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** संजय दुबे
कोलकाता के ईडन गार्डन में अतिसिमित ओवर के मैच में रोमांच के जितने रंग होते है वो होलिका दहन के एक दिन पहले देखने को मिला।कोई मैच जब ये निर्धारित करने वाला हो कि हारे तो बाहर और जीते तो आगे बढ़ो तब करो या मरो की ही स्थिति खड़ी हो जाती है। कागज पर वेस्ट इंडीज की टीम भले ही वैसी दमदार टीम नहीं है जैसा 1975-85 के युग में थी लेकिन पाकिस्तान, श्रीलंका, जैसी कमजोर भी नहीं थी।ये जरूर था कि जीतने की गुंजाइश हिंदुस्तान टीम की तुलनात्मक रुप में ज्यादा थी। टॉस जीत कर हिंदुस्तान ने वेस्टइंडीज को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया तो ये समझ में आ गया था कि टीम प्रबंधन को गेंदबाजों से ज्यादा बल्लेबाजों पर भरोसा है। वेस्ट इंडीज की टीम के किसी भी बल्लेबाज के द्वारा बिना अर्धशतकीय पारी खेले बगैर 195 रन का स्कोर टांग दिया। पॉवेल और होल्डर में पांच चौके और पांच छक्के लगा कर 71 रन जोड़े। ये स्कोर इतना तो था कि सामने वाली टीम को परेशानी में डाल दे। अभिषेक, ईशान किशन का विकेट भले ही जल्दी गिरे लेकिन इसके बाद कप्तान सूर्य कुमार यादव,तिलक और हार्दिक पांड्या ने साथ निभाया और चार बॉल शेष रहते हिंदुस्तान ने जीत हासिल कर मुंबई में इंग्लैंड से सेमीफाइनल खेलने का टिकट कटा लिया। अब बात उस बल्लेबाज की और उसके पारी की.....ये बल्लेबाज आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से तूफानी पारी खेलने के लिए जाना जाता है। उनको चेन्नई सुपरकिंग ने इस बार अपने साथ जोड़ा है। विकेट के पीछे बीस ओवर कीपिंग करने के बाद बतौर ओपनर आए।उन पर भरोसा करना कठिन रहा है क्योंकि बड़ी पारी खेलने के लिए मिले अवसर पर वे गच्चा दे देते है। संशय कल भी था लेकिन जैसे जैसे पारी आगे बढ़ते गई संशय विश्वास में बदलने लगा।एक तरफ से पांच विकेट गिरे लेकिन दूसरी तरफ से लंगर डाले ये बल्लेबाज टीम के जहाज को विपरीत परिस्थितियो से निकालते गए। 195 रन के लक्ष्य में अगर कोई बल्लेबाज अकेले 97नाबाद की सहभागिता दे तो ये मान सकते है कि ये बल्लेबाज मेन ऑफ द मैच होगा ही। 50 बॉल, 12 चौके, 4 छक्के की मदद से शतक से तीन रन दूर 97 रन पर इस बल्लेबाज का रथ रुका तो विजय की दुंदुभी बजने लगी, जीत का शंखनाद शुरू हो गया था। जीत से विभोर देशवासी तिरंगे से सराबोर हो चुके थे। होली में दिवाली मनने लगी। इतनी खुशी दिलाने वाले बल्लेबाज सही में कल सनशेशनल थे,संजू सैम्सन। उन्हें संजू सनशेशनल भी कहा जा सकता है। जिस खिलाड़ी ने डग आउट में बैठ कर विराट कोहली और रोहित शर्मा को विजय का अश्वमेघ घोड़े को लेकर देश दुनियां में परचम लहराते देखा, उनसे सीखा, कल खुद उस अवतार में दिखे। शाबाश संजू सैम्सन .
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