समाज के हर वर्ग तक महतारी वन्दन योजना का लाभ पहुँचाने के लिए कटिबद्ध है। इसी क्रम में 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाओं को योजना में शामिल किए जाने हेतु प्रारम्भिक गणना की गई है। राज्यभर में लगभग 65 हजार महिलाएँ सम्भावित हैं, जिनके लिए 78 करोड़ रुपये वार्षिक का प्रावधान किया जाएगा।भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती शताब्दी पाण्डे ने कहा कि महतारी वन्दन योजना से 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाओं को जोडऩे का राज्य सरकार का यह कदम दूरस्थ अंचल की बहनों, विशेषकर बस्तर एवं नियद नेल्लानार क्षेत्रों की अविवाहित महिलाओं के जीवन में नई किरण और आर्थिक सुरक्षा लेकर आएगा। भाजपा सरकार प्रदेश की हर माता और बहन के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित है। महतारी वन्दन योजना की 30वीं किश्त जारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रीमती पाण्डे ने इसे प्रदेश सरकार का नारी सशक्तीकरण की दिशा में बढ़ता कदम बताया और कहा कि भाजपा सरकार जो कहती है, वह करके दिखाती है। 01 मार्च 2024 से लागू हुई महतारी वन्दन योजना ने राज्य की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके सामाजिक सशक्तीकरण, कुपोषण एवं एनीमिया निवारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। योजना का लाभ लेने हेतु कुल 70,27,154 हितग्राहियों द्वारा आवेदन किया गया था जिनमें से 70,09,578 पात्र महिलाओं को 10 मार्च 2024 को प्रथम बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों से राशि का अंतरण किया गया। महतारी वन्दन योजना में डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाता है। इसका उपयोग राज्य की महिलाओं द्वारा सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण एवं कुपोषण, एनीमिया निवारण में किया जा रहा है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती पाण्डे ने कहा कि योजना के प्रारम्भ से अब तक प्रदेश की महिलाओं को 29 किश्तों में 18813 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। विगत 5 अगस्त को मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा प्रदेश की महतारियों को 30वीं किश्त के भुगतान किया गया है। विभाग द्वारा 30वीं किश्त में ई-केवाईसी करा चुकीं 67,20,125 हितग्राहियों को कुल राशि 630,55,54,300 रुपये का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया गया है। इस प्रकार 30वीं किश्त के साथ योजना के हितग्राहियों को 19,444.33 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। श्रीमती पाण्डे ने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु लक्षित 68.69 लाख हितग्राहियों में से 67.34 लाख महिलाओं (लगभग 98.04 प्रतिशत) का ई-केवायसी कार्य पूर्ण हो चुका है, तथा शेष 1.96' का कार्य भी तेजी से जारी है।</description ></item><item><title>विश्व हाथी दिवस पर हाथी संरक्षण और सुरक्षित सह-अस्तित्व का दिया संदेश</title><link>https://cnin.co.in/विश्व-हाथी-दिवस-पर-हाथी-संरक्षण-और-सुरक्षित/82650</link><description>00 गज संकेत ऐप का शुभारंभ, हाथी मित्र दल को टी-शर्ट और टॉर्च वितरितगौरेला-पेंड्रा-मरवाही। विश्व हाथी दिवस हाथियों के प्राकृतिक आवास की रक्षा, शिकार को रोकने और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए दुनिया भर में जागरूकता फैलाता है। विश्व हाथी दिवस के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र में हाथी संरक्षण, हाथी-मानव द्वंद्व की रोकथाम और जन- जागरूकता को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हाथियों के कारण जनहानि से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।जिला प्रशासन गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और वन विभाग ने हाथी-मानव द्वंद्व से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। साथ ही प्रभावित परिवारों को रोजगार और आजीविका के साधनों से जोडऩे तथा पात्र मामलों में शासन के प्रावधानों के अनुसार समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि हाथियों और लोगों की सुरक्षा प्रशासन और वन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इंसानों और हाथियों के बीच बढ़ते टकराव को कम करने के लिए सकारात्मक विकल्प तलाशना है द्य उन्होंने कहा कि हाथी-मानव द्वंद्व को कम करने के लिए प्रशासन, वन विभाग, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि हाथियों की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें, हाथियों के पास न जाएं और उन्हें किसी भी तरह से परेशान न करें।वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी और गश्त की जा रही है। कार्यक्रम में गज संकेत ऐप का शुभारंभ किया गया। इस ऐप के माध्यम से हाथियों की उपस्थिति और गतिविधियों की जानकारी तुरंत साझा की जा सकेगी, जिससे समय पर सतर्कता और आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। हाथी-मानव द्वंद्व की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने वाले हाथी मित्र दल के सदस्यों को टी-शर्ट और टॉर्च वितरित कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हाथियों और लोगों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना, जनहानि की घटनाओं को कम करना और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना रहा।कार्यक्रम में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., वनमंडलाधिकारी श्री कुमार निशांत, वन सभापति श्रीमती राधा रैदास, जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और हाथी मित्र दल के सदस्य उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>पगडंडी से पक्की सड़क तक पहुंचा अबुझमाड़, पीएम जनमन से रोशन हुई,झारावाही-हत्लानार की राह</title><link>https://cnin.co.in/पगडंडी-से-पक्की-सड़क-तक-पहुंचा-अबुझमाड़,-पीएम/82649</link><description>रायपुर। कभी दुर्गम पहाडिय़ों, घने जंगलों और नक्सल खौफ के बीच संकरी पगडंडियों तक सिमटा अबुझमाड़ अब विकास की मुख्यधारा से जुड़कर बदलाव की एक नई इबारत लिख रहा है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) की बदौलत दशकों का अंधेरा छंट रहा है और सुदूर जनजातीय अंचलों में नई उम्मीदों की बयार बहने लगी है।299.60 लाख रुपए की लागत से बदली 3.20 किलोमीटर की तस्वीरनारायणपुर जिले के अत्यंत संवेदनशील एवं अति-दुर्गम अबुझमाड़ क्षेत्र में झारावाही से हत्लानार तक 3.200 किलोमीटर लंबी सर्वकालिक पक्की सड़क का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 299.60 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से इस परियोजना को धरातल पर उतारा गया। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण जहाँ कभी बुनियादी निर्माण कार्यों की कल्पना भी एक बड़ी चुनौती थी, वहीं अब इस पक्की सड़क के बनने से वर्षों से कटे हुए अंदरूनी गाँवों को मुख्य मार्ग से सुरक्षित और सुगम संपर्क मिल गया है।पगडंडी का कठिन सफर बना सुगम और सुरक्षितसड़क निर्माण से पहले ग्रामीणों के पास आवागमन का एकमात्र सहारा संकरी पगडंडियाँ ही थीं। मानसून के दिनों में ये रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो जाते थे, जिससे जनजीवन ठहर सा जाता था।अब एम्बुलेंस और शासकीय वाहन सीधे गाँव तक पहुँच रहे हैं, जिससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर इलाज मिलना संभव हो सका है। मार्ग सुगम होने से शिक्षकों और विद्यार्थियों की स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो रही है।सड़क बनने के बाद जीवन बेहद आसानप्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार अब तेजी से हो रहा है।स्थानीय ग्राम पंचायत के सरपंच का कहना है कि ?पहले बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना या मरीजों को खाट पर लादकर ले जाना ही एकमात्र रास्ता था। सड़क बनने के बाद अब गाँव तक गाडिय़ाँ आ रही हैं और हमारा जीवन बेहद आसान हो गया है।आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला बलयह सड़क केवल एक रास्ता भर नहीं है, बल्कि इसने स्थानीय आदिवासियों की आर्थिक आत्मनिर्भरता के द्वार भी खोल दिए हैं। किसान अब अपनी कृषि उपज को बिना किसी बाधा के मुख्य मंडियों तक पहुँचा पा रहे हैं। बाजार से सीधे जुड़ाव के कारण ग्रामीणों को उनकी उपज का सही दाम मिल रहा है, जिससे आय और आजीविका के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।अवसरों और लोगों के बीच मिटती दूरीपीएम जनमन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से निर्मित झारावाही-हत्लानार मार्ग इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब सरकार की नीतियां दुर्गम अंचलों तक पहुँचती हैं, तो वे केवल भौगोलिक दूरी ही कम नहीं करतीं—बल्कि लोगों, अवसरों और खुशहाली के बीच की दूरी को भी हमेशा के लिए मिटा देती हैं।</description ></item><item><title>संस्कार के अभाव में आज संबंध टूट रहे हैं, लोग सुखी नहीं हैं - संत शंभूशरण</title><link>https://cnin.co.in/संस्कार-के-अभाव-में-आज-संबंध-टूट-रहे-हैं,-लोग/82648</link><description>00 कथा हमको संस्कार देती है,जो जीवन न बदल दे वो कथा ही क्या&amp;nbsp;रायपुर। संस्कार में बहुत शक्ति हैं-बहुत बड़ी ताकत है। लेकिन अब कहां,बेटियों को पढ़ाने व डिग्रियां दिलाने पर पूरा जोर लगा रहे हैं। पढ़ाई कराएं अच्छी बात हैं,पर संस्कार भी तो दें। संस्कार दे नहीं पा रहे हैं इसीलिए तो गृहस्थ जीवन में ग्रहण लग गया है,न जाने सुख कहां खो गया है, गृहस्थ जीवन के संबंध टूटने लगे हैं। सुख तलाशने बाबाओं के पास जा रहे हैं,जंतर-मंतर का सहारा ले रहे हैं। केवल पैसा कमाने में ही पूरा परिवार लगा हुआ है। कथा हमको संस्कार देती है, जो जीवन न बदल दे वो कथा क्या है? आज तो कथा को भी सस्ता बना दिया गया है, कथा श्रवण कम बल्कि व्यवस्था, सुविधा, भीड़, प्रसाद, मनोरंजन को को कथा से तौला जाता है। कथा को यदि पारिवारिक व धार्मिक जीवन में उतारोगे तो सुख मिलेगा।&amp;nbsp;मैक कॉलेज ऑडिटोरियम समता कालोनी के श्रीराम कथा में गुरुवार को संत शंभूशरण लाटा महाराज ने श्रीराम सीता विवाह प्रसंग के बीच विदाई की बेला की बड़ी ही मार्मिक व्याख्या करते हुए बताया कि राजा जनक अपनी बेटियों को विदा करते हुए राजा दशरथ से कह रहे हैं कि यदि कोई गलती इनसे हो जाए तो हमारे संस्कार में कोई कमी रह गई है यह समझ कर इन्हे माफ कर दें। कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने विवाह प्रसंग के माध्यम से भी संसार को बड़ा संदेश दिया है। नारी के लिए पति ही परमात्मा है। एक समय था जब भारत की पहचान संस्कारों से होती थी। यदि बात हम दो परिवारों के बीच रिश्ता जोडऩे वाली बेटियों की करें तो उनका संस्कारी होना बहुत ही जरूरी है। लेकिन आज के समय बेटियों को सिर्फ डिग्रियां दिलाने की होड़ मची हुई है, पढ़ाईए अच्छी बात हैं। पैसा कमाना भी अच्छी बात है पर संस्कार देना न भूलें। संस्कार के अभाव में आज संबंध टूट रहे हैं, लोग सुखी नहीं हैं। पति-पत्नी दोनों कमा रहे हैं पर पैसा सुख नहीं दे पा रहा है। घर में अशांति हैं,तनाव हैं और लोग बाबाओं के पास सुख तलाशने जा रहे हैं। प्रार्थना व संस्कार में बड़ी शक्ति व ताकत है। कुछ सीखो, कुछ अपना कर देखो। जो कथा जीवन न बदल दे वो किस काम की। उसे पारिवारिक-धार्मिक जीवन में उतार कर देखो, सुख व शांति मिलेगी।&amp;nbsp;संत श्री ने आगे कहा कि ये वही रायपुर हैं जहां बरसों से कथा करने वे आ रहे हैं,उनकी पहली कथा भीमसेन भवन में हुई थी तब उन्होने व्यासपीठ से कहा था कि कथा से जाते समय अपने कोई गलती-खामी छोड़कर जाएं। अंतिम दिन बोरों में पर्चियां भर गई थी। पहले के लोगों में कथा के प्रति भाव होता था अब कहां? सजावट व प्रसाद में तब्दील हो चुकी कथा में भाव नहीं रहा। कथा को सस्ता बना दिया है। सस्ता से तात्पर्य कथा में तामझाम,व्यवस्था,सुख सुविधा का आकलन किया जाने लगा है। इसलिए उन्होने भी बोलना बंद कर दिया है। कथा संस्कार देती है, सुनकर अपने जीवन को कुछ तो बदलो।विवाह के फेरों का बताया महत्वविवाह में अग्नि को साक्षी मानकर चार फेरे लेते हैं। पहला फेरा धर्म का है जिसका अर्थ है हम पति-पत्नी आज से धर्म का आचरण करेंगे। दूसरा फेरा अर्थ का है और बिना अर्थ के गृहस्थ कैसे चलेगा। तीसरा फेरा काम का है, लोग काम को कितनी गालियां देते है कि बुरा है काम, लेकिन काम के बिना संसार नहीं चलता है इसलिए काम को महत्व दिया गया है। मर्यादा में रहें तो काम अच्छा है, तोड़े तब बुरा है। चौथा फेरा मोक्ष का है क्योंकि बिना भजन के मोक्ष की प्राप्ति नहीं की जा सकती है। सिंदूर की बड़ी महिमा है, सिंदूर देवाताओं को चढ़ता है, भगवान गणेश, हनुमान, भगवती माँ जगदम्बा को सिंदूर चढ़ता है।</description ></item><item><title>श्यामगिरी में शहीद पूर्व विधायक स्व. भीमा मंडावी को उप मुख्यमंत्री शर्मा और वन मंत्री कश्यप ने दी श्रद्धांजलि</title><link>https://cnin.co.in/श्यामगिरी-में-शहीद-पूर्व-विधायक-स्व.-भीमा/82647</link><description>00 बस्तर की जनता की जीत हुई, नक्सलावाद हार गया - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मादंतेवाड़ा। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप आज दंतेवाड़ा के श्यामगिरी पहुंचे। जहां उन्होंने श्यामगिरी में हुई 2019 वे घटना स्थल पर पहुंच कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। स्थानीय लोगों, चश्मदीदों और स्व.श्री भीमा मंडावी के सहयोगियों ने घटना की विभीषिका को बयां किया।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अरनपुर और श्यामगिरी में हुई घटनाओं के 13 शहीदों की याद में पौधरोपण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से आत्मीयता से मुलाकात की। मंत्री द्वय ने शहीद परिवारों से मुलाकात कर उनसे चर्चा कर प्राप्त हो रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इस संवेदनशील पल में सभी की आंखें नम हो गयीं जब उन्होंने अपने साथी रहे और तत्कालीन दंतेवाड़ा विधायक स्व. श्री भीमा मंडावी की पत्नी श्रीमती ओजस्वी मंडावी से मुलाकात की। सभी ने शहीदों की याद में मौन रखकर उन्हें याद किया गया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हम लोगों में से सभी ने नक्सल हिंसा में किसी ना किसी को खोया, किसी ने अपना मित्र, किसी ने भाई, पिता, रिश्तेदार, जानने वाले और किसी ने स्वजन को खोया है। उन्होंने बताया कि जब केन्जा नक्सली मनवा माटा अभियान के तहत नक्सल पीडि़त राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे तो एक छोटी सी बालिका ने बताया था कि कैसे उसने नक्सल हिंसा में अपने दोनों आंखों को खो दिया था।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप आज ने कहा कि तिरंगा फहराने के लिए हमने बड़ा संघर्ष किया है। कई लोगों की शहादत के बाद आज हम शान से तिरंगा लहरा पा रहे हैं। पहले तिरंगा फहराने पर नक्सलियों द्वारा डराया जाता था, अब कोई भी हमें तिरंगा फहराने से रोकने वाला नहीं है। मतलब अब भारत का संविधान हर कोने में लागू होगा बिना किसी डर के। उन्होंने सभी से अपने घर के तिरंगा लगाने और अपने पड़ोसियों को भी प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर आप तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं तो सोशल मीडिया पर तिरंगा जरूर लगाएं और सभी को लगाने को कहें। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता जीत गयी और नक्सलवाद हार गया है। बस्तर की जनता के संकल्प ने नक्सलावाद को जड़ से मिटाने का कार्य किया है।ग्रामीणों की मांग पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नकुलनार से बचेली मार्ग का नामकरण शहीद भीमा मंडावी के नाम पर करने की अनुसंशा करने की बात कही इसके लिए सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने कलेक्टर को निर्देशित किया। इस अवसर पर सभी ने एक पेड़ शहीदों के नाम के तहत पौधारोपण किया और घटना स्थल से मिट्टी लेकर संग्रहित किया। इस दौरान सांसद श्री महेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुडामी, आईजी बस्तर श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर, एसपी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।समूह की महिलाओं से की चर्चाउप मुख्यमंत्री ने वहां आई बिहान समूह की महिलाओं से चर्चा की और उन्हें लघु वनोपज प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लेकर कार्य करने को कहा। उन्होंने बताया कि अब छत्तीसकला ब्रांड के अंतर्गत अब शासन द्वारा सहायता बिहान उत्पादों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है जिसका अवश्य लाभ लें।राष्ट्रपति भवन से लौटे बस्तर पंडुम विजेताओं से की मुलाकातमंत्री द्वय ने राष्ट्रपति भवन में जाकर आई बस्तर पंडुम विजेता अरनपुर की मांदरी दल से मुलाकात कर उनसे बातें की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में महिलाओं से कहा कि पहले आप दिल्ली में राष्ट्रपति के पास गईं थीं अब राष्ट्रपति भी आपके घर आएंगी चाय पीने। जिसपर सभी ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि वो बस्तर आएं हम भी उनको अपने हांथों से खाना खिलाएंगे।</description ></item><item><title>तिरंगा यात्रा के दूसरे दिवस माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर उप मुख्यमंत्री व वन मंत्री ने किया यात्रा का शुभारंभ</title><link>https://cnin.co.in/तिरंगा-यात्रा-के-दूसरे-दिवस-माँ-दंतेश्वरी-की/82646</link><description>00 उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा—बस्तर की जनता, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के सहयोग से नक्सलवाद का हुआ खात्मारायपुर। तिरंगा यात्रा के दूसरे दिवस उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने माँ दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात दंतेवाड़ा बस स्टैंड में आयोजित तिरंगा यात्रा कार्यक्रम को संबोधित किया।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के 211 सर्वोच्च बलिदानी वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि बस्तर की जनता, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के अमूल्य सहयोग से आज नक्सलवाद का खात्मा संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा उन क्षेत्रों से गुजर रही है, जहां कभी नक्सल आतंक के कारण पहुंचना भी मुश्किल था। आज उन्हीं क्षेत्रों में पूरे गौरव और उत्साह के साथ तिरंगा लहराया जा रहा है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। उन्होंने तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए आमजनों से अपने घरों में तिरंगा लगाने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता निभाने की अपील की।बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से गुजर रही है, जहां कभी वीर जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था और नक्सल आतंक के चलते जहां किसी का पहुंचना संभव नहीं था। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सफल मार्गदर्शन में नक्सलवाद का खात्मा हुआ है और इन क्षेत्रों में विकास तथा राष्ट्रभक्ति का नया वातावरण बना है।इस दौरान विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर, जनप्रतिनिधि सहित बस्तर आईजी बद्रीनाथ मीणा, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, डीएफओ श्री रामकृष्ण रंगनाथ वाय एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>श्री राधा सखी मंडल का सावन तीज उत्सव संपन्न, मनमोहक नृत्य ने किया आकर्षित</title><link>https://cnin.co.in/श्री-राधा-सखी-मंडल-का-सावन-तीज-उत्सव-संपन्न,/82645</link><description>रायपुर। मालवीय रोड स्थित श्री राधा गोपीनाथ मंदिर में श्री राधा सखी मंडल द्वारा सावन तीज का कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान महिलाओं के द्वारा प्रस्तुत की गई मनमोहक नृत्य ने सभी को अकर्षित किया गया। वहीं बच्चों के द्वारा प्रस्तुत की गई राधा-कृष्ण की जोड़ी ने सभी का मन मोह लिया।&amp;nbsp;उक्त जानकारी देते हुए अध्यक्ष कविता गोयल एवं संरक्षक अंजना अग्रवाल ने बताया कि श्री राधा सखी मण्डल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अलका सरावगी एवं ऋतु खंडेलवाल ने भजनों की प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध कर वातावरण को भक्तिमय किया। तत्पश्चात पूजा एवं मंजु ने मनमोहक नृत्य किया एवं बच्चों ने राधा-कृष्ण बनकर सभी को आकर्षित किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कविता राठी, कविता गोयल,अंजना अग्रवाल,रश्मि गोयल ,मोनीता अग्रवाल ,रेखा अग्रवाल ,पुष्पा सिंघानिया ,अनिता अग्रवाल ,संगीता अग्रवाल उपस्थित रही। उल्लेखनीय है कि उक्त मंदिर स्वर्गीय गणेशरामजी द्वारा निर्मित है जो लगभग 125 वर्ष पुराना है,इसके साथ ही इस मंदिर की बनावट वृंदावन के मंदिरों जैसी बेहद खूबसूरत और आकर्षण का केंद्र है।</description ></item><item><title>रविवार को न्यू राजेन्द्र नगर से निकलेगी कावड़ यात्रा, 7 पवित्र नदियों के जल से होगा बाबा श्री वैधनाथ धाम का अभिषेक</title><link>https://cnin.co.in/रविवार-को-न्यू-राजेन्द्र-नगर-से-निकलेगी/82644</link><description>रायपुर। श्रावण मास के पावन अवसर पर राजधानी के मोतीबाग चौक स्थित बाबा श्री वैधनाथ धाम में आगामी 16 अगस्त, रविवार को 7 नदियों के पवित्र जल से जलाभिषेक का कार्यक्रम रखा गया है। इससे पहले न्यू राजेंद्रनगर से भव्य कांवड़ यात्रा निकलेगी।यह जानकारी देते कार्यक्रम के आयोजक एवं नेतृत्वकर्ता सीए अमित चिमनानी ने बताया कि अभिषेक हेतु सर्वसमाज के श्रद्धालु 7 नदियों माँ गंगा (हर की पौड़ी), माँ नर्मदा (ग्वारीघाट, जबलपुर), माँ अरपा (बिलासपुर घाट), माँ खारुन (महादेव घाट), राजिम त्रिवेणी संगम (राजिम), माँ महानदी, माँ पैरी और माँ सोंढूर का पवित्र जल लेकर काँवर यात्रा के रूप में पहुँचेंगे। इस हेतु न्यू राजेन्द्रनगर में एकत्रीकरण व स्थल पूजन सुबह नौ बजे होगा और चार किलोमीटर लम्बी दूरी की यह काँवर यात्रा न्यू राजेंद्र नगर (आशादीप हॉस्पिटल के पास) से सुबह 10 बजे प्रारंभ होगी जो न्यू राजेंद्रनगर, रिंगरोड, कटोरातालाब, आकाशवाणी काली मंदिर, सुभाष स्टेडियम होते हुए मोतीबाग चौक पर श्री बाबा बैद्यनाथ धाम पहुँचेगी। इस काँवर यात्रा में भाग लेने के इच्छुक श्रद्धालु गूगल फॉर्म में अपना नाम एवं पता दर्ज कर पंजीयन करा सकते है।&amp;nbsp;इस महती आयोजन में श्री मुखी मन्नूमल पृथवानी, श्री लधाराम नैनवानी, श्री रमेश मिर्घानी, श्री बलराम आहूजा, श्री सुशील केसवानी, श्री झामनदास बजाज, श्री श्याम चावला, श्री महेश मिर्घानी, श्री महेश प्रितवानी, श्री मुरलीधर शादीजा, श्री अजय जयसिंघानी, श्री विकास रूपरेला,श्री राजकुमार गुनवानी श्री ,श्री विजय जयसिंघानी, अमर चंदनानी, श्री प्रवीण साहू, श्री विक्रम केवलानी, श्री इंदर तलरेजा, श्री मोहन होतवानी, श्री प्रेमप्रकाश मध्यानी, श्री रवि वाधवानी, श्री निशिकांत नारायण पांडे, श्री बंटी जुमनानी, श्री विजय लहरवानी, श्री विक्की वाधवानी, श्री संदीप थौरानी, श्री संजय लालवानी, श्री किशोर गुरनानी, श्री पंकज चीजवानी, श्री समीर वेनश्यानी, श्री नरेन्द्र दासवानी, श्री मनीष पंजवानी, श्री अनिल लाहोरी ,श्री रतन वर्ल्यानी, श्री रोशन आहूजा, श्री साजन श्रीवास एवं पूरी टीम सेवा कार्यों में लगी है। श्री चिमनानी ने बताया कि काँवर उठाने के लिए प्री-रजिस्ट्रेशन हेतु 8982699000 और 9826291791 मोबाइल नंबर पर सम्पर्क किया जा सकेगा।</description ></item><item><title>बिश्रामपुर में दिल्ली जाने वाली ट्रेन के ठहराव के लिए मंत्री राजवाड़े ने रेलवे अधिकारियों से की चर्चा</title><link>https://cnin.co.in/बिश्रामपुर-में-दिल्ली-जाने-वाली-ट्रेन-के/82643</link><description>रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन क्रमांक 22407/22408 अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस के नियमित ठहराव की मांग के संबंध में रेलवे अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। शिवनंदनपुर-बिश्रामपुर की रेल संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बिश्रामपुर एवं आसपास के क्षेत्र के यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उक्त ट्रेन के नियमित ठहराव की मांग की गई।प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बिश्रामपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों, मरीजों एवं अन्य यात्रियों को दिल्ली तथा अन्य प्रमुख स्थानों तक आवागमन के लिए पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नियमित ठहराव से क्षेत्र के लोगों को यात्रा में सुविधा प्राप्त होगी। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे के संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने बिश्रामपुर क्षेत्र की जनसुविधा एवं यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के नियमित ठहराव के संबंध में सकारात्मक विचार करने का आग्रह किया।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा से जुड़े विषयों पर संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिश्रामपुर में ट्रेन का नियमित ठहराव होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ होगा। रेल संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने उनकी मांग पर त्वरित ध्यान दिए जाने के लिए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया।</description ></item><item><title>झीरम घाटी के शहीदों पर घडिय़ाली आँसू बहाकर शर्मनाक राजनीति न करें बैज : भाजपा</title><link>https://cnin.co.in/झीरम-घाटी-के-शहीदों-पर-घडिय़ाली-आँसू-बहाकर/82642</link><description>00 प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय का तीखा हमला : अपनी ही जेब में सबूत लिये फिरने वाले बघेल के सामने चुप्पी ओढ़े बैज अब किस मुँह से उप मुख्यमंत्री शर्मा से माफी की माँग कर रहे हैं?रायपुर। आज जब बस्तर नक्सलमुक्त होकर शान्ति व विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, तब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज झीरम घाटी के हृदयविदारक नक्सली हमले पर घडिय़ाली आँसू बहाकर अत्यंत शर्मनाक राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी और दीपक बैज के इस रवैये पर तीखा हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने कहा है कि जो कांग्रेस सरकार अपने पाँच सालों के शासनकाल में न तो देश और प्रदेश के जवानों के बलिदान का सम्मान कर सकी और न ही शहीदों के परिजनों को न्याय दे सकी, उसके नेता किस मुँह से प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा से प्रायश्चित और माफी की माँग कर रहे हैं?भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने सवाल किया क् िबैज में अगर ज़रा सी भी नैतिक हिम्मत है, तो वे यह बताएँ कि उन्होंने कभी तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से यह क्यों नहीं पूछा कि झीरम मामले के जो 'सबूतÓ वे अपनी जेब में लेकर घूम रहे हैं कि, उन्हें जाँच एजेंसियों को क्यों नहीं सौंपा गया? भूपेश सरकार ने पाँच साल तक केवल जाँच को अटकाने और सबूतों को छिपाने का काम किया ताकि शहीदों के परिजनों को कभी न्याय न मिल सके। अब अपने पापों का घड़ा भारतीय जनता पार्टी और वर्तमान राज्य सरकार पर फोड़कर कांग्रेसी नेता केवल रूदाली रूदन और स्यापा मचाने का नाटक कर रहे हैं। श्री पाण्डेय ने बैज को झीरम कांड के ठीक बाद का घटनाक्रम याद दिलाते हुए कहा कि बैज जानबूझकर उस सच से आँखें मूँद रहे हैं, जब झीरम काण्ड के तुरंत बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता चरणदास महंत अस्पताल में एक कांग्रेसी नेता को डाँट रहे थे। आखिर उस डाँट के पीछे क्या रहस्य था? विडम्बना यह है कि, वही कांग्रेसी नेता भूपेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गया! कांग्रेसी नेताओं ने जिस बेहयाई और संवेदनहीनता के साथ झीरम काण्ड के शहीदों के घावों को कुरेदने का काम किया है, उसकी राजनीति में कोई दूसरी मिसाल नहीं मिलती। बैज आज बयानबाज़ी करके शहीदों के उन नासूर बन चुके ज़ख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं।पाण्डेय ने कहा कि नक्सलियों के साथ भाईचारा निभाने वाली कांग्रेस को इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि उसके दशकों के कुशासन में बस्तर के गाँवों में कभी हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा तक नहीं लहराया जा सका। नक्सलियों की गीदड़ भभकियों के आगे मिमियाने वाली भूपेश बघेल सरकार का कायराना राजनीतिक चरित्र उस वक्त बेनकाब हुआ था, जब वे नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों के शवों को बस्तर सम्भाग के भीतर उनके गृह ग्राम तक पहुँचाने में भी पूरी तरह नाकाम रहे थे। इससे अधिक शर्मनाक और कायरतापूर्ण राजनीति किसी सरकार की नहीं हो सकती। श्री पाण्डेय ने तंज कसते हुए पूछा कि जब भूपेश सरकार के दौरान शहीदों के अपमान का यह शर्मनाक इतिहास लिखा जा रहा था, तब बैज का मुँह क्यों बंद था? उनकी यह कथित मुखरता और संवेदनाएँ उस समय वेंटिलेटर पर क्यों पड़ी थीं? कांग्रेस और बैज को चाहिए कि वे अपनी पूर्ववर्ती सरकार के इस काले इतिहास को याद रखें और शहीदों की शहादत पर घृणित राजनीति बंद करें।</description ></item><item><title>कांग्रेस की अंतर्कलह, गुटबाजी और नेतृत्वहीनता से चरमराया संगठनात्मक ढाँचा : भाजपा</title><link>https://cnin.co.in/कांग्रेस-की-अंतर्कलह,-गुटबाजी-और/82641</link><description>00 प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा : कांग्रेस में अब जनसेवा की जगह केवल कुर्सी की लड़ाई और गुटीय वर्चस्व की होड़ मची हैरायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भीतर गहराती अंतर्कलह, गुटबाजी और संगठनात्मक बिखराव पर तीखी टिप्पणी करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी आज पूरी तरह से नेतृत्वहीनता और आंतरिक कलह के दौर से गुजर रही है, जहाँ जनसेवा की जगह केवल कुर्सी की लड़ाई और गुटीय वर्चस्व की होड़ मची हुई है।दीपक ने कहा कि छत्तीसगढ़ युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जारी चुनावी प्रक्रिया के बीच कांग्रेस संगठन और युवा नेताओं के बीच आंतरिक खींचतान व गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। युकां प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए एक नाम पर आम सहमति बनाने का प्रयास पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ है। वरिष्ठ नेताओं में सहमति बनने से पहले ही विभिन्न गुटों में शह-मात का खेल शुरू हो गया। उज्ज्वल दीपक ने कहा कि एक तरफ जहाँ प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए बहुकोणीय मुकाबला बनता दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर चुनाव प्रक्रिया और नियमों को लेकर युवा नेताओं में भारी नाराजगी व्याप्त है। कई प्रमुख युवा नेता चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराने और आलाकमान के समक्ष अपनी बात रखने दिल्ली पहुँच चुके हैं। ?वरिष्ठ नेताओं की चेतावनी के बावजूद यदि यह चुनावी रार शांत नहीं हुई, तो युवक कांग्रेस का यह चुनाव संगठन के भीतर जारी गुटीय राजनीति का नया अखाड़ा साबित हो सकता है।उन्होंने कहा कि चाहे युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में चल रहे अंदरूनी घमासान और धांधली के आरोप हों, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही आपसी खींचतान हो, या फिर केंद्रीय जाँच एजेंसियों (ईडी) की वैधानिक कार्रवाइयों के खिलाफ आयोजित निष्प्रभ विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस का आपसी विवाद अब बंद कमरों से निकलकर पूरी तरह सड़कों पर आ चुका है। कांग्रेस में अब नीति, नीयत या जनमुद्दों पर कोई चर्चा नहीं बची है। प्रदेश से लेकर मैदानी स्तर तक पार्टी केवल अलग-अलग क्षत्रपों के गुटों में बँटकर रह गई है। युवक कांग्रेस के चुनाव में जिस तरह निष्पक्षता की धज्जियाँ उड़ाई गईं और अपने-अपने चहेतों को बैठाने का खेल खेला गया, उससे पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र का असली चेहरा उजागर हो चुका है। उज्ज्वल दीपक ने कहा कि ईडी के खिलाफ कांग्रेस का तथाकथित शक्ति प्रदर्शन वास्तव में भ्रष्टाचार को ढँकने और अपने आकाओं को बचाने की नाकाम कोशिश मात्र था, जिससे खुद कांग्रेस के अनेक बड़े नेता तथा समर्पित कार्यकर्ता किनारा किये रहे। कांग्रेस नेतृत्व अपने ही संगठन को सम्भालने में असमर्थ है और उसका संगठनात्मक ढाँचा ताश के पत्तों की तरह ढह रहा है। प्रदेश की जागरूक जनता कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र और सिर-फुटौव्वल को भली-भांति देख रही है।</description ></item><item><title>यौमे आज़ादी (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर सभी मस्जिद, दरगाह, मदरसा में तिरंगा फहराया जाये - डॉ. राज</title><link>https://cnin.co.in/यौमे-आज़ादी-(स्वतंत्रता-दिवस)-के-अवसर-पर-सभी/82640</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा यौमे आजादी (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को राज्यभर की सभी मस्जिद, मदरसा और दरगाह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की गई है एवं कहा गया है कि, इस सम्बंध में कार्यालय छ.ग.राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा पूर्व में जो दिषा-निर्देष जारी किये गये हैं वह यथावत् रहेंगे, जिसका पालन सभी वक्फ संस्थाओं के पदाधिकारीयों को किया जाना है। यौमे आज़ादी (स्वतंत्रता दिवस) के महत्व को समझते हुए इस पर्व को देशभक्ति, आपसी एकता और भाईचारे के साथ मनाएं।&amp;nbsp;हमारा देश सू$फी-संतों का देश है यहां हर जाति, धर्म, पंथ, समाज के लोग गंगा-जमुना तहज़ीब के साथ मिल-जुल कर रहते हैं। इस्लाम धर्म, मुल्क से मोहब्बत का पैगाम देता है इसलिए मुल्क की आज़ादी के इस पर्व पर देश के प्रति अपना प्रेम और संविधान के प्रति अपना कर्तव्य निभाते हुए ध्वजारोहण करना चाहिए। जो लोग ध्वजारोहण के खिलाफ है वो देशभक्त नहीं है बल्कि देशद्रोही है ऐसे लोगों को देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है उन्हें भारत छोड़कर चले जाना चाहिए जिन्हें तिरंगा फहराने से तकलीफ होती है। भारत का मुसलमान वतन परस्त है और अपने देश से मोहब्बत करता है और देश के संविधान का हृदय से सम्मान करता है, लेकिन कुछ नामनिहाद मुसलमानो की वजह से बाकीयो को भी शक की निगाहों से देखा जाता है, हमें ऐसे नामनिहाद लोगों से बचना है और देश की आज़ादी के पर्व को एक साथ मिल-जुल के मनाकर देश की गंगा-जमुना तहज़ीब को कायम रखना है और देश के संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा व आदर सदैव बनाये रखना है।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ के स्टील का प्रदेश में ही हो अधिकतम मूल्य संवर्धन: डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्माण पर दें जोर - मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-के-स्टील-का-प्रदेश-में-ही-हो-अधिकतम/82639</link><description>00 ग्रीन स्टील पर छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग में 13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव00 निवेश परियोजनाओं से प्रदेश में 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर होंगे सृजितरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ के सहयोग से आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील में 13,840 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्टील और खनन छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान की मजबूत नींव हैं और आगे भी हमारी ताकत बने रहेंगे। अब समय इस मजबूत नींव पर औद्योगिक विकास की नई इमारत खड़ी करने का है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल स्टील उत्पादन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि छत्तीसगढ़ में उत्पादित स्टील का अधिकतम मूल्य संवर्धन भी प्रदेश के भीतर ही होना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का स्टील प्राथमिक रूप में प्रदेश से बाहर जाने के बजाय यहीं ऑटो कम्पोनेंट्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, रेलवे, रक्षा और सौर ऊर्जा उपकरणों जैसे डाउनस्ट्रीम एवं स्पेशियलिटी उत्पादों में परिवर्तित हो। जब मूल्य संवर्धन छत्तीसगढ़ में होगा, तो रोजगार भी छत्तीसगढ़ में ही सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में निवेश करने वाले प्रत्येक निवेशक के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शून्य कार्बन उत्सर्जन के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप दुनिया तेजी से ग्रीन स्टील की ओर बढ़ रही है और छत्तीसगढ़ देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जिन्होंने इस बदलाव को समय रहते अपनाया है। प्रदेश में 26 हजार मेगावाट से अधिक विद्युत उपलब्धता तथा प्रतिस्पर्धी औद्योगिक विद्युत दरें ऊर्जा-आधारित डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग के लिए छत्तीसगढ़ को विशेष रूप से अनुकूल बनाती हैं।18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावमुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने निवेश के नए द्वार खोले हैं। पिछले 18 महीनों में प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें स्टील और खनन जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी बड़े निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। प्रदेश में निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने कारोबारी प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार किए हैं। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट लागू किया है। इसके तहत कम जोखिम वाले उद्यमों के लिए स्व-प्रमाणीकरण, जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था तथा निर्धारित समय-सीमा में आवेदन का निराकरण नहीं होने पर डीम्ड अप्रूवल जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। इन सुधारों से प्रदेश के लगभग 15 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की उम्मीद है।क्रिसिल-नीति आयोग निवेश अनुकूलता सूचकांक 2026 में छत्तीसगढ़ ने प्रमुख राज्यों के बीच रेगुलेटरी ईज और इंस्टीट्यूशनल एनवायरनमेंट में प्रथम स्थान तथा एनवायरनमेंटल रेजिलिएंस में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। हाल ही में नई दिल्ली में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के दसवें स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ को जेम सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।औद्योगिक विकास का विस्तार अब नए क्षेत्रों तकराज्य सरकार औद्योगिक विकास को रायपुर-भिलाई के परंपरागत औद्योगिक क्षेत्र से आगे प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तार दे रही है। राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा और बस्तर जिलों में चार नए औद्योगिक पार्क स्वीकृत किए गए हैं। भारत सरकार ने राजनांदगांव में लगभग 306 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 को भी स्वीकृति प्रदान की है। इससे बड़े पैमाने पर निवेश और लगभग 9 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की कंपनियों ने इस क्लस्टर में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, हमारी नीति स्पष्ट है, प्रक्रियाएं पारदर्शी हैं और अनुमतियां तय समय-सीमा में मिल रही हैं। यहां रेड टेप के लिए कोई जगह नहीं है। हम साथ मिलकर काम करेंगे और साथ मिलकर सफलता की नई कहानी लिखेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रीन स्टील और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ अब अपनी खनिज संपदा को प्रदेश के भीतर ही अधिक मूल्य, अधिक निवेश और अधिक रोजगार में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।</description ></item><item><title>सोने के सात बिस्किट और एक छड़ के साथ एसी कोच से पकड़े गए दो संदिग्ध युवक</title><link>https://cnin.co.in/सोने-के-सात-बिस्किट-और-एक-छड़-के-साथ-एसी-कोच-से/82638</link><description>0-रायपुर-नागपुर रूट पर आरपीएफ क्राइम ब्रांच और डीआरआई की संयुक्त कार्रवाईरायपुर। रायपुर-नागपुर रेलमार्ग पर आरपीएफ क्राइम ब्रांच और राजस्व खुफिया निदेशालय &amp;nbsp;की संयुक्त कार्रवाई में हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस से करीब दो करोड़ रुपये का विदेशी सोना बरामद किया गया है। टीम ने ट्रेन के बी-12 कोच में सवार दो संदिग्धों को भंडारा-नागपुर के बीच पकड़ा गया।तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कुल करीब 1.242 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद हुआ। जब्त सोने की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 96 लाख 34 हजार 307 रुपये बताई गई है।जानकारी के मुताबिक, आरपीएफ क्राइम ब्रांच नागपुर के निरीक्षक को विश्वस्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 12262 हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में दो व्यक्ति विदेशी सोने की खेप लेकर सफर कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ क्राइम ब्रांच नागपुर और रायपुर की टीम को डीआरआई नागपुर के अधिकारियों के साथ संयुक्त जांच के निर्देश दिए गए। इसके बाद टीम ने ट्रेन में संदिग्ध यात्रियों और सामान की जांच शुरू की। रायपुर से नागपुर के बीच चलाए गए जांच अभियान के दौरान टीम की नजर बी-12 कोच में मौजूद दो संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी। पूछताछ और तलाशी के बाद उनके पास से विदेशी सोना बरामद हुआ।तलाशी में बरामद सोने में सात सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ शामिल है। कुल वजन करीब 1.242 किलोग्राम पाया गया। प्रारंभिक आकलन में इसकी कीमत 1,96,34,307 रुपये बताई गई है। बरामद सोना विदेशी होने के कारण टीम ने मामले को सोने की तस्करी से जोड़कर आगे की जांच शुरू की है।डीआरआई को सौंपे गए दोनों संदिग्धआरपीएफ की टीम ने दोनों संदिग्धों को बरामद सोने सहित डीआरआई नागपुर के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया। डीआरआई ने मामले में कस्टम अधिनियम, 1962 की धारा 135 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों से सोना कहां से लाया गया था, किसे पहुंचाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं, इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।</description ></item><item><title>अभा ऑनलाइन परिचय सम्मेलन के लिए अब तक 900 से अधिक पंजीयन, 22-23 अगस्त को रायपुर में होगा आयोजन</title><link>https://cnin.co.in/अभा-ऑनलाइन-परिचय-सम्मेलन-के-लिए-अब-तक-900-से/82637</link><description>00 देश-विदेश के युवक-युवतियां ऑनलाइन देंगे परिचय, 20 अगस्त तक किया जाएगा निशुल्क पंजीयनरायपुर। छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन (सम्मेलन) द्वारा अखिल भारतीय ऑनलाइन परिचय सम्मेलन का आयोजन आगामी 22 एवं 23 अगस्त 2026 को रायपुर के होटल एंट्री पॉइंट, बंजारी माता मंदिर के सामने, ट्रांसपोर्ट नगर में किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित वैवाहिक सामाजिक सेवा संस्था मंगल परिणय के द्वारा आयोजित यह सम्मेलन पूर्णत: नि:शुल्क होगा। अब तक 900 से अधिक तक पंजीयन प्राप्त हो चुका है जिसमें देश के साथ - साथ विदेश से भी युवक-युवतियां परिचय देने के लिए आने वाली है। पंजीयन की अंतिम तिथि 20 अगस्त है।&amp;nbsp;छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ अशोक अग्रवाल, प्रांतीय महामंत्री संजय अग्रवाल तथा मंगल परिणय की संयोजिका श्रीमती शोभा केडिया, कोरबा ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंगल परिणय की पूरी टीम में राजेश अग्रवाल, रायपुर, श्रीमती नीता डालमिया, मुंबई, श्रीमती रजनी डालमिया कोरबा, श्रीमती शशि अग्रवाल, श्रीमती माधुरी गोयल, सिमडेगा, झारखंड, श्रीमती दिशा अग्रवाल, जगदलपुर, युवा टीम में अंशुल अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, प्रियम अग्रवाल शामिल है। सम्मेलन के लिए अब तक 900 से अधिक युवक-युवतियों के पंजीयन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें लगभग 500 युवक एवं 400 युवतियों ने ऑनलाइन परिचय देने के लिए अपनी सहमति प्रदान की है। आने वाले दिनों में पंजीयन की संख्या और बढऩे की संभावना है।दो दिवसीय इस ऑनलाइन परिचय सम्मेलन के लिए होटल एंट्री पॉइंट, रायपुर में विशेष स्टूडियो तैयार किया जाएगा। रायपुर एवं आसपास के क्षेत्र के प्रतिभागी चाहें तो स्टूडियो में उपस्थित होकर अपना परिचय दे सकेंगे। वहीं देश के विभिन्न शहरों एवं विदेशों में रहने वाले प्रतिभागी अपने-अपने स्थान से जूम मीटिंग के माध्यम से ऑनलाइन परिचय देंगे। सम्मेलन को व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिभागियों के लिए उनकी योग्यता, प्रोफेशन एवं परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग कैटेगरी निर्धारित की गई हैं जिसमें विदेशों में निवासरत युवक-युवतियों के लिए अलग, डॉक्टर, सीए, इंजीनियर एवं अन्य प्रोफेशनल्स,शैक्षणिक एवं प्रोफेशनल योग्यता के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां, दिव्यांग युवक-युवतियों के लिए विशेष कैटेगरी, विधवा, विधुर एवं परित्यक्ता/परित्यक्त के लिए अलग कैटेगरी निर्धारित की गई है। इस व्यवस्था के कारण प्रतिभागियों एवं उनके परिवारों को अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप योग्य वर-वधु की तलाश में अधिक सुविधा मिलेगी।6 वर्षों के इस सफर में सैकड़ों परिवारों को मिला नया जीवनमंगल परिणय पिछले 6 वर्षों से अग्रवाल समाज में नि:स्वार्थ भाव से वैवाहिक परिचय एवं परिवार समन्वय का कार्य कर रहा है। संस्था के प्रयासों से अब तक 870 से अधिक सामान्य श्रेणी के वैवाहिक संबंध सफलतापूर्वक तय हो चुके हैं तथा 200 से अधिक विशेष श्रेणी के संबंध स्थापित किए जा चुके हैं। विशेष श्रेणी के इन प्रयासों से लगभग 350 बच्चों को पुन: माता-पिता दोनों का स्नेह एवं सुरक्षित पारिवारिक वातावरण प्राप्त हुआ है।यह आयोजन छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा प्रमुख मार्गदर्शक एवं सलाहकार श्री दीनदयाल गोयल के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है। मंगल परिणय को समाज सेवा एवं वैवाहिक समन्वय के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रांतीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।पंजीयन एवं जानकारी हेतु संपर्कश्रीमती शोभा केडिया, कोरबा+91 88394 40334श्री राजेश अग्रवाल, रायपुर+91 94252 65250श्रीमती नीता डालमिया, मुंबई+1 347-757-0771श्रीमती रजनी डालमिया, बाल्को, कोरबा+91 98274 87991श्रीमती शशि अग्रवाल+91 98271 04666श्रीमती माधुरी गोयल, सिमडेगा, झारखंड+91 96937 91402श्रीमती दिशा अग्रवाल, जगदलपुर+91 93404 82308श्रीमती रीना मनोज बामलिया, बिलासपुर, छत्तीसगढ़+91 91793 58308श्रीमती आशा अग्रवाल&amp;nbsp;91 9755181858आयोजकों ने अग्रवाल समाज के परिवारों से अपील की है कि विवाह योग्य युवक-युवतियों का अग्रिम पंजीयन तत्काल कराएं और इस अनूठे, नि:शुल्क एवं अखिल भारतीय परिचय सम्मेलन का लाभ उठाएं।000</description ></item><item><title>नेशनल हाईवे-45 पर छतौना के पास मरम्मत कार्य जारी, मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह चालू</title><link>https://cnin.co.in/नेशनल-हाईवे-45-पर-छतौना-के-पास-मरम्मत-कार्य/82636</link><description>00 परियोजना का कार्य 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी हैरायपुर। छत्तीसगढ़ के गौरेला-बिलासपुर नेशनल हाईवे -45 पर यातायात पूरी तरह चालू है और जहां अतिवृष्टि के कारण सड़क सतह को नुकसान पहुंचा था, वहां मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है। परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है और अब तक 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी हैअतिवृष्टि और भारी वाहनों के दबाव से प्रभावित हुई सड़क सतहलोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंवची-रतनपुर मार्ग (रा.रा. क्र.-45) के किमी 290.000 स्थित ग्राम छतौना के पास, जहां टोल प्लाजा का निर्माण प्रस्तावित है, वर्तमान में जीएसबी (ग्रेन्युलर सब-बेस) लेयर का कार्य पूरा हुआ है। बीते दिनों हुई भारी बारिश (अतिवृष्टि) और अत्यधिक संख्या में भारी वाहनों के आवागमन के कारण इस विशेष हिस्से की सड़क सतह को क्षति पहुंची थी।विभाग लगातार मुस्तैदविभाग ने जानकारी दी कि क्षति की सूचना मिलते ही ईपीसी अनुबंधक (मेसर्स शांति इंजीकॉन प्रायवेट लिमिटेड) द्वारा सुधार कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया है, जो लगातार जारी है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी मौके पर निगरानी रख रहे हैं और यातायात को सुचारू रूप से संचालित कराया जा रहा है।286 करोड़ की लागत से 58 प्रतिशत काम पूराउल्लेखनीय है कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा रा.रा. क्र.-45 के 42.598 किमी (किमी 278.750 से 321.348) लंबे मार्ग के 2-लेन चौड़ीकरण व उन्नयन (मय पेव्ड शोल्डर, पैकेज-2) के लिए 286.00 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति 31 मार्च 2022 को दी गई थी। नियम अनुसार निविदा प्रक्रिया के बाद 15 जुलाई 2024 को कार्यादेश जारी किया गया था। डी बी एम (डामरीकरण) 25.770 किमी, एचपी कल्वर्ट 98 नग, आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट 14 नग, माइनर ब्रिज 07 नग, आरसीसी नाली 4.890 किमी, रिटेनिंग वॉल व टो-वॉल कुल 4.467 किमी कार्य पूर्ण हो चुका है। लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने आम जनता और वाहन चालकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, मार्ग पर आवागमन जारी है और शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।</description ></item><item><title>शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित</title><link>https://cnin.co.in/शासकीय-दंत-चिकित्सा-महाविद्यालय,-रायपुर-में/82635</link><description>रायपुर। शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में नशा मुक्त भारत अभियान एवं मिशन स्पंदन के संयुक्त तत्वावधान में 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने हाथ आगे बढ़ाकर जीवन भर नशे से दूर रहने और समाज को नशा मुक्त बनाने में योगदान देने की शपथ ली।ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रतिनिधियों द्वारा महाविद्यालय प्रशासन को अभियान में सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों और विद्यार्थियों ने10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा से संबंधित पोस्टर और पम्फलेट प्रदर्शित कर विकसित भारत के निर्माण में नशा मुक्ति के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर संस्था के प्रतिनिधियों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं का नशा मुक्त रहना अत्यंत आवश्यक है।</description ></item><item><title>दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में बैंकिग सेवायें पहुंचायें, किसानों को केसीसी पर शीघ्रता से लोन दिलायें - मुख्य सचिव </title><link>https://cnin.co.in/दूरस्थ-ग्रामीण-इलाकों-में-बैंकिग-सेवायें/82634</link><description>00 विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्नरायपुर। मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 102वीं एवं 103वीं संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मार्च 2026 और जून 2026 की तिमाहियों के दौरान राज्य में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा केंद्र व राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार और सरकारी हितग्राही योजनाओं में वित्तीय सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।जनकल्याणकारी योजनाओं को दें प्राथमिकतामुख्य सचिव ने पीएम सूर्यघर योजना, पीएम स्वनिधि योजना, पीएम आवास योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों का बिना किसी बाधा के त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकर्स से कहा कि ऋण प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाए।किसानों को त्वरित केसीसी लोनकिसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से शीघ्रता से लोन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्रों के लिए भी केसीसी वितरण की समीक्षा की गई। किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों को खेती, पशुपालन और मछली पालन के लिए बेहद कम ब्याज (मात्र 4') पर आसान लोन देती है। बिना किसी गारंटी के मिलने वाले इस लोन की सीमा को बढ़ाकर अब 2 लाख कर दिया गया है, जबकि कुल ऋण सीमा को 5 लाख तक किया गया है।&amp;nbsp;बस्तर और सरगुजा संभाग पर विशेष ध्यानराज्य के बस्तर और सरगुजा संभागों में बैंकिंग सेवाओं की सीमित पहुंच को देखते हुए, वहां नई बैंक शाखाएं खोलने और स्थानीय स्तर पर ऋण उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वित्तीय सेवा विभाग के मानकों के अनुसार, बिना बैंकिंग सुविधा वाले गांवों में 5 किलोमीटर के दायरे के भीतर बैंकिंग सेवाएं (शाखाएं या बीसी एजेंट) उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।वार्षिक ऋण योजना एवं सामाजिक सुरक्षावित्त वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक ऋण योजना के तहत बैंकों के प्रदर्शन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों की गतिविधियों, जिला परामर्शदात्री समिति की बैठकों और वित्तीय साक्षरता सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई। इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड के प्रतिनिधियों सहित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के सदस्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>समय पर पहचान, उचित रेफरल और विशेषज्ञ उपचार से जन्मजात हृदय रोग से पीडि़त बच्चों का सफल उपचार</title><link>https://cnin.co.in/समय-पर-पहचान,-उचित-रेफरल-और-विशेषज्ञ-उपचार-से/82633</link><description>00 चिरायु टीम की पहल से तीन बच्चों को मिला नया जीवनरायपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, बीमारियों की शीघ्र पहचान और उन्हें समय पर उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों ने तीन परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। धमतरी जिले की चिरायु टीम-बी मगरलोड की सतर्कता और तत्परता से जन्मजात हृदय रोग से पीडि़त तीन बच्चों की समय रहते पहचान हुई और उन्हें विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया गया।चिरायु टीम-बी मगरलोड द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान केरिना कंवर (15 वर्ष), कुमकुम साहू (3 वर्ष) एवं युवेश कमार (9 वर्ष) में संभावित जन्मजात हृदय रोग के लक्षण पाए गए। टीम ने बिना विलंब किए बच्चों को आवश्यक जांच एवं विशेषज्ञ उपचार के लिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक निजी हॉस्पिटल, रेफर किया तथा उपचार प्रक्रिया में आवश्यक समन्वय और फॉलोअप सुनिश्चित किया।अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं परीक्षण किए गए। जांच में जन्मजात हृदय संबंधी समस्या की पुष्टि होने के बाद तीनों बच्चों को सर्जिकल उपचार की आवश्यकता बताई गई। चिकित्सकों की देखरेख में तीनों बच्चों का सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के पश्चात बच्चों के स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार हुआ और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। चिरायु टीम द्वारा बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेते हुए उपचार के बाद भी आवश्यक फॉलोअप किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में चिरायु टीम की भूमिका केवल बीमारी की पहचान तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों को उचित स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने, उपचार के लिए समन्वय स्थापित करने और उपचार के बाद स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी करने तक रही। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कितनी महत्वपूर्ण है।जन्मजात हृदय रोग कई बार बच्चों में प्रारंभिक अवस्था में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान संभावित लक्षणों की पहचान बच्चों को गंभीर जटिलताओं से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चिरायु कार्यक्रम इसी उद्देश्य से बच्चों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग कर उन्हें आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं से जोडऩे का कार्य कर रहा है। तीनों बच्चों का सफल उपचार उनके परिवारों के लिए राहत और खुशी का विषय है। यह सफलता समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, प्रारंभिक पहचान, त्वरित रेफरल, विशेषज्ञ उपचार और सतत फॉलोअप के प्रभावी समन्वय का उदाहरण है।</description ></item><item><title>मंत्री राजवाड़े की अगुवाई में दो किलोमीटर तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा</title><link>https://cnin.co.in/मंत्री-राजवाड़े-की-अगुवाई-में-दो-किलोमीटर-तक/82632</link><description>रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में चल रहे हर घर तिरंगा अभियान के तहत सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर में गुरुवार को महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की अगुवाई में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस यात्रा में लगभग एक हजार लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।तिरंगा यात्रा शासकीय कन्या हाई स्कूल, बिश्रामपुर से प्रारंभ होकर अंबेडकर चौक तक पहुंची और निर्धारित मार्ग से होते हुए पुन: विद्यालय परिसर में संपन्न हुई। करीब दो किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान हाथों में तिरंगा थामे स्कूली छात्र-छात्राएं, नागरिक, जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी-कर्मचारी देशभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से पूरा क्षेत्र राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। विद्यार्थियों और नागरिकों की बड़ी संख्या में सहभागिता ने आयोजन को विशेष उत्साह और गरिमा प्रदान की।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन-बान-शान का प्रतीक है और हर नागरिक का दायित्व है कि वह तिरंगे के सम्मान तथा देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ बनाए। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान और जनभागीदारी का व्यापक जनआंदोलन है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से नागरिकों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अखंडता और तिरंगे के सम्मान का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किया गया। आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>रेलवन ऐप के 4.76 करोड़ डाउनलोड्स का आंकड़ा पार हुआ, प्रतिदिन औसतन 10 लाख टिकट बुकिंग का रिकॉर्ड बना</title><link>https://cnin.co.in/रेलवन-ऐप-के-4.76-करोड़-डाउनलोड्स-का-आंकड़ा-पार/82631</link><description>रायपुर/बिलासपुर/नई दिल्ली।आरक्षित और अनारक्षित टिकटों की डिजिटल खरीद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेलवे ने 01 जुलाई, 2025 को रेलवन ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप यात्रियों को मोबाइल फोन पर आरक्षित और अनारक्षित टिकट बुक करने की सुविधा देता है। यह ऐप भारतीय रेलवे की सभी सार्वजनिक सेवाओं जैसे आरक्षित टिकट, अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन पूछताछ, पीएनआर पूछताछ, रेल सहायता आदि को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है। इससे यात्री आरक्षण प्रणाली की सुविधा यात्रियों की उंगलियों पर आ जाती है। ऐप सिंगल-साइन-ऑन (एसएसओ) सुविधा के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को कई सेवाओं का लाभ उठाने में सक्षम बनाता है, जिससे रेलवे के कई एप्लिकेशन डाउनलोड करने और कई पासवर्ड याद रखने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।2 अगस्त, 2026 तक रेलवन ऐप के माध्यम से किए गए लेन-देन का विवरण इस प्रकार है:दैनिक औसत टिकट - 10 लाखआरक्षित टिकट - 2.79 लाखअनारक्षित टिकट - 7.24 लाखडाउनलोड - 4.76 करोड़वर्ष 2000 में शुरू की गई राष्ट्रीय रेल पूछताछ प्रणाली (एनटीईएस) यात्रियों को लगभग वास्तविक समय में ट्रेनों की जानकारी प्रदान करती है, जिसमें आगमन/प्रस्थान की स्थिति और ट्रेन कार्यक्रम शामिल हैं। यह जानकारी पूछताछ काउंटरों, एनटीईएस वेबसाइट, मोबाइल एप्लिकेशन (एंड्रॉइड और आईओएस) और राष्ट्रव्यापी रेल पूछताछ संख्या 139 जैसे विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध है। इसकी प्रमुख विशेषताओं में अपनी ट्रेन ढूंढें, लाइव स्टेशन, ट्रेन कार्यक्रम और स्टेशनों के बीच ट्रेनें शामिल हैं, जिससे यात्री आसानी से प्रामाणिक और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एनटीईएस मोबाइल एप्लिकेशन अक्टूबर 2014 (एंड्रॉइड) और अक्टूबर 2015 (आईओएस) में लॉन्च किया गया था, जिसने 01 अगसत, 2026 तक एंड्रॉइड पर 4.5 करोड़ से अधिक और आईओएस पर 16 लाख से अधिक डाउनलोड दर्ज किए हैं। एनटीईएस वर्तमान में लगभग 80,000 उपयोगकर्ताओं को संभालता है और प्रतिदिन 6 करोड़ से अधिक पूछताछों का निषपादन करता है। यात्रियों द्वारा इसकी व्यापक रूप से सराहना की गई है।</description ></item><item><title>बिलासपुर स्टेशन पर यात्रियों को मिली नई सुविधा, शुरू हुई बाइक रेंटल सेवा, 04 घंटे तक 100 रुपए</title><link>https://cnin.co.in/बिलासपुर-स्टेशन-पर-यात्रियों-को-मिली-नई/82630</link><description>00 प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक श्री विजय कुमार ने किए विधिवत शुभारंभ00 स्थानीय आवागमन होगा आसान, समय एवं खर्च दोनों की होगी बचतबिलासपुर। बिलासपुर रेल मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं बेहतर स्थानीय परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर बाइक रेंटल सेवा प्रारंभ की गई है। स्टेशन के कोच रेस्टोरेंट के समीप उपलब्ध इस सुविधा का विधिवत शुभारंभ प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक श्री विजय कुमार द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह सहित वाणिज्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। यह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पहली बाइक रेंटल सेवा है, जिसे यात्रियों को स्टेशन से शहर के विभिन्न स्थानों तक आने-जाने के लिए सुविधाजनक, किफायती और त्वरित स्थानीय परिवहन विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।यात्रियों को होंगे कई फायदेबाइक रेंटल सेवा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए उपयोगी होगी, जिन्हें बिलासपुर में कम दूरी के लिए त्वरित आवागमन की आवश्यकता होती है। इसके माध्यम से यात्री टैक्सी या ऑटो के लिए इंतजार किए बिना अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा कर सकेंगे। इससे न केवल यात्रा में लगने वाले समय की बचत होगी, बल्कि स्थानीय आवागमन पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकेगा। यह सुविधा पर्यटकों, छात्रों, व्यवसायिक यात्रियों तथा स्थानीय नागरिकों के लिए भी उपयोगी साबित होगी। स्टेशन से शहर के प्रमुख स्थानों तक आसानी से पहुंचने के साथ-साथ यात्री अपने समय के अनुसार शहर का भ्रमण भी कर सकेंगे।उपलब्धता एवं सेवा शुल्कबाइक रेंटल सेवा 24 घंटे एवं सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस एवं आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। बाइक किराये की दर 04 घंटे तक 100 रुपए, 4 से 8 घंटे तक 200 रुपए, 08 से 16 घंटे तक 300 रुपए तथा 16 से 24 घंटे तक 400 रुपए निर्धारित है। बिलासपुर स्टेशन पर यह सुविधा शुरू होने से रेल यात्रियों को स्टेशन से उनके गंतव्य तक पहुंचने के लिए एक सुविधाजनक, किफायती एवं स्वतंत्र परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा। यह पहल यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक एवं यात्री-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</description ></item><item><title>एक ही मां की तीन संतानों को दी गई थी फांसी : चारुशीला</title><link>https://cnin.co.in/एक-ही-मां-की-तीन-संतानों-को-दी-गई-थी-फांसी-:/82629</link><description>00 महाराष्ट्र मंडल में चौबे कालोनी केंद्र- आध्यात्मिक समिति की ओर से कराया गया राष्ट्रीय कीर्तनरायपुर। भारत देश को आजाद कराने के संग्राम में एक ही मां की तीन संतानों को अंग्रेजों ने एक साथ फांसी पर लटका दिया था। आज हमें इन वीर सपूतों के बारे में युवा पीढ़ी को बताने की जरूरत है। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति और चौबे कॉलोनी महिला केंद्र की ओर से छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित राष्ट्रीय कीर्तन में ह.भ.प. चारूशीला देव ने कहीं।चारूशीला ने कहा कि 22 जून 1897 को अंग्रेज अधिकारी रैंड को मौत के घाट उतार कर आजादी की लड़ाई में प्रथम क्रांतिकारी धमाका करने वाले वीर दामोदर पंत चाफेकर का जन्म 24 जून 1869 को पुणे के ग्राम चिंचवड़ में प्रसिद्ध कीर्तनकार हरिपंत चाफेकर के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में हुआ था। उनके दो छोटे भाई क्रमश: बालकृष्ण चाफेकर व वसुदेव चाफेकर थे। बचपन से ही सैनिक बनने की इच्छा दामोदर पंत के मन में थी, विरासत में कीर्तनकार का यश-ज्ञान मिला ही था। महर्षि पटवर्धन एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक उनके आदर्श थे। चारूशीला दामोदर हरि चाफेकर, बालकृष्ण हरि चाफेकर तथा वासुदेव हरि चाफेकर सगे भाई थे, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया। तीनों भाइयों को संयुक्त रूप से चाफेकर बन्धु कहा जाता है।</description ></item><item><title>महाराष्ट्र मंडल में पार्थिव शिवलिंग पूजन कल</title><link>https://cnin.co.in/महाराष्ट्र-मंडल-में-पार्थिव-शिवलिंग-पूजन-कल/82628</link><description>रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से मंडल परिसर में शुक्रवार 14 अगस्त को पार्थिव शिवलिंग पूजन किया जाएगा। आध्यात्मिक समिति की समन्वयक सृष्टि दंडवते ने बताया कि श्रावण मास के अवसर पर पार्थिव शिवलिंग पूजन का आयोजन किया गया है। पूजा में कोई भी भाग ले सकता है।सृष्टि दंडवते ने आगे बताया कि पूजा में शामिल होने के इच्छुक भक्त समिति की आध्यात्मिक समिति की समन्वयक, प्रमुख अथवा मंडल कार्यालय में गुरुवार शाम पांच बजे तक पंजीयन कराना आवश्यक है। पूजा के बाद भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को पूजा के सामान जैसे हल्दी, कुमकुम, गंध, अक्षत, चिल्हर पैसे, सुपारी, पंचामृत, तेल, दीया, बेलपत्र, फूल अपने साथ लाना होगा।</description ></item><item><title>टेकारी में हथियारबंद असामाजिक तत्वों के दो गुटों में भिड़ंत, 2 घायल, 5 गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/टेकारी-में-हथियारबंद-असामाजिक-तत्वों-के-दो/82627</link><description>रायपुर। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टेकारी व गोढ़ी के असामाजिक तत्वों का गुट बीते रविवार - सोमवार के दरम्यानी रात टेकारी में भिड गये। टेकारी के एक आपराधिक रिकार्ड धारी असामाजिक तत्व के कथित चुनौती को स्वीकार कर गोढ़ी के 19 वर्षीय विवेक उर्फ राउडी आत्मज देवनारायण वर्मा के अगुवाई में पहुंचे गोढ़ी गुट टेकारी गुट पर भारी पड़ गया और गोढ़ी गुट के चाकू -तलवार के वार से टेकारी के दो आपराधिक रिकार्ड धारी अंगेश्वर उर्फ प्रेम आत्मज संतोष वर्मा व योगेश आत्मज टीकाराम साहू को जानलेवा चोटें पहुंची।घटना की सूचना मिलते ही सक्रिय थाना अमला ने लगातार दबिश पर दबिश दे विवेक सहित गोढ़ी के ही 20 वर्षीय राजा आत्मज पवन साहू , 20 वर्षीय विक्रम उर्फ भौंकलू पिता तेजराम यादव , 19 वर्षीय प्रशांत पिता सुरेश प्रजापति व 22 वर्षीय ओमप्रकाश पिता दुकालू पाल को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 109/ 191(1-2-3 ) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 /27 के अपराध के आरोप में गिरफ्तार कर बीते कल मंगलवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम वर्ग , रायपुर अजय सिंह मीणा के न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें आगामी 25 अगस्त तक के लिये न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।मिली जानकारी के अनुसार बीते 9-10 अगस्त की दरमियानी रात लगभग 11 बजे के आसपास जब टेकारी के जख्मी दोनों पुलिसिया रिकार्ड धारी अपने साथियों के साथ ग्राम के बाहर टेकारी से कठिया जाने वाले सड़क मार्ग के किनारे स्थित शनि मंदिर के पास बैठे थे तभी कथित चुनौती को स्वीकार कर लेने की बात कह आरोपीगण कुछ ही समय बाद मोटरसाइकिल से पहुंच गये। गाली गलौच व धक्का मुक्की के बाद अचानक चाकू - तलवार के हमले से अंगेश्वर व? योगेश जख्मी हो गये व? उनके साथी भाग निकले। सूचना मिलते ही सक्रिय थाना अमला रात से ही दबिश दे आरोपियों की धर-पकड़ शुरू कर दी। दूसरे दिन ग्राम के कशियाही तालाब में डूबे विक्रम यादव के पिता के नाम की मोटरसाइकिल व तलवार तथा चाकू जप्त की गयी।इधर ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को दोपहर समय ग्राम के बंधवा तालाब ?पार में महिलाओं की मौजूदगी में गाली गलौच करते पाये गये इस घटना में जख्मी हुये अंगेश्वर उर्फ प्रेम व एक अन्य पुलिसिया रिकार्ड धारी मिथिलेश उ$र्फ सड्डे को ग्रामीणों ने वहां से भगाया था और दोपहर बाद इनके साथ ग्राम व बाहर के असामाजिक तत्वों के स्वागत द्वार के पास इक_ा होने की सूचना पर थाना प्रभारी आशीष यादव द्वारा भेजे गये पुलिस अमला के पहुंचने के पूर्व अधिकांश भाग निकले थे लेकिन सपड़ में आये तीन के खिलाफ किये गये प्रतिबंधात्मक कार्यवाही कर कार्यपालन दंडाधिकारी मंदिर हसौद के न्यायालय में पेश किये जाने पर एक दिन बाद ही आसन्न स्वतंत्रता दिवस पर्व पर शांति व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश की कीमत पर रिहा कर दिये जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।</description ></item><item><title>तीन माह के भीतर ललित भंसाली के घर ईडी की टीम दूसरी बार पहुंची, यश नाहटा के निवास में पहली बार</title><link>https://cnin.co.in/तीन-माह-के-भीतर-ललित-भंसाली-के-घर-ईडी-की-टीम/82626</link><description>राजनांदगांव। कांग्रेस सरकार में प्रदेश के कई जिलों में डीएमएफ फंड में वित्तीय गड़बड़ी के मामले में गुरुवार को ईडी की एक टीम शहर के कामठी लाइन स्थित चर्चित व्यापारी ललित भंसाली के घर में जांच पड़ताल के लिए दाखिल हुई। वहीं रिहायशी कॉलोनी सत्यम विहार में यश नाहटा नामक व्यापारी के घर में धावा बोला। पिछले तीन माह के भीतर ललित भंसाली के घर ईडी की टीम दूसरी बार पहुंची। वहीं पहली बार यश नाहटा के घर ईडी ने अपने निशाने में लिया। यश नाहटा मूलत: बालोद जिले के डौंडीलोहारा के रहने वाले हैं। हालांकि अधिकारियों की ओर से अब तक छापेमारी को लेकर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है।&amp;nbsp;अधिकारिक पुष्टि नहीं होने की वजह से फिलहाल छापेमारी की वजह स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन ब्यूरोक्रेसी के सतत संपर्क में रहने की वजह से ललित भंसाली को ईडी ने घेरा है। ललित भंसाली का आईएएस और आईपीएस अफसरों से सीधा संबंध रहा है। माना जा रहा है कि पिछली सरकार में हुए घोटालों के तार भंसाली से भी जुड़े हुए हैं। भंसाली का पिछले सरकार में विवादित अफसरों के साथ संबंध रहा है। इस बीच यश नाहटा के घर भी ईडी की दबिश को पूर्ववती सरकार में हुए भ्रष्टाचार से जोड़कर देखा जा रहा है। भंसाली और नाहटा का एक संयुक्त कंपनी भी है। आशंका जताई जा रही है कि दोनों व्यापारियों ने डीएमएफ फंड का अनुचित तरीके से अपनी कंपनी में निवेश किया था।</description ></item><item><title>संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित</title><link>https://cnin.co.in/संसद-अनिश्चितकाल-के-लिए-स्थगित/82625</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;* -आखिरी दिन लोकसभा 1 मिनट, राज्यसभा 1 घंटे चलीनई दिल्ली--संसद का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ 1 मिनट चली, जबकि राज्यसभा करीब 1 घंटे चली।लोकसभा में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद रहे। स्पीकर ओम बिड़ला ने वंदे मातरम गान के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।वहीं, राज्यसभा में आखिरी दिन एमएमडीआर संशोधन बिल पास हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद हुए शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया।</description ></item><item><title>मंगलम होटल भवन के सामने नाले में गिरा ट्रक, कोई हताहत नहीं</title><link>https://cnin.co.in/मंगलम-होटल-भवन-के-सामने-नाले-में-गिरा-ट्रक,/82624</link><description>रायपुर। गुरुवार की अलसुबह 5 बजे के करीब अग्रसेन चौक के पास स्थित मंगलम भवन के सामने काम्प्लेक्स के नाले में 18 से 20 चक्के वाली एक ट्रक गिर गई। गनीयत यह रही कि जब यह हादसा हुआ उस समय वहां पर कोई मौजूद नही था वहां बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन व नगर निगम का अमला ट्रक को हटाने में जुट गया और काफी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से ट्रक को हटाया गया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार कहीं से माल लोड कर ट्रक क्रमांक सीजी 04 एम 6938 मारुति मंगलम भवन के ठीक सामने स्थित गली में जा रहा था लेकिन ट्रक चालक ने ट्रक पर से नियंत्रण खो दिया और वह गली के सामने स्थित कांम्प्लेक्स के नाले में उसके चार चक्के उतर गए और ट्रक नाले में गिर गया। इस दौरान वहां खड़े लोगों ने ड्राइवर को रुको-रुको कहकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन ड्राइवर नहीं रुका और ट्रक पीछे की ओर नाले में गिरते चले गया। इस हादसे में किसी को चोट तो नहीं आई लेकिन ट्रक वहां फंस गया।</description ></item><item><title>नामुमकिन हुआ मुमकिन, लाइलाज समझी जा रही बीमारी का एम्स रायपुर में सफल उपचार, स्वास्थ्य में 80 प्रतिशत सुधार</title><link>https://cnin.co.in/नामुमकिन-हुआ-मुमकिन,-लाइलाज-समझी-जा-रही/82623</link><description>00 बाल आयोग की पहल और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के सहयोग से वनवासी बचपन को मिली नई उम्मीदरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की संवेदनशील पहल और निरंतर प्रयासों से गंभीर बीमारी से जूझ रही एक बालिका के जीवन में नई उम्मीद जगी है। जिस बालिका का शरीर धीरे-धीरे पत्थर जैसा होता जा रहा था और जिसकी स्थिति बेहद गंभीर थी, उसके स्वास्थ्य में एम्स रायपुर में उपचार के बाद अब लगभग 80 प्रतिशत तक सुधार हुआ है।&amp;nbsp;बालिका की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलने के बाद अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसके बेहतर उपचार के लिए आवश्यक पहल की। उन्होंने दंतेवाड़ा कलेक्टर से चर्चा कर बालिका के उपचार, देखभाल और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया। अध्यक्ष डॉ. शर्मा की पहल पर दंतेवाड़ा कलेक्टर द्वारा बालिका की देखभाल एवं आवश्यक समन्वय के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया और बालिका को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित किया। इसके पश्चात बालिका को बेहतर एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एम्स रायपुर में उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बालिका की गंभीर स्थिति को देखते हुए लगातार उपचार, जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल की।एम्स रायपुर में त्वचा रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यकी गांगुली तथा डॉ. नम्रता छाबड़ा सहित बहुविषयक चिकित्सा टीम ने बालिका की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया तथा उसकी आवश्यकता के अनुरूप चरणबद्ध उपचार योजना तैयार की। उपचार के दौरान त्वचा संबंधी समस्याओं के साथ-साथ बालिका के समग्र स्वास्थ्य, पोषण, संक्रमण की रोकथाम तथा अन्य संबंधित चिकित्सकीय पहलुओं पर भी निरंतर ध्यान दिया गया।एम्स के चिकित्सकों के अथक प्रयास, दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के सहयोग तथा अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की सतत पहल और निगरानी के परिणामस्वरूप बालिका के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सकारात्मक बदलाव आया है। वर्तमान में उसके स्वास्थ्य में लगभग 80 प्रतिशत सुधार हो चुका है, जो उसके परिजनों और उपचार से जुड़े सभी लोगों के लिए बेहद उत्साहजनक है।&amp;nbsp;अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। इस बालिका के उपचार में एम्स के चिकित्सकों ने जिस समर्पण और अथक प्रयास के साथ कार्य किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। दंतेवाड़ा कलेक्टर एवं जिला प्रशासन द्वारा भी बालिका की देखभाल के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर संवेदनशीलता के साथ सहयोग किया गया। बालिका के स्वास्थ्य में 80 प्रतिशत सुधार हम सभी के लिए बेहद संतोषजनक और उत्साहजनक है। हमारा प्रयास है कि वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौटे और उसके चेहरे की मुस्कान हमेशा बनी रहे।&amp;nbsp;बालिका के स्वास्थ्य में आए इस सकारात्मक बदलाव से उसके परिजनों एवं उसकी देखभाल कर रहे लोगों में खुशी का माहौल है। गंभीर बीमारी से जूझ रही इस बालिका के स्वास्थ्य में आया यह सुधार न केवल उसके परिवार के लिए राहत और खुशी का विषय है, बल्कि यह इस बात की भी मिसाल है कि संवेदनशील पहल, समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा, प्रशासनिक सहयोग और निरंतर प्रयासों से मुश्किल परिस्थितियों में भी उम्मीद की नई राह बनाई जा सकती है।</description ></item><item><title>छात्रों का विरोध प्रदर्शन बृहस्पतिवार को 20वें दिन भी जारी</title><link>https://cnin.co.in/छात्रों-का-विरोध-प्रदर्शन-बृहस्पतिवार-को/82622</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रांची-झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन बृहस्पतिवार को 20वें दिन भी जारी है। वहीं,प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है। 'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं।&amp;nbsp;वे भर्ती परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता, कई परीक्षाओं को रद्द करने और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या झारखंड के बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के नेता रघुबर दास ने चेतावनी दी कि अगर एक हफ्ते के भीतर सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं हुई तो वह अनशन करेंगे। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी)ने इस मुद्दे पर 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>‘आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय</title><link>https://cnin.co.in/‘आजादी-की-धुन’-स्वतंत्रता-सेनानियों-के/82621</link><description>&amp;nbsp;'आजादी की धुन' में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री श्री सायमुख्यमंत्री श्री साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल100 युवा कलाकारों की एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र, देशभक्ति के गीतों ने बांधा समांरायपुर -राजधानी रायपुर की शाम &amp;nbsp;देशभक्ति के सुरों से गूंज उठी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए 100 युवा कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों के साथ एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति देकर देशभक्ति का अनुपम वातावरण निर्मित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय समारोह में शामिल हुए और युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देशभक्ति के गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रप्रेम के भाव से सराबोर कर दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘आजादी की धुन’ देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर है। 'आजादी की धुन’ हमें इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प दिलाती है। छत्तीसगढ़ में पहली बार 100 युवा कलाकारों द्वारा एक साथ अलग-अलग वाद्ययंत्रों पर देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति अपने आप में अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए संस्कृति विभाग और सभी कलाकारों को बधाई दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत में भावनाओं को जागृत करने और लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देशभक्ति के गीतों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में हमारे क्रांतिकारियों और सेनानियों का मनोबल बढ़ाया तथा करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता के लक्ष्य के लिए एकजुट किया। आज भी जब देशभक्ति की धुनें सुनाई देती हैं, तो मन में राष्ट्र के प्रति गर्व और समर्पण का भाव स्वतः जागृत हो उठता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता हमें असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। अनेक क्रांतिकारियों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, हजारों सेनानियों ने कारावास की कठोर यातनाएं सहीं और लाखों देशवासियों ने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित असंख्य राष्ट्रनायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी। आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने सपनों को साकार कर पा रहे हैं, तो इसके पीछे हमारे पूर्वजों की तपस्या, संघर्ष और बलिदान है।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमारे लिए केवल अधिकारों का उत्सव नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्वों को निभाने का संकल्प भी है। हमें यह सदैव स्मरण रखना चाहिए कि करोड़ों देशवासियों के संघर्ष से प्राप्त इस बहुमूल्य आजादी की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाना और राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने भी अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अन्याय और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर ने भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व कर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आदिवासी समाज की आवाज बुलंद की। ऐसे महान सेनानियों का शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ जैसे आयोजन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता के संघर्ष और उसके मूल्यों से जोड़ते हैं। नई पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि जिस स्वतंत्र भारत में वे आज अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं, उसके पीछे कितने ही ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष और त्याग है। स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। यह संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। इसे साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य के साथ आगे आना होगा।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विकास की रोशनी प्रदेश के प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तथा छत्तीसगढ़ अपनी सामर्थ्य और संभावनाओं के अनुरूप देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में शामिल कलाकारों एवं युवाओं को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी का यह उत्सव हमें अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण कराने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, स्काउट-गाइड के चेयरमैन श्री इंद्रजीत सिंह खालसा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, कलाकार और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।</description ></item><item><title>लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की</title><link>https://cnin.co.in/लोक-निर्माण-विभाग-के-सचिव-ने-सड़क-एवं-भवन/82620</link><description>&amp;nbsp;वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को मार्च-2027 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश, काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने कहामुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यों की समीक्षा के निर्देश, कहा साइट देखने के बाद ही तैयार करें निर्माण कार्यों के प्राक्कलनगुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर, ठेकेदारों को नियमित भुगतान के निर्देशरायपुर.लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों से स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को 31 मार्च 2027 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश दिए। श्री बंसल ने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन कर हर महीने भुगतान के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता श्री पी.एम. कश्यप और श्री टी.आर. कुंजाम भी बैठक में मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने फील्ड का दौरा कर और साइट देखने के बाद ही निर्माण कार्यों के प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश विभागीय अभियंताओं को दिए। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संपर्क और समन्वय बनाकर निर्धारित टाइम-लाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने टाइम-लाइन के मुताबिक समय पर काम नहीं करने वाले, लापरवाही बरतने वाले और गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा आगामी निविदाओं के लिए अपात्र करने के निर्देश दिए।विभागीय सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय-सीमा में पूरा करने सुव्यवस्थित तथा योजनाबद्ध ढंग से काम करने को कहा। उन्होंने रायपुर और नवा रायपुर में कार्यों की सहूलियत, बेहतर मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कसावट के लिए रायपुर मंडल क्रमांक-1 के चारों संभागों को पुनर्गठित कर कार्यक्षेत्रों का नए सिरे से विभाजन करने को कहा। उन्होंने राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप एक ही टेबल पर तीन वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार कर 30 सितम्बर तक नई पदस्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में लोक निर्माण विभाग के रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति तथा न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की।श्री बंसल ने पीडब्लूडी-आईएमएस (PWD-IMS) में विभाग के सभी कार्यों की एंट्री 31 अगस्त तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी 31 अगस्त तक जमा करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु तथा लोक सेवा गांरटी के प्रकरणों को भी समय-सीमा में सक्रियता से निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुविधा और नागरिकों की आवश्यकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अगले पांच वर्षों में सड़कों की जरूरत का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद तत्काल अनुबंध कर कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निविदा में कार्यपूर्णता के लिए उपयुक्त समय-सीमा के निर्धारण के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु, पोल शिफ्टिंग, पाइपलाइन शिफ्टिंग तथा अन्य यूटिलिटीज की शिफ्टिंग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्यपूर्णता के लिए समयावधि निर्धारित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों के पूर्ण होने के बाद तीन महीनों के भीतर फाइनल बिल तैयार करने तथा ठेकेदारों को भुगतान के लिए भी एसओपी बनाने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए।श्री बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं को विभिन्न आयोजनों के बिलों के भुगतान ठेकेदारों को तत्परता से एक महीने के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने चालू मानसून सीजन में सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढा भरने के काम तत्काल करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को नोटिस देकर परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की भी मरम्मत तत्काल सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री शशांक पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता श्री वी.के. बेदिया और श्री सुरेश भूपल तथा रायपुर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : साय</title><link>https://cnin.co.in/किसानों-की-समृद्धि-से-ही-समृद्ध-होगा/82619</link><description>00 किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी, उनकी आय बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर कर रही काम00 हरेली के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज हरेली तिहार के पावन अवसर पर नवा रायपुर में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास में आयोजित गृह प्रवेश समारोह एवं हरेली उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्री वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन आवास में गृह प्रवेश की बधाई देते हुए उनके सुखी, समृद्ध और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को भी छत्तीसगढ़ के प्रथम लोक पर्व हरेली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली जैसे शुभ अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा का नवीन शासकीय आवास में गृह प्रवेश इस अवसर को और भी विशेष बनाता है। हरेली हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा पर्व है। किसान इस दिन कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं तथा अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। यह पर्व छत्तीसगढ़ की उस समृद्ध परंपरा का प्रतीक है, जिसमें प्रकृति, खेती और लोकजीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।</description ></item><item><title>जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड, युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार</title><link>https://cnin.co.in/जीजामगांव-के-नवीन-आईटीआई-में-शुरू-हुआ/82618</link><description>00 बदलती तकनीक और हरित परिवहन की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को मिलेगा आधुनिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण00 ऑनलाइन प्रवेश पंजीयन प्रक्रिया शुरूरायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), जीजामगांव में सत्र 2026-27 से पहली बार मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड का प्रथम बैच प्रारंभ किया गया है। यह इस संस्था का भी पहला प्रशिक्षण सत्र होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए यह ट्रेड युवाओं के लिए करियर की दृष्टि से बेहद अहम साबित होगा।दो वर्षीय पाठ्यक्रम और आधुनिक प्रशिक्षणमैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल दो वर्षीय पाठ्यक्रम है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक के साथ-साथ बैटरी प्रबंधन प्रणाली, मोटर कंट्रोल, चार्जिंग सिस्टम, वाहन सर्विसिंग और फॉल्ट डायग्नोसिस जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान में यह ट्रेड छत्तीसगढ़ के चुनिंदा 5 शासकीय आईटीआई संस्थानों में ही संचालित है, जिससे जीजामगांव आईटीआई में इसकी शुरुआत जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।रोजगार व स्वरोजगार के बेहतर अवसरई-व्हीकल के बढ़ते चलन से अधिकृत सर्विस सेंटरों, ई-व्हीकल निर्माण कंपनियों, चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी से संबंधित सेवा इकाइयों में प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, प्रशिक्षित युवा खुद का सर्विस सेंटर या तकनीकी सेवा शुरू कर स्वरोजगार भी स्थापित कर सकेंगे।क्षेत्र का तेजी से हो रहा विकासजीजामगांव क्षेत्र में फॉरेस्ट पार्क, फूड पार्क सहित विभिन्न विकास एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने नवीन आईटीआई भवन के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण भी किया था। जिला धमतरी की नोडल संस्था शासकीय आईटीआई कुरूद के प्राचार्य श्री योगेश देवांगन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए इस नवीन ट्रेड में प्रवेश लें।प्रवेश प्रक्रिया और अन्य सौगातेंआईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन एवं चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए शासकीय आईटीआई कुरूद से संपर्क किया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 23 सितंबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम करेली बड़ी में आयोजित समारोह में जिले के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा की थी, जिसमें जीजामगांव में नवीन आईटीआई की स्थापना भी शामिल थी।</description ></item><item><title>गलती मान लेने से पाप धुल जाते है,लेकिन स्वीकारते कहां हैं - संत शंभूशरण</title><link>https://cnin.co.in/गलती-मान-लेने-से-पाप-धुल-जाते-है,लेकिन/82617</link><description>00 भय से जीव भगवान की भक्ति करता है और जिसके अंदर भय नहीं है उसका नाश हो गया &amp;nbsp;00 जिसने बचपन में भक्ति नहीं की, वह बुढ़ापे में कभी भक्ति नहीं कर सकतारायपुर। गलती मान लेने से आपके पाप धुल जाते है लेकिन आज का प्राणी गलत मानने को तैयार ही नहीं होता है। भय से जीव भगवान की भक्ति करता है और जिसके अंदर भय नहीं है उस जीव का नाश हो गया। जिसने बचपन में भक्ति नहीं की, वह बुढ़ापे में कभी भक्ति नहीं कर सकता। श्री राम कथा तो गंगा है, उसमें समाहित होकर तो देखो। भगवान से डर लोगे ना तो किसी और से डरने की आवश्यकता नहीं है। आज का समय तो छप्पन भोग वाला है। यदि प्रेम नहीं हैं तो क्या भगवान छप्पन भोग स्वीकारेंगे।</description ></item><item><title>ग्रामीण पत्रकारिता को मिलेगी नई धार : कुशाभाऊ ठाकरे और गोंडवाना विवि के बीच होगा एमओयू</title><link>https://cnin.co.in/ग्रामीण-पत्रकारिता-को-मिलेगी-नई-धार-:-कुशाभाऊ/82616</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों की आवाज को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर और गोंडवाना विश्वविद्यालय, गढ़चिरौली के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता करने जा रहे हैं। केटीयू के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल और गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलपति के बीच हुई सौजन्य भेंट में इस एमओयू की रूपरेखा तैयार की गई, जिसका मुख्य केंद्र ग्रामीण एवं ग्रासरूट जनसंचार को मजबूत करना है। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय फलक पर लाना, शोध को बढ़ावा देना और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को मीडिया व जनसंचार क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराना है।इस साझा प्रयास के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से सेमिनार, संगोष्ठी और तकनीकी कार्यशालाओं का आयोजन ऑफलाइन, ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड में करेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सुदूर ग्रामीण इलाकों के छात्र, शिक्षक एवं पत्रकार सीधे लाभान्वित हो सकें। एमओयू के तहत फैकल्टी एक्सचेंज, स्टूडेंट इंटर्नशिप, अकादमिक शोध और कम्युनिटी रेडियो के प्रभावी उपयोग से ग्रामीण संचार को एक नई दिशा दी जाएगी। आदिवासी बहुल और पहुंच-विहीन क्षेत्रों की जमीनी वास्तविकताओं व विकास की कहानियों को मीडिया के माध्यम से दुनिया के सामने लाना है।कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने एमओयू की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और ग्रामीण पत्रकारिता ही देश की वास्तविक जमीनी सच्चाई को उजागर करती है। इस साझा मंच से हम ऐसे संवेदनशील और दक्ष पत्रकार तैयार करेंगे जो संवेदनशीलता के साथ ग्रामीण विकास के नए आयाम लिखेंगे। गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलपति ने विश्वास जताया कि दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों का यह संयुक्त कदम आदिवासी बहुल और पिछड़े क्षेत्रों की आवाज को अधिक सशक्त और मुखर बनाएगा।</description ></item><item><title>फेसबुक में देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी, दोषी के खिलाफ शिकायत </title><link>https://cnin.co.in/फेसबुक-में-देवी-देवताओं-के-खिलाफ-आपत्तिजनक/82615</link><description>पेंड्रा। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल(जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) द्वारा थाना पेंड्रा प्रभारी को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।विश्व हिंदू परिषद - बजरंग दल के पदाधिकारियों ने बताया कि हंसराज गोयल नामक फेसबुक प्रोफाइल से भगवान शिव के शिवलिंग सहित अन्य देवी-देवताओं की धार्मिक मान्यताओं पर अत्यंत आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित की गई। इसके पश्चात्, उक्त पोस्ट पर अरुण पन्नालाल (जिनकी पहचान क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष के रूप में हुई है) द्वारा हिंदू आस्था का उपहास उड़ाते हुए टिप्पणी (कमेंट) की गई।विहिप-बजरंग दल ने इस कृत्य को करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुँचाने और समाज में धार्मिक वैमनस्य व तनाव उत्पन्न करने का कुत्सित प्रयास बताया है। इस प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री से क्षेत्र की कानून व्यवस्था प्रभावित होने की गंभीर आशंका जताई गई है।संगठन द्वारा थाना प्रभारी पेंड्रा से मांग की गई है कि उक्त फेसबुक पोस्ट और टिप्पणी की त्वरित एवं विधिवत जांच की जाए। आरोपी हंसराज गोयल एवं अरुण पन्नालाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करना) तथा धारा 196 (विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य या शत्रुता को बढ़ावा देना) व अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि हिंदू देवी-देवताओं एवं आस्था के प्रतीकों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन के साथ संबंधित फेसबुक पोस्ट और टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट भी पुलिस प्रशासन को साक्ष्य के रूप में सौंपे गए हैं। इस मांग को लेकर प्रमुख रूप से सागर पटेल विभाग संयोजक बजरंगदल बिलासपुर विभाग,निखिल परिहार जिला सह मंत्री विश्व हिन्दूपरिषद, विनय पांडे जिला सह संयोजक बजरंगदल,अनुराग पांडे जिला मंदिर एवं अर्चक पुरोहित विश्व हिंदू परिषद,शनि पटेल जिला सह गौरक्षा प्रमुख बजरंगदल एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>पहला दूध, पहला हक अभियान से 280 माताओं तक पहुंचा जागरूकता संदेश</title><link>https://cnin.co.in/पहला-दूध,-पहला-हक-अभियान-से-280-माताओं-तक-पहुंचा/82614</link><description>00 विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान माताओं और गर्भवती महिलाओं को दी गई स्तनपान और पोषण की महत्वपूर्ण जानकारीरायपुर। माँ और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य तथा कुपोषण की रोकथाम के उद्देश्य से विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत बीजापुर के सांस्कृतिक भवन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से आयोजित किया। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 280 माताओं और गर्भवती महिलाओं ने भाग लिया।जन्म के पहले घंटे में स्तनपान सबसे जरूरीकार्यक्रम में बीजापुर के बीएमओ डॉ. चेलापति राव और डॉ. पटेल ने माताओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिशु के जन्म के पहले एक घंटे के भीतर माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और उसे कई संक्रमणों से बचाता है। उन्होंने यह भी बताया कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए। इस दौरान पानी, घुट्टी या अन्य खाद्य पदार्थ देने की जरूरत नहीं होती। छह माह के बाद पूरक आहार शुरू किया जा सकता है, लेकिन स्तनपान जारी रखना चाहिए।माँ और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंदविशेषज्ञों ने बताया कि स्तनपान से शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलती है। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है और बच्चा स्वस्थ रहता है। वहीं माँ के लिए भी स्तनपान प्रसव के बाद स्वास्थ्य सुधार में लाभकारी होता है। माताओं को शिशु को सही तरीके से स्तनपान कराने की जानकारी दी गई और जरूरत पडऩे पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया।पौष्टिक आहार पर दिया गया जोरकार्यक्रम में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी गई। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मौसमी फल, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने पर जोर दिया गया। साथ ही चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों का नियमित सेवन करने की भी जानकारी दी गई।माताओं ने पूछे सवाल, साझा किए अनुभवंकार्यक्रम के दौरान माताओं ने स्तनपान से जुड़े कई सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए। एक गर्भवती महिला ने कहा कि अब उन्हें समझ आया है कि माँ का दूध बच्चे के स्वस्थ भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और यह संदेश हर परिवार तक पहुंचना चाहिए।स्वस्थ बचपन और सुरक्षित मातृत्व की दिशा में प्रयासविश्व स्तनपान सप्ताह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, कुपोषण रोकने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले की हर माँ तक स्तनपान और पोषण से जुड़ी सही जानकारी पहुंचे, ताकि हर बच्चे को जीवन की शुरुआत से ही बेहतर पोषण और स्वस्थ भविष्य मिल सके।</description ></item><item><title>प्रधान मुख्य वन संरक्षक व वन बल प्रमुख ने जशपुर के भैरव पहाड़ और पर्यावरण वाटिका का किया निरीक्षण</title><link>https://cnin.co.in/प्रधान-मुख्य-वन-संरक्षक-व-वन-बल-प्रमुख-ने/82613</link><description>00 प्राकृतिक धरोहर, जनजातीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने के दिए निर्देशरायपुर। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरूण पाण्डेय ने आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान जिले के महत्वपूर्ण प्राकृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने इन स्थलों के संरक्षण और विकास की संभावनाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।वन बल प्रमुख श्री अरूण पाण्डेय ने मनोरा विकासखंड स्थित भैरव पहाड़ का भ्रमण कर स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व तथा स्थानीय जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक मान्यताओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भैरव पहाड़ का विकास स्थानीय जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक स्वरूप और सोगड़ा आश्रम से जुड़ी आस्था के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही, इस स्थल को प्रकृति, आस्था और जनजातीय संस्कृति के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।इसके बाद श्री पाण्डेय ने कांसाबेल वन परिक्षेत्र के ग्राम बगिया में निर्मित पर्यावरण वाटिका का निरीक्षण किया। उन्होंने पौधरोपण, हरित क्षेत्र विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यावरण वाटिका को स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए पर्यावरण जागरूकता और प्रकृति शिक्षा के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही स्थानीय और उपयोगी प्रजातियों के पौधों के संरक्षण, बेहतर रख-रखाव और पर्यावरणीय जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।वन बल प्रमुख श्री पाण्डेय ने कहा कि जशपुर जिले की प्राकृतिक संपदा, जैव विविधता, जनजातीय संस्कृति और धार्मिक आस्था इसकी विशिष्ट पहचान हैं। इसलिए इन सभी धरोहरों के विकास में पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय परंपराओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भैरव पहाड़, हनुमान टेकरी और पर्यावरण वाटिका जैसे स्थलों का विकास प्रकृति आधारित, पर्यावरण अनुकूल और जनभागीदारी के मॉडल पर किया जाए। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और पर्यटन के अवसर मिलेंगे तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।इस अवसर पर सरगुजा वृत्त के मुख्य वन संरक्षक श्री दिलराज प्रभाकर, वनमंडलाधिकारी बलरामपुर श्री आलोक वाजपेयी, वनमंडलाधिकारी जशपुर श्री शशि कुमार, जशपुर वनमंडल के उपवनमंडलाधिकारी, वन परिक्षेत्राधिकारी और वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>नारायणपुर से शुरू हुई बस्तर तिरंगा यात्रा, उपमुख्यमंत्री शर्मा और वन मंत्री कश्यप ने बाइक चलाकर किया नेतृत्व</title><link>https://cnin.co.in/नारायणपुर-से-शुरू-हुई-बस्तर-तिरंगा-यात्रा,/82612</link><description>00 नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगा तिरंगा, फूंका विकास का बिगुल, किया विकास के आगाज का संदेशरायपुर। बस्तर में शांति, एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर बुधवार को नारायणपुर जिला मुख्यालय के हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड से बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व करते हुए रवाना हुए, जिसे क्षेत्र के विभिन्न समाज प्रमुखों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बस्तर तिरंगा यात्रा के आयोजन में शामिल बच्चों से मंत्री द्वय ने उनके बीच पहुंच कर आत्मीयता के साथ मुलाकात की और सभी का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विकास का बिगुल फूंकते हुए सभी को शांति और विकास का संदेश दिया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जहां पहले नक्सली घटनाओं ने लोगों को प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से देश और दुनिया को यह संदेश दिया जाएगा कि इन क्षेत्रों में अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि नारायणपुर का चयन विशेष उद्देश्य के तहत किया गया है, क्योंकि यह जिला सबसे लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। यात्रा का समापन 14 अगस्त को बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में माओवाद के विरुद्ध नीति बनाकर नियत तिथि पर 31 मार्च 2026 में नक्सलवाद राज्य के साथ साथ देश से समाप्त किया गया है। आज के बाद हर राष्ट्रीय पर्व एवं स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के कोने-कोने तक भारत का तिरंगा पूरी आन, बान और शान से लहराएगा। उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 से लेकर अब तक बस्तर के अनेक दुर्गम गाँवों में लगातार राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण किया गया है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर सम्भाग के 90 से अधिक ऐसे गाँव हैं, जहाँ आजादी के बाद पहली बार इस स्वाधीनता दिवस पर तिरंगा लहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहरने का मतलब बाबा साहब के द्वारा लिखा संविधान अब राज्य के कोने कोने पर लागू होगा।शर्मा ने कहा कि आज जब मैं बस्तर के अलग अलग गांवों में जाता हूँ तो बस्तरवासी कहते हैं कि वे खुद को सही मायनों में स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और अब कोई ऐसी ताकत नहीं बची जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज को नकार सके। पहले राष्ट्रीय पर्वों पर माओवादियों का फरमान होता था कि अपने घरों में काला झंडा लगाया जाए, आज हर घर में तिरंगा फहर रहा है। इसमें बस्तर के लोगों ने अपने मनोबल और जवानों का अदम्य साहस सहयोग रहा, जिससे नक्सलावाद से मुक्ति पाई है। अब समय आ गया है कि दुनिया के लोग बस्तर को जानें, अब बस्तर के लोग दुनिया में छाने वाले हैं। बस्तर के लोग आगे चलकर नया इतिहास लिखने वाले हैं।&amp;nbsp;गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब लोगों को मूलभूत सुविधाएं, विकास कार्य और सुरक्षा का वातावरण मिल रहा है। शासन बस्तर में सड़क, शिक्षा, कौशल विकास, लघु वनोपज के प्रसंस्करण और रोजगार के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। वहीं विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक श्री केदार कश्यप ने कहा कि कभी नक्सल गतिविधियों का केंद्र माने जाने वाले क्षेत्रों से आज तिरंगा यात्रा निकल रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा उन स्थानों की मिट्टी एकत्रित करेगी, जहां जवानों और नागरिकों ने शहादत दी है। इस मिट्टी का उपयोग भविष्य में बनने वाले स्मारक में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 12 अगस्त से प्रारंभ होकर 14 अगस्त तक बस्तर के अति-संवेदनशील और भीषण माओवाद प्रभावित रहे इलाकों से गुजरेगी।आज पहले दिन यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर यात्रा मुंजमेटा, झारागांव, धौड़ाई, कन्हारगांव, कड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसुर होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची। दूसरे दिन यात्रा दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर जिले के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। तीसरे दिन बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी, ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर यात्रा का समापन होगा।इस अवसर पर लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका के अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जनप्रतिनिधि राहुल टिकरिया श्रीमती संध्या पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, एसपी श्री संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ डीएफओ सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>शहादत को सलाम, हर घर तिरंगे के नाम: बीजापुर में गूंजा देशभक्ति का संदेश</title><link>https://cnin.co.in/शहादत-को-सलाम,-हर-घर-तिरंगे-के-नाम:-बीजापुर-में/82611</link><description>00 हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिलेभर में तिरंगा रैली, शहीद जवानों के परिजनों को तिरंगा भेंट कर किया सम्मानरायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के तहत बीजापुर जिले में देशभक्ति से ओतप्रोत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला मुख्यालय और सभी ब्लॉक मुख्यालयों में भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।बीजापुर जिला लंबे समय तक माओवाद से प्रभावित रहा है। 31 मार्च 2026 को जिले के नक्सल मुक्त होने के बाद यह पहला स्वतंत्रता दिवस है, इसलिए इस बार का उत्सव जिले के लिए विशेष महत्व रखता है। जिले को नक्सलवाद से मुक्त कराने के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम और अन्य अधिकारी उनके घर पहुंचे। अधिकारियों ने शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात की, उन्हें तिरंगा भेंट किया और उनके साहस व बलिदान को नमन किया स अधिकारियों ने कहा कि देश की रक्षा के लिए जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढिय़ों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।जिलेभर में निकली तिरंगा रैली में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर हिस्सा लिया। रैली के दौरान बच्चों और नागरिकों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गर्व की भावना व्यक्त की। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जिलेवासियों से अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय एकता, गौरव और देशभक्ति की भावना के साथ मनाएं। हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रप्रेम का संदेश पहुंचाना है। बीजापुर में इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस केवल आजादी का उत्सव नहीं, बल्कि शांति की स्थापना और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।</description ></item><item><title>बस्तर में शामिल होंगे उपमुख्यमंत्री शर्मा और वन मंत्री कश्यप, कल सुकमा के दुर्गम इलाकों से गुजरेगी तिरंगा यात्रा</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-में-शामिल-होंगे-उपमुख्यमंत्री-शर्मा/82610</link><description>00 हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेशरायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का आयोजन किया जा रहा है। 13 अगस्त को सुकमा जिले में होने वाली इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप भी शामिल होंगे।मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित यह यात्रा बस्तर के उन गांवों और क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित थे और अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हर घर तिरंगा अभियान के तहत इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। 13 अगस्त को तिरंगा यात्रा चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम होते हुए आवापल्ली और बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम किया जाएगा।यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने लाना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोडऩा और नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों एवं नागरिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही तिरंगे और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश भी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। बस्तर तिरंगा यात्रा में महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे। महिला बाइकर्स तिरंगा लेकर यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी भाग लेंगे।यात्रा के दौरान प्रत्येक शहीद स्थल पर एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान के तहत जितने लोग शहीद हुए हैं, उतने ही पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।</description ></item><item><title>हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी</title><link>https://cnin.co.in/हरेली-तिहार-पर-मुख्यमंत्री-निवास-में-साकार/82608</link><description>00 मुख्यमंत्री साय ने कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की कामना की00 हरेली प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, पशुधन के सम्मान और खेती-किसानी के गौरव का पर्व - साय0 पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से कार्यक्रम स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह00 पौधरोपण से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लगाया पारिजात का पौधा00 लोकगीत-लोकनृत्य, गेड़ी-बिल्लस जैसे पारंपरिक खेल और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से मुख्यमंत्री निवास में उतरा गांव का रंग00 ड्रोन दीदी से किया संवाद: किसान को हार्वेस्टर सब्सिडी का 16 लाख रुपए का चेक सौंपारायपुर। छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सोंधी महक, खेत-खलिहानों की परंपराएं, लोकगीतों की स्वर लहरियां, मांदर की थाप, गेड़ी का उल्लास और पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू - प्रदेश के प्रथम लोक पर्व हरेली तिहार पर आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी में बदल गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विधि-विधान से भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर प्रदेश में अच्छी वर्षा, भरपूर फसल, किसानों की समृद्धि और सभी परिवारों की सुख-खुशहाली की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारी, किसान और बड़ी संख्या में नागरिक इस उत्सव के साक्षी बने।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर किसान भाई-बहनों को हरेली तिहार की गाड़ा-गाड़ा बधाई देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन के बीच आत्मीय रिश्ते का उत्सव है। यह पर्व हमें अपनी धरती, पशुधन, कृषि उपकरणों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और प्रदेश की बड़ी आबादी की आजीविका खेती-किसानी से जुड़ी है। किसान की समृद्धि ही गांव और प्रदेश की खुशहाली का मजबूत आधार है।</description ></item><item><title>टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का इस्तीफा</title><link>https://cnin.co.in/टाटा-संस-के-चेयरमैन-एन-चंद्रशेखरन-का-इस्तीफा/82607</link><description>&amp;nbsp;0-फरवरी 2027 तक जिम्मेदारी संभालते रहेंगे&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;मुंबई। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने आज 12 अगस्त को इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की एजीएम से ठीक पहले आया है। हालांकि, वे फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे।चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर टाटा ट्रस्ट्स के साथ सहमति नहीं बन पाई थी। नए कारोबारों में भारी निवेश, उनके प्रदर्शन और टाटा संस के भविष्य को लेकर मतभेद इस फैसले की बड़ी वजह बने।एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर के बाद टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में गिरावट है। टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा कंज्यूमर के शेयर 3 प्रतिशत तक नीचे हैं।</description ></item><item><title>सड्डू इलाके में 15 साल की बच्ची से बलात्कार, आरोपी को मिला 20 की साल कैद</title><link>https://cnin.co.in/सड्डू-इलाके-में-15-साल-की-बच्ची-से-बलात्कार,/82606</link><description>रायपुर। 12 जनवरी 2026 को सड्डू इलाके में 15 साल की बच्ची से बलात्कार करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी राजू सेन उर्फ खड़ा राजू उर्फ रेमंड (15) को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। आरोपी 18 मार्च 2026 से 11 अगस्त 2026 तक यानी कुल 4 महीने 24 दिन जेल में रहा, इस अवधि को सजा में गिना गया है। पीडि़ता की मां ने 13 जनवरी 2026 को थाना सरस्वती नगर में मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई थी।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 12 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे की घटना है। पीडि़ता अपनी नानी के घर से पैदल लौट रही थी। विवेकानंद स्टेडियम के पास सेवा भारतीय मातृ छाया के पास पहुंचने पर एक किशोर (जो विधि के साथ संघर्षरत है) ने उसे फोन कर कहा कि झुमका दीदी बुला रही हैं। इसके बाद वह किशोर और आरोपी वाहन (एक्सेस सीजी-04-क्तक्र-5864) लेकर आए। जान-पहचान होने के कारण पीडि़ता उनके साथ बैठ गई। लेकिन उसे झुमका दीदी के घर नहीं ले जाकर आरोपी के घर सड्डू ले जाया गया। किशोर करीब 3 बजे वाहन लेकर वहां से चला गया। घर में कोई और नहीं था। आरोपी ने पीडि़ता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। उसने पीडि़ता का मोबाइल भी बंद कर दिया था। आरोपी नशे में सो गया। पीडि़ता 13 जनवरी सुबह करीब 5 बजे कुंडी खोलकर घर से भाग निकली और पैदल करीब 9 बजे अपने घर पहुंची। उसने मां को पूरी बात बताई। उसके बाद रिपोर्ट दर्ज हुई।थाना सरस्वती नगर में अपराध क्रमांक 16/2026 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं और पॉक्सो एक्ट की धारा-4 लगाई गई। पीडि़ता और उसकी मां की सहमति लेकर 13 जनवरी को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में मेडिकल टेस्ट कराया गया। 15 जनवरी को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पीडि़ता का बयान दर्ज कराया गया। 18 मार्च 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसका भी मेडिकल टेस्ट कराया गया।अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1), 127(2), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) में दोषी ठहराया। वहीं धारा 296 और 115(2) में उसे बरी कर दिया गया। आरोपी 18 मार्च 2026 से 11 अगस्त 2026 तक यानी कुल 4 महीने 24 दिन (146 दिन) जेल में रहा। इस अवधि को सजा में गिना गया है।</description ></item><item><title>झीरम घाटी नक्सली वारदात में अंतिम बहस के बाद संभावित फैसले की उम्मीदें बढ़ी </title><link>https://cnin.co.in/झीरम-घाटी-नक्सली-वारदात-में-अंतिम-बहस-के-बाद/82605</link><description>जगदलपुर। जिला न्यायालय जगदलपुर के एनआईए न्यायालय में जारी झीरम घाटी नक्सली वारदात की न्यायिक प्रक्रिया अंतिम बहस के दौर में पहुंच जाने से अब झीरम मामले के संभावित फैसले को लेकर भी उम्मीदें बढ़ गई हैं। मंगलवार को बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरविंद चौधरी के द्वारा अपनी अंतिम दलीलें रखी गई थी, जो संभवत: बुधवार को पूरी हो जायेगी। इसके बाद सरकारी पक्ष की ओर से एनआईए के अधिवक्ता दिनेश पाणिग्राही अपनी अंतिम दलील रखेंगे, जिसके बाद झीरम घाटी नक्सली वारदात की सुनवाई आज पूरी हो जाने की संभाावना है। इसके बाद देश को झकझोर कर रख देने वाले 13 वर्ष पुराने इस मामले के फैसले की तारीख सामने आ जायेगी।&amp;nbsp;गौरतलब है कि सोमवार को जगदलपुर की एनआईए कोर्ट में मामले की अंतिम बहस शुरू हुई। लंच के बाद दोपहर करीब 3 बजे सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता दिनेश पाणिग्राही ने बहस शुरू की, जो करीब दो घंटे तक चली। समय अधिक होने के कारण अदालत ने मामले की आगे की बहस और सुनवाई के लिए मंगलवार सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया था। मंगलवार को एनआईए के अधिवक्ता की बहस के बाद बचाव पक्ष की ओर से अपनी अंतिम दलीलें प्रस्तुत की जा रही है, आरोपियों की ओर से भी अपना पक्ष रखा जाना है। इसके बाद अदालत की कार्यवाही किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।&amp;nbsp;झीरम घाटी नक्सली वारदात में 25 मई 2013 को हुए हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सुरक्षा बलों के जवानों सहित बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब मामला अंतिम बहस के चरण में पहुंचने से सभी की नजरें अदालत की आगामी सुनवाई पर टिक गई है। हालांकि आज बुधवार को बहस पूरी होती है या सुनवाई आगे किसी अन्य तारीख तक जाती है, यह अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा। मामले में फैसला कब सुनाया जाएगा, इसे लेकर फिलहाल आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है।अंतिम बहस में शामिल होने के लिए सेंट्रल जेल जगदलपुर से 10 बंदियों को अदालत लाया गया। मामले में 11 आरोपी थे, जिसमें एक की मृत्यु हो चुकी है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी को न्यायालय में पेश किया गया और सुनवाई की प्रक्रिया में शामिल किया गया।</description ></item><item><title>हाथियों से जनहानि में कमी जशपुर वनमंडल में प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, गश्त और जन-जागरूकता अभियान तेज</title><link>https://cnin.co.in/हाथियों-से-जनहानि-में-कमी-जशपुर-वनमंडल-में/82604</link><description>रायपुर। वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग हाथी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी, गश्त और जन-जागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। इन्हीं निर्देश के परिपालन के कारण जशपुर वनमंडल में विगत वर्षों की तुलना में हाथियों से होने वाली जनहानि में कमी आई है। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 9 अगस्त को बगीचा वन परिक्षेत्र के महादेवडांड क्षेत्र में लगभग 16 जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग ने तत्काल हाथी गश्ती दल और रैपिड रिस्पांस टीम (आर.आर.टी.) को सक्रिय कर प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त शुरू की।हाथियों के संभावित विचरण मार्गों में नहीं जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपीलवन विभाग की टीम ने घोघर, सरईपानी, घुघरी, रेंगोला, महुआडीह और बोडापहरी गांवों में लगातार निगरानी की। ग्रामीणों को माइक और सायरन के माध्यम से हाथियों की मौजूदगी की जानकारी दी गई तथा हाथियों के संभावित मार्गों में नहीं जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई।हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मृत्युइसी दौरान रात्रि लगभग 12.30 बजे ग्राम घुघरी (कदमटोली) निवासी श्री मार्सेल लकड़ा (71 वर्ष) की हाथी के हमले में मृत्यु हो गई। वे अपनी निजी भूमि पर बनी अस्थायी झोपड़ी में रह रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाथी ने झोपड़ी को क्षतिग्रस्त कर उन्हें बाहर घसीट दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।घटनास्थल पर हाथी की मौजूदगी की पुष्टिघटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, हाथी गश्ती दल और आर.आर.टी. मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। घटनास्थल पर हाथी के पदचिह्न और गोबर मिलने से हाथी की मौजूदगी की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जांच में यह भी जानकारी मिली कि मृतक को हाथियों के विचरण की सूचना देकर सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने गांव जाने से इंकार कर दिया और अपनी झोपड़ी में ही रुके रहे।प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूतवन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ कर दी गई है। हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा हाथी गश्ती दल और आर.आर.टी. द्वारा संभावित आवागमन वाले क्षेत्रों में नियमित गश्त की जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों के विचरण की सूचना मिलने पर जंगल या संभावित मार्ग में न जाएं, रात के समय अकेले बाहर न निकलें, हाथियों के पास जाने या उनका पीछा करने का प्रयास न करें तथा वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को कम करने के लिए किया जा रहा लोगों को जागरूकवन विभाग हाथी प्रभावित क्षेत्रों में माइक, सायरन और अन्य माध्यमों से लगातार लोगों को सतर्क कर रहा है। साथ ही हाथियों की गतिविधियों की निगरानी कर मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि जंगली हाथियों से संबंधित किसी भी सूचना की तत्काल निकटतम वन अमले को जानकारी दें और स्वयं जोखिम न उठाएं।</description ></item><item><title>बस्तर तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-तिरंगा-यात्रा-में-शामिल-होंगे/82603</link><description>&amp;nbsp;०--13 अगस्त को सुकमा के दुर्गम इलाकों से गुजरेगी तिरंगा यात्रा&amp;nbsp;०--'हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश&amp;nbsp;रायपुर / स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर 'बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का आयोजन किया जा रहा है। 13 अगस्त को सुकमा जिले में होने वाली इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप भी शामिल होंगे।&amp;nbsp;राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित यह यात्रा बस्तर के उन गांवों और क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित थे और अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। 'हर घर तिरंगा अभियान के तहत इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।&amp;nbsp;सुकमा के दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 13 अगस्त को तिरंगा यात्रा चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम होते हुए आवापल्ली और बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम किया जाएगा।&amp;nbsp;बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने लाना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोडऩा और नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों एवं नागरिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही तिरंगे और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश भी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।&amp;nbsp;महिला बाइकर्स भी होंगी शामिल&amp;nbsp;बस्तर तिरंगा यात्रा में महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे। महिला बाइकर्स तिरंगा लेकर यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी भाग लेंगे।&amp;nbsp;'एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान के तहत होगा पौधरोपण&amp;nbsp;यात्रा के दौरान प्रत्येक शहीद स्थल पर 'एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान के तहत जितने लोग शहीद हुए हैं, उतने ही पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।</description ></item><item><title>स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति पदक से बिलासपुर आईजी रामगोपाल होंगे सम्मानित</title><link>https://cnin.co.in/स्वतंत्रता-दिवस-पर-राष्ट्रपति-पदक-से/82602</link><description>रायपुर। राजधानी रायपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिलासपुर आईजी रामगोपाल गर्ग को पुलिस महकमें में उत्कृष्ट सेवाओं और बेहतर कार्य करने पर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।&amp;nbsp;18 साल की सेवा में गर्ग ने अपनी बेहतर कार्यप्रणाली और सख्त पुलिसिंग के बदौलत महकमे में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। गर्ग को उनकी कर्तव्यपरायणता और ईमानदार छवि की वजह से जाना जाता है। 2007 बैच के आईपीएस श्री गर्ग गरियाबंद, कोरिया, बालोद व दुर्ग में बतौर एसपी सेवाएं दी। वह सरगुजा और दुर्ग आईजी के पद पर कार्य करने के पश्चात बिलासपुर में इसी पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह डीआईजी रायगढ़ के पद पर भी रहे। करीब 7 वर्षों तक सीबीआई में वह पदस्थ रहे। गर्ग सदैव बुनियादी पुलिसिंग के पक्षधर रहे हैं।वह समय-समय पर पुलिस को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के इरादे से कार्यशाला और अन्य तकनीकी कार्यों को बेहतर रूप देने पर जोर देते रहे हैं। गर्ग को राष्ट्रीय स्तर पर भी कुछ कार्यों के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने अपने सर्विस कैरियर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए भी ऐप भी तैयार किया। उनके अनुभव और अच्छे कार्यों के चलते केंद्र सरकार ने उन्हें इंडोनेशिया, सिंगापुर और मलेशिया में भी ट्रेनिंग के लिए भेजा था। इस बीच केंद्र सरकार ने उन्हें राष्ट्रपति पदक से सम्मानित करने की घोषणा की है। इसी के चलते राजधानी रायपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्हें राष्ट्रपति मेडल से नवाजा जाएगा।</description ></item><item><title>तिरंगा यात्रा बाइक रैली में कलेक्टर-एसपी हुए शामिल, चित्रकोट में स्वच्छता संदेश के साथ हुआ समापन</title><link>https://cnin.co.in/तिरंगा-यात्रा-बाइक-रैली-में-कलेक्टर-एसपी-हुए/82601</link><description>जगदलपुर। हर घर तिरंगा अभियान के तहत देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को तिरंगा यात्रा के अंतर्गत बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली में कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में तिरंगा लेकर बाइक सवारों ने शहर में भ्रमण करते हुए देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।बाइक रैली ने जगदलपुर शहर के पीजी कॉलेज चौक से प्रारंभ होकर, अग्रसेन चौक, दंतेश्वरी मंदिर होते दलपत सागर के किनारे से विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर भ्रमण किया। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से वातावरण देशभक्तिमय हो गया। रैली के माध्यम से नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर तिरंगा फहराने तथा राष्ट्र के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।तिरंगा यात्रा की रैली को पुलिस अधीक्षक सिन्हा और सीईओ तन्मय के नेतृत्व में लोहांडीगुडा तक लेकर गया, इसके साथ ही उसरीबेड़ा से जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, जिला पंचायत और जनपद पंचायत के सदस्य भी इस रैली में शामिल हुए। तिरंगा यात्रा की रैली का समापन जिले के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात में किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों एवं प्रतिभागियों द्वारा चित्रकोट जलप्रपात क्षेत्र में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। सभी ने मिलकर जलप्रपात एवं आस-पास के पर्यटन क्षेत्र की साफ-सफाई की और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप ने कहा कि बाइक रैली के साथ स्वच्छता अभियान को एक पहल के रूप में स्वागत है। उन्होने कहा कि तिरंगा यात्रा में प्रधानमंत्री के पहल स्वच्छता अभियान को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल में करने का प्रयास किया गया। हमे घर के अलावा अपने आस-पास के परिसर को स्वच्छ रखने का संकल्प लेना चाहिए । अधिकारियों ने कहा कि तिरंगा केवल हमारे देश की आन-बान-शान का प्रतीक नहीं, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता और गौरव का भी प्रतीक है। तिरंगा यात्रा के साथ स्वच्छता अभियान का आयोजन कर राष्ट्रप्रेम के साथ अपने पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का संदेश भी दिया गया।</description ></item><item><title>छोटे और बड़े मुर्गे को लेकर दो भाइयों हुई बहस, बड़े ने छोटे भाई पर किया चाकू से हमला</title><link>https://cnin.co.in/छोटे-और-बड़े-मुर्गे-को-लेकर-दो-भाइयों-हुई-बहस,/82600</link><description>बिलासपुर। मोपका चौकी के चिल्हाटी धनवारपारा में हरेली त्योहार के दौरान बड़े भाई ने अपने छोटे भाई पर छोटे और बड़े मुर्गे को लेकर हुए विवाद के बाद चाकू से हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच की बताई जा रही है। हरेली त्योहार को लेकर दोनों भाइयों ने मुर्गा खरीदकर घर लाया था। इसी दौरान छोटे और बड़े मुर्गे को लेकर दोनों भाइयों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और बड़े भाई ने कथित तौर पर आपा खो दिया। पास में रखे धारदार हथियार से उसने अपने छोटे भाई पर हमला कर दिया। हमले में रूपेश धनवार (22 वर्ष) निवासी चिल्हाटी धनवारपारा गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने घायल रूपेश को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।घटना में आरोपी बताए जा रहे बड़े भाई की पहचान गौतम धनवार (40 वर्ष) निवासी धनवारपारा के रूप में हुई है। बताया गया है कि दोनों भाई मजदूरी का काम करते हैं। परिवार के सदस्य सूरज धनवार के अनुसार, वह मजदूरी से वापस घर पहुंचा, तब उसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी हुई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना मिलने पर मोपका चौकी पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाने में जुट गई है।</description ></item><item><title>मुंबई से बस्तर जा रही महिला बाइक राइडर की बाइक मरकाटोला के पास ट्रेलर से टकराई, मौत</title><link>https://cnin.co.in/मुंबई-से-बस्तर-जा-रही-महिला-बाइक-राइडर-की/82599</link><description>धमतरी। मुंबई से बस्तर की ओर बाइक राइडिंग के लिए निकली 23 महिला राइडर्स के समूह में शामिल 24 वर्षीय रिद्धि ठक्कर की बाइक मरकाटोला के पास ट्रेलर से जा टकराई जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के मुंबई से 23 महिला बाइक राइडर्स का समूह बस्तर की ओर रवाना हुआ था। सभी राइडर्स बाइक से सफर कर रही थीं। इसी दौरान धमतरी जिले के मरकाटोला के पास राइडर रिद्धि ठक्कर की बाइक एक ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रिद्धि गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायल रिद्धि को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया। हालत गंभीर होने के कारण उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रिद्धि की मौत की खबर सामने आने के बाद बाइक राइडर्स के समूह और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। बस्तर पहुंचने के लिए निकला सफर रिद्धि के लिए आखिरी सफर साबित हुआ।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, रिद्धि के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है।</description ></item><item><title>अब राशन के लिए घंटों इंतजार नहीं, कुछ मिनटों में मिल रहा राशन</title><link>https://cnin.co.in/अब-राशन-के-लिए-घंटों-इंतजार-नहीं,-कुछ-मिनटों/82598</link><description>00 तकनीक और पारदर्शिता की नई तस्वीर: अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएमरायपुर। कभी राशन लेने के लिए लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब सरकंडा में शुरू हुई अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की नई व्यवस्था में राशन लेने की प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो रही है। तकनीक से जुड़ी इस पहल की शुरुआत के साथ ही हितग्राहियों को समय की बचत, सटीक तौल और पारदर्शी वितरण का अनुभव मिलने लगा है।चिंगराजपारा निवासी हितग्राही प्रीति मानिकपुरी के लिए राशन लेने का अनुभव अब पहले से अलग है। वह बताती हैं कि अब लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ता। मशीन के माध्यम से राशन मिलने से प्रक्रिया आसान हो गई है और तौल को लेकर भी किसी तरह की चिंता नहीं रहती। इसी तरह हितग्राही दुर्गेश कुमार यादव बताते हैं कि ग्रेन एटीएम में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद स्क्रीन पर उनकी पात्रता के अनुसार मिलने वाले राशन की मात्रा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। पुष्टि करने के बाद डिस्पेंसर के नीचे थैला रखते ही निर्धारित मात्रा में चावल सीधे थैले में भर जाता है। उनके लिए यह अनुभव न केवल आसान है, बल्कि राशन की मात्रा को लेकर भरोसा भी बढ़ाता है।&amp;nbsp;ग्रेन एटीएम की संचालिका रिंकू सिंह ठाकुर बताती हैं कि नई व्यवस्था से राशन वितरण का काम अधिक व्यवस्थित हो रहा है। मशीन आधारित प्रक्रिया के कारण भीड़ को नियंत्रित करने, समय बचाने और निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने में सुविधा मिल रही है।तकनीक के साथ बढ़ रहा भरोसाअन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के उपयोग की दिशा में एक नई पहल है। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से लेकर स्क्रीन पर पात्रता की जानकारी और निर्धारित मात्रा में राशन के स्वचालित वितरण तक पूरी प्रक्रिया हितग्राही के सामने होती है। इससे वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलती है। अभी इस नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है, लेकिन शुरुआती अनुभवों में ही इसका सबसे महत्वपूर्ण असर दिखाई देने लंगा है। राशन लेने में लगने वाला समय कम हुआ है और हितग्राहियों का भरोसा बढ़ा है। आने वाले समय में यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।छत्तीसगढ़ शासन की यह अभिनव पहल तकनीक को जनसुविधा से जोड़ते हुए यह संदेश देती है कि शासन की योजनाओं का लाभ केवल उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उसे सम्मानजनक, सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।</description ></item><item><title>राष्ट्रपति भवन में गूंजेगी धमतरी के नगरी की मांदर की थाप</title><link>https://cnin.co.in/राष्ट्रपति-भवन-में-गूंजेगी-धमतरी-के-नगरी-की/82597</link><description>00 स्वतंत्रता दिवस पर सरईटोला के कलाकार देंगे गुट्टा मांदर नृत्य की प्रस्तुति, राष्ट्रीय मंच पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी लोकसंस्कृतिधमतरी। छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी लोककला, संस्कृति और परंपराओं के लिए यह गौरव का क्षण है। आगामी 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में धमतरी जिले के नगरी विकासखंड की पारंपरिक लोककला की अनूठी छटा देखने को मिलेगी। ग्राम सरईटोला (गुडरापार) का सुप्रसिद्ध जय गढिय़ा बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दलराष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गुट्टा मांदर नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति देगा। यह अवसर न केवल धमतरी जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। देश के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित मंच पर जिले के ग्रामीण अंचल के कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलना प्रदेश की लोक परंपराओं की राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करेगा।पारंपरिक कला और संस्कृति का जीवंत प्रदर्शनसरईटोला का यह लोक नृत्य दल अपनी विशिष्ट गढ़वा नृत्य शैली, गुट्टा मांदर की ऊर्जावान प्रस्तुति, पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्यों के लिए जाना जाता है। दल के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज के लोकजीवन, परंपराओं, उत्सवों और सामुदायिक संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करते हैं। मांदर की थाप, पारंपरिक गीत और सामूहिक नृत्य की लय इस कला को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। नृत्य की एक विशेष पहचान कलाकारों की रंग-बिरंगी पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा भी है। पारंपरिक परिधान, आभूषण और साज-सज्जा नृत्य की सांस्कृतिक गरिमा को और बढ़ाते हैं। यह लोकनृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकजीवन, सामुदायिक एकता और परंपराओं का संवाहक है। फसल कटाई, उत्सवों, मेलों तथा विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक अवसरों पर इसका विशेष आयोजन किया जाता है।नागपुर सांस्कृतिक भवन द्वारा विशेष चयनदल के सचिव श्री रूपराय नेताम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि सांस्कृतिक भवन, नागपुर द्वारा दल की उत्कृष्ट प्रस्तुति और पारंपरिक कला की विशिष्टता को देखते हुए राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान में छत्तीसगढ़ की लोककला प्रस्तुत करना दल के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अनुभव है। कलाकार इस अवसर के लिए विशेष रूप से उत्साहित हैं और अपनी श्रेष्ठ प्रस्तुति देने की तैयारी कर रहे हैं।सरईटोला के कलाकार करेंगे छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्वराष्ट्रपति भवन में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में प्रस्तुति देने के लिए सरईटोला के श्री रतन लाल निषाद, श्री सुरेंद्र सोरी, श्री हेमंत सोरी, कु. सुलोचना सोरी और कु. मधु नेताम नई दिल्ली रवाना होंगे। ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचने वाले इन कलाकारों की उपलब्धि यह संदेश भी देती है कि छत्तीसगढ़ की लोककला और जनजातीय संस्कृति आज भी अपनी मौलिकता, जीवंतता और आकर्षण के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध कर रही है। राष्ट्रपति भवन में गूंजने वाली मांदर की थाप धमतरी की धरती की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय पटल पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी।उल्लेखनीय है कि विगत 4 अगस्त को जनदर्शन के दौरान गढिय़ा बाबा आदिवासी लोक नृत्य सेवा समिति, सरईटोला के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कलेक्टर श्री अबिनासश मिश्रा से सौजन्य भेंट की थी । समिति ने जानकारी दी कि उनकी टीम आगामी 15 अगस्त 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में धमतरी की समृद्ध आदिवासी लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकनृत्य की प्रस्तुति देंगे ।।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रीय मंच पर जिले की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी कला का प्रदर्शन पूरे धमतरी के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। यह उपलब्धि हमारी सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जुडऩे की प्रेरणा भी देगी। मुझे विश्वास है कि आपकी प्रस्तुति धमतरी की सांस्कृतिक समृद्धि की एक सशक्त पहचान बनेगी।</description ></item><item><title>सीईओ अनुपमा ने झलप में पीएम सूर्य घर योजना और बिहान समूह की आजीविका गतिविधियों का किया निरीक्षण</title><link>https://cnin.co.in/सीईओ-अनुपमा-ने-झलप-में-पीएम-सूर्य-घर-योजना-और/82596</link><description>महासमुंद। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री अनुपमा आनंद ने महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम झलप का दौरा कर पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों और स्व-निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया।सीईओ ने वात्सल्य महिला क्लस्टर संगठन, झलप के अंतर्गत वेंडर के रूप में कार्य कर रहीं सोलर दीदी काजल साहू के घर पहुंचकर पीएम सूर्य घर योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। प्रशिक्षण प्राप्त कर काजल साहू ने अपने निवास पर 2 किलोवॉट का सोलर पैनल स्थापित किया है। सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद ने उनके कार्य की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों को सौर ऊर्जा से जोडऩे तथा सोलर पैनल स्थापना के कार्य को विस्तार देने के लिए प्रोत्साहित किया।भ्रमण के दौरान सीईओ ने बिहान के जय भवानी स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित दुकानों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे बाँस की हस्तकला सामग्री, अचार, बड़ी, पापड़, मसाले सहित विभिन्न स्व-निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं से संवाद कर उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और आजीविका गतिविधियों को और अधिक विस्तारित करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया। सुश्री आनंद ने बिहान समूह की महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने उत्पादों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें और नए बाजारों से जुड़कर आय के साधनों को बढ़ाएं। इस अवसर पर जिले से एपीओ त्रिवेणी, डीपीएम शिवदे सिंह सहित क्लस्टर संगठन की पदाधिकारी बहनें एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ के पहले पर्व हरेली पर मुख्यमंत्री निवास में सजी लोक संस्कृति की जीवंत झांकी</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-के-पहले-पर्व-हरेली-पर-मुख्यमंत्री/82595</link><description>00 गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेलों ने लौटाई गांव की यादें, लोकगीत-लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की महक से सराबोर हुआ नया रायपुररायपुर। छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मा माने जाने वाले प्रथम पर्व हरेली का भव्य और सांस्कृतिक गरिमा से भरपूर आयोजन नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उत्साहपूर्वक किया गया। आयोजन ने राजधानी में छत्तीसगढ़ के गांवों की सोंधी खुशबू और पारंपरिक जीवन शैली को साकार कर दिया। मुख्यमंत्री निवास परिसर को नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों तथा पारंपरिक ग्रामीण सजावट से विशेष रूप से सजाया गया था। प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य परिसर तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक दिखाई दे रही थी। हरियाली, प्राकृतिक सजावट और लोक अलंकरण ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।हरेली पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों का विशेष आकर्षण देखने को मिला। गेड़ी दौड़ ने लोगों में रोमांच और उत्साह भर दिया, वहीं बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे ग्रामीण खेलों ने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी को अपनी ओर आकर्षित किया। इन खेलों के माध्यम से नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति से परिचित कराने का संदेश भी दिया गया। आयोजन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों की सुगंध चारों ओर फैल रही थी। ठेठरी, खुरमी, बड़ा सहित अनेक पारंपरिक पकवानों का स्वाद लोगों ने उत्साहपूर्वक लिया। ग्रामीण अंचलों में विशेष अवसरों पर बनाए जाने वाले इन व्यंजनों ने लोगों को अपने गांव और पारिवारिक उत्सवों की याद दिला दी।लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया। मांदर, ढोलक और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर कलाकार झूमते नजर आए। लोकधुनों पर उपस्थित जनसमूह भी तालियां बजाते और उत्साह से सहभागी बनते दिखाई दिए। आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और लोक कला की समृद्ध परंपरा का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रहचुली रहा, जिसका आनंद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने लिया। ग्रामीण मेलों और पारंपरिक उत्सवों की पहचान मानी जाने वाली रहचुली ने आयोजन में गांव के मेले जैसा आनंदमय वातावरण बना दिया।हरेली पर्व मूलत: कृषि और प्रकृति से जुड़ा उत्सव है। इस दिन किसान अपने कृषि औजारों की पूजा कर अच्छी फसल और समृद्धि की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम ने हरेली को केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक अस्मिता, कृषि परंपरा और सांस्कृतिक गौरव के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया। नया रायपुर में आयोजित यह भव्य आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ अपनी आधुनिक विकास यात्रा के साथ-साथ अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक खेलों, खानपान और ग्रामीण विरासत को भी समान सम्मान और संरक्षण दे रहा है। हरेली महोत्सव ने राजधानी में उपस्थित लोगों को छत्तीसगढ़ की मिट्टी, हरियाली और लोक जीवन से गहराई से जोडऩे का कार्य किया।</description ></item><item><title>विजन 2047 की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ : उद्योगों से आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की नई पहल</title><link>https://cnin.co.in/विजन-2047-की-ओर-बढ़ता-छत्तीसगढ़-:-उद्योगों-से/82594</link><description>विशेष लेख : छगन लाल लोन्हारे (संयुक्त संचालक, जनसंपर्क)रायपुर। छत्तीसगढ़ आज औद्योगिक विकास के ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां विकास का उद्देश्य केवल नए उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय संतुलन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए पारदर्शी, निवेश-अनुकूल और रोजगारोन्मुख वातावरण तैयार किया है। वहीं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में नई औद्योगिक नीतियों ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है और छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की कतार में खड़ा करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं।25 जून 2026 में टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का किया भूमिपूजनवाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने 25 जून 2026 में टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड 235 करोड़ रुपए के निवेश से यहां गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। इस यूनिट से 4650 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने यह अहम कदम है।प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगारबीते ढाई वर्षों में राज्य को 264 औद्योगिक परियोजनाओं से लगभग 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 1.72 लाख से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन अथवा उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं, जबकि कई इकाइयां पहले ही उत्पादन प्रारंभ कर चुकी हैं। इसी अवधि में प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला। यह दर्शाता है कि सरकार की औद्योगिक नीतियां केवल कागज़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर परिणाम दे रही हैं।&amp;nbsp;विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहनराज्य सरकार द्वारा लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने उद्योगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन, एमएसएमई और सेवा उद्योगों को पहली बार विशेष लाभ, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मा जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज तथा स्थानीय युवाओं के रोजगार को बढ़ावा देने वाले प्रावधान इस नीति की प्रमुख विशेषताएं हैं। यही कारण है कि नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर एसईजेड और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश जैसी बड़ी पहलें आकार ले रही हैं।ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सर्वोच्च प्राथमिकतामुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। 150 से अधिक सेवाओं वाला नया सिंगल विंडो सिस्टम, निवेशकों के लिए एआई आधारित वाणी प्रणाली, 500 से अधिक प्रशासनिक सुधार तथा प्रक्रियाओं का सरलीकरण निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रहा है। औद्योगिक विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे, इसके लिए राज्य में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए तथा 15 जिलों में 26 नए औद्योगिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरोरा में प्लास्टिक पार्क और नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा एवं रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसे प्रयास औद्योगिक आधार को और मजबूत बना रहे हैं।&amp;nbsp;सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना और निवेश को तेजी से धरातल पर उतारनाहाल ही में विजन 2047 औद्योगिक विकास की संभावनाएं विषयक चर्चा में उद्योगमंत्री लखन लाल देवांगन ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना और निवेश को तेजी से धरातल पर उतारना है, ताकि स्थानीय युवाओं को अधिकतम अवसर मिल सकें। आने वाले वर्षों के लिए सरकार निर्यात नीति, स्टार्टअप एवं नवाचार नीति, कौशल विकास, इंटर्नशिप, एमएसएमई सशक्तिकरण और बस्तर-सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है, प्रदेश के युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है।छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसेराज्य में नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश का वादा मिला है, जिससे अलग-अलग सेक्टर में 1.6 लाख से ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है। टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा, राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।&amp;nbsp;नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापनाराज्य में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को प्रोत्साहित करने नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके 81 एकड़ क्षेत्र में 2758 वर्गमीटर से लेकर 38 हजार 180 वर्गमीटर आकार के भूखंड उपलब्ध हैं। टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग, तकनीकी वस्त्र (ज्मबीदपबंस ज्मगजपसमे) तथा इनके सहायक एवं पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को यहां सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।&amp;nbsp;प्रदेश आज उद्योगों की नई उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयारविजन 2047 की दिशा में छत्तीसगढ़ का यह औद्योगिक अभियान केवल आर्थिक विकास की कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसे भविष्य का निर्माण है जहां निवेश, नवाचार, रोजगार और समावेशी विकास मिलकर आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव रख रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से प्रदेश आज उद्योगों की नई उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।</description ></item><item><title>शहडोल स्टेशन में मिक्स कोयले की खुली नीलामी 19 अगस्त</title><link>https://cnin.co.in/शहडोल-स्टेशन-में-मिक्स-कोयले-की-खुली-नीलामी-19/82593</link><description>बिलासपुर। शहडोल स्टेशन यार्ड में रखे लगभग 850 टन मिक्स कोयले की खुली नीलामी 19 अगस्त 12.30 बजे शहडोल रेलवे स्टेशन के मुख्य स्टेशन प्रबंधक कार्यालय में में आयोजित की जाएगी। यह नीलामी सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के अनुसार संपन्न होगी। &amp;nbsp;इच्छुक व्यक्ति, फर्म एवं संस्थान निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होकर इस नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने सकते हैं । नियमानुसार सर्वोच्च बोलीदाता के पक्ष में नीलामी स्वीकृत की जाएगी।नीलामी में सफल बोलीदाता को क्रय किए गए कोयले के संपूर्ण मूल्य के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान नकद अथवा डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से नीलामी स्थल पर ही करना होगा। साथ ही, सफल बोलीदाता को नीलामी की तिथि से 10 दिनों के भीतर अपने जोखिम एवं व्यय पर संबंधित कोयले को रेलवे परिसर से हटाना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि के भीतर सामग्री नहीं हटाए जाने अथवा इसके संबंध में उत्पन्न किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी का वहन रेलवे प्रशासन द्वारा नहीं किया जाएगा।</description ></item><item><title>जेएलएन अस्पताल व अनुसंधान केंद्र में एएसआई-सेपा के अंतर्गत इंग्वाइनल हर्निया पर स्किल एन्हांसमेंट पर एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न</title><link>https://cnin.co.in/जेएलएन-अस्पताल-व-अनुसंधान-केंद्र-में-एएसआई/82592</link><description>भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ विभाग के अंतर्गत संचालित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, भिलाई में एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के स्किल एन्हांसमेंट प्रोग्राम (एसईपीए) के अंतर्गत इंग्वाइनल हर्निया विषय पर एक विशेष शैक्षणिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 9 अगस्त को किया गया। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा एवं नवोदित सर्जनों को इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से ऑपरेशन थिएटर में प्रत्यक्ष रूप से सर्जिकल प्रक्रिया का अवलोकन करने तथा सर्जरी के दौरान ही विशेषज्ञ सर्जनों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला। अपने स्वरूप की दृष्टि से यह क्षेत्र में आयोजित होने वाला पहला अनूठा शैक्षणिक कार्यक्रम था। व्यावहारिक एवं प्रत्यक्ष सर्जिकल प्रशिक्षण की दृष्टि से क्षेत्र में आयोजित यह अपनी तरह की पहली पहल थी।कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों एवं शहरों से लगभग 40 डेलीगेट्स ने सहभागिता की। इनमें कोरबा, महासमुंद, रायपुर, कोंडागांव सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए सर्जन शामिल थे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा सर्जनों को इंग्वाइनल हर्निया के उपचार में अपनाई जाने वाली आधुनिक शल्य तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना तथा उनके कौशल एवं ज्ञान को और अधिक सुदृढ़ करना था।कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ फैकल्टी डॉ. मनीष देवांगन, डॉ. पराग गुप्ता, डॉ. तरुण नायक, डॉ. राजेश सिन्हा एवं डॉ. वैशाली भगत ने इंग्वाइनल हर्निया के उपचार में प्रयुक्त विभिन्न शल्य तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों को ओपन एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी दोनों प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया। विशेषज्ञों ने सर्जरी के विभिन्न चरणों एवं तकनीकी पहलुओं को विस्तार से समझाते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान किया तथा उन्हें व्यावहारिक एवं तकनीकी पहलुओं पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए इसकी सराहना की। लाइव सर्जिकल डेमोंस्ट्रेशन एवं विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद के माध्यम से उन्हें सर्जिकल प्रक्रियाओं को अधिक गहराई से समझने तथा अपने व्यावहारिक ज्ञान को समृद्ध करने का अवसर मिला।</description ></item><item><title>एम्स रायपुर और संबलपुर विवि के बीच क्रॉनिक किडनी डिजीज एवं क्षेत्रीय स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान हेतु एमओयू</title><link>https://cnin.co.in/एम्स-रायपुर-और-संबलपुर-विवि-के-बीच-क्रॉनिक/82591</link><description>रायपुर। मध्य भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर और संबलपुर विश्वविद्यालय (ओडिशा) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस रणनीतिक साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों में संयुक्त क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य सेवा क्षमता का विस्तार करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य व चिकित्सा विज्ञान क्षेत्र में नवोन्मेषी समाधान विकसित करना है।इस अंतर-संस्थानी सहयोग का मुख्य केंद्र बिना स्पष्ट कारणों के होने वाली क्रॉनिक किडनी डिजीज तथा सिकल सेल रोग जैसी गंभीर क्षेत्रीय स्वास्थ्य समस्याएं रहेंगी। संबलपुर विश्वविद्यालय के उप पंजीयक (अकादमिक) डॉ. ईश्वर बैथारू के अनुसार, ओडिशा के कई जिलों में किडनी रोग के मामलों में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है, जिनके लक्षण छत्तीसगढ़ के ष्ट्यष्ठह्व प्रभावित क्षेत्रों के मरीजों से काफी मिलते-जुलते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए दोनों राज्यों में इस स्वास्थ्य चुनौती की सटीक पहचान और रोकथाम के लिए समन्वित अनुसंधान कीआवश्यकता महसूस की जा रही थी।साझेदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह समझौता केवल अकादमिक शोध पत्र प्रकाशित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका ध्येय शोध के निष्कर्षों को व्यावहारिक स्वास्थ्य रणनीतियों और जन-नीतियों में परिवर्तित करना है। उन्होंने रेखांकित किया कि भविष्य में इस साझेदारी का दायरा सिकल सेल रोग सहित अन्य क्षेत्रीय स्वास्थ्य जटिलताओं के निवारण तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे आम जनता को सुलभ व किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें।हस्ताक्षर समारोह के दौरान दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और शोधकर्ता उपस्थित रहे। एम्स रायपुर का प्रतिनिधित्व डीन (अकादमिक्स) डॉ. एली मोहापात्रा, एसोसिएट डीन (रिसर्च) डॉ. एकता खंडेलवाल, डॉ. पुगझेंथन थंगराजू, डॉ. विराट गहलोतरा, डॉ. सुप्रवा पटेल, डॉ. विनय राठौर और डॉ. नीलम देवी मरावी ने किया। वहीं, संबलपुर विश्वविद्यालय की ओर से उप पंजीयक डॉ. ईश्वर बैथारू तथा शोधार्थी श्री प्रलय बिस्वास एवं श्री सावन कुमार साहू उपस्थित थे।</description ></item><item><title>पश्चिम के समस्त थाना क्षेत्रों में अपराधियों व असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सघन अभियान, 20 बदमाशो के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई</title><link>https://cnin.co.in/पश्चिम-के-समस्त-थाना-क्षेत्रों-में/82590</link><description>रायपुर। पश्चिम क्षेत्र के समस्त थाना क्षेत्रों में निवासरत निगरानी बदमाश, गुंडा बदमाश, आदतन अपराधी, उभरते बदमाश, चाकूबाज, शराब कोचिया एवं अन्य असामाजिक तत्वों की सघन चेकिंग एवं तस्दीक की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले 20 व्यक्तियों के विरुद्ध विधि अनुसार तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है। थाना क्षेत्र के निगरानी बदमाश, गुंडा बदमाश एवं उभरते हुए बदमाशों को थाना बुलाकर परेड कराई गई एवं समझाइश दी गई।अभियान के दौरान पश्चिम क्षेत्र के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पार्को, चौराहों, सुनसान स्थानों, सार्वजनिक स्थलों एवं अड्डेबाजी वाले संभावित स्थानों पर लगातार गश्त एवं दबिश दी जा रही है। चाकू अथवा अन्य अवैध हथियार लेकर घूमने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आम्स एक्ट एवं बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।थाना आजाद चौक 10 बदमाशों की चेकिंग/तस्दीक, 03 के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई।थाना सरस्वती नगर 10 बदमाशों की चेकिंग/तस्दीक, 02 के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई।थाना कबीर नगर 09 बदमाशों की चेकिंग/तस्दीक।- थाना पुरानी बस्ती - 15 बदमाशों की चेकिंग/तस्दीक, 04 के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई।- थाना डीडी नगर - 09 बदमाशों की चेकिंग/तस्दीक, 02 के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई।थाना आमानाका 10 बदमाशों की चेकिंग/तस्दीक, 01 के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई।- थाना न्यू राजेंद्र नगर 18 बदमाशों की चेकिंग/तस्दीक, 02 के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई।थाना टिकरापारा 21 बदमाशों की चेकिंग/तस्दीक, 06 के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई।- थाना मुजगहन - 06 बदमाशों की चेकिंग/तस्दीक।</description ></item><item><title>दो से दस दिन का टेस्ट क्रिकेट !</title><link>https://cnin.co.in/दो-से-दस-दिन-का-टेस्ट-क्रिकेट-!/82589</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;क्रिकेट प्रेमियों के लिए उनके मनोरंजन के हिसाब से टेस्ट क्रिकेट के अलावा वन डे और टी-20 फॉर्मेट के मैच इजाद हो गए है।भविष्य में इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि टी-10 मैच की भी शुरूआत हो जाए। क्रिकेट खेलने और समझने वाले प्रबुद्ध दर्शकों के लिए क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में टेस्ट क्रिकेट की अहमियत सबसे ज्यादा है क्योंकि बैट्समैन और बॉलर की सही परीक्षा टेस्ट क्रिकेट &amp;nbsp;में ही होती है। माना जाता है कि क्रिकेट की समझ, धैर्य और सहनशक्ति की असली परीक्षा टेस्ट क्रिकेट में ही होती होती है।सामान्य क्रिकेट &amp;nbsp;प्रेमियों &amp;nbsp;जिनका जन्म बीसवीं शताब्दी के छठे दशक के बाद हुआ है उन्हें ये जानकारी होगी कि टेस्ट क्रिकेट का अर्थ पांच दिन खेले जाने वाला क्रिकेट मैच है।यह भी जानकारी होगी कि एक जमाने में &amp;nbsp;टेस्ट क्रिकेट &amp;nbsp;के पांच दिवसीय खेल के बीच में एक दिन विश्राम का हुआ करता था।आइए, आपको ऐसे सच से सामना करवाते है जिससे आपको जानकारी होगी कि टेस्ट क्रिकेट पांच दिन का &amp;nbsp;नहीं बल्कि दो, तीन, चार के अलावा छह, आठ और टाइमलेस भी हुआ करता था।15 मार्च 1877 को एक मैच खेला गया था, मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया में। दो टीम आपस में खेली थी।ऑस्ट्रेलिया की टीम का नाम था कंबाइंड ऑस्ट्रेलिया इलेवन और इंग्लैंड की टीम का नाम था - जेम्स लिली व्हाइट इलेवन। इन दोनों टीम को इतिहास में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड मान लिया गया। ये मैच 15,16 17 और 19 मार्च 1877 को खेला गया।18 मार्च को संडे होने के कारण विश्राम का दिन रखा गया। आगे चलकर &amp;nbsp;संडे के दिन टेस्ट में विश्राम रहता था।इसका कारण ये था कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में सभी क्रिचियंस चर्च जाते है, सो संडे &amp;nbsp;विश्राम का दिन बन गया।दूसरा कारण ये था कि संडे अवकाश का दिन होता है इस कारण दर्शक परिवार को समय दे, ये भी सोच थी।टेस्ट क्रिकेट के शुरुवात में इंग्लैंड, अपने देश में &amp;nbsp;तीन दिन का ही टेस्ट खेला करता था। टेस्ट खेलने देश भी 1877 से &amp;nbsp;1888 तक केवल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ही थे। 1889 में इंग्लैंड की टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गई। &amp;nbsp;12 मार्च 1889 को पहला टेस्ट खेला गया जिसकी अवधि केवल दो दिन था, याने दो दिवसीय टेस्ट,1928 में इंग्लैंड की टीम वेस्ट इंडीज के दौरे पर गई।दोनों देशों के बीच खेला गए टेस्ट सीरीज में टेस्ट &amp;nbsp;तीन दिवसीय ही था।1929 में इंग्लैंड की टीम न्यूजीलैंड दौरे पर गई यहां भी तीन दिन का ही टेस्ट क्रिकेट खेला गया। 1932 में हिंदुस्तान की क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे पर दो, तीन और चार दिन के भी टेस्ट क्रिकेट !क्रिकेट प्रेमियों के लिए उनके मनोरंजन के हिसाब से टेस्ट क्रिकेट के अलावा वन डे और टी-20 फॉर्मेट के मैच इजाद हो गए है।भविष्य में इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि टी-10 मैच की भी शुरूआत हो जाए। क्रिकेट खेलने और समझने वाले प्रबुद्ध दर्शकों के लिए क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में टेस्ट क्रिकेट की अहमियत सबसे ज्यादा है क्योंकि बैट्समैन और बॉलर की सही परीक्षा टेस्ट क्रिकेट &amp;nbsp;में ही होती है। माना जाता है कि क्रिकेट की समझ, धैर्य और सहनशक्ति की असली परीक्षा टेस्ट क्रिकेट में ही होती है।सामान्य क्रिकेट &amp;nbsp;प्रेमियों &amp;nbsp;जिनका जन्म बीसवीं शताब्दी के छठे दशक के बाद हुआ है उन्हें ये जानकारी होगी कि टेस्ट क्रिकेट का अर्थ पांच दिन खेले जाने वाला क्रिकेट मैच है।यह भी जानकारी होगी कि एक जमाने में &amp;nbsp;टेस्ट क्रिकेट &amp;nbsp;के पांच दिवसीय खेल के बीच में एक दिन विश्राम का हुआ करता था।आइए, आपको ऐसे सच से सामना करवाते है जिससे आपको जानकारी होगी कि टेस्ट क्रिकेट पांच दिन का &amp;nbsp;नहीं बल्कि दो, तीन, चार के अलावा छह, आठ और टाइमलेस भी हुआ करता था।15 मार्च 1877 को एक मैच खेला गया था, मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया में। दो टीम आपस में खेली थी।ऑस्ट्रेलिया की टीम का नाम था कंबाइंड ऑस्ट्रेलिया इलेवन और इंग्लैंड की टीम का नाम था - जेम्स लिली व्हाइट इलेवन। इन दोनों टीम को इतिहास में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड मान लिया गया। ये मैच 15,16 17 और 19 मार्च 1877 को खेला गया।18 मार्च को संडे होने के कारण विश्राम का दिन रखा गया। आगे चलकर &amp;nbsp;संडे के दिन टेस्ट में विश्राम रहता था।इसका कारण ये था कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में सभी क्रिचियंस चर्च जाते है, सो संडे &amp;nbsp;विश्राम का दिन बन गया।दूसरा कारण ये था कि संडे अवकाश का दिन होता है इस कारण दर्शक परिवार को समय दे, ये भी सोच थी।टेस्ट क्रिकेट के शुरुवात में इंग्लैंड, अपने देश में &amp;nbsp;तीन दिन का ही टेस्ट खेला करता था। टेस्ट खेलने देश भी 1877 से &amp;nbsp;1888 तक केवल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ही थे। 1889 में इंग्लैंड की टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गई। &amp;nbsp;12 मार्च 1889 को पहला टेस्ट खेला गया जिसकी अवधि केवल दो दिन था, याने दो दिवसीय टेस्ट,1928 में इंग्लैंड की टीम वेस्ट इंडीज के दौरे पर गई।दोनों देशों के बीच खेला गए टेस्ट सीरीज में टेस्ट &amp;nbsp;तीन दिवसीय ही था।1929 में इंग्लैंड की टीम न्यूजीलैंड दौरे पर गई यहां भी तीन दिन का ही टेस्ट क्रिकेट खेला गया। 1932 में हिंदुस्तान की क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे पर इकलौता टेस्ट खेलने गई।ये टेस्ट भी तीन दिवसीय ही था। 1952 में पाकिस्तान की टीम हिंदुस्तान के दौरे पर आई।दोनों देश के बीच खेला गए टेस्ट सीरीज में तीन दिवसीय टेस्ट ही था।कलौता टेस्ट खेलने गई।ये टेस्ट भी तीन दिवसीय ही था।1973 तक चार दिवसीय टेस्ट खेले जाते रहे।1979 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने अंतिम रूप से ये निर्णय ले ही लिया कि टेस्ट मैच की अवधि पांच दिन रहेगी।1877 से 1973 तक &amp;nbsp; दो,तीन, चार, पांच दिवसीय टेस्ट नियमित &amp;nbsp;रूप से होते रहे। इसके अलावा छह, सात, आठ नौ और दस दिवसीय टेस्ट भी क्रिकेट इतिहास में दर्ज है।&amp;nbsp;टेस्ट इतिहास में अनेक ऐसे अवसर आए जब ज्यादातर प्राकृतिक कारणों से मैच में खेल नहीं हो &amp;nbsp;पाया तो टेस्ट खेलने के दिन बढ़ते गए। &amp;nbsp;इस कारण छ: से दस दिन का मैच भी खेला गया। &amp;nbsp;छ: दिन खेले जाने वाले टेस्ट की संख्या 75 है। इसी प्रकार सात दिन खेले जाने वाले टेस्ट की संख्या 6 है ।एक एक टेस्ट &amp;nbsp;8,9 और 10 दिन भी चले है। 99 टेस्ट टाइमलेस टेस्ट खेले गए है याने निर्णय निकलते तक।इसमें सबसे अधिक रोमांचक मैच दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच डरबन में 3 से 14 मार्च तक खेला गया। नब्बे घंटे तक ये टेस्ट चला लेकिन नतीजा नहीं निकल पाया। &amp;nbsp;इस टेस्ट में 1981 रन बने। &amp;nbsp;छ: शतक और 11 अर्ध शतक लगे।इंग्लैंड के स्पिनर हेडली वेरिटि ने दोनों पारियों में अकेले 95.6ओवर फेंके(8 बॉल का एक ओवर होता था)। मैच इस कारण ड्रॉ रहा क्योंकि &amp;nbsp;इंग्लैंड के खिलाडिय़ों की वापसी के लिए पानी जहाज के जाने का समय हो गया था। खिलाड़ी एक के बाद स्टेडियम से सीधा पोर्ट जा रहे थे।कुछ अर्सो से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल चार दिवसीय टेस्ट के बारे में गंभीरता से विचार कर रही है खासकर उन टीम के लिए जो फिलहाल वनडे और टी ट्वेंटी मैच खेल रहे है। दक्षिण अफ्रीका ने 2017 &amp;nbsp;में जिम्बाब्वे और इंग्लैंड ने आयरलैंड के साथ 2019 और 2023 में चार दिन का टेस्ट खेला है। इस प्रकार के टेस्ट में पांच दिवसीय टेस्ट के समान हर दिन 90 ओवर के बजाय 98 ओवर फेंके जाते है।फालोआन के लिए 200 के बजाय 150 रन का अंतर रखा गया है।0- संजय दुबे</description ></item><item><title>बयानबाजी कुत्ते,लोमड़ी और हड्डी तक पहुंच गई..छात्रों का आंदोलन</title><link>https://cnin.co.in/बयानबाजी-कुत्ते,लोमड़ी-और-हड्डी-तक-पहुंच/82588</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;छात्रों के दो आंदोलनो के बीच कलाकारों और नेताओं की बयानबाजी कुत्ते,लोमड़ी और हड्डी तक पहुंच गई है। वाह,पता नहीं आगे और कहां तक जायेगी? दरअसल यह विवाद दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर बॉलीवुड कलाकारों की चुप्पी को लेकर शुरू हुआ था। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने शांत रहने वाले कलाकारों की तुलना मुंह में हड्डी दबाए कुत्ते से की थी।नसीरुद्दीन ने कहा था कि जब कलाकारों की आत्मा जागेगी तब वे बोलेंगे। उन्होंने एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा था कि जिसके मुंह में हड्डी होती है, वह कुत्ता भौंक नहीं सकता। जैसे ही मुंह से हड्डी गिरेगी या दांत टूटेंगे, वे भौंकने लगेंगे।&amp;nbsp;अब रांची आंदोलन के बीच अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधा है। कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट में नसीरुद्दीन शाह को 'लोमड़ीÓ कहते हुए लिखा कि वे इस देश का खाते हैं, लेकिन पड़ोसी देश के लिए लड़ते हैं।कंगना रनोट ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर पीयूष मिश्रा के बयान की एक रिपोर्ट शेयर की। कंगना ने लिखा कि सच तो यह है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन उन्हें इस बात का गर्व है कि वे जिस देश का खाती हैं, उसकी रखवाली करती हैं और उसके लिए लड़ती हैं। कंगना ने आगे लिखा कि आज के दौर में कुत्ता कहलाना एक तारीफ है, क्योंकि वफादारी अब बहुत कम देखने को मिलती है। वे नसीरुद्दीन शाह जैसी लोमड़ी बनने के बजाय कुत्ता बनना पसंद करेंगी।&amp;nbsp;वहीं अभिनेता पीयूष मिश्रा ने झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाकर नसीरुद्दीन से सवाल किए और कहा की वे अब चुप क्यों हैं। नसीर साहब आपने सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान कहा था कि जिन कुत्तों के मुंह में हड्डी है वे बोल नहीं सकते। माफ कीजिएगा,आपसे पूछना चाहता हूं कि इस वक्त वो कौन कुत्ते हैं जिनके मुंह में हड्डी है और इस जेपीएससी पेपर लीक के छात्र प्रोटेस्ट पर चुप हैं.? बता दें पीयूष मिश्रा इन धरनारत्त छात्रों के बीच पहुंचकर अपना समर्थन दे कर आ चुके हैं।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>श्रवण यदु बने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश  मीडियम शहीद स्मारक स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष</title><link>https://cnin.co.in/श्रवण-यदु-बने-स्वामी-आत्मानंद-इंग्लिश-/82587</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;* स्कूल के विकास कार्य और बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देना पहली प्रथमिकता है: श्रवण&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। रायपुर के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम शहीद स्मारक स्कूल में शाला प्रबंधन समिति का पुनर्गठन किया गया। इसमें श्रवण यदु को शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह पुनर्गठन केंद्रीय शिक्षा नीति के तहत किया गया है, इसमें शाला प्रबंधन समिति को मुख्य रूप से स्कूल के कामकाज पर नजर रखना, बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना, स्कूल विकास योजना तैयार करना और शिक्षकों व अभिभावकों के बीच तालमेल बनाकर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना है। मुख्य कार्य और जिम्मेदारियां निगरानी करना: स्कूल के नियमित कामकाज, शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति तथा मिड-डे मील की व्यवस्था पर नजर रखना। विकास योजना: स्कूल की जरूरतों (जैसे भवन मरम्मत, शिक्षण सामग्री) को ध्यान में रखते हुए 'स्कूल विकास योजनाÓ &amp;nbsp;तैयार करना।फंड का प्रबंधन: सरकार से मिलने वाले अनुदान और फंड का पारदर्शी और सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना। नामांकन बढ़ाना: आसपास के सभी बच्चों का स्कूल में दाखिला कराना और पढ़ाई बीच में छोडऩे वाले बच्चों की संख्या को कम करना। संवाद स्थापित करना: अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करना। बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और उनका स्कूल छूटना &amp;nbsp;ड्राप आउट रोकना। इसके अलावा अध्यक्ष और टीम स्कूल का निरीक्षण कर व्यवस्था में सुधार करना है। श्रवण यदु ने कहा कि मैं एक समाज सेवक हूं और मुझे शाला प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। मैं निश्चित ही स्कूल के विकास कार्य और बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ संस्कार देने का काम करूंगा इससे स्वामी शहीद स्मारक आत्मानंद इंग्लिश मीडियम का नाम रोशन होगा। शाला प्रबंधन समिति की बैठक हुई। इसमें वरिष्ठ शिक्षाविद संजय जोशी, उपाध्यक्ष नेहा राठौर, सचिव रमाकांत झा प्रिंसिपल, सदस्य राजेश पांडे, रजनीश पात्रा, संतोष अग्रवाल, सहित सोनू कुर्रेशी को नियुक्त किया गया।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाज सेविका मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर किया नमन</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-श्री-साय-ने-छत्तीसगढ़-की-प्रथम/82586</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि मिनीमाता जी ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में समाज से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाई। &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज एवं महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिनीमाता जी के नाम पर राज्य सरकार द्वारा राज्य अलंकरण पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी का सेवाभावी व्यक्तित्व हम सभी को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।</description ></item><item><title>झारखंड के युवाओं पर लाठीचार्ज और कांग्रेस की चुप्पी उसके दोहरे चरित्र का प्रमाण – कश्यप</title><link>https://cnin.co.in/झारखंड-के-युवाओं-पर-लाठीचार्ज-और-कांग्रेस-की/82585</link><description>जगदलपुर । छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर कथित लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार पर उन्होंने कहा कि झारखंड में हजारों युवा अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन कांग्रेस समर्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार में उन युवाओं पर बेरहमी से लाठियां चलाई गईं। मंत्री कश्यप ने कहा कि जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होता है, तब कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दल न्याय एवं अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। लेकिन जब झारखंड के युवा अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरते हैं और उन पर लाठियां चलती हैं, तब इन्हीं दलों के नेताओं के मुंह से एक शब्द तक नहीं निकलता है, कांग्रेस की यह चुप्पी उसके दोहरे चरित्र का प्रमाण है।मंत्री कश्यप ने कहा कि क्या झारखंड में अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन करने वाले युवा कांग्रेस की नजर में सौतेले हैं? जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों के लिए आवाज उठाने वाली कांग्रेस को झारखंड के युवाओं का दर्द क्यों दिखाई नहीं देता। कांग्रेस पार्टी झारखंड की सत्ता में झारखंड मुक्ति मोर्चा की सहयोगी है, लेकिन युवाओं पर हुई कार्रवाई के बाद वह मुंह में लड्डू डालकर बैठी हुई है। यह कांग्रेस की चयनात्मक राजनीति और दोहरे मापदंड को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस की इस ड्यूल पॉलिसी को देख और समझ रही है। एक राज्य में प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की बात करना और अपनी समर्थित सरकार वाले राज्य में युवाओं पर कार्रवाई होने पर मौन साध लेना कांग्रेस के वास्तविक राजनीतिक चरित्र को सामने लाता है। केदार कश्यप ने कहा, कांग्रेस का यह दोहरा मापदंड अब देश की जनता से छिपा नहीं है। उसके वास्तविक चेहरे को लोग पहचान चुके हैं और समझ चुके हैं कि कांग्रेस की न्याय की बातें केवल राजनीतिक सुविधा के अनुसार बदलती रहती हैं।</description ></item><item><title>एक लाख रूपये की चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/एक-लाख-रूपये-की-चोरी-करने-वाला-आरोपी-गिरफ्तार/82584</link><description>जगदलपुर । जिला मुख्यालय के होटल एंबीशन के कर्मचारी द्वारा रिसेप्शन से नगद रकम एक लाख रूपये चोरी करने वाले एक आरोपी अनिमेष बक्सी पिता मिरनाल बक्सी उम्र 24 निवासी 104 सतदल इनक्लेव नोर्य आफिस पारा ए.जी. आफिस के पीछे डोरंडा जिला रांची झारखंड काे चोरी किए गये नगदी रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी अरूण कुमार कंसारी होटल एम्बिशन कर्मचारी ने थाना हाजिर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि 18 जुलाई 2026 को एंबीशन होटल के कर्मचारी के रूप में न्यू ज्वाइन करने वाले कर्मचारी अनिमेश बक्शी द्वारा नौकरी ज्वाइन करते ही 19 जुलाई 26 को करीबन 11 से 12 बजे के मध्य रिसेप्शन के दराज में रखे नगदी रकम एक लाख रुपए के चोरी की वारदात काे अंजाम दिया । पुलिस कीपता तलास दौरान होटल एवं शहर के विभिन्न स्थानों में लगे सीसीटीव्ही फूटेज दृश्य अवलोकन किया गया जो सीसीटीव्ही फूटेज के आधार पर आरोपी की शिनाख्त अनिमेष बक्सी पिता मिरनाल बक्सी उम्र 24 निवासी 104 सतदल इनक्लेव नोर्य आफिस पारा ए.जी. आफिस के पीछे डोरंडा जिला रांची झारखंड के रूप में हुई। जिसे पता तलाश करने पर सायबर सेल से तकनीकी सहायता के माध्यम से पुणे शहर में होने की जानकारी मिलने पर टीम तैयार कर पुणे से हिरासत आरोपी को पुछताछ करने पर आरोपी द्वारा घटना कबूल करते हुये चोरी किए नगदी रकम एक लाख को छुपाये स्थान से पेश करने पर जप्त किया कर आरोपी को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड में लाकर न्यायिक रिमांड 11अगस्त 26 को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल कर दिया गया है।</description ></item><item><title>बजरंग दल ने शिवलिंग पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले का किया पुतला दहन, साैंपा ज्ञापन</title><link>https://cnin.co.in/बजरंग-दल-ने-शिवलिंग-पर-आपत्तिजनक-टिप्पणी/82583</link><description>काेंड़ागांव । जिले के केशकाल बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंगलवार काे अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय केशकाल पहुंचे और अरुण पन्नालाल एवं हंसराज गोयल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। केशकाल बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने पवित्र शिवलिंग को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले अरुण पन्नालाल एवं हंसराज गोयल का पुतला दहन भी किया ।बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शिवलिंग जैसे धार्मिक आस्था से जुड़े पवित्र प्रतीक को लेकर कथित रूप से अभद्र टिप्पणी की गई, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक नीरज अग्निहोत्री ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषय बेहद संवेदनशील होते हैं। ऐसे मामलों में सार्वजनिक टिप्पणी करते समय मर्यादा और जिम्मेदारी का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की।ज्ञापन के माध्यम से बजरंग दल ने प्रशासन से कथित टिप्पणी की जांच कराने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विवाद को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द उचित कदम उठाने का आग्रह किया। अब इस शिकायत पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।</description ></item><item><title>मोटर सायकल वाहन चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/मोटर-सायकल-वाहन-चोरी-करने-वाला-आरोपी/82582</link><description>जगदलपुर। जिले के थाना बोधघाट पुलिस ने हल्बा कचौरा से मोटर सायकल वाहन की चोरी करने वाले एक आरोपी बिलासा बघेल पिता दशरथ बघेल जाति माहरा उम्र 20 साल निवासी नयामुंडा महारानी वार्ड काे मंगलवार काे गिरफ्तार कर आरोपी के कब्जे से चोरी किए मोटर सायकल कमांक सीजी.-17-केयू-3240 बरामद किया गया है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम हलवा कचौरा से प्रार्थी भारत मोर्य पिता स्व. मनधर मौर्य जाति घुरवा उम्र 40 साल निवासी हल्बा कचौरा के घर के सामने से मोटर सायकल कमांक सीजी.-17-केयू-3240 के चाेरी की रिपाेर्ट दर्ज करवाई गई। घटना के बाद चोरी को पकड़ने हेतु टीम गठित कर पता तलास के दौरान शहर के विभिन्न सीसीटीव्ही फूटेज के आधार पर आरोपी की शिनाख्त आरोपी बिलासा बघेल के रूप में हुई जिसे पता तलाश करने पर आड़ावाल के पास उक्त चोरी किए वाहन को छुपा के रखना पाए जाने पर आरोपी को हिरासत में लेकर पुछताछ करने पर आरोपी द्वारा घटना कबूल करते हुये चोरी किए वाहन सायकल कमांक सीजी.-17-केयू-3240 को छुपाये स्थान से पेश करने पर चोरी किए वाहन जप्त करते हुए, आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल कर दिया गया है।</description ></item><item><title>दुष्कर्म के आरोपी कैफे संचालक को गुस्साए लोगों ने जूतों की माला पहनकर, लेकर आए थाने</title><link>https://cnin.co.in/दुष्कर्म-के-आरोपी-कैफे-संचालक-को-गुस्साए/82581</link><description>कांकेर। जिले के भानुप्रतापपुर में विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म और गर्भपात का मामला सामने आया है। एक कैफे में काम करने वाली युवती के साथ आरोपी ने दुष्कर्म किया। युवती दोबारा गर्भवती होने पर आरोपी ने विवाह से इनकार कर दिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने आरोपी असलम खान को पकड़कर जूतों की माला पहनाई और पीटते हुए थाने ले गए। आरोपी और पीड़िता अलग-अलग समुदाय से हैं, जिसके कारण मामला और तूल पकड़ गया है।भानुप्रतापपुर के एक कैफे में काम करने वाली युवती का आरोप है कि कैफे संचालक असलम खान ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। पहली बार प्रेग्नेंट होने पर आरोपी ने युवती का गर्भपात करा दिया। दोबारा गर्भवती होने पर युवती ने शादी की मांग की तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया और फिर से गर्भपात के लिए दबाव बनाने लगा। परेशान युवती ने इसकी जानकारी अपने समाज के लोगों को दी। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग एकजुट हो गए। लोगों ने आरोपी युवक को पकड़कर जमकर पिटाई की। इसके बाद उसे चप्पल-जूतों की माला पहनाकर पूरे इलाके में घुमाया और भानुप्रतापपुर थाने ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया। थाने में दोनों पक्षों के लोग जमा हो गए, जिससे थोड़ी देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर आगे की कार्यवाही कर रही है।कांकेर एएसपी संदीप पटेल ने बताया कि पीड़िता का कथन लिया जा रहा है। युवक के साथ मारपीट की घटना की भी जांच की जाएगी, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता की शिकायत पर रेप, गर्भपात और अन्य धाराओं में केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।</description ></item><item><title>स्ट्रेंथ पॉवर लिफ्टिंग स्पर्धा 22 एवं 23 अगस्त को रायपुर में</title><link>https://cnin.co.in/स्ट्रेंथ-पॉवर-लिफ्टिंग-स्पर्धा-22-एवं-23-अगस्त/82580</link><description>रायपुर। 22 एव 23 अगस्त को छत्तीसगढ़ स्ट्रेनथ लिफ्टिंग एसोसियेशन और टी गोल्ड जिम अश्वनी नगर के तत्वाधान में ताम्रकार क्लासिक नेशनल पावर लिफ्टिंग मिनी और वेस्ट जोन स्ट्रेनथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन सिंधी धर्म शाला लाखे नगर चौक रायपुर में किया गया है।छत्तीसगढ़ स्ट्रेंथ लिफ्टिंग एसोसिएशन के महासचिव माणिक ताम्रकार ने बताया कि प्रतियोगिता में देश भर के 250 खिलाड़ी आने की संभावना है। पॉवर लिफ्टिंग मे फुल पावर लिफ्टिंग बेंच और डेड लिफ्ट और स्ट्रेंथ लिफ्टिंग में हैक लिफ्ट के साथ बाइ सेफ् कुर्ल एक साथ एवम इन्कलाइन बेंच प्रेस की प्रतियोगिता होगी। खिलाडियों के लिए सुनहरा मौका है कि 2 दिन में 5 मेडल जीत सकते हैं। पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में स्ट्रांग मेन सीनियर को 7000 जूनियर को 5000 और मास्टर्स एवं सब जूनियर को तीन तीन हजार मिलेगा। उसी प्रकार से महिलाओं को सीनियर में 3100 जूनियर में 2500 और मास्टर्स एवम सब जूनियर में 2100 और 2100 के साथ आकर्षण बिग कप भी मिलेगा।</description ></item><item><title>विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा</title><link>https://cnin.co.in/विश्व-प्रसिद्ध-ऐतिहासिक-बस्तर-दशहरा-पर्व,/82579</link><description>00 75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में निभाई जाएंगी पारंपरिक रस्में, दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होगा आयोजनरायपुर। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में कल बुधवार, 12 अगस्त को हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का आगाज होने जा रहा है। इस दौरान पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने की श्ठुरलू खोटलाश् रस्म अदा करेंगे। बस्तर दशहरा समिति ने सभी सेवादारों, ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों को इस पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया है।75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा का मुख्य कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसके तहत 12 अगस्त बुधवार से पाट जात्रा पूजा विधान दशहरा पर्व का शुभारंभ, 24 सितम्बर गुरूवार को डेरी गड़ाई पूजा विधान, 10 अक्टूबर शनिवार को काछनगादी पूजा विधान, 11 अक्टूबर रविवार को कलश स्थापना पूजा विधान, 12 अक्टूबर सोमवार को जोगी बिठाई पूजा विधान के रस्म का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर को प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, 18 अक्टूबर रविवार को सुबह 11 बजे बेल पूजा विधान, 19 अक्टूबर सोमवार को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, 20 अक्टूबर मंगलवार को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव का आयोजन किया जाएगा।21 अक्टूबर बुधवार को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 22 अक्टूबर गुरूवार को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 23 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान, दोपहर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार का आयोजन किया जाएगा। 24 अक्टूबर शनिवार कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई, 27 अक्टूबर मंगलवार मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ पर्व का औपचारिक समापन किया जाएगा। मां दंतेश्वरी को समर्पित यह 75 दिवसीय दशहरा पर्व अपनी अनूठी लोक-परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और भव्य रस्मों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।</description ></item><item><title>बलरामपुर और रामानुजगंज को जल्द मिलेगा बायपास की सौगात, अंतर्राज्यीय कारोबार को मिलेगा बढ़ावा</title><link>https://cnin.co.in/बलरामपुर-और-रामानुजगंज-को-जल्द-मिलेगा/82578</link><description>00 मंत्री नेताम ने केंद्रीय परिवहन मंत्री गडकरी से दिल्ली में की सौजन्य मुलाकात00 केन्द्रीय मंत्री ने डीपीआर तैयार करने अधिकारियों को दिए निर्देशरायपुर। छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री एवं रामानुजगंज विधायक श्री रामविचार नेताम ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मंत्री श्री गडकरी से इस दौरान बलरामपुर एवं रामानुजगंज शहरों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 पर बायपास मार्गों की स्वीकृति का आग्रह किया। श्री नेताम ने दोनों शहरों में बढ़ते यातायात दबाव, दुर्घटनाओं की आशंका तथा अंतर्राज्यीय वाणिज्यिक गतिविधियों को देखते हुए 4-लेन बायपास निर्माण को अत्यंत आवश्यक बताया। केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने दोनों मांगों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त करते हुए शीघ्र स्वीकृति की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने मंत्री श्री नेताम की मांग पर शीघ्र डीपीआर तैयार करने अधिकारियों को निर्देशित किया।मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि अम्बिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय मार्ग है। इस मार्ग से यात्री बसों, छोटे-बड़े व्यावसायिक वाहनों, भारी मालवाहकों तथा आम नागरिकों का बड़ी संख्या में आवागमन होता है। प्रशासनिक एवं विशिष्टजनों का आवागमन भी इसी मार्ग से होता है।मंत्री श्री नेताम ने बताया कि बलरामपुर जिला मुख्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के शहरी हिस्से में स्थित है। शहर के दोनों ओर घनी व्यावसायिक एवं आवासीय बसाहट होने के कारण छोटे वाहनों से लेकर भारी मालवाहकों तक का आवागमन शहर के भीतर से होता है। इससे आए दिन यातायात जाम की स्थिति निर्मित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से बलरामपुर शहरी क्षेत्र के लिए लगभग ’’10 किलोमीटर लंबाई के 4-लेन बायपास’’ को स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। प्रस्तावित बायपास बनने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।इसी प्रकार रामानुजगंज शहर के लिए लगभग ’’8 किलोमीटर लंबाई के 4-लेन बायपास’’ की मांग भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि रामानुजगंज अंतर्राज्यीय आवागमन का महत्वपूर्ण केंद्र है। शहर के भीतर ही स्कूली बच्चों, स्थानीय नागरिकों, शासकीय एवं निजी वाहनों के साथ-साथ भारी व्यावसायिक एवं मालवाहक वाहनों का आवागमन होने से यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण एवं यातायात में संभावित वृद्धि के साथ आने वाले समय में शहरी क्षेत्र में यातायात संबंधी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। ऐसे में समय रहते बायपास का निर्माण शहर की यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और नगरीय विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि बलरामपुर और रामानुजगंज में बायपास मार्गों का निर्माण केवल यातायात सुगमता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच अंतर्राज्यीय व्यापार एवं परिवहन को गति मिलेगी। भारी वाहनों को शहरों के बाहर से सुगम मार्ग उपलब्ध होने से परिवहन समय और यातायात दबाव में कमी आएगी। इसके साथ ही दोनों शहरों में व्यवस्थित नगरीय विकास, व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार और राजस्व वृद्धि की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि एनएच-343 के कॉरिडोर योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य के लिए क्रमशः 397.44 करोड़ रुपये और 199.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति पूर्व में प्रदान की जा चुकी है तथा संबंधित निर्माण कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने इसी क्रम में बलरामपुर एवं रामानुजगंज के शहरी हिस्सों में बायपास निर्माण को भी प्राथमिकता देने का आग्रह किया।केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने दोनों बायपास प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए शीघ्र स्वीकृति की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बायपास निर्माण से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ क्षेत्र के आर्थिक एवं नगरीय विकास को नई गति मिलेगी।</description ></item><item><title>तेंदुए की खाल लेकर दो बाइक से जा रहे 3 आरोपी भेजे गए जेल</title><link>https://cnin.co.in/तेंदुए-की-खाल-लेकर-दो-बाइक-से-जा-रहे-3-आरोपी/82577</link><description>नारायणपुर। परिक्षेत्र धौड़ाई के परिक्षेत्र अधिकारी एवं वन कर्मचारियों के द्वारा गायतापारा सड़क किनारे 03 व्यक्तियों से दो मोटर सायकल से 01 तेन्दूआ खाल परिवहन करते हुये बरामद किया गया। इसमें दो मोटर साईकिल जिसमें वाहन क्रमांक सी0जी0-21/जे-4096 एवं सी0जी0-21/जे-0920 तथा तेन्दूआ खाल को जप्त किया गया। तेन्दूआ खाल की लंबाई 184 से०मी०, सामने पैर से पैर की लंबाई 125 से.मी., पिछले पैर से पैर की लंबाई 118 से.मी. तथा पेट की चौड़ाई 55 से.मी. है।उक्त प्रकरण में आरोपी सोनूराम कचलाम पिता सुखासिंह कचलाम, उम्र 39 वर्ष, जाति गोण्ड, ग्राम रोहताड़, छोटेडोंगर एवं पुनीत कुमार बघेल पिता जलधर बघेल, उम्र 32 वर्ष, जाति घसिया, ग्राम छोटेडोंगर (डुरकाडोंगरी) तथा जमधर पोटाई पिता गागरू, उम्र 50 वर्ष, जाति गोण्ड, ग्राम तारागांव, धौड़ाई को गिरफ्तार कर माननीय मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी महोदय, न्यायालय नारायणपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात् न्यायिक रिमांड में जेल दाखिला कराया गया। इन व्यक्तियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 11, 39, 40(2), 44, 48 (क), 49 (क), 49 (ख), 50 एवं 51 के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है। जिसमें 07 साल की सजा का प्रावधान है। मामले की आगे की जांच जारी है।</description ></item><item><title>120 पौवा देशी शराब के साथ महिला गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/120-पौवा-देशी-शराब-के-साथ-महिला-गिरफ्तार/82576</link><description>खैरागढ़। थाना गंडई पुलिस मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ग्राम रोड अतरिया में एक मकान में दबिश देकर अवैध रूप से बिक्री के लिए रखी 120 पौवा देशी प्लेन शराब बरामद की गई। पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम रोड अतरिया निवासी कांती सोरी अपने घर में बड़ी मात्रा में अवैध शराब रखकर बिक्री कर रही है। सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने के बाद थाना गंडई पुलिस टीम ने गवाहों के साथ बताए गए मकान की घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की।मौके पर महिला कांती सोरी पति राजेश सोरी उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम रोड अतरिया, थाना गंडई, जिला केसीजी मिली। मकान की तलाशी लेने पर एक काले रंग के थैले में 120 पौवा देशी शोले प्लेन शराब बरामद हुई। बरामद शराब की कुल मात्रा 21.600 बल्क लीटर तथा अनुमानित कीमत 9,600 रुपये बताई गई है। शराब के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने शराब को जब्त कर लिया। मामले में आरोपी महिला के विरुद्ध थाना गंडई में अपराध क्रमांक 251/2026, धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा क्षेत्र में अवैध शराब एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रखने की बात कही गई है।</description ></item><item><title>भूत-प्रेत, टोनही के खौफ और भ्रम को दूर करने हरेली पर रात्रि भ्रमण करेगी अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति</title><link>https://cnin.co.in/भूत-प्रेत,-टोनही-के-खौफ-और-भ्रम-को-दूर-करने/82575</link><description>00 अंधविश्वास के बजाय स्वास्थ्य सुरक्षा के नियमों का पालन करें — डॉ. दिनेश मिश्ररायपुर। अंधविश्वास, पाखंड एवं सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ कार्यरत अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि हरेली पर्व के अवसर पर समिति द्वारा विशेष जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के अंतर्गत जादू-टोना एवं टोनही प्रताड़ना के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा तथा टोनही प्रताड़ना के विरोध में शपथ दिलाई जाएगी।डॉ. मिश्र ने बताया कि हरेली अमावस्या की रात ग्रामीण क्षेत्रों में भूत-प्रेत, टोनही और जादू-टोने को लेकर व्याप्त भय एवं भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से समिति के सदस्य गांवों एवं निर्जन स्थानों में रात्रि भ्रमण करेंगे और ग्रामीणों से संपर्क कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान अंधविश्वास के खिलाफ पंपलेट एवं जागरूकता सामग्री वितरित की जाएगी। टोनही प्रताड़ना से संबंधित जानकारी एवं जागरूकता बढ़ाने वाले पोस्टर ग्राम पंचायतों तथा सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाएंगे।हरेली को जादू-टोने से जोड़ना केवल एक भ्रमडॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हरियाली अमावस्या अर्थात हरेली के संबंध में अलग-अलग लोकमान्यताएं प्रचलित हैं। कुछ स्थानों पर इसे जादू-टोने से भी जोड़कर देखा जाता है। कहीं-कहीं यह मान्यता भी है कि हरेली की रात विशेष साधना करने से जादुई शक्तियां प्राप्त होती हैं। वास्तव में ऐसी मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। जादू-टोने का कोई वैज्ञानिक अस्तित्व नहीं है और कोई महिला टोनही नहीं होती।उन्होंने कहा कि पहले जब बीमारियों, संक्रमणों और प्राकृतिक घटनाओं के वैज्ञानिक कारणों की जानकारी सीमित थी, तब अनेक बीमारियों और परेशानियों को जादू-टोने या बुरी नजर से जोड़ दिया जाता था। कई बार बीमारी के लिए किसी महिला को जिम्मेदार ठहराकर उसे टोनही घोषित कर दिया जाता था। ऐसी मान्यताएं न केवल अंधविश्वास को बढ़ावा देती हैं, बल्कि महिलाओं के साथ सामाजिक अन्याय और प्रताड़ना का कारण भी बनती हैं।सावन में संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता जरूरीडॉ. मिश्र ने कहा कि सावन के दौरान वर्षा, उमस और नमी के कारण कई प्रकार के रोगाणुओं के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाती हैं। गंदगी, दूषित पेयजल, दूषित भोजन, मक्खियों और मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे समय में गांवों में दस्त, आंत्र संक्रमण, पीलिया, वायरल बुखार, मलेरिया आदि के मामले बढ़ सकते हैं।उन्होंने कहा कि बीमारियों से बचाव के लिए घर और आसपास स्वच्छता रखना, साफ एवं सुरक्षित पानी पीना, भोजन को दूषित होने से बचाना, मक्खियों और मच्छरों की रोकथाम करना तथा बीमारी होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना अधिक महत्वपूर्ण है। इसके लिए किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र या कथित जादुई उपायों की आवश्यकता नहीं है।डॉ. मिश्र ने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए हाथों की नियमित सफाई, सुरक्षित पेयजल, स्वच्छ भोजन और आवश्यक सावधानियां अपनाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है तो उसे झाड़-फूंक कराने के बजाय समय पर चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। सांप के काटने अथवा जहरीले कीड़े के काटने की स्थिति में भी तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।नीम की टहनियां तोड़ने के बजाय पौधे लगाएंडॉ. मिश्र ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हरेली के अवसर पर दिन में भी कुछ बच्चे और लोग जादू-टोने तथा नजर लगने से बचने के नाम पर नीम की टहनियां लेकर साइकिल, रिक्शे और वाहनों के साथ घूमते दिखाई देते हैं। पालकों और शिक्षकों को बच्चों को ऐसे अंधविश्वासों से दूर रखने तथा उनके भीतर वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रयास करना चाहिए।उन्होंने कहा कि नीम की टहनियां बार-बार तोड़कर पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के बजाय घरों और आसपास नीम सहित अन्य उपयोगी पौधे लगाए जाएं। इससे पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा।उन्होंने कहा कि यदि लोग स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, स्वच्छ भोजन और मच्छर-मक्खियों की रोकथाम जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सावधानियों पर ध्यान दें तो बीमारी से बचाव के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लेने की आवश्यकता नहीं होगी। मक्खियां और मच्छर किसी भी कथित तंत्र-मंत्र से कहीं अधिक वास्तविक स्वास्थ्य जोखिम हैं।“कोई नारी टोनही नहीं” अभियान रहेगा जारीडॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि हरेली अमावस्या के अवसर पर भी अंधविश्वास, जादू-टोने और टोनही की मान्यता के खिलाफ समिति का “कोई नारी टोनही नहीं अभियान” जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से टोनही और भूत-प्रेत के भय एवं भ्रम को दूर करने, महिलाओं को टोनही के आरोप से बचाने तथा ग्रामीण समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। समिति के सदस्य रात्रि भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से सीधे संपर्क कर उन्हें समझाएंगे कि बीमारी, प्राकृतिक घटनाओं और अन्य समस्याओं के पीछे वास्तविक कारणों को समझना आवश्यक है तथा उनका समाधान वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्यपरक तरीकों से किया जाना चाहिए।</description ></item><item><title>राहुल गांधी युवाओं के मुद्दों की आड़ में अराजकता फैलाने का षड्यंत्र रच रहे : शर्मा</title><link>https://cnin.co.in/राहुल-गांधी-युवाओं-के-मुद्दों-की-आड़-में/82574</link><description>00 नीट परीक्षा पेपर लीक और झारखण्ड के युवा आन्दोलन को लेकर राहुल गांधी, कांग्रेस और विपक्ष के दोहरे राजनीतिक चरित्र पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बोला तीखा हमला00 उप मुख्यमंत्री शर्मा की राहुल गांधी को खुली चुनौती : जब संसद/सदन में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हो तो वह अपनी पुरानी आदत के अनुसार गायब न होंरायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्ष की भूमिका पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी युवाओं के मुद्दों की आड़ में देश में अराजकता और भ्रम फैलाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार युवाओं और जनता के मुद्दों पर बेहद संवेदनशील है, जबकि राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए विरोध प्रदर्शनों का सहारा ले रहे हैं। श्री शर्मा मंगलवार को यहाँ अपने नया रायपुर स्थित निवास पर आहूत महती पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे।प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि देश में लोकतंत्र के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार ऐसे प्रदर्शनों का स्वागत करती है। लेकिन जब प्रदर्शनों के नाम पर राष्ट्रीय सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाया जाता है या भारत के पड़ोसी देशों (जैसे नेपाल, बांग्लादेश या पाकिस्तान) जैसी अस्थिर परिस्थितियों को भारत में निर्मित करने का गर्हित एजेण्डा चलाने का प्रयास किया जाता है, तो यह अत्यन्त चिंताजनक और अस्वीकार्य हो जाता है। राहुल गांधी और उनका दल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से नरेंद्र मोदी सरकार को हरा नहीं पा रहे हैं, इसलिए वे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। नीट परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण पर बोलते हुए श्री शर्मा ने कहा कि परीक्षा का पेपर लीक होना एक दु:खद घटना थी, जिससे युवाओं में स्वाभाविक आक्रोश आया। युवाओं के इस विरोध-प्रदर्शन का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार ने इस पर बेहद संजीदा और संवेदनशील रुख अपनाया। एक जज की टिप्पणी के बाद मेहनतकश केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से लेकर सदन में चर्चा और सख्त नए कानून लाने तक सरकार ने हर वह कदम उठाया जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके। इसके बावजूद, जब सरकार हर विषय पर खुलकर चर्चा करने और कड़े कानून बनाने के लिए तैयार है, तब राहुल गांधी और विपक्ष चर्चा से भागकर केवल माहौल बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने झारखण्ड के छात्र आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में राहुल गांधी के दोहरे राजनीतिक चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे खुद को युवाओं की आवाज बताते हैं, लेकिन गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुद्दों पर चुप्पी साध लेते हैं। झारखण्ड में जहाँ कांग्रेस गठबंधन की सरकार है, वहाँ जेपीएससी (झारखण्ड लोक सेवा आयोग) और जेएसएससी (झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग), दोनों के पेपर लीक हुए और परीक्षाएँ रद्द करनी पड़ीं। इसे लेकर झारखण्ड में युवा सड़कों पर आंदोलनरत हैं, लेकिन राहुल गांधी वहाँ पूरी तरह 'नदारद' हैं। इससे साफ होता है कि जहाँ अपनी सरकार है, वहाँ मौन रहना और जहाँ भाजपा सरकार है, वहाँ राजनीति व विरोध प्रदर्शन करना— यही राहुल गांधी की नीति है। श्री शर्मा ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जनता और युवाओं के प्रति सदैव संजीदा रहते हैं। जब किसानों ने तीन कृषि कानूनों का विरोध किया था, तब सरकार ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उन तीनों कानूनों को वापस ले लिया था। इससे यह सिद्ध होता है कि केंद्र सरकार कभी हठधर्मिता नहीं दिखाती, बल्कि जन-भावनाओं का सम्मान करती है। श्री शर्मा ने सदन में चर्चा से भागने की विपक्ष की आदत पर कटाक्ष कर राहुल गांधी को चुनौती दी कि जब संसद/सदन में इस विषय पर विस्तृत चर्चा होगी, तो वे अपनी पुरानी आदत के अनुसार गायब न हों और जवाब का सामना करें।प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के अनुभवों का हवाला देते हुए भी विपक्ष के रवैये की पोल खोली। जब छत्तीसगढ़ के सदन में नक्सलवाद जैसे गम्भीर विषय पर चर्चा रखी गई, तो विपक्ष गायब (नदारद) हो गया। जब आदिवासी बहुल इलाकों में धर्म परिवर्तन के कारण खड़े हो रहे वर्ग-संघर्ष को रोकने के लिए 'छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026' लाया गया, तब भी विपक्ष चर्चा से भाग खड़ा हुआ। श्री शर्मा ने कहा कि आज हमारे समाज और देश को मीडिया की बहुत आवश्यकता है। मीडिया राहुल गांधी और विपक्ष के इस 'अराजकतावादी एजेंडे' तथा दोहरे रवैये को जनता और युवाओं के सामने उजागर करे। जनता और विशेषकर नौजवानों के बीच इस पूरे घटनाक्रम की असलियत और तथ्यों को ले जाना बेहद जरूरी है, ताकि देश की जनता विपक्ष के इस अराजक एजेण्डे को समझ सके।पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही, प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास, अनुराग अग्रवाल, डॉ. किरण बघेल, कवर्धा जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>भाजपा प्रदेश भाजपा कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं ने मिनी माता की पुण्यतिथि पर अर्पित की पुष्पांजलि</title><link>https://cnin.co.in/भाजपा-प्रदेश-भाजपा-कार्यालय-में-वरिष्ठ/82573</link><description>रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में महान समाजसेविका और छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद स्वर्गीय मिनी माता की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर उन्हें नम आँखों से श्रद्धापूर्वक याद किया। इसके साथ ही पंडरी रायपुर स्थित मिनीमाता की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की गई।आयोजन के दौरान उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों ने स्व. मिनी माता द्वारा समाज सेवा, शोषितों व वंचितों के उत्थान तथा छत्तीसगढ़ के विकास के लिए दिए गए उल्लेखनीय योगदान का स्मरण किया। इस श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश मंत्री अमित साहू और प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, कृतिका जैन, अमर गिदवानी, संगीता शर्मा, सविता चंद्राकर, राजू राघवानी, प्रीति परगनिहा, रंजीता शर्मा, मिली बनर्जी, बसंत बाघ, ओमेश जीभेकर, पंकज जगत, खेमलाल कोसले, सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता काफी संख्या में उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>नक्सलवाद के खात्मे के बाद 90 से अधिक गाँवों में पहली बार शान से लहराएगा राष्ट्रध्वज - शर्मा</title><link>https://cnin.co.in/नक्सलवाद-के-खात्मे-के-बाद-90-से-अधिक-गाँवों-में/82572</link><description>00 बस्तर में विकास, देश मे विश्वास स्थापित करेगी 'बस्तर तिरंगा यात्रारायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुए 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक बस्तर सम्भाग में 12 अगस्त से एक अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक 'बस्तर तिरंगा यात्रा' का आगाज होने जा रहा है। श्री शर्मा ने मंगलवार को आहूत पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए इस तीन दिवसीय तिरंगा यात्रा के पूरे मार्ग, इसके विस्तृत उद्देश्य तथा बस्तर की बदलती तस्वीर की रूपरेखा साझा की।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाई गई निर्णायक मुहिम के सुखद परिणाम सामने आए हैं। 31 मार्च 2026 के बाद आ रहे इस पहले राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के कोने-कोने तक भारत का तिरंगा पूरी आन, बान और शान से लहराएगा। श्री शर्मा ने बताया कि यह तिरंगा यात्रा 12 अगस्त से प्रारंभ होकर 14 अगस्त तक बस्तर के अति-संवेदनशील और भीषण नक्सल प्रभावित रहे इलाकों से गुजरेगी। यह यात्रा 12 अगस्त को नारायणपुर (दोपहर 12:00 बजे) से प्रस्थान कर विभिन्न गाँवों से गुजरते हुए 150 किमी की यात्रा पूर्ण कर दन्तेवाड़ा पहुँचेगी। 13 अगस्त को सुबह दन्तेवाड़ा से स्थानीय नागरिकों और जवानों के साथ बीजापुर के लिए प्रस्थान करेगी। 14 अगस्त को सुबह बीजापुर से प्रस्थान कर आवापल्ली, उसुर, कलगम, ताड़पाला होते हुए कारिकुत्तलु पहाड़ी के नीचे यात्रा का समापन होगा।खौफ के गढ़ में तिरंगे की गूंज, 90 से अधिक गाँवों में पहली बार ध्वजारोहणउप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जनवरी 2024 से लेकर अब तक बस्तर के अनेक दुर्गम गाँवों में लगातार राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण किया गया है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर सम्भाग के 90 से अधिक ऐसे गाँव हैं, जहाँ आजादी के बाद पहली बार इस स्वाधीनता दिवस पर तिरंगा लहराया जाएगा। श्री शर्मा ने इस झूठे नैरेटिव को सिरे से खारिज किया कि 'बस्तर में शांति नहीं आई है या सुरक्षा बलों को हटा देना चाहिए'। आज बस्तरवासी खुद को सही मायनों में स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और अब कोई ऐसी ताकत नहीं बची जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर सके।ऐतिहासिक नक्सल हिंसा के प्रमुख स्थलों पर शहीदों को श्रद्धांजलिउप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर तिरंगा यात्रा नक्सली हिंसा में प्राण गँवाने वाले निर्दोष ग्रामीणों और वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक संकल्प है। यात्रा के दौरान वह स्वयं (स्वयं श्री शर्मा) उन प्रमुख 31 स्थानों पर पहुँचेंगे जहाँ माओवादियों ने जघन्य घटनाओं को अंजाम दिया था। चिंगावरम में नक्सलियों ने 31 निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या की थी। एर्राबोर में 220 घरों को फूँक दिया गया था और 33 निर्दोष ग्रामीणों को मौत के घाट उतारा गया था। मणीकोंटा में 15 आदिवासी भाइयों की हत्या की गई थी। इन स्थानों पर पहुँचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसी प्रकार ताड़मेटला में देश के 76 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। 15 अगस्त को वह (स्वयं श्री शर्मा) झीरम घाटी में रहेंगे और शहीदों को नमन कर संदेश देंगे कि जिस नक्सलवाद ने झीरम काण्ड जैसी विभीषिका रची थी, उसका अब पूर्ण अंत हो चुका है।शहीदों की स्मृति में बनेगा भव्य संग्रहालयउप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने घोषणा की कि यात्रा के दौरान जिन-जिन स्थानों पर जवान और स्थानीय निर्दोष नागरिक शहीद हुए हैं, वहाँ से पवित्र मिट्टी एकत्र की जाएगी। इस माटी का उपयोग रायपुर में बनने वाले शहीद स्मारक/संग्रहालय में किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 15 अगस्त को घोषणा करेंगे कि बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण इन्हीं अमर बलिदानियों के नाम पर किया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि इस यात्रा में स्थानीय पुलिस व प्रशासन के अधिकारी, युवा, जनजातीय समाज के प्रमुख, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होकर बस्तर के नए और सुरक्षित भविष्य का संदेश पूरे देश तक पहुँचाएंगे।</description ></item><item><title>विधायक सोनी ने छात्राओं को खिलाई कृमिनाशक दवा, कहा - हर छह माह में कृमिनाशक दवा का सेवन जरूरी</title><link>https://cnin.co.in/विधायक-सोनी-ने-छात्राओं-को-खिलाई-कृमिनाशक/82571</link><description>रायपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ.शासकीय दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सुनील सोनी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री सोनी ने छात्राओं को कृमिनाशक एल्बेन्डाजॉल की गोली खिलाकर अभियान की शुरुआत की।विधायक सुनील सोनी ने बच्चों से स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हर छह माह में कृमिनाशक दवा का सेवन किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा छात्राओं को एल्बेन्डाजॉल दवा के सेवन की सही विधि की जानकारी दी गई। साथ ही अभिभावकों को दवा सेवन के बाद होने वाले सामान्य दुष्प्रभावों एवं आवश्यक सावधानियों के संबंध में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं को कृमिनाशक दवा खिलाई गई।</description ></item><item><title>आईटीआई माना में प्लेसमेंट कैंप आयोजित, 55 प्रशिक्षणार्थियों ने लिया हिस्सा</title><link>https://cnin.co.in/आईटीआई-माना-में-प्लेसमेंट-कैंप-आयोजित,-55/82570</link><description>रायपुर। डीएनवीए इंटरनेशनल कंपनी द्वारा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), माना में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में कुल 55 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। संयुक्त संचालक एवं प्राचार्य श्री पी. ईडपाचे के मार्गदर्शन में आयोजित कैंप में प्लेसमेंट अधिकारी श्री प्रवीण डडसेना एवं श्रीमती नेहा वर्मा की सहभागिता रही।माना, गुंडरदेही, पुसौर, मेघा, गौरेला, डौंडी-लोहारा एवं नारी सहित विभिन्न स्थानों से वेल्डर, फिटर एवं डीजल मैकेनिक ट्रेड के प्रशिक्षणार्थी कैंप में शामिल हुए। साथ ही अनुभवी एवं फ्रेशर अभ्यर्थियों के साथ-साथ डिप्लोमा विद्यार्थियों ने भी चयन प्रक्रिया में भाग लिया। कंपनी के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर, कार्य की प्रकृति एवं आवश्यक योग्यताओं की जानकारी दी। चयन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता एवं तकनीकी दक्षता का आंकलन किया गया।प्लेसमेंट कैंप का उद्देश्य आईटीआई से प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही उद्योगों की आवश्यकतानुसार कुशल मानव संसाधन का चयन करना रहा। कैंप में विभिन्न स्थानों से आए प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।</description ></item><item><title>गणेशोत्सव में नृत्य और शिल्पकला समिति देगी सांस्कृतिक प्रस्तुति</title><link>https://cnin.co.in/गणेशोत्सव-में-नृत्य-और-शिल्पकला-समिति-देगी/82569</link><description>00 महाराष्ट्र मंडल की समिति ने पहली ही बैठक में तय की कार्यक्रम की रूपरेखा, तैयारियां शुरूरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की नृत्य और शिल्पकला समिति गणेशोत्सव 2026 के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें मराठी और सनातन संस्कृति को प्रदर्शित करती नाट्य प्रस्तुति कार्यक्रम की प्राथमिकता होगी। महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते और सहसचिव अजय पोतदार ने समिति के पदाधिकारियों को कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपते हुए पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने को कहा है।नृत्य और शिल्पकला समिति की समन्वयक रचना ठेंगड़ी ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल की इस नई समिति की पहली बैठक में मंडल के सचिव चेतन दंडवते और सहसचिव अजय पोतदार विशेष रूप से उपस्थित थे। महाराष्ट्र मंडल की ओर से आयोजित होने वाले 12 दिवसीय गणेशोत्सव के 11 दिन विविध प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में बच्चों और महिलाओं के लिए सांस्कृतिक मंचीय कार्यक्रम की जिम्मेदारी नृत्य और शिल्प कला समिति को सौंपी गई है।रचना के अनुसार सांस्कृतिक कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा जल्द तैयार की जाएगी। कोशिश होगी कि कार्यक्रम में हर आयुवर्ग के प्रतिभागियों की प्रस्तुतियां हों, ताकि संस्कार से जुड़े संदेश बेहतर तरीके से युवाओं सहित समूचे समाज तक पहुंचे। धार्मिक उत्सव होने के कारण फिल्मी गीतों के चयन पर भी गंभीरता बरती जाएगी। बैठक में सोनाली एम. कुलकर्णी, स्मिता बल्की, अनिता लांगे, वर्षा राऊत, श्रेया टल्लू, शेखर क्षीरसागर, आशा बारेवार उपस्थित रहीं।</description ></item><item><title>रायपुर रेल मंडल में संरक्षा के प्रति सजग रेलकर्मियों को मंडल रेल प्रबंधक दयानंद ने सम्मानित किया</title><link>https://cnin.co.in/रायपुर-रेल-मंडल-में-संरक्षा-के-प्रति-सजग/82568</link><description>रायपुर। रेल परिचालन में संरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सजगता एवं बेहतर संरक्षा कार्य में सहभागिता निभाने वाले 08 रेल संरक्षा के सजग कर्मचारियों का सम्मान मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद ने किया एवं उनके संरक्षा संबंधी कार्यों पर चर्चा की। रेलवे में संरक्षा से रेल परिचालन की अहम भूमिका हैं, प्रत्येक रेल कर्मी के निर्धारित कर्तव्यों की निपुणता एवं सजगता रहने से यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया जाता है एवं निर्बाध रेल परिचालन होता है।मंडल रेल प्रबंधक रायपुर, दयानंद के द्वारा संरक्षा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर संरक्षा कोटि के 8 कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट एवं सराहनीय संरक्षा सबंधी कार्य निष्पादन के लिए सम्मानित किया गया। संरक्षा के लिए सम्मानित रेलकर्मियों में होरीलाल मांडले, टेक. ग्रेड -1/भाटापारा , यशवंत, टेक. ग्रेड -1/रायपुर, चंदन कुमार सिंह, वरिष्ठ गुड्स ट्रेन मैनेजर /बी एम वाई, श्रीमति मंजू सागर, वरिष्ठ गुड्स ट्रेन मैनेजर /बी एम वाई, चमन लाल, पी एम ए /केंद्री, अनिरुद्ध कुमार आरडे, सिग्नल अनुरक्षक, ग्रेड -2/दल्लीराजहरा, अशोक कुमार, ट्रैक मेन्टेनर -1/भिलाई एवं विश्वनाथ नायक, ट्रैक मेन्टेनर -3/भिलाई। इन संरक्षा कोटि के कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने के अवसर पर संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>बधमरा रेलवे गेट अंडरपास पर कल सड़क मार्ग आवागमन रहेगा बंद</title><link>https://cnin.co.in/बधमरा-रेलवे-गेट-अंडरपास-पर-कल-सड़क-मार्ग/82567</link><description>रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल अंतर्गत डीडी-48 बधमरा रेलवे फाटक अंडरपास के पास रेलवे कॉलोनी से वर्षा जल निकासी हेतु आरआरसी ह्यूम पाइप लगाया जाएगा । इस कार्य के दौरान सड़क मार्ग पर आवागमन में असुविधा की संभावना को देखते हुए 12 अगस्त बुधवार को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक उक्त सड़क मार्ग को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा।यह कार्य पड़कीभाट से पाररास बाईपास मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक क्रमांक डीडी-48 बधमरा गेट के पास किया जाएगा। संबंधित सड़क मार्ग बालोद-बधमरा के मध्य किलोमीटर 927/10-11 पर स्थित है। रेलवे प्रशासन द्वारा सड़क मार्ग से आवागमन करने वाले नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि उक्त अवधि में असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें।रेलवे प्रशासन ने इस आवश्यक कार्य के दौरान आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है।</description ></item><item><title>मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति का पुनर्गठन, 1 सितंबर 2026 से 31 अगस्त 2028 तक रहेगा कार्यकाल</title><link>https://cnin.co.in/मंडल-रेल-उपयोगकर्ता-सलाहकार-समिति-का/82566</link><description>रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर मंडल की मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति का वर्तमान कार्यकाल 15 अगस्त 2026 को समाप्त होने जा रहा है। निर्देशानुसार मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति का पुनर्गठन आगामी 02 वर्षों के लिए किया जाना है। नवगठित समिति का कार्यकाल 1 सितंबर 2026 से 31 अगस्त 2028 तक रहेगा।मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति में क्षेत्र के रेल उपयोगकर्ताओं के प्रमुख हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न संगठनों एवं एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाता है। इसी क्रम में रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थानीय चैंबर्स ऑफ कॉमर्स, ट्रेड एवं इंडस्ट्री एसोसिएशन, कृषि संगठनों, उपभोक्ता संरक्षण संगठनों तथा दिव्यांगजनों से संबंधित एसोसिएशनों से अन्य समिति के सदस्य के रूप में नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति का उद्देश्य रेल यात्रियों एवं रेल उपयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं, समस्याओं तथा सुझावों को रेलवे प्रशासन के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत करना तथा यात्री सुविधाओं एवं रेल सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव उपलब्ध कराना है। इच्छुक पात्र संगठन एवं एसोसिएशन अपने प्रतिनिधियों का नामांकन पत्र रायपुर मंडल के वाणिज्य विभाग में निम्नलिखित निरीक्षक/ अधीक्षक के पास प्रस्तुत कर सकते हैं:टी. नाग, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक - 9752877957एल. विद्यासागर, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक - 9752877996जितेंद्र प्रसाद, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक - 9752877962अमृत पाल सिंह, वाणिज्य निरीक्षक - 9835753903कार्यालय अधीक्षक - 9109112644रेल प्रशासन ने संबंधित संगठनों एवं एसोसिएशनों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना नामांकन प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है, ताकि मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति के सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित समयावधि में पूर्ण की जा सके।</description ></item><item><title>महतारी वंदन बनी स्वाभिमान की डोर, राखी से पहले मिला विष्णु भैया का उपहार, महिलाओं के चेहरों पर बिखरी मुस्कान</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-बनी-स्वाभिमान-की-डोर,-राखी-से/82565</link><description>रायपुर। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के वादे का प्रतीक है। इस पावन पर्व से ठीक पहले विष्णु भैय्या की छत्तीसगढ़ सरकार महतारी वंदन योजना ने जिले की हज़ारों महिलाओं के जीवन में स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिठास घोल दी है। योजना के तहत सीधे बैंक खातों में पहुंची राशि बहनों के लिए केवल एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए अपने सामर्थ्य से त्योहार की खुशियां मनाने का सशक्त माध्यम बन गई है।अब किसी के आगे हाथ फैलाने की ज़रूरत नहींधमतरी जिले की मुजगहन निवासी मंजू यादव, धमतरी की शिवानी साहू और पोटियाडीह की मीनाक्षी निर्मलकर के लिए यह योजना उनके आत्मसम्मान का संबल बनी है। मुजगहन की मंजू यादव चेहरे पर बिखरी खुशी के साथ बताती हैं कि इस बार विष्णु भैय्या के भेजे पैसे से रक्षाबंधन पर अपने लिए नई साड़ी खरीदूंगी। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से अपनी छोटी-छोटी ज़रूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। धमतरी की शिवानी साहू अनुभव साझा करते हुए कहती हैं कि पहले बच्चों के लिए त्योहार पर मिठाई या छोटी-मोटी चीज़ें लेने के लिए भी दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी। अब इस राशि से मैं खुद बच्चों के लिए मिठाई और ज़रूरी सामान खरीद रही हूँ। इसी तरह पोटियाडीह की मीनाक्षी निर्मलकर के लिए यह पर्व और भी खास हो गया है। वे कहती हैं, इस बार अपने भाइयों के लिए राखी, मिठाई और उपहार मैं अपने खुद के पैसों से खरीदूँगी। त्योहार से ठीक पहले मिली यह राशि किसी भाई के अनमोल उपहार से कम नहीं है।मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभारलाभार्थी महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना बड़ा भाई बताया। महिलाओं का कहना है कि हर महीने नियमित मिलने वाली इस वित्तीय सहायता से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी अधिक सक्षम महसूस कर रही हैं।महिला सशक्तिकरण का नया दौरमहतारी वंदन योजना राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। नियमित आर्थिक संबल मिलने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं अपनी व्यक्तिगत ज़रूरतों, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्चों और तीज-त्योहारों की तैयारियों को बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के मुहाने पर मिली यह राशि राज्य की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और आर्थिक सुरक्षा का सच्चा उपहार बनकर उभरी है।</description ></item><item><title>गलियों में पानी के बर्तनों का सफर थमा, अब हर सुबह नल की धार से शुरू होती है कहानी</title><link>https://cnin.co.in/गलियों-में-पानी-के-बर्तनों-का-सफर-थमा,-अब-हर/82564</link><description>रायपुर। सुबह के वक्त अब सेवैयाकला की गलियों में पानी का बर्तन लिए महिलाओं की कतारें दिखाई नहीं देतीं। घरों के आंगन में लगे नल खुलते हैं और साफ पानी की धार बहने लगती है। बच्चों के हाथों में अब पानी से भरी बाल्टियां नहीं, स्कूल का बस्ता है। यह बदलाव अचानक नहीं आया। यह उस योजना का परिणाम है, जिसने पानी को सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान और राहत से जोड़ दिया है।महासमुंद के पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत टेका के आश्रित गांव सेवैयाकला ने इस साल जून में हर घर जल का लक्ष्य हासिल कर लिया। जल जीवन मिशन के तहत अब गांव के सभी 185 घरों तक नियमित रूप से नल से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। गांववालों के लिए यह केवल एक सरकारी उपलब्धि नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में आया ऐसा बदलाव है, जिसे वे हर सुबह महसूस करते हैं। गांव की देविका साहू मुस्कराते हुए कहती हैं, पहले पानी लाना ही सबसे बड़ा काम था। गर्मी में तो कई बार आधा दिन इसी में निकल जाता था। अब नल खोलते ही पानी मिल जाता है। समय भी बचता है और चिंता भी खत्म हो गई है। उनकी बात सुनते हुए आसपास खड़ी महिलाएं भी सहमति में सिर हिलाती हैं। गांव में शायद ही कोई ऐसा परिवार हो, जिसकी दिनचर्या इस बदलाव से अछूती रही हो।दरअसल, पानी केवल प्यास बुझाने का साधन नहीं होता। गांवों में यह महिलाओं के श्रम, बच्चों के समय और पूरे परिवार के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। सेवैयाकला में नल से जल पहुंचने के बाद यही बदलाव सबसे स्पष्ट दिखाई देता है। सुबह के जिन घंटों में पहले पानी की जद्दोजहद होती थी, अब वही समय बच्चों की पढ़ाई, खेती-किसानी और घरेलू कामों में लग रहा है। इस बदलाव के पीछे जल जीवन मिशन के तहत 81 लाख 52 हजार रुपए की लागत से तैयार की गई जलापूर्ति व्यवस्था है। गांव में 40 किलोलीटर क्षमता की ऊंची पानी टंकी बनाई गई है। 3825 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है। प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र को भी इसी व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे बच्चों को भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।सरपंच श्रीमती कमली बसंत और सचिव श्रीमती हेमलता साहू के नेतृत्व में योजना को समय पर पूरा किया गया। लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि गांव ने इसे केवल सरकारी योजना मानकर नहीं छोड़ा। इसके संचालन और रखरखाव के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति बनाई गई है। जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन-संधारण के लिए हर परिवार 60 रुपए प्रतिमाह दे रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में भी निर्बाध पानी मिलता रहे। गांव के मिथिलेश बसंत प्रतिदिन तय समय पर पंप संचालन कर पूरे गांव तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।</description ></item><item><title>जिला चिकित्सालय जशपुर में 55 वर्षीय मरीज की जटिल आपातकालीन शल्यक्रिया सफल</title><link>https://cnin.co.in/जिला-चिकित्सालय-जशपुर-में-55-वर्षीय-मरीज-की/82563</link><description>00 आंत्र छिद्र, गंभीर संक्रमण और सेप्टिक शॉक की स्थिति में चिकित्सकों ने बचाई मरीज की जानरायपुर। जिला चिकित्सालय जशपुर में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने गंभीर आंत्र छिद्र, पेरिटोनाइटिस और सेप्टिक शॉक से जूझ रहे 55 वर्षीय मरीज की जटिल आपातकालीन शल्यक्रिया सफलतापूर्वक कर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचे मरीज का जिला स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं, आपातकालीन सर्जरी और गहन चिकित्सा के माध्यम से सफल उपचार किया गया। स्वास्थ्य में पर्याप्त सुधार के बाद मरीज को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं अनुवर्ती जांच की सलाह के साथ अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।मरीज को 25 जुलाई 2026 की रात करीब 9 बजे मल एवं गैस का निष्कासन नहीं होने, तेज पेट दर्द, पेट फूलने और उल्टी की गंभीर शिकायतों के साथ जिला चिकित्सालय के आकस्मिक चिकित्सा विभाग में लाया गया था। चिकित्सकीय परीक्षण एवं आवश्यक जांचों में आंत में छिद्र होने के कारण पेट के अंदर गंभीर संक्रमण की पुष्टि हुई। संक्रमण की गंभीरता के चलते मरीज का रक्तचाप काफी कम हो चुका था और किडनी सहित अन्य महत्वपूर्ण अंगों के प्रभावित होने का खतरा था। मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक उपचार प्रारंभ किया। परीक्षण के बाद आपातकालीन शल्यक्रिया को आवश्यक उपचार विकल्प माना गया। मरीज एवं परिजनों को बीमारी की गंभीरता, शल्यक्रिया, बेहोशी तथा उपचार के दौरान संभावित जोखिमों और जटिलताओं की जानकारी दी गई। परिजनों की सहमति के बाद जिला चिकित्सालय जशपुर में ही तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया।शल्यक्रिया के दौरान मरीज की स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण रही और रक्तचाप कई बार काफी कम हुआ। एनेस्थीसिया एवं सर्जरी टीम ने विशेषज्ञ प्रबंधन के साथ रक्तचाप नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक दवाओं का उपयोग किया। चिकित्सकों ने लगातार मरीज की स्थिति की निगरानी करते हुए आवश्यक उपचारात्मक कदम उठाए और जटिल आपातकालीन शल्यक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। इस चुनौतीपूर्ण उपचार में डॉ. गौरव हरदहा एवं डॉ. भूपेश भगत (सर्जरी), डॉ. आकाश कुजूर (एनेस्थीसिया), डॉ. एस.एल. सिद्धार्थ एवं डॉ. दीपांशु भोय (मेडिसिन) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सर्जरी, एनेस्थीसिया और मेडिसिन विशेषज्ञों ने आपसी समन्वय के साथ मरीज की गंभीर स्थिति का प्रबंधन किया।आईसीयू में सतत निगरानी से स्वास्थ्य में आया सुधारशल्यक्रिया के बाद मरीज को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कर निरंतर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। गंभीर संक्रमण एवं लंबे समय तक निम्न रक्तचाप के कारण कुछ समय तक रक्तचाप बनाए रखने वाली दवाओं की आवश्यकता पड़ी। चिकित्सकों, एनेस्थीसिया टीम, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने निर्धारित उपचार और देखभाल लगातार सुनिश्चित की। उपचार के दौरान मरीज के रक्तचाप में धीरे-धीरे सुधार हुआ और रक्तचाप बनाए रखने वाली दवाओं को क्रमश: बंद कर दिया गया। संक्रमण एवं अन्य संबंधित जटिलताओं का भी सफलतापूर्वक उपचार किया गया। समन्वित उपचार और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप मरीज की सामान्य स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। वर्तमान में मरीज की स्थिति संतोषजनक है और उसे रक्तचाप बढ़ाने वाली किसी दवा की आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य में पर्याप्त सुधार के बाद उसे जिला चिकित्सालय जशपुर से छुट्टी दे दी गई।</description ></item><item><title>1044 आंगनबाड़ी केंद्रों में खेल-खेल में सीख रहे बच्चे, स्कूल शिक्षा की हो रही बेहतर तैयारी</title><link>https://cnin.co.in/1044-आंगनबाड़ी-केंद्रों-में-खेल-खेल-में-सीख-रहे/82562</link><description>00 सशक्त आंगनबाड़ी अभियान से मजबूत हो रही बच्चों की शैक्षणिक नींवरायपुर। सशक्त आंगनबाड़ी अभियान छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और पोषण स्तर को सुधारने की एक पहल है। इसके तहत स्कूलों के शिक्षक सप्ताह में एक दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर 3 से 6 वर्ष के बच्चों को खेल-खेल में अक्षर, गिनती और बालगीत सिखाते हैं। सुकमा जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सशक्त आंगनबाड़ी अभियान के माध्यम से 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को स्कूल शिक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिले की सभी पांच परियोजनाओं में अभियान की गतिविधियां प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं।अभियान के तहत प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक जिले के 1044 आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्ताह में एक दिन एक घंटे तक विशेष शैक्षणिक गतिविधियां कराते हैं। प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक भी आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों को खेल, कहानी, बालगीत, अक्षर ज्ञान, गिनती और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर देते हैं। इससे बच्चों में सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और सहभागिता बढ़ रही है। अभियान का उद्देश्य बच्चों को विद्यालय में प्रवेश से पहले सीखने के लिए तैयार करना और उनकी शैक्षणिक नींव को मजबूत बनाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों के संयुक्त प्रयास से बच्चों के बौद्धिक, भाषायी और रचनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत से 5 बच्चों का चयन किया जाएगा। पंचायत स्तर से चयनित बच्चों में से सेक्टर स्तर पर 5-5 बच्चों का चयन होगा। इसके बाद प्रत्येक परियोजना से 10 उत्कृष्ट बच्चों का चयन जिला स्तरीय मूल्यांकन के लिए किया जाएगा। जिला प्रशासन का मानना है कि यह अभियान बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को सर्वांगीण बाल विकास के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अभियान की सफलता में परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, संकुल समन्वयक, शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सक्रिय योगदान दे रहे हैं।</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिला आर्थिक संबल, रायगढ़ की राशी ने बचत से खरीदी सिलाई मशीन</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-से-महिलाओं-को-मिला-आर्थिक/82561</link><description>रायपुर। महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए केवल नियमित आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढऩे का आधार भी बन रही है। योजना से मिलने वाली राशि का महिलाएं अपनी आवश्यकताओं के साथ-साथ बचत और आजीविका के साधन विकसित करने में भी उपयोग कर रही हैं। इससे महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे परिवार की आर्थिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।रायगढ़ की राशी कँवर ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को नियमित रूप से बचाकर सिलाई मशीन खरीदी। अब यह सिलाई मशीन उनके लिए घरेलू उपयोग की वस्तु भर नहीं है, बल्कि घर से ही काम शुरू कर आय अर्जित करने और आत्मनिर्भर बनने का माध्यम बन गई है। राशी बताती हैं कि उन्होंने योजना की किस्तों को खर्च करने के बजाय धीरे-धीरे बचाया और इसी बचत से सिलाई मशीन खरीदी। इससे उन्हें अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढऩे का अवसर मिला है। राशी कँवर का अनुभव इस बात का उदाहरण है कि नियमित आर्थिक सहायता को योजनाबद्ध तरीके से बचत में बदलकर उसे आय के स्थायी साधन में परिवर्तित किया जा सकता है। सिलाई मशीन के माध्यम से वे अब घर से ही सिलाई का काम कर आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इससे उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ-साथ आत्मविश्वास भी मिला है।राशी कँवर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आगे बढऩे और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर दे रही है। उनके लिए योजना की राशि को बचाकर सिलाई मशीन खरीदना आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</description ></item><item><title>बस्तर तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री शर्मा होंगे शामिल, नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-तिरंगा-यात्रा-में-उपमुख्यमंत्री-शर्मा/82560</link><description>00 महिला बाइकर्स भी होंगी सहभागी, शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि के साथ स्मृति के लिए मिट्टी का होगा संग्रहणरायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित होने वाली यह यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों और ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं गौरव की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा हैयात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोडऩा तथा नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा माध्यम से अब तिरंगा बस्तर के कोने कोने तक फहराया जायेगा और भारत का संविधान भी राज्य के कोने कोने में लागू होने का संदेश सभी को दिया जाएगा।शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का सम्मानतिरंगा यात्रा के दौरान उन स्थानों पर विशेष रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़े नक्सली हमले हुए अथवा व्यापक जनहानि हुई थी। प्रत्येक शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा।आने वाली पीढिय़ां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकेंइस यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक संग्रहित एवं संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए निर्मित किए जाने वाले संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढिय़ां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह पहल शहीदों की स्मृति को भावी पीढिय़ों तक पहुंचाने का भावनात्मक और ऐतिहासिक माध्यम बनेगी।महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारीबस्तर तिरंगा यात्रा में वुमन बाइकर्स रैली की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे और महिला बाइकर्स भी तिरंगा हाथ में लेकर इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी।तीन दिनों में बस्तर के दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी तिरंगा यात्राबस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम होगा। 14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी, जहां यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा।बस्तर की संस्कृति और विकास की झलक भी दिखेगीतिरंगा यात्रा के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।बस्तर की वादियों में होगी शांति की दौड़प्रत्येक जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के मध्य बस्तर शांति दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, शहीद सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।तिरंगा यात्रा बनेगी नए बस्तर की पहचानबस्तर तिरंगा यात्रा 2026 केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहादत को नमन, युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बस्तर की नई पहचान को देश के सामने रखने का अभियान है। तिरंगे के साथ बस्तर के गांवों और उन स्थानों तक पहुंचने वाली यह यात्रा उन इलाकों में विश्वास का संदेश लेकर जाएगी, जहां कभी हिंसा और भय का साया था।</description ></item><item><title>उप मुख्यमंत्री साव ने बहुउद्देशीय मिनी स्टेडियम और इनडोर हॉल का किया लोकार्पण</title><link>https://cnin.co.in/उप-मुख्यमंत्री-साव-ने-बहुउद्देशीय-मिनी/82559</link><description>00 नगरवासियों को मिलेंगी खेल एवं अन्य गतिविधियां संचालित करने की सुविधारायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर में तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर मेलाभाठा के समीप नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का लोकार्पण किया। उन्होंने फुटबॉल को किक कर गोल दागकर खेल मैदान का शुभारंभ किया। श्री साव ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा देश की स्वाधीनता, आत्मनिर्भरता और महान क्रांतिकारियों के अमर बलिदानों का पर्याय है। उनके सपनों को संजोकर व सहेजकर रखने की जिम्मेदारी आप सभी के कंधों पर है।उप मुख्यमंत्री साव ने नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में कहा कि जिन महान देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को वर्षों की गुलामी से आजादी दिलाई, उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। क्रांतिवीरों के बलिदान से मिली आजादी के बाद देश को आत्मनिर्भर, विश्व गुरू और सोने की चिडिय़ा बनाने में निश्चित तौर पर विद्यार्थियों की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम के निर्माण से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को व्यापक सुविधाएं मुहैया होंगी, साथ ही युवक-युवतियों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म भी मिलेगा।साव ने बताया कि हाल ही में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने वेट-लिफ्टिंग में रजत पदक हासिल किया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उम्मीद है कि कांकेर जिले की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं के लिए यह मिनी स्टेडियम एक बेहतर प्लेटफॉर्म साबित होगा। विधायक आशाराम नेताम ने कार्यक्रम में नगरवासियों को बधाई देते हुए खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा नगर को स्वच्छ व सुंदर बनाने की अपील की। कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी तथा नगर पालिका के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक ने भी नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं इनडोर हॉल के लोकार्पण की बधाई देते हुए इसे कांकेर शहर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर भी लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद थे।7 करोड़ की लागत से मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम, 2.40 करोड़ से बना है बहुउद्देशीय इनडोर हॉलकांकेर में लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम तथा 2.40 करोड़ रुपए से बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का निर्माण किया गया है। मिनी स्टेडियम में फुटबॉल ग्राउण्ड, क्रिकेट बॉक्स, बास्केटबॉल ग्राउण्ड, रनिंग ट्रैक सहित विभिन्न खेलों के नेट प्रैक्टिस की सुविधा है। इसी तरह मल्टीपरपज इनडोर हॉल में बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस, कुश्ती सहित अलग-अलग खेलों के इनडोर अभ्यास की सुविधा है। आउटडोर जिम की भी सुविधा यहां है। इसके निर्माण से नगरवासियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक खेल मैदान एवं बेहतर तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</description ></item><item><title>खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में गूंजा देशभक्ति का जज्बा, निकली तिरंगा यात्रा</title><link>https://cnin.co.in/खेलो-इंडिया-स्टेट-सेंटर-ऑफ-एक्सीलेंस-में/82558</link><description>बिलासपुर। हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत बिलासपुर के बहतराई स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। तिरंगा यात्रा में सेंटर के खिलाडिय़ों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। हाथों में तिरंगा लेकर निकले खिलाडिय़ों ने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया।तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के उत्साह से सराबोर नजर आया। खिलाडिय़ों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ तिरंगा लहराते हुए राष्ट्र के प्रति सम्मान और गौरव की भावना व्यक्त की। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और नागरिकों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया। खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य खिलाडिय़ों और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत करना तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना जागृत करना था। आयोजन के माध्यम से हर घर तिरंगा अभियान के संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित किया गया।</description ></item><item><title>धान बेचने की चिंता थी, समाधान घर की चौखट पर मिला</title><link>https://cnin.co.in/धान-बेचने-की-चिंता-थी,-समाधान-घर-की-चौखट-पर/82557</link><description>00 बोगी बाई के लिए घर बना सरकारी सेवा का केंद्र, मौके पर हुआ एग्रीस्टैक पंजीयनबलरामपुर-रामानुजगंज। डिजिटल शासन की सबसे बड़ी सफलता तब मानी जाती है जब तकनीक आम नागरिक के लिए सुविधा बन जाए। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के महादेवपुर गांव में ऐसी ही एक संवेदनशील पहल देखने को मिली, जहां वृद्ध महिला किसान श्रीमती बोगी बाई को एग्रीस्टैक पंजीयन के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। प्रशासनिक टीम स्वयं उनके घर पहुंची और मौके पर ही पंजीयन की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई।उम्र के इस पड़ाव पर खेती ही श्रीमती बोगी बाई की आजीविका का प्रमुख आधार है। उनके खेत में उगने वाला धान पूरे वर्ष की आर्थिक उम्मीद से जुड़ा है। जब उन्हें जानकारी मिली कि एग्रीस्टैक पंजीयन नहीं होने पर डिजिटल क्रॉप सर्वे, धान बिक्री और कृषि से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं के लाभ में कठिनाई आ सकती है, तो स्वाभाविक रूप से चिंता बढ़ गई। डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी और तकनीकी संसाधनों की कमी उनके लिए बड़ी बाधा थी। महादेवपुर निवासी श्रीमती बोगी बाई के पास लगभग 6.87 हेक्टेयर कृषि भूमि है। प्रशासनिक टीम ने उनकी स्थिति को समझते हुए घर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया और एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें डिजिटल कृषि व्यवस्था से जोड़ दिया। जिस प्रक्रिया को लेकर वे चिंतित थीं, उसके पूरा होने के बाद उनके चेहरे पर राहत और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया।कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले में डोर-टू-डोर एग्रीस्टैक पंजीयन अभियान संचालित किया जा रहा है। विशेष रूप से रामानुजगंज अनुभाग में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम गांव-गांव पहुंचकर किसानों का पंजीयन सुनिश्चित कर रही है। महादेवपुर गांव में 159 किसानों की पहचान की गई है, जिनमें से अधिकांश किसानों का पंजीयन पूरा किया जा चुका है। शेष 49 किसानों का पंजीयन भी शीघ्र पूर्ण करने की कार्रवाई जारी है।</description ></item><item><title>जहां मलेरिया था बड़ी चुनौती, वहां बदली तस्वीर, 10 साल में 83 प्रतिशत घटे मामले, अब गांवों में बदल रही लोगों की आदत</title><link>https://cnin.co.in/जहां-मलेरिया-था-बड़ी-चुनौती,-वहां-बदली/82556</link><description>00 बैगा-गुनिया और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने संभाली जागरूकता की कमान, गांवों में बदलने लगा मलेरिया से बचाव का व्यवहाररायपुर। बस्तर में मलेरिया से जंग अब सिर्फ दवा और जांच की नहीं रही। जंगलों के बीच बसे गांवों में मच्छरदानी की आदत, बुखार पर तुरंत जांच और समय पर इलाज का संदेश धीरे-धीरे लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है। कभी मलेरिया के लिए संवेदनशील माने जाने वाले इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी से लडऩे के साथ-साथ लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव को भी अभियान का केंद्र बनाया है। इसी सामूहिक प्रयास का असर है कि पिछले 10 वर्षों में मलेरिया के मामलों में करीब 83 प्रतिशत की कमी आई है।बस्तर की इस तस्वीर को बदलने के पीछे वर्षों से चल रही वह मुहिम है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के साथ लोगों को बीमारी से बचाव का तरीका भी समझाया गया। खासकर संभाग की बड़ी जनजातीय आबादी तक पहुंचने के लिए स्थानीय भाषा, स्थानीय परंपराओं और समुदाय में प्रभाव रखने वाले लोगों को माध्यम बनाया गया। मकसद साफ रहा-मलेरिया से बचाव की बात ऐसी भाषा में कही जाए, जिसे गांव का हर परिवार आसानी से समझ सके और अपनी दिनचर्या में अपना सके।बैगा-गुनिया भी बने जागरूकता की कड़ीइसी सोच के साथ बैगा-गुनिया सिरहा सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। गांवों में जिन लोगों की बात समुदाय सहजता से सुनता है, उन्हें मलेरिया से बचाव के उपायों से जोड़ा जा रहा है। इन सम्मेलनों में स्थानीय भाषा और संवाद शैली के जरिए मच्छरदानी के नियमित उपयोग, बुखार होने पर तत्काल जांच और डॉक्टर से उपचार लेने की जरूरत समझाई जाती है। यह संदेश खास तौर पर इस बात पर केंद्रित है कि बुखार को मामूली समझकर घर पर इंतजार करना भारी पड़ सकता है। समय पर जांच होने से बीमारी की पहचान जल्दी होती है और उपचार शुरू किया जा सकता है। इसी तरह सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल मलेरिया से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी उपाय है।स्वास्थ्य अमला अब मछरदानी के नियमित इस्तेमाल पर भी जोर दे रहा है। मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिनें परिवारों से संपर्क कर यह देख रही हैं कि मच्छरदानी केवल घर में रखी न रहे, बल्कि रात में उसका इस्तेमाल भी हो। मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में बुखार की निगरानी और जांच की व्यवस्था को भी लगातार मजबूत किया गया है। गांवों में लोगों को यह समझाया जा रहा है कि बुखार आने पर घरेलू उपचार के भरोसे रहने के बजाय स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क करें और जांच कराएं। इस तरह बचाव और उपचार दोनों को समुदाय के व्यवहार से जोडऩे की कोशिश की जा रही है।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में मानसून की चाल: कहीं झमाझम तो कहीं इंतजार, प्रदेश में अब तक 658.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-मानसून-की-चाल:-कहीं-झमाझम-तो/82555</link><description>रायपुर। राज्य में मानसून का मिजाज मिला-जुला नजर आ रहा है। शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 11 अगस्त 2026 की स्थिति में प्रदेश भर में औसतन 658.1 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि इस अवधि की 10 वर्षों की औसत बारिश (658.5 मिमी) के लिहाज से 99.9 प्रतिशत है। आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ का मानसून संतुलन की पटरी पर दौड़ रहा है, हालांकि जिलों के धरातल पर तस्वीर काफी अलग है।राज्य के मैदानी इलाकों में बादलों की मेहरबानी बरकरार है, जहां सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला 189.8 प्रतिशत (947.3 मिमी) बारिश के साथ पूरे प्रदेश में अव्वल बना हुआ है। वहीं महासमुंद (140.7 प्रतिशत), नारायणपुर (128.0 प्रतिशत), रायपुर (126.7 प्रतिशत), बलौदाबाजार (124.7 प्रतिशत) और बलरामपुर (124.0 प्रतिशत) जैसे जिलों में भी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी आगे निकल चुका है। इसके अलावा जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, सक्ती, बालोद, मुंगेली, बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी और राजनांदगांव में भी अब तक अच्छी-खासी बारिश दर्ज की जा चुकी है।दूसरी ओर, उत्तरी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में मानसून की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। उत्तर के सरगुजा में औसत की तुलना में अब तक महज 68.7प्रतिशत और जशपुर में 75.4 प्रतिशत ही बारिश हो सकी है, जिससे वहां सूखे जैसी स्थिति की चिंता जताई जा रही है। इसी तरह बस्तर संभाग के सुकमा (68.2 प्रतिशत), कांकेर (69.2 प्रतिशत), बीजापुर (71.7 प्रतिशत), मोहला-मानपुर-अं.चौकी (72.1 प्रतिशत) और बस्तर जिला (74.9 प्रतिशत) भी बारिश के मामले में पिछड़े हुए हैं। वहीं कबीरधाम (83.7 प्रतिशत), कोंडागांव (83.9 प्रतिशत) और बेमेतरा (80.4 प्रतिशत) जैसे जिले किसी तरह सामान्य के करीब बने हुए हैं।बीते 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश में औसतन 5.2 मिमी वर्षा हुई है, जिसमें बिलासपुर (28.9 मिमी), मुंगेली (24.6 मिमी) और बालोद (18.4 मिमी) में अच्छी छीटें पड़ीं, जबकि बस्तर, नारायणपुर और बीजापुर जैसे दक्षिणी जिलों में दिनभर सूखा रहा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में कम वर्षा वाले उत्तरी और दक्षिणी जिलों में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।</description ></item><item><title>इंद्रावती भवन में आईएएस अवनीश शरण करेंगे ध्वजारोहण</title><link>https://cnin.co.in/इंद्रावती-भवन-में-आईएएस-अवनीश-शरण-करेंगे/82554</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विभागाध्यक्ष कार्यालय, इंद्रावती भवन प्रांगण में ध्वजारोहण कार्यक्रम संबंधी परिपत्र जारी किया है। जारी निर्देशानुसार, 15 अगस्त 2026 को प्रात: 8:00 बजे नगर तथा ग्राम निवेश के आयुक्त एवं गृह निर्माण मंडल के अतिरिक्त प्रभार आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने समस्त विभागाध्यक्षों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समारोह में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया है।</description ></item><item><title>पथरीली पहाडिय़ों को हराभरा बनाने की अनोखी पहल, वन विभाग ने 5 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाए 5 हजार पौधे</title><link>https://cnin.co.in/पथरीली-पहाडिय़ों-को-हराभरा-बनाने-की-अनोखी-पहल,/82553</link><description>00 वैज्ञानिक तकनीक से तैयार हो रहा हरित क्षेत्ररायपुर। पथरीली और बंजर पहाडिय़ों को हराभरा बनाने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की है। रायगढ़ वन विभाग ने खरसिया वन परिक्षेत्र के बोतल्दा स्थित कक्ष क्रमांक 1147 में लगभग 5 हेक्टेयर क्षेत्र में 5 हजार पौधों का प्रायोगिक रोपण किया जा रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग कर इस क्षेत्र को हरित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कार्य प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण पाण्डेय के निर्देशन और मुख्य वन संरक्षक श्री मनोज कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।पथरीले क्षेत्र में अपनाई गई विशेष तकनीकवन विभाग ने पहाड़ी क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पौधरोपण की विशेष व्यवस्था की है। ढलान वाले स्थानों पर वर्षाजल के बहाव को रोकने, मिट्टी के कटाव को कम करने और नमी बनाए रखने के लिए कंटूर रेखाओं के अनुसार पत्थरों की मेड़ें बनाई गई हैं। जहां चट्टानों के कारण मिट्टी बहुत कम थी, वहां टिन का घेरा बनाकर उसमें उपयुक्त मिट्टी भरकर पौधे लगाए गए हैं। चट्टानों की दरारों और प्राकृतिक गड्ढों का भी पौधरोपण के लिए उपयोग किया जा रहा है। इससे पौधों की जड़ों को पर्याप्त मिट्टी मिल रही है और उनके जीवित रहने की संभावना बढ़ रही है।स्थल के अनुरूप लगाए गए पौधेइस प्रायोगिक रोपण में पीपल, नीम, बरगद, कुसुम, हल्दू, करंज और कुल्लू जैसी स्थानीय और मिश्रित प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। जैव विविधता और स्थानीय जलवायु को ध्यान में रखते हुए इन प्रजातियों का चयन किया गया है। पौधों को पशुओं से बचाने के लिए फेंसिंग की गई है तथा उन्हें सहारा देने के लिए बांस स्टेकिंग की व्यवस्था भी की गई है।पौधों की नियमित देखभालवन विभाग पौधों के संरक्षण और बेहतर विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसके लिए निंदाई-गुड़ाई, आवश्यकता अनुसार सिंचाई, कीट एवं रोग नियंत्रण और नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है। वन अमला लगातार पौधों की देखभाल में जुटा हुआ है।निरीक्षण के दौरान पीसीसीएफ ने किया पौधरोपणरोपण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण पाण्डेय ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत स्वयं पौधा लगाया और पौधों के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया।पूरे प्रदेश के लिए बन सकता है मॉडलवन विभाग का यह प्रयोग पथरीले और दुर्गम क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसी तकनीक को छत्तीसगढ़ के अन्य पथरीले वन क्षेत्रों में भी अपनाया जाएगा। इससे हरित आवरण बढ़ाने, मृदा एवं जल संरक्षण को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।</description ></item><item><title>उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास एवं नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की</title><link>https://cnin.co.in/उप-मुख्यमंत्री-विजय-शर्मा-ने-पुनर्वास-एवं/82552</link><description>&amp;nbsp;109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण, क्यूआर कोड से मिलेगी शहीदों और घटनाओं की पूरी जानकारीलंबित मामलों के निराकरण के लिए चलेगा विशेष अभियाननक्सल प्रभावितों के पुनर्वास और शहीद परिवारों को सहायता में तेजी लाने के निर्देशरायपुर-नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन सभागार में सोमवार को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं तथा माओवादी गतिविधियों से प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सुविधाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने प्रभावित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, शहीदों के सम्मान में स्मारकों के निर्माण तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति पर उप मुख्यमंत्री ने जताया हर्ष&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;बैठक में नक्सल पीड़ित परिवारों एवं पुनर्वासित युवाओं को मिल रही सहायता और सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति एवं शासकीय सेवा प्रदान किए जाने की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है और उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को भी नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि नक्सल प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित व्यक्तियों और सहायता से संबंधित प्रकरणों की वास्तविक एवं अद्यतन स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके।109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण, क्यूआर कोड से मिलेगी पूरी जानकारी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों एवं दिवंगत नागरिकों की स्मृति में घटना स्थल अथवा संबंधित ग्रामों में बनाए जाने वाले 109 शहीद स्मारकों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन स्मारकों के लिए एक मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक केवल स्मृति स्थल नहीं होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान और नक्सल हिंसा की घटनाओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनेंगे। इन स्मारकों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी लोगों को उपलब्ध हो सकेगी।नक्सल हिंसा में प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने विशेष अभियान&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; उप मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण से अब तक नक्सल हिंसा में हताहत हुए लोगों के ऐसे मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें अब तक प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंचाई जा सकी है। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की पहचान कर विशेष मुहिम चलाने, प्रभावित लोगों से आवेदन प्राप्त करने और पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता एवं राहत का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार शासन की सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रिय होकर लंबित मामलों का निराकरण किया जाए।गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यूएपीए, जनहानि जैसे गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्रता से निराकृत किया जाए। इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं का दल गठित कर सभी प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मामलों में पृथक्करण की प्रक्रिया भी पूर्ण करने को कहा, ताकि प्रत्येक प्रकरण की प्रकृति के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और पात्र पुनर्वासित युवाओं को अनावश्यक रूप से लंबित प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।शहीदों के सम्मान में स्कूल, चौक-चौराहों और भवनों के नामकरण की प्रक्रिया होगी तेज&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति को स्थायी रूप से जीवित रखने के उद्देश्य से स्कूलों, चौक-चौराहों एवं शासकीय भवनों के नामकरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां नामकरण के लिए विभागीय अनुमति आवश्यक है, वहां तत्काल अनुमति प्राप्त कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए और जल्द से जल्द नामकरण पूर्ण कराया जाए।क्षतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन राशि के सभी पात्र मामलों में लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;बैठक में राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में जनहानि के मामलों में मिलने वाली क्षतिपूर्ति तथा घायल जवानों एवं आम नागरिकों को प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को निर्धारित सहायता एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ अनिवार्य रूप से मिले और कोई भी पात्र प्रकरण लंबित न रहे।पुनर्वास केंद्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और भोजन की व्यवस्था पर विशेष जोर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वास केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने सभी पुनर्वास केंद्रों में आवश्यक एवं उपयुक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों में रह रहे लोगों की सुविधाओं और आवश्यकताओं की लगातार निगरानी की जाए तथा किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाए।पुनर्वासित युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वासित युवाओं को दी जाने वाली इनाम राशि में से शेष राशि का भुगतान इस माह के अंत तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने दूसरे राज्यों में शस्त्र त्यागकर छत्तीसगढ़ वापस आ रहे स्थानीय निवासियों को भी पुनर्वास केंद्रों से जोड़ने और उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि वे पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी चर्चा की, जो दूसरे राज्यों के निवासी हैं और अपने गृह राज्य वापस जाना चाहते हैं। उन्होंने संबंधित राज्यों से समन्वय कर ऐसे युवाओं को उनके गृह राज्य भेजने की आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया केवल सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पुनर्वासित लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ग्राम जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर पुनर्वासित लोगों को समाज में ससम्मान स्थान दिलाने, उन्हें सभी पात्र शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तथा आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।इलवद पंचायत योजना के 50 ग्रामों में विकास कार्यों को प्राथमिकता&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 ग्रामों में विकास कार्यों के आबंटन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन ग्रामों के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चयनित सभी ग्रामों में विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर उन्हें प्रारंभ कराया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं एवं विकास कार्यों का लाभ ग्रामीणों को शीघ्र मिल सके।पुनर्वासित युवाओं की नसबंदी खुलवाने के निर्देश&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिनकी नसबंदी कराई गई थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नक्सल प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता, शहीद परिवारों के कल्याण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुनर्वासित युवाओं को सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;बैठक में प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारिक, सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, डीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी नक्सल श्री विवेकानंद सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>सीएम के नवा रायपुर निवास में मनेगी हरेली तिहार</title><link>https://cnin.co.in/सीएम-के-नवा-रायपुर-निवास-में-मनेगी-हरेली/82550</link><description>&amp;nbsp;रायपुर। छत्तीसगढ़ में 12अगस्त को हरेली का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास को पारंपरिक अंदाज में सजाया जा रहा है। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास को ग्रामीण थीम पर सजाया जा रहा है।गांव के मेलों में लगने वाले झूलों को भी सीएम हाउस में लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री निवास में हरेली त्योहार मनाने के लिए पहुंचने वाले नेता और ङ्कढ्ढक्क भी गेड़ी चढ़ते दिखेंगे। नेता-मंत्री, विधायक पारंपरिक झूलों झूलते दिखेंगे।कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों को भी शामिल किया जाएगा। कलाकार छत्तीसगढ़ी लोकगीतों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की संस्कृति की झलक दिखाएंगे। मुख्यमंत्री निवास को भी इसी थीम के मुताबिक सजाया जा रहा है।</description ></item><item><title>मिनीमाता की पुण्यतिथि पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन</title><link>https://cnin.co.in/मिनीमाता-की-पुण्यतिथि-पर-वित्त-मंत्री-ओपी/82549</link><description>&amp;nbsp;रायपुर--छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने नारी सशक्तिकरण की प्रखर आवाज और छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मिनीमाता जी ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाते हुए महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद के रूप में मिनीमाता जी का सार्वजनिक जीवन प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका संघर्ष, सेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पण आज भी समाज को नई दिशा प्रदान करता है।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; श्रीओपी चौधरी ने कहा कि मिनीमाता जी के आदर्शों और विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनका जीवन आने वाली पीढिय़ों को सामाजिक न्याय, समानता और नारी सम्मान के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।</description ></item><item><title>नवा रायपुर में सजेगी लोक-संस्कृति की महफिल</title><link>https://cnin.co.in/नवा-रायपुर-में-सजेगी-लोक-संस्कृति-की-महफिल/82548</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;हरेली और गृह प्रवेश के दोहरे उत्सव में जुटेगा प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व​रायपुर--छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और लोक-परंपरा के प्रतीक पर्व 'हरेली' के पावन अवसर पर नवा रायपुर में एक भव्य और गरिमामय आयोजन होने जा रहा है। राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा द्वारा आयोजित इस विशेष 'हरेली अऊ गृह प्रवेश' कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित शासन और संगठन का शीर्ष नेतृत्व शिरकत करेगा।&amp;nbsp; &amp;nbsp; ​&amp;nbsp; बुधवार 12 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक नवा रायपुर के सेक्टर 24 के एम-12 स्थित आवास परिसर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव व विजय शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की गरिमामयी मौजूदगी रहेगी।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ​छत्तीसगढ़ में हरेली पर्व का विशेष धार्मिक और कृषि महत्व है। इस दिन किसान अपने हल-नागर और कृषि औजारों की पूजा कर अच्छी फसल व राज्य की सुख- समृद्धि की कामना करते हैं। गृह प्रवेश और हरेली के इस दोहरे शुभ अवसर पर मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने प्रदेशवासियों और शुभचिंतकों को सहर्ष 'नेवता' (निमंत्रण) भेजकर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पकवानों और लोक-संस्कृति के इस उल्लास में शामिल होने का आग्रह किया है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>सकारात्मक सोंच लेकर आगे बढ़ें और चुनौतियों का साहस से सामना करें-डॉ. वर्णिका शर्मा</title><link>https://cnin.co.in/सकारात्मक-सोंच-लेकर-आगे-बढ़ें-और-चुनौतियों/82547</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0- डागा कालेज में नवप्रवेशित छात्राओं के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रमरायपुर। श्रीमती प्रमिला गोकुलदास डागा कन्या महाविद्यालय में मंगलवार को नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत के अवसर पर दीक्षारंभ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वर्णिका शर्मा, अध्यक्ष, बाल संरक्षण आयोग तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अजय तिवारी , अध्यक्ष, राष्ट्रीय विद्यालय समिति ने की। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष श्री मदन तालेड़ा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों ने माँ सरस्वती का पूजन कर छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य एवं सफल शैक्षणिक जीवन की मंगलकामना की।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री अजय तिवारी ने नवप्रवेशित छात्राओं को आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के भविष्य की नींव रखने वाला महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने छात्राओं को नियमित रूप से अध्ययन करने, अनुशासनपूर्ण जीवन जीने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्राएँ अपने ज्ञान, संस्कार एवं प्रतिभा के माध्यम से अपने परिवार के साथ-साथ अपने शहर, राज्य और राष्ट्र का नाम गौरवान्वित करें।मुख्य अतिथि डॉ. वर्णिका शर्मा जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्राओं को जीवन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों का साहस एवं धैर्य के साथ सामना करने का संदेश दिया। उन्होंने छात्राओं को जीवन में सदैव सकारात्मक सोच के साथ आगे बढऩे, सही मार्ग का चयन करने तथा अहंकार से दूर रहते हुए प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, विनम्रता, आत्मविश्वास एवं मानवीय मूल्यों के साथ आगे बढऩे से प्राप्त होती है।दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित छात्राओं को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना तथा उन्हें उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक, अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में विशेष उत्साह एवं उमंग देखने को मिली।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ संगीता घई ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम ने नवप्रवेशित छात्राओं के महाविद्यालयीन जीवन के लिए एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायी शुरुआत प्रदान की।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-को-‘GeM-सस्टेनेबल-प्रोक्योरमेंट/82546</link><description>&amp;nbsp;गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से राज्य की खरीदी में एक वर्ष में 113 प्रतिशत की वृद्धि, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डरप्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹130 करोड़ की बचतरायपुर --छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। GeM के एक दशक पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही।राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग तथा इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रदान किया गया है।खुली प्रतिस्पर्धा से ₹130 करोड़ की बचतGeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को ₹130 करोड़ की बचत हुई है। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है।GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य शासन को कुल ₹235 करोड़ की बचत हुई है।खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों एवं तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीदी की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनी रहे।GeM से खरीदी में 113 प्रतिशत की वृद्धिछत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।राज्य शासन द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक साझा एवं पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के सुनियोजित प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिकाधिक शासकीय खरीदी खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई है और प्रत्येक लेन-देन में प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ₹1,800 करोड़ के ऑर्डरGeM के व्यापक उपयोग से शासकीय खरीदी में छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं स्टार्टअप से खरीदी में सर्वाधिक 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।GeM ने उद्यमियों के लिए खोले शासकीय बाजार के द्वार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है।&amp;nbsp; हमारी सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। हम पारदर्शी शासकीय खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों की उच्च स्तरीय बैठक ली</title><link>https://cnin.co.in/मुख्य-सचिव-ने-विभागीय-सचिवों-की-उच्च-स्तरीय/82545</link><description>&amp;nbsp;सेवा निवृत्त होने से पहले ही प्रकरण&amp;nbsp;कर निराकृत करेंमहत्वपूर्ण योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों&amp;nbsp;को दिए आवश्यक निर्देशरायपुर-मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार साधक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मुख्य सचिव ने कहा है कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विभिन्न प्रकरणों के निराकरण उनके सेवा निवृत्त होने से पहले ही तैयार कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सूची विभागावार नियतकालिक अवधि में बनायी जाए। विभागों में रिक्त पदों की सूची एवं बैकलॉक के पदों पर सेटअप बनाकर भर्ती प्रक्रिया पूरी करें। मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में लोक सेवा गारंटी, सूचना के अधिकार, सेवा सेतु, लोक सेवा गारंटी, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी रेगुलेशन, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक में बताया गया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 728 सेवाएं को नोटिफाइड हो चूकी है।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आई-गॉट के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग की जाये। अधिकारी-कर्मचारियों को आई-गॉट के तहत विभाग की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने कहा है। अधिकारी- कर्मचारियों के लिए आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण के कार्ययोजना बनायें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि रिफार्म के तहत अपने-अपने विभागवार जानकारी तैयार करें। आगामी दिनों में रिफार्म उत्सव अभियान का आयोजन होगा।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं सुशासन अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खाद्य विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>संसद में एनडीए-कांग्रेस सांसदों का प्रदर्शन, आमने-सामने आए</title><link>https://cnin.co.in/संसद-में-एनडीए-कांग्रेस-सांसदों-का-प्रदर्शन,/82544</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;नई दिल्ली। संसद परिसर में एनडीए और कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार को एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया। दोनों पक्ष एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। इस विरोधाभास के चलते संसद की कार्यवाही चल नहीं पा रही है। &amp;nbsp;&amp;nbsp;प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और भाजपा सांसद मुकेश दलाल का भी आमना-सामना हुआ। प्रियंका संसद पहुंचकर अपनी गाड़ी से उतरी ही थीं कि भाजपा के सांसद उनके सामने राहुल के खिलाफ नारे लगाने लगे।भाजपा सांसद मुकेश दलाल ने पूछा कि राहुल झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों से क्यों नहीं मिल रहे। प्रियंका मुस्कुराती हुई उनके पास गईं और कहा- वे झारखंड गए हैं। छात्र प्रदर्शनकारियों से मिल भी चुके हैं।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं, आपसी सहयोग से बढ़ेगा व्यापार- राज्यपाल श्री डेका</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-व्यापार-और-उद्योग-के-क्षेत्र/82543</link><description>&amp;nbsp;रायपुरपूर्वाेत्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड कम्युनिटी, दिल्ली-एनसीआर तथा छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल ने आज समन्वयक श्री सुशील अग्रवाल के नेतृत्व में राज्यपाल श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वाेत्तर&amp;nbsp; तथा दिल्ली-एनसीआर के बीच व्यापारिक एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां वनोपज, कृषि एवं फार्मिंग, स्टील, चाय सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार एवं उद्योग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए भी पूर्वाेत्तर राज्यों तथा दिल्ली-एनसीआर में व्यापार एवं उद्योग के विस्तार की भी पर्याप्त संभावनाएं हैं। उन्होंने दोनों क्षेत्रों के चौंबर ऑफ कॉमर्स से आपसी समन्वय बढ़ाकर व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने पर चर्चा की।प्रतिनिधिमंडलों ने आपसी व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने तथा व्यापार एवं उद्योग के नए अवसर विकसित करने के संबंध में अपने विचार साझा किए।इस अवसर पर पूर्वाेत्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड कम्युनिटी, नई दिल्ली-एनसीआर के अध्यक्ष श्री अजय खेमानी, श्री राजेश सोनी, सह-समन्वयक श्री सारंग अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री सतीश थोरानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री ने कुनकुरी में स्व ज्ञानचंद जैन के निवास पहुंचकर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-ने-कुनकुरी-में-स्व-ज्ञानचंद-जैन/82542</link><description>&amp;nbsp;रायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने&amp;nbsp; कुनकुरी विकासखंड में अपने स्कूल के सहपाठी श्री प्रदीप कुमार जैन के निवास पहुंचकर उनके पिता स्वर्गीय श्री ज्ञानचंद जैन के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवार से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की तथा दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीसाबंदी स्वर्गीय शिवबालक साव को दी श्रद्धांजलि</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णुदेव-साय-ने-मीसाबंदी/82541</link><description>&amp;nbsp;लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनके संघर्ष एवं योगदान को किया नमनरायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने&amp;nbsp; कुनकुरी निवासी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदी स्वर्गीय श्री शिवबालक साव के निवास पहुंचकर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री साव के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष, साहस और योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी मौजूद रही। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री शिवबालक साव के पुत्र श्री नारायण प्रसाद साव, श्री रामकुमार साव एवं श्री राधेश्याम साव सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और उनका ढांढस बंधाया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक-संतप्त परिवार को इस कठिन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपातकाल के कठिन दौर में मीसाबंदियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए अनेक कठिनाइयों और यातनाओं का सामना किया। उनका साहस, संघर्ष और त्याग देश के लोकतांत्रिक इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा। मीसाबंदियों ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और वे लोकतंत्र के सच्चे रक्षकों के रूप में सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मीसाबंदियों का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करना हम सभी का दायित्व है।</description ></item><item><title>बगिया में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी आम लोगों की आवाज, समस्याओं के निराकरण के दिए सख्त निर्देश</title><link>https://cnin.co.in/बगिया-में-मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-ने-सुनी/82540</link><description>&amp;nbsp;इलाज, आर्थिक सहायता, शिक्षा, रोजगार और प्रधानमंत्री आवास से जुड़ी मांगें लेकर पहुंचे नागरिकमुख्यमंत्री ने कहा—जनता की समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकतारायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, बगिया में आम नागरिकों से भेंट-मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं। मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे नागरिकों ने इलाज, आर्थिक सहायता, शिक्षा, रोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न विषयों से जुड़ी अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं उनके समक्ष रखीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिकों की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मूल उद्देश्य आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। जनसमस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए नागरिकों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सहजता से उपलब्ध कराया जाए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर दूर-दराज से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय तक पहुंचते हैं, इसलिए उनके प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ शिकायतों के निराकरण की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।:</description ></item><item><title>युवाओं का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तिथियों में बदलाव</title><link>https://cnin.co.in/युवाओं-का-हित-सर्वोपरि:-मुख्यमंत्री--विष्णु/82539</link><description>&amp;nbsp;शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती परीक्षा की तिथियां टकराने से अभ्यर्थियों को हो रही थी परेशानी, मुख्यमंत्री ने लिया त्वरित संज्ञानअब सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा 02, 03 एवं 04 नवम्बर को होगी आयोजितमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा - परीक्षा तिथियों के टकराव से कोई भी पात्र युवा अवसर से वंचित न रहेरायपुर ---मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हुए शिक्षक भर्ती परीक्षा और सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा की तिथियां एक साथ होने से अभ्यर्थियों को हो रही परेशानी का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को परीक्षा तिथियों में आवश्यक बदलाव के निर्देश दिए थे।&amp;nbsp; छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 की संशोधित तिथियां घोषित कर दी हैं।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2024 की प्रारंभिक लिखित परीक्षा का परिणाम 04 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। इसके साथ मुख्य परीक्षा के आयोजन के लिए 24, 25 एवं 26 अक्टूबर 2026 की संभावित तिथियां निर्धारित की गई थीं। इसी दौरान 25 अक्टूबर 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा भी आयोजित होने के कारण दोनों परीक्षाओं की तिथियों में टकराव की स्थिति बन गई थी। इससे दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने किसी एक परीक्षा से वंचित होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी।अभ्यर्थियों की इस व्यावहारिक समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संज्ञान में आने पर उन्होंने तत्काल अधिकारियों को युवाओं के हित में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।&amp;nbsp; छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा की पूर्व निर्धारित तिथियों में परिवर्तन किया गया है। अब सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 का आयोजन 02, 03 एवं 04 नवम्बर 2026 को किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवाओं का हित हमारी सरकार के लिए सर्वोपरि है। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का हर अवसर मिले और केवल परीक्षा तिथियों के टकराव के कारण कोई भी पात्र अभ्यर्थी अवसर से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में प्रशासनिक अथवा परीक्षा कार्यक्रम से जुड़ी किसी व्यावहारिक समस्या के कारण उनके सामने दो अवसरों में से किसी एक को चुनने की विवशता नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील है और उनके भविष्य से जुड़े विषयों पर तत्परता से निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों को पृथक से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करने की सलाह दी है। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों से आयोग की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करने को कहा गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी भर्ती परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य और सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>कोलंबिया में भूकंप से 132 लोगों की मौत, 570 घायल</title><link>https://cnin.co.in/कोलंबिया-में-भूकंप-से-132-लोगों-की-मौत,-570-घायल/82538</link><description>&amp;nbsp;* 86 इमारतें गिरीं, 1500 से ज्यादा घरों को नुकसान&amp;nbsp;&amp;nbsp;कोलंबिया में सोमवार रात को 7.4 तीव्रता का भूकंप आया। अब तक 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।साउथ अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार रात आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से अब तक 132 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा 570 लोगों के घायल होने की खबर है।अधिकारियों के मुताबिक, देशभर में 86 इमारतें ढह गईं, जबकि 1,500 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। 18 स्वास्थ्य केंद्रों और 52 स्कूलों को भी नुकसान हुआ है।इसके अलावा 7 एयरपोर्ट पर काम रोक दिया गया है। पांच शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। राष्ट्रपति ने इमरजेंसी कमेटी की बैठक बुलाकर राहत और बचाव अभियान की निगरानी शुरू कर दी है।</description ></item><item><title>राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सुनीं महिलाओं की समस्याएं</title><link>https://cnin.co.in/राज्य-महिला-आयोग-की-अध्यक्ष-डॉ.-ममता-साहू-ने/82537</link><description>&amp;nbsp;जनसुनवाई में कई मामलों का हुआ निराकरण, भरण-पोषण और महिला सुरक्षा को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देशरायपुर,--छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने आज रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा तथा कार्यस्थल पर शोषण से संबंधित कुल 32 प्रकरणों पर विचार किया गया, जिनमें कई मामलों में दोनों पक्षों की उपस्थिति दर्ज हुई। इस अवसर पर आयोग की सदस्यगण श्रीमती सरला कोसरिया , श्रीमती ओजस्वी मंडावी एवं सुश्री दीपिका सोरी भी उपस्थित रहीं।डॉ. ममता साहू ने सुनवाई के दौरान महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित निराकरण पर जोर दिया। आयोग की समझाइश से एक प्रकरण में 1500 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण राशि देने पर सहमति बनी, जिससे संबंधित महिला को राहत मिली।कार्यस्थल पर महिलाओं के आर्थिक शोषण से जुड़े मामलों को भी आयोग ने गंभीरता से लिया। इस संबंध में डॉ. साहू ने संबंधित महिलाओं को एफआईआर दर्ज कराने तथा कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिक और सेवा क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।जनसुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में आयोग ने आवश्यक कानूनी परामर्श प्रदान करते हुए संबंधित पक्षों को विधिक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी।राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कहा कि आयोग केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित महिलाओं को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा, न्याय और आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</description ></item><item><title>निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नाम-निर्देशन पर रोक</title><link>https://cnin.co.in/निर्वाचित-महिला-प्रतिनिधियों-के-पारिवारिक/82536</link><description>&amp;nbsp;®-- राज्य शासन ने जारी की अधिसूचनारायपुर--राज्य शासन ने नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नाम-निर्देशन पर रोक लगा दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ नगरपालिक (लोकसभा सदस्य या राज्य विधानसभा के सदस्य या राज्य सभा के सदस्य द्वारा प्रतिनिधि के रूप में नाम निर्देशन हेतु अर्हताएँ) नियम, 2022 में संशोधन कर अधिसूचना प्रकाशित की है।छत्तीसगढ़ राजपत्र में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ नगरपालिक नियम, 2022 में नवीन संशोधन के अनुसार किसी भी नगरीय निकाय में, निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के पति, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन अथवा किसी अन्य निकट पारिवारिक, सदस्य या नातेदार को उनके परोक्ष प्रतिनिधि अथवा समन्वयक व्यक्ति के रूप में नाम-निर्दिष्ट अथवा नियुक्त नहीं किया जाएगा। राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह प्रतिबंध सभी नगरीय निकायों में लागू हो गया है।</description ></item><item><title>विश्व आदिवासी दिवस पर विहिप-बजरंग दल ने दिखाई सामाजिक समरसता की मिसाल</title><link>https://cnin.co.in/विश्व-आदिवासी-दिवस-पर-विहिप-बजरंग-दल-ने-दिखाई/82535</link><description>00 समाज प्रमुखों का किया भव्य अभिनंदन, पुष्पवर्षा एवं श्रीफल से किया स्वागतगौरेला-पेंड्रा-मरवाही। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा सामाजिक समरसता, एकता और बंधुत्व की भावना को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय पहल की गई। नगर में आयोजित आदिवासी दिवस के कार्यक्रम एवं रैली में शामिल समाज प्रमुखों, प्रबुद्धजनों, युवाओं एवं मातृशक्ति का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।कार्यकर्ताओं द्वारा नगर के विभिन्न स्थानों पर स्वागत मंच एवं स्वागत केंद्र बनाए गए। यहां रैली में शामिल आदिवासी समाज के समाज प्रमुखों एवं नागरिकों पर पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया।&amp;nbsp;कार्यक्रम के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।</description ></item><item><title>डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 11 अगस्त तक</title><link>https://cnin.co.in/डिप्लोमा-पाठ्यक्रमों-में-प्रवेश-के/82534</link><description>रायपुर। संचालक संचालनालय तकनीकी शिक्षा द्वारा सत्र 2026-27 हेतु संचालित सभी 4 डिप्लोमा पाठ्यक्रमों (1. डिप्लोमा इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर, 2. सी.डी.डी.एम./आईडी, 3. एमओएम / एचएमसीटी, 4. डिप्लोमा इंजीनियरिंग (लेटरल एंट्री) में अभ्यर्थियों के पंजीकरण हेतु निर्धारित अंतिम तिथि को 11 अगस्त 2026 को शाम 06 बजे तक बढ़ाया गया है।आई आई टी के परिणाम घोषित हो चुके हैं, इसलिए आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान करने हेतु पंजीकरण की अवधि बढ़ाई गई है।अतिरिक्त संचालक संचालनालय तकनीकी शिक्षा नवा रायपुर अटल नगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया में अभ्यर्थी की पंजीकरण की अंतिम तिथि में ही परिवर्तन किया गया है। शेष कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया की सभी तिथियाँ एवं कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार यथावत रहेंगे।</description ></item><item><title>महंत कॉलेज में अभिव्यक्ति की आजादी एवं जेन-जी का भविष्य; विषय पर हुई चर्चा</title><link>https://cnin.co.in/महंत-कॉलेज-में-अभिव्यक्ति-की-आजादी-एवं-जेन-जी/82533</link><description>रायपुर। महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के सहयोग से आज प्रदेश के अखबार साथी सन्देश के 14 वें स्थापना दिवस पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. अभिव्यक्ति की आजादी एवं जेन-जी का भविष्य” विषय पर आयोजित इस परिचर्चा में वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज, साहित्यकार डॉ महेंद्र कुमार ठाकुर, स्वराज दास, डॉ माणिक विश्वकर्मा नवरंग, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला, छग राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष केदार गुप्ता, छग हाऊसिंग बोर्ड के चेयरमैन अनुराग सिंहदेव, बीरगांव नगर पालिका के महापौर नंदलाल देवांगन, छग राज्य आन्दोलन के प्रणेता डॉ उदयभान सिंह चौहान, राज्य दिव्यांगजन कल्याण परिषद् के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, कांग्रेस पदाधिकारी डॉ राकेश गुप्ता, महंत कॉलेज के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी, एवं सेंट्रल जीएसटी के अधीक्षक एम राजीव सहित विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि शामिल हुए.&amp;nbsp;</description ></item><item><title>रामकथा सुनने से जन्म-जनमांतर की व्यथा दूर हो जाती है - संत श्री शंभूशरण लाटा महराज</title><link>https://cnin.co.in/रामकथा-सुनने-से-जन्म-जनमांतर-की-व्यथा-दूर-हो/82532</link><description>0- महादेव को पूजने के लिए राम नाम का महामंत्र रोज बोलना पड़ेगा0- आज लोग धर्म को समझना भूल गए है और शरीर पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैरायपुर। कथा में बैठने से भगवान के सामने हाजरी नहीं होती, जब तक हम कथा को अपने भीतर ना उतार लें। सती जी की कथा ने जगत के माता-पिता को सिखाया है कि व्यापार के साथ संसार में कहीं पर भी कुछ मिल जाए तो उसे स्वीकार कर लें, वह तुम्हें फांसी पर नहीं चढ़ा देंगे। लेकिन हमारा अहंकार हमें स्वीकार करने नहीं देता है, इस कारण से हम उसे स्वीकार नहीं कर पाते है। एक बार तुम इसे स्वीकार करके और आजमा कर देखो तुम्हारा भला होता है की नहीं। सतीजी ने आत्महत्या नहीं की बल्कि भगवान शंकर से मौत की कामना की थी। आत्महत्या करना बहुत बड़ा पाप है। हमारा सनातन धर्म और धर्म विज्ञान हमें क्या सिखाता है कि हमें किधर बैठना चाहिए और किधर नहीं। हम जब से कथा कर रहे है हमारे कलाकार हमेशा इधर ही बैठते है, लेकिन एक बार ऐसी घटना घटी कि जब जगतगुरु जी कथा सुन रहे थे तब उनका सिंहासन इन कलाकारों के स्थान पर था और उन्हें दूसरी तरफ बैठना पड़ा था,जिसके चलते मुझे कथा करने में बहुत परेशानी हो रही थी। स्थान बहुत बड़ी बात होती है, लोग कहते है कहीं पर भी बैठ जाओ कुछ नहीं होता है ऐसा नहीं है परेशानी होती ही है।&amp;nbsp;मैक कालेज आडिटोरियम समता कालोनी में श्रीराम कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए दूसरे दिन संत श्री शंभूशरण लाटा महाराज ने बताया कि रामकथा सुनने से जन्म-जनमांतर की व्यथा दूर हो जाती है। संसार में ऐसा कोई व्यक्ति जन्म नहीं लिया है जिसे यह संसार छोड़कर ना जाना पड़े। लेकिन अगर उस व्यक्ति को थोड़ा सा पावर मिल जाए और उसको मद (अहंकार) ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता। ऐसा ही सती जी के पिता महाराज दक्ष को हुआ था। आज आधा संसार इसी में दुखी है कि उसने ऐसा कर दिया और वैसा कर दिया, अगर हम मान लेते तो संसार दुखी नहीं होता। गोस्वामीजी कहते है कि मांगा हुआ दुख आपको छोडऩा पड़ेगा, अगर आपकी मान्यता में दुख बैठा हुआ है तो उसको अभी छोडऩा पड़ेगा, अगर उसे छोड़ दोगे तो फिर से तुम सुखी हो जाओगे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री साय ने हाथ में तिरंगा थामकर किया भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व, कहा - 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधता है तिरंगा</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-साय-ने-हाथ-में-तिरंगा-थामकर-किया/82531</link><description>00 हजारों कदमों के साथ गूंजा राष्ट्र सर्वोपरि का संकल्प00 तिरंगे के रंग में रंगा रायपुर, राष्ट्रध्वज के तले एकजुट हुआ जनसैलाब00 छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों की शौर्यगाथा का किया स्मरण, शहीद वीर नारायण सिंह और गुण्डाधुर को किया नमनरायपुर। हाथों में लहराता तिरंगा, भारत माता के जयघोष, देशभक्ति के गीत और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत हजारों नागरिकों का उत्साह - राजधानी रायपुर आज पूरी तरह तिरंगे के रंग में रंगी नजर आई। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा में हजारों नागरिक राष्ट्रध्वज के तले एकजुट हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं हाथ में तिरंगा थामकर जनसैलाब के साथ कदम से कदम मिलाया। यात्रा में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्कूली विद्यार्थियों द्वारा हाथों में थामा गया लगभग एक किलोमीटर लंबा तिरंगा पूरे आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।तिरंगा यात्रा के शुभारंभ से लेकर समापन तक राजधानी में राष्ट्रभक्ति का अद्भुत वातावरण दिखाई दिया। हजारों हाथों में एक साथ लहराते राष्ट्रीय ध्वज और भारत माता के जयघोष ने पूरे यात्रा मार्ग को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय भी नागरिकों के बीच तिरंगा लेकर आगे बढ़े। इस दौरान नागरिकों में मुख्यमंत्री के साथ चलने और राष्ट्रध्वज के सम्मान में आयोजित इस यात्रा का हिस्सा बनने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। यह केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और असंख्य बलिदानों का प्रतीक है। तिरंगे में देश के 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की अद्भुत शक्ति है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और क्षेत्रों की विविधता के बावजूद तिरंगा हम सभी को भारतीय होने के एक साझा गौरव से जोड़ता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तिरंगा लहराता है तो प्रत्येक भारतीय के मन में स्वाभाविक रूप से राष्ट्र के प्रति गौरव और सम्मान का भाव जागृत होता है। हमारा राष्ट्रीय ध्वज स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और एक सशक्त राष्ट्र के रूप में भारत की यात्रा का साक्षी है। तिरंगा हमें अपने अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर घर तिरंगा अभियान आज एक व्यापक जनअभियान का स्वरूप ले चुका है। इस अभियान ने तिरंगे को घर-घर तक पहुंचाने के साथ राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में पूरे सम्मान और गौरव के साथ तिरंगा फहराने तथा तिरंगा यात्राओं से जुड़कर राष्ट्रीय एकता के इस उत्सव को और भव्य बनाने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में गर्व और सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं, वह स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई है। इसके पीछे लाखों देशवासियों का संघर्ष, त्याग, तपस्या और बलिदान जुड़ा हुआ है। देश के असंख्य वीर सपूतों ने मातृभूमि को पराधीनता की बेडिय़ों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में देश के हर क्षेत्र और समाज के लोगों ने अपना योगदान दिया। किसी ने अपना जीवन समर्पित किया, किसी ने अपना घर-परिवार छोड़ा और अनेक वीरों ने मातृभूमि के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। इन बलिदानों के कारण ही आज हम स्वतंत्रता और लोकतंत्र के गौरव का अनुभव कर पा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी स्वतंत्र भारत में जन्मी और आगे बढ़ रही है। इसलिए उसे यह जानना आवश्यक है कि आजादी कितनी अनमोल है और इसके लिए हमारे पूर्वजों ने कितना बड़ा संघर्ष किया। स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथाओं से परिचित होकर ही नई पीढ़ी स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य को समझ सकेगी। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमें उन सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों के बलिदान का स्मरण कराता है, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। स्वतंत्रता की इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इससे युवाओं के भीतर राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, समर्पण, सेवा और राष्ट्र प्रथम का भाव और अधिक मजबूत होगा।छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों ने स्वतंत्रता संग्राम में लिखी शौर्यगाथामुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों का स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भी वीरों, जननायकों और बलिदानियों की धरती रही है। देश की स्वतंत्रता के लिए हुए संघर्ष में छत्तीसगढ़ के अनेक वीर सपूतों ने अदम्य साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों के हित में आवाज उठाई और अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया। उनका जीवन हमें बताता है कि राष्ट्रप्रेम के साथ जनसेवा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का साहस भी सच्ची देशभक्ति का स्वरूप है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के महान जननायक गुण्डाधुर की शौर्यगाथा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विदेशी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित कर संघर्ष का बिगुल फूंका। बस्तर की धरती ने सदैव अपने स्वाभिमान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। गुण्डाधुर का साहस और नेतृत्व आज भी छत्तीसगढ़वासियों के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर सहित छत्तीसगढ़ के अनेक ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष हमारे गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा है। इन महानायकों की शौर्यगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनके आदर्शों से युवाओं को परिचित कराना हमारा दायित्व है।बदलते बस्तर में शांति और विकास के साथ लहराएगा तिरंगामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर आज हिंसा और भय के लंबे दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और क्षेत्रवासियों के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंची है। उन्होंने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली हिंसा के कारण भय का वातावरण था, वहां अब विकास की नई रोशनी पहुंच रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों का शासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। बस्तर के लोगों की आकांक्षाओं और सपनों को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, विश्वास और नई संभावनाओं से बन रही है। इस वर्ष बस्तर में भी स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा तथा तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। बस्तर के गांवों और दूरस्थ अंचलों में भी तिरंगा पूरे गौरव के साथ लहराएगा।एक किलोमीटर लंबे तिरंगे के साथ आगे बढ़ी नई पीढ़ीतिरंगा यात्रा में स्कूली छात्र-छात्राओं का उत्साह विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने लगभग एक किलोमीटर लंबे तिरंगे को अपने हाथों में थामकर अनुशासित पंक्तियों में यात्रा की। सड़क पर दूर तक फैला विशाल तिरंगा राजधानी में राष्ट्रीय एकता और गौरव की अनुपम छटा बिखेरता दिखाई दिया। यात्रा में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।&amp;nbsp;पुष्पवर्षा से स्वागत, भारत माता के जयघोष से गूंजा रायपुरतिरंगा यात्रा को लेकर राजधानी के नागरिकों में भी विशेष उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह लोगों ने इसका आत्मीय स्वागत किया। कई स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया। लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों से तिरंगा लहराकर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करते नजर आए। यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इसके साथ नागरिकों का उत्साह भी बढ़ता गया। देशभक्ति के गीतों और भारत माता की जय, वंदे मातरम् तथा झंडा ऊंचा रहे हमारा के उद्घोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया। युवाओं के हाथों में लहराते तिरंगे और स्कूली बच्चों के उत्साह ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक चारों ओर तिरंगा ही तिरंगा दिखाई दे रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरी राजधानी ने तीन रंगों की चादर ओढ़ ली हो। हजारों हाथों में एक साथ लहराते तिरंगे और राष्ट्रभक्ति से भरे जयघोष के बीच पूरा रायपुर एक स्वर में यही संदेश देता नजर आया - भारत एक है, भारत श्रेष्ठ है और राष्ट्र सर्वोपरि है।तिरंगा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक : उप मुख्यमंत्री सावउप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि देश स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व मनाने जा रहा है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र हर घर तिरंगा तथा तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है। यह उन स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिनके त्याग और बलिदान के कारण देश को स्वतंत्रता मिली। उन्होंने कहा कि रायपुर के कोने-कोने से बड़ी संख्या में युवा तिरंगा यात्रा में शामिल होने पहुंचे हैं। यह उत्साह बताता है कि देश की नई पीढ़ी के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना कितनी मजबूत है। जिस तिरंगे ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों को एकजुट किया था, आज उसी तिरंगे के सम्मान में पूरा रायपुर एक साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति : उप मुख्यमंत्री शर्माउप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर तिरंगा अभियान ने देशभर में राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की है। जब प्रत्येक घर पर तिरंगा लहराता है तो वह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति प्रत्येक नागरिक के सम्मान, गौरव और संकल्प की अभिव्यक्ति बन जाता है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और हर घर तिरंगा अभियान से उत्साहपूर्वक जुडऩे का आह्वान किया।तिरंगा यात्रा में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</description ></item><item><title>मंत्री राजवाड़े का बड़ा प्रशासनिक निर्णय, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग में सेवानिवृत्ति प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के सख्त निर्देश</title><link>https://cnin.co.in/मंत्री-राजवाड़े-का-बड़ा-प्रशासनिक-निर्णय,/82530</link><description>00 सेवानिवृत्ति के दिन ही मिले सभी स्वत्व देयक और सम्मानजनक विदाई - राजवाड़ेरायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सेवानिवृत्ति प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि शासन की लंबी सेवा देने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कठिनाई का सामना न करें, यह विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रमुख सचिव, संचालक समाज कल्याण तथा संचालक महिला एवं बाल विकास को निर्देशित किया है कि विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रकरणों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति आदेश, पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और अन्य सभी देय स्वत्व देयकों का निराकरण सेवानिवृत्ति तिथि से पूर्व पूर्ण कर लिया जाए, ताकि संबंधित कर्मचारी को उसके सेवानिवृत्ति दिवस पर ही सभी आदेश और भुगतान उपलब्ध हो सकें। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्राय: यह देखा गया है कि कई बार न मांग न जांच प्रमाण पत्र, सेवा सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया में विलंब होने से कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। कुछ मामलों में प्रशासनिक अनुमोदन हेतु प्रकरण देर से प्रस्तुत होने के कारण भुगतान और अन्य लाभ प्रभावित होते हैं। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी स्तरों पर समयबद्ध कार्यसंस्कृति अपनाने के निर्देश दिए।मंत्री ने शासन स्तर पर, विभागाध्यक्ष स्तर और अधीनस्थ कार्यालयों में सेवानिवृत्ति संबंधी कार्यों के लिए चेकलिस्ट आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने को कहा है। प्रत्येक कार्यालय में आगामी सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों की सूची तैयार कर उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि कोई भी प्रकरण लंबित न रहे। श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सेवानिवृत्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कर्मचारी के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसलिए विभागीय अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानजनक विदाई के साथ उनके सभी वैधानिक स्वत्व अधिकार समय पर प्राप्त हों।</description ></item><item><title>बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जागरूकता अभियान : छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा कानूनों, योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं की मिली जानकारी</title><link>https://cnin.co.in/बेटी-बचाओ-बेटी-पढ़ाओ-जागरूकता-अभियान-:-छात्र/82529</link><description>सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में बालिका शिक्षा, महिला सुरक्षा और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सूरजपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कैलाशपुर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं के लिए निबंध प्रतियोगिता, नारा लेखन प्रतियोगिता और वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।जागरूकता सत्र में विशेषज्ञों द्वारा घरेलू हिंसा, महिला उत्पीडऩ, मासिक धर्म स्वच्छता, बाल विवाह के दुष्परिणाम तथा बाल विवाह निषेध कानून की विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) और 1930 (साइबर अपराध हेल्पलाइन) पर संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, महतारी वंदन योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर सहित महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न शासकीय योजनाओं और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों के बीच सूचना पुस्तिकाएं और ब्रोशर भी वितरित किए गए।महिला एवं बाल विकास विभाग के महिला सशक्तिकरण हब से वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ फरजाना तथा जेंडर विशेषज्ञ श्रीमती पूनम राजवाड़े ने बालिकाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता, वित्तीय जागरूकता और आत्मविश्वास के महत्व पर प्रेरक मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती अमृता सिंह, युगल निकुंज, सुषमा खेश सहित समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>हरेली पर भाजपा महिला मोर्चा का प्रदेश कार्यालय में होगा भव्य आयोजन</title><link>https://cnin.co.in/हरेली-पर-भाजपा-महिला-मोर्चा-का-प्रदेश/82528</link><description>00 अध्यक्ष विभा अवस्थी ने तैयारियों को लेकर दिए निर्देशरायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि एवं लोक संस्कृति के प्रतीक प्रथम त्यौहार हरेली को इस वर्ष भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की ओर से प्रदेश स्तर पर भव्य रूप से मनाया जाएगा। 12 अगस्त को प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी ने रविवार को प्रदेश एवं रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में उन्होंने आयोजन को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप गरिमापूर्ण और व्यापक स्वरूप देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री श्रीमती शीतल नायक सहित संगठन के विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी प्रियंका गिरी ने भी बैठक में शामिल होकर आयोजन से जुड़ी तैयारियों एवं प्रचार-प्रसार के संबंध में चर्चा की। प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा कि हरेली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा, लोक आस्था और ग्रामीण जीवन से जुड़ी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ में हरेली को प्रथम त्यौहार के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है। इस दिन किसान कृषि कार्य के प्रथम चरण के पूरा होने के बाद कृषि कार्य में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों, हल-बैल सहित अन्य साधनों की पूजा करते हैं और अच्छी फसल तथा समृद्धि के लिए धरती माता के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।उन्होंने कहा कि हरेली पर्व छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को अपने भीतर समेटे हुए है। इस अवसर पर गांवों में बच्चों और युवाओं में गेड़ी चढऩे की परंपरा देखने को मिलती है। वहीं विभिन्न स्थानों पर नारियल फेंक प्रतियोगिता सहित पारंपरिक खेलों का आयोजन भी किया जाता है। घरों में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों और पारंपरिक पकवानों का निर्माण कर परिवार एवं समाज के लोगों के साथ मिलकर पर्व मनाया जाता है।</description ></item><item><title>सोलर-असिस्टेड यात्री कोच के माध्यम से भारतीय रेल का हरित परिवहन की दिशा में एक और कदम</title><link>https://cnin.co.in/सोलर-असिस्टेड-यात्री-कोच-के-माध्यम-से-भारतीय/82527</link><description>00 पारंपरिक विद्युत उत्पादन पर निर्भरता होगी कमरायपुर/बिलासपुर। हरित रेलवे संचालन की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए, भारतीय रेल ने उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में सोलर-असिस्टेड यात्री कोच विकसित किया है। यह पहल ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी को पारंपरिक रेलवे कोचिंग स्टॉक के साथ एकीकृत करने को दर्शाती है।विद्युत उत्पादन की पारंपरिक पद्धति क्या है?परंपरागत रूप से, आईसीएफ यात्री कोचों में विद्युत शक्ति का उत्पादन कोच के नीचे लगाए गए एक्सल-चालित अल्टरनेटर के माध्यम से किया जाता है। कोच के एक्सल से जुड़े बेल्ट सिस्टम के माध्यम से यांत्रिक रूप से संचालित यह अल्टरनेटर कोच की बैटरी बैंक को चार्ज करता है और प्रकाश व्यवस्था, पंखे तथा मोबाइल चार्जिंग जैसी यात्री सुविधाओं के लिए विद्युत आपूर्ति करता है। यह प्रणाली दशकों से भारतीय रेल के लिए प्रभावी रूप से कार्य कर रही है, हालांकि यह ट्रेन की गति पर निर्भर करती है तथा इसमें यांत्रिक और विद्युत रूपांतरण के दौरान ऊर्जा हानि होती है।सोलर कोच कैसे कार्य करेगा?सोलर-असिस्टेड कोच इस व्यवस्था को और बेहतर बनाता है। कोच की छत पर लगाए गए उच्च दक्षता वाले सोलर फोटोवोल्टिक पैनल सूर्य के प्रकाश से सीधे विद्युत उत्पन्न करते हैं और कोच की बैटरी बैंक की चार्जिंग में अतिरिक्त योगदान देते हैं। दिनभर उपलब्ध सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए यह प्रणाली पारंपरिक एक्सल-चालित विद्युत उत्पादन पर निर्भरता कम करती है और ऊर्जा के बेहतर उपयोग में मदद करती है।पायलट कोच में लगभग 7 किलोवाट-पीक क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाया गया है, जो कोच की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करेगा। ऊर्जा संरक्षण में योगदान के साथ-साथ यह प्रणाली पारंपरिक चार्जिंग व्यवस्था पर पडऩे वाले भार को कम करेगी और ऑनबोर्ड विद्युत सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ाएगी।</description ></item><item><title>राजनांदगांव में 43.61 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन</title><link>https://cnin.co.in/राजनांदगांव-में-43.61-करोड़-के-कार्यों-का/82525</link><description>&amp;nbsp;15.92 करोड़ की लागत से बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा 2000 सीटर ऑडिटोरियमरायपुर. --विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राजनांदगांव शहर में 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रुपए लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 15 करोड़ 92 लाख रूपए की लागत से प्रदेश के सबसे बड़े 2000 सीटर ऑडिटोरियम का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, विद्युतीकरण, पेयजल, मुक्तिधाम उन्नयन एवं सामुदायिक भवन सहित विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम में 15वें वित्त आयोग 12 करोड़ 9 लाख 44 हजार रुपए की लागत से विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली एवं विद्युतीकरण के कार्य किए जाएंगे। अधोसंरचना मद से 11 करोड़ 57 लाख रूपए की लागत से सड़क, नाली, मुक्तिधाम उन्नयन एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य होंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत 1 करोड़ रुपए की लागत से 4 वार्डों में सड़क, नाली एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य तथा 15वें वित्त आयोग से 3 करोड़ 2 लाख 82 हजार रुपए की लागत से विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन विस्तार के कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम में 1000 पौधों का वितरण भी किया गया।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव में बनने वाला 2000 सीटर ऑडिटोरियम शहर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। ऑडिटोरियम में बड़े आयोजनों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही पार्किंग, कॉरिडोर तथा लगभग एक हजार लोगों के एक साथ बैठकर भोजन करने की व्यवस्था भी होगी। यह ऑडिटोरियम राजनांदगांव सहित आसपास के नगरीय क्षेत्रों के लिए भी बड़े आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, प्रकाश व्यवस्था और पाइपलाइन विस्तार सहित 43 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राजनांदगांव के सभी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है। जनप्रतिनिधियों द्वारा रखी जा रही मांगों और प्रस्तावों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जा रही है।&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि आज राजनांदगांव शहर के लिए ऐतिहासिक दिन है। शहर को 43 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पिछले दो वर्षों में राजनांदगांव नगर निगम को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 267 करोड़ रूपए की राशि विकास कार्यों के लिए प्राप्त हुई है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने राजनांदगांववासियों से शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक और नगर निगम मिलकर प्रयास करें तो राजनांदगांव स्वच्छता के क्षेत्र में देश में पहला स्थान प्राप्त कर सकता है।&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री साव ने राजनांदगांव शहर के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की बात कही। उन्होंने बताया कि गांधी चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, नंदई चौक सहित अन्य प्रमुख चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 3 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। उन्होंने रानी सागर एवं बूढ़ा सागर तालाब के पुनर्विकास के लिए 14 करोड़ रूपए की योजना तैयार किए जाने की जानकारी दी। जीई रोड से लखोली कबाड़ी दुकान तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 6 करोड़ 85 लाख रूपए, आरके नगर चौक से डोंगरगांव रोड तक सड़क निर्माण के लिए 6 करोड़ 90 लाख रूपए तथा बायपास कन्हारपुरी से तिरंगा चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 5 करोड़ 50 लाख रूपए की स्वीकृति शीघ्र प्रदान करने की बात कही। इसी प्रकार मोहारा जल संयंत्र के री-मरम्मत कार्य के लिए 4 करोड़ रूपए तथा ढाबा, गौरीनगर और गोकुलनगर में ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए 12 करोड़ 61 लाख रूपए की स्वीकृति शीघ्र प्रदान किए जाने की जानकारी दी।&amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि विकास के साथ स्वच्छता भी शहर की पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखें, कचरा नालियों और सड़कों पर न डालें तथा नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से राजनांदगांव को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में पहला स्थान दिलाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के साथ ही छत्तीसगढ़ के शहरों के समग्र विकास के लिए योजना बनाकर निरंतर कार्य किया जा रहा है।&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि शासन द्वारा राजनांदगांव शहर के विकास कार्यों के लिए 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रूपए की सौगात दी गई है। नगर निगम राजनांदगांव अंतर्गत नालंदा परिसर सहित अन्य विकास कार्य किए जा रहे है। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा जिले के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा परमालकसा से खरसिया तक नई रेल लाईन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही चौथी रेल लाईन भी चालू हो गया है। राजनांदगांव एवं डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन को मॉडल एवं अमृत रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। गौरीनगर एवं स्टेशन पारा के अंडर ब्रिज का निर्माण कार्य दिसम्बर तक पूर्ण हो जाएगा। इसके साथ ही मोतीपुर अंडर ब्रिज का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डोंगरगढ़ से कटघोरा तक नई रेल लाईन की स्वीकृति दी गई है, जिसका जंक्शन डोंगरगढ़ होगा। सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि राजनांदगांव प्रतिभा की भूमि है, श्रम और परिश्रम की भूमि है। जिले की प्रतिभावान खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव ने राष्ट्रमंडल खेल में देश के लिए पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;महापौर श्री मधुसूदन यादव ने कहा कि राजनांदगांव शहर के विकास के लिए 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रूपए की लागत से विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव शहर में 800 सीटर का ऑडिटोरियम उपलब्ध है। इसके साथ ही 15 करोड़ 92 लाख रूपए की लागत से 2000 सीटर का ऑडिटोरियम के लिए भूमिपूजन किया गया है। इस ऑडिटोरियम के बनने से भविष्य में बड़े आयोजन के लिए व्यवस्थित स्थल मिलेगा। राजनांदगांव शहर के सभी 51 वार्डों के संतुलित विकास को दृष्टिगत रखते हुए 15वें वित्त आयोग से 12 करोड़ रूपए एवं 3 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री की घोषणा अंतर्गत वाटर सप्लाई के लिए 1 करोड़ रूपए, अधोसंरचना के लिए 11 करोड़ 57 लाख रूपए के विकास कार्यों के लिए भूमिपूजन किया गया है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री खूबचंद पारख, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री संतोष अग्रवाल, श्री रमेश पटेल, श्री राजेश श्यामकर, श्री राजेन्द्र गोलछा, श्री सौरभ कोठारी, नगर निगम सभापति श्री पारस वर्मा, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का किया शुभारंभ</title><link>https://cnin.co.in/विधानसभा-अध्यक्ष-डॉ.-रमन-सिंह-और-उप/82524</link><description>&amp;nbsp;रायपुर.--विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में जिला बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में अंडर-19 बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता 9 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक आयोजित की जा रही है।&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनांदगांव में प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन होना गर्व की बात है। उन्होंने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, जूडो, कराटे और कुश्ती सहित विभिन्न खेलों में यहां के खिलाड़ी लगातार आगे बढ़ रहे हैं।&amp;nbsp;विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव को खेल नगरी के रूप में और अधिक विकसित करने के लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। खिलाडिय़ों की आवश्यकता के अनुरूप मैदान, कोर्ट, प्रशिक्षण सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर राशि का प्रावधान किया गया है। खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण, कोचिंग और प्रशिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे के लिए बेहतर अवसर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।&amp;nbsp;उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के बच्चे भी खेलों के प्रति उत्साह के साथ मैदानों में पहुंच रहे हैं। सुबह बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी, फुटबॉल और क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों का अभ्यास करते दिखाई देते हैं। यह राजनांदगांव की खेल संस्कृति और यहां की प्रतिभाओं की मजबूत नींव को दर्शाता है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि वे अनुशासन, निरंतर अभ्यास और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजनांदगांव के खिलाड़ी प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सभी खिलाडिय़ों और आयोजकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि राजनांदगांव संस्कारधानी के साथ-साथ अब खेलों की राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। ज्ञानेश्वरी यादव जैसे प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों ने विश्व स्तर पर राजनांदगांव का नाम रोशन किया है और जिले में ऐसी अनेक खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संदेश जो खेलेगा, वही खिलेगा को आत्मसात करते हुए खिलाड़ी पूरी लगन और मेहनत के साथ खेलें, आगे बढ़ें और देश का नाम रोशन करें।&amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद खेल और खिलाडिय़ों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उत्कृष्ट खिलाडिय़ों की लंबित घोषणा को पूरा करते हुए इस वर्ष 156 खिलाडिय़ों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया है, जो सरकार की खेलों और खिलाडिय़ों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास के साथ विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार बड़े आयोजन किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिसका उपयोग खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण और खिलाडिय़ों की सुविधाओं के विकास के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा अधोसंरचना के संबंध में प्रस्ताव दिए जाने पर आवश्यकतानुसार बजट का प्रावधान करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतियोगिता सफल होगी और यहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलकर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करेंगे।&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनांदगांव में वॉलीबॉल, फुटबॉल, हॉकी और बैडमिंटन सहित विभिन्न खेलों में प्रतिभाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के खिलाडिय़ों ने अपनी प्रतिभा के बल पर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उपस्थित खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ें। सांसद श्री पाण्डेय ने दिग्विजय स्टेडियम परिसर में उपलब्ध भवन एवं अन्य संसाधनों का खिलाडिय़ों के हित में बेहतर उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन सहित अन्य खेलों के प्रशिक्षण एवं अभ्यास के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जानी चाहिए, ताकि राजनांदगांव के खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह सिसोदिया, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री रमेश पटेल, श्री राजेश श्यामकर, श्री योगेश बागड़ी और सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारी, कोच, प्रशिक्षक एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>विशेष लेख : छत्तीसगढ़ का लोक-पर्व : हरेली तिहार</title><link>https://cnin.co.in/विशेष-लेख-:-छत्तीसगढ़-का-लोक-पर्व-:-हरेली-तिहार/82523</link><description>&amp;nbsp;धनंजय राठौर,,संयुक्त संचालक, जनसंपर्करायपुर---छत्तीसगढ़ी संस्कृति में लोक-त्योहारों की एक समृद्ध परंपरा रही है, जिसमें प्रकृति, कृषि और जीव-जंतुओं के प्रति गहरा सम्मान झलकता है। इन्हीं त्योहारों में सबसे पहला और प्रमुख त्यौहार है — हरेली तिहार। सावन माह की अमावस्या (हरियाली अमावस्या) को मनाया जाने वाला यह पर्व छत्तीसगढ़ के लोक-जीवन, कृषि परंपरा और पर्यावरण-प्रेम का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की पहचान सिर्फ उसकी प्रकृति नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराएँ भी हैं।छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में पर्व और त्यौहारों की बहुलता है। प्रत्येक माह कोई न कोई त्यौहार यहाँ लोक मानस को अपने रंग में रंग लेता है। ये त्यौहार जहॉं लोक जीवन में हंसी-खुशी के अवसर उपलब्ध कराती हैं, वहीं खेल और मनोरंजन के अनुकूल साबित होते हैं। प्रकति का यह हरापन छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में भी पूरी समाहित है। हरेली, भोजली, जँवारा हो या बसंत पंचमी सभी पर्वों में प्रकृति का मनोरम और इसका अप्रतिम सौंदर्य झलकता है। इस रूप-सौंदर्य में जीवन की चारों अवस्थाओं का उल्लास और उत्साह विविध रंगों में बिखरा हुआ है।शायद ‘हरेली’ का हरापन हमारी परंपराओं में हमारे संस्कारों में और हमारे लोक जीवन में प्राकृतिक हरीतिमा का ज्यादा एहसास कराता है। हरेली का यह हरापन सबके जीवन में बिखरे और निखरे यही कामना है। यह भी कामना है कि भौतिकता की चकाचौंध से परे हमारी खेल परंपराएँ जीवित रहे ताकि माटी से जुड़े ग्रामीणजन शारीरिक और मानसिक दृष्टि से सुदृढ़ रहें। माटी की सोंधी-सोंधी महक हमारे लोक गीतो से आती रहे और खेल परंपरा की यह अविरल धारा निरंतर गतिमान रहे।1. हरेली शब्द का अर्थ और महत्व'हरेली' शब्द 'हरियाली' से बना है। सावन के महीने में जब चारों तरफ़ खेतों और मैदानों में हरी-भरी फसलें और हरियाली लहलहाने लगती है, तब किसान इस पर्व को उल्लासपूर्वक मनाते हैं। इसे छत्तीसगढ़ का पहला तिहार माना जाता है, जहाँ से राज्य के प्रमुख लोक-पर्वों की श्रृंखला शुरू होती है।2. कृषि उपकरणों और पशुधन की पूजाहरेली का दिन मुख्य रूप से कृषकों और कृषि से जुड़े साधनों का धन्यवाद ज्ञापित करने का दिन है:•&amp;nbsp; &amp;nbsp; कृषि यंत्रों की पूजा:- हरेली की जड़ें छत्तीसगढ़ क्षेत्र की कृषि विरासत में गहराई से जुड़ी हुई हैं। यह एक उत्सव होने के साथ-साथ एक आध्यात्मिक भेंट भी है, लोगों के लिए प्रकृति, बारिश और अपने कृषि कार्य को सम्पन्न करने के बाद किसान अपने औजार, हल, फावड़ा, कुदाल, कुदाली, कुम्हड़ी, बिन्धना, बसुला, हथौड़ी, आरी,असिया, पैसुल, छूरा, खुर्पी आदि को धोकर स्वच्छ मिट्टी (मुरमी) का आसन से सजाकर किसान-किसानिन पूजा सामग्री रखकर धुले हुए चांवल आटे से हाथा लगाकर चन्दन, फूल, धुप-दीप व चीला रोटी से भोग लगाकर श्रीफल अर्पित करते हैं एवं भाव विभोर हो प्रार्थना करते हैं - ‘हे बलराम रूपी हल प्रचण्ड शक्ति के प्रतीक धारापति, आपने कंधा के रूप में माता को संवारा एवं सेवा करने में हमारी सहायता की कृषि कार्य बोनी ब्यासी रोपा के होते ही चहूओर हरियाली छाई इसके लिए कोटिशः धन्यवाद आपका कार्य सम्पन्न हुआ विश्राम करे। हमने आपको बड़ा कष्ट दिया, काम लिया, हमें क्षमा करें। आपकी दया हम पर सदैव बनी रहे, इसी प्रकार अन्य औजारों का कार्यानुसार निवेदन करते गेड़ी की पूजा कर शरीर के सामर्थ पैरो की रक्षा की कामना करते हैं।•&amp;nbsp; &amp;nbsp; पशुधन का सत्कार: पशुधन किसानों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत में किसान मिश्रित कृषि प्रणाली अपनाते हैं, जिसमें फसल और पशुधन का संयोजन होता है। छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में लोग कम पढ़े-लिखे और अकुशल होने के कारण अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं।&amp;nbsp; बैल छत्तीसगढ़ कृषि की रीढ़ हैं। किसान, विशेषकर सीमांत और लघु किसान, जुताई, ढुलाई और उत्पादन और इनपुट दोनों के परिवहन के लिए बैलों पर निर्भर रहते हैं।•&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;खेती-किसानी के सच्चे साथी यानी गाय और बैलों की विशेष सेवा की जाती है। उन्हें नहला-धुलाकर आरती उतारी जाती है तथा 'गहूंता' (आटा, नमक और जड़ी-बूटी से बना पौष्टिक मिश्रण) खिलाया जाता है, ताकि वे रोगों से मुक्त रहें। जड़ी बुटियों से तैयार औषधि को गौठान में ले जाकर अन्डी एवं खम्हार के पत्तों में नमक, चावल या गेहूँ के गोला के साथ दवा डाल कर पशुओं को खिलाया जाता है। अरण्ड, खम्हार का पत्ता औषधि है, जो वायुजनित रोगों को दूर करता है। नमक उत्प्रेक्षण का कार्य करता है, चावल या गेहूँ के कारण दवा अधिक असरकारक बन जाती है। इससे पशु धन निरोग हो जाता है यह एक प्रकार टीकाकरण ही है।3. परंपराएं एवं रीति-रिवाज•&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;गेड़ी चढ़ने का आनंद:- इस पर्व में गेंड़ी का काफी महत्व है बांस के मोटे डंडो एवं बांस के पहुये को विशेष विधि से कस कर बांधा जाता है। गेड़ी का उदारण हमें पुराणों में मिलता है। बलदाऊ-कृष्ण अपने सखाओं के साथ गेड़ी चढ़ा करते थे। कृष्ण लीला प्रसंग में इसका उदाहरण मिलता है तथा खेलों का आयोजन भी होते रहे हैं, जिसमें गेड़ी दौड़, पानी पिलाना, एक पैर में खड़े होना, एक पैर में कूदना आदि अनेक खेल का आयोजन प्राचीन काल से अब तक होते आ रहे हैं। बारिश के मौसम में कीचड़ और पानी से भरे रास्तों पर चलने के साधन के रूप में शुरू हुई यह परंपरा आज एक मनोरंजक खेल बन चुकी है।&amp;nbsp;•&amp;nbsp; &amp;nbsp; विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन:-हरेली में गाँव व शहरों में नारियल फेंक प्रतियोगिता भी होती है। सुबह पूजा-अर्चना के बाद गाँव के चौक-चौराहों पर युवाओं की टोली जुटती है और नारियल फेंक प्रतियोगिता का आयोजन की जाती है। नारियल हारने और जीतने का यह सिलसिला देर रात तक चलता है। गाँव-गाँव में गेड़ी दौड़ का आयोजन होता है। कहीं खो-खो तो कहीं फुगड़ी, कहीं बिल्लस, कहीं अत्ती-पत्ती, डंडा पचरंगा खेल का आयोजन होते आ रहे हैं। गाँव का गौठान हो या स्कूल का मैदान, गाँव के बाहर सड़क हो या चौबट्टा लगता है सारे लोग रंग-बिरंगे परिधानों में सजे रहते हैं।•&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;टोटका और सुरक्षा का विधान:- मान्यतानुसार, इस दिन गाँव को बुरी नज़र और रोगों से बचाने के लिए घर के मुख्य दरवाजों पर नीम की पत्तियाँ बांधी जाती हैं। लोहार द्वारा घरों के चौखट पर नीम की शाखाएं और लोहे की कीलें लगाई जाती हैं। स्थानीय मान्यता है कि इससे घर को बुरी शक्तियों और बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। यह प्रथा नीम के ज्ञात औषधीय गुणों और ग्रामीण स्वास्थ्य संबंधी पारंपरिक मान्यताओं में इसकी भूमिका से प्रेरित है।•&amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;हरेली तिहार में बनाए जाने वाले ब्यंजन:- मुख्य रूप से गुड़ के चीला, अईरसा, चौसेला और बोबरा जैसे पारंपरिक पकवान बनाए और बांटे जाते हैं। गुलगुला भजिया, गुड़हा चीला, सोहारी, बड़ा, ठेठरी, खुरमी और बोबरा जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पकवान बनाए जाते हैं। इन व्यंजनों का भोग कृषि औजारों और गोधन को लगाया जाता है। इस दिन छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का विशेष आनंद लिया जाता है।&amp;nbsp;4. सांस्कृतिक और सामाजिक संदेशहरेली तिहार केवल एक धार्मिक या लोक-अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह मानव का प्रकृति के साथ अटूट संबंध दर्शाता है। यह पर्व सिखाता है कि जो प्रकृति और पशुधन हमें जीवन और भोजन देते हैं, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हमारा परम कर्तव्य है।आज के समय में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हरेली पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर और 'छत्तीसगढ़िया क्रांति' के तहत पारंपरिक खेलों (जैसे गेड़ी दौड़) को बढ़ावा देकर इस लोक-सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है।&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>12 अगस्त को एक ही दिन 24 घंटे के भीतर होंगी 3 बड़ी खगोलीय घटनाएं</title><link>https://cnin.co.in/12-अगस्त-को-एक-ही-दिन-24-घंटे-के-भीतर-होंगी-3-बड़ी/82522</link><description>&amp;nbsp;0-सुबह 6 ग्रहों की कतार और दोपहर में दिखेगा सूर्य ग्रहण0-अमावस्या की काली रात में होगी चमकदार उल्कापिंडों की बारिश&amp;nbsp;नई दिल्ली। आगामी 12 अगस्त 2026 का दिन दुनिया भर के अंतरिक्ष प्रेमियों और खगोलविदों के लिए एक यादगार और दुर्लभ अवसर साबित होने वाला है। इस एक ही दिन, मात्र 24 घंटे की समयावधि के भीतर आसमान में तीन अद्भुत खगोलीय घटनाएं एक साथ घटित होंगी। सुबह तड़के छह ग्रहों की एक सीधी रेखा में परेड, दिन में पूर्ण सूर्य ग्रहण और रात के समय टूटे हुए तारों (उल्कापिंडों) की शानदार आतिशबाजी का यह अनोखा त्रिवेणी संयोग दशकों में कभी-कभार ही देखने को मिलता है।0--तड़के दिखेगी 6 ग्रहों की भव्य कतार12 अगस्त को सूर्योदय से करीब आधा से एक घंटे पहले आसमान में एक दुर्लभ दृश्य दिखाई देगा। इस दौरान बुध, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून - ये छह ग्रह एक साथ एक कतार में सजे नजर आएंगे।नंगी आंखों से दृश्य--मंगल, बृहस्पति और शनि ग्रह को बिना किसी विशेष यंत्र के सीधे देखा जा सकेगा।दूरबीन की आवश्यकता--यूरेनस और नेपच्यून को स्पष्ट रूप से देखने के लिए बाइनोक्युलर्स या टेलीस्कोप की मदद लेनी होगी।0--दोपहर में यूरोप में छाएगा अंधेरा--पूर्ण सूर्य ग्रहणदिन के समय एक विशालकाय पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। वर्ष 1999 के बाद यह पहला मौका होगा जब मुख्य यूरोपीय भूभाग से पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।मुख्य मार्ग--यह ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के हिस्सों से होकर गुजरेगा।अवधि-आइसलैंड के समुद्री क्षेत्र में इसका प्रभाव सबसे अधिक समय (लगभग 2 मिनट 18 सेकंड) तक रहेगा।आंशिक प्रभाव-यूरोप के अन्य भागों, कनाडा तथा उत्तरी अमेरिका में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखेगा।सुरक्षा सलाह-वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि बिना प्रमाणित सौर चश्मे के सूरज की ओर सीधे देखना दृष्टि के लिए घातक साबित हो सकता है।0--रात को पर्सिड्स उल्कापिंडों की चमकदार बारिशदिन ढलने के बाद अंतरिक्ष का तीसरा सबसे खूबसूरत नजारा शुरू होगा। पर्सिड उल्का बौछार अपने चरम पर होगी। सूर्य ग्रहण का दिन होने के कारण इस रात अमावस्या रहेगी, जिससे आसमान पूरी तरह से अंधेरा और चंद्रमा की रोशनी से मुक्त रहेगा। अंधेरा अधिक होने के चलते हर घंटे लगभग 100 तक जलते हुए उल्कापिंड (तारे टूटते हुए) साफ तौर पर देखे जा सकेंगे। इन तीनों बड़ी खगोलीय परिघटनाओं का एक ही तिथि पर घटित होना खगोलीय इतिहास की सबसे दुर्लभ घटनाओं में से एक माना जा रहा है।&amp;nbsp;प्रतीकात्मक फोटो</description ></item><item><title>प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से पूरन दास को मिली बड़ी राहत</title><link>https://cnin.co.in/प्रधानमंत्री-सूर्यघर-मुफ्त-बिजली-योजना-से/82521</link><description>00 3 किलोवाट सोलर रूफटॉप प्लांट से बिजली बिल 5000 रू से घटकर 1000 रू से कम, स्वच्छ ऊर्जा को दिया बढ़ावाखैरागढ़। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जिले के लोगों के लिए बिजली खर्च में राहत के साथ स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इसी क्रम में खैरागढ़ जिले के विकासखंड छुईखदान के ग्राम टिकरीपारा निवासी श्री पूरन दास मानिकपुरी ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर सौर ऊर्जा को अपनाया है।बिजली बिल में आई बड़ी कमीश्री पूरन दास मानिकपुरी ने बताया कि सोलर प्लांट स्थापित करने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 5 हजार रुपये आता था। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर रूफटॉप प्लांट लगने के बाद अब उनका बिजली बिल 1 हजार रुपये से भी कम रह गया है। इससे उन्हें हर महीने बिजली खर्च में बड़ी आर्थिक बचत हो रही है।स्वच्छ ऊर्जा से पर्यावरण संरक्षण की ओर कदमसौर ऊर्जा के उपयोग से न केवल बिजली खर्च में कमी आई है, बल्कि श्री मानिकपुरी स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी योगदान दे रहे हैं। घर की छत पर स्थापित 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट उन्हें बिजली की जरूरत पूरी करने में मदद कर रहा है और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम हुई है।दूसरों को भी कर रहे प्रेरितयोजना से मिले लाभ से उत्साहित श्री पूरन दास मानिकपुरी अब अपने आसपास के लोगों को भी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वे लोगों से अपने घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कर बिजली की बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने की अपील कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से श्री पूरन दास मानिकपुरी की यह पहल आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आई है।</description ></item><item><title>पीएमएफई योजना से मिली नई दिशा, कृषि परिवार से निकलकर प्रो. जितेन्द्र ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में बनाई नई पहचान</title><link>https://cnin.co.in/पीएमएफई-योजना-से-मिली-नई-दिशा,-कृषि-परिवार-से/82520</link><description>00 आधुनिक मशीनों से बढ़ा कारोबाररायपुर। खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के ग्राम अतरिया निवासी 35 वर्षीय प्रो. जितेन्द्र कुमार धनकर ने कृषि परिवार से होने के बावजूद स्वरोजगार को अपनाकर फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। बी.एससी. एग्रीकल्चर शिक्षित जितेन्द्र कुमार ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को आधुनिक स्वरूप दिया और सीमित स्तर से शुरू हुए कारोबार को विस्तार की दिशा में आगे बढ़ाया। जितेन्द्र कुमार ने धनकर एंटरप्राइजेज (एमएफजी यूनिट) की शुरुआत 16 मार्च 2022 को की। उनके उद्यम में लीची जूस, मैंगो जूस, ऑरेंज जूस, भेल, मसाला मुरमुरा, चना मिक्स, नमकीन सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों का निर्माण एवं पैकेजिंग किया जाता है।पीएमएफएमई से पहले सीमित था व्यवसाय का दायरापीएमएफएमई योजना से पहले जितेन्द्र कुमार का व्यवसाय मुख्य रूप से मौसमी उत्पादों तक सीमित था। इस दौरान उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये थी और व्यवसाय के विस्तार की संभावनाएं सीमित थीं। इसी दौरान उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र (डीटीआईसी) के माध्यम से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त कर उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और आवश्यक प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।35 प्रतिशत सब्सिडी से मिला व्यवसाय विस्तार का अवसरपीएमएफएमई योजना के अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा, छुईखदान से जितेन्द्र कुमार को 6.30 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इसमें उन्हें 2.45 लाख रुपये की 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिला। इस वित्तीय सहायता से उन्होंने अपने उद्यम में आधुनिक मशीनें स्थापित कीं और उत्पादन, पैकेजिंग तथा ब्रांडिंग को बेहतर बनाने पर काम किया। उद्यम में वीएफएफएस पैकिंग मशीन, एयर कम्प्रेसर, मिक्सर मशीन और ड्रायर मशीन जैसी आधुनिक मशीनों की स्थापना की गई। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी और खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग को भी बेहतर स्वरूप मिला।मौसमी कारोबार से नियमित उत्पादन तक का सफरपीएमएफएमई योजना का लाभ मिलने के बाद धनकर एंटरप्राइजेज के कारोबार में उल्लेखनीय बदलाव आया। पहले जहां व्यवसाय मुख्य रूप से मौसमी उत्पादों पर निर्भर था, वहीं अब नमकीन, मसाला मुरमुरा, चना मिक्स सहित अन्य उत्पादों का नियमित उत्पादन एवं पैकेजिंग किया जा रहा है। आधुनिक मशीनों और बेहतर पैकेजिंग से उत्पादों को स्थानीय बाजार के साथ नए बाजारों तक पहुंचाने में भी मदद मिली। वर्तमान में उद्यम में प्रतिदिन लगभग 2,000 से 2,500 रुपये की बिक्री हो रही है। वहीं उनकी मासिक आय बढ़कर लगभग 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है।5 स्थानीय लोगों को मिला रोजगारजितेन्द्र कुमार की सफलता केवल उनके स्वयं के व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके उद्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। वर्तमान में 5 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। उनका लक्ष्य आने वाले समय में उत्पादन क्षमता का विस्तार कर और अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है।स्थानीय बाजार में बनी धनकर एंटरप्राइजेज की पहचानपीएमएफएमई योजना के सहयोग से जितेन्द्र कुमार ने अपने उद्यम को आधुनिक स्वरूप देने के साथ-साथ धनकर एंटरप्राइजेज ब्रांड की स्थानीय बाजार में पहचान बनाने में सफलता हासिल की है। आधुनिक मशीनरी, बेहतर पैकेजिंग और नियमित उत्पादन ने उनके व्यवसाय को नई दिशा दी है। जितेन्द्र कुमार का लक्ष्य आने वाले समय में अपने ब्रांड को जिले और राज्य स्तर पर स्थापित करना तथा फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपने व्यवसाय का और अधिक विस्तार करना है।आवेदक का संदेशपीएमएफएमई योजना ने मेरे छोटे व्यवसाय को नई दिशा और नई पहचान दी है। आधुनिक मशीनें, बैंक ऋण और 35 प्रतिशत सब्सिडी की सहायता से मैं अपने उद्योग का विस्तार कर पाया। आज मेरा व्यवसाय निरंतर बढ़ रहा है और मैं स्थानीय लोगों को रोजगार भी दे रहा हूं। मेरा संदेश है कि हर युवा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़े।</description ></item><item><title>खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग चला रहा है विशेष सघन निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान</title><link>https://cnin.co.in/खाद्य-एवं-औषधि-प्रशासन-विभाग-चला-रहा-है-विशेष/82519</link><description>00 औषधियों के अवैध भंडारण एवं विक्रय, बिना वैध अनुज्ञप्ति के औषधि कारोबार, प्रतिबंधित एवं नियंत्रित औषधियों के अनियमित विक्रय तथा औषधियों के परिवहन में नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध हो रही हा कार्रवाईरायपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा राज्य भर में औषधि प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, क्रय-विक्रय अभिलेख, बिल/चालान, स्टॉक रजिस्टर, नियंत्रित एवं स्वापक/मन:प्रभावी औषधियों से संबंधित रिकॉर्ड तथा औषधियों के क्रय स्रोत एवं वितरण श्रृंखला की विशेष रूप से जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर औषधियों की जब्ती, नमूना संकलन, कारण बताओ सूचना, प्रशासनिक कार्रवाई तथा अनुज्ञप्ति निलंबन जैसी कार्रवाई की जा रही है।बिलासपुर जिले के ग्राम खमरिया, विकासखंड तखतपुर में बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के औषधियों के भंडारण की सूचना पर औषधि निरीक्षकों की टीम द्वारा कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान 36 प्रकार की औषधियां पाई गईं, जिन्हें जब्त कर प्रकरण तैयार किया गया। जब्त औषधियों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। इसी क्रम में ब्लड डोनेशन कैंप तथा ब्लड सेंटर, तखतपुर का भी निरीक्षण किया गया।जशपुर जिले में प्राप्त शिकायत के आधार पर मां भगवती मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान परिसर में मरीज का उपचार, इंजेक्शन अथवा स्लाइन लगाए जाने जैसी गतिविधियां नहीं पाई गईं, हालांकि औषधि नियमों से संबंधित अनियमितता पाई गई। संबंधित प्रतिष्ठान को कारण बताओ सूचना जारी कर स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। उपलब्ध अभिलेखों एवं स्पष्टीकरण के परीक्षण के उपरांत संबंधित औषधि विक्रय अनुज्ञप्ति को 15 दिवस की अवधि के लिए निलंबित किया गया।कोरबा जिले में औषधि विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में विशेष रूप से एंटीबायोटिक एवं प्रतिबंधित/नियंत्रित औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेखों एवं उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया गया। अनियमितता पाए गए प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कारण बताओ सूचना एवं नियमानुसार आगामी कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।सारंगढ़ जिले में 06 औषधि प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण कर स्वापक एवं मन:प्रभावी औषधियों से संबंधित क्रय-विक्रय दस्तावेज, रजिस्टर एवं अन्य अभिलेखों की जांच की गई। 03 प्रतिष्ठानों में अनियमितता पाए जाने पर अग्रिम कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। मेडिकल स्टोर संचालकों को चिकित्सक की वैध पर्ची एवं आवश्यक अभिलेखों के बिना नियंत्रित औषधियों का विक्रय नहीं करने तथा प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।धमतरी जिले में केमिस्ट एसोसिएशन एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से केमिस्टों को नशीली एवं प्रतिबंधित औषधियों के दुरुपयोग, उनके नियंत्रण एवं रोकथाम तथा वैधानिक प्रावधानों की जानकारी दी गई। केमिस्टों से नियमों का पालन करने एवं नशा मुक्ति अभियान में सहयोग हेतु अपील की गई। उपस्थित सदस्यों ने नशीली औषधियों के दुरुपयोग की रोकथाम एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग का संकल्प लिया।राजनांदगांव जिले के शासकीय विद्यालय हडुवा में औषधि निरीक्षक प्रवीण कुमार चौबे, आस्था वर्मा एवं नवीन बघेल द्वारा विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम, नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं इससे होने वाले सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान कोटपा एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्रवाई भी की गई तथा तंबाकू उत्पादों के नियंत्रण एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई।बिलासपुर में अभियान के दौरान ई-कार्ड के गोदाम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कूरियर के माध्यम से आने-जाने वाली औषधियों तथा उनके ग्राहकों से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं अभिलेख उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया कि औषधियों के ऑनलाइन/कूरियर माध्यम से परिवहन में भी वैध स्रोत, बिल/चालान एवं संबंधित अभिलेखों का संधारण आवश्यक है। विभिन्न जिलों में ट्रांसपोर्टर्स एवं कोरियर सेवा प्रदाताओं के साथ बैठक कर उन्हें वैध परिवहन परमिट, बिक्री बिल, चालान एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने पर ही औषधियों का परिवहन करने हेतु समझाइश दी गई। संदिग्ध, अनधिकृत या बिना दस्तावेज वाली औषधियों के परिवहन की जानकारी तत्काल खाद्य एवं औषधि प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अभियान के अंतर्गत विभिन्न जिलों में औषधि प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के साथ-साथ औषधि नमूनों का संकलन कर गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है। शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण एवं जांच भी की जा रही है।बलौदाबाजार जिले के दामाखेड़ा में निलंबित अनुज्ञप्ति वाले मेडिकल स्टोर को बंद कराकर औषधियों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई तथा आसपास के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 02 औषधि नमूने संकलित किए।विभाग की अपीलखाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी औषधि विक्रेताओं एवं वितरकों से अपील की है कि वे बिना वैध अनुज्ञप्ति औषधियों का भंडारण अथवा विक्रय न करें, केवल अधिकृत स्रोत से औषधियों का क्रय करें तथा प्रत्येक क्रय-विक्रय का विधिवत अभिलेख रखें।स्वापक, मन:प्रभावी एवं अन्य नियंत्रित औषधियों का विक्रय नियमानुसार वैध चिकित्सकीय पर्ची एवं निर्धारित अभिलेखों के आधार पर ही किया जाए। आम नागरिकों से भी अपील है कि औषधियां केवल वैध एवं लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही खरीदें तथा बिना लाइसेंस औषधि भंडारण, अवैध विक्रय, प्रतिबंधित औषधियों के दुरुपयोग अथवा संदिग्ध औषधि परिवहन की जानकारी विभाग को तत्काल दें।</description ></item><item><title>झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज व आंसू गैस के गोले दागे,बैरिकेडिंग तोडऩे की कोशिश</title><link>https://cnin.co.in/झारखंड-में-छात्रों-पर-लाठीचार्ज-व-आंसू-गैस-के/82518</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;रांची -झारखंड के रांची में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में धांधली के खिलाफ हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा के करीब पहुंच गए थे, वहीं, धरना शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। छात्रों की ओर से पानी की बोतल और चप्पलें फेंकी गई हैं। यहां से विधानसभा मुश्किल से 100 मीटर रहा होगा कि सुरक्षागत कारणों से आंसू गैस के गोले छोड़े पानी की बौछार की जिससे अफरा तफरी का माहौल बन गया।&amp;nbsp;बता दें इससे पहले स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने विधानसभा के आस-पास के इलाकों में धारा 163 लागू कर दी है। इसके बावजूद बैरिकेडिंग के आगे छात्र सड़क पर ही बैठ गए हैं। युवाओं का कहना है कि वे पूरी तरह से शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं और उनकी केवल एक ही मांग है- नौकरियों की पूरी व्यवस्था निष्पक्ष और पारदर्शी बनाई जाए।इस अवसर पर हजारों की संख्या में एकत्र हुए अभ्यर्थियों ने झारखंड विधानसभा के घेराव का एलान करते हुए मार्च निकाला। हाथों में अपनी मांगों के पोस्टर और बैनर लहराते हुए छात्र पुलिस की पहली बैरिकेडिंग को तोड़कर नई विधानसभा इमारत की ओर तेजी से आगे बढ़े।</description ></item><item><title>मुख्य सचिव ने बच्चों के लिए स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लेकर यूनिसेफ और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली</title><link>https://cnin.co.in/मुख्य-सचिव-ने-बच्चों-के-लिए-स्वास्थ्य/82517</link><description>00 बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता सेवाओं को मजबूत करने पर जोर00 जिलों में पोषण कार्यक्रमों के विस्तार पर हुई चर्चारायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य में बच्चों के लिए चलाये जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लेकर यूनिसेफ और राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारी की बैठक ली।बैठक में राज्य में बच्चों के लिए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, साफ-सफाई और स्वच्छता सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाये जाने के लिए विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बच्चों में कुपोषण, एनिमिया, विकास में देरी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई है। बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, फोलेट, विटामिन, बी-12 और जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूनिसेफ और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, एनिमिया नियंत्रण, कुपोषण और बाल विवाह जैसी समस्याओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।अधिकारियों और यूनिसेफ की संयुक्त बैठक में बच्चों के कम्यूनिटी मेनेजमेंट का सभी जिलों तक विस्तार करने, विकलांगता वाले बच्चों के माता-पिता को खानपान संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। बैठक में टेक होम राशन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के साथ-साथ घर पर पोष्टिक भोजन और बच्चों को भोजन खिलाने की बेहतर पद्धतियों को बढ़ावा देने के संबंध में जानकारी दी गई। अनाज, दाल, फल्लियों की उपलब्धता ग्राम पंचायत स्तर पर अनाज बैंक की अवधारणा पर भी चर्चा हुई।&amp;nbsp;इसके साथ ही राज्य के किसानों तक विविध एवं पोषक तत्वों से भरपूर फसलों और दालों की पहुंच बढ़ाने के लिए अच्छे बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि राज्य में एंटी-मलेरिया अभियान के चलते मलेरिया के रोगियों में उल्लेखनीय कमी आयी है। बच्चों में एनिमिया की स्थिति के बारे में चर्चा हुई। इसके तहत बस्तर में बच्चों मे एनिमिया से निपटने विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए जा रहे है। मुख्य सचिव ने सभी जिलों में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, जमीन स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और लोगों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए है।बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, आयुक्त समग्र शिक्षा सुश्री किरण कौशल सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।</description ></item><item><title>श्री गुरु ज्वेलर्स की दीवार में सेंध लगाकर 20 किलो चांदी के जेवर और सोने के गहने ले उड़े चोर</title><link>https://cnin.co.in/श्री-गुरु-ज्वेलर्स-की-दीवार-में-सेंध-लगाकर-20/82516</link><description>रायपुर। रावतपुरा कॉलोनी में स्थित श्री गुरु ज्वेलर्स में चोरों ने दुकान की दीवार में सेंध लगाकर अंदर घुसे और करीब 20 किलो चांदी, सोने के जेवर समेत कैश लेकर भाग खड़े हुए। चोरी गए सामान की कीमत 20 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। सूचना मिलते ही टिकरापारा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी खंगाल रही है ताकि चोरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सकें।&amp;nbsp;पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अज्ञात चोरों ने रावतपुरा कॉलोनी स्थित श्री गुरु ज्वेलर्स में रविवार की देर रात पहले दुकान की दीवार तोड़ी और उसमें सेंध लगाकर गड्ढा बनाया। इसके बाद उसी रास्ते से दुकान के अंदर दाखिल हुए और दुकान में रखे चांदी के जेवर, सोने के गहने और नकदी लेकर फरार हो गए। दुकान संचालक को सुबह दुकान खोलने पर चोरी का पता चला। इसके बाद उन्होंने फौरन मामले की जानकारी टिकरापारा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही टिकरापारा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सकें और उन तक जल्द से जल्द पहुंच सकें।</description ></item><item><title>23 वर्षीय विवाहिता के साथ सरोना शराब दुकान व आरडी तिवारी सरकारी स्कूल मैदान में गैंगरेप, तीन आरोपियों सहित एक नाबालिग गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/23-वर्षीय-विवाहिता-के-साथ-सरोना-शराब-दुकान-व/82515</link><description>रायपुर। बिलासपुर के चकरभाठा में रहने वाली 23 वर्षीय विवाहिता के साथ तीन युवकों ने पहले सरोना शराब दुकान के पास नशे में धुत कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठाकर आमापारा स्थित आरडी तिवारी सरकारी स्कूल के मैदान में ले गए और यहां भी आरोपियों ने महिला को शराब पिलाई और खाना खिलाने के बाद उसके साथ दोबारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामले में तीन आरोपियों शिवा, आयुष और दुर्गा के साथ एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया है। मामला डीडी नगर थाना और आजाद चौक थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। इस मामले में आजाद चौक थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि पीडि़ता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को डीडी नगर पुलिस ने हिरासत में लिया है, उनसे पूछताछ की जा रही है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात बिलासपुर की रहने वाली 23 वर्षीय महिला सरोना शराब दुकान के पास एक वाहन शोरूम के नजदीक बैठी थी। इसी दौरान तीन युवक उसके पास पहुंचे और बातचीत शुरू की। कुछ देर बाद तीनों ने वहीं शराब पीना शुरू कर दिया और महिला को भी जबरन शराब पिलाई। महिला के नशे में होने के बाद तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। आरोपियों ने महिला को यह कहकर बहलाया कि यह इलाका ठीक नहीं है और उसे खाना खिलाने के बहाने अपने साथ ले जाने लगे। महिला को बाइक पर बैठाकर आरोपी आमापारा स्थित आरडी तिवारी सरकारी स्कूल के मैदान में पहुंचे। यहां भी कथित तौर पर तीनों ने शराब पी और महिला को शराब पिलाई और उसके साथ दूसरी बार सामूहिक दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गए। एक ही रात में दो अलग-अलग जगहों पर हुई इस वारदात ने राजधानी पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।रविवार सुबह स्कूल के चौकीदार की नजर मैदान में पड़ी इस महिला पर गई। महिला बेहोशी की हालत में पड़ी थी। तत्काल आजाद चौक थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को उपचार के लिए एम्स अस्पताल ले गई। होश में आने के बाद महिला ने पुलिस को पूरी घटना बताई। इसके बाद पुलिस ने सरोना से लेकर आमापारा तक के संभावित रास्तों और इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई और देर शाम तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया। इनमें एक नाबालिग भी बताया गया है। पुलिस ने रायपुर निवासी शिवा, आयुष और दुर्गा के साथ एक नाबालिग को गिरफ्तार किया।&amp;nbsp;पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि वह बिलासपुर के चकरभाठा इलाके की रहने वाली है। करीब तीन साल पहले वह घर से निकलकर महासमुंद के बागबाहरा निवासी एक युवक के साथ शादी कर ली थी। काम के सिलसिले में पति उसे ओडिशा लेकर गया था, लेकिन बाद में कटक में उसे छोड़कर फरार हो गया। करीब दो महीने पहले महिला रायपुर आई थी। यहां छेरीखेड़ी स्थित एक शादी हॉल में मजदूरी कर रही थी। काम खत्म होने के बाद उसे वहां से भी हटा दिया गया। इसके बाद वह रायपुर में लगातार काम की तलाश कर रही थी। आजाद चौक थाना पुलिस ने गैंगरेप की धाराओं में जीरो पर एफआईआर दर्ज की और मामले को आगे की जांच के लिए डीडी नगर थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दिया। फिलहाल डीडी नगर पुलिस मामले की जांच कर रही है।</description ></item><item><title>कुएं में गिरा वन्य प्राणी भालू का शावक, वन विभाग ने सुरक्षित निकालकर छोड़ा जगंल में</title><link>https://cnin.co.in/कुएं-में-गिरा-वन्य-प्राणी-भालू-का-शावक,-वन/82514</link><description>कांकेर। जिले में इन दिनों वन्य प्राणी भालुओं के हमले से हुई जनहानि के बाद भालुओं के बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। हालात ऐसे हैं कि लोग जंगल की ओर जाने से भी कतरा रहे हैं। इसी बीच नरहरपुर वन परिक्षेत्र के कुसुमपानी गांव में भोजन की तलाश में निकला भालू का एक शावक कुएं में गिर गया। सोमवार को इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शावक को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद जंगल में छोड़ दिया।मिली जानकारी के अनुसार भालू का शावक कुसुमपानी गांव के एक कुएं में गिर गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू किया और शावक को सुरक्षित बाहर निकाला। वन विभाग के अनुसार, आशंका है कि भोजन की तलाश में भालुओं का परिवार जंगल से खेतों की ओर आया था। इसी दौरान शावक पानी देखकर कुएं के पास पहुंचा और उसमें गिर गया। रेस्क्यू के दौरान आस-पास भालू के परिवार की मौजूदगी की आशंका के चलते वनकर्मियों ने विशेष सतर्कता बरती। कांकेर जिले में लगातार भालुओं की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से जंगल की ओर अकेले न जाने, सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल विभाग को सूचना देने की अपील की है।</description ></item><item><title>बस्तर दशहरा में राजवाडा परिसर पर मीना बाजार लगाने की अनुमति नही देने, शुरू हुआ हस्थाक्षर अभियान</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-दशहरा-में-राजवाडा-परिसर-पर-मीना-बाजार/82513</link><description>जगदलपुर। बस्तर दशहरा महापर्व के आयोजन का मुख्य केंद्र सिरासार चौक एवं राजमहल परिसर का इलाका इसमें आता है। बस्तर दशहरा के दौरान रोजाना लाखों की संख्या में संपूर्ण बस्तर संभाग सहित प्रदेश, देश एवं विदेश के पर्यटन यहां बस्तर दशहरा को देखने के लिए पहुंचते हैं। इसी दौरान राजवाड़ा परिसर में करोड़ो के काले कारोबार का मुख्य केंद्र मीना बाजार लगाने की अनुमति राज परिवार के सदस्य कमलचंद्र भंजदेव के द्वारा देकर करोड़ो के काले कारोबार में शामिल होकर राजवाड़ा परिसर को नीलम कर दिया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है, कि इसके लिए निगम से लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन भी इस काले कारोबार के हिस्सेदार हैं । जिसके एवज में निगम के द्वारा सफाई, प्रशासन के द्वारा पुलिस सहायता केंद्र के माध्यम से संरक्षण प्रदान कर मीना बाजार लगवाया जाता है। इसके विरोध में इन दोनों चार वार्ड के वार्ड वासियों के द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाकर मीना बाजार लगाने की अनुमति नहीं नहीं दिए जाने का अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही इस संबंध का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंप जाएगा। इसके बावजूद भी यदि राजमहल परिसर में मीना बाजार लगाने की अनुमति दी जाती है, तो इसका चार वार्ड के वार्डवासी राज परिवार के सदस्य कमल चंद्र भंजदेव सहित निगम एवं जिला प्रशासन का पुरजोर विरोध करेंगे ।हस्ताक्षरित ज्ञापन में जिला प्रशासन से निवेदन किया गया है, कि बस्तर दशहरा महापर्व के दौरान राजवाड़ा परिसर में मीना बाजार लगाने की अनुमति प्रदान नहीं किया जाए इसके स्थान पर वैकल्पिक स्थान पर मीना बाजार आयोजित करने हेतु निर्देशित किया जाए, एवं करोड़ो के इस काले कारोबार से नियमानुसार राजस्व की वसूली कर जहां पर्याप्त पार्किंग हेतु स्थान हो उक्त स्थान पर लगाने की व्यवस्था करवाया जावे । यदि राजवाड़ा परिसर में मीना बाजार लगाने की अनुमति दी जाती है, तो चारों वार्डों के समस्त निवासी आंदोलन करने हेतु विवश होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।&amp;nbsp;ज्ञापन में कहा गया है कि बस्तर दशहरा महापर्व के दौरान प्रतिवर्ष राजवाडा परिसर में मीना बाजार लगाया जाता है। वहीं दूसरी ओर आस-पास के वार्डवासियों के लिए गंभीर समस्या का कारण बनता जा रहा है। राजवाड़ा परिसर से लगे शिवमंदिर वार्ड, भैरमदेव वार्ड, विजय वार्ड एवं सुभाष वार्ड के निवासियों को मीना बाजार के दौरान अव्यवस्थित पार्किंग एवं अनियंत्रित यातायात के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मीना बाजार में लाखों की संख्या में आने वाले लोगों द्वारा वाहनों को घरों के सामने एवं संकरी गलियों में खड़ा कर दिया जाता है, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। इस कारण वार्डवासियों का घर से निकलना तक कठिन हो जाता है, तथा दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित होता है। इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासन एवं मीना बाजार संचालकों को अवगत कराया गया था।गौरतलब है कि जगदलपुर नगर निगम के द्वारा भी इसकी अनुमति यह कहकर दे दिया जाता है की जिला प्रशासन के द्वारा मीना बाजार लगाने की अनुमति दी गई है, हमारे द्वारा नहीं दी गई। इतना ही नहीं मीना बाजार लगाने के लिए प्रशासन एवं पुलिस सारे नियम कायदे कानून को ताक में रखकर बाकायदा मीना बाजार में पुलिस सहायता केंद्र स्थापित कर मीना बाजार को पूरा संरक्षण प्रदान किया जाता है। इतना ही नही सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधि बकायदा इसके उद्धाटन कर अपने संरक्षण का खुला एलान करते रहे हैं। यह कहना गलत नही होगा कि निगम क्षेत्र के अंर्तगत लगाये जाने वाले राजवाड़ा परिसर में करोड़ो के काले कारोबार में निगम प्रशासन से लेकर सत्तारूढ़ दल के तमाम जनप्रतिनिधियों सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को इसका संरक्षण प्राप्त है। सीधे एवं सरल शब्दों इसे यह कहा जा सकता है कि बस्तर दशहरा महापर्व के दौरान राजवाड़ा परिसर में करोड़ो के इस काले कारोबार के सभी हिस्सेदार है।</description ></item><item><title>मेडिकल कॉलेज के हार्ट-चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग का एक और कीर्तिमान, 20 दिन में किये फेफड़े की 9 लोबेक्टॉमी सर्जरी </title><link>https://cnin.co.in/मेडिकल-कॉलेज-के-हार्ट-चेस्ट-और-वैस्कुलर/82512</link><description>00 इस तरह दो महीने में फेफड़े की कुल 13 लोबेक्टॉमी सर्जरी00 सर्जरी में 15 साल के बच्चे के फेफड़े की लोबेक्टोमी सर्जरी भी हुई जिसमें मरीज को बायें फेफड़े के ऊपरी लोब में था एस्परजि़लोमा नमक फंगस का संक्रमण00 अब तक के सबसे कम उम्र का मरीज जिसके फेफड़े की लोबेक्टमी सर्जरी की गई00 इस ऑपरेशन में शामिल मरीजों की उम्र 15 साल से लेकर 70 साल तकरायपुर। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के हार्ट-चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने फेफड़ों की जटिल सर्जरी के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए मात्र 20 दिनों में 9 तथा इस संख्या को मिलाकर पिछले दो महीनों में कुल 13 लोबेक्टॉमी (फेफड़े के संक्रमित हिस्से को निकालने की सर्जरी) सफलतापूर्वक कर मरीजों को नया जीवन दिया है। इनमें दो आपातकालीन सर्जरी ऐसे मरीजों की की गई, जिन्हें खांसी के साथ अत्यधिक रक्तस्राव (हेमोप्टाइसिस) हो रहा था। आधुनिक तकनीक और एडवांस्ड लंग स्टेपलर की सहायता से की गई इन जटिल सर्जरियों ने न केवल संस्थान की विशेषज्ञता को सिद्ध किया है, बल्कि छत्तीसगढ़ में फेफड़ों की सर्जरी के क्षेत्र में अम्बेडकर अस्पताल को अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित किया है।हार्ट-चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू के अनुसार, फेफड़े की लोबेक्टॉमी सर्जरी का मतलब यह होता है कि इसमें मरीज के क्षतिग्रस्त फेफड़े के एक हिस्से को निकाल दिया जाता है। यह सर्जरी अत्यंत ही जटिल सर्जरी होती है। यह सर्जरी इस संस्थान में अत्याधुनिक तकनीक से किया जाता है जिसमें एडवांस्ड लंग स्टैपलर का उपयोग किया जाता है, जिससे भविष्य में इस सर्जरी से होने वाले कॉम्प्लिकेशन जैसे कि ब्रोन्कोप्लूरल फिस्टुला बनने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है। छत्तीसगढ़ के किसी भी प्राइवेट या सरकारी संस्थान की तुलना में इस संस्थान द्वारा इतने कम समय में इतना ज्यादा लोबेक्टॉमी सर्जरी (फेफड़े की लोबेक्टॉमी सर्जरी) किया जाना इस संस्थान के लिए एक कीर्तिमान है और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है।छत्तीसगढ़ में लोबेक्टॉमी (फेफड़े की) सर्जरी का प्रमुख कारण फेफड़े में एस्परजिलोमा एवं ब्रोन्किएक्टैसिस है। यह एस्परजिलोमा एक फंगस एस्परजिलस नाइजर से होता है। यह इन्फेक्शन फेफड़े के टी.बी. वाले मरीजों या ऐसे मरीजों को होता है, जिनकी इम्युनिटी बहुत ही कम हो जाती है।एस्परजिलोमा सामान्यत: दायें फेफड़े के ऊपरी लोब (भाग) में सबसे अधिक होता है, क्योंकि यहाँ पर टीबी के बैक्टीरिया एवं एस्परजिलोमा के फंगस को बहुत ही अच्छा वातावरण मिलता है। ब्रोन्किएक्टैसिस भी फेफड़े के टी.बी. संक्रमण के बाद होने वाली सबसे सामान्य बीमारी है, जिसमें फेफड़े के अंदर छोटे-छोटे कैविटी (गुहा) बन जाती हैं एवं इसमें संक्रमण होने के बाद मरीजों को खांसी के समय खून निकलता है। वैस्कुलर मालफॉर्मेशन एवं लंग एब्सिस में फेफड़े में बड़ा कैविटी बन जाने से खांसी में खून आने का सबसे बड़ा कारण है। वैस्कुलर मालफॉर्मेशन एवं फेफड़े का कैंसर भी थूक या बलगम में खून आने का सबसे बड़ा कारण है। एवं ऐसी स्थिति जिसमें फेफड़े का कैंसर अपनी प्रारंभिक अवस्था में हो तो लोबेक्टॉमी ऑपरेशन से इस बीमारी (कैंसर) से पूर्णत: निजात पाया जा सकता है।पूरे छ.ग. में फेफड़े की सर्वाधिक सर्जरी इसी हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में होती है, जिसमें प्रमुख रूप से फेफड़े का डिकॉर्टिकेशन सर्जरी, लोबेक्टॉमी, सेगमेंटेक्टॉमी एवं न्यूमोनेक्टॉमी जिसमें एक तरफ के दायें या बायें फेफड़े को पूर्णत: निकाल दिया जाता है, इत्यादि।सामान्यत: इस संस्थान में साल में 15 से 20 लोबेक्टॉमी सर्जरी होती है। यही नहीं यहाँ पर फेफड़े की सर्जरी कराने के लिए सिर्फ छ.ग. से ही नहीं बल्कि अन्य पड़ोसी राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, उड़ीस , म.प्र. एवं उ.प्र. के भी मरीज आते हैं। जो इस संस्थान के लिए गौरव का विषय है। ये सभी ऑपरेशन आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किया जाता है। अभी भी हमारे विभाग में लोबेक्टॉमी सर्जरी के लिए कुछ मरीज प्रतीक्षारत हैं।क्या होती है लोबेक्टॉमी सर्जरी:हमारे शरीर में फेफड़े के दो हिस्से होते हैं, जिसे दायां एवं बायां फेफड़ा कहा जाता है। बायां फेफड़ा दो लोब (भाग) से मिलकर बनता है, जिसको अपर लोब और लोअर लोब कहा जाता है। उसी प्रकार दायें फेफड़े में तीन लोब होते हैं: अपर लोब, मिडिल लोब एवं लोअर लोब। यदि फेफड़े को कोई बीमारी जैसे कि एस्परजिलोमा, ब्रोन्किएक्टैसिस या लंग ट्यूमर किसी एक भाग या लोब तक सीमित होती है तो उस स्थिति में उस भाग को ऑपरेशन द्वारा निकाल दिया जाता है, जिसको मेडिकल भाषा में लोबेक्टॉमी कहा जाता है। इसमें दायें या बायें छाती में चीरा लगाकर संक्रमित फेफड़े को अन्य भागों से अलग किया जाता है एवं विशेष तकनीक एवं लंग स्टेपलर की सहायता से संक्रमित लोब को निकाला जाता है। आधुनिक स्टेपलर प्रयोग करने से फेफड़े के ऑपरेशन के बाद होने वाले कॉम्प्लिकेशन जैसे कि ब्रोन्कोप्लूरलफिस्टुला में बहुत ही कमी आ जाती है। सामान्यत: 6-8 दिनों बाद मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया जाता है।</description ></item><item><title>विष्णु सरकार ने बढ़ाया किसानों का मान-खेती किसानी को मिला नया संबल</title><link>https://cnin.co.in/विष्णु-सरकार-ने-बढ़ाया-किसानों-का-मान-खेती/82511</link><description>00 छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति परंपरा व आस्था से जुड़ा है हरेली तिहारविशेष लेख : छगन लाल लोन्हारे संयुक्त संचालक, जनसंपर्करायपुर। प्रदेश सरकार किसानों के आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। गांव, गरीब और किसान सरकार की पहली प्राथमिकता में हैं। देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है, छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की इन ढाई साल के अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीतिगत फैसलों से खेती किसानी को नया संबल मिला है। बीते खरीफ विपणन वर्ष में किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.05 लाख मीेट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत् रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। इस त्यौहार से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदीकर न सिर्फ किसानों को मान बढ़ाया, बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। साथ ही किसानों के खाते में रमन सरकार के पिछले दो वर्ष का बकाया धान के बोनस 3716.38 करोड़ रूपए अंतरित कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर दी है। मुख्यमंत्री का मानना है कि भारत गांवों में बसता है। जब किसान खुशहाल होंगे तो प्रदेश का व्यापार, उद्योग बढ़ेगा।परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को साफ कर घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं की साथ पूजा करते हैं। गांवों के गुड़ी में ठाकुरदेव की पूजा की जाती है।हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधि युक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में यादवों को भेंट करने की परंपरा रही हैं।सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढऩे की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी परिवारों द्वारा गेड़ी का निर्माण किया जाता है। परिवार के बच्चे और युवा गेड़ी का जमकर आनंद लेते है। गेड़ी बांस से बनाई जाती है। दो बांस में बराबर दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से फाड़कर उन्हें दो भागों में बांटा जाता है। उसे नारियल रस्सी से बांध़कर दो पउआ बनाया जाता है। यह पउआ असल में पैर दान होता है जिसे लंबाई में पहले कांटे गए दो बांसों में लगाई गई कील के ऊपर बांध दिया जाता है। गेड़ी पर चलते समय रच-रच की ध्वनि निकलती हैं, जो वातावरण को औैर आनंददायक बना देती है। इसलिए किसान भाई इस दिन पशुधन आदि को नहला-धुला कर पूजा करते हैं। गेहूं आटे को गंूथ कर गोल-गोल बनाकर अरंडी या खम्हार पेड़ के पत्ते में लपेटकर गोधन को औषधि खिलाते हैं। ताकि गोधन को रोगों से बचाया जा सके। गांव में पौनी-पसारी जैसे राऊत, लोहार व बैगा हर घर के दरवाजे पर नीम की डाली खोंचते हैं। गांव में लोहार अनिष्ट की आशंका को दूर करने के लिए चौखट में कील लगाते हैं। यह परम्परा आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यमान है।पिहले के दशक में गांव में बारिश के समय कीचड़ आदि हो जाता था उस समय गेड़ी से गली का भ्रमण करने का अपना अलग ही आनंद रहता था। गांव-गांव में गली कांक्रीटीकरण से अब कीचड़ की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। हरेली के दिन गृहणियां अपने चूल्हे-चौके में कई प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाती है। किसान अपने खेती-किसानी के उपयोग में आने वाले औजार नांगर, कोपर, दतारी, टंगिया, बसुला, कुदारी, सब्बल, गैती आदि की पूजा कर छत्तीसगढ़ी व्यंजन गुलगुल भजिया व गुड़हा चीला का भोग लगाते हैं। इसके अलावा गेड़ी की पूजा भी की जाती है। शाम को युवा वर्ग, बच्चे गांव के गली में नारियल फेंक और गांव के खेल मैदान में कबड्डी आदि कई तरह के खेल खेलते हैं। बहु-बेटियां नए वस्त्र धारण कर सावन झूला, बिल्लस, खो-खो, फुगड़ी आदि खेल का आनंद लेती हैं।हरेली तिहार सामाजिक समरसता का प्रतीक है यह केवल धार्मिक या कृषि पर्व नहीं है यह समाज के सभी वर्गों को एक साथ जोडऩे का माध्यम है। गांव के लोग मिल-जुलकर पूजा और कार्यक्रमों का आयोजन करते है। इस दिन परिवार में सुख-समृद्धि की कामना के साथ ही प्रकृति और पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज : 18 अगस्त को टेबल-टॉप और 20 को होगी मॉक ड्रिल</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-बाढ़-से-निपटने-की-तैयारी-तेज-:-18/82510</link><description>00 राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एक उच्चस्तरीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन&amp;nbsp;00 एनडीएमए ने दी राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में गाइडलाइन्सरायपुर। राज्य में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने और पूर्व तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एक उच्चस्तरीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन की वास्तविक क्षमताओं और अंतर-विभागीय समन्वय को परखने के लिए 18 अगस्त को राज्य स्तरीय टेबल-टॉप एक्सरसाइज और 20 अगस्त को व्यापक मॉक एक्सरसाइज (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया जाएगा।त्वरित राहत व बचाव के लिए तैयारियों का परीक्षण आवश्यकराजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे टेबल-टॉप एक्सरसाइज की सभी प्रक्रियाओं और एसओपी को गहराई से समझें। उन्होंने कहा कि वास्तविक आपदा के समय शून्य देरी से राहत और बचाव कार्य संचालित करने के लिए यह पूर्वाभ्यास बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।अंतर-विभागीय समन्वय पर जोरकॉन्फ्रेंस के दौरान बाढ़ के समय विभिन्न विभागों की सक्रिय भूमिका और समन्वय पर विस्तृत समीक्षा की गई। आपदा के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा पशुपालन विभाग द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्यवाहियों का खाका तैयार किया गया।समीक्षा बैठक में पहुंचे प्रमुख विभागों के उच्चाधिकारीइस महत्वपूर्ण बैठक में नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, रायपुर रेल मंडल, स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक, दूरसंचार, विज्ञान केंद्र और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग सहित पंचायत, ऊर्जा, परिवहन और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। प्रदेश के सभी जिलों के नोडल अधिकारी इस कॉन्फ्रेंस में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।</description ></item><item><title>जब दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा</title><link>https://cnin.co.in/जब-दिल्ली-के-मंच-पर-जीवंत-हुई-छत्तीसगढ़-की/82509</link><description>00 इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का रंग, पंडवानी ने बांधा समांरायपुर। छत्तीसगढ़ की पंडवानी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच इंडिया हैबिटेट सेंटर में अपनी पूरी जीवंतता के साथ प्रस्तुत हुई। महान पंडवानी कलाकार और पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति को समर्पित विशेष प्रस्तुति के साथ आईएचसी लोक संगीत सम्मेलन 2026 का शुभारंभ हुआ। पंडवानी की इस प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा को दिल्ली के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक बार फिर प्रमुखता से सामने रखा।छत्तीसगढ़ की इस विशिष्ट लोक शैली की ताकत पंडवानीइंडिया हैबिटेट सेंटर के स्टाइन ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में पंडवानी कलाकार प्रभा यादव ने पारंपरिक संगीतकारों के साथ प्रस्तुति दी। महाभारत की कथाओं पर आधारित पंडवानी में कथा, गायन, संवाद, लय और अभिनय का ऐसा संयोजन देखने को मिला, जिसने छत्तीसगढ़ की इस विशिष्ट लोक शैली की ताकत और व्यापकता को सामने रखा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश की कला और संस्कृति से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व भी उपस्थित रहे। वरिष्ठ पत्रकार एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्ण दास, धरसींवा विधायक एवं प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार अनुज शर्मा, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव तथा सांस्कृतिक कार्यकर्ता ने कार्यक्रम में भाग लिया। इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश और अन्वेषा कला केंद्र की सचिव अन्वेषा ब्रह्मा भी इस अवसर पर मौजूद रहीं।तीजन बाई के योगदान को याद कियाइस प्रस्तुति का केंद्र तीजन बाई की कला यात्रा और पंडवानी को मिली राष्ट्रीय पहचान रही। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा से निकली पंडवानी को देश और दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंचाने में तीजन बाई का योगदान असाधारण रहा। उन्होंने अपनी विशिष्ट शैली से पंडवानी को नई पहचान दी और इसे भारतीय लोक प्रदर्शन कलाओं की प्रमुख विधाओं में स्थापित किया।सांस्कृतिक स्मृतियों और जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम पंडवानीतीजन बाई को समर्पित प्रस्तुति के जरिए उनके कला जीवन और छत्तीसगढ़ की उस परंपरा को याद किया गया, जिसमें कथावाचन केवल मनोरंजन नहीं बल्कि पीढिय़ों से चली आ रही सांस्कृतिक स्मृतियों और जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम रहा है। इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश ने कहा कि भारत की लोक कलाएं देश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें पीढिय़ों से चली आ रही कहानियां, परंपराएं और मूल्य सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि लोक कलाकारों और परंपराओं को राष्ट्रीय राजधानी में मंच देना इन विरासतों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।भारत की लोक परंपराओं में सदियों का इतिहास पंडवानीधरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि पंडवानी छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण लोक कला है। तीजन बाई ने इसे गांवों से निकालकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इस परंपरा का सम्मान होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। अन्वेषा कला केंद्र की सचिव अन्वेषा ब्रह्मा ने कहा कि भारत की लोक परंपराओं में सदियों का इतिहास, सामूहिक स्मृति और जीवन-दर्शन सुरक्षित है। ऐसे आयोजन इन परंपराओं को नए दर्शकों और नई पीढ़ी से जोडऩे का काम करते हैं।देश की लोक परंपराओं का साझा मंचआईएचसी लोक संगीत सम्मेलन भारत के अलग-अलग हिस्सों की लोक संगीत, कथावाचन और प्रदर्शन परंपराओं को एक मंच पर लाने वाला वार्षिक आयोजन है। इसका उद्देश्य देश की विविध लोक कलाओं को सामने लाना और पारंपरिक कलाकारों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचने का अवसर देना है। इस वर्ष सम्मेलन की शुरुआत ही छत्तीसगढ़ की पंडवानी और तीजन बाई की स्मृति को समर्पित प्रस्तुति से होना विशेष महत्व रखता है। राजधानी के प्रमुख सांस्कृतिक मंच पर हुई इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भारत की लोक कलाएं केवल अतीत की धरोहर नहीं हैं, बल्कि आज भी देश की सांस्कृतिक पहचान और रचनात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अन्वेषा कला केंद्र पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से भारत की शास्त्रीय और लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन, दस्तावेजीकरण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और शैक्षणिक गतिविधियों के क्षेत्र में कार्य कर रहा है।</description ></item><item><title>शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात..यूपी में भाजपा चुनावी मोड पर  </title><link>https://cnin.co.in/शीर्ष-नेतृत्व-से-मुलाकात..यूपी-में-भाजपा/82508</link><description>&amp;nbsp;नई दिल्ली। दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के साथ ही उत्तर प्रदेश भाजपा ने संगठन को चुनावी मोड में डालते हुए नई नियुक्तियों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने छह संगठनात्मक क्षेत्रों और विभिन्न मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा की है। नई टीम में करीब 60 फीसदी नए चेहरों को जगह दी गई है।उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले सप्ताहांत दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरण और रणनीति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद योगी ने इसे 'सुशासन के मार्ग पर लगातार आगे बढऩे के लिए प्रेरणा देने वाला बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को सिर्फ शिष्टाचार भेंट के तौर पर नहीं देखा जा रहा।दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के साथ ही उत्तर प्रदेश भाजपा ने संगठन को चुनावी मोड में डालते हुए नई नियुक्तियों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने छह संगठनात्मक क्षेत्रों और विभिन्न मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा की है। नई टीम में करीब 60 फीसदी नए चेहरों को जगह दी गई है। साफ है कि भाजपा अब मिशन 2027 को केवल नारों तक सीमित रखने की बजाय बूथ से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक संगठन को सक्रिय करने की तैयारी में है।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के मुख्य कार्यक्रम में करेंगे ध्वजारोहण</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-राजधानी-रायपुर/82507</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;केन्द्रीय राज्य मंत्री &amp;nbsp;तोखन साहू बिलासपुर, उपमुख्यमंत्री &amp;nbsp;अरूण साव दुर्ग और विजय शर्मा बस्तर में फहराएंगे ध्वजविधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव जिला मुख्यालय में करेंगे ध्वजारोहणरायपुर&amp;nbsp;-- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आगामी 15 अगस्त, को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में राजधानी रायपुर के पुलिस मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। वहीं मुख्यालय जिला बिलासपुर में केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, दुर्ग में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा बस्तर में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे।सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सरगुजा में आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, महासमुंद में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कबीरधाम में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहपण करेंगे। इसी प्रकार रायगढ़ में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, कांकेर में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सूरजपुर में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, जशपुर में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, बालोद में श्री स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, बलौदाबाजार में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सांसद श्री विजय बघेल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सांसद श्री संतोष पांडेय ध्वजारोहण करेंगे।इसी प्रकार कोंडागांव में सांसद श्री भोजराज नाग, बलरामपुर में सांसद श्री चिंतामणि महाराज, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, गरियाबंद में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सक्ती में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद श्री महेश कश्यप, सुकमा में राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ध्वजारोहण करेंगे।जिला कोरबा में विधायक श्री अमर अग्रवाल, धमतरी में विधायक श्री अजय चंद्राकर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में विधायक श्री धरमजीत सिंह, मुंगेली जिला मुख्यालय में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, कोरिया में विधायक श्री भैय्या लाल राजवाड़े और नारायणपुर जिला मुख्यालय में विधायक सुश्री लता उसेंडी स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। इस अवसर पर समस्त मुख्य अतिथि जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।</description ></item><item><title>कल  तिरंगा यात्रा..इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक यातायात रहेगा प्रभावित</title><link>https://cnin.co.in/कल--तिरंगा-यात्रा..इंडोर-स्टेडियम-से-सुभाष/82506</link><description>&amp;nbsp;रायपुर--राजधानी में 10 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा सुबह 10 बजे इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम तक जाएगी। इसमें स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में शहरवासियों के शामिल होने की संभावना है। स्वाभाविक तौर पर इस मार्ग में यातायात प्रभावित रहेगा इसलिए पुलिस ने सलाह दी है कि वैकल्पिक मार्ग का शहरवासी उपयोग करें।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुसीबत में संबल बनी राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना</title><link>https://cnin.co.in/मुसीबत-में-संबल-बनी-राष्ट्रीय-परिवार-सहायता/82505</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;* मुख्य कमाऊ सदस्य के निधन पर बीपीएल परिवारों को मिलेगी 20 हजार रूपए की त्वरित वित्तीय राहत&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp;विशेष आलेख : &amp;nbsp; &amp;nbsp;विष्णु प्रसाद वर्मा,,सहायक संचालक, जनसंपर्क&amp;nbsp;रायपुर--किसी भी परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य का अचानक चले जाना केवल एक अपूरणीय भावनात्मक क्षति ही नहीं होता, बल्कि उस पूरे घर की आर्थिक नींव को भी पूरी तरह हिलाकर रख देता है। ऐसे कठिन समय में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों को तत्काल सहारा और आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन का समाज कल्याण विभाग 'राष्ट्रीय परिवार सहायता योजनाÓ का प्रभावी ढंग से संचालन कर रहा है। इस योजना के अंतर्गत किसी बीपीएल परिवार के मुख्य आजीविका प्रदाता सदस्य की आकस्मिक मृत्यु हो जाने पर उनके आश्रित वारिस मुखिया को 20 हजार रुपए की एकमुश्त वित्तीय सहायता अनुदान के रूप में प्रदान की जाती है। संकट के क्षणों में दी जाने वाली यह राशि प्रभावित परिवार को तात्कालिक राहत पहुँचाने के साथ-साथ उन्हें पुन: संबल प्रदान करने में बेहद मददगार साबित होती है।&amp;nbsp;योजना की पात्रता हेतु मुख्य शर्तें&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ आवश्यक मापदंड निर्धारित किए गए हैं। योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनका नाम वर्ष 2002 की बीपीएल सर्वे सूची में दर्ज है। इसके साथ ही सहायता राशि तभी स्वीकृत की जाती है जब मृत व्यक्ति की आय से ही परिवार की दैनिक आजीविका चलती रही हो। पात्रता के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि मृत्यु की तिथि को मृतक सदस्य की आयु 18 वर्ष से अधिक तथा 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।&amp;nbsp;आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेज&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बनाया गया है। आवेदक को पूर्णत: भरे हुए आवेदन पत्र के साथ मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र संलग्न करना होता है, जिसमें मृत्यु के समय उनकी निर्धारित आयु स्पष्ट रूप से दर्शाई गई हो। इसके अतिरिक्त वर्ष 2002 का बीपीएल प्रमाण पत्र, आवेदक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, एक नवीनतम रंगीन पासपोर्ट फोटो और छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।&amp;nbsp;जानकारी व सहायता हेतु संपर्क करें&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; नागरिकों की सुविधा के लिए आवेदन जमा करने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी अपने आवेदन पत्र निकटतम लोक सेवा केंद्र, ग्राम पंचायत या जनपद पंचायत कार्यालय में जमा कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर नगरीय क्षेत्रों के निवासी अपने क्षेत्र की नगर पंचायत, नगर पालिका अथवा नगर निगम कार्यालय में जाकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी, सवाल या सहायता के लिए विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर 155326 तथा टोल-फ्री नंबर 1800-233-8989 भी जारी किए गए हैं।</description ></item><item><title>तीन बहनों ने एक साथ पास की नीट परीक्षा, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने घर पहुंचकर दी बधाई</title><link>https://cnin.co.in/तीन-बहनों-ने-एक-साथ-पास-की-नीट-परीक्षा,-उप/82504</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-तीन बहनों का एक साथ मेडिकल में चयन पूरे प्रदेश के लिए है प्रेरणादायी उदाहरण- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा&amp;nbsp;रायपुर--कबीरधाम जिले के नेउर गाँव की तीन प्रतिभाशाली बहनों किरण, ज्योति और सुमन महोबिया ने इस वर्ष नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज नेउर गाँव पहुंच, तीनों छात्राओं से उनके घर पर मुलाकात कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने छात्राओं की माता श्रीमती भगवती महोबिया और पिता श्री राम महोबिया एवं परिजनों से भी मुलाकात की तथा तीनों बेटियों की इस उपलब्धि के लिए पूरे परिवार को बधाई दी और कहा कि एक ही परिवार की तीन बहनों का एक साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफल होना न केवल पूरे परिवार के लिए खुशी का अवसर है, बल्कि क्षेत्र और जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि एक ही घर में रहकर तीन बहनों का एक साथ नीट जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करना और सफलता हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस सफलता से जिले के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी कि नियमित मेहनत, सही दिशा और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीनों बहनों की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो अपने गाँव या घर पर रहकर सीमित संसाधनों के बीच बड़े लक्ष्य की तैयारी कर रहे हैं।&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने तीनों छात्राओं से उनकी स्कूली पढ़ाई, नीट परीक्षा की तैयारी और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से कहा कि अब मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेकर पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करें तथा अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ें और माता-पिता व परिवार के सपनों को अपने कार्यों और उपलब्धियों से पूरा करें। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। &amp;nbsp;&amp;nbsp;डॉक्टर बनकर क्षेत्र और समाज की सेवा का रखें भाव&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छात्राओं को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर के रूप में शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में कार्य कर अनुभव प्राप्त करें। साथ ही उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढऩे के साथ अपने क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी बनाए रखें। अपनी शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए करने का प्रयास करें, ताकि आपकी सफलता का लाभ समाज और स्थानीय लोगों तक भी पहुंच सके।&amp;nbsp;घर पर की ऑनलाइन तैयारी, एक साथ पाई सफलता&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; तीनों बहनों ने घर पर रहकर ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से नीट परीक्षा की तैयारी की। पढ़ाई के दौरान तीनों एक-दूसरे का सहयोग करती रहीं और अपने लक्ष्य को लेकर लगातार प्रयासरत रहीं। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि दो बहनों ज्योति और सुमन ने अपने पहले ही प्रयास में नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है, दोनों ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बोड़ला से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है। जबकि बड़ी बहन किरण ने अपने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर, पांडातराई से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की है।</description ></item><item><title>असम के बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 5 करोड़ रुपये</title><link>https://cnin.co.in/असम-के-बाढ़-प्रभावितों-की-सहायता-के-लिए/82503</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा से दूरभाष पर की चर्चासंकट की इस घड़ी में असम के भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर-असम में बाढ़ से उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों के बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मानवीय संवेदना और अंतरराज्यीय सहयोग की भावना के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह राशि असम में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग के लिए प्रदान की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने आज असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा से दूरभाष पर चर्चा कर राज्य में बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता असम के अपने भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में झमाझम हुई बारिश, राज्य में 647.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-झमाझम-हुई-बारिश,-राज्य-में-647.3/82502</link><description>​रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन में बादलों की मेहरबानी लगातार जारी है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 9 अगस्त 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसत सामान्य वर्षा का 100.9 प्रतिशत पानी बरस चुका है। 1 जून से 9 अगस्त की अवधि में राज्य में औसतन 647.3 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों की औसत वर्षा (641.3 मि.मी.) के आंकड़े को पार कर चुकी है। केवल 9 अगस्त को ही प्रदेश में औसतन 27.9 मि.मी. झमाझम बारिश दर्ज की गई।राज्य के मध्य छत्तीसगढ़ और मैदानी इलाकों में मानसून जमकर बरसा है, वहीं सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी औसत से पीछे बना हुआ है। ​प्रदेश में सबसे अधिक बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दर्ज की गई है, जहाँ अब तक सामान्य से रिकॉर्ड 193.9% अधिक (943.7 मि.मी.) जल बरस चुका है। इसके साथ ही महासमुंद में औसत का 144.0%, नारायणपुर में 130.0%, राजधानी रायपुर में 129.7%, बलौदाबाजार में 128.5%, गरियाबंद में 122.8%, जांजगीर-चांपा में 123.8%, सक्ती में 121.4%, बालोद में 118.5%, मुंगेली में 118.2%, दुर्ग में 111.7%, बिलासपुर में 111.5% और धमतरी में 109.4% वर्षा दर्ज हो चुकी है। इन जिलों में औसत से अधिक वर्षा होने से जल निकायों और खेतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है।​इसी तरह बलरामपुर में औसत का 126.7%, राजनांदगांव में 103.1%, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 100.9%, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 99.1%, कोरिया में 96.9%, कोरबा में 96.1%, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 96.0%, रायगढ़ में 95.9%, दंतेवाड़ा में 93.2% और सूरजपुर में 91.7% बारिश दर्ज की गई है, जहाँ मानसून की स्थिति सामान्य और संतुलित बनी हुई है।​दूसरी ओर, कबीरधाम में औसत का 86.1%, कोण्डागांव में 85.2%, बेमेतरा में 80.9%, जशपुर में 75.1%, बस्तर में 74.8%, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 72.5%, बीजापुर में 71.4%, सरगुजा में 69.5%, कांकेर में 69.4% और सुकमा जिले में सबसे कम 67.7% (602.3 मि.मी.) बारिश दर्ज हुई है। इन जिलों में बारिश का आंकड़ा 50% से 80% के बीच ही सिमटा हुआ है, जहाँ किसान अब भी मानसून की अगली जोरदार झड़ी का इंतजार कर रहे हैं।&amp;nbsp;राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष और मौसम विभाग द्वारा सभी संवेदनशील जिलों, जलाशयों और नदी तटों की निरंतर निगरानी की जा रही है। प्रदेश के सभी जिला कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।राज्य में&amp;nbsp; 647.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज (पीडीफ)&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मानसून के साथ दस्तक देती बीमारियां और हमारी सतर्कता</title><link>https://cnin.co.in/मानसून-के-साथ-दस्तक-देती-बीमारियां-और-हमारी/82501</link><description>रायपुर।​ बरसात के दिनों में नमी और गंदे पानी के कारण मच्छर और कीटाणु तेजी से फैलते हैं। इससे वायरल फीवर, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और पेट के संक्रमण जैसी मौसमी बीमारियां बहुत आम हो जाती हैं। बरसात के मौसम में संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छ पानी, स्वच्छ भोजन, हाथों की स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए, ताकि हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहे।​बारिश की बूंदें जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाती हैं, वहीं अपने साथ जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की चुनौती भी लेकर आती हैं। इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है। इसी गंभीरता को समझते हुए धमतरी जिले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर संक्रामक बीमारियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चला रहे हैं। उद्देश्य स्पष्ट है—निगरानी, शुद्धिकरण और जनजागरूकता के बल पर बीमारियों के चक्र को तोड़ना।हर परिवार तक स्वच्छ जल की पहुंचबरसात के दिनों में पीने के पानी का दूषित होना एक आम समस्या है, जो उल्टी-दस्त, आंत्रशोध और पीलिया जैसी बीमारियों का कारण बनती है। इस खतरे से निपटने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के शुद्धिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हैंडपंपों और कुओं के नियमित क्लोरीनीकरण के साथ-साथ घर-घर क्लोरीन टेबलेट का वितरण किया जा रहा है, ताकि हर परिवार तक स्वच्छ जल की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।&amp;nbsp;खान-पान में बरते सावधानीइसके अलावा, खान-पान में सावधानी बरतते हुए बासी, सड़े-गले फल और सब्जियों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। दस्त जैसी स्थिति में शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी न हो, इसके लिए लो-ऑस्मोलर ओआरएस का प्रयोग सबसे कारगर उपाय है।बरसात के दिनों में घर से आसपास पानी जमा होने नहीं देंपानी की स्वच्छता के साथ ही मच्छरों से बचाव इस मौसम की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला मलेरिया हो या फिर एडीज मच्छर से होने वाला डेंगू, दोनों के शुरुआती लक्षण तेज बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द के रूप में सामने आते हैं। इन बीमारियों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है मच्छरों के पनपने के चक्र को रोकना। यही वजह है कि जिला प्रशासन ने नागरिकों से &quot;हर रविवार, मच्छर पर वार&quot; की भावना के साथ जुड़ने का आह्वान किया है। कूलर, गमले, बाल्टी, पुराने टायर या खुले बर्तनों में जमा पानी को हर सप्ताह साफ करना, सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करना और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना छोटी-छोटी ऐसी आदतें हैं जो बड़े खतरे से बचा सकती हैं।बुखार या संदिग्ध लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएंकलेक्टर धमतरी का मानना है कि प्रशासनिक तैयारियों के साथ-साथ जब तक जनभागीदारी नहीं होगी, तब तक बीमारियों पर पूर्ण नियंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और किसी भी प्रकार का बुखार या संदिग्ध लक्षण दिखने पर खुद दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में जांच और उपचार की नि:शुल्क व्यवस्था उपलब्ध है, जहां समय पर पहुंचकर बीमारी को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता है।</description ></item><item><title>महिला को 50 हजार में बेचने वाले मानव तस्करी के तीन आरोपित गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/महिला-को-50-हजार-में-बेचने-वाले-मानव-तस्करी-के/82500</link><description>कांकेर। जिले के बान्दे थाना क्षेत्र से महिला को काम दिलाने के बहाने मध्यप्रदेश ले जाकर महिला को 50 हजार रुपये में बेचने और जबरन शादी कराने के मामले में कार्रवाई करते हुए बान्दे पुलिस ने महिला को खंडवा से सुरक्षित बरामद कर मानव तस्करी के तीन आरोपियों अनिता पवार, जमना लाल भील और जितेन्द्र राठौर को गिरफ्तार किया है।&amp;nbsp;पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महिला के पति ने 9 अप्रैल 2026 को उसके गुम होने की रिपोर्ट बान्दे थाने में दर्ज कराई थी। जांच के दौरान महिला के मध्यप्रदेश के खंडवा में होने की जानकारी पुलिस को मिली, इसके बाद बान्दे पुलिस की टीम खंडवा पहुंचकर महिला को जितेन्द्र राठौर के कब्जे से सुरक्षित बरामद किया। पूछताछ में महिला ने पुलिस को बताया कि अनिता पवार और जमना लाल भील उसे मुंबई में काम दिलाने का झांसा देकर मध्यप्रदेश ले गए थे। आरोप है कि इसके बाद महिला को 50 हजार रुपये में जितेन्द्र राठौर को बेच दिया गया और उसकी जबरन शादी करा दी गई। महिला के अनुसार, उसे करीब पांच महीने तक उसकी इच्छा के विरुद्ध जितेन्द्र के घर में रखा गया। इस मामले में पुलिस ने अनिता पवार, जमना लाल भील और जितेन्द्र राठौर को गिरफ्तार कर आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी या काम दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के साथ जाने से पहले संबंधित व्यक्ति और रोजगार की पूरी जानकारी सत्यापित जरूर करें.</description ></item><item><title>नक्सलियों ने बस्तर संभाग के 123 स्कूलों को बम-आगजनी से तबाह किय था, इनमें से 93 पुुन: खुले</title><link>https://cnin.co.in/नक्सलियों-ने-बस्तर-संभाग-के-123-स्कूलों-को-बम/82499</link><description>जगदलपुर। बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खात्मे के साथ अब उन गांवों में शिक्षा की वापसी हो रही है, जहां कभी नक्सली स्कूलों को निशाना बनाकर बच्चों को पढ़ाई से दूर रखते थे। वर्ष 2005-06 में सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में नक्सलियों ने 123 स्कूलों को बम से उड़ा दिया या आग के हवाले कर दिया था। इनमें 41 स्कूल 2024 में दोबारा शुरू किए गए, वर्ष 2026 में 52 और लंबे समय से बंद स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई। अब शिक्षा विभाग ने इन्हीं इलाकों में 80 नए स्कूल खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। मंजूरी मिलने पर इनका निर्माण वीवीजीरामजी योजना के तहत किया जाएगा।&amp;nbsp;जिन इलाकों में कभी स्कूल नक्सलियों का निशाना बने थे, वहीं अब प्रशासन शिक्षा का नेटवर्क पुन: मजबूत कर रही है। नक्सली संगठन ग्रामीणों को शिक्षा से दूर रखने के लिए गांवों में संचालित स्कूलों को निशाना बनाते थे। उनकी रणनीति सरकारी व्यवस्था को कमजोर करना था। ग्रामीणों को अपने प्रभाव क्षेत्र में बनाए रखना था। नक्सलवाद से ग्रस्त इलाकों के स्कूलों में पढ़ाई बंद होने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई।नक्सलियों ने सरकारी स्कूलों को केवल पढ़ाई की जगह नहीं माना। वे इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की मौजूदगी के प्रतीक के रूप में देखते थे। स्कूलों में शिक्षक पहुंचते थे। सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचती थी। प्रशासनिक गतिविधियां पहुंचती थीं। इसलिए इन्हें निशाना बनाकर वे ग्रामीणों को सरकारी व्यवस्था से अलग रखना चाहते थे। स्कूल बंद होने का सबसे बड़ा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा। गांव में स्कूल नहीं होने से छोटे बच्चों को दूर के स्कूलों तक जाना पड़ता था। नक्सल प्रभावित इलाकों में आवागमन और सुरक्षा की समस्या के कारण हजारों बच्चे दो दशक तक पढ़ाई से दूर होते गए। परिजनों ने बच्चों को छात्रावासों में भेजना शुरू किया, लेकिन यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। इससे बच्चों और माता-पिता के बीच दूरी बढ़ी।शिक्षा विभाग के जेडी एचआर सोम ने बताया कि बस्तर संभााग के बीजापुर में 35, सुकमा में 19, नारायणपुर में 25 एवं दंतेवाड़ा में 01 बंद पड़े स्कूलों का दोबारा खुलना नक्सल प्रभावित गांवों में बदलते माहौल का संकेत है। दो दशक पहले स्कूल भवनों को निशाना बनाकर नक्सलियों ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया था। स्कूल बंद हुए, बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई, कई परिवारों ने उन्हें छात्रावासों में भेजा। अब सुरक्षा स्थिति बेहतर होने के बाद उसी क्षेत्र में स्कूलों की वापसी हो रही है। 2024 में 41 स्कूल खुले, जिसमें 532 बच्चों ने दाखिला लिया। 2026 में 52 और बंद स्कूलों को शुरू किया गया। यहां करीब 1 हजार से अधिक बच्चों ने प्रवेश लिया है। हाल ही में सुकमा जिले के ग्रामीण इलाकों में कलेक्टर के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने स्कूल की मांग की थी। अब 80 नए स्कूलों का प्रस्ताव बताता है कि ग्रामीण शिक्षा के प्रति जागरूक हैं।</description ></item><item><title>सीजीपीएससी सब-इंस्पेक्टर चयन पर कांग्रेस के फेक नैरेटिव का हुआ पर्दाफाश - यादव</title><link>https://cnin.co.in/सीजीपीएससी-सब-इंस्पेक्टर-चयन-पर-कांग्रेस-के/82498</link><description>जगदलपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा बस्तर जिलाध्यक्ष अभिलाष यादव ने कहा कि सीजीपीएससी सब-इंस्पेक्टर भर्ती में चयनित युवाओं के नामों को लेकर कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर जिस तरह का भ्रम और कथित फेक नैरेटिव फैलाने का प्रयास किया गया, उसका अब स्वयं चयनित अभ्यर्थियों ने सामने आकर जवाब दे दिया है। उन्होने कांग्रेस को कहा कि युवाओं की सफलता और उनकी मेहनत पर सवाल उठाने के बजाय तथ्यों के साथ बात करनी चाहिए। चयनित अभ्यर्थियों द्वारा स्वयं सामने आकर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद कांग्रेस द्वारा फैलाया गया भ्रम पूरी तरह बेनकाब हो गया है।अभिलाष यादव ने कहा कि युवाओं की मेहनत, प्रतिभा और उनके भविष्य को राजनीतिक स्वार्थ के लिए बदनाम करना कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति का उदाहरण है। जिन युवाओं ने दिन-रात मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की है, उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी व्यवस्था, निष्पक्ष अवसर और युवाओं के भविष्य को मजबूत करना है। कांग्रेस यदि किसी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाती है तो उसे तथ्यों और प्रमाणों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए, न कि चयनित युवाओं के नामों को लेकर भ्रम फैलाना चाहिए।अभिलाष यादव ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि राजनीति के लिए झूठे नैरेटिव गढऩे के बजाय कांग्रेस तथ्यों के साथ सामने आए। बस्तर का युवा अब जागरूक है और वह झूठ, भ्रम और राजनीतिक प्रोपेगेंडा को पहचानता है। उन्होंने चयनित सभी युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता बस्तर और छत्तीसगढ़ के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। युवाओं के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा सदैव युवाओं के साथ खड़ा रहेगा।</description ></item><item><title>कोटरी नदी के बेचाघाट में रेत के टीले से टकराकर नाव पलटी</title><link>https://cnin.co.in/कोटरी-नदी-के-बेचाघाट-में-रेत-के-टीले-से/82497</link><description>कांकेर। जिले के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के कोटरी नदी के बेचाघाट में सवारियों से भरी एक नाव आज रविवार सुबह अचानक रेत के टीले से टकराकर पलट गई। नाव में उस वक्त करीब 12 लोग सवार थे। नाव पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि ग्रामीणों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। आस-पास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत नदी में पहुंचकर नाव में सवार सभी 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि नदी में रेत का टीला होने के कारण नाव उससे टकरा गई, जिसके बाद संतुलन बिगडऩे से नाव पलट गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई। फिलहाल सभी लोगों के सुरक्षित होने से राहत की स्थिति है।</description ></item><item><title>अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत किसानों को स्टोरेज बिन वितरित</title><link>https://cnin.co.in/अनुसूचित-जाति-उपयोजना-के-तहत-किसानों-को/82496</link><description>रायपुर। आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर द्वारा अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत ग्राम बेल्टुकरी के अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों एवं किसान महिलाओं को 100 स्टोरेज बिन वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य कृषि उपज के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक भंडारण को बढ़ावा देना तथा भंडारण के दौरान होने वाले फसल उपरांत नुकसान को कम करना है।राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उपज का उचित भंडारण भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक भंडारण पद्धतियों को अपनाने से कृषि उपज को नमी, कीट प्रकोप तथा भंडारण के दौरान होने वाले अन्य नुकसान से सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे उपज की गुणवत्ता एवं मात्रा को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिलती है। डॉ. राय ने कहा कि कृषि उपज का वैज्ञानिक एवं उचित भंडारण न केवल फसल उपरांत होने वाले नुकसान को कम करता है, बल्कि किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त करने में भी मदद करता है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा किसानों की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप वैज्ञानिक तकनीकों एवं उपयोगी कृषि ज्ञान को गांव स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।इस अवसर पर डॉ. पंकज शर्मा, संयुक्त निदेशक एवं एससीएसपी समन्वयक, ने किसानों से संवाद करते हुए धान की फसल में रोपाई के बाद अपनाई जाने वाली प्रमुख सस्य क्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समय पर खरपतवार प्रबंधन, संतुलित पोषक तत्वों का प्रयोग, उचित जल प्रबंधन तथा फसल की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया। डॉ. शर्मा ने किसानों को धान की फसल में आगामी समय में संभावित प्रमुख कीटों की पहचान एवं उनके प्रभावी प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने किसानों से फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों के प्रकोप की प्रारंभिक अवस्था में ही वैज्ञानिक सलाह के आधार पर उचित प्रबंधन उपाय अपनाने का आग्रह किया।उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा एससीएसपी के माध्यम से किसानों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए वैज्ञानिक जानकारी, कृषि उपकरण एवं यंत्र, प्रशिक्षण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों की तकनीकी क्षमता को बढ़ाना, कृषि कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना तथा कृषि आय में वृद्धि के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करना है।लाभार्थी किसानों एवं किसान महिलाओं ने स्टोरेज बिन उपलब्ध कराने तथा वैज्ञानिक&amp;nbsp;कृषि संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन भंडारण सुविधाओं से कृषि उपज को सुरक्षित रखने तथा भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में काफी मदद मिलेगी। सामाग्री विरतरण कार्यक्रम का समन्वय डॉ. के. सी. शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, द्वारा किया गया।</description ></item><item><title>शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव में जटिल गर्भाशय ट्यूमर की सफल सर्जरी</title><link>https://cnin.co.in/शासकीय-चिकित्सा-महाविद्यालय-राजनांदगांव/82495</link><description>00 विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 26 सप्ताह के शिशु के आकार के ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड का सफल ऑपरेशन कर महिला को दिया नया जीवनरायपुर। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने एक जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक संपन्न कर जिले में उपलब्ध विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उत्कृष्टता का परिचय दिया है। विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एक महिला के गर्भाशय के बाहर विकसित हुए विशाल ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड (ट्यूमर) का सफल ऑपरेशन कर उसे स्वस्थ जीवन की नई उम्मीद दी।प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मीना आरमो ने बताया कि यह ट्यूमर ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड था, जो कैंसर नहीं होता है। यह सामान्य फाइब्रॉयड की तरह गर्भाशय के भीतर न होकर गर्भाशय के बाहर बांई ओर स्थित था। इसका आकार लगभग 26 सप्ताह के शिशु के समान था। ट्यूमर के आसपास मूत्रवाहिनी (यूरेटर) तथा प्रमुख रक्त वाहिकाएं होने के कारण इसकी सर्जरी अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। उन्होंने बताया कि महिला की यूएसजी एवं सीटी स्कैन रिपोर्ट में गर्भाशय कैंसर की संभावना व्यक्त की गई थी, जिसके आधार पर स्टेजिंग लैप्रोटॉमी की योजना बनाई गई थी। लेकिन ऑपरेशन के दौरान पेट में चीरा लगाने के बाद स्पष्ट हुआ यह कैंसर नहीं, बल्कि ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड है। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अत्यंत सावधानी एवं दक्षता के साथ ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया। ऑपरेशन के उपरांत गर्भाशय, ट्यूब, अंडाशय एवं ट्यूमर के नमूनों को आवश्यक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। वर्तमान में मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर है तथा वह तेजी से स्वस्थ हो रही है।शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में नियमित रूप से जटिल स्त्री रोग संबंधी शल्य चिकित्साएं आधुनिक तकनीकों एवं मानक उपचार पद्धतियों के अनुरूप की जा रही हैं। इससे जिले एवं आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को उच्चस्तरीय विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो रहा है।</description ></item><item><title>असम में बाढ़ से स्थिति गंभीर, छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया 5 करोड़ की सहायता राशि  </title><link>https://cnin.co.in/असम-में-बाढ़-से-स्थिति-गंभीर,-छत्तीसगढ़-सरकार/82494</link><description>रायपुर। असम में बाढ़ से उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस संबंध में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से दूरभाष पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने इस कठिन समय में छत्तीसगढ़ की जनता असम के अपने भाई-बहनों के साथ पूरी संवेदना और एकजुटता के साथ खड़ी है। राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माँ कामाख्या से प्रार्थना करते हुए बाढ़ प्रभावित सभी परिवारों की रक्षा करने और असम में शीघ्र सुख-शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल की कामना की है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>सुकमा जिला अस्पताल ने बचाई दो माताओं की जान</title><link>https://cnin.co.in/सुकमा-जिला-अस्पताल-ने-बचाई-दो-माताओं-की-जान/82493</link><description>00 समय पर उपचार, समर्पित चिकित्सकीय टीम और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था बनी जीवन की उम्मीदसुकमा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयास अब लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रहे हैं। सुकमा जिले के कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में जिला अस्पताल और सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। इसका सकारात्मक परिणाम हाल ही में जटिल प्रसव के दो मामलों में देखने को मिला, जहां चिकित्सकों ने समय पर उपचार कर दो माताओं की जान बचाई।पहली मां को मिली नई जिंदगी8 जुलाई 2026 की रात ग्राम कुन्दनपाल (कुकानार) निवासी 42 वर्षीय सुकड़ी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल सुकमा में भर्ती कराया गया। जांच में उन्हें गंभीर एनीमिया था। ऑपरेशन के दौरान पता चला कि उनका गर्भाशय कई स्थानों से फट चुका है, जिससे उनकी जान को बड़ा खतरा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप के मार्गदर्शन में तुरंत रक्त चढ़ाया गया और ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुजा चाटे और उनकी टीम ने सफल ऑपरेशन किया। पांच दिनों तक लगातार निगरानी और उपचार के बाद सुकड़ी की हालत में सुधार हुआ और 19 जुलाई को उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।दूसरी मां और नवजात दोनों सुरक्षित15 जुलाई को ग्राम कोडरीपाल निवासी 22 वर्षीय विमला को भी गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया। जांच में उनका गर्भाशय फटा हुआ पाया गया, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान खतरे में थी। चिकित्सकीय टीम ने तुरंत ऑपरेशन किया और सफल उपचार के बाद मां और नवजात दोनों को सुरक्षित बचा लिया। उपचार के बाद विमला को 21 जुलाई को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दी गई।इन दोनों मामलों ने साबित किया कि समय पर सही निर्णय, अस्पताल में उपलब्ध संसाधन, अनुभवी चिकित्सकीय टीम और जिला प्रशासन की सतत निगरानी मिलकर गंभीर परिस्थितियों में भी जीवन बचा सकती है। जिला अस्पताल सुकमा की यह सफलता केवल चिकित्सकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि सरकार की जन-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम भी है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से लोगों का जिला अस्पताल पर भरोसा बढ़ रहा है। दो माताओं को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिलना इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील प्रशासन और समर्पित चिकित्सकीय टीम मिलकर सबसे कठिन समय में भी एक परिवार को नई उम्मीद दे सकती है।</description ></item><item><title>21 वर्षों बाद फिर खुला मेटापारा कोरसागुड़ा का स्कूल, बच्चों को मिला शिक्षा का नया अवसर</title><link>https://cnin.co.in/21-वर्षों-बाद-फिर-खुला-मेटापारा-कोरसागुड़ा-का/82492</link><description>रायपुर। बीजापुर जिले में बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और वन एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार लगातार अभियान सफल हो रहा है। इसी कड़ी में उसूर विकासखंड के प्राथमिक शाला मेटापारा, कोरसागुड़ा का 21 वर्षों बाद पुन: संचालन शुरू किया गया।विद्यालय में प्रवेश लेने वाले 25 बच्चों का आत्मीय स्वागतकलेक्टर बीजापुर विश्वदीप की पहल से स्कूल खुलने के साथ ही गांव में खुशियों का माहौल बन गया। विद्यालय में प्रवेश लेने वाले 25 बच्चों का फूलमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। बच्चों को स्लेट, पुस्तकें और पेंसिल भी वितरित की गईं, जिससे उनके शैक्षणिक जीवन की नई शुरुआत हुई।गांव में लौटी पढ़ाई की रौनकलंबे समय बाद स्कूल खुलने से ग्रामीणों और अभिभावकों में उत्साह देखा गया। अब बच्चों को अपने गांव में ही पढ़ाई का अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी शिक्षा पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गई है।शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींवजिला पंचायत सदस्य श्री शंकरैया माड़वी ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और स्कूलों के पुन: संचालन से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों का भविष्य संवर रहा है।38 बंद स्कूल फिर से शुरू, शिक्षादूतों की मदद से पढ़ाई शुरूजिला शिक्षा अधिकारी बीजापुर श्री राजेश पांडे ने बताया कि राज्य शासन और जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से वर्तमान शिक्षा सत्र में बीजापुर जिले के 38 बंद स्कूलों का पुन: संचालन किया जा चुका है। स्थानीय संसाधनों और शिक्षादूतों की मदद से पढ़ाई शुरू कराई गई है, जिससे वर्षों से शिक्षा से दूर रहे बच्चों को फिर से विद्यालयों से जोड़ा जा रहा है।दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा की रोशनीमेटापारा कोरसागुड़ा स्कूल का पुन: संचालन केवल एक विद्यालय खुलने की घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व, प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन की सक्रिय पहल से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंच रही है।</description ></item><item><title>आजकल कथाएं नहीं तमाशा हो गया है - संत श्री शंभूशरण लाटा महराज</title><link>https://cnin.co.in/आजकल-कथाएं-नहीं-तमाशा-हो-गया-है---संत-श्री/82491</link><description>00 किसी पर दोष नहीं लगा रहे, यह कलयुग का प्रभाव है00 अगर धारा के विपरीत चलोगे तो कष्ट होना स्वाभाविक है00 मनुष्य शरीर केवल और केवल भगवत प्राप्ति के लिए मिला हैरायपुर। सावन माह बहुत ही पावन और महादेव को पूजने का महीना है। संयोग देखें आज रविवार को एकादशी है और ये भगवान नारायण का पर्व एकादशी है, यह कामना पूर्ण एकादशी है। आज हरि की उपासना का दिन बैठा है और कल सोमवार है महादेव की उपासना का दिन। हमारे यहां एक शब्द बोला जाता है हरि-हर, हर-हरि नहीं बोला जाता। पहले हरि और कल सोमवार को हर क्योंकि महादेव को हर कहते है। रायपुर के मैक कॉलेज ऑडिटोरियम में हरि में हम कथा प्रारंभ कर रहे है और कल हर यानि महादेव के चरणों में पहुंच जायेंगे।&amp;nbsp;संत शंभूशरण लाटा महराज ने श्रीराम कथा प्रारंभ करते हुए कहा कि कथा क्यों होती है इस पर थोड़ा विचार करने की जरुरत है। हम संसार के चक्र में घूम रहे है, 94 लाख योनियों में। मनुष्य शरीर केवल और केवल भगवत प्राप्ति के लिए मिला है इसलिए हमको भगवत प्राप्ति करनी ही है और करनी है तो कैसी करनी है इन बातों को बताने के लिए कथा होती है। आप जब तक किसी के बारे में जानते नहीं है तब तक उससे दोस्ती नहीं कर सकते है और उसके बारे में जानने से ही हमें प्रीति प्राप्त होती है। इसका अर्थ यह है कि किसी की महिमा आप नहीं जानेंगे तो उसके होने का और उसकी क्या विशेषता है, आप उनसे अनभिज्ञ है, उसके बारे में कोई ज्ञान नहीं है, अच्छा जब जान गए तो उससे प्रीत हो जाती है। आज कल लोग कहते है हम भक्ति करते है लेकिन भक्ति वक्ती कुछ नहीं है, भक्ति करने के लिए क्या चाहिए इसके लिए हमें प्रीति होना बहुत जरुरी है। हम मंदिर में चले जाते है और दान-पुण्य करते हंै तो यह भक्ति नहीं है, आप हाथ में पानी लगा दो थोड़ी देर में वह सूख जाएगा यह भक्ति नहीं है, कुछ लहर आती है और हम झूमते है- नाचते है फिर उसी दिनचर्या में हम डूब जाते है, ये भक्ति नहीं है। दृढ़ता भक्ति में कब आए इसके लिए पहले हमें भगवान को जानना पड़ेगा, जानने से उनके होने का आभास होगा फिर उसमें हमारी प्रीत होगी तब फिर भक्ति हो जाएगी, ये क्रम है और इसको कोई काट नहीं सकता है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>आस्था की पदयात्रा ...विधायक भावना बोहरा अमरकंटक से भोरमदेव तक कांवड़ लेकर चलेंगी 151 किलोमीटर</title><link>https://cnin.co.in/आस्था-की-पदयात्रा-...विधायक-भावना-बोहरा/82490</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;पंडरिया। सावन के दूसरे सोमवार को अमरकंटक से भोरमदेव तक आस्था की पदयात्रा शुरू होगी। पंडरिया विधायक भावना बोहरा 10 अगस्त को मां नर्मदा मंदिर, अमरकंटक से भोरमदेव तक 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा शुरू करेंगी। सुबह 7 बजे पूजा-अर्चना के बाद शुरू होने वाली यह यात्रा 16 अगस्त को भोरमदेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के साथ पूरी होगी। इस बार यात्रा की खास बात यह है कि वनांचल क्षेत्र में अपने मूल धर्म में वापसी करने वाले 15 बैगा आदिवासी भी कांवड़ लेकर यात्रा में शामिल होंगे।भावना बोहरा लगातार दूसरे वर्ष अमरकंटक से भोरमदेव तक कांवड़ पदयात्रा कर रही हैं। पिछले वर्ष भी उन्होंने छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना के साथ यह यात्रा की थी। इस बार यात्रा में 300 से अधिक कांवड़ यात्रियों के शामिल होने की बात कही गई है। अमरकंटक से भोरमदेव तक श्रद्धालु मां नर्मदा का जल लेकर आगे बढ़ेंगे और अंतिम पड़ाव पर भगवान भोरमदेव का जलाभिषेक करेंगे।</description ></item><item><title>फरसगांव पुलिस ने 1200 घरों और 150 दुकानों में दबिश देकर 173 संदिग्धों से की पूछताछ</title><link>https://cnin.co.in/फरसगांव-पुलिस-ने-1200-घरों-और-150-दुकानों-में-दबिश/82489</link><description>कोंड़ागांव। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अवैध प्रवासियों और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने फरसगांव पुलिस ने सघन जांच और सत्यापन अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस ने 173 संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ और तस्दीक के लिए थाना फरसगांव लाया, जहां उनके पहचान पत्र एवं आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। पुलिस द्वारा संबंधित थानों से एसएस रोल और एनओसी के माध्यम से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि थाना क्षेत्र में कोई अवैध प्रवासी या संदिग्ध व्यक्ति तो निवास नहीं कर रहा है। फरसगांव पुलिस के अनुसार संदिग्धों की तस्दीक के बाद आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता नहीं पाए जाने पर उन्हें आवश्यक हिदायत देकर छोड़ा गया है।पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान में करीब 150 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की 21 टीमें मैदान में उतारी गईं। एसडीओपी अभिनव उपाध्याय एवं डीएसपी सिद्धार्थ बघेल के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने फरसगांव नगर पंचायत के सभी 15 वार्डों सहित जुगानी कलार, जुगानी कैंप, पश्चिम बोरगांव, पूर्वी बोरगांव और सिगारपुरी क्षेत्र में घर-घर जाकर जांच की। इस दौरान 1200 से अधिक घरों और 160 से अधिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई।पुलिस ने बाहर से आकर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मुसाफिर रजिस्टर में एंट्री कराई। वहीं मकान मालिकों को समाधान ऐप डाउनलोड कराकर किरायेदारों एवं अन्य लोगों की जानकारी दर्ज करने के लिए भी जागरूक किया गया। पुलिस ने अभियान के दौरान मटन दुकान, नाई दुकान, कबाड़ी दुकान सहित ऐसे विभिन्न प्रतिष्ठानों को भी चिन्हांकित किया, जहां बाहरी अथवा असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी काम कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य संदिग्ध एवं अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करना, अपराध नियंत्रण और क्षेत्र में पुलिस की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करना है। फरसगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के सघन जांच और सत्यापन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।फरसगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आस-पास कोई संदिग्ध व्यक्ति, अवैध प्रवासी, संदिग्ध फेरीवाला या अपरिचित व्यक्ति दिखाई देता है, तो इसकी सूचना तत्काल थाना फरसगांव पुलिस को दें। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 पर भी सूचना दी जा सकती है। फरसगांव पुलिस ने कहा है कि क्षेत्र में सुरक्षा और कानून- व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।</description ></item><item><title>राष्ट्रीय महिला आयोग के मार्गदर्शन में सुकमा में विवाह पूर्व संवाद केंद्र - तेरे मेरे सपने का शुभारंभ</title><link>https://cnin.co.in/राष्ट्रीय-महिला-आयोग-के-मार्गदर्शन-में/82488</link><description>सुकमा। राष्ट्रीय महिला आयोग के मार्गदर्शन में समर्पित सेवा संस्था, सुकमा द्वारा प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर - तेरे मेरे सपने (विवाह पूर्व संवाद केंद्र) का शुभारंभ किया गया। केंद्र का उद्देश्य विवाह से पूर्व युवाओं एवं भावी दंपत्तियों के बीच संवाद, आपसी समझ, सम्मान, विश्वास तथा स्वस्थ एवं सुदृढ़ वैवाहिक संबंधों को बढ़ावा देना है। संपर्क: डॉ. जगदीश झिरे - 8149481805, समर्पित सेवा संस्था, सुकमा: 062686 44916 उक्त नंबर पर संर्पक किया जा सकता है।&amp;nbsp;केंद्र के माध्यम से युवाओं एवं भावी दंपत्तियों को विवाह पूर्व परामर्श, मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विवाह से जुड़े सामाजिक, पारिवारिक एवं व्यक्तिगत विषयों पर संवाद के माध्यम से भावी दंपत्तियों को बेहतर समझ एवं सकारात्मक निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्यक्रम में राजेश नाग (सदस्य), सुश्री मोनिका सहित संस्था के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने कहा कि वैवाहिक एवं पारिवारिक विवादों की रोकथाम के लिए विवाह से पूर्व संवाद एवं परामर्श को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तेरे मेरे सपने दोनों के साझा सपनों और साझा जीवन की अवधारणा है। विवाह की तैयारियों के साथ यह विचार करना भी जरूरी है कि दोनों अपने जीवन, अपेक्षाओं, जिम्मेदारियों एवं भविष्य को किस प्रकार मिलकर आगे बढ़ाएंगे और कठिन परिस्थितियों में एक-दूसरे का सहयोग कैसे करेंगे। इसी उद्देश्य से प्रत्येक जिले में तेरे मेरे सपने प्री-मैरिटल सेंटर स्थापित करने की पहल की गई है। संस्था के सचिव डॉ. जगदीश झिरे ने कहा कि यह केंद्र युवाओं को उचित परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान कर परिवारों में सौहार्द, सम्मान, विश्वास एवं सकारात्मक संबंधों को मजबूत करने में सहायक होगा।</description ></item><item><title>सेवा सेतु बना विद्यार्थियों के भविष्य का संबल, छात्रा संजना को समय पर मिला जाति प्रमाण पत्र</title><link>https://cnin.co.in/सेवा-सेतु-बना-विद्यार्थियों-के-भविष्य-का/82487</link><description>00 पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था से घर के नजदीक मिल रही शासकीय सेवाएंरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिकों की पहुंच में लाने के उद्देश्य से संचालित सेवा सेतु योजना राज्यभर में लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर उभर रही है। यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए समय, श्रम और अनावश्यक कार्यालयी दौड़-भाग को कम करने में प्रभावी साबित हो रही है।सूरजपुर जिले के भैयाथान तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत करोंदामूड़ा निवासी श्री नवानंद ने अपनी पुत्री कुमारी संजना के लिए जाति प्रमाण पत्र बनवाने हेतु सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया। आवेदन के कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया, जिससे उनकी पुत्री की शिक्षा से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो सकीं।श्री नवानंद ने बताया कि पहले जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज बनवाने के लिए लोगों को कई बार तहसील और अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की अतिरिक्त आवश्यकता होती थी। अब सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक हो गई है तथा उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र मिलने से अब संजना की छात्रवृत्ति, प्रवेश एवं अन्य शैक्षणिक औपचारिकताएं आसानी से पूरी हो सकेंगी और उसकी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आएगी। नवानंद ने छत्तीसगढ़ शासन की इस डिजिटल पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु जैसी व्यवस्था आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है, क्योंकि इससे शासकीय सेवाएं अब गांवों और घरों के करीब पहुंच रही हैं।राज्य शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को समयबद्ध, पारदर्शी और सुगम शासकीय सेवाएं उपलब्ध हों। सेवा सेतु योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सुशासन, डिजिटल सेवा विस्तार और नागरिक सुविधा के राज्य सरकार के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान कर रही है।</description ></item><item><title>नुआखाई पर्व में शामिल होने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को विधायक मिश्रा ने दिया आमंत्रण</title><link>https://cnin.co.in/नुआखाई-पर्व-में-शामिल-होने-राष्ट्रपति/82486</link><description>रायपुर। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को रायपुर में आयोजित होने वाले नुआखाई पर्व में शामिल होने के लिए निमंत्रण पत्र देने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में विधायक पुरंदर मिश्रा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं, सामाजिक समरसता और नुआखाई पर्व के सांस्कृतिक महत्व से भी अवगत कराया।विधायक पुरंदर मिश्रा बताया कि नुआखाई केवल एक पर्व नहीं, बल्कि नई फसल, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, पारिवारिक एकजुटता और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। भगवान श्री जगन्नाथ की पावन परंपरा से जुड़े इस आयोजन का छत्तीसगढ़ में विशेष सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। महामहिम राष्ट्रपति मुर्मू को नुआखाई पर्व में शामिल होने का आमंत्रण देना उनके लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू का सान्निध्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और भगवान श्री जगन्नाथ की भक्ति परंपरा के लिए गौरव का विषय होगा। इससे प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को देशभर में नई पहचान मिलेगी।उन्होंने कहा कि नुआखाई पर्व हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव है, जो लोगों को अपनी जड़ों, अपनी मिट्टी और अपनी परंपराओं से जोड़ता है। रायपुर के श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित होने वाला यह आयोजन श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम होगा।</description ></item><item><title>गंगरेल के जंगलों से गहरे जख्मों के साथ रेस्क्यू हुआ अजगर</title><link>https://cnin.co.in/गंगरेल-के-जंगलों-से-गहरे-जख्मों-के-साथ/82485</link><description>00 प्राथमिक इलाज के बाद विशेषज्ञ देखभाल के लिए रायपुर जंगल सफारी भेजा गयारायपुर। धमतरी वन परिक्षेत्र के गंगरेल वन क्षेत्र में गंभीर रूप से घायल मिले एक भारतीय अजगर (पायथन मोलुरस) को वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। धमतरी में प्राथमिक उपचार देने के बाद अजगर को बेहतर इलाज और निरंतर निगरानी के लिए रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी भेज दिया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका स्वास्थ्य सुधर रहा है।पत्थर या भारी वस्तु से हमले की आशंकामामला 8 अगस्त का है, जब गंगरेल के जंगल में एक विशालकाय अजगर को लहूलुहान अवस्था में देखा गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने सर्प मित्र नीरज पांडेय के सहयोग से अजगर का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित रूप से धमतरी वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी, धमतरी और डिप्टी रेंजर की मौजूदगी में पशु चिकित्सक ने अजगर की चिकित्सकीय जांच की। परीक्षण के दौरान अजगर के सिर, पूंछ और शरीर के कई हिस्सों में गहरे घाव पाए गए। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी ने उस पर भारी पत्थर या किसी कठोर वस्तु से जानबूझकर हमला किया था।रायपुर जंगल सफारी में विशेषज्ञों की निगरानी में इलाजडॉ. मयंक पटेल द्वारा तुरंत प्राथमिक उपचार देने और आवश्यक दवाएं प्रदान करने के बाद अजगर की स्थिति स्थिर हुई। डिप्टी रेंजर ने बताया कि अजगर के घाव गहरे हैं, इसलिए उसे उच्च स्तरीय देखभाल और निरंतर विशेषज्ञ निगरानी की आवश्यकता थी। इसी उद्देश्य से शनिवार रात को अजगर को राजधानी रायपुर के जंगल सफारी स्थानांतरित कर दिया गया, जहां वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम उसकी रिकवरी पर नज़र बनाए हुए है।वन विभाग की अपील : वन्यजीवों पर हमला न करें, तुरंत दें सूचनावन विभाग ने इस घटना के बाद आम नागरिकों से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी घायल या भटकता हुआ वन्यजीव दिखने पर उसे नुकसान न पहुंचाएं और न ही स्वयं पकडऩे का प्रयास करें। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल वन विभाग या स्थानीय पुलिस को दें, क्योंकि वन्यजीवों का संरक्षण हम सभी की साझी जिम्मेदारी है।</description ></item><item><title>विधायक विद्यावती सिदार के पति कुंजबिहारी का उपचार के दौरान निधन</title><link>https://cnin.co.in/विधायक-विद्यावती-सिदार-के-पति-कुंजबिहारी-का/82484</link><description>रायगढ़। लैलूंगा की कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार के पति कुंजबिहारी सिदार का कल देर रात राजधानी के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। कुंजबिहारी सिदार का अंतिम संस्कार रविवार को कुंजेमुरा गांव में किया गया। बता दें कि कुंजबिहारी सिदार एक राजनीतिक परिवार से आते थे, उनके पिता प्रेम सिंह सिदार लैलूंगा विधानसभा से तीन बार विधायक रह चुके हैं। कुंजबिहारी सिदार के पुत्र अभिषेक सिदार और एक पुत्री प्रेरणा सिदार है।</description ></item><item><title>आईएएस कटारिया के खिलाफ एमपी की पूर्व सांसद ने लोस अध्यक्ष को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर लिखा पत्र</title><link>https://cnin.co.in/आईएएस-कटारिया-के-खिलाफ-एमपी-की-पूर्व-सांसद-ने/82483</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव आईएएस अमित कटारिया और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बीच चल रहा विवाद अब नया राजनीतिक मोड़ ले चुका है। रायपुर सांसद के बाद अब मध्यप्रदेश की पूर्व सांसद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री जयश्री बनर्जी ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अमित कटारिया के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।जयश्री बनर्जी ने 5 अगस्त 2026 को लोकसभा अध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के खिलाफ की गई शिकायत की जानकारी मिली। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस मामले में लोकसभा सचिवालय पहले ही तथ्यात्मक जानकारी मांग चुका है। पूर्व सांसद ने अपने पत्र में अमित कटारिया के स्वास्थ्य विभाग में कार्यकाल के दौरान 108 एंबुलेंस सेवा के टेंडर से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी और अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। जयश्री बनर्जी ने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा सीधे आम जनता की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी है। ऐसे में यदि टेंडर प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है, तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने पत्र में मांग की कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।पूर्व सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लिया जाए। साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और जनप्रतिनिधियों के सम्मान को बनाए रखने के लिए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए।ऐसे शुरू हुआ पूरा विवादइस विवाद की शुरुआत 20 मई 2026 को हुई थी। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने फोन पर उनसे कथित तौर पर कहा था, जो करना है कर लो। सांसद का कहना था कि जनहित से जुड़े उनके कई पत्रों और स्मरण पत्रों का लंबे समय से जवाब नहीं दिया जा रहा था।</description ></item><item><title>हाईकोर्ट में कल से लागू होगा नया शेड्यूल, 4 डिवीजन बेंचों में होगी सुनवाई</title><link>https://cnin.co.in/हाईकोर्ट-में-कल-से-लागू-होगा-नया-शेड्यूल,-4/82482</link><description>बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार से नया न्यायिक रोस्टर लागू हो जाएगा। चीफ जस्टिस की ओर से जारी नए रोस्टर के तहत डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच में मामलों का नए सिरे से बंटवारा किया गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है। नए रोस्टर के अनुसार चार डिवीजन बेंच अलग-अलग श्रेणी के मामलों की सुनवाई करेंगी, जबकि सिंगल बेंचों को भी विषयवार और वर्षवार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।डिवीजन बेंच-1 में चीफ जस्टिस और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल जनहित याचिकाओं, रिट अपील, हेबियस कॉर्पस, आपराधिक अपील और अन्य महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करेंगे।डिवीजन बेंच-2 में जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल आपराधिक मामलों और वर्ष 2022 तक के अल्ट्रा वायर्स मामलों की सुनवाई करेंगे।डिवीजन बेंच-3 को वर्ष 2016 से आगे की एक्विटल (दोषमुक्ति) अपीलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है।डिवीजन बेंच-4 में सिविल, कंपनी, टैक्स और वैवाहिक मामलों से संबंधित अपीलों की सुनवाई होगी।नए रोस्टर में सिंगल बेंचों के कार्यक्षेत्र का भी स्पष्ट निर्धारण किया गया है। अलग-अलग न्यायाधीशों को सर्विस रिट, सिविल रिवीजन, मोटर व्हीकल एक्ट से जुड़े मामले, आपराधिक अपील, द्वितीय अपील और अन्य विषयों की सुनवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मामलों का वर्गीकरण विषय और वर्ष के आधार पर किया गया है, ताकि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा हो सके। चीफ जस्टिस की स्पेशल बेंच में जमानत आवेदन, आपराधिक पुनरीक्षण (क्रिमिनल रिवीजन), ट्रांसफर याचिकाओं और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई की जाएगी। ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध किया जाएगा।रोस्टर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कुछ सिंगल बेंचों में सुनवाई दोपहर 2:15 बजे से शुरू होगी या संबंधित डिवीजन बेंच की सूची पूरी होने के बाद निर्धारित मामलों की सुनवाई की जाएगी। इससे न्यायिक कार्यों के बेहतर प्रबंधन और मामलों के त्वरित निस्तारण में मदद मिलने की उम्मीद है।</description ></item><item><title>वन्यजीव तस्करों पर कड़ी कार्रवाई, सांभर शिकार मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल</title><link>https://cnin.co.in/वन्यजीव-तस्करों-पर-कड़ी-कार्रवाई,-सांभर/82481</link><description>रायपुर। वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के सख्त निर्देशों के बाद वन विभाग ने वन्यजीव तस्करों और शिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में मोहला वनमंडल के दक्षिण मानपुर क्षेत्र में सांभर का शिकार करने वाले तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।वनमण्डलाधिकारी श्री दिनेश कुमार पटेल ने बताया कि विगत 6 अगस्त की शाम को वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम पंचायत बागडोगरी के रेंगाटोला गांव (तहसील औंधी) में कुछ लोग सांभर का मांस पका रहे हैं। सूचना मिलते ही दक्षिण मानपुर के परिक्षेत्र अधिकारी और मानपुर के उपवनमंडलाधिकारी ने सर्च वारंट लेकर तुरंत मौके पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पका हुआ मांस बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि खेत में फंसे सांभर के बच्चे की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या की गई थी। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियोंकृकाजूराम (पिता मसरूराम), रघुराम (पिता मनीराम) और राहुल (पिता सुकलु) को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सी.जी.एम.) न्यायालय, अंबागढ़ चौकी में पेश किया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में राजनांदगांव जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया है।इस संदर्भ में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकारियों के खिलाफ ऐसे ही कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे।</description ></item><item><title>चेम्बर ऑफ कॉमर्स के संभागीय कार्यकारी अध्यक्ष कमल सोनी ने दिया इस्तीफा</title><link>https://cnin.co.in/चेम्बर-ऑफ-कॉमर्स-के-संभागीय-कार्यकारी/82480</link><description>&amp;nbsp;* संविधान में असंतुलन, नेतृत्व में असमानता और क्षेत्रीय उपेक्षा को बताया इस्तीफे का कारण* पद छोड़ा है, लेकिन पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों की आवाज उठाने का संघर्ष जारी रहेगा&amp;nbsp;&amp;nbsp;बिलासपुर-छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बिलासपुर संभाग कार्यकारी अध्यक्ष एवं संविधान संशोधन समिति के सदस्य श्री कमल सोनी ने चेम्बर की कार्यप्रणाली एवं संविधान में विद्यमान असंतुलित व्यवस्थाओं के प्रति गंभीर असहमति व्यक्त करते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।श्री कमल सोनी ने कहा कि उनके द्वारा चेम्बर में लगातार संविधान संशोधन, संतुलित नेतृत्व एवं प्रदेश के सभी संभागों के व्यापारियों को समान प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई जाती रही है। उनका कहना है कि &amp;nbsp;आज यानि 09 अगस्त 2026 की कार्यकारिणी बैठक में संविधान संशोधन एवं बिलासपुर के व्यापारियों के हितों से जुड़े विषयों को बैठक के एजेंडे में शामिल किया गया था, लेकिन बाद में इन महत्वपूर्ण विषयों को एजेंडे से हटा दिया गया।* धारा 15 में मौजूद व्यवस्था पर गंभीर सवालश्री सोनी ने चेम्बर के संविधान की धारा 15 को प्रदेश के संतुलित नेतृत्व के संदर्भ में महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में अध्यक्ष, महामंत्री एवं कोषाध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों के लिए रायपुर एवं नया रायपुर क्षेत्र से संबंधित पात्रता निर्धारित है, जबकि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों को सर्वोच्च नेतृत्व में समान अवसर प्राप्त नहीं हो पाता।उनका कहना है कि जब संगठन पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है, तो उसके नेतृत्व की व्यवस्था भी पूरे प्रदेश के सभी संभागों एवं क्षेत्रों के लिए समान अवसर वाली होनी चाहिए। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता है।* चेम्बर पूरे प्रदेश की आवाज बने—सिर्फ एक क्षेत्र की नहींश्री कमल सोनी ने कहा कि राज्य स्तरीय व्यापारिक संगठन के रूप में चेम्बर का मूल दायित्व प्रदेश के सभी संभागों के व्यापारियों की मांगों और समस्याओं को राज्य एवं केंद्र सरकार तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। लेकिन वर्तमान व्यवस्था में रायपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के विषयों को अधिक प्राथमिकता मिलने तथा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की मांगों के अपेक्षित रूप से सामने नहीं आने की स्थिति बनी हुई है।उन्होंने कहा कि संतुलित नेतृत्व के बिना संतुलित विकास संभव नहीं है। प्रदेश के प्रत्येक संभाग की अपनी आर्थिक, औद्योगिक एवं व्यापारिक विशेषताएं हैं और उन सभी को चेम्बर के स्तर पर समान महत्व मिलना चाहिए।* बिलासपुर को स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल करने की मांगश्री सोनी ने कहा कि बिलासपुर के व्यापारियों द्वारा लंबे समय से स्टेट कैपिटल रीजन के विस्तार की मांग की जा रही है। वर्तमान में रायपुर, भिलाई, दुर्ग एवं आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। बिलासपुर को भी इसमें शामिल किए जाने की मांग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बिलासपुर प्रदेश का प्रमुख व्यापारिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र होने के साथ-साथ उच्च न्यायालय, रेलवे जोन एवं अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं संस्थागत गतिविधियों का केंद्र है।उन्होंने कहा कि बिलासपुर को स्ष्टक्र में शामिल करने की मांग को अपेक्षित गंभीरता से आगे नहीं बढ़ाया गया, जबकि इससे बिलासपुर सहित पूरे क्षेत्र के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल सकती है।* बिलासपुर में इंडस्ट्रियल पार्क की आवश्यकताश्री सोनी ने कहा कि बिलासपुर संभाग की अपनी विशिष्ट औद्योगिक एवं आर्थिक क्षमता है। यहां बिजली, कोयला, रेलवे, लाइमस्टोन, हाईकोर्ट एवं पानी जैसे महत्वपूर्ण संसाधन एवं संस्थान मौजूद हैं। इसके बावजूद बिलासपुर में इंडस्ट्रियल पार्क की आवश्यकता तथा व्यापारियों की इस संबंधी मांग को अपेक्षित रूप से शासन तक पहुंचाने में संगठन की भूमिका प्रभावी नहीं रही।उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय व्यापारियों एवं उद्यमियों की मांगों को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुंचाया जाए, तो बिलासपुर संभाग में निवेश, उद्योग एवं रोजगार के बड़े अवसर पैदा किए जा सकते हैं।क्षेत्रीय असंतुलन का असर औद्योगिक पलायन के रूप में सामने आ रहा है.श्री कमल सोनी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न संभागों की अपेक्षित मांगों के समय पर पूरा नहीं होने तथा क्षेत्रीय आवश्यकताओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने के कारण पिछले लगभग 10 वर्षों में बिलासपुर सहित अन्य संभागों के प्रमुख उद्योगों का रायपुर एवं आसपास के क्षेत्रों की ओर पलायन तेज हुआ है।उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश के सभी क्षेत्रों को समान प्रतिनिधित्व एवं विकास के अवसर नहीं मिलेंगे, तो आर्थिक एवं औद्योगिक असंतुलन बढ़ता जाएगा। इसका नुकसान केवल किसी एक शहर या संभाग को नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को होगा।*पद से अलग, लेकिन संघर्ष से नहींश्री कमल सोनी ने स्पष्ट किया कि उनका त्यागपत्र किसी व्यक्ति या किसी क्षेत्र के विरोध में नहीं है। यह संगठन की व्यवस्था में आवश्यक सुधार एवं पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों को समान नेतृत्व और प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक सिद्धांत आधारित निर्णय है।उन्होंने कहा—'मैंने पद से त्यागपत्र दिया है, लेकिन अपने उद्देश्य से नहीं। बिलासपुर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी संभागों के व्यापारियों एवं व्यवसायियों की आवाज को मजबूती प्रदान करने का प्रयास जारी रहेगा। उनकी समस्याओं, सुझावों और मांगों को सरकार तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए हम प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। यह प्रयास तब तक जारी रहेगा, जब तक चेम्बर के मूल उद्देश्य—पूरे प्रदेश के व्यापारियों की प्रभावी एवं समान आवाज—को वास्तविक रूप से स्थापित नहीं किया जाता। 'उन्होंने कहा कि बिलासपुर संभाग में बिजली, कोयला, रेलवे, लाइमस्टोन, हाईकोर्ट, पानी जैसे महत्वपूर्ण संसाधन एवं संस्थान होने के बावजूद और प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी अनेक औद्योगिक संभावनाएं मौजूद होने के बावजूद यदि संगठनात्मक व्यवस्था में असमानता बनी रहती है, तो इन क्षेत्रों की विकास क्षमता प्रभावित होती रहेगी।श्री कमल सोनी ने दोहराया कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति या क्षेत्र के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के लिए समान नेतृत्व, समान प्रतिनिधित्व और संतुलित आर्थिक एवं औद्योगिक विकास की व्यवस्था स्थापित करने के लिए है।</description ></item><item><title>गुजरात में छत्तीसगढ़ पर्यटन की दमदार दस्तक</title><link>https://cnin.co.in/गुजरात-में-छत्तीसगढ़-पर्यटन-की-दमदार-दस्तक/82479</link><description>&amp;nbsp;ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर गांधीनगर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की प्रभावी सहभागितादेशभर से पहुंचे पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने राज्य के पर्यटन वैभव को सराहारायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्यटन विकास, अधोसंरचना विस्तार और व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा राज्य के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक एवं रोमांचक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुजरात के गांधीनगर में 6 से 8 अगस्त तक आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की प्रभावी सहभागिता राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देशभर के पर्यटन बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनी है।देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन प्रचार आयोजनों के माध्यम से पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने वाली संस्था फेयर फेस्ट मीडिया द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण पर्यटन मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध पर्यटन विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय एवं सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों, जलप्रपातों, वन क्षेत्रों और रोमांचक पर्यटन स्थलों की जानकारी देशभर से पहुंचे पर्यटन व्यवसायियों एवं प्रतिनिधियों तक पहुंचाई जा रही है।®-26 पर्यटन व्यवसायियों के साथ छत्तीसगढ़ की प्रभावी सहभागिताट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीकृत 26 ट्रैवल एजेंट एवं होटल व्यवसायियों ने भी सहभागिता की है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को पर्यटन उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के समक्ष सीधे प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे यात्रा संचालकों, ट्रैवल एजेंटों, होटल व्यवसायियों तथा पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ पवेलियन का निरंतर भ्रमण किया जा रहा है। आगंतुकों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन सुविधाओं, भ्रमण की संभावनाओं तथा विभिन्न पर्यटन गंतव्यों की विशेषताओं की जानकारी दी जा रही है।®-100 वर्ग मीटर में सजा आकर्षक छत्तीसगढ़ पवेलियनछत्तीसगढ़ की पर्यटन क्षमता को प्रभावी और आकर्षक तरीके से प्रदर्शित करने के साथ ही राज्य के साथ गए पर्यटन व्यवसायियों के लिए बेहतर बैठक एवं व्यावसायिक संवाद की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में आकर्षक छत्तीसगढ़ पवेलियन तैयार कराया गया है।पवेलियन में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत, प्रमुख पर्यटन स्थलों और पर्यटन की विविध संभावनाओं को आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया गया है। पवेलियन में पहुंच रहे पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी के साथ यहां उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं और भ्रमण की संभावनाओं से भी अवगत कराया जा रहा है।®-नए पर्यटन व्यवसायी छत्तीसगढ़ से जुड़ने के लिए दिखा रहे रुचिटीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ की सहभागिता के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन में बड़ी संख्या में नए ट्रैवल एजेंट, यात्रा संचालक एवं पर्यटन व्यवसायी पहुंच रहे हैं और राज्य के पर्यटन स्थलों के प्रति विशेष रुचि व्यक्त कर रहे हैं।छत्तीसगढ़ के पर्यटन प्रचार-प्रसार और पवेलियन की आकर्षक प्रस्तुति की सराहना करते हुए अनेक नए पर्यटन व्यवसायियों द्वारा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीयन कराने में रुचि दिखाई जा रही है। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों के लिए पर्यटन पैकेज एवं यात्रा सुविधाओं के विस्तार के साथ राज्य के पर्यटन स्थलों को व्यापक राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।®-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विजन को मिल रही नई गतिमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की विशिष्ट प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान को पर्यटन विकास की बड़ी ताकत के रूप में आगे बढ़ा रही है। राज्य की जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएं, ऐतिहासिक धरोहरें, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनें, इसके लिए पर्यटन क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ व्यापक प्रचार-प्रसार और पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।टीटीएफ जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में छत्तीसगढ़ की सहभागिता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे छत्तीसगढ़ की पहचान एक समृद्ध और विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में और अधिक मजबूत हो रही है।®-पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यटन प्रचार को विस्तारपर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से राज्य के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। पर्यटन उद्योग से जुड़े निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों, ट्रैवल एजेंटों, होटल व्यवसायियों एवं यात्रा संचालकों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास से जोड़ने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीकृत 26 पर्यटन व्यवसायियों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि राज्य के पर्यटन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पर्यटन गतिविधियों के विस्तार, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की व्यापक संभावनाएं हैं।®-देश के प्रमुख राज्यों की भी रही सहभागितागांधीनगर में आयोजित इस भव्य पर्यटन मेले में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और गुजरात पर्यटन के साथ मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, गोवा, महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली सहित देश के अनेक राज्यों ने सहभागिता की है।एक ही मंच पर देश के विभिन्न राज्यों के पर्यटन स्थलों और पर्यटन उत्पादों के प्रदर्शन से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को नए पर्यटन गंतव्यों की जानकारी प्राप्त करने तथा व्यावसायिक संभावनाओं को विस्तार देने का अवसर मिल रहा है।®-राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की पहचानछत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता को देशभर में पहचान दिलाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन आयोजनों में सहभागिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ की प्रभावी मौजूदगी से राज्य के पर्यटन स्थलों को देशभर के पर्यटन व्यवसायियों और संभावित पर्यटकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा पर्यटन व्यवसायियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर राज्य के पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार को व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में किए जा रहे इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने के साथ पर्यटन क्षेत्र में निवेश, रोजगार, स्थानीय व्यवसाय और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ की प्रभावी सहभागिता इसी व्यापक पर्यटन दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो राज्य की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक समृद्धि को देश के पर्यटन बाजार से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को एक आकर्षक, सुरक्षित और विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>बाजार के निर्माण में संस्कृति और नैरेटिव की भी महत्वपूर्ण भूमिका </title><link>https://cnin.co.in/बाजार-के-निर्माण-में-संस्कृति-और-नैरेटिव-की/82478</link><description>&amp;nbsp;* कल्चरल माक्सिजम पर अध्ययन एवं विमर्श सत्र आयोजित* मीडिया, सिनेमा, पाठ्यक्रम और साहित्य आज वैचारिक संघर्ष के प्रमुख क्षेत्र हैं* कल्चरल मार्क्सवाद को समझने के लिए उसके अकादमिक स्रोतों और वैचारिक पृष्ठभूमि को समझना जरूरी है- &amp;nbsp;कैलाशचंद्र जी&amp;nbsp;रायपुर। आंजनेय विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक मार्क्सवाद अध्ययन केंद्र, रायपुर द्वारा कल्चरल माक्सिजम के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन एवं विमर्श सत्र का आयोजन किया गया। सत्र में सांस्कृतिक बदलाव, शिक्षा, मीडिया, फिल्म, वेब सीरीज और ओटीटी प्लेटफॉर्म की भूमिका सहित समकालीन सामाजिक एवं वैचारिक विषयों पर चर्चा हुई।मुख्य वक्ता के रूप में श्री कैलाश चंद्र जी, मध्य क्षेत्र प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं प्रचारक, तथा श्री विश्वजीत जी, प्रचारक एवं मध्य क्षेत्र, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री संजय तिवारी जी, प्रांत प्रचार प्रमुख, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा एवं आंजनेय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री अभिषेक अग्रवाल, दिव्या अग्रवाल, टी. रामाराव, वाइस चांसलर तथा रूपाली चौधरी, रजिस्ट्रार, आंजनेय यूनिवर्सिटी भी उपस्थित रहे।श्री कैलाश चंद्र जी ने कहा कि वर्तमान समय में विचारों और सामाजिक धारणाओं के निर्माण में मीडिया और नैरेटिव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कल्चरल माक्सिजम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वैश्विक बाजार शक्तियों तथा भारतीय समाज की पारिवारिक एवं सांस्कृतिक संरचना पर इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा की। सत्र में भारतीय चिंतन परंपरा में काम, अर्थ, धर्म और मोक्ष की अवधारणा तथा पश्चिमी विचारधाराओं के साथ उसकी तुलना पर भी विचार-विमर्श हुआ।उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था, अकादमिक पाठ्यक्रमों और मनोरंजन माध्यमों के जरिए सामाजिक एवं सांस्कृतिक विमर्श का निर्माण होता है। जो विचार अकादमिक संस्थानों में पढ़ाया जाता है, वही धीरे-धीरे समाज के नैरेटिव का हिस्सा बनता है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत उसका परिवार और उसकी पारिवारिक मूल्य-व्यवस्था है।श्री विश्वजीत जी ने कहा कि सत्र के दौरान इटली के विचारक एंटोनियो ग्राम्शी के हि जेमनि (सांस्कृतिक वर्चस्व) के सिद्धांत तथा फ्रैंकफर्ट स्कूल के प्रमुख चिंतकों मैक्स होर्खाइमर, थियोडोर अडोर्नो एवं हर्बर्ट मार्क्यूज़ के विचारों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आधुनिक वैचारिक संघर्ष केवल राजनीतिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कृति, शिक्षा, मीडिया और सामाजिक संस्थाओं में भी इसके विभिन्न आयाम दिखाई देते हैं।सत्र के दौरान डेमेंद्र पिपरिया, सविता चंद्रा, डॉ. एल. प्रकाश राव, पूर्वी तिवारी एवं अमृता पाठक ने अपने-अपने विषयों की प्रस्तुति दी। प्रस्तुतियों के माध्यम से कल्चरल माक्सिजम के विभिन्न वैचारिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं को समझने का प्रयास किया गया।सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने मीडिया, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक बदलाव से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिन पर वक्ताओं ने विस्तार से अपने विचार रखे।</description ></item><item><title>मौसम बना रोड़ा..बाबा अमरनाथ की यात्रा तय समय से 20 दिन पहले रोक गई</title><link>https://cnin.co.in/मौसम-बना-रोड़ा..बाबा-अमरनाथ-की-यात्रा-तय-समय/82477</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;नई दिल्ली। बाबा अमरनाथ की यात्रा तय समय से 20 दिन पहले रोक दी गई है। लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के कारण रास्ते खराब हो जाने के कारण यह फैसला लिया गया।अब जो जत्थे यात्रा पर हैं, उन्हीं की यात्रा पूरी कराई जाएगी। नए जत्थे नहीं भेजे जाएंगे। अब तक 4.8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं।डिविजनल कमिश्नर कश्मीर अंशुल गर्ग ने बताया कि आईएमडी ने अगले कुछ दिनों में खराब मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 9 अगस्त से दोनों रूट पर यात्रा रोकने का फैसला किया गया है।यात्रा भले ही 9 अगस्त से श्रद्धालुओं के लिए बंद हो जाएगी, लेकिन पारंपरिक छड़ी मुबारक कार्यक्रम के साथ इसका धार्मिक समापन होगा। पवित्र छड़ी 28 अगस्त को पारंपरिक पहलगाम मार्ग से अमरनाथ गुफा तक जाएगी और इसी के साथ अमरनाथ यात्रा-2026 का औपचारिक समापन होगा।</description ></item><item><title>सर्पदंश का शिकार युवक ने जिंदा सांप को लेकर पहुंचा अस्पताल</title><link>https://cnin.co.in/सर्पदंश-का-शिकार-युवक-ने-जिंदा-सांप-को-लेकर/82476</link><description>कांकेर। जिले के पखांजूर इलाके के एक युवक सर्पदंश का शिकार हाेने के बाद युवक ने उसी जिंदा सांप को अपने गले में डाल लिया और करीब 14 किलोमीटर तक बाइक चलाकर अस्पताल पहुंच गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक बाइक चला रहा है और उसके गले में सांप लिपटा हुआ दिखाई दे रहा है।&amp;nbsp;मिली जानकारी के अनुसार पखांजूर क्षेत्र में सांप पकड़नें के दौरान युवक को सांप ने काट लिया था। सांप के काटने के बाद युवक ने उसे पकड़ लिया और गले में डाल लिया। बताया जा रहा है कि उसका मकसद अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को सांप की पहचान कराने का था, ताकि डॉक्टरों को इलाज में मदद मिल सके। हालांकि, सांप की पहचान के लिए उठाया गया यह कदम बेहद जोखिम भरा था। जिंदा सांप को शरीर के इतने करीब रखना किसी भी स्थिति में खतरनाक हो सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि सांप के काटने पर उसे पकड़ने या अस्पताल साथ ले जाने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है। पीड़ित को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या चिकित्सा केंद्र ले जाना सबसे जरूरी है।</description ></item><item><title>तेलंगाना को जोड़ने वाली तरेम-पामेड़ सड़क दो महीने में ही जगह-जगह से उखड़ने लगी </title><link>https://cnin.co.in/तेलंगाना-को-जोड़ने-वाली-तरेम-पामेड़-सड़क-दो/82475</link><description>सुकमा। जिले के बीजापुर सीमा के तरेम-पामेड इलाके में बनी सड़क निर्माण के महज दो महीने बाद ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है। स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि घटिया निर्माण के कारण सड़क की डामर परत कई जगह से खराब हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि जिस सड़क से उन्हें लंबे समय तक बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, वह निर्माण के कुछ ही समय बाद खराब होने लगी है।सुकमा जिला मुख्यालय से करीब 120 किलोमीटर दूर तरेम-पामेड मार्ग पर कई जगह सड़क की डामर परत उखड़ी हुई नजर आई। कुछ हिस्सों में मरम्मत का काम भी चलता मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की उखड़ी डामर को हटाकर किनारे रखा जा रहा है और जल्दबाजी में मरम्मत कर निर्माण की खामियों को छिपाने की कोशिश की जा रही है। तरेम-पामेड क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा है। तरेम-पामेड मार्ग छत्तीसगढ़ को तेलंगाना से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस सड़क का इस्तेमाल ग्रामीणों के साथ-साथ सुरक्षा बल भी करते हैं। विकास कार्यों से पिछड़े इस इलाके में सड़क निर्माण को ग्रामीणों के लिए बड़ी उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से आवागमन आसान होने के साथ स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी।बीजापुर के कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने सड़क निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि निर्माण में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।</description ></item><item><title>1,000 की मदद बनी प्रीति के सपनों की ताकत, महतारी वंदन से सिलाई सीखकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम</title><link>https://cnin.co.in/1,000-की-मदद-बनी-प्रीति-के-सपनों-की-ताकत,-महतारी/82474</link><description>00 30वीं किस्त के साथ खाते में पहुंचे 30 हजार; बच्चों की पढ़ाई संभालने के साथ हुनर को आजीविका बनाने की तैयारीरायपुर। आज जब महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने हुनर को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, ऐसे समय में महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के तहत हर माह मिलने वाली 1,000 की सहायता ने मनेन्द्रगढ़ विकासखंड की निवासी प्रीति साह को भी अपने सपनों को आकार देने का अवसर दिया है। 07 अगस्त 2026 को महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी होने के साथ प्रीति साह को अब तक कुल 30,000 की सहायता प्राप्त हो चुकी है। 30वीं किस्त मिलने पर उनके चेहरे पर खुशी है। प्रीति बताती हैं कि हर महीने मिलने वाली राशि परिवार की जरूरतों में सहयोग करने के साथ उन्हें अपने लिए कुछ नया सीखने और भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।आर्थिक सहायता से सीखा सिलाई का हुनरप्रीति साह ने बताया कि वे योजना से मिलने वाली 1,000 की राशि का उपयोग सिलाई सीखने के साथ-साथ बच्चों की छोटी-मोटी जरूरतों और उनकी पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। सिलाई सीखने के लिए आर्थिक सहायता मिलने से वे अपने हुनर को निखार रही हैं।उनका लक्ष्य है कि सिलाई का हुनर पूरी तरह सीखने के बाद इसे आगे चलकर आजीविका का साधन बनाया जाए। इस दिशा में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता उनके लिए शुरुआती पूंजी और प्रोत्साहन दोनों का काम कर रही है। प्रीति कहती हैं कि अपने लिए कोई नया कौशल सीखने का अवसर मिलना उनके लिए बड़ी बात है। आज वे सिलाई सीख रही हैं और आने वाले समय में इसी हुनर के माध्यम से अपनी आय का जरिया तैयार करने का सपना देख रही हैं।बच्चों की पढ़ाई में भी बन रही भागीदारपरिवार की जिम्मेदारियों के बीच बच्चों की शिक्षा प्रीति की प्राथमिकता है। वे बताती हैं कि हर महीने मिलने वाली राशि से बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलती है। कॉपी-किताब और अन्य आवश्यकताओं जैसे छोटे खर्चों में यह राशि परिवार के बजट को सहारा देती है। इस तरह महतारी वंदन योजना की सहायता प्रीति के लिए दोहरी भूमिका निभा रही है एक और वह अपने कौशल को मजबूत कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर बच्चों की शिक्षा में भी आर्थिक सहयोग दे रही हैं।सहायता से सिर्फ जरूरत नहीं, भविष्य भी संवार रही हूंप्रीति साह के लिए योजना की मासिक राशि अब केवल घरेलू खर्च में सहयोग तक सीमित नहीं है। वे इसका उपयोग अपने भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए भी कर रही हैं। सिलाई सीखने का निर्णय उनके आत्मनिर्भर बनने की इच्छा को दर्शाता है। वे बताती हैं कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता से उन्हें यह भरोसा मिला है कि वे अपनी जिम्मेदारियों के साथ अपने लिए भी कुछ कर सकती हैं। बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अपने हुनर को विकसित करना उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अनुभव है।30वीं किस्त पर चेहरे पर खुशी, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभारमहतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी होने पर प्रीति साह ने खुशी जाहिर की। अब तक प्राप्त 30,000 की राशि उनके लिए लगातार मिल रहे आर्थिक सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि योजना से महिलाओं को अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ कुछ नया सीखने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। प्रीति साह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में सहायता मिल रही है। उन्होंने 30वीं किस्त जारी होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। प्रीति साह की कहानी बताती है कि आर्थिक सशक्तिकरण की शुरुआत हमेशा बड़ी पूंजी से नहीं होती। कभी-कभी नियमित मिलने वाली छोटी-सी सहायता भी किसी महिला के भीतर छिपे हुनर को अवसर देती है। आज प्रीति अपने बच्चों की जरूरतों में सहयोग करते हुए सिलाई सीख रही हैं और कल इसी हुनर को अपनी आजीविका बनाने की दिशा में बढ़ रही हैं-यही महतारी वंदन योजना की सार्थकता की एक जीवंत तस्वीर है।</description ></item><item><title>विकसित राज्य@2047: ज्ञान के प्रकाश से संवरता युवाओं का भविष्य</title><link>https://cnin.co.in/विकसित-राज्य@2047:-ज्ञान-के-प्रकाश-से-संवरता/82473</link><description>00 उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, शोध और नवाचार से गढ़ी जा रही समृद्धि की नई गाथा* विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक,जनसंपर्करायपुर। राज्य सरकार ने ​वर्ष 2047 तक प्रदेश को एक सर्वसुविधायुक्त, समृद्ध और 'विकसित राज्य' के रूप में स्थापित करने का एक ऐतिहासिक संकल्प लिया गया है। किसी भी राज्य या राष्ट्र की प्रगति केवल भौतिक संसाधनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसके मानव संसाधन की दक्षता और बौद्धिक क्षमता पर टिके होती है। इसी दूरदर्शी सोच के साथ प्रदेश के विकास मॉडल के केंद्र में 'GYAN' यानी G (गरीब), Y (युवा), A (अन्नदाता/किसान) और N (नारी) को स्थापित किया गया है। आर्थिक और सामाजिक उन्नति के इस समूचे चक्र का मुख्य आधार हमारे युवा हैं। युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने, उन्हें उद्योगों की आधुनिक माँगों के अनुरूप ढालने और रोजगार-योग्य बनाने के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक व्यापक परिवर्तन की शुरुआत की जा चुकी है।उच्च शिक्षा विभाग एक 'मिशन मोड' में कर रहा है कार्यप्रदेश में उच्च शिक्षा को मात्र औपचारिक डिग्रियों के वितरण तक सीमित न रखकर उसे गुणवत्तापूर्ण, व्यावसायिक और परिणामोन्मुख बनाने के लिए निरंतर नीतिगत पहल की जा रही हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग एक 'मिशन मोड' में कार्य कर रहा है। 'उच्च शिक्षा मिशन योजना' के माध्यम से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ा जा रहा है, जिसका सीधा प्रभाव राज्य के सकल नामांकन अनुपात (GER) पर दिखाई दे रहा है। वर्ष 2021-22 में जहाँ प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात 19.6 प्रतिशत था, वहीं विभाग के सतत प्रयासों से यह बढ़कर वर्तमान में 27.5 प्रतिशत हो चुका है। सरकार का लक्ष्य NEP-2020 के अनुरूप वर्ष 2035 तक इस अनुपात को 50 प्रतिशत तक पहुँचाना है।सर्वसुविधायुक्त 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' महाविद्यालय की स्थापना की जा रही हैविद्यार्थियों के सर्वांगीण और समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक सर्वसुविधायुक्त 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही, शोध और अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'राज्य रिसर्च एवं इनोवेशन योजना' का खाका तैयार किया गया है। शिक्षा को जड़ों से जोड़ने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली को भी विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों में प्रमुखता से शामिल किया गया है।प्रदेश के कुल 343 शासकीय महाविद्यालयों में से नैक मूल्यांकन के लिए पात्रउच्च शिक्षा में पारदर्शिता और वैश्विक मानकों को सुनिश्चित करने के लिए संस्थानों के 'नैक' (NAAC) मूल्यांकन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के कुल 343 शासकीय महाविद्यालयों में से नैक मूल्यांकन के लिए पात्र 254 महाविद्यालयों में से 200 का मूल्यांकन सफलता से पूर्ण हो चुका है। इसी तरह प्रदेश के 09 विश्वविद्यालयों में से 05 विश्वविद्यालयों का नैक मूल्यांकन संपन्न हो गया है। इससे न केवल संस्थानों की गुणवत्ता सुधर रही है, बल्कि विद्यार्थियों को भी पारदर्शी आधार पर अपने लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान चुनने का अवसर मिल रहा है।प्रदेश में 08 नए शासकीय महाविद्यालय, 05 नए निजी महाविद्यालय तथा 03 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापनाभविष्य की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शैक्षणिक अवसंरचना का भी तेज़ी से विस्तार किया जा रहा है। वर्ष 2025–26 में प्रदेश में 08 नए शासकीय महाविद्यालय, 05 नए निजी महाविद्यालय तथा 03 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई है। केवल भवनों का निर्माण ही नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों में फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए प्राध्यापकों के 595 पदों और सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल एवं क्रीड़ाधिकारी के 700 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।​स्पष्ट है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ये समन्वित प्रयास केवल व्यवस्थागत सुधार नहीं हैं, बल्कि यह हमारे युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने और वर्ष 2047 के स्वर्णिम व विकसित प्रदेश की ठोस नींव रखने की एक सुदृढ़ प्रतिबद्धता है।</description ></item><item><title>शिक्षा नीति में वैश्विक दृष्टिकोण और विलुप्त ज्ञान के पुनरुद्धार पर बल</title><link>https://cnin.co.in/शिक्षा-नीति-में-वैश्विक-दृष्टिकोण-और/82472</link><description>00 कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय में टैगोर पुण्यतिथि पर बौद्धिक विमर्श​रायपुर। आधुनिक शिक्षा प्रणाली में भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश छात्रों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों के उत्थान और मानसिक कल्याण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह प्राचीन वैज्ञानिक सोच, खगोल विज्ञान, आयुर्वेद, योग और दर्शन को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर एक व्यावहारिक और समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि के अवसर पर आधुनिक शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्व विषय पर एक गरिमामय बौद्धिक विचार-विमर्श का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों ने राष्ट्रीय चेतना, चरित्र निर्माण और आधुनिक संदर्भों में प्राचीन ज्ञान के समावेश पर अपने विचार साझा किए।*भारत की ज्ञान परंपरा, दर्शन और अध्यात्म का सार तत्व है राष्ट्रगान जन-गण-मन*कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने कहा कि राष्ट्रगान जन-गण-मन केवल एक औपचारिक गीत नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान परंपरा, दर्शन और अध्यात्म का सार तत्व है। उन्होंने बताया कि गुरुदेव टैगोर ने इसमें संकीर्ण पश्चिमी राष्ट्रवाद के स्थान पर भारत की सर्वसमावेशी आत्मा को पिरोया है, जो उपनिषद के मूल्य सह नाववतु, सह नौ भुनक्तु (साथ चलें, साथ बढ़ें) की भावना को चरितार्थ करता है।*प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का मूल ध्येय चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास*​बौद्धिक विमर्श के प्रमुख बिंदु में शामिल ​चरित्र निर्माण और प्रकृति सम्मान पर चर्चा करते हुए डॉ. कपिल देव प्रजापति ने स्पष्ट किया कि प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का मूल ध्येय चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास, समाज सेवा और प्रकृति के प्रति निष्ठा विकसित करना रहा है। ​निरंतर विकासशील ज्ञान परंपरा पर चर्चा करते हुए प्रो. शैलेंद्र खंडेलवाल ने कहा कि भारतीय ज्ञान स्थायी न होकर समय और परिस्थितियों के अनुकूल निरंतर विकसित हुआ है। इसे गहराई से समझने के लिए सतत शोध की आवश्यकता है।*प्राचीन ज्ञान को आधुनिक संदर्भों में खोजकर पुनर्जीवित करने के प्रयास होने चाहिए*इसी तरह ​वैश्विक ज्ञान का समावेश पर डॉ. राजेंद्र मोहंती ने सुझाव दिया कि भारतीयता के संरक्षण के साथ-साथ विश्व भर के श्रेष्ठ और आधुनिक ज्ञान को भी शिक्षा नीति में शामिल किया जाना चाहिए। ​लुप्तप्राय ज्ञान का पुनरुद्धार पर डॉ. आशुतोष मंडावी ने बल देते हुए कहा कि जो प्राचीन ज्ञान समय के साथ विलुप्त हो गया है, उसे आधुनिक संदर्भों में खोजकर पुनर्जीवित करने के प्रयास होने चाहिए। कार्यक्रम में पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष श्री पंकज नयन पांडेय, कुलसचिव सुनील शर्मा, विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र शर्मा सहित विश्वविद्यालय के समस्त संकायों के प्राध्यापक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>खाना बनाते समय बेमेतरा के आत्मानंद स्कूल में गैस सिलेंडर से निकली लपटें, मची अफरा- तफरी</title><link>https://cnin.co.in/खाना-बनाते-समय-बेमेतरा-के-आत्मानंद-स्कूल-में/82471</link><description>बेमेतरा। सिंघोरी स्थित आत्मानंद स्कूल के किचन में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई। सिलेंडर में आग लगते ही किचन में अफरा-तफरी मच गई। आग की तेज लपटें देखकर स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। घटना के दौरान स्कूल में बच्चे भी मौजूद थे। किचन से आग की लपटें उठती देखकर स्कूल प्रबंधन ने बिना देर किए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्कूल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।प्राप्त जानकारी के मुताबिक सिंघोरी के आत्मानंद स्कूल के किचन में रोज की तरह खाना बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान गैस सिलेंडर में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं। किचन में मौजूद कर्मचारियों ने आग को देखकर तत्काल इसकी जानकारी स्कूल प्रबंधन को दी। आग बढऩे की आशंका को देखते हुए स्कूल परिसर में मौजूद बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। गैस सिलेंडर में आग लगने की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तत्काल सतर्कता दिखाई। बच्चों को किसी तरह का खतरा न हो, इसलिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर बाहर निकाला गया। स्कूल प्रबंधन की तत्परता से समय रहते सभी बच्चों को किचन और आग की जगह से दूर कर दिया गया। इससे किसी बच्चे के आग की चपेट में आने की स्थिति नहीं बनी।गैस सिलेंडर में आग किस वजह से लगी, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। प्रारंभिक तौर पर घटना खाना बनाने के दौरान होने की जानकारी सामने आई है। संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। स्कूल प्रबंधन की ओर से भी किचन में मौजूद गैस कनेक्शन, सिलेंडर और अन्य उपकरणों की जांच की जा सकती है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं और घटना के बाद स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।</description ></item><item><title>पीडीएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार की बड़ी पहल- रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तीन अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम का शुभारंभ</title><link>https://cnin.co.in/पीडीएस-प्रणाली-में-पारदर्शिता-के-लिए-राज्य/82470</link><description>00 राशन की कतार से मिलेगी मुक्ति, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए 24&amp;amp;7 घंटे खाद्यान्न- मंत्री बघेलरायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडएस) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने आज प्रदेश के पहले तीन अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम का रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस नवाचार के साथ छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां ग्रेन एटीएम के माध्यम से हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पीडएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार बड़ी पहल है।&amp;nbsp;अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशनकार्डधारी हितग्राही अब अपनी सुविधा के अनुसार 24&amp;amp;7 घंटे चावल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए मशीन की स्क्रीन पर राशनकार्डधारी को अपना आधार नंबर अथवा राशनकार्ड नंबर दर्ज करना होगा और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकेगा। इस सुविधा से उचित मूल्य की दुकानों में राशन लेने के लिए लगने वाली कतार और समय की बाध्यता से हितग्राहियों को राहत मिलेगी।वन नेशन.वन राशनकार्ड से दूसरे राज्यों के हितग्राहियों को भी सुविधाअन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की खासियत यह है कि छत्तीसगढ़ के राशनकार्डधारियों के साथ.साथ अन्य राज्यों के राशनकार्डधारी भी वन नेशन, वन राशनकार्ड योजना के तहत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रवासी श्रमिकों और अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले हितग्राहियों के लिए भी राशन प्राप्त करना आसान होगा।छत्तीसगढ़ ग्रेन एटीएम संचालित करने वाला देश का पांचवां राज्यअन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम वर्तमान में उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में संचालित हो रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ भी ग्रेन एटीएम संचालित करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो गया है। प्रदेश में तीन ग्रेन एटीएम की शुरुआत पीडीएस व्यवस्था में तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।2500 किलोग्राम तक खाद्यान्न भण्डारण क्षमतावर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की भण्डारण क्षमता लगभग 2500 किलोग्राम है। मशीन में चावल की लोडिंग पूर्णत: स्वचालित प्रणाली से होगी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद मशीन निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी। इससे खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को और मजबूत किया जा सकेगा।गरीब से लेकर हर हितग्राही के लिए समय की बचतखाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार के मार्गदर्शन में पीडीएस व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब हितग्राही अपने अन्य कार्यों के बाद अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रेन एटीएम के उपयोग से समय की बचत होगी और उचित मूल्य दुकानों में भीड़ तथा कतार की समस्या कम होगी। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के शुरू होने से छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक बनेगी। तकनीक आधारित यह पहल हितग्राहियों को समय की बचत के साथ सम्मानजनक तरीके से खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा देगी और पीडीएस में पारदर्शिता को नई मजबूती प्रदान करेगी।पारदर्शी पीडीएस की दिशा में प्रभावी कदमवर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि सुश्री नजीऩो हॉसीमोनी ने छत्तीसगढ़ सरकार को इस नवाचार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की स्थापना राज्य सरकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल तथा खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले के प्रयासों से संभव हुई है। उन्होंने इसे पारदर्शी एवं प्रभावी पीडीएस प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। शुभारंभ अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक मोतीलाल साहू, खाद्य विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम नागरिक आपूर्ति निगम की एमडी श्रीमती इफ्फत आरा, अपर संचालक श्री नीलिमा एल्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित थे।</description ></item><item><title>सेन समाज सनातन परंपराओं और सामाजिक समरसता का मजबूत आधार : मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/सेन-समाज-सनातन-परंपराओं-और-सामाजिक-समरसता-का/82469</link><description>00 संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में होगा चौक का नामकरण00 सेन समाज का गौरवशाली इतिहास, जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों ने बढ़ाया समाज का मान00 केश शिल्पियों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध, समाज की मांगों पर गंभीरता से होगा विचार00 मुख्यमंत्री ने सेन समाज को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा कीरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सेन समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। इस समाज ने सदियों से भारतीय समाज की सामाजिक व्यवस्था, संस्कारों और समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत रत्न जननायक श्री कर्पूरी ठाकुर जैसे महान नेता का इस समाज से होना पूरे सेन समाज के लिए गौरव की बात है। सेन समाज केवल अपनी पारंपरिक सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जन्म से लेकर विवाह और मृत्यु तक समाज के प्रत्येक संस्कार में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह समाज सनातन परंपराओं और संस्कारों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सेन समाज को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेन समाज के कल्याण के लिए केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का गठन पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुआ था। उन्होंने कहा कि सेन समाज और अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उस समय अनेक महत्वपूर्ण पहल की गईं। सैलून संचालन के लिए सेन समाज के लोगों को किट, कुम्हारों को बैटरी चलित चाक और बढ़ई समाज के लोगों को कारपेंट्री किट देने की शुरुआत भी इसी दिशा में की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेन समाज की आज की आवश्यकताओं और मांगों पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी।संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में चौक का नामकरणमुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में चौक का नामकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नामकरण के लिए कमेटी बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने सेन समाज के विकास और कल्याण के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को आगे बढ़ा रहा सेन समाजमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुनर और प्रतिभा का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर वंचित वर्गों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष के प्रतीक रहे हैं। आज उनके सुपुत्र श्री रामनाथ ठाकुर केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी सेन समाज से विधायक श्री रिकेश सेन और छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन समाज की सेवा और प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब केश शिल्प कल्याण बोर्ड को युवा नेतृत्व मिला है, निश्चित रूप श्री गौरी शंकर श्रीवास के नेतृत्व में सेन समाज को आगे बढ़ाने का काम तेजी से होगा।सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के अनुरूप हो रहा विकासमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के हर वर्ग को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक हुनर और छोटे-छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता, ऋण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को भी सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने ग्रामीण और सामान्य परिवेश में रहकर उत्कृष्ट कार्य किया है। इससे देश में हुनर और श्रम के प्रति सम्मान की भावना मजबूत हुई है।ढाई साल में मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे किएमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने का काम तेजी से किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं और प्रतिदिन लगभग 1500 से 1600 मकानों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है और किसानों से किए गए वादों को भी पूरा किया गया है। प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है। दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी किसानों को दिया गया है।70 लाख माताओं-बहनों को हर माह मिल रहा महतारी वंदन का लाभमुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में हर महीने 1000 रुपए की राशि भेजी जा रही है। ढाई वर्षों में इस योजना के माध्यम से 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया रामलला का दर्शनमुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुन: शुरू किया गया है। प्रदेश के बुजुर्ग माता-पिता की तीर्थ यात्रा की इच्छा को पूरा करने के लिए सरकार अपने खर्च पर उन्हें देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करा रही है।भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायतामुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए पारिश्रमिक में वृद्धि की गई है और चरण पादुका योजना को पुन: शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों में 20 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा चुकी है। पुलिस, बिजली और सहकारिता सहित विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर दिए गए हैं। शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। नई उद्योग नीति के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश को अब तक 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और अनेक क्षेत्रों में काम शुरू हो गया है।समाज के पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएंमुख्यमंत्री साय ने सेन समाज के पदाधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के पात्र लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि समाज के जो बेटे-बेटियां किसी योजना के लिए पात्र हैं, उन्हें उसका लाभ दिलाने में समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।बिजली बिल समाधान योजना का लाभ लेने की अपीलमुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में बिजली बिलों का भुगतान नहीं होने के कारण कई परिवारों पर एक साथ बड़ी राशि का बिल आ गया है। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना लागू की गई है। इसके तहत पंजीयन कराने पर पात्र उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत दी जा रही है तथा सरचार्ज आदि भी माफ किया जा रहा है। उन्होंने पात्र लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की।80 हजार घरों में लग चुके हैं सोलर सिस्टममुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से प्रदेश में घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रदेश में अब तक लगभग 80 हजार घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिनमें करीब 40 हजार घरों में बिजली बिल शून्य आ रहा है। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने का आग्रह किया।सेवा सेतु से घर बैठे मिल रही 700 से अधिक सेवाएंमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु शुरू किया है। इसमें 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। नागरिक घर बैठे मोबाइल के माध्यम से जाति, आय, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों और अन्य सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से सीधे दर्ज करा सकते हैं शिकायतमुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है। इसके माध्यम से लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि तहसीलदार, इंजीनियर, थाना प्रभारी से लेकर सचिव स्तर तक के लगभग 8 हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं। शिकायतों के समाधान के लिए एल-1, एल-2, एल-3 और एल-4 स्तर पर व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सेन समाज के लिए श्री गौरीशंकर श्रीवास का चयन कर बहुत सही निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि संघर्ष का दूसरा नाम गौरीशंकर श्रीवास है। वे लगातार समाज के लिए कार्य कर रहे हैं और समाज को आगे बढ़ाने की ललक उनके भीतर है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधायक रिकेश सेन भी विधानसभा में सेन समाज और समाज के विभिन्न विषयों को सक्रियता के साथ उठाते हैं। उन्होंने कहा कि सेन समाज हजारों वर्षों से गांव और सामाजिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण धुरी रहा है। जन्म, विवाह और मृत्यु सहित जीवन के प्रत्येक संस्कार में सेन समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सेन समाज के लोग केवल सेवा करने वाले नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा माने जाते हैं और समाज में उनका गहरा विश्वास और संबंध रहा है। उन्होंने भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर को वंचित वर्गों के संघर्ष का बड़ा प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।कार्यक्रम में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सेन शक्ति सम्मेलन सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सेन समाज के कौशल विकास के लिए कौशल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे आवश्यकतानुसार नए ट्रेड और प्रशिक्षण को जोडऩे के सुझाव दें, ताकि समाज के युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि आज का दिन सेन समाज के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का गठन कर इसे सेन समाज को समर्पित किया था और अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बोर्ड को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सेन समाज के लोगों ने निस्वार्थ भाव से सेवा की। उन्होंने समाज के उत्थान और कल्याण से जुड़ी विभिन्न आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने सेन समाज प्रदेश भर से आए प्रशिक्षित युवाओं को किट वितरण किया।इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक रिकेश सेन, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, रजककार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कर्पूरी ठाकुर विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रघुवीर श्रीवास, संचालक समाज कल्याण श्री रणबीर शर्मा सहित बड़ी संख्या में सेन समाज के प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।</description ></item><item><title>अम्बेडकर अस्पताल की इमरजेंसी सेवा में बदली मरीजों की एंट्री व्यवस्था, गंभीर मरीजों को सीएमओ कक्ष से मिलेगा सीधा प्रवेश</title><link>https://cnin.co.in/अम्बेडकर-अस्पताल-की-इमरजेंसी-सेवा-में-बदली/82468</link><description>00 इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को अब नहीं गुजरना होगा भीड़ के बीच से, सोमवार से प्रवेश व्यवस्था में होगा बदलाव00 ओपीडी गेट स्थित कक्ष क्रमांक 100 से होगी आपात मरीजों की एंट्री और पंजीयनरायपुर। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के आपात चिकित्सा विभाग में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच अब गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक पहुंचने के लिए भीड़ के बीच से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। मरीजों की सुविधा, सुगम आवाजाही और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने आपात चिकित्सा विभाग की प्रवेश एवं पंजीयन व्यवस्था में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत ओपीडी गेट स्थित कक्ष क्रमांक 100, कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) कक्ष से आपात चिकित्सा की आवश्यकता वाले मरीजों का प्रवेश एवं पंजीयन किया जाएगा। सीएमओ कक्ष में मरीज की प्रारंभिक जांच के बाद गंभीर एवं तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता वाले मरीजों को बिना अनावश्यक विलंब के सीधे आपात चिकित्सा विभाग में भेजा जाएगा। इससे गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक पहुंचने में आसानी होगी और मरीजों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।उल्लेखनीय है कि कुछ वर्ष पूर्व तक आपात चिकित्सा विभाग का संचालन इसी स्थान से किया जाता था। मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि के कारण वर्तमान प्रवेश व्यवस्था में स्थानभाव के कारण भीड़ की स्थिति निर्मित हो रही थी। इससे मरीजों एवं उनके परिजनों को आवागमन में असुविधा हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पूर्व निर्धारित प्रवेश एवं पंजीयन स्थल को पुन: व्यवस्थित करने का निर्णय लिया है।अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी के अनुमोदन के उपरांत अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर की अध्यक्षता में शनिवार को अधीक्षक कक्ष में आपात चिकित्सा विभाग में मरीजों के सुचारू आवागमन एवं चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने के संबंध में बैठक आयोजित की गई। अस्पताल के राउंड के दौरान आपात चिकित्सा विभाग में मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण उत्पन्न भीड़ एवं स्थानाभाव का निरीक्षण किया गया। इसके बाद संबंधित विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों के साथ चर्चा कर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।डॉ. संतोष सोनकर के अनुसार, नई व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य मरीजों की भीड़ को नियंत्रित करना, गंभीर मरीजों को तत्काल आपात चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना तथा मरीजों एवं उनके परिजनों के आवागमन को सुगम बनाना है। पंजीयन एवं प्रवेश व्यवस्था में परिवर्तन के दौरान आपातकालीन सेवाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों के आवागमन एवं पंजीयन व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी। यदि आवश्यकता महसूस हुई तो मरीजों की सुविधा के अनुरूप आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।</description ></item><item><title>आमापाली में वित्त मंत्री चौधरी ने लगाई जन चौपाल, सुनी ग्रामीणों की समस्याएं</title><link>https://cnin.co.in/आमापाली-में-वित्त-मंत्री-चौधरी-ने-लगाई-जन/82467</link><description>00 महतारी वंदन की राशि से जगन्नाथ मंदिर निर्माण में सहयोग, महिलाओं ने पेश की सामाजिक सहभागिता की मिसाल00 स्वेच्छा से राशि एकत्रित कर मंदिर के प्रारंभिक निर्माण के लिए किया समर्पितरायगढ़। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमापाली में आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की। जन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत आमापाली की माताओं-बहनों की एक प्रेरणादायी पहल भी सामने आई। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्राप्त राशि में से अपनी इच्छा से धनराशि एकत्रित कर भगवान जगन्नाथ मंदिर के प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए समर्पित की। महिलाओं की इस पहल की वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सराहना की।वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि आमापाली की बहनों ने स्वेच्छा और संकल्प के साथ राशि एकत्रित कर मंदिर निर्माण में सहयोग दिया है। यह महिलाओं के आर्थिक योगदान के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता और नेतृत्व की जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ समाज और सामुदायिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मंत्री चौधरी ने कहा कि महिलाओं का यह स्वैच्छिक योगदान समाज में आपसी सहयोग, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। आमापाली की बहनों की यह पहल अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है।वित्त मंत्री चौधरी ने इस सराहनीय पहल के लिए ग्राम पंचायत आमापाली की सभी माताओं-बहनों और सहभागी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी बात सुनना और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करना राज्य सरकार की जनकल्याण एवं सुशासन की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।</description ></item><item><title>हरेली मनाएँ, हरियाली बचाएँ: नीम की डालियाँ न तोड़ें, आवश्यकता हो तो कुछ पत्तियाँ ही लें : डॉ. मिश्र</title><link>https://cnin.co.in/हरेली-मनाएँ,-हरियाली-बचाएँ:-नीम-की-डालियाँ-न/82466</link><description>रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने हरेली पर्व के अवसर पर नागरिकों से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की प्रकृति, कृषि और हरियाली से जुड़ा प्रिय लोकपर्व है। यह पर्व प्रकृति तथा पेड़-पौधों के प्रति हमारे सम्मान और कृतज्ञता की भावना को व्यक्त करता है।बदलते समय में परंपराओं को प्रकृति के अनुकूल बनाना जरूरी है।डॉ. मिश्र ने कहा कि हरेली के अवसर पर बुरी नजर से बचाने के लिए नीम की पत्तियों अथवा छोटी टहनियों को घर के द्वार पर लगाने की परंपरा अनेक स्थानों पर प्रचलित है। कई लोग इन्हें अपने वाहनों पर भी लगाते हैं। लेकिन समय के साथ हमारी परिस्थितियाँ काफी बदल गई हैं। आज आबादी बढऩे के साथ शहरों और गांवों में पेड़ों तथा हरित क्षेत्र पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में आज पेड़ों की संख्या और प्राकृतिक वनस्पतियों पर अधिक दबाव है। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में लोग एक ही दिन नीम की बड़ी-बड़ी डालियाँ तोड़ेंगे, तो इसका पेड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।पेड़ भी जीवित प्राणी हैंडॉ. मिश्र ने कहा कि पेड़ भी जीवित प्राणी हैं। हरी पत्तियों में सूर्य के प्रकाश की सहायता से वे अपना भोजन बनाते हैं। इसलिए अनावश्यक रूप से बड़ी मात्रा में पत्तियाँ तोडऩा अथवा शाखाओं को काटना उचित नहीं है। इससे पेड़ की भोजन बनाने की क्षमता प्रभावित होती है तथा शाखाओं को नुकसान पहुँचने से पेड़ पर अनावश्यक तनाव और घाव उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने कहा की जिस प्रकार हम किसी जीवित प्राणी को अनावश्यक चोट पहुँचाना उचित नहीं मानते, उसी प्रकार प्रकृति और पेड़-पौधों के प्रति संवेदनशीलता और करुणा रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।हरेली पर लें पर्यावरण संरक्षण का संकल्पडॉ. मिश्र ने नागरिकों से अपील की कि हरेली की परंपरा को पूरी श्रद्धा और उत्साह से निभाएँ, लेकिन उसे प्रकृति के अनुकूल तरीके से मनाएँ। उन्होंने सुझाव दिया कि नीम की बड़ी-बड़ी डालियाँ न तोड़ी जाएँ। आवश्यकता के अनुसार केवल कुछ पत्तियाँ ही ली जाएँ। पेड़ों की शाखाओं को न काटा जाए। हरेली के अवसर पर नीम एवं अन्य उपयोगी पौधे लगाए जाएँ। परंपराओं का पालन अंधविश्वास के बजाय प्रकृति के प्रति सम्मान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ किया जाए।उन्होंने कहा कि हरेली का भाव ही हरियाली और प्रकृति से जुड़ा हुआ है। जिस पर्व पर हम प्रकृति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं, उस दिन प्रकृति को अनावश्यक नुकसान पहुँचाना इस पर्व की मूल भावना के अनुरूप नहीं होगा। डॉ. मिश्र ने कहा कि हमारी परंपराएँ हमारी पहचान हैं और उन्हें सम्मान के साथ आगे बढ़ाना हमारा दायित्व है। साथ ही, बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों को देखते हुए परंपराओं को प्रकृति के हित में अपनाना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि परंपरा भी निभाएँगे, पेड़ भी बचाएँगे, हरेली मनाएँगे, हरियाली बचाएँगे।</description ></item><item><title>नक्सल पीडि़त बुजुर्ग महिला को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का सहारा, 78 वर्षीय वंजाम चिंगे का वय वंदन कार्ड बना</title><link>https://cnin.co.in/नक्सल-पीडि़त-बुजुर्ग-महिला-को-मिला/82465</link><description>सुकमा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल के तहत दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आयुष्मान भारत संतृप्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान सुकमा जिले के ग्राम पुनपल्ली (दुब्बाटोटा), विकासखंड कोंटा में एक प्रेरक उदाहरण सामने आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम 78 वर्षीय नक्सल पीडि़त बुजुर्ग महिला श्रीमती वंजाम चिंगे के घर पहुंची और उनके दस्तावेजों का सत्यापन कर वय वंदन कार्ड बनाया। अब उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज शासकीय और चिन्हित अस्पतालों में मिल सकेगा।श्रीमती वंजाम चिंगे का जीवन लंबे समय तक संघर्षों से भरा रहा। वर्ष 2006 में नक्सल हिंसा में उनके पति स्वर्गीय वंजाम देवे की हत्या हो गई थी। इसके बाद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया। ऐसे समय में प्रशासन का उनके घर पहुंचकर स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना उनके लिए बड़ी राहत और सम्मान का क्षण था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए और स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी दी गई। जांच के दौरान चार मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिनका तुरंत उपचार शुरू किया गया। वहीं तीन मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोरनापाल रेफर किया गया।आयुष्मान भारत संतृप्ति अभियान का उद्देश्य दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के हर पात्र व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुंचाना है। यह अभियान केवल कार्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को समय पर इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहा है। श्रीमती वंजाम चिंगे की कहानी बताती है कि जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधा नहीं देतीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और नए विश्वास का आधार भी बनती हैं।</description ></item><item><title>नक्सल हिंसा प्रभावित 15 परिवारों को 2.25 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता</title><link>https://cnin.co.in/नक्सल-हिंसा-प्रभावित-15-परिवारों-को-2.25-करोड़/82464</link><description>00 मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल पर मिली राहतरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में 15 पीडि़त परिवारों के लिए 2 करोड़ 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।यह सहायता उन परिवारों को दी गई है, जिनके परिजनों की नक्सली हिंसा में मृत्यु हो गई थी और विभिन्न कारणों से उन्हें शासकीय सेवा प्रदान करना संभव नहीं था। ऐसे मामलों में नीति के तहत शासकीय सेवा के बदले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। स्वीकृत सहायता राशि का लाभ कल्लू ताती, भदरू सोढ़ी, कुमेश कुंजाम, सितु मंडावी, लांचा पुनेम, विज्जा पुनेम, इम्तियाज अली, मंगली सोढ़ी, रिशू पुनेम, रमेश ओयाम, लक्ष्मण ओयाम, बोटी ओयाम, गडिय़ा कुंजाम, सुदरू कारम और माड़वी आयता के परिवारों को मिलेगा।वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में पीडि़त परिवारों को समय पर राहत और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता देना है। छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत नक्सली पीडि़त परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए सुरक्षा, आर्थिक सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल प्रभावित परिवारों के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशील सोच और पुनर्वास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</description ></item><item><title>10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस व 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस</title><link>https://cnin.co.in/10-अगस्त-को-राष्ट्रीय-कृमि-मुक्ति-दिवस-व-17/82463</link><description>&amp;nbsp;00 प्रदेश के 1.10 करोड़ बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाकर कृमि संक्रमण से बचाने का अभियान00 राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर राज्यभर में चलेगा विशेष अभियान, अभिभावकों से बच्चों को दवा अवश्य खिलाने की अपीलरायपुर। बच्चों की सेहत, पढ़ाई और बेहतर भविष्य के रास्ते में सबसे बड़ी लेकिन अक्सर अनदेखी समस्या है पेट में होने वाला कृमि संक्रमण। यही संक्रमण कई बार बच्चों में कुपोषण, एनीमिया, कमजोरी, भूख न लगना, बार-बार बीमार पडऩा तथा पढ़ाई में एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का कारण बनता है। इन चुनौतियों से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश में 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्यभर में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाई जाएगी।स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस राज्यव्यापी अभियान का उद्देश्य केवल कृमि संक्रमण का उपचार करना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर पोषण, बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना भी है। अभियान के तहत प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ बच्चों एवं किशोर किशोरियों तक पहुंच उन्हें कृमि मुक्ति हेतु एल्बेंडाजोल खिलाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शासकीय एवं निजी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा अन्य संस्थानों के माध्यम से व्यापक स्तर पर दवा सेवन करवाने की व्यवस्था की गई है।कृमि संक्रमण मुख्य रूप से अस्वच्छ वातावरण के कारण फैलता है। ये संक्रमण आमतौर पर खुले में शौच और खराब स्वच्छता के कारण मिट्टी के संक्रमित होने, संक्रमित मिट्टी के संपर्क के बाद बिना हाथ धोए भोजन करने, दूषित पानी पीने या दूषित भोजन खाने, मानव मल से दूषित मिट्टी पर नंगे पैर चलने तथा शौच के बाद हाथ नहीं धोने जैसी परिस्थितियों में फैलते हैं। संक्रमण होने पर बच्चों के शरीर को भोजन से पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाएं नियमित दवा सेवन को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का प्रभावी उपाय मानती हैं।अभियान के अंतर्गत 1 से 2 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली तथा 2 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोरों को पूरी गोली निर्धारित मानकों के अनुसार खिलाई जाएगी। दवा प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निगरानी में खिलाई जाएगी, जिससे इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। &amp;nbsp;मैदानी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों, शिक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम न मानें, बल्कि अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखें। यदि कोई बच्चा 10 अगस्त को किसी कारणवश दवा नहीं खा पाता है, तो उसे मॉप-अप दिवस 17 अगस्त को कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। इस दवा सेवन से बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की समस्या कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उनकी शैक्षणिक क्षमता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। इसलिए सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं मॉप-अप दिवस पर कृमिनाशक दवा अवश्य खिलाने का आग्रह किया गया है।</description ></item><item><title>सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ छत्तीसगढ़ की मजबूत ढाल, अब तक 1.66 लाख से अधिक को लगे टीके</title><link>https://cnin.co.in/सर्वाइकल-कैंसर-के-खिलाफ-छत्तीसगढ़-की-मजबूत/82462</link><description>00 कोरिया और बलरामपुर ने किया लक्ष्य के विरुद्ध किया 100 प्रतिशत टीकाकरण00 एचपीवी टीकाकरण अभियान को मिल रहा व्यापक जनसमर्थनरायपुर। प्रदेश में 14 वर्षीय बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। राज्य में अब तक 1.66लाख से अधिक पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों, समुदायों और अभिभावकों के साथ किए जा रहे सतत संवाद तथा व्यापक जनजागरूकता प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगे हैं।अभियान के दौरान प्रदेश के कोरिया और बलरामपुर जिले लक्ष्य के विरुद्ध 100 प्रतिशत टीकाकरण उपलब्धि हासिल कर राज्य के लिए मिसाल बनकर उभरे हैं। इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से सभी पात्र बालिकाओं तक टीकाकरण का लाभ पहुंचाया गया है। इन उपलब्धियों ने अन्य जिलों के लिए भी प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। हालांकि किसी भी नए टीकाकरण अभियान की तरह प्रारंभिक चरण में यहां भी कई अभिभावकों ने टीके की सुरक्षा, आवश्यकता और प्रभावशीलता से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के बाद अपनी सहमति दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार किए गए संवाद और जागरूकता प्रयासों के बाद अब टीकाकरण की गति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बालिकाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कवरेज अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष संपर्क अभियान, अभिभावक बैठकें, स्कूल स्तरीय संवाद कार्यक्रम तथा घर-घर पहुंचकर परामर्श गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप लगातार नए लाभार्थी अभियान से जुड़ रहे हैं और टीकाकरण का प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है। एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। एचपीवी वैक्सीन इस कैंसर से बचाव का प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित माध्यम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता को मान्यता प्रदान की गई है। यही कारण है कि दुनिया के अनेक देशों में यह टीकाकरण नियमित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा है।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र बालिका तक सुरक्षा कवच पहुंचाना है। इसी दृष्टिकोण के साथ प्रदेशभर में टीकाकरण और जनजागरूकता गतिविधियों को समानांतर रूप से संचालित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में शेष पात्र बालिकाओं तक भी टीकाकरण का लाभ पहुंचाते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।कोरिया और बलरामपुर जैसे जिलों की शत-प्रतिशत उपलब्धि तथा अन्य जिलों में लगातार बढ़ती प्रगति इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ की जनता अपनी बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित भविष्य देने के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रही है।</description ></item><item><title>शिक्षा विभाग की तबादला सूची जारी, 700 शिक्षको के हुए ट्रांसफर, विभिन्न कारणों से 400 नाम रुके</title><link>https://cnin.co.in/शिक्षा-विभाग-की-तबादला-सूची-जारी,-700-शिक्षको/82461</link><description>00 अगले चरण में ऑनलाइन तबादले की तैयारी पर भी मंथनरायपुर। प्रदेश के शिक्षकों के लंबे समय से प्रतीक्षित स्थानांतरण को लेकर आखिरकार शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। स्थानांतरण के लिए तैयार की गई सूची में व्यापक स्तर पर छंटनी और परीक्षण के बाद अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।विभागीय स्तर पर तैयार की गई प्रारंभिक सूची में करीब 1,600 शिक्षकों के नाम शामिल थे। इसके बाद सूची की समीक्षा करते हुए समन्वय से संख्या कम करने के निर्देश दिए गए और करीब 1,000 शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार की गई। अंतिम परीक्षण में भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए करीब 400 नामों को सूची से बाहर कर दिया गया। इसके बाद शेष शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।इन मामलों में नहीं हुआ स्थानांतरण-शिक्षा विभाग द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता दी गई। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षक, एकल शिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक, ऐसे शिक्षक जिनके स्थानांतरण से विद्यालय शिक्षकविहीन हो सकता था, अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण के प्रकरण तथा अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों के मामलों का परीक्षण करते हुए उन्हें अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया।विभाग का स्पष्ट मानना रहा कि किसी शिक्षक के स्थानांतरण के कारण विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं होनी चाहिए और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।अनुशंसा और प्राप्त आवेदनों के आधार पर तैयार हुई थी सूची। सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरण के लिए प्राप्त आवेदनों एवं विभिन्न स्तरों से प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक सूची से लेकर अंतिम सूची तक कई स्तरों पर जांच के बाद करीब 400 नामों को हटाया गया।अब अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी होने के साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को लेकर चल रहा इंतजार समाप्त हो गया है।शिक्षक स्थानांतरण की वर्तमान प्रक्रिया के बाद शिक्षा विभाग अब भविष्य की स्थानांतरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सरल एवं तकनीक आधारित बनाने पर भी विचार कर रहा है। विभागीय स्तर पर शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने की व्यवस्था लागू करने को लेकर मंथन जारी है।यदि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होती है तो शिक्षक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से स्वयं स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, दस्तावेजों के डिजिटल प्रबंधन, आवेदन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा समयबद्ध निराकरण में मदद मिलने की उम्मीद है।शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में अन्य राज्यों में लागू ऑनलाइन स्थानांतरण प्रणालियों का भी अध्ययन किया जा रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं के परीक्षण के बाद शासन स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।फिलहाल वर्तमान स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत अंतिम सूची में शामिल शिक्षकों के आदेश जारी हो चुके हैं, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षक परिवारों की नजरें अब नए पदस्थापना स्थल पर टिक गई हैं।</description ></item><item><title>24 आईएफएस अफसरों के तबादले</title><link>https://cnin.co.in/24-आईएफएस-अफसरों-के-तबादले/82460</link><description>24 आईएफएस अफसरों के तबादलेरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वन विभाग में प्रशासनिक कसावट लाने और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़ा फेरबदल किया है। राज्य शासन द्वारा भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के 24 अधिकारियों का स्थानांतरण करते हुए उनकी नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल के तहत कई जिलों के वन उप संरक्षक (डीएफओ), प्रभारी वन संरक्षक और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में अधिकारियों की नई तैनातियां की गई हैं।</description ></item><item><title>दिल्ली आईआईटी में मोदी बोले- सिर्फ सवाल मत पूछिए,समाधान भी खोजें</title><link>https://cnin.co.in/दिल्ली-आईआईटी-में-मोदी-बोले--सिर्फ-सवाल-मत/82459</link><description>&amp;nbsp;0-अगले 35 साल आप जो करेंगे, वह विकसित भारत का आधार होगानई दिल्ली-पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में स्टूडेंट्स को कई सीख दीं। उन्होंने कहा, 'हर पीढ़ी की अपनी चुनौतियां और जिम्मेदारियां होती हैं। इस पीढ़ी के लिए आने वाला समय और बेहद चुनौतीपूर्ण है। इसलिए यह समझें कि अगले 35 साल में आपका काम विकसित भारत का आधार होगा।उन्होंने कहा, 'मैंने आईआईटी के कई पूर्व छात्रों की सफलता देखी है। उन्होंने ऐसी समस्याओं को पहचाना, जिन पर किसी ने ध्यान नहीं दिया था। इसलिए हमेशा सीखते रहें, सिर्फ सवाल न पूछें और उनके समाधान भी खोजें।पीएम मोदी ने कही छह महत्वपूर्ण बातें--1. पीएम ने छात्रों की मनोदशा पर हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, 'मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं, लेकिन कुछ तो आपके मन में चलता होगा। इसके बाद सभी लोग हंसने लगे।2 हर स्टूडेंट आने वाले कल के लिए कोई न कोई सपना देख रहा होगा। कोई अपनी पहली सैलरी का इंतजार कर रहा होगा, कोई स्टार्टअप शुरू करने का सपना देख रहा होगा, तो कोई नई प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा होगा। सभी के अपने सपने हैं।3. छात्र ऐसे समय में संस्थान से निकल रहे हैं, जब दुनिया तेजी से बदल रही है। शिक्षा और वैश्विक शक्ति संतुलन में लगातार बदलाव हो रहा है। टेक्नोलॉजी की रफ्तार इतनी तेज है कि यह कहना मुश्किल है कि अगले 20-30 साल में दुनिया कैसी होगी।4. जब भी बदलाव आता है, उसके साथ चुनौतियां और अवसर दोनों आते हैं। इंडस्ट्री और प्रोफेशन का स्वरूप बदलता रहेगा। इसलिए खुद को तैयार रखें, हर चुनौती का सामना करें।5. कैंपस लाइफ और असल जिंदगी में बहुत अंतर होता है। ढ्ढढ्ढञ्ज में सिलेबस होता है और पता होता है कि कौन-सी परीक्षा देनी है। कौन-सा कोर्स पढऩा है। उधर, असली जिंदगी में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है। वहां यह भी खुद पहचानना पड़ता है कि असली सवाल क्या है।6. हर पीढ़ी के सामने अलग चुनौतियां और दायित्व होते हैं। देश ने गुलामी का दौर देखा। उस समय की पीढ़ी के सामने आजादी हासिल करना सबसे बड़ा लक्ष्य था। इसके लिए लोगों ने लंबा संघर्ष किया और त्याग व बलिदान दिए। आज की पीढ़ी की चुनौतियां और जिम्मेदारियां अलग हैं। अगले 35 साल में आप जो करेंगे, वह देश की कौन-सी जरूरत पूरी करेगा, यह आपको तय करना है।</description ></item><item><title>स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप से बदली ग्रामीणों की बिजली प्रबंधन की तस्वीर</title><link>https://cnin.co.in/स्मार्ट-मीटर-और-मोर-बिजली-ऐप-से-बदली/82458</link><description>00 रोजाना खपत की जानकारी से आधा हुआ बिजली बिल, ग्राम ओरमा के ग्रामीणों ने साझा किए अनुभवरायपुर। प्रदेश में स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं को पारदर्शी, सुविधाजनक और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बालोद जिले के ग्राम पंचायत ओरमा में स्मार्ट मीटर की स्थापना के बाद ग्रामीणों के बिजली उपयोग के तरीके में उल्लेखनीय बदलाव आया है। अब उपभोक्ता प्रतिदिन अपनी बिजली खपत की जानकारी मोबाइल पर प्राप्त कर रहे हैं, जिससे ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग बढ़ा है और मासिक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आई है।रोजाना निगरानी से आधा हुआ बिजली बिलग्राम पंचायत ओरमा की सरपंच श्रीमती मंजूलता साहू ने बताया कि पहले बिजली की वास्तविक खपत का अनुमान लगाना कठिन होता था, लेकिन स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप ने इस समस्या का समाधान कर दिया है। अब वे प्रतिदिन अपने घर की बिजली खपत देख पाती हैं और उसी के अनुरूप विद्युत उपकरणों का उपयोग करती हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में अधिक उपयोग के कारण उनका बिजली बिल लगभग 1,200 रुपए आया था, लेकिन ऐप के माध्यम से नियमित निगरानी और ऊर्जा के नियंत्रित उपयोग से पिछले महीने उनका बिल घटकर लगभग 600 रुपए रह गया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद सभी उपभोक्ताओं को मोर बिजली ऐप का उपयोग अवश्य करना चाहिए, क्योंकि इससे बिजली की खपत, संभावित बिल और ऊर्जा बचत की जानकारी समय पर मिलती है।घर और दुकान दोनों की खपत पर एक साथ नजरग्राम ओरमा के किसान श्री नंदकुमार साहू ने बताया कि उनके घर और दुकान दोनों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। मोर बिजली ऐप के माध्यम से वे प्रतिदिन दोनों स्थानों की बिजली खपत अपने मोबाइल पर देख लेते हैं। इससे वे आवश्यकता के अनुसार बिजली का उपयोग नियंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में कूलर, पंखे और अन्य उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली बिल बढ़ गया था, लेकिन पिछले महीने ऊर्जा के संतुलित उपयोग से बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने यह भी बताया कि अब बिजली बिल जमा करने के लिए कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। मोर बिजली ऐप के माध्यम से घर बैठे ही आसानी से ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।पारदर्शिता के साथ बढ़ी ऊर्जा बचत की आदतग्राम की निवासी कमलेश्वरी साहू और पेमिन साहू ने भी बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की खपत पूरी तरह पारदर्शी हो गई है। ऐप पर प्रतिदिन खपत और संभावित बिल की जानकारी मिलने से वे बिजली का उपयोग अधिक जिम्मेदारी से कर रहे हैं। परिणामस्वरूप पिछले महीने उनकी बिजली खपत कम हुई और बिल में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।</description ></item><item><title>देवी देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला पन्नालाल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजे गए जेल</title><link>https://cnin.co.in/देवी-देवी-देवताओं-पर-आपत्तिजनक-टिप्पणी-करने/82457</link><description>रायपुर। सोशल मीडिया पर हिंदू देवी देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने वाले क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी अरुण पन्नालाल को सीजेएम कोर्ट ने शनिवार को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, वे 21 अगस्त तक जेल में रहेंगे। पन्नालाल ने जमानत याचिका भी दायर की थी जो खारिज कर दी गई।&amp;nbsp;सोशल मीडिया पर हिंदू देवी देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने के बाद भाजपा के प्रवक्ता अमित चिमनानी ने क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सिविल लाईन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर की गई टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और अरूण पन्नालाल को गिरफ्तार कर ले गई और आज कोर्ट में पेश किया जहां विशेष न्यायाधीश ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने के निर्देश दिए।</description ></item><item><title>कांकेर के साईमुंडा गांव में पक्का पुल नहीं बना तो ग्रामीणों ने बनाया बांस का ब्रिज</title><link>https://cnin.co.in/कांकेर-के-साईमुंडा-गांव-में-पक्का-पुल-नहीं/82456</link><description>कांकेर। जिले के भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत बांसकुंड में नदी पर वर्षों से पक्का पुल नहीं बनने के कारण ग्रामीणों ने आखिरकार स्वयं ही लकडिय़ों का अस्थायी पुल तैयार कर लिया। अब यही लकड़ी का पुल गांव के लोगों के लिए स्कूल, खेत, अस्पताल और बाजार तक पहुंचने का एकमात्र सहारा बना हुआ है। नदी पर बना यह अस्थायी पुल देखने में जितना साधारण है, उस पर चलने वाले ग्रामीणों के लिए उतना ही जोखिम भरा भी है।स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और किसान रोज इसी पुल की मदद से नदी पार करते हैं। बरसात में जब नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, तब यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार नदी और नाले पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण हर साल आपस में सहयोग कर लकडिय़ों का पुल तैयार करना पड़ता है। पहले एनीकट के पिल्लरों से छलांग लगाकर या पानी के बीच से नदी पार करने की मजबूरी थी। बच्चों और ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए लोगों ने लकड़ी का अस्थायी पुल बनाना शुरू किया, लेकिन इस पुल से किसी भी वाहन की आवाजाही संभव नहीं है। ऐसे में आपात स्थिति सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है।ग्राम पंचायत बांसकुंड के उपसरपंच मनोज कुमार यादव का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे खाट पर उठाकर नदी पार कराना पड़ता है। स्कूली बच्चे इसी लकड़ी के पुल से होकर स्कूल जाते हैं, जबकि किसान खाद-बीज तक पीठ पर लादकर नदी पार ले जाने को मजबूर हैं। उन्होने बताया कि पुल निर्माण के लिए जिला पंचायत, कलेक्टर कार्यालय और जनप्रतिनिधियों के पास कई बार आवेदन दिए गए। आवेदन की पावती और प्रतियां भी हैं, लेकिन अब तक उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर की जनपद सदस्य एवं महिला बाल विकास सभापति सरोज मरकाम ने बताया कि सरपंच रहते हुए उन्होंने 2 बार पुल निर्माण के लिए आवेदन दिया। अधिकारियों ने कई बार मौके पर पहुंचकर नाप-जोख भी की, लेकिन निर्माण की दिशा में आगे कार्रवाई नहीं हुई। उन्होने बताया कि जनपद सदस्य बनने के बाद भी उन्होंने इस मुद्दे को लगातार उठाया। मंत्रालय तक वीडियो भेजकर ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों के साथ कलेक्टर से मिलने और जरूरत पडऩे पर मंत्रालय जाने की तैयारी है।भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी ने कहा कि गांव के बच्चों और महिलाओं को नदी-नाला पार करने के लिए जोखिम भरे अस्थायी बांस के पुल का इस्तेमाल करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए पिछले दो वर्षों से संबंधित अधिकारियों, सचिवों, मंत्रालय और विधानसभा में याचिका के माध्यम से पक्के पुल के निर्माण के लिए प्रयास किया जा रहा था। विधायक के अनुसार पुल निर्माण की स्वीकृति हो चुकी है, बारिश का मौसम खत्म होते ही पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।</description ></item><item><title>उदंती-सीतानदी में शुरू हुआ स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम -एआई तकनीक से वन और वन्यजीवों की 24X7 निगरानी</title><link>https://cnin.co.in/उदंती-सीतानदी-में-शुरू-हुआ-स्मार्ट/82455</link><description>00 हाथी-बाघ सुरक्षा और वन अपराधों पर लगेगी लगामविशेष लेख - धनंजय राठौर संयुक्त संचालक, जनसंपर्क व अशोक कुमार चंद्रवंशी सहायक जनसंपर्क अधिकारीस्मार्ट सर्विलांस सिस्टम एक उन्नत सुरक्षा निगरानी तकनीक है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग करती है। पारंपरिक सीसीटीवी के विपरीत, यह केवल रिकॉर्डिंग नहीं करता, बल्कि असामान्य गतिविधियों, चेहरे और संदिग्ध हरकतों को पहचानकर वास्तविक समय में अलर्ट भेजता है। एआई (AI) तकनीक वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही है। यह तकनीक कैमरा ट्रैप, ड्रोन और सैटेलाइट डेटा का उपयोग करके जानवरों की गिनती, अवैध शिकार और वनों की कटाई की वास्तविक समय में पहचान करने में मदद करती हैछत्तीसगढ़ सरकार वन और वन्यजीव संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीकों का तेजी से उपयोग कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू किया गया है। यह व्यवस्था वन्यजीवों की सुरक्षा, मानव-हाथी संघर्ष की रोकथाम और वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।ऊंचे टावरों से जंगलों पर 24 घंटे नजरइस परियोजना के तहत 70 से 80 फीट ऊंचे टावरों पर एआई कैमरे और पीयर-टू-पीयर (पी2पी) वायरलेस सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की मदद से दूरस्थ और दुर्गम जंगलों में भी चौबीसों घंटे निगरानी की जा सकेगी।संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रायल शुरूस्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल कुल्हाडीघाट, इंदागांव, रिसगांव, दक्षिण उदंती और पायलीखण्ड उत्तर उदंती रेंज में किया जा रहा है। ये क्षेत्र हाथियों और अन्य वन्यजीवों के प्रमुख आवागमन मार्ग हैं और अवैध शिकार, लकड़ी तस्करी तथा अतिक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। शिकारी गतिविधियों और पेड़ों की अवैध कटाई की आवाज़ सुन कर तुरंत अलर्ट भेजेगा।एआई कैमरे करेंगे वन्यजीवों की स्वतः पहचानइस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एआई कैमरे हाथी, बाघ, तेंदुआ और भालू जैसे प्रमुख वन्यजीवों की स्वतः पहचान कर सकेंगे। साथ ही शिकारी, लकड़ी तस्कर और अवैध घुसपैठ जैसी संदिग्ध गतिविधियों का भी तुरंत पता लगा सकेंगे। बाघ या हाथियों के रिहायशी इलाकों के पास आने पर वन विभाग को तुरंत सूचना देगा।व्हाट्सएप अलर्ट से तुरंत होगी कार्रवाईजैसे ही किसी वन्यजीव या संदिग्ध व्यक्ति की पहचान होगी, सिस्टम व्हाट्सएप के माध्यम से वन कर्मियों और अधिकारियों को तुरंत अलर्ट भेजेगा। इससे मौके पर तेजी से कार्रवाई करना संभव होगा और वन्यजीवों की सुरक्षा बेहतर होगी।दुर्गम जंगलों तक पहुंचेगी कनेक्टिविटीपी2पी वायरलेस तकनीक के माध्यम से दूरस्थ वन क्षेत्रों में भी इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे एंटी-पोचिंग कैंपों और वन चौकियों तक लाइव वीडियो और रियल-टाइम निगरानी संभव हो सकेगी। पी2पी का अर्थ 'पीयर-टू-पीयर' या 'पॉइंट-टू-पॉइंट' सीधा कनेक्शन है। इसमें किसी केंद्रीय सर्वर या बीच के माध्यम की जरूरत नहीं होती है और दो या दो से अधिक डिवाइस या स्थान सीधे आपस में जुड़कर डेटा साझा करते हैं।सीमित स्टाफ के लिए बड़ी राहतवन विभाग में सीमित मानव संसाधन की चुनौती को देखते हुए यह एआई प्रणाली फोर्स मल्टीप्लायर के रूप में काम करेगी। इससे गश्त की क्षमता बढ़ेगी, निगरानी मजबूत होगी और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।आधुनिक तकनीक से मजबूत हुआ संरक्षण अभियानउदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व पहले से थर्मल ड्रोन, उपग्रह चित्रों और भू-स्थानिक तकनीक का उपयोग कर रहा है। नई एआई प्रणाली इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएगी। पिछले चार वर्षों में रिजर्व ने 956 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है और 500 से अधिक तस्करों व शिकारियों की गिरफ्तारी की है। बेहतर संरक्षण के कारण यहां कई दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियों का भी सफल दस्तावेजीकरण हुआ है।मध्य भारत में बन रहा संरक्षण का नया मॉडलविशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना मध्य भारत में एआई आधारित वन और वन्यजीव संरक्षण की सबसे उन्नत पहलों में से एक है। भविष्य में यह मॉडल देश के अन्य संरक्षित क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है। परियोजना के तहत प्रत्येक टावर, एआई कैमरा, पी2पी कनेक्टिविटी और अन्य आवश्यक संरचनाओं पर लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये का खर्च आएगा। यह निवेश वन सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि वन, वन्यजीव और वनांचल में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक दूरदर्शी और प्रभावी प्रयास है।</description ></item> </channel></rss>