<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><rss version='2.0'><channel><title>CNIN News Network | Chhattisgarh News and Information Network | Chhattisgarh Madhya Pradesh | Hindi News | CG News | MP News</title><link>https://cnin.co.in</link><description>CNIN News Network | Chhattisgarh News and Information Network | Chhattisgarh Madhya Pradesh | Hindi News | CG News | MP News</description><language>en-us</language><item><title>आईपीएल लीग के 19वें सीजन का 20 मैचों का शेड्यूल जारी</title><link>https://cnin.co.in/आईपीएल-लीग-के-19वें-सीजन-का-20-मैचों-का-शेड्यूल/76318</link><description>&amp;nbsp;मुंबई-आईपीएल लीग के 19वें सीजन का शेड्यूल जारी हो गया है। टूर्नामेंट की शुरुआत 28 मार्च से होगी और पहला मुकाबला गत चैंपियन आरसीबी और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। ये ओपनिंग मैच बेंगलुरु में ही खेला जाएगा।बता दें कि, बीसीसीआई ने पूरा शेड्यूल जारी नहीं किया है बल्कि महज 20 मैचों का ही शेड्यूल जारी किया गया है। यानी 12 अप्रैल तक होने वाले मुकाबलों का ही शेड्यूल अभी जारी किया गया है। आगे के मुकाबलों का शेड्यूल बीसीसीआई बाद में जारी करेगा।&amp;nbsp;वहीं इस बार पूरा शेड्यूल जारी करना थोड़ा मुश्किल लग रहा है। क्योंकि कई पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और असम में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके चलते फिलहाल टूर्नामेंट के सिर्फ पहले 20 मैचों का कार्यक्रम जारी किया गया।&amp;nbsp;20 मैचों का पूरा शेड्यूल&amp;nbsp;28 मार्च 2026-RCB vs SRH- बेंगलुरु (7.30 शाम)&amp;nbsp;29 मार्च 2026- MI vs KKR- मुंबई (7.30 शाम)&amp;nbsp;30 मार्च 2026- RR vs CSk- गुवाहाटी (7.30 शाम)&amp;nbsp;31 मार्च 2026- RR vs CSK- मुल्लांपुर (7.30 शाम)&amp;nbsp;1 अप्रैल 2026- LSG vs DC- लखनऊ (7.30 शाम)&amp;nbsp;2 अप्रैल 2026- KKR vs SRH- कोलकाता (7.30 शाम)&amp;nbsp;3 अप्रैल 2026- CSK vs PBKS- चेन्नई (7.30 शाम)&amp;nbsp;4 अप्रैल 2026- DC vs MI- दिल्ली (दोपहर 3.30 )&amp;nbsp;4 अप्रैल 2026- GT vs RR- अहमदाबाद (7.30 शाम)&amp;nbsp;5 अप्रैल 2026- SRH vs LSG-हैदराबाद (दोपहर 3.30 )&amp;nbsp;5 अप्रैल 2026- RCB vs CSK-बेंगलुरु (7.30 शाम)&amp;nbsp;6 अप्रैल 2026- KKR vs PBKS-कोलकाता (7.30 शाम)&amp;nbsp;7 अप्रैल 2026- RR vs MI- गुवाहाटी (7.30 शाम)&amp;nbsp;8 अप्रैल 2026- DC vs GT- दिल्ली (7.30 शाम)&amp;nbsp;9 अप्रैल 2026- KKR vs LSG-कोलकाता (7.30 शाम)&amp;nbsp;10 अप्रैल 2026- RR vs RCB-गुवाहाटी (7.30 शाम)&amp;nbsp;11 अप्रैल 2026- PBKS vs SRH-मुल्लांपुर (दोपहर 3.30 )&amp;nbsp;11 अप्रैल 2026- CSK vs DC-चेन्नई (7.30 शाम)&amp;nbsp;12 अप्रैल 2026- LSG vs GT- लखनऊ (दोपहर 3.30 )&amp;nbsp;12 अप्रैल 2026- MI vs RCB- मुंबई (7.30 शाम)&amp;nbsp;</description ></item><item><title>बस्तर में बंदूक हार रही है, विश्वास जीत रहा है-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://cnin.co.in/बस्तर-में-बंदूक-हार-रही-है,-विश्वास-जीत-रहा-है/76317</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-जगदलपुर में ?3.29 करोड़ के इनामी 108 सशस्त्र माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 44 महिला कैडर भी शामिल &amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रही मुहिम को एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि अब बस्तर में बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की जीत हो रही है। उन्होंने कहा कि जगदलपुर में ?3.29 करोड़ के इनामी 108 सशस्त्र माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बस्तर में शांति, सुशासन और विकास की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादी कैडरों में 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं। यह दर्शाता है कि बस्तर के लोगों में अब विकास और शांति के मार्ग पर आगे बढऩे का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों तथा बस्तर क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण बड़ी संख्या में माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। इससे बस्तर में शांति का वातावरण मजबूत हो रहा है और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता के लिए सुरक्षा बलों के साहस, प्रशासन के प्रयासों तथा स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग अब भय और हिंसा से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढऩा चाहते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय करते हुए नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को भयमुक्त, शांतिपूर्ण और विकसित बनाना है। इसके लिए सुरक्षा, विकास और विश्वास—इन तीनों मोर्चों पर लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भयमुक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का अटल संकल्प है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>घरों की बाड़ी बनी महिलाओं की तरक्की की राह, बाड़ी में रोपित औषधि पौधे बने अतिरिक्त आय का साधन</title><link>https://cnin.co.in/घरों-की-बाड़ी-बनी-महिलाओं-की-तरक्की-की-राह,/76316</link><description>रायपुर। घरों की बाड़ी में औषधीय पौधों का रोपण कर महिलाओं की नियमित आय सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाएँ घर से बाहर जाकर काम नहीं कर पातीं, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो पाती। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने ऐसी योजना तैयार की है, जिससे महिलाएँ घर पर रहकर ही रोजगार प्राप्त कर सकें और अपनी आय बढ़ा सकें। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और श्री विकास मरकाम के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड, रायपुर द्वारा ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक नवाचार योजना शुरू की गई है।औषधीय पौधे सिंदूरी, सतावर और अश्वगंधा नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाते हैंयोजना के तहत महिलाओं को उनकी बाड़ी में लगाने के लिए बाजार में मांग वाले तीन प्रमुख औषधीय पौधे सिंदूरी, सतावर और अश्वगंधा नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। इन पौधों की देखभाल अपेक्षाकृत कम होती है और इन्हें घर के अन्य कामों के साथ आसानी से संभाला जा सकता है। अश्वगंधा की फसल लगभग 6 माह में तैयार हो जाती है, जबकि सतावर की उपज लगभग 24 माह में और सिंदूरी से प्राप्त उपज करीब 36 माह बाद मिलने लगती है। इन तीनों पौधों से बनने वाले उत्पादों की बाजार में लगातार मांग रहती है, इसलिए इनके कच्चे उत्पादों का विपणन आसान होता है। बोर्ड ने इसके लिए अशासकीय संस्थाओं के साथ अनुबंध कर विपणन की व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित कर दी है।कम लागत में मिलता है अच्छा उत्पादनबाड़ी में लगभग 40 से 50 सिंदूरी के पौधे लगाए जा सकते हैं, जिनके बीच करीब 10 फीट की दूरी रखी जाती है। इन पौधों के बीच में लगभग 500 सतावर के पौधे लगाए जा सकते हैं। इस प्रकार कम जगह में भी अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।27 ग्रामों की 509 महिलाओं की बाड़ी में की हैं औषधि पौधे रोपितइस योजना का पायलट प्रोजेक्ट धमतरी जिले में शुरू किया गया है। यहां 27 ग्रामों की 509 महिलाओं की बाड़ी में लगभग 82 हजार सतावर और 39 हजार सिंदूरी के पौधे लगाए गए हैं। समय-समय पर निरीक्षण कर महिलाओं को तकनीकी मार्गदर्शन और संग्रहण से संबंधित जानकारी भी प्रदान की जाती है।महिलाओं को सालाना करीब 20 हजार से 30 हजार रुपए तक हो रहीं है अतिरिक्त आयबोर्ड को उम्मीद है कि लगभग 24 माह बाद इस योजना से जुड़ी महिलाओं को सालाना करीब 20 हजार से 30 हजार रुपए तक की अतिरिक्त आय प्राप्त होने लगेगी। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।</description ></item><item><title>राजधानी क्षेत्र के योजनाबद्ध विकास से छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/राजधानी-क्षेत्र-के-योजनाबद्ध-विकास-से/76315</link><description>00 महानगरों की तर्ज पर विकसित होगा स्टेट कैपिटल रीजन, आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी को मिलेगी गति00 मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की पहली बैठक आयोजित00 एससीआर में व्यवस्थित आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य, कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना का होगा तेजी से विकास00 निर्धारित योजना और समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं एससीआर के काम, मुख्यमंत्री ने प्रगति की नियमित रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा के दिए निर्देशरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (स्टेट कैपिटल रीजन - एससीआर) की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राधिकरण के उद्देश्य, कार्यप्रणाली, गतिविधियों तथा राजधानी क्षेत्र के समग्र और योजनाबद्ध विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की परिकल्पना शहर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की पहली बैठक अत्यंत सार्थक रही है और विभिन्न विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा के सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजधानी रायपुर और आसपास के शहर तेजी से विकसित होते हुए एक बड़े शहरी क्षेत्र का रूप ले रहे हैं, इसलिए महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन की घोषणा से जनता की अपेक्षाएँ भी बढ़ी हैं और इन अपेक्षाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित योजना और समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं तथा प्रगति की नियमित रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा सुनिश्चित की जाए।बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें रायपुर, दुर्ग-भिलाई, नवा रायपुर अटल नगर और आसपास के क्षेत्र शामिल होंगे। यह क्षेत्र बड़े महानगरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा और भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का एक प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा। बैठक में राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर विचार किया गया। साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय और वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति और प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की सेवाएं लेने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का विधिवत चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध रूप से परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही राजधानी क्षेत्र में भूमि विकास और आबंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश जारी करने पर सहमति बनी। बैठक में प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी भी दी गई।बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि भौगोलिक दृष्टि से देश के मध्य में स्थित छत्तीसगढ़ व्यापार, वाणिज्य और उद्योग के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से राजधानी और आसपास के शहरों में योजनाबद्ध शहरी विस्तार, बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश के नए अवसर उपलब्ध होंगे।</description ></item><item><title>अवैध गैस रिफिलिंग पर जगदलपुर में बड़ी कार्रवाई, 24 नग घरेलू गैस और 10 नग कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त</title><link>https://cnin.co.in/अवैध-गैस-रिफिलिंग-पर-जगदलपुर-में-बड़ी/76314</link><description>जगदलपुर। बस्तर जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में सिलेंडर जप्त किया है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देश पर मंगलवार को खाद्य विभाग की टीम ने शहर के दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में एक बड़ी कार्रवाई की।खाद्य नियंत्रक श्री घनश्याम राठौर से मिली जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग को राउतपारा स्थित बालाजी केयर हॉस्पिटल के पास अवैध भंडारण की पुख्ता सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर टीम ने प्रशांत महाजन नामक व्यक्ति के घर पर आकस्मिक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान घर के भीतर गैस सिलेंडरों का बड़ी मात्रा में भंडारा पाया गया, जिसका कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका। अधिकारियों ने मौके से कुल 24 नग घरेलू गैस सिलेंडर और 10 नग कमर्शियल गैस सिलेंडर बरामद किए। इसके अलावा, सिलेंडरों से अवैध रूप से गैस की चोरी और रिफिलिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले 03 नग रिफिलिंग पाइप भी जप्त किए गए हैं।प्रशासन का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के कारण घरेलू गैस की सीमित आपूर्ति का लाभ उठाकर कुछ लोग ऊंचे दामों पर गैस बेचने की फिराक में हैं। इसी कालाबाजारी को रोकने और आम जनता को सुचारू रूप से गैस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन अब कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई को खाद्य विभाग के अनुभवी अधिकारियों की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसमें खाद्य निरीक्षक श्री शेख अब्दुल कादिर, श्री उमेश चौधरी, श्री हेमंत ब्रह्मभट्ट एवं श्रीमती पायल वर्मा शामिल रहे। विभाग ने जप्त सामग्री को कब्जे में लेकर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी।</description ></item><item><title>वन तस्करों पर वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई, अवैध लकड़ी से भरा ट्रैक्टर जप्त</title><link>https://cnin.co.in/वन-तस्करों-पर-वन-विकास-निगम-की-बड़ी-कार्रवाई,/76313</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के कवर्धा परियोजना मंडल ने वन अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सागौन और हल्दू की लकड़ी का अवैध परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर को जप्त किया है। यह कार्रवाई पंडरिया परिक्षेत्र के कुकदूर क्षेत्र में की गई।वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 6 मार्च की रात लगभग 11:45 बजे वन विकास निगम की टीम संरक्षित वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक पी एफ/1467 में गश्त कर रही थी। इसी दौरान डालामौहा से भेड़ागढ़ बैगापारा की कच्ची सड़क पर बिना नंबर प्लेट का एक संदिग्ध ट्रैक्टर आता हुआ दिखाई दिया। टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोका और तलाशी ली। जांच के दौरान ट्रैक्टर में सागौन और हल्दू की लकड़ी लदा हुआ पाया गया, जिसका परिवहन बिना किसी वैध दस्तावेज के किया जा रहा था। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1), 41, 42 तथा छत्तीसगढ़ वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 के तहत कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण क्रमांक 18353/12 विगत 06 मार्च को दर्ज किया है।प्राप्त कार्रवाई के दौरान स्वराज ट्रैक्टर (मॉडल 735 एफई को जप्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7.5 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा ट्रैक्टर से सागौन और हल्दू की लकड़ी सहित कुल लगभग 0.667 घन मीटर वनोपज बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रूपए आंकी गई है। प्रकरण की सूचना प्राप्त होते ही प्राधिकृत अधिकारी एवं उपमंडल प्रबंधक, कवर्धा ने माननीय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट को जानकारी दे दी है। साथ ही भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52(4) के तहत वाहन को राजसात (सरकारी संपत्ति घोषित) करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। वाहन की जप्ती की सूचना क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भी भेज दी गई है, ताकि वाहन का क्रय-विक्रय या हस्तांतरण न हो सके।यह कार्रवाई सुनील कुमार, मंडल प्रबंधक, कवर्धा परियोजना मंडल के निर्देशन तथा दीपिका सोनवानी, उपमंडल प्रबंधक बोड़ला के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में जागेश गोंड, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी पंडरिया, रंजीत कुमार पटेल सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, जसपाल सिंह मरकाम क्षेत्ररक्षक और स्थानीय सुरक्षा श्रमिकों का विशेष योगदान रहा। वन विकास निगम ने स्पष्ट किया है कि वन क्षेत्रों में वनों की अवैध कटाई और तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</description ></item><item><title>अपनी भावनाओं, दुख और खुशी को व्यक्त करने का सबसे सरल और सशक्त माध्यम हमारी मातृभाषा होती है - डेका</title><link>https://cnin.co.in/अपनी-भावनाओं,-दुख-और-खुशी-को-व्यक्त-करने-का/76312</link><description>00 राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास कियारायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अंतर्गत इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर के तहत आयोजित आइडियाथॉन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अपनी भावनाओं, दुख और खुशी को व्यक्त करने का सबसे सरल और सशक्त माध्यम हमारी मातृभाषा होती है। उन्होंने मातृभाषा की समृद्धि और विकास पर बल देते हुए कहा कि मातृभाषा से हम सब का आत्मीय जुड़ाव होता है। किसी अनजान जगह पर जब हम किसी मातृभाषी से मिलते है तो उनसे तुरंत एक स्नेह के बंधन मे बंध जाते हैं।हमारा देश अपनी समृद्ध संस्कृति और विविध भाषाओं के लिए जाना जाता है। हमारा देश बहुभाषी होते हुए भी आपस में एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। इसमें संस्कृत भाषा का महत्वपूर्ण योगदान है। हमारी प्राचीनतम भाषा संस्कृत है। अगर बारीेकी से अध्ययन किया जाए तो आप देखेंगे कि संस्कृत भाषा शब्द सभी भारतीय भाषाओं-हिन्दी, तमिल, तेलूगु, बंगाली, असमिया आदि में सम्मिलित है। हमारी सांस्कृतिक विविधता ही हमारी सबसे बड़ी विशेषता है। डेका ने कहा कि संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास करते समय उन्हें प्रसन्नता हो रही है, सिंधी भाषा संवर्धन की दिशा में यह उल्लेखनीय कदम है। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविधालय में सिंधी भाषा में एक वर्ष का डिप्लोमा एवं स्नातकोत्तर (एम.ए.) पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं, जो भाषा को जीवित रखने की दिशा में सराहनीय प्रयास है।उन्होंने कहा कि भारत में अनेक भाषाएं एवं बोलियां बोली जाती है। इनमें से एक सिंधी भाषा है, जिसमें साहित्य और संस्कृति निरंतर प्रवाहमान है। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद सिंधी समाज के लोग भारत देश का हिस्सा बनकर रह रहे है, सिंधी समाज के लोगों ने अपनी मेहनत के दम पर आज संपन्नता हासिल की और समाज ने देश के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का ऐसा कोई राज्य नहीं होगा जहां सिंधी भाषी न रहते हों। छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करना अच्छी बात है लेकिन जिस प्रदेश में हम रहते है। वहां की भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। तभी समाज में समरसता आती है।उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं का इतिहास अत्यंत प्राचीन एवं समृद्ध रहा है। भारतीय भाषाएं हमारी सांस्कृतिक अस्मिता हैं। राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी भाषाएं मिलकर सांस्कृतिक सम्पन्नता को अभिव्यक्त करती हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हमारा कर्तव्य है। हमें मातृभाषाओं तथा भारतीय भाषाओं का सम्मान करना चाहिए। इनका प्रचार-प्रसार करना चाहिए। आधुनिक तकनीकी से जोडऩे का प्रयास भी आवश्यक है, जिससे आने वाली पीढिय़ों तक इन भाषाओं में समाहित ज्ञान-विज्ञान, इतिहास-विरासत, साहित्य एवं कला-संस्कृति आदि को सहज रूप में हस्तांतरित किया जा सके ।उन्होंने कार्यक्रम में गत वर्ष के आइडियाथॉन विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया गया। इस अवसर पर शदाणी दरबार के पीठाधीश संत श्री युधीष्ठीर लाल जी महाराज, राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद नई दिल्ली से प्रोफेसर सुनील बाबूराव कुलकर्णी, रायपुर शहर के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविधालय के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ला और कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं और सिंधी समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>बिहान ने बदली जल कुमारी की तकदीर, अभावों से निकलकर बनीं लखपति दीदी</title><link>https://cnin.co.in/बिहान-ने-बदली-जल-कुमारी-की-तकदीर,-अभावों-से/76311</link><description>00 आजीविका की अलग-अलग गतिविधियों से हो रही अच्छी आमदनीसरगुजा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) एक वरदान साबित हो रहा है। इसकी एक जीवंत मिसाल सरगुजा जिले के ग्राम गुमगरा खुर्द की रहने वाली श्रीमती जल कुमारी तिग्गा हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और सरकार की योजनाओं के सही उपयोग से अपनी गरीबी को मात देकर एक नई पहचान बनाई है।अंधेरे से उजाले की ओर एक कदमजल कुमारी बताती हैं कि साल 2013 से पहले उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय थी। उन्हें बैंकिंग कार्यों और सरकारी योजनाओं की कोई जानकारी नहीं थी। 16 मार्च 2013 को जब वे महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तो उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई। समूह के माध्यम से छोटी-छोटी बचत की आदतों ने उन्हें आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाया।सूकर पालन से शुरू हुआ स्वावलंबन का सफरसमूह से जुडऩे के बाद जल कुमारी को रिवॉल्विंग फंड के रूप में वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। उन्होंने इस राशि से महज 1,500 रुपये का ऋण लेकर सूकर पालन शुरू किया। इस छोटे से निवेश ने उन्हें सालाना 30 से 35 हजार रुपये की आमदनी करानी शुरू कर दी, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।व्यापार में विस्तार और बहुआयामी आयअपनी सफलता को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने सामुदायिक निवेश कोष से 70,000 रुपये का लोन लिया। इस राशि से उन्होंने न केवल किराना दुकान खोली, बल्कि आटा चक्की और धान चक्की भी लगाया। उन्होंने सिर्फ 2 बकरियों से बकरी पालन शुरू किया था, जो आज बढ़कर 17-18 बकरियों का झुंड बन चुका है। इससे उन्हें सालाना 25 से 30 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है। आज जल कुमारी की कुल सालाना आमदनी डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुँच गई है।बच्चों का भविष्य और नई पहचानजल कुमारी की आंखों में सबसे बड़ी चमक अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर है। वे गर्व से कहती हैं कि आज उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत है कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला पा रही हैं। वह बिहान को अपनी नई पहचान का आधार मानती हैं।शासन की योजना से मिली आत्मनिर्भरताअपनी खुशहाली का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को देते हुए जल कुमारी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से आज गांव की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज की मुख्यधारा में जुड़ रही हैं।</description ></item><item><title>रसायन मुक्त खेती से अनिमा खेस्स ने रची नई इबारत, बनीं अन्य किसानों के लिए प्रेरणा</title><link>https://cnin.co.in/रसायन-मुक्त-खेती-से-अनिमा-खेस्स-ने-रची-नई/76310</link><description>00 नीम तेल और स्थानीय जड़ी-बूटियों से तैयार कर रही है जैविक कीटनाशकसरगुजा। जिले के सीतापुर ब्लॉक के ग्राम धर्मपुर की एक प्रगतिशील महिला किसान श्रीमती अनिमा खेस्स ने आधुनिक खेती की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव पेश किया है। पिछले तीन वर्षों से रासायनिक खेती को अलविदा कह कर जैविक खेती अपनाते हुए अनिमा न केवल शुद्ध अनाज उपजा रही हैं, बल्कि लागत में कमी लाकर अपनी आय भी बढ़ा रही हैं।प्रशिक्षण से मिली नई राहअनिमा बताती हैं कि पहले वे पारंपरिक रूप से रासायनिक खादों का प्रयोग करती थीं, जिससे खेती की लागत अधिक आती थी और मिट्टी की सेहत भी बिगड़ रही थी। उन्होंने कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया। सतत सीखने की ललक ने उन्हें जैविक खेती के गुर सिखाए, जिसे अब वे अपने जीवन का मुख्य आधार बना चुकी हैं।खेत ही बन गई खाद की फैक्ट्रीजैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनिमा ने बाजार पर निर्भरता पूरी तरह खत्म कर दी है। वे अपने घर और बाड़ी में ही जैविक खाद और कीटनाशक तैयार कर रही हैं। केंचुआ टैंक के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली वर्मी कंपोस्ट खाद का निर्माण कर रही हैं, स्वदेशी तकनीक में कंडा पानी, नाडेप और पंचपत्ती घोल, नीम तेल और स्थानीय जड़ी-बूटियों से तैयार घोल जैविक कीटनाशक बना रहीं हैं,जो फसलों को सुरक्षित रखते हैं।स्वास्थ्य और बचत का दोहरा लाभअनिमा खेश का मानना है कि जैविक खेती के दोतरफा फायदे हैं। एक ओर जहाँ रासायनिक खादों और महंगे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च शून्य हो गया है, वहीं दूसरी ओर परिवार और समाज को जहर मुक्त, पौष्टिक आहार मिल रहा है। वे कहती हैं, जैविक खेती न केवल हमारी जेब बचाती है, बल्कि हमारे शरीर और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखती है।समूह के माध्यम से महिलाओं को किया जागरूकएक सजग किसान होने के नाते अनिमा अब अपने स्व-सहायता समूह की अन्य दीदियों को भी जैविक खेती के महत्व और उद्देश्यों के बारे में जागरूक कर रही हैं। वे प्रशिक्षण के माध्यम से सीखी बातों को अन्य महिलाओं तक पहुँचाकर उन्हें भी प्राकृतिक खेती से जुडऩे के लिए प्रेरित कर रही हैं।</description ></item><item><title>आईसीसी टी 20 रैकिंग..संजू सैमसन की लंबी छलांग,ईशान किशन को भी फायदा </title><link>https://cnin.co.in/आईसीसी-टी-20-रैकिंग..संजू-सैमसन-की-लंबी/76309</link><description>&amp;nbsp;नई दिल्ली--संजू सैमसन ने टी20 की ताजा रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है जबकि ईशान किशन को भी फायदा हुआ है। हालांकि, टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा को रैंकिंग में नुकसान हुआ है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने टी20 की ताजा रैंकिंग जारी की है। इसमें संजू सैमसन ने बड़ी छलांग लगाई है जबकि ईशान किशन को भी फायदा हुआ है। हालांकि, टीम इंडिया के &amp;nbsp;कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा को रैंकिंग में नुकसान हुआ है। &amp;nbsp;टी20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने वाले संजू सैमसन 18 पायदान ऊपर खिसख रैंकिंग में 22वें नंबर पर पहुंच गए हैं। संजू की रेटिंग 637 की है। वहीं संजू टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज रहे थे। उन्होंने 5 मैचों की 5 पारियों में 80.25 की औसत और 199.38 के स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से 3 फिफ्टी भी निकली। &amp;nbsp;इसके साथ ही ईशान किशन दो पायदान ऊपर आ गए हैं। उनकी रेटिंग 871 की हो गई है। ईशान टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज रहे थे। उन्होंने 9 मैचों की 9 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 35.22 की औसत और 193.29 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल रहे। वहीं भारतीय ओपनर अभिषेख शर्मा अब भी टॉप पर काबिज हैं। &amp;nbsp;हालांकि, टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव को नुकसान हुआ है। वह अब 9वें पायदान पर खिसक गए हैं। उनकी रेटिंग 722 की है। टी20 वर्ल्ड कप में सूर्या ने9 मैचों की 9 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 30.25 की औसत और 136.72 के स्ट्राइक रेट से 242 रन बनाए। इस दौरान वह महज एक ही अर्धशतक बना पाए।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>130 पुलिस कर्मियों का हुआ स्थानांतरण</title><link>https://cnin.co.in/130-पुलिस-कर्मियों-का-हुआ-स्थानांतरण/76308</link><description>बिलासपुर। पुलिस विभाग में प्रशासनिक कसावट लाने और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ पुलिसकर्मियों को बदलने के उद्देश्य से 130 पुलिस कर्मियों के तबादले किए गए हैं। इस संबंध में एसएसपी रजनेश सिंह ने आदेश जारी किया है।जारी आदेश के अनुसार, जिले में कुल 130 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें 3 उप निरीक्षक, 10 सहायक उप निरीक्षक, 23 प्रधान आरक्षक और 94 आरक्षक शामिल हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस फेरबदल का उद्देश्य कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाना तथा व्यवस्था में कसावट लाना है।</description ></item><item><title>सुप्रीम कोर्ट ने दी हरीश राणा को पैसिव इच्छा मृत्यु की अनुमति </title><link>https://cnin.co.in/सुप्रीम-कोर्ट-ने-दी-हरीश-राणा-को-पैसिव-इच्छा/76307</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-13 साल से कोमा में रह रहे,मां-पिता ने खुद की थी मांग&amp;nbsp;नई दिल्ली--सुप्रीम कोर्ट ने एक असाधारण फैसला सुनाते हुए 13 साल से कोमा में रह रहे हरीश राणा को पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी है। यह निर्णय भारत में मानव गरिमा के साथ मरने के अधिकार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कोर्ट ने यह फैसला 2018 के कॉमन कॉज मामले में दिए गए अपने ऐतिहासिक निर्णय और 2023 में जारी किए गए संशोधित दिशानिर्देशों के आधार पर सुनाया है।&amp;nbsp;&amp;nbsp;राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज अंपायर में रहने वाले 31 वर्षीय हरीश राणा पिछले करीब 13 साल से बिस्तर पर हैं। उनकी सांसें तो चल रही हैं, लेकिन शरीर पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है। वह क्वाड्रिप्लेजिया बीमारी से पीडि़त हैं और 100 प्रतिशत दिव्यांग हो चुके हैं। पिता अशोक राणा ने बताया कि वर्ष 2013 में रक्षाबंधन के दिन हरीश पीजी की चौथी मंजिल से गिर गए थे। इस हादसे में उनके सिर और कमर में गंभीर चोट आई थी। उस समय परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद वह ठीक हो जाएंगे, लेकिन हादसे के बाद से वह बिस्तर से उठ नहीं पाए।परिजन पिछले 13 वर्षों से हरीश के इलाज और देखभाल में लगे हुए हैं। उनका इलाज पीजीआई चंडीगढ़, एम्स, आरएमएल, एलएनजेपी और अपोलो सहित कई बड़े अस्पतालों में कराया गया, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हो सका।हरीश के स्वास्थ्य में सुधार न देखते हुए आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति दी। इस निर्णय को कोर्ट ने अपने 2018 के कॉमन कॉज फैसले और फिर 2023 में संशोधित दिशानिर्देशों के आधार पर लागू किया, जिसमें 'मानव गरिमा के साथ मरने का अधिकार संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त है। यह फैसला जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की पीठ ने दिया।&amp;nbsp;उम्र ढल रही है और माता-पिता को यह डर सता रहा है कि वे हमेशा अपने बेटे के साथ नहीं रह पाएंगे। ऐसे में बेटे के लिए इच्छा मृत्यु की मांग करना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन हर दिन उसे इस हालत में देखना भी उनके लिए बेहद पीड़ादायक है। माता-पिता चाहते हैं कि इच्छा मृत्यु की अनुमति मिलने के बाद हरीश के शरीर के जो अंग काम कर रहे हैं, उन्हें दान कर दिया जाए ताकि दूसरों को नया जीवन मिल सके। यह मार्मिक बातें हरीश के पिता अशोक राणा ने सुप्रीम कोर्ट से बेटे की इच्छा मृत्यु की अनुमति मिलने के बाद कहीं।हरीश की मां निर्मला देवी ने बेटे की इच्छा मृत्यु की अनुमति के लिए पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन 8 जुलाई को अदालत ने उनकी अपील खारिज कर दी। इसके बाद परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।&amp;nbsp;अशोक राणा ने बताया कि इलाज के लिए उन्होंने सितंबर 2021 में दिल्ली के महावीर एंक्लेव स्थित अपना तीन मंजिला मकान भी बेच दिया। अब परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो चुकी है और आगे इलाज कराना उनके लिए संभव नहीं रह गया है। ऐसे में वे बेटे को इस पीड़ा से मुक्ति दिलाने और उसके अंगों के माध्यम से दूसरों को जीवन देने की इच्छा रखते हैं।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>नवा रायपुर में परम्परा से पहचान तक आदि परब-2026 का भव्य आयोजन 13 से</title><link>https://cnin.co.in/नवा-रायपुर-में-परम्परा-से-पहचान-तक-आदि-परब-2026/76306</link><description>00 राज्य के चिन्हांकित 43 जनजातियों और उपजातियों की संस्कृति, परिधान और चित्रकला का प्रदर्शन00 छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय कलाकार होंगे शामिलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर 13 और 14 मार्च को नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में परम्परा से पहचान तक - आदि परब - 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से आदि परब-2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है।भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी आज टीआरटीआई में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम ने दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर आदि परब-2026 का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग इस आयोजन को सफल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि दो दिवसीय इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय समुदाय भी शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य जनजातीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन को बढ़ावा देना है।पहली बार एक मंच पर दिखेंगी 43 जनजातियों की वेशभूषाएँप्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत आदि-परिधान जनजातीय अटायर शो का आयोजन 13 मार्च को सुबह 10.30 बजे से शाम 8 बजे तक और 14 मार्च को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। इस आयोजन में राज्य की 43 जनजातीय समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विशेषताओं को पहली बार एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। प्राकृतिक रंगों, स्थानीय संसाधनों और हाथों से बने वस्त्रों से तैयार ये परिधान जनजातीय जीवन शैली और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देंगे। इसमें भाग लेने के लिए 120 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है।आदि रंग में चित्रकला के माध्यम से जल-जंगल-जमीन का संदेशप्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रेसवार्ता में बताया कि आदि परब के तहत आदि रंग - जनजातीय चित्रकला महोत्सव भी आयोजित होगा। इस महोत्सव में जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक चित्रकला के माध्यम से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, जनजातीय जीवन दर्शन और पर्यावरणीय चुनौतियों को प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यक्रम में 155 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। चित्रकला प्रतियोगिता 18-30 वर्ष और 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की दो श्रेणियों में होगी। दोनों श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 20 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही दोनों आयु वर्गों के 10-10 प्रतिभागियों को 2000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा।आदि-हाट में मिलेगा जनजातीय हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का स्वादबोरा ने बताया कि आयोजन के दौरान आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला भी लगाया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। यहां 14 समूहों द्वारा हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां आगंतुक प्रदेश के पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे।यूपीएससी में चयनित जनजातीय युवाओं का होगा सम्मानप्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2025 में छत्तीसगढ़ से आदिम जाति विकास विभाग की योजनाओं के सहयोग से चयनित अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी श्री डायमंड सिंह ध्रुव और श्री अंकित साकनी का सम्मान किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर प्रयास संस्थान के विद्यार्थियों को विभागीय योजनाओं के तहत लैपटॉप भी वितरित किए जाएंगे।</description ></item><item><title>बेटियों की पढ़ाई में सहारा बनी महतारी वंदन योजना: बिन्दा बाई</title><link>https://cnin.co.in/बेटियों-की-पढ़ाई-में-सहारा-बनी-महतारी-वंदन/76305</link><description>रायपुर। शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना अंतर्गत अब तक 25वीं किस्त जारी हो चुकी है। मुंगेली जिले के 02 लाख 09 हजार 600 से अधिक महिलाओं के खाते में 19.22 करोड़ रूपए की राशि का अंतरण किया जा चुका है। यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की माताओं, बहनों और बेटियों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण सामाजिक प्रयास है। इसी कड़ी में विकासखण्ड पथरिया के ग्राम पीपरलोड की बिन्दा बाई घृतलहरे ने योजना के अंतर्गत मिलने वाली प्रतिमाह की सहायता राशि का अपनी बेटियों की पढ़ाई और आवश्यक शैक्षणिक खर्चों में उपयोग कर रही हैं।बिन्दा बाई ने बताया कि एक गरीब परिवार से हैं और मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना ही एक चुनौती था, ऐसे में अपनी बेटियों की पढ़ाई जारी रखना उनके लिए सबसे बड़ी चिंता बन गया था। इसी बीच राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई महतारी वंदन योजना उनके जीवन में आशा की नई किरण बनकर आई। इस आर्थिक सहयोग से उन्हें अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा देने का आत्मविश्वास मिला है। अब उनकी बेटियां भी आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित हो रही हैं। बिन्दा बाई ने महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने इस योजना के संचालन के लिए मुख्यमंत्री सहित शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना की राशि से गीता मरावी ने खरीदी सिलाई मशीन, प्रतिमाह कमा रही 3 हजार</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-की-राशि-से-गीता-मरावी-ने/76304</link><description>रायपुर। शासन की फ्लैगशिप महतारी वंदन योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने व्यवसायों को सशक्त बना सकें और अपने परिवारों के लिए समृद्धि ला सकें। इस योजना की राशि का उपयोग महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कर रही हैं, जिससे वे समाज में सशक्त हो रही हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। इसी कड़ी में लोरमी विकासखण्ड के ग्राम खुडिय़ा की गीता मरावी ने महतारी वंदन योजना के तहत शासन से प्रतिमाह मिलने वाली 01 हजार रूपए की सहायता राशि से मिलाई मशीन खरीदा और उससे कपड़ों की सिलाई कर प्रतिमाह 03 हजार रूपए कमा रही हैं। गीता मरावी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप उन्हें हर महीने 01 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त होती है। इस राशि को उन्होंने केवल खर्च करने के बजाय एक नई शुरुआत का माध्यम बनाया। कुछ महीनों की सहायता राशि को जोड़कर उन्होंने एक सिलाई मशीन खरीदी।सिलाई मशीन मिलने के बाद गीता ने अपने घर पर ही सिलाई का कार्य शुरू किया। धीरे-धीरे आसपास के लोगों से कपड़ों की सिलाई का काम मिलने लगा। अब वे नियमित रूप से सिलाई कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है। उन्होंने बताया कि सिलाई के काम से होने वाली आय से वे अपने बच्चों की पढ़ाई और घर के अन्य खर्चों में सहयोग कर पा रही हैं। इससे उन्हें न केवल आर्थिक मजबूती मिली है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उन्होने बताया कि पहले जहां घर के खर्चों के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे अपने हुनर के दम पर परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में भागीदारी कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने इस योजना के संचालन के लिए मुख्यमंत्री सहित शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस व डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी के निर्देश</title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-में-घरेलू-एलपीजी-गैस-व-डीजल/76303</link><description>00 खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने आयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश00 शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारीरायपुर। छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने सभी ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में संचालित सभी 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। इस अवसर पर संचालक खाद्य एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को राज्य में एलपीजी गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।बैठक में ऑयल कंपनी के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेण्डर वर्तमान में केवल विशेष अत्यावश्यक संस्थाओं, जैसे अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थाओं को ही सप्लाई किए जा रहे हैं। इस पर खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने निर्देशित किया कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों की परीक्षाएँ चल रही हैं, इसलिए शैक्षणिक संस्थाओं एवं छात्रावासों को गैस सिलेण्डर की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।बैठक के दौरान सचिव श्रीमती कंगाले ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर 15 प्रतिशत कमर्शियल सप्लाई होटलों आदि को भी दिए जाने पर विचार किया जाए, ताकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी सीमित स्तर पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही जिलों में एलपीजी गैस के दुरुपयोग तथा अवैध गैस रिफिलिंग की रोकथाम के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए। इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी को रोका जा सके।बैठक में राज्य में डीजल, पेट्रोल एवं सीएनजी गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के तीनों डीजल-पेट्रोल डिपो में पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। इस पर संचालक खाद्य एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि डीजल और पेट्रोल की दैनिक आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर भी नियमित निगरानी रखी जाए।खाद्य सचिव श्रीमती कंगाले ने राज्य के उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश में एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है और इन पेट्रोलियम पदार्थों की किसी प्रकार की कमी या शॉर्टेज नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के माध्यम से गैस सिलेण्डर की आपूर्ति नियमानुसार नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए उपभोक्ता टोल फ्री कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क कर सकते हैं।</description ></item><item><title>दो आईएएस अधिकारियों के बदले प्रभार </title><link>https://cnin.co.in/दो-आईएएस-अधिकारियों-के-बदले-प्रभार-/76302</link><description>रायपुर। राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर आंशिक फेरबदल करते हुए दो आईएएस अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के अनुसार, 2011 बैच के आईएएस अधिकारी चंदन कुमार को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान में वे वित्त विभाग में विशेष सचिव के साथ ही नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वहीं दूसरे आदेश में आईएएस अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल, उप सचिव (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) को धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया है। अब वे केवल अपने मूल विभाग में उप सचिव के रूप में कार्य करेंगे।</description ></item><item><title>देश के नागरिकों में भय पैदा कर रही कांग्रेस, मिडिल ईस्ट में संघर्ष को लेकर पीएम मोदी का हमला  </title><link>https://cnin.co.in/देश-के-नागरिकों-में-भय-पैदा-कर-रही-कांग्रेस,/76301</link><description>&amp;nbsp;नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस पर एक बड़े ग्लोबल संकट का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रही है, जिससे विदेश में भारतीयों के लिए स्थिति और खराब हो सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे खुशी है कि खाड़ी में हमारे सभी दोस्त देशों की सरकारें हमारे नागरिकों का ध्यान रख रही हैं। उन देशों में हमारे मिशन और एम्बेसी उन्हें 24/7 मदद दे रहे हैं, लेकिन यह बहुत बड़ी बदकिस्मती है कि कांग्रेस पार्टी इतने बड़े ग्लोबल संकट के बीच भी राजनीति कर रही है। उन्होंने आगे कहा, कांग्रेस जानबूझकर हालात खराब करने के लिए भड़काने वाले और गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रही है। ताकि हमारे लोग उस संकट में फंसे रहें और फिर ये लोग मोदी को गाली देने वाली रील बनाने का कैंपेन शुरू कर सकें।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>सुशासन की मिसाल: मजदूरी से लखपति दीदी तक का सफर तय कर बनीं मधु ग्रामीण महिलाओं की प्रेरणा</title><link>https://cnin.co.in/सुशासन-की-मिसाल:-मजदूरी-से-लखपति-दीदी-तक-का/76300</link><description>धमतरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ग्रामीण गरीबी उन्मूलन परियोजना है। यह योजना स्व-रोजगार को बढ़ावा देने और ग्रामीण गरीबों को संगठित करने पर केंद्रित है। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य गरीबों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में संगठित करना और उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत धमतरी जिले की सारंगपुरी पंचायत निवासी श्रीमती मधु कंवर आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर क्षेत्र में लखपति दीदी के नाम से जानी जाती हैं।कभी आर्थिक तंगी के कारण दूसरों के खेतों में मजदूरी करने वाली मधु कंवर ने अपने संघर्ष, मेहनत और शासन की योजनाओं के सहयोग से जीवन की दिशा बदल दी। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।गांव में ही मिल रही डिजिटल सेवाएंआज मधु कंवर अपने गांव में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का संचालन कर रही हैं। इस केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, आधार कार्ड अपडेट, श्रम कार्ड पंजीयन, आयुष्मान कार्ड, बिजली बिल भुगतान सहित कई ई-गवर्नेंस सेवाएं रियायती दरों पर उपलब्ध हो रही हैं। इस पहल से ग्रामीणों को अब छोटी-छोटी शासकीय सेवाओं के लिए शहर नहीं जाना पड़ता। इस कार्य से मधु को प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की नियमित आय हो रही है, जिससे उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है।आजीविका मिशन से मिली नई राहमधु कंवर बताती हैं कि एक समय परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया था। इसी दौरान उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जय माँ कर्मा महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर नई शुरुआत की। समूह से जुडऩे के बाद उन्होंने धान खरीदी-बिक्री, मशरूम उत्पादन और छोटे स्वरोजगार के कार्य शुरू किए। समूह से ऋण सुविधा मिलने पर उन्होंने अपने घर में ही कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किया, जो धीरे-धीरे उनकी आय का मजबूत साधन बन गया।महिलाओं के लिए बढ़ रहा स्वरोजगारमधु कंवर के समूह की महिलाएं आज कई आय संवर्धन गतिविधियों से जुड़ी हैं। इनमें मोमबत्ती निर्माण, केक बनाना, मशरूम उत्पादन, मछली पालन और बैंक सखी के रूप में कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।&amp;nbsp;गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणाआज मधु कंवर न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनके प्रयासों से गांव की अन्य महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार की योजनाओं और सुशासन की पहल से मधु कंवर जैसी ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अवसर, मार्गदर्शन और संकल्प के साथ ग्रामीण महिलाएं भी सफलता की नई कहानी लिख सकती हैं।</description ></item><item><title>दिव्यांगता भी नहीं रोक सकी सायरा बनो का हौसला, ई-रिक्शा चलाकर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल</title><link>https://cnin.co.in/दिव्यांगता-भी-नहीं-रोक-सकी-सायरा-बनो-का/76299</link><description>धमतरी। जिले की सायरा बानो ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान के साथ आगे बढऩे का जज़्बा हो, तो कोई भी कठिन परिस्थिति सफलता की राह नहीं रोक सकती। शारीरिक दिव्यांगता और अत्यंत कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद सायरा बानो आजआत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई हैं। कुछ समय पहले तक सायरा बानो का जीवन आर्थिक तंगी में गुजर रहा था। रोजगार के अभाव में उनके लिए रोज़मर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी बड़ी चुनौती बन गया था। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और रोजगार के लिए जिला प्रशासन से सहायता की मांग की।सायरा बानो की परिस्थितियों और उनके मजबूत इरादों को देखते हुए प्रशासन ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया। उनके मार्गदर्शन में सायरा बानो को बड़ौदा आरसेटी, धमतरी में ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने पूरी लगन और मेहनत के साथ ई-रिक्शा चलाने की तकनीक सीखी। साथ ही उन्हें स्व-रोजगार से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी गई तथा पुलिस विभाग द्वारा यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद समाज कल्याण विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से सक्षम प्रोजेक्ट के अंतर्गत सायरा बानो को ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया।आज सायरा बानो धमतरी शहर में आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चलाकर सम्मानजनक आजीविका कमा रही हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिदिन लगभग 300 से 500 रुपये तक की आय हो रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं को सम्मानपूर्वक पूरा कर पा रही हैं। सरकार का उद्देश्य शासन की विभिन्न योजनाओं से जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। यदि लाभार्थी दृढ़ संकल्प और मेहनत के साथ आगे बढ़ें, तो वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।सायरा बानो की यह सफलता की कहानी न केवल दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के लिए एक संदेश है कि कठिन परिस्थितियाँ कभी भी आगे बढऩे की राह में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि व्यक्ति के भीतर आगे बढऩे का साहस और संकल्प हो।</description ></item><item><title>इजराइल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा  हमला</title><link>https://cnin.co.in/इजराइल-के-खिलाफ-अब-तक-का-सबसे-बड़ा--हमला/76298</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;तेहरान-अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 12वां दिन है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने इजराइल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। &amp;nbsp;ईरानी मीडिया की एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तरों और डेटा सेंटर्स को भी निशाना बना सकता है। संभावित टारगेट की सूची में गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, ढ्ढक्चरू और ओरेकल जैसी कंपनियों के नाम बताए गए हैं। &amp;nbsp;इजराइल, दुबई और अबू धाबी में मौजूद इन कंपनियों के ऑफिस और डेटा सेंटर भी निशाने पर हो सकते हैं। इस बीच यूएनएससी आज एक प्रस्ताव पर वोटिंग करने वाली है। इसमें ईरान से कहा गया है कि वो बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन पर हमले बंद करे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>75 हजार की ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपी गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/75-हजार-की-ब्राउन-शुगर-के-साथ-दो-आरोपी-गिरफ्तार/76297</link><description>बिलासपुर। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए तखतपुर पुलिस ने ब्राउन शुगर की तस्करी करते दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 75 हजार रुपए कीमत की मादक पदार्थ बरामद की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।पुलिस के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली थी कि तखतपुर के मोढ़े चौक के पास एक युवक ब्राउन शुगर बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। इस पर तखतपुर पुलिस और एसीसीयू बिलासपुर की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी और आरोपी दुर्गेश गायकवाड़ (22 वर्ष) निवासी बड़े बाजार तखतपुर को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 3.74 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। पूछताछ के दौरान आरोपी दुर्गेश ने बताया कि वह यह मादक पदार्थ अप्पू देवांगन (32 वर्ष) निवासी देवांगन मोहल्ला तखतपुर से लेकर बिक्री करता था। इस पर पुलिस ने दूसरे आरोपी की तलाश शुरू की और उसे बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास से हिरासत में ले लिया। पूछताछ में अप्पू देवांगन ने दूसरे राज्य से ब्राउन शुगर खरीदकर लाने और दुर्गेश को बिक्री के लिए देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के पास से नशीले पदार्थ की बिक्री से बचे 2000 रुपए और अपराध में प्रयुक्त मोबाइल भी जब्त किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में अन्य राज्यों से जुड़े तस्करों की भी तलाश कर रही है।</description ></item><item><title>नारायणपुर-कोंडागांव मार्ग 5 महीने से बंद, जनता परेशान</title><link>https://cnin.co.in/नारायणपुर-कोंडागांव-मार्ग-5-महीने-से-बंद,/76296</link><description>कोंडागांव। नारायणपुर-कोंडागांव मुख्य मार्ग पिछले लगभग पांच महीनों से बंद है। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पूरी सड़क खोद दी गई है, जिससे दोपहिया गाडिय़ों का चलाना भी मुश्किल हो गया है। गड्डों और धूल के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।मार्ग बंद होने के कारण यात्री बसों को बोरगांव-हिरी-बड़े डोंगर होते हुए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों का समय और किराया दोनों बढ़ गए हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मुख्य मार्ग के बंद होने से गाडिय़ों की आवाजाही गांव की सड़कों पर बढ़ गई है। ये सड़कें भारी गाडिय़ों के लिए नहीं बनी है, लेकिन अब बसें और ट्रक भी इन्हीं रास्तों से गुजर रहे हैं। इस बढ़ती आवाजाही के कारण गांव की सड़कें जगह-जगह से टूट रही हैं और उनकी हालत भी खराब होती जा रही है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण समस्या बढ़ी है और अधिकारी फोन नहीं उठाते न ही मौके पर काम की कोई निगरानी की जा रही है। परेशानी से नाराज ग्रामीणों और यात्रियों ने कई बार मार्ग जामकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारियों पर इसका कोई खास असर होता नहीं दिख रहा है।</description ></item><item><title>87वीं सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस टीम घोषित</title><link>https://cnin.co.in/87वीं-सीनियर-राष्ट्रीय-प्रतियोगिता-के-लिए/76295</link><description>रायपुर। भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के तत्वावधान में मध्य प्रदेश टेबल टेनिस संघ द्वारा इंदौर (मध्य प्रदेश) में 14 से 21 मार्च 2026 तक यूटीटी 87वीं सीनियर राष्ट्रीय एवं अंतर राज्यीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता-2025 आयोजित की जा रही है जिसके लिये रायपुर उत्तर के पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ टेबल टेबल संघ के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सीनियर (पुरूष एवं महिला) टीम की घोषणा की गयी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला, पदाधिकारी विनय बैसवाड़े, प्रेमराज जाचक, पी.एन. मजूमदार, प्रवीण निरापुरे सहित सभी पदाधिकारियो ने टीम को शुभकामनाए दी एवं अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जतायी।प्रतियोगिता हेतु छत्तीसगढ़ टीम के स्पोर्ट्स किट के प्रायोजक स्टेग ग्लोबल है। प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य कि सीनियर (पुरुष एवं महिला) टीम कल, 12 मार्च को रवाना हो रही है। टीम के कोच श्री उमेश गोस्वामी (दुर्ग) एवं मेनेजर सुश्री काजल (दुर्ग) है। छत्तीसगढ़ से प्रतियोगिता में अंपायरिंग के लिए राष्ट्रीय अंपायर श्री लाभांशु यदु (गरियाबंद) को चुना गया है। उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष श्री विनय बैसवाड़े ने दी।छत्तीसगढ़ टीम इस प्रकार है:सीनियर पुरुष :- अर्जुन मल्होत्रा (रायपुर), विशाल डेकाटे (रायपुर), एम. रविराज - कप्तान (रायपुर), राजीव साहू (रायपुर), अरिंदम देबनाथ (रायपुर)सीनियर महिला :- सुष्मिता सोम - कप्तान (बिलासपुर), लावण्या पांडे (रायपुर), अक्षिता बीनू (बिलासपुर), अदिति खूंटिया (बिलासपुर), प्रज्ञा पाठक (दुर्ग),</description ></item><item><title>आगामी नए शिक्षा सत्र से आत्मानंद स्कूलों में प्रवेश नहीं, प्री प्राइमरी के टीचर भी जा सकते हैं हटाए</title><link>https://cnin.co.in/आगामी-नए-शिक्षा-सत्र-से-आत्मानंद-स्कूलों-में/76294</link><description>रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के तारांकित प्रश्न के जवाब में विधानसभा में घोषणा की कि आगामी नए शिक्षा सत्र से आत्मानंद स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। नए सत्र से आत्मानंद स्कूल में प्री नर्सरी कक्षाएं नहीं चलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि डीएलएफ फंड का प्रावधान बदलने से प्री प्राइमरी के टीचर भी हटाए जा सकते है।नेताप्रतिपक्ष महंत ने अपने आज के और पूर्व में सीएम साय के उत्तर के हवाले से कहा था कि आज बताया गया है कि प्रदेश में 430 आत्मानंद स्कूल संचालित हैं और सीएम ने दिसंबर 24 में बताया था कि कुल 751 स्कूल हैं। कौन सही है। मंत्री यादव ने कहा कि दोनों ही सही है 403 अंग्रेजी और 348 हिंदी मीडियम के आत्मानंद स्कूल हैं। महंत ने पूछा कि इनमें प्री प्रायमरी कितने हैं। श्री यादव ने कहा कि 54 स्कूलों में अंग्रेजी प्री प्रायमरी है। महंत ने पूछा कि क्या इन स्कूलों के शिक्षकों को निकाला जा रहा है। मंत्री ने बताया कि अभी निकालने का आदेश नहीं दिया गया है। चूंकि इन स्कूलों को वित्त विभाग से मंजूरी नहीं मिली थी कि तो इन्हें स्थानीय व्यवस्था के तहत कलेक्टरों के जरिए डीएमएफ से संचालित किया जा रहा था। अब डीएमएफ के नियम बदल गए हैं। इसलिए नए सत्र से इन्हें बाकी आत्मानंद स्कूल की तरह संचालित किया जाएगा।महंत ने कहा कि बिलासपुर में 18, बेमेतरा में 4 समेत अन्य स्कूलों में भी शिक्षकों को निकाला गया है इसका आधार क्या है? ये स्कूल डीएमएफ मद से चल रहे थे और अब नियम बदल गए हैं। हमने तय किया है कि नए सत्र से इन आत्मानंद स्कूलों में नए एडमिशन नहीं लिए जाएंगे।महंत ने बाल वाटिका नाम से नए स्कूल खोलने की स्थिति पूछी। मंत्री यादव ने बताया कि बाल वाटिका नहीं बालवाडिय़ां खोले जाएंगे। यह नई शिक्षा नीति के तहत 11 हजार खोले जाएंगे।</description ></item><item><title>स्व सहायता समूह से जुड़कर कांसाबेल की महिलाओं ने स्वरोजगार की राह अपनाई</title><link>https://cnin.co.in/स्व-सहायता-समूह-से-जुड़कर-कांसाबेल-की/76293</link><description>00 पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद बना आजीविका का साधनरायपुर। पारंपरिक कौशल, जैसे मिट्टी के बर्तन, कढ़ाई और लकड़ी का काम, स्थानीय सामग्रियों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के माध्यम से न केवल रोजगार प्रदान करता है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन - बिहान योजना के तहत जशपुर जिले की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल गढ़ रही हैं। कांसाबेल विकासखंड के ग्राम सेम्हर कछार की हरियाली स्व-सहायता समूह की 11 महिलाओं ने छिंद कासा से आकर्षक टोकरी और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद तैयार कर अपनी आजीविका को मजबूत किया है।समूह की सदस्य श्रीमती बालमुनि भगत ने बताया कि बिहान योजना से जुडऩे के बाद उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला। पहले महिलाएं केवल घरेलू कामकाज तक सीमित थीं, लेकिन अब वे अच्छी कमाई कर रही हैं। यह कार्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी दे रहा है। उन्होंने बताया कि यह न केवल एक व्यवसाय है, बल्कि यह परंपराओं, कौशल और सांस्कृतिक विरासत को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाता है। महिलाओं ने बताया कि बिहान योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। समूह के माध्यम से प्रशिक्षण, सहयोग और विपणन सुविधा मिलने से उनका उत्पाद अब स्थानीय हाट-बाजार और मेलों में लोकप्रिय हो चुका है। महिलाएं कहती हैं कि अब वे सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अपनी पहचान खुद बना रही हैं।समूह की दीदियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से हम सशक्त और आत्मनिर्भर हो रहे हैं। हम महिलाओं के लिए हस्तशिल्प उत्पाद आय का मुख्य जरिया है, जो लाखों लोगों को, विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है।</description ></item><item><title>हरीश सर्वसम्मति से निर्वाचित हुए पूज्य सिंधी पंचायत पन्नो आकील परिवार के मुखी</title><link>https://cnin.co.in/हरीश-सर्वसम्मति-से-निर्वाचित-हुए-पूज्य/76292</link><description>रायपुर। पूज्य सिंधी पंचायत पन्नो आकील परिवार की आम बैठक पिछले दिनों संपन्न हुई। बैठक में पंचायत के सभी कार्यकारिणी सदस्यों एवं सदस्यों ने सर्वसम्मति से आगामी दो वर्ष के कार्यकाल के लिए श्री हरीश तारवानी को मुखी पद के लिए निर्वाचित किया । बैठक में उपस्थित सदस्यों ने हरीश तारवानी को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में पंचायत सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। श्री हरीश तारवानी ने भी सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे शीघ्र ही अपनी नई कार्यकारिणी टीम की घोषणा करेंगे। उक्त जानकारी सीए चेतन तारवानी ने प्रेस विज्ञप्ति में दी।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान जरूरी: आदिवासी समाज और मातृशक्ति का अपमान देश कभी स्वीकार नहीं करेगा : मुख्यमंत्री</title><link>https://cnin.co.in/संवैधानिक-मर्यादाओं-का-सम्मान-जरूरी:/76291</link><description>00 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान पर मुख्यमंत्री साय ने लिखा ममता बनर्जी को कड़ा पत्ररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी को कड़ा पत्र लिखकर भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के साथ हाल ही में हुए व्यवहार पर गहरी आपत्ति जताई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि जनजातीय समाज से आने वाली देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति के साथ किया गया यह व्यवहार केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था, आदिवासी समाज और मातृशक्ति का अपमान है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में कहा है कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं और शिष्टाचार पूरी दुनिया में सम्मानित रहे हैं। मतभेद को कभी भी मनभेद में न बदलने की हमारी संस्कृति रही है, लेकिन राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद के प्रति न्यूनतम शिष्टाचार का भी पालन न किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक पहले एक जनजातीय समाज से आने वाली महिला राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं में लापरवाही और उनका अपमान किया जाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह घटना देश के करोड़ों आदिवासियों, पिछड़ों, दलितों और मातृशक्ति की भावनाओं को गहराई से आहत करने वाली है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में यह भी कहा कि यह पहली बार हुआ है जब किसी राज्य सरकार के व्यवहार को लेकर स्वयं राष्ट्रपति जी को अपनी पीड़ा सार्वजनिक करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश के लोकतांत्रिक इतिहास में अत्यंत चिंताजनक है और इससे पश्चिम बंगाल जैसे प्रतिष्ठित राज्य की छवि को भी ठेस पहुंची है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में संदेशखाली की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी जनजातीय समाज की महिलाओं के साथ हुई घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उन्होंने कहा कि वंचित और जनजातीय समाज के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुश्री ममता बनर्जी से आग्रह किया है कि वे इस विषय पर देश और समाज से क्षमा मांगते हुए अपनी भूल स्वीकार करें तथा भविष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए देश को आश्वस्त करें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में राष्ट्रपति देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था का प्रतीक हैं और उनके सम्मान से ही लोकतंत्र की गरिमा जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर संवैधानिक पदों का सम्मान किया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कहा कि जनजातीय समाज से आने वाली राष्ट्रपति के सम्मान से जुड़ा यह विषय पूरे देश की अस्मिता और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है, इसलिए देश और समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रकरण में जिम्मेदारी के साथ कदम उठाए जाना आवश्यक है।</description ></item><item><title>आनंद,कभी मरा नहीं  करते</title><link>https://cnin.co.in/आनंद,कभी-मरा-नहीं--करते/76290</link><description>** आलेख- संजय दुबे&amp;nbsp;पचपन साल पहले ऋषिकेश मुखर्जी ने एक ऐसी फिल्म बनाई थी जो जीवन दर्शन के हिसाब से लोगों को हौसला देने का काम कर गई। इस दुनियां में &amp;nbsp;बहुत से व्यक्ति जीवन में कभी न कभी ऐसी बीमारी से ग्रस्त हो जाते है जिसका परिणाम कष्ट और अंततः मृत्यु होती है। कैंसर एक &amp;nbsp;लाइलाज बीमारी है जिसमें उपचार के जरिए जिंदगी को विस्तार तो दिया जा सकता है लेकिन &amp;nbsp;जीवन की आयु सिमट जाती है। आनंद एक ऐसे युवक की कहानी का चित्रण है जिसे कैंसर की बीमारी होती है और जब वह इलाज के लिए पहुंचता है तो उसके पास केवल छः महीने जिंदगी शेष होती है। &quot;जिंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए&quot; के आदर्श को लेकर ऋषिकेश मुखर्जी ने अविस्मरणीय हृदयस्पर्शी &amp;nbsp;फिल्म &quot;आनंद&quot; &amp;nbsp;का निर्माण किया था।। ऋषिकेश मुखर्जी आनंद की भूमिका के लिए राज कपूर को ध्यान में रखा था।राज कपूर बीमार थे सो आनंद की भूमिका के लिए किशोर कुमार, शशि कपूर,से ऋषिकेश मुखर्जी ने संपर्क किया।राजेश खन्ना को जब ये बात पता चली तो वो गुलजार के जरिए ऋषिकेश मुखर्जी से मिले। राजेश खन्ना, &amp;nbsp;बड़े स्टार थे।एक फिल्म का आठ लाख रुपए लेते थे। ऋषिकेश मुखर्जी ने सिर्फ एक लाख रूपये और टाइम पर आने की शर्त रखी। राजेश खन्ना तुरंत मान गए। मगर 28 दिन में तीस लाख रुपए की बजट में आनंद फिल्म बन गई।इस फिल्म की जान राजेश खन्ना का बेमिसाल अभिनय था ही साथ में &amp;nbsp;गुलज़ार के अर्थपूर्ण संवाद और गीत भी थे। आमतौर पर फिल्मों में गाने ठूसे जाते है लेकिन आनंद फिल्म के गाने फिल्म में मांग अनुरूप थी। &quot;मैने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चुने&quot;, &quot;कही दूर जब दिन ढल जाए &quot;से लेकर&quot; जिंदगी कैसी है पहेली&quot; &amp;nbsp;गाने आज भी मन को छू लेते है।इस फिल्म में सहनायक अमिताभ बच्चन थे।इस दौर में उनके नाम पर सफल फिल्मे नहीं थी । डॉमिनेंस की बाते भी हुई।राजेश खन्ना के संवेदनशील अभिनय के सामने अमिताभ बच्चन साधारण ही रहे।</description ></item><item><title>दपूमरे मुख्यालय में इंटर-ज़ोनल सतर्कता ऑडिट समीक्षा बैठक का आयोजन</title><link>https://cnin.co.in/दपूमरे-मुख्यालय-में-इंटर-ज़ोनल-सतर्कता-ऑडिट/76289</link><description>बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, मुख्यालय, बिलासपुर में इंटर-ज़ोनल सतर्कता ऑडिट के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण इंटर-ज़ोनल सतर्कता ऑडिट समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह ऑडिट पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर), जबलपुर की सतर्कता टीम द्वारा किया गया। बैठक में श्री तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, अपर महाप्रबंधक, सभी प्रधान विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं पश्चिम मध्य रेलवे की सतर्कता टीम का नेतृत्व वरिष्ठ उप महाप्रबंधक, श्री नीरज कुमार ने किया, जिनके साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी भी शामिल थे।कार्यक्रम का शुभारंभ पश्चिम मध्य रेलवे की सतर्कता टीम के स्वागत से हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ उप महाप्रबंधक सह मुख्य सतर्कता अधिकारी, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, श्री मनोज गुरुमुखी ने स्वागत संबोधन देते हुए इंटर-ज़ोनल सतर्कता ऑडिट के महत्व पर प्रकाश डाला। बैठक के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे की सतर्कता टीम द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में संचालित विभिन्न सतर्कता तंत्र, निवारक उपायों तथा विभागों में लागू प्रणालीगत सुधारों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके पश्चात वरिष्ठ उप महाप्रबंधक, पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में संचालित सतर्कता गतिविधियों, पहलों और उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।इस समीक्षा बैठक के माध्यम से दोनों जोनों के अधिकारियों को श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करने, प्रणालीगत सुधारों की पहचान करने तथा संगठन में पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने का अवसर मिला। बैठक को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने कहा कि सतर्कता ऑडिट भारतीय रेल में ईमानदारी, पारदर्शिता तथा नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ऑडिट से प्राप्त रचनात्मक सुझाव और अनुशंसाएँ संगठन की आंतरिक प्रणालियों को मजबूत करने तथा सुशासन को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होती हैं।सतर्कता ऑडिट के दौरान भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें सतर्कता प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा निवारक सतर्कता तंत्र को सुदृढ़ करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।यह इंटर-ज़ोनल सतर्कता ऑडिट पारदर्शी प्रशासन, जवाबदेही और बेहतर कार्यप्रणाली की दिशा में भारतीय रेल के सतत प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</description ></item><item><title>विकसित भारत युवा संसद में बिलासपुर की आरती प्रथम, गरियाबंद की हर्षिता द्वितीय और दुर्ग के दीपांशु तृतीय</title><link>https://cnin.co.in/विकसित-भारत-युवा-संसद-में-बिलासपुर-की-आरती/76288</link><description>00 माय भारत में स्वयंसेवकों की दमदार भागीदारीरायपुर। माय भारत द्वारा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में ऐतिहासिक पुरानी छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोडऩा, राष्ट्रीय नीतियों पर शोध-आधारित विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करना तथा विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।कार्यक्रम का उद्घाटन बाबा खुशवंत साहेब, मंत्री, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा प्रस्तुत तथ्यपरक और शोध-आधारित विचार आज की नीति-निर्माण प्रक्रिया को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की सक्रिय सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर अर्पित तिवारी, राज्य निदेशक, माय भारत ने बताया कि विकसित भारत युवा संसद युवाओं को नीति-निर्माण की प्रक्रिया में अपनी आवाज़ प्रभावी ढंग से रखने का सशक्त मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार और सुझाव राष्ट्रीय नीतियों तथा बजटीय चर्चाओं को भी प्रभावित कर रहे हैं, जिसकी सराहना इस वर्ष के केंद्रीय बजट के दौरान निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा भी की गई।राज्य स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए 150 से अधिक माय भारत स्वयंसेवकों और युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने केंद्रीय बजट 2026 पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए समावेशी विकास, कौशल विकास तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं जिला स्तर पर आपातकाल के 50 वर्ष लोकतंत्र के लिए सबक विषय पर चर्चा कर युवाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों और नागरिक जिम्मेदारियों के महत्व को रेखांकित किया।प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बिलासपुर की आरती कुमारी ने प्रथम स्थान, गरियाबंद की हर्षिता यादव ने द्वितीय स्थान तथा दुर्ग के दीपांशु नेताम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली आरती कुमारी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2026 में कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली पहलों से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और देश की आर्थिक प्रगति को नई गति प्राप्त होगी। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली हर्षिता यादव ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए युवाओं की जागरूक और सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है तथा ऐसे मंच युवाओं को नीति-निर्माण की दिशा में सोचने और योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दीपांशु नेताम ने कहा कि युवाओं के अनुभव और जमीनी समझ नीति-निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं, जिससे विकास से संबंधित योजनाएँ अधिक प्रभावी और समावेशी बन सकती हैं।</description ></item><item><title>एक दिन में सीएमओ लवकेश कुमार सहित रेडक्रॉस सोसाइटी के 14 नए सदस्य बने</title><link>https://cnin.co.in/एक-दिन-में-सीएमओ-लवकेश-कुमार-सहित-रेडक्रॉस/76287</link><description>रायपुर। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार सीएमओ गोबरा-नवापारा श्री लोकेश कुमार के आग्रह पर एक दिन में 15 नए सदस्य बने जिसमें सीएमओ श्री लवकेश कुमार, श्री रोशन लाल, श्री संतोष यादव, सुश्री शीतल साहू, श्री मिठू राम साहू, श्री बैसाखू राम साहू, श्री मुन्ना साहू, श्री गौकरण पाटकर, श्री भारत निषाद, श्री पंचराम साहू, श्री रमेश साहू, श्री जंगी राम निषाद, श्री निखिल चंद्राकर, श्री नवीन साहू, श्री दिनेश कुमार जांगड़े ने रेडक्रॉस सोसाइटी की सदस्यता ग्रहण की। गोबरा नवापारा में 15 आजीवन सदस्य के रूप में सदस्यता ली। श्री लोकेश कुमार ने सभी सदस्यों की सदस्यता राशि कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला रेडक्रॉस सोसायटी डॉ. गौरव सिंह को दी ।इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी एक स्वतंत्र मानव समाजसेवी संस्था है, जो आपदा एवं संकट की परिस्थितियों में पीडि़तों की सहायता के लिए समर्पित है। संस्था द्वारा भूकंप, आग, बाढ़ एवं सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन किया जाता है।संस्था से जुडऩे के लिए विभिन्न श्रेणियों में सदस्यता प्रदान की जाती है, जिसमें संरक्षक सदस्य के लिए 25,000 रुपए, उप संरक्षक सदस्य के लिए 12,000 रुपए, आजीवन सदस्य के लिए 1,000 रुपए तथा वार्षिक सदस्यता के लिए 100 रुपए निर्धारित किए गए हैं। इस अवसर पर रेडक्रॉस के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से संस्था से जुड़कर मानव सेवा में योगदान देने का आह्वान किया गया।</description ></item><item><title>इंडियन ऑयल में जिला स्तरीय सीबीआरएन मॉक ड्रिल से पूर्व प्रशासनिक समन्वय बैठक आयोजित</title><link>https://cnin.co.in/इंडियन-ऑयल-में-जिला-स्तरीय-सीबीआरएन-मॉक/76286</link><description>रायपुर। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र पाइपलाइन, रायपुर में केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर (सीबीआरएन) आपदा प्रबंधन की तैयारी के संबंध में एक टेबल-टॉप बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 11 मार्च 2026 को आईओसीएल-एसईआरपीएल, रायपुर में प्रस्तावित जिला स्तरीय ष्टक्चक्रहृ मॉक ड्रिल की तैयारी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा ने की। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और पूर्व तैयारी के महत्व पर प्रकाश डाला।बैठक के दौरान सभी अतिथियों का स्वागत एसईआरपीएल रायपुर के स्टेशन इंचार्ज श्री जयंत कुमार पैकरा द्वारा किया गया। उन्होंने संभावित सीबीआरएन आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और तैयारी को अत्यंत आवश्यक बताया। बैठक में 11 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली जिला स्तरीय सीबीआरएन मॉक ड्रिल के सफल संचालन के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। इसमें संबंधित एजेंसियों की भूमिकाएं एवं जिम्मेदारियां, आपातकालीन प्रतिक्रिया रणनीति, संचार व्यवस्था तथा विभागों के बीच समन्वय जैसे विषय शामिल रहे।बैठक को अत्यंत सार्थक और उपयोगी बताते हुए सभी विभागों ने आगामी मॉक ड्रिल के सफल आयोजन तथा किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।बैठक में डिप्टी कलेक्टर (राहत शाखा) श्री उपेन्द्र किंडो, डिप्टी कमांडेंट (एनडीआरएफ) श्री पवन जोशी तथा कमांडेंट (एसडीआरएफ होमगार्ड) श्री पुष्पराज सिंह, आरंग तहसीलदार श्रीमती ज्योति मसियारे सहित पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राज्य अग्निशमन सेवा एवं अन्य जिला स्तरीय विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>आ बैल मुझे मार की विजेता बनीं रोहिणी और गौरी</title><link>https://cnin.co.in/आ-बैल-मुझे-मार-की-विजेता-बनीं-रोहिणी-और-गौरी/76285</link><description>00 महाराष्ट्र मंडल के चौबे कालोनी केंद्र ने धूमधाम से मनाया होली मिलनरायपुर। महिलाएं एक स्थान पर जुटें और रोचक गेम न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। मनोरंजक खेल से भरा नजारा महाराष्ट्र मंडल की चौबे कालोनी महिला केंद्र की मासिक बैठक के साथ मनाए गए होली मिलन समारोह में देखने को मिला। इस दौरान केंद्र की सदस्यों ने हास- परिहास से परिपूर्ण आ बैल मुझे मार गेम खेला। इसमें बैल शब्द किसी को बोलना नहीं था, बैल शब्द के लिए स्थान पर एक्सप्रेशन देना था। सभी को 30 सेकंड का समय दिया गया। जिसने भी बिना बैल बोले सर्वाधिक बार आ बैल मुझे मार बोला। उसे विजेता घोषित किया गया।केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि मासिक बैठक के साथ अंतरराष्?ट्रीय महिला दिवस व होली मिलन भी मनाया गया। सभी सदस्यों को होली पर टाइटल दिए गए। फिर उपहार के रूप में चॉकलेट्स और गिफ्ट भी बांटे गए। होली के गीतों पर सभी ने जमकर मस्ती की। आ बैल मुझे मार प्रतियोगिता में रोहिणी नेने और गौरी मोकासदार संयुक्त विजेता रहीं। वहीं अंजलि वैद्य रनरअप बनीं।वरिष्ठ सदस्य अपर्णा कालेले ने बताया कि बैठक में आगामी दिनों में चैत्र गौरी हल्दी-कुंकू और मठा वितरण कार्यक्रम को लेकर रूपरेखा तैयार की गई। इसे लेकर सदस्यों के बीच कार्यों का विभाजन कर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई, ताकि कार्यक्रम में अधिकाधिक महिलाओं को जुटाकर उसे सफल बनाया जा सके।इस अवसर पर मनीषा वरवंडकर, सुनीता कुलकर्णी, गौरी क्षीरसागर, अवंती अग्निहोत्री, सेजल शाह, मनीषा बिस्सा, रंजना चोपकर, सीमा गनोदवाले, सुनंदा बेंद्रे, मनीषा मुकादम, पल्लवी मुकादम, अनुपमा बोधनकर, संगीता निमोणकर, प्राची डोनगांवकर, स्वाति डबली सहित अनेक सभासद उपस्थित रहीं।</description ></item><item><title>प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल</title><link>https://cnin.co.in/प्रधानमंत्री-मातृत्व-वंदना-योजना-में/76284</link><description>00 बड़े राज्यों को पछाड़कर बना नंबर-वन, मुख्यमंत्री साय और मंत्री राजवाड़े ने दी बधाईरायपुर। महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। राज्य ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है।</description ></item><item><title>सरकारी योजनाओं ने बदली शशि केशरवानी की तकदीर, छोटे व्यवसाय से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल</title><link>https://cnin.co.in/सरकारी-योजनाओं-ने-बदली-शशि-केशरवानी-की-तकदीर,/76283</link><description>00 बिहान योजना के स्वयं सहायता समूह से मिला सहारा, महतारी वंदन योजना से बढ़ा आत्मविश्वासरायपुर। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम चनवारीडांड की निवासी शशि केशरवानी आज उन महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को नई दिशा दी है। कभी छोटे स्तर पर व्यवसाय करने वाली शशि आज आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। शशि केशरवानी बिहान योजना के अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। प्रारंभिक दिनों में उनका व्यवसाय बहुत छोटे स्तर पर चलता था, जिससे परिवार की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता था। व्यवसाय को आगे बढ़ाने की इच्छा तो थी, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई थी।समूह से मिला आर्थिक सहयोग, बढ़ा व्यवसायस्वयं सहायता समूह से जुडऩे के बाद शशि केसरवानी को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से समय-समय पर ऋण लेकर अपने छोटे व्यवसाय को विस्तार देना शुरू किया। शुरुआत में लिया गया छोटा लोन उनके लिए एक नई शुरुआत साबित हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने अपने व्यवसाय को बढ़ाते हुए कई बार समूह से ऋण लिया। अब तक वे लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये तक का ऋण प्राप्त कर चुकी हैं। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय को मजबूत करने, सामग्री खरीदने और काम का दायरा बढ़ाने में किया। निरंतर मेहनत और सही दिशा में निवेश के कारण उनका व्यवसाय धीरे-धीरे स्थिर और मजबूत होता गया।महतारी वंदन योजना बनी सहाराशशि केसरवानी को महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी काफी सहायक सिद्ध हो रही है। इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ-साथ घर की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इस अतिरिक्त सहयोग से उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा और आर्थिक रूप से भी उन्हें मजबूती मिली। आज उनका व्यवसाय पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और बेहतर स्थिति में पहुंच चुका है।अब हर महीने हो रही 7-8 हजार रुपये की आयलगातार मेहनत, समूह का सहयोग और सरकारी योजनाओं के लाभ से आज शशि केसरवानी की मासिक आय लगभग 7 से 8 हजार रुपये तक पहुंच गई है। अपने व्यवसाय के माध्यम से वे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश कर रही हैं।सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगीशशि केशरवानी का कहना है कि यदि उन्हें स्वयं सहायता समूह और सरकारी योजनाओं का सहयोग नहीं मिलता, तो शायद वे अपने व्यवसाय को इस स्तर तक नहीं पहुंच पातीं। इन योजनाओं ने उन्हें आगे बढऩे का अवसर दिया और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया। वे इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। आज शशि केसरवानी की कहानी यह बताती है कि यदि इच्छाशक्ति, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो सरकारी योजनाएं वास्तव में आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।</description ></item><item><title>बिहान से बदली ममता की जिंदगी, सब्जी की खेती से ममता बनी आत्मनिर्भर</title><link>https://cnin.co.in/बिहान-से-बदली-ममता-की-जिंदगी,-सब्जी-की-खेती-से/76282</link><description>रायपुर। महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने परिश्रम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं और समाज में एक नई पहचान बना सकती हैं। सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत सिलफिली की निवासी ममता विश्वास आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों से जूझने वाली ममता ने अपनी मेहनत, लगन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से मिली सहायता के बल पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।ममता विश्वास एकता महिला स्वंय सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुडऩे के बाद उन्होंने बचत और स्वावलंबन के महत्व को समझा तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का संकल्प लिया। बिहान योजना के अंतर्गत बैंक लिंकेज के माध्यम से उन्हें 30,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग करते हुए ममता ने अपने खेत में सब्जी की खेती शुरू की। आज ममता विश्वास सब्जी उत्पादन और बिक्री से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख से 3 लाख 50 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे अपने बच्चों की शिक्षा और घर की जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर पा रही हैं।ममता का कहना है कि बिहान योजना और समूह से मिली सहायता ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास पैदा किया है। अगर महिलाएं समूह से जुड़कर मेहनत करें तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। आज ममता विश्वास की सफलता से प्रेरित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्व-रोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।</description ></item><item><title>इमली लाटा से आत्मनिर्भर बनीं राखी धु्रव, परंपरागत स्वाद को बनाया आजीविका का सशक्त साधन</title><link>https://cnin.co.in/इमली-लाटा-से-आत्मनिर्भर-बनीं-राखी-धु्रव,/76281</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्वाद इमली लाटो को आजीविका का साधन बनाकर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के ग्राम अर्जुनी निवासी राखी धु्रव ने आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल पेश की है। मेहनत, नवाचार और परंपरा को सहेजने की भावना के साथ उन्होंने इस पारंपरिक उत्पाद को न केवल अपनी पहचान बनाया, बल्कि इससे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है।विकासखंड बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम अर्जुनी की निवासी राखी धु्रव बताती हैं कि उनकी सफलता की शुरुआत तब हुई जब वे रायपुर में अपने एक रिश्तेदार के घर गई थीं। वहां उन्होंने आसपास की महिलाओं को पारंपरिक तरीके से इमली लाटा बनाते हुए देखा। इस कार्य में छिपी संभावनाओं को समझते हुए उन्होंने इसके बारे में जानकारी जुटाई और अपने गांव लौटकर बिहान समूह से जुड़कर इसे व्यवसाय का रूप देने का निर्णय लिया। राखी ध्रुव अपने व्यवसाय के लिए कच्चे माल के रूप में इमली की खरीदी भाटापारा से करती हैं, जबकि उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग के लिए डिब्बे बिलासपुर से मंगवाती हैं। घर पर ही अन्य समूह की महिलाओं के सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने इस गतिविधि को सफल व्यवसाय में बदल दिया है।वर्तमान में वे इस कार्य से प्रतिवर्ष लगभग 1.5 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण और आर्थिक सुदृढ़ीकरण बेहतर ढंग से कर पा रही हैं। राखी बताती हैं कि अब आसपास के लोग उन्हें प्यार से लखपति दीदी कहकर बुलाते हैं, जो उनके लिए गर्व की बात है। राखी धु्रव के पति श्री जलेश्वर धु्रव गांव में टेलरिंग और जूते की दुकान का संचालन करते हैं। राखी के मन में स्वयं कुछ करने की इच्छा थी, जिसे इमली लाटा के इस व्यवसाय ने नई दिशा दी। वे अपनी सफलता का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को देती हैं।राखी धु्रव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार की योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर आर्थिक स्वावलंबन की राह पर आगे बढऩे का अवसर दिया है। बिहान के माध्यम से आज उनके जैसे हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है और महिलाएं आत्मसम्मान के साथ समाज में अपनी पहचान बना रही हैं।</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना से संवर रहे शकीला के सपने, सिलाई मशीन की किश्त चुकाकर बनीं आत्मनिर्भर</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-से-संवर-रहे-शकीला-के-सपने,/76280</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में न केवल आर्थिक संबल लाया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई उड़ान दिया है। अम्बिकापुर के मुक्ति पारा के निवासी शकीला बानो इसका जीवंत उदाहरण हैं। शकीला बानो सिलाई का काम जानती थीं, लेकिन स्वयं की मशीन न होने के कारण उन्हें काम करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महतारी वंदन योजना की शुरुआत हुई, तो शकीला ने इस अवसर को अपनी आत्मनिर्भरता का जरिया बनाया।आर्थिक आजादी की ओर बढ़ते कदमशकीला बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक राशि का उन्होंने सदुपयोग किया। उन्होंने किश्तों पर एक सिलाई मशीन खरीदी और योजना से मिलने वाली राशि से उसकी किश्तें जमा कीं। शकीला बतातीं हैं कि, मशीन की किश्त अब पूरी होने वाली है। अब सिलाई से जो भी आमदनी होती है, उसका उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से मुझ जैसी कई महिलाओं के लिए एक स्थाई सहारा आर्थिक सहारा मिला है।शासन की योजना से मिला संबलशकीला ने अपनी सफलता का श्रेय शासन की योजना के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर महिलाओं को ढूंढा, उन्हें योजना की जानकारी दी और फॉर्म भरवाने में पूरी मदद की। उन्हीं के प्रयासों से आज घर बैठे महिलाओं को राशि प्राप्त हो रही है।महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबलशकीला बानो ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि,1000 रुपये की राशि भले ही देखने में छोटी लगे, लेकिन एक महिला के लिए यह बहुत बड़ा मानसिक और आर्थिक संबल है। अब महिलाएं इस बात के लिए आश्वस्त रहती हैं कि उनके पास अपनी जरूरतों के लिए एक निश्चित और स्थायी राशि उपलब्ध है। शासन की इस पहल ने प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नींव रखी है। शकीला बानो जैसी कई महिलाएं इस राशि का उपयोग छोटे व्यवसाय, घरेलू जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई में कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।</description ></item><item><title>सीएम साय ने कहा एलपीजी,पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टाक,अफवाहों से बचें </title><link>https://cnin.co.in/सीएम-साय-ने-कहा-एलपीजी,पेट्रोल-और-डीजल-का/76279</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर आमजन को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं हैं। प्रदेश में एलपीजी,पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध है। सभी जिलों के अधिकारियों को रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति नियमित स्टाक &amp;nbsp;मानिटरिंग और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और आवश्यकता के अनुसार ही गैस बुक करें।</description ></item><item><title>मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन </title><link>https://cnin.co.in/मंत्रिपरिषद-की-बैठक-में-छत्तीसगढ़-धर्म/76278</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-कई और भी विषयों को दी गई मंजूरी&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा स्थित उनके प्रतिकक्ष में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। &amp;nbsp; &amp;nbsp;1. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति व साधनों, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण पर प्रभावी ढंग से रोक लगाना है। &amp;nbsp;&amp;nbsp;2. मंत्रिपरिषद द्वारा विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को न्यायालय से वापस लिये जाने के संबंध में गठित मंत्रिपरिषद की उप-समिति द्वारा अनुशंसित 13 प्रकरणों को माननीय न्यायालय से वापस लिए जाने का अनुमोदन किया गया।&amp;nbsp; &amp;nbsp;3. मंत्रिपरिषद द्वारा अपारम्परिक ऊर्जा स्त्रोतों पर आधारित संयंत्रों व परियोजनाओं हेतु अनुदान की दरों का निर्धारण किए जाने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई। &amp;nbsp; क्रेडा द्वारा सोलर हाईमास्ट संयंत्र वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए 01 लाख 50 हजार रूपए का राज्य अनुदान तथा वर्ष 2026-27 एवं आगामी वर्षों के लिए निविदा दर का 30 प्रतिशत अथवा 01 लाख 50 हजार रूपए जो भी कम हो, प्रस्तावित किया गया है। इसी तरह घरेलू बॉयो गैस संयंत्र न्यूनतम 2 से 6 घन मीटर के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 9 हजार रूपए प्रति संयंत्र तथा वर्ष 2026-27 एवं आगामी वर्षों के लिए 9 हजार रूपए प्रति संयंत्र सभी क्षमताओं के लिए प्रस्तावित किया गया है। &amp;nbsp;&amp;nbsp;4. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे पंजीयन पर प्रभार्य उपकर शुल्क समाप्त हो जाएगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्त पोषण के सम्पत्ति के अंतरण पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया गया था। वर्तमान में राजीव गांधी मितान क्लब योजना संचालित नहीं है, इस कारण पंजीयन पर अतिरिक्त उपकर शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। &amp;nbsp;&amp;nbsp;5. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।&amp;nbsp; 6. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।&amp;nbsp;&amp;nbsp; 7. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के विभिन्न कार्यालयों में तकनीकी और गैर तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के नियुक्तियों के लिए उम्मीदवारों के चयन और परीक्षा आयोजित करने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल का गठन किया जाएगा। &amp;nbsp;&amp;nbsp; 8. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य लोक परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को कायम करना है। &amp;nbsp;&amp;nbsp;9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 एवं 59 में संशोधन विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। &amp;nbsp;&amp;nbsp;10. मंत्रिपरिषद द्वारा जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया गया। इस भूमि पर अत्याधुनिक खेल मैदान क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा।</description ></item><item><title>सरकारी अफसर की पत्नी से रेप,स्वर्णभूमि निवासी कारोबारी गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/सरकारी-अफसर-की-पत्नी-से-रेप,स्वर्णभूमि/76277</link><description>&amp;nbsp;रायपुर-राजधानी रायपुर में सरकारी अफसर की पत्नी से रेप हुआ है। स्वर्णभूमि सोसायटी में रहने वाले कारोबारी गोपाल गोयल ने 8 मार्च को महिला को बंधक बनाया, उससे दुष्कर्म किया।किसी तरह महिला वहां से बचकर निकली और थाने में शिकायत दर्ज कराई। 10 मार्च को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। आरोपी गोपाल गोयल सेकेंड हैंड गाडिय़ों का व्यापार करता है।सरकारी अफसर की पत्नी ने थाने में बयान दर्ज कराया जिसके मुताबिक, 8 मार्च को आरोपी ने उसे अपने कब्जे में लेकर बंधक बना लिया था। उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। घटना के बाद किसी तरह वह आरोपी के चंगुल से निकलकर थाने पहुंची। पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की। जांच के बाद सोसायटी में दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। सिविल लाइन थाना प्रभारी यमन देवांगन ने बताया कि, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की रेप से संबंधित धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी केस दर्ज किया गया है।घटना के बाद पीडि़ता का हेल्थ चेकअप कराया गया है। उसके बयान भी दर्ज किए गए हैं। इस मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पीडि़ता के बयान और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा से मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी की सौजन्य भेंट </title><link>https://cnin.co.in/राज्य-नीति-आयोग-के-उपाध्यक्ष-गणेश-शंकर/76276</link><description>&amp;nbsp;0-विजन-2047 को लेकर विकास रणनीतियों पर हुई विस्तृत चर्चा&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री के सलाहकार (योजना, नीति, कृषि एवं ग्रामीण विकास) डॉ. धीरेंद्र तिवारी ने आज छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश के समग्र और दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए विजन-2047 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की विकास रणनीतियों और भावी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। मुलाकात के दौरान राज्य के आर्थिक विकास, सामाजिक सशक्तिकरण, कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। दोनों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रदेश के विकास के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, संसाधनों का बेहतर उपयोग तथा नीति निर्माण में दूरदर्शी दृष्टिकोण आवश्यक है। चर्चा के दौरान प्रदेश में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने, तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने के विषयों पर भी सकारात्मक संवाद हुआ। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन और उनके लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रशासनिक समन्वय को और मजबूत बनाने पर भी सहमति व्यक्त की गई। डॉ. तिवारी ने कहा कि विजन-2047 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी दृष्टि से सशक्त एवं आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं श्री मिश्रा ने भी राज्य के विकास को गति देने के लिए नीति आयोग की ओर से हर संभव सहयोग और समन्वय का भरोसा दिलाया। दोनों के बीच हुई इस मुलाकात में प्रदेश के समावेशी, सतत और संतुलित विकास के लिए मिलकर कार्य करने तथा भविष्य की योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://cnin.co.in/ग्रामीण-विकास-में-सरपंचों-की-है-महत्वपूर्ण/76275</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-मुख्यमंत्री से जशपुर जिले के सरपंचों ने की मुलाकात &amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय के सभा कक्ष में जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री श्री साय ने बड़ी आत्मीयता से सरपंचों से भेंट कर उनके क्षेत्र की स्थिति तथा विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं पंच के रूप में जनसेवा का कार्य प्रारंभ किया था। पंच रहने के बाद वे सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में भी जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो, तो वह अपने क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर होती है। &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि समर्पित नेतृत्व और योजना के सही क्रियान्वयन &amp;nbsp;से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पंचायत क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को देखकर सीखना और उन्हें अपने गांवों में लागू करना है। उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल आज विधानसभा की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचा था। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा तथा धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का अवलोकन भी करेगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आत्मनिर्भरता का आधार, लाभान्वित महिलाओं ने मुख्यमंत्री साय को कहा धन्यवाद</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-बनी-महिलाओं-की/76274</link><description>रायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को बस्तर में आयोजित वृहद महतारी वंदन कार्यक्रम के दौरान श्रीमती अनीता साहू और श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से वर्चुअल संवाद कर महतारी वंदन योजना से अपने जीवन में आए बदलाव के बारे में बताया और इसके लिए उनका आभार व्यक्त किया।गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला विकासखण्ड के ग्राम खोडरी की श्रीमती अनीता साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई कार्य शुरू किया। पहले उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, क्योंकि उनके पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी उन्हें ही उठानी पड़ती थी। अब खेती, मजदूरी और सिलाई कार्य से आय के साथ उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। उन्होंने “अनीता सिलाई सेंटर” के नाम से उद्यम पंजीयन भी कराया है और महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण भी प्राप्त किया है।इसी तरह मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के सहयोग से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया। अब वे आत्मसम्मान के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं।दोनों महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक संबल देने के साथ आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।</description ></item><item><title>किसानों के सम्मान और पारदर्शी डिजिटल प्रणाली से सफल हुआ धान खरीदी का महाअभियान: खाद्य मंत्री बघेल</title><link>https://cnin.co.in/किसानों-के-सम्मान-और-पारदर्शी-डिजिटल/76273</link><description>00 सुखद 3.5 प्रतिशत पर नियंत्रित00 विगत तीन वर्षों में 437 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर छत्तीसगढ़ ने रचा नया कीर्तिमान00 छत्तीसगढ़ का साय मॉडल: धान खरीदी और किसान खुशहाली में बना देश का नंबर-1 राज्य00 धान का कटोरा बना न्याय का कटोरा, खेती- किसानी को लाभदायक बनाने वाला पहला प्रदेशरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, भारत के कृषि परिदृश्य में एक शक्तिशाली राज्य के रूप में उभरा है, जहाँ धान खरीदी और किसान कल्याण की योजनाओं ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। विगत तीन वर्षों के धान खरीदी के आंकड़ों के अनुसार, राज्य ने न केवल धान खरीदी के अपने पिछले रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का देश में सबसे अधिक मूल्य सुनिश्चित कर एक मिसाल पेश की है। खरीफ सीजन 2025-26 में 142 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी को मिलाते हुए पिछले तीन खरीफ सीजन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिससे किसानों के खाते में लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान हुआ है। उक्त बातें खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में सदन की कार्यवाही के दौरान कहीं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का ‘‘साय मॉडल’’ धान खरीदी और किसान खुशहाली में देश का नंबर-1 राज्य है। अब छत्तीसगढ़ धान का कटोरा के साथ-साथ न्याय का कटोरा के रूप में स्थापित हो रहा है। खाद्य मंत्री ने कहा कि यह बताने में उन्हें कोई हर्ज नहीं है कि अब छत्तीसगढ़ अन्नदाताओं को फसल का वाजिब कीमत देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। बघेल ने कहा कि राज्य सरकार फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसे फसलों को भी कृषक उन्नति योजना में शामिल किया गया है। कृषक उन्नति योजना के लिए इस बजट में 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 25.49 लाख किसानों से 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी। जिनका निराकरण लगभग पूर्णतः की ओर है। वर्तमान में संग्रहण केन्द्रों में 1.60 लाख टन धान और 67 हजार टन उपार्जन केन्द्र में शेष है, जो कुल खरीदी का 3 प्रतिशत से भी कम है। केन्द्र सरकार द्वारा धान निराकरण की समयावधि 30 अप्रैल 2026 तक निर्धारित की गई है। धान निराकरण का कार्य जारी है। चालू खरीफ सीजन 2025-26 में 25.24 लाख से अधिक किसानों से पारदर्शिता के साथ 142 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। धान को उचित सुरक्षा एवं रख-रखाव के साथ संग्रहित रखा गया है।खाद्य मंत्री श्री बघेल ने बताया कि पूर्व वर्षों में संग्रहण केन्द्रों में खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में 1.86 प्रतिशत, 2019-20 में 6.32 प्रतिशत, 2020-21 में 4.17 प्रतिशत एवं 2021-22 में 2.78 प्रतिशत सुखद आया है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में संग्रहण केन्द्रों में भंडारित धान के रख-रखाव हेतु समुचित व्यवस्था, कैप कव्हर, किट नाशक आदि सुरक्षा व्यवस्था विपणन संघ द्वारा किया गया है। वर्ष 2024-25 में संचालित 2739 उपार्जन केन्द्रों में से 2728 उपार्जन केन्द्रों का मिलान कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 11 उपार्जन केन्द्रों में मिलान का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में धान सुखद 6.32 प्रतिशत पहुंच गई थी, जो घटकर 3.52 प्रतिशत पर नियंत्रित है।मंत्री श्री बघेल ने कहा कि वर्ष 2025-26 में 25.24 लाख किसानों से लगभग 142 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई, जिसमें 33 हजार 431 करोड़ रूपए समर्थन मूल्य के रूप में और कृषक उन्नति योजना के तहत होली तिहार के पहले 10 हजार 324 करोड़ रूपए की अंतर की राशि एकमुश्त अंतरित कर प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के वायदे को पूरा करने का काम किया है। खेती को आधुनिक और लाभप्रद बनाने के लिए सरकार केवल खरीदी तक सीमित नहीं रही है। उर्वरक प्रबंधन के क्षेत्र में भी राज्य ने अपनी योजनाबद्ध रणनीति से यूरिया और डीएपी जैसे खादों की उपलब्धता सुनिश्चित की है। साथ ही, सौर सुजला योजना और धान-धान्य कृषि योजना जैसे कार्यक्रमों के जरिए दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर जैसे कम उत्पादकता वाले क्षेत्रों में भी किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह डिजिटल और समयबद्ध प्रणाली बिचौलियों के खात्मे और अवैध धान परिवहन पर रोक लगाने में बेहद कारगर साबित हुई है। उच्च स्तर से सीधी निगरानी और शून्य भ्रष्टाचार की नीति ने राज्य को कृषि क्षेत्र में एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया है। यह सफलता दर्शाती है कि यदि नीतियां स्पष्ट हों और क्रियान्वयन पारदर्शी, तो खेती को वास्तव में एक फायदे का सौदा बनाया जा सकता है।</description ></item><item><title>बलरामपुर में 2 एकड़ से अधिक भूमि में अफीम की अवैध खेती पर प्रशासन-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई</title><link>https://cnin.co.in/बलरामपुर-में-2-एकड़-से-अधिक-भूमि-में-अफीम-की/76272</link><description>रायपुर। बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत त्रिपुरी के सरना टोली क्षेत्र में मुखबिर के द्वारा अफीम की संभावित खेती की सूचना प्राप्त होने पर कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक श्री बैंकर वैभव के मार्गदर्शन में प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल मौके पर पहुंची। जांच के दौरान प्रथम दृष्टिया पाया गया कि लगभग 2 एकड़ से अधिक की भूमि पर अफीम की अवैध खेती की जा रही थी। टीम के द्वारा संबंधित क्षेत्र को अभिरक्षा में लेकर आवश्यक जांच प्रारंभ की गई। साथ ही संबंधित एजेन्सी को सूचना दी गई है, प्रशासनिक टीम भी मौके पर मौजूद है। शाम होने के कारण कल सुबह वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।&amp;nbsp;सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए पुलिस की रात्रिकालीन निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। जिला प्रशासन द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए एनडीपीएस एक्ट तथा एसएसएल की टीम, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम की उपस्थिति में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।</description ></item><item><title>दुर्घटनाओं को रोकने ब्लैक-स्पॉट्स की वैज्ञानिक तरीके से पहचान और समयबद्ध सुधारात्मक उपाय लागू करना प्रभावी रणनीति</title><link>https://cnin.co.in/दुर्घटनाओं-को-रोकने-ब्लैक-स्पॉट्स-की/76271</link><description>00 सड़क सुरक्षा प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन00 इंजीनियरिंग सुधार और जन-जागरूकता से थमेंगे सड़क हादसे : प्रदीप कुमाररायपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए आज 'सड़क सुरक्षा प्रबंधन' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी।कार्यशाला को संबोधित करते हुए एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोड इंजीनियरिंग में सुधार, नियमों का कड़ाई से पालन और जन-जागरूकता का समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने पर जोर दिया।&amp;nbsp;कार्यशाला के तकनीकी सत्र में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ श्री विक्रम तुशिर ने जंक्शन सुधार, ब्लैक-स्पॉट की पहचान, ट्रैफिक साइन, रोड मार्किंग और सेफ्टी ऑडिट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि केवल बेहतर इंजीनियरिंग और सही साइनेज के माध्यम से ही सड़क दुर्घटनाओं को 80 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। ब्लैक-स्पॉट्स की वैज्ञानिक तरीके से पहचान करना और वहां समयबद्ध सुधारात्मक उपाय लागू करना सबसे प्रभावी रणनीति है। उन्होंने बताया कि सड़क डिजाइन में छोटे-छोटे तकनीकी सुधार भी बड़े हादसों को रोकने में सक्षम हैं, जिससे राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को नया आयाम दिया जा सकता है।कार्यशाला में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ईई श्री रणबीर यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। एनएचएआई की विभिन्न परियोजना कार्यान्वयन इकाईयों के परियोजना निदेशक सर्वश्री डीडी पार्लावर (कोरबा), मुकेश कुमार (बिलासपुर), शमशेर सिंह (अभनपुर) और दिग्विजय सिंह (रायपुर) सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यशाला में मौजूद थे।</description ></item><item><title>महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए महिला कोष की योजनाओं का विस्तार जरूरी : राजवाड़े</title><link>https://cnin.co.in/महिलाओं-को-आर्थिक-रूप-से-स्वावलंबी-बनाने-के/76270</link><description>रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रोजगार और स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं और महिला कोष की योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि वे इसका लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन सकें। मंत्री श्रीमती राजवाड़े अटल नगर, नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में छत्तीसगढ़ महिला कोष के शासी बोर्ड एवं आमसभा की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में महिला कोष की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 में ऋण योजना के तहत 1500 महिला स्व-सहायता समूहों को 30 करोड़ रुपये तथा सक्षम योजना के तहत 1000 पात्र महिलाओं को 14 करोड़ रुपये के ऋण वितरण की साख योजना के कार्योत्तर अनुमोदन एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। साथ ही सक्षम योजना, ऋण योजना और स्वावलंबन योजना के लक्ष्यों एवं उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई।बैठक में यह जानकारी दी गई कि महिला स्व-सहायता समूहों को वर्तमान में द्वितीय बार अधिकतम 6 लाख रुपये तक ऋण दिए जाने का प्रावधान है। इसी प्रकार सक्षम योजना के अंतर्गत महिलाओं को अधिकतम 2 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इन प्रावधानों में आवश्यकता अनुसार संशोधन किए जाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।सितंबर 2025 की स्थिति में जिलों में कुल 8 लाख 2 हजार 843 रुपये की राशि ब्याज के रूप में जमा होने की जानकारी दी गई, जिसका उपयोग महिला कोष के सॉफ्टवेयर निर्माण के लिए किए जाने पर विचार किया गया। बैठक में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को भी पात्रता के आधार पर सक्षम योजना से लाभान्वित करने तथा योजना में महिलाओं की आयु सीमा 25 से 50 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक श्रीमती शम्मी आबिदी ने बताया कि महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ महिला कोष का गठन किया गया है। इसके तहत महिलाओं को मात्र 3 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय प्रारंभ कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।बैठक में महिला एवं बाल विकास, वाणिज्य एवं उद्योग, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, समाज कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ग्रामोद्योग, कृषि, नगरीय प्रशासन, वन तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों के साथ ही नेहरू युवा केन्द्र, नाबार्ड, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक तथा यूनिसेफ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।</description ></item><item><title>ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/ग्रामीण-विकास-में-सरपंचों-की-है-महत्वपूर्ण/76269</link><description>00 मुख्यमंत्री से जशपुर जिले के सरपंचों ने की मुलाकातरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय के सभा कक्ष में जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री श्री साय ने बड़ी आत्मीयता से सरपंचों से भेंट कर उनके क्षेत्र की स्थिति तथा विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं पंच के रूप में जनसेवा का कार्य प्रारंभ किया था। पंच रहने के बाद वे सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में भी जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो, तो वह अपने क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर होती है।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि समर्पित नेतृत्व और योजना के सही क्रियान्वयन से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पंचायत क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को देखकर सीखना और उन्हें अपने गांवों में लागू करना है।उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल आज विधानसभा की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचा था। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा तथा धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का अवलोकन भी करेगा। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, श्रीमती रायमुनि भगत सहित जशपुर जिले से आए सरपंचगण उपस्थित थे।</description ></item><item><title>कैबिनेट की बैठक प्रारंभ</title><link>https://cnin.co.in/कैबिनेट-की-बैठक-प्रारंभ/76268</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक प्रारंभ हो गई है। बैठक में सभी मंत्री व वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल हैं। बजट सत्र के बीच आहूत बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो रही है।</description ></item><item><title>अफीम की खेती का एक और मामला उजागर,पुलिस की तगड़ी कार्रवाई</title><link>https://cnin.co.in/अफीम-की-खेती-का-एक-और-मामला-उजागर,पुलिस-की/76267</link><description>बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में एक और जगह पर अफीम की खेती का मामला उजागर हुआ है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत त्रिपुरी के सरनाटोली इलाके में गांव से दूर जंगल किनारे करीब 5 एकड़ जमीन पर अफीम की फसल उगाई जा रही थी। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर फसल को जब्त करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।मिली जानकारी के अनुसार खेत में अफीम की फसल पूरी तरह तैयार थी और डोडों में चीरा भी लगाया जा चुका था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि जल्द ही अफीम निकालने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में सूखे डोडे भी बरामद किए हैं, जिनमें खसखस भरे हुए पाए गए।सूचना मिलने के बाद मंगलवार को कुसमी एसडीओपी आशीष कुंजाम के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और अवैध खेती के खिलाफ कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर अफीम की खेती की जा रही थी वह झारखंड सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें खेत में अफीम की फसल होने की जानकारी तो थी, लेकिन यह अवैध खेती है इसकी जानकारी नहीं थी। हाल ही में दुर्ग जिले में हुई इसी तरह की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दी।पुलिस को आशंका है कि ग्रामीणों की जमीन को किराये पर लेकर बाहरी लोगों द्वारा इस अवैध खेती को अंजाम दिया जा रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और इसमें शामिल लोगों की तलाश तेज कर दी गई है।</description ></item><item><title>फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री को मिला आमंत्रण</title><link>https://cnin.co.in/फुले-नकुल-अम्बेडकर-जयंती-मेला-महोत्सव-के-लिए/76266</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में सर्व अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अन्य पिछड़ा समाज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को 14 अप्रैल को महासमुंद जिले के बसना में आयोजित होने वाले फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती के अवसर पर आयोजित ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।</description ></item><item><title>जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की गई कार्रवाई, ग्राम समोदा में हटाई गई अवैध कब्जा  </title><link>https://cnin.co.in/जिला-प्रशासन-द्वारा-अतिक्रमण-हटाने-की-गई/76265</link><description>दुर्ग। जिले के जनपद पंचायत दुर्ग के अतंर्गत ग्राम समोदा में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई, अवैध कब्जों पर जेसीबी के माध्यम से शासकीय भूमि रिक्त कराई गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती क्षमा यदु द्वारा राजस्व अमले और पुलिस विभाग के सहयोग से ग्राम समोदा राजस्व निरीक्षक मंडल जेवरा सिरसा तहसील व जिला दुर्ग के अतंर्गत शासकीय घास भूमि खसरा नम्बर 778 रकबा 0.13 हेक्टेयर भूमि पर किये गये अवैध पक्का दुकान निर्माण, टीन सेड लगाकर दुकान निर्माण तथा सीमेंट पोल लगाकर किया गया तार घेरा को हटाने की कार्रवाई की गई।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>इंद्रावती नदी पर बैराज की स्वीकृति पर जगदलपुर नगर निगम के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का जताया आभार</title><link>https://cnin.co.in/इंद्रावती-नदी-पर-बैराज-की-स्वीकृति-पर/76264</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहाँ विधानसभा भवन स्थित उनके कार्यालय में जगदलपुर के महापौर श्री संजय पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने इंद्रावती नदी पर नए बैराज निर्माण की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस नए बैराज के माध्यम से जगदलपुर शहर में पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से हो पाएगी।&amp;nbsp;इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। क्षेत्र में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और धीरे-धीरे शांति स्थापित हो रही है, जिससे विकास कार्यों को गति मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी दिशा में मटनार और देऊरगांव सिंचाई परियोजनाओं को भी सहमति दी गई है। उन्होंने बताया कि पानी के कम अपव्यय और किसानों तक बेहतर ढंग से पानी पहुंचाने के लिए सरकार पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर भी कार्य कर रही है।उल्लेखनीय है कि बजट में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से इंद्रावती नदी के महादेव घाट पर बैराज निर्माण की घोषणा की गई है। इस बैराज के निर्माण से जगदलपुर शहर को पेयजल की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर नगर निगम के सभापति श्री खेम सिंह देवांगन, श्री निर्मल पाणिग्रही, श्री सुरेश गुप्ता, श्री योगेन्द्र पाण्डेय, श्री राणा घोष सहित प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।</description ></item><item><title>अर्शदीप पर लगा मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना</title><link>https://cnin.co.in/अर्शदीप-पर-लगा-मैच-फीस-का-15-प्रतिशत-जुर्माना/76263</link><description>&amp;nbsp;नई दिल्ली। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर आईसीसी का हंटर चला है। टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल मैच में कीवी बैटर डैरिल मिचेल की ओर आक्रामक अंदाज में गेंद फेंकी थी, जिसके बाद मैदान पर कुछ पल के लिए माहौल गरमा गया था। अब अर्शदीप सिंह को उस हरकत की वजह से आईसीसी ने उन पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। दरअसल, अर्शदीप सिंह को आईसीसी के खिलाडिय़ों और सपोर्ट स्टाफ के लिए कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.9 को तोडऩे का दोषी पाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी या उसके पास और या खतरनाक तरीके से गेंद (या क्रिकेट का कोई और सामन) फेंकने से जुड़ा है। जुर्माना के अलावा अर्शदीप के अनुशासनात्म रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया। ऐसा इसलिए क्योंकि ये पिछले 24 महीनों में उनका पहला अपराध रहा। बता दें कि अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 8 मार्च को टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम किया।</description ></item><item><title>राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद मुख्य जिला मार्ग के लिए 153.82 करोड़ स्वीकृत</title><link>https://cnin.co.in/राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद-मुख्य-जिला-मार्ग/76262</link><description>00 35.5 किमी सड़क का होगा मजबूतीकरण एवं उन्नयन00 सड़क व पुल-पुलिया निर्माण के लिए 139.49 करोड़ तथा भू-अर्जन एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 14.34 करोड़ मंजूररायपुर। राज्य शासन ने गरियाबंद जिले में मुख्य जिला मार्ग राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद के मजबूतीकरण और उन्नयन के लिए 153 करोड़ 82 लाख 34 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से 35.5 किमी सड़क का मजबूतीकरण और उन्नयन किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क व पुल-पुलिया निर्माण के लिए 139 करोड़ 48 लाख 72 हजार रुपए तथा भू-अर्जन एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 14 करोड़ 33 लाख 62 हजार रुपए मंजूर किए हैं। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा इस साल 1 जनवरी को केन्द्रीय सड़क निधि योजनांतर्गत इस सड़क के मजबूतीकरण एवं उन्नयन की स्वीकृति प्रदान की गई थी।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से आज राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।</description ></item><item><title>देश के करीब 9.32 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार 650 करोड़ से अधिक की राशि का होगा 13 को अंतरण</title><link>https://cnin.co.in/देश-के-करीब-9.32-करोड़-किसानों-के-खातों-में-18/76261</link><description>00 पीएम किसान उत्सव दिवस में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 127544 किसान होंगे लाभान्वितरायपुर। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22 वीं किस्त की राशि का अंतरण 13 मार्च, 2026 को सायं 5 बजे गुवाहाटी, (असम)से की जाएगी। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत देश के करीब 9.32 करोड़ किसानों के खातों में 18 हज़ार 650 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जाएगी। वहीं बलौदाबाजार जिले में एक लाख 27 हजार 544 पात्र किसानों को इस योजना का लाभ प्राप्त होगा। जिले में इस दिन को पीएम किसान उत्सव दिवस के रूप में मनाया जाएगा।पी एम किसान उत्सव के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में किसान बैठकों का आयोजन किया जाएगा और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी कराया जाएगा, ताकि किसान सीधे इस कार्यक्रम से जुड़ सकें। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शी व्यवस्था है। योजना के तहत राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाती है। इस राशि का उपयोग किसान अपनी खेती की आवश्यकताओं जैसे बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों में कर सकते हैं, जिससे खेती का खर्च कम होने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 12 से 31 मार्च तक ग्राम पंचायत स्तर पर सेचुरेशन ड्राइव का आयोजन किया जाएगा जिसमें किसानों के एग्रीस्टेक पोर्टल में फार्मर आईडी पंजीयन, ई-केवायसी, आधार सीडिंग, संदिग्ध प्रकरणों का सत्यापन एवं सुधार कार्य तथा पात्र किसानों का नवीन पंजीयन किया जाएगा।</description ></item><item><title>विधानसभा में उठा नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन देने का मुद्दा</title><link>https://cnin.co.in/विधानसभा-में-उठा-नेशनल-हेराल्ड-को-विज्ञापन/76260</link><description>रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को राज्य में पिछले वर्षों के दौरान कुछ पत्र-पत्रिकाओं को दिए गए सरकारी विज्ञापनों का मुद्दा उठा। इस दौरान सरकार से नेशनल हेराल्ड, संडे नवजीवन और नवसृजन मैगज़ीन को दिए गए विज्ञापन और उनकी राशि से जुड़ी जानकारी मांगी गई। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने सवाल किया कि वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच जनसंपर्क विभाग ने इन प्रकाशनों को विज्ञापन मद में कितनी राशि जारी की, इनके कार्यालय कहां स्थित हैं और ये किस स्थान से संचालित होते हैं। इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवाब देते हुए बताया कि नेशनल हेराल्ड को पिछले पांच वर्षों में कुल 4 करोड़ 24 लाख रुपये के विज्ञापन दिए गए। सालवार जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 2019-20 में 34 लाख, 2020-21 में 58 लाख, 2021-22 में 68 लाख, 2022-23 में 1.28 करोड़ और 2023-24 में 1.36 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं 2024-25 और 2025-26 में कोई भुगतान नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इसी अवधि में नवसृजन मैगज़ीन को कोई विज्ञापन राशि नहीं दी गई, जबकि संडे नवजीवन को करीब 3 करोड़ 6 लाख रुपये के विज्ञापन जारी किए गए। उन्होंने जानकारी दी कि नेशनल हेराल्ड के प्रबंधकर्ता पवन बंसल हैं।पूरक प्रश्न के दौरान सुशांत ने यह भी पूछा गया कि क्या किसी राजनीतिक विचारधारा से जुड़े प्रकाशनों को सरकारी विज्ञापन दिया जा सकता है और क्या इस मामले में जांच की जाएगी। इस पर मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि विज्ञापन प्रति पृष्ठ 8 लाख रुपये की दर से दिए गए हैं और यह पूरी प्रक्रिया विज्ञापन नियमावली 2019 के प्रावधानों के तहत की गई है।</description ></item><item><title>विस में मंत्री ने बताए चौंकाने वाले आंकड़े, छत्तीसगढ़ में तीन साल में 9 बाघ और 38 हाथियों की हुई मौत</title><link>https://cnin.co.in/विस-में-मंत्री-ने-बताए-चौंकाने-वाले-आंकड़े,/76259</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य में वन्यजीवों की मौत का मुद्दा सदन में उठा। कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बीते तीन वर्षों में प्रदेश में 9 बाघ और 38 हाथियों की मौत हुई है। इसके अलावा 562 वन्यजीवों की अस्वाभाविक मौत के मामले भी सामने आए हैं।बजट सत्र के सातवें दिन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने राज्य में बाघ, हाथी और अन्य वन्यजीवों की मौत से जुड़ी जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में वन मंत्री केदार कश्यप ने सदन में विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए। मंत्री ने बताया कि बीते तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में कुल 38 हाथियों की मौत दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में बलरामपुर और धरमजयगढ़ में एक-एक हाथी की मौत हुई। वर्ष 2024 में 18 हाथियों की मौत हुई, जिनमें रायगढ़ में 4, कोरबा में 1, बलरामपुर में 3, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में 1, सूरजपुर में 3, धमतरी में 1, बिलासपुर में 1, धरमजयगढ़ में 3 और सरगुजा एलीफेंट रिजर्व में 1 हाथी शामिल है।मंत्री के अनुसार वर्ष 2025 में 16 हाथियों की मौत हुई, जिनमें रायगढ़ वन मंडल में 7, धरमजयगढ़ में 4, कोरबा में 2, बलरामपुर, सूरजपुर और कटघोरा में एक-एक हाथी की मौत दर्ज की गई। वहीं वर्ष 2026 में अब तक दो हाथियों की मौत हो चुकी है। इनमें एक उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और एक रायगढ़ वन मंडल में दर्ज की गई है।</description ></item><item><title>लोधेश्वरधाम में होली मिलन संपन्न, खेली फूलो की होली</title><link>https://cnin.co.in/लोधेश्वरधाम-में-होली-मिलन-संपन्न,-खेली-फूलो/76258</link><description>00 लोधी समाज द्वारा पानी बचाने का लिया संकल्परायपुर। लोधी समाज के पदाधिकारीगण एवं सदस्यगण सहित स्वजातीय बंधूओ ने जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कुम्हारी टोल प्लाजा के पास स्थित लोधेश्वरधाम में फूलों की होली खेली। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी माता एवं बहनों का पुष्पगुच्छ व बतासा माला भेंट कर स्वागत किया गया। साथ ही समाज के वयोवृद्ध एवं संरक्षकगणो का माथे पर गुलाल का तिलक लगाकर एवं बतासा माला, फुलमाला भी भेंट किया गपा। इस अवसर पर सामाजिक बैठक भी संपन्न हुई, जिनमें आगामी वार्षिक कैलेंडर के अलावा लोधेश्वरधाम के उत्थान और विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>भाठागांव के शंकरा विहार में अवैध प्लाटिंग पर चला निगम का बुलडोजर</title><link>https://cnin.co.in/भाठागांव-के-शंकरा-विहार-में-अवैध-प्लाटिंग-पर/76257</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0- एफआईआर दर्ज कराने की चल रही तैयारी&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर। भाठागांव इलाके में अवैध प्लाटिंग करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ नगर निगम ने बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की। निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नर हितेंद्र यादव के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।जिस अवैध प्लाटिंग पर निगम का बुलडोजर चला है, उसका नाम शंकरा विहार बताया जा रहा है। निगम अधिकारियों के अनुसार प्लाटिंग करने वाले आरोपियों के नाम भारत और कौशल हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक, शंकरा विहार में 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर अवैध प्लाटिंग की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद टीम मौके पर गई और जांच की। प्लाटिंग वाले इलाके में बनाई गई मुरुम जैसी सड़कें बुलडोजर से तोड़ दी गई। कार्रवाई जिस जमीन पर हुई, वह हल्का नंबर 105/60 के अंतर्गत आती है।इसमें खसरा नंबर 940/1, 940/2, 940/4, 940/8, 940/9, 940/10, 941/1, 941/2, 941/3, 944/1 और 944/2 शामिल हैं। इन जमीनों पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के प्लाटिंग कर सड़कों और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा था। निगम के अधिकारियों ने बताया कि भू-माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए तहसीलदार को पत्र लिखकर अधिकृत जानकारी मांगी है। जानकारी मिलने के बाद वैधानिक अनुमति लिए बिना प्लाटिंग कर सड़कों और अन्य संरचनाओं का निर्माण करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। जोन क्रमांक 6 के कमिश्नर हितेंद्र यादव ने बताया कि भाठागांव इलाके में शंकरा विहार के नाम से अवैध प्लाटिंग किए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत पर जांच की गई और बुलडोजर की कार्रवाई की गई है। मुरुम सड़क को काटा गया है। मामले में जांच की जा रही है।</description ></item><item><title>प्रोजेक्ट धड़कन से 11 वर्षीय पीहू को मिला नया जीवन, सफल ऑपरेशन के बाद अब स्वस्थ</title><link>https://cnin.co.in/प्रोजेक्ट-धड़कन-से-11-वर्षीय-पीहू-को-मिला-नया/76256</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन रायपुर की पहल प्रोजेक्ट धड़कन से संचालित स्वास्थ्य सेवाओं ने एक बार फिर एक बच्ची के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। छठवीं कक्षा में पढऩे वाली 11 वर्षीय पीहू कारके, जो हृदय संबंधी समस्या से जूझ रही थी, अब सफल उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रही है।पीहू के हृदय में समस्या होने के कारण उसे खेल-कूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई होती थी। इसी बीच जिला प्रशासन द्वारा पुलिस विभाग के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए आयोजित प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। इस शिविर में प्रोजेक्ट धड़कन की विशेषज्ञ टीम ने पीहू के हृदय की जांच की।प्रारंभिक जांच के बाद पीहू को आगे के उपचार के लिए सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर भेजा गया। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत जांच के बाद एक सप्ताह के भीतर उसका सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद पीहू को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आज पीहू पूरी तरह स्वस्थ है और पहले की तरह पढ़ाई-लिखाई में मन लगा रही है। साथ ही वह अपनी बहनों और दादी के साथ कैरम जैसे खेल भी आनंदपूर्वक खेल रही है।पीहू की माता श्रीमती इंद्राणी कारके ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन रायपुर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट धड़कन की मदद से उनकी बेटी का समय पर इलाज संभव हो सका और अब वह स्वस्थ जीवन जी पा रही है। यह पहल न केवल जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी नई उम्मीद और विश्वास का संचार कर रही है।</description ></item><item><title>नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण को मिलेगी नई रफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/नक्सल-प्रभावित-क्षेत्रों-में-सड़क-निर्माण/76255</link><description>रायपुर। केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फॉर लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म अफेक्टेड एरियाज तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की अवधि को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लंबित सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने में नई गति मिलेगी।केंद्र सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क संपर्क को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। योजनाओं के तहत पहले से स्वीकृत परियोजनाओं के शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक बेहतर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच आसान होती है और विकास की गति तेज होती है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की अवधि बढऩे से बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने में तेजी आएगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रशासनिक पहुंच भी मजबूत होगी। इससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।</description ></item><item><title>संत ज्ञानेश्वर स्कूल के चार बच्चों ने सीए फाउंडेशन किया क्लीयर</title><link>https://cnin.co.in/संत-ज्ञानेश्वर-स्कूल-के-चार-बच्चों-ने-सीए/76254</link><description>00 रुचिका व रुद्रप्रताप साहू पहले ही बारहवीं की प्रावीण्य सूची में बना चुके हैं स्थानरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल (एसडीवी) के पूर्व विद्यार्थियों रुचिका साहू, रुद्रप्रताप साहू, नमन विश्वकर्मा और नेहा साहू ने चार्टर्ड एकाउंटेट (सीए) फाउंडेशन की परीक्षा क्लीयर कर ली है। एसडीवी के इन पूर्व विद्याथियों को पहली बार एक साथ इतनी बड़ी कामयाबी मिली है। बताते चलें कि सीए फाउंडेशन एक्जाम क्लीयर करने वाले पूर्व छात्र-छात्राओं में से रुचिका साहू ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के साल 2024-25 शिक्षा सत्र में बारहवीं की प्रावीण्य सूची में सातवां और रुद्रप्रताप साहू ने नौंवा स्थान हासिल किया था। वहीं नेहा साहू मेरिट लिस्ट में स्थान पाने से महज एक अंक से और नमन विश्वकर्मा छह अंकों से चूक गए थे।महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले और एसडीवी के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने रुचिका, रुद्रप्रताप, नमन और नेहा को इस बड़ी उपलब्धिपूर्ण सफलता पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। काले ने कहा कि भविष्य में ये बच्चे न केवल अपने भविष्य को बेहतर तरीके से गढ़ेंगे, बल्कि अपने साथियों का भी मार्गदर्शन किया है। प्राचार्य गोवर्धन ने कहा कि सीए फाउंडेशन क्लीयर करने वाले बच्चों ने एक बार फिर अपनी बुद्धिमत्ता साबित की है। चारों बच्चे भविष्य में न सिर्फ अपने परिवार का बल्कि अपनी स्कूल और शहर का नाम भी रोशन करेंगे। इन्हें बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।</description ></item><item><title>पानी बचाओ अभियान में सक्रिय सहभागिता निभा रही महिला जल वाहिनी</title><link>https://cnin.co.in/पानी-बचाओ-अभियान-में-सक्रिय-सहभागिता-निभा/76253</link><description>जगदलपुर। भविष्य में जल संकट की चुनौती को ध्यान में रखते हुए पानी बचाओ अभियान में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से महिला जल वाहिनी की सदस्य महिलाएं गांव-गांव में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और पानी के समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।&amp;nbsp;इसी कड़ी में जिले के दरभा विकासखंड अंतर्गत तीरथगढ़ और बकावंड विकासखंड अंतर्गत धोबीगुड़ा के महिला जल वाहिनी की सदस्य महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों को पानी की महत्ता समझाते हुए उन्हें जल के संरक्षण और सदुपयोग के लिए प्रेरित कर रही हैं। वे घर-घर जाकर लोगों को यह बता रही हैं कि यदि आज पानी को बचाने के लिए प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढिय़ों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही महिलाएं जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल व्यवस्था की निगरानी भी कर रही हैं। जल स्रोतों की साफ-सफाई, पाइपलाइन की स्थिति तथा जल की गुणवत्ता की जांच जैसे कार्यों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।तीरथगढ़ महिला जल वाहिनी की अध्यक्ष सुषमा ठाकुर ने बताया कि महिला जल वाहिनी से जुड़ी महिलाएं लोगों को यह भी समझा रही हैं कि दैनिक जीवन में पानी का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए। छोटी-छोटी सावधानियां जैसे अनावश्यक पानी का बहाव रोकना, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और जल स्रोतों की सुरक्षा करना भविष्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। वहीं धोबीगुड़ा महिला जल वाहिनी की अध्यक्ष चंद्रप्रभा सेठिया बताती हैं कि अब गांव में पानी के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की इस सक्रिय सहभागिता से पानी बचाओ अभियान को नई मजबूती मिल रही है। इस बारे में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की प्रचार-प्रसार समन्वयक ज्योत्सना सूना कहती हैं कि ग्रामीण इलाकों में महिला जल वाहिनी की यह पहल न केवल जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में महिलाओं की नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।</description ></item><item><title>अफीम की खेती के मुख्य आरोपी विनायक के भाई बृजेश की अवैध दुकान पर प्रशासन ने चलाया बुलडोजर</title><link>https://cnin.co.in/अफीम-की-खेती-के-मुख्य-आरोपी-विनायक-के-भाई/76252</link><description>दुर्ग। जेवरा-सिरसा चौकी क्षेत्र के ग्राम समोदा में अफीम की खेती के मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार के भाई बृजेश ताम्रकार की अवैध दुकान पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया दिया। तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस टीम की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। इससे पहले अफीम खेती मामले में पुलिस भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।</description ></item><item><title>कोल लेवी घोटाला : ईओडब्ल्यू ने सीए राकेश जैन के खिलाफ पेश किया 1100 पन्नो का चालान</title><link>https://cnin.co.in/कोल-लेवी-घोटाला-:-ईओडब्ल्यू-ने-सीए-राकेश-जैन/76251</link><description>रायपुर। कोल लेवी घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने सीए राकेश जैन उर्फ आरके जैन के खिलाफ 1100 पन्नो का चालान मंगलवार को पेश कोर्ट में पेश किया। चालान में जैन पर सिंडिकेट के लिए काली कमाई को नगदी में कन्वर्ड करके देने का आरोप है। फिलहाल जैन न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद है।</description ></item><item><title>ईरान-इजरायल युद्ध के बीच दिल्ली के छत्तीसगढ़ भवन में लाइजनिंग अफसर की तैनाती,जरूरत पडऩे पर लोगों को मिलेगी मदद </title><link>https://cnin.co.in/ईरान-इजरायल-युद्ध-के-बीच-दिल्ली-के-छत्तीसगढ़/76250</link><description>रायपुर। ईरान-इजरायल युद्ध के बीच पश्चिम एशिया में रह रहे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की मदद के लिए राज्य सरकार ने नई दिल्ली में विशेष व्यवस्था की है। इनकी सहायता समन्वय के लिए सुश्री लेखा अजगल्ले को छत्तीसगढ़ भवन दिल्ली में नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना से संवर रहा बेटियों का भविष्य, नीतू बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-से-संवर-रहा-बेटियों-का/76249</link><description>धमतरी। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे इस राशि का उपयोग अपने परिवार और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने में भी कर रही हैं। धमतरी जिले के ग्राम श्यामतराई की निवासी श्रीमती नीतू साहू की कहानी इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि किस प्रकार एक छोटी आर्थिक सहायता भी परिवार की सोच और भविष्य की दिशा बदल सकती है।श्रीमती नीतू साहू का जीवन मजदूरी पर आधारित है। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उनकी सबसे बड़ी चिंता अपनी दोनों बेटियों—नित्या और जागृति—के भविष्य को सुरक्षित करना था। एक माँ होने के नाते उन्हें हमेशा इस बात की चिंता रहती थी कि बेटियों की पढ़ाई और आगे चलकर विवाह के लिए आर्थिक व्यवस्था कैसे होगी।इसी बीच छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई। योजना के अंतर्गत हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया। नीतू साहू ने इस राशि का समझदारी से उपयोग करते हुए अपनी दोनों बेटियों के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना के तहत पोस्ट ऑफिस भटगांव में खाते खुलवाए।पहले आर्थिक तंगी के कारण वे साल भर में मुश्किल से एक हजार रुपये ही जमा कर पाती थीं, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि की बदौलत वे हर महीने अपनी दोनों बेटियों के खातों में 500-500 रुपये नियमित रूप से जमा कर रही हैं। इस प्रकार हर वर्ष 6000 रुपये की बचत बेटियों के भविष्य के लिए सुरक्षित हो रही है। नीतू साहू का कहना है कि इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक सहारा दिया है, बल्कि भविष्य के प्रति भरोसा भी जगाया है। उन्हें विश्वास है कि जब उनकी बेटियाँ बड़ी होंगी, तब यह बचत उनकी शिक्षा और विवाह में महत्वपूर्ण सहारा बनेगी।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नीतू साहू से वर्चुअल संवाद भी किया। इस दौरान नीतू साहू ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना ने उनके जैसे हजारों परिवारों को नई उम्मीद दी है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। नीतू साहू की यह कहानी दर्शाती है कि यदि महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो वे सीमित संसाधनों में भी अपने परिवार और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकती हैं। महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में बदलाव लाकर उन्हें आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा दे रही है।</description ></item><item><title>धान खरीदी मामले में विपक्ष का विस में हंगामा, कांग्रेस के सभी विधायक निलंबित</title><link>https://cnin.co.in/धान-खरीदी-मामले-में-विपक्ष-का-विस-में-हंगामा,/76248</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 7वे दिन कांग्रेस के सभी विधायक को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक धान खरीदी मामले को लेकर विधानसभा के गर्भ गृह में जाकर नारेबाजी कर रहे थे। जिसके चलते उन्हें निलंबित किया गया।मंगलवार को धान खरीदी से जुड़ा मुद्दा गूंजा। चूहों द्वारा धान खाए जाने के मामले को लेकर विपक्ष ने ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव लाने की कोशिश की। जिसमें सदन में जोरदार हंगामा हो गया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा, जितने धान खाना बताया गया उसके लिए 60 करोड़ चूहे लगेंगे। इतने चूहे कहां से आए? क्या 22 लाख क्विंटल टन धान खा जायेंगे। उमेश पटेल ने कहा, कही ये चूहे मंत्रालय में तो नहीं बैठते है? राघवेंद्र सिंह ने कहा, धान खरीदी केंद्र में धान में नाम भूंसा भर दिया गया है। वहीं भूपेश बघेल ने कहा, मुस्वा को बदनाम किया जा रहा है। 4600 करोड़ के भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश हो रहीं है। आसंदी से स्थगन प्रस्ताव को स्वीकर कर चर्चा कराने का अनुरोध है। हालांकि सभापति ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। इसके बाद विपक्षी विधायकों ने सदन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और गर्भगृह तक पहुंच गए। इस दौरान मुस्वा को बदनाम करना बंद करो और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करो जैसे नारे लगाए गए। जिसके बाद सभी विपक्षी विधायक स्वत: निलंबित हो गए। इसके बाद उन्हें सदन छोड़कर बाहर जाने के निर्देश दिए गए।</description ></item><item><title>श्री शंकर हनुमान मंदिर समिति के रंगोत्सव में शामिल हुए अंजय शुक्ला</title><link>https://cnin.co.in/श्री-शंकर-हनुमान-मंदिर-समिति-के-रंगोत्सव-में/76247</link><description>रायपुर। श्री शंकर हनुमान मंदिर समिति शारदा चौक में विगत दिनों रंगोत्सव 2026 का भव्य आयोजन भक्ति और सौहार्द के पारिवारिक माहौल में मनाया गया जिसमें समिति के संस्थापक सदस्य अंजय शुक्ला भी शामिल हुए। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा श्री शुक्ला को आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्डÓ का उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर समिति के सदस्यों ने सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।</description ></item><item><title>कान्यकुब्ज ब्राम्हण समाज ने भाटापारा में किया अंजय शुक्ला का अभिनंदन</title><link>https://cnin.co.in/कान्यकुब्ज-ब्राम्हण-समाज-ने-भाटापारा-में/76246</link><description>भाटापारा। कान्यकुब्ज ब्राम्हण समाज भाटापारा द्वारा विगत दिवस होली मिलन के साथ महिलाओं व बालिकाओं का सम्मान समारोह रखा था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भाटापारा पहुंचे छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के प्रदेश संयोजक श्री अंजय शुक्ला का जोरदार स्वागत करते हुए समाज के लिए गौरव बताया और मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। सामाजिक सदस्यों ने श्री शुक्ला का स्वागत किया। इस मौके पर श्री शुक्ला ने कहा कि भाटापारा के लोगों का उन्हे हमेशा स्नेह व आर्शिवाद मिला है। कान्यकुब्ज ब्राम्हण समाज तो उनका अपना परिवार है।</description ></item><item><title>शासन की चिरायु दल के पहल पर जन्मजात फटे होंठ व तालु से विक्रम को मिली निजात</title><link>https://cnin.co.in/शासन-की-चिरायु-दल-के-पहल-पर-जन्मजात-फटे-होंठ-व/76245</link><description>जगदलपुर। बस्तर जिले के सुदूर वनांचल में बसे तारागांव के एक मजदूर परिवार में जन्मे विक्रम कश्यप उम्र 6वर्ष के लिए जीवन की शुरुआत संघर्षों भरी रही। जन्मजात कटे होंठ और तालु (क्लेफ्ट लिप एंड पेलेट) की समस्या के कारण न केवल उसे भोजन करने में कठिनाई होती थी, बल्कि उसकी बोलचाल भी अस्पष्ट थी। शारीरिक कष्ट से कहीं ज्यादा गहरा घाव गांव वालों की नजर और सहपाठियों के बीच होने वाली झिझक की हीन भावना से घिरा विक्रम अक्सर अपना मुंह छिपाए रखता था।विक्रम की बंद किस्मत का ताला तब खुला जब शासन का चिरायु दल आंगनवाड़ी जांच के लिए तारागांव पहुंचा। जांच के दौरान दल के सदस्यों ने न केवल विक्रम की स्थिति का सटीक निदान किया, बल्कि उसके पिता नरसिंग कश्यप को बेहतर उपचार का भरोसा भी दिलाया। शुरुआत में परिवार के मन में कई आशंकाएं थीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की संवेदनशीलता और निरंतर संवाद ने उन्हें ऑपरेशन के लिए राजी कर लिया। खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लोहण्डीगुड़ा जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र प्रबंधक एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जगदलपुर के कुशल मार्गदर्शन में विक्रम को बेहतर इलाज के लिए राजधानी रायपुर के मेडिशाइन अस्पताल ले जाया गया।रायपुर के अस्पताल में विशेषज्ञ शल्य चिकित्सकों की टीम ने विक्रम का सफल ऑपरेशन किया, जिसने उसके फटे होंठ और तालु को नया रूप दे दिया। कुछ ही हफ्तों के भीतर जब विक्रम वापस अपने गांव तारागांव लौटा, तो वहां का नजारा ही बदल गया था। वह शर्मीला बालक जो कभी अपना चेहरा ढककर चलता था, अब एक आत्मविश्वासी बच्चे के रूप में सबके सामने था।आज विक्रम न केवल स्पष्ट आवाज में अपने पिता से बात करता है, बल्कि घर के कामों में हाथ बंटाकर अपनी मां का सहारा भी बन रहा है। उसके पिता नरसिंग गर्व से कहते हैं कि शासन की चिरायु योजना उनके बेटे के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। विक्रम की यह सफलता की कहानी बस्तर के हृदय स्थल से निकलकर यह संदेश दे रही है कि प्रशासन की तत्परता और सही योजनाओं के क्रियान्वयन से कोई भी बच्चा उज्ज्वल भविष्य की आशा से दूर नहीं रह सकता। इस सुखद बदलाव के लिए विक्रम के माता-पिता ने स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी और जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र प्रबंधक का हृदय से आभार व्यक्त किया है।</description ></item><item><title>प्राकृतिक आपदा पीडि़त 10 परिवारों को दी गई 40 लाख की आर्थिक सहायता</title><link>https://cnin.co.in/प्राकृतिक-आपदा-पीडि़त-10-परिवारों-को-दी-गई-40/76244</link><description>जगदलपुर। बस्तर जिले के कलेक्टर आकाश छिकारा द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत् प्राकृतिक आपदा पीडि़त 10 परिवार को 40 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके तहत तहसील भानपुरी के ग्राम जामगांव निवासी श्रीमती कुमबती की मृत्यु सांप काटने से पति घनश्याम को, ग्राम खण्डसरा निवासी श्रीमती रामोबाई की मृत्यु सांप काटने से पति मनधर बघेल को, ग्राम रतेंगा निवासी कुमारी बुदरी कश्यप की मृत्यु पानी में डुबने से पिता लछिननाथ को, तहसील तोकापाल ग्राम पथरली निवासी प्रियंका कश्यप की मृत्यु सांप काटने से पिता गंगो को, तहसील बास्तानार ग्राम कड़ेकाकलूर निवासी सन्नी सोढ़ी की मृत्यु बिजली गिरने से पति चैतू सोढ़ी को, तहसील दरभा ग्राम मांझीपारा निवासी गागरू राम की मृत्यु पानी में डुबने से पत्नि श्रीमती गंगई को, तहसील जगदलपुर ग्राम मंगडूकचोरा निवासी छविलाल की मृत्यु पानी में डुबने से पिता सहादेव को, तहसील बस्तर ग्राम सालेमेटा निवासी सुपारी कश्यप की मृत्यु पानी में डुबने से पत्नि श्रीमती सुमित्रा कश्यप को, तहसील भानपुरी ग्राम राजपुर निवासी लक्ष्मी दीवान की मृत्यु सांप काटने से पति विसनाथ को और तहसील लोहण्डीगुड़ा ग्राम अदवाल निवासी कुमाराम की मृत्यु पानी में डुबने से पुत्र दशो को चार-चार लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।</description ></item><item><title>12 मार्च को बास्तानार में लगेगा जन-चौपाल, अधिकारी लेंगे विकास कार्यों का जायजा</title><link>https://cnin.co.in/12-मार्च-को-बास्तानार-में-लगेगा-जन-चौपाल,/76243</link><description>जगदलपुर। जिले में अब जिला प्रशासन ने बास्तानार विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों में जन चौपाल लगाने की तैयारी पूरी कर ली है। पूर्व में लोहंडीगुड़ा और बकावंड विकासखंडों में सफल आयोजनों के बाद अब यह जन चौपाल बास्तानार विकास खण्ड के ग्राम पंचायतों में आयोजित की जाएंगी। बस्तर जिले के कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार आगामी 12 मार्च को बास्तानार की 34 ग्राम पंचायतों में नोडल अधिकारियों को दायित्व सौंपी गई है, जो सुबह 10 बजे से ही अपने आवंटित ग्राम पंचायत क्षेत्रों में भ्रमण कर मूलभूत सुविधाओं एवं विकास कार्यों का जायजा लेंगे।इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे सामाजिक सहायता कार्यक्रम, राष्ट्रीय टीकाकरण, मध्यान्ह भोजन, पूरक पोषण आहार, हर घर नल-जल और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के क्रियान्वयन का गहन निरीक्षण करना है। निरीक्षण के दौरान अधिकारी न केवल स्कूलों, आंगनबाडिय़ों, उचित मूल्य की दुकानों और स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा करेंगे, बल्कि वहां दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता, दवाइयों की उपलब्धता और साफ-सफाई का भी विशेष जायजा लेंगे। व्यवस्था को पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने के लिए यह निर्धारित किया गया है कि निरीक्षण के पश्चात दोपहर 2 बजे पंचायत नोडल अधिकारी ग्राम पंचायत भवन में ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा करेंगे।&amp;nbsp;दिन भर की गतिविधियों और प्राप्त फीडबैक की गंभीरता को देखते हुए, उसी दिन शाम 4.30 बजे जनपद पंचायत मुख्यालय में कलेक्टर द्वारा समीक्षा बैठक ली जाएगी, जिसमें सभी नोडल अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इस अभियान के लिए जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित प्रपत्र में अपनी रिपोर्ट जिला पंचायत की शिकायत शाखा में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।</description ></item><item><title>भैरमगढ़ के इंद्रावती नदी पर बोरियों में रेत भरकर पुल बनाने में जुटे सैकड़ो ग्रामीण</title><link>https://cnin.co.in/भैरमगढ़-के-इंद्रावती-नदी-पर-बोरियों-में-रेत/76242</link><description>बीजापुर। जिले के ग्राम पंचायत एवं जिला पंचायत की मदद से बारिश के पहले माड़ के दुर्गम इलाके में राशन के साथ स्कूल आश्रम अस्पताल एवं अन्य निर्माण कार्यों की सामग्री पहुंचाने के लिए बीजापुर के माड़ और नारायणपुर के ओरछा ब्लॉक के सैकड़ो ग्रामीण भैरमगढ़ के इंद्रावती नदी पर प्लास्टिक की सीमेंट की बोरियों रेत भरकर पुल बनाने में जुटे हुए हैं । अच्छी बात यह है कि, इस कार्य मे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके एक दर्जन से अधिक वो नक्सली भी शामिल है, जो कभी पुल पुलिये, सड़क और विकास कार्यों का विरोध करते हुए नजर आते थे।मिली जानकारी के अनुसार बोरियों में रेत भरकर एक अस्थाई पुल का निर्माण करने के लिए सैकड़ो ग्रामीण ग्राम इतामपारा के एक बुलावे पर बीजापुर और माड़ इलाके के बीच से बहने वाली प्राण दायनी इंद्रावती नदी के िकनारे में एकत्र हो चुके हैं। पिछले 5 दिनों से लगातार सीमेंट और प्लास्टिक के बोरियों में रेत भरकर एक अस्थाई पुल का निर्माण कर रहे हैं ताकि बारिश के पहले माड़ इलाके के सभी गांवों तक आसानी से राशन पहुंचाया जा सके।&amp;nbsp;ग्रामीणों का कहना है कि, साढ़े चार दशकों से पूरा माड़ इलाका नक्सलियों के कब्जे में रहा है। उस दौरान उन्हें राशन से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा था, परंतु अब यह पूरा इलाका नक्सलियों के कब्जे से मुक्त हो चुका है। इसलिए वे चाहते हैं कि, माड़ इलाके में भी विकास कार्य हो और सरकार से मिलने वाले राशन व अन्य सुविधाओं का वे लाभ ले सकें। ग्रामीणों की मांग यह भी है कि, माड़ इलाके में अब साप्ताहिक बाजार की भी शुरुआत की जानी चाहिए ताकि उन्हें रोजमर्रा की सामग्री के लिए भैरमगढ़ या नारायणपुर जाने की आवश्यकता ना पड़े।</description ></item><item><title>अबूझमाड़ के बोटेर में खुला सुरक्षा व जनसुविधा कैंप</title><link>https://cnin.co.in/अबूझमाड़-के-बोटेर-में-खुला-सुरक्षा-व/76241</link><description>नारायणपुर। जिले का अबूझमाड़ 4400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस दुर्गम इलाके में सुरक्षाबलों की लगातार बढ़ती मौजूदगी नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में निर्णायक साबित हो रही है। इसी क्रम में नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2026 का छठवां सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप ग्राम बोटेर में स्थापित किया है, जिसे अबूझमाड़ में शांति और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप ग्राम बोटेर जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 90 किमी की दूरी पर है, थाना ओरछा से 30 किमी., आदेर से 15 किमी, कुडमेल कैंप से 6 किमी की दूरी पर स्थित है। बोटेर में कैंप स्थापित होने से वेरकोटी, नीचेवारा, कुरकसा, गुंडेकोट और बोटेर जैसे गांवों में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत घोर नक्सल प्रभावित ग्राम बोटेर में स्थापित इस कैंप के साथ अब उस क्षेत्र में सुरक्षा का दायरा मजबूत हुआ है, जो वर्षों तक नक्सलियों का आश्रय स्थल माना जाता रहा। कैंप की स्थापना के साथ ही आस-पास के गांवों में सुरक्षा का माहौल बनने के साथ-साथ विकास कार्यों की गति भी तेज होने की उम्मीद है। ग्राम बोटेर में स्थापित सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप से सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांवों तक पहुंचाने का रास्ता खुलेगा। ग्राम बोटेर में स्थापित यह नया कैंप कांदुलनार-ओरछा-एडजुम-इडवाया-आदेर-कुडमेल-बोटेर-दिवालूर-कुमनार मार्ग पर प्रस्तावित सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों को सुरक्षा प्रदान करेगा।बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दराज और नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया के मार्गदर्शन में वर्ष 2026 में अब तक अबूझमाड़ में कुल 6 सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप खोले गये हैं, जिसमें जटवर, वाड़ापेंदा, कुरसकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार और अब बोटेर में कैंप स्थापित किया जा चुका है। इस अभियान में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और आईटीबीपी की 38वीं, 44वीं, 41 वीं, 45वीं, 53वीं और 29वीं वाहिनी ने संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रमोद साबद्रा, एसडीओपी अभिषेक केसरी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने अभियान को सफल बनाया। लगातार अबूझमाड़ इलाके में ेखेले जा रहे सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंपों से आने वाले समय में अबूझमाड़ मुख्यधारा के विकास से पूरी तरह जुड़ सकेगा।</description ></item><item><title>नक्सलियों द्वारा छुपा कर रखे गये भरमार राईफल व विस्फोटक बरामद</title><link>https://cnin.co.in/नक्सलियों-द्वारा-छुपा-कर-रखे-गये-भरमार-राईफल/76240</link><description>नारायणपुर। जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र की सुरक्षा, विकास व शांति के लिए चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत 38वीं वाहिनी आईटीबीपी ने अग्रिम सीओबी. आदेर से संचालित ऑपरेशन के दौरान मंगलवार को कोण्डाकोटी के जंगल से नक्सलियों द्वारा छुपा कर रखे गये भरमार राईफल एवं विस्फोटक 2.250 किग्रा. कॉरडाईट पाउडर व अन्य नक्सल डम्प बरामद किया है।मिली जानकारी के अनुसार नक्सली डम्प की सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्यवाही करते हुये रोशन सिंह असवाल, कमांडेण्ट, 38वी वाहिनी के कुशल मार्गदर्शन में अबूझमाड़ के सीओबी. आदेर से 3 किमी. दक्षिण में जंगल के ईलाके में 38वीं वाहिनी आटीबीपी के द्वारा आपरेशन संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान कोण्डाकोटी के जंगल के ईलाके में नक्सल डम्प मिलने पर ऑपरेशन कमाण्डर उदित नारायण, सहायक सेनानी/जीडी. द्वारा सीओबी. कुडमेल में स्थित 38वी वाहिनी बम निरोधक टीम को तुरंत मौके पर पहुॅचने हेतु निर्देशित किया गया, ताकि नक्सल डम्प से जवानों को सुरक्षा प्रदान किया जा सकें। बम निरोधक टीम द्वारा प्राप्त नक्सल डम्प को सुरक्षा के लिहाज से जांच-पड़ताल के उपरांत सभी नक्सल डम्प को सुरक्षित बरामद किया गया। तलाशी के दौरान बरामद नक्सल डम्प से भरमार राईफल व 2.250 किग्रा. कॉरडाईट पाउडर बरामद हुई है। 38वी वाहिनी आईटीबीपी द्वारा भविष्य में भी अबूझमाड़ क्षेत्र की सुरक्षा, विकास व शांति हेतु इसी प्रकार के सघन सर्च ऑपरेशन चलाये जाने की योजना है। यह अभियान न केवल नक्सलियों के लिए भारी आघात है, बल्कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत अभियान के लिए मील का पत्थर साबित होगा।</description ></item><item><title>15 मार्च को जगदलपुर से ठाकुर नगर के बीच चलेगी विशेष ट्रेन</title><link>https://cnin.co.in/15-मार्च-को-जगदलपुर-से-ठाकुर-नगर-के-बीच-चलेगी/76239</link><description>जगदलपुर। बस्तर के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और अतिरिक्त भीड़ के प्रबंधन के लिए भारतीय रेलवे ने जगदलपुर-ठाकुर नगर के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह सेवा केवल एक यात्रा के लिए संचालित की जाएगी। रास्ते में स्टॉपेज जयपुर, कोरापुट, रायगड़ा, सिंगापुर रोड, मुनिगुड़ा, केसिंगा, टिटलगढ़, बालांगीर, बरगढ़ रोड, संभलपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटा नगर, असनबोनी, खडग़पुर, आनंदुल और भटनगर होगा।वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के. पवन कुमार ने बताया है कि 08563 जगदलपुर-ठाकुर नगर विशेष ट्रेन 15 मार्च को सुबह 8 बजे जगदलपुर से प्रस्थान करेगी । यह जयपुर 8:55 बजे पहुंचेगी और 9 बजे प्रस्थान करेगी और कोरापुट पर 10 बजे पहुंचेगी और 10:25 बजे प्रस्थान करेगी, रायगड़ा पर 1:45 बजे पहुंचेगी और 2:10 बजे प्रस्थान करेगी, अगले दिन 16 मार्च को सुबह 10:45 बजे ठाकुर नगर पहुंचेगी। 08564 ठाकुर नगर-जगदलपुर विशेष ट्रेन 18 मार्च को शाम 6 बजे ठाकुर नगर से प्रस्थान करेगी। यह रायगड़ा पर अगले दिन 2:40 बजे पहुंचेगी और 3:05 बजे प्रस्थान करेगी; कोरापुट 7:25 बजे पहुंचकर 7:50 बजे प्रस्थान करेगी; जयपुर 8:55 बजे पहुंचेगी और 9 बजे प्रस्थान करेगी और 19 मार्च को रात 10:45 बजे जगदलपुर पहुंचेगी।</description ></item><item><title>कम्प्यूटर कोचिंग से भविष्य सँवार रहीं हैं प्रियंका</title><link>https://cnin.co.in/कम्प्यूटर-कोचिंग-से-भविष्य-सँवार-रहीं-हैं/76238</link><description>00 प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से साकार हुआ सपनारायपुर। कम्प्यूटर कोचिंग के माध्यम से आज के डिजिटल युग में अपने भविष्य को सँवारना एक अत्यंत व्यावहारिक निर्णय है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर विकास जैसे क्षेत्रों में उच्च-वेतन वाली नौकरियों के द्वार खोलता है।&amp;nbsp;बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत पंडरीपानी निवासी युवती प्रियंका मंडल ने अपने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर न केवल आत्मनिर्भर बनने का उदाहरण प्रस्तुत किया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का लाभ लेकर उन्होंने अपना कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर स्थापित किया है। प्रियंका मंडल के परिवार में माता-पिता तथा भाई-भाभी सहित कुल 5 सदस्य हैं। प्रियंका की शैक्षणिक योग्यता स्नातकोत्तर है। प्रियंका बताती हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जीवन-यापन के लिए संविदा के रूप में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रही थीं। उन्हें शुरू से ही कम्प्यूटर के क्षेत्र में गहरी रुचि थी और वे कुछ अलग करने की महत्वाकांक्षा रखती थीं।&amp;nbsp;प्रियंका ने देखा कि बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों के कई बच्चे कम्प्यूटर सीखना चाहते हैं, लेकिन दूर स्थित शहरों तक आने-जाने में होने वाली परेशानी और अधिक खर्च के कारण वे कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को देखते हुए प्रियंका ने ग्रामीण बच्चों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर खोलने का निर्णय लिया, लेकिन उनकी इस इच्छा में उनकी आर्थिक स्थिति आड़े आ रही थी।&amp;nbsp;प्रियंका को अपने एक मित्र के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना की जानकारी मिली। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दस्तावेज जमा कर ऋण के लिए आवेदन किया। योजना के तहत उनका कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर संबंधी प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक पण्डरीपानी शाखा को प्रेषित किया गया। बैंक द्वारा 20 जून 2025 को उन्हें 7 लाख रुपये का ऋण प्रदाय किया गया।प्रियंका ने बताया कि आज उनके कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर को संचालित हुए लगभग 9 माह हो चुके हैं। इस दौरान उनके सेंटर से 20 विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही उन्होंने अपने संस्थान के माध्यम से तीन युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। प्रियंका नियमित रूप से अपने ऋण की किस्तों का भुगतान भी कर रही हैं। प्रियंका मंडल की यह पहल न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि बस्तर के ग्रामीण युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोडऩे की दिशा में एक सराहनीय कदम भी है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि सही दिशा और योजनाओं का लाभ मिले तो युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। प्रियंका ने बताया कि स्नातकों को मजबूत सॉफ्टवेयर कौशल विकसित करने, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपने ज्ञान को बढ़ाने, नवीनतम रुझानों से अवगत रहने और कार्यशालाओं और सेमिनारों में भाग लेने की आवश्यकता है ताकि वे अपने क्षेत्र में प्रासंगिक बने रहें, जो उनके पेशेवर विकास के लिए महत्वपूर्ण है।</description ></item><item><title>कांग्रेस विधायक बोलीं- सरकार इतनी कमजोर की जमीन भी नहीं छुड़ा पा रही, मंत्री बोले जल्द हटेगा अतिक्रमण</title><link>https://cnin.co.in/कांग्रेस-विधायक-बोलीं--सरकार-इतनी-कमजोर-की/76237</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन शासकीय जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। डोंगरगढ़ में सहकारी बैंक शाखा भवन निर्माण के लिए आबंटित जमीन पर कब्जे को लेकर कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार इतनी कमजोर हो गई है कि आबंटित सरकारी जमीन से अतिक्रमण तक नहीं हटा पा रही है।विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान हर्षिता बघेल ने पूछा कि जिस जमीन पर बैंक शाखा भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन हो चुका है, वहां अब तक निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए बैंक की शाखा किराए के भवन में संचालित की जा रही है, जबकि भवन निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत हो चुकी है। विधायक बघेल ने कहा कि सहकारी बैंक किसानों के हित के लिए होता है, लेकिन भवन नहीं बनने के कारण किसानों को उचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर अतिक्रमण कब हटेगा और बैंक का भवन कब तक बनेगा।इस पर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण बैंक शाखा किराए के भवन में संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने के संबंध में कलेक्टर से चर्चा की गई है और जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी।</description ></item><item><title>जिला सूरजपुर न्यायालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन - नारी शक्ति का हुआ सम्मान</title><link>https://cnin.co.in/जिला-सूरजपुर-न्यायालय-में-अंतर्राष्ट्रीय/76236</link><description>सूरजपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय सूरजपुर में नारी शक्ति के सम्मान में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन उन महिलाओं को समर्पित रहा जिन्होंने न्याय और समाज की बेहतरी में अपना अमूल्य योगदान दिया है।कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती प्रज्ञा पचौरी एवं श्रीमती विनीता वार्नर के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में सुश्री पायल टोपनो, श्रीमती रूचि मिश्रा एवं कुमारी हिमांशी सराफ सहित बड़ी संख्या में महिला अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स उपस्थित रहे।न्यायाधीशों ने अपने संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश और समाज को सही दिशा दिखाने में नारी शक्ति की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हमें उन सभी वीरांगनाओं और व्यक्तित्वों को याद रखना चाहिए जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की राह प्रशस्त की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें न्याय के क्षेत्र में और अधिक सशक्त होने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें महिला न्यायाधीशों, वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं एवं वरिष्ठ पैरा लीगल वॉलेंटियर्स को न्यायाधीशों के कर-कमलों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और समाज के प्रति अटूट सेवा भाव का प्रतीक है।</description ></item><item><title>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला कर्मचारियों का सम्मान</title><link>https://cnin.co.in/अंतरराष्ट्रीय-महिला-दिवस-के-उपलक्ष्य-में/76235</link><description>बिलासपुर। राष्ट्रीय डाक कर्मचारी संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन एक निजी होटल में संपन्न हुआ। अधिवेशन में संगठन की मजबूती, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और डाक विभाग की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डाक कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।अधिवेशन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि संघ का पिछला द्विवार्षिक अधिवेशन 17 दिसंबर 2023 को बिलासपुर में आयोजित किया गया था, जबकि राष्ट्रीय स्तर का अधिवेशन 9 से 10 जून 2024 को उज्जैन में संपन्न हुआ था। इन अधिवेशनों में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, संगठन की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा की गई थी। कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि डाक विभाग के कर्मचारी सीमित संसाधनों और कई प्रकार की चुनौतियों के बावजूद पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। तकनीकी समस्याएं, कार्यभार की अधिकता, कर्मचारियों की कमी और बदलते कार्य स्वरूप के बावजूद भी डाक कर्मचारी प्रशासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि डाक विभाग आज भी देश के दूर-दराज़ क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम को विशेष रूप से महिलाओं को समर्पित किया गया। महिला कर्मचारियों ने केक काटकर महिला दिवस का उत्सव मनाया और उत्कृष्ट योगदान के लिए महिला कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान महिला कर्मचारियों की भूमिका, उनके कार्य के प्रति समर्पण और संगठन में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई।कार्यक्रम में बी. एस. राव, सुषमा वर्मा और एन. डी. लाल सहित अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल संगठन का संचालन करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी के अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा करना भी है। उन्होंने कहा कि संगठन कर्मचारियों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए भी निरंतर प्रयास करता है। साथ ही डाक विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी संगठन का प्रमुख लक्ष्य है।</description ></item><item><title>संयुक्त टीम ने 10 हजार से अधिक की देशी मदिरा किया जब्त</title><link>https://cnin.co.in/संयुक्त-टीम-ने-10-हजार-से-अधिक-की-देशी-मदिरा/76234</link><description>बलौदाबाजार। आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दो प्रकरणों में 10900 रुपए मूल्य के 19.62 बल्क लीटर देशी मदिरा जब्त किया गया।प्राप्त जानकारी के. अनुसार ग्राम सुंदरी (स) में आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के कब्जे से देशी मदिरा के 84 पाव कुल 15.12 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 8,400/- रूपये होना पाया गया। इसी प्रकार आरोपी सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के कब्जे से 25 पाव देशी मदिरा मसाला कुल 4.5 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 2,500 रूपये होना पाया गया। कुल दोनो प्रकरणों की जप्ती 19.62 बल्क लीटर है एवं बाजार मूल्य 10,900/- रूपये है।आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (2) 59 (क) एवं आरोपिया सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के विरूद्ध 34 (1) ख का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया। कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक दिनेश कुमार साहू, पी. माधव राव, पुलिस बल में विष्णु खटकर, भानु एवं नगर सैनिक कमल वर्मा, दुर्गेश्वरी कुर्रे, राजकुमारी पैकरा शामिल रहे।</description ></item><item><title>सिद्धबाबा जलाशय एवं टोहेमेटा एनीकट निर्माण कार्य के लिए 8.54 करोड़ स्वीकृत</title><link>https://cnin.co.in/सिद्धबाबा-जलाशय-एवं-टोहेमेटा-एनीकट-निर्माण/76233</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा गरियाबंद जिले की दो सिंचाई योजना के लिए 8 करोड़ 54 लाख 71 हजार रुपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में विकासखण्ड-छुरा की सिद्धबाबा जलाशय का निर्माण (जीर्णोद्धार) कार्य के लिए 4 करोड़ 98 लाख 35 हजार रुपये स्वीकृत किए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत 350 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इसी तरह से विकासखण्ड-मैनपुर की टोहेमेटा में एनीकट निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 56 लाख 36 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना के निर्माण से निस्तारी, पेयजल, भू-जल संवर्धन एवं किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 55 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।</description ></item><item><title>ईरान पर बड़े हमले की  ट्रम्प ने दी धमकी  </title><link>https://cnin.co.in/ईरान-पर-बड़े-हमले-की--ट्रम्प-ने-दी-धमकी--/76232</link><description>&amp;nbsp;अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का 11वां दिन हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार रात ईरान पर बड़े हमले की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका उस पर 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा। दुश्मन के पूरी तरह खत्म होने तक यह जंग जारी रहेगी। ट्रम्प ने यह भी बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान में अब तक 5,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि कुछ बहुत अहम ठिकानों को अभी जानबूझकर नहीं निशाना बनाया गया है, ताकि जरूरत पडऩे पर बाद में कार्रवाई की जा सके। फ्लोरिडा के डोरल शहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने इस युद्ध में काफी बड़ी बढ़त हासिल कर ली है और हो सकता है कि यह लड़ाई जल्द खत्म हो जाए, लेकिन फिलहाल मिलिट्री ऑपरेशन जारी रहेगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण को मिलेगी नई रफ्तार </title><link>https://cnin.co.in/--नक्सल-प्रभावित-क्षेत्रों-में-सड़क-निर्माण/76231</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-बस्तर के दूरस्थ इलाकों तक सड़क पहुंचाने की दिशा में बड़ा फैसला: केंद्र सरकार ने आरसीपीएलडब्ल्यूईए और पीएमजीएसवाय-वन की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाई&amp;nbsp;0-केंद्र सरकार के निर्णय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की राह होगी और मजबूत-मुख्यमंत्री साय&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद &amp;nbsp;से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फॉर लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म अफेक्टेड एरियाज &amp;nbsp;तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना &amp;nbsp;की अवधि को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लंबित सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने में नई गति मिलेगी। केंद्र सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क संपर्क को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। योजनाओं के तहत पहले से स्वीकृत परियोजनाओं के शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक बेहतर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच आसान होती है और विकास की गति तेज होती है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की अवधि बढऩे से बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने में तेजी आएगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रशासनिक पहुंच भी मजबूत होगी। इससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।</description ></item><item><title> मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. बलिराम कश्यप की पुण्यतिथि पर किया उनके योगदान को स्मरण  </title><link>https://cnin.co.in/-मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-ने-स्व.-बलिराम/76230</link><description>&amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व सांसद स्वर्गीय बलिराम कश्यप की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. बलिराम कश्यप जी का जीवन जनसेवा, समर्पण और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सतत संघर्ष का प्रेरणादायी उदाहरण रहा है। उन्होंने बस्तर अंचल के सर्वांगीण विकास, क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और जनजातीय समाज के अधिकारों एवं सम्मान के लिए सदैव सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. कश्यप जी सरलता, ईमानदारी और जनहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने जनप्रतिनिधि के रूप में जनता के विश्वास को सर्वोपरि रखते हुए बस्तर क्षेत्र की आवाज़ को मजबूती से उठाया और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. बलिराम कश्यप का व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका समर्पित जीवन बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।</description ></item><item><title>केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी शुभकामनाएँ</title><link>https://cnin.co.in/केंद्रीय-औद्योगिक-सुरक्षा-बल-के-स्थापना/76229</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp; रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल &amp;nbsp;के स्थापना दिवस के अवसर पर सीआईएसएफ के सभी जवानों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी है। &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों, रणनीतिक संस्थानों और राष्ट्रीय महत्व के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। अपनी सतत सतर्कता, साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर सीआईएसएफ के जवान राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. सुरुज बाई खांडे की पुण्यतिथि पर किया स्मरण  </title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-ने-स्व.-सुरुज-बाई/76228</link><description>&amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रख्यात भरथरी गायिका स्वर्गीय सुरुज बाई खांडे की &amp;nbsp;पुण्यतिथि 10 मार्च 2026 पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्व. सुरुज बाई खांडे छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और लोकगायन परंपरा की एक विशिष्ट पहचान थीं। उन्होंने अपने अद्भुत कला कौशल और मधुर स्वर से भरथरी गायन परंपरा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया तथा छत्तीसगढ़ की लोकधारा को देश और दुनिया तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. सुरुज बाई खांडे ने लोक परंपराओं को सहेजने, उन्हें जीवंत बनाए रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का जो कार्य किया, वह अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक है। उनका योगदान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध बनाने में मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. सुरुज बाई खांडे की कला, उनकी साधना और लोकसंस्कृति के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। प्रदेशवासी उनके अमूल्य योगदान को सदैव आदर और सम्मान के साथ स्मरण करते रहेंगे।</description ></item><item><title>  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से की सौजन्य मुलाकात  </title><link>https://cnin.co.in/--मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-ने-विधानसभा/76227</link><description>&amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शाम राजधानी रायपुर स्थित स्पीकर हाउस पहुंचकर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से सौजन्य मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने डॉ. रमन सिंह के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। &amp;nbsp;इस अवसर पर जगदलपुर विधायक श्री किरण देव उपस्थित थे।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने की सौजन्य मुलाकात  </title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-से-नवनिर्वाचित/76226</link><description>&amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में छत्तीसगढ़ की &amp;nbsp;जनभावनाओं, विकास से जुड़े मुद्दों तथा आमजन की अपेक्षाओं को सशक्त रूप से रखने में श्रीमती लक्ष्मी वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। &amp;nbsp; इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव, विधायक श्री अनुज शर्मा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।</description ></item><item><title>राज्यसभा सांसद बनीं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम,निर्विरोध हुआ निर्वाचन </title><link>https://cnin.co.in/राज्यसभा-सांसद-बनीं-लक्ष्मी-वर्मा-और/76225</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp; रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्यसभा की दो सीटों के लिए भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम को, जबकि बीजेपी ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया था। दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ कोई अन्य प्रत्याशी नहीं उतारा इसलिए निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिकता के साथ रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। इस बीच दोनों ही दलों के नव निर्वाचित सांसदों के साथ उनके पार्टी नेता मौजूद रहे और शुभकामनाएं दी। &amp;nbsp;&amp;nbsp;</description ></item><item><title>कलेक्टर ने बदले 14 तहसीलदार और नायब तहसीलदार</title><link>https://cnin.co.in/कलेक्टर-ने-बदले-14-तहसीलदार-और-नायब-तहसीलदार/76224</link><description>बिलासपुर। जिले में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने 14 तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को इधर से उधर किया गया है।</description ></item><item><title>छात्रवृत्ति परीक्षा 2 मई को, आवेदन 20 मार्च तक</title><link>https://cnin.co.in/छात्रवृत्ति-परीक्षा-2-मई-को,-आवेदन-20-मार्च-तक/76223</link><description>कांकेर। राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत सत्र 2025-26 के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य कक्षा आठवीं में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान कर उनकी उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।&amp;nbsp;छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा इस परीक्षा के लिए नि:शुल्क ऑफलाइन एवं ऑनलाइन आवेदन आगामी 20 मार्च तक आमंत्रित किए गए हैं। विद्यार्थियों को अपने अध्ययनरत विद्यालय में पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र, प्रवेश पत्र तथा आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। विद्यालयों द्वारा प्राप्त आवेदन पत्र 23 मार्च तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों में जमा किए जाएंगे, जबकि केंद्राध्यक्ष द्वारा ऑनलाइन प्रविष्टि की प्रक्रिया पूर्ण कर दस्तावेज मंडल कार्यालय को 2 अप्रैल तक भेजे जाएंगे। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि जिले के अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ-दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।</description ></item><item><title>बीजापुर में तैनात 14 बटालियन के 250 जवानों ने स्वेच्छा से किया रक्तदान</title><link>https://cnin.co.in/बीजापुर-में-तैनात-14-बटालियन-के-250-जवानों-ने/76222</link><description>बीजापुर। जिले में तैनात केंद्रीय सुरक्षाबल के जवानों ने बीजापुर जिला मुख्यालय में 170 बटालियन हेडक्वार्टर में आज सोमवार को रेड क्रॉस के बैनर तले रक्तदान शिविर का आयोजन किया, जिसमें बीजापुर जिले में तैनात सभी 14 बटालियन के 250 जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंदों के लिए जीवनदान का संदेश दिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सभी आवश्यक जांच के बाद रक्त संग्रह किया गया। कार्यक्रम में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर. पुजारी भी शामिल हुए और उन्होंने जवानों के इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे रक्तदान शिविर जरूरतमंद मरीजों के लिए संजीवनी साबित होते हैं।सीआरपीएफ के डीआईजी बीएस नेगी ने बताया कि केंद्रीय सुरक्षा बल अपना 87 वां स्थापना दिवस 19 मार्च को मनाने जा रही है। इसी उपलक्ष्य में विभिन्न सामाजिक और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें रक्तदान शिविर को भी शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि बीजापुर जिले में तैनात सभी 14 बटालियन के जवानों ने इसमें भाग लेकर रक्तदान किया है। डीआईजी ने कहा कि बस्तर में जवान जहां एक ओर नक्सलियों से मुकाबला करते हैं, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंद नागरिकों के लिए रक्तदान कर मानवता की सेवा का भी परिचय देते हैं। रक्तदान शिविर में रेड क्रॉस से नरवेद सिंग, परमेश्वर स्वस्थ विभाग से प्रेम हइला एवं मुकेश ने अपना योगदान दिया।</description ></item><item><title>वार्ड क्रमांक 44 के पार्षद ने निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन</title><link>https://cnin.co.in/वार्ड-क्रमांक-44-के-पार्षद-ने-निगम-आयुक्त-को/76221</link><description>जगदलपुर। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत मदन मोहन मालवीय वार्ड क्रमांक 44 में पेयजल की पाइप लाइन लीकेज एवं क्षतिग्रस्त वाल्व की समस्या को लेकर आज सोमवार को मदन मोहन मालवीय वार्ड के पार्षद सुर्या पानी द्वारा नगर निगम प्रशासन को पत्र लिखकर शीघ्र कार्यवाही की मांग की गई है।&amp;nbsp;पार्षद ने बताया कि वार्ड के विभिन्न स्थानों पर पिछले लगभग तीन माह से पाइप लाइन लीकेज की समस्या बनी हुई है। इसके साथ ही कई स्थानों पर वाल्व क्षतिग्रस्त एवं खुले पड़े हुए हैं जिससे आस-पास गंदगी फैल रही है और आवारा पशु भी वहां मल-मूत्र कर रहे हैं। इससे दूषित पानी पाइप लाइन के माध्यम से घरों तक पहुंचने की आशंका बनी हुई है। जिससे क्षेत्र में गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। पार्षद द्वारा बताया गया कि इस संबंध में पूर्व में भी नगर निगम प्रशासन को पत्र एवं फोन के माध्यम से जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है। पार्षद ने चेतावनी दी है कि, यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो वार्डवासियों के साथ कांग्रेस पार्षद दल द्वारा आंदोलन किया जाएगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। इस दौरान शुभम यदु,जाहिद हुसैन,आभाष महंती एवं अन्य वार्डवासी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>9 मवेशी तस्करों से तेलंगाना ले जा रहे 171 नग अवैध गौवंश बरामद </title><link>https://cnin.co.in/9-मवेशी-तस्करों-से-तेलंगाना-ले-जा-रहे-171-नग-अवैध/76220</link><description>बीजापुर। जिले के थाना भोपालपटनम् क्षेत्रान्तर्गत मुखबीर की सूचना पर कि मवेशी तस्करों के द्वारा उल्लूर घाटी- चिल्लामरका के जंगल रास्ते से होते हुए मवेशियों को हांककर तेलंगाना राज्य की ओर ले जाया जा रहा है। मुखबीर से मिली सूचना के आधार पर थाना बल द्वारा मवेशियों को हांककर ले जाते हुए 9 मवेशी तस्करों थिपनपल्ली संजीव पिता थिपनपल्ली नरसैया निवासी तेलंगाना, हटकर राजू पिता हटकर तुलसी राम उ निवासी तेलंगाना, कटकुरी मजनू पिता कटकुरी रवि निवासी तेलंगाना, विनोद नारायण झाडे पिता राजीग्य झाड़े निवासी महाराष्ट्र, व्येक्टी गोडया दुर्गे पिता गोडया निवासी महाराष्ट्र, व्येकंटी राजीग्या दुर्गे पिता राजीग्य निवासी महाराष्ट्र, प्रवीण शंकर दुर्गे पिता शंकर निवासी महाराष्ट्र, अक्षय अजमेरा पिता राउजी अजमेरा उम्र 24 वर्ष जाति बंजारा निसासी येचली पोस्ट मन्नेराजाराम येचली एस मानणे राजाराम गढ़चिरोली मानणे महाराष्ट्र, अशोक गुगलेम पिता स्व. कन्हैया गुगलेम निवासी सकनापल्ली थाना मोदकपाल जिला बीजापुर के पास से पशु स्वामित्व एवं परिवहन संबंधी कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। मौके पर गवाहों की उपस्थिति में 171 नग गौवंश कृषक पशु (गाय, बैल, बछड़े) बरामद किए गए।पकड़े गये गौवंश तस्करों में तेलंगाना से 3, महाराष्ट्र के 5 और बीजापुर छग. से 1 शामिल है। गौवंश तस्करों के कब्जे से मुक्त कराये गये गौ वंश पशुओं को सुरक्षार्थ नगर पंचायत भोपालपटनम गौठान में रखा गया है। सीमावर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय ऐसे तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, जिससे कृषक पशुओं की अवैध तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध थाना भोपालपटनम् में छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण संशोधन अधिनियम 2011 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्यवाही उपरांत आज सोमवार को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।</description ></item><item><title>सुकमा वनमंडल ने 112 वन अग्नि प्रहरी नियुक्त किए, हेल्पलाइन नंबर 7587016212 जारी</title><link>https://cnin.co.in/सुकमा-वनमंडल-ने-112-वन-अग्नि-प्रहरी-नियुक्त/76219</link><description>सुकमा। गर्मी में आग को देखते सुकमा वनमंडल द्वारा वन क्षेत्रों की सुरक्षा हेतु व्यापक स्तर पर रोकथाम एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सुकमा वनमंडल द्वारा लगभग 112 वन अग्नि प्रहरी नियुक्त किए गए हैं, जो वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर वन क्षेत्रों में निगरानी करेंगे तथा आग लगने की स्थिति में तत्काल नियंत्रण कार्य में सहयोग करेंगे। इनकी नियुक्ति चार माह की अवधि के लिए की गई है तथा प्रत्येक वन अग्नि प्रहरी को ?10 हजार प्रति माह मानदेय प्रदान किया जाएगा। आग पर त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए इन वन अग्नि प्रहरियों को फायर ब्लोअर जैसे आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी सहायता से प्रारंभिक अवस्था में ही आग को बुझाने में मदद मिल सकेगी। इसके साथ ही वन विभाग ने जिले के ग्रामीणों एवं वन पर आश्रित समुदायों से वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।वनाग्नि की रोकथाम के लिए वन विभाग द्वारा संवेदनशील वन क्षेत्रों में फायर लाइन का भी निर्माण किया गया है। इन फायर लाइनों के माध्यम से जंगल में आग के फैलाव को रोकने में सहायता मिलती है और आग को सीमित क्षेत्र में नियंत्रित करना आसान होता है। वन विभाग द्वारा गांवों एवं वन परिक्षेत्रों में पोस्टरों तथा दीवार लेखन के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर वनाग्नि से बचाव से संबंधित प्रेरक नारों के साथ दीवार लेखन कराया गया है, ताकि आमजन को वनाग्नि के कारणों, उससे होने वाले नुकसान तथा बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा सके।&amp;nbsp;इसी क्रम में हाल ही में आयोजित तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यशालाओं के दौरान भी ग्रामीणों एवं तेंदूपत्ता संग्राहकों को वनाग्नि से होने वाले दुष्परिणामों तथा उसकी रोकथाम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में अवगत कराया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि यदि कहीं वनाग्नि की घटना दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें और ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें जिससे जंगल में आग लगने की संभावना हो। वनाग्नि की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुकमा वनमंडल द्वारा वनाग्नि नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर 7587016212 जारी किया गया है, जिस पर आम नागरिक वनाग्नि की सूचना तुरंत वन विभाग को दे सकते हैं। आज दिनांक तक मिली सूचना पर विभाग ने त्वरित करवाई की है। इससे विभाग को समय रहते कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।वन विभाग ने जिले के सभी ग्रामीणों, वनांचल के निवासियों एवं तेंदूपत्ता संग्राहकों से अपील की है कि वे वनाग्नि की रोकथाम में विभाग का सहयोग करें। वन हमारे पर्यावरण, जैव विविधता और आजीविका का महत्वपूर्ण आधार हैं, इसलिए इनकी सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सुकमा वनमंडल वन संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, और सभी नागरिकों से अपील करता है, कि वे सतर्क रहें तथा किसी भी वनाग्नि की सूचना तत्काल वन विभाग को देकर इस महत्वपूर्ण प्रयास में भागीदार बनें।</description ></item><item><title>अग्निवीर भर्ती अभियान के लिए कलेक्टर ने दिया कैरियर मार्गदर्शन</title><link>https://cnin.co.in/अग्निवीर-भर्ती-अभियान-के-लिए-कलेक्टर-ने-दिया/76218</link><description>जगदलपुर। युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर आकाश छिकारा ने अग्निवीर भर्ती अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से कहा कि वर्दी का अपना अलग ही क्रेज और सम्मान होता है । युवा शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनते हुए देश सेवा का यह सुनहरा अवसर अवश्य लें। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि पढ़ाई केवल नौकरी पाने के लिए नहीं बल्कि समाज और देश के विकास में योगदान देने के लिए होती है। अग्निवीर योजना युवाओं को प्रतिष्ठा, सम्मान और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर प्रदान करती है।&amp;nbsp;कलेक्टर श्री छिकारा ने कहा कि चयन प्रक्रिया में सफलता के लिए युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करनी होगी। जिला प्रशासन द्वारा युवाओं को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन और लिखित-फिजिकल प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी बड़ी परीक्षा के लिए अन्य शहरों में परीक्षा केंद्र बनते हैं और जिले से 50 से अधिक परीक्षार्थी जाते हैं, तो प्रशासन द्वारा उनके आवागमन और आवास की व्यवस्था भी की जाएगी।कार्यक्रम में सेना भर्ती कार्यालय से कर्नल श्री अरुण कालिया ने अग्निवीर थल सेना भर्ती की प्रक्रिया, पात्रता, शारीरिक और लिखित परीक्षा की जानकारी देते हुए युवाओं को अधिक से अधिक पंजीयन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इस भर्ती के लिए परीक्षा केंद्र जगदलपुर में ही रहेगा, जिससे जिले के युवाओं को विशेष सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर विंग कमांडर जेपी पात्रो, सूबेदार बीपी द्विवेदी, सूबेदार अरविंद कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री जीआर सोरी, उप संचालक जय प्रकाश कौशिक, रोजगार अधिकारी श्वेता वर्मा सहित अन्य अधिकारी और पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल, कालेज के छात्र उपस्थित थे।ज्ञात हो कि सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा जारी सेना भर्ती अधिसूचना 13 फरवरी 2026 को जारी किया गया है जिसके अंतर्गत भारतीय सैन्य बलों में अग्निवीर पुरुष जनरल, तकनीकी, लिपिक स्टोरकीपर, ट्रेडमैन 10 वीं पास, ट्रेडमैन 8 वीं पास, अग्निवीर महिला (सेना पुलिस) तथा स्थाई कैडर नर्सिंग असिस्टेंट, नर्सिंग असिस्टेंट वेट और सिपाही फार्मा के पदों के लिए जारी किया गया है। जिसमें सेना भर्ती हेतु ऑनलाईन आवेदन की प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से आरंभ हो चुकी है। पंजीयन हेतु पोर्टल 1 अप्रैल 2026 तक खुली रहेंगी। ऑनलाईन कॉमन एंट्रेस एग्जाम 1 जून से 10 जून 2026 तक होने की संभावना है। बस्तर जिले के इच्छुक आवेदक ऑनलाईन आवेदन हेतु वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in में आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए सेना भर्ती कार्यालय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम नया रायपुर टेलीफोन नंबर 0771-2965212 एवं 2966214 पर सम्पर्क कर सकते हैं।</description ></item><item><title>साइबर ठगों ने एनएचएआई की बनाई नकली वेबसाइट, बस्तर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी </title><link>https://cnin.co.in/साइबर-ठगों-ने-एनएचएआई-की-बनाई-नकली-वेबसाइट,/76217</link><description>जगदलपुर। अगर आप अपने वाहन के लिए फास्ट-टेग का वार्षिक पास बनवाने या रिचार्ज करने की सोच रहे हैं तो जरा सावधान हो जाइए। साइबर ठगों ने अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( एनएचएआई) की हुबहू नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगने का नया हाईटेक तरीका अपनाया है। बस्तर पुलिस ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर क्राइम) गीतिका साहू ने बताया कि साइबर अपराधी अब गूगल सर्च और एसईओ तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी वेबसाइटों को गूगल सर्च के शीर्ष पर दिखा रहे हैं। आम लोग पहले दिखाई देने वाले लिंक को असली मानकर उस पर क्लिक कर देते हैं और यहीं से ठगी का खेल शुरू हो जाता है। ये फर्जी वेबसाइटें असली एनएचएआई पोर्टल की तरह ही डिजाइन की गई होती है। फास्ट-टेग का वार्षिक पास या फास्ट-टेग रिचार्ज जैसे कीवर्ड सर्च करते ही कई यूजर इन नकली लिंक पर पहुंच जाते हैं।&amp;nbsp;साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी विभाग किसी व्यक्तिगत नाम पर भुगतान नहीं मांगता। यदि क्यूआर कोड स्कैन करते समय किसी अन्य व्यक्ति का नाम दिखाई दे तो तुरंत भुगतान प्रक्रिया रोक दें। अधिकारियों ने सलाह दी है कि फास्ट-टेग या टोल पास से जुड़े सभी भुगतान केवल आधिकारिक ऐप या अधिकृत बैंक पोर्टल के माध्यम से ही करें। थोड़ी सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इन फर्जी वेबसाइटों पर फास्ट-टेग एनुअल पास के नाम पर लगभग तीन हजार रुपए का भुगतान करने के लिए कहा जाता है। भुगतान के लिए क्यूआर कोड दिया जाता है। जैसे ही व्यक्ति कोड स्कैन करता है, पैसा सरकारी खाते में जाने के बजाय सीधे साइबर अपराधियों के म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है। कई लोग कुछ ही सेकंड में अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं।&amp;nbsp;साइबर पुलिस ने इससे बचाव के लिए वेबसाइट का यूआरएल को ध्यान से जांचने की सलाह देते हुए बताया कि, स्पेलिंग में छोटी गलती भी फर्जी होने का संकेत हो सकती है। केवल अधिकृत बैंक या आधिकारिक ऐप के माध्यम से ही फास्ट-टेग बनवाएं या रिचार्ज करें। किसी भी लिंक से भुगतान करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। साइबर ठगी होने पर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करें, एवं cybercrime. gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही तुरंत अपने बैंक को सूचित करें, ताकि लेनदेन को रोका जा सके।</description ></item><item><title>आधी आबादी की आवाज कैसे रहे बुलंद, जसम ने किया विमर्श</title><link>https://cnin.co.in/आधी-आबादी-की-आवाज-कैसे-रहे-बुलंद,-जसम-ने-किया/76216</link><description>00 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जन संस्कृति मंच का आयोजनरायपुर। देश और दुनिया में आधी आबादी की स्थिति कितनी खराब है...यह बात किसी से छिपी हुई नहीं है. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित एक आयोजन में जन संस्कृति मंच की महिला साथियों ने यह माना कि स्त्रियों को अपनी स्थिति को बेहतर बनाने और अपना अधिकार हासिल करने के एकजुट होकर संघर्ष तेज करना होगा.जसम से जुड़ी लेखिकाओं और संस्कृतिकर्मियों ने यह संकल्प लिया कि दुनिया में जहां कहीं भी स्त्रियों और बच्चियों के साथ अन्याय-अत्याचार होगा उसके खिलाफ आवाज़ उठायी जाएगी और लेखन-सृजन के जरिए प्रतिरोध दर्ज किया जाएगा. लेखिकाओं ने माना कि यह समय खाली बैठने का समय नहीं है.आधी आबादी को निरन्तर बोलना होगा.कदम से कदम मिलाना होगा.आवाज़ से आवाज़ मिलानी होगी. प्राध्यापक अजय शुक्ला के विशाल नगर स्थित आवास पर आयोजित जसम के आयोजन में लेखिकाओं ने घर-परिवार के अलावा राजनीति में स्त्रियों की हैसियत, फिल्मों में स्त्रियों की स्थिति को लेकर खास चर्चा की.लेखिकाओं ने देश-दुनिया को झकझोर देने वाली एप्सटीन फाइल और उसमें शामिल रसूखदार नेताओं के कारनामों को घृणित और शर्मनाक बताया. लेखिकाओं ने कहा कि अब पूरी दुनिया में स्त्रियों की सुरक्षा एक अहम मसला है. जिस देश और जगह पर स्त्रियां और बच्चियां खुद को आज़ाद और सुरक्षित महसूस नहीं करती, उस देश का बरबाद होना तय है.इस मौके पर जसम रायपुर से जुड़ी नामचीन कवियित्री डॉ.वंदना कुमार, सनियारा खान, नीलिमा मिश्रा, रुपेंद्र तिवारी और सर्वज्ञ नायर ने धारदार कविताओं का पाठ किया.गायिका वर्षा बोपचे, सुनीता शुक्ला और समीक्षा नायर ने जनगीतों की शानदार प्रस्तुति दी. सुहानी शर्मा ने फिल्मों में स्त्री लेखन के महत्व को रेखांकित किया. कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. पूनम संजू ने किया. जसम के इस आयोजन में जनवादी लेखक संघ के प्रदेश सचिव पीसी रथ, जसम के वरिष्ठ सदस्य समीर दीवान, राजकुमार सोनी, अजय शुक्ला सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे.</description ></item><item><title>केन्द्रीय जेल रायपुर के बंदियों द्वारा निर्मित नमकीन उत्पादों का विधानसभा सदस्यों ने लिया आनंद</title><link>https://cnin.co.in/केन्द्रीय-जेल-रायपुर-के-बंदियों-द्वारा/76215</link><description>00 जेल केवल दंड के स्थान नहीं बल्कि सुधार और पुनर्वास के केंद्र - उपमुख्यमंत्री शर्मारायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आज एक अनोखी पहल देखने को मिली, जहां केन्द्रीय जेल रायपुर में निरुद्ध बंदियों द्वारा संचालित आस्था कैफे द्वारा तैयार किए गए नमकीन उत्पादों का स्वाद विधानसभा के सदस्यों ने लिया। बंदियों द्वारा बनाए गए इन उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद की सभी ने सराहना की।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर आज विधानसभा में जेल में निरुद्ध लोगों द्वारा तैयार उत्पादों के प्रदर्शन एवं वितरण किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जेलों को अब केवल दंड के स्थान के रूप में नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए ऐसे प्रशिक्षण और उत्पादन कार्य बेहद महत्वपूर्ण हैं। केन्द्रीय जेल रायपुर में बंदियों को विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे अपनी सजा पूरी होने के बाद सम्मानजनक जीवन जी सकें। नमकीन जैसे उत्पादों के निर्माण से न केवल उनकी कार्यकुशलता बढ़ रही है, बल्कि आत्मविश्वास भी मजबूत हो रहा है।उन्होंने जेल प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां बंदियों के व्यक्तित्व विकास और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विधानसभा में जनप्रतिनिधियों द्वारा इन उत्पादों की सराहना से बंदियों को भी नई प्रेरणा मिलेगी।</description ></item><item><title>अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, सात आरोपी गिरफ्तार</title><link>https://cnin.co.in/अवैध-शिकार-के-खिलाफ-वन-विभाग-की-बड़ी/76214</link><description>रायपुर। कांकेर वनमंडल में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत न्यायालय के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 मार्च 2026 की सुबह राज्य स्तरीय उडऩदस्ता को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सूचना मिलने पर कांकेर वन विभाग ने तत्काल टीम गठित कर विभिन्न स्थानों पर जांच और घेराबंदी की। जांच के दौरान महेंद्र कोड़ोपी के घर के पीछे बाड़ी में दो जंगली सुअरों (एक नर 74 किलोग्राम और एक मादा 70 किलोग्राम) को पैरा जलाकर भुना जा रहा था। पूछताछ में बताया गया कि यह मांस ग्राम जुनवानी निवासी प्रकाश मंडावी से 300 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा गया था और इसे वाहन के माध्यम से देवकोंगेरा लाया गया था। वन विभाग ने मौके से जंगली सुअर का मांस और अन्य सामग्री जब्त कर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया।इसी दौरान मिली एक अन्य सूचना पर वन विभाग की टीम ने ग्राम माटवाड़ा (मोदी) के पास घेराबंदी कर पैशन प्रो मोटरसाइकिल (सीजी 19-बी-8847) को रोका। वाहन में सवार विष्णु सलाम और कृष्णा कोमरा एक जीवित मादा जंगली सुअर (लगभग 53 किलोग्राम) को चारों पैर और मुंह बांधकर ले जा रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह जंगली सुअर ग्राम जुनवानी निवासी प्रकाश मंडावी से खरीदा गया था। वन विभाग ने जंगली सुअर को जब्त कर आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया।इसके अलावा ग्राम जुनवानी में प्रकाश मंडावी के घर के पास भी वन विभाग की टीम ने छापेमारी की, जहां दो जंगली सुअरों को काटने का मामला सामने आया। मौके से जंगली सुअर के सिर और मांस के अन्य हिस्से बरामद किए गए। इस मामले में भी संबंधित आरोपियों के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया गया।वन विभाग ने सभी मामलों में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को 8 मार्च 2026 को माननीय न्यायालय कांकेर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। इस पूरी कार्रवाई में कांकेर वनमंडल के वन परिक्षेत्र अधिकारी कांकेर, वन परिक्षेत्र नरहरपुर के अधिकारी-कर्मचारी तथा मुख्य वन संरक्षक कांकेर के उडऩदस्ता दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</description ></item><item><title>सिम्स का जन औषधि केंद्र राज्य में सर्वश्रेष्ठ घोषित, प्रोत्साहन कार्यक्रम सम्पन्न</title><link>https://cnin.co.in/सिम्स-का-जन-औषधि-केंद्र-राज्य-में/76213</link><description>रायपुर। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र भारत सरकार की एक पहल है, जो आम जनता को ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 प्रतिशत से 90 प्रतिशत कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराती है। यह योजना आम लोगों, विशेषकर गरीबों के लिए चिकित्सा खर्च को कम करने और सस्ती, सुलभ स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है। इसका उद्देश्य महंगी दवाओं के बोझ को कम करना और स्वास्थ्य सेवा में पारदर्शिता, गुणवत्ता व किफायत में सुधार लाना। सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य के लिए सिम्स बिलासपुर में भारतीय रेडक्रास सोसाइटी द्वारा संचालित जन औषधि केंद्र को वर्ष 2024-25 में राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ जन औषधि केंद्र घोषित किया गया। इस उपलब्धि पर आज कलेक्टर संजय अग्रवाल की मौजूदगी में प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित कर केंद्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर एवं रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष संजय अग्रवाल (आईएएस) थे। श्री अग्रवाल ने कहा कि यह योजना न केवल सस्ती दवाएं प्रदान करके सार्वजनिक स्वास्थ्य में योगदान देती है, बल्कि रोज़गार के अवसर भी सृजित करती है। नागरिकों को उनके चिकित्सा खर्चों पर काफी बचत करने में मदद मिलती है।अध्यक्षता सिम्स के डीन डॉ. रमनेश मूर्ति ने की। इस अवसर पर रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन डॉ. बी.एल. गोयल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल तथा मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ.लखन सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने जन औषधि केंद्र की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण दवाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे लोगों का उपचार खर्च कम हो रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने केंद्र के संचालन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार जनसेवा की भावना से कार्य करते रहने की अपेक्षा जताई। कार्यक्रम का संचालन और आभार ज्ञापन रेड क्रॉस सोसाइटी के जिला समन्वयक सौरभ सक्सेना ने की।</description ></item><item><title>धान में रेत मिलाकर हेराफेरी करने वाला खरीदी केन्द्र प्रभारी बर्खास्त</title><link>https://cnin.co.in/धान-में-रेत-मिलाकर-हेराफेरी-करने-वाला-खरीदी/76212</link><description>रायपुर। उपार्जित धान में रेत मिलाकर व्यक्तिगत लाभ के नीयत से हेराफेरी कर गबन करने के मामले में बलौदाबाजार जिला प्रशासन द्वारा कड़ी कार्यवाही करते हुए धान खरीदी प्रभारी को बर्खास्त कर दिया गया हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित निपनिया के धान उपार्जन केन्द्र निपनिया में उपार्जित धान के बोरों में रेत, कंकड़ धूल-मिट्टी मिलाने संबंधी वायरल विडियों की संयुक्त जाँच दल द्वारा 8मार्च 2026 को जॉच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्राप्त प्रतिवेदन में धान उपार्जन केन्द्र निपनिया के भौतिक सत्यापन में 137.20 क्विंटल धान अधिक पाया गया है। प्रतिवेदन में धान खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन द्वारा हमालों के माध्यम से लगभग 5300 कट्टों में 2 से 3 किलोग्राम रेत मिलाया गया है व मिलाए गए रेत के बराबर लगभग 132 क्विंटल धान का व्यक्तिगत लाभ के नियत से हेराफेरी कर गबन किया जाना प्रतिवेदन किया गया।प्रतिवेदन में उल्लेखित तथ्यों के आधार पर उपायुक्त सहकारिता द्वारा उपार्जन केन्द्र निपनिया के धान खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन को पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने पर जवाबदेही तय करते हुए छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 55 (1) के उपबंधों के अधीन जारी कर्मचारी सेवानियम 2018 के नियम क्रमांक 16 के तहत सेवा से पृथक करने की कार्यवाही हेतु अनुशंसा प्राधिकृत अधिकारी को की गई। प्राधिकृत अधिकारी द्वारा उपरोक्त कृत्य हेतु धान खरीदी प्रभारी, धान उपार्जन केन्द्र निपनिया लीलाराम सेन की सेवा से पृथक करने की कार्यवाही की गई।</description ></item><item><title>उप मुख्यमंत्री साव अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को कल करेंगे सम्मानित</title><link>https://cnin.co.in/उप-मुख्यमंत्री-साव-अंतरराष्ट्रीय-महिला-दिवस/76211</link><description>00 स्वच्छता दीदियों, स्व-सहायता समूहों एवं महिला हितग्राहियों के कार्यों को किया जाएगा रेखांकित00 छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग का होगा शुभारंभरायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्वच्छता, स्वावलंबन और सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं की भूमिका को नई पहचान देने नारी शक्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी रायपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में 10 मार्च को दोपहर 12 बजे से इसका आयोजन किया गया है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छता दीदियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं एवं महिला हितग्राहियों को सम्मानित कर उनके कार्यों को रेखांकित करेंगे। राज्य के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग का शुभारंभ भी इस दौरान किया जाएगा।वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण सर्वश्री राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा और इन्द्र कुमार साहू तथा रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि कार्यक्रम में राज्यभर से आईं स्वच्छता दीदियों, विभिन्न योजनाओं की महिला हितग्राहियों तथा स्वसहायता समूहों की महिलाओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में राष्ट्रीय पुरस्कार, सुपर स्वच्छ लीग शहर, वाटर प्लस, जीएफसी 7-स्टार तथा 5-स्टार प्राप्त करने वाले शहरों की स्वच्छता दीदियों के समूहों के प्रतिनिधियों का भी सम्मान किया जाएगा।&amp;nbsp;कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में ऐसी संघर्षशील महिला हितग्राहियों जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में योजना का क्रियान्वयन कर शासन की मदद से अपने परिवार को पक्का आवास का सहारा दिया है, उनका सम्मान किया जाएगा। मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के अन्तर्गत निर्धारित समय में आवास पूर्ण करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन राशि का वितरण भी कार्यक्रम में किया जाएगा। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत महिला शहरी पथ विक्रेताओं को चेक भी वितरित किए जाएंगे।नारी शक्ति सम्मान समारोह राज्य की उन मेहनती और प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मान देने का मंच है, जिन्होंने अपने कार्य और समर्पण से शहरी विकास और स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। स्वच्छता दीदियाँ और महिला स्वसहायता समूह न केवल शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता और नेतृत्व का सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही हैं।- श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री</description ></item><item><title>चेहरे पर ग्लो चाहिए, तो गर्म पानी से मुंह न धोएं: डॉ. कमल</title><link>https://cnin.co.in/चेहरे-पर-ग्लो-चाहिए,-तो-गर्म-पानी-से-मुंह-न/76210</link><description>00 महाराष्ट्र मंडल के सखी निवास में सादगी से मनाया गया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवसरायुपर। महाराष्ट्र मंडल के सखी निवास (कामकाजी महिला वसती गृह) में रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता वरिष्ठ आजीवन सभासद डा. कमल वर्मा ने कहा कि हर युवती की यह इच्छा होती है कि उसके चेहरे पर ग्लो नजर आए। इसके लिए हम कई बार महंगे और ब्रांडेड कास्मेटिक्स का इस्तेमाल करते हैं। इस कास्मेटिक्स के अधिक इस्तेमाल का दुष्परिणाम हमें 40 साल की उम्र के बाद नजर आता है। अपने चेहरे का लंबे समय तक अच्छे और ग्लोसी रखने के लिए हमें चेहरे कभी भी गर्म पानी से नहीं धोना चाहिए।सखी निवास में एक बच्ची के सवाल शादी जरूरी कि कैरियर का जवाब देते हुए डॉ. वर्मा ने कहा कि दोनों का अपना अलग- अलग महत्व है। हर माता- पिता की इच्छा होती है कि उनकी बेटी को बढ़ते उम्र के साथ एक सही सहारा मिले, जो आशा शादी के बाद पूरी होती है। रही बात कैरियर कि, तो आज आप स्वतंत्र हैं। शादी के बिना और शादी के बाद भी आप अपना कैरियर बना सकती हैं।शादी के बाद पति के साथ सही बांउडिंग का होना जरूरी है। वहीं बच्चों से गायनिक सवालों के जवाब भी डा. वर्मा ने बेबाकी से दिए।सखी निवास प्रभारी नमिता शेष ने सखी निवास में रहने वाली सभी नारी शक्ति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नारी का सम्मान सिर्फ एक दिन नहीं अपितु हमेशा होना चाहिए। अपने बच्चों को बड़ा करने और उन्हें संस्कार देने की जिम्मेदारी महिलाओं की होती है, जिसे वह नि:संदेह पूरा करती है। हमें अपनी बेटियों के साथ बेटों को भी ऐसे संस्कार देने चाहिए कि वह अपनी शादी के बाद अपने लाइफ पार्टनर की भावनाओं को अच्छे से समझे और जीवन के हर उतार- चढ़ाव में उसका साथ दे। सोफे में बैठकर पत्नी से पानी मांगने के बजाए वह खुद होकर पानी का गिलास लेने किचन तक जाए।इस अवसर पर सखी निवास मैनेजर कमलेश्वरी साहू, वार्डन मंजिरी भगाड़े, महाराष्ट्र मंडल की लेखा व्यवस्थापिका बी. नंदिनी नायडू सहित सखी निवास में निवासरत अन्य महिलाएं और छात्राएं भी उपस्थित रहीं।</description ></item><item><title>कृष्ण मित्र फाउंडेशन ने प्राचार्या हेमलता व पत्रकार श्रेया को किया सम्मानित</title><link>https://cnin.co.in/कृष्ण-मित्र-फाउंडेशन-ने-प्राचार्या-हेमलता-व/76209</link><description>रायपुर।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कृष्ण मित्र फाउंडेशन, रायपुर द्वारा समाज में उत्कृष्ट और प्रेरणादायी कार्य करने वाली महिलाओं को सशक्त महिला सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर टिकरापारा की प्राचार्या श्रीमती हेमलता यादव को शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सेवानिवृत्त प्रोफेसर श्री वीरेंद्र चौरसिया ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की शक्ति, त्याग और समर्पण से ही समाज की प्रगति संभव होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान और अवसर देकर ही समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। सम्मान प्राप्त करने पर प्राचार्या श्रीमती हेमलता यादव ने कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज और शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नई पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलती है साथ ही आप सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।</description ></item><item><title>कैबिनेट मंत्री देवांगन के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय महतारी वंदन सम्मेलन का हुआ आयोजन</title><link>https://cnin.co.in/कैबिनेट-मंत्री-देवांगन-के-मुख्य-आतिथ्य-में/76208</link><description>00 बाल विवाह मुक्त नगरीय निकाय व पंचायतो को प्रमाण पत्र किया गया प्रदानरायपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के आतिथ्य में कल कोरबा नगर के राजीव गांधी ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय महतारी वंदन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले की विभिन्न क्षेत्रो में उत्कृष्ट कार्य करने वालो महिलाओं को सम्मानित एवं बाल विवाह मुक्त पंचायतो को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर निगम सभापती श्री नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री तरुण कुमार किरण, सीईओ जिला पंचायत श्री दिनेश नाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बसंत मिंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।&amp;nbsp;जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सभी माताओं, बहनों और बेटियों को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, राजनीति, प्रशासन सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं, जिससे महिलाओं को आगे बढऩे के नए अवसर मिल रहे हैं। पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व दोनों मजबूत हुए हैं। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त महिलाएं ही मजबूत समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं। महिलाएं आज पहले से अधिक सशक्त और मजबूत हुई हैं तथा देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा राज्य में सरकार गठन के साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है और वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आय के अवसर मिल रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण जैसे कार्यों से भी ग्रामीण व वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं की आय बढ़ रही है।कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए शासन और प्रशासन द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज को जागरूक बनाकर ही इस कुप्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी से महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया।मुख्य अतिथि श्री लखन लाल देवांगन द्वारा बाल विवाह की कुप्रथा से पूर्णत: मुक्त हो चुके नगर पालिका परिषद दीपका, नगर पालिका परिषद कटघोरा एवं नगर पंचायत छुरीकला के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) को बाल विवाह मुक्त होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। साथ ही जिले की बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को भी प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिलाओं को किया गया सम्मानितकार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभाग के पर्यवेक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का सम्मान किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों के उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।</description ></item><item><title>समूह की ताकत से उषा बनीं लखपति दीदी, मोहभट्टा की धनेश्वरी को मिला आजीविका का मजबूत आधार</title><link>https://cnin.co.in/समूह-की-ताकत-से-उषा-बनीं-लखपति-दीदी,-मोहभट्टा/76207</link><description>रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में प्रदेशभर से आई महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियां साझा कीं। इस कार्यक्रम में मुंगेली जिले की महिलाओं ने भी अपनी सफलता की कहानी सुनाकर सबको प्रेरित किया। विकासखंड पथरिया के चंदखुरी स्थित जय माँ शीतला स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती उषा श्रीवास ने बताया कि समूह से जुडऩे के बाद उन्होंने छोटे स्तर से आजीविका गतिविधि शुरू की। समूह के सहयोग, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के बल पर उन्होंने अपने काम को आगे बढ़ाया और आज आर्थिक रूप से सशक्त बनकर लखपति दीदी के रूप में पहचान बनाई है।इसी तरह ग्राम पंचायत मोहभट्टा की श्रीमती धनेश्वरी साव ने भी अपनी प्रेरक यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुडऩे के बाद उन्हें आजीविका का मजबूत आधार मिला। लगातार मेहनत और समूह के सहयोग से उन्होंने अपनी आय बढ़ाई और आज वे अपने परिवार के साथ-साथ अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई लखपति दीदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सामूहिक प्रयास, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं के सहयोग से महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।</description ></item><item><title>ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर रश्मि बनीं लखपति दीदी, स्वरोजगार से सशक्त हो रही ग्रामीण महिलाएं</title><link>https://cnin.co.in/ग्रामीण-आजीविका-मिशन-से-जुड़कर-रश्मि-बनीं/76206</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर हो रही हैं। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड की ग्राम दुलदुला निवासी श्रीमती रश्मि तिर्की भी आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई हैं।श्रीमती रश्मि तिर्की दुर्गा महिला स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि अपने आत्मविश्वास और सामाजिक पहचान को भी नई दिशा दी है। आज वे अपने गांव में लखपति दीदी के रूप में जानी जाती हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। श्रीमती तिर्की बताती हैं कि पहले वे घर-गृहस्थी के कामकाज तक ही सीमित थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के कारण घर की जरूरतों को पूरा करना कठिन हो जाता था। इसी दौरान उन्होंने महिला स्व-सहायता समूह से जुडऩे का निर्णय लिया। समूह से जुडऩे के बाद उन्हें बचत, ऋण सुविधा और स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी मिली। समूह की अन्य महिलाओं को अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित करते देख उन्हें भी कुछ नया करने की प्रेरणा मिली।वर्ष 2025 के जुलाई माह में उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 70 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग करते हुए उन्होंने अपने गांव में एक फास्ट फूड सेंटर की शुरुआत की। शुरुआत में छोटे स्तर से शुरू किया गया यह व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढऩे लगा। वर्तमान में उनके फास्ट फूड सेंटर से प्रतिमाह लगभग 25 से 30 हजार रुपये तक की बिक्री हो जाती है। इस आय से श्रीमती रश्मि तिर्की अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी बेहतर तरीके से कर पा रही हैं। उनका कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज वे स्वयं अपने पैरों पर खड़ी हैं और अपने परिवार के लिए मजबूत सहारा बनी हुई हैं।ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जिले में महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर समाज और परिवार की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। श्रीमती रश्मि तिर्की की सफलता अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।</description ></item><item><title>पक्की छत के नीचे, सुकून और स्वाभिमान भरी जिंदगी मिली जयनाथ को</title><link>https://cnin.co.in/पक्की-छत-के-नीचे,-सुकून-और-स्वाभिमान-भरी/76205</link><description>00 प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली जयनाथ की जिंदगीरायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को पक्का मकान देकर उनके जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। इस योजना के तहत सभी पात्र परिवारों को पक्का घर प्रदान करना है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी जैसी बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का घर मिल रहे हैं।जिला सूरजपुर के जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत सत्यनगर निवासी श्री जयनाथ के जीवन में अब एक नई सुबह आई है - एक ऐसी सुबह, जो पक्की छत के नीचे, सुकून और स्वाभिमान के साथ शुरू होती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) लाखों गरीब परिवारों को सिर्फ आशियाना नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और एक बेहतर भविष्य की नींव दे रही है। जयनाथ एक साधारण मजदूर हैं, जिनका जीवन वर्षों तक संघर्ष और अभाव की छाया में बीता। कच्चे मकान की टूटी-फूटी दीवारें और छलनी छत उनके परिवार की मुश्किलों की गवाह थीं। बरसात के मौसम में तो हालत और भी विकट हो जाती थी - घर के भीतर पानी भर जाता, सामान भीग जाता और रातें जागते हुए काटनी पड़ती थीं। खुद के लिए एक पक्का घर बनाने का सपना, सपना ही बना रहता था।शासन की संवेदनशील दृष्टि ने उनके इस दर्द को पहचानाप्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में श्री जयनाथ को आवास स्वीकृत हुआ। योजना की सहायता से पक्का मकान बनकर तैयार हुआ और वर्षों का वह दर्द, जो हर बरसात में ताजा हो जाता था, अब इतिहास बन चुका है। आज श्री जयनाथ अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। जयनाथ की यह कहानी केवल एक परिवार के जीवन में आए बदलाव की गाथा नहीं है - यह उस विश्वास की कहानी है कि जब नीयत साफ हो और इरादे मजबूत, तो सरकार हर जरूरतमंद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होती है।</description ></item><item><title>महिला दिवस पर बहतराई में एक दिवसीय महिला खेल प्रतियोगिता आयोजित</title><link>https://cnin.co.in/महिला-दिवस-पर-बहतराई-में-एक-दिवसीय-महिला-खेल/76204</link><description>रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बालिकाओं एवं महिलाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्व. बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई, बिलासपुर में एक दिवसीय महिला खेल प्रतियोगिता का कल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की बालिकाओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में कबड्डी, तीरंदाजी, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल तथा हॉकी खेलों का आयोजन किया गया। कबड्डी प्रतियोगिता में बालिका आवासीय कबड्डी अकादमी, बिलासपुर विजेता तथा बालिका आवासीय कबड्डी अकादमी, बिलासपुर उपविजेता रही। तृतीय स्थान वीर शिवाजी कबड्डी अकादमी, बिलासपुर और चतुर्थ स्थान बिलासा कन्या महाविद्यालय, बिलासपुर को प्राप्त हुआ।तीरंदाजी प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में सुलोचना राज प्रथम, पायल मरावी द्वितीय और माया बघेल तृतीय स्थान पर रहीं। जूनियर वर्ग में नंदनी पोर्ते प्रथम, यामिनी धीवर द्वितीय तथा सिमरन खुसरो तृतीय स्थान पर रहीं। सब-जूनियर वर्ग में स्नेहा प्रथम, निकिता द्वितीय और विनीता नेताम तृतीय स्थान पर रहीं, जबकि मिनी वर्ग में एकता ध्रुव प्रथम, नेहा यादव द्वितीय तथा स्मृति नेताम तृतीय स्थान पर रहीं।बास्केटबॉल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ बास्केटबॉल टीम, बिलासपुर विजेता तथा बिलासा कन्या महाविद्यालय, बिलासपुर उपविजेता रही। वॉलीबॉल प्रतियोगिता में पुलिस लाइन, बिलासपुर की टीम विजेता तथा राजकिशोर नगर, बिलासपुर की टीम उपविजेता रही। बिलासा कन्या महाविद्यालय, बिलासपुर को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।हॉकी प्रतियोगिता में टीम ए स्व. बी.आर. यादव राज्य हॉकी, बिलासपुर विजेता रही, जबकि टीम बी खेलो इंडिया हॉकी, बिलासपुर उपविजेता रही। टीम सी हॉकी बिलासपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया तथा टीम डी हॉकी बिलासपुर को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।प्रतियोगिता के समापन अवसर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहायक संचालक श्री ए. एक्का, क्रीड़ा अधिकारी डॉ. सुनील गौरहा, हॉकी हेड कोच श्री अजीत ई. लकड़ा, वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री राकेश टोप्पो, कबड्डी प्रशिक्षक श्री दिल कुमार राठौर, वॉलीबॉल प्रशिक्षक श्री हरगुलशन सिंह, श्री श्रीनिवास नायर, तीरंदाजी सहायक प्रशिक्षक ए.पी.सी. श्री ईतवारी राज, श्री मनमोहन पटेल सहित स्व. बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>मुर्गीपालन से बदली अनुसुइया की जिंदगी, शासन के आर्थिक सहयोग और स्वयं की मेहनत से बनीं आत्मनिर्भर</title><link>https://cnin.co.in/मुर्गीपालन-से-बदली-अनुसुइया-की-जिंदगी,-शासन/76203</link><description>रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूह आज महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जो महिलाएं पहले केवल घर और परिवार तक सीमित थीं, आज वे आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होकर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में उत्तर बस्तर कांकेर जिले के सुदूरवर्ती अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम बेलोंडी की श्रीमती अनुसुइया नेताम ने मुर्गीपालन व्यवसाय के माध्यम से सफलता की नई मिसाल कायम की है।श्रीमती नेताम ने बताया कि उनका परिवार पहले मुख्य रूप से खेती और मजदूरी पर निर्भर था। वर्षा आधारित खेती होने के कारण कई बार फसल अच्छी नहीं होती थी, जिससे परिवार की आय अस्थिर और सीमित रहती थी। आय कम होने के कारण घर के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। इस परिस्थिति से उबरने के लिए उन्होंने जय मां संतोषी स्व-सहायता समूह से जुड़कर मुर्गीपालन को आजीविका के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। समूह के माध्यम से उन्होंने 30 हजार रुपए का ऋण लेकर मुर्गीपालन व्यवसाय की शुरुआत की। धीरे-धीरे इस व्यवसाय से उन्हें अच्छी आमदनी मिलने लगी।श्रीमती अनुसुइया नेताम ने समूह से जुडऩे के बाद उन्हें बचत का महत्व, ऋण प्रबंधन और छोटे व्यवसायों के संचालन की जानकारी मिली। साथ ही महिलाओं को आय बढ़ाने के विभिन्न तरीकों और शासकीय योजनाओं के बारे में भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिससे उनमें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा जागृत हुई। वे सूर्या महिला ग्राम संगठन बेलोंडी और आशा महिला क्लस्टर संगठन अमाबेड़ा की बैठकों में भी नियमित रूप से भाग लेने लगीं। व्यवसाय की शुरुआत में उन्होंने लगभग 360 देशी चूजों की खरीदी की, जिस पर करीब 11 हजार 880 रुपए खर्च हुए। इसके अतिरिक्त दाना, पानी के बर्तन, वैक्सीन और टॉनिक आदि पर भी खर्च किया गया। इस प्रकार मुर्गीपालन व्यवसाय में कुल मिलाकर लगभग 33 हजार 360 रुपए का प्रारंभिक निवेश किया गया।श्रीमती अनुसुइया नेताम ने बताया कि कुछ महीनों की मेहनत के बाद मुर्गियां अच्छी तरह विकसित होकर बिक्री के लिए तैयार हुईं। इसके बाद उन्होंने लगभग 200 मुर्गियां बेचकर 55 हजार रुपए की शुद्ध आय अर्जित की। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ और अब बच्चों की पढ़ाई सहित अन्य आवश्यकताओं को पूरा करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। स्व-सहायता समूह, ग्राम संगठन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से श्रीमती अनुसुइया नेताम ने मुर्गीपालन के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री  आबे नोरिआकि ने की सौजन्य मुलाकात </title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-से-जापान-दूतावास/76202</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई। &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव एवं विधायक श्री सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।</description ></item><item><title>बीजापुर के अंकित सकनी ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में पाई सफलता, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई   </title><link>https://cnin.co.in/बीजापुर-के-अंकित-सकनी-ने-यूपीएससी-की-सिविल/76201</link><description>&amp;nbsp; &amp;nbsp;रायपुर-बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के छोटे से ग्राम गुदमा के युवा श्री अंकित सकनी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 816वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार और गांव का, बल्कि पूरे बस्तर संभाग और छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंकित सकनी और उनके माता-पिता से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने अंकित की इस सफलता को प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अंकित ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हो, तो सफलता अवश्य मिलती है।उन्होंने कहा कि बीजापुर जैसे दूरस्थ और आदिवासी अंचल के छोटे से गांव से निकलकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करना अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बस्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है कि वे भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।</description ></item><item><title> अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्राम छतौना में वृहद महतारी वंदन सम्मेलन आयोजित</title><link>https://cnin.co.in/-अंतर्राष्ट्रीय-महिला-दिवस-पर-ग्राम-छतौना/76200</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-मुख्यमंत्री श्री साय वर्चुअल माध्यम से हुए शामिल, महिलाओं के खातों में किया 684 करोड़ रूपए का किया अंतरित, दी बधाई&amp;nbsp;0-विधायक सहित कलेक्टर-एसपी एवं अन्य जनप्रतिनिधि हुए शामिल&amp;nbsp;0-विधायक ने की महतारी सदन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये की घोषणा&amp;nbsp;रायपुर -अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुंगेली जिले के ग्राम छतौना (जरहागांव), सेतगंगा, मानस मंच लोरमी एवं झाफल और मंगल भवन पथरिया में वृहद महतारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिले में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में 684 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का अंतरण किया और हितग्राहियों को बधाई दी। इसमें जिले के 02 लाख 09 हजार 600 से अधिक महिलाओं के खाते में 19.22 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की गई। ग्राम छतौना के मंडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज, लोरमी जनपद अध्यक्ष श्रीमती वर्षा सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अंबालिका साहू, श्रीमती रजनी मानिक सोनवानी, श्री उमाशंकर साहू, जनपद पंचायत मुंगेली अध्यक्ष श्री रामकमल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरूआत में सरस्वती और भारत माता के छाया चित्र पर पूजा-अर्चना की गई। साथ ही राष्ट्रगान जन गण मन एवं राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाया गया। &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;विधायक श्री मोहले ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महतारी वंदन योजना, आवास योजना, बिजली बिल में राहत, स्वच्छ पेयजल की सुविधा और पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ महिलाओं को मिल रहा है। आज महिलाएं देश और राज्य की नेतृत्वकारी भूमिकाओं में भी आगे बढ़ रही हैं और हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। राज्य में बड़ी संख्या में महिलाएं लखपति दीदी बनकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। महिलाएं सिलाई, कढ़ाई सहित विभिन्न व्यवसायों में आगे बढ़ रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। विधायक ने कहा कि राज्य सरकार को बने अभी दो वर्ष ही हुए हैं और इस दौरान विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें रोजगार और व्यवसाय की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महतारी सदन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये की घोषणा की। &amp;nbsp; &amp;nbsp; कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजना के तहत अब तक 684 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिल रही है। उन्होंने उपस्थित सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम को संबोधित किया और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में महिलाओं में काफी उत्साह और हर्ष का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने मंच के माध्यम से अपनी सफलता एवं आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी साझा की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।&amp;nbsp;&amp;nbsp;**अधिकारी-कर्मचारी सहित हितग्राही और बालिका खिलाड़ी हुए सम्मानित ** &amp;nbsp;&amp;nbsp; कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागीय 16 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के 38 बालिका खिलाडिय़ों को 01 हजार 100 रूपए का चेक एवं शाल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी तरह कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 06 बालिकाओं को 20 हजार रूपए की राशि, शील्ड व प्रशस्ति पत्र, जरहागॉव सुरभि क्लस्टर संगठन की 11 महिलाओं, महतारी वंदन योजना की राशि से व्यवसाय करने वाली 30 महिलाओं को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।</description ></item><item><title>महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://cnin.co.in/महापुरुषों-के-जीवन-और-विचारों-से-प्रेरणा/76199</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-मुख्यमंत्री श्री साय ने बीएसएस प्रणवानंद स्कूल के 'कल्चरल एंड हेरिटेज म्यूजियम' का किया अवलोकन &amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित बीएसएस प्रणवानंद स्कूल परिसर पहुंचकर &amp;nbsp;भारत माता की मूर्ति तथा भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूल परिसर में स्थापित कल्चरल एंड हेरिटेज म्यूजियम का अवलोकन किया। स्कूल के सचिव स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज ने उन्हें संग्रहालय का विस्तृत भ्रमण कराया। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ संग्रहालय में प्रदर्शित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, ऋषि-मुनियों तथा भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित मानव कल्याण से जुड़े कार्यों और गतिविधियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्कूली बच्चों को भारत के समृद्ध इतिहास, ऋषि-मुनियों, महान चिंतकों, धर्म प्रवर्तकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान से परिचित कराने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और गौरवशाली रही है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों, विद्वानों और महापुरुषों ने अपने ज्ञान, तप और त्याग से और अधिक समृद्ध बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोडऩा अत्यंत आवश्यक है। इससे बच्चों में अपने राष्ट्र, संस्कृति और मूल्यों के प्रति गर्व की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि बीएसएस प्रणवानंद स्कूल द्वारा स्थापित यह संग्रहालय भावी पीढ़ी को हमारे धर्म, ग्रंथों, संस्कृति और परंपराओं से जोडऩे का प्रेरणादायक माध्यम बनेगा। इस अवसर पर स्कूल के सचिव स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज ने मुख्यमंत्री श्री साय को शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया। उल्लेखनीय है कि बीएसएस प्रणवानंद स्कूल में भारत के महान ऋषि-मुनियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों की प्रतिमाएं उनके जीवन और कार्यों की जानकारी के साथ स्थापित की गई हैं। इनमें महर्षि वेदव्यास, ब्रह्मर्षि विश्वामित्र, सुश्रुत, कणाद, आर्यभट्ट, रामानुजाचार्य, स्वामी विवेकानंद, राजा राममोहन राय, पृथ्वीराज चौहान, रानी लक्ष्मीबाई, खुदीराम बोस, महर्षि दयानंद और भगवान बिरसा मुंडा सहित अनेक महान विभूतियां शामिल हैं।इस अवसर पर प्राचार्य श्रीमती आनन्दिता घोष, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुजतबा खामेनेई नए ईरानी सुप्रीम लीडर बने; ट्रम्प ने कहा था- मेरे बिना सुप्रीम लीडर न चुनें  </title><link>https://cnin.co.in/मुजतबा-खामेनेई-नए-ईरानी-सुप्रीम-लीडर-बने;/76198</link><description>&amp;nbsp;तेल अवीव/तेहरान--ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी और देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। उनके नाम का ऐलान ईरानी सरकारी टीवी ने सोमवार तड़के किया। मुजतबा खामेनेई को लंबे समय से इस पद के प्रमुख दावेदारों में माना जाता रहा था, हालांकि उन्होंने कभी कोई निर्वाचित या औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला है। इस पर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने ट्रम्प का मजाक उड़ाते हुए कहा कि ईरान का भविष्य जेफ्री एपस्टीन के गिरोह नहीं, बल्कि ईरानी जनता तय करेगी। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कह चुके हैं कि ईरान उनके बिना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुने। दूसरी तरफ इजराइल ने धमकी दी थी कि वो खामेनेई के उत्तराधिकारी को भी खत्म कर देंगे। बता दें कि जेफ्री एपस्टीन के यौन अपराधी था, जिसके कई हाई प्रोफाइल लोगों के साथ रिश्ते थे। अमेरिका ने उससे लाखों सीक्रेट दस्तावेज जारी किए हैं, जिनमें डोनाल्ड ट्रम्प का भी नाम है।&amp;nbsp;** --35 साल से ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज थे अली खामेनेई&amp;nbsp;&amp;nbsp;ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमरीकी इजराइल के हमले में मौत हो गई थी।अयातुल्ला 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर काबिज थे। ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान, जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी को हटाया गया तो खामेनेई ने क्रांति में बड़ी भूमिका निभाई थी।इस्लामिक क्रांति के बाद खामेनेई को 1981 में राष्ट्रपति बनाया गया था। वह 8 साल तक इस पद पर रहे। 1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर खुमैनी की मौत के बाद उन्हें उत्तराधिकारी बनाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक अयातुल्ला धर्मगुरु की एक पदवी है।</description ></item><item><title>शानदार जीत,शानदार आगाज़ </title><link>https://cnin.co.in/शानदार-जीत,शानदार-आगाज़-/76197</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;** संजय दुबे&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;2007,2025 के बाद 2026 में भी भारतीय क्रिकेट टीम ने हैट्रिक जीत हासिल कर लिया।महेंद्र सिंह धोनी,रोहित शर्मा के बाद सूर्य कुमार यादव तीसरे ऐसे कप्तान बन गए है जो &amp;nbsp;क्रिकेट के फटाफट फॉर्मेट में अपनी टीम को विजेता बनाए है। इस टूर्नामेंट में अगर कोई खिलाड़ी अपने असफलता के दौर से निकलकर सफलता के झंडे गाड़े है तो वे दो खिलाड़ी संजू सैम्सन और ईशान किशन है। दोनों खिलाड़ी पिछले कई महीनों से &amp;nbsp;सफलता की तलाश में थे। कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्य कुमार यादव के भरोसे ने दोनों खिलाडिय़ों को &amp;nbsp;मौका दिया और जब पूरी टीम जीत का जश्न मना रही थी तब इन दो खिलाडिय़ों का प्रदर्शन &amp;nbsp;का आंकलन भी हुआ। संजू सैम्सन ने &amp;nbsp;तीन शानदार &amp;nbsp;पारियां &amp;nbsp;खेली।एक तरीके से विजयी होने भारतीय क्रिकेट टीम के वे लंगर बन गए थे।प्रतिद्वंदी टीम उनको रोकने में असफल रही। भले ही इंग्लैंड के खिलाफ 15 रन पर उनको जीवन दान मिला था लेकिन &amp;nbsp;फीयरलेस पारी ने उन्हें अचानक ही स्टार खिलाड़ी बना दिया। हर खिलाड़ी अपने जीवन की सर्वश्रेष्ठ पारी को न केवल खुद याद रखना चाहता है बल्कि दर्शक भी खिलाड़ी के शानदार पारी को जेहन में रखना चाहते है।संजू सैम्सन की न्यूज़ीलैंड के खिलाफ फाइनल में खेली गई पारी इस बात की तब तब गवाह होगी जब जब संजू सैम्सन की चर्चा होगी। संजू ने महज पांच मैच में 199 की स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाए।प्लेयर ऑफ द &amp;nbsp;टूर्नामेंट भी बने।दूसरे खिलाड़ी के रूप में ईशान किशन भी याद रखने वाले खिलाड़ी हो गए है। ईशान के बैट से 317 रन निकले उन्होंने भी 193 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। संयोग ये भी है संजू सैम्सन और ईशान किशन दोनों विकेट के पीछे विकेटकीपर के रूप में एक दूसरे के प्रतिद्वंदी है।टीम में एक ही विकेटकीपर होता है। फिलहाल संजू सैम्सन है तो भविष्य में ईशान किशन होंगे। &amp;nbsp;क्रिकेट टीम गेम है लेकिन खिलाडिय़ों का व्यक्तिगत प्रदर्शन हमेशा दर्शकों की निगाह में रहता है।जसप्रीत बुमराह, नि:संदेह भारतीय क्रिकेट टीम में तुरुप का इक्का है। जब भी उम्मीद होती है बुमराह खरे उतर जाते है। उनका प्रिय हथियार यार्कर ने कहर ही ढाया खासकर न्यूजीलैंड के कप्तान सेंटनर को उन्होंने जो बोल्ड आउट किया वह फाइनल की सबसे &amp;nbsp;बेहतरीन बॉल थी।अक्षर पटेल, &amp;nbsp;संकटमोचन की भूमिका में रहे और &amp;nbsp;बुमराह के बाद अगर प्रतिद्वंदी टीम को दबाव में लाने का काम किया तो अक्षर पटेल के हिस्से में ये काम जाता है।हार्दिक पांड्या, बेहतरीन आल राउंडर है इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए उनका एनर्जी लेवल अलग ही है। पिछले बार विश्वकप जीते थे तो हार्दिक रोए थे पारिवारिक विघटन ने उन्हें मानसिक रूप से कमजोर किया था इस &amp;nbsp;बार उनके चेहरे में खुशी थी।इसका कारण भी &amp;nbsp;स्टेडियम में उनके मित्र का होना था। &amp;nbsp; आखिर में बात कप्तान सूर्य कुमार यादव याने स्काई की तो उन्हें चतुर कप्तान से ज्यादा वाकपटु मानना चाहिए। उन्होंने हर &amp;nbsp;प्रेस कॉन्फ्रेंस में &amp;nbsp;हर सवाल का जवाब दिया चाहे वह संजू सैम्सन पर उठे सवाल होय अभिषेक शर्मा पर पूछे गए प्रश्न हो या फिर पाकिस्तान से हाथ मिलाने का प्रश्न हो या न्यूज़ीलैंड के कप्तान सेंटनर के बारे में उठा सवाल हो। इस बार के विश्व कप में दीगर खिलाडिय़ों के बेहतरीन &amp;nbsp;प्रदर्शन के चलते सूर्य कुमार यादव का कमजोर &amp;nbsp;प्रदर्शन &amp;nbsp;छिप गया लेकिन उनकी भी सफलता टीम के लिए जरूरी है। जीत हमेशा सुखद होती है और हार हमेशा मंथन कराती है। 146 करोड़ की जनसंख्या वाले देश सहित दुनियां भर में कल 82 करोड़ स्क्रीन पर मैच देखा गया ये अपने आप में क्रिकेट के रोमांच के चरम का इजहार करता है। देश में क्रिकेट, धर्म सा हो चला है, दर्शक कम दीवाने ज्यादा हो गए है।दीवाने है तो दीवानों को नजर चाहिए। भारतीय टीम ने जीत का नजराना दे दिया है।होली के &amp;nbsp;आठ माह बाद दिवाली मनती है लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम ने चार दिन बाद ही देश में दिवाली मनवा दी।शाबाश सूर्य कुमार यादव और आपकी टीम।आप सभी को 146 करोड़ देशवासियों की तरफ से बधाई, और अनंत शुभ कामनाएं ...।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>टी20 विश्वकप में भारत की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई  </title><link>https://cnin.co.in/टी20-विश्वकप-में-भारत-की-ऐतिहासिक-जीत-पर/76196</link><description>&amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने टी20 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत द्वारा विश्व कप का खिताब जीतने पर टीम इंडिया को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि टी20 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया के हमारे धुरंधरों ने एक बार फिर विश्व कप का खिताब जीतकर हर भारतवासी को गौरवान्वित किया है। इस जीत के साथ ही भारत यह खिताब 3 बार जीतने वाला पहला देश बन गया है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूरी टीम को हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्ति की कि भविष्य में भी हमारा तिरंगा यूँ ही विश्व मंच पर शान से लहराता रहे और भारत का गौरव निरंतर बढ़ता रहे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय</title><link>https://cnin.co.in/चन्द्रनाहू-कुर्मी-क्षत्रिय-समाज-के-अधिवेशन/76195</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-समाज के लिए सामुदायिक भवन हेतु 50 लाख और पारागांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेता है, तब नई पीढ़ी और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर जिले के पारागांव में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। &amp;nbsp;इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही पारागांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महतारी वंदन योजना को दो वर्ष पूर्ण हो गए हैं और इस अवसर पर प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में योजना की 25वीं किश्त की राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और इस समाज ने देश और प्रदेश को अनेक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व दिए हैं। उन्होंने समाज द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के माध्यम से 2000 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर मिल रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि &amp;nbsp;राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। &amp;nbsp;मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का धान का कटोरा कहा जाता है और किसानों के हित में राज्य सरकार लगातार निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि होली पर्व के पूर्व 25.28 लाख किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुन: प्रारंभ किया गया है, जिससे बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 के बजट में राज्य के सभी वर्गों के विकास को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने समाज के युवाओं से आग्रह किया कि जो बेटा-बेटी उद्यम करना चाहते हैं, वे राज्य की नई उद्योग नीति का अध्ययन करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इन निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्री दीपक चंद्राकर (सिविल जज में चयनित), कु. लक्ष्मी चंद्राकर (पीएससी में चयनित, वाणिज्यिक कर अधिकारी), डॉ. प्रीति करण चंद्राकर (हेड ऑफ डिपार्टमेंट, कंप्यूटर एंड साइंस, एनआईटी रायपुर), डॉ. करण चंद्राकर (आईआईटी दिल्ली से टेक्सटाइल एवं फाइबर इंजीनियरिंग में पीएचडी), कु. लक्ष्मी चंद्राकर (इंडो-नेपाल टेस्ट सीरीज बॉल बैडमिंटन में गोल्ड मेडल), डॉ. दिव्या चंद्राकर एवं डॉ. राहुल चंद्राकर (एमबीबीएस, शासकीय चिकित्सालय महासमुंद) शामिल हैं। कार्यक्रम को केबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री ललित चंद्राकर तथा विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने भी संबोधित किया और समाज के संगठन, शिक्षा और सामाजिक विकास में योगदान की सराहना की। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय </title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-से-मातृशक्ति-को-मिला/76194</link><description>&amp;nbsp;0-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित&amp;nbsp;0-बस्तर की धरती से मातृशक्ति को बड़ा संबल,महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी &amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन-2026 में प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार का हर निर्णय महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है। &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित किए। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत अब तक महिलाओं को 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला जनकल्याणकारी अभियान बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 10 मार्च 2024 का वह दिन याद है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया था। उसी समय यह संकल्प लिया गया था कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला के खाते में हर महीने निर्धारित तिथि पर एक हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। पिछले 25 महीनों से यह संकल्प लगातार पूरा किया जा रहा है और इस किश्त के साथ अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि माताओं-बहनों के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला रही है। महिलाएं इस सहायता का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों में आर्थिक स्थिरता बढ़ रही है और समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं, बल्कि वे उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधक भी होती हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का महिलाओं ने अत्यंत समझदारी से उपयोग किया है। किसी ने बेटियों के भविष्य के लिए बचत की, किसी ने स्वरोजगार शुरू किया, किसी ने परिवार के छोटे व्यवसाय को बढ़ाया, तो किसी ने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर घर की स्थिति को मजबूत बनाया। यह इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है कि महिलाओं ने इसे स्वयं और परिवार की उन्नति का माध्यम बनाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित दूरस्थ अंचलों में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार अनेक स्तरों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों के विवाह कराए गए हैं। महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 महतारी सदन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ग्राम पंचायत स्तर पर इनका उपयोग महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण, विपणन और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है। प्रदेश में अब तक 8 लाख महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाया जा चुका है और अब सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई नेतृत्वकारी शक्ति बनकर उभर रही हैं। इसी दिशा में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से &amp;nbsp;रेडी टू ईट फूड निर्माण का कार्य पुन: प्रारंभ कराया गया है और इसे चरणबद्ध रूप से प्रदेश के शेष जिलों में भी लागू किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को व्यापक रोजगार के अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पुन: प्रारंभ की गई हैं, बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू कराया गया है, बिजली पहुंची है, मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं तथा स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़कों की सुविधा दूरस्थ बसाहटों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के माध्यम से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा भी मजबूत की गई है, जिससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी हो रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी की श्रीमती नीतू साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी, जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू तथा सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल से संवाद किया। &amp;nbsp; मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के संबल से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया, जिससे अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर पा रही हैं। &amp;nbsp;धमतरी की श्रीमती नीतू साहू ने बताया कि मजदूरी से होने वाली सीमित आय के कारण बेटियों के भविष्य के लिए बचत करना कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खुलवाकर हर महीने बचत शुरू की है। &amp;nbsp;इसी तरह सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल ने महतारी वंदन योजना से मिली राशि को बचाकर &quot;निधि मेकओवर&quot; नाम से ब्यूटी पार्लर शुरू किया, जबकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू ने सिलाई का कार्य प्रारंभ कर &quot;अनीता सिलाई सेंटर&quot; स्थापित किया। जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट ने भी इस राशि को अपने परिवार के व्यवसाय में लगाकर आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। &amp;nbsp; मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अनुभव अत्यंत सुखद है कि महतारी वंदन योजना की राशि महिलाओं के हाथों में पहुंचकर परिवारों की तरक्की का आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें दूरदर्शिता, परिश्रम और आत्मविश्वास की अद्भुत मिसाल हैं। जब महिलाओं को अवसर और संबल मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने की शक्ति बन जाती हैं। &amp;nbsp;इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 'लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट' का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से पुनर्वासित महिलाओं को जोड़ा गया है, जिन्हें कृषि महाविद्यालय के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये महिलाएं मिलेट आधारित खाद्य सामग्री तैयार कर उसका विक्रय करेंगी, जिससे उन्हें सतत आजीविका और आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, प्रसंस्करण और स्थानीय विपणन से जोड़कर विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में भी प्रावधान किए गए हैं। &amp;nbsp;कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को लागू करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया गया और उसी क्रम में महतारी वंदन योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य की लगभग 70 लाख माताएं-बहनें लाभान्वित हो रही हैं। यह योजना महिलाओं को घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ महिला कोष तथा सक्षम योजना के माध्यम से भी महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग दे रही है। &amp;nbsp;वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने &amp;nbsp;कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह नियमित रूप से सहायता राशि प्रदान किया जाना सरकार की वचनबद्धता का प्रमाण है।विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से माताएं-बहनें आज घर-परिवार को खुशहाल बनाने के साथ प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान दे रही हैं। &amp;nbsp; कार्यक्रम के आरंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी । &amp;nbsp;कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की सफलता की कहानियों पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री को फलों की टोकरी तथा धुरवा तुवाल भेंटकर योजना के लिए आभार व्यक्त किया। &amp;nbsp; इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम आटामी, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर श्री संजय पांडेय, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बस्तर के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप, बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव &amp;nbsp;सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>          महतारी वंदन महिला सशक्तिकरण के हमारे प्रयासों का प्रतीक- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा </title><link>https://cnin.co.in/----------महतारी-वंदन-महिला-सशक्तिकरण-के-हमारे/76193</link><description>&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;0-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा कवर्धा में जिलास्तरीय महतारी वंदन कार्यक्रम में हुए शामिल&amp;nbsp;0-कबीरधाम की महिलाओं को 24 किश्तों में मिले 563.49 करोड़ रुपए&amp;nbsp;0-उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को उप मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर किया सम्मानित&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना की 25 वीं किश्त की राशि बस्तर में आयोजित कार्यक्रम से जारी की। इस अवसर पर कवर्धा के वीर सावरकर भवन में महतारी वंदन सम्मेलन का आयोजन किया। इस आयोजन में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं सांसद श्री संतोष पाण्डेय भी कार्यक्रम में शामिल हुए। &amp;nbsp;सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, &amp;nbsp;जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुषमा बघेल, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, डॉ वीरेन्द्र साहू, सभापति श्रीमती सुष्मिता पटेल, श्री नितेश अग्रवाल, श्री विजय पटेल, श्री मनीराम, श्रीमती मधु तिवारी, श्रीमती सुषमा चंद्रवंशी, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आनंद तिवारी, पार्षदगण सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही। &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विश्व महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि सिर्फ आज ही नहीं हर दिन महिला दिवस है। समाज में जब भी कुछ सकारात्मक बदलाव लाना होता है इसकी शुरुआत महिलाओं से होती है। पुरातन काल और हजारों वर्षों से यह हमारी परम्परा है, जहां माताओं का स्थान समाज में सर्वोच्च है। हमारे देश में माताएं देवियों के रूप में पूजित हैं। आदि शंकराचार्य ने जब मंडन मिश्रा से शास्त्रार्थ किया था तो निर्णायक की भूमिका भी एक विदुषी महिला उभय भारती जो कि मंडन मिश्रा की पत्नी थी, उन्होंने निभाई थी। &amp;nbsp; &amp;nbsp;भारत में परिवर्तन के लिए महिला शक्ति को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। महिलाओं को स्व रोजगार, उद्यमिता और सहकारिता से जोड़ते हुए लखपति दीदी के रूप आगे बढ़ाया जा रहा है। महतारी वंदन पूरे प्रदेश में सबसे बड़ी योजना है। महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हर माह 1 हजार रुपए की राशि महिलाओं को मिल रही है। आज योजना की 25 वीं किश्त जारी हो रही है। यह राशि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। महिलाएं स्व रोजगार और उद्यमिता को अपनाकर आय अर्जित कर रही हैं। जिससे वे अपने बच्चों और घर परिवार से जुड़े आर्थिक जरूरतों की पूर्ति खुद करने में सक्षम हो रही हैं। &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के हाथ में योजना की राशि मिले और वे स्वयं अपने खाते से राशि निकाल सकें, इसके लिए हर पंचायत में अटल डिजिटल केंद्र खोल जा रहे हैं। जिससे महिलाओं को दूर शहरों में बैंक या सोसायटी तक जाना न पड़े। महिला स्व सहायता समूहों के लिए महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, यह विशेष रूप से महिलाओं के लिए ही होगा। इसका निर्माण क्लस्टर लेवल फेडरेशन स्तर पर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सदन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यह नीति निर्धारण में महिलाओं की सहभागिता को बढ़ाएगा। &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडे ने अपने सम्बोधन में कहा कि महिला एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज और देश की नींव तैयार करती है। माँ के रूप में महिला शक्ति अपने संतान को जो शिक्षा और सीख देती है वैसा ही उसका विकास होता है। &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक जीवन स्तर को और बेहतर बनाया जा सके। महतारी वंदन की राशि देने का वायदा किया था। सरकार बनने के बाद यह राशि जारी करने की शुरुआत की गईं अब तक 25 किश्त जारी की जा चुकी है.उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले की 2.48 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना से अब तक 24 किश्तों में 563.49 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। &amp;nbsp; 0---ये हुए सम्मानित &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालों में श्रीमती गंगोत्री, श्रीमती यशोधरा मानिकपुरी, श्रीमती प्रीति सिंह परिहार, श्रीमती श्वेता शर्मा, श्रीमती पायल श्रीवास्तव, श्रीमती सरस्वती निषाद, श्रीमती चंद्र कुमारी, श्रीमती रंजना भट्ट, श्रीमती सुकून चंद्रवंशी, श्रीमती अनीता पाली, श्रीमती खुशबू, अनीता केसरवानी, रीना शर्मा, अश्वनी श्रीवास्तव, विवेका हैरिस, श्रीमती सरोज शर्मा, निकिता डड़सेना एवं संगीता साहू शामिल हैं। इसके साथ ही सामाजिक संस्था नई सोच नई राह नारी शक्ति टीम को भी समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी, अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास पहुंचाने के लिए हम कृत संकल्पित''- राज्यपाल डेका</title><link>https://cnin.co.in/नारी-शक्ति-इस-देश-के-विकास-की-धुरी,-अंतिम/76192</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी, अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास पहुंचाने के लिए हम कृत संकल्पित'&amp;nbsp;0-लोकभवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं का हुआ सम्मान&amp;nbsp;0-रंग पंचमी के अवसर पर महिलाओं ने खेली फूलों वाली होली&amp;nbsp;रायपुर-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और रंग पंचमी के अवसर पर लोकभवन में महिला सम्मान समारोह और फूलों की होली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, उद्यम और पत्रकारिता के क्षेत्र मेें उल्लेखनीय भूमिका अदा करने वाली महिलाएं शामिल हुई। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आई शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, आदिवासी विकास के क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर कार्य कर रही महिलाओं का सम्मान किया। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान कर प्रदेश में जन कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने और समाज के सभी लोगों की नि:स्वार्थ भाव से सेवा के लिए उनके योगदान की सराहना की। श्री डेका ने देश के विकास में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी है और मेरी सरकार अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हम सभी के लिए एक गौरवशाली दिन है। यह दिन महिला समानता की दिशा में कार्य करने प्रेरित करता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए, हम सभी को एक ऐसे विश्व के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुन: मजबूत करने की आवश्यकता है जहाँ सभी महिलाओं को सशक्त, सम्मानित और समावेशी बनाया जा सके। श्री डेका ने कहा कि भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला शक्ति केंद्र, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र योजना, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में मददगार साबित हुई है। महिला सशक्तिकरण एक सतत और प्रगतिशील समाज के निर्माण का एक शक्तिशाली साधन है। इसलिए, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएँ और नीतियाँ विकसित की हैं। इनमें से कुछ हैं महतारी वंदन योजना, जो समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना, किशोरी शक्ति योजना और सुकन्या योजना का उद्देश्य लड़कियों को लाभ पहुँचाना है। इस अवसर पर स्पीकर के रूप में आमंत्रित डॉ. शम्पा चौबे ने कहा कि महिलाओं को सशक्त होने के लिए सबसे पहले अपनी मन:स्थिति को मजबूत करना आवश्यक है। शिक्षिका रंजीता साहू ने सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा का अलख जगाने की यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि समाज से हमें बहुत कुछ मिलता हैं उसे धीरे-धीरे कर समाज को लौटाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि लोकभवन के प्रति उनके मन में बहुत आदर है क्योंकि 2005 में उनके पति को तात्कालिक राज्यपाल श्री के. एम. सेठ ने शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया था। इसलिए वे और उनके पति गरीब बच्चों की बेहतर शिक्षा की दिशा में काम कर रहे है। उन्होंने 12 लाख रूपए का बैंक लोन लेकर वनांचल क्षेत्रों में 162 स्कूलों में स्मार्ट टी.व्ही. के माध्यम से आधुनिक शिक्षा के लिए काम किया। इसके अलावा गुल्लक कार्यक्रम चलाकर बचत हेतु प्रेरित किया। अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सुश्री नेहा यादव ने अपनी सफलता के पीछे अपनी मां की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि उनकी मां ने एक सिंगल पैरेंट के रूप में उनका पालन पोषण किया। जबकि उनके जन्म के पहले ही पिता द्वारा त्याग दिए जाने के बाद उनके पास आय का कोई जरिया नहीं था फिर भी उन्होंने अकेले ही अपनी बेटी को अच्छी परवरिश दी और अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बनाया। कार्यक्रम में डॉ प्रीति सतपथी ने महिलाओं से जुड़े आवश्यक कानूनों और अधिनियमों की जानकारी दी। इस अवसर पर श्रीमती प्रदीपा प्रसन्ना ने वनांचल क्षेत्रों में कार्य के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की महिलाएं संघर्ष करते हुए भी मजबूती से अपने घर और समाज के विकास में योगदान दे रही हैं, जो प्रेरणादायक है। &amp;nbsp;राज्यपाल के गोद ग्राम से आए सोनपुरी जिला खैरागढ़ की श्रीमती निलेश्वरी वर्मा, श्रीमती सोहद्रा पाल, ग्राम बिजली गरियाबंद की श्रीमती हेम कुमारी निषाद, श्रीमती पुरईन निषाद, ग्राम टेमरी जिला बेमेतरा की श्रीमती रितु देवांगन, श्रीमती पूजा घृतलहरे का सम्मान किया साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, धरसींवा श्रीमती अनुबाला चक्रवर्ती, क्चश्वञ्जश्वह्र तिल्दा सामुदायिक विकासखण्ड अधिकारी सुश्री शिखा कुशवाहा, अस्पताल परिचालक &amp;nbsp;श्रीमती आरती देवांगन, श्रीमती माधूरी बरवा, महिला बाल विकास, निमोरा की सहायिका कार्यकर्ता श्रीमती रामवती साहू, महिला बाल विकास, तुता की सहायिका कार्यकर्ता श्रीमती लक्ष्मी यादव, नगर निगम, रायपुर सुपरवाईजर श्रीमती पिंकी तांडी, श्रीमती वर्षा तांडेकर, पं. रविशंकर शुक्ल विवि, रायपुर की कर्मचारी टी मोहिनी, कलेक्टोरेट, रायपुर ज्योति साहू, पूनम सिंह ठाकुर, सुजाता शेष, रूद्राणी सिंह राजपूत, गोपा सान्याल, डॉ. प्रीति सतपथी, लोकभवन कर्मचारी कुसुम मानिकपुरी, अन्नपूर्णना महोबिया, श्यामा वर्मा, महिला आरक्षक को सम्मानित किया गया। इस अवसर राज्यपाल ने जी. एस. टी. से संबंधित ई-बुक का भी विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालक श्रीमती सोनालिका शुक्ला ने किया।</description ></item><item><title>आधी आबादी और उनके राजनैतिक अधिकार </title><link>https://cnin.co.in/आधी-आबादी-और-उनके-राजनैतिक-अधिकार-/76191</link><description>** संजय दुबेआज आठ मार्च है, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, याने आधी आबादी का जश्न,होना भी चाहिए क्योंकि देश के हर राजनैतिक पार्टी के एजेंडा में महिला सशक्तिकरण प्राथमिकता बन गई है। &amp;nbsp;पुरुष &amp;nbsp;सत्तात्मक परिवार के बढ़ते प्रभुत्व के चलते &amp;nbsp;दुनिया भर में महिलाओं को दिन ब दिन परिवार की प्रतिष्ठा बनाकर उसे चारदीवारी और &amp;nbsp;फिर दरवाजे के भीतर &amp;nbsp;सीमित किया जाने लगा। भारत में विदेशी आक्रमण के चलते &amp;nbsp;भी &amp;nbsp;महिलाओं को &amp;nbsp;सुरक्षागत &amp;nbsp;कारणों से &amp;nbsp;सार्वजनिक नहीं होने दिया गया। &amp;nbsp;ये बंदिश सालों साल चलते रही। सीमित सामाजिक और आर्थिक अधिकार के चलते महिलाएं शिक्षा से भी वंचित हो गई। देश दुनियां में कुछ महिलाओं ने आगे बढऩे की कोशिश जरूर की लेकिन जिनकी राजनैतिक सहभागिता याने मतदान का अधिकार ही में मिला। शासक देशों में जिन्हें स्वतंत्र देश कहा जाए वहां महिलाएं आंदोलन का सहारा लेकर आगे बढऩे का जुगत लगाते रही। भारत के संदर्भ में ले तो देश की महिला प्रधानमंत्री के होने के बावजूद सशक्तिकरण &amp;nbsp;कमजोर ही रहा। इक्कीसवीं सदी के प्रारंभ में &amp;nbsp;प्रधान मंत्री नरसिंहराव और वित्त मंत्री मनमोहन सिंह के प्रयास से अन्तर्राष्ट्रीय बेरियर खोले गए और &amp;nbsp;देश में शिक्षण संस्थाओं में अंग्रेजी भाषा के माध्यम से &amp;nbsp;पढ़ाई की बुनियाद रखी गई वह महिला सशक्तिकरण की भी बुनियाद साबित हुई। इसके चलते सबसे बड़ा परिवर्तन लैंगिक आधार पर हुआ। महिला, पुरुषों के लिए कौतूहल के विषय से हट कर समझ के दायरे में आई।सहशिक्षा ने बड़ी भूमिका निभाई &amp;nbsp;और बीते महज पैंतीस सालों में फिजा ही बदल गई। महिलाएं, शिक्षित होने के क्रम में आगे बढ़ी साथ साथ &amp;nbsp;रोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ी। वेतन के सीमित रहने के बावजूद आर्थिकनिर्भरता ने उनके मनो मस्तिष्क के द्वार खोले। आज देखे तो सेना मे भी उनकी सहभागिता है।उनके लिए &amp;nbsp;आज की स्थिति में सेना में सीधे पद के लिए एनडीए प्रवेश परीक्षाएं प्रारंभ हो चुकी है। बीते एक दशक में आईएएस के लिए होने वाली संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में महिलाओं ने पहले से चार स्थानों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। अपनी प्रतिभा के बल पर आज अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर ज्ञान के हर क्षेत्र में बराबरी से पुरुषों से कंधा से कंधा मिलाकर आगे बढ़ चुकी है। &amp;nbsp;राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है जहां आज भी महिलाओं की समानता का प्रश्नचिन्ह खड़ा हुआ है। आधी आबादी होने के बावजूद राजनीति में उपस्थिति पूरी दुनियां में सोच का विषय है। &amp;nbsp;संयुक्त राष्ट्र संघ &amp;nbsp;में छोटे बड़े देशों की संख्या 193है।इनमें से केवल 24 देशों में सर्वोच्च पद &amp;nbsp;राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री महिलाएं है। भारत के राष्ट्रपति पद पर द्रौपदी मुर्मू निर्वाचित हुई है। &amp;nbsp;हिंदुस्तान के संदर्भ में देखे। तो त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में महिलाओं के आरक्षण की व्यवस्था हुई। इसके बाद महिलाओं को लोकसभा में तैंतीस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था 2029 के चुनाव में निर्धारित कर दिया गया है। विधानसभा में अभी इस आरक्षण व्यवस्था का प्रश्न , प्रश्न ही है। आर्थिक आधार पर &amp;nbsp;महिलाओं को संरक्षित कर वोट बैंक में बदलने की प्रवृत्ति की शुरूआत करने का श्रेय भारतीय जनता पार्टी को जाता है। इससे पहले सरकारें महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से कल्याणकारी योजनाएं चलाया करती थी।इसमें गर्भवती महिला केंद्र बिंदु हुआ करती थी। भारतीय जनता पार्टी ने राशन कार्डों में महिलाओं को मुखिया बनाकर &amp;nbsp;उनके साथ होने का काम किया। मध्यान्ह भोजन में महिला स्व सहायता समूह को आगे किया। उज्जवला गैस &amp;nbsp;योजना में उन्हें &amp;nbsp;लाभान्वित किया।इसके बाद जो ट्रंप कार्ड चलाया वह था उनके खाते में नगद ट्रांसफर का।2023 से लेकर अब तक हुए विधान सभा चुनाव में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान,महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार,में काबिज हुई तो आधी आबादी को आर्थिक आधार पर अपनी तरफ करना था। भाजपा के इतने राज्यों में सफलता का श्रेय अगर किसी को जाना चाहिए तो वह मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जाना चाहिए जिन्होंने पहले रिश्ते में महिलाओं के संतानों को भांजा भांजी बनाकर उनकी &amp;nbsp;मां के भाई बने और भाई बन बहन की आर्थिक सुरक्षा देने के नाम &amp;nbsp;पर लाडली बहन योजना को मूर्त रूप दे दिया।इस योजना को छत्तीसगढ़ में परोस कर भाजपा ने कांग्रेस के जबड़े से जीत को निकाल कर सत्तासीन हो गई। महाराष्ट्र में &amp;nbsp;योजना ने देवेंद्र फडणवीस को प्रचंड बहुमत से मुख्यमंत्री बना दिया। ऐसा नहीं था कि भाजपा विरोधी पार्टियों ने महिलाओं को आर्थिक सुविधा देने के नाम पर कोई कमी की। बिहार में राजग ने साल भर के पैसे मकर संक्रांति में देने का प्रण लिया था लेकिन इस पर बिहार की महिलाओं ने भरोसा नहीं किया। बहरहाल,आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है आज से तीन साल बाद इस देश की 164 लोक सभा &amp;nbsp;सीट पर महिलाओं का वर्चस्व रहेगा।ये ट्रंप कार्ड भी भाजपा का है ।देखना ये भी होगा कि भाजपा विरोधी पार्टियां आनेवाले लोक सभा चुनाव के लिए क्या रणनीति बनाएगी? भाजपा की अगली रणनीति में विधानसभा सीटों में भी तैंतीस फीसदी आरक्षण का दांव होगा ही।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>भारत-न्यूजीलैंड के बीच आज फाइनल  </title><link>https://cnin.co.in/भारत-न्यूजीलैंड-के-बीच-आज-फाइनल--/76190</link><description>&amp;nbsp;अहमदाबाद-। टी-20 वल्र्ड कप का फाइनल आज डिफेंडिंग चैंपियन भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा। जबकि टॉस 6.30 बजे होगा। दोनों टीमें पहली बार सबसे छोटे फॉर्मेट के आईसीसी &amp;nbsp;फाइनल में भिड़ेंगी। 2 बार की चैंपियन टीम इंडिया चौथी बार फाइनल में है। दूसरी ओर न्यूजीलैंड का दूसरा फाइनल होगा, टीम को अपनी पहली ट्रॉफी का इंतजार है। 2021 में उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खिताबी मुकाबले में हार मिली थी। टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत का पलड़ा न्यूजीलैंड पर भारी रहा है, लेकिन टी-20 वल्र्ड कप में तस्वीर बिल्कुल अलग है। टूर्नामेंट के इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक तीन मुकाबले हुए और तीनों में न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज की। ये मैच 2007, 2016 और 2021 में खेले गए थे। 2016 में तो न्यूजीलैंड ने भारत में ही टीम इंडिया को हरा दिया था। ** भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 53त्न मुकाबले जीते टी-20 इंटरनेशनल में भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब तक 30 मुकाबले खेले गए। इनमें से 18 भारत ने जीते हैं, जबकि 11 में न्यूजीलैंड को जीत मिली है। वहीं, 1 मैच टाई रहा। भारत ने 2 मुकाबले सुपर ओवर में अपने नाम किए, जबकि एक मैच का बारिश के कारण टाई रहा। घरेलू मैदान पर भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 में से 11 मुकाबले जीते हैं।</description ></item><item><title>इजराइल बना रहा ईरानी तेल ठिकानों को निशाना, मिसाइलें गिराईं </title><link>https://cnin.co.in/इजराइल-बना-रहा-ईरानी-तेल-ठिकानों-को-निशाना,/76189</link><description>&amp;nbsp;0--3 डिपो और 30 फ्यूल टैंक तबाह&amp;nbsp;&amp;nbsp;तेहरान-अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का नौवां दिन है। इस बीच इजराइल ने ईरान में तेल भंडार और रिफाइनरी फैसिलिटी से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इजराइली मीडिया वाइनेट के मुताबिक, ईरान के 30 फ्यूल टैंकों और 3 तेल डिपो को निशाना बनाया गया है।तेहरान में तेल भंडार के पास भीषण आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। इसी तेल भंडार सुविधा पर इजराइल ने जून 2025 में भी हमला किया था।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा स्व. दिलीप सिंह जूदेव का जीवन -मुख्यमंत्री साय </title><link>https://cnin.co.in/जनजातीय-समाज-के-उत्थान-के-लिए-समर्पित-रहा/76188</link><description>&amp;nbsp;०-स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन &amp;nbsp;रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। &amp;nbsp;इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के दीर्घ सामाजिक-राजनीतिक जीवन और समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।उन्होंने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और विशेष रूप से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर कार्य किया। &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जूदेव जी के विचार, उनके आदर्श और सेवा का भाव आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज की पहचान, स्वाभिमान और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने में स्वर्गीय जूदेव का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में आत्मगौरव की भावना सशक्त हुई और समाज में सकारात्मक चेतना का संचार हुआ। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन  </title><link>https://cnin.co.in/छत्तीसगढ़-के-पूर्व-डीजीपी-विश्वरंजन-का-निधन--/76187</link><description>&amp;nbsp;रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन हो गया है। उन्होंने शनिवार रात पटना के मेदांता अस्पताल में अंतिम सासें ली। पूर्व डीजीपी पिछले कुछ समय से बीमार थे और उन्हें पटना में एडमिट किया गया था। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में शोक है। बता दें वे छत्तीसगढ़ के छठवें डीजीपी थे। पुलिस की नौकरी के साथ उन्हे लिखने पढऩे में भी काफी रूचि थी वे एक अच्छे साहित्यकार थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मंत्री राजवाड़े ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की दी शुभकामनाएं</title><link>https://cnin.co.in/मंत्री-राजवाड़े-ने-अंतर्राष्ट्रीय-महिला/76186</link><description>रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने 8 मार्च को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बेटियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की शक्ति, साहस और उपलब्धियों का उत्सव है। आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, उद्यमिता, विज्ञान, खेल और सामाजिक नेतृत्व सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे परिवार तथा समाज के निर्णयों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इसके साथ ही स्व-सहायता समूहों और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के लिए भी राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।श्रीमती राजवाड़े ने समाज से आह्वान किया कि बेटियों को भी बेटों के समान शिक्षा, अवसर और प्रोत्साहन प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी एक सशक्त, समतामूलक और विकसित समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।</description ></item><item><title>रात 10 बजे के बाद नहीं बजेगा डीजे-धुमाल</title><link>https://cnin.co.in/रात-10-बजे-के-बाद-नहीं-बजेगा-डीजे-धुमाल/76185</link><description>रायपुर। राजधानी रायपुर में विवाह सीजन के दौरान डीजे और धुमाल को लेकर होने वाली शिकायतों और विवादों को देखते हुए प्रदेश में पहली बार पुलिस अधिकारियों और डीजे-धुमाल संचालकों की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीजे संचालकों ने प्रशासन के साथ चर्चा कर नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया और रात 10 बजे के बाद डीजे व धुमाल नहीं बजाने का निर्णय लिया।बैठक में डीजे और धुमाल संचालकों ने स्पष्ट कहा कि वे प्रशासन द्वारा तय सभी नियमों का पालन करेंगे, ताकि विवाह और अन्य कार्यक्रमों के दौरान किसी तरह की परेशानी या विवाद की स्थिति न बने। उन्होंने यह भी कहा कि वे ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करेंगे और अपने साथ जुड़े अन्य संचालकों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि किसी भी समारोह या कार्यक्रम में रात 10 बजे के बाद डीजे और धुमाल नहीं बजाया जाएगा। यह फैसला ध्वनि प्रदूषण और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। संचालकों ने कहा कि वे तय मानकों के अनुसार ही डीजे बजाएंगे।पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विवाह सीजन में लोगों की सुविधा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि कोई संचालक तय नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</description ></item><item><title>नक्सली दो दशकों में पहली बार बस्तर में शुरु तक नहीं कर पाए टीसीओसी अभियान </title><link>https://cnin.co.in/नक्सली-दो-दशकों-में-पहली-बार-बस्तर-में-शुरु/76184</link><description>जगदलपुर। देश के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर में इस वर्ष विगत दो दशकों में पहली बार ऐसा हुआ है, कि नक्सली अपने सबसे अहम सैन्य अभियान टीसीओसी (टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन) शुरु तक नहीं कर पाए हैं। आमतौर पर यह अभियान 8 मार्च के बाद शुरू होकर जून तक चलता है, लेकिन इस वर्ष मार्च के पहले सप्ताह तक इसके संकेत नहीं मिले हैं । बस्तर में तैनात सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल संगठन के बड़े कैडर के नक्सलियों के मारे जाने या आत्मसमर्पण करने के बाद चंद नक्सलियों के बचे होने से कमजोर पड़ चुके संगठन का परिणाम मान रही है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि बस्तर में नक्सल संगठन अब पूरी तरह टूट चुका है। कुछ गिनती के नक्सली बचे हैं, उन्हें न्यूट्रिलाइज करने की प्रक्रिया चल रही है।दरअसल, टीसीओसी नक्सलियों का वार्षिक सैन्य अभियान माना जाता है। इस दौरान संगठन के शीर्ष नेता जंगलों में बैठक कर रणनीति बनाते हैं, नए कैडर भर्ती किए जाते हैं और सुरक्षाबलों, पुलिस कैंपों तथा विकास कार्यों को निशाना बनाने की योजना बनाई जाती है। जंगलों में गर्मियों में पत्ते झडऩे से दृश्यता बढ़ जाती है, जिससे नक्सली बड़े हमले और घात लगाने की रणनीति अपनाते हैं। विदित हो कि पिछले कुछ वर्षों में नक्सली सुरक्षाबलों की सक्रियता को देखते हुए टीसीओसी को पहले ही शुरू करने लगे थे। कई बार जनवरी में ही इसकी शुरुआत कर दी जाती थी, ताकि गर्मी बढऩे से पहले बड़े हमले किए जा सकें।लेकिन इस वर्ष बस्तर के हालात नक्सलवाद के समाप्ति के तय समय सीमा 31 मार्च समाप्ति की ओर अग्रसर होने के साथ ही पूरी तरह से बदल चुके हैं। बस्तर में जंगलों के बीच खूलेआम लगने वाले नक्सलियों की सभा लगभग समाप्त हो चुके हैं, नक्सली स्मारकों को चुन-चुन कर सुरक्षाबल ध्वस्त कर चुके हैं। नक्सलियों का जंगल में स्वच्छंद विचरण समाप्त हो चुका है, इसकी जगह सुरक्षाबलों के जवान गश्त करते दिखते हैं।इससे बस्तर के लोगों को भी यह विश्वास होने लगा है, कि बस्तर नक्सलवाद से मुक्त हो जायेगा। इसके लिए समय का इंतजार करना होगा।</description ></item><item><title>गर्मी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क, हीटवेव से निपटने की तैयारियाँ तेज</title><link>https://cnin.co.in/गर्मी-से-बचाव-के-लिए-स्वास्थ्य-विभाग-सतर्क,/76183</link><description>00 अस्पतालों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन कक्ष, दवाइयों और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देशरायपुर। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन कक्ष, दवाइयों और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देशराज्य में बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को सजग रखने की दिशा में आवश्यक तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएँ, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार जिला अस्पतालों सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्मी से होने वाली बीमारियों के प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं।जारी निर्देशों के अनुसार जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएससी) में हीट स्ट्रोक प्रबंधन कक्ष सक्रिय रखे जाएंगे। इन केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, आईवी फ्लूड, आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों तथा शीतलन संबंधी व्यवस्थाएँ उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि गर्मी से प्रभावित मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके। समुचित सुविधाओं से युक्त ऊष्मा आघात कक्ष रायपुर और दुर्ग जिला अस्पताल मे बनाये जा चुके हैं साथ ही अन्य सभी जिलों मे भी इस प्रकार के कक्ष बनाएं जाने निर्देश दिए गए हैं। एम्बुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखने और जरूरत पडऩे पर त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्यकम की राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ स्मृति देवांगन ने बताया की अत्यधिक तापमान के संपर्क में आने से शरीर में हीट स्ट्रेस की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे हीट रैश, मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक प्यास और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर अवस्था में शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाने पर हीट स्ट्रोक की स्थिति बन जाती है, जो चिकित्सकीय आपातकाल मानी जाती है।&amp;nbsp;हीट वेव से बचाव के लिए आवश्यक है की गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, हल्के व ढीले सूती कपड़े पहनें तथा दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। घर से बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखना, नींबू पानी, छाछ और मौसमी फलों का सेवन करना शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक होता है।&amp;nbsp;बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और खुले में काम करने वाले श्रमिकों को गर्मी से अधिक जोखिम माना गया है। ऐसे में इन वर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार, बेहोशी, भ्रम, अत्यधिक कमजोरी या पसीना आना बंद होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर आपातकालीन सेवा 108 के माध्यम से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। गर्मी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए समय पर सावधानी और जागरूकता को सबसे प्रभावी उपाय माना गया है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार संबंधी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आम नागरिकों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है।</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना बनी फरिदा बेगम के परिवार का सहारा</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-बनी-फरिदा-बेगम-के-परिवार-का/76182</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक महतारी वंदन योजना है, जिसके माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्ही में से एक महिला है कोंडागांव के नहरपारा निवासी फरिदा बेगम, जिन्होंने महतारी वंदन योजना से अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है।&amp;nbsp;फरिदा बेगम ने बताया कि कुछ समय पहले उनके पति का सड़क दुर्घटना में गंभीर एक्सीडेंट हो गया था। इस दुर्घटना के कारण वे दिव्यांग हो गए हैं और अब किसी भी प्रकार का कार्य करने में असमर्थ हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी, ऐसे में घर का खर्च चलाना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था। विपरीत परिस्थितियों में भी फरिदा बेगम ने हार नहीं मानी और अपने घर में एक छोटा सा फैंसी स्टोर चला रही है। इस दुकान से जो थोड़ी-बहुत आय होती है, उसी से परिवार का गुजारा चलता है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली एक हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि उनके लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।फरिदा इस राशि को दो-तीन महीनों तक जमा करती हैं और फिर उससे अपनी दुकान के लिए सामान खरीदती हैं, जिससे उनका छोटा व्यवसाय निरंतर चलता रहता है। साथ ही वे अपनी बेटी की पढ़ाई में भी सहयोग कर रही हैं, जो उच्च शिक्षा के लिए घर से बाहर रहकर अध्ययन कर रही है। फरिदा बेगम का कहना है कि इस योजना से उन्हें आर्थिक संबल मिला है और कठिन परिस्थितियों में भी परिवार को संभालने का आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने इस सहयोग के लिए राज्य शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।</description ></item><item><title>रसोई गैस, कमर्शिलय गैस के दाम की बढ़ोत्तरी जनता का अन्याय - कांग्रेस</title><link>https://cnin.co.in/रसोई-गैस,-कमर्शिलय-गैस-के-दाम-की-बढ़ोत्तरी/76181</link><description>रायपुर। रसोई गैस, कमर्शियल गैस के दाम की बढ़ोत्तरी जनता का अन्याय। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि रसोई गैस के दाम 60 रू. और कमर्शियल गैस के दाम 115 रू. बढ़ाना जनता पर बोझ है। सरकार ने सालो तक मुनाफा वसूला है अब राहत दे। केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के चलते ही महंगाई बेलगाम हो चुकी हैं। 1 डॉलर की कीमत 92 रुपये 68 पैसे तक पहुंच गया है। विगत 10 वर्षों में क्रूड ऑयल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग आधा है, फिर भी कीमतों में कटौती का लाभ आम जनता को नहीं मिला। 2014 की तुलना में 12 सालों तक आधी कीमत पर क्रूड ऑयल खरीद कर केंद्र की मोदी सरकार आम जनता से डीजल, पेट्रोल का डेढ़ गुना दाम वसूल रही है। रसोई गैस की कीमतें तीन गुना अधिक वसूली जा रही है। अब युद्ध का बहाना बनाकर कीमते बढ़ा दी गयी।वंदना ने कहा कि मोदी राज में महंगाई बेलगाम आम आदमी का बजट बिगड़ गया है। जन विरोधी मोदी सरकार ने खाद्य तेलों के आयात शुल्क में 22 प्रतिशत की भारी भरकम वृद्धि की, जिसके चलते ही बाजार में सभी तरह के खाद्य तेलों के दाम लगभग डेढ़ गुना बढ़ गए। क्रूड पॉम ऑयल, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी 5.5 के स्तर से बढ़कर 27.5 प्रतिशत कर दिया गया है, अर्थात सीधे तौर पर 22 $फीसदी की बढ़ोतरी मोदी सरकार के मुनाफाखोरी का प्रमाण है। जिन खाद्य तेलो का उत्पादन स्थानीय स्तर पर होते है उनमें सेंट्रल एक्साइज के दरों में वृद्धि का प्रभाव नहीं होना चाहिये था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार का सरंक्षण जमाखोरो और मुनाफाखोरो को है, जिसके चलते राइस ब्रांड सरसो तेल, जैसे सभी तरह के खाद्य तेलो के दाम डेढ़ गुना बढ़ा दिया गया है।राजपूत ने कहा कि मोदी राज में लगातार रुपए का अवमूल्यन हो रहा है। खाद्य मुद्रास्फीति नियंत्रित करने में यह सरकार पूरी तरह नाकाम हो चुकी है, यही कारण है कि तमाम खाद्य पदार्थों की कीमतों में इसका असर साफ दिख रहा है। दाल की कीमते दोगुनी हो गई है, लहसुन 400 किलो, आलू, प्याज, टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं। एक तरफ बढ़ती बेरोजगारी, घटते इनकम से लोग परेशान हैं वही दैनिक उपभोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों में घर का बजट बिगाड़ दिया है।</description ></item><item><title>नवा रायपुर तहसील गठन की अधिसूचना जारी, मंदिर हसौद, अभनपुर, गोबरा नवापारा और रायपुर पश्चिम की सीमाएं शामिल</title><link>https://cnin.co.in/नवा-रायपुर-तहसील-गठन-की-अधिसूचना-जारी,-मंदिर/76180</link><description>रायपुर। रायपुर जिले में एक और नई तहसील के रूप में नवा रायपुर तहसील अस्तित्व में आ चुकी है। राज्य सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 6 मार्च को नई तहसील की अधिसूचना जारी कर दी है। इससे पहले नवीन तहसील की सीमाओं को लेकर 60 दिनों में दावा-आपत्ति मंगाई गई थी।अधिसूचना के मुताबिक रायपुर जिले की वर्तमान तहसील रायपुर, मंदिर हसौद, गोबरा नवापारा, और अभनपुर के हिस्सों को शामिल कर नवा रायपुर अटल नगर नवीन तहसील बनाई जा रही है। इसमें कुल 6 राजस्व निरीक्षक मंडल, पलौद, मंदिर हसौद, केंद्री, तोरला, सेरीखेड़ी और रायपुर 18 कांदुल शामिल होंगे। इन 6 राजस्व निरीक्षक मंडल के कुल 20 पटवारी हल्के, पलौद 20,21,23,24, 25, और 26, मंदिर हसौद के 15-22, केंद्री के 13, 14, 15, 16, 18 और 19, तोरला के 01,02, सेरीखेड़ी के 16,39, 40, रायपुर 18 कांदुल 51, शामिल हैं। राजस्व निरीक्षक मंडल के 20 पटवारी हल्के के कुल ग्राम 39 शामिल है।पलौद-परसदा 20, पलौद 21, रीको, सेंध 21, चींचा 23, बरौंदा, 23, रमचंडी 23, कयाबांधा 24, झांझ 24, नवागांव 24, खपरी 24, कुहेरा 25, राखी 25, कोटनी 26, कोटराभांटा 26, तांदुल 26, मंदिर हसौद - छतौना 22, नवागांव 15, केंद्री- बेंद्री 13, परसठ्ठी 13, निमोरा 14, उपरवारा 15, तूता 15, केंद्री 16, झांकी 16, खंडवा 18, भेलवाडीह 18, पचेड़ा 19, तोरला- चेरिया 1, पौंता 1, बंजारी 1, तेंदुआ 1, कुरूं 2, सेरीखेड़ी में-सेरीखेडी 16, नकटी 16, टेमरी 39, धरमपुरै 39, बनरसी 40, रायपुर 18 कांदुल माना 511 इन 20 पटवारी हल्का के 39 गांव नवा रायपुर तहसील में शामिल किए गए हैं।</description ></item><item><title>पीएम आवास योजना 2.0 में 28,461 घरों के लिए 435 करोड़ की स्वीकृति से सभी के लिए आवास के संकल्प को मिलेगी नई गति: मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/पीएम-आवास-योजना-2.0-में-28,461-घरों-के-लिए-435-करोड़-की/76179</link><description>00 हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास दिलाना हमारा संकल्प - उपमुख्यमंत्री साव00 छत्तीसगढ़ के लिए 263 परियोजनाएं स्वीकृत, 36 माह में पूरे होंगे काम00 रतनपुर में डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट, आधुनिक और उन्नत तकनीकों से बीएमटीपीसी बनाएगी 40 आवासरायपुर। छत्तीसगढ़ में शहरी गरीबों के लिए बड़े पैमाने पर आवास निर्माण की राह खुल गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राज्य में 28 हजार 461 नए पक्के घरों के निर्माण के लिए 435 करोड़ रुपये से अधिक की केंद्रीय सहायता स्वीकृत हुई है। केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति ने राज्य की 263 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राज्य में 28 हजार 461 नए पक्के आवासों के निर्माण के लिए 435 करोड़ रुपए से अधिक की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। हाल ही में 23 फरवरी को केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में इसकी मंजूरी दी गई। इससे राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाना मिल सकेगा।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सभी के लिए आवास के संकल्प को साकार करने देशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का क्रियान्वयन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में शहरी गरीबों को किफायती और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने सक्रियता से काम किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव नियमित समीक्षा कर आवासों के आबंटन और इनके निर्माण में तेजी व पारदर्शिता सुनिश्चित करने विभागीय अधिकारियों को लगातार निर्देशित कर रहे हैं।केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ द्वारा प्रस्तुत 263 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें 211 लाभार्थी आधारित निर्माण परियोजनाएं और 52 किफायती आवास साझेदारी परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेशभर के नगरीय निकायों में कुल 28 हजार 461 आवासों का निर्माण किया जाएगा। लाभार्थी आधारित निर्माण घटक के तहत 13 हजार 058 आवासों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें पात्र हितग्राही अपनी स्वयं की भूमि पर पक्का घर बना सकेंगे। प्रथम बैच में 52 परियोजनाओं के माध्यम से 3844 आवासों को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 57 करोड़ 66 लाख रुपए की केंद्रीय सहायता स्वीकृत हुई है। वहीं द्वितीय बैच में 159 परियोजनाओं के अंतर्गत 9214 आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 138 करोड़ 21 लाख रुपए की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। इन आवासों की प्रति इकाई परियोजना लागत लगभग 3 लाख 89 हजार रुपए निर्धारित की गई है।किफायती आवास साझेदारी घटक के तहत 15 हजार 363 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत शासकीय भूमि पर सार्वजनिक एजेंसियों के माध्यम से सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर विकसित किए जाएंगे, जिनमें स्लम पुनर्विकास और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए किफायती आवास उपलब्ध होंगे। इस घटक के प्रथम बैच में 24 परियोजनाओं के जरिए 6996 आवासों को मंजूरी दी गई है, जबकि दूसरे बैच में 28 परियोजनाओं के माध्यम से 8367 आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इन आवासों की प्रति इकाई लागत 5 लाख 75 हजार रुपए तय की गई है। ये सभी परियोजनाएं 36 महीनों में पूर्ण की जाएंगी।भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक 50 हजार आवासों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने का लक्ष्य दिया था। छत्तीसगढ़ ने 52 हजार 588 आवासों के प्रस्ताव भेजकर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में राज्य की इस सक्रियता और तत्परता की सराहना भी की गई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी परियोजनाओं के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन, भू-अभिलेख, लाभार्थी सूची और यूनिफाइड वेब पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की गई हैं। सभी पात्र हितग्राहियों को केंद्रीय सहायता आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाएगी। यूनिफाइड वेब पोर्टल के जरिए पारदर्शी तरीके से यह पूरी प्रक्रिया संचालित की जाएगी।रतनपुर में भारत सरकार का नवाचारी प्रोजेक्ट, पात्र लोगों को किराये पर देगा सूडाकेंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में बिलासपुर जिले के रतनपुर में एक अभिनव डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी मिली है। यह परियोजना भारत सरकार की नवाचार आधारित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे देश के चुनिंदा राज्यों में ही स्वीकृत किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आधुनिक और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर 40 आवास बनाए जाएंगे। इनका निर्माण भवन निर्माण सामग्री एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन परिषद द्वारा किया जाएगा। राज्य शहरी विकास अभिकरण इन आवासों को पात्र लोगों को किराये पर उपलब्ध कराएगा। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थल रतनपुर में आकार लेने वाली यह परियोजना सामाजिक उपयोग के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा देने में सहायक होगी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की विशेष कोशिशों से रतनपुर को यह परियोजना मिली है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धि मिली है। राज्य में 28,461 नए पक्के घरों के निर्माण के लिए 435 करोड़ रुपये से अधिक की केंद्रीय सहायता स्वीकृत हुई है। इससे हजारों जरूरतमंद परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार होगा। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 263 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है और अगले 36 महीनों में इन आवासों का निर्माण किया जाएगा। बिलासपुर जिले के रतनपुर में आधुनिक तकनीक से 40 आवासों का एक विशेष प्रोजेक्ट भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल सके।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शहरी गरीबों को आवासीय सुरक्षा प्रदान करने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है। नगरीय निकायों के सहयोग से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें समयबद्ध तरीके से योजना से जोडऩे की प्रक्रिया जारी है, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को पक्के आवास दिए जा सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही 435 करोड़ रुपए की सहायता से आवास निर्माण में और तेजी आएगी।</description ></item><item><title>लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी - मुख्यमंत्री साय</title><link>https://cnin.co.in/लखपति-दीदी-अभियान-से-छत्तीसगढ़-की-महिलाएं/76178</link><description>00 छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता और नवाचार से बना रही हैं नई पहचान00 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रायपुर में लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में लखपती दीदियों से किया आत्मीय संवादरायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के बल पर नई पहचान बना रही हैं और हमारी सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आई स्व-सहायता समूह की हजारों महिलाएं और लखपति दीदियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का निवास होता है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घरों तक सीमित रहती थीं, लेकिन आज प्रदेश की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन का लक्ष्य लखपति दीदियों को और अधिक सशक्त बनाकर गांव की प्रत्येक महिला को लखपति बनाना और भविष्य में लखपति ग्राम का निर्माण करना है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में 10 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के लोगों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है और इनके निर्माण में बिहान की दीदियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है तथा इस वर्ष के बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लखपति दीदी योजना से प्रदेश की 5 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अब लखपति दीदी भ्रमण योजना शुरू कर उन्हें देश-प्रदेश के व्यावसायिक केंद्रों और शक्ति पीठों का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग द्वारा 250 महतारी सदनों का निर्माण, आंगनबाड़ी संचालन और पोषण योजनाओं के लिए भी इस वर्ष के बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए रानी दुर्गावती योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी लखपति दीदियों से पूरे प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रेरणा मिल रही है और अब हमारा लक्ष्य लखपति दीदियों को करोड़पति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई बकरी पालन क्लस्टर परियोजना से प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू से स्व-सहायता समूहों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में माताओं-बहनों की बड़ी भूमिका होगी। आज महिलाएं गांवों में सेंट्रिंग प्लेट उपलब्ध कराने से लेकर ड्रोन उड़ाने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। एक नारी शिक्षित होती है तो दो परिवार और पूरा समाज शिक्षित होता है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया और लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया गया।कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि महिलाओं को लखपति बनाना संभव नहीं है, लेकिन आज प्रदेश में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ये महिलाएं लखपति से करोड़पति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा कीं। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक की लखपति दीदी श्रीमती राजकुमारी कश्यप ने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके क्षेत्र में बाइक से आना-जाना भी कठिन था, लेकिन आज वह लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती पर निर्भर है और मुर्गीपालन से उन्हें सालाना 6-7 लाख रुपये की आय हो रही है।बालोद जिले की भुनेश्वरी साहू ने बताया कि उन्होंने 20 हजार रुपये का ऋण लेकर सिलाई मशीन से काम शुरू किया और बाद में उन्हें सरकार की पहल से ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग मिली। आज वह अपने क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती हैं। जशपुर जिले की लखपति दीदी श्रीमती अनिता साहू ने बताया कि वह ईंट निर्माण का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब समूह की साप्ताहिक बैठक में 10 रुपये जमा करने के लिए भी दूसरों पर निर्भर होना पड़ता था, लेकिन आज वह लखपति बन चुकी हैं।कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनमें से लगभग एक लाख महिलाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 लाख 26 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़कर 30 लाख 85 हजार महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री सुनील सोनी, सचिव श्री भीम सिंह, रायपुर संभाग के आयुक्त श्री महादेव कावड़े, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित बड़ी संख्या में लखपति दीदियां और स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।</description ></item><item><title>विदेशी सैलानियों के लिए आकर्षण का नया केन्द्र बन रहा छत्तीसगढ़, वर्ष 2025 में 820 विदेशी पर्यटकों ने की छत्तीसगढ़ की यात्रा</title><link>https://cnin.co.in/विदेशी-सैलानियों-के-लिए-आकर्षण-का-नया/76177</link><description>रायपुर। प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, घने वन, झरनों की कलकल ध्वनि और ऐतिहासिक धरोहरों से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ अब धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। वर्ष 2025 के दौरान कुल 820 विदेशी पर्यटकों ने छत्तीसगढ़ की यात्रा की, जो यह संकेत देता है कि राज्य की अनछुई प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विविधता विदेशी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा विकसित की जा रही आधुनिक पर्यटन सुविधाएँ तथा बेहतर होती सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाओं को और मजबूत कर रही है।छत्तीसगढ़ को 'पर्यटकों का स्वर्गÓ कहा जाता है, क्योंकि यहाँ प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे भव्य जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता, सिरपुर और रतनपुर जैसे ऐतिहासिक-धार्मिक स्थल, बस्तर की अद्वितीय जनजातीय परंपराएँ और लोकनृत्य, सरगुजा के पर्वतीय क्षेत्र तथा जशपुर की शांत और हरित वादियाँ विदेशी सैलानियों को एक अलग अनुभव प्रदान करती हैं। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ उन पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है, जो प्रकृति के करीब रहकर स्थानीय संस्कृति को समझना चाहते हैं।राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना, होटल और होम-स्टे सुविधाओं का विस्तार, पर्यटक मार्गदर्शकों का प्रशिक्षण, डिजिटल प्रचार-प्रसार तथा बुनियादी सुविधाओं के विकास जैसे प्रयासों से पर्यटकों को अधिक सुगम और सुरक्षित अनुभव मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य में ग्रामीण पर्यटन, ईको-टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।बस्तर क्षेत्र विदेशी सैलानियों के लिए अत्यंत संभावनाशील पर्यटन गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यहाँ के प्राकृतिक जलप्रपात, घने वन, राष्ट्रीय उद्यान, आदिवासी जीवन शैली और प्रसिद्ध बस्तर दशहरा जैसे सांस्कृतिक आयोजन विश्वभर के पर्यटकों के लिए अनूठा अनुभव प्रस्तुत करते हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता, चित्रकोट जलप्रपात की भव्यता और तीरथगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता बस्तर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान देते हैं। चित्रकोट फॉल्स के पास तीर्था गांव में प्रीमियम लक्जरी टेंट सिटी प्रस्तावित है। चित्रकोट इंडिजिनस नेचर रिट्रीट नामक एक व्यापक प्रस्ताव पर्यटन मंत्रालय को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य चित्रकोट को एक वैश्विक स्तर की प्रकृति और संस्कृति गंतव्य के रूप में पुनर्विकसित करना है। राज्य सरकार की इन योजनाओं से बस्तर आने वाले वर्षों में विदेशी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होगा।&amp;nbsp;बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव भी पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और क्षेत्र में शांति एवं विकास का नया वातावरण निर्मित हो रहा है। बेहतर सुरक्षा, सड़क संपर्क और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से न केवल देशी बल्कि विदेशी पर्यटकों का विश्वास भी बढ़ रहा है। इससे आने वाले समय में बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की मेंटर एवं हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक सुश्री किर्सी ह्यवैरिनेन की बस्तर की छह दिवसीय यात्रा ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय समुदायों की जीवन शैली की सराहना करते हुए इसे विश्व के लिए एक अनूठा पर्यटन अनुभव बताया। इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय यात्राएँ और सकारात्मक अनुभव विदेशों में छत्तीसगढ़ की छवि को और मजबूत करेंगे तथा भविष्य में अधिक विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने में सहायक होंगे।सरगुजा और जशपुर क्षेत्र भी विदेशी सैलानियों के लिए अपार संभावनाएँ समेटे हुए हैं। सरगुजा के पर्वतीय वन क्षेत्र, मैनपाट का शांत और मनोहारी वातावरण, जशपुर की हरित घाटियाँ तथा वहाँ की प्राकृतिक जैव विविधता प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करती है। इन क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाएँ भी तेजी से विकसित हो रही हैं, जिससे विदेशी पर्यटकों के लिए नए अनुभवों के द्वार खुल रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार, पर्यटन मेलों में भागीदारी, डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रचार तथा पर्यटन अवसंरचना के विकास जैसे कई कदम उठा रही है। साथ ही, स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और पारंपरिक उत्सवों को पर्यटन से जोड़कर छत्तीसगढ़ को एक विशिष्ट सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ विदेशी सैलानियों के लिए एक नया और आकर्षक पर्यटन केंद्र बनेगा। प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता, बेहतर होती सुविधाएँ और सुरक्षित वातावरण मिलकर राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।</description ></item><item><title>जंगली जानवर के हमले में तीन ग्रामीण घायल</title><link>https://cnin.co.in/जंगली-जानवर-के-हमले-में-तीन-ग्रामीण-घायल/76176</link><description>सुकमा। जिले के बास्तानार क्षेत्र में उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक जंगली जानवर के हमले में तीन ग्रामीण घायल हो गए। बताया जा रहा है कि तेंदुए ने अलग-अलग स्थानों पर तीन ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिसमें तीनों के हाथों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।एक घायल को किलेपाल अस्पताल ले जाया गया, जबकि दूसरे को गीदम अस्पताल भेजा गया। गीदम से एक घायल की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए डिमरापाल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हमले की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और पीडि़त ग्रामीणों को तत्काल राहत राशि प्रदान की।ग्रामीणों का कहना है कि हमला उनके घरों के पास हुआ, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।</description ></item><item><title>यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई</title><link>https://cnin.co.in/यूपीएससी-सिविल-सेवा-परीक्षा-में-सफल-प्रदेश/76175</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान खरसिया (रायगढ़) निवासी रौनक अग्रवाल, रायपुर निवासी संजय डहरिया, धमतरी जिले के परसवानी निवासी डायमंड सिंह ध्रुव तथा एमसीबी जिले के जनकपुर निवासी सुश्री दर्शना सिंह से बातचीत की। मुख्यमंत्री साय ने उनके परिवारजनों से भी संवाद करते हुए इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप सभी युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से युवाओं का सिविल सेवा में चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमारे युवा अपने परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।मुख्यमंत्री साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।</description ></item><item><title>यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक प्राप्त करने वाली वैभवी को मुख्यमंत्री ने दी बधाई</title><link>https://cnin.co.in/यूपीएससी-सिविल-सेवा-परीक्षा-में-35वीं-रैंक/76174</link><description>00 कड़ी मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं : सायरायपुर। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक प्राप्त करने वाली सुश्री वैभवी अग्रवाल ने आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुश्री वैभवी को मिठाई खिलाकर उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुश्री वैभवी अग्रवाल ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वैभवी की यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ यह संदेश देती हैं कि लक्ष्य के प्रति समर्पण,अनुशासन और निरंतर प्रयास से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सुश्री वैभवी अग्रवाल भविष्य में प्रशासनिक सेवा में अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर सुश्री वैभवी अग्रवाल के पिता श्री शीतल अग्रवाल और भाई श्री विनायक अग्रवाल उपस्थित थे।</description ></item><item><title>छुरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित, 31 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी</title><link>https://cnin.co.in/छुरा-ब्लॉक-कांग्रेस-कमेटी-की-नई-कार्यकारिणी/76173</link><description>गरियाबंद। संगठन को मजबूत बनाने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को गति देने के उद्देश्य से छुरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माहेश्वरी शाह द्वारा गठित इस नई कार्यकारिणी की आधिकारिक घोषणा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखचंद बेसरा की ओर से की गई। घोषणा के साथ ही नवनियुक्त 31 पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपना कार्यभार संभालने और संगठनात्मक गतिविधियों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। नई कार्यकारिणी में ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के प्रतिनिधियों को संतुलित रूप से शामिल किया गया है, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिल सके।नई कार्यकारिणी में सलीम मेमन को छुरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है। उपाध्यक्ष पद पर देवसिंग नेताम (छुरा), रंजित ठाकुर (दुल्ला), राजू निषाद (अतरमरा), गोवर्धन नागेश (कनसिंघी), खिलेश्वरी ध्रुव (जरगांव) और मन्नुलाल चौहान (साजापाली) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। महामंत्री पद पर हरीश यादव (छुरा), दयालुराम कुंजाम (कोठीगांव), प्रताप ठाकुर (नवाडीही), ममता साहू (सोरिद), महेन्द्र साहू (कुटेना), पुनारद ठाकुर (बहेराभाठा), अनुसुईया यादव (भैंसामुड़ा), ईश्वर नेताम (हीराबतर) तथा तिलेन्द्र साहू (खड़मा) को नियुक्त किया गया है।सचिव पद पर श्वेता चन्द्राकर (छुरा), किशोर साहू (कुकदा), रमेश चन्द्राकर (पंक्तियाँ), गोपी यादव (नवापारा), पदमा सोनवानी (खरखरा), खेलन नागेश (बोडराबांधा), हरीराम सिन्हा (टेंगनाबासा), डगेश्वर ओंटी (लादाबाहरा) और आशा चौबे (लोहझर) को जिम्मेदारी दी गई है।इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शैलेन्द्र दीक्षित (छुरा), महेन्द्र ध्रुव (गायडबरी), दयावती कंवर (पोंड), देवलाल साहू (द्वारतरा), सुरेन्द्र ठाकुर (कामराज) और राजकुमारी दीवान (कसेकेरा) को शामिल किया गया है।नवनियुक्त सभी पदाधिकारियों ने अपनी नियुक्ति पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, संगठन महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू, पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा और ब्लॉक अध्यक्ष माहेश्वरी शाह के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत बनाने तथा कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए वे पूरी निष्ठा और सक्रियता से कार्य करेंगे।</description ></item><item><title>कलेक्टर ने यूपीएससी में 35वां स्थान प्राप्त करने वाली वैभवी का किया सम्मान</title><link>https://cnin.co.in/कलेक्टर-ने-यूपीएससी-में-35वां-स्थान-प्राप्त/76172</link><description>रायपुर। यूपीएससी 2025 में 35वां स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन करने वाली सुश्री वैभवी अग्रवाल के निवास पहुंचकर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मिठाई खिलाकर, पुष्पगुच्छ तथा प्रेरक पुस्तक भेंट कर बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन तथा रायपुर एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>राज्य भर में 355 जन औषधि केंद्र स्वास्थ्य देखभाल के वित्तीय बोझ को कम करने में निभा रहे हैं महत्वपूर्ण भूमिका</title><link>https://cnin.co.in/राज्य-भर-में-355-जन-औषधि-केंद्र-स्वास्थ्य/76171</link><description>00 रायपुर में 8वें जन औषधि दिवस 2026 का आयोजनरायपुर। जिले के कोटा में आज 8वें जन औषधि दिवस 2026 का राज्य स्तरीय कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है, जो आम जनता को उच्च गुणवत्ता वाली और सस्ती जेनेरिक दवाएं प्रदान कर सभी के लिए सुलभ स्वास्थ्य देखभाल के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। कार्यक्रम में राज्य भर से विभिन्न जन औषधि केंद्र प्रभारी शामिल हुए।योजना की सफलता पर व्यापक परिप्रेक्ष्य रखते हुए, यह उल्लेख किया गया कि 31 दिसंबर 2025 तक देश भर में कुल 17,990 जन औषधि केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इस नेटवर्क का और विस्तार करने के सरकारी रणनीतिक लक्ष्य के तहत, मार्च 2027 तक 25,000 केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में, छत्तीसगढ़ राज्य में 355 ऐसे केंद्र हैं, जो हजारों परिवारों के स्वास्थ्य देखभाल के वित्तीय बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, रायपुर के सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी ने जेनेरिक दवाओं के संबंध में आम जनता की भ्रांतियों को संबोधित किया। उन्होंने सस्ती दवाओं का मतलब कम गुणवत्ता होने की धारणा को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन औषधि केंद्रों में दवाओं की कम लागत का कारण केवल बड़ी फार्मा कंपनियों द्वारा किए जाने वाले भारी-भरकम ब्रांडिंग और मार्केटिंग खर्चों का खत्म होना है। परिणामस्वरूप, लागत बचत का लाभ सीधे उपभोक्ताओं को मिलता है, जिन्हें बड़ी फार्मा कंपनियों द्वारा दी जाने वाली समान दवाओं की तुलना में वही दवाएं बहुत कम कीमत पर प्राप्त होती हैं।डॉ. चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रत्येक नागरिक इन सस्ती स्वास्थ्य समाधानों का लाभ उठा सके, आक्रामक जन जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। जिले में प्रगति को प्रदर्शित करते हुए, उन्होंने क्षेत्र के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की, जिसमें कहा गया कि रायपुर में संचालित जन औषधि केंद्रों की संख्या इस वर्ष के भीतर 50 के पार पहुंच जाएगी। समारोह का समापन एक सम्मान समारोह के साथ हुआ, जहां विभिन्न जन औषधि केंद्रों के समर्पित प्रभारियों को उनकी सेवा के लिए सम्मानित किया गया। इन केंद्रों के संचालन में उनके प्रयास यह सुनिश्चित करने में सहायक रहे हैं कि जीवन रक्षक दवाएं समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक सुलभ रहें।</description ></item><item><title>गुंडरदेही लाटाबोर में स्थित देवरी गेट 20 मार्च से स्थाई रूप से होगा बंद</title><link>https://cnin.co.in/गुंडरदेही-लाटाबोर-में-स्थित-देवरी-गेट-20/76170</link><description>रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के दुर्ग-ताडोकी लाइन में गुंडरदेही लाटाबोर में स्थित मानव सहित समपार क्र. डीडी-27, कि.मी. 896/14-15 (देवरी गेट) को रोड अंडर ब्रिज निर्माण के उपरांत स्थाई रूप से बंद करने की सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं। उक्त समपार फाटक डीडी-27 कों 20 मार्च (मध्यरात्रि 24 बजे) से स्थायी रूप में बंद कर दिया जाएगा। उपरोक्त फाटक एवज में रोड अंडर ब्रिजका निर्माण किया जा चूका है।</description ></item><item><title>मानवता की मिसाल: संतोष यादव ने मरणोपरांत दान की आंखें और स्किन</title><link>https://cnin.co.in/मानवता-की-मिसाल:-संतोष-यादव-ने-मरणोपरांत-दान/76169</link><description>रायपुर । प्रोजेक्ट दधीचि के तहत स्व. संतोष यादव के मरणोपरांत उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुरुज बाई यादव की सहमति से आंखें एवं स्किन दान की गई। रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल पहुंचकर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने श्रीमती सुरुज बाई को सम्मान पत्र प्रदान कर उनके इस मानवीय निर्णय की सराहना की तथा आर्थिक सहायता राशि के रूप में 21 हजार का चेक सौंपा। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, रायपुर एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी सहित अस्पताल के स्टॉफ उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>अनियंत्रित स्कॉर्पियो पलटी, युवक की हुई मौत</title><link>https://cnin.co.in/अनियंत्रित-स्कॉर्पियो-पलटी,-युवक-की-हुई-मौत/76168</link><description>कोंडागांव। जिले के सिटी कोतवाली क्षेत्र अंर्तगत चीखलपुटी बायपास मार्ग पर शुक्रवार रात लगभग 11 बजे एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के अनियंत्रित होकर पलट जाने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक के घायल हो गया मृतक की पहचान भेलवापदर निवासी करण श्रीवास्तव उर्फ लालू के रूप में हुई है।&amp;nbsp;मिली जानकारी के अनुसार करण श्रीवास्तव अपने कुछ दोस्तों के साथ स्कॉर्पियो से बायपास मार्ग की ओर जा रहा था। इसी दौरान मोड़ पर वाहन तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में करण श्रीवास्तव की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवा दिया था, जिसका आज शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं घायल युवक का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।</description ></item><item><title>सरपंचों का आवासीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन 9 मार्च से</title><link>https://cnin.co.in/सरपंचों-का-आवासीय-प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला-का/76167</link><description>सुकमा। जिले के नवनिर्वाचित सरपंचों को उनके अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला पंचायत द्वारा तीन चरणों में आवासीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला पंचायत संसाधन केंद्र में होगा।&amp;nbsp;जिपं सीईओ मुकुन्द ठाकुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह प्रशिक्षण रिर्वैप्ड आरजीएसए योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित इस अभिमुखीकरण प्रशिक्षण में नवनिर्वाचित सरपंचों को पंचायती राज अधिनियम, पेसा नियम, ओएसआर सहित पंचायत संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण 9 मार्च से 11 मार्च 2026 तक छिंदगढ़ जनपद के सरपंचों के लिए होगा। द्वितीय चरण 12 मार्च से 14 मार्च 2026 तक छिंदगढ़ एवं कोंटा जनपद सरपंचों के लिए निर्धारित किया गया है। वहीं तृतीय चरण 15 मार्च से 17 मार्च 2026 तक कोंटा जनपद के सरपंचों के लिए आयोजित किया जाएगा सरपंचों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित तिथि पर प्रात: 10 बजे अपने आधार कार्ड के साथ प्रशिक्षण स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। कार्यशाला संचालन के लिए संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा मास्टर ट्रेनर्स को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।</description ></item><item><title>मजदूरी से मशरूम उत्पादन और अब स्वयं की दुकान से लखपति दीदी बनीं बृहस्पति धुर्वे</title><link>https://cnin.co.in/मजदूरी-से-मशरूम-उत्पादन-और-अब-स्वयं-की-दुकान/76166</link><description>रायपुर। बृहस्पति धुर्वे बताती है कि यदि स्वयं की मेहनत, सही मार्गदर्शन और शासन की योजनाओं का सहयोग मिल जाए, तो साधारण परिस्थितियों से निकलकर भी कोई महिला सफलता और आत्मनिर्भरता की ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है। कभी दूसरों के खेतों में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाली पेन्ड्रा-गौरेला-मरवाही जिला के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत सधवानी की श्रीमती बृहस्पति धुर्वे आज पूरे क्षेत्र में लखपति दीदी के नाम से जानी जाती हैं।कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के सहयोग से बृहस्पति धुर्वे ने अपने जीवन की दिशा बदल दी और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में संचालित ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़कर बृहस्पति धुर्वे ने महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने की शुरुआत की। समूह से जुडऩे के बाद उन्हें प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिला, जिससे उन्होंने ऑयस्टर मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया। शुरुआत में यह काम छोटे स्तर पर था, लेकिन मेहनत और लगन से धीरे-धीरे उनका उत्पादन बढ़ता गया। मशरूम उत्पादन के साथ-साथ उन्होंने सब्जी-भाजी की खेती भी शुरू की, जिससे उनकी वार्षिक आय लगभग डेढ़ से 2 लाख रुपए तक हो जाती है। आज उनकी मेहनत का परिणाम यह है कि वह आर्थिक रूप से सशक्त बन चुकी हैं और अपने परिवार की जरूरतों को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर रही हैं।बृहस्पति धुर्वे बताती हैं कि शासन की अनेक योजनाओं का लाभ भी उन्हें मिला है। उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत रसोई गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान तथा पीडीएस योजना से 35 किलो नि:शुल्क चावल की सुविधा भी प्राप्त हो रही है। इन योजनाओं ने उनके परिवार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की है। आज बृहस्पति धुर्वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। वह अपने अनुभव साझा करते हुए आसपास की महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देती हैं और उन्हें भी स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करती हैं। समूह के माध्यम से ऋण लेकर उन्होंने अपने उत्पादों के विक्रय के लिए एक दुकान भी बनवाई है, जहाँ भविष्य में मशरूम और अन्य उत्पाद बेचकर अपनी आय को और बढ़ाने की योजना है।</description ></item><item><title>स्व-सहायता समूह की शक्ति- पूनम देवी की आत्मनिर्भरता की कहानी, अब लखपति दीदी के रूप में बना रहीं नई पहचान</title><link>https://cnin.co.in/स्व-सहायता-समूह-की-शक्ति--पूनम-देवी-की/76165</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ की लाखों महिलाएं सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल बन रही हैं। स्व-रोजगार के माध्यम से वे न केवल अपने परिवार की मजबूत आधार स्तंभ बन रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई राह भी गढ़ रही हैं। आर्थिक रूप से सशक्त होती महिलाएं अब विकसित छत्तीसगढ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिला सशक्तिकरण का यह अध्याय केवल परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ की मजबूत आधार है।जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा की श्रीमती पूनम देवी, जो गणेश महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं, आज लखपति दीदी के रूप में जानी जाती हैं। कभी सीमित संसाधनों के साथ घर-परिवार की जिम्मेदारियों में लगी रहने वाली पूनम देवी ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन की दिशा बदल दी। पूनम देवी बताती हैं कि पहले वे घर-गृहस्थी के कामकाज तक ही सीमित थीं और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए मजदूरी का सहारा लेना पड़ता था। आर्थिक स्थिति सामान्य थी, जिससे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो जाता था। इसी दौरान उन्होंने गणेश महिला स्व-सहायता समूह से जुडऩे का निर्णय लिया। समूह से जुडऩे के बाद उन्हें बचत, ऋण सुविधा और स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी मिली।समूह की अन्य महिलाओं को मछली पालन, बकरी पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित करते देख उन्हें भी प्रेरणा मिली। वर्ष 2025 के मार्च माह में उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने छोटे से किराना दुकान के विस्तार में किया। श्रीमती पूनम देवी ने अपने किराना दुकान को व्यवस्थित और बड़ा करने के बाद उनके व्यवसाय में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी। वर्तमान में उनकी दुकान से हर माह लगभग 30 से 35 हजार रुपये तक की बिक्री हो जाती है। इस आय से वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी अच्छी तरह से कर पा रही हैं। पूनम देवी का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद उनके जीवन में आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिरता दोनों आए हैं। आज वे न केवल अपने परिवार के लिए सहारा बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जिले में महिलाओं को स्वरोजगार से जोडऩे और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं विभिन्न योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा की श्रीमती पूनम देवी भी इसी बदलाव की एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी हैं।</description ></item><item><title>बिहान योजना ने सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान, आजीविकामूलक गतिविधियों से मिली फर्श से अर्श तक की मंजिल</title><link>https://cnin.co.in/बिहान-योजना-ने-सगो-तेता-के-जीवन-में-लाया-नवा/76164</link><description>लेखक - धनंजय राठौर, सुरेन्द्र ठाकुर, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क&amp;nbsp;रायपुर। श्रीमती सगो तेता स्व-सहायता समूह और बिहान से जुड़कर न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि अपने स्वाभिमान और आत्मविश्वास को भी नई पहचान दी है। आज कांकेर जिला के गांव ग्राम गढ़पिछवाड़ी की अन्य महिलाएं भी उनसे प्रेरणा लेकर आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही हैं। श्रीमती तेता ने अपनी इस सफलता का श्रेय भारत सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना और छत्तीसगढ़ शासन की पहल बिहान को देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और लखपति दीदी बनने का अवसर प्रदान किया है। बिहान योजना ने श्रीमती सगो तेता के जीवन में नवा बिहान ला दिया।कुछ कर गुजरने का जुनून और उस इच्छाशक्ति को शासन की छोटी सी मदद मिल जाए, तो कामयाबी की बुलंदी को फर्श से अर्श तक पहुंचने में देर नहीं लगती। कांकेर जिले की महिलाएं शासन के सहयोग से प्रशिक्षण तथा सहायता प्राप्त कर अपने हुनर को अंजाम दे रही हैं। ऐसी ही एक मिसाल जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम गढ़पिछवाड़ी की आदिवासी महिला श्रीमती सगो तेता आज लखपति दीदी के रूप में अपनी पृथक् पहचान स्थापित कर चुकी हैं। उनकी कामयाबी यह साबित करती है कि मेहनत, लगन, आत्मविश्वास और उचित अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी खुद के दम पर अपने समूह, परिवार और समाज के लिए मिसाल कायम कर सकती हैं।एक समय था जब आर्थिक तंगी के कारण श्रीमती सगो को छोटी-छोटी जरूरतों को पूरी करने के लिए भी दूसरों का मुंह ताकना पड़ता था। आजीविका के एकमात्र साधन के रूप में खेती-बाड़ी तो थी, लेकिन सीमित संसाधनों और पारंपरिक तरीकों के कारण आय बहुत कम होती थी। वहीं बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चों की चिंता उन्हें अक्सर परेशान करती थी। इसी दौरान उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की जानकारी मिली। इससे प्रेरित होकर सगो बाई ने गांव की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर गायत्री स्व-सहायता समूह बनाया, जिसमें 10 महिलाएं शामिल हैं।समूह से जुडऩे के बाद उन्हें बिहान के अंतर्गत 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश राशि प्राप्त हुई, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दे दी। श्रीमती सगो तेता बताती हैं कि पहले उनके खेत में मोटरपंप (बोरवेल) नहीं था, जिसके कारण खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी और साल में धान की केवल एक ही फसल ले पाती थीं। फिर उन्होंने स्व-सहायता समूह से ऋण लेकर अपने खेत में बोर करवाया, जिससे अब उन्हें सिंचाई की सुविधा मिल गई है। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि अब वे अपने खेतों में साल में दोनों फसलें (खरीफ और रबी) ले रही हैं, जिससे उनकी आय में काफी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही सगो बाई ने कई आजीविकामूलक गतिविधियां भी शुरू कीं। उन्होंने मशरूम पालन, छेना (कंडा) निर्माण, गोबर से जैविक खाद तैयार करना, रुई से तकिये बनाना, सब्जी उत्पादन, ईंट निर्माण और कपड़ों के विक्रय जैसे कार्य प्रारंभ किए। उनकी सतत् मेहनत रंग लाई और आज वे इन अलग-अलग गतिविधियों से प्रतिमाह लगभग 18 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इसी निरंतर आय और बचत के कारण पूरे क्षेत्र में वह आज लखपति दीदी के रूप में पहचानी जा रही हैं।जीवन में आया बड़ा बदलाव, महतारी वंदन योजना का भी मिल रहा लाभलखपति दीदी श्रीमती सगो तेता बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। इसी आय के सहारे उन्होंने अपने तीनों बच्चों की पढ़ाई करवाई, साथ ही अपने दो बच्चों की शादी भी करवा ली है। इसके बाद अब वे अपनी आजीविका से होने वाली आय से अपनी छोटी बेटी की शादी करने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह महतारी वंदन योजना का भी लाभ ले रही हैं, जिससे मिली रकम को वह बेटी के विवाह में किसी बड़े खर्च के लिए बचत कर रही हैं।</description ></item><item><title>नेट की परीक्षा में 33 वाँ रैंक हासिल कर सूरजपुर की बेटी निधि गुप्ता ने रोशन किया जिले का नाम</title><link>https://cnin.co.in/नेट-की-परीक्षा-में-33-वाँ-रैंक-हासिल-कर-सूरजपुर/76163</link><description>00 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष-हौसले की उड़ानरायपुर। महिलाएं अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, मेहनत और समर्पण के साथ करते हुए प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों को नई दिशा देने आगे आ रही हैं। यह स्थिति न केवल महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है, बल्कि समाज में उनके प्रति बदलती सोच का भी स्पष्ट संकेत है। निधि गुप्ता ने यह साबित किया है कि शासकीय शिक्षा भी उत्कृष्टता की नींव बन सकती है, बशर्ते इरादा पक्का हो। निधि ने देश की अत्यंत कठिन सीएसआईआर नेट परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 33 वाँ रैंक अर्जित की और सूरजपुर का नाम राष्ट्रीय मानचित्र पर गौरव के साथ अंकित किया।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जब हम उन महिलाओं की बात करते हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को जीवित रखा, तो सूरजपुर जिले की बेटी निधि गुप्ता का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आता है। शासकीय विद्यालय की पढ़ाई से लेकर देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में शीर्ष रैंक तक उनका सफर संघर्ष, संकल्प और सफलता की एक अनूठी मिसाल है। निधि की प्रारंभिक शिक्षा सूरजपुर जिले के शासकीय कन्या विद्यालय में हुई। संसाधनों की कमी एक वास्तविकता थी, पढ़ाई के दौरान कई उतार-चढ़ाव भी आए लेकिन निधि ने कभी हौसला नहीं खोया। उनके मज़बूत इरादों के आगे हर बाधा बौनी साबित होती रही।स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए उन्होंने शासकीय रेवती रमण मिश्र महाविद्यालय, सूरजपुर में प्रवेश लिया, जहाँ के प्रोफेसरों ने उनके जीवन को एक नई दिशा दी। रसायन विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. विकेश कुमार झा का मार्गदर्शन उनके जीवन का अहम मोड़ बना। उनकी प्रेरणा और दिशा-निर्देशन से निधि ने देश की अत्यंत कठिन सीएसआईआर नेट परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 33 वाँ रैंक अर्जित की और सूरजपुर का नाम राष्ट्रीय मानचित्र पर गौरव के साथ अंकित किया।निधि के शब्दों में उनकी पूरी यात्रा का सार समाया है -महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन सपनों को जीने का दिन है, जो हमने खुली आँखों से देखे हैं। निधि गुप्ता की यह सफलता जिले की उन तमाम बेटियों के लिए एक प्रकाश-स्तंभ ह,ै जो सीमित संसाधनों के बीच अपने सपनों को पालती हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि शासकीय शिक्षा भी उत्कृष्टता की नींव बन सकती है कि बशर्ते इरादा पक्का हो।</description ></item><item><title>जिन्हें जनता ने खुद छत्तीसगढ़ से उखाड़ फेंका, वे अब दूसरे राज्यों की सफल रणनीतियों पर ज्ञान बाँट रहे हैं - पाण्डेय</title><link>https://cnin.co.in/जिन्हें-जनता-ने-खुद-छत्तीसगढ़-से-उखाड़-फेंका,/76162</link><description>रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बिहार की राजनीति और नीतीश कुमार पर दिए गए बयान को हास्यास्पद और राजनीतिक दीवालिएपन का प्रतीक बताते हुए कहा कि जिन्हें जनता ने खुद छत्तीसगढ़ से उखाड़ फेंका, वे अब दूसरे राज्यों की सफल रणनीतियों पर ज्ञान बाँट रहे हैं। श्री पाण्डेय ने कहा कि बघेल को बिहार की चिंता छोड़कर अपनी और अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए।भाजपा मुख्य प्रवक्ता पाण्डेय ने कहा कि बघेल अपनों को तो एकजुट नहीं रख पाए, और अब नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेता की रणनीतियों पर सवाल उठा रहे हैं, यह खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे जैसा है। नीतीश कुमार ने सुशासन के लिए एनडीए का साथ चुना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए एक सशक्त परिवार है। बघेल जिसे राजनीतिक जाल में उलझना कह रहे हैं, वह दरअसल राष्ट्र निर्माण के लिए एकजुटता है, जिसे समझना कांग्रेस के बस की बात नहीं है। एनडीए में नीतीश कुमार को किनारे कर देने की हवा-हवाई बातों पर कटाक्ष करते हुए श्री पाण्डेय ने बघेल को याद दिलाया कि कांग्रेस में अपने नेताओं को किनारे करने का अपना एक काला इतिहास है और ऐसे नेताओं की सूची लम्बी है। छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल के फार्मूले का क्या हुआ? टी.एस. सिंहदेव को जिस तरह उन्होंने किनारे किया, उसका जवाब आज भी प्रदेश मांग रहा है। दरअसल कांग्रेस वह दल है जहाँ प्रतिभा का दमन और परिवारवाद का पोषण होता है। पाण्डेय ने कहा कि.बिहार में एनडीए की मजबूती से इंडी गठबंधन ताश के पत्तों की तरह ढह गया है। इसी बौखलाहट में बघेल अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। बघेल को समझना चाहिए कि कांग्रेस की राजनीति में अब वह खुद भी पिटे हुए मोहरे मात्र रह गए हैं।</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना ने महिलाओं के जीवन में खुशहाली और सम्मान की नई किरण जगाई है - विभा</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-ने-महिलाओं-के-जीवन-में/76161</link><description>रायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (08 मार्च) को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। बस्तर सम्भाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित लालबहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित होने जा रहा वृहद महतारी वंदन सम्मेलन 2026 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की नारी शक्ति के स्वावलंबन और सम्मान का महाकुंभ होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को घर की चारदीवारी से निकालकर नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है।&amp;nbsp;श्रीमती अवस्थी ने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों से अपील की है कि वे इस भव्य उत्सव में शामिल होकर अपनी शक्ति और एकजुटता का परिचय दें। इसके साथ ही रायपुर के बलबीर जुनेजा स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर लखपति दीदियों का सम्मान किया। इस सम्मेलन में बस्तर और वनांचल क्षेत्रों से हजारों महिलाओं का जुटना प्रदेश के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक है। कार्यक्रम में महिलाओं को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महिलाओं को प्रेरित किया जाएगा और उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाया जाएगा। श्रीमती अवस्थी ने महिला सशक्तीकरण हेतु प्रदेश की भाजपा सरकार के ऐतिहासिक कदमों की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश की विवाहित महिलाओं को महतारी वन्दन योजना के तहत प्रतिमाह वित्तीय सहायता प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया गया है, जिससे वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनी हैं।&amp;nbsp;इसी प्रकार महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से दीदियों को कौशल विकास और बाजार से जोड़कर उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपए से अधिक करने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया जा रहा है। प्रदेश भर में महिला सुरक्षा हेतु अभिव्यक्ति ऐप और विशेष हेल्प डेस्क के साथ-साथ बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए नि:शुल्क सुविधाओं का विस्तार किया गया है। महतारी जतन योजना और सुपोषण अभियान के माध्यम से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। श्रीमती अवस्थी ने कहा कि बस्तर में आयोजित हो रहा यह सम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएँ अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं। महतारी वंदन योजना जैसी दूरगामी सोच ने महिलाओं के जीवन में खुशहाली और सम्मान की नई किरण जगाई है।&amp;nbsp;000</description ></item><item><title>सोनिया-सेवा ही कांग्रेस में राज्यसभा टिकट का एकमात्र पैमाना : भाजपा</title><link>https://cnin.co.in/सोनिया-सेवा-ही-कांग्रेस-में-राज्यसभा-टिकट-का/76160</link><description>00 पवन खेड़ा के नाम पर मचे बखेड़ा और आंतरिक कलह ने कांग्रेस नेतृत्व के राजनीतिक खोखलेपन को किया उजागररायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस द्वारा राज्यसभा प्रत्याशी के चयन की प्रक्रिया पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि पहले तो कांग्रेस का केन्द्रीय नेतृत्व पवन खेड़ा को ही प्रत्याशी बनाने की तैयारी में था लेकिन स्थानीय बनाम बाहरी के विवाद के कारण उपजी अफरा-तफरी में मचे बखेड़ा ने कांग्रेस नेतृत्व को अपना निर्णय बदलने को विवश किया। इससे यह सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस में सिर-फुटौवल की स्थिति चरम पर है। ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने देखा कि किस तरह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने दिल्ली तक जबरदस्त लॉबिंग की थी, बावजूद इसके बघेल और बैज के दिल के अरमाँ आँसुओं में बह गए।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए भूपेश बघेल ने गांधी परिवार की खुशामद में सड़कों पर गुलाब के फूल बिछाए थे, लेकिन आज वह गुलाब वाली भक्ति भी काम नहीं आई। बघेल और बैज पर फूलोदेवी नेताम की सोनिया-सेवा भारी पड़ गई है। कांग्रेस में योग्यता या छत्तीसगढ़ का हित पैमाना नहीं है, बल्कि गांधी परिवार की चापलूसी ही राज्यसभा की टिकट का इकलौता पैमाना है। इधर पवन खेड़ा के नाम पर जो बखेड़ा खड़ा हुआ, उसने कांग्रेस के भीतर चल रहे असंतोष और गुटबाजी को सरेआम कर दिया है। श्री ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए छत्तीसगढ़ केवल एक एटीएम रहा है। जब भी प्रतिनिधित्व की बात आती है, तो यह पार्टी अपनों को किनारे कर बाहरी चेहरों या दरबारियों को प्राथमिकता देती रही है, परंतु इस बार कांग्रेस नेतृत्व की मंशा धरी-की-धरी रह गई। जाहिर है, कांग्रेस की यह अंतर्कलह आने वाले समय में एक नया राजनीतिक बखेड़ा खड़ा करेगी। ठाकुर ने कहा कि भाजपा हमेशा छत्तीसगढिय़ा अस्मिता और स्थानीय नेतृत्व का सम्मान करती है, जबकि कांग्रेस में टिकट का फैसला जनहित के बजाय 'दरबारी लॉबिंगÓ से होता है।</description ></item><item><title>अफीम की खेती करने वाला भाजपा नेता पार्टी से निलंबित </title><link>https://cnin.co.in/अफीम-की-खेती-करने-वाला-भाजपा-नेता-पार्टी-से/76159</link><description>&amp;nbsp;रायपुर। दुर्ग जिले के समोदा में अफीम की खेती करने का बड़ा मामला उजागर हुआ है,खेती करने वाला भाजपा का प्रदेश संयोजक राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प किसान मोर्चा विनायक ताम्रकार निकला। पार्टी ने विषय को को गंभीरता से लेते हुए ताम्रकार को पार्टी से निकाल बाहर कर दिया है। जारी निलंबन पत्र में प्रदेश महामंत्री डा.नवीन मारकण्डेय ने कहा है कि यह पार्टी की छवि को धूमिल करने वाला कृत्य हैं इसलिए प्रदेश अध्यक्ष की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई है। बता दें विनायक पुलिस हिरासत में हैं। वहीं पार्टी ने कहा है कि पुलिस नियमानुसार अपना कार्य करेगी।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहीं धमतरी जिले की महिलाएं</title><link>https://cnin.co.in/स्व-सहायता-समूहों-के-माध्यम-से-आत्मनिर्भर-बन/76158</link><description>00 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस&amp;nbsp;धमतरी। प्रतिवर्ष 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिवस समाज में महिलाओं के योगदान, उनके अधिकारों और सशक्तिकरण को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव तक दिखाई देने लगा है।धमतरी जिले में भी शासन की योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि परिवार और समाज में अपनी सशक्त पहचान भी बना रही हैं। जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत बड़ी संख्या में महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत और आंतरिक ऋण की व्यवस्था के साथ-साथ विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित कर रही हैं। कई महिला समूह खेती-किसानी के साथ सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन, डेयरी व्यवसाय, मछली पालन तथा लघु उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समूहों द्वारा जैविक खेती, सब्जी उत्पादन और पोषण वाटिका जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि परिवार के पोषण स्तर में भी सुधार हो रहा है। शासन द्वारा प्रशिक्षण, बैंक ऋण सुविधा, विपणन सहयोग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर महिलाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।धमतरी जिले के कई गांवों में महिला समूहों ने सामूहिक उत्पादन और विपणन की सफल पहल की है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक निर्णयों में भी सक्रिय भूमिका निभाने लगी हैं। अनेक महिला समूह स्थानीय हाट-बाजारों के साथ-साथ विभिन्न मेलों और प्रदर्शनियों में अपने उत्पादों का विक्रय कर रही हैं। इसके अलावा शासन द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों और कौशल विकास प्रशिक्षणों के माध्यम से महिलाओं के समग्र विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है।आज धमतरी जिले की महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेती, उद्यमिता, स्वयं सहायता समूहों और अन्य आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। शासन की योजनाओं और सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर यह स्पष्ट है कि जब महिलाओं को अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। धमतरी जिले की महिलाएं भी इसी आत्मविश्वास और संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता की राह पर निरंतर आगे बढ़ रही हैं।इस वर्ष महिला दिवस की थीम दान करके लाभ प्राप्त करें है। इसका संदेश है कि जब हम समाज में सहयोग, समर्थन और अवसर प्रदान करते हैं, तो उसका सकारात्मक लाभ पूरे समाज को मिलता है। आइए, हम सभी मिलकर सहयोग और सहभागिता की भावना के साथ लैंगिक समानता को बढ़ावा दें और म</description ></item><item><title>सायरा बानो बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल : दिव्यांगता के बावजूद ई-रिक्शा चलाकर कमा रहीं सम्मानजनक आजीविका</title><link>https://cnin.co.in/सायरा-बानो-बनीं-आत्मनिर्भरता-की-मिसाल-:/76157</link><description>धमतरी। धमतरी जिले की सायरा बानो ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान के साथ आगे बढऩे का जज़्बा हो, तो कठिन से कठिन परिस्थितियाँ भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। शारीरिक दिव्यांगता और अत्यंत गरीब पारिवारिक स्थिति के बावजूद सायरा बानो आज आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनकर उभरी हैं। कल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है ।&amp;nbsp;सायरा बानो पहले बेहद आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रही थीं। रोजगार के अभाव के कारण उनके लिए दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया था। ऐसे समय में उन्होंने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और रोजगार के लिए जिला प्रशासन से मदद की अपील की। सायरा बानो की परिस्थितियों और उनके आत्मनिर्भर बनने के जज़्बे को देखते हुए कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया और उन्हें बड़ौदा आरसेटी, धमतरी में ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था की। प्रशिक्षण के दौरान सायरा बानो ने पूरी लगन और मेहनत से ई-रिक्शा चलाने की तकनीक सीखी। इसके साथ ही उन्हें स्वरोज़गार से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई तथा पुलिस विभाग द्वारा यातायात नियमों की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद समाज कल्याण विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से सक्षम प्रोजेक्ट के अंतर्गत सायरा बानो को ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया। आज सायरा बानो धमतरी शहर में आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चलाकर अपनी आजीविका कमा रही हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिदिन लगभग 300 से 500 रुपये तक की आय हो रही है, जिससे वे अपने जीवन की आवश्यकताओं को सम्मानपूर्वक पूरा कर पा रही हैं।कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि लाभार्थी दृढ़ संकल्प और मेहनत के साथ आगे बढ़ें, तो वे अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। सायरा बानो की यह सफलता की कहानी न केवल दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणादायी है, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के लिए एक संदेश है कि कठिन परिस्थितियाँ कभी भी आगे बढऩे की राह में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि व्यक्ति के भीतर आगे बढऩे का साहस और संकल्प हो।</description ></item><item><title>9 आईपीएस अफसरों के वेतन में हुई वृद्धि</title><link>https://cnin.co.in/9-आईपीएस-अफसरों-के-वेतन-में-हुई-वृद्धि/76156</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 9 आईपीएस अफसरों को आबंटन वर्ष के 9 वर्ष पूर्व कर लेने के बाद उनके वेतन में वृद्धि की है। जिन 9 आईपीएस अफसरों के वेतन में वृद्धि की गई है उनमें उमेश चौधरी, मनोज कुमार खिलारी, रवि कुमार कुर्रे, सुरजन राम भगत, दर्शन सिंह मरावी, झाडूराम ठाकुर, प्रफुल्ल कुमार ठाकुर, विजय कुमार पाण्डेय, सुनील शर्मा शामिल हैं।</description ></item><item><title>सरदार तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का उप-राज्यपाल बनाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिख समाज ने दी बधाई</title><link>https://cnin.co.in/सरदार-तरनजीत-सिंह-संधू-को-दिल्ली-का-उप/76155</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ सिख समाज ने वरिष्ठ राजनयिक सरदार तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उप-राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने जारी बयान में कहा कि देश के प्रतिष्ठित राजनयिक और अनुभवी प्रशासक सरदार तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश का उप-राज्यपाल नियुक्त किया जाना देश के सिख समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संधू अपने अनुभव, दूरदर्शिता और प्रशासनिक क्षमता के बल पर राजधानी दिल्ली के विकास और सुशासन को नई दिशा देंगे।प्रदेश अध्यक्ष सिंघोत्रा ने इस नियुक्ति के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा सिख समाज के इतिहास, परंपरा और गुरुओं के बलिदान को देश-दुनिया तक पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर देश में सिख गुरुओं की महान विरासत और उनके त्याग-बलिदान की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिससे सिख समाज में सम्मान और गौरव की भावना और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं का इतिहास त्याग, सेवा, साहस और मानवता की रक्षा का संदेश देता है। ऐसे में सिख समाज से जुड़े एक अनुभवी और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व को दिल्ली का उप-राज्यपाल बनाया जाना देश की समावेशी और लोकतांत्रिक परंपरा को और सशक्त करता है।छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, हरकिशन सिंह राजपूत, नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, स्वर्णपाल सिंह चावला, जागीर सिंह बावा, देवेंद्र सिंह चावला, रणजीत सिंह खनूजा, अमृत सिंह सूर, जसप्रीत सिंह चावला, इंदर पाल सिंह गांधी, गुरमीत सिंह छाबड़ा एवं मानवेंद्र सिंह डडियाला ने आशा व्यक्त की है कि सरदार तरनजीत सिंह संधू अपने नए दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते हुए देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे।</description ></item><item><title>33 जिलों में 5 दिनों तक महिलाओं के मामलों में होगी महा जन-सुनवाई </title><link>https://cnin.co.in/33-जिलों-में-5-दिनों-तक-महिलाओं-के-मामलों-में/76154</link><description>00 हजारों परिवारों को मिलेगा त्वरित न्याय व निराकरणरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने राज्य की महिलाओं को त्वरित राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक वृहद और संवेदनशील निर्णय लिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर आयोग आगामी 8 से 13 मार्च 2026 तक प्रदेश के सभी पांच संभागों में महा जन-सुनवाई सप्ताह का आयोजन करने जा रहा है। उक्त जानकारी छत्तीसगढ़ राज्य महिला की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए दिए।उन्होंने बताया कि साढ़े 5 वर्षो में प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर लगभग 370 बार जनसुनवाई सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी है। लगभग 8000 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। इसी अनुभव को विस्तार देते हुए, इस बार संभाग स्तर पर एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के सभी 33 जिलों के प्रकरणों की संभागवार एक साथ सुनवाई की जाएगी। सभी संभागों में जनसुनवाई प्रात: 10 बजे से प्रारंभ की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन आवेदकों के प्रकरण सुनवाई हेतु सूचीबद्ध हैं, उन्हें स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त जो महिलाएं पूर्व में आवेदन नहीं कर पाई हैं, वे सुनवाई स्थल पर अपने नए आवेदन भी प्रस्तुत कर सकती हैं। सुनवाई के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस प्रशासन का भी विशेष सहयोग सुनिश्चित किया गया है।सुनवाई की सघनता को देखते हुए अध्यक्ष नायक ने दो विशेष न्यायपीठों की जिम्मेदारियां तय की हैं जिसमें मुख्य न्यायपीठ का नेतृत्व स्वयं करेंगी व संबंधित संभाग की प्रभारी सदस्य करेंगी। यह पीठ महिला उत्पीडऩ से संबंधित उन गंभीर प्रकरणों की सुनवाई करेगी जहाँ त्वरित निर्णय और आयोग के कड़े हस्तक्षेप की आवश्यकता है। सहायक न्यायपीठ की भूमिका इस पीठ में संभाग की सह-प्रभारी सदस्य एवं आयोग की अन्य सदस्य नेतृत्व करेंगी। सहायक न्यायपीठ मुख्य रूप से एकल पक्षीय समस्याओं और उन प्रकरणों पर केंद्रित रहेगी जहाँ समझौते की गुंजाइश हो। यहाँ काउंसलिंग (परामर्श) के माध्यम से आपसी समझाइश से मामलों का निराकरण किया जाएगा।9 मार्च 2026 (सरगुजा संभाग)स्थान- जिला पंचायत सभाकक्ष, अंबिकापुर।शामिल जिला - सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एवं जशपुर। (कुल 101 प्रकरण)उपस्थिति- अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, संभाग सह-प्रभारी श्रीमती सरला कोसरिया एवं सदस्य सुश्री दीपिका शोरी।10 मार्च 2026 (बिलासपुर संभाग)स्थान- प्रार्थना भवन, जल संसाधन विभाग परिसर, बिलासपुर।शामिल जिला- बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ एवं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। (कुल 169 प्रकरण)उपस्थिति- अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, संभाग प्रभारी श्रीमती सरला कोसरिया एवं सदस्य सुश्री दीपिका शोरी।11 मार्च 2026 (दुर्ग संभाग)स्थान- प्रेरणा सभाकक्ष, जिला महिला एवं बाल विकास विभाग परिसर, दुर्ग।शामिल जिला- दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चैकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। (कुल 113 प्रकरण)उपस्थिति- अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, संभाग प्रभारी श्रीमती ओजस्वी मंडावी, सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया एवं सुश्री दीपिका शोरी।12 मार्च 2026 (रायपुर संभाग)स्थान- छ.ग. राज्य महिला आयोग कार्यालय परिसर, शास्त्री चौक, रायपुर।शामिल जिला- रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, धमतरी एवं महासमुंद। (कुल 292 प्रकरण)उपस्थिति- अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, सह-प्रभारी श्रीमती सरला कोसरिया, सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी एवं सुश्री दीपिका शोरी।13 मार्च 2026 (बस्तर संभाग)स्थान- प्रेरणा सभाकक्ष, कलेक्ट्रेट परिसर, जगदलपुर।शामिल जिला बस्तर (जगदलपुर), कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर एवं बीजापुर। (कुल 87 प्रकरण)उपस्थिति- अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, संभाग प्रभारी सुश्री दीपिका शोरी, सह-प्रभारी श्रीमती ओजस्वी मंडावी, सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया।</description ></item><item><title>जनता को पेयजल उपलब्ध कराना निगम की जि़म्मेदारी,सभी अधिकारी पेयजल की समस्या को गंभीरता से ले</title><link>https://cnin.co.in/जनता-को-पेयजल-उपलब्ध-कराना-निगम-की/76153</link><description>00 महापौर मीनल ने गर्मी में सुगम जलापूर्ति हेतु पुख्ता तैयारी को लेकर सभी जोन कमिश्नरों को दिए सख्त निर्देश00 आयुक्त ने शहर के सभी जलागारों की मैकेनिकल सफाई अभियानपूर्वक शीघ्र करवाने के दिए निर्देशरायपुर। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा है कि पेयजल उपलब्ध कराना निगम की जिम्मेदारी सभी अधिकारी पेयजल की समस्या को गंभीरता से लें और सभी जोन कमिश्नर प्रतिदिन वार्डों में जलापूर्ति का नियमित निरीक्षण करें। नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित गर्मी में राजधानी शहर नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में नागरिकों को सुगम जलापूर्ति की तैयारियों को लेकर आवश्यक बैठक लेकर सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी जोन कमिश्नरों को अपनी टीम के अधिकारियों औऱ कर्मचारियों के साथ जोन अंतर्गत वार्डों का गर्मी में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पुख्ता करने नियमित निरीक्षण कर जल आपूर्ति के समय टेल एंड तक नागरिकों को सुगम जलापूर्ति किया जाना सुनिश्चित करने निर्देशित किया है। महापौर ने कहा कि जोन कमिश्नर वार्डों में जलसमस्या होने पर जोन से उसका सम्बंधित स्पाट पर तत्काल कार्यवाही कर समुचित निराकरण करेंगे औऱ इसमें जोन के स्तर पर तकनीकी समस्या निदान में आने पर इसकी तत्काल जानकारी नगर निगम मुख्यालय जल बोर्ड के अभियंताओं को देकर उनसे सम्बंधित क्षेत्र की जलसमस्या का वहाँ त्वरित निदान करवाएंगे. जोन कमिश्नर वार्ड पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर अभी से जलसमस्या के संभावित क्षेत्रों में जलसमस्या निदान करवा लेंगे, ताकि गर्मी में नागरिकों को पानी को लेकर इधर - उधर ना भटकना पड़े.महापौर ने गर्मी में पेयजल वितरण का अपव्यय पर कारगर अंकुश लगाने कड़े निर्देश दिये।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जोन कमिश्नरों को अवैध नल कनेक्शनों पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही कर उन्हें करारोपण में सम्मिलित करने के निर्देश दिए हैँ. महापौर ने पार्षदों से समन्वय बनाकर वार्डों में व्यवहारिक आवश्यकता के अनुसार विभिन्न पॉइंट्स की सूची तैयार करते हुए पेयजल टैंकरों से पेयजल आपूर्ति जलसंकट ग्रस्त क्षेत्रों में करवाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश सभी जोन कमिश्नरों को दिए हैँ।आयुक्त श्री विश्वदीप ने सभी जोन कमिश्नरों को गर्मी में रायपुर नगर निगम के सभी वार्डों में सुगम पेयजल आपूर्ति की पुख्ता तैयारी कर अपना प्रशासनिक कार्य दायित्व निर्वहन अच्छी तरह करने निर्देशित किया है।उन्होंने कहा कि गर्मी में सुगम पेयजल आपूर्ति के कार्य में लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय कर सम्बंधित अधिकारी पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। नागरिकों को गर्मी में निगम क्षेत्र में पेयजल को लेकर कोई बड़ी समस्या ना होने पाए, यह प्रतिदिन वार्डों का निरीक्षण जल आपूर्ति के समय अपनी टीम सहित करके सभी जोन कमिश्नर सुनिश्चित करें. पेयजल की गर्मी में सतत मॉनिटरिंग करते हुए सुगम आपूर्ति औऱ शत - प्रतिशत राजस्व वसूली के कार्य को सभी जोन कमिश्नर औऱ अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर अपना प्रशासनिक कार्य दायित्व अच्छी तरह से निर्वहन करें।आयुक्त ने शहर में स्थित सभी 45 जलागारों की मैकेनिकल सफाई अभियान चलाकर शीघ्र करने के निर्देश फिल्टरप्लांट के सम्बंधित अधिकारियों को दिए हैँ। बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर सहित सभी जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता की उपस्थिति रही।</description ></item><item><title>मूकबधिर दिव्यांगजनों के लिए 9 मार्च को प्लेसमेंट कैम्प</title><link>https://cnin.co.in/मूकबधिर-दिव्यांगजनों-के-लिए-9-मार्च-को/76152</link><description>रायपुर। विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर एवं डॉ. रेड्डीस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में मूकबधिर दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 09 मार्च 2026 को किया जा रहा है। यह कैम्प प्रात: 10 बजे से डॉ. रेड्डीस फाउंडेशन ग्रो रायपुर, पीडब्ल्यूडी मकान नंबर 843, कुशालपुर फ्लायओवर के पास, सुंदर नगर रायपुर में आयोजित होगा।विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. (श्रीमती) शशी अतुलकर ने बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प में विभिन्न निजी कंपनियों द्वारा साक्षात्कार के माध्यम से भर्ती की जाएगी। प्रमुख रूप से फ्लिपकार्ट, बिग बास्केट एवं टपरी द कैफे सहित अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक मूकबधिर दिव्यांगजन, जिनकी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण है, इस कैम्प में शामिल हो सकते हैं। इच्छुक आवेदकों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे 10वीं/12वीं/स्नातक की अंकसूची, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड के मूल एवं फोटोकॉपी तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना अनिवार्य होगा।उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि प्लेसमेंट कैम्प में शामिल होने के लिए आवेदक का रोजगार पंजीयन होना अनिवार्य है। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र मूकबधिर दिव्यांगजनों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।</description ></item><item><title>धान खरीदी केंद्र में धान पर पानी डालने का मामला, चार कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज</title><link>https://cnin.co.in/धान-खरीदी-केंद्र-में-धान-पर-पानी-डालने-का/76151</link><description>रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित भलेरा के धान उपार्जन केंद्र में संग्रहित धान पर मोटर पंप से पानी डालने का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो के आधार पर कलेक्टर श्री गौरव सिंह जी द्वारा गठित जाँच समिति की रिपोर्ट में धान में नमी पाई गई ।जांच में,समिति के प्रभारी प्रबंधक विष्णु साहू, लिपिकीय सहायक उमेश कुमार साहू, प्रोसिसर्वर इंदरमन निषाद तथा दैनिक कर्मचारी जितेन्द्र कुमार साहू की लापरवाही सामने आई है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ शासन की धान उपार्जन नीति 2025-26 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया। जिसके पश्चात चारो कर्मचारियो को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। भौतिक सत्यापन के दौरान लगभग 10500 बोरा धान नमीग्रस्त पाया गया, जिसका पंचनामा तैयार किया गया। जांच उपरांत मामले में संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध उप आयुक्त सहकारिता द्वारा एफआईआर के लिए निर्देशित किया गया।</description ></item><item><title>महतारी गौरव वर्ष: महिला सशक्तिकरण के नवयुग की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-गौरव-वर्ष:-महिला-सशक्तिकरण-के-नवयुग-की/76150</link><description>आलेख - डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक, जनसंपर्क विभागरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने इस वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह पहल केवल एक औपचारिक घोषणा नहीं है, बल्कि महिलाओं को राज्य की विकास यात्रा के केंद्र में स्थापित करने का सशक्त संकल्प है।विश्वास से निर्माण और अब गौरव की ओरमुख्यमंत्री श्री साय ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष को विश्वास वर्ष के रूप में शासन-प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की पुनर्स्थापना को समर्पित किया। इसके बाद दूसरे वर्ष को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाते हुए अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति दी गई। अब तीसरा वर्ष महतारी गौरव वर्ष के रूप में माताओं और बहनों को समर्पित किया गया है, जिसमें राज्य की अधिकांश योजनाओं का केंद्रबिंदु महिलाएं होंगी। यह क्रम सरकार की संवेदनशील और समावेशी विकास की सोच को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।</description ></item><item><title>खेत में अफीम की खेती करने वाले विनायक को भाजपा ने किया निलंबित</title><link>https://cnin.co.in/खेत-में-अफीम-की-खेती-करने-वाले-विनायक-को/76149</link><description>रायपुर। अपने खेत में अफीम की खेती करने वाले विनायक ताम्रकार को भाजपा ने पार्टी से निलंबित कर दिया है। विनायक, पार्टी के राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प का प्रदेश संयोजक था। पार्टी ने कहा कि विनायक का यह कृत्य अनुशासनहीन और छवि धूमिल करने वाला है। आपका यह कृत्य पार्टी अनुशासनहीनता करने की श्रेणी में आता है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव ने आपको उपरोक्त कृत्य के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा ।</description ></item><item><title>बिहान से सशक्त हो रहीं ग्रामीण महिलाएं, स्व सहायता समूह से जुड़कर बना रहीं अपनी अलग पहचान</title><link>https://cnin.co.in/बिहान-से-सशक्त-हो-रहीं-ग्रामीण-महिलाएं,-स्व/76148</link><description>00 संघर्ष से सफलता तक सावित्री उरांव की प्रेरक कहानी00 प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग से बढ़ी आय, सालाना कमाई पहुंची लगभग 8 लाख रुपयेरायपुर। राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बिहान कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को स्व सहायता समूहों के माध्यम से संगठित कर उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि आज ग्रामीण महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी बना रही हैं। कोरबा जिले में भी बिहान से अनेक महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं।इसी कड़ी में विकासखंड करतला के ग्राम सरगबुंदिया की निवासी श्रीमती सावित्री उरांव आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर उभरी हैं। एक समय ऐसा था जब सीमित आय, आर्थिक असुरक्षा और स्थायी आजीविका के अभाव के कारण उनका जीवन संघर्षों से घिरा हुआ था। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संसाधनों की कमी के कारण जीवनयापन कठिन हो रहा था। ऐसे समय में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्व सहायता समूह से जुडऩा उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिसने उनके भीतर आत्मविश्वास और आगे बढऩे की नई आशा जगाई। बिहान कार्यक्रम के तहत श्रीमती उरांव को समय-समय पर वित्तीय साक्षरता, समूह प्रबंधन, उद्यम विकास और आजीविका संवर्धन से संबंधित विभिन्न प्रशिक्षण प्रदान किए गए। इन प्रशिक्षणों ने उन्हें केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि आत्मनिर्भर बनने, निर्णय लेने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया।जिला प्रशासन एवं एनआरएलएम के सहयोग से उनके स्व सहायता समूह को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया, जिसके अंतर्गत समूह को रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि तथा बैंक ऋण की सुविधा प्राप्त हुई। इस वित्तीय सहयोग और प्रशिक्षण का लाभ उठाते हुए उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में वे कपड़ों के व्यापार सहित का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। उनके निरंतर परिश्रम, सही मार्गदर्शन और समय पर मिली वित्तीय सहायता का परिणाम है कि आज उनकी वार्षिक आय लगभग 8 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ-साथ सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है। आज वो न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी एक मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरी हैं। वे अपने गांव की अन्य महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जुडऩे, बचत की आदत अपनाने और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन कोरबा को देती हैं। उनका कहना है कि समय पर प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और प्रशासन के मार्गदर्शन ने उन्हें आगे बढऩे का अवसर दिया।</description ></item><item><title>घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा </title><link>https://cnin.co.in/घरेलू-गैस-सिलेंडर-60-रुपए-महंगा-/76147</link><description>&amp;nbsp;नई दिल्ली - केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की एलपीजी गैस अब 913 रुपए की मिलेगी। पहले यह 853 रुपए की थी। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। यह अब 1883 रुपए का मिलेगा। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई है। इससे पहले सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को घरेलू सिलेंडर के दामों में 50 रुपए का इजाफा किया था। यानी ये बढ़ोतरी करीब एक साल बाद की गई है। वहीं 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 31 रुपए तक बढ़ाए गए थे। सरकार ने गैस के दामों में बढ़ोत्तरी ऐसे वक्त की है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते देश में गैस किल्लत की आशंका जताई गई है।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे लखपति दीदियों से संवाद </title><link>https://cnin.co.in/मुख्यमंत्री-विष्णुदेव-साय-करेंगे-लखपति/76146</link><description>&amp;nbsp;0-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में रायपुर में आयोजित होगा 'लखपति दीदी संवाद' कार्यक्रम&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' द्वारा 7 मार्च 2026 को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में 'लखपति दीदी संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर प्रदेश भर से हजारों लखपति दीदियां कार्यक्रम में भाग लेंगी। &amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय इन महिलाओं से संवाद करते हुए उनकी सफलता की कहानियां सुनेंगे और शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी प्राप्त करेंगे। यह कार्यक्रम महिलाओं के आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया जाएगा। इसके साथ ही 'लखपति दीदी ग्राम पोर्टल' का शुभारंभ भी किया जाएगा। इन प्रकाशनों के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता की प्रेरक यात्राओं को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश भर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह आयोजन महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित करेगा और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई </title><link>https://cnin.co.in/यूपीएससी-सिविल-सेवा-परीक्षा-में-सफल-प्रदेश/76145</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने वैभवी अग्रवाल, दर्शना सिंह बघेल, डायमंड सिंह ध्रुव, रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया को उनकी उल्लेखनीय सफलता के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इन होनहार बेटे-बेटियों की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और यह दिखाती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन युवाओं की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>होली पर किसानों के खातों में राशि अंतरण से दोगुनी हुई तिहार की खुशी -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title><link>https://cnin.co.in/होली-पर-किसानों-के-खातों-में-राशि-अंतरण-से/76144</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;0-बिरगांव होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेशवासियों को दी होली की शुभकामनाएं&amp;nbsp;&amp;nbsp;रायपुर--मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम नगर निगम बिरगांव में आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को रंगों के इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष होली का उत्साह प्रदेश में और भी अधिक है, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा अन्नदाता किसानों के खातों में धान उपार्जन के अंतर की राशि अंतरित की गई है। इससे किसानों के परिवारों में खुशी का माहौल है और त्यौहार की रौनक दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि ही राज्य की समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। यह त्योहार समाज में एकता, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है तथा लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की मंशानुरूप प्रदेश में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अंचल में शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, विकास और खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक मंडली द्वारा प्रस्तुत मनमोहक फाग गीत का आनंद लिया। साथ ही विधायक श्री अनुज शर्मा की प्रस्तुति पर उपस्थित लोगों ने भी खूब उत्साह दिखाया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने पिचकारी चलाकर रंगों की बौछार की और लोगों के साथ होली की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री योगेश साहू, निशक्तजन आयोग के अध्यक्ष श्री लोकेश कावडिय़ा, सीआईडीसी अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, पूर्व विधायक एवं आरडीए अध्यक्ष श्री नंदे साहू, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष श्री मिर्जा एजाज बेग, श्री रमेश ठाकुर, श्री भागीरथी यादव, श्री मनोज जोशी सहित बिरगांव नगर निगम के पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।&amp;nbsp;</description ></item><item><title>पहला खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ के रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में होगा आयोजित </title><link>https://cnin.co.in/पहला-खेलो-इंडिया-ट्राइबल-गेम्स-छत्तीसगढ़-के/76143</link><description>00 25 मार्च से 6 अप्रैल के बीच एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और होंगी कुश्ती&amp;nbsp;रायपुर। पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन 25 मार्च से 6 अप्रैल के बीच छत्तीसगढ़ के तीन शहरों – रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा – में किया जाएगा। इसकी घोषणा गुरुवार को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की।इन खेलों में सात पदक स्पर्धाएँ – एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती- शामिल होंगी। इसके अलावा दो डेमो गेम– मल्लखंभ और कबड्डी – भी आयोजित किए जाएंगे। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) में भारत के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।डॉ. मांडविया ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स हमारे बढ़ते हुए प्रयासों का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य हर उस युवा को अवसर और मंच प्रदान करना है जो खेलना चाहता है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन का हिस्सा है, और इस यात्रा में खेलों की बहुत बड़ी भूमिका है।”पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट 23 दिसंबर को बिलासपुर के स्वर्गीय बी. आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया था। इस समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव भी उपस्थित थे।डॉ. मांडविया ने इस बात पर जोर दिया कि ये खेल आदिवासी क्षेत्रों से उभर रही प्रतिभाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “आदिवासी क्षेत्रों से प्रतिभाओं को सामने लाना बेहद अहम है और हमारे खिलाड़ी आधार का लगातार विस्तार समय की आवश्यकता है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आदिवासी समुदायों के प्रतिभाशाली युवाओं की जल्द पहचान हो, उन्हें व्यवस्थित तरीके से समर्थन मिले और उन्हें राष्ट्रीय खेल ढांचे मंम शामिल किया जाए।”खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ, राष्ट्रीय खेल महासंघों और छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इन खेलों के तकनीकी मानक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप रखे जाएंगे।आधिकारिक मैस्कॉट ‘मोरवीर’ का नाम छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है। यह दो शब्दों से बना है – ‘मोर’, जिसका छत्तीसगढ़ी में अर्थ ‘मेरा’ या ‘हमारा’ होता है, और ‘वीर’, जो साहस और पराक्रम का प्रतीक है। मोरवीर भारत के आदिवासी समुदायों की भावना, गर्व और पहचान का प्रतिनिधित्व करता है।आदिवासी खिलाड़ियों को समर्पित इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बन गया है, जो भारत की खेल यात्रा में आदिवासी सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स, भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की प्रमुख खेलो इंडिया योजना का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य जनभागीदारी बढ़ाना और खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। वर्ष 2020 में स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट, 2007 के तहत खेलो इंडिया गेम्स को ‘राष्ट्रीय महत्व का आयोजन’ घोषित किया गया था।</description ></item><item><title>बेटी के सुनहरे भविष्य की नींव बनी सुकन्या समृद्धि योजना</title><link>https://cnin.co.in/बेटी-के-सुनहरे-भविष्य-की-नींव-बनी-सुकन्या/76142</link><description>बलरामपुर। बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित सुकन्या समृद्धि योजना कई परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। योजना के माध्यम से अभिभावक अपनी बेटियों की शिक्षा और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए छोटी-छोटी बचत कर आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। जिले में भी अनेक परिवार योजना का लाभ लेकर अपनी बेटियों के सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।&amp;nbsp;बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत कोरंधा सेक्टर के करम टोली निवासी श्रीमती सुरेखा भगत ने अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ लिया है। श्रीमती सुरेखा भगत एक गृहिणी हैं। उन्होंने अपनी बेटी के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए बेटी रिया के नाम से डाकघर कोरंधा में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवाया। वे बताती हैं कि प्रारंभिक समय में आर्थिक तंगी के कारण इस खाते में नियमित रूप से राशि जमा करना उनके लिए कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना का लाभ से उन्हें बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में नियमित रूप से बचत करने में सहायता मिली। वे बताती हैं कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं ने उन्हें अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचत करने की प्रेरणा दी है।&amp;nbsp;श्रीमती सुरेखा बताती है कि बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य (शिक्षा और विवाह) के लिए एक छोटी बचत योजना है। 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के लिए अभिभावक डाकघर या अधिकृत बैंक में खाता खोल सकते हैं, जिसमें प्रति वर्ष 250 से 1.5 लाख तक निवेश कर आकर्षक ब्याज प्राप्त की जा सकती है। अब श्रीमती सुरेखा समय से सुकन्या समृद्धि खाते में राशि जमा कर रही हैं, ताकि आने वाले समय में बेटी की उच्च शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं में कोई बाधा न आए। वे कहती हैं कि छोटी-छोटी बचत से ही बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने इस पहल के लिए शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया है।</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई सुमित्रा, सकारात्मक बदलाव से आर्थिक स्थिति में हुआ सुधार</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-से-सशक्त-हुई-सुमित्रा,/76141</link><description>बलरामपुर। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। इसी योजना के अंतर्गत जिले के नगरपालिका बलरामपुर के इंदिरा गांधी वार्ड क्रमांक 05 की निवासी श्रीमती सुमित्रा भगत ने महतारी वंदन योजना का लाभ लेकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में सराहनीय पहल की है। शासन की इस योजना से मिली सहायता ने उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।श्रीमती सुमित्रा भगत को महतारी वंदन योजना अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। इस राशि का उपयोग श्रीमती भगत ने केवल घरेलू खर्चों तक सीमित न रखते हुए उससे एक छोटी किराना दुकान शुरू की। इस दुकान के माध्यम से उन्हें नियमित रूप से अतिरिक्त आय होने लगी है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। अब वे घर की छोटी-छोटी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं और बच्चों की आवश्यकताओं का भी बेहतर ढंग से ध्यान रख पा रही हैं।सुमित्रा भगत बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है। इस योजना के कारण उन्हंव अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में सहुलियत हुई है और उनका परिवार पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में जीवन-यापन कर रहा है। वे बताती हैं कि इस पहल से अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिली है, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।</description ></item><item><title>सेटरिंग कार्य और मशरूम उत्पादन से रेवती बनीं लखपति दीदी</title><link>https://cnin.co.in/सेटरिंग-कार्य-और-मशरूम-उत्पादन-से-रेवती-बनीं/76140</link><description>रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसका प्रेरणादायक उदाहरण सक्ति जिला के जनपद पंचायत डभरा के ग्राम पंचायत डोमनपुर की सखी सहेली महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती रेवती साहू हैं।इस समूह की अध्यक्ष श्रीमती खिलेश्वरी बरेठ तथा सचिव श्रीमती रेवती साहू हैं। समूह को एनआरएलएम (बिहान) योजना के अंतर्गत आरएफ राशि 15 हजार रुपये एवं सीआईएफ राशि 60 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। इसके साथ ही बैंक लिंकेज के माध्यम से भी ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई। स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले श्रीमती रेवती साहू घरेलू कार्यों तक ही सीमित थीं और उनके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था। लेकिन समूह की नियमित बैठकों, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से उन्हें स्वरोजगार करने की प्रेरणा मिली और उन्होंने घर के कार्यों के साथ आर्थिक गतिविधि शुरू करने का निर्णय लिया।सबसे पहले श्रीमती रेवती साहू ने सेटरिंग प्लेट व्यवसाय की शुरुआत की। इस कार्य के लिए उन्हें एनआरएलएम (बिहान) योजना के अंतर्गत बैंक लिंकेज के माध्यम से 1 हजार रुपये तथा सीआईएफ से 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। वित्तीय वर्ष 2025 में उन्हें बैंक लिंकेज के माध्यम से 10 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिसमें से 4 लाख रुपये से सेटरिंग प्लेट सामग्री क्रय कर व्यवसाय का विस्तार किया गया। इस व्यवसाय से वर्तमान में उन्हें लगभग 3 लाख 60 हजार रुपये की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है।आय के स्रोत को और मजबूत करने के लिए श्रीमती रेवती साहू ने मशरूम उत्पादन का कार्य भी शुरू किया। वर्तमान में वे प्रतिदिन लगभग 10 किलोग्राम मशरूम का उत्पादन कर आसपास के बाजारों में विक्रय करती हैं। इस गतिविधि से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 60 हजार से 70 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।आज श्रीमती रेवती साहू अपनी मेहनत, लगन और एनआरएलएम (बिहान) योजना के सहयोग से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। वे अपने परिवार का सफलतापूर्वक भरण-पोषण कर रही हैं और उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। श्रीमती रेवती साहू की यह सफलता अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह उदाहरण दर्शाता है कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनकर “लखपति दीदी” बनने का सपना साकार कर सकती हैं।</description ></item><item><title>जल जीवन मिशन से पाली में घर-घर पहुंचा स्वच्छ पेयजल</title><link>https://cnin.co.in/जल-जीवन-मिशन-से-पाली-में-घर-घर-पहुंचा-स्वच्छ/76139</link><description>00 3143 मीटर पाइपलाइन और 341 नल कनेक्शन से हर घर पहुंच रहा स्वच्छ और सुरक्षित जलमहासमुंद। जिले के ग्राम पाली में कुछ समय पहले तक स्वच्छ पेयजल के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। गांव में पानी के लिए केवल कुछ हैंडपंप और पॉवर पंप ही उपलब्ध थे, जिन पर पूरा गांव निर्भर रहता था। गर्मी के मौसम में पानी की समस्या और भी गंभीर हो जाती थी। महिलाओं को दूर-दूर तक जाकर पानी लाना पड़ता था, जिसमें काफी समय और श्रम लगता था।केंद्र सरकार और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कर दिया है। मिशन के अंतर्गत पाली में 69 लाख 19 हजार रुपए की लागत से पानी टंकी का निर्माण कराया गया है। गांव में 3143 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर 341 घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। गांव में पहले से उपलब्ध 9 हैंडपंप और 10 पावर पंप भी जल स्रोत के रूप में उपयोग किए जा रहे हैं। इस साल 21 जनवरी को पाली हर घर जल प्रमाणित गांव भी बन गया है।&amp;nbsp;जल जीवन मिशन से अब हर घर के आंगन में पानी पहुंचने से पाली की महिलाएं बेहद खुश हैं। यहां रहने वाली श्रीमती खिलेश्वरी बताती हैं कि पहले उसे रोजाना पानी लाने काफी दूर जाना पड़ता था। कई बार पानी के लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ता था। अब घर में ही नल के माध्यम से स्वच्छ पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे उनकी मेहनत और समय दोनों बच रहे हैं। अब वह अपने परिवार और अन्य कामों पर ज्यादा ध्यान दे पा रही हैं।</description ></item><item><title>चूल्हे-चौके से लखपति दीदी तक का सफर, बिहान समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं ग्राम कोरदा की माहेश्वरी</title><link>https://cnin.co.in/चूल्हे-चौके-से-लखपति-दीदी-तक-का-सफर,-बिहान/76138</link><description>रायपुर। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना जैसी सरकारी योजनाएं अहम हैं। ये पहलें छोटे व्यवसाय, कौशल प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता के माध्यम से ग्रामीण व शहरी महिलाओं को सम्मानजनक आय के अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर बना रही हैं।छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कोरदा की रहने वाली श्रीमती माहेश्वरी यादव की कहानी उन महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो अपने परिवार को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना चाहती हैं। करीब चार साल पहले तक माहेश्वरी जी का जीवन घर-परिवार की सामान्य जिम्मेदारियों तक सीमित था, लेकिन बिहान समूह से जुड़ने के निर्णय ने उनके सपनों को नए पंख दे दिए। अपने पति श्री रामेश्वर यादव के सहयोग और बिहान योजना के माध्यम से मिली आर्थिक मदद से उन्होंने गांव में ही एक छोटी सी किराना दुकान की शुरुआत की। उनकी मेहनत और बेहतर प्रबंधन का ही परिणाम है कि आज यह दुकान उनके परिवार की खुशहाली का मुख्य आधार बन चुकी है।दुकान के सफल संचालन से अब माहेश्वरी जी सालाना एक से 1.5 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उन्होंने लखपति दीदी बनने का गौरव हासिल किया है। इस आर्थिक स्थिरता का सबसे सकारात्मक प्रभाव उनके बच्चों के भविष्य पर पड़ा है। उनके तीन बेटे हैं, जो फिलहाल 12 वीं, 8 वीं और 5 वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। माहेश्वरी जी अब बिना किसी वित्तीय बोझ के अपने बच्चों को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर पा रही हैं। बिहान समूह ने न केवल उन्हें समाज में एक नई पहचान दिलाई, बल्कि उन्हें एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित कर यह साबित कर दिया कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो गांव की गलियों से भी सफलता के बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। इसके लिए माहेश्वरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।</description ></item><item><title>बिहान से मिली नई उड़ान, ड्रोन तकनीक से किसानों की मदद कर आत्मनिर्भर बनीं सीमा</title><link>https://cnin.co.in/बिहान-से-मिली-नई-उड़ान,-ड्रोन-तकनीक-से-किसानों/76137</link><description>रायपुर। कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक परेशानियों के बीच जीवन बिताने वाली बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत पौंड़ी, जनपद पंचायत मस्तूरी की सीमा वर्मा आज अपने साहस, मेहनत और नई तकनीक को अपनाने की लगन से सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने जीवन की दिशा बदली, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। गांव में आज ड्रोन दीदी कहलाती हैं।वर्ष 2014 में सीमा वर्मा ने जय मां गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी नई यात्रा की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने समूह के साथ बचत और छोटे-छोटे कार्यों के माध्यम से आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया। ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के अवसर मिले और उन्होंने पैरा मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इस कार्य को आगे बढ़ाया, जिससे उन्हें नियमित आय मिलने लगी।कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा ने सीमा को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद शासन की सहायता से उन्हें ड्रोन सेट, जनरेटर और ई-वाहन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद उन्होंने किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक का छिड़काव करना शुरू किया। आज सीमा वर्मा ड्रोन तकनीक के माध्यम से किसानों की खेती को आसान बना रही हैं और सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। गांव में लोग उन्हें अब स्नेहपूर्वक ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पुकारते हैं।सीमा वर्मा की यह प्रेरक यात्रा साबित करती है कि सही अवसर, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी अपने हौसले के दम पर नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। ‘बिहान’ योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी और उनके सपनों को नई उड़ान प्रदान की।</description ></item><item><title>स्व-सहायता समूहों से सशक्त हो रहीं महिलाएं, ममता और चन्दा बनीं आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल</title><link>https://cnin.co.in/स्व-सहायता-समूहों-से-सशक्त-हो-रहीं-महिलाएं,/76136</link><description>00 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेषरायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में संचालित योजनाएं और स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। छोटे-छोटे प्रयासों और सामूहिक सहयोग से महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सूरजपुर जिले की श्रीमती ममता राजवाड़े और श्रीमती चन्दा ऐसी ही प्रेरणादायक महिलाएं हैं, जिन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि समाज में नई पहचान भी बनाई है।सूरजपुर जिले की निवासी ममता राजवाड़े ने श्रीमती लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की अपनी यात्रा शुरू की। समूह की नियमित बैठकों और बचत की आदत ने उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार किया। इसी आत्मविश्वास के साथ उन्होंने समूह से ऋण लेकर अपने घर के पास एक किराना दुकान की शुरुआत की। मेहनत और लगन से व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपनी आमदनी में वृद्धि की।व्यवसाय में स्थिरता आने के बाद श्रीमती ममता ने अपने काम का विस्तार करते हुए एक फोटो कॉपी मशीन भी खरीदी, जिससे आय का एक नया स्रोत तैयार हुआ। आज उनकी मासिक आय 20 से 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है। श्रीमती ममता का मानना है कि स्व-सहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आगे बढ़ने का आत्मविश्वास और हौसला भी प्रदान किया।इसी तरह सूरजपुर जिले की ही श्रीमती चन्दा ने भी बिहान स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी। कभी घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली श्रीमती चन्दा ने समूह के माध्यम से बचत, आत्मनिर्भरता और सामूहिक सहयोग की ताकत को समझा। समूह से मिली प्रेरणा के बाद उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर एक किराना दुकान शुरू की। उनकी मेहनत का परिणाम यह हुआ कि आज उन्हें हर महीने लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आय होने लगी है।आज श्रीमती ममता राजवाड़े और श्रीमती चन्दा दोनों ही अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को मजबूती से निभाते हुए आसपास की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, मार्गदर्शन और सामूहिक सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत आधारशिला भी रख सकती हैं।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इन महिलाओं की प्रेरक कहानियां यह दर्शाती हैं कि छत्तीसगढ़ में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय लिखा जा रहा है।</description ></item><item><title>यूपीएसी में चयनितों का घर जाकर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया सम्मान</title><link>https://cnin.co.in/यूपीएसी-में-चयनितों-का-घर-जाकर-कलेक्टर-डॉ./76135</link><description>रायपुर। यूपीएसी का रिजल्ट आने के बाद चयनित उम्मीदवारों से कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके घर जाकर उनकी सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए उनका मिठा किया। इन दोनों सफल उम्मीदवारों ने प्रोजेक्ट अनुभव के तहत अपना साक्षात्कार दिया था।यूपीएसी का रिजल्ट आने के बाद चयनित उम्मीदवारों को बधाई देने और उनकी हौसला अफजाई के लिये शुक्रवार की शाम कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह यूपीएससी में चयनित रौनक अग्रवाल एवं संजय डहरिया के निवास पर गये वहां उन्होंने रौनक व संजय को बुके दिये शाल ओढ़ाकर उनका सम्मान कर उनका मुंह मीठा किया।इस अवसर पर कलेक्टर के साथ निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, रायपुर एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।</description ></item><item><title>सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा- : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय</title><link>https://cnin.co.in/सड़क-निर्माण-में-गुणवत्ता-से-समझौता-नहीं/76133</link><description>&amp;nbsp;-®-निर्माण के दौरान ही फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण करें अधिकारी, लापरवाही पर कार्रवाई और ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट-®-टेंडर से अवॉर्ड तक पूरी प्रक्रिया की समय-सीमा तय करने के निर्देश-®-आधुनिक डिजाइन और तकनीक से हों शासकीय भवनों का निर्माण&amp;nbsp;रायपुर -/प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ताहीन कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी निर्माण कार्य में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह निर्देश आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों और गतिविधियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव &amp;nbsp;उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण केवल तकनीकी कार्य नहीं बल्कि आमजन की सुविधा से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक कार्य है और इससे सरकार की छवि भी बनती है। यदि सड़क बनने के कुछ वर्षों के भीतर ही खराब हो जाए तो इससे सरकार की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।बैठक में बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह सड़क कुछ वर्ष पहले ही बनी थी, लेकिन उसकी स्थिति तेजी से खराब हो गई है। यदि सड़क चार वर्ष भी नहीं चले तो इसका कोई औचित्य नहीं रह जाता। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस सड़क के निर्माण में हुई कमियों की गंभीरता से जांच की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो इसके लिए निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता की सख्त निगरानी की जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण कार्य हो रहे हैं, लेकिन आमजन को इन कार्यों की जानकारी नहीं मिल पाती जिससे सकारात्मक नैरेटिव नहीं बनता। उन्होंने निर्देश दिए कि बड़ी सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमिपूजन मुख्यमंत्री और मंत्रियों के हाथों से कराए जाएं तथा उन्हें व्यापक रूप से आमजन के सामने प्रस्तुत किया जाए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण के टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन (अवॉर्ड) तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि कई ठेकेदार बहुत कम दर यानी बिलो रेट पर टेंडर प्राप्त कर लेते हैं, जिसके कारण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। यदि ठेकेदार बिलो रेट पर टेंडर लेता है तो यह उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह कार्य को निर्धारित गुणवत्ता और समय-सीमा में पूरा करे।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियमावली तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों में लागू बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में भी उपयुक्त प्रावधान लागू किए जाएं। साथ ही टेंडर और डीपीआर जैसे तकनीकी कार्यों के लिए एक अलग इकाई बनाने पर भी गंभीरता से विचार किया जाए।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां बरसात के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ऐसे गांवों तक पहुंचने के लिए लोगों को कई बार बीमार मरीजों को खाट में उठाकर ले जाना पड़ता है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। खाद्य विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर चिन्हित इन गांवों को सड़कों और पुल-पुलियों के माध्यम से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जाए।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री श्री साय ने लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़–मिलूपारा–तमनार मार्ग के निर्माण की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी आबादी निवास करती है और यहां सड़क का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इस मार्ग के कुछ हिस्से में वन स्वीकृति की आवश्यकता होगी, लेकिन शेष हिस्सों में निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए।&amp;nbsp;बैठक में मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 की प्रगति की भी समीक्षा की गई। लगभग 353 किलोमीटर लंबाई वाली इस सड़क परियोजना की स्थिति पर चर्चा की गई।पत्थलगांव-कुनकुरी खंड में भू-अर्जन का मुआवजा दिए जाने की जानकारी भी बैठक में साझा की गई। इसके अलावा अंबिकापुर–सेमरसोत–रामानुजगंज–गढ़वा मार्ग, गीदम–दंतेवाड़ा मार्ग, चांपा–सक्ती–रायगढ़–ओडिशा सीमा मार्ग, रायपुर–दुर्ग मार्ग तथा चिल्फी क्षेत्र की सड़कों सहित कई अन्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।&amp;nbsp;बैठक में बस्तर में पुल-पुलिया निर्माण सहित 17 सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही राज्य द्रुतगामी सड़क संपर्क मार्ग की आगामी कार्ययोजना की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में शासकीय भवनों के डिजाइन बहुत पुराने और एक जैसे दिखाई देते हैं। अब समय आ गया है कि शासकीय भवनों का निर्माण आधुनिक डिजाइन और तकनीक के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि भवनों का डिजाइन उनकी उपयोगिता के अनुरूप होना चाहिए और भूमि के बेहतर उपयोग के लिए हॉरिजॉन्टल की जगह वर्टिकल संरचना को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने राजभवन में बन रहे गेस्ट हाउस को भी आधुनिक और गरिमामय स्वरूप में तैयार करने के निर्देश दिए।&amp;nbsp;मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आमजन के जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं और लोग सड़क की गुणवत्ता को बहुत महत्व देते हैं। अन्य कई विकास कार्य भले दिखाई न दें, लेकिन सड़कें सीधे लोगों को दिखाई देती हैं और सरकार की छवि भी उसी के आधार पर बनती है। इसलिए लोक निर्माण विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है और इसमें होने वाले कार्यों को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना अनिवार्य है।&amp;nbsp;उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसा तंत्र विकसित किया जाए जिससे सड़कों में बनने वाले गड्ढों की जानकारी समय पर मिल सके और उन्हें तुरंत ठीक किया जा सके।&amp;nbsp;बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</description ></item><item><title>जलसंसाधन विभाग के 5 विकास कार्यों के लिए लगभग 29 करोड़ की राशि स्वीकृत</title><link>https://cnin.co.in/जलसंसाधन-विभाग-के-5-विकास-कार्यों-के-लिए-लगभग/76132</link><description>00 वनांचल के सिंचाई क्षमता में होगी बढ़ोतरी, पर्यटकों को भी मिलेगी सुविधाएंरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जलसंसाधन विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के 5 विकास कार्यों के लिए कुल 28 करोड़ 85.लाख 83 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है, जिससे प्रदेश के वनांचल में सिंचाई क्षमता में वृद्धि के साथ पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेगी।जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्वीकृत कार्यो में कोरिया (मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर) जिले के विकासखण्ड-वैकुण्ठपुर की हुंडिका (हुडि़का) जलाशय योजना का निर्माण (विस्तारीकरण) कार्य के लिए 1649.59 लाख (रूपये सोलह करोड़ उनचास लाख उनसठ हजार) रुपए की प्रदान की गई है। इसी प्रकार मुंगेली जिले के विकासखण्ड- लोरमी अंतर्गत मनियारी (खुडिय़ा) जलाशय का सौदर्यीकरण, वाटर स्पोर्ट सेंटर पार्क, पिकनिक स्पॉट का निर्माण, रेस्ट हाऊस/निरीक्षण गृह का उन्नयन तथा बांध के ऊपर सी.सी. रोड का निर्माण एवं रेलिंग का कार्य के लिए 376.04 लाख (रूपये तीन करोड़ छिहत्तर लाख चार हजार) रुपए, मुंगेली जिले के ही विकासखण्ड-मुंगेली के ग्राम करही/धरमपुरा में स्थित शासकीय भूमि में संभागीय कार्यालय एवं दो उपसंभागीय कार्यालय तथा कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी हेतु आवासीय भवन निर्माण कार्य हेतु 279.18 लाख (रूपये दो करोड़ उन्यासी लाख अ_ा रह हजार) रूपए की स्वीकृति जलसंसाधन विभाग द्वारा दी गई है।&amp;nbsp;इसी तरह बस्तर जिले के विकासखण्ड-बकावण्ड की उलनार जलाशय शीर्ष कार्य एवं नहर मरम्मत एवं नहर लाईनिंग कार्य हेतु 300.38 लाख (रुपए तीन करोड़ अड़तीस हजार) रुपए एवं कांकेर जिले के विकासखण्ड-अंतागढ़ के मड़पा-निरूल नाला में फूलसिंग के खेत के पास स्टापडेम निर्माण कार्य हेतु 280.62 लाख (रूपये दो करोड उनसठ लाख उनसठ हजार) रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जलसंसाधन विभाग द्वारा प्रदान की गई है।</description ></item><item><title>ईको-पर्यटन की नई शुरुआत- नेचर कैंप मड हाउस से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार</title><link>https://cnin.co.in/ईको-पर्यटन-की-नई-शुरुआत--नेचर-कैंप-मड-हाउस-से/76131</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में बारनवापारा अभ्यारण्य के पास स्थित देवपुर रेंज में ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए नेचर कैंप मड हाउस (मिट्टी के घर) शुरू किए गए हैं। ये घर पारंपरिक तरीके से मिट्टी और प्राकृतिक सामग्रियों से बने हैं, जो सैलानियों को प्रकृति के करीब रहने का अनूठा और शांत अनुभव प्रदान करते हैं।बलौदाबाजार वनमंडल के देवपुर वन परिक्षेत्र में ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नेचर कैंप मड हाउस का शुभारंभ किया गया। यह पहल वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डे के विशेष प्रयासों से शुरू की गई है। इससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। गौरतलब है कि नेचर कैंप मड हाउस को प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक शैली से तैयार किया गया है। यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के करीब रहने का अनूठा अनुभव मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों की आय के स्थायी साधन विकसित करना है। इस परियोजना के संचालन में स्थानीय वन प्रबंधन समिति और स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।इसी क्रम में बारनवापारा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के पर्यटन ग्राम में एक आधुनिक रिसेप्शन भवन का भी शुभारंभ किया गया। पर्यटन विभाग की ओर से यहां पर मड हाउस मॉडल बनाए गए हैं। इन मड हाउस में ठहरने वालों को प्रकृति और ग्रामीण परिवेश का पूरा आनंद मिलेए इसकी व्यवस्था की गई है। बारनवापारा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक रिसेप्शन भवन भी बनाए गए हैं। इन तमाम सुविधाओं और व्यवस्थाओं से स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी, उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा, बेरोजगारी भी कम होगी।इस नए कैंप को स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक निर्माण शैली के साथ तैयार किया गया है। मिट्टी, लकड़ी और प्राकृतिक सामग्री से बने मड हाउस पर्यावरण के अनुकूल हैं। आसपास के जंगल के साथ पूरी तरह घुलते.मिलते नजर आने वाले ये मड हाउस पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। वन विभाग का उद्देश्य है, कि पर्यटन हो लेकिन प्रकृति पर दबाव कम से कम पड़े। इस केंद्र के माध्यम से आने वाले पर्यटकों को अभ्यारण्य की जैव विविधता, वन्यजीवों और प्राकृतिक विरासत की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशा के अनुरूप वन विभाग ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है, जिनमें वन संरक्षण और स्थानीय विकास का संतुलन बना रहे। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर सहित विभागीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। यह पहल देवपुर क्षेत्र को ईको-पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।</description ></item><item><title>किसान परिवार को मिली किडनी की गंभीर बीमारी के इलाज में शासन से मदद, मिला नया जीवन</title><link>https://cnin.co.in/किसान-परिवार-को-मिली-किडनी-की-गंभीर-बीमारी-के/76130</link><description>00 उम्मीद खो चुके परिवार ने आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री साय का जताया आभाररायपुर। सक्ती जिले के ग्राम कोंमो निवासी श्रीमती मीना महंत को इस वर्ष जून माह की शुरूआत में अचानक से हार्ट अटैक आया। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया जहाँ डाक्टरों द्वारा उन्हें हार्ट की एक नस में ब्लोकेज होने की बात कही गई तथा हार्ट अटैक के बेहतर इलाज हेतु रायपुर स्थित मेकाहारा में रिफर किया गया। मेकाहारा में उनके स्वास्थ्य जाँच के पश्चात् डाक्टरों ने उनके हार्ट की सर्जरी कराने तथा सर्जरी में लगभग 05 लाख रुपये खर्च आने की बात कही गई।श्रीमती मीना महंत के पति श्री जगन्नाथ दास ने बताया कि हम सभी संयुक्त परिवार में रहते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। हार्ट सर्जरी की लागत लगभग 05 लाख रुपये आने की जानकारी मिलने पर मेरी पत्नी की सर्जरी का खर्च वहन नही कर सकते थे। हमारे परिवार ने उम्मीद छोड़ दी थी, कि अब कभी मेरी पत्नी स्वस्थ्य हो पाएंगे। श्री जगन्नाथ दास ने बताया कि ऐसे विकट परिस्थिति में हमें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी मिली और मेरी पत्नी के हार्ट की सर्जरी संभव होने की उम्मीद की एक किरण नजर आई। हमने रायपुर मेकाहारा के डाक्टर द्वारा इलाज में आने वाले खर्च का प्रस्ताव बनवाया और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निवास पहुँचकर उनसे इलाज हेतु मदद के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। हमारे द्वारा दिए गए आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा मेरी पत्नी की हार्ट की सर्जरी हेतु राशि की स्वीकृति दी गई।जिसके पश्चात् मेरी पत्नी श्रीमती मीना महंत के हार्ट की सफलतापूर्वक सर्जरी की गई। सर्जरी पश्चात् अब हमारे पिताजी अपने घर आ चुके हैं। वे पहले की तरह सामान्य जीवन खुशी-खुशी व्यतीत कर रहे हैं। हमारा परिवार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करता है, उनके सुशासन में यह संभव हो पाया है कि उम्मीद छोड़ चुके हमारे संयुक्त परिवार में एक पत्नी, माता और दादी श्रीमती मीना महंत को नया जीवन मिला है।</description ></item><item><title>महतारी वंदन योजना से बदली जिंदगी की तस्वीर : सुखी पुनेम बनीं आत्मनिर्भरता और पोषण की मिसाल</title><link>https://cnin.co.in/महतारी-वंदन-योजना-से-बदली-जिंदगी-की-तस्वीर-:/76129</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी पहल महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और खुशहाली के नए रंग भर रही है। बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र के ग्राम कावडग़ांव की 47 वर्षीय श्रीमती सुखी पुनेम इसकी प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी एक नई राह दिखाई है।पति श्री सोमलू पुनेम के सहयोग से सुखी पुनेम ने योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता का सार्थक उपयोग करते हुए अपने घर के पास एक छोटी-सी हरी-भरी बाड़ी (किचन गार्डन) विकसित की। उन्होंने इस राशि से सब्जियों के बीज खरीदे और बाड़ी की तैयारी की। उनकी मेहनत रंग लाई और आज उनकी बाड़ी में टमाटर, बैंगन और सरसों की भाजी जैसी ताजी व पौष्टिक सब्जियां लहलहा रही हैं। इससे उनके परिवार को पौष्टिक आहार मिलने के साथ-साथ अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्राप्त हुआ है।श्रीमती सुखी पुनेम की इस यात्रा में स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने बाड़ी की देखरेख, पौधों के संरक्षण और बेहतर उत्पादन के लिए समय-समय पर मार्गदर्शन प्रदान किया। इस सहयोग और मेहनत के परिणामस्वरूप श्रीमती सुखी पुनेम की बाड़ी आज गांव में एक प्रेरक उदाहरण बन गई है।विशेष बात यह है कि सुखी पुनेम केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं रहीं। वे अपनी बाड़ी में उगाई गई ताजी सब्जियां गांव के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के भोजन के लिए भी उपलब्ध कराती हैं, जिससे बच्चों को पौष्टिक आहार मिल सके और कुपोषण से लड़ाई को मजबूती मिले।</description ></item><item><title>उत्कर्ष योजना से राज्य के विद्यार्थियों को मिल रहा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा</title><link>https://cnin.co.in/उत्कर्ष-योजना-से-राज्य-के-विद्यार्थियों-को/76128</link><description>रायपुर। राज्य शासन द्वारा पं. जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के प्रतिभाशाली लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराया जा रहा है। गौरतलब है कि इस योजना के अंतर्गत कक्षा 6 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों को राज्य के प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है।योजना के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 200 विद्यार्थियों को राज्य के उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में प्रवेश दिया जाता है, जिनमें से लगभग 130 विद्यार्थी अनुसूचित जनजाति वर्ग से होते हैं। शासन द्वारा इस योजना के लिए निरंतर बजट का प्रावधान भी किया जा रहा है। वर्ष 2023-24 में 1000 लाख रुपये, 2024-25 में 1100 लाख रुपये तथा 2025-26 में 1100 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों का शैक्षणिक प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है।&amp;nbsp;वर्ष 2022-23 में 10वीं का परिणाम 100 प्रतिशत तथा 12 वीं का परिणाम 94.95 प्रतिशत रहा। वहीं 2023-24 में 10 वीं का परिणाम 97.26 प्रतिशत तथा 12 वीं का परिणाम 90.24 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके अलावा 2024-25 में 10 वीं का परिणाम 100 प्रतिशत तथा 12 वीं का परिणाम 97.75 प्रतिशत रहा, जो योजना की सफलता को दर्शाता है। इस प्रकार पं. जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति/जनजाति विकास विभाग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रप्रदान कर उनके भविष्य उज्ज्वल बन रहा है।</description ></item><item><title>मिलेट्स कैफे से चमकी महिलाओं की किस्मत, कोरिया जिले में स्व-सहायता समूह की पहल से 62 लाख का शुद्ध लाभ</title><link>https://cnin.co.in/मिलेट्स-कैफे-से-चमकी-महिलाओं-की-किस्मत,/76127</link><description>00 प्रधानमंत्री मोदी ने भी की है समूह की महिलाओं से चर्चा, मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं के कार्यो को सराहारायपुर। राज्य सरकार की सहयोग से कोरिया जिले के कलेक्टरेट परिसर में संचालित कोरिया मिलेट्स कैफे आज महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है। महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित इस कैफे में 31 महिलाएं मिलकर स्वादिष्ट और सेहतमंद मिलेट्स आधारित व्यंजन तैयार कर रही हैं। अपनी गुणवत्ता और स्वाद के कारण यह कैफे लोगों की पसंदीदा जगह बन गया है। यहां कार्यरत अधिकांश महिलाएं अब लखपति दीदी के रूप में भी पहचान बना चुकी हैं।स्वादिष्ट व सेहतमंद भोजन-नाश्तावर्ष 2023 में डीएमएफ की सहायता से शुरू हुए इस कैफे में कोदो शाही खीर, ज्वार का गुलाब जामुन, कोदो उपमा, रागी चीला, बाजरा चीला, ज्वार चीला, ज्वार पकोड़ा, बाजरा डोसा, ज्वार पराठा, कोदो कर्ड राइस, कोदो फ्राइड राइस, मिलेट्स पनीर चिल्ली और मिलेट्स मंचूरियन जैसे कई प्रकार के पौष्टिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं।सदभाव की मिसाल-केएमसीकोरिया मिलेट्स कैफे की खास बात यह है कि यहां विभिन्न धर्म, वर्ग और जाति की महिलाएं मिलकर कार्य कर रही हैं। कैफे में कार्यरत सुश्री हिना ने बताया कि कैफे शुरू करने से पहले उन्होंने रायपुर में 18 दिनों का प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसमें मिलेट्स से बनने वाले विभिन्न व्यंजनों को बनाना सिखाया गया। इसके बाद उन्होंने सरगुजा, महासमुंद, कोरबा और मुंगेली-बिलासपुर में भी सात दिवसीय प्रशिक्षण देकर अन्य महिला समूहों को प्रशिक्षित किया।करीब 62 लाख रुपए का हुआ शुद्ध लाभअब तक करीब 32 महीनों में कोरिया मिलेट्स कैफे ने लगभग 1 करोड़ 65 लाख रुपये का कारोबार किया है, जिसमें से 62 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। जिले में आयोजित राज्योत्सव और कोरिया महोत्सव जैसे आयोजनों में भी इस कैफे के स्टॉल लगाए जाते हैं, जहां लोगों को मिलेट्स से बने व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलता है।अगस्त 2025 में महाराष्ट्र के जलगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कोरिया मिलेट्स कैफे की महिलाओं से बातचीत कर उनके कार्यों की सराहना की थी। हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरिया महोत्सव के दौरान यहां बने व्यंजनों का स्वाद लिया और महिलाओं के प्रयासों की प्रशंसा की।जीवटता, जुनून ने दी पहचानकलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने बताया कि जिले की महिलाओं में जीवटता और जुनून है। कोरिया मिलेट्स कैफे इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। यहां की स्वच्छता, स्वादिष्ट और सेहतमंद भोजन-नाश्ते ने कम समय में इसे अलग पहचान दिलाई है। निश्चित ही यह कैफे अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक बन रहा है।समाज में मिला सम्मान, आत्मनिर्भर हुई महिलाएं&amp;nbsp;कैफे में कार्यरत महिलाओं का कहना है कि इस पहल से उन्हें न केवल रोजगार मिला है, बल्कि समाज में सम्मान और पहचान भी मिली है। पहले जहां उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।</description ></item><item><title>यूपीएससी सिविल सर्विस 2025 फाइनल रिजल्ट जारी,अनुज अग्निहोत्री टॉपर</title><link>https://cnin.co.in/यूपीएससी-सिविल-सर्विस-2025-फाइनल-रिजल्ट/76126</link><description>&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; 0- छत्तीसगढ़ से भी चार लोगों को हुआ है चयन&amp;nbsp;0--958 कैंडिडेट्स का चयन, टॉप 10 में 3 लड़कियां&amp;nbsp;&amp;nbsp; &amp;nbsp; नई दिल्ली। यूपीएससी ने सिविल सर्विस एग्जाम 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ में रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया है। राजेश्वरी सुवे ने दूसरा व एकांश ढुल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। 958 कैंडिडेट्स अलग-अलग सर्विसेज के लिए चयनित हुए हैं। पूरा रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट यूपीएससीडाटजीओव्हीडाटइन पर देख सकते हैं। छत्तीसगढ़ से चार लोगों का चयन हुआ है रायपुर से रौनक अग्रवाल,संजय डहरिया। एमसीबी से दर्शना सिंह व धमतरी के डायमंड सिंह ध्रुव शामिल हैं।</description ></item><item><title>नवसृजन मंच द्वारा 15 मार्च को 'छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान' समारोह </title><link>https://cnin.co.in/नवसृजन-मंच-द्वारा-15-मार्च-को-'छत्तीसगढ़/76125</link><description>&amp;nbsp;0-प्रदेशभर की 51 महिलाओं एवं 11 स्वसहायता समूहों का होगा सम्मान&amp;nbsp;रायपुर। प्रदेश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था नवसृजन मंच, छत्तीसगढ़ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 15 मार्च को छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 51 महिलाओं को छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 11 महिला स्वसहायता समूहों को महतारी गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। नवसृजन मंच द्वारा यह आयोजन विगत कई वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। इस सम्मान के लिए प्रदेशभर से विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, खेलकूद, चिकित्सा, पत्रकारिता, पुलिस सेवा, साहसिक कार्य, महिला उद्यमिता, विज्ञान, प्रशासनिक सेवा, समाज सेवा, राजनीति, विधि, सौंदर्य, धार्मिक एवं अन्य क्षेत्रों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं। प्राप्त सैकड़ों प्रविष्टियों में से चयन समिति द्वारा 51 प्रबुद्ध महिलाओं का चयन छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान हेतु किया गया है। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा एवं कार्यकारी अध्यक्ष देवाशीष मुखर्जी ने बताया कि नवसृजन मंच की महिला कार्यक्रम प्रभारी पदमा शर्मा, मनीषा सिंह एवं डॉ. रश्मि चावरे की टीम चयन समिति के रूप में प्राप्त प्रविष्टियों को अंतिम रूप दे रही है। इस सम्मान हेतु बस्तर, जशपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, अंबिकापुर,महासमुंद ,धमतरी, नारायणपुर ,दंतेवाड़ा,कबीरधाम एवं अन्य जिलों सहित राजधानी रायपुर से आवेदन प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम का आयोजन पारंपरिक छत्तीसगढ़ी स्वरूप में किया जाएगा, जिसमें सम्मानित महिलाओं को रुपिया माला (छत्तीसगढ़ की पारंपरिक सिक्कों की माला), स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 महिला स्वसहायता समूहों को भी महतारी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह 15 मार्च, सायं 5 बजे, वृंदावन हॉल, सिविल लाइन, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में नवसृजन मंच के कांतिलाल जैन, किशोर महानंद, विनय शर्मा, डॉ. यूलेंद्र राजपूत, राजेश साहू, नरेश नामदेव, मनोज जैन एवं डॉ. तृष्णा साहू सहित अन्य प्रमुखजन सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। &amp;nbsp;</description ></item><item><title>स्व-सहायता समूह से जुड़कर लखपति दीदी बनी कांतिबाई</title><link>https://cnin.co.in/स्व-सहायता-समूह-से-जुड़कर-लखपति-दीदी-बनी/76124</link><description>00 मेहनत और आत्मविश्वास की नई मिसालरायपुर। मेहनत, धैर्य और सही मार्गदर्शन से कोई भी महिला अपने जीवन को बदल सकती है। आत्मविश्वास हो तो एक साधारण महिला भी अपने परिवार और समाज के लिए सफलता की नई मिसाल बन सकती है। ऐसे ही उत्तर बस्तर कांकेर जिले के जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर के छोटे से गांव परवी की उजाला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती क्रांतिबाई नेताम की कहानी संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल है। साधारण परिवार में रहने वाली क्रांति बाई के जीवन में कई कठिनाइयां थी। परिवार की जिम्मेदारियां, सीमित संसाधन और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी।क्रांति बाई ने बताया कि शुरुआत में उनका जीवन केवल खेती और घर-परिवार तक सीमित थी। उनके चार बच्चों की जिम्मेदारी और एक अनिश्चित भविष्य था, उन्होंने अभावों के बीच स्वाभिमान की मशाल जलाए रखी। वर्ष 2013 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया और वे उजाला स्व-सहायता समूह की सदस्य बनीं। समूह से जुडऩे के बाद उन्हें ऋण, बचत और आजीविका के नए अवसरों की जानकारी मिली, यही से उनके संघर्ष को नई दिशा मिली। क्रांति बाई ने अपनी 10 एकड़ जमीन में अलग-अलग प्रकार की खेती शुरू की। उन्होंने एसआरआई विधि से धान की खेती के अलावा उड़द और मौसमी सब्जियों की खेती अपनाई। साथ ही उन्होंने रासायनिक खाद के स्थान पर जीवामृत और वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग किया, जिससे खेती की लागत कम हुई और उत्पादन बढ़ा। खेती के साथ-साथ उन्होंने मुर्गी पालन, मछली पालन और लाख की खेती जैसे कार्य भी शुरू किया। उनकी मेहनत और लगन का परिणाम यह हुआ कि लाख उत्पादन से उन्हें अच्छी आमदनी मिलने लगी और उनके उत्पाद की कीमत लगभग 850 रूपए प्रति किलो तक मिलने लगी, इससे उनकी आय में लगातार वृद्धि होती गई।उन्होंने समूह से 02 लाख 50 हजार रूपए का ऋण लेकर अपने कार्यों का विस्तार किया। आज उनकी मासिक आय लगभग 13,500 रूपए तक पहुंच गई है और वे एक सफल लखपति दीदी के रूप में पहचानी जाती है। क्रांति बाई की सफलता का असर केवल उनकी आय तक सीमित नहीं रहा। कभी मिट्टी का छोटा सा घर में रहने वाली कांतिबाई का एक पक्का मकान बन चुका है। आज उनके बच्चे कॉलेज और सरकारी सेवाओं में हैं, उनके बेटे स्वावलंबी बन रहे हैं और परिवार का जीवन स्तर बेहतर हो गया है। क्रांति बाई उजाला स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य होने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है। वे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, समूह से जुडऩे और मेहनत के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित कर रही है।</description ></item><item><title>दो सड़कों के लिए 95.36 करोड़ स्वीकृत</title><link>https://cnin.co.in/दो-सड़कों-के-लिए-95.36-करोड़-स्वीकृत/76123</link><description>00 उप मुख्यमंत्री साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने प्रमुख अभियंता को राशि स्वीकृति के संबंध में जारी किया परिपत्ररायपुर। राज्य शासन ने दुर्ग जिले में दो सड़कों के लिए 95 करोड़ 36 लाख 40 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से कुल 10.3 किमी सड़क का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग जिले में पुलगांव मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा राज्य मार्ग में 5.26 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 30 करोड़ 20 लाख 91 हजार रुपए मंजूर किए हैं। नंदनी रोड से अंवति बाई चौक तक 5.03 किमी केनाल रोड के लिए भी विभाग द्वारा 65 करोड़ 15 लाख 49 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है।कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।</description ></item><item><title>हर थाने में बाल कल्याण अधिकारी की जानकारी अब होगी डिस्प्ले - डॉ वर्णिका</title><link>https://cnin.co.in/हर-थाने-में-बाल-कल्याण-अधिकारी-की-जानकारी-अब/76122</link><description>00 पुलिस प्रक्रिया में बाल सुलभ व्यवहार अनिवार्य करने आयोग का संवेदनशील कदमरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एक महत्वपूर्ण अनुशंसा आर-188 दिनांक 03.03.2026 जारी करते हुए पुलिस कमिश्नर रायपुर एवं समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों को यह अनुशंसा की है कि प्रत्येक पुलिस थाने में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी व विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी तथा बच्चों के आपातकालीन नम्बर 1098 का डिस्प्ले अनिवार्यत: किया जाये । उक्त जानकारी छत्तीसगढ़ राज्य बाल आधीकर संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी।उन्होने बताया कि विगत दिनों आयोग में प्रचलित प्रकरणों में यह संज्ञान में आया था कि थानो में नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी की जानकारी सभी पुलिस अधिकारियों को नहीं होती है। कतिपय मामलों में थाना प्रभारी को भी स्थानांतरण होने के बाद लंबे समय तक स्थानांतरित स्थान पर नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी की जानकारी नहीं होती है। आयोग ने यह भी पाया था कि थाना प्रभारियों को भी जिले में विशेष किशोर पुलिस इकाई की जानकारी नहीं होती है । इन सबका दुष्परिणाम यह होता है कि बच्चों से संबंधित मामलों में अन्वेषण करते समय पुलिस अधिकारियों द्वारा बच्चों के लिए बाल सुलभ प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाता है । विधिक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए आयोग ने अपनी अनुशंसा में लेख किया है कि इस संबंध में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम 2015 की धारा 107 के अनुसार प्रत्येक थाने में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी और विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन किया जाना कानूनी बाध्यता है एवं धारा 108 के अनुसार इस अधिनियम के प्रावधानों पर जन-जागृति लाना भी कानूनी बाध्यता है। धारा 109 में इस अधिनियम के पालन के अनुश्रवण की जिम्मेदारी बाल अधिकार संरक्षण आयोगों को दी गई है।आयोग ने विस्तारपूर्वक अनुशंसा करते हुए लिखा है कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में प्रमुख दीवाल व अन्य दो स्थानों पर काले रंग से पुताई कर एक आयताकार डिस्प्ले दीवाल पर तैयार किया जाये जिसकी बॉर्डर स्लेट की तरह (बाल सुलभ दृष्टि से) बनाई जाये। इस बोर्ड के भीतर पक्के रंग से जिले के विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी, थाने के बाल कल्याण अधिकारी प्रभारी का पदनाम तथा बच्चों का आपातकालीन नम्बर 1098 प्रदर्शित किया जाये । आयोग ने यह भी लेख किया है कि इन पदों के केवल पदनाम व आपातकालीन नम्बर 1098 सफेद पक्के रंग से लिखे जायें । पदनाम के सामने चॉक से इन पदों पर नामित पुलिस अधिकारियों के नाम लिखे जायें ताकि स्थानांतरण होने पर तुरंत नये पदाधिकारी का नाम लिखा जा सके। अधिनियम की प्रतिलिपि तथा डिस्प्ले बोर्ड का एक नमूना भी सुविधा के लिए पर संलग्न कर आयोग ने भेजा है और इस व्यवस्था को सभी थानो में दिनांक 31 मार्च 2026 के पूर्व संपन्न करने का लेख कर डिस्प्ले के छायाचित्रों के साथ आयोग को पालन प्रतिवेदन प्रेषित करने को कहा है ।</description ></item><item><title>चचेड़ी वाले संतोष तिवारी का निधन</title><link>https://cnin.co.in/चचेड़ी-वाले-संतोष-तिवारी-का-निधन/76121</link><description>&amp;nbsp;रायपुर। पुरानी बस्ती (महामाया मंदिर) निवासी श्री संतोष तिवारी (चचेड़ी वाले) का 5 मार्च की रात 11.30 बजे निधन हो गया। वे शैलेंद्र तिवारी, सतीश तिवारी के छोटे भाई तथा वरिष्ठ पत्रकार राम अवतार तिवारी के बड़े भाई थे। उनका अंतिम संस्कार मारवाड़ी मोक्षधाम में शुक्रवार को हुआ। ब्राम्हण समाज के पदाधिकारी,महामाया मंदिर ट्रस्ट कमेटी के सदस्यगण,राजनीतिक दल के प्रतिनिधि व बड़ी संख्या में शामिल पत्रकारों ने श्री तिवारी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्दांजलि दी। &amp;nbsp;</description ></item><item><title>महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल जानकी</title><link>https://cnin.co.in/महिला-सशक्तिकरण-और-आत्मनिर्भरता-की-प्रेरक/76120</link><description>00 बिहान योजना से मिली नई उड़ान, जानकी बनीं सफल महिला उद्यमी00 सरकारी योजनाओं के सहारे जानकी ने बदली अपनी और गांव की तस्वीररायपुर। जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो वे अद्भुत काम कर सकती हैं। वे शिक्षा प्राप्त कर सकती हैं, किसी भी क्षेत्र में काम कर सकती हैं और अपने लिए निर्णय ले सकती हैं। इससे न केवल उन्हें लाभ होता है, बल्कि परिवार और समुदाय भी मजबूत होते हैं। महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसालें यह दर्शाती हैं कि शिक्षा, दृढ़ संकल्प और आर्थिक स्वतंत्रता से महिलाएं न केवल अपना भाग्य बदल सकती हैं, बल्कि समाज में भी क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती हैं।धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम खर्रा की निवासी जानकी की सफलता की कहानी आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बन चुकी है। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में खेती-बाड़ी में परिवार का सहयोग करने वाली जानकी आज एक सफल व्यवसायी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि के पीछे ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना से मिला मार्गदर्शन और उनकी निरंतर मेहनत है। जानकी ने जय मां गायत्री महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, बैंकिंग और स्व-रोजगार के अवसरों के बारे में जागरूकता मिली। इसके बाद उन्होंने सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से प्राप्त ऋण की सहायता से कपड़ा व्यवसाय की शुरुआत की। मेहनत और ग्राहकों के विश्वास से उनका व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया।समूह के बैंक लिंकेज के माध्यम से अतिरिक्त ऋण प्राप्त कर उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार करते हुए फैंसी स्टोर की शुरुआत की। इसके बाद मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर उन्होंने जूते-चप्पल की दुकान भी खोल ली। वर्तमान में उनके व्यवसाय में कपड़े, फैंसी सामग्री और जूते-चप्पल की बिक्री होती है, जिससे उन्हें हर माह अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।जानकी केवल स्वयं ही आत्मनिर्भर नहीं बनीं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। वे खेती-बाड़ी समूह की अध्यक्ष, ग्राम संगठन (वीओ) की अध्यक्ष तथा बीआरसी सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभाते हुए महिलाओं को बचत, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से गांव की कई महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। जानकी की सफलता यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत मिसाल भी बन सकती हैं।</description ></item><item><title>एसपीएसबी अंतर इस्पात संयंत्र कबड्डी प्रतियोगिता भाग लेने हेतु चयन स्पर्धा का कल</title><link>https://cnin.co.in/एसपीएसबी-अंतर-इस्पात-संयंत्र-कबड्डी/76119</link><description>भिलाई। दुर्गापुर स्टील प्लांट द्वारा दुर्गापुर में एस.पी.एस.बी. अंतर इस्पात संयंत्र कबड्डी प्रतियोगिता 2025-26 का आयोजन 12 से 14 मार्च तक किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु भिलाई इस्पात संयंत्र (बी.एस.पी.) की कबड्डी टीम का चयन क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएँ विभाग द्वारा की जा रही चयन स्पर्धा के माध्यम से किया जाएगा। इस चयन स्पर्धा का आयोजन 7 मार्च को सायं 05:30 बजे से कबड्डी ग्राउंड, पंत स्टेडियम, सेक्टर-1 में किया जाएगा।भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्मिक, उनके परिवारजन और भिलाई परिधीय क्षेत्र के बेरोजगार युवा खिलाड़ी इस चयन स्पर्धा में भाग ले सकते हैं।चयन स्पर्धा में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी 7 मार्च को सायं 05:30 बजे से पूर्व पंत स्टेडियम, सेक्टर-1 स्थित कबड्डी ग्राउंड में उपस्थित होकर निम्नलिखित चयनकर्ताओं के पास अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं, श्री विकास कुमार (मो. नं. 9424126209), श्री रणधीर (मो. नं. 9996420057) तथा श्री पुरुषोत्तम (मो. नं. 8602203054)। इस चयन स्पर्धा के प्रभारी उप प्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएँ) श्री अभिजीत भौमिक रहेंगे।</description ></item><item><title>जशपुर जिले में बस दुर्घटना पर मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दु:ख, घायलों के समुचित उपचार के दिए निर्देश</title><link>https://cnin.co.in/जशपुर-जिले-में-बस-दुर्घटना-पर-मुख्यमंत्री-ने/76118</link><description>रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोडा अंबा के पास हुई बस दुर्घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने इस दुर्घटना में लोगों के असामयिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि यह समाचार अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन घड़ी को सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने दुर्घटना में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि दुर्घटना में घायल सभी व्यक्तियों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए तथा उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी करते हुए प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</description ></item> </channel></rss>