Share this post with:
0- संजय दुबे
हिंदुस्तान ने आजाद होने के शुरुवाती तेरह साल में अपना ध्यान बेतरतीब देश को व्यवस्थित करने में लगा दिया था,इस कारण खेल प्राथमिकता की सूची में नहीं था। देश 1954 से नागरिक अलंकरण पुरस्कार देना शुरू हो गया था लेकिन खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम 1961 से प्रारंभ हुआ।ये देश अर्जुन को एकाग्रता, धैर्य और संयम का सबसे बड़ा प्रतीक मानता है सो सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए अर्जुन अवॉर्ड की घोषणा हुई। ये पुरस्कार उन विशिष्ट खिलाड़ियों को दिया जाता है जो चार साल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करते है।
1961 में खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिया गया। प्रतीक के रूप में अर्जुन का द्रौपदी स्वयंवर में घूमती मछली की आंख को भेदने वाला दृश्य को कांस्य( bronze) से ढाला गया।साथ ही एक प्रमाण पत्र दिया गया।65 साल गुजर गए।हर साल औसतन पंद्रह खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार मिलता है। खेल संघ अपने अपने ऐसे खिलाड़ियों का नाम हिंदुस्तान सरकार के खेल मंत्रालय को भेजती है।विशेषज्ञ की पैनल इनमें से चयन करते है।
क्या मिलता है अर्जुन पुरस्कार विजेता को?
1961 से 1976तक के सालों में अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को नगद राशि नहीं दी जाती थी।नगद राशि देने की परंपरा 1977 से आरम्भ हुई। इस पुरस्कार के विजेता को 200 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से दो साल तक दिया जाता था। 1986 में राशि बढ़कर पांच हजार,1993 में बीस हजार,1998 में डेढ़ लाख 2001 में तीन लाख, 2009 में पांच और 2020 में नगद राशि पंद्रह लाख कर दी गई है।
2026 में 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इनमें शतरंज की दिव्या देशमुख सहित महिला हॉकी खिलाड़ी लालसेरियामी और बैडमिंटन खिलाड़ी गायत्री गोपीचंद और त्रिशा जॉली का नाम शामिल है।
बीते कुछ सालों से मेजर ध्यानचंद जी के जन्मदिन 29 अगस्त को ये पुरस्कार दिए जाने की परंपरा शुरू हुई है। बीते पैसठ सालों में 29 खेलो के 993 खिलाड़ी अब तक सम्मानित हुए है।
अभी के पाठकों को ये उत्सुकता होगी कि क्रिकेट के ही खिलाड़ी सबसे ज्यादा अर्जुन पुरस्कार जीते होंगे? ऐसा नहीं है राष्ट्रीय खेल के रूप में स्थापित हॉकी के116 खिलाड़ी सर्वाधिक संख्या में अर्जुन पुरस्कार विजेता है।रेस्लिंग के 62 खिलाड़ियों के बाद शूटिंग के 55 खिलाड़ियों के साथ संयुक्त रूप से तीसरे क्रम में है । मुक्केबाजी54, वेटलिफंटिंग38,टेबल टेनिस 33, एथलेटिक्स31 फुटबॉल 27, वॉलीबॉल और आर्चरी 25-25 बैडमिंटन और गोल्फ 21-21, बास्केटबॉल 19 रोइंग16,नौकायन13, स्क्वैश12, जूडो 09,जिम्नास्टिक07, साइकिलिंग 03, तलवारबाजी और विंटर स्पोर्ट्स के एक एक खिलाड़ी अर्जुन अवॉर्ड विजेता है।
*टीम को मिला अर्जुन अवॉर्ड
अर्जुन पुरस्कार के इतिहास में व्यक्तिगत रूप से ओलंपिक, वर्ल्ड मीट, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल के अलावा मान्यता प्राप्त खेल में शानदार प्रदर्शन करने वालों को देने की परंपरा रही है। केवल 1965 का साल इकलौता साल रहा है जब भारतीय पर्वतारोहण टीम को हिमालय पर्वतारोहण में लिए बतौर टीम के रूप में 20 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिया गया था। पुरुष और महिला खिलाड़ी की संख्या देखे तो 821 पुरुष और 172 महिलाओं को अब तक प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार मिला है
Share this post with:
25 Aug 2026 54 Views
25 Aug 2026 21 Views
21 Aug 2026 46 Views