<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><rss version='2.0'><channel><title>CNIN News Network | Chhattisgarh News and Information Network | Chhattisgarh Madhya Pradesh | Hindi News | CG News | MP News</title><link>https://cnin.co.in</link><description>CNIN News Network | Chhattisgarh News and Information Network | Chhattisgarh Madhya Pradesh | Hindi News | CG News | MP News</description><language>en-us</language><item><title>तीन दिवसीय “यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव” का शुभारंभ कल</title><link>https://cnin.co.in/तीन-दिवसीय-“यूथ-इनोवेशन-एवं/84299</link><description>&amp;nbsp;राज्यपाल श्री डेका करेंगे शुभारंभ, मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री भी रहेंगे मौजूदछत्तीसगढ़ सहित देश भर के 1500 से अधिक युवा कान्क्लेव में शामिल होंगेसुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण भी होगाछत्तीसगढ़ के युवाओं में यूथ कॉन्क्लेव को लेकर जबरदस्त उत्साह, अब तक 1200 से अधिक युवाओं ने कराया पंजीयनरायपुर--छत्तीसगढ़ के युवाओं में नवचार, उद्यमिता विकास एवं प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026” का कल सोमवार 28 सितम्बर को राज्यपाल श्री रमेन डेका शुभारंभ करेंगे। शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय करेंगे। इस अवसर पर कृषि विकास किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम तथा विधायक द्वय श्री मोतीलाल साहू एवं श्री अनुज शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि मंडपम में 28 से 30 सितम्बर तक “छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी तथा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के सहयोग से किया जा रहा है। यूथ कॉन्क्लेव के दौरान युवा नेतृत्व वाले उद्यमों और संस्थागत नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली “नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी” भी आयोजित की जाएगी तथा कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित पिचिंग सत्र में शामिल शीर्ष तीन स्टार्टअप्स को क्रमशः एक लाख रूपये, पचहत्तर हजार रूपये तथा पचास हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रथम एवं एकमात्र बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर-केंद्रित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर के नवनिर्मित भवन का शुभारंभ भी किया जाएगा। यूथ कॉन्क्लेव 2026 को लेकर छत्तीसगढ़ के युवाओं में जबरदस्त उत्साह है और अब तक 1200 से अधिक युवा छात्रों, नवाचारी उद्यमियों एवं स्टार्टअप के आकांक्षी युवाओं ने पंजीयन करा लिया है। यूथ कॉन्क्लेव में शामिल होने के इच्छुक युवाओं के लिए कल 28 सितम्बर को स्पॉट पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।“यूथ कॉन्क्लेव 2026” नवाचार अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय पहल है। कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों, इनक्यूबेटर्स, शिक्षाविदों तथा विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इस मंच के माध्यम से नवीन विचारों, अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचारों को व्यावसायिक अवसरों एवं सफल उद्यमों में परिवर्तित करने के साथ-साथ राज्य में एक सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में सहायता प्राप्त होगी। कार्यक्रम के अंतर्गत 28 सितम्बर को प्रदेश के प्रथम एवं एकमात्र बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर-केंद्रित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह केंद्र प्रदेश में बायोटेक्नोलॉजी आधारित अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप विकास एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत आधार के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से शोधार्थियों एवं नवाचारकर्ताओं को प्रोटोटाइप विकास, तकनीकी मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन, मेटरशिप तथा उद्योग एवं निवेशकों से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।छत्तीसगढ़ में लागू नवाचार एवं स्टार्टअप सवर्धन नीति 2025-30 के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करना इस कॉन्क्लेव का प्रमुख उद्देश्य है। इसके माध्यम से युवाओं में नवाचार एवं उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने, स्थानीय आवश्यकताओं एवं समस्याओं के तकनीकी एवं व्यावसायिक समाधान विकसित करने तथा राज्य के स्टार्टअप्स एवं नवाचारों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए आवश्यक मंच एवं अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। कॉन्क्लेव में विशेष रूप से कृषि एवं एग्री टेक, खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण एवं जलवायु स्मार्ट तकनीक, फिनटेक तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में कुल चार तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्र, विशेषज्ञों का व्याख्यान, स्टार्टअप प्रदर्शनी, स्टार्टअप पिचिंग, निवेशक/स्टार्टअप संवाद, नीति संवाद, मेंटरशिप एवं इनक्यूबेशन सत्र तथा उत्कृष्ट नवाचारों एवं स्टार्टअप्स को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। तीन शीर्ष युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को क्रमशः एक लाख रूपये, पचहत्तर हजार रूपये तथा पचास हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।&amp;nbsp;’इनक्यूबेशन सेंटर - अत्याधुनिक बायोटेक्नोलॉजी सुविधाओं से सुसज्जित केंद्र’सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर दो एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। यह केंद्र जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के लिए एक समर्पित मंच के रूप में कार्य करेगा। यहां हाई-टेक एवं अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, ठैस्-3 सुविधा, आधुनिक एनालिटिकल एवं टेस्टिंग सुविधाएं, किट एवं तकनीक विकास इकाइयां, वेस्ट ट्रीटमेंट सिस्टम तथा को-वर्किंग एवं इनक्यूबेशन स्पेस उपलब्ध हैं। केंद्र का उद्देश्य ‘लैब से टेक्नोलॉजी और टेक्नोलॉजी से उद्यम’ की यात्रा को सहयोग देना है। एग्री-बायोटेक्नोलॉजी, बायोफर्टिलाइजर एवं बायोकंट्रोल एजेंट्स, हेल्थ एवं डायग्नोस्टिक्स, फूड बायोटेक्नोलॉजी, पर्यावरणीय जैव-प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को प्रयोगशाला सुविधाएं, प्रशिक्षण, मेंटरिंग, परीक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुनगे से पोषण की बेहतरीन पहल: ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने</title><link>https://cnin.co.in/मुनगे-से-पोषण-की-बेहतरीन-पहल:-‘मन-की-बात’-में/84298</link><description>&amp;nbsp;छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा’ अभियान का किया उल्लेखपोषक तत्वों से भरपूर मुनगा स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्णप्रदेशभर में अब तक कुल 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा के पौधे का वितरणस्थानीय स्तर पर सहज उपलब्ध संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़ने वाली पहल की प्रशंसारायपुर,कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की एक स्थानीय पहल अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने पोषण की चुनौती से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़ने वाली इस पहल की सराहना की।छत्तीसगढ़ में सितंबर माह को पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य मुनगा के पौधे को घर-घर पहुंचाने के साथ उसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति परिवारों को जागरूक करना है।मुनगा या सहजन छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर सहज उपलब्ध है। पोषक तत्वों से भरपूर मुनगा स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन ए, सी, कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व के साथ ही औषधीय गुणों से युक्त है। मुनगा को अपने भोजन में पौष्टिक आहार के रूप में शामिल करने की पहल बेहतरीन है। मुनगे के पेड़ को पेड़ तेजी से बढ़ता है और अपेक्षाकृत कम देखभाल की जरूरत होती है। मुनगा पोषण, औषधीय गुणों एवं हरियाली के दृष्टिगत महत्वपूर्ण पौधा माना गया है। स्थानीय भोजन और पोषण से जोड़ते हुए राज्य सरकार ने इसे कुपोषण के खिलाफ अभियान का हिस्सा बनाया है। खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण के लिए ध्यान केंद्रित कर ’हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान चलाया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों को इस अभियान का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है, जहां पोषण जागरूकता के साथ परिवारों को मुनगा के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।’हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों एवं जनमानस के घरों के लिए व्यापक तौर पर मुनगे के पौधे का वितरण किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रदेशभर में अब तक कुल 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा के पौधें का वितरण का किया गया है। जिलों में क्रमशः बस्तर जिले में 25,244, कांकेर जिले में 43,071, दंतेवाड़ा में 7,056, नारायणपुर में 21,224, बीजापुर में 15699, सुकमा में 4,835, कोंडागांव में 31983, सरगुजा में 43754, कोरिया में 19022, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 11939, सूरजपुर में 64599, बलरामपुर में 27107, जशपुर जिले में 1,62271 पौधे लगाएं गए है।इसी प्रकार रायपुर जिले में 23948, महासमुंद में 6420, धमतरी में 48833, बलौदाबाजार में 28398, गरियाबंद में 10527, दुर्ग में 42474 राजनांदगांव जिले में 3480, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 21991, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 39222, कबीरधाम में 75776, बेमेतरा में 19575, बालोद में 50933, बिलासपुर में 14965, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 43007, जांजगीर-चांपा में 57653, सक्ती में 6425, कोरबा में 1,01,002, रायगढ़&amp;nbsp; में 41,776, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 9,824, मुंगेली जिले में 6,518 पौधे लगाएं गए है।इस पहल की खास बात यह है कि इसमें किसी महंगे या बाहरी संसाधन के बजाय स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध पौधे को पोषण अभियान का माध्यम बनाया गया है। यानी घर के आंगन में लगा एक पौधा परिवार के भोजन में पोषण बढ़ाने के साथ कुपोषण के खिलाफ जागरूकता का भी जरिया बने। ‘हर घर मुनगा’ को केवल पौधरोपण अभियान के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसके जरिए पौधरोपण, पोषण जागरूकता, आंगनबाड़ी सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।</description ></item><item><title>पहला वन डे.. भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया,गिल-कोहली का शानदार शतक</title><link>https://cnin.co.in/पहला-वन-डे..-भारत-ने-वेस्टइंडीज-को-8-विकेट-से/84297</link><description>&amp;nbsp;तिरुवनंतपुरम-भारत ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में 8 विकेट से हरा दिया है। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में वेस्टइंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 295 रन बनाए थे। जवाब में भारत ने 41.4 ओवर में 2 विकेट पर 300 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ भारत ने 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।&amp;nbsp;भारत की जीत के हीरो विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल रहे। विराट कोहली ने 88 बॉल पर नाबाद 139 रन की पारी खेली। उन्होंने 10 चौके और 9 सिक्स लगाए। कोहली ने वनडे में 55वां और इंटरनेशनल क्रिकेट में 86वां शतक लगाया। वे वनडे में सबसे तेज 15 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बने। उन्होंने 303 पारियों में यह कारनामा किया। कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। सचिन ने 2007 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 377 पारियों में 15 हजार वनडे रन पूरे किए थे।&amp;nbsp;कप्तान शुभमन गिल ने वनडे करियर का 10वां शतक लगाया। उन्होंने 108 बॉल पर 110 रन की पारी खेली। गिल ने 13 चौके और एक सिक्स लगाया। इससे पहले वेस्टइंडीज ने टॉस हारकर पहले बैटिंग की। जस्टिन ग्रीव्स ने 108 गेंदों पर 101 रन की पारी खेली। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने 4 विकेट लिए।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से प्रशिक्षण लेकर दिव्यांग रमेश बने आत्मनिर्भर, सिलाई कार्य में हुए पारंगत</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-कौशल-विकास-योजना-से-प्रशिक्षण/84296</link><description>रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा और सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण के संकल्प से प्रेरित होकर देश में ऐसे प्रयासों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिनसे समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे बढऩे के अवसर मिलें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भी कौशल विकास, रोजगार और दिव्यांगजन सशक्तिकरण के माध्यम से लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इन्हीं प्रयासों से महासमुंद जिले के ग्राम मामाभांचा निवासी श्री रमेश कुमार कन्नौजे ने अपनी शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़कर हुनर को अपनी ताकत बनाया और आज सफल दर्जी के रूप में आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं।जन्म से दोनों पैरों से दिव्यांग रमेश के लिए जीवन की राह आसान नहीं रही। वे अपने पैरों पर खड़े नहीं हो सके, लेकिन उनके हौसलों ने उन्हें कभी हार मानने नहीं दी। आत्मनिर्भर बनने की दृढ़ इच्छा ने उन्हें सिलाई के हुनर से जोड़ा। आज वे अपने घर पर ही छोटा सा सिलाई केंद्र संचालित कर परिवार की जिम्मेदारियों में अपना योगदान दे रहे हैं।रमेश बताते हैं कि वे मोटरयुक्त सिलाई मशीन से ब्लाउज, सूट, स्कूल ड्रेस, पेटीकोट सहित विभिन्न प्रकार के कपड़ों की सिलाई करते हैं। उनके काम की मांग इतनी बढ़ गई है कि कई बार उनके पास आने वाला पूरा काम अकेले कर पाना भी मुश्किल हो जाता है। सिलाई के कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 8 से 10 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। रमेश के जीवन में बदलाव की शुरुआत तब हुई, जब एक दिन उन्होंने कुछ युवाओं को एक जैसी ड्रेस में जाते देखा। बातचीत करने पर उन्हें जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत नि:शुल्क सिलाई प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आत्मनिर्भर बनने की अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए रमेश ने भी प्रशिक्षण प्राप्त करने का निर्णय लिया।इसके बाद उन्होंने लगभग चार माह तक प्रतिदिन करीब 10 किलोमीटर का सफर तय कर सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त किया। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने नियमित रूप से प्रशिक्षण लिया और सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण कर प्रमाण पत्र प्राप्त किया। प्रशिक्षण से मिले तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास ने उनके हुनर को नई दिशा दी। इसके बाद उन्होंने सिलाई कार्य को अपनी आजीविका का मजबूत आधार बना लिया। आज रमेश अपने घर पर ही सिलाई का काम कर रहे हैं और अपनी मेहनत से प्रतिमाह आय अर्जित कर परिवार के पालन-पोषण में सहयोग कर रहे हैं। उनके लिए दिव्यांगता अब उनकी राह की बाधा नहीं, अपने हौसले और हुनर को साबित करने की प्रेरणा बन गई है। उन्हें बैटरी चलित वाहन की सुविधा भी मिली है, जिससे उनके आवागमन और दैनिक कार्यों में काफी सहूलियत हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए रमेश कहते हैं कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने उन्हें हुनर सीखने और अपने पैरों पर आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया।</description ></item><item><title>ग्रामीणों की मांग पर बना सकालो मुरना बांध, जल संकट से मिली राहत और 45 हेक्टेयर खेती को मिला पानी</title><link>https://cnin.co.in/ग्रामीणों-की-मांग-पर-बना-सकालो-मुरना-बांध,-जल/84295</link><description>00 374.96 लाख की लागत से तैयार जल संरचना बनी सिंचाई, निस्तारी और मवेशियों के पेयजल का आधाररायपुर। ग्रामीणों की एक मांग ने आज सरगुजा जिले के सकालो और आसपास के क्षेत्र में जल उपलब्धता की तस्वीर बदल दी है। मवेशियों के लिए पेयजल और निस्तारी की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों की मांग पर निर्मित सकालो मुरना बांध अब सिंचाई, निस्तारी और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण आधार बन गया है। बांध से खरीफ की 30 हेक्टेयर और रबी की 15 हेक्टेयर फसल को पानी मिल रहा है। इस तरह कुल 45 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों को खेती में सहूलियत मिली है।ग्रामीणों की जरूरत बनी बांध निर्माण की पहल का आधारअम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम सकालो में ग्रामीणों ने मवेशियों के लिए पेयजल संकट और निस्तारी की समस्या को देखते हुए जल संसाधन विभाग से सकालो मुरना में बांध निर्माण की मांग की थी। ग्रामीणों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग ने स्थल का मुआयना किया और बांध निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा। सकालो मुरना बांध निर्माण योजना को 30 जनवरी 2023 को 374.96 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। इसके बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू किया गया और 15 जून 2024 को बांध का निर्माण पूर्ण हुआ।पूरी क्षमता से भरा बांध, आसपास के क्षेत्र में बढ़ा जलस्तरवर्तमान में सकालो मुरना बांध पूरी क्षमता से भरा हुआ है। बांध में पर्याप्त जलभराव होने से सकालो मुरना के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी जलस्तर बढ़ा है। इससे निस्तारी और जल संकट की समस्या से राहत मिलने के साथ मवेशियों के लिए भी पेयजल की उपलब्धता बेहतर हुई है। स्थानीय स्तर पर जल संग्रहण की सुविधा विकसित होने से ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है और क्षेत्र में जल संरक्षण को भी मजबूती मिली है।45 हेक्टेयर खेती को मिला सिंचाई का सहाराबांध का बड़ा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिल रहा है। इससे लगभग 30 हेक्टेयर खरीफ और 15 हेक्टेयर रबी फसल के लिए सिंचाई का पानी उपलब्ध हो रहा है। कुल 45 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में पानी की सुविधा मिलने से किसानों के लिए खेती करना आसान हुआ है। रबी सीजन में भी पानी की उपलब्धता ने किसानों के लिए खेती की संभावनाओं को मजबूत किया है। सिंचाई का स्थानीय स्रोत उपलब्ध होने से खेती को सहारा मिलने के साथ किसानों की आजीविका को भी संबल मिला है।जल संरक्षण के साथ आवागमन की भी मिली सुविधासकालो मुरना बांध का लाभ केवल जल संग्रहण और सिंचाई तक सीमित नहीं है। बांध निर्माण के बाद आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में भी सुविधा मिली है। इस प्रकार ग्रामीणों की मांग पर तैयार हुई यह जल संरचना सिंचाई, निस्तारी, मवेशियों के पेयजल और आवागमन जैसी कई जरूरतों को पूरा कर रही है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सकालो मुरना बांध की यह सेवा की कहानी बताती है कि स्थानीय जरूरत के अनुरूप तैयार जल संरचना किस तरह पूरे क्षेत्र में बदलाव का आधार बन सकती है। जल संसाधन संभाग क्रमांक-01, अम्बिकापुर द्वारा निर्मित यह बांध आज जल संरक्षण के साथ किसानों की खेती और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों को सहारा देने वाली महत्वपूर्ण परिसंपत्ति बन गया है।</description ></item><item><title>भारतीय स्क्वैश का स्वर्णिम अध्याय, अनाहत सिंह ने महिला एकल स्क्वैश में जीता रजत पदक, वित्त मंत्री चौधरी ने दी बधाई</title><link>https://cnin.co.in/भारतीय-स्क्वैश-का-स्वर्णिम-अध्याय,-अनाहत/84294</link><description>रायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने एशियन गेम्स 2026 की महिला एकल स्क्वैश स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर युवा भारतीय खिलाड़ी अनाहत सिंह को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।श्री चौधरी ने कहा कि अनाहत सिंह की यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय स्क्वैश और पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और शानदार खेल से एशियन गेम्स के प्रतिष्ठित मंच पर तिरंगे का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस स्तर की उपलब्धि हासिल करना अनाहत की कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। उनकी सफलता देश की युवा खेल प्रतिभाओं, विशेषकर बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अनाहत सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी प्रतियोगिताओं में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए शुभकामनाएं दीं।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से कुमकुम को मिली आत्मनिर्भरता की राह</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-नोनी-सशक्तिकरण-सहायता-योजना-से/84293</link><description>रायपुर। राज्य शासन द्वारा श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रम विभाग के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।इसी क्रम में संकल्प सेवा अभियान अंतर्गत आयोजित सेवा मेरा योगदान शिविर में कोण्डागांव के सरगीपाल पारा निवासी श्रमिक श्रीमती ममता साहू की पुत्री कुमकुम को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। श्रम विभाग में पंजीयन के कारण कुमकुम को योजना का लाभ मिला। यह आर्थिक सहायता उनकी कौशल विकास, रोजगार अथवा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढऩे में सहायक होगी।क्या है मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजनामुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पहली दो अविवाहित बेटियों को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार या विवाह के लिए 20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में कम से कम तीन वर्ष पूर्व पंजीयन तथा पुत्री की आयु 18 से 21 वर्ष और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कुमकुम ने इस योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री देवांगन का आभार प्रकट करते हुए कहा कि श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहयोग देकर उन्हें शिक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढऩे का बेहतर अवसर दिया जा रहा है।</description ></item><item><title>तिरंगे में लिपटी जीत की चमक, हरिता भद्रा ने एशियन गेम्स में बढ़ाया भारत का मान</title><link>https://cnin.co.in/तिरंगे-में-लिपटी-जीत-की-चमक,-हरिता-भद्रा-ने/84292</link><description>00 महिला 200 मीटर में जीता कांस्य पदक, वित्त मंत्री चौधरी ने दी बधाईरायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने एशियन गेम्स 2026 की महिला 200 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर भारतीय एथलीट हरिता भद्रा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। चौधरी ने कहा कि तिरंगे में लिपटी हरिता भद्रा की यह उपलब्धि प्रत्येक भारतीय को गौरवान्वित करने वाला क्षण है। उन्होंने अपनी शानदार रफ्तार, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के दम पर एशियन गेम्स के प्रतिष्ठित मंच पर भारत का मान बढ़ाया है।उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर पदक हासिल करना हरिता की प्रतिभा, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। उनकी यह सफलता देश की युवा खेल प्रतिभाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायी है। चौधरी ने हरिता भद्रा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी प्रतियोगिताओं में और बड़ी सफलताएं हासिल करने के लिए शुभकामनाएं दीं।</description ></item><item><title>राज्यव्यापी महापरीक्षा में सरगुजा के 4198 नवसाक्षरों ने लिया भाग, सास-बहू, पति-पत्नी और वरिष्ठ नागरिकों ने साथ बैठकर दी परीक्षा</title><link>https://cnin.co.in/राज्यव्यापी-महापरीक्षा-में-सरगुजा-के-4198/84291</link><description>00 उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 247 केंद्रों में हुआ आयोजन, निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 97 प्रतिशत से अधिक रही सहभागितारायपुर। पढऩे-लिखने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती। सरगुजा जिले में रविवार को आयोजित राज्यव्यापी महापरीक्षा अभियान में नवसाक्षरों के उत्साह और सहभागिता ने इस संदेश को साकार कर दिखाया। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 247 परीक्षा केंद्रों में 4198 नवसाक्षर शिक्षार्थियों ने महापरीक्षा में भाग लिया। खास बात यह रही कि कई केंद्रों में सास-बहू, पति-पत्नी, देवरानी-जेठानी और वरिष्ठ नागरिकों ने एक साथ परीक्षा दी, वहीं केंद्रीय जेल अम्बिकापुर के 96 नवसाक्षर बंदी भी महापरीक्षा में शामिल हुए।कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रोमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित महापरीक्षा के लिए जिले में 4306 परीक्षार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके विरुद्ध शाम 5 बजे तक 4198 शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के निर्देशानुसार जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के सुव्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन के लिए जिला, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर सतत मॉनिटरिंग की गई।महापरीक्षा बनी सीखने का उत्सव, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों ने भी दिखाई ललकमहापरीक्षा को लेकर नवसाक्षरों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई परीक्षा केंद्रों में एक ही परिवार के सदस्य साथ-साथ परीक्षा देने पहुंचे। सास-बहू, पति-पत्नी और देवरानी-जेठानी ने एक साथ बैठकर परीक्षा दी। दिव्यांगजनों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं ने परीक्षा देकर यह संदेश दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचीं। ग्रामीण क्षेत्रों में महापरीक्षा अभियान सीखने के उत्सव के रूप में नजर आया।केंद्रीय जेल के 35 महिला और 61 पुरुष बंदियों ने दी महापरीक्षामहापरीक्षा अभियान के तहत केंद्रीय जेल अम्बिकापुर में भी परीक्षा केंद्र बनाया गया। केंद्रीय जेल की वरिष्ठ परिवीक्षा एवं कल्याण अधिकारी श्रीमती वाणी मुखर्जी ने बताया कि यहां 35 महिला और 61 पुरुष बंदियों सहित कुल 96 नवसाक्षर बंदियों को महापरीक्षा में सम्मिलित कराया गया। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उप सचिव श्री चरणजीत सिंह तनेजा, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के उप संचालक श्री डी.के. कौशिक, सहायक कार्यक्रम समन्वयक पीएमश्री श्री राजेश कुमार सिन्हा, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की सहायक संचालक श्रीमती स्वाती दास एवं डॉ. छन्दा बनर्जी, डॉ. कैताली मैथ्यू, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सरगुजा संभाग डॉ. राजेश सिंह तथा जिला परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्री गिरीश गुप्ता ने केंद्रीय जेल स्थित परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय दल ने अम्बिकापुर विकासखंड के कोटेया, टपरकेला और मैनपाट विकासखंड के अवराडांड स्थित उल्लास परीक्षा केंद्रों का भी निरीक्षण किया। दल ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर का अवलोकन भी किया।शिक्षा की मुख्यधारा से छूटे 15 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षार्थियों को मिला अवसरजिला परियोजना अधिकारी श्री गिरीश गुप्ता ने बताया कि महापरीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे शिक्षार्थियों को शामिल किया गया, जो शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित रह गए थे अथवा प्रारंभिक स्तर पर ही शाला छोड़ चुके थे। साक्षरता कक्षाओं में उल्लास प्रवेशिका के सात पाठ अथवा 200 घंटे की पढ़ाई पूरी करने वाले नवसाक्षरों ने भी परीक्षा में सहभागिता की।अधिकारियों ने केंद्रों में पहुंचकर बढ़ाया नवसाक्षरों का उत्साहमहापरीक्षा के सफल संचालन के लिए जिले के सभी विकासखंडों में अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने उदयपुर विकासखंड के सुखरीभण्डार एवं कुमदेवा परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर नवसाक्षर शिक्षार्थियों का उत्साहवर्धन किया। डाइट प्राचार्य श्री के.सी. गुप्ता ने बतौली, जिला मिशन समन्वयक श्री सर्वजीत पाठक ने लखनपुर, सहायक संचालक शिक्षा श्री रविशंकर तिवारी ने उदयपुर, सहायक संचालक शिक्षा श्रीमती पूनम पाण्डेय ने लुण्ड्रा, सहायक जिला परियोजना अधिकारी आरएमएसए श्री सुनील तिवारी ने मैनपाट तथा सहायक परियोजना समन्वयक श्री करुणेश श्रीवास्तव ने अम्बिकापुर विकासखंड में महापरीक्षा की मॉनिटरिंग की।राज्यव्यापी महापरीक्षा के सफल क्रियान्वयन में जन शिक्षण संस्थान सरगुजा के निदेशक श्री एम. सिद्दीकी, बीपीओ श्री कमलेश कुमार वर्मा, श्रीमती इंदू मिश्रा, श्री सत्यनारायण भगत सहित जिला स्तरीय अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं जिले के समस्त संकुल शैक्षिक समन्वयकों का सहयोग रहा। कंट्रोल रूम प्रभारी श्री रजनीश मिश्रा एवं श्री अभिलाष खरे द्वारा परीक्षा में सम्मिलित शिक्षार्थियों की जानकारी समय-समय पर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण को प्रेषित की गई।</description ></item><item><title>राहुल गांधी को चुनाव आयोग और देश से भी माफी मांगनी चाहिए : मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/राहुल-गांधी-को-चुनाव-आयोग-और-देश-से-भी-माफी/84290</link><description>00 बार-बार जनता से ठुकरायी जा रही कांग्रेस अब देश के संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने पर आमादा00 चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी इण्डी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश, भ्रम और मनगढ़ंत कहानियों की राजनीति पूरी तरह ध्वस्तरायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि लगभग सौ बार चुनाव हार चुके कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब बौखलाहट में लगातार देशद्रोही आचरण पर उतारू हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस अब देश की तमाम संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने, लगातार झूठ और फरेब के राजनीति कर देश को बदनाम करने में जुटी हुई है। श्री साय रविवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त द्वय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह साबित हो गया है कि आयोग में मतभेद संबंधी कांग्रेस के तमाम दावे न केवल खोखले हैं, बल्कि जान-बूझ कर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने और भारत की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की राहुल गांधी की सोची-समझी साजिश है। केंद्रीय चुनाव आयोग की संयुक्त प्रेस नोट से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। यह फिर से साबित हो गया है कि कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ झूठ, सनसनी और भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उसका झूठ फिर से बेनकाब हो गया है। श्री साय ने कहा कि अपने संयुक्त बयान में आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि एसआईआर समेत सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए। भारत के चुनाव आयोग की दुनियाभर में साख है। उसकी निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा का प्रतीक है। कांग्रेस को ऐसी हरकतों से बाज आना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस संबंध में अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट भी कोरी कल्पना के अलावा कुछ नहीं है। समाचार में कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे जिस पत्र का जिक्र है, वह न तो किसी किसी नीतिगत विषय से संबंधित है, न ही एसआईआर से संबंधित। वह सामान्य प्रशासकीय विषय था। वैसे भी चुनाव आयोग सीधे राष्ट्रपति के प्रति जिम्मेदार है, इसलिए कैबिनेट सचिव को किसी नीतिगत मामले पर पत्र लिखने का कोई तुक ही नहीं है, न ही आयुक्तों ने ऐसा कोई पत्र लिखा है। श्री साय ने इस बात पर अफसोस जताया कि जिन विषयों को सुप्रीम कोर्ट तक सही ठहरा चुका है, उसके खिलाफ भी कांग्रेस झूठ फैला रही है। फॉर्म-6 के घोषणापत्र समेत अनेक विषयों पर सर्वोच्च न्यायालय से पहले ही पक्ष में निर्णय आ चुका है, फिर भी कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की नाकाम कोशिश करती रहती है। कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब भी कांग्रेस जनता की अदालत में पराजित होती है, वह अपनी खीझ और हताशा निकालने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप मढऩे लगती है। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट और कड़े वक्तव्य ने विपक्ष के सभी झूठ और दुर्भावनापूर्ण प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एस. एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी ने शनिवार को बैठक कर एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जिसमें यह स्पष्ट कर दिया गया है कि देशभर में संचालित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन सहित सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई, 2026 को इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराया है। इसके बावजूद विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता और प्रक्रियाओं पर झूठा कीचड़ उछालने का घिनौना काम कर रहा था। श्री साय ने कहा कि देश की जनता भली-भाँति जानती है कि जितने भी राज्यों में चुनाव संपन्न हुए हैं, वे पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से संपन्न हुए हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जब चुनाव हारते हैं, तो कभी ईवीएम पर, कभी संवैधानिक संस्थाओं पर तो कभी चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाते हैं। चुनाव आयोग के इस पूर्ण और सर्वसम्मत बयान के बाद कांग्रेस नेतृत्व को देश और संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक आदतन अपराधी की तरह राहुल गांधी लगातार संविधान का निरादर कर रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं। हर बार और हर मंच पर मुंह की खाते हैं, बार-बार माफी मांगते हैं और फिर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते। इसकी जितनी निंदा की जाय वह कम है। इससे पहले ईवीएम पर सवाल उठाते थे। उसे ब्लैक बॉक्स कहते थे लेकिन उसी ईवीएम से जीत कर स्वयं भी सांसद हैं। और अनेक राज्यों में उनकी न केवल सरकार है बल्कि 600 से अधिक विधायक और 99 लोकसभा सदस्य हैं, जो इसी चुनाव प्रक्रिया और इसी ईवीएम से चुन कर आए हैं। जीत जाने पर सरकार भी बनाना, विधायक और सांसद आदि भी बनना, इसी चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेकर राजनीति करना और उसी पर लगातार प्रहार करना। साय ने कहा कि वास्तव में कांग्रेस आज राहुल गांधी की अज्ञानता का शिकार होकर पेड़ की उसी डाली को काट रही है जिस पर वह बैठी है। दु:खद यह है कि जिस थाली में खाती है, उसी में लगातार छेद करने की कांग्रेस करती है।साय ने कहा कि राहुल गांधी भारत को बदनाम करने का कोई मौ$का नहीं छोड़ते हैं। यहाँ तक कि अमेरिका के दौरों में भी राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कहा कि भारत में सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही है और उस पर सरकार का कड़ा नियंत्रण है। राहुल गांधी उरी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा सीमा पार की गई ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक को भी खून के दलाली कह देने जैसा शर्मनाक बयान दे दिया था। उनके द्वारा की गई ऐसी हरकतों की एक लंबी सूची है। श्री साय ने कहा कि बात चाहे ईवीएम की हो या कैग की, जाँच एजेंसियों की या फिर कोर्ट की। सबकी अवमानना करने, रंगे हाथ पकड़े जाने पर माफी मांग कर भाग खड़े होने और फिर अगले दिन से वही ऊल-जुलूल कहते रहने को कांग्रेस ने अपनी नीति बना ली है। दशकों तक देश पर एकछत्र शासन करने वाली कांग्रेस की ऐसी दुर्गति वास्तव में शर्मिंदा करती है। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस को 2018 में इकतरफा और ऐतिहासिक बहुमत मिला था। वह इसी चुनाव प्रक्रिया द्वारा ईवीएम से ही मिला था। वह तब तीनों राज्य जीत गई थी। अभी भी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 35 विधायक हैं। क्या वे सभी यह मानते हैं कि गलत प्रक्रिया से चुनकर आए हैं? अगर वे यह मानते हैं कि उनके निर्वाचन की प्रक्रिया सही नहीं है तो क्या उन्हें विधायक रहने का नैतिक अधिकार है? कांग्रेस के हर जन प्रतिनिधि को यह सवाल स्वयं से पूछना चाहिए। जीत गए तो प्रक्रिया अच्छी और हारे तो गलत, ऐसा नहीं होता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता का$फी समझदार है। कांग्रेस की ऐसी हरकतों की वजह से उसका रहा-सहा जनाधार भी समाप्त हो जायेगा। वास्तव में राहुल गांधी के नेतृत्व में करीब सौ चुनाव हार चुकी कांग्रेस ने अब खुद को इतिहास के कूड़ेदान में फेके जाने लायक बना लिया है। इस दौरान पत्रकार वार्ता में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही मौजूद रहे।</description ></item><item><title>10 वार्डों पर एक सेवा सेतु शिविर, आवेदनों का होगा समयबद्ध निराकरण</title><link>https://cnin.co.in/10-वार्डों-पर-एक-सेवा-सेतु-शिविर,-आवेदनों-का/84289</link><description>रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के दौरान नगरीय निकायों में हर 10 वार्डों पर एक सेवा सेतु शिविर आयोजित कर शासकीय योजनाओं और नगरीय सेवाओं को नागरिकों के और नजदीक पहुंचाया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को उनके घर के पास सुगम तरीके से सेवाएं उपलब्ध कराने और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। सेवा सेतु शिविरों में आवेदन दर्ज करने से लेकर संबंधित विभाग तक पहुंचाने और निराकरण की कार्यवाही की जा रही है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने नागरिकों से अपने क्षेत्र में निर्धारित तिथि पर आयोजित सेवा सेतु शिविर में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से शासकीय योजनाओं और नगरीय सेवाओं से संबंधित आवेदन शिविर में प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने ऑनलाइन आवेदन कर चुके नागरिकों को भी अपने आवेदन की जानकारी और आवश्यक दस्तावेज लेकर पहुंचने को कहा है, ताकि उन्हें उसकी स्थिति और आगे की प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।प्रदेशभर के नगरीय निकायों में आयोजित हो रहे सेवा सेतु शिविरों में मौके पर मिलने वाले आवेदनों का पंजीयन किया जा रहा है। पहले से ऑनलाइन मिले आवेदनों को भी संबंधित प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। पंजीयन के बाद आवेदन संबंधित विभाग को भेजकर निराकरण की कार्यवाही की जा रही है।</description ></item><item><title>बस्तर के डोंगाघाट में बाढ़ में फंसे 18 लोगों को वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-के-डोंगाघाट-में-बाढ़-में-फंसे-18-लोगों-को/84288</link><description>रायपुर। चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से बस्तर संभाग में गत दिनों से जारी लगातार भारी बारिश के चलते बाढ़ के गंभीर हालात बन गए हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और अचानक जलस्तर बढऩे के कारण बस्तर जिले के डोंगाघाट क्षेत्र में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जिससे कई ग्रामीण और छोटे बच्चे छतों पर फंसने को मजबूर हो गए।हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला। रविवार को भारतीय वायु सेना के विशेष एमआई-17 हेलीकॉप्टर की मदद से एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। वायुसेना के जांबाजों ने डोंगाघाट में बाढ़ के बीच जिंदगी और मौत से जूझ रहे 18 नागरिकों को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस पूरे बचाव अभियान की कमान स्वयं बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने संभाली। दोनों अधिकारियों की प्रत्यक्ष निगरानी और सूझबूझ से यह जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशासन द्वारा वर्तमान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत सामग्री पहुंचाने और नावों व अन्य माध्यमों से लोगों को सुरक्षित शिविरों तक पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।</description ></item><item><title>बस्तर कमिश्नर सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-कमिश्नर-सिंह-ने-बाढ़-प्रभावित/84287</link><description>00 राहत शिविरों में प्रभावितों से रूबरू होकर व्यवस्थाओं की ली जानकारीरायपुर। कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने रविवार को बस्तर जिले के जगदलपुर तहसील अंतर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित परिवारों से रूबरू होकर उनके ठहरने, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए शासन-प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रयासरत है।कमिश्नर सिंह ने जगदलपुर तहसील के प्राथमिक शाला भवन तामाकोनी, शहीद भगतसिंह स्कूल तथा माध्यमिक शाला भवन नगरनार में स्थापित राहत शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से राहत शिविरों में उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं की जानकारी लेते हुए प्रभावित परिवारों के ठहरने के लिए पर्याप्त स्थान वाले बड़े कैम्पस का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में महिलाओं और पुरुषों के लिए पृथक-पृथक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रभावितों के लिए भोजन और पेयजल की पर्याप्त एवं नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने राहत शिविरों में चिकित्सा दल की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए प्रभावितों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार करने तथा स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता देने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हैंडपंप, नल-जल योजना सहित अन्य पेयजल स्रोतों के जल परीक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर हाल में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि दूषित पानी से होने वाली संक्रामक बीमारियों की स्थिति निर्मित न हो।उन्होंने नगरनार इलाके के बाढ़ प्रभावितों को एनएमडीसी की ओर से समुचित सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश भी एनएमडीसी के अधिकारियों को दिए।मकान, फसल और मवेशियों की क्षति का संवेदनशीलता से करें आंकलनकमिश्नर श्री डोमन सिंह ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित बस्तर, सुकमा, बीजापुर सहित अन्य जिलों में जनहानि, मकान, फसल एवं पालतू मवेशियों को हुई क्षति का सर्वे कर आंकलन करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के साथ उनके पुनर्वास की दिशा में सकारात्मक प्रयास शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में मकान, फसल और पालतू मवेशियों की क्षति का संवेदनशीलता के साथ सर्वे कर नजरी आंकलन तैयार किया जाए तथा आवश्यक सहायता के लिए प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में बरतें विशेष सतर्कताकमिश्नर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत लाइनों के संधारण के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जरूरत के अनुसार विद्युत प्रवाह बंद किया जाए तथा क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों की मरम्मत तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर प्रभावितों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार करने के निर्देश दिए। साथ ही लोगों को शुद्ध पेयजल के उपयोग, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, बीमार होने पर तत्काल स्वास्थ्य जांच और उपचार कराने सहित आवश्यक स्वास्थ्य सावधानियों के संबंध में जागरूक करने कहा।पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन और शुद्धीकरण पर जोरकमिश्नर ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में हैंडपंप, नल-जल योजना, सोलर ड्यूल पंप सहित सभी पेयजल स्रोतों का समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन के साथ ही स्थानीय जल स्रोतों जैसे कुआं, बावड़ी आदि के जल शुद्धीकरण के लिए सघन अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद किसी भी प्रकार की जलजनित बीमारी की स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से लगातार निगरानी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।</description ></item><item><title>आंगन मिलन कार्यक्रम में शामिल हुई केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री</title><link>https://cnin.co.in/आंगन-मिलन-कार्यक्रम-में-शामिल-हुई-केंद्रीय/84286</link><description>00 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों का किया सम्मानरायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत आज दुर्ग जिले के भिलाई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र सेक्टर-7 में आंगन मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर भी शामिल हुईं। इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, वरिष्ठ नागरिक सुरेंद्र कौशिक, पुरूषोत्तम देवांगन एवं महिला मोर्चा भिलाई की अध्यक्ष श्रीमती स्वीटी कौशिक उपस्थित रहीं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और आशा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री के सेवा-संकल्प की भावना के अनुरूप समर्पण के साथ कार्य कर रही हैं। वे शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ गर्भवती महिलाओं, माताओं और बच्चों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यकर्ताओं द्वारा महिलाओं और बच्चों को पोषण, खान-पान तथा टीकाकरण के संबंध में समय-समय पर आवश्यक जानकारी दी जाती है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य के लिए मिलने वाला प्रोत्साहन कार्यकर्ताओं में और अधिक ऊर्जा के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के अभिभावकों के सहयोग की भी आवश्यकता होती है। अभिभावक अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र भेजने के साथ कार्यकर्ताओं द्वारा दी जाने वाली जानकारी और मार्गदर्शन में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता और समाज एक-दूसरे के पूरक हैं।पोषण और स्वच्छता पर दिया जोरराज्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में पोषण माह के दौरान गर्भवती महिलाओं, किशोरियों तथा कम वजन एवं कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक आहार के महत्व के संबंध में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, तभी परिवार सशक्त होगा। बच्चों को पर्याप्त पोषण और उचित देखभाल देकर उनके बेहतर भविष्य की नींव रखी जा सकती है। उन्होंने स्वच्छता को भी स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि घर-परिवार और आसपास के वातावरण में साफ-सफाई रखने से अनेक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने आसपास की अन्य महिलाओं को भी पोषण, स्वच्छता और शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करें तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।विकसित भारत के संकल्प में सभी की भागीदारी जरूरीराज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि शासन की योजनाओं को सफल बनाने में जनता की सहभागिता महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने उपस्थित लोगों से आंगनवाड़ी केंद्रों से निरंतर जुड़े रहने तथा कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, अधिकारियों और पर्यवेक्षकों का सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल कार्यकर्ताओं के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों के लिए हैं। अभिभावकों को समय-समय पर आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चों की वृद्धि, पोषण और सीखने की प्रगति की जानकारी लेनी चाहिए तथा आवश्यकता होने पर कार्यकर्ताओं से मार्गदर्शन लेना चाहिए।आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का सम्मानकार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में सहयोग के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती संगीता खड़से एवं गुरमीत कौर, आंगनवाड़ी सहायिका श्रीमती कामिन साहू एवं डी. महालक्ष्मी, मितानिन शकुन्तला तथा आंगनवाड़ी में सहयोग करने के लिए डुलेश्वरी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मिलेट्स से तैयार विभिन्न व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके माध्यम से मोटे अनाज के पोषण संबंधी महत्व और उनके उपयोग को प्रदर्शित किया गया। वहीं बच्चों के लिए न्योता भोज का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक श्रीमती रेणुका श्रीवास्तव, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अशोक पांडे, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय कुमार साहू सहित परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, स्व-सहायता समूह की महिलाएं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित महिलाएं उपस्थित रहीं।</description ></item><item><title>शासकीय हाईस्कूल बरेकेलकला में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों का किया जा रहा सर्वांगीण</title><link>https://cnin.co.in/शासकीय-हाईस्कूल-बरेकेलकला-में-शिक्षा-के-साथ/84285</link><description>रायपुर। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत राज्य सरकार और विभागीय व्यवस्था से जिले में शिक्षा का स्तर अच्छा है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय महासमुंद से दूरस्थ क्षेत्र में स्थित ग्राम बरेकेलकला में शासकीय हाईस्कूल संचालित है। यह विद्यालय बस्ती से काफी दूर होने के बावजूद आज शिक्षा, परीक्षा परिणाम, पर्यावरण संरक्षण, जनसहयोग एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। यहां शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था होने से शिक्षण कार्य में निरंतर सुधार आया और विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम वर्ष 2016 से 2023-34 तक 100 प्रतिशत रहा है। यह परिणाम विद्यालय के विद्यार्थियों के निरंतर मेहनत एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन से संभव हुआ है। अब विद्यालय के लिए नवीन भवन की स्वीकृति भी प्राप्त हुई, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हुआ।बरेकेलकला के हाईस्कूल में उपलब्ध संसाधनों का विद्यार्थियों के हित में बेहतर उपयोग किया जा रहा है। विद्यालय परिसर में पुस्तकालय कक्ष, प्रयोगशाला कक्ष एवं सभाकक्ष जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिनका विद्यार्थी नियमित रूप से उपयोग कर रहे हैं। विद्यालय के विकास की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक है। वर्ष 2019 से विद्यालय परिसर में गार्डन एवं वृक्षारोपण का कार्य प्रारंभ किया गया। इस कार्य में शाला विकास समिति, ग्राम पंचायत, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा जनसमुदाय का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने के उद्देश्य से 'प्रत्येक बच्चे के नाम पर एक पेड़Ó लगाने की पहल की गई। इसके परिणामस्वरूप आज विद्यालय परिसर में हजारों पौधे लहलहा रहे हैं। विद्यालय परिसर में जामुन, आम, नारियल एवं विभिन्न औषधीय पौधों का रोपण किया गया है। साथ ही किचन गार्डन विकसित कर उसमें हल्दी, अरबी सहित विभिन्न उपयोगी पौधों का रोपण किया गया है। जनसहयोग एवं सामुदायिक सहभागिता से विद्यालय के सौंदर्यीकरण का कार्य भी निरंतर किया गया। आज यह विद्यालय दूरस्थ क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद एक सुंदर, स्वच्छ एवं हरित विद्यालय के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद लगातार उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं शिक्षकों की मेहनत को दर्शाता है। विद्यालय में बालिकाओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में साइकिल वितरण योजना का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। साइकिल मिलने से दूरदराज से विद्यालय आने वाली बालिकाओं को आवागमन में सुविधा मिली और उनकी उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। समय समय पर जनप्रतिनिधियों के करकमलों से विद्यार्थियों को साइकिल वितरण किया गया, जिससे विद्यार्थियों में उत्साह एवं विद्यालय के प्रति जुड़ाव बढ़ा।विद्यालय के विकास में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शाला प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत तथा समुदाय का निरंतर सहयोग प्राप्त होता रहा है। समय- समय पर बीआरसीसी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, डीएमसी एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय का निरीक्षण एवं मार्गदर्शन किया जाता है। विभागीय सहयोग एवं मार्गदर्शन से विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को निरंतर गति मिली है। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा द्वारा विद्यार्थियों को अपने करकमलों से साइकिल वितरण किया गया। इसी प्रकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत महासमुंद अनुपमा आनंद द्वारा विद्यालय परिसर में नारियल के पौधरोपण एवं किचन गार्डन के विकास में स्वयं सहभागिता की गई।विद्यालय में शासन के निर्देशानुसार विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, पर्यावरणीय एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों का नियमित एवं विस्तृत आयोजन किया जाता है। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाती है। इन सभी प्रयासों में शाला प्रबंधन समिति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। समिति के सदस्यों एवं ग्रामीण समुदाय के सहयोग से विद्यालय को निरंतर बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शासकीय हाईस्कूल बरेकेलकला की यह यात्रा इस बात का उदाहरण है कि दूरस्थ क्षेत्र, सीमित संसाधन और ग्रामीण परिवेश भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सामुदायिक सहभागिता के मार्ग में बाधा नहीं बनते, यदि शिक्षक, विद्यार्थी, पालक, शाला प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा विभाग मिलकर प्रयास करें। आज हजारों पौधों से हरा-भरा विद्यालय परिसर, बेहतर शैक्षणिक वातावरण, निरंतर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम, बालिकाओं की नियमित उपस्थिति तथा व्यापक जनसहयोग इस विद्यालय की सफलता की पहचान बन चुके हैं। आज शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सामुदायिक सहयोग का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभर रहा है।</description ></item><item><title>केंद्रीय राज्यमंत्री ठाकुर ने सखी वन स्टॉप सेंटर का किया निरीक्षण</title><link>https://cnin.co.in/केंद्रीय-राज्यमंत्री-ठाकुर-ने-सखी-वन-स्टॉप/84284</link><description>रायपुर। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने अपने दुर्ग प्रवास के दौरान दुर्ग स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं और सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संकटग्रस्त महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही काउंसलिंग, कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली।सखी वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद सहित विभिन्न समस्याओं से पीडि़त महिलाओं को काउंसलिंग के साथ आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा केन्द्रीय राज्यमंत्री को सेंटर में दर्ज होने वाले प्रकरणों और महिलाओं को प्रदान की जा रही सेवाओं के संबंध में जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान श्रीमती सावित्री ठाकुर ने संकटग्रस्त महिलाओं को समय पर सुरक्षा, आवास, कानूनी सहायता और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।राज्यमंत्री ने सेंटर में संचालित विभिन्न सुविधाओं का भी अवलोकन किया। इनमें परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता तथा अस्थायी आश्रय की व्यवस्था शामिल है। निरीक्षण के दौरान सेंटर की व्यवस्थाओं, साफ-सफाई और स्टाफ द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने केंद्र की सराहना की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अशोक शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय साहू सहित वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/नक्सलवाद-से-प्रभावित-रहे-क्षेत्रों-में/84283</link><description>00 अंतागढ़ के लामकन्हार में सुनी मन की बात की 138वीं कड़ी00 प्रधानमंत्री मोदी ने की छत्तीसगढ़ के हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान की सराहना00 मुख्यमंत्री ने कहा - छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित नवाचारों को मिल रही राष्ट्रीय पहचानरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और नवाचारों को मन की बात के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उनके द्वारा लगातार उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है। इससे हमारे स्थानीय प्रयासों को नई पहचान मिलने के साथ ही बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान कुपोषण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं तथा इनमें आयरन सहित अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने पोषण से लेकर स्वच्छता, पर्यावरण और वोकल फॉर लोकल तक विभिन्न विषयों पर किया संवादप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा वोकल फॉर लोकल सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने सितंबर माह को कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को समर्पित पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान की चर्चा की। इस अभियान के माध्यम से लोगों को पौष्टिक मुनगा अर्थात मोरिंगा को दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने और इसके पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ के नवाचारों की मन की बात में लगातार हो रही चर्चामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मन की बात में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार स्थान दे रहे हैं। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में प्राप्त ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल जैसे प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले का 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल स्थानीय आवश्यकता और जनभागीदारी से निकला एक प्रभावी समाधान है। इसके अंतर्गत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे आवश्यकता के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। ऐसे नवाचार बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी मन की बात में ऐसे कार्यों को देश के सामने लाकर उनसे जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन करते हैं। साथ ही देश के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी अपने गांव, शहर और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है।नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा क्षेत्रमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ दूरस्थ अंचलों में विकास के नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल दशकों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्र में शांति के साथ समृद्धि और विकास को गति देने में जुटी है।लामकन्हार के विकास के लिए 85 लाख रुपए की सौगातमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने लामकन्हार में शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड निर्माण के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लामकन्हार में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। लामकन्हार में घोषित इन विकास कार्यों से ग्रामीणों के साथ ही विद्यार्थियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।एक पेड़ मां के नाम के तहत लगाया अमरूद का पौधामन की बात कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण सरकार के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की नींव मजबूत करेगा। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण,&amp;nbsp; अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।</description ></item><item><title>रायपुर को मिलेगी जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री की नई पहचान : पंडरी बस स्टैंड में विश्वस्तरीय ज्वेलरी पार्क एवं ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग पार्क की मांग</title><link>https://cnin.co.in/रायपुर-को-मिलेगी-जेम्स-एंड-ज्वेलरी/84282</link><description>00 वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दिया सकारात्मक आश्वासनरायपुर। छत्तीसगढ़ को जेम्स एंड ज्वेलरी के क्षेत्र में राष्ट्रीय हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू के नेतृत्व में सराफा व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी से भेंट कर रायपुर के पंडरी बस स्टैंड क्षेत्र में विश्वस्तरीय जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क एवं ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने का ज्ञापन सौंपा।तथ्यात्मक पक्ष जो मंत्री के समक्ष रखा गया जिसमें रायपुर में सराफा की लगभग 2500 दुकानें हैं, पर एक भी अधिकृत मैन्युफैक्चरिंग पार्क नहीं है। कारीगर आज भी सदर बाजार, सत्ती बाजार, बूढ़ापारा एवं अन्य क्षेत्र की तंग गलियों में असुरक्षित माहौल में काम करने को मजबूर हैं। छत्तीसगढ़ में आज भी देश के विभिन्न प्रदेशों से सोने एवं चांदी के जेवरों का निर्माण होकर आता है जिससे सरकार को व्यापारियों को एवं स्थानीय कारीगरों को रोजगार के अवसर कम मिलते हैं जिससे सरकार के राजस्व की कमी आती है। राजस्व में जीएसटी, हॉलमार्किंग, लीज रेंट से 200 करोड़ से अधिक का सालाना राजस्व वृद्धि होगी। 10,000 स्थानीय युवाओं और कारीगरों को यहीं पर रोजगार मिलेगा। यह मेक इन छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा मॉडल होगा और विश्व पटल पर छत्तीसगढ़ का नाम अंकित होगा।प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान की और आश्वस्त किया कि वे इस प्रस्ताव को माननीय मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखकर कैबिनेट बैठक में लाने का पुरजोर प्रयास करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थौरानी, हरख मालू, रविकांत लूंकड़ , अनिल बुरड़ एवं आनंद कोचर शामिल थे।</description ></item><item><title>कर्म ऐसा करो कि अपनी भक्ति पर भी गौरव हो - इन्द्रेश महाराज</title><link>https://cnin.co.in/कर्म-ऐसा-करो-कि-अपनी-भक्ति-पर-भी-गौरव-हो--/84281</link><description>0- कथा स्थल में सुनी गई मन की बात गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज0- एक जगह सर्वाधिक लोगों ने डिजिटल ब्राडकास्ट माध्यम से सुनी मन की बात&amp;nbsp;रायपुर। व्यासपीठ से आज फिर भागवताचार्य इन्द्रेश जी महाराज ने युवाओं से अपील की, पढ़ लिखकर यदि आप डाक्टर, इंजीनियर, आईएएस बन गए तो आपको अपनी भक्ति का गौरव होगा कि मैने इस माध्यम से भी ठाकुरजी को पा लिया। पहले अपने कर्म का निवर्हन करो। आप कलयुग में जी रहे हैं इसके लिए उसका भी सम्मान करो। कहने का तात्पर्य यह है कि अध्ययन को पहली प्राथमिकता दो, नाम जाप कथा अध्ययन की वजह से छूट रहा ये न सोंचे, बल्कि ये टारगेट कर चलें कि 90 से 99 प्रतिशत के बीच का परिणाम लाएंगे। इसके लिए पढ़ाई को ये मान कर चलें कि माला भगवान की ही जप रहे हैं तो ठाकुर जी जरूर मिलेंगे। कर्म करके मैने स्वंय को पा लिया,यह मानकर अपना लक्ष्य तय करें। कोई बहाने न करें पूरे मन व लगन से पढ़ाई करें। वहीं आज डिजिटल ब्राडकास्ट माध्यम से एक ही जगह पर सर्वाधिक लोगों ने मन की बात सुनी और रायपुर में आज भागवत कथा स्थल इसके लिए माध्यम बना। जो कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया। श्री इन्द्रेश जी महाराज व सांसद तरुण चुघ के माध्यम से रायपुर जिला भाजपा इकाई और आयोजन समिति को यह प्रमाण पत्र सौंपा गया।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>कलेक्टर डॉ.सिंह के निर्देश पर पथरी डीह में एनडीआरएफ ने किया 14 लोगों का सफल रेस्क्यू</title><link>https://cnin.co.in/कलेक्टर-डॉ.सिंह-के-निर्देश-पर-पथरी-डीह-में/84280</link><description>रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। इसी क्रम में पथरी डीह में बाढ़ के बीच फंसे 14 लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद एनडीआरएफ की टीम ने तत्परता और समन्वय के साथ अभियान चलाया। प्रशासन, पंचायत अमले एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयास से सभी 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान जनपद पंचायत सीईओ आशीष केशरवानी, तहसीलदार धरसीवां राजकुमार साहू, सरपंच प्रतिनिधि श्री तेजराम निषाद, ग्राम पंचायत सचिव श्री ब्रजेश एवं सब इंजीनियर प्रदीप साहू मौके पर मौजूद रहे और राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय सहयोग किया।अभियान में जनपद प्रतिनिधि ईश्वर निषाद की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने स्थानीय स्तर पर लगातार समन्वय स्थापित करने, आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने तथा एनडीआरएफ की टीम को सहयोग प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और जरूरतमंद लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा भोजन, पेयजल, दवाइयों सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।</description ></item><item><title>बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन, चेंबर ऑफ कॉमर्स, कैट व डीए एग ने बढ़ाया सहयोग</title><link>https://cnin.co.in/बाढ़-प्रभावितों-की-मदद-के-लिए-ऑटोमोबाइल/84279</link><description>00 राहत सामग्री प्रदान कर आपदा की घड़ी में निभाई सामाजिक जिम्मेदारी, जिला प्रशासन ने जताया आभाररायपुर। जिले में बाढ़ से प्रभावित लोगों को विभिन्न स्थानों पर बनाए गए राहत शिविरों में सुरक्षित रखा गया है। संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सामाजिक संस्थाओं एवं संगठनों द्वारा लगातार राहत सामग्री उपलब्ध कराकर सहयोग किया जा रहा है।इसी क्रम में रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन, चेंबर ऑफ कॉमर्स, कैट एवं डीए एग द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री प्रदान कर सहयोग किया गया। इस मानवीय पहल के लिए रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कैलाश खेमानी, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री सतीश थोरानी, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर परवानी एवं डीए एग के अध्यक्ष श्री धनराज बैनर्जी के प्रति जिला प्रशासन ने आभार व्यक्त किया है। इन संस्थाओं के सहयोग से राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने में मदद मिल रही है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों एवं नागरिकों द्वारा आगे बढ़कर किए जा रहे सहयोग से राहत एवं बचाव कार्यों को मजबूती मिल रही है। ऐसे सामूहिक प्रयासों से प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता समय पर पहुंचाने में मदद मिलती है।</description ></item><item><title>बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों का कलेक्टर सिंह ने किया निरीक्षण, दी जाएगी नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि</title><link>https://cnin.co.in/बाढ़-प्रभावित-क्षेत्रों-और-राहत-शिविरों-का/84278</link><description>00 प्रभावित परिवारों को राशन, दवाइयां और कपड़े उपलब्ध कराने के निर्देशरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं राहत शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अधिकारियों के साथ श्रीलंका नगर बस्ती पहुंचकर स्थिति का अवलोकन किया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।कलेक्टर डॉ. सिंह ने पूर्व माध्यमिक शाला चांदनीडीह तथा शासकीय प्राथमिक शाला घनश्याम नगर डिपरापारा में बनाए गए राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शिविरों में ठहरे नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की राहत एवं पुनर्वास के लिए कार्ययोजना तैयार कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसी भी नागरिक को परेशानी नहीं होनी चाहिए। राहत शिविरों में राशन एवं भोजन के साथ आवश्यक दवाइयों और कपड़ों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश देते हुए कहा कि पात्र प्रभावितों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाएगी।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन एवं डीसीपी पश्चिम श्री रॉबिंसन गुडिय़ा ने राहत शिविर में प्रभावितों को वितरित किए जा रहे भोजन को स्वयं खाकर उसकी गुणवत्ता भी जांची। कलेक्टर ने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>बिलासपुर-तिरुपति-बिलासपुर एक्सप्रेस का नारला रोड स्टेशन में स्टॉपेज</title><link>https://cnin.co.in/बिलासपुर-तिरुपति-बिलासपुर-एक्सप्रेस-का/84277</link><description>रायपुर। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की मांग व उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व तट रेलवे, सम्बलपुर मंडल के नारला रोड स्टेशन में गाड़ी संख्या 17481/17482 बिलासपुर तिरुपति-बिलासपुर* एक्सप्रेस का प्रायोगिक ठहराव की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।28 सितम्बर से आगामी आदेश तक गाड़ी संख्या 17482 तिरुपति-बिलासपुर एक्सप्रेस नारला रोड स्टेशन में ठहराव के साथ चलेगी। यह गाड़ी नारला रोड स्टेशन 10.08 बजे पहुंचेगी तथा 10.10 बजे रवाना होगी। 29 सितम्बर 2026 से आगामी आदेश तक गाड़ी संख्या 17481 बिलासपुर-तिरुपति एक्सप्रेस नारला रोड स्टेशन में ठहराव के साथ चलेगी। यह गाड़ी नारला रोड स्टेशन 21.28 बजे पहुंचेगी तथा 21.40 बजे रवाना होगी।</description ></item><item><title>रेल मंत्री वैष्णव ने दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना को बताया छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने वाली उपलब्धि</title><link>https://cnin.co.in/रेल-मंत्री-वैष्णव-ने-दल्लीराजहरा-रावघाट-रेल/84276</link><description>00 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराझरा-रावघाट रेल लाइन से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं व्यापार के अवसरों तक पहुंच होगी सुगमरायपुर/बिलासपुर। दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोडऩे की दिशा में दल्लीराझरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट रेलखंड का कार्य पूर्ण होने के साथ 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराझरा-रावघाट रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया के अपने ट्विटर (एक्स), इंस्टाग्राम हैंडल पर इस परियोजना से संबंधित वीडियो साझा करते हुए कहा कि 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराझरा-रावघाट नई रेल लाइन छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि इस रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार तक पहुंच आसान होगी। रेल मंत्री के इस संदेश के अनुरूप, दल्लीराझरा-रावघाट रेल लाइन दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को व्यापक रेल नेटवर्क से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे आसपास के ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के लिए आवागमन के बेहतर विकल्प उपलब्ध होने के साथ रायपुर और भिलाई जैसे प्रमुख शहरों से क्षेत्र का संपर्क और मजबूत होगा। बेहतर रेल संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक लोगों की पहुंच सुगम होगी।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी अपने सोशल मीडिया के माध्यम से इस उपलब्धि को दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूर्ण होना बस्तर सहित पूरे दक्षिण छत्तीसगढ़ के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा। रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से आवागमन सुगम होने के साथ रायपुर और भिलाई से क्षेत्र का जुड़ाव और मजबूत होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के नए अवसरों को गति मिलेगी।केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने भी अपने सोशल मीडिया के माध्यम दल्लीराझरा-रावघाट रेल लाइन को छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में नई कनेक्टिविटी की शुरुआत बताते हुए कहा है कि यह परियोजना क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन के साथ शिक्षा, रोजगार, व्यापार और विकास के नए अवसरों के द्वार खोलेगी। दल्लीराजहरा-ताड़ोकी के बीच पहले से यात्री रेल सेवा उपलब्ध है। ताड़ोकी-रावघाट के 17.5 किलोमीटर लंबे अंतिम खंड के पूर्ण होने से दल्लीराझरा से रावघाट तक रेल संपर्क और विस्तारित हुआ है। इस रेल लाइन के माध्यम से कृषि उपज एवं स्थानीय व्यावसायिक वस्तुओं के परिवहन को भी सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावनाएं हैं।यह रेल मार्ग भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क परिवहन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस रेल लाइन से लौह अयस्क के परिवहन को सुविधा मिलेगी, जिससे इस्पात उद्योग को आवश्यक लॉजिस्टिक सहयोग प्राप्त होगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से क्षेत्र में पर्यटन, निवेश तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों के विकास की संभावनाओं को भी बल मिलेगा। इससे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलने के साथ क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से और मजबूती से जोडऩे में सहायता मिलेगी। दल्लीराझरा-रावघाट रेल परियोजना की यह उपलब्धि दूरस्थ क्षेत्रों में रेल अधोसंरचना के विस्तार के माध्यम से लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भारतीय रेल की निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। क्षेत्र के माननीय सांसदों द्वारा भी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ में बेहतर कनेक्टिविटी एवं विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।</description ></item><item><title>आस्था और एकता का संगम: महाकाल सेना की नि:शुल्क ज्योतिर्लिंग यात्रा 29 को</title><link>https://cnin.co.in/आस्था-और-एकता-का-संगम:-महाकाल-सेना-की-नि:शुल्क/84274</link><description>राजनांदगांव। महाकाल सेना राजनांदगांव छत्तीसगढ़ द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी धार्मिक यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। संस्कारधानी राजनांदगांव से मंगलवार 29 सितंबर को हावड़ा-मुंबई ट्रेन से लगभग 400 महाकाल भक्तों का जत्था महाराष्ट्र स्थित तीन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए रवाना होगा। यात्रा के दौरान भक्त त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग (नासिक), भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग (पुणे) एवं घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग (औरंगाबाद) के दर्शन करेंगे। यात्रा में युवा, बुजुर्ग सहित विभिन्न वर्गों के श्रद्धालु शामिल होंगे। भक्तजन सामूहिक रूप से जय श्री महाकाल के जयघोष के साथ यात्रा करेंगे।महाकाल सेना द्वारा यात्रा में शामिल सभी भक्तजनों के लिए निशुल्क दर्शन की व्यवस्था की गई है। यात्रा पूर्ण करने के बाद सभी भक्तगण 3 अक्टूबर को बॉम्बे-हावड़ा ट्रेन से संस्कारधानी राजनांदगांव वापस लौटेंगे। महाकाल भक्त पवन डागा एवं नीलू शर्मा ने बताया कि पिछले लगभग 25 वर्षों से सामूहिक रूप से धार्मिक यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रारंभ में यात्रियों की संख्या सीमित रहती थी, लेकिन बाबा महाकाल की कृपा से अब लगभग 400 भक्त यात्रा में शामिल हो रहे हैं। इनमें कुछ भक्त ट्रेन से तो कुछ सड़क मार्ग से यात्रा करेंगेउन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे और यह धार्मिक यात्रा श्रद्धा, भक्ति एवं एकता का माध्यम बने।</description ></item><item><title>राजभाषा पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत एसईसीएल मुख्यालय में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन</title><link>https://cnin.co.in/राजभाषा-पखवाड़ा-2026-के-अंतर्गत-एसईसीएल/84273</link><description>00 हास्य, व्यंग्य, गीत एवं ओजपूर्ण प्रस्तुतियों से सजी साहित्यिक संध्या, कवियों ने बांधा समांबिलासपुर। एसईसीएल में राजभाषा पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत एसईसीएल मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित इस साहित्यिक संध्या में देश के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं से हास्य, व्यंग्य, गीत एवं ओज की अनूठी छटा बिखेरी।कार्यक्रम में निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी) - संचालन रमेश चंद्र महापात्र, निदेशक (तकनीकी) - योजना एवं परियोजना (अतिरिक्त प्रभार) नृपेन्द्र नाथ श्रद्धा महिला मंडल की उपाध्यक्षा श्रीमती इप्सिता दास एवं श्रीमती विनिता जैन सहित एसईसीएल संचालन समिति, एसईसीएल कल्याण मंडल, एसईसीएल सुरक्षा समिति, सीएमओएआई, सिस्टा, ओबीसी प्रतिनिधियों, विभिन्न श्रम संघों के प्रतिनिधियों, विभागाध्यक्षों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास ने कवियों का स्वागत करते हुए कहा कि राजभाषा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित यह कवि सम्मेलन हिंदी भाषा एवं साहित्य को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को दिशा देने और सकारात्मक संदेश पहुंचाने का कार्य करते हैं।कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। प्रसिद्ध कवयित्री एवं गीतकार डॉ. सरिता शर्मा ने अपनी भावपूर्ण गीत प्रस्तुतियों से जीवन, रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को स्वर दिया। हास्य कवि एवं लोक गायक श्री जगवीर राठी ने अपनी लोक शैली और हास्यपूर्ण अंदाज से सभागार में हंसी की फुहार बिखेरी। वरिष्ठ हास्य-व्यंग्य कवि श्री सुदीप भोला ने अपनी चुटीली व्यंग्य रचनाओं के माध्यम से सामाजिक परिस्थितियों पर सहज कटाक्ष किए।ओज एवं वीर रस के प्रसिद्ध कवि अशोक चारण ने अपनी जोशीली कविताओं से वातावरण में ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। युवा कवि एवं गीतकार श्री स्वयं श्रीवास्तव ने अपनी संवेदनशील गीतात्मक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भाव-विभोर किया। हास्य-व्यंग्य के लोकप्रिय कवि शंभू शिखर ने अपनी मंचीय शैली और हास्यपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। शृंगार एवं प्रेम रस की कवयित्री डॉ. तिष्या श्री ने अपनी मधुर कविताओं से साहित्यिक माधुर्य घोला, वहीं युवा हास्य कवि एवं व्यंग्यकार श्री हीरामणि वैष्णव ने अपनी विशिष्ट हास्य शैली से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया।</description ></item><item><title>विश्व पर्यटन दिवस 2026 : जहाँ प्रकृति पुकारती है, वहाँ धमतरी आपका इंतज़ार कर रहा है</title><link>https://cnin.co.in/विश्व-पर्यटन-दिवस-2026-:-जहाँ-प्रकृति-पुकारती-है,/84272</link><description>00 गंगरेल के द्वीप से आकार ले रही धमतरी के अनुभव आधारित पर्यटन की नई पहचानविशेष लेख : शशिरत्न पाराशर, उप संचालक&amp;nbsp;धमतरी। कल्पना कीजिए—चारों ओर शांत जलराशि, दूर तक फैली हरियाली, खुले आसमान से झांकती सुनहरी धूप, ठंडी हवा का स्पर्श और शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति के बीच बिताए कुछ सुकून भरे पल। नाव धीरे-धीरे जल को चीरते हुए आगे बढ़ती है और लगभग 40 मिनट बाद सामने उभरता है एक खूबसूरत द्वीप। यहां पहुंचते ही महसूस होता है कि यात्रा केवल किसी स्थान तक पहुंचने की नहीं, बल्कि प्रकृति के और करीब आने की है। सेवा यह है गंगरेल का द्वीप, जो अब धमतरी के पर्यटन मानचित्र पर अनुभव आधारित पर्यटन की नई कहानी लिखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।हर वर्ष 27 सितंबर को मनाया जाने वाला विश्व पर्यटन दिवस पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को रेखांकित करता है। वर्ष 2026 की थीम “डिजिटल एजेंडा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा पर्यटन का पुनर्गठन” पर्यटन के बदलते स्वरूप की ओर संकेत करती है। आज का पर्यटक केवल किसी स्थान को देखना नहीं चाहता, वह उसे महसूस करना, उसके साथ जुड़ना और एक यादगार अनुभव लेकर लौटना चाहता है। धमतरी इसी नई पर्यटन अवधारणा के अनुरूप प्रकृति, रोमांच, संस्कृति और स्थानीय समुदाय को एक साथ जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।गंगरेल के द्वीप पर रोमांच का नया संसारगंगरेल जलाशय के विस्तृत जलक्षेत्र के मध्य स्थित द्वीप पर पहली बार आइलैंड कैंपसाइट विकसित किया गया है। यह पहल धमतरी में एडवेंचर, नेचर और कम्युनिटी टूरिज्म की संभावनाओं को एक नया आयाम देती है। 17 एवं 18 सितंबर को टूर ऑपरेटर्स के लिए आयोजित एफएएम ट्रिप (Familiarization Trip) के दौरान गंगरेल बांध, जलक्षेत्र, द्वीपों तथा आसपास के प्राकृतिक और सांस्कृतिक परिवेश का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया। इसके बाद 19 एवं 20 सितंबर को छत्तीसगढ़ की ट्रैवल कंपनी CampOnce द्वारा 2 Days–1 Night Island Camping Adventure आयोजित किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा और तमिलनाडु से आए पर्यटकों ने सहभागिता की। संकल्प अभियान अंतर्गत यह विशेष लेख आप पढ़ रहे है ।द्वीप तक पहुंचने वाली लगभग 40 मिनट की बोट यात्रा ही इस अनुभव की पहली रोमांचक कड़ी बनी। इसके बाद शुरू हुआ प्रकृति के बीच ठहरने, घूमने और उसे महसूस करने का सिलसिला। नाइट कैंपिंग, ट्रेकिंग, फिशिंग, स्विमिंग, बोनफायर, आउटडोर कुकिंग, बर्ड वॉचिंग और स्टार गेजिंग जैसी गतिविधियों ने इस यात्रा को सामान्य भ्रमण से अलग एक विशिष्ट अनुभव में बदल दिया। रात के शांत जलक्षेत्र के बीच कैंप में ठहरना, खुले आसमान के नीचे तारों को निहारना और प्रकृति की खामोशी को महसूस करना—ऐसे अनुभव पर्यटक को केवल किसी स्थान की तस्वीर नहीं देते, बल्कि उसकी स्मृतियों में एक कहानी छोड़ जाते हैं।गंगरेल एडवेंचर स्पोर्ट्स रोमांच और जल पर्यटन का अनुभव देते हैं, तो ठेमली आइलैंड द्वीप पर्यटन की नई संभावनाओं को सामने लाता है। नरहरा वाटरफॉल प्रकृति और ट्रेकिंग के आकर्षण से जोड़ता है। महानदी का उद्गम सिहावा आध्यात्मिकता, प्रकृति और विरासत का अद्भुत संगम है। रूद्री कॉरिडोर और कायकिंग महानदी के तटवर्ती अनुभवों को नया स्वरूप दे रहे हैं। वहीं हरफर, मेचका और जबर्रा जैसे क्षेत्र सामुदायिक एवं इको-टूरिज्म की संभावनाओं को सामने लाते हैं। निरई माता श्रद्धा और प्रकृति के अनूठे समन्वय का अनुभव कराती है। इन सभी स्थलों को एक व्यापक पर्यटन परिपथ से जोड़ने पर धमतरी में ऐसा पर्यटन अनुभव विकसित किया जा सकता है, जिसमें पर्यटक एक ही यात्रा में जल, जंगल, रोमांच, आस्था, संस्कृति और ग्रामीण जीवन को महसूस कर सके।पर्यटन बने स्थानीय समृद्धि का माध्यमपर्यटन का वास्तविक प्रभाव तब दिखाई देता है, जब उसका लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंचे। गंगरेल जैसे क्षेत्रों में बोटिंग, स्थानीय गाइड, कैंप प्रबंधन, आतिथ्य, भोजन व्यवस्था, ट्रेकिंग, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और अन्य पर्यटन सेवाओं में स्थानीय युवाओं तथा महिला समूहों की भागीदारी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकती है। स्थानीय व्यंजन पर्यटक के लिए स्वाद का अनुभव बन सकते हैं, स्थानीय हस्तशिल्प स्मृति का हिस्सा बन सकते हैं और गांवों की जीवनशैली स्वयं एक पर्यटन अनुभव बन सकती है। इस प्रकार पर्यटन किसी स्थल की अर्थव्यवस्था को ही नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी नई पहचान देने का माध्यम बनता है।जिम्मेदार पर्यटन—प्रकृति के साथ विकासधमतरी की पर्यटन विकास यात्रा का आधार केवल अधिक पर्यटकों को आकर्षित करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देना है। प्राकृतिक स्थलों पर स्वच्छता, सुरक्षा, जैव विविधता संरक्षण, जल संरक्षण और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी को प्राथमिकता देकर पर्यटन विकास को प्रकृति के अनुरूप आगे बढ़ाया जा सकता है। गंगरेल का द्वीप इसी संतुलन की संभावनाओं को सामने रखता है—जहां रोमांच हो, लेकिन प्रकृति की गरिमा के साथ; जहां पर्यटन हो, लेकिन स्थानीय समुदाय की भागीदारी के साथ; जहां आधुनिक सुविधाएं हों, लेकिन प्राकृतिक परिवेश की मौलिकता बनी रहे।डिजिटल युग में धमतरी की नई पर्यटन पहचानविश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, वर्चुअल अनुभव, स्मार्ट यात्रा योजना, डिजिटल मैपिंग और पर्यटक सुविधाओं की ऑनलाइन जानकारी के माध्यम से धमतरी के पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने की व्यापक संभावनाएं हैं। आज किसी पर्यटन स्थल की पहचान केवल उसके प्राकृतिक सौंदर्य से नहीं, बल्कि उस सौंदर्य को दुनिया तक पहुंचाने की क्षमता से भी बनती है। धमतरी के पास प्रकृति का वैभव है; आवश्यकता है उसे आधुनिक तकनीक, बेहतर सुविधाओं और प्रभावी प्रचार-प्रसार से जोड़ने की।धमतरी—एक यात्रा नहीं, एक अनुभवगंगरेल का द्वीप आज एक नई शुरुआत का प्रतीक है। यह उस धमतरी की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जहां पर्यटन केवल घूमने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने, रोमांच को महसूस करने, संस्कृति को जानने और स्थानीय जीवन के साथ संवाद करने का अवसर बन रहा है। जहां सुबह की पहली किरण जलराशि पर सुनहरी तस्वीर बनाती है और शाम का आसमान पूरे परिवेश को एक अलग रंग दे देता है। जहां नाव की लहरों से शुरू हुआ सफर रात के तारों तक पहुंचता है। जहां प्रकृति की शांति और रोमांच की ऊर्जा साथ-साथ चलती है।धमतरी केवल देखने की जगह नहीं है—यह महसूस करने की जगह है।गंगरेल के द्वीप से लेकर सिहावा की पहाड़ियों तक, महानदी के तट से लेकर जलप्रपातों और ग्रामीण अंचलों तक—धमतरी छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर प्रकृति, रोमांच, आस्था, संस्कृति और समुदाय के समन्वय की एक नई कहानी लिख रहा है। इस विश्व पर्यटन दिवस पर आइए, धमतरी को केवल घूमें नहीं… उसे महसूस करें। क्योंकि यहां हर रास्ता एक अनुभव की ओर जाता है और हर अनुभव एक ऐसी स्मृति बन जाता है, जो लौटने के बाद भी दिल में बसती है।</description ></item><item><title>मन की बात में गूंजा छत्तीसगढ़ का हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान</title><link>https://cnin.co.in/मन-की-बात-में-गूंजा-छत्तीसगढ़-का-हर-घर-मुनगा/84271</link><description>00 प्रधानमंत्री मोदी ने किया स्थानीय संसाधनों से पोषण बढ़ाने की पहल का उल्लेख00 दिल्ली एयरपोर्ट पर महिला एवं बाल विकास मंत्री राजवाड़े ने मन की बात का किया श्रवणरायपुर। छत्तीसगढ़ में पोषण जागरूकता को जनभागीदारी से जोडऩे वाला हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान राष्ट्रीय मंच पर चर्चा में आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में इस पहल का उल्लेख किया। घरों में मुनगा लगाने और उसके पोषण संबंधी गुणों को दैनिक भोजन से जोडऩे का यह अभियान बताता है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधन भी पोषण की चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दिल्ली एयरपोर्ट पर मन की बात कार्यक्रम सुना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के अभियान का उल्लेख प्रदेश के लिए उत्साह और प्रेरणा का विषय है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, माताओं, स्वसहायता समूहों तथा पोषण अभियान से जुड़े लोगों को अपने प्रयास और व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि पोषण के प्रति जागरूकता तभी प्रभावी होगी, जब परिवार अपने दैनिक भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को स्थान देंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को हर घर मुनगादृघर-घर मुनगा अभियान की शुरुआत की थी। अभियान का उद्देश्य मुनगा के पौधे को घर-घर तक पहुंचाने के साथ उसके उपयोग के बारे में परिवारों को जागरूक करना है। इसमें महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र इस संदेश को समुदाय तक पहुंचाने का प्रमुख माध्यम बने हैं। मुनगा, जिसे सहजन भी कहा जाता है, छत्तीसगढ़ में परिचित और आसानी से उगाया जा सकने वाला पौधा है। इसकी पत्तियों और फलियों का उपयोग भोजन में किया जाता है। मुनगा की पत्तियों में आयरन, कैल्शियम और विटामिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। पत्तियों को साग या अन्य स्थानीय व्यंजनों में तथा फलियों को सब्जी और दाल में शामिल किया जा सकता है। इस तरह परिवार उपलब्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग से अपनी थाली में विविधता बढ़ा सकते हैं।अभियान के माध्यम से परिवारों को बताया जा रहा है कि पोषण केवल किसी एक खाद्य पदार्थ से नहीं, बल्कि अलग-अलग पौष्टिक चीजों को संतुलित मात्रा में भोजन में शामिल करने से बेहतर होता है। मुनगा इसी विविधता का एक हिस्सा बन सकता है। घर या आंगन में लगाया गया पौधा परिवार को उसके नियमित उपयोग के लिए भी प्रेरित करता है। प्रदेश में चल रहे पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर माताओं और समुदाय के साथ संवाद, स्थानीय खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन तथा संतुलित आहार के प्रति जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है। हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान इन गतिविधियों से जुड़कर पोषण का संदेश परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी तक पहुंचा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता परिवारों को मुनगा लगाने, उसकी देखभाल करने और उपलब्ध पत्तियों तथा फलियों को भोजन में उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।इस पहल में पौधरोपण, पोषण शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ा गया है। अभियान का संदेश है कि कुपोषण के विरुद्ध प्रयासों में परिवार और समुदाय की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। मन की बात में छत्तीसगढ़ की इस पहल का उल्लेख स्थानीय संसाधनों पर आधारित पोषण प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रोत्साहन है।</description ></item><item><title>जनजातीय विरासत के संरक्षण, जनजातीय कल्याण तथा संग्रहालय निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ द्वारा किए गए अभिनव कार्यों को प्रतिष्ठित स्कोच गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया</title><link>https://cnin.co.in/जनजातीय-विरासत-के-संरक्षण,-जनजातीय-कल्याण/84270</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के जनजातीय कल्याण विभाग को जनजातीय विरासत के संरक्षण एवं वनाधिकारों की निरंतर सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए अभिनव कार्यों के लिए प्रतिष्ठित स्कोच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के लिए तत्कालीन टीम लीडर एवं प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, आईएएस को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जिन्होंने इस दोनों परियोजना के संबंध में स्कोच अवॉर्ड की तीन स्तरीय प्रस्तुतीकरण प्रक्रिया में भाग लेते हुए जूरी के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया और जूरी एवं पब्लिक वोटिंग से विभाग के प्रयासों का चयन हुआ। इस अवसर पर परियोजना से जुड़े अन्य विभागीय अधिकारी श्री बी के राजपूत, संयुक्त सचिव एवं श्रीकांत शुक्ला, ओएसडी उपस्थित रहे।विभाग को यह सम्मान दो महत्वपूर्ण पहलों आदि विरासत और मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार के लिए प्रदान किया गया। इन पहलों का चयन तीन स्तरों पर हुए प्रस्तुतीकरण एवं मूल्यांकन तथा जनता की वोटिंग की प्रक्रिया के उपरांत किया गया। आदि विरासत के तहत दो संग्रहालय यथा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा नवंबर 2025 को किया गया साथ ही राज्य का पहला जनजातीय संग्रहालय का भी निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा मई 2025 में किया गयाद्य जनजातीय इतिहास, वीरता एवं जीवंत संस्कृति को डिजिटल तकनीक, एआर/वीआर एवं इमर्सिव अनुभव के माध्यम से एकीकृत कर नई पीढ़ी से जोडऩे का अभिनव प्रयास किया गया है।वहीं, मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार के माध्यम से वनाधिकार को केवल एक बार प्राप्त अधिकार न मानकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रहने वाली सतत व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें उत्तराधिकार, अभिलेखों के अद्यतन तथा हितग्राहियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोडऩे पर विशेष जोर दिया गया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं आदिम जाति विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने विभागीय अधिकारियों एवं पूरी टीम को शुभकामनाएं एवं बधाई दी तथा इसे छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों की विरासत एवं अधिकारों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय पहचान बताया। यह सम्मान छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव, विरासत संरक्षण एवं अधिकार-आधारित सुशासन के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को मिली राष्ट्रीय पहचान है।</description ></item><item><title>पत्नी और दो बच्चों की दर्दनाक हत्या, आरोपी पति ने खुद को भी मारा चाकू</title><link>https://cnin.co.in/पत्नी-और-दो-बच्चों-की-दर्दनाक-हत्या,-आरोपी/84269</link><description>&amp;nbsp;0-रायपुर के माना थाना क्षेत्र के डूमरतराई साहू पारा की घटना&amp;nbsp;रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र के डूमरतराई स्थित साहू पारा में रविवार सुबह ट्रिपल मर्डर की वारदात से सनसनी फैल गई। एक व्यक्ति ने कथित रूप से अपनी पत्नी और दो बच्चों पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में तीनों की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने खुद पर भी चाकू से वार कर लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मृतकों की पहचान खिलेश्वरी साहू, आशीष साहू (10) और ज्ञान साहू (8) के रूप में हुई है। वहीं आरोपी पति भुनेश्वर साहू गंभीर रूप से घायल है।डूमरतराई के साहू पारा में परिवार रहता था। रविवार सुबह घर के भीतर चरित्र पर शंका की बात को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई है। इसी दौरान भुनेश्वर साहू ने पत्नी और दोनों बच्चों पर चाकू से हमला कर दिया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने खुद को भी चाकू मार लिया।घटना की जानकारी मिलते ही माना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है। स्नस्रु टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस घर के आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना के पीछे की वजह पता लगाने में जुटी है।पुलिस के अनुसार, आरोपी की हालत गंभीर होने के कारण फिलहाल उससे विस्तृत पूछताछ नहीं हो सकी है। उसके स्वस्थ होने के बाद ही वारदात के कारण और घटनाक्रम को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस में पूरी जांच &amp;nbsp;के बाद ही मामले में खुलासे की बात कही है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, पहले दिन 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता</title><link>https://cnin.co.in/आंगन-मिलन-सेवा-से-उत्सव-स्थल-बने-आंगनबाड़ी/84268</link><description>&amp;nbsp;प्रदेश में 2,262 स्थानों पर हुए 12,698 आयोजन; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुंगेली के मदकू में कार्यक्रम में हुए शामिलसुपोषित थाली के प्रदर्शन के साथ माताओं और बच्चों के&amp;nbsp;पोषण पर हुआ संवादरायपुर--सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हुई ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल रहा। राज्यभर में 2,262 स्थानों पर 12,698 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 97,471 लोगों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए और माताओं एवं बच्चों के पोषण का संदेश दिया।आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं का स्वागत किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, दालों और हरी सब्जियों का प्रदर्शन कर परिवारों को संतुलित भोजन के बारे में बताया गया। सुपोषित थाली के माध्यम से महिलाओं ने जाना कि रोजमर्रा के भोजन में विविध खाद्य पदार्थ शामिल कर माताओं और बच्चों का पोषण कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया और पोषण तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव साझा किए।महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थियों ने बताया कि योजनाओं से मिली सहायता से वे अपनी और अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। आंगन मिलन सेवा के माध्यम से परिवारों और समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ते हुए बच्चों के पोषण को साझा जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>ATDSC के गौरवशाली 25 वर्ष: रीजनल डिस्ट्रीब्यूटर प्रीमियर वेंचर्स के साथ छत्तीसगढ़ में लॉन्च किए नेक्स्ट-जनरेशन प्रॉडक्ट्स</title><link>https://cnin.co.in/ATDSC-के-गौरवशाली-25-वर्ष:-रीजनल-डिस्ट्रीब्यूटर/84267</link><description>00 एक दशक से अधिक समय से ATDSC ब्रांड भारतीय एवी, वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग व ऑनलाइन क्लास सॉल्यूशंस में है इनोवेशन का दूसरा नाम00 1500+ प्रोजेक्ट्स का अनुभव लेकर 'प्रीमियर वेंचर्स' के साथ राज्यभर में बड़े पैमाने पर होगा पार्टनरशिप नेटवर्क विस्तार00 प्रीमियर वेंचर्स अपनी 'कस्टमर-फर्स्ट' एप्रोच और बेहतरीन आफ्टर-सेल्स सर्विस के साथ छत्तीसगढ़ में देगा मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन व सर्विस सपोर्ट00 सिंगल, डुअल और क्वाड चैनल 'क्लास-डी एम्पलीफायर' सहित नेक्स्ट जनरेशन स्मार्ट एवी प्रॉडक्ट्स की घोषणा00 थल सेना और वायु सेना के 72 प्रतिष्ठानों में ATDSC के 7+ वर्षों का सफल संचालनरायपुर। देशभर में पूरी तरह इंटीग्रेटेड ऑडियो-विजुअल ऑटोमेशन और वर्ल्ड क्लास प्रॉडक्ट्स उपलब्ध कराने वाली अग्रणी कंपनी ATDSC ने आज छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट के विश्वसनीय नाम और अपने आधिकारिक रीजनल डिस्ट्रीब्यूटर ‘प्रीमियर वेंचर्स’ के साथ मिलकर अपने नए प्रॉडक्ट्स के पोर्टफोलियो को लॉन्च किया। दोनों कंपनियों ने संयुक्त रूप से राज्य में अपने पार्टनरशिप नेटवर्क के बड़े पैमाने पर विस्तार की घोषणा की है।उल्लेखनीय है कि ATDSC ब्रांड बीते एक दशक से भी अधिक समय से भारतीय बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है, वहीं इसकी मूल कंपनी 27 सितंबर को अपने उद्योग-सफर के 25 गौरवशाली वर्ष पूरे करने जा रही है। इस ऐतिहासिक पड़ाव के उपलक्ष्य में कंपनी, प्रीमियर वेंचर्स के मजबूत स्थानीय नेटवर्क के सहयोग से छत्तीसगढ़ के तेजी से बढ़ते कॉर्पोरेट, एजुकेशनल और गवर्नमेंट इंफ्रास्ट्रस्कचर मार्केट में अपनी उपस्थिति को और अधिक मजबूत बना रही है।ATDSC और प्रीमियर वेंचर्स द्वारा रायपुर के जेल रोड में एक व्यापक 'पार्टनरशिप नेटवर्क एक्सपेंशन रोड शो' का भव्य आयोजन किया गया। इस रोड शो का मुख्य उद्देश्य स्थानीय सिस्टम इंटीग्रेटर्स, ऑडियो-विजुअल डीलर्स, आईटी वेंडर्स और चैनल पार्टनर्स को नए उत्पादों का व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) अनुभव कराना और उन्हें इस मजबूत एक्सपेंशन नेटवर्क से जोड़ना है।</description ></item><item><title>महानदी पुल से बुजुर्ग ग्रामीण ने लगाई छलांग, सर्च अभियान जारी</title><link>https://cnin.co.in/महानदी-पुल-से-बुजुर्ग-ग्रामीण-ने-लगाई-छलांग,/84266</link><description>कांकेर। जिले के सरंगपाल में महानदी पुल से शनिवार सुबह को एक बुजुर्ग ने छलांग लगा दी. जैसे ही इस घटना की सूचना पुलिस को मिली. पुलिस टीम ने गोताखोरों और नगर सेना को बुलाया, उसके बाद बुजुर्ग व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है। गोताखोरों की मदद से महानदी में तलाश अभियान शुरू किया गया है, तेज बहाव के चलते रेस्क्यू टीम को तलाशी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।कांकेर एडिशनल एसपी योगेश साहू ने बताया कि कोतवाली पुलिस को सुबह करीब 10 बजे सूचना मिली कि सरंगपाल पुल से एक व्यक्ति ने महानदी में छलांग लगा दी है। मौके पर पहुंची पुलिस को पुल पर एक मोपेड, मोबाइल फोन और चप्पल मिली है। जांच के बाद छलांग लगाने वाले व्यक्ति की पहचान रूपसिंह नेताम 50 वर्ष निवासी किरगोली के रूप में हुई है।&amp;nbsp;बताया जा रहा है कि रूपसिंह नेताम दो-तीन दिन पहले काम के सिलसिले में साल्हेटोला गए थे। शनिवार को वहां से कांकेर लौटते समय उन्होंने सरंगपाल महानदी पुल पर अपनी गाड़ी रोकी और नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शी ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर मौके पर सर्च अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस को अब तक बुजुर्ग को ढूंढने में सफलता नहीं मिली है।</description ></item><item><title>ज्योत कलश की दरों में हुई बढ़ोतरी, पहली रसीद विधायक किरण देव के नाम से काटी गई</title><link>https://cnin.co.in/ज्योत-कलश-की-दरों-में-हुई-बढ़ोतरी,-पहली-रसीद/84265</link><description>जगदलपुर। मां दंतेश्वरी मंदिर में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है, 15 दिन पहले ही ज्योत कलश की बुकिंग शुरू कर दी गई है। पहली रसीद (घी की ज्योत) भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर विधायक किरण देव के नाम से काटी गई। तेल की ज्योत की पहली बुकिंग महेंद्र पटेल ने कराई। दंतेश्वरी माई के दरबार में इस बार मनोकामना ज्योत प्रज्वलित करना श्रद्धालुओं की जेब पर थोड़ा भारी पड़ेगा। दंतेवाड़ा मंदिर के बाद अब जगदलपुर स्थित दंतेश्वरी मंदिर में भी मनोकामना ज्योत की दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है।मंदिर समिति के नए फैसले के तहत इस बार तेल की ज्योत के लिए 901 रुपए और घी की ज्योत के लिए 1901 रुपए तय किए गए हैं। टेंपल कमेटी को इस बार लगभग 07 हजार मनोकामना ज्योत जलने की उम्मीद है। इसके लिए मंदिर के मुख्य द्वार पर सुबह 09 से शाम 07 बजे तक काउंटर संचालित किया जा रहा है। मंदिर कमेटी से मिली जानकारी के अनुसार नवरात्रि में दंतेश्वरी माई के दरबार में मनोकामना ज्योत जलवाने के लिए इस बार नई दरें लागू की गई हैं। मंदिर समिति की ओर से काउंटर के साथ ऑनलाइन माध्यम से भी रसीद कटाने की व्यवस्था की गई है। नवरात्रि अक्टूबर से शुरू होगी। गौरतलब है कि पिछले साल तेल की ज्योत के लिए 751 और घी की ज्योत जलाने के लिए 1750 रुपए लिए गए थे।</description ></item><item><title>आज विश्व में केवल और केवल गौ सेवा-गौ रक्षा अनुष्ठान की जरूरत - इन्द्रेश महाराज</title><link>https://cnin.co.in/आज-विश्व-में-केवल-और-केवल-गौ-सेवा-गौ-रक्षा/84264</link><description>0- युवा लाइक्स के लिए ही नहीं, गौ माता की रक्षा के लिए रील-वीडियो बनायें0- कथा रविवार को सुबह 9 बजे से, पूर्णाहुति के साथ होगी विश्रांतिरायपुर। गोविंद राधे-गोपाल राधे, जगन्नाथ ..चका नैन, तू न संभाले तो हमें कौन संभाले। बलभ्रद सुभद्र्रा संग तुम विराजे.. की भक्ति गीत से झूम रहा था पूरा कथा स्थल। व्यासपीठ से आज भागवताचार्य इन्द्रेश महाराज ने बहुत ही मार्मिक रुप से अपील करते हुए कहा कि आज विश्व में केवल और केवल गौ सेवा-गौ रक्षा अनुष्ठान की जरूरत है।आज कथावाचक कितनी कथा कर ली यह गिनाने में लगे हैं, सनातनी कंठी-माला पहनकर, व्रत-जाप कर रहे हैं, कितनी भी तीर्थ यात्रा कर लो, राधे-राधे जप लो ठाकुर जी प्रसन्न होने वाले नहीं और न कोई फल मिलने वाला क्योंकि उनके प्राण से प्यारी गौ माता पर लगातार अत्याचार हो रहा है, कत्लखाने में कट रहे हैं, गौ माता सुरक्षित नहीं हैं। कहने को तो बहुत कुछ कहा जा रहा है लेकिन प्रेेक्टिकल रुप में कुछ भी नहीं हो रहा है। इसे रोकने के लिए विशेषकर युवाओं को आगे आना होगा उन्हे लाइक्स वाले रील, वीडियो की जगह इनकी रक्षा के लिए सोशल मीडिया में काम करने की जरूरत हैं। उन्होंने व्यास पीठ से कथा स्थल में बैठे लाख भर लोगों से कहा कि यदि यहीं से संकल्प लेकर इसकी शुरुआत करें तो बहुत बड़ी बात होगी और उनकी कथा सफल हो जायेगी। रविवार को कथा सुबह 9 बजे से होगी।</description ></item><item><title>शहर की तासीर के अनुरूप हो विकास की योजना : बोरा</title><link>https://cnin.co.in/शहर-की-तासीर-के-अनुरूप-हो-विकास-की-योजना-:-बोरा/84263</link><description>00 नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव ने हुडको द्वारा नई दिल्ली में आयोजित क्षमता विकास कार्यशाला को किया संबोधित00 केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव तथा हुडको के अधिकारियों से भी मिले, छत्तीसगढ़ में केन्द्रीय योजनाओं के प्रभावी अमल व आगामी रणनीति पर की चर्चारायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने नई दिल्ली में हुडको द्वारा अर्बन चैलेंज फंड पर आयोजित क्षमता विकास कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों एवं नगरीय निकायों से कार्यशाला में हिस्सा ले रहे प्रतिभागियों से कहा कि शहरों के दीर्घकालिक विकास के लिए बेहतर नियोजन, क्षमता विकास एवं वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग के साथ विभिन्न योजनाओं के बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने शहरों की भावी जरुरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बेहतर नियोजन, संस्थागत क्षमता विकास एवं उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव सतेंद्र सिंह से नई दिल्ली में भेंट कर राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, पीएम स्वनिधि, पीएम ई-बस और अर्बन चैलेंज फंड की प्रगति, उनके प्रभावी क्रियान्वयन तथा आगामी रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने इन योजनाओं के लक्ष्यों की प्राप्ति तथा नगरीय निकायों की क्षमताओं को और सुदृढ़ बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया।बोरा ने हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ और उनकी टीम के साथ बैठक कर राज्य के नगरीय निकायों के समग्र एवं आवश्यकता आधारित विकास की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में राज्य के नगरीय निकायों की स्थानीय आवश्यकताओं, संभावनाओं एवं विशिष्ट पहचान को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास योजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। औद्योगिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, पर्यटन, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले शहरों के लिए उनकी प्रकृति एवं विशिष्टताओं के अनुरूप विकास की रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा की गई, जिससे नगरीय सेवाओं एवं आधारभूत संरचनाओं का विस्तार स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके।बैठक में शहरों की आवश्यकतानुसार फूड पार्क, रेंटल हाउसिंग, पर्यटन संवर्धन, स्लम क्षेत्र के पुनर्विकास, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट सहित अन्य संभावित विकास के पहलुओं को शहरों की विकास योजनाओं में शामिल करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही अन्य राज्यों की सर्वोत्तम प्रथाओं, उनके क्रियान्वयन अनुभवों तथा चुनौतियों का अध्ययन कर राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त पहलुओं को अपनाने एवं राज्य की नीतियों में आवश्यक प्रावधान किये जाने पर भी चर्चा की गई।बैठक में हुडको के सीएमडी ने परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने तथा राज्य स्तर पर कार्यशाला आयोजित कर राज्य व नगरीय निकायों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों का क्षमता विकास करते हुए विशिष्ट परियोजनाओं के चिन्हांकन एवं दस्तावेजीकरण के लिए सहमति प्रदान की। उन्होंने नगरीय परियोजनाओं हेतु आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने सहयोग प्रदान करने का भी आश्वासन दिया। बैठक में विकास परियोजनाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय स्रोतों के बेहतर उपयोग तथा केंद्र एवं राज्य योजनाओं के माध्यम से वित्तीय अभिसरण की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।</description ></item><item><title>चक्रवाती तूफान अर्नब के असर, बस्तर में डैम से पानी छोड़े जाने के कारण बढ़ी बाढ़ की संभावना, बचाव एवं राहत अभियान जारी</title><link>https://cnin.co.in/चक्रवाती-तूफान-अर्नब-के-असर,-बस्तर-में-डैम-से/84262</link><description>00 बाढ़ आपदा प्रबंधन दल ने शनिवार को 130 प्रभावितों का किया रेस्क्यूरायपुर। चक्रवाती तूफान अर्नब के व्यापक प्रभाव से हुई भारी बारिश के बाद डैम से लगातार पानी छोड़े जाने के चलते बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। हालांकि स्थानीय स्तर पर ऊपर से बारिश का दौर फिलहाल थमा हुआ है, लेकिन मौसमी समीकरण और ऊपरी क्षेत्रों में बने भारी दबाव के बाद बांधों से छोड़े जा रहे अत्यधिक जलप्रवाह के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे जलभराव का दायरा नए रिहायशी और ग्रामीण इलाकों तक फैल गया है।इस विषम परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। चलाए जा रहे निरंतर अभियानों के तहत शनिवार को दिनभर में 130 प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर शिविरों तक पहुँचाया गया, जबकि इससे ठीक एक दिन पूर्व भी 88 लोगों का सफल रेस्क्यू किया गया था। संवेदनशील और जलमग्न दो से तीन इलाकों में अभी भी बचाव टीमें मुस्तैदी से जुटी हुई हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन निरंतर गति से जारी है। बाढ़ से प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और उन्हें सभी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही भोजन मुहैया कराने के लिए प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण अंचलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहाँ वर्तमान में साढ़े चार हज़ार से अधिक प्रभावितों को रखा गया है। तूफान के प्रभाव और बांध से आ रहे जलप्रवाह की स्थिति को देखते हुए राहत दल पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर रखे हुए हैं। साथ ही प्रभावितों के राहत कार्य में सक्रियता के साथ जुटे हुए हैं।</description ></item><item><title>सड़क से मुख्यधारा से जुड़ा पहाड़पारा, पीएम-जनमन ने आसान की विकास की राह</title><link>https://cnin.co.in/सड़क-से-मुख्यधारा-से-जुड़ा-पहाड़पारा,-पीएम/84261</link><description>00 नकना से पहाड़पारा तक 6.30 किलोमीटर सड़क का निर्माण, 130 की आबादी को मिली बेहतर आवागमन की सुविधारायपुर। दूरस्थ जनजातीय बसाहट तक पहुंची एक सड़क वहां के लोगों के लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और जरूरी सेवाओं तक पहुंच की नई राह भी है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत नकना से पहाड़पारा तक 6.30 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण से लगभग 130 की आबादी वाली दूरस्थ जनजातीय बसाहट को बेहतर सड़क संपर्क मिला है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत इस सड़क के निर्माण के लिए 482.57 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार से वित्तपोषित इस कार्य से दूरस्थ क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर हुई है और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह की बसाहट तक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच मजबूत हुई है।दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क संपर्क का सीधा असर ग्रामीणों के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ता है। नकना से पहाड़पारा तक सड़क बनने से ग्रामीणों को स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, हाट-बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक आने-जाने में सुविधा मिल रही है। आपात स्थिति में मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के साथ दैनिक जरूरतों के लिए आवागमन भी आसान हुआ है। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों को कृषि एवं वनोपज के परिवहन में भी सुविधा मिल रही है। इससे पहाड़पारा और आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत हुआ है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों तक सड़क सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है। नकना-पहाड़पारा सड़क इसी दिशा में महत्वपूर्ण अधोसंरचना के रूप में ग्रामीणों के जीवन को सुगम बना रही है।सेवा संकल्प अभियान के तहत नकना-पहाड़पारा सड़क की यह सेवा की कहानी दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क से आ रहे बदलाव को सामने लाती है। 6.30 किलोमीटर की यह सड़क पहाड़पारा को मुख्य सड़क संपर्क से जोडऩे के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को अधिक सुगम बना रही है।</description ></item><item><title>सुकमा पुलिस ने जलमग्न पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील </title><link>https://cnin.co.in/सुकमा-पुलिस-ने-जलमग्न-पुल-पुलियों-को-पार-नहीं/84260</link><description>सुकमा। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते शबरी नदी सहित क्षेत्र की नदी-नालियों का जलस्तर बढऩे से जिले के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर के कई वार्डों में बाढ़ का पानी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंच गया है।शहर के शबरी नगर स्थित सीआरपीएफ सेकेंड बटालियन परिसर में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। परिसर में करीब 3 से 4 फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। बैंक ऑफ बड़ौदा, सुकमा शाखा के अंदर करीब दो फीट पानी भरने की स्थिति सामने आई है। इससे बैंक परिसर में रखे सामान और दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। वैसे आज शनिवार को बारिश का दौर कम हो गया है, इससे बाढ़ का पानी उतरने की संभवना है। सुकमा पुलिस ने 26 सितंबर की सुबह 10 बजे सार्वजनिक यातायात एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों से जलमग्न पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की है।सुकमा पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, सुकमा-मलकानगिरी मार्ग पर झापरा पुल के ऊपर पानी बहने से आवागमन बंद है। वहीं सुकमा-जगदलपुर एनएच -30 पर गीदमनाला पुल तथा सीआरपीएफ डीआईजी कार्यालय के समीप सड़क पर जलभराव के कारण मार्ग अवरुद्ध है। बारिश के कारण सुकमा नगर के वार्ड क्रमांक 2, 3, 11, 12, 13, 14 और 15 में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इन इलाकों में सैकड़ों लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी भरने के बाद लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां जरूरत के अनुसार लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।आवश्यकता के अनुसार, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।&amp;nbsp;इसी तरह सुकमा-दोरनापाल मार्ग पर दुब्बाटोटा और बोदीगुड़ा पुल के ऊपर तेज बहाव के कारण यातायात बाधित है। दोरनापाल-एर्राबोर-कोंटा एनएच -30 मार्ग पर इंजरम और चीखलगुड़ा पुलिया के ऊपर बाढ़ का पानी होने से आवागमन बंद है। इसके अलावा कोंटा-मोटू मार्ग, पूसपाल-ओडिशा मार्ग, पूसपाल क्षेत्र के कोकराल पुल और छिंदगढ़-गंजेनार मार्ग पर भी पानी के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल 112, नजदीकी पुलिस थाना अथवा जिला पुलिस कंट्रोल रूम 9479191300 पर संपर्क कर सकते हैं।</description ></item><item><title>उर्मिला चौहान का निधन</title><link>https://cnin.co.in/उर्मिला-चौहान-का-निधन/84259</link><description>रायपुर। पुराना दुर्गा चौक राजातालाब निवासी श्रीमती उर्मिला चौहान (78 वर्ष)धर्मपत्नी स्व. नारायण सिंह चौहान का शनिवार दोपहर निधन हो गया है। वे नरेन्द्र चौहान, महेन्द्र चौहान, गुलाब चौहान की माता एवं कुंदन चौहान की बड़ी माँ पद्मश्री मदन सिंह चौहान की भाभी एवं ऋषभ जयंत चौहान की दादी थी। उनका अंतिम संस्कार 27 सितंबर दिन रविवार को सुबह 10 बजे शंकर नगर मुक्तिधाम में किया जाएगा।संपर्क&amp;nbsp;नरेन्द्र चौहान - 9826194896</description ></item><item><title>गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खुले, महानदी के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट मोड पर</title><link>https://cnin.co.in/गंगरेल-बांध-के-सभी-14-गेट-खुले,-महानदी-के-तटीय/84258</link><description>00 शिवरीनारायण में मोटर बोट और बचाव उपकरणों के साथ डीडीआरएफ की टीम तैनात, दूसरी टीम जिला मुख्यालय में रिजर्व00 घाट-पुलों पर बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती, जलस्तर एवं बहाव पर लगातार निगरानीरायपुर। गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले जाने और जांजगीर-चांपा जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जांजगीर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने महानदी के तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों का मैदानी निरीक्षण कर जलस्तर, नदी के बहाव और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर और एसपी संबंधित अधिकारियों से लगातार फीडबैक लेकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यकता के अनुरूप दिशा-निर्देश दे रहे हैं। कलेक्टर-एसपी ने राजस्व, पुलिस, जल संसाधन, नगर सेना सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नदी के जलस्तर और तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के साथ ही किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन और उपकरण तैयार रखने कहा गया है।शिवरीनारायण में एसडीआरएफ की टीम तैनात, डीडीआरएफ बिलासपुर से लगातार समन्वयजिले में बाढ़ एवं आपदा की संभावित स्थिति से निपटने के लिए होमगार्ड जवानों की जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (डीडीआरएफ) की दो टीमों को तैयार रखा गया है। इनमें से एक टीम को मोटर बोट एवं अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ शिवरीनारायण में तैनात किया गया है, जबकि दूसरी टीम जिला मुख्यालय में रिजर्व रखी गई है। इसके साथ ही एसडीआरएफ बिलासपुर से लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि आवश्यकता पडऩे पर तत्काल अतिरिक्त सहायता प्राप्त की जा सके।शिवरीनारायण और बसंतपुर बैराज सहित संवेदनशील स्थानों का निरीक्षणकलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण क्षेत्र में महानदी के शिवरीनारायण बैराज, घाट, पुल, सांस्कृतिक भवन और बसंतपुर बैराज सहित विभिन्न संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। सुरक्षा की दृष्टि से घाटों और पुलों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा आवश्यक संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों को नदी के जलस्तर और बहाव पर लगातार नजर रखने तथा परिस्थिति के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान नदी पर स्थित पुल-पुलियों और आवागमन वाले क्षेत्रों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। कलेक्टर-एसपी ने निर्देश दिए कि यदि किसी पुल या पुलिया पर पानी का बहाव आवागमन के लिए जोखिमपूर्ण हो तो तत्काल यातायात नियंत्रित किया जाए और आवश्यकता पडऩे पर आवागमन पूरी तरह रोका जाए। ऐसे सभी स्थानों पर सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।तटीय गांवों में मुनादी के निर्देश, सुरक्षित स्थानों पर आवश्यक व्यवस्था रखने कहाकलेक्टर ने महानदी के तटीय क्षेत्रों और पूर्व में जलभराव से प्रभावित आबादी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को संभावित जलभराव और आवश्यक सावधानियों की जानकारी मुनादी के माध्यम से देने कहा गया है। आवश्यकता पडऩे पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पूर्व से चिन्हांकित स्थानों पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, सेल्फी-वीडियो के लिए जोखिम न उठाएंकलेक्टर-एसपी ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं। तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। किसी भी आकस्मिक अथवा आपात स्थिति की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्रवाई की जा सके। वर्तमान में जिले में स्थिति सामान्य है। एहतियात के तौर पर महानदी के तटीय क्षेत्रों, पुल-पुलियों और जलस्तर पर प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार पोयाम, एसडीएम सुश्री भावना साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>बस्तर में पिछले चौबीस घंटे में जगदलपुर में सर्वाधिक 316 मिमी वर्षा हुई </title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-में-पिछले-चौबीस-घंटे-में-जगदलपुर-में/84257</link><description>जगदलपुर। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान से बस्तर में पिछले चौबीस घंटे में जगदलपुर में सर्वाधिक 316 मिमी वर्षा हो चुकी है। व्यापक वर्षा ने बस्तर संभाग के बड़े हिस्से के जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। इसके प्रभाव से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, तो शहरी इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है। दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण अंदरूनी उड़ीसा के ऊपर अवदाब स्थित है तथा यह 15 किलोमीटर प्रति घंटे के गति से उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। उसके बाद इसके कमजोर होकर निम्नदाब के क्षेत्र के रूप में परिवर्तित होने के आसार हैं।&amp;nbsp;मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक बरसात से कुल वर्षा 1123 मिमी. से अधिक हो चुकी है। लोहंडीगुड़ा में 230 मिमी., बास्तानार, नानगुर में 220 मिमी., भानपुरी, मरदापाल में 210 मिमी., तोकपाल, माकड़ी में 200 मिमी., बस्तर, केशकाल में 190 मिमी., बड़े बचेली में 180 मिमी., कोहकामेट, अंतागढ़, मैनपुर, धनोरा, अमलीपदर, नारायणपुर, दरभा, ओरछा, बकावंड, छिंदगढ, कोंडगांव में 170 मिमी. से 150 मिमी तक वर्षा हुई है। इसके अलावा बस्तर के अन्य जिलों में 140 मिमी. से 100 मिमी. तक बारिश हुई है।</description ></item><item><title>खड़ामाचा जंगल में 30 हाथियों का दल, वन विभाग अलर्ट, लगाए चेतावनी बैनर</title><link>https://cnin.co.in/खड़ामाचा-जंगल-में-30-हाथियों-का-दल,-वन-विभाग/84256</link><description>जशपुर। जिले के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत खड़ामाचा जंगल में करीब 30 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है और आसपास के ग्रामीणों को लगातार सावधान किया जा रहा है।ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा जंगल क्षेत्र और आवाजाही वाले रास्तों पर सावधान, जंगल में हाथी है लिखे चेतावनी बैनर लगाए गए हैं। इनके माध्यम से ग्रामीणों को हाथियों के दल की मौजूदगी की जानकारी देने के साथ ही जंगल के रास्तों का उपयोग नहीं करने की समझाइश दी जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी वाले जंगल एवं संभावित विचरण क्षेत्रों में प्रवेश न करें। हाथियों को देखने के लिए उनके नजदीक जाने, उनका पीछा करने अथवा किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतने और वन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ग्रामीणों की सतर्कता और सहयोग से मानव-हाथी द्वंद्व की संभावित घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।</description ></item><item><title>जगदलपुर के चार बालक छात्रावासों में 328 विद्यार्थियों की हुई जांच</title><link>https://cnin.co.in/जगदलपुर-के-चार-बालक-छात्रावासों-में-328/84255</link><description>जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर स्थित विभिन्न बालक छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के बेहतर स्वास्थ्य पोषण और मौसमी बीमारियों से बचाव के उद्देश्य से शहरी स्वास्थ्य दल द्वारा शनिवार को एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत शहर के चार प्रमुख छात्रावासों में पहुंचकर कुल 328 छात्रों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच दल में चिकित्सा अधिकारी डॉ. विराट तिवारी सहित शैलेंद्र सिंह सचिन वैद्य और मीना शामिल रहे, जिन्होंने प्रत्येक छात्रावास में उपस्थित बच्चों की शारीरिक जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श और प्राथमिक उपचार प्रदान किया।शिविर के दौरान पंडित मोतीलाल नेहरू बालक छात्रावास में सर्वाधिक 164 छात्रों की जांच की गईए जिनमें से 22 छात्र सर्दी-खांसी, 2 उल्टी-दस्त और 3 बुखार से पीडि़त मिले। वहीं 23 बच्चों की जांच आरडी किट से की गईए जबकि 09 छात्रों में दृष्टि दोष पाए जाने पर उन्हें चश्मे के लिए चिन्हित किया गया। गंभीर व अन्य लक्षणों के आधार पर यहाँ के 16 विद्यार्थियों को बेहतर इलाज हेतु उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। इसी क्रम में प्री.मैट्रिक विशिष्ट अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास में उपस्थित सभी 97 छात्रों का परीक्षण संपन्न हुआ जहां 12 बच्चों में सर्दी-खांसी, 03 में उल्टी-दस्त 02 में बुखार के लक्षण मिले और 12 छात्रों की जांच आरडी किट द्वारा की गई। यहां 08 बच्चों को नजर के चश्मे के लिए चिन्हित कर 03 छात्रों को आगे के उपचार हेतु रेफर किया गया।इसके अलावा प्री.मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में दर्ज 40 विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गयाए जिसमें 04 बच्चे सर्दी-खांसी, 1 उल्टी-दस्त तथा 02 बुखार से ग्रसित पाए गए। यहाँ 11 बच्चों की आरडी किट से जांच की गईए 6 छात्रों में दृष्टि दोष देखा गया और 04 बच्चों को उच्च संस्थान रेफर किया गया। वहीं नवीन प्री.मैट्रिक अन्य पिछड़ा वर्ग बालक छात्रावास में पहुंचे स्वास्थ्य दल ने 27 छात्रों का परीक्षण कियाए जिसमें 04 छात्र सर्दी-खांसी, 02 उल्टी-दस्त व 01 बुखार से पीडि़त मिलेए साथ ही 8 बच्चों की आरडी किट से जांच के बाद 1 बच्चे को चश्मे हेतु चिन्हित कर 03 छात्रों को रेफरल सुविधा दी गई।पूरे शिविर के दौरान कुल 54 बच्चों की रैपिड डायग्नोस्टिक किट से जांच की गई तथा कुल 24 छात्रों में दृष्टि दोष की पहचान कर उन्हें चश्मा लगाने की सलाह दी गई। इसके साथ ही विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे कुल 26 जरूरतमंद बच्चों को विशेषज्ञ उपचार हेतु उच्च अस्पतालों में भेजा गया है। जांच के उपरांत स्वास्थ्य दल ने छात्रों को मौसम परिवर्तन के दौरान होने वाले संक्रमणों से बचाव नियमित रूप से हाथ धोने शुद्ध पेयजल का सेवन करने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक किया। छात्रावास अधीक्षकों ने स्वास्थ्य दल के इस प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।</description ></item><item><title>बलौदाबाजार जिला प्रशासन की सतर्कता से बाढ़ प्रभावित 120 लोगों का सफल रेस्क्यू</title><link>https://cnin.co.in/बलौदाबाजार-जिला-प्रशासन-की-सतर्कता-से-बाढ़/84254</link><description>00 बाढ़ आपदा से सम्बंधित सहायता के लिये कंट्रोल रूम नंबर 07727222454 जारीबलौदाबाजार-भाटापारा। जिले में पिछले दिनों हुई तेज बारिश के कारण नदी-नाले का जल स्तर बढ़ गया है जिससे अनेक स्थानों पर बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। कुछ गांव मे पानी ज्यादा बढऩे के कारण फंसे 120 लोगों को जिला प्रशासन एवं आपदा राहत टीम की मुस्तैदी से सफल रेस्क्यू किया गया औऱ सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार बाढ़ प्रभावित कुल 120 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है, इसमें तहसील कसडोल के ग्राम बल्दाकछार के 38 व्यक्ति, तहसील पलारी के ग्राम अमेठी में 44 व्यक्ति, ग्राम मोहान में 23 व्यक्ति तथा तहसील सिमगा के ग्राम गणेशपुर के 15 व्यक्ति शामिल हैं। बाढ़ आपदा से सम्बंधित सहायता के लिये जिला प्रशासन द्वारा जिला कंट्रोल रूम नंबर 07727222454 जारी किया गया है। इस नंबर पर बाढ़ से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता, सूचना, बचाव एवं राहत कार्यो के लिये संपर्क कर सकते है। जिला प्रशासन द्वारा लोगों से अपील किया गया है कि नदी -नाले किनारे न जाएं,गांव -मोहल्ले के आस -पास पानी भरने की स्थिति मे स्थानीय प्रशासन या कंट्रोल रूम को तत्काल सूचित करें।</description ></item><item><title>भारत को एक दिन में कबड्डी के दो गोल्ड,एशियन गेम्स में महिला और पुरुष टीमें चैंपियन</title><link>https://cnin.co.in/भारत-को-एक-दिन-में-कबड्डी-के-दो-गोल्ड,एशियन/84253</link><description>&amp;nbsp;0- दोनों ने फाइनल में ईरान को हराया&amp;nbsp;नागोया (जापान)--भारत ने एशियन गेम्स में एक ही दिन कबड्डी के दोनों गोल्ड जीत लिए। महिला टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया। इसके बाद पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।शनिवार को पुरुष टीम ने एशियन गेम्स में लगातार 10वीं बार मेडल जीता। महिला टीम ने लगातार 5वें एशियाड में मेडल हासिल किया। कबड्डी के अलावा स्क्वॉश में 18 साल की अनाहत सिंह विमेंस सिंगल्स के फाइनल में पहुंचीं। अभय सिंह ने मेंस सिंगल्स के फाइनल में जगह बनाई। यह पहली बार है जब एशियन गेम्स में भारत के दो खिलाड़ी सिंगल्स कैटेगरी के फाइनल में पहुंचे हैं।ईरान ने पहले हाफ के आखिर में बढ़त बना ली और ब्रेक तक स्कोर 18-17 उसके पक्ष में था। दूसरे हाफ की शुरुआत में भी ईरान ने दबाव बनाए रखा, लेकिन भारत ने धीरे-धीरे मैच का रुख बदल दिया। सुमित ने डिफेंस में लगातार अहम टैकल किए, जबकि अर्जुन देशवाल ने रेडिंग में अंक जुटाए। भारत ने 21-21 की बराबरी के बाद बढ़त बनानी शुरू की।आखिर में भारत ने 40-34 से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।&amp;nbsp;महिला टीम ने भी ईरान को हरायामहिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड जीता था। भारत ने मुकाबले में कई मौकों पर बढ़त बनाई, लेकिन ईरान ने वापसी की कोशिश जारी रखी। आखिरी मिनटों में भारतीय डिफेंस ने बढ़त बनाए रखी और मैच 37-34 से अपने नाम किया।</description ></item><item><title>धमतरी के सिरसिदा में उफान के बीच फंसा मारुति धाम का पुजारी, एसडीआरएफ ने जांबाजी से किया रेस्क्यू</title><link>https://cnin.co.in/धमतरी-के-सिरसिदा-में-उफान-के-बीच-फंसा-मारुति/84252</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मूसलाधार बारिश से उपजे जलभराव के बीच राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए एक बड़ा हादसा टाल दिया। कुरुद विकासखंड स्थित ग्राम सिरसिदा के प्रसिद्ध मारुति धाम में शुक्रवार शाम से पानी के तेज बहाव के बीच फंसे मंदिर के पुजारी को एसडीआरएफ की टीम ने शनिवार सुबह सुरक्षित बाहर निकाल लिया।मिली जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मारुति धाम मंदिर परिसर और आसपास के रास्ते पूरी तरह जलमग्न हो गए थे, जिससे आवागमन ठप हो गया था। मंदिर के पुजारी पानी के बढ़ते स्तर के कारण वहीं फंस गए। जैसे ही जिला प्रशासन को इस स्थिति की सूचना मिली, आपदा प्रबंधन टीम को तुरंत अलर्ट मोड पर लाया गया। शनिवार सुबह स्ष्ठक्रस्न के जवानों ने प्रतिकूल मौसम और जलभराव की गंभीर स्थिति के बावजूद बेहद सावधानी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पानी के बहाव और सुरक्षित रास्तों का त्वरित आकलन करते हुए जवानों ने सुरक्षित बोट के जरिए पुजारी तक पहुंच बनाई और उन्हें सकुशल रेस्क्यू कर गांव तक पहुंचाया।प्रशासन की अपील: जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहेंघटना के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरे जिले में संवेदनशील और प्रभावित क्षेत्रों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान उफान पर आए नदी-नालों, रपटों और जलभराव वाले स्थानों पर जाने का जोखिम न उठाएं। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति बनने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा राहत दल को सूचित करें।</description ></item><item><title>खेलों में आई गिरावट को दूर करने के लिए सभी को मिलकर करना होगा प्रयास - उपमुख्यमंत्री साव</title><link>https://cnin.co.in/खेलों-में-आई-गिरावट-को-दूर-करने-के-लिए-सभी-को/84251</link><description>00 नॉर्थ ईस्ट ज़ोन लेवल-1 कोचिंग कार्यशाला संपन्नरायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय ईस्ट एवं नॉर्थ ईस्ट ज़ोन लेवल-1 कोचिंग कार्यशाला शनिवार को संपन्न हुई। इस चार दिवसीय कार्यशाला में देश के 12 राज्यों से लगभग 55 कोचों ने भाग लिया जिसमें छत्तीसगढ़ से लगभग 8 से 10 कोच शामिल हुए। कार्यशाला में प्रशिक्षकों को तीरंदाजी की तकनीक, प्रशिक्षण पद्धति, खिलाडिय़ों की शारीरिक एवं मानसिक तैयारी तथा आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली के संबंध में विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया गया।चार दिवसीय कोचिंग कार्यशाला के समापन अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं खेलमंत्री अरुण साव ने प्रशिक्षकों एवं तीरंदाजी से जुड़े पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्रतिभाओं की धरती है, जहां खेलों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। खेलों में आई गिरावट को दूर करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने पर जोर देते हुए कहा कि खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं एवं अवसर उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों के विकास, खेलो इंडिया योजना, आधुनिक खेल अधोसंरचना एवं ओलंपिक की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार खिलाडिय़ों एवं प्रशिक्षकों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कोचों को खिलाडिय़ों का मार्गदर्शक एवं अभिभावक बताते हुए कहा कि खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने में प्रशिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए तकनीकी प्रशिक्षण, मानसिक मजबूती, शारीरिक फिटनेस एवं उचित पोषण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कार्यशाला में शामिल सभी प्रशिक्षकों एवं खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने का आह्वान किया।इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कोच तथ कोलकाता स्थित साई के एचओडी गंगाधर, असम से अमरजीत दुबे, भारतीय तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कैलाश मुरारका, सुरजीत छाबड़ा, सोनू राजपूत, दुर्ग-भिलाई जिला तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष श्री सतीश साहू , छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के महासचिव श्री आयुष मुरारका सहित, छत्तीसगढ़ के अनेक तीरंदाजी प्रशिक्षक एवं तीरंदाज विशेष रूप से उपस्थित थे।</description ></item><item><title>शिक्षा विभाग में 6,812 पदों पर भर्ती से युवाओं को मिलेगा रोजगार, व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी : शताब्दी पाण्डे</title><link>https://cnin.co.in/शिक्षा-विभाग-में-6,812-पदों-पर-भर्ती-से-युवाओं-को/84250</link><description>रायपुर। राज्य के शासकीय और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में कुल 6,812 शिक्षक पदों पर शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया को प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। यह भर्ती न केवल रोजगार सृजन की दिशा में ठोस कदम है, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाया गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डे ने शनिवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकारों चर्चा करते हुए बताया कि कुल विज्ञापित पदों में से 5,000 पद शासकीय स्कूलों में नियमित पदों के रूप में भरे जाएंगे, जो अभ्यर्थियों को सुरक्षित और दीर्घकालिक करियर प्रदान करेंगे। वहीं, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 1,812 संविदा पदों पर नियुक्तियाँ की जा रही हैं। नियमित पदों के लिए परीक्षा का जिम्मा छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) को सौंपा गया है।उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर पूर्व में होने वाले विवादों और देरी को समाप्त करने के लिए राज्य स्तर पर केंद्रीकृत ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) पैटर्न अपनाया गया है, जिससे परिणाम त्वरित और विवादरहित आ सकेंगे। श्रीमती पाण्डे ने कहा कि परीक्षा कार्यक्रम पूरी तरह स्पष्ट और पूर्व-घोषित है। सहायक शिक्षक पद की लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर 2026 और शिक्षक पद की परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को होगी। उच्च माध्यमिक स्तर के व्याख्याता पदों के लिए 29 नवंबर 2026 की तिथि तय की गई है, जिसके लिए जल्द ही नए आवेदन भी आमंत्रित किए जाएंगे। भर्ती में सहायक शिक्षक के 2,292 पद, शिक्षक के 1,654 पद, व्याख्याता के 854 पद तथा सहायक शिक्षक विज्ञान/प्रयोगशाला के 200 पद शामिल हैं।श्रीमती पाण्डे ने कहा कि आदिवासी और दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नियमित पदों में से 2,773 पद ट्राइबल (टी) संवर्ग और 2,227 पद शैक्षणिक (ई) संवर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसी प्रकार, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम पृष्ठभूमि वाले योग्य अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। श्रीमती पाण्डे ने कहा कि निर्धारित समय-सारणी, केंद्रीकृत मेरिट और ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली से युवाओं का विश्वास भर्ती प्रक्रिया पर और मजबूत होगा तथा स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होकर शिक्षा व्यवस्था सशक्त बनेगी। इस दौरान पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश मीडिया सह संयोजक प्रवीण साहू भी मौजूद रहे।</description ></item><item><title>रायपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ-एसडीआरएफ का बचाव अभियान जारी, 239 नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू</title><link>https://cnin.co.in/रायपुर-में-बाढ़-प्रभावित-क्षेत्रों-में/84249</link><description>रायपुर। जिले के बाढ़ प्रभावित ग्राम भाठागांव, चन्दनीडीह, दतरेंगा एवं काठाडीह में एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की टीमों द्वारा बचाव अभियान निरंतर जारी है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश एवं एसडीएम श्री नंद कुमार चौबे के मार्गदर्शन में प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।ग्राम काठाडीह में मौके पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री नंद कुमार चौबे, एनडीआरएफ के कमांडिंग ऑफिसर मेजर पवन जोशी तथा तहसीलदार रायपुर श्री राममूर्ति दीवान की टीम द्वारा राहत कार्य किया गया।ग्राम भाठागांव में नायब तहसीलदार श्री प्रवीण परमार तथा नगर निगम जोन क्रमांक-6 के जोन कमिश्नर श्री हितेंद्र यादव मौके पर मौजूद रहे। यहां अब तक 54 नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें श्यामा प्रसाद मुखर्जी सामुदायिक भवन, भाठागांव में ठहराया गया है। भवन में बाढ़ प्रभावितों के लिए नाश्ता, भोजन एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। भाठागांव के केशरी बगीचा, बीजीआर पेट्रोल पंप एवं हरिओम नगर क्षेत्र में बचाव अभियान जारी है।ग्राम चन्दनीडीह में नायब तहसीलदार श्री सौरभ कश्यप तथा नगर निगम जोन क्रमांक-8 के कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा मौके पर रहे। यहां एनडीआरएफ की टीम द्वारा अब तक 185 नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। ग्राम चन्दनीडीह में भी बचाव अभियान लगातार जारी है। जानकारी के अनुसार भाठागांव एवं चन्दनीडीह से अब तक कुल 239 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए राहत एवं बचाव कार्य जारी रखा गया है।</description ></item><item><title>दपूमरे कल्चरल एसोसिएशन व स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में गोटीपुआ नृत्य की हुई मनमोहक प्रस्तुति</title><link>https://cnin.co.in/दपूमरे-कल्चरल-एसोसिएशन-व-स्पिक-मैके-के/84248</link><description>बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे कल्चरल एसोसिएशन एवं स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में बिलासपुर स्थित एनईआई ऑडिटोरियम, बुधवारी बाजार में शाम 7 से 8:30 बजे तक पारंपरिक ओडिसी नृत्य शैली गोटीपुआ की विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई .गोटीपुआ ओडिशा की समृद्ध लोक एवं शास्त्रीय नृत्य परंपरा से जुड़ी एक विशिष्ट नृत्य शैली है। इस प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय संस्कृति, कला और परंपरा की विविधता एवं सौंदर्य को दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। नृत्य की भाव-भंगिमाओं, लय, संगीत और आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय कला एवं संस्कृति को नई पीढ़ी से जोडऩा तथा देश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता एवं रुचि विकसित करना है। स्पिक मैके, देश की शास्त्रीय संगीत एवं सांस्कृतिक विरासत को युवाओं तक पहुंचाने के लिए कार्यरत संस्था है।इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारी,कर्मचारी एवं उनके परिवारों ने हिस्सा लिया । रेलवे परिवार के सदस्यों से इस मनोहारी सांस्कृतिक संध्या में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर भारतीय कला एवं संस्कृति के इस अनूठे आयोजन का आनंद लिया। कार्यक्रम में मुख्यालय सेक्रो अध्यक्षा श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, अपर महाप्रबंधक श्री विजय कुमार साहू, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी, डॉ. दर्शनीता बी. अहलुवालिआ सहित मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे ।</description ></item><item><title>आरंग क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया</title><link>https://cnin.co.in/आरंग-क्षेत्र-में-बाढ़-प्रभावित-परिवारों-को/84247</link><description>रायपुर। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण विकासखंड आरंग के महानदी से लगे ग्राम निसदा एवं गोइंदा में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर प्रशासन एवं राहत दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया है।एसडीएम आरंग सुश्री अभिलाषा पैकरा के मार्गदर्शन में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। ग्राम निसदा में करीब 100 परिवारों के 300 लोग बारिश एवं जलभराव से प्रभावित हुए हैं। वहीं ग्राम गोइंदा में 8 परिवार प्रभावित हुए हैं। सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम पंचायत द्वारा राहत शिविर में भोजन, पेयजल एवं विश्राम की व्यवस्था की गई है। ग्राम गोइंदा में बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन भी कराया गया। सभी प्रभावित लोग सुरक्षित हैं तथा प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर रखते हुए राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है।</description ></item><item><title>सेवा सेतु से दूरस्थ अंचलों में नागरिक सेवाओं तक पहुंच हुई आसान</title><link>https://cnin.co.in/सेवा-सेतु-से-दूरस्थ-अंचलों-में-नागरिक-सेवाओं/84246</link><description>रायपुर। शासन की डिजिटल पहल सेवा सेतु के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक विभिन्न शासकीय सेवाएं अब सरल और सुविधाजनक तरीके से पहुंच रही हैं। डिजिटल व्यवस्था के जरिए आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान होने से ग्रामीणों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। इसी कड़ी में एलीना कुंवर को सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण-पत्र (अनुसूचित जनजाति) प्रदान किया गया। यह प्रमाण-पत्र सेवा सेतु केंद्र, ग्राम पंचायत नेलसनार के जन सुविधा केंद्र के माध्यम से तैयार किया गया।&amp;nbsp;सेवा सेतु के माध्यम से प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया पूरी होने से हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में सुविधा हो रही है। डिजिटल माध्यम से सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से ग्रामीण नागरिकों के समय और श्रम की बचत हो रही है तथा शासकीय सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हो रही है। सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास, विवाह पंजीयन एवं सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण-पत्र सहित विभिन्न शासकीय सेवाएं नागरिकों तक पहुंचाई जा रही हैं। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ रही है और नागरिकों के लिए शासकीय प्रक्रियाएं अधिक सरल, सहज और सुविधाजनक बन रही हैं।</description ></item><item><title>चिरायु योजना से जन्मजात समस्या से मिली राहत, तीन बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान</title><link>https://cnin.co.in/चिरायु-योजना-से-जन्मजात-समस्या-से-मिली-राहत,/84245</link><description>00 बीजापुर के दूरस्थ गांवों से अयान, अंजलि और सविता का रायपुर में हुआ उपचार00 परिवारों को मिली राहत, बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद हुई मजबूतरायपुर। गंगालूर के संतोष साहनी अपने सवा साल के बेटे अयान के जन्म से कटे होंठ की समस्या को लेकर काफी चिंतित थे। गांव में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु टीम ने अयान की समस्या पहचानी। आवश्यक जांच और प्रक्रिया पूरी कर उसे उपचार के लिए रायपुर भेजा गया। जहां श्री मेडिशाइन अस्पताल में अयान का सफल उपचार होने के बाद परिवार को अब बड़ी राहत मिली है।बीजापुर जिले के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले दो अन्य परिवारों के बच्चे जो इसी प्रकार की समस्या से पीडि़त थे उनका उपचार चिरायु योजना के माध्यम से हुआ। इशूलनार की आठ वर्षीय अंजलि हापका और तोड़का की तीन वर्षीय सविता ताती भी जन्मजात कटे होंठ की समस्या से प्रभावित थीं। चिरायु टीम ने दोनों बच्चियों की भी पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर भेजा, जहां योजना के तहत उनका नि:शुल्क उपचार कराया गया। चिरायु योजना के तहत बच्चों में जन्मजात समस्याओं, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकास संबंधी समस्याओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। अयान, अंजलि और सविता के उपचार ने उनके परिवारों को बच्चों के भविष्य के लिए हो रही चिंता को दूर किया है।&amp;nbsp;अयान के परिवार को मिली नई उम्मीदअयान की समस्या की पहचान चिरायु टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान की थी। इसके बाद टीम ने आवश्यक जांच कराई और रायपुर में उपचार की प्रक्रिया पूरी की। बेटे का उपचार हो जाने से उनके पिता संतोष साहनी और उनके पूरे परिवार की चिंता कम हुई है। अयान के चेहरे में आया बदलाव पूरे परिवार के लिए मुस्कान की सौगात लेकर आया है।अंजलि और सविता के परिवारों को भी मिली बड़ी राहतइशूलनार निवासी अंजलि के पिता सुखमा हापका भी बेटी के उपचार को लेकर चिंतित थे। चिरायु टीम ने अंजलि को चिन्हांकित किया और रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका ऑपरेशन कराया। उपचार के बाद परिवार को उसके बेहतर स्वास्थ्य की उम्मीद मिली है। इसी तरह तोड़का निवासी सविता के पिता बीजू ताती के लिए भी बेटी का उपचार होना बड़ी राहत है। चिरायु योजना के माध्यम से सविता की पहचान और उपचार संबंधी प्रक्रिया पूरी की गई। रायपुर के श्री मेडिशाइन अस्पताल में उसका सफल उपचार हुआ। परिवार ने बेटी को मिली इस सहायता पर खुशी व्यक्त की है।</description ></item><item><title>एनएच-30 पर बाढ़ में फंसे ट्रक चालकों का सुरक्षित रेस्क्यू, राहत शिविरों में स्वास्थ्य जांच और दवाइयों का वितरण</title><link>https://cnin.co.in/एनएच-30-पर-बाढ़-में-फंसे-ट्रक-चालकों-का/84244</link><description>00 मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर बस्तर में राहत-बचाव और स्वास्थ्य सेवाएं तेज00 बाढ़ का पानी उतरते ही गांवों में लगेंगे विशेष स्वास्थ्य शिविर, जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर विशेष जोरजगदलपुर। बस्तर संभाग में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों के बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पानी उतरने के बाद संभावित जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रखने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया है।इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सोनारपाल के पास बाढ़ के बीच फंसे करीब आधा दर्जन ट्रक चालकों और परिचालकों को राहत एवं बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला। जगदलपुर-रायपुर मार्ग पर कई फीट पानी भर जाने से लगभग पांच ट्रक फंस गए थे। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण चालकों और परिचालकों ने ट्रकों की छत पर शरण ली और वीडियो के माध्यम से प्रशासन से मदद की अपील की। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से अभियान शुरू किया। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद लाइफ जैकेट एवं अन्य बचाव उपकरणों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के बाद उन्हें गणेश मंदिर पहुंचाया गया, जहां सूखे कपड़े, गर्म भोजन, पेयजल और ठहरने की व्यवस्था की गई।इधर, जगदलपुर और नगरनार के राहत शिविरों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें सेवाएं दे रही हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मैत्री के नेतृत्व में शहरी स्वास्थ्य विभाग की टीम और मितानिनों ने भगत सिंह वार्ड, भैरमगंज, पंचपथ और प्रवीरचंद्र वार्ड सहित विभिन्न शिविरों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जरूरतमंदों को नि:शुल्क दवाइयां भी दी गईं। नगरनार क्षेत्र में नदी बोडऩा गांव के बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर में रखा गया है। यहां स्वास्थ्य परीक्षण, दवाइयों, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है।बाढ़ का पानी उतरने के बाद बीमारियों के संभावित खतरे को देखते हुए गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रीना लक्ष्मी को मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों के सहयोग से प्रभावित गांवों में सघन स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन शिविरों में उल्टी-दस्त, डायरिया, पीलिया, टायफाइड, त्वचा संबंधी फंगल एवं बैक्टीरियल संक्रमण सहित अन्य जलजनित बीमारियों की जांच और उपचार किया जाएगा। सर्पदंश एवं पशुदंश की आशंका को देखते हुए एंटी-वेनम और जरूरी जीवनरक्षक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज की संयुक्त टीमें संवेदनशील एवं सुदूर गांवों तक पहुंचकर लोगों की जांच करेंगी तथा नि:शुल्क दवाइयों के साथ क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस के पैकेट वितरित करेंगी। गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा। ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने, ताजा भोजन करने और घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ बाढ़ के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है।</description ></item><item><title>चिरायु योजना से लौटी बस्तर की मासूम परिक्रमा की दुनिया में आवाज</title><link>https://cnin.co.in/चिरायु-योजना-से-लौटी-बस्तर-की-मासूम-परिक्रमा/84243</link><description>00 5 वर्षीय बच्ची अब सुन सकती है और जाने लगी है स्कूलजगदलपुर। बस्तर जिले के एक साधारण परिवार की नन्ही बेटी परिक्रमा साहू के जीवन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की चिरायु टीम और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साझा प्रयासों से एक नई सवेरा आया है। जन्म से ही सुनने और बोलने की क्षमता से वंचित परिक्रमा अब न केवल हर ध्वनि को सुन और पहचान पा रही है, बल्कि एक सामान्य बच्चे की तरह खुशहाल जीवन जीते हुए स्कूल भी जाने लगी है।&amp;nbsp;यह सुखद और प्रेरणादायक बदलाव जगदलपुर के अघनपुर निवासी श्री अनूप साहू के परिवार में देखने को मिला है। जब परिक्रमा मात्र तीन वर्ष की थी, तब चिरायु टीम नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के सिलसिले में स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र पहुँची थी। वहाँ टीम के सदस्यों ने देखा कि एक मासूम बच्ची एक कोने में बिल्कुल शांत और अपने आप में खोई बैठी है। बातचीत करने की कोशिश पर जब बच्ची की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से इस संबंध में पूछताछ की गई। कार्यकर्ता ने जानकारी दी कि यह बच्ची जन्म से ही न तो कुछ सुन पाती है और न ही बोल पाती है। इसके बाद तत्काल बच्ची के माता-पिता को बुलाया गया। बातचीत के दौरान परिजनों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि बच्ची जन्मजात बधिरता से ग्रसित है और वे इसे अपनी नियति मानकर उसके दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास कर रहे थे। चिरायु टीम ने माता-पिता को ढांढस बंधाया और समझाया कि आधुनिक चिकित्सा और सर्जरी के जरिए इस जन्मजात समस्या का पूरी तरह समाधान संभव है तथा ऑपरेशन के बाद बच्ची सामान्य बच्चों की तरह सुन सकेगी।&amp;nbsp;परिजनों की सहमति के बाद बच्ची को तुरंत महारानी जिला अस्पताल जगदलपुर स्थित जिला शीघ्र हस्तक्षेप इकाई लाया गया। यहाँ बच्ची की आवश्यक बेरा जांच की गई और विशेषज्ञ उपचार के लिए उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर रेफर किया गया। एम्स के चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत कॉकलियर इम्प्लांट सर्जरी की सलाह दी, परंतु सर्जरी से पूर्व लगभग एक वर्ष तक अनिवार्य ऑडियो थेरेपी आवश्यक थी, जिसे जिला शीघ्र हस्तक्षेप इकाई जगदलपुर के माध्यम से पूरी निष्ठा के साथ संपन्न कराया गया।&amp;nbsp;आवश्यक प्रारंभिक प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद 1 अप्रैल 2024 को एम्स रायपुर में बच्ची का सफल कॉकलियर इम्प्लांट ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के उपरांत बच्ची के जीवन में आवाजों का नया संसार खुल गया और वह सुनने में सक्षम हो गई। वर्तमान में 5 वर्ष की हो चुकी परिक्रमा को जिला शीघ्र हस्तक्षेप इकाई के माध्यम से नियमित स्पीच थेरेपी दी जा रही है। अब वह पूरी तरह सामान्य जीवन जी रही है और स्कूल जाना भी शुरू कर दिया है, जिससे उसके माता-पिता और अन्य परिजनों में खुशी का माहौल है।</description ></item><item><title>रेलवे महाप्रबंधक प्रकाश ने लखौली-रायपुर रेलखंड का किया संरक्षा निरीक्षण</title><link>https://cnin.co.in/रेलवे-महाप्रबंधक-प्रकाश-ने-लखौली-रायपुर/84242</link><description>00 निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर उच्च गुणवत्ता, यात्री सुविधा एवं संरक्षा को प्राथमिकता देने के दिए निर्देशरायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने रायपुर मंडल के लखौली -रायपुर रेलखंड का संरक्षा निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने रेल संरक्षा, परिचालन, कार्य प्रणाली, स्टेशन पुनर्विकास, अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों तथा यात्री सुविधाओं की समग्र समीक्षा की। इस अवसर पर बिलासपुर मुख्यालय के प्रधान विभागाध्यक्ष एवं मुख्य अधिकारीगण, मंडल रेल प्रबंधक रायपुर श्री दयानंद सहित रायपुर मंडल के वरिष्ठ शाखाधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।संरक्षा निरीक्षण की शुरुआत लखौली स्टेशन से हुई। महाप्रबंधक ने स्टेशन एवं यार्ड, रेल लाइन, रिले रूम, आई.पी.एस. रूम, बैटरी रूम, कर्व, अनुरक्षक डेटा लॉगर कक्ष, फुट ओवर ब्रिज तथा कोल्हान नदी पर निर्मित रेल पुल का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संरक्षा व्यवस्था एवं अनुरक्षण कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके पश्चात नवा रायपुर स्टेशन पर ट्रेन परिचालन से संबंधित विषयों की समीक्षा की गई। महाप्रबंधक ने अधिकारियों एवं रेल कर्मचारियों से उनके संरक्षा संबंधी दायित्वों एवं कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की।इसी क्रम में मंदिर हसौद रेलवे स्टेशन पर कॉलोनी, लेवल क्रॉसिंग तथा इंजीनियरिंग गेट का निरीक्षण किया गया। यहां अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किए जा रहे स्टेशन पुनर्विकास कार्यों का गहन निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया गया। महाप्रबंधक ने निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। महाप्रबंधक ने डीजल लोको शेड, रायपुर में नए इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया गया। महाप्रबंधक ने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित सुविधाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा कार्यों में गुणवत्ता एवं संरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।रायपुर रेल मंडल के कंट्रोल रूम में का भी महाप्रबंधक द्वारा निरीक्षण किया गया। उन्होंने सिस्टम की कार्यप्रणाली एवं सटीकता की जानकारी लेते हुए ट्रेन परिचालन की निगरानी में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। रायपुर स्टेशन पर चल रहे मेजर स्टेशन रिडेवलपमेंट एवं पुनर्विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विभिन्न विकास एवं पुनर्विकास कार्यों का विस्तृत अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान विभिन्न रेल कर्मचारी यूनियनों द्वारा महाप्रबंधक को ज्ञापन भी सौंपे गए। महाप्रबंधक ने रेल कर्मचारियों के हितों एवं सुविधाओं से संबंधित विषयों पर चर्चा की तथा संबंधित विषयों की जानकारी ली। इस निरीक्षण के माध्यम से लखौली-रायपुर रेलखंड में रेल संरक्षा, संरचनात्मक गुणवत्ता, यात्री सुविधाओं, परिचालन व्यवस्था एवं विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का व्यापक निरीक्षण किया गया ।</description ></item><item><title>सीआईआई 28-29 सितंबर को रायपुर में करेगा एमएसएमई कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन</title><link>https://cnin.co.in/सीआईआई-28-29-सितंबर-को-रायपुर-में-करेगा-एमएसएमई/84241</link><description>00 वित्त, व्यापार में सुगमता और एआई पर रहेगा फोकस00 उप मुख्यमंत्री शर्मा और उद्योग मंत्री देवांगन के उद्द्घाटन सत्र को संबोधित करने की संभावनारायपुर। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), छत्तीसगढ़ द्वारा 28 और 29 सितंबर 2026 को होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट, रायपुर में एमएसएमई कॉन्क्लेव के दूसरे संस्करण का आयोजन किया जाएगा। सीआईआई छत्तीसगढ़ एमएसएमई पैनल द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव की थीम नवाचार और सतत औद्योगिक विकास के माध्यम से एमएसएमई का सशक्तिकरण है, जिसमें प्रदेशभर से नीति निर्माता, वरिष्ठ शासकीय अधिकारी, बैंकर, औद्योगिक संगठन, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्यमी शामिल होंगे।28 सितंबर को होने वाले उद्घाटन सत्र को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल संबोधित करेंगे। इस अवसर पर सीएसआईडीसी द्वारा प्रदेश में रैम्प (रेजि़ंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) कार्यक्रम पर प्रस्तुति भी दी जाएगी। कॉन्क्लेव से पूर्व, सीआईआई छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष बजरंग गोयल ने कहा, छत्तीसगढ़ को 8.23 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। हर बड़ी परियोजना को सैकड़ों स्थानीय सप्लायर्स की ज़रूरत होती है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छत्तीसगढ़ के एमएसएमई ये ऑर्डर पाने के लिए तैयार रहें। यह कॉन्क्लेव वित्त, तकनीक और व्यापार में सुगमता पर केंद्रित है।&amp;nbsp;28 सितंबर को कॉन्क्लेव के पहले दिन एमएसएमई वित्तपोषण, व्यापार में सुगमता, छोटे उद्योगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और एसएमई से बड़ी कंपनी तक के सफर पर सीईओ राउंडटेबल सहित चार सत्र होंगे, जिनमें वरिष्ठ शासकीय अधिकारी, औद्योगिक संगठनों के अध्यक्ष और उद्यमी वक्ता होंगे। 29 सितंबर को सीआईआई द्वारा एमएसएमई के लिए टोटल प्रोडक्टिव मेंटेनेंस (टीपीएम) और काइज़ेन विद एआई पर एक सशुल्क, व्यावहारिक शॉप-फ्लोर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसका शुल्क प्रति प्रतिभागी 2,000 + जीएसटी है।सीआईआई छत्तीसगढ़ एमएसएमई पैनल के संयोजक आदित्य मूंदड़ा ने कहा, हमने कॉन्क्लेव को अपने सदस्यों के वास्तविक सवालों के इर्द-गिर्द तैयार किया है: समय पर ऋण कैसे मिले, अनुपालन का बोझ कैसे घटे, और बिना बड़े बजट के नई तकनीक का उपयोग कैसे हो। एमएसएमई पैनल कॉन्क्लेव की प्रमुख सिफारिशों को संकलित कर राज्य सरकार और एमएसएमई मंत्रालय को सौंपेगा।&amp;nbsp;क्यों महत्वपूर्ण हैदेश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग एक-तिहाई और निर्यात में लगभग आधा योगदान एमएसएमई का है। देशभर में 7.8 करोड़ से अधिक उद्यम उद्यम और उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं, जिनमें से 13.4 लाख से अधिक छत्तीसगढ़ में हैं। स्टील, पावर, सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर, टेक्सटाइल, फार्मा और एग्रो-प्रोसेसिंग में प्रदेश में आ रहे बड़े निवेश के बीच, स्थानीय एमएसएमई को मज़बूत करना रोज़गार सृजन की कुंजी है।सीआईआई छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के उपाध्यक्ष श्री आनंद सिंघानिया ने उद्यमियों से बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया और उद्योग जगत की आवाज़ जनता तक पहुँचाने में निरंतर सहयोग के लिए मीडिया का आभार व्यक्त किया।पंजीकरण एवं जानकारीकॉन्क्लेव का पहला दिन सीआईआई सदस्यों के लिए नि:शुल्क है। दूसरे दिन के प्रशिक्षण का शुल्क प्रति प्रतिभागी 2,000 + जीएसटी है।</description ></item><item><title>उफनती दनिया नदी के मझधार में फंसी कार, गंडई थाना प्रभारी ने छलांग लगाकर बचाई 5 लोगों की जान</title><link>https://cnin.co.in/उफनती-दनिया-नदी-के-मझधार-में-फंसी-कार,-गंडई/84240</link><description>खैरागढ़। जिले के गंडई-धमधा मार्ग में पुल पर शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात को उफनती दनिया नदी के मझधार में फंसी कार में सवार 5 लोग फंस गए। गंडई थाना प्रभारी शिवशंकर गेंदले ने उफनती नदी में छलांग लगाकर पांचों को सकुशल बाहर निकाला। थाना प्रभारी के साहसिक प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया। कार में 3 युवक और 2 युवती सवार थे। सभी मध्यप्रदेश के कान्हा किसली नेशनल पार्क जाने के लिए निकले थे, सभी रायपुर और भिलाई के रहने वाले हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार एक कार में सवार होकर 5 लोग धमधा से गंडई के रास्ते कान्हा किसली जाने के लिए जब रात करीब एक बजे दनिया पुल से गुजर रहे थे, उसी दौरान नदी में बाढ़ के चलते तैनात पुलिस कर्मियों ने कार चालक को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक कुबेर साहू ने मनाही के बावजूद कार को पार करने की कोशिश की। इस दौरान कार बीच मझधार में फंस गई। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी पुलिस जवानों ने तत्काल गंडई थाना प्रभारी गेंदले को सूचित किया। दल-बल के साथ पहुंचे थाना प्रभारी ने स्थिति को नाजुक समझते हुए तत्काल कार सवारों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। इस तरह काफी मशक्कत के बाद कमलेश साहू (रायपुर), कुबेर साहू (रायपुर), निहाल सक्सेना (रायपुर), महक कौर (भिलाई) व प्रीति रात्रे (भिलाई) को रेस्क्यू कर कार से बाहर निकाला गया।बताया जा रहा है कि सभी की उम्र 20 से 25 वर्ष की है। पुलिस ने बेहद सावधानी बरतते हुए एक-एक को कार से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद सभी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंडई में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। सभी सुरक्षित हैं। पुलिस ने कार सवारों से आवश्यक पूछताछ की। जिसमें उन्होंने बताया कि कान्हा किसली जाने के दौरान यह हादसा हुआ।खैरागढ़ एसपी लक्ष्य शर्मा ने युवाओं का सफल रेस्क्यू करने पर थाना प्रभारी गेंदले को शाबासी दी और कहा कि लोगों की जान बचाने का काम एक बड़ा साहसिक कदम है। उन्होंने नदी में कूदकर रेस्क्यू करने पर थाना प्रभारी के हौसले की दाद दी।</description ></item><item><title>राज्यपाल डेका 28 सितंबर को नवनिर्मित सुभाषचंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण करेंगे</title><link>https://cnin.co.in/राज्यपाल-डेका-28-सितंबर-को-नवनिर्मित/84239</link><description>00 छत्तीसगढ़ में बायोटेक्नोलॉजी नवाचार और युवा उद्यमिता को नई दिशा मिलेगीरायपुर। छत्तीसगढ़ में जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप विकास और युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसाइटी (सीबीपीएस) द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सहयोग से स्थापित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर के अत्याधुनिक केंद्र का उदघाटन 28 सितंबर को राज्यपाल श्री रामेन डेका द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही 28-30 सितंबर 2026 तक कृषि मंडपम, रायपुर में छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन होगा।इनक्यूबेशन सेंटर - अत्याधुनिक बायोटेक्नोलॉजी सुविधाओं से सुसज्जित केंद्रदो एकड़ क्षेत्र में विकसित यह केंद्र जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के लिए एक समर्पित मंच के रूप में कार्य करेगा। यहां हाई-टेक एवं अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, बीएसएल-3 सुविधा, आधुनिक एनालिटिकल एवं टेस्टिंग सुविधाएं, किट एवं तकनीक विकास इकाइयां, वेस्ट ट्रीटमेंट सिस्टम तथा को-वर्किंग एवं इनक्यूबेशन स्पेस उपलब्ध हैं। केंद्र का उद्देश्य लैब से टेक्नोलॉजी और टेक्नोलॉजी से उद्यम की यात्रा को सहयोग देना है। एग्री-बायोटेक्नोलॉजी, बायोफर्टिलाइजर एवं बायोकंट्रोल एजेंट्स, हेल्थ एवं डायग्नोस्टिक्स, फूड बायोटेक्नोलॉजी, पर्यावरणीय जैव-प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को प्रयोगशाला सुविधाएं, प्रशिक्षण, मेंटरिंग, परीक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।युवाओं और नवाचारकर्ताओं के लिए अवसरकेंद्र युवा वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, नए स्नातकों और उभरते उद्यमियों को अपने बायोटेक्नोलॉजी आधारित विचारों को विकसित कर उत्पाद, तकनीक और उद्यम में बदलने के लिए आवश्यक मंच और सुविधाएं प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य युवाओं को नवाचारकर्ता और रोजगार सृजक बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।यूथ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026कॉन्क्लेव का आयोजन सीबीपीएस एवं आईजीकेवी द्वारा आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर, आईआईआईटी नया रायपुर, नाबार्ड तथा सीजीकॉस्ट के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें देशभर से 1,000 से अधिक उद्यमी, नवाचारकर्ता, शोधकर्ता, विद्यार्थी, निवेशक एवं उद्योग प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम में विशेषज्ञ सत्र, स्टार्टअप पिचिंग तथा नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी / डिस्प्ले किए जाएंगे, जिससे युवा प्रतिभाओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और उद्योग के बीच संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।</description ></item><item><title>राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग हुआ राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित, छत्तीसगढ़ के रक्षक मॉडल को मिला राष्ट्रीय पहचान</title><link>https://cnin.co.in/राज्य-बाल-अधिकार-संरक्षण-आयोग-हुआ-राष्ट्रीय/84238</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। आयोग के अभिनव नवाचार रक्षक कार्यक्रम को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्डन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में यह सम्मान प्राप्त हुआ है। बाल अधिकारों के क्षेत्र में यह पुरस्कार पाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। यह पुरस्कार प्रसिद्ध पर्यावरणविद सुश्री सुनीता नारायण, पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की सुश्री पूनम मुटरेजा, भारत सरकार के पूर्व सचिव श्री संजय कुमार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व महासचिव श्री भरत लाल की गरिमामयी उपस्थिति में स्कॉच ग्रुप के चेयरमैन श्री समीर कोचर द्वारा प्रदान किया गया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि अवार्ड के लिए चयन प्रक्रिया काफी कठोर थी। सर्वप्रथम आयोग की ओर से जूरी के समक्ष रक्षक पाठ्यक्रम पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसके बाद कड़े परीक्षण के उपरांत इसे गोल्ड श्रेणी के लिए चुना गया।स्कॉच अवार्ड क्या है?स्कॉच ग्रुप 1997 से कार्यरत देश का एक प्रमुख स्वतंत्र थिंक-टैंक है। यह वर्ष 2003 से सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्रदान करता है, जिसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिना जाता है।क्या है रक्षक पाठ्यक्रम?रक्षक का पूरा नाम बाल अधिकारों के संरक्षण में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिप्लोमा (पीजीडीपीसीआर) है। यह एक वर्षीय (2 सेमेस्टर) डिप्लोमा कोर्स है, जिसकी न्यूनतम योग्यता स्नातक है। डॉ. शर्मा ने बताया कि बाल संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी को देखते हुए यह पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका प्रैक्टिकल मॉडल है। छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं लेंगे, बल्कि आयोग की संवाद इकाइयों के माध्यम से बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड केयर संस्थानों और स्वैच्छिक संगठनों के साथ सीधे जुड़कर फील्ड वर्क, केस स्टडी और प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर कार्य करेंगे।पाठ्यक्रम में पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम 2015, बाल विवाह एवं बाल श्रम प्रतिषेध, दत्तक ग्रहण कानून, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और पुनर्वास योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। यह पाठ्यक्रम प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में उनके बोर्ड/परिषद की अनुमति से प्रारंभ किया जा रहा है। इससे युवाओं के लिए बाल संरक्षण, काउंसलिंग और सामाजिक कार्य के क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री साय ने महिला खिलाड़ी संजू देवी को दी बधाई, बोले - छत्तीसगढ़ की बेटी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-साय-ने-महिला-खिलाड़ी-संजू-देवी/84237</link><description>00 संजू देवी की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाडिय़ों के लिए बनेगी प्रेरणा00 एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को पराजित कर जीता स्वर्ण पदकरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य एवं छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की निवासी सुश्री संजू देवी को फोन कर इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सुश्री संजू देवी से आत्मीय संवाद करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि उनकी इस उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है।मुख्यमंत्री श्री साय ने सुश्री संजू देवी से कहा कि आपने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और शानदार प्रदर्शन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता प्रत्येक देशवासी के लिए गर्व का क्षण है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की बेटी की महत्वपूर्ण भागीदारी प्रदेश के लिए विशेष गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां आज शिक्षा, खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परचम लहरा रही हैं। कोरबा की संजू देवी ने अपनी मेहनत और खेल कौशल के बल पर राष्ट्रीय टीम में स्थान बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के उन हजारों युवा खिलाडिय़ों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देख रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे के लिए बेहतर अवसर, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के गांवों, आदिवासी अंचलों और छोटे शहरों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को उचित मंच मिले और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करें।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारतीय टीम की इस स्वर्णिम सफलता में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सुश्री संजू देवी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुश्री संजू देवी भारतीय राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य हैं। मुख्यमंत्री साय ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाडिय़ों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी और टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय खिलाड़ी आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।</description ></item><item><title>नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से बेटियों के सपनों को मिला संबल</title><link>https://cnin.co.in/नोनी-सशक्तिकरण-सहायता-योजना-से-बेटियों-के/84236</link><description>00 पुष्पांजलि प्रशासनिक सेवा की तैयारी में जुटीं, अनीता ने फिर शुरू की कॉलेज की पढ़ाईबलरामपुर। जिले की दो बेटियाँ अपने सपनों की ओर नए भरोसे के साथ बढ़ रही हैं। ग्राम बदर की कुमारी पुष्पांजलि ऋषि प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं, जबकि ग्राम पंचायत सुरा की कुमारी अनीता नाग शिक्षिका बनकर गाँव के बच्चों को पढ़ाना चाहती हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बीच मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से दोनों को 20-20 हजार रुपये की सहायता मिली है।कुमारी पुष्पांजलि का परिवार कृषि और मजदूरी पर निर्भर है। उच्च शिक्षा का खर्च जुटाना कठिन होने लगा था, लेकिन पढ़ाई के साथ पीएससी की तैयारी करने का उनका संकल्प बना रहा। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया। सहायता राशि बैंक खाते में पहुँचने के बाद वे अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगन से जुटी हैं। कुमारी अनीता की कॉलेज की पढ़ाई आर्थिक कारणों से प्रभावित हो रही थी। आगे पढऩे की इच्छा के बावजूद खर्च की चिंता उनके सामने थी। योजना के तहत सहायता मिलने पर उन्होंने दोबारा कॉलेज में प्रवेश लिया और पढ़ाई शुरू कर दी। कुमारी अनीता पढ़ाई पूरी करके शिक्षिका बनना चाहती हैं, ताकि गाँव के बच्चों का भविष्य संवारने में योगदान दे सकें।दोनों बेटियों ने कहा कि इस सहायता से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा संकल्प अभियान के दौरान सामने आई कुमारी पुष्पांजलि और कुमारी अनीता की कहानियाँ दिखाती हैं कि समय पर मिला सहयोग बेटियों को शिक्षा जारी रखने और अपने लक्ष्य की ओर बढऩे का अवसर देता है।</description ></item><item><title>डीजी जेलगुप्ता के कर कमलों से केंद्रीय जेल रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य की प्रथम महिला खुली जेल का शुभारंभ</title><link>https://cnin.co.in/डीजी-जेलगुप्ता-के-कर-कमलों-से-केंद्रीय-जेल/84235</link><description>रायपुर। डीजी, जेल हिमांशु गुप्ता के कर कमलों से केंद्रीय जेल, रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य की पहली महिला खुली जेल (वीमेन ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन -ओ.सी.आई.) का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), श्रीमती खुशबू मिश्रा (महिला ओपन जेल प्रभारी) एवं जेल विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।छत्तीसगढ़ राज्य में पहली बार इस प्रकार की महिला ओपन जेल प्रारंभ की गई है। रायपुर जेल में उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए ओपन जेल खोला गया है।इस ओपन जेल में 25 महिला बंदिनियाँ रहेंगीस ये महिला बंदिनी सुबह विभिन्न कार्य करने के लिए जेल के बाहर निकलेंगी तथा शाम को कार्य पूर्ण कर लॉकअप होने के पूर्व जेल में वापस आ जाएंगी। महिला बंदिनियों को जेल की ऊंची दीवारों के बाहर मंदिर के पास स्थित परिसर में सिलाई सेन्टर, ब्यूटी पार्लर एवं जेल उत्पादों के बिक्री केंद्र में रोजगार दिया जाएगा। उनके लिए रोजगार के अन्य वैकल्पिक साधन भी उपलब्ध रहेंगे।</description ></item><item><title>वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, राजपत्र लेकर गांव पहुंचे उप मुख्यमंत्री शर्मा, चंदनपुर को मिली नई पहचान</title><link>https://cnin.co.in/वर्षों-पुरानी-मांग-हुई-पूरी,-राजपत्र-लेकर/84234</link><description>00 चंडालपुर अब कहलाएगा चंदनपुर, गांव का नाम केवल पहचान नहीं, जनभावनाओं से जुड़ा होता है : शर्मारायपुर। तेज बारिश के बीच शुक्रवार देर रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा गांव की नई पहचान का राजपत्र लेकर चंदनपुर पहुंचे। लंबे समय से नाम परिवर्तन की मांग कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्होंने राजपत्र की प्रति सौंपते हुए उन्हें बधाई दी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वागत के लिए जुटे रहे। मांग पूरी होने की खुशी में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। कबीरधाम जिले के ग्राम चंडालपुर का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर चंदनपुर कर दिया गया है।&amp;nbsp;नाम परिवर्तन की खुशी के बीच उप मुख्यमंत्री ने गांव के विकास कार्यों के लिए सीसी रोड और सामुदायिक भवन के लिए 11.70 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। इसमें आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को इसके लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। छत्तीसगढ़ शासन ने ग्राम चंदनपुर के नाम परिवर्तन का राजपत्र में विधिवत प्रकाशन कर दिया है। इसके साथ ही गांव का नया नाम अब सरकारी अभिलेखों और शासकीय वेब पोर्टल में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की ओर से लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई, राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई और अंतत: राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया। उन्होंने कहा कि राजपत्र में प्रकाशन के बाद अब चंदनपुर नाम सरकारी अभिलेखों और संबंधित शासकीय वेब पोर्टलों में दर्ज रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे भी अपने दैनिक व्यवहार और बोलचाल में गांव के नए नाम चंदनपुर का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढिय़ां इसी नाम से गांव को जानें और इसकी पहचान आगे भी कायम रहे।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल किसी स्थान की पहचान नहीं होते, बल्कि उनमें स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और जनभावनाएं भी जुड़ी होती हैं। चंदनपुर नाम से गांव को नई पहचान मिलना ग्रामवासियों की लंबे समय से चली आ रही भावना और मांग के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की स्थानीय पहचान और ग्रामवासियों की भावनाओं को मजबूती मिलेगी।</description ></item><item><title>आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, पहले दिन 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता</title><link>https://cnin.co.in/आंगन-मिलन-सेवा-से-उत्सव-स्थल-बने-आंगनबाड़ी/84233</link><description>00 प्रदेश में 2,262 स्थानों पर हुए 12,698 आयोजन; मुख्यमंत्री साय मुंगेली के मदकू में कार्यक्रम में हुए शामिल00 सुपोषित थाली के प्रदर्शन के साथ माताओं और बच्चों के पोषण पर हुआ संवादरायपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हुई आंगन मिलन सेवा के पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल रहा। राज्यभर में 2,262 स्थानों पर 12,698 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 97,471 लोगों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए और माताओं एवं बच्चों के पोषण का संदेश दिया।आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं का स्वागत किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, दालों और हरी सब्जियों का प्रदर्शन कर परिवारों को संतुलित भोजन के बारे में बताया गया। सुपोषित थाली के माध्यम से महिलाओं ने जाना कि रोजमर्रा के भोजन में विविध खाद्य पदार्थ शामिल कर माताओं और बच्चों का पोषण कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया और पोषण तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव साझा किए।महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थियों ने बताया कि योजनाओं से मिली सहायता से वे अपनी और अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। आंगन मिलन सेवा के माध्यम से परिवारों और समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ते हुए बच्चों के पोषण को साझा जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया।</description ></item><item><title>रायपुर नगर निगम की एमआईसी बैठक अब 29 सितंबर को</title><link>https://cnin.co.in/रायपुर-नगर-निगम-की-एमआईसी-बैठक-अब-29-सितंबर-को/84232</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर--रायपुर नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक की तारीख बदल दी गई है। पहले यह बैठक 25 सितंबर को होनी थी, लेकिन शासन स्तर के एक आयोजन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।&amp;nbsp;अब एमआईसी की बैठक 29 सितंबर को दोपहर 1 बजे नगर निगम मुख्यालय के महात्मा गांधी सदन में होगी। बैठक महापौर मीनल चौबे के आदेश पर बुलाई गई है। बैठक में एमआईसी के सदस्य और नगर निगम से जुड़े अधिकारी शामिल होंगे।</description ></item><item><title>मदकूद्वीप की पुरातात्विक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण में स्वर्गीय श्री शांताराम का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://cnin.co.in/मदकूद्वीप-की-पुरातात्विक-और-आध्यात्मिक/84231</link><description>&amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने मदकूद्वीप में समाजसेवी स्वर्गीय श्री शांताराम को अर्पित किए श्रद्धासुमनस्वर्गीय श्री शांताराम की स्मृति में समर्पित उद्यान का किया लोकार्पण‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने लगाया कल्पवृक्ष का पौधा, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेशमुख्यमंत्री ने कहा - सेवा, संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण के प्रति उनका समर्पण भावी पीढ़ियों को देता रहेगा प्रेरणारायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक महत्व के हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय मदकूद्वीप की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले समाजसेवी स्वर्गीय श्री शांताराम के वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय श्री शांताराम की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के उद्देश्य से निर्मित उद्यान का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह उद्यान केवल उनकी स्मृतियों को संजोने का स्थान नहीं होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके सेवाभाव, सामाजिक सरोकारों और अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति समर्पण से परिचित कराने का माध्यम भी बनेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री शांताराम के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि मदकूद्वीप हमारी समृद्ध पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस धरोहर के संरक्षण और इसके महत्व को पुनः प्रतिष्ठित करने में स्वर्गीय श्री शांताराम ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने निःस्वार्थ भाव से इस क्षेत्र की सेवा की और मदकूद्वीप के ऐतिहासिक तथा आध्यात्मिक महत्व को व्यापक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी क्षेत्र की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपराओं, इतिहास और उन लोगों से बनती है, जो इन धरोहरों को सहेजने के लिए अपना जीवन लगा देते हैं। स्वर्गीय श्री शांताराम ऐसे ही व्यक्तित्व थे। उनके प्रयासों के कारण मदकूद्वीप आज श्रद्धालुओं के साथ-साथ इतिहास, पुरातत्व और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों तथा शोधकर्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण स्थल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी रहा उल्लेखनीय योगदानमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री शांताराम की सेवा यात्रा केवल मदकूद्वीप तक सीमित नहीं रही। उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। बैतलपुर में शिव मंदिर के निर्माण, चिकित्सा सेवाओं के विस्तार तथा विभिन्न सामाजिक कार्यों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। नवागढ़ स्थित शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में भी उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लिए किए गए निःस्वार्थ कार्य ही किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी विरासत होते हैं। स्वर्गीय श्री शांताराम ने अपने जीवन से सेवा, सामाजिक दायित्व और सांस्कृतिक चेतना का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी समाज के बीच जीवंत हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराते रहेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी प्राचीन धरोहरें केवल अतीत की स्मृतियां नहीं हैं, बल्कि हमारी पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि हैं। इनके संरक्षण में समाज की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वर्गीय श्री शांताराम जैसे समाजसेवियों ने यह दिखाया कि दृढ़ संकल्प और सेवाभाव से कोई व्यक्ति अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में कितना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।स्वर्गीय श्री शांताराम की स्मृतियों और सेवाभाव को संजोए रखेगा उद्यानमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री शांताराम की स्मृति में समर्पित यह उद्यान उनके जीवन और कार्यों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है। यह स्थान लोगों को प्रकृति के निकट लाने के साथ उनके द्वारा किए गए सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की स्मृतियों को भी जीवंत रखेगा।उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री शांताराम का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजना केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जब समाज स्वयं अपनी धरोहरों के संरक्षण के लिए आगे आता है, तब संस्कृति और परंपराओं का यह प्रवाह पीढ़ी-दर-पीढ़ी और मजबूत होता जाता है।‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया कल्पवृक्षइस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्ष हमारी प्रकृति और जीवन का आधार हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान मां के प्रति हमारे प्रेम और कृतज्ञता के भाव को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने की सुंदर पहल है।उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक है, जब लगाए गए पौधों की देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सहेजा जाए। पर्यावरण संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मदकूद्वीप जैसे प्राकृतिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व के स्थलों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण के प्रयास साथ-साथ आगे बढ़ेंगे, तभी हम अपनी समृद्ध विरासत को उसके मूल स्वरूप में भावी पीढ़ियों तक पहुंचा सकेंगे।इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, मंत्री श्री दयाल दास बघेल एवं श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला एवं श्री पुन्नू लाल मोहले सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>राजनांदगांव में झांकी कैंसिल, भारी बारिश बनी वजह</title><link>https://cnin.co.in/राजनांदगांव-में-झांकी-कैंसिल,-भारी-बारिश-बनी/84230</link><description>राजनंदगांव। राजनांदगांव में गणेश उत्सव के तहत आयोजित होने वाली झांकी बारिश की वजह से कैंसिल कर दी गई। लगातार हो रही बारिश और मौसम खराब होने के कारण आयोजकों ने झांकी नहीं निकालने का फैसला लिया। इससे गणेश उत्सव को लेकर तैयारियों में जुटे श्रद्धालुओं और समितियों को निराशा हुई।गणेश उत्सव के दौरान राजनांदगांव में झांकियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती हैं। अलग-अलग गणेश समितियों की ओर से झांकियों को सजाया जाता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन्हें देखने पहुंचते हैं। लेकिन इस बार बारिश ने आयोजन की तैयारियों को प्रभावित कर दिया। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर पानी और फिसलन की स्थिति बनने के साथ झांकी निकालने में भी परेशानी की आशंका थी। मौसम को देखते हुए आयोजकों ने कार्यक्रम को रद्द करने का निर्णय लिया।</description ></item><item><title>संसार में माया के बंधन से न बंधना ही मोक्ष है - इन्द्रेश महाराज</title><link>https://cnin.co.in/संसार-में-माया-के-बंधन-से-न-बंधना-ही-मोक्ष-है--/84229</link><description>0 - भगवान दिखावे की सुंदरता या आडंबर को नहीं देखतेरायपुर। कलयुग में लोग विचारों की सुंदरता को नहीं बल्कि बाहरी सुंदरता को देखते हैं। लेकिन ये जान लें कि भगवान मन, बुद्धि, विचारों की सौंदर्य को देखते हैं, बाह्य रंग-रूप को नहीं। ठाकुर जी हमें देखें ये बुद्धि होनी चाहिए। जो व्यक्ति अपने वास्तविक रुप को छुपाता है और दिखावे का आडंबर करता है। जो वह हैं नहीं, बनकर घूम रहा है। जो भक्ति में-भजन में विच्छेद डालता है,कारण से नहीं अकारण ही विच्छेद डालता है। ऐसे लोगों को ठाकुर जी नहीं देखते, नेत्र बंद कर लेते हैं। सच्चा प्रेम और भक्ति देखना हैं तो गोपियों का देखें जो जिस स्थिति में भी पहुंचती हैं महाभागी हैं।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में बाढ़ के हालात, गंगरेल के सभी गेट खोले, महानदी ऊफान पर</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-बाढ़-के-हालात,-गंगरेल-के-सभी/84228</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंगलवार से &amp;nbsp;निरंतर हो रही तेज बारिश के चलते बाढ़ के हालात हैं। गंगरेल डेम में पानी के भराव को देखते हुए सभी 10 गेट खोल दिये हैं जिससे महानदी ऊफान पर है। प्रशासन ने आसपास गांव के लोगों को सर्तक करते हुए प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं।गंगरेल बांध अपनी पूरी क्षमता से लबालब भर गया है। 32 टीएमसी जलभराव क्षमता वाले गंगरेल बांध के 100 प्रतिशत भर जाने के बाद जल प्रबंधन एवं सुरक्षा के मद्देनजर बांध के सभी 14 रेडियल गेट खोल दिए गए हैं। सभी गेट खुलने से महानदी में बांध से 2 लाख 6 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गंगरेल के अलावा जिले के अन्य प्रमुख जलाशयों—मुरुमसिल्ली, दुधावा और सोंढूर में भी जलस्तर चरम पर पहुंच चुका है। चारों बड़े बांधों के एक साथ लबालब होने और महानदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ सकता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने महानदी के बहाव क्षेत्र व तटवर्ती गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।भारी बारिश के बीच ओडिशा के खाटीगुडा डैम के गेट खोले जाने के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। जानकारी के मुताबिक, डैम से करीब 5 लाख घन मीटर पानी छोड़ा गया है। इसके चलते नदी के आसपास के इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।उल्लेखनीय है कि बंगाल की खाड़ी में अर्बन तूफान का असर इस समय पूरे छत्तीसगढ में दिखाई दे रहा है।बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सुकमा जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। छिंदगढ़ क्षेत्र के ओलेर में पानी बढऩे से करीब 70-80 लोगों के फंसे होने की खबर है। क्षेत्र के टापू में तब्दील होने की सूचना के बाद नगर सेना की टीम प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए रवाना हो गई ।लगातार बारिश के चलते रायपुर-दुर्ग राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। कुम्हारी ओवरब्रिज के समीप चंदनडीह क्षेत्र में जलभराव के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई है। स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस दुर्ग ने वाहन चालकों और आम नागरिकों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने रायपुर की ओर जाने वाले यात्रियों से प्रभावित मार्ग पर अनावश्यक दबाव न बनाने और संभव हो तो वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है।लगातार बारिश के कारण सुपेला और दक्षिण गंगोत्री के दोनों अंडरब्रिज पानी से भर गए हैं। इससे हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। यह मार्ग क्चस्क्क समेत आसपास के लोगों के लिए प्रमुख आवागमन मार्ग है।राजधानी रायपुर में लगातार हो रही वर्षा के चलते जहां शहर के अधिकांश प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया है जिसका असर यातायात पर हो रहा है तेज यातायात पर ब्रेक लग गया वहीं दूसरी ओर निचले इलाके की बस्तियां जलमग्न हो गई हैं सड़कों का पानी का पानी घरों में घुस गया है। शहर के लगभग सभी अंडरब्रिज में पानी से लबालब हैं।</description ></item><item><title>मरकाटोला घाट सड़क हादसे पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने जताया गहरा शोक, घायलों के बेहतर उपचार के दिए निर्देश</title><link>https://cnin.co.in/मरकाटोला-घाट-सड़क-हादसे-पर-उप-मुख्यमंत्री/84227</link><description>रायपुर। कांकेर, बालोद एवं धमतरी जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 स्थित मरकाटोला घाट पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में कवर्धा के लोगों के निधन पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हृदयविदारक घटना पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगतजनों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस अपार दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने हादसे की जानकारी मिलते ही घायलों के उपचार को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल रेफर किए गए सभी घायलों के समुचित एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। शर्मा ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि मरकाटोला घाट पर हुए सड़क हादसे में कवर्धा के लोगों के निधन की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। इस दु:खद घटना में दिवंगतजनों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।</description ></item><item><title>ट्रक ने डीजे  पिकअप को मारी टक्कर, 6 की मौत, 7 की हालत गंभीर</title><link>https://cnin.co.in/ट्रक-ने-डीजे--पिकअप-को-मारी-टक्कर,-6-की-मौत,-7-की/84226</link><description>00 मुख्यमंत्री साय ने जताया गहरा शोकबालोद। शुक्रवार की दोपहर में सूबे के बालोद जिले में हुई सड़क दुघर्टना में 5 लोगों की मौत हो गई और 7 अन्य घायल हुए हैं जिनमें 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस व मेडिकल दस्ता तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गया ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बालोद जिले के मरकाटोला घाट में हुई भीषण सड़क दुर्घटना में कई लोगों के असामयिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा गुरूर थानान्तर्गत आने वाले बालोद जिले के बस्तर व &amp;nbsp;राजधानी रायपुर से जोडऩे वाली राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर मरकटोला घाट में &amp;nbsp;हुआ। &amp;nbsp;जहां एक ट्रक और डीजे वाले पिकअप में जबरदस्त भिड़ंत हो गई। दोनो के बीच टक्कर इतनी भीषण थी कि, पिकअप के परखच्चे उड़ गए और भारी भरकम ट्रक पलट गया। मिली जानकारी के मुताबिक, पिकअप में 13 युवक सवार थे। उनमें से 3 की घटनास्थल ही पर मौत हो गई, वहीं 3 घायलों ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। 7 अन्य &amp;nbsp;घायल हैं, जिनस से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा इतना जबरदस्त था कि, धान की बारियों से भरा विशालकाय ट्रक ना सिर्फ पलट गया बल्कि, धान के बारे सड़क पर इधर-उधर बिखर गए। घायलों को धमतरी जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है। &amp;nbsp;मृतकों के शव भी पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। इस हादसे के बाद इस राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस हृदयविदारक घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले शोकाकुल परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने घायलों के समुचित उपचार के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दु:ख की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।</description ></item><item><title>रायपुर स्टेशन के आरक्षण केंद्र के पास स्थित दोपहिया पार्किंग होगी स्थानांतरित</title><link>https://cnin.co.in/रायपुर-स्टेशन-के-आरक्षण-केंद्र-के-पास-स्थित/84225</link><description>00 एक्सप्रेस-वे के पास उपलब्ध कराई गई है दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग सुविधारायपुर। रायपुर रेलवे स्टेशन के शहर साइड में चल रहे स्टेशन पुनर्विकास एवं निर्माण कार्यों के मद्देनजर यात्रियों की सुविधा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए आरक्षण केंद्र के पास स्थित दोपहिया वाहन पार्किंग स्थल को आगामी दिनों में एक्सप्रेसवे के पास स्थानांतरित किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए रायपुर स्टेशन के शहर साइड में एक्सप्रेसवे के पास दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आरक्षण केंद्र के समीप वर्तमान दोपहिया पार्किंग स्थल को निर्माण कार्यों के लिए खाली किया जा रहा है।रेलवे द्वारा यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि पार्किंग स्थल के स्थानांतरण के बाद अपने दोपहिया वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े करें। यात्री स्टेशन परिसर अथवा अन्य अनधिकृत स्थानों पर अपने वाहन पार्क करने से बचें, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यात्रियों की सुविधा के लिए गुढिय़ारी छोर पर भी पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। शहर साइड में गेट नंबर 01 के पास प्रीमियम दरों पर पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है। रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों एवं आम नागरिकों की सुविधा के लिए उपलब्ध पार्किंग व्यवस्था के अंतर्गत दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग शुल्क की दरें लागू हैं। निर्धारित शुल्क में जी एस टी भी शामिल है।साइकिल के लिए पार्किंग शुल्क2 घंटे तक की समयावधि के लिए शुल्क - 52 से 6 घंटे की समयावधि के लिए शुल्क - 56 से 12 घंटे की समयावधि के लिए शुल्क - 1012 से 24 घंटे की समयावधि के लिए शुल्क - 1524 घंटे से अधिक/प्रतिदिन - 20दो पहिया वाहनों के लिए मासिक पार्किंग शुल्क 3002 घंटे तक समयावधि के लिए शुल्क - 102 से 6 घंटे तक समयावधि के लिए शुल्क - 156 से 12 घंटे तक समयावधि के लिए शुल्क - 2012 से 24 घंटे तक समयावधि के लिए शुल्क -3024 घंटे से अधिक/प्रतिदिन के लिए शुल्क- 40चार पहिया वाहनों के लिए मासिक पार्किंग शुल्क 6002 घंटे तक की समयावधि के लिए शुल्क - 202 से 6 घंटे की समयावधि के लिए शुल्क- 306 से 12 घंटे की समयावधि के लिए शुल्क- 4012 से 24 घंटे की समयावधि के लिए शुल्क- 6024 घंटे से अधिक/प्रतिदिन के लिए शुल्क 70रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थल में ही खड़ा करें तथा पार्किंग शुल्क की निर्धारित दरों के अनुसार ही भुगतान करें। वाहन पार्क करते समय प्राप्त रसीद को सुरक्षित रखें और किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर 139 , रेल वन ऐप पर रेल मदद, संबंधित पार्किंग कर्मी/ रेलवे स्टाफ से संपर्क करें।</description ></item><item><title>खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी व्यवस्था समय पर हो पूरा : खाद्य मंत्री बघेल</title><link>https://cnin.co.in/खरीफ-विपणन-वर्ष-2026-27-में-धान-खरीदी-व्यवस्था/84224</link><description>00 मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की तैयारियों की हुई विस्तृत समीक्षा00 किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नवीन धान खरीदी केंद्र, सभी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देशरायपुर। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में गुरूवार 24 सितंबर को आयोजित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में किसानों की सुविधा, धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था, जूट बारदानों की उपलब्धता तथा कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने की प्रगति पर की गई। बैठक में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।360 नए धान खरीदी केंद्रों से किसानों को मिलेगी सुविधाबैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 360 नवीन धान खरीदी केंद्र खोले गए हैं। इन नए केंद्रों में धान खरीदी से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने नवीन खरीदी केंद्रों में धान उपार्जन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी जरूरी संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप समिति ने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया किसान-केंद्रित हो तथा खरीदी केंद्रों पर किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्थाधान उपार्जन के लिए बारदानों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मंत्रिमंडलीय उप समिति ने आवश्यक नए एवं पुराने जूट बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि विपणन संघ द्वारा जूट कमिश्नर, कोलकाता के माध्यम से 3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था की जा रही है। अब तक विपणन संघ को 1.14 लाख गठान नए जूट बारदाने प्राप्त हो चुके हैं। उप समिति ने शेष आवश्यक बारदानों की उपलब्धता भी समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि धान खरीदी के दौरान बारदानों की कमी के कारण उपार्जन व्यवस्था प्रभावित न हो।कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने की गति बढ़ाने के निर्देशबैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कस्टम मिलिंग की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कस्टम मिलिंग के अंतर्गत कुल 89 लाख टन चावल जमा करने का लक्ष्य है। इसमें से अब तक 37.50 लाख टन चावल जमा किया जा चुका है, जबकि मिलरों द्वारा 51.50 लाख टन चावल जमा किया जाना शेष है। कस्टम मिलिंग का चावल जमा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक की समय-सीमा निर्धारित है। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने शेष चावल की मात्रा को देखते हुए कस्टम मिलिंग एवं चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों से इसकी नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर चावल जमा कराना सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक जितेन्द्र शुक्ला, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक विलास भोसकर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार एवं सहकारी संस्थाओं के पंजीयक रमेश कुमार शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>पीडीएस के तहत सितंबर माह के खाद्यान्न का भंडारण पूर्ण, वितरण जारी</title><link>https://cnin.co.in/पीडीएस-के-तहत-सितंबर-माह-के-खाद्यान्न-का/84223</link><description>00 24 सितंबर तक लगभग 60 लाख राशनकार्डधारियों ने लगभग 19.58 लाख क्विंटल चावल का किया उठावरायपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राज्य में सितंबर एवं अक्टूबर 2026 माह के लिए खाद्यान्न का आबंटन 14,186 उचित मूल्य दुकानों को जारी किया गया है। सितंबर माह के लिए आबंटित खाद्यान्न का सभी उचित मूल्य दुकानों में भंडारण पूर्ण हो चुका है तथा राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न वितरण की कार्यवाही निरंतर जारी है।24 सितंबर 2026 तक राज्य में लगभग 60 लाख राशनकार्डधारियों द्वारा सितंबर माह के खाद्यान्न का उठाव किया जा चुका है। इस दौरान कुल 19 लाख 57 हजार 880 क्विंटल चावल का उठाव हुआ है। शेष राशनकार्डधारियों को भी निर्धारित पात्रता के अनुसार खाद्यान्न का वितरण उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण का कार्य प्रचलित है। राज्य शासन द्वारा खाद्यान्न के भंडारण एवं वितरण की नियमित निगरानी और मानिटरिंग की जा रही है, ताकि पात्र राशनकार्डधारियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराया जा सके। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सुचारू संचालन तथा राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।</description ></item><item><title>धमतरी में फ्लैटेड फैक्टरी और राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 बनेगा</title><link>https://cnin.co.in/धमतरी-में-फ्लैटेड-फैक्टरी-और-राजनांदगांव/84222</link><description>00 मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पीएफआईसी की बैठक संपन्नरायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देने धमतरी जिले के ग्राम कचना में प्लग एंड प्ले फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु प्रस्तावित स्थल एवं लागत और शासकीय भूमि पर फैक्टरी बिल्डिंग के निर्माण के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अंतर्गत भू-तल और मंजिला बहुमंजिला इमारतों में कुल 43,200 वर्गमीटर में निर्माण किया जाएगा। इसमें कुल 96 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। यह स्थल राजधानी रायपुर से करीब 32 किमी और धमतरी जिला मुख्यालय से 41 किमी की दूरी पर पुराना धमतरी रोड से एक किलोमीटर अंदर स्थित है। इस कॉम्प्लेक्स में विद्युत, जल आपूर्ति, सड़क, सीवरेज एवं साझा जनसुविधाएं पहले से तैयार मिलेगा। इससे उद्योगपति सीधे मशीनरी स्थापित कर तुरंत उत्पादन शुरू कर सकेंगे, जिससे समय व पूंजी की बचत होगी और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बल मिलेगा।बैठक में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति का बैठक में राजनांदगांव जिले के तहसील-घुमका अंतर्गत ग्राम पटेवा में नवीन इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 की स्थापना हेतु 469 करोड़ 61़ लाख रूपए की अधोसंरचना निर्माण योजना को मंजूरी दी गई। इसमें केंद्रांश 210 करोड़ 56 लाख रूपए तथा राज्यांश 259 करोड़ 05 लाख रूपए शामिल है। इस परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की 12वीं प्रोजेक्ट रिव्यू कमेटी द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। यह क्लस्टर कुल 306.56 एकड़ भूमि में फैला होगा, जिसमें से 150.56 एकड़ में औद्योगिक भू-खण्ड विकसित किए जाएंगे। क्लस्टर में 04 प्रमुख एंकर यूनिट्स की स्थापना भी प्रस्तावित है।&amp;nbsp;प्रस्तावित अधोसंरचनाएं में 04 नग बहुमंजिला फ्लैटेड फैक्टरी भवनों का निर्माण होगा। इनमें प्रशासनिक भवन, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा कॉमन फैसिलिटी सेंटर होगा। कर्मचारियों हेतु 250 बेड क्षमता वाला हॉस्टल भवन, विद्युत अधोसंरचना के तहत 05 एमवीए क्षमता विद्युत सब-स्टेशन और सोलर स्ट्रीट लाइट और 11केव्ही एचटी लाइन नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, इलेक्टॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव भूवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर सहित वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वित्त, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी एवं अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।</description ></item><item><title>भू-अर्जन मुआवजे का ऑनलाइन भुगतान बना किसानों के लिए बड़ी सहूलियत</title><link>https://cnin.co.in/भू-अर्जन-मुआवजे-का-ऑनलाइन-भुगतान-बना-किसानों/84221</link><description>00 एक साल में 901 किसानों के खातों में डीबीटी से पहुंचे 30.34 करोड़ रुपये00 चेक और बैंक के चक्कर से मिली राहत, मुआवजा, पुनर्वास और बोनस की राशि सीधे खाते मेंरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में राज्य शासन द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए शासकीय सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लगातार सरल बनाया जा रहा है। इसी दिशा में रायगढ़ जिले में भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा, पुनर्वास एवं बोनस की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन अंतरित करने की व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी सहूलियत साबित हो रही है। बीते एक वर्ष में रायगढ़ अनुविभाग के 901 किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 30 करोड़ 34 लाख 77 हजार 902 रुपये अंतरित किए जा चुके हैं।रायगढ़ अनुविभाग में 26 सितम्बर 2025 से भू-अर्जन से संबंधित भुगतान ऑनलाइन करने की व्यवस्था लागू की गई। इसके बाद किसानों को चेक जारी करने के स्थान पर स्वीकृत राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। 21 सितम्बर 2026 तक इस व्यवस्था के माध्यम से 901 किसानों को 30 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार भू-अर्जन मुआवजे के रूप में 391 किसानों के खातों में 20 करोड़ 67 लाख 53 हजार 163 रुपये अंतरित किए गए हैं। इसी तरह पुनर्वास एवं बोनस के तहत 510 किसानों को 9 करोड़ 67 लाख 24 हजार 739 रुपये का भुगतान किया गया है। इस प्रकार दोनों मदों में कुल 901 किसानों को 30 करोड़ 34 लाख 77 हजार 902 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हुए हैं।चेक से सीधे खाते तक, आसान हुई भुगतान प्रक्रियापूर्व में भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान चेक के माध्यम से किया जाता था। चेक प्राप्त करने के बाद किसानों को उसे बैंक में जमा कराने और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ता था। कई बार इसके लिए कार्यालय और बैंक के चक्कर भी लगाने पड़ते थे। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को इस प्रक्रिया से राहत मिली है। अब स्वीकृत मुआवजा, पुनर्वास एवं बोनस की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंच रही है। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत होने के साथ भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी हुई है।किसानों ने कहा-बिना परेशानी सीधे खाते में मिल रही राशिग्राम कोतासुरा के किसान श्री टंकधर मालाकार ने बताया कि भू-अर्जन मुआवजा वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था किसानों के लिए काफी सुविधाजनक है। पहले की तुलना में अब मुआवजा राशि आसानी से प्राप्त हो रही है। ग्राम दनौट की श्रीमती चम्पाबाई अगरिया ने कहा कि ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से किसानों को काफी लाभ मिला है। अब बिना किसी परेशानी के मुआवजे की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। ग्राम मुरालीपाली के श्री हनुमान प्रसाद शर्मा ने बताया कि पहले भू-अर्जन की राशि प्राप्त करने के लिए चेक मिलने के बाद बैंक जाना पड़ता था। अब मुआवजा एवं पुनर्वास की राशि सीधे बैंक खाते में जमा हो रही है, जिससे किसानों को काफी सुविधा मिली है।भू-अर्जन मुआवजे की ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था ने किसानों के लिए पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया है। डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से एक ओर किसानों को कार्यालय और बैंक के अनावश्यक चक्कर से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और सुविधा भी बढ़ी है।</description ></item><item><title>भारी बारिश को लेकर पूरा प्रशासन अलर्ट, आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/भारी-बारिश-को-लेकर-पूरा-प्रशासन-अलर्ट,-आमजन/84220</link><description>00 मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को सतर्क रहने और आवश्यकता पडऩे पर तत्काल राहत एवं सहायता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश00 नदी-नालों और उफनते जलस्रोतों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की मुख्यमंत्री ने की अपील00 आपात स्थिति में तत्काल डायल 112 सहित स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपीलरायपुर। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता पडऩे पर तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, हमने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रखा है। सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि भारी बारिश के कारण कहीं भी किसी प्रकार की आवश्यकता उत्पन्न होती है तो तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। &amp;nbsp;मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से भी भारी बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने लोगों से नदी-नालों, जलप्रपातों और उफनते जलस्रोतों के पास नहीं जाने की अपील की है, क्योंकि पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जलमग्न पुल-पुलियों एवं सड़कों को किसी भी स्थिति में पार करने का प्रयास न करें और जिन स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि से बैरियर लगाए गए हैं, वहां प्रशासन के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश के दौरान बिना आवश्यकता यात्रा करने से बचें, विशेषकर रात के समय अतिरिक्त सावधानी रखें। गिरे हुए बिजली के तारों अथवा विद्युत संबंधी किसी खतरे से दूर रहें और इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग, स्थानीय प्रशासन अथवा पुलिस को दें। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा उन्हें अकेले बाहर नहीं जाने देने की अपील की। पहाड़ी क्षेत्रों एवं भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों पर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल 112 अथवा स्थानीय प्रशासन से तत्काल संपर्क करें। मौसम और राहत संबंधी जानकारी के लिए केवल शासन-प्रशासन एवं अन्य अधिकृत स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें और अफवाहों अथवा भ्रामक संदेशों को आगे न बढ़ाएं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सतर्कता, संयम और परस्पर सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। अपने आसपास किसी व्यक्ति को सहायता की आवश्यकता हो तो उसकी यथासंभव मदद करें और जरूरत पडऩे पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें।</description ></item><item><title>आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रतिष्ठित सम्मान</title><link>https://cnin.co.in/आयुष्मान-भारत-योजना-के-प्रभावी-क्रियान्वयन/84219</link><description>00 स्वास्थ्य सुरक्षा से जनकल्याण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : साय00 पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने किया सम्मानितरायपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया है।भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आठ वर्ष तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित आरोग्य मंथन 2026 में छत्तीसगढ़ को यह सम्मान प्रदान किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने छत्तीसगढ़ को पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ की ओर से आयुष्मान भारत योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र गहवई ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के किसी भी पात्र नागरिक को आर्थिक कठिनाई के कारण उपचार से वंचित न होना पड़े। बीमारी के समय परिवार को उपचार के साथ आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिले, इसी उद्देश्य से प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत भरोसा दिया है। छत्तीसगढ़ में भी इस योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा1 है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना की पोर्टेबिलिटी सुविधा विशेष रूप से उन नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें रोजगार, कामकाज अथवा अन्य कारणों से अपने गृह राज्य से बाहर रहना पड़ता है या बेहतर उपचार के लिए दूसरे राज्य जाना पड़ता है। इस व्यवस्था के माध्यम से पात्र हितग्राही देश के अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में योजना से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जो हितग्राही दूसरे राज्यों में उपचार लेते हैं, उन्हें भी योजना का लाभ सहजता से मिले और उनके क्लेम का निराकरण समय पर हो, इसके लिए राज्य सरकार लगातार व्यवस्था को मजबूत कर रही है। पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण में मिला राष्ट्रीय सम्मान इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, चिकित्सकों, अस्पतालों और योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। यह सम्मान हमें स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, प्रभावी और हितग्राही-केंद्रित बनाने की प्रेरणा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा से जनकल्याण के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है। हमारा प्रयास है कि गंभीर बीमारी किसी परिवार के लिए आर्थिक संकट का कारण न बने और जरूरत के समय प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो।क्लेम प्रोसेसिंग और तकनीकी निगरानी पर विशेष ध्यानप्रदेश में पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध निराकरण के लिए क्लेम प्रोसेसिंग व्यवस्था, तकनीकी निगरानी, संबद्ध अस्पतालों के साथ समन्वय और लंबित प्रकरणों के निराकरण पर लगातार विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं को इस प्रकार सुदृढ़ किया जा रहा है कि उपचार प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को योजना का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान इस बात को भी रेखांकित करता है कि छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के संचालन के लिए विकसित की गई व्यवस्थाएं लाभार्थी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने में प्रभावी भूमिका निभा रही हैं।हर पात्र परिवार तक पहुंचे आयुष्मान भारत का लाभ : स्वास्थ्य मंत्री जायसवालस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि प्रदेश में योजना के प्रभावी, पारदर्शी और लाभार्थी-केंद्रित क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों को रेखांकित करती है। जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग का निरंतर प्रयास है कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ उनकी गुणवत्ता को भी लगातार बेहतर कर रही है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अधिकारियों, कर्मचारियों, चिकित्सकों, अस्पतालों और योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। आने वाले समय में क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को और मजबूत किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार को गुणवत्तापूर्ण, नि:शुल्क, समयबद्ध और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।देशभर में पोर्टेबिलिटी से लाखों हितग्राहियों को मिला उपचारराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। योजना की पोर्टेबिलिटी सुविधा ने लाभार्थियों के लिए राज्य की सीमाओं से परे भी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 30 जून 2026 तक पोर्टेबिलिटी सुविधा के अंतर्गत देशभर में 29.05 लाख अंतर-राज्यीय अस्पताल प्रवेश अधिकृत किए गए हैं, जिनसे संबंधित अधिकृत राशि 8,383.97 करोड़ रुपये से अधिक है। यह व्यवस्था विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों, रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहने वाले नागरिकों और गृह राज्य से बाहर उपचार की आवश्यकता वाले परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो रही है।डिजिटल तकनीक से और मजबूत होगा स्वास्थ्य सेवा तंत्रआरोग्य मंथन 2026 में स्वास्थ्य आश्वासन और डिजिटल हेल्थ के अगले चरण को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान क्लेम प्रोसेसिंग को अधिक तकनीक-सक्षम बनाने, डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने तथा स्वास्थ्य डेटा के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग से संबंधित नई पहलों पर चर्चा हुई। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया।</description ></item><item><title>वंदे मातरम् मां भारती की वंदना और राष्ट्रीय चेतना का स्वर : मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/वंदे-मातरम्-मां-भारती-की-वंदना-और-राष्ट्रीय/84218</link><description>00 मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ किया वंदे मातरम का सामूहिक गायन, राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा विद्यालय परिसर00 सरस्वती शिशु मंदिर के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने की 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणारायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायमुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं, आचार्यों और उपस्थित नागरिकों के साथ वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया। एक स्वर और एक लय में गूंजे वंदे मातरम से पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर हो उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सरस्वती शिशु मंदिर के विकास के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।मुख्यमंत्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वंदे मातरम केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि मां भारती की वंदना, राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना का सशक्त स्वर है। स्वतंत्रता संग्राम के कठिन दौर में इस गीत ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाई और असंख्य क्रांतिकारियों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने की प्रेरणा दी। वंदे मातरम का उद्घोष स्वतंत्रता सेनानियों के लिए राष्ट्रप्रेम, साहस और संकल्प की अभिव्यक्ति बन गया था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर हमें अपने गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और उनके त्याग एवं बलिदान को स्मरण करने का अवसर देता है। इसके साथ ही यह नई पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का बोध कराने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज विद्या भारती के आह्वान पर देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों और नागरिकों द्वारा सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ मां भारती की वंदना राष्ट्रीय एकता और चेतना का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को वंदे मातरम के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका से परिचित कराने के साथ उनके भीतर राष्ट्रप्रेम एवं कर्तव्यबोध की भावना को और मजबूत करते हैं।दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी मिल रहे आगे बढऩे के बेहतर अवसरमुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को, चाहे वह शहर में रहता हो या बस्तर-सरगुजा के किसी सुदूर अंचल में, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा को निखारने के समान अवसर मिलें। इसके लिए प्रदेशभर में शैक्षणिक सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संसाधनों का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि संसाधनों के अभाव में प्रदेश के किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे की आगे बढऩे की राह न रुके। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में विद्यार्थियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वहां अध्ययनरत छत्तीसगढ़ के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और आगे बढऩे की क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर छत्तीसगढ़ के हमारे बच्चे देश के किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, चरित्र और जिम्मेदार नागरिक के निर्माण का माध्यममुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान या डिग्री प्राप्त करना नहीं है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो ज्ञान के साथ संस्कार दे, अनुशासन सिखाए, चरित्र का निर्माण करे और बच्चों में समाज तथा राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करे। संस्कारवान और राष्ट्रभक्त युवा ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव बनते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय लंबे समय से शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण में समर्पित सभी आचार्यों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि बच्चों के जीवन को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाते हैं।बड़ा सपना देखिए और आज से ही उसके लिए मेहनत शुरू कीजिएमुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि आप सभी देश और छत्तीसगढ़ का भविष्य हैं। आने वाले वर्षों में देश और समाज की जिम्मेदारी आपके कंधों पर होगी। इसलिए जीवन में बड़ा सपना देखिए, अपना लक्ष्य तय कीजिए और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी लगन, अनुशासन और ईमानदारी से मेहनत कीजिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि कोई कलेक्टर, एसपी, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक अथवा किसी अन्य क्षेत्र में जाकर देश और समाज की सेवा करना चाहता है तो अपने लक्ष्य को अभी से स्पष्ट करे और उसकी तैयारी शुरू कर दे। जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से कठिन से कठिन लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी शिक्षा और व्यक्तिगत सफलता को राष्ट्र एवं समाज की प्रगति से जोड़कर देखें। अपने जीवन में जो भी दायित्व मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं तथा अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज और देश की सेवा में करें।छत्तीसगढ़ में 1500 स्थानों पर पांच लाख लोगों ने किया सामूहिक गायनकार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री माणिक लाल साहू ने कहा कि विद्या भारती के आह्वान पर देशभर में 25 हजार स्थानों पर लगभग एक करोड़ लोगों द्वारा एक साथ वंदे मातरम का गायन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी लगभग 1500 स्थानों पर पांच लाख लोगों ने इस आयोजन में सहभागिता की। मां सरस्वती बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नीलेश अग्रवाल ने कहा कि वंदे मातरम भारत की राष्ट्रीय चेतना, त्याग और गौरव की अभिव्यक्ति है। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व-बोध और नागरिक कर्तव्य जैसे पंच परिवर्तन को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति और समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन से ही सशक्त राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है। कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, राजीव लोचन महाराज, मयंक बैस, राघवेंद्र सिंह ठाकुर, अजय कुलश्रेष्ठ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, आचार्यगण, विद्यालय परिवार के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री साय ने मदकूद्वीप के प्राचीन मंदिरों में की पूजा-अर्चना, मंदिर संग्रहालय का किया अवलोकन</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-साय-ने-मदकूद्वीप-के-प्राचीन/84217</link><description>00 कन्या पूजन कर कन्या भोज में हुए शामिल, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की00 मदकूद्वीप की समृद्ध ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत से हुए रूबरूरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थल हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचकर प्राचीन रामाश्रय एवं गणेश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में आयोजित कन्या पूजन में श्रद्धापूर्वक कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात वे कन्या भोज में शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में कन्याओं को शक्ति का स्वरूप माना गया है। कन्या पूजन हमारी समृद्ध परंपरा में मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन धार्मिक परंपराओं, पुरातात्विक धरोहरों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण है। मदकूद्वीप भी प्रदेश की ऐसी ही महत्वपूर्ण धरोहरों में शामिल है, जहां इतिहास, आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। ऐसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल हमारी गौरवशाली विरासत से नई पीढ़ी को परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पुरातत्व विभाग द्वारा स्थापित मंदिर संग्रहालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित पुरातात्विक धरोहरों एवं ऐतिहासिक अवशेषों के संबंध में जानकारी ली और मदकूद्वीप के ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक महत्व से रूबरू हुए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारी ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें केवल अतीत की स्मृतियां नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोडऩे वाली अमूल्य निधि हैं। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुशांत शुक्ला एवं विधायक पुन्नू लाल मोहले, क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</description ></item><item><title>अब बारिश नहीं, खुशियां दस्तक देती हैं सरिता बैगा के घर</title><link>https://cnin.co.in/अब-बारिश-नहीं,-खुशियां-दस्तक-देती-हैं-सरिता/84216</link><description>00 प्रधानमंत्री मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं से जनजातीय परिवार को मिला सुरक्षित आवास00 मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में योजनाओं का जमीनी असररायपुर। कभी बारिश की बूंदें सरिता बैगा के परिवार के लिए चिंता लेकर आती थीं। कच्ची दीवारों और खपरैल की छत वाले घर में रहने वाले इस परिवार को हर बरसात में छत टपकने और घर को सुरक्षित रखने की चिंता सताती थी। आज वही सरिता अपने पक्के घर के आंगन में खड़ी होकर अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सुकून भरा जीवन जी रही हैं। यह बदलाव उनके लिए केवल एक पक्के मकान का मिलना नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी चिंता से मुक्ति और सम्मान के साथ जीवन जीने का नया अवसर है।गौरेला विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी श्रीमती सरिता बैगा बताती हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे घर में रहता था। बारिश शुरू होते ही घर की छत से पानी टपकने लगता था। खपरैल को संभालना और हर साल उसकी मरम्मत करना परिवार के लिए बड़ी परेशानी थी। बच्चों को बारिश से बचाने की चिंता अलग रहती थी। ऐसे समय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम जनमन आवास योजना उनके परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई।योजना के माध्यम से सरिता बैगा के परिवार को पक्का आवास मिला। अब उनका घर बारिश में नहीं टपकता। परिवार के पास एक सुरक्षित छत है, जहां बच्चे निश्चिंत होकर रह सकते हैं और पूरा परिवार सम्मान के साथ अपना जीवन आगे बढ़ा सकता है। सरिता के लिए यह बदलाव उनके चेहरे पर आई मुस्कान में साफ दिखाई देता है।सरिता कहती हैं कि पहले बारिश आते ही चिंता होने लगती थी कि घर की छत कहां से टपकेगी और बच्चों को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा। अब पक्का घर मिलने के बाद बारिश का डर खत्म हो गया है। उनके लिए उनका नया घर सिर्फ ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, बच्चों के बेहतर भविष्य और खुशहाल जीवन की मजबूत नींव है।महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबलसरिता बैगा को हर माह महतारी वंदन योजना की राशि भी नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इस राशि से उन्हें घरेलू जरूरतों और परिवार के छोटे-बड़े खर्चों को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। एक ओर पक्का आवास परिवार को सुरक्षा दे रहा है, वहीं नियमित आर्थिक सहायता ने घरेलू बजट को संभालने में उनका साथ दिया है।सरिता के जीवन में आया यह बदलाव केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के समन्वित प्रभाव को दर्शाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय एवं वंचित परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार इन योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।सरिता बैगा के लिए सरकार की योजनाएं अब कागज पर दर्ज प्रावधान नहीं, बल्कि उनके अपने जीवन में महसूस किया गया बदलाव हैं। पक्के घर की सुरक्षित छत और आर्थिक सहायता ने उनके परिवार में आत्मविश्वास बढ़ाया है। वह कहती हैं कि सरकार की योजनाओं ने उनके परिवार को नई उम्मीद दी है और बच्चों के भविष्य को लेकर उनका भरोसा मजबूत हुआ है।सरिता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकार की योजनाएं जीवन बदलने का माध्यम बन रही हैं। उनके लिए पक्का घर उस सपने के पूरा होने जैसा है, जिसे कभी उन्होंने केवल मन में संजोया था।कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का यह सफर सरिता बैगा के परिवार की कहानी भर नहीं है। यह उस भरोसे की कहानी है, जब शासन की योजनाएं गांव के अंतिम छोर तक पहुंचकर किसी परिवार की जिंदगी में सुरक्षा, सम्मान और खुशियों की नई सुबह लेकर आती हैं।</description ></item><item><title>रविवार से शुरु होगा पितृ पक्ष, चतुर्थी और पांचमी एक ही दिन, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या</title><link>https://cnin.co.in/रविवार-से-शुरु-होगा-पितृ-पक्ष,-चतुर्थी-और/84215</link><description>रायपुर। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इस दौरान लोग दिवंगत पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करते हैं। मान्यता है कि विधि-विधान से पितरों का तर्पण करने से परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। इस वर्ष पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर रविवार से होगी, चतुर्थी और पांचमी एक ही दिन 30 सितंबर को और 10 अक्टूबर शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या रहेगी।पितृ पक्ष में श्रद्धालु सुबह स्नान कर तिल और जल से पितरों का तर्पण करते हैं। जिस तिथि को पूर्वज का निधन हुआ हो, उसी तिथि को उनका श्राद्ध करने की परंपरा है। इसमें माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, भाई और अन्य दिवंगत परिजनों का स्मरण किया जाता है। पिंडदान के बाद ब्राह्मणों, परिवार और इष्ट-मित्रों को भोजन कराने तथा दान-पुण्य की भी परंपरा है। 26 सितंबर, शनिवार- पूर्णिमा: पूर्णिमा तिथि में दिवंगत हुए लोगों का श्राद्ध। 27 सितंबर, रविवार- प्रतिपदा: नाना-नानी के श्राद्ध के लिए यह तिथि विशेष मानी जाती है, यदि उनके घर में कोई और न हो। 30 सितंबर, बुधवार- चतुर्थी-पंचमी: परिवार में अविवाहित अवस्था में दिवंगत हुए लोगों का तर्पण। 3 अक्टूबर, शनिवार- अष्टमी: उसी वर्ष दिवंगत हुए पूर्वजों के पिंडदान की परंपरा। 4 अक्टूबर, रविवार- मातृ नवमी: माता और परिवार की अन्य महिलाओं के श्राद्ध के लिए विशेष दिन। 9 अक्टूबर, शुक्रवार- चतुर्दशी: दुर्घटना, जहर या आग से अकाल मृत्यु पाने वालों का श्राद्ध। 10 अक्टूबर, शनिवार- सर्वपितृ अमावस्या: जिन पूर्वजों की मृत्यु तिथि याद नहीं है, उनके निमित्त श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण किया जाता है।</description ></item><item><title>खातिगुड़ा बांध के तीन गेट खुले, बस्तर में बाढ़ का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा</title><link>https://cnin.co.in/खातिगुड़ा-बांध-के-तीन-गेट-खुले,-बस्तर-में/84214</link><description>जगदलपुर। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तू$फान अर्नब से बस्तर में हो रहे लगातार बारिश के कारण बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। बस्तर में लगातार हो रही भारी बारिश से हालात बिगडऩे लगे हैं। इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा में इंद्रावती नदी पर स्थित खातिगुड़ा बांध के गेट कल रात से खोल दिए गए थे। खातिगुड़ा में एक और गेट खोल दिया गया है, अब तीन गेट खुल गए हैं। इंद्रावती की सहायक मोरान नदी के बांध का भी दो गेट आज शुक्रवार सुबह खोल दिया गया है। इससे बस्तर में नदी का जलस्तर अब और तेजी से बढ़ सकता है। इंद्रावती नदी खतरे के निशान से एक सवा मीटर ऊपर बह रही है। जगदलपुर पुराना पुल में खतरे का निशान 8.300 मीटर है, जबकि आज सुबह 10 बजे जलस्तर 9.500 मीटर पहुंच चुका था।&amp;nbsp;भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने महापौर संजय पांडे, बस्तर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों से फोन से चर्चा कर बाढग़्रस्त इलाकों एवं शहर के जल भराव वाले क्षेत्रों के हालात के संबंध में जानकारी लेकर प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।जनहित में जारी सूचना के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 30 जगदलपुर और केशलूर के बीच बाधित है। मेडिकल कॉलेज मार्ग इस समय बंद है। लगातार हो रही बारिश से जगदलपुर के लालबाग क्षेत्र पानी में डूब चुका है, इसके चलते पूरा आवागमन बंद हो गया है और लोगों के घरों में पानी घुस गया है। बस्तर जिले के कलेक्टर ने 25 सितंबर को छुट्टी का आदेश दिया है। सभी सरकारी, प्राइवेट और अनुदान वाले स्कूल बंद रहेंगे। आज होने वाले सभी पेपर अब 28 सितंबर को उसी टाइम पर होंगे। जगदलपुर के गंगा मुंडा इलाके के साथ ही कई निचली बस्तियों में नालियां जाम हो गई हैं। बारिश का पानी सड़कों पर भर गया है। धरमपुरा इलाके में भी जलभराव की स्थिति है।नारायणपाल में सड़कें पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं, आवागमन बंद हो गया है और खेत-खलिहान जलमग्न हो गए हैं। ग्राम पंचायत आडावाल के आश्रित ग्राम नारायणपाल में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है। जिस गति से जलस्तर बढ़ रहा है, अगर यही स्थिति रही तो आज शाम तक पूरा नारायणपाल गांव डूबने की संभावना है। गांव वाले दहशत में हैं और समझ नहीं पा रहे हैं कि अब क्या करें। बस्तर संभाग में बारिश और बाढ़ से स्थिति बिगड़ी हुई है। बारिश और खराब मौसम के कारण जगदलपुर से हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट भी रद्द कर दी गई है। खराब मौसम में फ्लाइट के लैंडिंग और टेकऑफ में दिक्कत की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।</description ></item><item><title>संस्कृति विभाग ने राज्य सम्मान 2026 के लिए आमंत्रित की प्रविष्टियां, 5 अक्टूबर तक पंजीकृत डाक से भेज सकेंगे आवेदन</title><link>https://cnin.co.in/संस्कृति-विभाग-ने-राज्य-सम्मान-2026-के-लिए/84213</link><description>00 साहित्य, लोककला, संगीत, नृत्य, सिनेमा और रंगकर्म सहित 13 क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रतिभाओं को मिलेगा सम्मानरायपुर। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न कला, साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को प्रदान किए जाने वाले राज्य सम्मान 2026 के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। विभाग द्वारा स्थापित 12 राज्य स्तरीय सम्मान एवं 1 राष्ट्रीय सम्मान के लिए निर्धारित प्रारूप में 5 अक्टूबर 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयनित प्रतिभाओं को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव 2026 के राज्य अलंकरण समारोह में सम्मानित किया जाएगा।राज्य सम्मान के लिए इच्छुक पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रारूप में अपनी प्रविष्टियां प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन में आवेदक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि एवं आयु के साथ प्रस्तावक का विवरण तथा आवेदक की उपलब्धियों का संक्षिप्त ब्यौरा देना होगा। आवेदक द्वारा पूर्व में प्राप्त सम्मान एवं पुरस्कारों की जानकारी भी निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करनी होगी। इसमें अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, प्रदेश एवं जिला स्तर पर प्राप्त सम्मान एवं पुरस्कारों का विवरण शामिल किया जाना है। शासकीय सेवा में कार्यरत आवेदकों को सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति पत्र संलग्न करने का प्रावधान भी रखा गया है। सम्मान की नियमावली एवं आवेदन का निर्धारित प्रारूप विभागीय वेबसाइट https://cgculture.in/ पर उपलब्ध है।13 प्रमुख क्षेत्रों में मिलेगा सम्मानसंस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 के लिए विभिन्न विधाओं और क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित किया जाएगा। पं. सुन्दरलाल शर्मा सम्मान हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में, दाऊ मंदराजी सम्मान लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में तथा चक्रधर सम्मान शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में प्रदान किया जाएगा। देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार लोक नृत्य के क्षेत्र में तथा लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार आंचलिक साहित्य एवं लोक कविता के क्षेत्र में दिया जाएगा। हबीब तनवीर सम्मान समकालीन रंगकर्म के लिए प्रदान किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं अन्य भाषाओं के नाटक शामिल हैं। इसी क्रम में देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार पंथी नृत्य के क्षेत्र में, लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान छत्तीसगढ़ी लोकगीत के क्षेत्र में और खुमान साव सम्मान छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के क्षेत्र में प्रदान किया जाएगा।सिनेमा के क्षेत्र में भी प्रतिभाओं को सम्मानकिशोर साहू सम्मान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय एवं पटकथा निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा। वहीं किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के क्षेत्र में प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान देश के बाहर रहकर सामाजिक कल्याण, मानव संसाधन विकास, कला, साहित्य अथवा आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अप्रवासी भारतीयों को प्रदान किया जाएगा। डॉ. तीजन बाई राज्य सम्मान पंडवानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किया जाएगा।दीर्घ साधना और उपलब्धियों के आधार पर होगा चयनसंबंधित क्षेत्रों में उपलब्धि, योगदान एवं दीर्घ साधना को ध्यान में रखते हुए पात्र प्रतिभाओं का चयन किया जाएगा। चयनित प्रतिभाओं को राज्योत्सव 2026 के राज्य अलंकरण समारोह में राज्य सम्मान से विभूषित किया जाएगा। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, साहित्य, संगीत, नृत्य, रंगमंच एवं सिनेमा के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने की यह पहल राज्य की कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।5 अक्टूबर तक पंजीकृत डाक से भेजें आवेदनसंस्कृति विभाग ने संबंधित क्षेत्र के पात्र कलाकारों, साहित्यकारों, सांस्कृतिक कर्मियों एवं अन्य प्रतिभाओं से निर्धारित प्रारूप में अपनी प्रविष्टियां 5 अक्टूबर 2026 तक पंजीकृत डाक से भेजने का आग्रह किया है।आवेदन इस पते पर भेजे जा सकते हैं: संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा द्वितीय तल, व्यावसायिक परिसर, सेक्टर-27, नवा रायपुर अटल नगर, छत्तीसगढ़। आवेदन निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों एवं उपलब्धियों के विवरण के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर भेजना होगा। सम्मान से संबंधित विस्तृत जानकारी, नियमावली एवं आवेदन का निर्धारित प्रारूप संस्कृति विभाग की वेबसाइट https://cgculture.in/ पर उपलब्ध है।</description ></item><item><title>पेंशन प्रकरण में लापरवाही पर मुंगेली के शिक्षा विभाग के छह अधिकारी-कर्मचारी निलंबित</title><link>https://cnin.co.in/पेंशन-प्रकरण-में-लापरवाही-पर-मुंगेली-के/84212</link><description>00 दिवंगत शिक्षक के वेतन निर्धारण का समय पर अनुमोदन नहीं कराने और लंबित पेंशन के संबंध में गलत जानकारी भेजने का मामलारायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय ने मुंगेली जिले में दिवंगत शिक्षक के पेंशन प्रकरण से जुड़े कार्यों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर छह अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी ने आदेश जारी किया है।आदेशानुसार, शासकीय हाईस्कूल लाखासार में पदस्थ सहायक शिक्षक विज्ञान अंजनी त्रिपाठी का 25 सितंबर 2022 को सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पेंशन और मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान के प्रकरण की प्रक्रिया में यह पाया गया कि वर्ष 2018 में सहायक शिक्षक एल बी संवर्ग संविलियन के बाद किए गए वेतन निर्धारण की सक्षम प्राधिकारी से समय पर जांच और अनुमोदन नहीं कराया गया। विलंब से अनुमोदन के कारण अधिक भुगतान की वसूली की स्थिति बनी।साथ ही लंबित पेंशन के संबंध में संचालनालय लोक शिक्षण को गलत जानकारी भेजे जाने का भी उल्लेख है।इस मामले में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य राघवेन्द्र कुमार सोनी, प्रभारी प्राचार्य रघुनंदन सिंह राजपूत, सहायक ग्रेड-3 मोतीराम यादव, सहायक ग्रेड-2 त्रिवेणी ध्रुव, सहायक ग्रेड-3 अशोक ध्रुव तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पेंशन कक्ष प्रभारी एवं कनिष्ठ लेखा परीक्षक शत्रुघन कुलमित्र को निलंबित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में नियम विरुद्ध कार्य, गंभीर लापरवाही और शासकीय कार्य में विलंब पाया गया। निलंबन अवधि में सभी का मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर का कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।</description ></item><item><title>गंगरेल बांध के खोले गए 10 गेट</title><link>https://cnin.co.in/गंगरेल-बांध-के-खोले-गए-10-गेट/84211</link><description>धमतरी। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगरेल बांध में पानी की आवक बढ़ जाने के कारण गंगरेल बांध के 10 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी और आसपास के नदी-नालों में जलस्तर बढऩे की संभावना है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश के चलते गंगरेल बांध के कैचमेंट एरिया से बड़ी मात्रा में पानी पहुंच रहा है। जलाशय में पानी का स्तर बढऩे के बाद जल संसाधन विभाग ने अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की है। गेट खोले जाने के साथ ही बांध से पानी का बहाव तेज हो गया है। भारी जल आवक के चलते गंगरेल बांध से महानदी में करीब 1 लाख 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि सोढऱ बांध से 42570 क्यूसेक पानी और सिकासार जलाशय गेल खोलकर पैरी नदी में छोड़ा गया है। जलाशयों के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।गंगरेल जलाशय का जलभराव 99.01 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जलस्तर के प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगरेल के गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार 1 लाख 22 हजार क्यूसेक पानी महानदी नदी में छोड़ा जा रहा है। इसी प्रकार मुरुमसिल्ली जलाशय से 7558 क्यूसेक और दुधावा जलाशय से 16762 क्यूसेक पानी गंगरेल की ओर छोड़ा जा रहा है। सोदूर जलाशय भी लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच 89.42 प्रतिशत भर चुका है। यहां से 42,570 क्यूसेक पानी पैरी/महानदी नदी की ओर छोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों और आम नागरिकों से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा अनावश्यक रूप से नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की है।</description ></item><item><title>सेवा संकल्प अभियान में गूंजा स्वच्छता का संकल्प, महाराजबंध तालाब में हुआ श्रमदान</title><link>https://cnin.co.in/सेवा-संकल्प-अभियान-में-गूंजा-स्वच्छता-का/84210</link><description>00 उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दिलाई स्वच्छता की शपथरायपुर। स्वच्छता ही सेवा 2026 एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत आज रायपुर के मठपारा स्थित महाराजबंध तालाब में श्रमदान एवं सफाई अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, नगर निगम की टीम, ग्रीन आर्मी, स्वयंसेवी एवं सामाजिक संगठनों तथा बड़ी संख्या में जागरूक नागरिकों ने सहभागिता निभाई और तालाब को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, महंत रामसुंदर दास, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, सूडा के सीईओ सुमित अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने महाराजबंध तालाब परिसर में श्रमदान करते हुए कचरे एवं गंदगी की सफाई की। इस अवसर पर नागरिकों को तालाब एवं जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से तालाब में कचरा नहीं डालने तथा सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपस्थित जनसमुदाय को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन की आदत बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में स्वच्छता के क्षेत्र में योगदान देने वाले पांच सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में रमेश सोना, अवधेश सोनी, घना कुर्रे, अमित धीवर एवं राहुल राजपूत शामिल रहे। अतिथियों ने सफाई मित्रों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शहर को स्वच्छ रखने में स्वच्छता कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री सुनील सोनी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने सेवा, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ स्वच्छता अभियानों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा पौधरोपण भी किया गया। स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए उपस्थित लोगों ने शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने का संकल्प लिया। सेवा मेरा योगदान की भावना के साथ आयोजित इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, नगर निगम, ग्रीन आर्मी, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी देखने को मिली। महाराजबंध तालाब परिसर में हुए इस श्रमदान ने स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का प्रभावी संदेश दिया।</description ></item><item><title>प्रदेश में 100.1 प्रतिशत सामान्य वर्षा दर्ज, बस्तर, नारायणपुर और बलरामपुर में झमाझम बरसे बादल</title><link>https://cnin.co.in/प्रदेश-में-100.1-प्रतिशत-सामान्य-वर्षा-दर्ज,/84209</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की बारिश ने राज्य स्तर पर सामान्य आंकड़े को छू लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 25 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार प्रदेश में अब तक 100.1 प्रतिशत यानी शत- प्रतिशत सामान्य वर्षा दर्ज की जा चुकी है। 1 जून से 25 सितंबर की अवधि में राज्य में औसतन 1082.4 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि बीते 10 वर्षों के आधार पर इस अवधि की संभावित औसत वर्षा 1081.5 मि.मी. मानी जाती है। बीते 24 घंटों में ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में औसतन 52.8 मि.मी. पानी बरसा है।&amp;nbsp;क्षेत्रवार स्थिति पर नजर डालें तो इस बार सरगुजा, रायपुर और बस्तर संभाग के कई जिलों में बादलों ने जमकर मेहरबानी दिखाई है। बलरामपुर जिला 169.4 प्रतिशत बारिश के साथ प्रदेश में प्रतिशत के हिसाब से सबसे आगे बना हुआ है, जहाँ अब तक 1527.7 मि.मी. पानी गिर चुका है। वहीं कुल वर्षा की मात्रा के मामले में नारायणपुर जिला शीर्ष पर है, जहाँ अब तक रिकॉर्ड 1600.4 मि.मी. बारिश दर्ज हो चुकी है। बस्तर जिले में एक ही दिन में सर्वाधिक 188.2 मि.मी. और कोंडागांव में 161.8 मि.मी. बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद नारायणपुर में 151.9 मि.मी. तथा गरियाबंद में 110.3 मि.मी. बारिश हुई।&amp;nbsp;मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में भी बारिश की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। रायपुर जिले में अब तक 1180.2 मि.मी. (129.5 प्रतिशत), गरियाबंद में 1357.7 मि.मी. (126.5 प्रतिशत), धमतरी में 1201.7 मि.मी. (113.4 प्रतिशत), महासमुंद में 1204.2 मि.मी. (121.7 प्रतिशत), और बालोद में 1192.1 मि.मी. (115.0 प्रतिशत) बारिश के साथ सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।इसी तरह बिलासपुर संभाग के मुंगेली में 1026.5 मि.मी. (108.8 प्रतिशत), सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1161.3 मि.मी. (134.1 प्रतिशत), तथा सूरजपुर में 1173.6 मि.मी. (111.2 प्रतिशत) वर्षा दर्ज की जा चुकी है।&amp;nbsp;राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से पीछे चल रहा है। सरगुजा जिले में अब तक 606.6 मि.मी. (75.5 प्रतिशत), जशपुर में 828.7 मि.मी. (79.7 प्रतिशत), कबीरधाम में 672.0 मि.मी. (82.2 प्रतिशत), बेमेतरा में 597.1 मि.मी. (74.5 प्रतिशत), और कांकेर में 1110.7 मि.मी. (75.9 प्रतिशत) बारिश दर्ज की गई है, जो औसत के मुकाबले कम की श्रेणी में आता है। इसी प्रकार मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (74.7 प्रतिशत) तथा बीजापुर (78.7 प्रतिशत) में भी प्रतिशत के लिहाज से औसत से कम बारिश दर्ज हुई है। इसके बावजूद बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य के काफी करीब बना हुआ है।&amp;nbsp;राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश भर की नदियों के जलस्तर और बारिश के आंकड़ों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिन जिलों में हाल ही में भारी वर्षा हुई है, वहाँ निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।</description ></item><item><title>एसआई-एएसआई समेत 24 पुलिस कर्मियों का हुआ तबादला</title><link>https://cnin.co.in/एसआई-एएसआई-समेत-24-पुलिस-कर्मियों-का-हुआ/84208</link><description>अंबिकापुर। पुलिसिंग में कसावट लाने के लिए डीआईजी राजेश अग्रवाल ने जिले में पदस्थ 24 सब-इंस्पेक्टर, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, प्रधान आरक्षक और आरक्षकों का स्थानांतरण कर उन्हें नवीन पदस्थापना स्थल पर पदस्थ किया है। किसी को लाइन से थाने में भेजा गया तो किसी को थाने-चौकियों से लाइन अटैच किया गया।&amp;nbsp;इस फेरबदल में एसआई रश्मि सिंह को रक्षित केंद्र अंबिकापुर से प्रभारी सीसीटीएनएस शाखा की जिम्मेदारी दी गई है। एएसआई अदीप प्रताप सिंह को थाना अंबिकापुर से थाना गांधीनगर, आलोक सोनी को लखनपुर से अंबिकापुर, ललन प्रसाद गुप्ता को गांधीनगर से कमलेश्वरपुर, बैजनाथ को कमलेश्वरपुर से लखनपुर तथा गोमती प्रसाद को अजाक थाना से रक्षित केंद्र अंबिकापुर भेजा गया है। इसके अलावा यातायात शाखा में तैनात प्रधान आरक्षक विमल कुमार सिंह को चौकी केदमा भेजा गया है जबकि चौकी केदमा के प्रधान आरक्षक नामूल राम को रक्षित केंद्र स्थानांतरित किया गया है। प्रधान आरक्षक अजय पाण्डेय को थाना लखनपुर से थाना गांधीनगर, अमित प्रताप सिंह को थाना गांधीनगर से थाना लखनपुर, जगदीप सिंह को रक्षित केंद्र अंबिकापुर से साइबर सेल अंबिकापुर में स्थानांतरण किया गया है।तबादले के क्रम में आरक्षक अतुल शर्मा को थाना सीतापुर से थाना गांधीनगर, दिलीप मिंज को रक्षित केंद्र अंबिकापुर से थाना सीतापुर, अभिषेक नायर को रक्षित केंद्र अंबिकापुर से थाना लुंड्रा, सतीश चौहान को थाना लुंड्रा से रक्षित केंद्र अंबिकापुर, प्रदीप तिर्की को थाना लुंड्रा से रक्षित केंद्र अंबिकापुर, अशोक भगत को चौकी रघुनाथपुर से रक्षित केंद्र अंबिकापुर, सुनील कनौजिया को थाना मणिपुर से यातायात शाखा अंबिकापुर में स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा दिनय सिंह आयाम को महिला थाना अंबिकापुर से यातायात शाखा अंबिकापुर, अंकित चौहान को यातायात शाखा अंबिकापुर से रक्षित केंद्र अंबिकापुर, लालजीत निकुंज को यातायात शाखा अंबिकापुर से रक्षित केंद्र अंबिकापुर, संत कुमार पैकरा को यातायात शाखा अंबिकापुर से रक्षित केंद्र अंबिकापुर, संजीत मिर्रे को यातायात शाखा अंबिकापुर से रक्षित केंद्र अंबिकापुर स्थानांतरित किया गया है।</description ></item><item><title>मंत्रिपरिषद की बैठक 30 सितम्बर को</title><link>https://cnin.co.in/मंत्रिपरिषद-की-बैठक-30-सितम्बर-को/84207</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 30 सितम्बर 2026 बुधवार को पूर्वान्ह 11.30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी।</description ></item><item><title>सुधाकर कोंडापुरकर का निधन</title><link>https://cnin.co.in/सुधाकर-कोंडापुरकर-का-निधन/84206</link><description>रायपुर। चौबे कॉलोनी निवासी सुधाकर कोंडापुरकर का गुरुवार को सुबह 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे सुमति कोंडापुरकर के पति, डॉ. उल्हास कोंडापुरकर व डॉ. शुभांगी महाशब्दे के पिता थे। वे सेंट्रल बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी, महाराष्ट्र मंडल के पूर्व अध्यक्ष, सेवा भारती के प्रकल्प मातृछाया के संस्थापक, व्यावसायिक बैंक के डायरेक्टर, होम्योपैथिक कॉलेज के उपाध्यक्ष और आरआरएस के वरिष्ठ स्वयंसेवक थे। शुक्रवार को सुबह उनके अंतिम दर्शन के तत्पश्चात रिम्स में उनके पार्थिव देह का दान किया गया।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन, वित्त मंत्री चौधरी ने दी बधाई</title><link>https://cnin.co.in/10-मीटर-एयर-पिस्टल-मिक्स्ड-टीम-स्पर्धा-में/84205</link><description>00 भारत का स्वर्णिम निशाना, कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह ने एशियन गेम्स में जीता गोल्डरायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एशियन गेम्स 2026 में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।चौधरी ने कहा कि भारतीय निशानेबाजों की यह स्वर्णिम उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह ने अपने शानदार प्रदर्शन, एकाग्रता और सटीक निशाने से अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर तिरंगे का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाडिय़ों की यह उपलब्धि देश के युवा खिलाडिय़ों को बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। वित्त मंत्री ने दोनों खिलाडिय़ों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी प्रतियोगिताओं में भी इसी तरह देश का गौरव बढ़ाने के लिए शुभकामनाएं दीं।</description ></item><item><title>अनंत चतुर्दशी पर वित्त मंत्री चौधरी ने प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं</title><link>https://cnin.co.in/अनंत-चतुर्दशी-पर-वित्त-मंत्री-चौधरी-ने/84204</link><description>00 भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आए- मंत्री श्री चौधरीरायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भगवान श्रीहरि विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि अनंत चतुर्दशी का पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना की जाती है। यह पावन पर्व हमें सत्य, धर्म और सद्कर्म के मार्ग पर चलते हुए जीवन में सकारात्मकता और सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि अनंत चतुर्दशी के दिन गणेशोत्सव का भी समापन होता है और श्रद्धालु विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को भावपूर्ण विदाई देते हैं। गणपति विसर्जन का यह अवसर श्रद्धा और उल्लास के साथ आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश देता है। वित्त मंत्री चौधरी ने प्रार्थना की कि भगवान श्रीहरि विष्णु और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की कृपा से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहे तथा प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे।</description ></item><item><title>जशपुर में योग से स्वस्थ जीवन का संदेश, सभी विकासखंडों और नगरीय निकायों में लगे योग-ध्यान शिविर</title><link>https://cnin.co.in/जशपुर-में-योग-से-स्वस्थ-जीवन-का-संदेश,-सभी/84203</link><description>00 सेवा संकल्प अभियान के तहत योगासन, प्राणायाम और ध्यान का कराया गया अभ्यासजशपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा मेरा योगदान पहल के तहत जशपुर जिले में आयुष विभाग द्वारा जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखंडों एवं नगरीय निकायों में योग एवं ध्यान शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों के माध्यम से नागरिकों को योग एवं ध्यान से जोड़ते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। आयोजित शिविरों में योग विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की गतिविधियों का अभ्यास कराया। साथ ही नियमित योगाभ्यास से होने वाले स्वास्थ्य लाभों की जानकारी देते हुए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।योग एवं ध्यान शिविरों में प्रतिभागियों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। योग विशेषज्ञों ने नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। जिला मुख्यालय के साथ सभी विकासखंडों एवं नगरीय निकायों में आयोजित शिविरों में अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी एवं आम नागरिकों ने सहभागिता की। सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया गया।सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित योग एवं ध्यान शिविरों के माध्यम से नागरिकों को स्वयं योग अपनाने के साथ अपने परिवार और समुदाय को भी स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। सेवा मेरा योगदान पहल के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुंचाकर स्वस्थ समाज के निर्माण में सामूहिक सहभागिता पर जोर दिया गया।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए 28-29 सितम्बर को टीम सलेक्शन ट्रायल</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-हॉकी-लीग-के-लिए-28-29-सितम्बर-को-टीम/84202</link><description>00 समन्वय और तकनीकी सहायता के लिए खेल विभाग ने अधिकारियों को दी जिम्मेदारी00 सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होगा ट्रायल, 6 टीमें बनेंगीरायपुर। रायपुर में होने वाले छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन के टीमों के चयन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीमों के चयन के लिए रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 में 28 सितम्बर और 29 सितम्बर को दो दिवसीय चयन ट्रायल का आयोजन किया जा रहा है। चयन ट्रायल के सुचारू आयोजन, आवश्यक समन्वय एवं तकनीकी सहायता के लिए विभाग ने तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। चयन ट्रायल के लिए आवश्यक तकनीकी एवं आयोजन संबंधी कार्यवाही छत्तीसगढ़ हॉकी संघ द्वारा निर्धारित नियमों एवं मापदंडों के अनुसार की जाएगी।खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने छत्तीसगढ़ हॉकी संघ को परिपत्र जारी कर खिलाडिय़ों के चयन ट्रायल के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है। विभाग ने निर्धारित तिथियों एवं समय पर चयन ट्रायल के आयोजन के साथ ही ट्रायल प्रारंभ होने के पहले चयन पूर्व मानदंडों और चयन प्रक्रिया का लिखित विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। विभाग ने चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निर्धारित मानदंडों के अनुरूप संपादित कर चयनित 6 टीमों की सूची एवं चयन प्रक्रिया से संबंधित प्रतिवेदन खेल संचालनालय को उपलब्ध कराने को कहा है।इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारीखिलाडिय़ों के चयन के लिए होने वाले ट्रायल को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने आवश्यक तकनीकी और आयोजन संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी तीन अधिकारियों को सौंपी है। इनमें खेल अधिकारी श्री दीनू प्रसाद पटेल, रायपुर में हॉकी की वरिष्ठ प्रशिक्षक श्रीमती रश्मि संध्या एक्का और बिलासपुर में वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक श्री राकेश टोप्पो शामिल हैं।21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक होगी छत्तीसगढ़ हॉकी लीग, 6 टीमें उतरेंगीछत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। इन टीमों में खेलने वाले खिलाडिय़ों के चयन के लिए ट्रायल 28-29 सितम्बर को रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 में सवेरे 9 बजे से आयोजित किए जा रहे हैं।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया नमन</title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-साय-ने-पंडित-दीनदयाल-उपाध्याय/84201</link><description>00 अंत्योदय के संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : सायरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एकात्म मानववाद के प्रणेता और प्रखर राष्ट्रचिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने विचारों और सिद्धांतों के माध्यम से राष्ट्र के समग्र विकास की ऐसी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसके केंद्र में समाज का अंतिम व्यक्ति है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उनका अंत्योदय का सिद्धांत गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को अंत्योदय दिवस के रूप में मनाना उनके विचारों के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के संकल्प को अभिव्यक्त करता है। एकात्म मानववाद और अंत्योदय का उनका दर्शन आज भी राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण की दिशा में प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, आदर्श और राष्ट्रसेवा का भाव सदैव देश और समाज को प्रेरित करता रहेगा।</description ></item><item><title>सेवा के रंग से जन-जन तक पहुंचा रहे विकसित भारत का संकल्प : उप मुख्यमंत्री साव</title><link>https://cnin.co.in/सेवा-के-रंग-से-जन-जन-तक-पहुंचा-रहे-विकसित-भारत/84200</link><description>00 सेवा, स्वच्छता और नारी सशक्तिकरण के संदेशों को रंगोली में उकेर रहीं बेटियांलोरमी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी के मानस मंच में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित विकासखंड स्तरीय सेवा का रंग रंगोली का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कलाकारों और विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई आकर्षक रंगोलियों की सराहना की। साव ने छात्राओं से चर्चा कर उनकी बनाई रंगोलियों के विषय, उद्देश्य और संदेश की विस्तार से जानकारी ली। छात्राओं ने उन्हें बताया कि उन्होंने जल संरक्षण, विकसित भारत, नारी सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत जैसे विषयों को रंगोली के माध्यम से प्रस्तुत किया है। उप मुख्यमंत्री ने छात्राओं की रचनात्मकता और उत्साह की प्रशंसा की।उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि रंगोली के माध्यम से सेवा के भाव और विकसित भारत की कल्पना को सुंदर तरीके से अभिव्यक्त किया गया है। कोटा के रंगोली कलाकार श्री रवि पैकरा ने करीब पौने दो क्विंटल सामग्री से विकसित भारत की भव्य रंगोली तैयार की है। यह रंगोली विकसित भारत के संकल्प को आकर्षक रूप में प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में आठ विद्यालयों की बेटियों ने अलग-अलग विषयों पर रंगोलियां बनाईं। जल संरक्षण से लेकर डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत और नारी सशक्तीकरण तक सेवा के विभिन्न रंगों को रंगोली के माध्यम से जीवंत किया गया।साव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य विकसित भारत की कल्पना को जन-जन तक पहुंचाना है। हर व्यक्ति विकसित भारत क्या है और इसके निर्माण में उसकी भूमिका क्या है, इससे जुड़े। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सेवा भाव और जनकल्याण के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।</description ></item><item><title>शासकीय शालाओं में 6,812 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू, तीन परीक्षाओं की तिथियां घोषित</title><link>https://cnin.co.in/शासकीय-शालाओं-में-6,812-शिक्षकीय-पदों-पर-भर्ती/84199</link><description>00 सरकारी स्कूलों में 5,000 नियमित पद और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 1,812 संविदा पद भरे जाएंगेरायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में कुल 6,812 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त जानकारी अनुसार, शासकीय विद्यालयों में 5 हजार नियमित पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से आयोजित की जाएगी।नियमित भर्ती में सहायक शिक्षक के 2,292, सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के 200, शिक्षक के 1,654 और व्याख्याता के 854 पद शामिल हैं। इनमें ई संवर्ग के 2,227 और टी संवर्ग के 2,773 पद हैं।घोषित कार्यक्रम के अनुसार सहायक शिक्षक की लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर 2026, को आयोजित होगी इसी प्रकार शिक्षक की 25 अक्टूबर 2026 को और व्याख्याता की 29 नवंबर 2026 को होगी। सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पदों की परीक्षा तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है। सहायक शिक्षक और शिक्षक पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि व्याख्याता पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी ।स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 1,812 संविदा (शैक्षणिक) पदों पर पहली बार केंद्रीय कृत कंप्यूटर आधारित भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इन पदों की भर्ती अधिसूचना सितंबर माह में जारी की जा रही है और ऑनलाइन आवेदन अक्टूबर माह से शुरू करने की तैयारी है।उल्लेखनीय है कि शासकीय एवं उत्कृष्ट विद्यालयों में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से 6812 पदों की भर्तियाँ की जा रही हैं ।</description ></item><item><title>स्मार्ट सिटी के हर प्रोजेक्ट की बनेगी एसओपी, संचालन से कमाई तक का खाका होगा तैयार</title><link>https://cnin.co.in/स्मार्ट-सिटी-के-हर-प्रोजेक्ट-की-बनेगी-एसओपी,/84198</link><description>00 प्रोजेक्ट्स की दीर्घकालिक उपयोगिता तय होगी, बेहतर इस्तेमाल और राजस्व सृजन पर फोकस00 प्रमुख सचिव बोरा ने पीपीपी मॉडल की संभावनाएं तलाशने के दिए निर्देशरायपुर। बिलासपुर में स्मार्ट सिटी के तहत तैयार परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। हर प्रोजेक्ट के लिए एसओपी तैयार कर उसके बेहतर और दीर्घकालिक उपयोग का खाका तैयार किया जाएगा। नागरिकों के लिए इन परियोजनाओं का इस्तेमाल बढ़ाने के साथ राजस्व सृजन की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। जहां जरूरत होगी, वहां पीपीपी मॉडल पर भी काम किया जाएगा।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज हुई बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 20वीं बैठक में विभिन्न विषयों पर मंथन किया गया। श्री बोरा ने स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं को प्रभावी तरीके से संचालित करने के साथ ही उनके बेहतर उपयोग और दीर्घकालिक स्थायित्व पर जोर दिया। उन्होंने संचालन एवं रखरखाव के लिए स्पष्ट एसओपी तैयार करने और निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजनाओं के बेहतर उपयोग की संभावनाएं तलाशने के साथ राजस्व सृजन पर भी काम करने को कहा। उन्होंने आवश्यकतानुसार पीपीपी मॉडल की संभावनाओं पर भी आगे बढऩे के निर्देश दिए। बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बिलासपुर में चल रहे विकास कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति से लेकर उनके भविष्य में संचालन जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन हुआ। नागरिक सुविधाओं के विस्तार और नगरीय अधोसंरचना को बेहतर बनाने से जुड़े विषय भी बोर्ड के सामने रखे गए। परियोजनाओं के संचालन, रखरखाव और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।प्रमुख विषय श्री बोरा ने परियोजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने मानव संसाधन की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से अधिक लोगों को जोडऩे तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और कार्य अनुभव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। परियोजनाओं में कौन क्या जिम्मेदारी निभाएगा, इसे भी स्पष्ट रखने की बात कही गई।बैठक में एजुकेशन हब में अकादमिक ब्लॉक के निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। उपलब्ध बीएससीएल निधि से प्रस्तावित कार्य को संस्थागत स्थायित्व और बेहतर उपयोग की दृष्टि से आगे बढ़ाने पर विचार किया गया। इनके साथ ही जल संबंधी कार्यों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। मंत्रालय से वर्चुअली आयोजित बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के साथ संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर तथा सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल शामिल हुए। वहीं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक भीम सिंह कंवर, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल, भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि सुजीत कुमार, बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह, बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक प्रकाश कुमार सर्वे और संचालक मंडल के अन्य सदस्य एवं अधिकारी बैठक में ऑनलाइन जुड़े।</description ></item><item><title>सांसों की जंग जीतकर मैदानों में दौड़ी नन्हीं प्रेरणा, एक मासूम धड़कन की चमत्कारी वापसी</title><link>https://cnin.co.in/सांसों-की-जंग-जीतकर-मैदानों-में-दौड़ी-नन्हीं/84197</link><description>रायपुर। बचपन खेल-कूद, तितलियों के पीछे भागने और खिलखिलाने का नाम है, लेकिन बस्तर जिले की ग्राम लेण्ड्रा की मासूम प्रेरणा के लिए चंद कदम चलना भी किसी पहाड़ चढऩे जैसा हो गया था। थोड़ा सा भी हिलने-डुलने पर उखड़ती सांसें और शरीर को जकड़ लेने वाली थकान उसके हंसते-खेलते बचपन को चुपचाप निगल रही थी। माता-पिता की आंखों में बेबसी थी और बच्ची के चेहरे से चंचलता गायब, मगर नियति ने इस नन्हीं जान के लिए एक नई सुबह तय कर रखी थी।&amp;nbsp;प्रेरणा के जीवन में मोड़ तब आया जब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दरभा की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम उसके स्कूल में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंची। डॉक्टरों की अनुभवी नजरों ने प्रेरणा की थकी सांसों के पीछे छिपे खतरे को पल भर में भांप लिया। जांच में दिल की बीमारी के लक्षण दिखे, तो बिना एक पल गंवाए टीम उसे एमपीएम अस्पताल ले गई। वहां एसएमसी अस्पताल रायपुर के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. एसएस मोहंती ने इको टेस्ट किया और पुष्टि की कि प्रेरणा के नन्हें दिल को बचाने के लिए तुरंत ओपन सर्जरी की जरूरत है। यह खबर परिवार के पैरों तले जमीन खिसकाने वाली थी, लेकिन यहीं से डॉक्टरों और प्रशासन की फरिश्ता बनी टीम ने कमान संभाली।&amp;nbsp;प्रेरणा के माता-पिता की सहमति के बाद खण्ड चिकित्सा अधिकारी दरभा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के मार्गदर्शन में उसे रायपुर के एसएमसी अस्पताल ले जाया गया। ऑपरेशन थिएटर का दरवाजा बंद हुआ और शुरू हुई सांसों की सबसे बड़ी जंग। डॉ. मोहंती और उनकी सर्जिकल टीम के हुनर व तत्परता से वह जटिल सर्जरी पूरी तरह सफल रही और प्रेरणा के दिल की धड़कनों ने एक नया जीवन राग छेड़ दिया। आज प्रेरणा को देखकर कोई कह ही नहीं सकता कि यह वही बच्ची है जो कभी चार कदम चलने में हांफ उठती थी। अब न तो उसकी सांसें फूलती हैं और न ही चेहरे पर थकान का साया नजर आता है। वह अपने बस्ते के साथ खिलखिलाते हुए स्कूल जा रही है और खेल के मैदानों में हवा से बातें कर रही है। अपनी बेटी को दोबारा जिंदगी की दौड़ में सबसे आगे देख भावुक माता-पिता बार-बार स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों का आभार जताते नहीं थक रहे। सही वक्त पर सही फैसले ने साबित कर दिया कि जब उम्मीद और संवेदना एक साथ खड़े हों, तो धड़कनें कभी हार नहीं मानतीं।</description ></item><item><title>एशियन गेम्स ..सुरुचि-कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल में जीता गोल्ड, शूटिंग में अब तक 10 मेडल जीते</title><link>https://cnin.co.in/एशियन-गेम्स-..सुरुचि-कमलजीत-ने-10-मीटर-एयर/84196</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;भारत ने एशियन गेम्स 2026 में दूसरा गोल्ड मेडल जीत लिया है। जापान के नागोया में शुक्रवार को सुरुचि और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर पिस्टल शूटिंग के मिक्स्ड इवेंट में 484.6 के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया।यह शूटिंग में इस एशियन गेम्स का पहला गोल्ड मेडल है। भारतीय निशानेबाजों अब तक 10 मेडल दिला चुके हैं। इनमें 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज भी शामिल हैं। इससे पहले महिला क्रिकेट टीम ने गेम्स का पहला गोल्ड मेडल जीता था।इसके अलावा, भारतीय टीम 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम इवेंट में 1762 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। इसमें चीन (1766 अंक) को गोल्ड और साउथ कोरिया (1751 अंक) को ब्रॉन्ज मिला।।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>स्टेटकॉन 2026 में 2047 के विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का शंखनाद</title><link>https://cnin.co.in/स्टेटकॉन-2026-में-2047-के-विकसित-भारत-के-लिए-विकसित/84195</link><description>00 नए विकास मॉडल और भविष्य की नीतियों पर हुआ महामंथनरायपुर। छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट सेक्टर को एक नई, आधुनिक और सुव्यवस्थित दिशा देने के उद्देश्य से रायपुर के मेफेयर लेक रिसॉर्ट में क्रेडाई छत्तीसगढ़ द्वारा 'स्टेटकॉन 2026' का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस राज्य स्तरीय महासम्मेलन की मुख्य थीम &quot;बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़ - टुगेदर टुवर्ड्स 2047&quot; रखी गई थी। इस कार्यक्रम में शासन, प्रशासन, रियल एस्टेट डेवलपर्स और उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व ने एक साझा मंच पर आकर राज्य के समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया।&amp;nbsp;प्रशासनिक संवाद एवं पूर्ण समर्थनसम्मेलन के पहले सत्र 'रिफॉर्म्स टू रियलिटी: शेपिंग सीजीज़ ग्रोथ' में राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनमें आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, छत्तीसगढ़ शासन की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा और सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक श्री रमेश शर्मा शामिल रहे। इस सत्र का संचालन क्रेडाई नेशनल के ईसी मेंबर श्री आनंद सिंघानिया और क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री पंकज लाहोटी ने किया। इस परिचर्चा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने क्रेडाई सदस्यों को राज्य के विकास के मद्देनज़र विभिन्न योजनाओं और रोडमैप पर संवाद (डायलॉग) के लिए आमंत्रित किया। । उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन 'विकसित छत्तीसगढ़' के निर्माण में क्रेडाई के साथ मिल कर काम करेगा और इस दिशा में पूरा मार्गदर्शन देगा, ताकि सुनियोजित रूप से शासन, प्रशासन और रियल एस्टेट डेवेलपर्स की विकास में सहभागिता सुनिश्चित हो सके।</description ></item><item><title>श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में झूम उठा पंडाल..चारों ओर गूंजा बधाई हो बधाई ...</title><link>https://cnin.co.in/श्रीकृष्ण-जन्मोत्सव-में-झूम-उठा-पंडाल..चारों/84194</link><description>श्रीमद्भागवत कथा में आज श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग के बीच मंडी ग्राउंड में भक्ति और आस्था का सैलाब इस तरह झूम रहा था कि चारों तरफ केवल एक ही गूंज सुनाई पड़ रहा था ..बृज की गली-गली में मचा है शोर,आयो है माखन चोर,जनम लियो हैं कृष्ण कन्हाई। जनम लियो है यशोदा के लाला। बधाई हो बधाई।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>असंतुष्ट व्यक्ति भगवान का भक्त हो ही नहीं सकता- इन्द्रेश महाराज</title><link>https://cnin.co.in/असंतुष्ट-व्यक्ति-भगवान-का-भक्त-हो-ही-नहीं/84193</link><description>असंतुष्ट व्यक्ति भगवान का भक्त हो ही नहीं सकता - इन्द्रेश महाराज0- मुक्ति के लिए तो एक क्षण बहुत है, इसलिए भगवान से मांगो तो भक्ति0- इन्द्रेश की कथा में आज भी बरसी इन्द्रदेव की कृपा, भक्तों की भीड़ उमड़ीरायपुर। भागवताचार्य इन्द्रेश जी महाराज ने मुक्ति और भक्ति में अंतर बताते हुए कहा कि जो मृत्यु के लिए भगवान का दर्शन मांगते हैं वह मुक्ति हैं और जो जीते जी भगवान का दर्शन मांगते हैं वह है भक्ति। मुक्ति के लिए तो एक क्षण भी बहुत हैं लेकिन जीवन में जितने भी दिन हों भगवान की भक्ति में लगायें। इसके लिए स्वंय भगवान ने कहा है कि रोज ठाकुर जी का चरणामृत पीने वाला, रोज माथे पर तिलक लगाकर 365 दिन पूजा पाठ प्रभु नाम का जाप करने वाला यदि अपने मृत्यु के समय उनका स्मरण करना भूल भी जाते हैं तो वे स्वंय उनकी स्मृति में आ जाते हैं। यदि आपका मृत्यु सफल नहीं हुआ तो जीवन भर कमाए धन यश वैभव का कोई मतलब नहीं। मृत्यु के बाद यदि ठाकुर जी के दर्शन मिले तो क्या इसलिए प्राण निकल रहे हों तब ही नहीं जीवन भर अंतिम श्वांस तक केवल उन्हे ही पुकारते रहो।</description ></item><item><title>वीबी जीरामजी अंतर्गत जियो-टैगिंग में छत्तीसगढ़ का उत्कृष्ट प्रदर्शन, भूग्राम योजना में 99.34 प्रतिशत परिसंपत्तियां डिजिटल मैप पर दर्ज</title><link>https://cnin.co.in/वीबी-जीरामजी-अंतर्गत-जियो-टैगिंग-में/84192</link><description>00 दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद राष्ट्रीय औसत को पछाड़कर राज्य ने बनाई बढ़त, 11.82 लाख से अधिक परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग पूर्णरायपुर। विकसित भारत जीरामजी योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिसंपत्तियों की पारदर्शी निगरानी और डिजिटलीकरण के लिए संचालित भूग्राम अभियान में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सुदूर वनांचल अंचलों की भौगोलिक विषमताओं और सीमित नेटवर्क कनेक्टिविटी की चुनौतियों के बावजूद राज्य ने अपनी 99.34 प्रतिशत परिसंपत्तियों का जियो-टैगिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी 24 सितंबर 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में निर्मित कुल 11,90,327 परिसंपत्तियों में से रिकॉर्ड 11,82,480 परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग पूर्ण की जा चुकी है।राष्ट्रीय औसत से काफी आगे निकला राज्यजियो-टैगिंग के मामले में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर रहा है। देश भर में सृजित कुल 3,23,91,318 परिसंपत्तियों में से 3,01,49,345 का जियो-टैग पूरा हुआ है, जिसका राष्ट्रीय औसत 93.08 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ ने 99.34 प्रतिशत का आंकड़ा हासिल कर देश के शीर्ष राज्यों में अपना स्थान मजबूत किया है।&amp;nbsp;चुनौतियों को पछाड़कर हासिल किया लक्ष्यविशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ वनांचल, पहाड़ी क्षेत्रों तथा खराब नेटवर्क वाले इलाकों में जियो-टैगिंग का कार्य बेहद जटिल था। इसके बावजूद मैदानी कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और तकनीकी अमले के समन्वय से यह सफलता संभव हुई है। भूग्राम के तहत जीआईएस मैपिंग होने से ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता और रियल-टाइम मॉनिटरिंग को बल मिल रहा है।</description ></item><item><title>युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : साय</title><link>https://cnin.co.in/युवा-शक्ति-विकसित-भारत-और-विकसित-छत्तीसगढ़/84191</link><description>00 मुख्यमंत्री एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को दिया जाएगा एआई प्रशिक्षण, मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान00 मुख्यमंत्री ने कहा - सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के संस्कार देकर जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रही राष्ट्रीय सेवा योजना00 राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री&amp;nbsp;रायपुर। युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार की क्षमता और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस पर सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना आज देश के लाखों युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोडऩे वाला व्यापक अभियान बन चुकी है। एनएसएस से जुडऩे वाला युवा केवल गतिविधियों में भाग नहीं लेता, बल्कि समाज और अपने आसपास की परिस्थितियों को अधिक संवेदनशीलता से समझना सीखता है। लोगों की समस्याओं को समझना, जिम्मेदारी लेना, टीम के साथ कार्य करना और समाधान के लिए स्वयं आगे आना - ये ऐसे संस्कार हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा के किसी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए। कई बार एक युवा द्वारा किया गया छोटा-सा प्रयास भी पूरे समाज को प्रेरित कर सकता है। किसी गांव में स्वच्छता के लिए पहल करना, जरूरतमंद के लिए रक्तदान करना, पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना अथवा किसी व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना - ऐसे प्रयास समाज में बड़े परिवर्तन की नींव बनते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से मेरा युवा भारत जैसा व्यापक मंच तैयार किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नेतृत्व, कौशल विकास और अनुभव आधारित सीख के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं अपने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक रहे हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि एनएसएस से मिले सेवा और नेतृत्व के संस्कार जीवन में कितनी दूर तक साथ चलते हैं।सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं युवामुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में चल रहे सेवा संकल्प अभियान में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि एनएसएस और सेवा संकल्प अभियान की मूल भावना एक ही है - सेवा के लिए स्वयं आगे आना और समाज को भी सेवा कार्यों से जोडऩा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनके जन्मदिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। एनएसएस के युवा स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ गांवों, बस्तियों और शहरों में भी लोगों को इन अभियानों से जोडऩे का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में समाज को प्रेरित करने की अपार क्षमता है। जब युवा किसी अच्छे उद्देश्य के लिए आगे आते हैं तो उनके साथ परिवार, समाज और समुदाय भी जुड़ता है। इसलिए एनएसएस स्वयंसेवकों की एक छोटी पहल भी व्यापक और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है।युवाओं का भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकतामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सामर्थ्य यहां के युवा हैं। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसरों का लगातार विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में भर्ती परीक्षाओं के प्रति भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता रही है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर योग्य युवाओं को आगे बढऩे का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में लगभग 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। बिजली कंपनियों में भी 1 हजार 235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, जिससे इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा सहित अलग-अलग योग्यताओं वाले युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 430 लैब अटेंडेंट को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है और वर्षाकाल के बाद रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।नई औद्योगिक नीति से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वारमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में निवेश के साथ-साथ रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि विगत डेढ़ वर्षों में प्रदेश को 8 लाख 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और अनेक परियोजनाओं में धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि उद्योग नीति तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि प्रदेश में आने वाले निवेश का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिले। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। एक हजार स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। इससे आने वाले वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को मिल रहा बेहतर वातावरणमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढऩे के लिए आवश्यक संसाधन और वातावरण उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण, पुस्तकें और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।नौकरी मांगने वाले ही नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बदलते समय में रोजगार को लेकर हमारी सोच भी व्यापक होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के युवा केवल नौकरी पाने वाले न रहें, बल्कि अपने नवाचार, प्रतिभा और उद्यमशीलता के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने वाले भी बनें। राज्य सरकार इसके लिए स्टार्टअप और उद्यमिता का अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता, कौशल और नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा अपने विचारों को उद्यम में बदलें और छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं।एआई सहित भविष्य की तकनीकों में आगे बढ़ेंगे छत्तीसगढ़ के युवामुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों की ओर बढ़ रही है। आने वाले समय में शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में इन तकनीकों की भूमिका बढ़ेगी। इसलिए छत्तीसगढ़ के युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत प्रदेश के छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीक की समझ के साथ भविष्य के रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।खिलाडिय़ों की प्रतिभा को भी मिल रहा सम्मानमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के साथ खेल के क्षेत्र में भी प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाडिय़ों के लिए शासकीय नौकरी का रास्ता साफ किया गया है। सरकार चाहती है कि मैदान में कड़ी मेहनत कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाडिय़ों को उनके प्रदर्शन के अनुरूप सम्मान और आगे बढऩे के पर्याप्त अवसर मिलें।विकसित भारत की यात्रा में युवा निभाएंगे निर्णायक भूमिकामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। विकसित भारत का यह लक्ष्य केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवाओं का साझा संकल्प है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ के युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, परिश्रम, नवाचार और सेवा भावना इस यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति है। आज एनएसएस के माध्यम से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का जो संस्कार युवा अपने भीतर विकसित कर रहे हैं, वही आने वाले समय में उन्हें राष्ट्र निर्माण का सक्षम नेतृत्व प्रदान करेगा।एनएसएस युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त मंच : उच्च शिक्षा मंत्री वर्माउच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है और शिक्षा को रोजगार तथा कौशल से जोडऩे की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी राज्य की वास्तविक शक्ति केवल उसकी भौतिक संपदा में नहीं, बल्कि उसके युवाओं की चेतना, ऊर्जा और समाज के प्रति संवेदनशीलता में निहित होती है। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को अपनी ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में लगाने का अवसर प्रदान करती है। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित होता है तथा वे राष्ट्रभक्त एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़ते हैं।समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित कर उनके सेवा कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर उच्च शिक्षा सचिव श्री अविनाश चम्पावत, आयुक्त श्रीमती रीता यादव सहित राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े अधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रतिनिधि, कार्यक्रम अधिकारी तथा बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित थे।</description ></item><item><title>कांग्रेस शासनकाल में छत्तीसगढ़ में हुए पीएससी घोटाले पर राहुल गांधी मुँह में टेप क्यों लगाए हुए हैं? - चिमनानी</title><link>https://cnin.co.in/कांग्रेस-शासनकाल-में-छत्तीसगढ़-में-हुए/84190</link><description>00 प्रदेश में चुनाव से सवा दो साल पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की घोषणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने किसके इशारे पर की?&amp;nbsp;रायपुर। युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में धांधली व कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी तथा राज्य के बहुचर्चित पीएससी घोटाले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देकर अपने ही संगठन में धांधली करने वालों पर मौन साधे बैठी है, वहीं दूसरी तरफ सीजी पीएससी घोटाले में चल रही जाँच में हो रहे नित-नए खुलासों को को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर मुँह पर टेप चिपकाए हुए हैं।चिमनानी ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस में कुर्सी की दौड़ और अंतर्कलह के दृष्टिगत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा टी.एस. सिंहदेव और चरणदास महंत को अपने साथ बिठाकर मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताए जाने पर सवाल उठाया कि बिना विधानसभा चुनाव घोषणा के सवा दो साल पहले ऐसी बयानबाजी क्या यह दर्शाती है कि भूपेश बघेल अब कांग्रेस के सर्वमान्य नेता नहीं रहे? चिमनानी ने याद दिलाया कि पूर्व में टी.एस. सिंहदेव के प्रदेश अध्यक्ष बनने की इच्छा जताने पर दीपक बैज ने उन्हें दिल्ली की राजनीति करने की सलाह दी थी, इसी सिलसिले में युवक कांग्रेस के संगठन चुनावों में कांग्रेस के ही पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी पार्टी के नेताओं पर धांधली, फर्जी मतदान, फर्जी मतदाता सूची और वोट चोरी करने के लगाए जा रहे आरोपों पर श्री चिमनानी ने बताया कि सरगुजा कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्य पंकज तिवारी ने युवा कांग्रेस चुनाव में फर्जी मतदान और फर्जी मतदाता सूची का आरोप लगाते हुए चुनाव को निरस्त करने की मांग की है। इसी तरह कुनकुरी के कांग्रेस अध्यक्ष विनय शील द्वारा पूर्व विधायक व संसदीय सचिव यू.डी. मिंज को चुनाव से दूर रहने की चेतावनी दी गई। इसके अलावा भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी पर भी युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आरोप लगाए गए हैं।चिमनानी ने सीजी पीएससी घोटाले की चल रही जाँच के नए खुलासों के मद्देनजर पीएससी घोटाले को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए जाँच एजेंसियों के ताजा इनपुट्स का हवाला दिया और कहा कि वर्ष 2021-22 की परीक्षा में लगभग 1.29 लाख अभ्यर्थियों में से केवल 170 अभ्यर्थी (0.13 प्रतिशत) चयनित हुए। इस सीमित परिणाम में भी बड़े पैमाने पर अपनों को लाभ पहुँचाने और रिश्वतखोरी के मामले सामने आए। जाँच एजेंसियों द्वारा विशेष अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार, घोटाले में सीएसआर मद से 45 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। कुल मिलाकर लगभग सवा तीन करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़े नए तथ्य उजागर हुए हैं। श्री चिमनानी ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार व जाँच के दायरे में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी हैं। इनमें टामनसिंह सोनवानी, नितेश सोनवानी, शशांक गोयल, किशोर ध्रुव सहित कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। इसके अलावा बघेल के पूर्व निजी सहायक के.के. चंद्रवंशी और सीएमओ विशेष सेवा के चेतन बोरझरिया के नाम भी सामने आए हैं। जाँच के अनुसार यह घोटाला मुख्य रूप से दो माध्यमों से अंजाम दिया गया— पहला फर्जी नियुक्तियाँ करवाकर और दूसरा पेपर लीक के जरिए अवैध वसूली करके।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री चिमनानी ने राहुल गांधी और शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। श्री चिमनानी ने राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर तंज कसते हुए इसे झूठ की गूंज निरूपित कर कहा कि पूरे देश में युवाओं के हक की बात करने वाले राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा और सोनिया गांधी छत्तीसगढ़ के पीएससी घोटाले पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। श्री चिमनानी ने सवाल किया कि क्या इस घोटाले के सरगनाओं को कांग्रेस का संरक्षण प्राप्त है और क्या इस भ्रष्टाचार की काली कमाई शीर्ष नेतृत्व तक भी पहुंची है? कांग्रेस पार्टी इन दोनों गंभीर विषयों पर छत्तीसगढ़ की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करे। इस दौरान भाजपा प्रदेश मीडिया सह-संयोजक गोविंदा गुप्ता भी मौजूद रहे।</description ></item><item><title>चार दिवसीय ईस्ट व नॉर्थ ईस्ट ज़ोन लेवल-1 कोचेस वर्कशॉप कल से</title><link>https://cnin.co.in/चार-दिवसीय-ईस्ट-व-नॉर्थ-ईस्ट-ज़ोन-लेवल-1-कोचेस/84189</link><description>रायपुर। ईस्ट एवं नॉर्थ ईस्ट ज़ोन लेवल-1 कोचेस वर्कशॉप का आयोजन 25 से 28 सितंबर तक छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के होटल अलोहा सिटी स्टे, रामसागर पारा में आयोजित किया जा रहा है। कोचेस वर्कशॉप में 12 प्रदेशों के 55 कोचेस भाग ले रहे हैं। इस दौरान वरिष्ठ टेक्निकल हेड गंगाधर और अमरजीत दुबे कोचेस को ट्रेनिंग देंगे तथा सचिन उपाध्याय प्रमुख रूप से अपनी बात रखेंगे। इस सेमिनार का उद्घाटन पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्रीअरुण साव जी करेंगे तथा साहू समाज के प्रमुख विधायक प्रतिनिधि सतीश साहू विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उक्त जानकारी छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के महासचिव आयुष मुरारका ने दी।</description ></item><item><title>पवन ने लंबे समय तक रखा छग संगठन को मजबूत, अब कर्मवीर के मार्गदर्शन में करेंगे काम - साय</title><link>https://cnin.co.in/पवन-ने-लंबे-समय-तक-रखा-छग-संगठन-को-मजबूत,-अब/84188</link><description>रायपुर। भाजपा संगठन में गुरुवार को हुए बदलाव पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्रकारों से संक्षिप्त चर्चा में पवन साय ने लंबे समय तक छत्तीसगढ़ संगठन को मजबूत रखा है, अब उनके स्थान पर कर्मवीर आ रहे हैं और उनके मार्गदर्शन में हम लोग काम करेंगे। साय ने कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाए जाने पर भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि कर्मवीर के संगठनात्मक अनुभव और कार्यकर्ताओं के साथ सहज समन्वय से प्रदेश भाजपा को नई दिशा और गति मिलेगी तथा संगठनात्मक कार्यों को और मजबूती मिलेगी।साय ने महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री बनाए गए अजय जामवाल को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के रूप में जामवाल के साथ काम करने का अवसर मिला। उनके मार्गदर्शन, दूरदर्शी नेतृत्व और संगठन के प्रति समर्पण से कार्यकर्ताओं को प्रेरणा मिली और संगठन को नई ऊर्जा व मजबूती मिली। उन्होंने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र में जामवाल का संगठनात्मक अनुभव और नेतृत्व संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा।</description ></item><item><title>बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में पुल निर्माण पूर्ण, 8 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ</title><link>https://cnin.co.in/बोकी-आरा-मार्ग-पर-गिरमा-नदी-में-पुल-निर्माण/84187</link><description>00 4.41 करोड़ की लागत से 100 मीटर लंबे पुल का निर्माण हुआ पूरारायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क, पुल-पुलिया सहित अधोसंरचना विकास के कार्यों को गति मिल रही है। पहाड़ी एवं पठारी भौगोलिक क्षेत्र वाले जशपुर जिले में नदी-नालों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ ही लोगों को वर्षभर आवागमन की सुविधा मिल रही है। इसी क्रम में बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। करीब 100 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर 4 करोड़ 41 लाख 33 हजार रुपये की लागत आई है। पुल के शुरू होने से क्षेत्र के 8 गांवों के 5 हजार से अधिक ग्रामीणों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलेगी।बारिश में आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधानगिरमा नदी पर उच्च स्तरीय पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढऩे पर बोकी-आरा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो जाता था। तेज बारिश के दौरान पानी का बहाव बढऩे से ग्रामीणों को नदी पार करने और मुख्य मार्ग तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इससे विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों, व्यापारियों और आम नागरिकों को परेशानी होती थी। अब पुल का निर्माण पूरा होने से बारिश के दौरान भी आवागमन सुगम और सुरक्षित रहेगा तथा लंबे समय से चली आ रही संपर्क बाधित होने की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिलेगी।8 गांवों के 5100 से अधिक ग्रामीणों को सीधा लाभगिरमा नदी पर पुल बनने से बोकी, बालाछपर, कोरमकेरा, बिरोपानी, रनपुर, सालेकेरा, नारायणपुर और झिलमिली सहित 8 गांवों के 5100 से अधिक ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे। इन गांवों के लोगों को मुख्य मार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। स्कूल, बाजार, अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। किसानों एवं व्यापारियों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही समय और परिवहन लागत की बचत होगी। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।रामरेखा धाम की ओर आवागमन होगा सुगमबोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में पुल बनने से झारखंड के प्रसिद्ध रामरेखा धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी आवागमन सुगम होगा। रामरेखा धाम झारखंड के सिमडेगा क्षेत्र में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आवागमन आसान होगी।उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को मिल रही गतिमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में नदी-नालों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में 22 उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें से 2 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि अन्य पुलों का निर्माण विभिन्न चरणों में प्रगतिरत है। पुल का निर्माण पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों एवं ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढऩे से आवागमन जोखिमपूर्ण हो जाता था और कई बार संपर्क भी बाधित हो जाता था। अब पुल के निर्माण से वर्षभर आवागमन की सुविधा मिलेगी, जिससे समय की बचत के साथ लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।</description ></item><item><title>महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव एवं गुण्डाधूर सम्मान के लिए आवेदन 30 सितम्बर तक</title><link>https://cnin.co.in/महाराजा-प्रवीरचंद्र-भंजदेव-एवं-गुण्डाधूर/84186</link><description>00 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मान स्वरूप मिलेंगे 1 लाख नगदरायपुर। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रदान किए जाने वाले महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान एवं गुण्डाधूर सम्मान के लिए खिलाड़ियों से अनुशंसाएं आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक पात्र खिलाड़ी निर्धारित प्रारूप में 30 सितम्बर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल खेल एवं युवा कल्याण विभाग की वेबसाइट http//sportsyw.cg.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किए गए आवेदन ही मान्य होंगे। निर्धारित प्रारूप एवं नियमों की जानकारी खेल विभाग के जिला स्तरीय कार्यालयों से भी प्राप्त की जा सकती है।महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान विशेष रूप से तीरंदाजी खेल के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दिया जाएगा। यह सम्मान वर्ष 2025-26 में तीरंदाजी की राष्ट्रीय चैंपियनशिप (सीनियर वर्ग) अथवा राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त करने वाले अथवा अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के लिए है। सम्मान के अंतर्गत 1 लाख रुपए नगद, अलंकरण फलक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर सम्मिलित रूप से विचार किया जाएगा।इसी प्रकार गुण्डाधूर सम्मान राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों या एक दल को प्रदान किया जाएगा। इसके अंतर्गत ऐसे खिलाड़ी पात्र होंगे, जिन्होंने वर्ष 2025-26 में ऐसे खेलों में, जिन्हें भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर के खेल अलंकरण के लिए विचार क्षेत्र में लिया जाता है, सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय चौंपियनशिप या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त किया हो, या अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। सम्मान के अंतर्गत 1 लाख रुपए नगद, अलंकरण फलक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना से विद्या को मिला घर की जरूरतें स्वयं पूरी करने का भरोसा</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-से-विद्या-को-मिला-घर-की/84185</link><description>00 बच्चों की छोटी-छोटी इच्छाएं पूरी करने की खुशी के साथ बढ़ा आत्मविश्वाससूरजपुर। बच्चों की छोटी-सी मांग भी एक मां के लिए बड़ी होती है। वह चाहती है कि बच्चों को जरूरत की चीजों के लिए मना न करना पड़े। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर स्थित बाजारपारा निवासी श्रीमती विद्या जायसवाल के लिए पहले घर के छोटे-मोटे खर्च और बच्चों की पसंद की चीजें खरीदना भी कई बार मुश्किल होता था। अब महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाले एक हजार रुपये ने उन्हें इन जरूरतों को स्वयं पूरा करने का भरोसा दिया है।सेवा की कहानी के अंतर्गत अपना अनुभव साझा करते हुए श्रीमती विद्या बताती हैं कि योजना की राशि उनके दैनिक जीवन में काम आ रही है। कभी वे बच्चों की पसंद की चीज खरीदती हैं, तो कभी घर के लिए जरूरी सामान। पहले इन खर्चों के लिए उन्हें सोचना पड़ता था, लेकिन अब वे अपनी जरूरत के अनुसार राशि का उपयोग कर पाती हैं। बच्चों के चेहरे पर खुशी देखकर उन्हें भी संतोष मिलता है। श्रीमती विद्या के लिए इस सहायता का महत्व केवल इसकी राशि तक सीमित नहीं है। घर की जरूरतों में अपना योगदान दे पाना और छोटे-छोटे फैसले स्वयं लेना उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है। वे कहती हैं कि अब बच्चों की छोटी-सी इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। हर महीने मिलने वाली सहायता ने उन्हें अपने परिवार की जरूरतों के प्रति अधिक आश्वस्त किया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।श्रीमती विद्या का अनुभव दिखाता है कि नियमित सहायता रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के साथ महिलाओं को परिवार के निर्णयों में सहभागी बनने का भरोसा भी देती है। श्रीमती विद्या ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से मिली सहायता उनके और उनके बच्चों के जीवन में उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने आत्मीयता से कहा, हमें गर्व है कि हमें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जैसे भैया मिले।</description ></item><item><title>वर्षों से पिता के नाम दर्ज थी जमीन, लोक सेवा गारंटी से किसान रतम राम को मिला हक</title><link>https://cnin.co.in/वर्षों-से-पिता-के-नाम-दर्ज-थी-जमीन,-लोक-सेवा/84184</link><description>00 फौती नामांतरण के बाद बी-1 में दर्ज हुआ नाम, किसान हितैषी योजनाओं से जुडऩे की राह हुई आसान00 समय-सीमा में राजस्व प्रकरण का निराकरण, किसान रतम राम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जताया आभारजशपुर। वर्षों से जिस कृषि भूमि पर खेती कर परिवार का जीवन चल रहा था, उसके राजस्व अभिलेख में अब भी दिवंगत पिता का ही नाम दर्ज था। इस वजह से जशपुर जिले के ग्राम कंडोरा निवासी किसान श्री रतम राम को अपनी जमीन से जुड़ी कई प्रक्रियाओं और किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई आ रही थी। लोक सेवा गारंटी के माध्यम से उनका फौती नामांतरण होने और बी-1 में नाम दर्ज होने के बाद अब उनकी यह परेशानी दूर हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध नागरिक सेवाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी व्यवस्था का लाभ कुनकुरी तहसील के ग्राम कंडोरा निवासी किसान श्री रतम राम को मिला।पिता के निधन के वर्षों बाद भी रिकॉर्ड में दर्ज था उनका नामरतम राम के पिता स्वर्गीय सुखरू के निधन के कई वर्ष बीत चुके थे, लेकिन कृषि भूमि के राजस्व अभिलेख बी-1 में अब भी उनके पिता का नाम दर्ज था। जीवित वारिस के रूप में श्री रतम राम का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें जमीन से संबंधित कार्यों के साथ किसान हितैषी योजनाओं की प्रक्रियाओं में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। किसान के लिए जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उसकी आजीविका का आधार होती है। ऐसे में राजस्व रिकॉर्ड का अद्यतन होना किसान को उसकी भूमि से संबंधित अधिकारों और विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं से जोडऩे के लिए महत्वपूर्ण है।लोक सेवा गारंटी ने आसान की राहअपनी समस्या के समाधान के लिए श्री रतम राम ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन मिलने के बाद राजस्व विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रकरण पर कार्रवाई शुरू की। पटवारी जांच, मौका मुआयना तथा दावा-आपत्ति सहित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनका फौती नामांतरण किया गया। नामांतरण पूरा होते ही राजस्व अभिलेख बी-1 में श्री रतम राम का नाम दर्ज हो गया। वर्षों से लंबित उनकी समस्या का समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिली।अब किसान योजनाओं से जुडऩे की राह हुई आसानराजस्व अभिलेख अद्यतन होने से श्री रतम राम के लिए कृषि भूमि से संबंधित शासकीय प्रक्रियाएं आसान हुई हैं। अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और एग्रीस्टैक के अंतर्गत डिजिटल किसान पहचान जैसी किसान हितैषी योजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में उन्हें सुविधा मिल सकेगी। संबंधित योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुसार प्राप्त होगा। रतम राम की कहानी यह बताती है कि समय पर राजस्व रिकॉर्ड में सुधार किसी किसान के लिए केवल दस्तावेजी प्रक्रिया नहीं है। यह उसकी भूमि से जुड़े अधिकारों को रिकॉर्ड में स्पष्ट करने और विभिन्न शासकीय सेवाओं तक उसकी पहुंच आसान बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।रतम राम बोले-समय पर हुआ काम, अब बी-1 में मेरा नामअपनी समस्या का समाधान होने से प्रसन्न श्री रतम राम ने कहा, मेरे पिता के नाम पर जमीन होने से मुझे लाभ नहीं मिल रहा था। लोक सेवा गारंटी से मेरा काम समय पर हो गया और बी-1 में मेरा नाम आ गया। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन को दिल से धन्यवाद देता हूं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नागरिकों को राजस्व सहित विभिन्न शासकीय सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का लाभ अब जमीनी स्तर पर हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। किसान रतम राम का फौती नामांतरण इसी समयबद्ध सेवा व्यवस्था की एक सकारात्मक तस्वीर है।</description ></item><item><title>विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल, लमना में दिखी संस्कृति और अपनत्व की खूबसूरत तस्वीर</title><link>https://cnin.co.in/विदेशी-पर्यटकों-को-आकर्षित-कर-रहा-छत्तीसगढ़/84183</link><description>00 लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन के अतिथियों ने ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति और हाट-बाजार का लिया अनुभवगौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ग्रामीण जीवनशैली, लोक संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है। पर्यटन के बदलते स्वरूप में अब पर्यटक केवल बड़े शहरों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गांवों की मिट्टी की खुशबू, स्थानीय खान-पान, परंपराओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन को करीब से अनुभव करने में भी रुचि ले रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन से पहुंचे पर्यटकों का प्रवास इसी बदलती पर्यटन तस्वीर की जीवंत मिसाल है।ब्रिटेन से आए श्री फ्रैंक रोजर मार्सटन और श्रीमती जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन का लमना गांव पहुंचने पर ग्रामीणो ने पारंपरिक आत्मीयता के साथ तिलक लगाकर तथा ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच स्वागत किया। विदेशी अतिथियों ने भी ग्रामीणों के इस आत्मीय स्वागत का आनंद लिया और स्थानीय लोगों के साथ सहजता से घुल-मिलकर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति को करीब से महसूस किया। लमना विलेज स्टे में अतिथियों का अनुभव केवल ठहरने तक सीमित नहीं रहा। उन्हें गांव की गलियों, खेत-खलिहानों, पारंपरिक परिवेश और स्थानीय जीवन से परिचित कराने के लिए विलेज वॉक कराया गया। इस दौरान अतिथियों ने ग्रामीणों से संवाद किया, स्थानीय जीवनशैली को समझा और गांव के सहज वातावरण का आनंद लिया। अतिथियों ने ग्रामीण परिवारों, बच्चों, महिलाओं और स्थानीय लोगों के साथ आत्मीय संवाद भी किया।ग्रामीण हाट बना खास आकर्षणलमना प्रवास के दौरान स्थानीय ग्रामीण हाट का भ्रमण विदेशी मेहमानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। हाट में उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मिट्टी के बर्तन, बांस से बने सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, स्थानीय खाद्य सामग्री, सब्जियों और अन्य ग्रामीण उत्पादों को करीब से देखा। ग्रामीण बाजार की चहल-पहल, स्थानीय उत्पादों की विविधता और लोगों के सहज व्यवहार ने अतिथियों को भारतीय गांव के वास्तविक जीवन का अनुभव कराया।&amp;nbsp;ग्रामीण जीवन से सीधे जुडऩे का अनुभवलमना विलेज स्टे की खासियत यह है कि यहां पर्यटक केवल किसी स्थान को देखने नहीं आते, बल्कि स्थानीय जीवन का हिस्सा बनकर उसे महसूस करते हैं। ब्रिटिश अतिथियों ने ग्रामीण परिवेश में समय बिताया, स्थानीय लोगों के साथ बैठकर बातचीत की और पारंपरिक ग्रामीण वातावरण को नजदीक से जाना। गांव की सादगी, प्राकृतिक परिवेश और लोगों की सहज आत्मीयता ने उनके प्रवास को एक अलग तरह का अनुभव दिया।छत्तीसगढ़ के पर्यटन पहचान में जुड़ रहा नया अध्यायछत्तीसगढ़ में पर्यटन अब प्रकृति और दर्शनीय स्थलों से आगे बढ़कर अनुभव आधारित पर्यटन की ओर विस्तार कर रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और इको-टूरिज्म को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोडऩे की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसरों को जोडऩे वाले पर्यटन मॉडल को महत्व मिल रहा है।&amp;nbsp;प्रकृति, संस्कृति और ग्रामीण आतिथ्य का संगम है लमनागौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मैकल पर्वत श्रृंखला, जंगल, जलप्रपात, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन की विविध संभावनाएं मौजूद हैं। शिवघाट मनौरा, जलेश्वर धाम, लक्ष्मणधारा, झोजा जलप्रपात और धनपुर सहित अनेक प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थल शामिल हैं। लमना विलेज स्टे जैसे ग्रामीण पर्यटन केंद्र पर्यटकों को प्रकृति और स्थानीय जीवन से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।बस्तर से लमना तककृछत्तीसगढ़ में अनुभव आधारित पर्यटन की बढ़ती तस्वीरपर्यटक अब केवल पर्यटन स्थलों के दर्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थानीय जीवन, खान-पान, हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और समुदाय के साथ जुडऩे वाले अनुभवों को भी महत्व दे रहे हैं। होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। लमना में ब्रिटेन के पर्यटकों का अनुभव इसी सोच को आगे बढ़ाता दिखाई देता है। यहां विदेशी मेहमानों ने किसी पर्यटन स्थल को दूर से देखने के बजाय गांव के बीच जाकर लोगों से मुलाकात की, ग्रामीण हाट में स्थानीय गतिविधियों को समझा और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन की सहजता को महसूस किया।विदेशी मेहमानों के लिए यादगार बना छत्तीसगढ़ का अपनापनलमना प्रवास के दौरान श्री फ्रैंक रोजर मार्सटन और श्रीमती जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन ग्रामीणों के साथ तस्वीरें खिंचवाते, बच्चों से बातचीत करते और स्थानीय परिवारों के साथ समय बिताते नजर आए। वे ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के साथ आत्मीयता से मिले। विदेशी पर्यटकों का गांवों तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाएं अब नए क्षेत्रों और नए अनुभवों तक विस्तार पा रही हैं। ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से स्थानीय परिवारों, छोटे व्यवसायों, हस्तशिल्पकारों, ग्रामीण बाजारों, स्थानीय गाइडों और होमस्टे संचालकों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। लमना में ब्रिटेन के मेहमानों की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के उस पर्यटन मॉडल की खूबसूरत झलक है, जहां प्रकृति के साथ संस्कृति, गांव के साथ आतिथ्य और पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है। छत्तीसगढ़ की यही सहज, आत्मीय और जीवंत पहचान देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।</description ></item><item><title>बस्तर दशहरा 2026 : सिरहासार भवन में श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई डेरी गड़ाई की रस्म</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-दशहरा-2026-:-सिरहासार-भवन-में-श्रद्धा-और/84182</link><description>00 हल्दी उत्सव के साथ बंधी मांगलिक छटाजगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के अंतर्गत मण्डप आच्छादन का मुख्य आधार मानी जाने वाली पावन रस्म डेरी गड़ाई गुरुवार को बस्तर जिले के जिला मुख्यालय जगदलपुर स्थित सिरहासार भवन में पूरे पारंपरिक विधि-विधान, लोक-संस्कृति और देव-विधान के तहत अत्यंत गरिमामयी माहौल में संपन्न हुई। इस रस्म के विधिवत निर्वहन के साथ ही बस्तर दशहरा के विशाल मांगलिक मंडप की आधारशिला रखी गई है। पुरातन लोक-परंपरा का पालन करते हुए नगर सीमा से लगे ग्राम बिलोरी से ग्रामीण दो विशेष काष्ठ स्तंभों (लकडिय़ों) को लेकर सिरहासार भवन पहुंचे, जिन्हें स्थानीय बोली और संस्कृति में डेरी कहा जाता है। इसके पश्चात सिरहासार भवन परिसर में इन पावन काष्ठ स्तंभों की पारंपरिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद स्थापना की गई।डेरी गड़ाई और मण्डप आच्छादन का यह मंगल विधान पूर्ण होते ही समूचा परिसर असीम उल्लास से भर उठा। वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार डेरी स्थापना के तुरंत बाद में मेम्बरीनो द्वारा अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ हल्दी खेली गई, जिसने बस्तर दशहरा के इस पावन अवसर को एक भव्य मांगलिक प्रसंग की तरह आत्मीयता व आनंद के रंगों से सराबोर कर दिया। इस ऐतिहासिक एवं पारंपरिक आयोजन में जनभागीदारी और प्रशासनिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप, बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष श्री बलराम मांझी, महापौर श्री संजय पाण्डे सहित कमिश्नर श्री डोमन सिंह, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही विभिन्न परगनों से पहुंचे मांझी-चालकी, नाइक-पाइक, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, गायता, सिरहा-गुनिया, पेरमा सहित बड़ी संख्या में पारंपरिक मुखिया और श्रद्धालु नागरिक इस मांगलिक अनुष्ठान के साक्षी बने।</description ></item><item><title>श्रीमती राजरानी मिश्रा का निधन</title><link>https://cnin.co.in/श्रीमती-राजरानी-मिश्रा-का-निधन/84181</link><description>रायपुर। श्रीमती राजरानी मिश्रा (उम्र 85 वर्षीय) निवासी छोटापारा रायपुर का आज दु:खद निधन हो गया। उनकी अंतिम यात्रा कल 25 सितंबर शुक्रवार को सुबह 9 बजे उनके निवास स्थान से मरवाडी श्मशान घाट के लिये निकलेगी। वे &amp;nbsp;राघवेंद्र मिश्रा, शिवेन्द्र राजा मिश्रा की माता और रोहित मिश्रा, राहुल मिश्रा, अभिषेक मिश्रा की बड़ी मम्मी एवं यश मिश्रा की दादीजी थी।संपर्क79878282289826901121000</description ></item><item><title>डीजे की तेज आवाज के कारण बुजुर्गों, हृदय रोगियों, नवजात शिशुओं व छोटे बच्चों को जीवन का खतरा</title><link>https://cnin.co.in/डीजे-की-तेज-आवाज-के-कारण-बुजुर्गों,-हृदय/84180</link><description>00 स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापनरायपुर। शहर में विभिन्न आयोजनों एवं कार्यक्रमों के दौरान अत्यधिक तेज आवाज में बजाए जा रहे डीजे से होने वाली परेशानियों को लेकर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के विरुद्ध स्वत: संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि डीजे की अत्यधिक तेज आवाज के कारण बुजुर्गों, हृदय रोगियों, नवजात शिशुओं एवं छोटे बच्चों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है। तेज आवाज एवं कंपन से लोगों की नींद और मानसिक शांति प्रभावित होने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी उत्पन्न होती हैं।ज्ञापन में कहा गया कि अक्सर पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत प्राप्त होने के बाद ही तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। समाज ने मांग की है कि पुलिस को प्रत्येक मामले में नागरिकों की शिकायत अथवा बड़ी संख्या में लोगों के दबाव का इंतजार नहीं करना चाहिए। यदि कहीं निर्धारित नियमों एवं ध्वनि सीमा का उल्लंघन होता दिखाई दे तो पुलिस एवं प्रशासन को स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने प्रशासन से मांग की कि डीजे वाहनों के ध्वनि विस्तारक यंत्रों की नियमित जांच की जाए तथा मानक से ज्यादा आवाज में डीजे बजाने पर तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित आयोजकों एवं डीजे संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों एवं आवासीय क्षेत्रों के आसपास ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी धार्मिक, सामाजिक या सांस्कृतिक आयोजन का विरोध करना नहीं है, और ना ही डीजे के व्यापार को बंद करवाना है बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराते हुए आम नागरिकों को अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाना है।ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, मंजीत सिंह भाटिया, कुलवंत सिंह खालसा, देवेंदर सिंह चावला एवं बलवंत सिंह चावला उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>2 अक्टूबर से ग्राम सभाओं में तैयार होगी विकसित ग्राम पंचायत योजना</title><link>https://cnin.co.in/2-अक्टूबर-से-ग्राम-सभाओं-में-तैयार-होगी/84179</link><description>00 अक्टूबर-नवंबर में बस्ती और वार्ड स्तर पर होगा ग्रामीणों से सीधा संवाद00 गांव की जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर बनेगी विकास की कार्ययोजनारायपुर। प्रदेश के गांवों के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए 2 अक्टूबर से ग्राम सभाओं के माध्यम से विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इस पहल के अंतर्गत ग्रामीण स्वयं अपने गांव की जरूरतों, समस्याओं और विकास की प्राथमिकताओं को तय करने में भागीदारी निभाएंगे। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों, स्थानीय संसाधनों और विकास संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर ग्राम पंचायतों की आगामी विकास कार्ययोजना तैयार की जाएगी।विकसित ग्राम पंचायत योजना को वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की योजना तैयार करने का प्रमुख माध्यम बनाया गया है। इसके तहत गांवों में उपलब्ध संसाधनों, मौजूदा परिसंपत्तियों और विकास संबंधी कमियों का आकलन कर ग्रामीणों की सहभागिता से आवश्यक कार्यों की पहचान की जाएगी। ग्राम सभा से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद योजनाओं को विकासखंड एवं जिला स्तर पर समेकित किया जाएगा।2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में होगी योजना निर्माण की शुरुआतप्रदेश की ग्राम पंचायतों में 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभाओं में विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। इस अवसर पर ग्रामीणों को ग्राम पंचायत से संबंधित आधारभूत आंकड़ों, मानचित्रों, अनुमेय कार्यों और योजना निर्माण की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। ग्राम सभाओं में गांव की विकास संबंधी कमियों, जल बजट और ई-जल पोर्टल से प्राप्त अनुशंसित कार्यों की जानकारी भी साझा की जाएगी। इसके साथ ही गांवों में मौजूद ऐसी परिसंपत्तियों की पहचान की जाएगी, जो भौतिक रूप से उपलब्ध हैं, लेकिन अभी तक डिजिटल अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं। ग्राम सभा में बस्ती, वार्ड और ग्राम स्तर पर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन तथा सामुदायिक परामर्श की प्रक्रिया और समय-सीमा भी निर्धारित की जाएगी, ताकि योजना निर्माण में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।अक्टूबर-नवंबर में गांव-गांव पहुंचकर लिए जाएंगे ग्रामीणों के सुझावविकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने के लिए सितंबर माह में प्रारंभिक तैयारियां पूरी की जाएंगी। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के साथ ही युक्तधारा पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न मानचित्र परतों के आधार पर ग्राम पंचायतों का आधारभूत डेटा तैयार किया जाएगा। इसके बाद अक्टूबर और नवंबर माह में बस्ती एवं वार्ड स्तर पर ग्रामीणों के साथ बैठकें आयोजित कर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन किया जाएगा। इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों से गांव की समस्याओं, आवश्यक सुविधाओं, उपलब्ध संसाधनों और प्रस्तावित विकास कार्यों के संबंध में सुझाव प्राप्त किए जाएंगे। इस दौरान गांवों में मौजूद परिसंपत्तियों का स्थल सत्यापन भी किया जाएगा। डिजिटल अभिलेखों में दर्ज नहीं होने वाली परिसंपत्तियों को युक्तधारा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर विकास संबंधी कमियों की पहचान कर प्रस्तावित कार्यों के संभावित स्थानों को डिजिटल मानचित्र पर चिह्नित किया जाएगा।दिसंबर में ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत होगी विकास योजनादिसंबर माह में भूमि एवं क्षेत्र परिचय के आधार पर तैयार विकसित ग्राम पंचायत योजना का प्रारूप ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें प्रस्तावित विकास कार्यों, उनके संभावित स्थानों और संबंधित विवरण की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी। ग्राम सभा में व्यक्तिगत लाभार्थियों से संबंधित प्रस्तावित कार्यों पर भी चर्चा की जाएगी। ग्रामीणों के सुझावों और आवश्यक विचार-विमर्श के आधार पर योजना में संशोधन कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद ग्राम सभा द्वारा औपचारिक प्रस्ताव पारित कर विकसित ग्राम पंचायत योजना को अनुमोदित किया जाएगा। ग्राम सभा से अनुमोदित योजना को डिजिटल समेकन की आगामी प्रक्रिया के लिए विकासखंड स्तर पर भेजा जाएगा।15 जनवरी तक विकासखंड और जिला स्तर पर होगा योजनाओं का समेकनग्राम पंचायतों से अनुमोदित योजनाएं प्राप्त होने के बाद 15 जनवरी तक विकासखंड एवं जिला स्तर पर समेकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विकासखंड स्तर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं को एकीकृत करते हुए संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से जुड़ी जानकारी शामिल की जाएगी। इसके बाद विकासखंड स्तर पर तैयार समेकित योजनाओं को जिला स्तर पर एकीकृत किया जाएगा। इस प्रक्रिया से ग्राम पंचायतों की स्थानीय आवश्यकताओं को विकासखंड और जिला स्तर की विकास कार्ययोजनाओं से जोडऩे में सहायता मिलेगी।जल सुरक्षा, आजीविका और ग्रामीण अधोसंरचना पर विशेष ध्यानविकसित ग्राम पंचायत योजना के अंतर्गत गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से संबंधित अधोसंरचना और प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा। योजना निर्माण के दौरान गांवों में उपलब्ध प्राकृतिक एवं भौतिक संसाधनों का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों के सुझावों के आधार पर ऐसे कार्यों की पहचान की जाएगी, जिनसे स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके और गांवों के विकास को गति मिल सके।ग्राम सभा की सहमति से तय होंगे विकास कार्यविकसित ग्राम पंचायत योजना की संपूर्ण प्रक्रिया में ग्राम सभा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ग्रामीणों की राय और स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर प्रस्तावित विकास कार्यों में आवश्यकतानुसार नए कार्य शामिल किए जा सकेंगे तथा अनुपयुक्त कार्यों को हटाया जा सकेगा। प्रत्येक प्रस्तावित कार्य का स्थल सत्यापन करने के साथ ही समुदाय के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद कार्यों को अंतिम अनुमोदन के लिए ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं को ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुरूप तैयार करना है। ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी से योजना निर्माण की प्रक्रिया को अधिक सहभागी एवं पारदर्शी बनाने के साथ ही गांवों के समग्र और सतत विकास को नई दिशा मिलेगी।</description ></item><item><title>दाऊ मंदराजी की विरासत छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अनमोल धरोहर - अग्रवाल</title><link>https://cnin.co.in/दाऊ-मंदराजी-की-विरासत-छत्तीसगढ़-की-लोक/84178</link><description>00 पुण्यतिथि पर संस्कृति मंत्री ने नाचा के पुरोधा को दी भावभीनी श्रद्धांजलिरायपुर। छत्तीसगढ़ी लोकनाट्य नाचा को नई पहचान और विशिष्ट स्वरूप प्रदान करने वाले महान लोक कलाकार दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की पुण्यतिथि पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दाऊ मंदराजी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और नाचा की परंपरा को समृद्ध करने में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दाऊ दुलार सिंह मंदराजी ने नाचा को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहने दिया, बल्कि उसे छत्तीसगढ़ के जनजीवन, लोकभाषा, सामाजिक सरोकारों और सांस्कृतिक भावनाओं को अभिव्यक्त करने वाले सशक्त लोकमंच के रूप में विकसित किया। उनका पूरा जीवन लोककला और कलाकारों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कलाकारों को संगठित कर रैली रिगनी साज नाचा दल बनाया, जो छत्तीसगढ़ की पहली नाचा पार्टी है। अग्रवाल ने कहा कि दाऊ मंदराजी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की सहजता, हास्य, व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों को नाचा के माध्यम से प्रभावी अभिव्यक्ति दी। उनके प्रयासों से नाचा को गांवों की सीमाओं से आगे व्यापक पहचान मिली और अनेक प्रतिभाशाली लोक कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का मंच प्राप्त हुआ।संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक परंपराओं, लोककलाओं और लोक कलाकारों से है। दाऊ मंदराजी जैसे महान कलाकारों ने अपनी साधना से इन परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का कार्य किया। उनके योगदान से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक विरासत से जोडऩा हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी की स्मृति में राज्य सरकार द्वारा लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में दाऊ मंदराजी सम्मान प्रदान किया जाना भी उनके योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। आज उनकी पुण्यतिथि पर हम दाऊ दुलार सिंह मंदराजी को नमन करते हुए छत्तीसगढ़ की लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी तक उसके विस्तार का संकल्प लेते हैं।उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का जीवन यह संदेश देता है कि अपनी मिट्टी, अपनी बोली और अपनी लोक परंपराओं से जुड़कर भी कला को व्यापक पहचान दिलाई जा सकती है। छत्तीसगढ़ी नाचा के इस महान साधक की कला-साधना और योगदान आने वाली पीढिय़ों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।</description ></item><item><title>दूध नदी पर पुल और पहुंच मार्ग के लिए 16.15 करोड़ स्वीकृत</title><link>https://cnin.co.in/दूध-नदी-पर-पुल-और-पहुंच-मार्ग-के-लिए-16.15-करोड़/84177</link><description>00 कोदाभाठ-माटवाड़ा मोदी मार्ग में बनेगा उच्च स्तरीय पुलरायपुर। राज्य शासन ने कांकेर जिले में दूध नदी पर पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 16 करोड़ 14 लाख 71 हजार रुपए मंजूर किए हैं। इस राशि से कोदाभाठ-माटवाड़ा मोदी मार्ग पर दूध नदी पर उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति का पत्र प्रमुख अभियंता को जारी कर दिया है।&amp;nbsp;लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। राज्य शासन ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</description ></item><item><title>स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 49.66 करोड़ के 50 कार्यों को मंजूरी, जीरो वेस्ट मॉडल को बढ़ावा देने पर विशेष जोर</title><link>https://cnin.co.in/स्वच्छ-भारत-मिशन-(शहरी)-2.0-के-तहत-49.66-करोड़-के-50/84176</link><description>00 राज्य स्तरीय तकनीकी समिति ने 42 आकांक्षी शौचालयों सहित स्वच्छता व अपशिष्ट प्रबंधन की परियोजनाओं को दी स्वीकृतिरायपुर। शहरों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 49 करोड़ 66 लाख रुपए के 50 कार्यों को मंजूरी दी गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में हुई स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की 13वीं बैठक में इन कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रालय में हुई बैठक में 42 आकांक्षी शौचालयों सहित सतत स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अनुपचारित जल प्रबंधन से जुड़े कई कार्यों को मंजूरी दी गई। इन कार्यों से शहरों में नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा तथा स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्वीकृत परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन की निगरानी के लिए परियोजना पर्यवेक्षण सलाहकार की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई। साथ ही अनुपचारित जल प्रबंधन के अंतर्गत 5 नगरीय निकायों से प्राप्त निविदा दरों से संबंधित प्रस्तावों पर भी आवश्यक स्वीकृतियां जारी की गईं। इससे इन निकायों में जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।बैठक में नगरीय क्षेत्रों में शून्य अपशिष्ट मॉडल को बढ़ावा देने और स्वच्छता प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने विभिन्न नवाचारों पर चर्चा की गई। कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नवाचार आधारित मॉडल विकसित करने तथा उन्हें व्यापक स्तर पर लागू करने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। समिति ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने और शहरों में सतत स्वच्छता व्यवस्था स्थापित करने पर विशेष बल दिया, ताकि इन परियोजनाओं का लाभ शीघ्र आम नागरिकों तक पहुंच सके। राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल, वित्त विभाग एवं अन्य विभागों के प्रतिनिधि, भारत सरकार के प्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारी ऑनलाइन एवं भौतिक रूप से बैठक में शामिल हुए।</description ></item><item><title>भोपालपट्टनम एवं भैरमगढ़ नगर पंचायत के नगरीय निकाय चुनावी गतिविधियां हुई तेज </title><link>https://cnin.co.in/भोपालपट्टनम-एवं-भैरमगढ़-नगर-पंचायत-के-नगरीय/84175</link><description>बीजापुर। जिले के भोपालपट्टनम और भैरमगढ़ नगर पंचायत क्षेत्रों में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर भाजपा-कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भोपालपट्टनम नगर पंचायत में इस बार अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा में दावेदारों की संख्या चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर करीब 15 नामों की दावेदारी की चर्चा है, हालांकि भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता या अधिकृत पर्यवेक्षक की ओर से किसी भी नामों की पुष्टि नहीं की गई है।&amp;nbsp;भोपालपट्टनम नगर पंचायत में कुल 15 वार्ड हैं। स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार पिछले चुनाव में सभी 15 वार्डों में कांग्रेस के पार्षद निर्वाचित हुए थे, और नगर पंचायत अध्यक्ष का पद भी कांग्रेस के पास रहा। ऐसे में आगामी चुनाव में भाजपा का विशेष ध्यान भोपालपट्टनम नगर पंचायत दिया जा रहा है। दूसरी ओर भैरमगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच स्थिति अपेक्षाकृत करीबी मुुकाबला माना जा रहा है। नगर पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा संगठन की ओर से बैठकों और राजनीतिक गतिविधियों का दौर जारी है।नगरीय निकाय चुनावों को लेकर भाजपा के प्रभारी मंत्री सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भी चुनावी तैयारियों पर नजर रखे हुए हैं। हालांकि प्रत्याशियों के नाम और अध्यक्ष पद के लिए अधिकृत चयन को लेकर अभी पार्टी की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। भोपालपट्टनम नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से स्थानीय स्तर पर यालम वेंकट, ऊगेन्द्र वासम, राकेश केतारफ, रिया यालम और निर्मला आत्रम सहित कई अन्य नामों की चर्चा है। वहीं कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों के रूप में कामेश्वर गौतम और अरुण वासम के नाम स्थानीय स्तर पर चर्चा में बताए जा रहे हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से भी इन नामों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इस बार मतदाताओं के रुख और वार्डवार समीकरणों पर सभी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में प्रत्याशियों को लेकर मंथन और चर्चाओं का दौर जारी है। अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी कि अध्यक्ष पद की दौड़ में कौन-कौन से चेहरे चुनावी मैदान में उतरते हैं।</description ></item><item><title>बस्तर में मूसलाधर बारिश का सिलसिला जारी,जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट हुई रद्द </title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-में-मूसलाधर-बारिश-का-सिलसिला/84174</link><description>जगदलपुर। बस्तर में बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के चलते पिछले दो दिनों से आसमान में घने बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश जारी रही, वहीं गुरूवार सुबह से मौसम विभाग के पूर्वानुमान के भारी बारिश के अनुमान के अनुसार मूसलाधर बारिश का सिलसिला जारी है। जिसके चलते बस्तर जिले में 24 सितंबर को सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित दिया गया, वहीं गुरुवार को जगदलपुर से हैदराबाद की फ्लाइट रद्द करनी पड़ी है। मौसम खराब होने से 30 से अधिक यात्री हैदराबाद के लिए रवाना नहीं हो सके। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश और बादल बने रहे तो हवाई सेवा प्रभावित हो सकती है। सितंबर में अब तक बस्तर जिले में 156.6 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि से लगभग 11 मिमी. अधिक है।जगदलपुर एयरपोर्ट पर गुरुवार को मौसम खराब होने के कारण हैदराबाद की उड़ान का संचालन नहीं हो सका। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और मूसलाधर बारिश का दौर जारी रहा। खराब मौसम के चलते विमान के संचालन और सुरक्षा को देखते हुए फ्लाइट रद्द करनी पड़ी। इससे 30 से अधिक यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी। मौसम में आए बदलाव का असर सिर्फ हवाई सेवा पर ही नहीं, बल्कि शहर और आस-पास के इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। लगातार बादल छाए रहने से दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आगामी दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में दृश्यता और मौसम की स्थिति के आधार पर हवाई सेवा प्रभावित हो सकती है।</description ></item><item><title>झीरम घाटी नक्सली हमले में फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील पेश हुई</title><link>https://cnin.co.in/झीरम-घाटी-नक्सली-हमले-में-फैसले-के-खिलाफ-उच्च/84173</link><description>जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और चर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में कानूनी प्रक्रिया एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। जगदलपुर स्थित विशेष एनआईए न्यायालय के न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने मामले में 10 आरोपियों को मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाए जाने के बाद, अब बचाव पक्ष ने इस फैसले को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अपील पेश कर दी गई है।बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने जानकारी दी कि उन्होंने मामले के सभी दोषियों के परिजनों से विचार-विमर्श करने के उपरांत बिलासपुर हाईकोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील दायर कर दी है। याचिका दाखिल किए जाने के बाद अब बचाव पक्ष को हाईकोर्ट की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी होने का इंतजार है। मामले में हाईकोर्ट द्वारा अपील स्वीकार किए जाने और नोटिस जारी होने के बाद आगे की कानूनी बहस और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी। हाल ही में एनआईए की विशेष अदालत ने झीरम घाटी हमले के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी। एनआईए न्यायालय के इस सख्त फैसले को अब चुनौती देते हुए बचाव पक्ष ने अपील दायर की है। बचाव पक्ष की ओर से उच्च न्यायालय में तर्क प्रस्तुत कर निचली अदालत के फैसले की समीक्षा और राहत की मांग की जाएगी।</description ></item><item><title>पवन साय व अजय जामवाल को अब अन्य प्रांतों का जिम्मा</title><link>https://cnin.co.in/पवन-साय-व-अजय-जामवाल-को-अब-अन्य-प्रांतों-का/84172</link><description>&amp;nbsp;0-कर्मवीर सिंह बने छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री,पवन साय को झारखंड का प्रभार0-अजय जामवाल को महाराष्ट्र का प्रदेश संगठन महामंत्री बनायारायपुर-भाजपा ने संगठन में बदलाव करते हुए कई नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी हैं। कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ का प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया है। वे पवन साय का स्थान लेंगे। वहीं, पवन साय को झारखंड की जिम्मेदारी दी गई है।अजय जामवाल को महाराष्ट्र का प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया है। --</description ></item><item><title>विधायक अनुज ने अंगदान, कलेक्टर सिंह ने सपत्नीक सहित देहदान का लिया संकल्प</title><link>https://cnin.co.in/विधायक-अनुज-ने-अंगदान,-कलेक्टर-सिंह-ने/84171</link><description>00 जिले के अन्य अधिकारियों ने लिया देहदान का संकल्प,मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ने दिया प्रमाण पत्ररायपुर। राजधानी के इंडोर स्टेडियम में आयोजित आयुर्वेद सम्मेलन के दौरान मानवता और सेवा की प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष विधायक श्री अनुज शर्मा, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं उनकी पत्नी श्रीमती सुनीता सिंह तथा आयुष विभाग के संचालक राजेन्द्र कटारा ने देहदान एवं अंगदान का संकल्प पत्र भरकर मानव सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।इस अवसर पर आशीष देवांगन (आरटीओ) एवं उनकी पत्नी श्रीमती एकता देवांगन, जनसंपर्क विभाग के सहायक संचालक सचिन शर्मा एवं उनकी पत्नी श्रीमती सोनल शर्मा, तहसीलदार श्री प्रवीण परमार, श्री राममूर्ति दीवान, श्री सौरभ कश्यप, डीपीएम श्री मनीष कुमार मेजरवार, डॉ. प्रीति नारायण सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी देहदान एवं अंगदान का संकल्प लिया।प्रोजेक्ट दधीचि के तहत कुल 25 लोगों ने देहदान का संकल्प लेकर समाज के सामने सेवा और मानवता की प्रेरणादायी मिसाल प्रस्तुत की।देहदान और अंगदान का यह संकल्प मृत्यु के बाद भी मानव जीवन को बचाने और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को सहयोग देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री प्रबोध मिंज, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े, स्वास्थ्य विभाग के संचालक श्री संजीव कुमार झा, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षगण, प्रशासनिक अधिकारी, अर्धसैनिक बल एवं सेना के अधिकारी और जवान तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</description ></item><item><title>गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ बिलासपुर के शिक्षक कलेश्वर साहू का नाम, 2. 70 लाख सीड बॉल बनाकर रचा इतिहास</title><link>https://cnin.co.in/गोल्डन-बुक-ऑफ-वर्ल्ड-रिकॉर्ड्स-में-दर्ज-हुआ/84170</link><description>00 उप मुख्यमंत्री साव के समक्ष गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड राज्य प्रभारी श्रीमती सोनल राजेश शर्मा द्वारा प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान कर कियाबिलासपुर। बिलासपुर जिले ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। जनपद प्राथमिक शाला बिल्हा में पदस्थ शिक्षक कलेश्वर साहू ने अपनी निष्ठा और अथक परिश्रम से गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। साहू ने ग्रीष्मकालीन अवकाश और स्कूल समय के बाद अतिरिक्त समय निकालकर 3 माह 2.70 लाख सीड बॉल तैयार किए, जिसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में आधिकारिक मान्यता मिली है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा शिक्षक कलेश्वर साहू को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का आधिकारिक प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस विशेष अवसर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की राज्य प्रभारी श्रीमती सोनल राजेश शर्मा भी उपस्थित थी।शिक्षक कलेश्वर साहू ने अध्यापन कार्य के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति अपने सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। उन्होंने बिना किसी व्यावसायिक स्वार्थ के व्यक्तिगत प्रयासों से लाखों बीजों को सुरक्षित कर सीड बॉल का रूप दिया, ताकि पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा सके। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शिक्षक की इस सफलता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें पीठ थपथपाकर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि कलेश्वर साहू का यह कार्य न केवल बिलासपुर जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। सरकारी सेवा के साथ पर्यावरण के क्षेत्र में ऐसा असाधारण योगदान पूरे समाज के लिए अनुकरणीय है और यह लोगों को पर्यावरण संरक्षण अभियान से जुडऩे के लिए सदैव प्रेरित करेगा।</description ></item><item><title>रिकॉर्ड 81.35 प्रतिशत प्रकरणों के निपटारे से राजस्व अदालतों में आई अभूतपूर्व तेज़ी</title><link>https://cnin.co.in/रिकॉर्ड-81.35-प्रतिशत-प्रकरणों-के-निपटारे-से/84169</link><description>00 छत्तीसगढ़ में गति पकड़ता राजस्व न्याय,प्रशासनिक इच्छाशक्ति से आम जन को सीधी राहतविशेष लेख -विष्णु प्रसाद वर्मा (सहायक संचालक)रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाने की दिशा में राजस्व न्यायालयों के प्रदर्शन में एक नया अध्याय जुड़ गया है। दूरस्थ अंचलों से लेकर बड़े शहरों तक भूमि, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और स्वामित्व जैसे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े अत्यंत संवेदनशील मामलों को समयबद्ध सीमा में सुलझाने के लिए प्रशासनिक प्राथमिकताओं में अभूतपूर्व बदलाव आया है। राज्यभर के राजस्व न्यायालयों में दर्ज कुल 4,67,415 प्रकरणों में से रिकॉर्ड 3,80,224 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण कर लिया गया है। इस प्रकार संपूर्ण राज्य में मामलों के निराकरण की दर 81.35 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जबकि शेष 87,191 प्रकरणों के निपटारे के लिए भी लक्षित एवं सुव्यवस्थित प्रयास जारी हैं।कोर्ट-कचहरी के चक्करों से मुक्ति, समय और धन की बचतराजस्व मामलों का शीघ्र निपटारा केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव ज़मीन और आजीविका से जुड़े नागरिकों के रोज़मर्रा के जीवन पर पड़ता है। कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने से मुक्ति मिलने के साथ-साथ आम जन के समय और संसाधनों की बचत हो रही है, जिससे राज्य में पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों का शानदार प्रदर्शनराजस्व न्याय की इस तीव्र गति में सबसे प्रेरणादायक तस्वीर राज्य के दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल जिलों से सामने आई है, जहाँ प्रशासनिक पहुंच और त्वरित निर्णय क्षमता मिसाल बनी है। सुकमा जिला 92.70 प्रतिशत निराकरण दर के साथ पूरे प्रदेश में शीर्ष पर है, जहाँ 7,224 मामलों में से 6,697 का निपटारा किया गया है। इसी तरह नारायणपुर में 92.28 प्रतिशत (5,780 में से 5,334 प्रकरण), दंतेवाड़ा में 91.50 प्रतिशत (5,614 में से 5,137 प्रकरण) और बीजापुर में 89.67 प्रतिशत की उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।बड़े जि़लों में भी तेज़ी से सुलझ रहे ज़मीन-जायदाद के मामलेभौगोलिक चुनौतियों के बावजूद दूरदराज के क्षेत्रों में मिली यह सफलता प्रशासनिक तंत्र की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वहीं, राज्य के अधिक केस भार वाले बड़े जिलों में भी प्रकरणों के निपटारे का सिलसिला पूरी तेज़ी से चल रहा है। बस्तर में 17,600 में से 15,745 प्रकरण, बलौदाबाजार-भाटापारा में 20,905 में से 18,494 प्रकरण, राजधानी रायपुर में 34,226 में से 29,824 प्रकरण, बिलासपुर में 29,495 में से 24,539 प्रकरण, जांजगीर-चांपा में 19,132 में से 16,109 प्रकरण तथा कोरबा में 19,705 में से 15,747 मामलों को हल कर नागरिकों को राहत दी गई है।ई-धरती और आधुनिक सर्वेक्षण से संवरते भू-अभिलेखराजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण के साथ-साथ राज्य सरकार ई-धरती योजना और आधुनिक भू-सर्वेक्षण तकनीकों के ज़रिए भू-अभिलेखों के सुदृढ़ीकरण पर भी व्यापक काम कर रही है। राज्य में 431 वन ग्राम से परिवर्तित राजस्व ग्राम और 596 असर्वेक्षित या मसाहती ग्रामों को मिलाकर कुल 1,027 ग्रामों का सर्वे हेतु चिन्हांकन किया गया है। इनमें से 284 ग्रामों का सर्वेक्षण कार्य पूरा करके डाटा भुइयाँ पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया गया है, जबकि 196 ग्रामों में अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया चल रही है।अबूझमाड़ में ऐतिहासिक पहल और डिजिटल नक्शों का निर्माणअति-संवेदनशील अबूझमाड़ क्षेत्र और नारायणपुर जिले में भी ग्राम सर्वेक्षण की शुरुआत एक ऐतिहासिक पहल है, जहाँ 6 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन पूर्ण कर अभिलेखों एवं नक्शों को भुइयां और भू-नक्शा सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर दिया गया है तथा 59 अन्य ग्रामों में अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया गतिमान है। इसके अतिरिक्त, ई-धरती योजना के तहत बंदोबस्त त्रुटियों को सुधारने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोंडागांव जिले को 1.10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया गया है। नगरीय निकायों के कैडेस्ट्रल नक्शों को 1:500 के सूक्ष्म पैमाने पर बदलने की दिशा में भी काम तेज़ी से जारी है, जिसके तहत 22 जिलों के 396 गांवों को नए पैमाने के नक्शे प्रदान कर दिए गए हैं, जबकि नजूल व परिवर्तित अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य भी अंतिम चरणों में है। वर्ष 2025-26 के लिए पात्र हितग्राहियों के सत्यापन एवं की प्रक्रिया को भी प्रगति पर रखा गया है।वर्षों पुराने लंबित मामलों के लिए वैज्ञानिक रणनीतिन्यायालयीन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लंबित 87,191 प्रकरणों का समयावधि के अनुसार वैज्ञानिक वर्गीकरण किया गया है। वर्तमान में 0 से 6 माह की अवधि के 51,401 मामले लंबित हैं, जबकि 6 माह से 1 वर्ष के 13,218 मामले, 1 से 3 वर्ष के 15,918 मामले, 3 से 5 वर्ष के 3,903 मामले और 5 वर्ष से अधिक अवधि के 2,751 प्रकरण लंबित सूची में हैं। इस वर्गीकरण का मुख्य उद्देश्य वर्षों पुराने प्रकरणों को चिन्हित कर उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ हल करना है, ताकि लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवादों का स्थायी अंत हो सके।राज्यभर में 80 प्रतिशत से अधिक सफलता दर और प्रभावी समीक्षाप्रदेश के अन्य जिलों में भी 80 प्रतिशत या उससे अधिक निराकरण दर दर्ज की गई है, जिनमें राजनांदगांव 83.45 प्रतिशत, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई 83.42,कोरिया 81.87,सारंगढ़-बिलाईगढ़ 81.84,धमतरी 81.65, बेमेतरा 81, जशपुर 80.67, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी 80.38, कबीरधाम 80.23 और कांकेर 80.21 प्रतिशत शामिल हैं। इसके अलावा सरगुजा, महासमुंद, रायगढ़, सूरजपुर, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज जैसे जिलों में भी निरंतर समीक्षा बैठकों, डिजिटल ट्रैकिंग और समयबद्ध सुनवाई के माध्यम से मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को गति दी जा रही है।</description ></item><item><title>रास गरबा में रेंट पर पार्टनर के विज्ञापन पर फूटा गुस्सा, कन्हैया के नेतृत्व में सौंपा गया पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन</title><link>https://cnin.co.in/रास-गरबा-में-रेंट-पर-पार्टनर-के-विज्ञापन-पर/84167</link><description>00 सोशल मीडिया से तत्काल विवादित पोस्ट हटाने और आयोजकों पर मामला दर्ज करने की मांगरायपुर। हिंदू धर्म के पावन पर्व नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले रास गरबा में रेंट पर पार्टनर उपलब्ध कराने संबंधी सोशल मीडिया विज्ञापन को लेकर जनाक्रोश भड़क गया है। इस गंभीर मुद्दे पर आज छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और आरोपियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि जगत जननी मां जगदंबे की आराधना का पर्व नवरात्रि अत्यंत पवित्र और आस्था का प्रतीक है। ऐसे पावन अवसर पर रास गरबा के लिए 'रेंट पर पार्टनरÓ का पोस्टर जारी कर विज्ञापन करना सनातन धर्म का अपमान है और इससे माँ दुर्गा के उपासकों व समस्त सनातन धर्मियों की धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं। कन्हैया अग्रवाल ने शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा कि कुछ इवेंट कंपनियां लगातार धार्मिक आयोजनों को टारगेट कर सामाजिक मर्यादाओं को तार-तार कर रही हैं। भविष्य में कोई भी संस्था या इवेंट कंपनी इस तरह का दुस्साहस न कर सके, इसके लिए ऐसे असामाजिक तत्वों और आयोजकों पर गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।प्रतिनिधिमंडल में शामिल संगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने कहा कि इससे पहले भी न्यूड पार्टी और रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार पर महिलाओं के लिए पैग फ्री जैसे अनैतिक विज्ञापन जारी कर शासन-प्रशासन को चुनौती दी जा चुकी है। ऐसी प्रवृत्तियों पर समय रहते लगाम लगाना बेहद जरूरी है। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से संगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक, सुरेश बाफना, आस मोहम्मद, शरद गुप्ता, देवेंद्र पवार, शंकर सेन, राजेश त्रिवेदी, प्रतीक तिवारी, सैफुल्लाह, जी. करणराज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।</description ></item><item><title>भागवत जायसवाल अब सम्हालेंगे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग</title><link>https://cnin.co.in/भागवत-जायसवाल-अब-सम्हालेंगे-पंचायत-एवं/84166</link><description>रायपुर। राज्य प्रशासनिक सेवा के भागवत प्रसाद जायसवाल (रा.प्र.से.), उप सचिव, राजस्व एवं प्रबंधन विभाग को तत्काल प्रभाव से, अस्थाई रूप से, आगामी आदेश तक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में पदस्थ किया गया है। उक्त आदेश सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव मनराखन भूआर्य के हस्ताक्षर से जारी हुआ।</description ></item><item><title>झारखंड के प्रदेश महामंत्री रहे कर्मवीर बनाए गए छत्तीसगढ़ में प्रदेश महामंत्री (संगठन)  </title><link>https://cnin.co.in/झारखंड-के-प्रदेश-महामंत्री-रहे-कर्मवीर-बनाए/84165</link><description>00 आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गोवा के साथ छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) बने शिवप्रकाशरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण नियुक्तियां की है। जिसके तहत आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गोवा के साथ छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) का दायित्व शिवप्रकाश को दिया है जिनका केंद्र मुंबई होगा। अब तक छत्तीसगढ़, मप्र के क्षेत्रीय महामंत्री रहे अजय जम्वाल मुक्त कर दिए गए हैं, उन्हें महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी सम्हाल रहे पवन साय को हटाकर झारखंड भेज दिया गया है वहीं छत्तीसगढ़ का जिम्मा कर्मवीर संभालेंगे और उनका केंद्र रायपुर रहेगा। इससे पहले कर्मवीर झारखंड में प्रदेश महामंत्री का दायित्व निभा रहे थे। &amp;nbsp;छत्तीसगढ़ भाजपा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार कर्मवीर सिंह उत्तर प्रदेश के मथुरा जिला वर्तमान में अब हाथरस जिला के स्वयंसेवक है। 1993 से संघ के प्रचारक जीवन का प्रारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म स्थली से किया इसके बाद तहसील प्रचारक, नगर प्रचारक रहे। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सिकरी (आगरा) व अलीगढ़ महानगर प्रचारक एवं मथुरा जिला के जिला प्रचारक बने। उत्तर प्रदेश के एटा, अलीगढ़ व बरेली विभाग के विभाग प्रचारक रहे। 2015 में मेरठ प्रांत (पश्चिम उत्तर प्रदेश) के सह प्रांत प्रचारक बने। 2019 में ब्रज प्रांत के सह प्रांत प्रचारक के रूप में कार्य किया। 2020 से भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश के प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) के रूप में कार्य किया। अगस्त 2022 से आपकी योजना झारखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री (संगठन) के रूप में कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में कर्मवीर का केन्द्र भाजपा प्रदेश कार्यालय, रांची (झारखंड) है।</description ></item><item><title>इनोवा में छिपाकर ले जा रहे थे 132 किलो गांजा के साथ दो तस्कर गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/इनोवा-में-छिपाकर-ले-जा-रहे-थे-132-किलो-गांजा-के/84164</link><description>महासमुंद। महासमुंद पुलिस ने 132 किलो गांजा के साथ महाराष्ट्र के पुणे निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 66 लाख रुपए बताई जा रही है।थाना बसना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक इनोवा कार के जरिए गांजे की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने क्षेत्र में नाकाबंदी की और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। नाकाबंदी के दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध इनोवा कार क्रमांक एमएच 04 जीएम 8841 को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजे को जब्त कर उसका वजन कराया, जो कुल 132 किलो निकला। जब्त गांजे की कीमत करीब 66 लाख रुपए आंकी गई है। इसके बाद पुलिस ने कार सवार दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।पुलिस ने मामले में गणेश बाजे (42) और विपुल भालेराव (36) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले बताए गए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गांजे की यह खेप ओडिशा के कंधमाल से लेकर पुणे जा रहे थे। पुलिस अब आरोपियों से गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजे की सप्लाई कहां की जानी थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।</description ></item><item><title>प्रधानमंत्री आवास योजना में 672 मकानों के लिए लॉटरी, 1787 पात्र हितग्राही शामिल</title><link>https://cnin.co.in/प्रधानमंत्री-आवास-योजना-में-672-मकानों-के-लिए/84163</link><description>00 बांसटाल स्वीपर कॉलोनी में 40 व अमलीडीह में 60 आवासों का होगा निर्माणरायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत रायपुर नगर निगम ने चार आवासीय परियोजनाओं में मकानों के आवंटन के लिए बुधवार को हितग्राहियों की उपस्थिति में लॉटरी निकाली। इसमें लोक कर्म विभाग अध्यक्ष दीपक जायसवाल, अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर और सहायक अभियंता अमित बोस मौजूद रहे। निगम ने योजना की भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के तहत 13 स्थानों पर 2616 मकानों के आवंटन के लिए 30 जून को विज्ञापन जारी कर 15 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन मंगाए थे। निर्धारित अवधि में कुल 5841 आवेदन प्राप्त हुए। मकानों की संख्या से अधिक आवेदन आने पर पात्र हितग्राहियों के क्रम निर्धारण के लिए चार परियोजनाओं में लॉटरी की गई। विभिन्न क्षेत्रों के लिए 672 मकानों के लिए लॉटरी निकाली गई जिसमें 1787 हितग्राही पात्र मिले हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत रायपुर शहर में गरीब और कमजोर आय वर्ग के परिवारों के लिए 100 नए आवास बनाए जाएंगे। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति ने भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) की दो परियोजनाओं को मंजूरी दी है। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 5 करोड़ 56 लाख रुपए है। बांसटाल स्वीपर कॉलोनी स्लम के पुनर्वास के लिए 2 करोड़ 11 लाख रुपए की लागत से 40 आवास बनाए जाएंगे। इसी तरह अमलीडीह में 3 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से 60 आवासों का निर्माण होगा।</description ></item><item><title>29 सितंबर की रात से बंद होगा उरकुरा रेलवे फाटक</title><link>https://cnin.co.in/29-सितंबर-की-रात-से-बंद-होगा-उरकुरा-रेलवे-फाटक/84162</link><description>रायपुर। रेलवे प्रशासन की ओर से मांढर-उरकुरा स्टेशनों के बीच स्थित समपार फाटक क्रमांक 414 पर जरूरी तकनीकी कार्य के चलते उरकुरा रेलवे फाटक 29 सितंबर की रात 10 बजे से बंद किया जाएगा। यह कार्य पूरा होने तक फाटक से सड़क यातायात बंद रहेगा। रेलवे के अनुसार, कार्य सामान्य परिस्थितियों में 30 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे तक पूरा होने की संभावना है।मांढर-उरकुरा रेलवे स्टेशनों के बीच समपार क्रमांक 414 किलोमीटर क्षेत्र में नई रेलवे लाइन से संबंधित कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में रेलवे ट्रैक पर चेक रेल लगाने का काम किया जाएगा। इस कार्य के दौरान कर्मचारियों और मशीनरी की आवाजाही तथा तकनीकी कार्य के लिए फाटक को बंद रखना आवश्यक होगा। रेलवे फाटक बंद रहने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि 29 सितंबर की रात 10 बजे के बाद इस फाटक से आवागमन की योजना न बनाएं और जरूरत पडऩे पर वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें।</description ></item><item><title>रायपुर में अब 14 जगहों पर होगी रजिस्ट्री की सुविधा, नए उपपंजीयक कार्यालय खोलने के लिए भवनों की तलाश शुरू</title><link>https://cnin.co.in/रायपुर-में-अब-14-जगहों-पर-होगी-रजिस्ट्री-की/84161</link><description>रायपुर। राजधानी रायपुर में जमीन, मकान और प्लॉट की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। शासन शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पांच नए उप पंजीयक कार्यालय खोलने की तैयारी कर रहा है। ये कार्यालय आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से भी लैस होंगे। इनके शुरू होने के बाद रायपुर में कुल 14 स्थानों पर जमीन की रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध होगी। राजधानी में 7 रजिस्ट्री कार्यालय हैं जिनपर भीड़ का दबाव काफी ज्यादा रहता है। ऐसे में रजिस्ट्री के लिए लोगों को काफी इंतजार करना पड़ जाता है। वहीं दो दफ्तर बेबीलॉन टॉवर और विधानसभा रोड स्थित श्रीराम बिजनेस पार्क में पहले ही खुल चुके हैं।विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पहले रायपुर के पंजीयक कार्यालय में रोजाना 400 से अधिक जमीनों की रजिस्ट्री होती थी। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण मुख्य रजिस्ट्री कार्यालय में लगातार भीड़ बनी रहती है। इसे देखते हुए रजिस्ट्री कार्यालयों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब यहां औसतन 150 रजिस्ट्रीयां होती हैं। नए रजिस्ट्री केंद्र मुख्य रूप से शहर के आउटर इलाकों में खोले जाएंगे। इसके लिए भवन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टाटीबंध-हीरापुर, अमलीडीह-अवंति विहार और बीरगांव-सिलतरा समेत आउटर क्षेत्रों में नए केंद्र खोले जाने की तैयारी है इससे इन क्षेत्रों के लोगों को अपने नजदीक ही रजिस्ट्री की सुविधा मिल सकेगी। नए भवन आधुनिक सुविधा से लैस होंगे। जिससे कम समय में ज्यादा से ज्यादा रजिस्ट्रियां हो सकेंगी।वर्तमान में जिले के दूर-दराज के लोगों को रजिस्ट्री कराने के लिए रायपुर समेत अन्य क्षेत्रों के दफ्तर में जाना पड़ता है। नए कार्यालय खुलने से लोगों को अपने नजदीकी क्षेत्र में सुविधा मिल जाएगी। कलेक्टोरेट परिसर में नई पांच मंजिला पंजीयन बिल्डिंग का आगामी कुछ महीनों में लोकार्पण होना है। रायपुर जिला पंजीयक विनोज कोचे ने बताया कि इस बिल्डिंग में पंजीयक के अलावा 8 उपपंजीयक बैठेंगे। वहीं अन्य सभी उपपंजीयक दफ्तरों में 1-1 उपपंजीयक बैठेंगे। इस तरह शहरी क्षेत्र में कुल 15 उपपंजीयक अपनी सेवाएं देंगे।</description ></item><item><title>मूसलाधार बारिश के चलते बस्तर जिले के स्कूलों की एक दिन की छुट्टी, परीक्षाएं स्थगित</title><link>https://cnin.co.in/मूसलाधार-बारिश-के-चलते-बस्तर-जिले-के-स्कूलों/84160</link><description>जगदलपुर। बस्तर अंचल में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही अत्यधिक बारिश और क्षेत्र में बाढ़ जैसे बनते हालात को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 24 सितंबर 2026 को जिले के सभी शासकीय, अशासकीय (निजी) और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में एक दिवसीय अवकाश घोषित कर दिया है।बारिश के कारण केवल नियमित कक्षाएं ही प्रभावित नहीं हुई हैं, बल्कि आज आयोजित होने वाली त्रैमासिक परीक्षाओं को भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आज की जगह यह परीक्षा अब अगले शाला दिवस (स्कूल खुलने वाले अगले दिन) आयोजित की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से विद्यार्थियों की सेहत, सुरक्षा और उनके आवागमन में होने वाली संभावित परेशानियों को देखते हुए लिया गया है। ग्रामीण व निचले इलाकों में जलभराव और पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति को देखते हुए जोखिम न लेने की हिदायत दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी बलीराम बघेल ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल समन्वयकों और स्कूल प्राचार्यों को इस आदेश का तत्काल और कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी बच्चा बारिश में स्कूल न पहुंचे।</description ></item><item><title>भूमि संबंधी प्रकरण में कलेक्टर ने लिया संज्ञान, जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित</title><link>https://cnin.co.in/भूमि-संबंधी-प्रकरण-में-कलेक्टर-ने-लिया/84159</link><description>गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के संज्ञान में ग्राम करहनी तहसील मरवाही स्थित भूमि से संबंधित प्रकरण आने पर उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय द्वारा जांच आदेश जारी कर तीन सदस्यीय अधिकारियों की टीम गठित की गई है। प्रकरण ग्राम करहनी स्थित खसरा नंबर 12/20 की भूमि से संबंधित है। उपलब्ध पुराने दस्तावेजों में उक्त भूमि जोहरी बाई के नाम दर्ज होना बताया गया है। दस्तावेजों के अनुसार जोहरी बाई के निधन का वर्ष 2010 होना उल्लेखित है। वहीं, उक्त भूमि के संबंध में 16 अप्रैल 2026 को अविनाश एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड रायपुर द्वारा प्रस्तुत आवेदन तथा बाद की कार्यवाही में नाम संबंधी स्थिति को लेकर जांच की आवश्यकता सामने आई है।&amp;nbsp;प्रकरण की वास्तविक स्थिति एवं राजस्व अभिलेखों में दर्ज तथ्यों की विस्तृत जांच के लिए कलेक्टर श्री विजय दयाराम के द्वारा अपर कलेक्टर श्री डी.आर. डाहिरे को जांच दल प्रभारी तथा डिप्टी कलेक्टर श्री विक्रांत अंचल एवं राजस्व निरीक्षक श्री संजय तिवारी को सदस्य नियुक्त किया गया है। जांच दल को प्रकरण की विस्तृत जांच कर 10 दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरी के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर के इस त्वरित निर्णय से प्रकरण में उपलब्ध राजस्व अभिलेखों, दस्तावेजों एवं संबंधित तथ्यों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ हो गई है।</description ></item><item><title>सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित बचपन से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़</title><link>https://cnin.co.in/सशक्त-मातृशक्ति-और-सुपोषित-बचपन-से-बनेगा/84158</link><description>विशेष लेख : श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े मंत्री, महिला एवं बाल विकास, छत्तीसगढ़ शासनरायपुर। विकास का अर्थ केवल नई सुविधाओं और अधोसंरचना का विस्तार नहीं है। विकास तब सार्थक होता है, जब एक महिला अपने भविष्य के निर्णय आत्मविश्वास से ले सके, एक मां को अपने बच्चे के स्वास्थ्य की चिंता में सहयोग मिले और हर बच्चे को पोषण, शिक्षा तथा सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो। ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी मानवीय सोच को जनभागीदारी के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाने का अवसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है। हमारा उद्देश्य है कि योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ उन परिवारों तक भी पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।’महिलाओं का आत्मविश्वास ही समाज की शक्ति’छत्तीसगढ़ की महिलाएं परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देती रही हैं। आज वे अपनी मेहनत और प्रतिभा से उद्यमिता तथा सामाजिक नेतृत्व में भी नई पहचान बना रही हैं। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने अनेक महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं और परिवार के खर्च से जुड़े निर्णय लेने में संबल दिया है। किसी ने इस राशि से बचत शुरू की है, तो किसी ने इसे छोटे आजीविका प्रयासों का आधार बनाया है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से भी महिलाएं बचत, कौशल और उद्यम से जुड़ रही हैं। हमारा प्रयास है कि उन्हें आर्थिक सहायता के साथ आगे बढ़ने के अवसर भी मिलें। जब महिला आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेती है, तो उसका प्रभाव पूरे परिवार के जीवन पर पड़ता है।’आँगनवाड़ी से जुड़ें परिवार और समुदाय’एक स्वस्थ और सक्षम समाज की नींव बचपन में पड़ती है। आँगनवाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ माताओं को आवश्यक जानकारी देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन केंद्रों की सफलता में आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों के साथ परिवार और समुदाय का सहयोग भी जरूरी है। ‘हमारी आँगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ इसी साझा दायित्व की भावना को व्यक्त करता है।25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होने वाला ‘आँगन मिलन’’ इस भागीदारी को और मजबूत करेगा। इस दौरान अभिभावकों और समुदाय के लोगों को आँगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों से जुड़ने, बच्चों के भोजन और स्वच्छता की व्यवस्था को समझने तथा पोषण पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। घर में बच्चों को क्या खिलाया जाए, भोजन में विविधता कैसे लाई जाए और स्वच्छता की अच्छी आदतें कैसे विकसित हों-इन विषयों पर संवाद पोषण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाएगा। पोषण केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। बच्चे को उम्र के अनुसार पर्याप्त और विविध आहार मिले, उसकी वृद्धि पर ध्यान दिया जाए और परिवार उसकी देखभाल में सक्रिय रहे-यह हम सबकी जिम्मेदारी है। ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ का संदेश इसी सोच को हर घर तक ले जाने का आह्वान है।’सुरक्षित बचपन के लिए साझा संकल्प’हर बच्चे को भय और शोषण से मुक्त वातावरण मिलना चाहिए। बाल विवाह, बाल श्रम, हिंसा और उपेक्षा जैसी चुनौतियों का सामना केवल कानून के भरोसे नहीं किया जा सकता। परिवार, विद्यालय, पंचायत, आँगनवाड़ी और समुदाय को मिलकर सजग रहना होगा। बच्चों की बात सुनना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और आवश्यकता पड़ने पर समय से सहायता पहुंचाना सुरक्षित बचपन की दिशा में आवश्यक कदम हैं।सेवा संकल्प अभियान हमें याद दिलाता है कि सेवा का वास्तविक अर्थ लोगों तक पहुंचना और उनकी जरूरतों को समझना है। किसी मां को पोषण संबंधी सही जानकारी मिलना, किसी महिला को आजीविका का अवसर मिलना और किसी बच्चे को सुरक्षित वातावरण मिलना-यही इस अभियान की सार्थक उपलब्धियां होंगी। आइए, ‘आँगन मिलन’ से शुरू होने वाले संवाद और सहभागिता को निरंतर बनाए रखें। जब परिवार, समुदाय और शासन साथ मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित, सुरक्षित बचपन के संकल्प से विकसित छत्तीसगढ़ का आधार मजबूत होगा।</description ></item><item><title>नेक्सेरा ऐप हुआ लॉन्च, चार रियल एस्टेट ग्रुप मिलकर लाएंगे मिसिंग मिडिल के लिए सौगात </title><link>https://cnin.co.in/नेक्सेरा-ऐप-हुआ-लॉन्च,-चार-रियल-एस्टेट-ग्रुप/84157</link><description>00 भूमि पूजन के साथ ही नेक्सेरा एप हुआ लॉन्च, रियल एस्टेट ग्राहकों की जागरुकता की राह आसान&amp;nbsp;00 रियल एस्टेट ग्राहकों की जागरुकता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लॉन्च हुआ- नेक्सेरा एप&amp;nbsp;00 भूमि पूजन कार्यक्रम में साथ आए चार बड़े रियल एस्टेट ग्रुप - मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए मिलकर लाएंगे बड़ा प्रोजेक्ट&amp;nbsp;00 नेक्सेरा एप से बढ़ेगी जागरुकता, रियल एस्टेट के ग्राहकों को मिलेगी रियल टाइम जानकारी&amp;nbsp;रायपुर। रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी से हो रहे बदलाव के बीच ग्राहकों को जागरुक करने एवं कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए नेक्सेरा ऐप लॉन्च किया गया। रजत बिल्डटेक के एमडी मृणाल गोलछा ने कहा कि “छत्तीसगढ़ में पहली बार इस तरह का प्रयोग हुआ है जिसमें एक ऐप के माध्यम से रियल एस्टेट ग्राहकों को जागरुकर करने की पहल की जा रही है। इस ऐप में ऐसे अनेक फीचर्स हैं, जिनके उपयोग से ग्राहकों को अपने लिए उपयुक्त प्रोजेक्ट के चयन, बजट, लोन के साथ ही कस्टमर केयर सुविधा मिलेगी। नेक्सेरा एप, हमारे ग्राहकों की सेवा में हमें उनके और करीब लाने का प्रयास है.”&amp;nbsp;</description ></item><item><title>कल से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन,27 को निकलेगी झांकी</title><link>https://cnin.co.in/कल-से-गणेश-प्रतिमाओं-का-विसर्जन,27-को-निकलेगी/84156</link><description>&amp;nbsp;0- तालाबों में नहीं होगा विसर्जन,किया तो कटेगी चालान0- महादेव घाट के विसर्जन कुंड में लगभग 200 मूर्ति विसर्जितरायपुर- कल 25 सितंबर से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो जायेगा। महादेवघाट में बड़ी प्रतिमाएं विसर्जित होंगी, जबकि छोटी प्रतिमाओं के लिए शहर में 43 जगह अस्थायी कुंड बनाए गए हैं। तालाबों में प्रतिमा विसर्जित करने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। खारून नदी, तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब समेत अन्य तालाबों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा। अब तक महादेव घाट के विसर्जन कुंड में 200 से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है।इसके बाद 27 सितंबर को शहर में झांकियां निकाली जाएंगी, जिसे लेकर पुलिस ने ट्रैफिक रूट जारी कर दिया है। समिति वालों के साथ हुई प्रशासनिक बैठक के बात ये भी तय हो गया है कि सदर वाली रूट से ही झांकी निकलेगी लेकिन डीजे नहीं बजेगा,सीमति साउंड सिस्टम के साथ झांकी निकाली जायेगी। अब देखना ये हैं कि इसका कितना पालन हो पाता है। &amp;nbsp;नगर निगम ने महादेव घाट स्थित विसर्जन कुंड की व्यवस्था संभालने के लिए समिति गठित की है। यहां 25 सितंबर सुबह 6 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक अफसरों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। खारून नदी, तेलीबांधा तालाब और बूढ़ातालाब समेत अन्य तालाबों में प्रतिमा विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा।गणेश विसर्जन और झांकियों को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का प्लान तैयार किया है। बुधवार को सी-4 भवन में गणेश उत्सव समितियों के आयोजकों की बैठक हुई, जिसमें पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम, पीडबल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग और एसडीआरएफ के अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।विसर्जन के दौरान शहर में 1 हजार से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहेंगे। पुलिस ने समितियों से निर्धारित विसर्जन स्थल का ही उपयोग करने की अपील की है। समितियों ने साउंड सिस्टम तय मानक के अनुसार रखने, बेस और वाइब्रेशन मोड बंद रखने पर सहमति दी है।नगर निगम ने महादेव घाट स्थित विसर्जन कुंड की व्यवस्था संभालने के लिए समिति गठित की है। यहां कल (25 सितंबर) सुबह 6 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक अफसरों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। खारून नदी, तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब समेत अन्य तालाबों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा। अब तक महादेव घाट के विसर्जन कुंड में 200 से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है।&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>कठिन रहा है टूटे परिवार से अपने मकान तक प्रमिला का सफर</title><link>https://cnin.co.in/कठिन-रहा-है-टूटे-परिवार-से-अपने-मकान-तक/84155</link><description>कोरिया। कठिन परिस्थितियों में एक छोटी सी मदद भी बड़ी आस जगा देती है। अपने परिवार से अलग हुई प्रमिला के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास ने एक ऐसा संबल दिया है जिससे वह अपने मायके में रहकर ही सम्मान से आजीविका चला रही हैं। जब उनके ससुराल से उन्हे बेघर कर दिया गया तो उनके जीवन में कठिनाई का दौर बेहद संघर्षपूर्ण हो गया था। ऐसे मेें अपने पिता के गांव में आकर जीवन यापन करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन इन विपरीत परिस्थितियों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच ने इस विषेष पिछड़ी जनजाति की परित्यक्ता महिला के जीवन को बड़ा सहारा दिया है।टूटे मन से कठिन जीवनकोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत का दूरस्थ ग्राम पंचायत गेजी एक अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांव है। यहां के निवासी बालम के परिवार मे पैदा हुई प्रमिला का बालिग होते ही विवाह हो गया। अपने दांपत्य जीवन की शुरुआत उसने अपने ससुराल मे कई सपने लेकर की। लेकिन पारिवारिक विसंगतियों ने उसे अपने पति से अलगाव की कगार पर ला दिया। अपने जीवन के कई सपने लेकर ससुराल गई प्रमिला के लिए वापस मायके आकर अपना जीवन चलाने की मजबूरी सामने आ गई। वह कुछ दिनों तक अपने पिता के घर पर थीं और मजदूरी से अपना जीवन यापन करने लगी।जनमन ने बदला जीवनश्रमिक परिवार से होने के कारण प्रमिला के लिए आजीविका की उतनी कठिनाई नहीं थी जितनी कठिनाई उसे अपनी छत को लेकर थी। ऐसे में प्रधानमंत्री जनमन आवास ने उसके कठिन जीवन को एक मनचाहा सहारा प्रदान किया। जनमन आवास योजना से मिली राशि से प्रमिला का अपना पक्का सुरक्षित मकान बनकर तैयार है और अब वह बकरी पालन के साथ मजदूरी करके आसानी से अपना जीवन यापन करने लगी हैं।परिवार टूटा पर मन की दृढ़ता से बनी बातग्राम पंचायत गेजी में रहने वाली परित्यक्ता प्रमिला ने कहा कि शादी के बाद जब पारिवारिक संबंध पति और ससुराल से टूटे तो उसका जीवन बेहद कठिन हो गया था। ऐसे में पिता के घर पर रहना उनके लिए हमेषा संकोच और निराषा का भाव लाता था। प्रधानमंत्री जनमन योजना से बने आवास से अब उनका खुद का ठिकाना सुनिश्चित हुआ है और वह अपनी मेहनत से नई शुरुआत करने के लिए तैयार हैं।</description ></item><item><title>पक्के मकान के साथ अब कंग्लेश के जीवन मे सबकुछ आसान हुआ</title><link>https://cnin.co.in/पक्के-मकान-के-साथ-अब-कंग्लेश-के-जीवन-मे-सबकुछ/84154</link><description>कोरिया। युवावस्था मे जब एक आदिवासी परिवार अपने दायित्वों को समझकर आगे बढ़ना चाहता हो और ठीक उसी समय उन्हे अपने सपनों का मकान मिल जाए तो खुषियां और उत्साह दोनो बढ़ जाते हैं। ग्राम पंचायत गेजी में रहने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग में बैगा समुदाय के युवा कंग्लेष के जीवन में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत एक पक्का आवास बन जाने के बाद उनकी हर जरूरतों की पूर्ति हो गई हैं। अब युवा कंग्लेष अपने पत्नी के साथ छोटे बच्चे के भविष्य के सपनों को लेकर आषावान हो गया है।पारिवारिक स्थितिकोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत का दूरस्थ ग्राम पंचायत गेजी एक अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांव है। यहां के निवासी नोहर साय के परिवार में पैदा हुए कंग्लेश का बालिग होते ही विवाह हो गया। अपने दांपत्य जीवन की शुरूआत उसने अपने पिता के साथ कच्चे मकान में की। बैगा परिवार में कच्चा मकान और घास फूस से बने छत में जीवन गुजारना चुनौतीपूर्ण होने के साथ युवा कंग्लेष के लिए एक चिंता का विषय भी था क्योंकि अपने परिवार के लिए कच्चे मकान से आगे बढ़कर एक पक्के आवास का सपना देखता था।जनमन ने बदला जीवनपहले अपने कच्चे घर में अपने परिवार के साथ रहने वाला कंग्लेश अपनी पत्नी और पालकों के साथ रहते हैं। आजीविका के लिए पति-पत्नी दोनो केवल मजदूरी पर ही निर्भर रहते हैं। सुदूर क्षेत्र होने से आजीविका के सीमित संसाधनों से जीवन चलाते हुए पति पत्नी अपने पक्के मकान का सपना साथ देखते थे। दोनों पति पत्नी के इसी संघर्षपूर्ण जीवन में प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मिले पक्के आवास से उनके सपनों को एक नई दिशा मिली है।भविष्य की राहग्राम पंचायत गेजी निवासी युवा कंग्लेष ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत प्राप्त पक्का मकान उनके लिए सपनों के सच होने जैसा है। जनमन आवास बन जाने के बाद अपने बेहतर भविष्य के लिए ज्यादा परिश्रम करने की बात कहते हुए कंग्लेश ने अपने पक्के मकान के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जनमन योजना के लिए धन्यवाद भी दिया।</description ></item><item><title>जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना अभियान का उद्देश्य : प्रभारी मंत्री देवांगन</title><link>https://cnin.co.in/जनकल्याणकारी-योजनाओं-को-अंतिम-व्यक्ति-तक/84153</link><description>00 सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ शिविर आयोजितकोण्डागांव। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बुधवार 23 सितम्बर को कोण्डागांव नगर के डोंगरीपारा में ‘सेवा मेरा योगदान’ शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश वाणिज्य एवं उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन मौजूद थे।कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। अभियान के तहत 17 सितंबर को जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नागरिकों ने हिस्सा लेते हुए घरों, चौक-चौराहों एवं गली-मोहल्लों में दीप प्रज्ज्वलित किए।&amp;nbsp;उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सेवा और समर्पण के ऐतिहासिक 25 वर्ष पूर्ण सफलतापूर्वक किए हैं, जिस अवसर पर सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना है। उन्होंने आगे कहा कि किसान, महिला, गरीब एवं अन्य वर्गों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, जनधन, स्वच्छ भारत, हर घर जल सहित विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। उन्होने कहा कि उनके नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और आगे भी नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगा।इस दौरान बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से जनसेवा और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा गरीब कल्याण, किसान, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, आवास, बैंकिंग और पेयजल सहित विभिन्न क्षेत्रों में योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि विभिन्न सेवा कार्यों एवं गतिविधियों के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राही हुए लाभान्वितकार्यक्रम में श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना सहित 02 हितग्राहियों को 20 - 20 हजार की सहायता राशि, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 03 हितग्राहियों को 20 -20 हजार की सहायता राशि मिली। स्वामित्व योजना अंतर्गत 08 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरण किया गया। समाज कल्याण विभाग से 08 दिव्यांगजनो को मोटराइज्ड ट्राईसिकल, स्वास्थ्य विभाग से 06 बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र और 11 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा 15 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उत्कृष्ट कार्य हेतु 05 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का सम्मान और सक्षम योजना के तहत 02 हितग्राहियों को चेक वितरण किया गया।</description ></item><item><title>गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए मैदानी अमले को मिला प्रशिक्षण</title><link>https://cnin.co.in/गैर-संचारी-रोगों-की-रोकथाम-के-लिए-मैदानी-अमले/84152</link><description>00 एनपी-एनसीडी के प्रभावी संचालन पर संभाग स्तर पर कार्यशालाएं; रायपुर, बस्तर के बाद बिलासपुर में भी प्रशिक्षण, पोर्टल से लेकर स्क्रीनिंग-फॉलोअप तक दी गई जानकारीरायप। गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की समय पर पहचान, जांच और उपचार व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला और ब्लॉक स्तर के मैदानी अमले का प्रशिक्षण पूरा किया है। राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के तहत रायपुर, बस्तर और बिलासपुर संभाग मुख्यालयों में संभाग स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इनमें जिला नोडल अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, जिला सलाहकार, एफएलओ, डीडीएम, बीपीएम और बीडीएम सहित संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों ने भाग लिया।आयोजित प्रशिक्षण में डॉ. गायत्री बांधी, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, बिलासपुर तथा डॉ. शुभा घरेवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित राज्य स्तर के सलाहकारों के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन और डब्ल्यूजेसीएफ के प्रतिनिधियों ने एनपी-एनसीडी के विभिन्न घटकों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, समय पर पहचान, रेफरल, उपचार एवं फॉलोअप से जुड़ी प्रक्रियाओं के साथ कार्यक्रम की निगरानी और रिपोर्टिंग के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।&amp;nbsp;कार्यशाला में एनसीडी पोर्टल के उपयोग का भी प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वास्थ्य संस्थानों से प्राप्त जानकारी को पोर्टल पर दर्ज करने, डेटा के व्यवस्थित संधारण और कार्यक्रम की प्रगति की निगरानी की प्रक्रिया समझाई गई। एनपी-एनसीडी के प्रभावी संचालन के लिए प्रशिक्षण श्रृंखला आयोजित की जा रही है। बिलासपुर संभाग में 23 सितंबर को प्रशिक्षण आयोजित किया गया। विभाग का फोकस जिला से लेकर ब्लॉक स्तर तक कार्यक्रम की प्रक्रियाओं को एकरूप और व्यवस्थित करते हुए एनसीडी की स्क्रीनिंग व फॉलोअप व्यवस्था को मजबूत करने पर है।</description ></item><item><title>चक्रवात दिखा रहा असर..ओडिशा,आंध्र प्रदेश और बंगाल में भी अलर्ट</title><link>https://cnin.co.in/चक्रवात-दिखा-रहा-असर..ओडिशा,आंध्र-प्रदेश-और/84151</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अर्नब 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। चक्रवात आज ओडिशा के कलिंगपट्टनम तट से टकरा सकता है।आईएमडी के मुताबिक, यह संभवत:उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के बीच, विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच कलिंगपट्टनम के पास गहरे दबाव के रूप में तट पार कर सकता है।ओडिशा में इसका सबसे ज्यादा असर होने की आशंका है। करीब 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मलकानगिरी में भारी बारिश से कई पुल बह गए हैं। पुलों के ऊपर 3 से 4 फीट तक पानी बह रहा है।राज्य के कम से कम 7 जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। 11 जिलों के कलेक्टरों को राहत और बचाव की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। सरकार ने कंट्रोल रूम 24 घंटे चालू रखने और मौसम की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान है। दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।</description ></item><item><title>राष्ट्रीय सेवा योजना का राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह</title><link>https://cnin.co.in/राष्ट्रीय-सेवा-योजना-का-राज्य-स्तरीय/84150</link><description>मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथिराष्ट्रीय सेवा योजना का राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह​रायपुर-छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) प्रकोष्ठ द्वारा 24 सितम्बर 2026, गुरुवार को ‘राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह’ का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार, रायपुर में आयोजित होगा।&amp;nbsp;&amp;nbsp;​&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उच्च शिक्षा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास विभाग के मंत्री श्री टंक राम वर्मा करेंगे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ​&amp;nbsp; इस समारोह में अन्य अतिथि के रूप में रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत तथा राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय - भोपाल के उप-कार्यक्रम सलाहकार एवं क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक कुमार श्रोती सहित राज्य भर से एनएसएस स्वयंसेवकों एवं अधिकारियों की भागीदारी रहेगी।</description ></item><item><title>सेवा संकल्प अभियान : सेवा - योगदान से सामाजिक सरोकार</title><link>https://cnin.co.in/सेवा-संकल्प-अभियान-:-सेवा---योगदान-से-सामाजिक/84149</link><description>विशेष लेख : डॉ. ओम डहरिया सहायक जनसंपर्क अधिकारीरायपुर। किसी गरीब मां के लिए वह क्षण कितना बड़ा होता होगा, जब उसके घर के चूल्हे पर धुएं के बजाय गैस की नीली लौ जलती है। किसी पिता के लिए वह कितनी बड़ी राहत होगी, जब उसे यह चिंता न हो कि आज बच्चों के लिए भोजन कहां से आएगा। बस्तर के किसी दूरस्थ गांव में रहने वाले जनजातीय परिवार के लिए वह कितनी बड़ी खुशी होगी, जब कठिन रास्तों को पार कर राशन उसके गांव तक पहुंचता है। वास्तव में सेवा का अर्थ इन्हीं छोटे-छोटे लेकिन अनमोल क्षणों में दिखाई देता है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने का अवसर हमें इसी व्यापक अर्थ में सेवा को देखने का अवसर देता है। यह यात्रा केवल पद और दायित्व की यात्रा नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के संकल्प की यात्रा भी रही है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से हम प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ-साथ यह संकल्प भी लें कि विकसित भारत के निर्माण में हमारा अपना योगदान क्या होगा। सेवा का भाव किसी एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित नहीं होता। जब कोई व्यक्ति रक्तदान करता है, किसी जरूरतमंद की मदद करता है, स्वच्छता के लिए श्रमदान करता है, नदी या घाट की सफाई में अपना समय देता है अथवा अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करता है, तब राष्ट्र निर्माण की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण ईंट रखी जाती है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को इसी जनभागीदारी से जोड़ा। स्वच्छ भारत अभियान ने यह संदेश घर-घर तक पहुंचाया कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मी या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। इसी तरह गंगा और देश की अन्य नदियों की स्वच्छता के लिए नमामि गंगे जैसे प्रयासों ने नदी, घाट और पर्यावरण को लेकर समाज की भागीदारी को व्यापक बनाया। सेवा का यह स्वरूप हमें बताता है कि राष्ट्र के प्रति प्रेम केवल शब्दों में नहीं, बल्कि हमारे कर्मों में दिखाई देना चाहिए। गरीब कल्याण के क्षेत्र में भी सेवा का सबसे संवेदनशील रूप दिखाई देता है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने करोड़ों गरीब परिवारों की महिलाओं को धुएं से राहत देते हुए स्वच्छ ईंधन की सुविधा से जोड़ा। एक रसोई में जलती गैस की लौ को केवल एक सरकारी योजना का परिणाम मानना पर्याप्त नहीं होगा। उसके पीछे एक महिला का बदला हुआ जीवन, उसके समय की बचत और सम्मान के साथ भोजन बनाने का अवसर भी जुड़ा है।खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली ने यह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों की थाली तक खाद्यान्न पहुंचे। इस भावना को बहुत करीब से महसूस करने की बात है कि शासन की किसी भी योजना की सफलता का सबसे बड़ा पैमाना यह है कि उसका लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक कितनी सहजता से पहुंचा। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली केवल राशन वितरण की व्यवस्था नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में खाद्य सुरक्षा का आधार है। उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से चावल और आवश्यक खाद्यान्न जब किसी जरूरतमंद परिवार के घर तक पहुंचता है, तब शासन की संवेदनशीलता धरातल पर दिखाई देती है। सरकार की कोशिश भी यही है कि पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे और व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बनी रहे।बस्तर का संदर्भ इस सेवा भावना को और गहरा करता है। दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों में भौगोलिक परिस्थितियां अनेक बार सुविधाओं की राह कठिन बनाती हैं। ऐसे क्षेत्रों में नियद नेल्लानार जैसी पहल के माध्यम से शासन की सुविधाओं को उन गांवों और परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लंबे समय तक मुख्यधारा की सुविधाओं से दूर रहे। जब ऐसे किसी गांव के परिवार को उसके नजदीक राशन की सुविधा मिलती है, तो वह केवल खाद्यान्न का वितरण नहीं होता - वह शासन और नागरिक के बीच विश्वास का सेतु बनता है।प्रदेश में पीडीएस प्रणाली की सबसे मानवीय पक्ष यही है कि प्रदेश में कोई पात्र परिवार भूखा न रहे। राशन की दुकान पर पहुंचने वाला प्रत्येक परिवार केवल एक राशनकार्ड संख्या नहीं है। वह एक परिवार है, जिसकी अपनी आवश्यकताएं, उम्मीदें और भविष्य हैं। किसी मां के चेहरे की चिंता कम होना और बच्चों की थाली में भोजन पहुंचना ही सरकार की काम की वास्तविक सार्थकता है।सेवा मेरा योगदान की भावना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार नहीं कर सकती। सरकार योजनाएं बना सकती है, संसाधन उपलब्ध करा सकती है और व्यवस्थाएं खड़ी कर सकती है; लेकिन उन्हें जनआंदोलन बनाने की शक्ति समाज की सहभागिता से आती है। रक्तदान करने वाला व्यक्ति, स्वच्छता के लिए आगे आने वाला युवा, नदी-घाट की सफाई करने वाला नागरिक, किसी जरूरतमंद को सरकारी योजना की जानकारी देने वाला व्यक्ति-हर कोई विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकता है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हमें केवल पीछे मुड़कर देखने की आवश्यकता नहीं है। यह आगे बढऩे और अपने हिस्से की जिम्मेदारी स्वीकार करने का भी अवसर है। आइए, हम संकल्प लें कि अपने गांव, अपने शहर, अपने समाज और अपने प्रदेश के लिए हम कुछ न कुछ अवश्य करें। क्योंकि राष्ट्र निर्माण हमेशा बड़े कामों से नहीं होता। कई बार वह उस छोटी-सी रसोई से शुरू होता है, जहां गरीब मां निश्चिंत होकर चूल्हा जलाती है। उस राशन की दुकान से शुरू होता है, जहां जरूरतमंद परिवार को खाद्यान्न मिलता है। उस स्वच्छ घाट से शुरू होता है, जहां नागरिक अपने हाथों से सफाई करते हैं। और उस रक्तदान शिविर से शुरू होता है, जहां कोई अनजान व्यक्ति किसी अनजान जीवन को बचाने का माध्यम बनता है। सेवा से संकल्प और संकल्प से विकसित भारत-यही वह यात्रा है, जिसमें सरकार के साथ प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में फसल विविधीकरण और व्यापवर्तन के लिए लागू होगा पायलट प्रोजेक्ट</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-फसल-विविधीकरण-और-व्यापवर्तन/84148</link><description>00 मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इक्रीसेट के वैज्ञानिकों संग हुई बैठकरायपुर। छत्तीसगढ़ में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फसल विविधीकरण एवं व्यापवर्तन पर एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में कृषि विशेषज्ञों और अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्ण कटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रीसेट) के वैज्ञानिकों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने कृषि वैज्ञानिकों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ के किसानों के खेतों में भ्रमण कर किसानों को अच्छी किस्म और अधिक कीमत मिलने वाली फसलों को लेने के लिए प्रेरित करें। जिससे उनकी आमदनी में ईजाफा होगा।बैठक में कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि यह परियोजना ओडिशा राज्य में पहले से सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है, जिसे अब छत्तीसगढ़ में भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य जलवायु परिवर्तन के अनुरूप फसल प्रणाली विकसित करना, पुनरुत्थान कृषि को बढ़ावा देना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है। परियोजना के बेहतर और अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव 5 वर्षों की अवधि के लिए रखा गया है। इस योजना को राज्य में क्लस्टर आधारित चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। आगामी फसल मौसम से ही प्रयोग शुरू करने के लिए एक विस्तृत बेसलाइन सर्वे तुरंत कराया जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि विकास, किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग और अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्ण कटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रीसेट) के मध्य एक जेनेरिक समझौता हस्ताक्षरित किया जाएगा। इस जेनेरिक एमओयू तैयार करने में समेति का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके तहत मैदानी अमले के क्षमता विकास और तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग लिया जाएगा। कृषकों द्वारा उत्पादित फसल एवं उत्पादों के विक्रय व विपणन के लिए एक सुदृढ़ मार्केट लिंकेज प्रणाली विकसित की जाएगी। इस परियोजना में शासन की विभिन्न कृषि एवं विकास योजनाओं के घटकों एवं क्रियाकलापों का अभिसरण किया जाएगा।बैठक के दौरान इक्रीसेट के वैज्ञानिक डॉ. गजानंद स्वर्गौनकर द्वारा परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस बैठक में अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्ण कटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रीसेट) से डॉ. रोहन खोपड़े, डॉ. जी.के. चौधरी एवं डॉ. सी.एल. जैन तथा राज्य कृषि विभाग से संचालक (समेति) श्री बी. के. बिजरोनिया एवं उप संचालक कृषि श्री उमेश सिंह तोमर विशेष रूप से मौजूद रहे।</description ></item><item><title>विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अब कोई बाधा नहीं, विकास की गति होगी और तेज : मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/विकसित-छत्तीसगढ़-के-निर्माण-में-अब-कोई-बाधा/84147</link><description>00 नगर निगम बीरगांव को बड़ी सौगात : 135 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन, लगभग 110 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों की घोषणा00 एसटीपी के लिए 82 करोड़, ओवरहेड टैंक एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ और सड़क-नाली एवं खेल मैदान विकास के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा00 बीरगांव में बनेगा नालंदा परिसर और मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय, सात क्षेत्रों में सर्वे के बाद पात्र लोगों को नियमानुसार दिए जाएंगे आवासीय पट्टे00 मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को सौंपे योजनाओं के लाभ, सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों का किया सम्मानरायपुर। विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। शहरों में आधुनिक अधोसंरचना के निर्माण के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। हमारे प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, मानव संसाधन और अपार संभावनाओं का उपयोग कर हम सब मिलकर एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज रायपुर जिले के नगर निगम बीरगांव में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 135 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इन कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के साथ ही क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए लगभग 110 करोड़ रुपये के नवीन विकास कार्यों की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीरगांव तेजी से विकसित हो रहा शहरी क्षेत्र है। औद्योगिक गतिविधियों और बढ़ती आबादी के अनुरूप यहां सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सीवरेज, खेल सुविधाओं और अन्य नागरिक अधोसंरचनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकार्पित और भूमिपूजन किए गए विकास कार्यों में नगर निगम से संबंधित 94 करोड़ रुपये से अधिक तथा लोक निर्माण विभाग के 38 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही नगरोत्थान योजना के अंतर्गत लगभग 16 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। इन कार्यों के पूरा होने से बीरगांव और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, खेल अधोसंरचना सहित अनेक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।</description ></item><item><title>विधायक गोमती गुजरात व पूर्व विधायक सौरभ बनाए गए झारखंड के सहप्रभारी</title><link>https://cnin.co.in/विधायक-गोमती-गुजरात-व-पूर्व-विधायक-सौरभ-बनाए/84146</link><description>रायपुर। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पत्थलगांव विधानसभा से विधायक एवं रायगढ़ की पूर्व सांसद श्रीमती गोमती साय को गुजरात व छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष, पूर्व विधायक सौरभ सिंह को झारखंड प्रदेश भाजपा का सह-प्रभारी नियुक्त किया है। दोनों की नियुक्ति पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में गोमती साय जी का सार्वजनिक जीवन में लंबा अनुभव रहा है। मुझे विश्वास है कि उनके सुदीर्घ अनुभव और जनसेवा के प्रति समर्पण का लाभ गुजरात में संगठन को मिलेगा और वे इस नई जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगी। वहीं सौरभ सिंह पर विश्वास जताते हुए कहा कि आपकी संगठनात्मक क्षमता और सक्रिय कार्यशैली से झारखंड में संगठन और अधिक सशक्त होगा।</description ></item><item><title>छतरी की तरह है भगवत नाम - इन्द्रेश महाराज</title><link>https://cnin.co.in/छतरी-की-तरह-है-भगवत-नाम---इन्द्रेश-महाराज/84145</link><description>०- आजकल ईर्ष्या में लगभग लोग जल रहे हैं, यह बहुत बड़ा दोष है०- जीवन में कितनी भी परेशानी आ जाए, भगवत नाम कभी न भूलेंरायपुर। भागवताचार्य इन्द्रेश जी महाराज ने बताया कि आजकल ईर्ष्या में लगभग लोग जल रहे हैं। यह बहुत बड़ा दोष है। दूसरे की सादगी, खुशी, सुखी, भलाई देखी नहीं जाती। आजकल तो लोग इसलिए दुखी है कि हम जैसा चाह रहे थे वैसा दुखी नहीं हैं। जीवन में टेढ़े दिन आ जाए पर ध्यान रखना भक्ति में टेढ़े दिन नहीं आना चाहिए। ठाकुर जी के प्रति प्रेम न टूटे। भगवत कृति-भगवत का नाम का कभी त्याग नहीं करना। छतरी की तरह है भगवत नाम, चाहे जीवन में कितनी भी परेशानी आ जाए, परिस्थितियां बदल जाए, संघर्ष करना पड़े, संकट आ जाए, पीड़ा झेलनी पड़े, कष्ट झेलना पड़े। जिस हरिरूपी नाम से चारो तरफ से घिरे हैं और यही आपकी रक्षा करेंगे। कष्ट आने पर दोनों भुजाएं ऊपर उठाकर पूरी ताकत से भगवत नाम लीजिए। इन परिस्थितियों को ये बता देना कि वो भी कांप जाए, बता दो आओगे तो सोंच समझकर हमारे पास आना क्योकि हम जगन्नाथ के दास हैं। कृषि मंडी देवेन्द्रनगर में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्री इन्द्रेश जी महाराज ने वामन द्वादशी पर वामन अवतार की कथा प्रसंग को वर्णित किया।</description ></item><item><title>छग की भाजपा प्रभारी बनी स्मृति ईरानी, मुख्यमंत्री साय ने स्मृति ईरानी को दी बधाई</title><link>https://cnin.co.in/छग-की-भाजपा-प्रभारी-बनी-स्मृति-ईरानी,/84144</link><description>रायपुर-दिल्ली। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नए भाजपा प्रदेश प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी श्रीमती स्मृति ईरानी को सौंपा है। उनके साथ श्री सिद्धार्थ शंभू सह प्रभारी होंगे। बिहार हरीश द्विवेदी, डा. अरविंद भदौरिया आंध्रप्रदेश, अंडमान निकोबार जय प्रकाश (दिल्ली), अरूणाचल प्रदेश डा.देवेन्द्र कुमार, असम के लिए मंगल पांडे, चंडीगड़ श्री महेन्द्र पांडे, दादारा नगर हवेली दमन एंड दीप के लिए श्रीमती वर्षाबेन नरेन्द्र भाई दोशी को प्रभारी बनाया गया है।भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन ने श्रीमती स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया। उनकी नियुक्ति पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्मृति ईरानी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रीमती स्मृति ईरानी जी का दीर्घकालिक राष्ट्रीय अनुभव, राष्ट्रसेवा एवं संगठन के प्रति समर्पण निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ में हमारे संगठन और जनसेवा के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएगा।इसी के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्री सिद्धार्थ शम्भू को भी छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी का दायित्व मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। साय ने कहा कि आपके सक्रिय सहभागिता से संगठनात्मक कार्यों को और गति मिलेगी। विभिन्न राज्यों में नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों एवं सह-प्रभारियों को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।</description ></item><item><title>गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में गरबा की मर्यादा को लेकर विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ने कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन</title><link>https://cnin.co.in/गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही-में-गरबा-की-मर्यादा/84143</link><description>गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। आगामी शारदीय नवरात्रि पर्व को लेकर जिले में गरबा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी बीच कार्यक्रमों की सांस्कृतिक गरिमा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को संयुक्त ज्ञापन सौंपा है।संगठन ने ज्ञापन में कहा कि गरबा शक्ति उपासना से जुड़ा पवित्र पारंपरिक आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, युवा और परिवार शामिल होते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कतिपय आयोजनों में अश्लील व आपत्तिजनक गीत-संगीत, अभद्र व्यवहार, नशाखोरी और ड्रेस कोड के विपरीत आचरण की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे सामाजिक वातावरण और कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है।ज्ञापन में दो अधिकारियों की अलग-अलग जिम्मेदारी तय करने की मांग -ज्ञापन में कलेक्टर से मांग की गई कि सभी गरबा आयोजनों के लिए अनुमति अनिवार्य की जाए, अनुमति से पूर्व आयोजकों से गीत-संगीत, समय-सीमा, सुरक्षा और शालीनता का लिखित आश्वासन लिया जाए, सांस्कृतिक ड्रेस कोड लागू कराया जाए और नियम तोडऩे वालों की अनुमति निरस्त की जाए।एसपी को सौंपे ज्ञापन में मांग की गई कि सभी गरबा स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल और महिला पुलिस की तैनाती हो, अश्लील गीतों पर रोक लगे, छेड़छाड़, नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए प्रवेश व्यवस्था और सीसीटीवी सुनिश्चित हो तथा थाना स्तर पर आयोजकों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश दिए जाएं।संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि नवरात्रि जैसे पावन पर्व की गरिमा, सुरक्षा और पारिवारिक वातावरण को बनाए रखना है। उन्होंने प्रशासन से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रचलित कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है। इस मांग को लेकर मुख्य रूप से विभाग संयोजक बजरंगदल बिलासपुर विभाग सागर पटेल,जिला मंत्री विश्व हिंदू परिषद प्रकाश साहू, जिला सह मंत्री निखिल परिहार,देवांश तिवारी,शनि पटेल,केशव पांडे, प्रिया त्रिवेदी, विभा तिवारी, रामेश्वरी धुर्वे,अनीता माझी, रुक्मणि तिवारी, कंचन मिश्रा, पुरन यादव, रूपेश साहू एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में मानसून का मिला-जुला असर, राज्य में 1 जून से अब तक औसतन 1017.5 मिमी वर्षा दर्ज</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-मानसून-का-मिला-जुला-असर,-राज्य/84142</link><description>00 बलरामपुर में औसत से 167 प्रतिशत अधिक बारिशरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 23 सितंबर 2026 तक के बारिश के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में मानसून का प्रभाव मिला-जुला देखने को मिल रहा है। राज्य में 1 जून से अब तक औसतन 1017.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो कि पिछले 10 वर्षों की औसत बारिश (1067.6 मिमी) का 95.3 प्रतिशत है। प्रदेश भर में औसतन स्थिति सामान्य के करीब नजर आ रही है, लेकिन जिलों के अनुसार आंकड़ों का विश्लेषण करें तो राज्य के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा की भारी असमानता साफ दिखाई देती है।&amp;nbsp;उत्तरी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है। जिले में अब तक 1504.5 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो औसत का 167.9 प्रतिशत है। इसके अलावा सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 135.0 प्रतिशत, रायपुर में 123.9 प्रतिशत, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 122.0 प्रतिशत, महासमुंद में 118.7 प्रतिशत, गरियाबंद में 116.2 प्रतिशत, सूरजपुर में 110.1 प्रतिशत, नारायणपुर में 109.7 प्रतिशत, मुंगेली में 107.8 प्रतिशत, बालोद में 105.1 प्रतिशत, धमतरी में 104.8 प्रतिशत, बलौदाबाजार में 103.7 प्रतिशत और जांजगीर-चांपा में 100.2 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है, जहां आंकड़े सामान्य या सामान्य से अधिक रहे हैं।&amp;nbsp;दूसरी ओर, राज्य के कई जिलों में मानसून की बेरुखी से सूखा जैसी स्थिति बनी हुई है। सबसे कम बारिश कांकेर जिले में दर्ज की गई है, जहां सामान्य औसत की तुलना में मात्र 68.2 प्रतिशत (985.9 मिमी) बारिश हुई है। इसी तरह मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (70.0 प्रतिशत), बेमेतरा (72.1 प्रतिशत), सुकमा (72.6 प्रतिशत), बीजापुर (74.1 प्रतिशत), सरगुजा (75.6 प्रतिशत), जशपुर (78.8 प्रतिशत), कबीरधाम (80.6 प्रतिशत), बस्तर (82.3 प्रतिशत), कोंडागांव (83.2 प्रतिशत), रायगढ़ (85.2 प्रतिशत), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (88.6 प्रतिशत), कोरबा (89.7 प्रतिशत), राजनांदगांव (90.7 प्रतिशत), दंतेवाड़ा (91.2 प्रतिशत), शक्ति (93.4 प्रतिशत), बिलासपुर (93.6 प्रतिशत), कोरिया (95.4 प्रतिशत) और दुर्ग (95.9 प्रतिशत) जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी कम रहा है।&amp;nbsp;पिछले 24 घंटों में हुई बारिश (23 सितंबर) पर नजर डालें तो कोंडागांव में सर्वाधिक 41.7 मिमी, सुकमा में 33.5 मिमी, गरियाबंद में 32.0 मिमी, बस्तर में 30.2 मिमी, कांकेर में 23.1 मिमी, धमतरी में 22.0 मिमी और नारायणपुर में 21.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं सूरजपुर और कोरिया जैसे जिलों में आज बारिश शून्य रही। राज्य के अन्य जिलों जैसे सरगुजा (0.3 मिमी), बलरामपुर (1.8 मिमी), जशपुर (0.1 मिमी), मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (6.1 मिमी), रायपुर (4.6 मिमी), बलौदाबाजार (1.7 मिमी), महासमुंद (16.3 मिमी), बिलासपुर (0.9 मिमी), मुंगेली (1.4 मिमी), रायगढ़ (0.9 मिमी), सारंगढ़-बिलाईगढ़ (6.3 मिमी), जांजगीर-चांपा (9.2 मिमी), शक्ति (5.6 मिमी), कोरबा (10.2 मिमी), गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (1.7 मिमी), दुर्ग (2.3 मिमी), कबीरधाम (0.2 मिमी), राजनांदगांव (0.5 मिमी), मोहला-मानपुर (2.3 मिमी), खैरागढ़ (0.4 मिमी), बालोद (8.1 मिमी), बेमेतरा (0.9 मिमी), दंतेवाड़ा (11.5 मिमी) और बीजापुर (15.7 मिमी) में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ीं। संपूर्ण राज्य के लिए आज का दैनिक औसत 9.5 मिमी दर्ज किया गया है।</description ></item><item><title>मंत्री बघेल ने झाड़ू थामकर दिया स्वच्छता का संदेश, बेमेतरा में सेवा संकल्प अभियान के तहत चला जिला स्तरीय स्वच्छता अभियान</title><link>https://cnin.co.in/मंत्री-बघेल-ने-झाड़ू-थामकर-दिया-स्वच्छता-का/84141</link><description>बेमेतरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामाजिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत आज बेमेतरा में जिला स्तरीय भव्य स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सबसे प्रेरक क्षण तब आया जब प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयाल दास बघेल स्वयं हाथों में झाड़ू लेकर सड़क पर उतरे। उनके साथ विधायक श्री दीपेश साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री विजय सिन्हा, कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वच्छता दीदियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने सड़क के दोनों ओर सफाई कर स्वच्छता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया।बेसिक स्कूल ग्राउंड स्थित गांधी भवन में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मंत्री श्री बघेल ने कहा, स्वच्छता केवल सरकार का काम नहीं, यह हम सबकी सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिवेश से पर्यावरण का संरक्षण होता है, वहीं गंदगी से मानव स्वास्थ्य और जीव-जंतुओं पर विपरीत असर पड़ता है। उन्होंने नागरिकों से इस अभियान को एक दिन तक सीमित न रखकर प्रतिदिन का संकल्प बनाने का आह्वान किया।सेवा पखवाड़ा : सेवा ही संकल्पमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक देशभर में सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत स्वच्छता अभियान, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर जैसे सेवा कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से गरीब, वंचित और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव आया है, और छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।साइबर ठगी से रहें सतर्कअपने संबोधन में मंत्री श्री बघेल ने साइबर अपराधों को लेकर भी चेताया। उन्होंने कहा, अनजान नंबरों से आने वाले कॉल और लिंक से दूर रहें, पैसे के लेन-देन वाले किसी भी झांसे में न आएं। सतर्कता ही सुरक्षा है।कलेक्टर की अपील : गीला-सूखा कचरा करें अलगकलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई ने स्वयं सफाई में भाग लेते हुए नागरिकों से अपील की कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डालें, नालियों में कचरा न फेंकें और अपने मोहल्ले, वार्ड को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी लें।गरिमामय उपस्थितिकार्यक्रम में छ.ग. रजककार विकास बोर्ड अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, नगर पालिका बेमेतरा के अध्यक्ष श्री विजय सिंहा,जनपद पंचायत अध्यक्ष सुश्री हेमा दिवाकर, जिला पंचायत सीईओ सुश्री प्रेमलता पद्माकर, एसडीएम श्रीमती दिव्या पोटाई, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री अजय साहू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि एवं स्वच्छता दीदियां उपस्थित रहीं।</description ></item><item><title>11 किमी की राह पार कर पहली बार पहुंची लोहागांव स्वास्थ्य टीम, 62 ग्रामीणों की जांच</title><link>https://cnin.co.in/11-किमी-की-राह-पार-कर-पहली-बार-पहुंची-लोहागांव/84140</link><description>00 गर्भवती महिला समेत 4 गंभीर मरीजों की पहचान, तत्काल किया रेफर; कुआकोंडा के दुर्गम गांव में&amp;nbsp;रायपुर। बैलाडीला की पहाडिय़ों और घने जंगलों के बीच बसे लोहागांव में जब स्वास्थ्य टीम पहुंची तो ग्रामीणों के लिए गांव में ही समग्र स्वास्थ्य जांच की सुविधा पहली बार पहुंची थी। स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना जहां आसान नहीं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम करीब 11 किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंची और 62 ग्रामीणों की जांच की। जांच के दौरान एक गर्भवती महिला समेत 4 गंभीर मरीजों की पहचान हुई, जिन्हें तत्काल उच्च स्वास्थ्य संस्था में उपचार के लिए रेफर किया गया।मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत पहुंची टीम ने गांव में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच की। मलेरिया और सिकल सेल की जांच के साथ मोतियाबिंद और कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की पहचान की गई। गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच और बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। जांच के दौरान एक गर्भवती महिला, एक मोतियाबिंद मरीज और दो मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की स्थिति गंभीर पाई गई। समय रहते पहचान होने पर चारों को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद गांव तक पहुंची टीम ने ग्रामीणों को यह भरोसा भी दिया कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पताल तक आने वाले मरीजों तक सीमित नहीं है। जहां स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना कठिन है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम खुद लोगों तक पहुंचकर बीमारी की पहचान और उपचार की शुरुआत कर रही है।सेवा संकल्प अभियान के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता के साथ दूरस्थ और कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य जांच पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत जिले के 76 स्वास्थ्य स्थलों के माध्यम से स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव पहुंची हैं। इसका उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि बीमारी की समय पर पहचान, आवश्यक उपचार और जरूरत पडऩे पर मरीज को उच्च स्वास्थ्य संस्था से जोडऩा भी है।</description ></item><item><title>पीएम की लखपति दीदी पहल से मिली नई उड़ान, मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में निधि बनी लखपति दीदी</title><link>https://cnin.co.in/पीएम-की-लखपति-दीदी-पहल-से-मिली-नई-उड़ान,/84139</link><description>00 बिहान से जुड़कर पशुपालन और सब्जी उत्पादन को बनाया आय का जरिया, सालाना आय ढाई लाख रुपये तक पहुंचीरायपुर। लगन, मेहनत और सही अवसर मिल जाए तो ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकती हैं। पेण्ड्रा विकासखंड के ग्राम अमरपुर की श्रीमती निधि तिवारी की कहानी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है। पशुपालन और सब्जी बाड़ी के जरिए उन्होंने अपनी आय के नए स्रोत विकसित किए और अब उनकी वार्षिक आय करीब ढाई लाख रुपये तक पहुंच गई है।श्रीमती निधि तिवारी जून 2023 से दीप महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी हैं और वर्तमान में समूह की अध्यक्ष हैं। स्व सहायता समूह से जुडऩे के महज तीन महीने बाद उन्होंने चक्रिय निधि (आरएफ) से प्राप्त 10 हजार रुपये की सहायता से जर्सी नस्ल की गाय खरीदी। उनकी गाय से प्रतिदिन लगभग 15 लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिससे उन्हें नियमित आय का स्रोत मिला। इसके छह महीने बाद निधि को सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से 60 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। उन्होंने इस राशि में अपनी बचत और अन्य संसाधन जोड़कर सब्जी बाड़ी का काम शुरू किया। इसके बाद उन्होंने मौसम के अनुसार अलग-अलग सब्जियों की खेती को अपनी आजीविका का महत्वपूर्ण आधार बनाया।टमाटर की खेती से बढ़ी आमदनीनिधि तिवारी ने मार्च माह में अपने खेत में टमाटर की फसल लगाई। फसल तैयार होने के बाद उन्होंने टमाटर की बिक्री शुरू की। उन्हें लगभग 40 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बेचकर अच्छी आमदनी हो रही है। पशुपालन के साथ सब्जी उत्पादन ने उनकी आय को विविध बनाया और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद की। निधि बताती हैं कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुडऩे के बाद उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता, समूह का सहयोग और नई दिशा मिली। उन्होंने कहा कि आज वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ अपने सपनों को भी आगे बढ़ा पा रही हैं।महिला स्व सहायता समूहों से आजीविका को मिल रहा आधारनिधि तिवारी का अनुभव उस व्यापक ग्रामीण आजीविका ढांचे से जुड़ा है, जिसमें स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय समावेशन, कौशल, आजीविका और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। केंद्र सरकार का दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन इसी उद्देश्य से ग्रामीण महिलाओं को स्व सहायता समूहों से संगठित करता है। लखपति दीदी पहल इसी मिशन का परिणाम है, जिसमें महिलाओं की टिकाऊ वार्षिक आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंचाने पर जोर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ग्रामीण महिलाओं की आय और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए स्व सहायता समूह आधारित आजीविका मॉडल, वित्तीय समावेशन और महिला उद्यमिता पर विशेष जोर दिया है।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बिहान से महिलाओं को मिल रहा मंचछत्तीसगढ़ में बिहान के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़कर आजीविका गतिविधियों के लिए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला स्व सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमिता को आत्मनिर्भरता से जोडऩे पर जोर दिया है। 2026 में आयोजित लखपति दीदी संवाद में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वावलंबन, उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से महिलाओं के आगे बढ़ाने की बात कही थी।&amp;nbsp;परिवार के सपनों को पूरा करने की राह पर निधिनिधि तिवारी कहती हैं कि मेहनत के साथ यदि सही अवसर और सहयोग मिले तो गांव में रहकर भी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। स्व सहायता समूह से मिली सहायता ने उन्हें पशुपालन और सब्जी बाड़ी को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का अवसर दिया। आज दूध उत्पादन और टमाटर सहित मौसमी सब्जियों की खेती से होने वाली आय उनके परिवार के सपनों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निधि तिवारी की कहानी बताती है कि स्व सहायता समूह, वित्तीय सहायता, स्थानीय संसाधनों और मेहनत के समन्वय से ग्रामीण महिलाएं अपनी आजीविका को मजबूत कर सकती हैं। पशुपालन से शुरू हुआ उनका सफर सब्जी बाड़ी तक पहुंचा और अब वे लखपति दीदी की पहचान के साथ अपने परिवार के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह तैयार कर रही हैं।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री अग्रवाल से की सौजन्य भेंट</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-ट्रेवल-एंड-टूरिज्म-एसोसिएशन-के/84138</link><description>00 विश्व पर्यटन दिवस समारोह के लिए किया आमंत्रितरायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को देश-दुनिया के मानचित्र पर और अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन (ब्ज्ज्।) के प्रतिनिधिमंडल ने आज पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने श्री अग्रवाल को 27 सितंबर को आयोजित होने वाले विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया और कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी।प्रतिनिधिमंडल ने श्री राजेश अग्रवाल के साथ छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटकों के लिए सुविधाओं के विस्तार, पर्यटन स्थलों के प्रभावी प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों की सहभागिता बढ़ाने से संबंधित विभिन्न सुझाव भी साझा किए गए। राजेश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से पर्यटन क्षेत्र के विकास को लेकर विचार-विमर्श करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और जनजातीय पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश के पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं, प्रभावी प्रचार-प्रसार और निजी क्षेत्र की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों के बीच और अधिक लोकप्रिय बनाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल भ्रमण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। पर्यटन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं, महिलाओं, कारीगरों, कलाकारों, होम-स्टे संचालकों और छोटे व्यवसायियों को आर्थिक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संगठनों के बीच निरंतर संवाद एवं समन्वय से छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास को नई गति दी जा सकती है। उन्होंने पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के सुझावों और अनुभवों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से प्रदेश की पर्यटन क्षमता को और अधिक प्रभावी रूप से सामने लाया जा सकता है।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में श्री राजेश अग्रवाल की सहभागिता का आग्रह किया। श्री अग्रवाल ने आमंत्रण सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित रहने का आश्वासन दिया। विश्व पर्यटन दिवस के आयोजन को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह अवसर छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं, विविध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच होगा।प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा प्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए दिए जा रहे मार्गदर्शन एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पर्यटन विभाग, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े संगठनों और स्थानीय हितधारकों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।श्री राजेश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन क्षमता को नई पहचान दिलाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहभागिता, बेहतर सुविधाएं और प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।</description ></item><item><title>छग  की भाजपा प्रभारी बनी स्मृति ईरानी</title><link>https://cnin.co.in/छग--की-भाजपा-प्रभारी-बनी-स्मृति-ईरानी/84137</link><description>&amp;nbsp;रायपुर-दिल्ली। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नए भाजपा प्रदेश प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी श्रीमती स्मृति ईरानी को सौंपा है। उनके साथ श्री सिद्धार्थ शंभू सह प्रभारी होंगे। बिहार हरीश द्विेदी,डा.अरविंद भदौरिया आंध्रप्रदेश,अंडमान निकोबार जय प्रकाश(दिल्ली),अरूणाचल प्रदेश डा.देवेन्द्र कुमार,असम के लिए मंगल पांडे,चंडीगड़ श्री महेन्द्र पांडे,दादारा नगर हवेली दमन एंड दीप के लिए श्रीमती वर्षाबेन नरेन्द्र भाई दोशी को प्रभारी बनाया गया है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>राम-नामी’ फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जताया हर्ष, निर्देशक श्री भारतबाला गणपति सहित पूरी टीम को दी शुभकामनाएं</title><link>https://cnin.co.in/राम-नामी’-फिल्म-को-राष्ट्रीय-फिल्म-पुरस्कार/84136</link><description>&amp;nbsp;रामनामी की अनूठी सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय पहचान मिलना हम सभी के लिए गौरव का विषय - &amp;nbsp;राजेश अग्रवालरायपुर--रामनामी समुदाय की अनूठी परंपरा और सांस्कृतिक पहचान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री’ का प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने फिल्म के निर्देशक श्री भरतबाला गणपति सहित निर्माता एवं पूरी फिल्म टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘राम-नामी’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। यह सम्मान केवल एक उत्कृष्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म को मिला पुरस्कार नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और पीढ़ियों से चली आ रही विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान भी है।उन्होंने कहा कि रामनामी समुदाय की परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता का विशिष्ट उदाहरण है। अपनी अनूठी आस्था, परंपराओं और जीवन मूल्यों के माध्यम से रामनामी समाज ने प्रदेश की लोक संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री ने इस विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा को प्रभावी ढंग से देश के व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य किया है।श्री अग्रवाल ने फिल्म के निर्देशक श्री भरतबाला गणपति और पूरी टीम के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसी लोक परंपरा को संवेदनशीलता और प्रभावशाली सिनेमाई प्रस्तुति के माध्यम से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फिल्म से जुड़े प्रत्येक कलाकार, तकनीकी विशेषज्ञ, निर्माता और सहयोगी इस सम्मान के सहभागी हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत व्यापक और विविधतापूर्ण है। यहां की लोककलाएं, लोकगीत, लोकनृत्य, जनजातीय परंपराएं, धार्मिक आस्थाएं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। ‘राम-नामी’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान इन समृद्ध परंपराओं को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘राम-नामी’ को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश के अन्य लोक कलाकारों, रचनाकारों, फिल्मकारों और सांस्कृतिक कर्मियों को भी अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक विरासत को रचनात्मक माध्यमों से सामने लाने के लिए प्रेरित करेगा।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘राम-नामी’ को हिंदी भाषा की सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के रूप में चुना गया है। फिल्म के निर्माता बीबीपी स्टूडियो वर्चुअल भारत प्राइवेट लिमिटेड और निर्देशक श्री भरतबाला गणपति हैं।संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने श्री भरतबाला गणपति एवं ‘राम-नामी’ फिल्म की पूरी टीम को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को देश के राष्ट्रीय पटल पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।</description ></item><item><title>करमा पूजा में शामिल हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रकृति, संस्कृति और लोकपरंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश</title><link>https://cnin.co.in/करमा-पूजा-में-शामिल-हुईं-मंत्री-लक्ष्मी/84135</link><description>&amp;nbsp;रायपुर-महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर में आयोजित प्रकृति के पावन तिहार 'करमा पूजा में शामिल हुईं। उन्होंने ग्रामीणजनों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधानपूर्वक करम देव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति, खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति, संस्कृति और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।&amp;nbsp;करमा पूजा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और जनजीवन से गहराई से जुड़ा पारंपरिक पर्व है। यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामुदायिक एकता और लोक आस्था का प्रतीक माना जाता है। करम देव की पूजा के साथ ग्रामीणजन सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना करते हैं। पर्व के अवसर पर पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों से गांव का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर उठा।&amp;nbsp;मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, तीज-त्योहारों और प्रकृति से जुड़े पर्वों से है। करमा जैसे लोकपर्व हमें अपनी जड़ों और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। इन परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान, आपसी भाईचारा और सामूहिकता की भावना निहित है।&amp;nbsp;उन्होंने कहा कि हमारी लोकसंस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें जीवंत बनाए रखना और नई पीढ़ी को इनकी महत्ता से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं और बच्चों से भी अपनी संस्कृति, लोककलाओं एवं पारंपरिक पर्वों से जुडऩे का आह्वान किया।&amp;nbsp;इस अवसर पर ग्रामीणजनों ने मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए करमा पूजा की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र एवं प्रदेश की निरंतर प्रगति तथा सभी परिवारों के सुख-समृद्धि की कामना की।</description ></item><item><title>गरज-चमक के साथ अचानक तेज बारिश</title><link>https://cnin.co.in/गरज-चमक-के-साथ-अचानक-तेज-बारिश/84134</link><description>&amp;nbsp;रायपुर--रायपुर में दोपहर अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने लगी,कुछ ही देर में तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को जहां के तहां ठहरने मजबूर कर दिया। &amp;nbsp;मौसम विभाग की माने तो छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिन मौसम खराब रहने वाला है। राजधानी रायपुर में दोपहर अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज 5 जिलों में ऑरेंज और 25 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में तेज हवा भी चल सकती है।</description ></item><item><title>मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा में रजत पदक जीता</title><link>https://cnin.co.in/मीराबाई-चानू-ने-महिलाओं-की-49-किलोग्राम-वर्ग/84133</link><description>&amp;nbsp;0- 28 साल बाद भारत को मिला वेटलिफ्टिंग पदक&amp;nbsp;नॉर्थ कोरिया की री सोंग-गम ने एशियाई खेलों के खिताब की हैट्रिक लगाते हुए गोल्ड मेडल जीता। इंडोनेशिया की विजयाना लुलुक डियानी ट्राई ने कुल 191 किग्रा वज़न उठाकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता - जिसमें स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 103 किग्रा शामिल था।भारत की स्टार भारोत्तोलक (वेटलिफ्टर) मीराबाई चानू ने अपने शानदार और ऐतिहासिक करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ लिया है। जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा में रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत के 28 साल लंबे पदक के सूखे को समाप्त कर दिया। 1998 बैंकॉक एशियाई खेलों में दिग्गज कर्णम मल्लेश्वरी द्वारा जीते गए रजत पदक के बाद मीराबाई चानू एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई हैं।नॉर्थ कोरिया की री सोंग-गम ने एशियाई खेलों के खिताब की हैट्रिक लगाते हुए गोल्ड मेडल जीता। इंडोनेशिया की विजयाना लुलुक डियानी ट्राई ने कुल 191 किग्रा वज़न उठाकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता - जिसमें स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 103 किग्रा शामिल था।इस बीच, चानू के सिल्वर मेडल ने एशियाई खेलों के मेडल के लिए लंबे इंतज़ार को भी खत्म कर दिया। इससे पहले वह हांग्जो में चौथे स्थान पर रही थीं और पोडियम तक नहीं पहुँच पाई थीं, जबकि उस इवेंट में उनके पास अपनी उपलब्धियों में कॉन्टिनेंटल खिताब जोडऩे का एक और मौका था। उनके इस नए नतीजे ने उस कलेक्शन को पूरा कर दिया है जिसमें पहले से ही ओलंपिक सिल्वर, वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब और कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड मेडल शामिल हैं।</description ></item><item><title>सोने की मुकुट वाला गणेश जी का आकर्षण ही कुछ और है....</title><link>https://cnin.co.in/सोने-की-मुकुट-वाला-गणेश-जी-का-आकर्षण-ही-कुछ-और/84132</link><description>&amp;nbsp;रायपुर। सोने की मुकुट वाला गणेश जी ..रायपुर के श्रद्दालुओं को बताने की जरूरत नहीं हैं वे नाम और जगह जानते है बस प्रस्तुत झांकी में नया क्या है यह देखने वे गोलबाजार गणेशोत्सव स्थल पहुंचकर उसकी खुबसूरती से रूबरू होते हैं। जहां श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति अपनी 2018 से बिठाई जा रही गणेश परम्परा को आगे बढ़ा रही है। &amp;nbsp;गणपति को करीब 1 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत का सोने और रत्नों से जड़ा मुकुट पहनाया गया है। इस मुकुट का वजन 750 ग्राम है। इस बार भी गणपति के इस खास स्वर्ण श्रृंगार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। &amp;nbsp;गोलबाजार शहर के पुराने गणेशोत्सव स्थलों में शामिल है। समिति के अनुसार, इस साल यहां गणपति स्थापना के 117 साल पूरे हो रहे हैं। इतने लंबे समय से चली आ रही इस परंपरा से शहर के व्यापारी परिवारों की चौथी पीढ़ी जुड़ी हुई है। समिति से जुड़े भाजपा नेता केदार गुप्ता ने बताया कि वे पिछले 37 साल से गणेशोत्सव की सेवा में लगे हैं। उनके अनुसार, पहले गोलबाजार में गणेशोत्सव के दौरान गुफाएं बनाई जाती थीं, लेकिन अब जगह कम होने के कारण गुफाओं की जगह झांकी तैयार की जाती है।गोलबाजार के पंडाल में भगवान गणपति के साथ भगवान बालाजी, माता लक्ष्मी और मां पद्मावती की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। सुबह से लेकर देर रात तक यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती है।केदार गुप्ता ने बताया कि समिति के प्रति लोगों की आस्था काफी पुरानी है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहां गणपति बप्पा से मांगी गई मुराद पूरी होती है। उन्होंने बताया कि गणपति का मुकुट 750 ग्राम सोने और रत्नों से तैयार किया गया है। इसकी मौजूदा बाजार कीमत 1 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इसी स्वर्ण मुकुट से गणपति का श्रृंगार किया गया है। समिति की ओर से 2018 से गणपति को स्वर्ण मुकुट पहनाने की परंपरा जारी है।</description ></item><item><title>मौसम का हाल-बेहाल..कहीं गर्मी तो कहीं बारिश तो कहीं ठंड</title><link>https://cnin.co.in/मौसम-का-हाल-बेहाल..कहीं-गर्मी-तो-कहीं-बारिश-तो/84131</link><description>&amp;nbsp;नई दिल्ली। राजस्थान में बारिश रुकने के बाद गर्मी बढ़ गई है। जैसलमेर में तापमान 41 डिग्री और बीकानेर-बाड़मेर में 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। सितंबर में भी मई जैसी गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में अगले 4-5 दिन मौसम ड्राई रहने और गर्मी बढऩे की संभावना है।उत्तर प्रदेश के लखनऊ और उन्नाव के कई हिस्सों में आज सुबह तेज बारिश हुई। कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं। सीतापुर में चौका नदी पर बना पुल डूब गया है। बच्चे घुटनों तक पानी में होकर स्कूल जा रहे हैं। राज्य के 41 जिलों में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।उत्तराखंड के 7 जिलों में आज बारिश की संभावना है। केदारनाथ में आज सुबह तापमान माइनस 3एष्ट रिकॉर्ड किया गया। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढऩे लगी है।मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में आज भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, पूरे बिहार में आज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राज्य के 38 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ की दूरियां घटेंगी, विकास की रफ्तार बढ़ेगी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-की-दूरियां-घटेंगी,-विकास-की-रफ्तार/84130</link><description>&amp;nbsp;मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच महत्वपूर्ण समझौताबेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्रीप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू के प्रति मुख्यमंत्री ने जताया आभाररायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के अंतर्गत भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुए समझौते को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की भौगोलिक दूरियां घटेंगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी। नई दिल्ली में हुए इस समझौते पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विमानन सचिव श्री मुकेश बंसल ने हस्ताक्षर किए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि बेहतर हवाई संपर्क का लाभ बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों और दूरस्थ अंचलों तक भी पहुंचे। इस समझौते से प्रदेश में नए हवाई संपर्क, हवाई पट्टियों के विकास और दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी के विस्तार की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से नागरिकों का आवागमन सुगम होगा और पर्यटन, व्यापार, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी का विस्तार आपातकालीन चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी उपयोगी होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ देश के विस्तारित होते विमानन नेटवर्क से और मजबूती से जुड़ेगा।उल्लेखनीय है कि मॉडिफाइड उड़ान योजना के अंतर्गत देश में मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डे तथा दूरस्थ क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>सेवा संकल्प अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम -  अरुण साव</title><link>https://cnin.co.in/सेवा-संकल्प-अभियान-शासन-की-जनकल्याणकारी/84129</link><description>&amp;nbsp;उप मुख्यमंत्री ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी से सफल बनाने के दिए निर्देशअभियान की आगामी गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा कीरायपुर--उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा जिला मुख्यालय में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत संचालित गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों की रूपरेखा, तिथि और आयोजन स्थलों को अंतिम रूप देते हुए सभी कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह तक चलने वाले इस अभियान को सार्थक, प्रभावी और जनोन्मुखी स्वरूप देने के लिए शासन, प्रशासन तथा आमजन के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों का सुचारु एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और विधायक श्री प्रेमचंद पटेल भी बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितम्बर को आयोजित ‘आशीर्वाद के दिया’ कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि घर-घर दीप प्रज्ज्वलित कर जनभागीदारी का जो उत्साह देखने को मिला, वह अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं ने चित्रकला और भाषण के माध्यम से देश के प्रति अपने विचार और कल्पनाओं को अभिव्यक्त किया। उन्होंने आगामी गतिविधियों में भी इसी उत्साह और सहभागिता को बनाए रखते हुए सभी कार्यक्रमों को उत्सव के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शेष कार्यक्रमों के लिए तिथिवार कार्ययोजना तैयार करने, कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित करने तथा आयोजन स्थलों का चिन्हांकन समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रमों की तिथि, स्वरूप एवं आयोजन स्थल की पूर्व जानकारी उपलब्ध कराने तथा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार सभी गतिविधियों का समय पर आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए अभियान की गतिविधियों को सफल बनाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि प्रत्येक आयोजन में उत्साहपूर्ण वातावरण निर्मित हो और लोगों को सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। अभियान के तहत गांवों और शहरों में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए नदी-घाटों की साफ-सफाई, वृहद स्तर पर पौधरोपण, रक्तदान, अंगदान सहित विभिन्न जनसेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्हें सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और मानवता के प्रति संकल्प दिलाया जाए।श्री साव ने कहा कि अभियान के दौरान केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को ‘सेवा की कहानी’ के रूप में संकलित कर लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक परिवर्तन की प्रेरक कहानियां अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएंगी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों को आमजन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी मिले और वे उनके लाभ से जुड़ सकें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी गांवों और शहरों तक पहुंचाने के लिए मुनादी, बैनर, पोस्टर एवं अन्य प्रचार माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान की प्रत्येक गतिविधि में जनसेवा एवं जनभागीदारी की भावना को सशक्त बनाने तथा अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़कर अभियान को सफल एवं सार्थक बनाने के निर्देश दिए।*श्रम मंत्री श्री देवांगन ने अभियान की गतिविधियों में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने कहा*श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत निर्धारित तिथियों के अनुरूप सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान की गतिविधियों को जिला मुख्यालय से लेकर सभी नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाते हुए अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए तथा प्रत्येक कार्यक्रम में जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान को जनसेवा की भावना के साथ प्रभावी एवं सफल स्वरूप प्रदान किया जा सके।कोरबा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, श्री गोपाल मोदी, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी,&amp;nbsp; सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन, डीएफओ कटघोरा श्री जितेंद्र उपाध्याय और निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://cnin.co.in/माताओं-बहनों-का-सम्मान,-सुरक्षा-और-आर्थिक/84128</link><description>&amp;nbsp;राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री सायमहतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर माह मिल रहा आर्थिक संबलप्रदेश की 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम650 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही फिल्म सिटी, छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेंगे नए अवसरलोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों का मुख्यमंत्री ने किया सम्मानरायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए। पारंपरिक उल्लास और आत्मीय वातावरण में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने माताओं-बहनों से भेंट कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। माताओं-बहनों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तीज का पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा हुआ है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का यह पर्व परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना का अवसर है। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी माताओं-बहनों और उनके परिवारों के सुखी, समृद्ध और स्वस्थ जीवन की कामना की।मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज का पर्व भले ही संपन्न हो चुका है, लेकिन आज इतनी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों के बीच तीज मिलन का अवसर अत्यंत सुखद और आत्मीय है। मुख्यमंत्री निवास में भी तीज के अवसर पर प्रदेशभर से आई बहनों के साथ पर्व का उल्लास साझा करने का अवसर मिला था। हमारी परंपराओं की यही खूबसूरती है कि वे हमें परिवार और समाज से जोड़ती हैं तथा आपसी प्रेम और आत्मीयता को मजबूत करती हैं।&amp;nbsp;सनातन संस्कृति में मातृशक्ति को मिला है सर्वोच्च सम्मानमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में आदिकाल से मातृशक्ति को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। हमारे वेदों, पुराणों और सामाजिक परंपराओं में नारी के सम्मान और उसकी गरिमा का संदेश निहित है। हमारी संस्कृति कहती है - “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः”, अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मां परिवार की पहली शिक्षक और संस्कारों की आधारशिला होती है। माताओं-बहनों के परिश्रम, त्याग और आशीर्वाद से ही परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार से सशक्त समाज तथा समृद्ध प्रदेश का निर्माण होता है। इसलिए राज्य सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का हितग्राही नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बराबर का सहभागी मानकर कार्य कर रही है।महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया बहनों का आत्मविश्वासमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनी है। योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।उन्होंने कहा कि इस योजना से माताओं-बहनों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव उन्हें विशेष संतोष देता है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी और परिवार की आवश्यकताओं के साथ बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे-छोटे स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं। कोई बहन सुकन्या समृद्धि योजना में राशि जमा कर बेटी का भविष्य संवार रही है तो कोई सिलाई मशीन खरीदकर अपने हुनर को आजीविका में बदल रही है। यह आर्थिक संबल महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की प्रत्येक महिला को आगे बढ़ने के लिए अवसर, संसाधन और आवश्यक सहयोग मिले। जब हमारी माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो परिवार मजबूत होगा और पूरे प्रदेश की प्रगति को नई गति मिलेगी।13.85 लाख लखपति दीदियां बनीं महिला सशक्तिकरण की नई पहचानमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि माताओं-बहनों को स्थायी आजीविका, कौशल और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह बदलते और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सुखद तस्वीर है।उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं। अनेक महिलाएं महतारी वंदन योजना से मिले आर्थिक संबल और बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग करते हुए स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी न केवल परिवारों को समृद्ध बना रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को देश-दुनिया में मिलेगी नई पहचानमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट लोककला, संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यहां की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान और हमारी ताकत है। इसे सहेजने के साथ नई पीढ़ी और देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 650 करोड़ रुपए की लागत से फिल्म सिटी तैयार की जा रही है। इससे छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण और शूटिंग की संभावनाओं का विस्तार होगा। स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार तथा प्रतिभा प्रदर्शन के नए अवसर तैयार होंगे और प्रदेश के पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में कलाकारों का अमूल्य योगदान है। हमारे कलाकार अपनी प्रतिभा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सुगंध और यहां की परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। राज्य सरकार कलाकारों और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती रहेगी।बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीरमुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके 15 वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश में सड़क, बिजली, पेयजल और खाद्य सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में व्यापक कार्य हुए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को प्रभावी बनाकर जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की मजबूत व्यवस्था विकसित की गई, जिसके कारण डॉ. रमन सिंह को प्रदेश में ‘चाउंर वाले बाबा’ के नाम से भी पहचान मिली।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही हैं। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण और विकास को मिली नई गतिमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ विकसित भारत के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है और प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। गांवों तक आवास, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के कठिन समय का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने स्वदेशी स्तर पर वैक्सीन विकसित कर अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ अनेक देशों की भी सहायता की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर छत्तीसगढ़वासियों ने अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के प्रति अपना स्नेह और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने इसमें उत्साहपूर्वक सहभागी बनने के लिए प्रदेश की माताओं-बहनों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।शांति, विश्वास और विकास के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के विरुद्ध महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा विकास की राह में बाधा थे, वहां आज शांति और विश्वास के साथ विकास के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को वन संपदा, वनोपज, खनिज संसाधनों और उपजाऊ कृषि भूमि से समृद्ध बनाया है। इन संसाधनों का जनहित में बेहतर उपयोग करते हुए प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार का संकल्प है। विकसित छत्तीसगढ़ की इस यात्रा में माताओं-बहनों की सहभागिता, उनका परिश्रम और आशीर्वाद अत्यंत महत्वपूर्ण है।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने लोकगीत से किया माताओं-बहनों का अभिनंदनराजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि तीज के अवसर पर माताओं-बहनों का अपने निवास पर अभिनंदन करना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया है।श्री वर्मा ने अपने जीवन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि जब वे आठवीं कक्षा में पढ़ते थे, तब पहली बार उनके गांव में बिजली पहुंची थी और गांव तक सड़क भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 के बाद प्रदेश के गांवों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों का तेजी से विस्तार हुआ। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास और खुशहाली की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसान परिवार के बेटे के रूप में प्रदेश सरकार में मंत्री बनकर जनता की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है।इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रस्तुत कर माताओं-बहनों का अभिनंदन किया। उनकी प्रस्तुति से समारोह में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और तीज पर्व का उल्लास और भी जीवंत हो उठा।लोक कला-संस्कृति को समृद्ध करने वाले कलाकारों का सम्मानसमारोह में छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं संस्कृति को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कलाकारों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने, संवर्धित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारी लोककला, लोकगीत, लोकनृत्य और परंपराएं केवल सांस्कृतिक धरोहर नहीं, बल्कि हमारी जड़ों और सामाजिक जीवन की जीवंत अभिव्यक्ति हैं।मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर मांगी प्रदेश की खुशहालीइस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा के निवास पर विराजित विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने गणपति बप्पा से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए प्रदेश की निरंतर प्रगति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ केश शिल्पी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री गौरी शंकर श्रीवास, चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, विधायक श्री रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, श्रीमती वीणा सिंह सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, कलाकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।</description ></item><item><title>संत गहिरा गुरु विवि को मिले 5 राज्य स्तरीय NSS पुरस्कार, सरगुजा संभाग ने लहराया सफलता का परचम</title><link>https://cnin.co.in/संत-गहिरा-गुरु-विवि-को-मिले-5-राज्य-स्तरीय-NSS/84127</link><description>रायपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा ने संपूर्ण प्रदेश में अपना परचम लहराया है। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी वर्ष 2025-26 की राज्य स्तरीय एनएसएस पुरस्कार चयन सूची में विश्वविद्यालय और उससे जुड़ी संस्थाओं तथा स्वयंसेवकों ने कुल पांच पुरस्कार अपने नाम किए हैं। इस शानदार उपलब्धि में संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय स्तर की श्रेणी में पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त कर सरगुजा संभाग का गौरव बढ़ाया है।संस्थागत श्रेणी में सरगुजा जिले के सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय, अम्बिकापुर को राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं महाविद्यालयीन स्वयंसेवक श्रेणी में राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अम्बिकापुर के शिवम शर्मा और शासकीय राम भजन राय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय जशपुर नगर की कु. नेहा यादव ने बाजी मारी है। इसके अलावा विद्यालय स्तर की स्वयंसेवक श्रेणी में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अधिना (सूरजपुर) की कु. मीना राजवाड़े का चयन हुआ है।राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस के अवसर पर 24 सितम्बर को रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा, जहाँ इन सभी उत्कृष्ट संस्थाओं और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। वर्तमान में संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के अंतर्गत सरगुजा संभाग के छह जिलों में 158 इकाइयां संचालित हैं, जो जमीनी स्तर पर समाजसेवा और सामुदायिक विकास के कार्यों में जुटी हुई हैं।​विश्वविद्यालय की इस ऐतिहासिक सफलता पर कुलपति प्रो. राजेंद्र लाकपाले ने सभी विजेताओं, प्राचार्यों और कार्यक्रम अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों का समर्पण ही राष्ट्र निर्माण की असली नींव है और यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन व निष्ठा का ही परिणाम है।</description ></item><item><title>उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से वीसी द्वारा की वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन पर की चर्चा</title><link>https://cnin.co.in/उपमुख्यमंत्री-शर्मा-ने-जिला-पंचायत/84126</link><description>00 375 अनुमेय कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का करें चयनरायपुर। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से वीसी द्वारा की वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन पर की चर्चाविकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों से संवाद किया। बैठक में योजनांतर्गत जिलों में स्वीकृत कार्यों, प्रगति तथा योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से बारी-बारी संवाद करते हुए योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा उनके सुझाव और जमीनी स्तर पर आ रही कठिनाइयों को जाना। उन्होंने सभी को वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अब 375 प्रकार के अनुमय कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का चयन एवं स्वीकृति के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में कार्य स्वीकृत किए गए है, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ग्राम सभा के माध्यम से नए कार्य भी लिए जा सकते हैं।उन्होंने बताया कि योजना में मजदूरी एवं सामग्री का 60रू40 अनुपात बनाए रखते हुए तथा जल संरक्षण से संबंधित कम से कम 30 प्रतिशत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्राम सभाएं आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कार्य स्वीकृत कर सकती हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना का लाभ ग्रामीणों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन करने पर जोर दिया।बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा ने पंचायतों में स्वीकृत कार्यों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे, जिससे निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी।आयुक्त, विकसित भारतदृजीरामजी श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने जिला पंचायत सदस्यों के योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा तकनीकी समस्याओं से संबंधित प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों तथा किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेत सड़क और धरसा को भी अनुमय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रदेश में बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड तथा डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज जैसे कार्यों को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकता के अनुसार इन कार्यों का चयन कर सकती हैं। श्री सिन्हा ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) से संबंधित भारत सरकार का नोटिफिकेशन जल्द जारी होने की प्रक्रिया में है। वहीं मनरेगा के शेष लंबित भुगतान के संबंध में भारत सरकार को पत्र प्रेषित किया गया है।वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 175 पदों पर भर्ती की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें कार्यक्रम अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर एवं लेखापाल के पद शामिल हैं तथा भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। इसके अतिरिक्त बस्तर, बीजापुर एवं नारायणपुर जिलों में 63 रोजगार सहायक पदों पर भर्ती की अनुमति भी प्रदान की गई है।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए तथा मैदानी स्तर पर आ रही विभिन्न कठिनाइयों से अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं को आवश्यक कार्रवाई हेतु संकलित किया गया है।</description ></item><item><title>कांग्रेस अपनी अंतर्कलह और गुटबाजी को दूसरों पर मढ़ने की कोशिश न करे : सांसद पाण्डेय</title><link>https://cnin.co.in/कांग्रेस-अपनी-अंतर्कलह-और-गुटबाजी-को-दूसरों/84125</link><description>रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला है। कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस अपनी आपसी कलह और गुटबाजी को दूसरों के सिर मढ़ने की कोशिश कर रही है।भाजपा सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि असम में जो भी घटनाक्रम हुआ, वह कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा है। वीडियो फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि वहाँ कांग्रेस (पंजा छाप) के झण्डे लगे हुए थे और पार्टी कार्यकर्ता ही आपस में उलझ रहे थे। श्री पाण्डेय ने कहा कि बिहार चुनाव के समय भी एयरपोर्ट पर ऐसी ही हाथापाई और झूमाझटकी हुई थी। भूपेश बघेल जहाँ भी जाते हैं, वहाँ बण्टाधार ही होता है। असम में कांग्रेस चुनाव हारने जा रही है, इसलिए अपनी विफलता छिपाने के लिए अनर्गल बयानबाजी की जा रही है। श्री पाण्डेय ने कहा कि कानून-व्यवस्था पर भूपेश बघेल को बोलने का अधिकार नहीं है। असम में हिमंता बिस्वा सरमा की गुड गवर्नेंस की सरकार है।बस्तर की स्थिति पर पूर्व सरकार को घेराभाजपा सांसद श्री पाण्डेय ने प्रदेश की पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि भूपेश बघेल के शासन में बीजापुर, सुकमा, दन्तेवाड़ा और नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में शाम के समय लोगों का निकलना दूभर था। भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रचारकों को अंदरूनी क्षेत्रों में जाने तक नहीं दिया जाता था। जबकि आज स्थिति यह है कि लोग बस्तर के अंतिम गाँव, मानपुर-मोहला और लछना-कटेमम तक बिना किसी भय के आ-जा सकते हैं।&amp;nbsp;कश्मीर और पत्थरबाजी पर कांग्रेस का दोहरा रवैयाभाजपा सांसद श्री पाण्डेय ने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज ने कश्मीर में पत्थरबाजों का बचाव करते हुए कहा था कि उन्हें गुमराह या पत्थरबाज न कहा जाए, वे भावना से जुड़े हैं। कांग्रेस पार्टी हमेशा ऐसे तत्वों के प्रति हमदर्दी दिखाती रही है।सरगुजा से लेकर हर स्तर पर गुटबाजीपीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज के आरोपों पर पलटवार करते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस में ऊपर से नीचे तक घमासान मचा हुआ है। सरगुजा में टी.एस. सिंहदेव और बृहस्पति सिंह के बीच का विवाद पूरा प्रदेश देख चुका है। श्री पाण्डेय ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस जो कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शिविर चला रही है, उसमें सबसे पहले अपने नेताओं को 'गुटबाजी न करने' का पाठ पढ़ाना चाहिए।</description ></item><item><title>मरवाही, पेंड्रारोड, पेंड्रा और सकोला के 60 पटवारियों का बदला हल्का नंबर</title><link>https://cnin.co.in/मरवाही,-पेंड्रारोड,-पेंड्रा-और-सकोला-के-60/84124</link><description>गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर पटवारियों की पदस्थापना में बदलाव करते हुए चार प्रमुख तहसीलों मरवाही, पेंड्रारोड, पेंड्रा और सकोला में 60 पटवारियों के हल्का नंबर बदल दिए गए है। कलेक्टर कार्यालय के भू-अभिलेख शाखा की ओर से 21 सितंबर 2026 को अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। नई पदस्थापना के बाद सभी संबंधित पटवारियों को निर्धारित समय में नए हल्के का प्रभार संभालना होगा।जारी आदेश के अनुसार मरवाही, पेंड्रारोड, पेंड्रा और सकोला तहसीलों में पदस्थ पटवारियों के हल्के बदले गए हैं। इनमें मरवाही तहसील में 22, पेंड्रारोड में 18, पेंड्रा में 10 और सकोला में 10 पटवारियों का तबादला किया गया है। इस तरह कुल 60 पटवारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन की ओर से किए गए इस फेरबदल का उद्देश्य राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में कसावट लाना बताया गया है।&amp;nbsp;जानकारी के मुताबिक, इनमें कई पटवारी लंबे समय से एक ही हल्के में पदस्थ थे। तबादले के बाद अब उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। जारी आदेश में स्थानांतरित पटवारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित पटवारियों को तीन दिवस के भीतर अपने नए तहसील कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके बाद उन्हें आवंटित नए पटवारी हल्के का प्रभार संभालना होगा।</description ></item><item><title>पर्यावरण की रक्षा करना, उससे प्रेम करना भी हमारा धर्म हैं - इन्द्रेश जी महाराज</title><link>https://cnin.co.in/पर्यावरण-की-रक्षा-करना,-उससे-प्रेम-करना-भी/84123</link><description>0- पवित्रता के साथ स्वच्छता पर ध्यान देने लगे तो स्वर्ग से भी सुंदर हो जायेगा हमारा भारत0- रोज महाप्रसाद का एक तिनका भी ग्रहण करते हैं वो सीधे महाप्रभु की चित्त को धारण करते हैंरायपुर। श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से प्रसिद््ध भागवताचार्य श्री इन्द्रेश जी महाराज पर्यावरण के प्रति बड़ा संदेश व्यासपीठ से दे गए। उन्होंने कहा कि बृजलीला के द्वारा ठाकुर जी पंच तत्वों से जागरुकता फैला रहे हैं उन्ही पंच तत्वों से जिनसे हमारा शरीर बना है पृथ्वी, अग्नि, जल, वायु और आकाश। उन्होने पृथ्वी के सरंक्षण के लिए हमें भेजा है लेकिन हम उसी पृथ्वी का नाश कर रहे हैं। भारत में हम लोग पवित्रता पर तो ध्यान दे रहें लेकिन स्वच्छता पर नहीं। पवित्रता भगवान की पत्नी हैं, उन्हे पवित्र रखना भी हमारा धर्म है। आज तो वृंदावन के यमुना में आचमन तक करना मुश्किल हो गया है इतनी विषैली हो गई है वहां की जल। यहां से विषैली कालिया नाग को भगाने के लिए भगवान ने उसका वध किया था, लेकिन आज के कालिया नाग यमुना क्या अन्य नदियों को भी विषैली कर रहे हैं। विषय आप समझ सकते हैं। मिट्टी खाकर भी परमात्मा ये संदेश दे रहे है कि पर्यावरण से उन्हे कितना प्रेम हैं। भारत में यदि पवित्रता के साथ स्वच्छता पर हम सब ध्यान देने लगे तो यह स्वर्ग से सुंदर हो जायेगा। भागवत का उद्देश्य परम धर्म है, ठाकुर जी से संबंध मांगकर प्रेम स्थापित करिए। वैसे ही पर्यावरण की रक्षा करना भी हमारा धर्म है, पर्यावरण से प्रेम रखिए।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>भाठागांव के नए सब्जी बाजार में दुकान आवंटन को लेकर विवाद, व्यापारियों ने घेरा नगर निगम मुख्यालय</title><link>https://cnin.co.in/भाठागांव-के-नए-सब्जी-बाजार-में-दुकान-आवंटन-को/84122</link><description>रायपुर। भाठागांव के नए सब्जी बाजार में सब्जी व्यापारियों ने दुकान आवंटन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए नगर निगम मुख्यालय का घेराव करते हुए एक ही परिवार के तीन-तीन या चार-चार सदस्यों को स्थान आवंटित करने का आरोप लगाया। व्यापारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पूर्व आवंटन निरस्त कर पारदर्शी तरीके से दोबारा दुकान आवंटित करने की मांग की।व्यापारियों ने निगम आयुक्त को दिए आवेदन में बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड क्रमांक-61 के भाठागांव में नए सब्जी बाजार के दुकान/स्थान आवंटन को लेकर स्थानीय सब्जी व्यापारियों और वार्डवासियों में नाराजगी है। आवंटन प्रक्रिया में अपेक्षित पारदर्शिता नहीं बरती गई और वर्षों से सब्जी का कारोबार कर रहे स्थानीय वास्तविक व्यापारियों को प्राथमिकता नहीं मिली। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि एक ही परिवार के तीन-तीन या चार-चार सदस्यों को स्थान आवंटित किए जाने की बात सामने आई है, जबकि कई पुराने और वास्तविक स्थानीय व्यापारियों को जगह नहीं मिली। इसके अलावा वार्ड से बाहर के लोगों को भी स्थान दिए जाने की शिकायत की गई है।व्यापारियों ने बाजार में आवंटित जगहों के आकार में समानता नहीं होने की बात कही है। उनके मुताबिक कुछ स्थान करीब 8 फीट, कुछ 6 फीट और कुछ 4 फीट के बताए जा रहे हैं। व्यापारियों ने सभी पात्र दुकानदारों को समान और निर्धारित माप का स्थान उपलब्ध कराने की भी मांग की है। आवेदन में कुछ आवंटन संबंधी दस्तावेजों में व्हाइटनर लगाए जाने की शिकायत भी की गई है। व्यापारियों ने मूल दस्तावेजों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।</description ></item><item><title>आरसीसी नालियों और सीसी रोड के लिए 1.48 करोड़ मंजूर</title><link>https://cnin.co.in/आरसीसी-नालियों-और-सीसी-रोड-के-लिए-1.48-करोड़/84121</link><description>00 उप मुख्यमंत्री साव के अनुमोदन के बाद स्वीकृति आदेश जारीरायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने धमतरी जिले के कुरूद नगर पालिका में चार कार्यों के लिए कुल एक करोड़ 48 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की है। इनमें तीन आरसीसी नालियों के निर्माण के लिए एक करोड़ 18 लाख 61 हजार रुपए और एक सीसी रोड के लिए 29 लाख 44 हजार रुपए शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं।&amp;nbsp;नगरीय प्रशासन एवं विकास विकास ने कुरूद नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-1 में भारतीय स्टेट बैंक से छोटे नहर तक आरसीसी नाली के निर्माण के लिए 53 लाख 17 हजार रुपए, वार्ड क्रमांक-15 में कन्हारपुरी रोड में आरसीसी नाली के लिए 19 लाख 36 हजार रुपए तथा वार्ड क्रमांक-21 में मंगलम हार्डवेयर से छोटे नहर तक आरसीसी नाली के लिए 46 लाख 8 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। विभाग ने कन्हारपुरी रोड में सीसी सड़क के निर्माण के लिए भी 29 लाख 44 हजार रुपए मंजूर किए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से अधोसंरचना मद से ये राशि जारी की गई है।</description ></item><item><title>चंपारण्य में 73.42 करोड़ के श्री वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स को केंद्र की मंजूरी</title><link>https://cnin.co.in/चंपारण्य-में-73.42-करोड़-के-श्री-वल्लभाचार्य/84120</link><description>00 राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा चंपारण्य, करीब 15 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का होगा विस्तार00 चंपारण्य को राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम - अग्रवालरायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रायपुर जिले के चंपारण्य में लगभग 73.42 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित श्री महाप्रभु वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स परियोजना को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति ष्टस्रूष्ट ने स्वीकृति प्रदान की है। सीएसएमसी स्वदेश दर्शन 2.0 की केंद्रीय समिति है, जो मिशन निदेशालय की अनुशंसाओं के आधार पर परियोजनाओं की स्वीकृति पर विचार करती है। परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा किया जाएगा तथा इसके लिए 18 माह की प्रस्तावित कार्यान्वयन अवधि निर्धारित की गई है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना की स्वीकृति पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यटन, विशेषकर आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के विकास को नई गति मिल रही है। चंपारण्य छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। श्री महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली को बेहतर पर्यटक सुविधाओं के साथ राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं के विस्तार को और गति मिलेगी। हमारा प्रयास होगा कि श्री महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली की गरिमा और धार्मिक स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं विकसित हों। यह परियोजना चंपारण्य को देश के प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों के बीच और अधिक प्रभावी रूप से स्थापित करने में सहायक होगी।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। चंपारण्य परियोजना की स्वीकृति छत्तीसगढ़ के आध्यात्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। परियोजना की स्वीकृति के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति आभार व्यक्त किया।महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य की जन्मस्थली चंपारण्य देशभर में वैष्णव श्रद्धालुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल है। प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य चंपारण्य को केवल तीर्थ यात्रा के एक पड़ाव तक सीमित न रखते हुए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, विरासत एवं अनुभव-आधारित पर्यटन के एक समग्र केंद्र के रूप में विकसित करना है। परियोजना के माध्यम से पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने, उनके ठहराव की अवधि बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना में महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य से संबंधित आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित श्री महाप्रभु वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स में म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर, कथा ग्राउंड, ओपन एयर थिएटर, वेलनेस एवं मेडिटेशन सुविधाएं, श्रद्धालुओं के लिए आवास एवं डॉरमेटरी, मल्टीपर्पज हॉल, रेस्टोरेंट और वेंडर शॉप्स जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना में यज्ञ कुंड एवं जल कुंड का उन्नयन, तालाब विकास, दिव्य पाथवे एवं कवर्ड पाथवे, पार्किंग, साइनेज और लैंडस्केपिंग सहित अन्य पर्यटक सुविधाओं का भी विकास प्रस्तावित है। यह श्रद्धालुओं के साथ-साथ परिवारों, सांस्कृतिक पर्यटकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और वेलनेस पर्यटन से जुड़े पर्यटकों के लिए भी आकर्षक अनुभव होगा।परियोजना की परिकल्पना इस प्रकार की गई है कि चंपारण्य आने वाले श्रद्धालुओं को महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य के जीवन, दर्शन और विरासत से परिचित होने का अवसर मिले। सामान्य पर्यटकों के लिए आधे से पूरे दिन तक के प्रवास तथा धार्मिक आयोजनों एवं वेलनेस गतिविधियों के दौरान अधिक अवधि तक ठहरने की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा गया है। परियोजना की डीपीआर एवं कार्य-सीमा तैयार है और स्वीकृति के बाद निविदा प्रक्रिया प्रारंभ करने की तैयारी है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद चंपारण्य में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक, विरासत, शिक्षा और वेलनेस पर्यटन की गतिविधियों को भी विस्तार मिलेगा। इससे पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित करने की दिशा में भी मदद मिलेगी।</description ></item><item><title>भानपुरी थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में दो की हुई मौत</title><link>https://cnin.co.in/भानपुरी-थाना-क्षेत्र-में-दो-अलग-अलग-घटनाओं/84119</link><description>जगदलपुर। बस्तर जिले के भानपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम बनियागांव में फुट्टू निकालने जा रही एक 12 वर्षीय बच्ची करेंट की चपेट में आ गई। इस घटना में जहां बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। वही घटना के बाद से पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं दूसरी घटना में भानपुरी थाना क्षेत्र के ही करईपारा में रहने वाला वृद्ध सामूराम 50 वर्ष नदी को पार करके अपने खेत जा रहा था कि गहराई में जाने से डूब गया। इस घटना में वृद्ध की मौत हो गई। गाय चराने आये ग्रामीण ने वृद्ध के शव को देखने के बाद पुलिस के साथ ही परिजनों को सूचना दी। जहां शव का पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।भानपुरी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बनियागांव में रहने वाली 12 वर्षीय लेमाशी फुट्टू निकालने के लिए खेत की ओर जा रही थी कि अचानक खेत में लगे तार में करेंट को लगाया गया था, जिससे कि किसी भी तरह से कोई जानवर अंदर न आ सके और खेत सुरक्षित रहे। मगर जानवर तो नही लेकिन बच्ची उस तार की चपेट में आ गई। इस घटना में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। गांव के डमरू ने बच्ची को देखने के बाद आसपास के लोगों के साथ ही बच्ची के परिजनों को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को निकालते हुए पीएम के लिए भेजा, वहीं मामले की जांच कर रही है।</description ></item><item><title>मां दंतेश्वरी मंदिर की 11 दान-पेटियों से 21.62 लाख नगद सहित सोने-चांदी के आभूषण व मन्नत के पत्र मिले</title><link>https://cnin.co.in/मां-दंतेश्वरी-मंदिर-की-11-दान-पेटियों-से-21.62-लाख/84118</link><description>दंतेवाड़ा। मां दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा की दान पेटियां 07 महीने 24 दिन बाद शारदीय नवरात्र से पहले मंगलवार को मंदिर की कुल 11 दान पेटियां खोली गईं। इनसे 21 लाख 62 हजार 331 रुपए नगद मिले। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषण और भक्तों के मन्नत के पत्र भी मिले हैं। दान पेटियों से मिले आभूषणों और अन्य सामग्री को सुरक्षित रखा गया है। भक्तों ने नौकरी, संतान प्राप्ति सहित अलग-अलग मन्नतों को लेकर मां दंतेश्वरी के नाम पत्र पेटियों में डाले थे। इन पत्रों को भी पेटियां खोलने के दौरान निकाला गया, इस दौरान भक्तों की निजता का ध्यान रखा गया है।मां दंतेश्वरी मंदिर की दान पेटियां इससे पहले 28 जनवरी 2026 को खोली गई थीं। उस समय पेटियों से 19 लाख 44 हजार 448 रुपए नगद मिले थे। इस बार पिछली बार की तुलना में 2 लाख 17 हजार 883 रुपए ज्यादा मिले हैं। साल में दो बार दानपेटी खोली जाती है। शारदीय नवरात्र, चैत्र नवरात्र, न्यू ईयर, और फागुन मेला के समय मंदिर में भक्तों की ज्यादा भीड़ होती है। भक्त अपनी मनोकामना के अनुसार पैसों से लेकर सोने-चांदी के आभूषण चढ़ाते हैं। शारदीय नवरात्र को देखते हुए मां दंतेश्वरी मंदिर में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सजावट और श्रद्धालुओं की व्यवस्था से जुड़े काम किए जा रहे हैं। नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के दंतेवाड़ा की संभावना को देखने हुए मंदिर प्रबंधन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।</description ></item><item><title>नक्सली डंप से एसएलआर, एलएमजी, इंसास रायफल सहित अन्य सामग्री बरामद</title><link>https://cnin.co.in/नक्सली-डंप-से-एसएलआर,-एलएमजी,-इंसास-रायफल/84117</link><description>बीजापुर। जिले में लगातार चलाये जा रहे सर्चिंग अभियान के तहत मंगलवार को थाना बेदरे क्षेत्र के ग्राम लंका पहाड़ी के जंगल में जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए हथियारों के जाखिरे का नक्सली डंप बरामद किया गया है। सुरक्षाबलों ने मौके से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद एवं अन्य सामग्री बरामद की है। बरामद नक्सली डंप से एक एसएलआर एक एलएमजी रायफल, एक इंसास रायफल, एक 315 बोर बंदूक, दो बीजीएल लॉन्चर, 17 बीजीएल सेल और एक चाइना हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। इसके अलावा 49 एसएलआर राउंड, .315 बोर के 15 राउंड, 15 बीजीएल कारतूस, चार एसएलआर मैगजीन तथा एक 315 बोर मैगजीन भी बरामद की गई है।बीजापुर एसपी उमेंश कुमार गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सर्चिंग के दौरान डिमाइनिंग कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान जंगल में छिपाकर रखे गए डंप का पता चला। जिससे बरामद हथियार एवं अन्य सामग्री को जब्त कर लिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीजापुर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान सितंबर माह में लगातार मिल रहे नक्सली डंप से पूर्व में छिपाकर रखे गए हथियार एवं अन्य सामग्री बरामद हो रहे हैं- जिसमें 20 सितंबर को थाना भैरमगढ़ क्षेत्र के आदवाड़ा जंगल से एके-47, .315 बोर हथियार, सिंगल शॉट पिस्टल सहित जिंदा कारतूस और मैगजीन बरामद किए गए। 16 सितंबर को थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के बड़ेआलवाड़ा जंगल से .315 बोर रायफल, 49 जिंदा राउंड, .303 के 25 जिंदा राउंड, 12 बोर के 49 जिंदा राउंड, करीब 8 किलोग्राम जिलेटिन, वॉकी-टॉकी सहित अन्य सामग्री मिले थे। 10 सितंबर को थाना मिरतुर क्षेत्र के इंद्रिपाल जंगल में अलग-अलग स्थानों से नॉन-इलेक्ट्रिकल वायर के सात बंडल, डेटोनेटर और ग्रेनेड बरामद किए गए। वहीं 1 सितंबर को थाना भोपालपटनम क्षेत्र के नीलमडग़ु जंगल से माओवादी डंप से 12 बोर का देशी कट्टा, एक बीजीएल लॉन्चर, आठ बीजीएल सेल, 12 बोर के 10 जिंदा राउंड सहित अन्य सामग्री बरामद की गई थी। लगातार हो रही इन कर्लयवाहियों से जंगलों में नक्सलियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी का सिलसिला जारी है।</description ></item><item><title>दपूमरे रायपुर मंडल में साइबर सुरक्षा पर सेमिनार का आयोजन</title><link>https://cnin.co.in/दपूमरे-रायपुर-मंडल-में-साइबर-सुरक्षा-पर/84116</link><description>रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल, रायपुर में साइबर सुरक्षा विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को बढ़ते डिजिटल अपराधों के प्रति जागरूक करना था। यह कार्यक्रम 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक तीन माह का सतर्कता निवारक अभियान के अंतर्गत किया गया। सेमिनार मे मंडल रेल प्रबंधक दयानंद, अपर मंडल रेल प्रबंधक बजरंग लाल अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी राहुल गर्ग सहित रायपुर मंडल के अन्य शाखा अधिकारी एवम कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सीबीआई, बिलासपुर के सहायक पुलिस महानिरीक्षक कवि गुप्ता ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने वर्तमान समय में तकनीक के दुरुपयोग से जुड़े गंभीर खतरों के बारे में जानकारी दी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक के बढ़ते खतरों और इसके जरिए होने वाली धोखाधड़ी से बचने के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया। इंटरनेट बैंकिंग, सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों पर चर्चा की गई। साइबर धोखाधड़ी को कम करने के लिए कंप्यूटर और डिजिटल उपकरणों की सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत करने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।</description ></item><item><title>विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर कलेक्टर-एसपी ने विश्वविद्यालयों की बैठक ली</title><link>https://cnin.co.in/विदेशी-विद्यार्थियों-की-सुरक्षा-एवं-कानून/84115</link><description>00 विदेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय/कॉलेज परिसर में सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के दिए निर्देशरायपुर। विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा, शैक्षणिक वातावरण एवं स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था से संबंधित विषयों को लेकर कलेक्ट्रेट रायपुर में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के द्वारा रायपुर जिले में संचालित विभिन्न विश्वविद्यालयों/शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक ली गई। बैठक में विदेशी विद्यार्थियों के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आवास, संस्थानों की जिम्मेदारी तथा स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा एवं क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेशी विद्यार्थी भारत में अध्ययन के लिए आते हैं, इसलिए उनके लिए सुरक्षित, अनुशासित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।बैठक में विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों को निर्देशित किया गया कि विदेशी विद्यार्थियों के आवास एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में जो विदेशी विद्यार्थी विश्वविद्यालय/कॉलेज के छात्रावास से बाहर निजी मकानों, पीजी अथवा अन्य स्थानों पर रह रहे हैं, उन्हें अगले 15 से 30 दिनों के भीतर संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए अथवा संस्थान से संबद्ध सुरक्षित छात्रावास में स्थानांतरित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।इस संबंध में संस्थानों को विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा, स्थानीय परिस्थितियों एवं उपलब्ध आवासीय व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। बैठक में कहा गया कि किसी भी अप्रिय घटना, दुर्घटना अथवा कानून-विरोधी गतिविधि की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही उसके संभावित कारणों की पहचान कर आवश्यक निरोधात्मक कदम उठाए जाएं।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में रेड क्रॉस की सेवाओं को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का सहयोग</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-रेड-क्रॉस-की-सेवाओं-को-मिलेगा/84114</link><description>00 राज्य में स्वास्थ्य, रक्तदान, प्राथमिक उपचार एवं मानवीय सेवाओं के विस्तार के लिए राष्ट्रीय मुख्यालय के समक्ष रखा गया व्यापक प्रस्तावरायपुर। छत्तीसगढ़ में इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी की स्वास्थ्य एवं मानवीय सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के चेयरमैन श्री तोमन साहू ने नई दिल्ली स्थित इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के राष्ट्रीय मुख्यालय में महासचिव (राष्ट्रीय प्रभारी) श्री ललित वाधवा से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में रेड क्रॉस की सेवाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण को लेकर विस्तृत चर्चा की।इस अवसर पर राष्ट्रीय मुख्यालय की संयुक्त सचिव डॉ. वंशश्री सिंह एवं श्री कौस्तुभ दिनकर कुकड़े से भी मुलाकात कर छत्तीसगढ़ राज्य शाखा की सेवा गतिविधियों, आवश्यकताओं एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य शाखा की ओर से राज्य की स्वास्थ्य एवं मानवीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक सेवा-विस्तार एवं संस्थागत सुदृढ़ीकरण प्रस्ताव राष्ट्रीय मुख्यालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ग्रामीण, आदिवासी, दूरस्थ एवं जरूरतमंद क्षेत्रों तक रेड क्रॉस की सेवाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।प्रस्ताव में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एम्बुलेंस सुविधा, चलित रक्तदान सेवाओं का विस्तार, प्राथमिक उपचार एवं प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता प्रशिक्षण, रक्त सेवाओं एवं रक्त भंडारण व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, आवश्यक स्वास्थ्य उपकरण, आपदा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता तथा मानवीय राहत सेवाओं को मजबूत करने के संबंध में सहयोग का अनुरोध किया गया। इसके साथ ही सुरगुजा एवं बस्तर जैसे आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता, सिकल सेल एवं थैलेसीमिया से संबंधित जनजागरूकता एवं सहायता, स्वैच्छिक रक्तदाता नेटवर्क को मजबूत करने तथा जरूरतमंद मरीजों तक सहायता पहुंचाने के लिए विशेष पहल पर भी चर्चा की गई।डुबचेरा, गुरुर तहसील, जिला बालोद में उपलब्ध भवन के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधा को विकसित करने के लिए आवश्यक सहयोग का विषय भी राष्ट्रीय मुख्यालय के समक्ष रखा गया। राज्य शाखा का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों एवं राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करना है।</description ></item><item><title>दानवीर भामाशाह सम्मान-2026 के लिए 30 सितंबर तक आमंत्रित किए गए प्रस्ताव</title><link>https://cnin.co.in/दानवीर-भामाशाह-सम्मान-2026-के-लिए-30-सितंबर-तक/84113</link><description>रायपुर। समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दानशीलता, सौहार्द एवं अनुकरणीय सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रतिवर्ष दानवीर भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया जाता है। इसी क्रम में वर्ष 2026 के लिए पात्र व्यक्तियों एवं संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।जिला समाज कल्याण कार्यालय, रायपुर द्वारा जारी सूचना के अनुसार चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपये की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए ऐसे पात्र व्यक्तियों एवं संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, जिन्होंने दानशीलता एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय तथा अनुकरणीय कार्य किया हो। इच्छुक व्यक्ति अथवा संस्था निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना प्रस्ताव 30 सितंबर 2026 तक जिला समाज कल्याण कार्यालय, रायपुर में प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रस्ताव के साथ निर्धारित पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।विभाग द्वारा जारी आवेदन प्रारूप में व्यक्ति/संस्था की श्रेणी, परिचय, छत्तीसगढ़ का निवासी/कार्यरत होने की स्थिति, दानशीलता एवं राष्ट्रीय क्षेत्र में किए गए कार्य, राज्य एवं समाज के हित में किए गए कार्य, अन्य प्राप्त पुरस्कारों का विवरण तथा संबंधित कार्यों के प्रमाण आदि की जानकारी मांगी गई है। अधिक जानकारी के लिए जिला समाज कल्याण कार्यालय, रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-4919323 पर संपर्क किया जा सकता है।</description ></item><item><title>राजनांदगांव से मंडला-जबलपुर नई रेल लाइन की मांग तेज</title><link>https://cnin.co.in/राजनांदगांव-से-मंडला-जबलपुर-नई-रेल-लाइन-की/84112</link><description>00 नागपुर की सांसदों की बैठक में उठा महत्वपूर्ण मुद्दा, संतोष पांडेय ने रखा प्रस्तावराजनांदगांव। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को सीधे रेल नेटवर्क से जोडऩे की दिशा में राजनांदगांव-खैरागढ़-कवर्धा-मंडला-जबलपुर नई रेल लाइन की मांग को लेकर महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। नागपुर में आयोजित सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक में राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय ने इस बहुप्रतीक्षित रेल लाइन का प्रस्ताव प्रमुखता से रखा। प्रस्ताव के सामने आने से राजनांदगांव सहित आसपास के क्षेत्रों में इस रेल परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।बैठक में रखे गए प्रस्ताव में कहा गया कि राजनांदगांव को खैरागढ़, कवर्धा, मंडला होते हुए जबलपुर से जोडऩे वाली नई रेल लाइन से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे राजनांदगांव और जबलपुर जैसी दोनों संस्कारधानियों के साथ मंडला क्षेत्र भी रेल नेटवर्क से बेहतर ढंग से जुड़ सकेगा।प्रस्तावित रेल मार्ग से मंडला एवं आसपास के आदिवासी अंचलों, कान्हा क्षेत्र तथा छत्तीसगढ़ के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होने की संभावना है। इससे विद्यार्थियों, व्यापारियों, कर्मचारियों, मरीजों, पर्यटकों और आम यात्रियों को भी सुविधा मिल सकती है। नई रेल लाइन की मांग के पीछे क्षेत्र के व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को गति देने का तर्क भी रखा गया है। रेल संपर्क बढऩे से दोनों राज्यों के बीच आर्थिक गतिविधियों को विस्तार मिलने तथा नए व्यापारिक मार्ग विकसित होने की संभावना जताई गई है विशेष रूप से मंडला-कान्हा क्षेत्र को राजनांदगांव एवं छत्तीसगढ़ से जोडऩे से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं कवर्धा और खैरागढ़ जैसे क्षेत्रों को भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकेगा।बैठक में राजनांदगांव एवं डोंगरगढ़ में वंदे भारत ट्रेन के ठहराव, रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू ट्रेन को पुन: शुरू करने तथा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजनांदगांव रेलवे स्टेशन के विकास से संबंधित विषय भी रखे गए। नागपुर मंडल में आयोजित बैठक में विभिन्न संसदीय क्षेत्रों के सांसद एवं जनप्रतिनिधि तथा रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में क्षेत्र की रेल सुविधाओं और यात्रियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि राजनांदगांव से मंडला-जबलपुर तक प्रस्तावित रेल लाइन केवल दो राज्यों को जोडऩे वाली परियोजना नहीं होगी, बल्कि दो संस्कारधानियों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संपर्क को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इससे मध्यभारत के व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को लाभ मिलेगा।</description ></item><item><title>बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव का असर बस्तर में दिखा, सुबह से बारिश जारी</title><link>https://cnin.co.in/बंगाल-की-खाड़ी-में-बने-कम-दबाव-का-असर-बस्तर/84111</link><description>जगदलपुर। मानसून विदाई से पहले छत्तीसगढ़ सहित बस्तर को जमकर भिगाने की तैयारी में है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर बस्तर में देखने को मिल रहा है। आज मंगलवार को सुबह से ही बस्तर में बारिश का अनवरत दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज 22 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं 24 सितंबर को भी बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में झमाझम बारिश की संभावना हैं।मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम-मध्य और उससे लगे पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र उसी इलाके में सक्रिय रहा। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढऩे और अगले 24 से 48 घंटे में अवदाब से गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है। सिस्टम के 23 सितंबर की सुबह के आस-पास उत्तरी आंध्रप्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट के पास पहुंचने के आसार हैं। इस सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ में भी साफ दिखाई देने लगा है।आज मंगलवार को सुबह से ही बस्तर में बारिश का अनवरत दौर जारी है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे ज्यादा भैरमगढ़ में 5 सेमी, गंगालूर में 04 सेमी बारिश दर्ज की गई।</description ></item><item><title>दपूमरे से चलने वाली कुछ ट्रेनों के परिचालन में हुआ बदलाव</title><link>https://cnin.co.in/दपूमरे-से-चलने-वाली-कुछ-ट्रेनों-के-परिचालन/84110</link><description>बिलासपुर। पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में रेल लाइन से जुड़े निर्माण कार्य के चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर चलने वाली कुछ ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है।&amp;nbsp;ट्रेन नंबर 22843 बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस 25 सितंबर और 2 अक्टूबर को बिलासपुर से रवाना नहीं होगी। दोनों तिथियों की यात्रा रद्द रहेगी। इसी तरह ट्रेन नंबर 22844 बक्सर-बिलासपुर एक्सप्रेस 26 सितंबर और 3 अक्टूबर 2026 को बक्सर से रद्द रहेगी। 17007 चेरलापल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस: 26 और 29 सितंबर को चेरलापल्ली से रवाना होकर किऊल-मुंगेर-बरौनी के रास्ते दरभंगा जाएगी। 17008 दरभंगा-चेरलापल्ली एक्सप्रेस: 25 और 29 सितंबर तथा 2 अक्टूबर को दरभंगा से रवाना होकर मुंगेर-किऊल के परिवर्तित मार्ग से चेरलापल्ली जाएगी। 17005 हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस: 24 सितंबर और 1 अक्टूबर को हैदराबाद से रवाना होकर किऊल-मुंगेर-बरौनी के रास्ते रक्सौल जाएगी। इसके अलावा 17006 रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस: 27 सितंबर और 4 अक्टूबर को रक्सौल से रवाना होकर मुंगेर-किऊल के परिवर्तित मार्ग से हैदराबाद जाएगी।</description ></item><item><title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सेवा संकल्प को साकार करने शहर में 25 से पदयात्रा सप्ताह</title><link>https://cnin.co.in/प्रधानमंत्री-नरेंद्र-मोदी-के-25-वर्ष-के-सेवा/84109</link><description>00 मुख्यमंत्री साय करेंगे शुभारंभ, राज्यपाल रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति में 2 अक्टूबर को होगा भव्य समापनरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सेवा संकल्प को साकार करने तथा जनसेवा और जनजागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरन्दर मिश्रा के नेतृत्व में 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पदयात्रा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। आठ दिनों तक चलने वाले इस अभियान में नशामुक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने जैसे विषयों को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती 2 अक्टूबर तक आयोजित होने वाला यह अभियान सेवा, संकल्प और जनभागीदारी की भावना को समर्पित रहेगा। &amp;nbsp;विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि पदयात्रा उनके लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसेवा और जनजागरण का निरंतर संकल्प है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने गृह ग्राम सराईपाली दुर्गापाली से पदयात्रा की शुरुआत की थी और पिछले 27 वर्षों से लगातार पदयात्रा के माध्यम से समाज में जनजागरूकता का संदेश पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पदयात्रा के माध्यम से लोगों से सीधे संवाद स्थापित करना, उनकी समस्याओं को समझना और समाजहित के विषयों पर जागरूकता पैदा करना उनके सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण उनके लंबे जनजागरण अभियान का प्रमुख संकल्प रहा है। उनके अनुसार पिछले 26 वर्षों के दौरान लगातार चलाए गए जनजागरूकता प्रयासों के माध्यम से 22,640 लोगों को नशामुक्ति की दिशा में प्रेरित करने का कार्य किया गया है।उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार और समाज के भविष्य पर भी असर डालता है। इसलिए पदयात्रा सप्ताह के दौरान नशामुक्ति के संदेश को विशेष रूप से जन-जन तक पहुंचाया जाएगा और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पदयात्रा सप्ताह का शुभारंभ 25 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा, तेलीबांधा थाना चौक में माल्यार्पण के साथ होगा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, पूर्व राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पांडे, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा श्रीमती विभा अवस्थी सहित निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्य, संगठन के कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, साधु-संत एवं युवा नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। माल्यार्पण के पश्चात विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा के नेतृत्व में पदयात्रा प्रारंभ होगी। पदयात्रा तेलीबांधा होते हुए शहीद भगत सिंह चौक, गौरव पथ पहुंचेगी, जहां प्रथम दिवस का समापन होगा। इस दौरान रविग्राम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया जाएगा।</description ></item><item><title>भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स क्रिकेट का गोल्ड मैडल बरकरार रखा</title><link>https://cnin.co.in/भारतीय-महिला-टीम-ने-एशियन-गेम्स-क्रिकेट-का/84108</link><description>नई दिल्ली। गत वर्ष की एशियन गेम्स महिला गोल्ड क्रिकेट चैंपियन भारत ने श्रीलंका को 147 रनों से शिकस्त देते हुए खिताब को अपने पास बरकरार रखा।हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने आइची-नागोया एशियन गेम्स-2026 मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट गंवाकर 216 रनों का स्कोर खड़ा किया ।जिसमें &amp;nbsp;स्मृति मंधाना के शानदार 79 रन शामिल थे।जबकि ऋचा घोष 49 रन बनाकर नाबाद रहीं। शेफाली वर्मा ने 48 रन का योगदान दिया।भारत के लिए स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी की। मंधाना ने 45 गेंदों में 79 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। इस पारी के दौरान उन्होंने महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में 11 हजार रन भी पूरे किए।भारत ने जो &amp;nbsp;श्रीलंका के खिलाफ स्कोर बनाया वो एशियाई क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है ।217 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम 15.4ओवर में 69 रन पर ढेर हो गई। 217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। भारत की ओर से गेंदबाजों ने लगातार विकेट हासिल किए और श्रीलंका को बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा।भारतीय महिला टीम ने इससे पहले 2022 एशियन गेम्स में भी क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता था। इस बार टीम ने खिताब बरकरार रखते हुए लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक हासिल किया।</description ></item><item><title>मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से भटगांव विधानसभा के 7 धान उपार्जन केंद्र होंगे सुविधा-संपन्न</title><link>https://cnin.co.in/मंत्री-लक्ष्मी-राजवाड़े-की-पहल-से-भटगांव/84107</link><description>00 69.58 लाख रुपए से पक्के फड़ एवं समतलीकरण कार्य को मिली स्वीकृति, किसानों को मिलेगी बेहतर उपार्जन सुविधारायपुर। किसानों को धान उपार्जन के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की गई है। भटगांव विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र के 7 धान उपार्जन केंद्रों में पक्के फड़ निर्माण एवं समतलीकरण कार्य के लिए 69.58 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। इससे इन केंद्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और किसानों को धान बेचने के दौरान अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।स्वीकृत कार्यों में सूरजपुर विकासखंड के टमकी, सिरसी, करोटी बी, खोपो, बतरा, सांवारांवां एवं कुर्रीडीह स्थित धान उपार्जन केंद्र शामिल हैं। प्रत्येक केंद्र में 9.94 लाख रुपए की लागत से पक्के फड़ निर्माण एवं समतलीकरण का कार्य किया जाएगा।धान उपार्जन केंद्रों में पक्के फड़ और समतलीकरण होने से उपार्जन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी। इससे धान की आवक, खरीदी और रख-रखाव के दौरान होने वाली व्यावहारिक परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों को उपार्जन केंद्रों पर बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में यह कार्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को गति देने के क्रम में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा भटगांव विधानसभा क्षेत्र में किसानों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के प्रयासों का यह एक और परिणाम है। इससे धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था मजबूत होने के साथ किसानों को सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था का लाभ मिलेगा।</description ></item><item><title>मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पहुंचीं ग्राम कुंजनगर, महिलाओं से किया आत्मीय संवाद</title><link>https://cnin.co.in/मंत्री-लक्ष्मी-राजवाड़े-पहुंचीं-ग्राम/84106</link><description>00 सेवा संकल्प अभियान के तहत महतारी वंदन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राहियों से जानी योजनाओं की उपयोगितारायपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले रहीं महिलाओं से सीधे संवाद की पहल को आगे बढ़ाते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ग्राम कुंजनगर पहुंचीं। उन्होंने महिलाओं और अन्य हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ, उनके अनुभवों और परिवार के जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विशेष रूप से महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने जाना कि योजनाओं से प्राप्त आर्थिक सहायता महिलाओं की दैनिक आवश्यकताओं, परिवार के खर्च और मातृत्व से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में किस प्रकार सहयोगी बन रही है। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासकीय योजनाओं से उन्हें आर्थिक संबल और आत्मविश्वास मिला है।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाएं महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ मातृत्व और परिवार के बेहतर पोषण में भी सहयोग प्रदान कर रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से इन योजनाओं के वास्तविक लाभ और हितग्राहियों के अनुभवों को सामने लाने के साथ शासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत किया जा रहा है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ग्रामीण महिलाओं की बातों को गंभीरता से सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े उनके अनुभव जाने। ग्राम कुंजनगर में महिलाओं से हुआ यह संवाद महिला सशक्तिकरण, जनभागीदारी और सेवा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में आयोग का भ्रमण</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-के-जनजातीय-क्षेत्रों-में-आयोग-का/84105</link><description>00 चार जिले रायपुर, सक्ती, जशपुर और कांकेर में आश्रम छात्रावासों का स्थलीय निरीक्षणरायपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की टीम छत्तीसगढ़ में जनजातीय समुदायों से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की जमीनी स्थिति जानने के लिए चार जिलों के दौरे पर है। 20 से 25 सितंबर तक चलने वाले इस दौरे में रायपुर, सक्ती, जशपुर और कांकेर में जनजातीय आवासीय छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण, ग्राम भ्रमण और समुदाय के लोगों से सीधे संवाद किया जा रहा है।आयोग की टीम विशेष रूप से नागवंशी, संसारी उरांव, पहाड़ी कोरवा और दिहाड़ी कोरवा समुदायों से जुड़े क्षेत्रों में पहुंचकर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित अभ्यावेदन प्राप्त करेगी। जशपुर में 22 और 23 सितंबर को विशेष रूप से जनजातीय ग्रामों का भ्रमण निर्धारित है।कांकेर में 24 सितंबर को जनजाति महिला जनप्रतिनिधियों के सशक्तिकरण को लेकर संवाद कार्यक्रम होगा। इसमें पंचायत एवं जिला स्तर की महिला जनप्रतिनिधियां शामिल होंगी। 25 सितंबर को रायपुर में आयोग में लंबित प्रकरणों को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं प्राधिकारियों के साथ बैठक होगी। आयोग की ओर से संबंधित अधिकारियों को जांच दल को आवश्यक सहयोग, दस्तावेज उपलब्ध कराने और मौके पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।</description ></item><item><title>दूरस्थ अंचलों में माताओं का सहारा बन रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना</title><link>https://cnin.co.in/दूरस्थ-अंचलों-में-माताओं-का-सहारा-बन-रही/84104</link><description>00 शीला कर्मा को मिली सहायता से बेहतर हुई जच्चा-बच्चा की देखभालरायपुर। प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से लाभान्वित सुकमा की श्रीमती शीला कर्मा को गर्भावस्था के संवेदनशील समय में मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें न केवल पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी करने में मदद की, बल्कि भविष्य के प्रति नया आत्मविश्वास भी दिया।नगर पालिका परिषद सुकमा के देवी चौक निवासी श्रीमती शीला कर्मा को योजना के तहत उनके बैंक खाते में सीधे 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। उन्होंने इस राशि का उपयोग पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री के लिए किया। समय पर मिली सहायता से गर्भावस्था के दौरान उनकी देखभाल बेहतर हुई और शिशु के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में भी परिवार को सहारा मिला।श्रीमती कर्मा बताती हैं कि आर्थिक आवश्यकता के समय मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई। आवश्यक खर्च के बाद बची राशि उन्होंने अपने नवजात शिशु के सुरक्षित भविष्य के लिए बैंक खाते में सहेजकर रखी है। उन्होंने कहा कि योजना ने मातृत्व के कठिन समय में परिवार के सदस्य की तरह उनका साथ दिया।श्रीमती कर्मा ने कहा कि दूरस्थ अंचलों तक योजना का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचना शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं धात्री माताओं को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य माताओं के पोषण स्तर में सुधार के साथ गर्भावस्था और प्रसव के बाद होने वाले आर्थिक खर्च की आंशिक भरपाई करना है।</description ></item><item><title>आयुष्मान कार्ड बना मालती बंजारे के लिए इलाज का सहारा</title><link>https://cnin.co.in/आयुष्मान-कार्ड-बना-मालती-बंजारे-के-लिए-इलाज/84103</link><description>00 निःशुल्क बच्चेदानी के ऑपरेशन से मिली वर्षों पुरानी स्वास्थ्य समस्या से राहत, इलाज के खर्च की चिंता भी हुई दूररायपुर। बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम मुच्छमल्दा निवासी 53 वर्षीय श्रीमती मालती बंजारे लंबे समय से बच्चेदानी संबंधी स्वास्थ्य समस्या से परेशान थीं। बीमारी के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्चेदानी के ऑपरेशन (हिस्टेरेक्टॉमी) की सलाह दी।परिवार के सामने इलाज के खर्च को लेकर चिंता थी, लेकिन मालती बंजारे के पास आयुष्मान कार्ड होने से उपचार का रास्ता आसान हो गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा मिली और आवश्यक जांच के बाद बच्चेदानी का सफल ऑपरेशन किया गया। योजना के अंतर्गत उपचार मिलने से परिवार को इलाज के खर्च का आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ा।ऑपरेशन के बाद मालती की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में आवश्यक उपचार एवं परामर्श के बाद उन्हें स्वस्थ अवस्था में घर भेज दिया गया। मालती और उनके परिजनों ने आयुष्मान भारत योजना के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आयुष्मान कार्ड के कारण समय पर आवश्यक उपचार मिल सका और इलाज के खर्च की चिंता से भी राहत मिली।प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के दौरान जरूरतमंद लोगों तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता के साथ शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर और आवश्यक उपचार की सुविधा मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पात्र परिवारों से आयुष्मान कार्ड बनवाने और उपलब्ध स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है।</description ></item><item><title>बहतराई एक्सीलेंस सेंटर में खिलाडिय़ों की डाइट पर विभाग सख्त, 24 घंटे में मांगा जवाब</title><link>https://cnin.co.in/बहतराई-एक्सीलेंस-सेंटर-में-खिलाडिय़ों-की/84102</link><description>00 खेल संचालक ने दो अधिकारियों की जांच समिति भी गठित कीरायपुर। बहतराई, बिलासपुर स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाडिय़ों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की शिकायत पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। खिलाडिय़ों के भोजन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने बिलासपुर में विभागीय सहायक संचालक तथा संबंधित भोजन प्रदायक फर्म को नोटिस जारी किया है। दोनों को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण के साथ तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने खिलाडिय़ों की डाइट के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी तथा भोजन प्रदायक फर्म से जवाब तलब किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में सामने आए तथ्यों की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। विभाग ने तथ्यों की स्थल जांच और वस्तुस्थिति की पड़ताल के लिए संचालनालय स्तर से दो खेल अधिकारियों की जांच समिति भी गठित की गई है। समिति बहतराई स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मामले का परीक्षण करेगी और जांच के बाद तथ्यात्मक प्रतिवेदन संचालनालय को प्रस्तुत करेगी। इस जांच के आधार पर सामने आने वाली वस्तुस्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने कहा है कि खिलाडिय़ों के भोजन, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। खिलाडिय़ों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तायुक्त, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।</description ></item><item><title>भिलाई में सूर्यकांत तिवारी का मकान सील,करीबी मनीष उपाध्याय के नाम कराई थी रजिस्ट्री</title><link>https://cnin.co.in/भिलाई-में-सूर्यकांत-तिवारी-का-मकान-सील,करीबी/84101</link><description>&amp;nbsp;0-कोयला लेवी केस, आईटी ने ढोल बजाकर कराई मुनादी&amp;nbsp;दुर्ग-भिलाई--छत्तीसगढ़ में कोयला लेवी मामले से जुड़ी संपत्तियों पर आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बेनामी संपत्ति प्रभाग रायपुर की टीम ने भिलाई के कोहका स्थित सूर्या रेसीडेंसी के मकान नंबर-1 को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया है। यह मकान सूर्यकांत तिवारी के करीबी बताए जाने वाले मनीष उपाध्याय से जुड़ा है।बताया जा रहा है कि यह मकान सूर्यकांत तिवारी के नाम पर है, जिसे सूर्यकांत तिवारी ने मनीष उपाध्याय को दिया था। सुपेला पुलिस की मौजूदगी में यह कार्रवाई सोमवार को देर शाम तक चली। इसके बाद आयकर टीम ने ढोल बजाकर मुनादी भी करवाई।आयकर विभाग के मुताबिक, बेनामी संपत्ति से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के तहत मकान नंबर -1 पर कार्रवाई की गई। टीम ने संपत्ति का भौतिक कब्जा अपने हाथ में लिया और मकान को सील कर दिया। विभाग की ओर से मौके पर सूचना बोर्ड भी लगाया गया।जांच एजेंसियों के हवाले से न्यायिक रिकॉर्ड में कहा गया है कि मनीष उपाध्याय इसी मकान में रहता था और यह संपत्ति सूर्यकांत तिवारी से संबंधित बताई गई थी। हालांकि संपत्ति और उससे जुड़े आरोपों को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।न्यायिक रिकॉर्ड में जांच एजेंसियों के हवाले से कहा गया है कि, सूर्या रेसीडेंसी स्थित-1 मकान मनीष उपाध्याय के नाम से जुड़ा था, लेकिन जांच में इसे सूर्यकांत तिवारी से संबंधित बेनामी संपत्ति बताया गया। रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख है कि मनीष उपाध्याय इसी मकान में रहता था, जिसे सूर्यकांत तिवारी ने दिया था। जांच एजेंसियों का ऐसा दावा है।</description ></item><item><title>अगस्त माह में उत्कृष्ट टिकट चेकिंग प्रदर्शन करने वाले 9 रेलकर्मी हुए सम्मानित</title><link>https://cnin.co.in/अगस्त-माह-में-उत्कृष्ट-टिकट-चेकिंग-प्रदर्शन/84100</link><description>रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में टिकट चेकिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के उत्साहवर्धन एवं उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना के उद्देश्य से आज मंडल रेल प्रबंधक, रायपुर श्री दयानंद द्वारा अगस्त 2026 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले टिकट चेकिंग कर्मचारियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ सुस्कर विपुल विलासराव, सहायक वाणिज्य प्रबंधक श्री अविनाश कुमार आनंद सहित सम्बंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।मंडल रेल प्रबंधक, रायपुर द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके समर्पण एवं कार्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की गई। यह पहल टिकट चेकिंग स्टाफ के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आगामी महीनों में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। टिकट चेकिंग कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे प्रभावी टिकट जांच कार्य से न केवल रेल राजस्व में वृद्धि होती है, बल्कि यात्रियों को उचित टिकट के साथ यात्रा करने के लिए भी प्रोत्साहन मिलता है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने से अन्य कर्मचारियों में भी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं बेहतर प्रदर्शन की भावना को बढ़ावा मिलेगा।अगस्त 2026 माह में रायपुर रेल मंडल के स्टेशन टिकट चेकिंग, लाइन टिकट चेकिंग एवं स्क्वाड चेकिंग श्रेणियों के अंतर्गत सर्वाधिक टिकट चेकिंग आय अर्जित करने वाले कुल 9 टिकट चेकिंग स्टाफ को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।टिकट चेकिंग लाइन स्टाफ में सर्वाधिक आय अर्जित करने के लिए श्री देवरत मल, सीटीआई/ रायपुर, श्री बी. एल. कैवर्त्य, डिप्टी सीटीआई/ रायपुर, श्री नीरज कांत, सीनियर टीई/ दुर्ग, सम्मानित हुए।स्टेशन टिकट चेकिंग में सर्वाधिक आय अर्जित करने के लिए श्री अमित आनंद, सीसीटीसी/ रायपुर, श्री नंदकिशोर, सीसीटीसी/ दुर्ग, श्री शशि कुमार सीनियर टीई/ रायपुर सम्मानित हुए।रायपुर एवं दुर्ग स्क्वाड में सर्वाधिक आय अर्जित करने के लिए श्रीमती शिप्रा घोष, डिप्टी सीटीआई/दुर्ग, श्रीमती मनजीत कौर, सीनियर टीई/ दुर्ग, श्रीमती इंदु गुप्ता, सीनियर टीई/ दुर्ग सम्मानित हुए। रायपुर रेल मंडल द्वारा टिकट चेकिंग कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने तथा रेल राजस्व में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</description ></item><item><title>छात्राओं ने जाना प्लास्टिक व पॉलिमर प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक, तकनीकी व औद्योगिक पहलुओं को</title><link>https://cnin.co.in/छात्राओं-ने-जाना-प्लास्टिक-व-पॉलिमर/84099</link><description>00 किया सीआईपीईटी रायपुर का शैक्षणिक भ्रमणरायपुर। गुरुकुल महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीईटी) का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। महाविद्यालय की साइंस काउंसिल के तत्वावधान में आयोजित इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को प्लास्टिक एवं पॉलिमर प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक, तकनीकी व औद्योगिक पहलुओं से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना था।सीआईपीईटी के विशेषज्ञों ने प्रेजेंटेशन के जरिए संस्थान की कार्यप्रणाली और प्लास्टिक उद्योग के तकनीकी आयामों की जानकारी दी। पर्यावरण संरक्षण और वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर देते हुए बताया गया कि 120 माइक्रोन से अधिक मोटाई वाले प्लास्टिक का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) संभव होने के कारण वे तुलनात्मक रूप से सुरक्षित हैं, जबकि 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक रीसायकल न हो पाने के कारण पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनते हैं। इस दौरान विशेषज्ञों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक के वैज्ञानिक निपटान, रीसाइक्लिंग और प्लास्टिक कचरे से ऊर्जा उत्पादन हेतु आधुनिक संयंत्रों की स्थापना की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसके उपरांत छात्राओं को संस्थान की विभिन्न आधुनिक प्रयोगशालाओं एवं विभागों का अवलोकन कराया गया। &amp;nbsp;विशेषज्ञों ने छात्राओं को प्लास्टिक एवं पॉलिमर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा, शोध तथा भविष्य में करियर की संभावनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी। विशेषकर बी.एससी. की छात्राओं को सीआईपीईटी की राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से पोस्ट ग्रेजुएशन एवं उन्नत तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित किया गया। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान महाविद्यालय विज्ञान विभाग &amp;nbsp;विभागाध्यक्ष डॉ. वंदना अग्रवाल, साइंस काउंसिल सचिव डॉ. अनुराधा गुप्ता तथा प्रोफेसर डॉ. टीनू दुबे, डॉ. देवश्री वर्मा एवं डॉ. सिमरन वर्मा उपस्थित थी।</description ></item><item><title>सतत प्रगति का आकलन: महंत कॉलेज में प्रथम सतत मूल्यांकन परीक्षा प्रारंभ</title><link>https://cnin.co.in/सतत-प्रगति-का-आकलन:-महंत-कॉलेज-में-प्रथम-सतत/84098</link><description>रायपुर। महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति एनईपी-2020 के प्रावधानों के अनुरूप शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रथम सतत मूल्यांकन परीक्षा प्रारंभ हो गई है। परीक्षा में विभिन्न संकायों एवं पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थी निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सम्मिलित हो रहे हैं।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने कहा कि सतत मूल्यांकन विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित एवं वस्तुनिष्ठ आकलन सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 के अनुरूप परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक विद्यार्थी-केंद्रित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए महाविद्यालय निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से परीक्षा में अनुशासन एवं गंभीरता के साथ उपस्थिति का आह्वान किया।परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए महाविद्यालय के आंतरिक परीक्षा प्रभारी डॉ. अनुपमा जैन, प्रो. सुधीर जैन, प्रो. प्रीतम दास &amp;nbsp;द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। परीक्षा के दौरान निर्धारित नियमों एवं अनुशासन का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों एवं परीक्षा-व्यवस्था से जुड़े प्राध्यापकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि सतत मूल्यांकन की यह व्यवस्था विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि के साथ-साथ उनमें नियमित अध्ययन, आत्ममूल्यांकन एवं उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।</description ></item> </channel></rss>