Share this post with:
सुकमा। नक्सल पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। डीआईजी सीआरपीएफ आनंद सिंह राजपुरोहित, कलेक्टर अमित कुमार एवं एसपी किरण चव्हाण ने नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचकर 36 पुनर्वासित युवाओं को वैलकम किट वितरित की। इस अवसर पर अधिकारियों ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करने के लिए शासन की प्रतिबद्धता को दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन पुनर्वासित (आत्मसमर्पित नक्सली) युवाओं में पोडियाम राजू, मनीष लखमा और कलमू कोसा को जिला प्रशासन के द्वारा ई-रिक्शा प्रदान किए गए। इस सकारात्मक पहल से ये युवा स्वरोजगार के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर सकेंगे और अपने परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान देंगे। प्रशासन का मानना है कि रोजगार और आत्मनिर्भरता ही स्थायी पुनर्वास की सबसे मजबूत आधारशिला है। इस दौरान अधिकारियों ने ई रिक्शा में जिला अस्पताल तक का स$फर भी किया।
छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित युवाओं के लिए व्यापक पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है तथा कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक पुनर्स्थापन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सुकमा प्रशासन के इन प्रयासों से न केवल युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है, बल्कि क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास का वातावरण भी मजबूत हो रहा है।
Share this post with:
20 Jun 2026 4 Views
18 Jun 2026 36 Views
18 Jun 2026 18 Views
18 Jun 2026 13 Views