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157 साल पुराने बांके बिहारी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव

15 May 2026   73 Views

157 साल पुराने बांके बिहारी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव

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0- सात विग्रहों की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्थापना, शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु

रायपुर-रायपुर। राजधानी रायपुर के नयापारा स्थित ऐतिहासिक बांके बिहारी मंदिर में गुरुवार को भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित हुआ। सुबह पुराने मंदिर से भगवान की शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए झूमते और नाचते नजर आए। बता दें करीब 157 वर्ष पुराने इस मंदिर की स्थापना वर्ष 1870 में बैजू अग्रवाल ने की थी।

शोभा यात्रा एडवर्ड रोड, चिकनी मंदिर, कोतवाली चौक और सदर बाजार होते हुए पेठा लाइन स्थित नवनिर्मित मंदिर पहुंची। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान बांके बिहारी सहित 7 विग्रहों की विधिवत स्थापना की गई।

ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि मंदिर का जीर्णोद्वार एवं पुन:निर्माण राजस्थानी वास्तुकला की शानदार कृति के रुप में किया गया है। भगवान बांकेबिहारी जी की पांच फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा व अन्य देवी देवताओं की 3 फीट ऊंची प्रतिमाएं मकराना के सफेद मार्बल से जयपुर से बनाकर लाई गई है। पिछले दो वर्षों से सैकड़ों मजदूरों ने रात दिन परिश्रम कर इस भव्य मंदिर के निर्माण कार्य को पूरा किया है।  

प्रतिष्ठित यज्ञाचार्य ओम प्रकाश जोशी के सानिध्य में भगवान बांके बिहारी, शिव पंचायतन, भवानी शंकर, दुर्गा मैया, बजरंगबली, लक्ष्मी माता, अग्रसेन माधवी देवता की प्रतिमाओं का जलाभिषेक और 56 प्रकार के द्रव्यों से अभिषेक किया गया।नेत्रोन्मीलन और श्रृंगार के बाद भगवान के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर ट्रस्ट की ओर से भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें एक हजार से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

 

करीब 157 साल पुराने इस मंदिर की स्थापना साल 1870 में बैजू अग्रवाल ने की थी। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि मंदिर का पुनर्निर्माण राजस्थानी वास्तुकला शैली में किया गया है।भगवान बांके बिहारी की 5 फीट ऊंची प्रतिमा सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां मकराना के सफेद संगमरमर से जयपुर में तैयार कराई गई हैं। पिछले दो वर्षों से लगातार निर्माण कार्य चल रहा था।

 

महोत्सव के दौरान सालासर धाम, राजस्थान से मंगाए गए विशेष लड्डुओं का भगवान को भोग लगाया गया और श्रद्धालुओं में ड्राई फ्रूट व फलयुक्त प्रसाद वितरित किया गया।प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत कलश यात्रा, बेदी पूजा, अधिवास और शोभायात्रा जैसे कार्यक्रम 8 मई से ही शुरू हो चुके थे। 

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