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रायपुर। डीकेएस पोस्ट ग्रेज्युएट इंस्टीट्यूट रिसर्च सेंटर के लिए बाह्य स्त्रोत के माध्यम से लॉन्ड्री सेवा के टेंडर को निरस्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि लॉन्ड्री सेवा के लिए कुछ ऐसी शर्तें जोड़ी गई थी, जिससे स्थानीय लॉड्री कारोबार से जुड़े लोग प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गए थे।
बताया गया कि डीकेएस पीजी इंस्टीट्यूट रिसर्च सेंटर के 400 बिस्तर के लॉन्ड्री सेवा के लिए टेंडर बुलाए गए थे। इसमें टर्न ओवर 5 करोड़ रुपये सालाना रखा गया था। इसके अलावा कुछ ऐसी भी शर्तें जोड़ दी गई थी, जिससे बड़े लॉन्ड्री कारोबारी को ही फायदा पहुंच रहा था। इसके बाद विरोध शुरू हुआ।
धोबी समाज के प्रमुख सूरज निर्मलकर की अगुवाई में पिछले दिनों एक प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की और उन्हें वस्तुस्थिति की जानकारी दी। जायसवाल ने मामले पर विभाग से रिपोर्ट मांगी। शिकायत सही पाए जाने के बाद गुरुवार को विधिवत आदेश जारी कर टेंडर को निरस्त कर दिया गया। अब नए सिरे से टेंडर बुलाए जाएंगे।
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