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15 महाविद्यालय के 30 प्राध्यापकों को शिक्षा रत्न से किया गया सम्मानित

01 Sep 2026   42 Views

15 महाविद्यालय के 30 प्राध्यापकों को शिक्षा रत्न से किया गया सम्मानित

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0- प्रो राजीव चौधरी को राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त होने पर किया गया सम्मानित

रायपुर। निजी महाविद्यालय प्राचार्य संघ द्वारा आयोजित शिक्षा रत्न सम्मान समारोह में 15 महाविद्यालय 30 प्राध्यापकों को शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है। हर्ष का विषय है कि छत्तीसगढ़ से प्रो राजीव चौधरी को राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किया गया,इसके लिए उन्हे आज के आयोजन में विशेष रुप से सम्मानित किया गया। 

15 महाविद्यालय के 30 प्राध्यापकों को शिक्षा रत्न से किया गया सम्मानित

ट्रिपल आईटी के डायरेक्टर प्रो. ओम प्रकाश व्यास के मुख्य आतिथ्य व विप्र महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष  ज्ञानेश शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षाविद अजय तिवारी एवं अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती प्रबंध के अध्यक्ष प्रो. वि_ल अग्रवाल,विप्र महाविद्यालय के प्राचार्य एवं निजी महाविद्यालय प्राचार्य संघ के अध्यक्ष डॉ. मेघेश तिवारी सचिव महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी सहित  सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य गण विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

निजी महाविद्यालय प्राचार्य संघ के द्वारा आयोजित  'शिक्षा रत्न सम्मानÓ समारोह में मुख्य अतिथि  प्रोफेसर ओम प्रकाश व्यास ने उपस्थित शिक्षक शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि क्लास रूम को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नही रखा जाए उन्होंने कहा की विद्यार्थी में व्याप्त स्किल को समझते हुए बेहतर अवसर प्रदान करना भी जरूरी है उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक के प्रवेश के साथ निरंतर बदलाव सामने आ रहे हैं ऐसे दौर में तकनीक की बदलाव को स्वीकार करना होगा शारीरिक शिक्षा और पारंपरिक शिक्षा के संयुक्त योग से विद्यार्थियों में गुणोत्तर वृद्धि की जा सकती है इस बात को सभी शिक्षकों को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का उच्च शिक्षा का भविष्य उज्जवल है यह इस आयोजन से प्रतीत हो रहा है। समारोह के अध्यक्ष  ज्ञानेश शर्मा ने निजी महाविद्यालय से जुड़ी चुनौतियां को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक को मिलने वाले वेतन से शिक्षा को जोड़कर नहीं देखना चाहिए बल्कि यह सोचना चाहिए कि वह विद्यार्थी में किस तरह की गुणात्मक वृद्धि कर सकते हैं,तभी वह सफल शिक्षक साबित होंगे उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निजी महाविद्यालय से आगे बढ़कर अब निजी विश्वविद्यालय स्थापना के नियमों में शिथिलता लाने जा रही है जो एक सुखद संकेत हैं। इस मौके पर निजी महाविद्यालय प्राचार्य संघ के सचिव डॉ देवाशीष मुखर्जी ने कार्यक्रम के स्वरूप पर चर्चा की और आने वाले दिनों में संघ के कार्यों के बारे में बताया जबकि संघ के अध्यक्ष डॉ मेघेश तिवारी ने यूजीसी की मान्यताओं और आवश्यकताओं के साथ राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक समिति के सवालों का जवाब रखा और कहा कि यह संघ उसे दिशा में निरंतर तेजी से कार्य करेगा कार्यक्रम में उपस्थित सम्मानित वरिष्ठ विशेष अतिथियों ने भी अपने उद्बोधन रखे।

समारोह में प्रो राजीव चौधरी को राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त होने पर शॉल श्रीफल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।डॉ कुलदीप दुबे ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया।

15 महाविद्यालय के 30 प्राध्यापकों को शिक्षा रत्न से किया गया सम्मानित

शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित प्राध्यापकों में स्क्वाड्रन लीडर डॉ विजय चौबे,डॉ सुनीता, रोशनी पसीने,  राहुल तिवारी,  शिखा , श्वेता ओझा, डॉ अशोक कुमार झा, डॉ. गायत्री,  रुक्मणी अग्रवाल, डॉ, पद्मा शर्मा, डॉ स्मृति अग्रवाल,डॉ देवेंद्र चापेकर, डॉ. प्रेरणा सोनी, युक्ति खंडूजा, अनुराधा सिन्हा, डॉ दिव्या शर्मा ,डॉ. आराधना शुक्ला, डॉ. जी. पदमा गौरी,डॉ पूजा राठी, डॉ. संध्या भट्टाचार्य, डॉ. प्रमिशा शर्मा, डॉ. प्रफुल व्यास, सीमा पाठक,डॉ गुंजन शर्मा, मनु रामानी,  अभिजीत चक्रवर्ती एवं प्रो. हसन रजा  को शॉल श्रीफल,स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

उपस्थित अतिथियों के सम्मान उपरांत डॉ यूलेन्द्र राजपूत ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ श्रुति व प्रीतम ने किया।

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